रायपुर। छत्तीसगढ़ के रिटायर्ड IAS अफसर आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा 16 अक्टूबर तक ईडी की रिमांड पर रहेंगे। दोनों से ईडी के दिल्ली स्थित मुख्यालय में पूछताछ की जाएगी। आपको बता दे नान घोटाला केस में रिटायर्ड आईएएस आलोक शुक्ला सरेंडर करने के लिए पिछले 5 दिनों से कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे। आलोक शुक्ला तीसरी बार सरेंडर करने कोर्ट पहुंचे थे। जहां ईडी के अधिकारियों की मौजूदगी में कोर्ट में सरेंडर करने की प्रक्रिया के बाद रिमांड जारी किया गया है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रायपुर की ED कोर्ट में आज सुनवाई हुई। नान घोटाले के आरोपी रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा भी कोर्ट पहुंचे। ईडी ने कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट का आवेदन लगाया है। प्रोडक्शन वारंट एक्सेप्ट होने के बाद आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को अगले 16 अक्टूबर तक पूछताछ के लिए ईडी को रिमांड पर दिया गया है। इसके पहले आलोक शुक्ला 18 सितंबर को भी सरेंडर करने कोर्ट पहुंचे थे। लेकिन कोर्ट ने सरेंडर कराने से इनकार कर दिया था।
कोर्ट ने कहा था कि अभी सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर अपलोड नहीं हुआ है , इसलिए सरेंडर नहीं करा सकते हैं। इसके बाद 19 सितंबर को शुक्ला फिर कोर्ट पहुंचे थे,लेकिन ED के वकील केस डायरी लेकर नहीं पहुंचे थे। जिसके कारण आलोक शुक्ला को वापस लौटना पड़ा था। आज तीसरी बाद आलोक शुक्ला विशेष अदालत में सरेंडर करने पहुंचे थे। जहां ईडी के अधिकारियों की मौजूदगी में आलोक शुक्ला को कोर्ट में सरेंडर की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद उन्हे रिमांड पर लिया गया है। बताया जा रहा है कि नान घोटाले में आरोपी बने दोनों रिटायर्ड आईएएस अफसरों से पूछताछ ईडी के दिल्ली स्थित मुख्यालय आफिस में की जायेगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप “प्रोजेक्ट दक्ष“ जिले के शासकीय कार्यों को नई दिशा और गति प्रदान कर रहा है। इस पहल से अधिकारी-कर्मचारी डिजिटल सशक्तिकरण की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।
आज कलेक्टोरेट स्थित बीपीओ मल्टीलेवल पार्किंग में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में धरसीवां ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल के प्रधानपाठकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कंप्यूटर और मोबाइल के मूल उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल डॉक्यूमेंट प्रबंधन, ईमेल तथा अन्य आवश्यक ऑनलाइन टूल्स की जानकारी दी गई।
“प्रोजेक्ट दक्ष” का उद्देश्य कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, गति और प्रभावशीलता लाना है। इस प्रयास से शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली और अधिक सरल, पारदर्शी एवं स्मार्ट बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर ज़िले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों की ओर से चलाए गए सफल अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 2 नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। दोनों पर 40-40 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता केवल नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव ही नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास की प्रक्रिया को और भी गति प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने इस अभियान में शामिल सुरक्षाकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी बहादुरी और समर्पण से ही प्रदेश आज शांति और विकास की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और माननीय केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद का अंत अब पहले से कहीं अधिक निकट और निश्चित होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का संकल्प अवश्य साकार होगा।
महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने हेतु खनिज विभाग द्वारा सतत कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आज संयुक्त टीम द्वारा महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम केडियाडीह तहसील के महानदी क्षेत्र में अवैध रूप से अवैध रेत उत्खनन करते हुए एक चैन माउंटेन जप्त किया गया। वाहन को जब्त कर सुरक्षार्थ तुमगांव थाना में खड़ा किया गया है.
