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खैरागढ़ में वनाग्नि रोकथाम को लेकर अहम कार्यशाला, जंगलों में आग से बचाव के लिए अलर्ट मोड में वन विभाग
खैरागढ़। जंगलों में लगने वाली आग को रोकने और समय रहते उस पर काबू पाने के लिए खैरागढ़ में एक अहम कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह बैठक इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में हुई. इसमें दुर्ग वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के कलेक्टर सहित कई जिलों के वन अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. बैठक में साफ कहा गया कि गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए पहले से पूरी तैयारी जरूरी है.
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आग लगने से पहले जंगलों में फायर लाइन बनाई जाए, संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जाए और हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई हो. अधिकारियों ने बताया कि जंगलों में आग लगने के कई कारण होते हैं. महुआ बीनने, खेत और बाड़ी साफ करने, पिकनिक मनाने, बीड़ी-सिगरेट फेंकने, बिजली के तारों से चिंगारी निकलने और होली के समय लापरवाही से आग लग जाती है. इन कारणों पर रोक लगाने और लोगों को समझाने पर जोर दिया गया.
बैठक में यह भी बताया गया कि जंगल में आग लगने से पेड़-पौधों को नुकसान होता है, जमीन की नमी कम हो जाती है और पर्यावरण बिगड़ता है. इसलिए आग लगते ही उसे तुरंत बुझाना बहुत जरूरी है. इसके लिए कंट्रोल रूम बनाने, अस्थायी केंद्र तैयार रखने और जरूरी उपकरण पहले से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए. वन सुरक्षा कर्मियों को टॉर्च, जूते, पानी की बोतल, फायर ब्लोअर जैसे जरूरी सामान देने की बात कही गई. साथ ही गांवों, हाट-बाजारों और स्कूलों में पोस्टर, प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया.
अधिकारियों ने कहा कि जंगल की आग रोकने में सिर्फ वन विभाग ही नहीं, बल्कि राजस्व विभाग, पुलिस, दमकल और पंचायतों का भी सहयोग जरूरी है. अंत में अधिकारियों से कहा गया कि वे पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ काम करें, ताकि आने वाले समय में जंगलों को आग से बचाया जा सके.
दुर्ग अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल को बनाया गया कबीरधाम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी
रायपुर। दुर्ग में पदस्थ अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल को कबीरधाम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है. यह नियुक्ति कबीरधाम जिला पंचायत सीईओ अजय कुमार त्रिपाठी के उप मुख्यमंत्री अरुण साव के ओएसडी बनाए जाने के बाद की गई है.

छत्तीसगढ़ में गणतंत्र दिवस को लेकर वक्फ बोर्ड का ऐलान, सभी मस्जिदों, इमामबाड़ों और वक्फ बोर्ड कार्यालय में फहराया जाएगा तिरंगा..
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को लेकर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने बड़ा ऐलान किया है. वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि प्रदेशभर में वक्फ बोर्ड से जुड़ी सभी मस्जिदों, इमामबाड़ों और वक्फ बोर्ड कार्यालयों में तिरंगा झंडा फहराया जाएगा.
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश की कुल 8,232 वक्फ संपत्तियों और स्थलों पर एक साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा. तिरंगा फहराने के बाद सभी स्थानों पर लोगों को मिठाई भी वितरित की जाएगी, ताकि गणतंत्र दिवस को उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा सके.
गणतंत्र दिवस पर बस्तर में बदले माहौल का उत्सव, हर गांव में होगा ‘उल्लास मेला’ : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। गणतंत्र दिवस के लिए बस्तर में विशेष तैयारी की जा रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आयोजन के जरिए बस्तर में बदल रहे माहौल का जिक्र करते हुए कहा कि अब लोग खुलकर हंसने लगे हैं. सुदूर अंचलों में समूह में आकर लोग अपनी बात रखने लगे हैं. बस्तर में लोकतंत्र बोल रहा है. इस गणतंत्र में सारे ही गांव वाले उत्साह के साथ शामिल होंगे.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बिलासपुर में ध्वजारोहण करने पर कहा कि मुख्यमंत्री ने अच्छी प्रथा शुरू की है. सारे संभाग मुख्यालयों में जाकर ध्वजारोहण का काम अच्छा है.