खनिज अधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि उक्त वाहनों पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में 2 से 5 वर्षों की सजा का प्रावधान है और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा। पूर्व में भी खनिज पट्टेदारों एवं खनिज परिवहनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि बिना वैध अभिवहन पास के खनिज का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना कानूनन अपराध है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खनिज विभाग का विशेष अभियान सतत जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। स्कूलों में इस साल 64 दिनों के लिए अवकाश की तिथियों की घोषणाा स्कूल शिक्षा विभाग ने की है. स्कूलों में इस साल दशहरा और दीपावली में 6-6 दिन की छुट्टी रहेगी. इस तरह शीतकालीन अवकाश 6 दिन का ही रहेगा. गर्मी की छुट्टिया 46 दिनों की होगी.
स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर ने शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं के लिए अवकाश की घोषण की है. इसमें दशहरा की छुट्टी 6 दिनों की रहेगी, जो 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक, दीपावली अवकाश 20 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक रहेगी. शीतकालीन अवकाश 22 से 27 दिसंबर तक रहेगा. इस तरह गर्मी की छुट्टियां 1 मई से 15 जून 2026 तक 46 दिन की रहेगी.
रायपुर। कोयला घोटाला मामले में EOW ने बड़ी कार्यवाही की है, रविवार को रेड कार्यवाही के बाद जयचंद कोसले को EOW ने गिरफ्तार कर लिया है, सौम्या चौरसिया का निज सचिव रहकर कोयला घोटाले से 50 लाख रुपए कमाने का आरोप है, EOW ने आरोपी जयचंद को कोर्ट में पेश किया है, EOW ने 14 दिन की पुलिस रिमांड का आवेदन दिया है, ACB/EOW की विशेष कोर्ट मे पेश किया गया है।
बता दें कि ईओडब्ल्यू की टीम ने रविवार सुबह सहायक खनिज संचालक के पुत्र जयचंद कोसले के रायपुर और अकलतरा स्थित घरों पर भी दबिश दी थी। देर रात तक कार्रवाई जारी रही। जयचंद लंबे समय से जांच एजेंसी की निगरानी में था। वह पूर्व सीएम की उप सचिव सौम्या चौरसिया का करीबी माना जाता है।
जांच में यह भी सामने आया कि अवैध कोयला परिवहन से मिलने वाला पैसा जयचंद के जरिए सौम्या तक पहुंचता था। जयचंद ने ही सौम्या का लगभग 50 करोड़ निवेश किया था। उसे खुद भी इस कारोबार से 10 करोड़ से ज्यादा की कमाई हुई। उसने रायपुर के सेजबहार कॉलोनी में आलीशान मकान और अकलतरा के अंबेडकर चौक के पास पैतृक घर सहित करोड़ों की संपत्ति खड़ी की है। जयचंद से ईडी भी कई बार पूछताछ कर चुकी है।
रायपुर। CGPSC घोटाला मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को आज सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया है. पांचों आरोपी पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव, सुमीत ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल को सीबीईओ ने गिरफ्तार किया. कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर सभी को सीबीआई रिमांड पर सौंपा था. आज रिमांड पूरी होने पर फिर से सभी को कोर्ट में पेश किया गया है.
सीजीपीएससी घोटाले में सीबीआई ने आज लोक सेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक रही आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव और उनके बेटे सुमित ध्रुव समेत निशा कोसले, दीपा आदिल को गिरफ्तार किया था. इससे पहले 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सीबीआई ने 18 नवंबर को तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 10 जनवरी को पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष के भतीजे, डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयनित) और ललित गणवीर (तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, सीजीपीएससी) शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, 12 जनवरी को शशांक गोयल और भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयनित) और साहिल सोनवानी (डिप्टी एसपी पद के लिए चयनित) को गिरफ्तार किया गया. वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं.
सीजीपीएससी घोटाला छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में 2020 से 2022 के बीच हुई अनियमितताओं से जुड़ा मामला है. आरोप है कि इस दौरान आयोजित परीक्षाओं और साक्षात्कारों में योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा कर, प्रभावशाली राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के करीबियों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी तथा अन्य उच्च पदों पर चयनित किया गया. इस घोटाले ने प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए. छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई. जांच एजेंसी ने छापेमारी कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए और पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया. वर्तमान में यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है.
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले नारायणपुर में सोमवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। अबूझमाड़ के घने जंगलों में हुई इस मुठभेड़ में जवानों ने दो नक्सलियों को ढेर कर दिया है। मौके से एके-47 राइफल, अन्य हथियार और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल इलाके में सर्चिंग अभियान जारी है और जवान पूरे क्षेत्र को खंगाल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस बल, DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) और ITBP के जवान संयुक्त रूप से अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकले थे। सुरक्षा बलों को इनपुट मिला था कि महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे इलाके में बड़ी संख्या में माओवादी सक्रिय हैं और किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। इसी सूचना के आधार पर रविवार रात से ही जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था।
सोमवार सुबह अभियान के दौरान जवानों की नक्सलियों से आमने-सामने मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ करीब एक घंटे तक चली, जिसमें दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी हुई। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में दो पुरुष नक्सली मारे गए। जवानों ने मौके से दोनों के शव बरामद कर लिए हैं।
मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान जवानों को एके-47 राइफल, 12 बोर की बंदूक, भरमार देशी कट्टे, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, डेटोनेटर, जिलेटिन, इलेक्ट्रिक वायर, IED बनाने की सामग्री, माओवादी साहित्य, प्रचार-प्रसार की सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएँ बरामद हुईं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी इस बात का सबूत है कि नक्सली इस इलाके में किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थे।
नारायणपुर एसपी ने बताया कि मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त की जा रही है। प्राथमिक जांच में अंदेशा है कि दोनों नक्सली किसी लोकल संगठन के प्लाटून में सक्रिय थे। उनकी पहचान होने के बाद पूरे नेटवर्क और सपोर्ट सिस्टम पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन के बाद इलाके में अभी भी सर्चिंग जारी रहेगी, ताकि यदि कोई और घायल नक्सली या छिपा हुआ दस्ते का सदस्य हो तो उसे पकड़ा जा सके। सुरक्षा बलों को इलाके में और भी हथियार व विस्फोटक मिलने की संभावना है।
इस मुठभेड़ को सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। लगातार चल रहे अभियान से माओवादियों पर दबाव बढ़ा है और सुरक्षा बलों का जंगल में दबदबा और मजबूत हुआ है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे, ताकि अबूझमाड़ क्षेत्र को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाया जा सके।
रायपुर। बस्तर अंचल के युवाओं को खेलों की मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “बस्तर ओलम्पिक 2025-26” का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए खिलाड़ियों का पंजीयन शुरू हो गया है। सरकार ने सभी संभागायुक्त और जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर बस्तर ओलंपिक प्रतियोगिता में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग इस आयोजन का मुख्य आयोजन विभाग होगा जबकि गृह (पुलिस) विभाग को नोडल विभाग नियुक्त किया गया है। विकासखण्ड स्तर पर आयोजन समिति का गठन संबंधित कलेक्टरों द्वारा किया जाएगा। जिला और संभाग स्तरीय समितियाँ सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार गठित की गई हैं। जिला स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत या किसी वरिष्ठ राज्य प्रशासनिक अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
शुभंकर एवं लोगो
बस्तर ओलम्पिक का शुभंकर और लोगो पिछले वर्ष की तरह इस बार भी “वन भैंसा” और “पहाड़ी मैना” होंगे। इनका उपयोग व्यापक प्रचार-प्रसार में किया जाएगा। शासन ने सभी जिलों को प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने, पंजीयन सुविधा और अन्य तैयारियाँ तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए है। यह आयोजन बस्तर क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने, युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और शासन एवं जनता के बीच संबंध मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगी।
राज्य शासन की मंशा है कि इस आयोजन के माध्यम से बस्तर अंचल की खेल प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिले तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा मिले। इस आयोजन की खासियत यह है कि नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए प्रतिभागियों एवं आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों को सीधे संभाग स्तर पर प्रतिभागिता का अवसर दिया जाएगा। इससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।वेटलिफ्टिंग और हॉकी की प्रतियोगिताएँ जिला स्तर से होंगी जबकि अन्य खेलों में विकासखण्ड से लेकर संभाग स्तर तक मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।
इस प्रतियोगिता का आयोजन त्रिस्तरीय स्वरूप में विकासखण्ड, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा। आयोजन में 11 खेल होंगे जिसमे एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी जैसे खेल शामिल होंगे। प्रतियोगिता जूनियर एवं सीनियर वर्ग में होगी।
प्रतियोगिता में शामिल खेल
आयोजन में एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो और 4×100 मीटर रिले रेस का आयोजन होगा। तीरंदाजी में इंडियन राउंड 30 और 50 मीटर, वेटलिफ्टिंग में जूनियर व सीनियर वर्गों के लिए अलग-अलग भार वर्ग और कराते में आयु एवं वजन के आधार पर वर्ग निर्धारित किए गए हैं। कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और फुटबॉल में भी खिलाड़ियों को व्यापक अवसर मिलेगा। रस्साकशी केवल महिला सीनियर वर्ग के लिए प्रदर्शनात्मक खेल के रूप में आयोजित होगी।
पंजीयन 22 सितम्बर से 20 अक्टूबर तक
प्रतियोगिता के लिए पंजीयन प्रक्रिया 22 सितम्बर से 20 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। इसके बाद 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक विकासखण्ड स्तरीय, 5 से 15 नवम्बर तक जिला स्तरीय और 24 से 30 नवम्बर तक संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। प्रतियोगिता दो आयुवर्गों में होगी, जूनियर वर्ग 14 से 17 वर्ष तक तथा सीनियर वर्ग जिसमें कोई आयु सीमा नहीं रहेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। सोमवार दोपहर को रायगढ़ और दंतेवाड़ा में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। वहीं रायपुर में तड़के गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ीं। हालांकि कुछ देर बाद धूप निकलने से मौसम साफ हो गया, लेकिन उमस बढ़ गई। मौसम विभाग का कहना है कि यह दौर अगले दो दिनों तक जारी रह सकता है, जिसके बाद राज्य में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बलरामपुर, सरगुजा, रायगढ़, बलौदा बाजार, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा सहित 16 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनांदगांव में सबसे ज्यादा 60 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बस्तर, कांकेर, कोरबा और रायगढ़ में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। राजधानी रायपुर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश न होने से उमस भरा मौसम लोगों को परेशान करता रहा। सोमवार तड़के हुई बारिश से कुछ राहत मिली, लेकिन बाद में तेज धूप निकलने से पारा फिर चढ़ गया।
बारिश में ब्रेक लगने से राज्य के कई हिस्सों में गर्मी और उमस बढ़ गई है। तीन दिनों से विशेष बारिश न होने से अधिकतर जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 48 घंटे बाद मानसूनी सक्रियता फिर तेज होगी और प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
राज्य में इस वर्ष अब तक औसतन 1067.8 मिमी बारिश हो चुकी है। बलरामपुर जिला सबसे आगे है, जहां अब तक 1472.9 मिमी पानी गिर चुका है, जो सामान्य से 55 प्रतिशत ज्यादा है। दूसरी ओर बेमेतरा सबसे सूखा जिला बना हुआ है, जहां सिर्फ 495.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से 51 प्रतिशत कम है। वहीं बस्तर, राजनांदगांव और रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में बारिश का असर बढ़ने से तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी। फिलहाल विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर बिजली गिरने के अलर्ट वाले जिलों में।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाले के आरोपी और रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला ने मंगलवार को रायपुर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में तीसरी बार सरेंडर किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। अदालत में सरेंडर प्रक्रिया के दौरान ED के अधिकारी मौजूद रहे और सुरक्षा के लिए CRPF जवानों की तैनाती की गई थी।
जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने आलोक शुक्ला का सरेंडर आवेदन स्वीकार कर लिया है। इसके बाद ED ने अदालत से 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड की माँग की है ताकि शुक्ला से गहन पूछताछ की जा सके। माना जा रहा है कि कोर्ट के आदेश मिलते ही ED उन्हें हिरासत में लेकर रिमांड पर पूछताछ करेगी।
गौरतलब है कि आलोक शुक्ला ने बीते तीन दिनों में यह तीसरी बार सरेंडर करने का प्रयास किया है। 18 सितंबर को वे कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन अदालत ने सरेंडर कराने से इनकार कर दिया था क्योंकि उस समय सुप्रीम कोर्ट का आदेश अपलोड नहीं हुआ था। इसके बाद 19 सितंबर को भी वे अदालत पहुँचे थे, लेकिन इस बार ED के वकील केस डायरी लेकर नहीं पहुंचे थे, जिसके चलते सरेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई और समय माँगा गया। अंततः 21 सितंबर को अदालत में सभी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद सरेंडर स्वीकार कर लिया गया।
नान घोटाला छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा खाद्यान्न वितरण घोटाला माना जाता है। इसमें आरोप है कि नागरिक आपूर्ति निगम (नान) में खाद्यान्न वितरण के नाम पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ। इस घोटाले में कई अधिकारी और कारोबारी आरोपी हैं। ED और EOW इस घोटाले की जांच कर रहे हैं।
आलोक शुक्ला पर आरोप है कि वे उस समय अहम पद पर रहते हुए कथित रूप से भ्रष्टाचार में शामिल थे और अनियमितताओं को बढ़ावा दिया। हालांकि शुक्ला ने हमेशा इन आरोपों से इंकार किया है और खुद को निर्दोष बताया है।
ED का कहना है कि कस्टोडियल रिमांड मिलने के बाद शुक्ला से घोटाले के पैसों के लेन-देन, अन्य आरोपी अधिकारियों के साथ उनके संबंध और कथित साजिश की परतें खोलने के लिए पूछताछ की जाएगी। अदालत से रिमांड पर सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शुक्ला को ED की हिरासत में लेकर कितने दिन तक पूछताछ की जाएगी।
इस सरेंडर को नान घोटाले की जांच में बड़ी प्रगति माना जा रहा है। फिलहाल राज्यभर की निगाहें रायपुर की ED कोर्ट पर टिकी हैं, जहाँ रिमांड पर सुनवाई जल्द ही पूरी की जाएगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिले में संचालित प्रोजेक्ट "अनुभव" युवा प्रतिभाओं के लिए नई दिशा और ऊर्जा का स्रोत बनता जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को योग भवन, फुंडहर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक विशेष कक्षा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भूमिका एवं महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को परीक्षा में रणनीति, समय प्रबंधन और प्रभावी अध्ययन तकनीकों के बारे में मार्गदर्शन दिया।
प्रोजेक्ट "अनुभव" के अंतर्गत जिले में पदस्थ अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी प्रतियोगी परीक्षार्थियों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को लाभ मिल रहा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सब एरिया की ओर से बस्तर के वीर सपूत राइफलमैन (स्वर्गीय) रणजीत सिंह कश्यप को उनकी सर्वोच्च शहादत के लिए पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह भव्य कार्यक्रम रायपुर हवाई अड्डे पर आयोजित किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, सुरक्षा बल, सैनिक परिवार और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। वीर सैनिक रणजीत सिंह कश्यप ने 19 सितंबर 2025 को बिष्णुपुर जिले के नाम्बोल सबल लेइकेई में एक घात लगाए गए हमले के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। वह इम्फाल घाटी में बाढ़ राहत अभियान से अपने सहकर्मियों के साथ लौट रहे थे, तभी उनके काफिले पर अज्ञात उग्रवादियों ने हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, रणजीत सिंह ने अपने साहस और निस्वार्थ समर्पण की परंपरा का पालन करते हुए राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान दिया।
घटनास्थल पर हुए हमले में 33 एआर वाहन पर हमला किया गया था। राइफलमैन कश्यप अपने सहकर्मियों के साथ चिकित्सा राहत शिविर से लौट रहे थे, ताकि नागरिकों की सहायता सुनिश्चित की जा सके। इस घातक हमले में उनके साथ अन्य कर्मियों ने भी अपनी जान की आहूति देने का जोखिम उठाया, लेकिन रणजीत सिंह का साहस और बलिदान सबसे अद्वितीय साबित हुआ। रायपुर हवाई अड्डे पर आयोजित समारोह में उनके वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए अधिकारियों और सहकर्मियों ने उन्हें फूलों की वर्षा और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों ने कहा कि रणजीत सिंह ने जिस प्रकार अपने जीवन को मातृभूमि और नागरिकों की सेवा में समर्पित किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। सैनिकों के परिवारों के प्रति सभी उपस्थित लोगों ने गहरी संवेदना और सम्मान प्रकट किया।
उनका कहना था कि रणजीत सिंह जैसे वीर सैनिकों की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा हमारे राष्ट्र की रक्षा और समाज की सुरक्षा के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगी। इस अवसर पर उपस्थित सैनिक अधिकारियों ने कहा कि रणजीत सिंह का बलिदान यह संदेश देता है कि देश और समाज की सेवा में साहस, निस्वार्थता और कर्तव्यनिष्ठा सर्वोच्च मूल्य हैं। उनके शौर्य और वीरता की कहानियाँ आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाती रहेंगी। राइफलमैन रणजीत सिंह कश्यप की वीरता ने न केवल इम्फाल घाटी में तैनात सुरक्षा बलों की कार्यशैली को प्रेरित किया, बल्कि पूरे देश में उनके बलिदान की सराहना हुई। उनके साहस और समर्पण ने यह प्रमाणित किया कि हमारे सैनिक किसी भी चुनौती के सामने अडिग और निडर रहते हैं। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सब एरिया ने उनके परिवार और सहकर्मियों को इस वीर शहीद की अमर स्मृति के रूप में भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों और नागरिकों ने कहा कि रणजीत सिंह कश्यप का नाम हमेशा वीरता और देशभक्ति का प्रतीक बना रहेगा।
रायपुर/रायगढ़। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नवरात्रि की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित जीएसटी 2.0 सुधारों की जोरदार तारीफ की। उन्होंने इसे ऐतिहासिक रिफॉर्म बताया। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ में आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह सुधार न केवल अर्थव्यवस्था को गति देंगे, बल्कि रोजगार सृजन और बचत क्षमता में भी वृद्धि करेंगे। सोमवार से लागू हो रहे इन बदलावों से 300 से अधिक वस्तुओं पर टैक्स में कमी होगी, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।
ओ.पी. चौधरी ने कहा, "सोमवार से जीएसटी का मुहूर्त है। पीएम मोदी ने बड़े रिफॉर्म करते हुए कल की तारीख से देश की जनता को बड़ी राहत देने का काम किया है। 300 से अधिक सामानों में ऐतिहासिक कमी की गई है, जिसका लाभ जनता को मिलेगा। रोजमर्रा की वस्तुओं जैसे साबुन, टूथपेस्ट, एसी और टीवी पर राहत मिलेगी। किसान भाइयों के लिए ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों में भी छूट दी गई है।" उन्होंने बताया कि इकोनॉमी को बूस्ट देने और लेबर इंटेंसिव रोजगार के लिए यह रिफॉर्म लाया गया है। "इससे आम जनता को लाभ होगा। परचेजिंग पावर बढ़ेगी, लोगों की बचत कैपेसिटी बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी। हर व्यक्ति के परिवार को हर साल बचत होगी।"इससे पहले पीएम मोदी ने रविवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी 2.0 को 'बचत उत्सव' का नाम दिया।
उन्होंने कहा कि 22 सितंबर से लागू हो रहे इन सुधारों से देशवासियों को 2.5 लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। अब केवल 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो स्लैब रहेंगे, जिससे घी, पनीर, बटर, नमकीन, जैम, आइसक्रीम जैसी दैनिक वस्तुएं सस्ती होंगी। एफएमसीजी कंपनियों जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी और नेस्ले ने पहले ही मूल्य में कटौती की घोषणा कर दी है।
चौधरी ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर सहमति जताते हुए कहा कि इसे जीएसटी महोत्सव के रूप में मनाना चाहिए। उन्होंने कहा, "पीएम मोदी ने स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाया। त्योहारों के मौसम में सबका मुंह मीठा होगा।" उन्होंने एमएसएमई और छोटे व्यापारियों को सरलीकृत अनुपालन का लाभ मिलने की बात कही।
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाले सांसद खेल महोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के लिए विभिन्न खेल संघों को भी इसमें जोड़ा गया है। रविवार को सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी रायपुर में विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों की बैठक लेकर महोत्सव को जनभागीदारी से सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "खेल महोत्सव केवल प्रतियोगिता भर नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और संगठन क्षमता का उत्सव है। चाहे कोई खेल इस महोत्सव का हिस्सा हो या नहीं, सभी संघों का दायित्व है कि इस आयोजन को मिलकर सफल और ऐतिहासिक बनाएं।"
उन्होंने जानकारी दी कि सांसद खेल महोत्सव का आयोजन रायपुर जिले एवं बलौदा बाजार जिले की सभी विकासखंडों में ग्राम पंचायत और स्कूल स्तर से प्रारंभ होगा। प्रतियोगिताएं 19 वर्ष से कम एवं 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग, महिला एवं पुरुष दोनों श्रेणियों में होंगी। फाइनल मुकाबले नवंबर के अंतिम सप्ताह में राजधानी रायपुर में लोकसभा स्तर पर खेले जाएंगे। इस अवसर पर सांसद अग्रवाल ने बताया कि फाइनल समारोह में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया को आमंत्रित किया गया है।
बैठक में विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ के संरक्षक जी.एस. बामरा, टेनिस संघ महासचिव गुरुचरण सिंह होरा, पूर्व विधायक एवं टेबल टेनिस संघ के कुलदीप जुनेजा, शरद शुक्ला, तीरंदाजी संघ के कैलाश मुरारका, रायपुर जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, जिला ग्रामीण अध्यक्ष श्याम नारंग, भारोत्तोलन, रस्साकूद, रस्साकसी, वॉलीबॉल, स्विमिंग, स्क्वैश, ट्रायथलॉन, बास्केटबॉल, हॉकी, योगासन, शतरंज, नेटबॉल सहित अनेक खेल संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
साथ ही भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, माय भारत के उप निदेशक अर्पित तिवारी, जिला खेल अधिकारी एवं विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए और महोत्सव को सफल बनाने का संकल्प लिया।
रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार 22 सितंबर से लागू होने वाले GST 2.0 रिफॉर्म्स का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों और जनता-हितैषी निर्णयों का परिणाम है। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने देश की 140 करोड़ जनता को तोहफा दिया है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर से बोझ कम करेगा।
उन्होंने कहा कि नई दरों से दूध एवं डेयरी उत्पाद, नमकीन, मिठाई, सूखे मेवे, साबुन, टूथपेस्ट, कपड़े, जूते-चप्पल, घरेलू सामान, दवाइयां, बच्चों की किताबें, नोटबुक और पेंसिल जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुएँ अब और भी सस्ती होंगी। इसके साथ ही मोटर साइकिल, कार और किसानों के लिए ट्रैक्टर पर भी कीमतों में राहत मिलेगी।
सांसद बृजमोहन ने आगे कहा कि इससे हर घर के खर्च में कमी आएगी और बची हुई राशि परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगी। इसके साथ ही व्यापार में भी बढ़ोत्तरी होगी, यह सुधार देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचाने वाला साबित होगा।
उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक सुधार का स्वागत करें और नए भारत के निर्माण में योगदान दें।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी बहुल गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न हो, धन की कोई समस्या न हो—इस दृष्टि से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की है। इस योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन सभी सार्थक प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी और हमारे जनजातीय समुदाय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह बात जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज हेतु 05 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और धुरवा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन “ओलेख” का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक नुआखाई मिलन समारोह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक है। यह हमारे जनजातीय समाज की महान परंपरा है कि हम किसी भी अनाज या फल को ग्रहण करने से पूर्व अपने देवी-देवताओं की पूजा कर उन्हें अर्पित करते हैं और फिर ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज को सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि यह नवीन भवन समाज के विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और समाज के सभा-सम्मेलनों के लिए काम आएगा।
उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि श्री अटल ने जनजातीय समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अटलजी का जन्मशताब्दी वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों के विकास की चिंता करते हुए दोनों विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, जिससे योजनाओं के अतिरिक्त भी इन इलाकों में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने धुरवा समाज के सदस्यों को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का यह समन्वित प्रयास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए उन्हें निरंतर संजोए रखते हैं, तो समाज की एकता और संस्कृति मजबूत होती है।
कार्यक्रम को वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर किरण देव ने भी संबोधित करते हुए धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं।
आरंभ में धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और समाज की गतिविधियों से अवगत कराया। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक छतड़ी, धुरवा तुवाल एवं कोटी सहित तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अन्य अतिथियों का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम आटामी, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा तथा समूचे बस्तर संभाग से आए धुरवा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
रायपुर। धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया।
जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—"बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?" मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया—"मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।"
यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नज़रों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिस आत्मीयता और वात्सल्य से नन्हीं भूमिका बघेल से स्नेहपूर्ण वार्तालाप किया, उसने पूरे समारोह का वातावरण स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण कर दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।