कांग्रेस में मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का मामले में तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को देखकर सीखना चाहिए, इसमें गलत नहीं है. भाजपा के संगठन की ताकत सभी को समझ में आती है. राष्ट्रवाद कैसे लोगों के मन पर आए यह ध्यान देना चाहिए. राष्ट्रवाद की दिशा में हम से ज्यादा सीखते हैं, तो वंदनीय हैं.
गांवों में होगा उल्लास मेले का आयोजन
बता दें कि बस्तर जिले में आगामी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का पर्व केवल ध्वजारोहण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन पूरा जिला साक्षरता के एक नए उत्सव का गवाह बनेगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन को धरातल पर उतारने गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन जिले के प्रत्येक गांव में ‘उल्लास मेला’ का आयोजन करने जा रहा है.
इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. गांवों में कार्यरत ग्राम पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और कोटवारों कर्मचारी शिक्षा विभाग के साथ समन्वय बनाकर गांवों में सर्वे करेंगे और उल्लास मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस लाभ से वंचित न रहे.
बलौदाबाजार इस्पात संयंत्र में फर्नेस ब्लास्ट, 6 मजदूरों की मौत, 5 गंभीर घायल
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में इस्पात संयंत्र में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां क्लिनिकल फर्नेस के दौरान जोरदार ब्लास्ट में छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के बाद संयंत्र परिसर में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र के ग्राम बकुलाही स्थित प्लांट में हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी सहित भाटापारा ग्रामीण पुलिस के साथ ही बलौदाबाजार से पुलिस बल तत्काल मौके पहुंच गए हैं. जानकारी के मुताबिक, घायलों को पहले भाटापारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बिलासपुर रेफर किया गया है।
इस घटना पर मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा है कि इस मामले में जांच होनी चाहिए। मजदूरों की मौत कैसे हुई है, किन परिस्थितियों में हुई है, सुरक्षा के उपकारण थे या नहीं थे, सभी विषयों की जांच होनी चाहिए।
कलेक्टर दीपक सोनी और SP भावना गुप्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे में छह लोगों की मौत हुई है और पांच घायल हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। संयंत्र प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी ने घायलों के बेहतर इलाज के दिए निर्देश
इस्पात संयंत्र में हुए हादसे पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। क्लिनिकल फर्नेस के दौरान हुए विस्फोट में श्रमिकों के असामयिक निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर उपचार के लिए सिम्स, बिलासपुर में भर्ती कराया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव उत्तम एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
हादसे में ये लोग घायल
- मोटाज अंसारी, 26 बढ़ई सेंटर- एमएस
- सराफत अंसारी, 32 बढ़ई – एमएस
- साबिर अंसारी, 37 बढ़ई-एमएस
- कल्पू भुइया, 51 हेल्पर
- रामू भुइया, 34 हेल्पर
आबकारी विभाग में 85 नव नियुक्त उप निरीक्षकों को बड़ा झटका, 24 घंटे के भीतर नियुक्ति आदेश निरस्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में नव नियुक्त उप निरीक्षकों को बड़ा झटका लगा है. 24 घंटे पहले इस पद पर की गई नियुक्ति का आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है. कार्यालय आबकारी आयुक्त ने निरस्तिकरण आदेश जारी करते हुए बताया कि 21 जनवरी 2026 को जारी किए गए नियुक्ति आदेश को तकनीकी कारणों से निरस्त किया गया है.
बता दें, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची के तहत 85 अभ्यर्थियों को आबकारी उप निरीक्षक पद पर नियुक्ती दी गई थी. लेकिन नियुक्ति आदेश जारी होने के दूसरे दिन ही आज आबकारी आयुक्त के आदेश पर उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई है.
देखें आदेश की कॉपी:

तीन सूत्रीय मांगों को लेकर डेंटल कॉलेज के छात्रों का आंदोलन जारी, कॉलेज गेट पर जड़ा ताला, प्रशासन-पुलिस मौके पर
रायपुर। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज के UG-PG छात्रों ने आज गेट पर ताला लगा दिया है. स्थिति को देखते हुए चर्चा के लिए मौके पर एडीएम, एसडीएम और तहसीलदार पहुंचे हैं. लेकिन अधिकारियों की समझाइश के बाद भी छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं. मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन जबरन ताला खुलवा सकता है, जिसके लिए पुलिस बल बुलवाया गया है.
दरअसल, डेंटल कॉलेज के छात्र-छात्राएं अपनी तीन मांगों को लेकर बीते सात दिनों से हड़ताल पर हैं. इसमें स्नातकोत्तर छात्रों एवं इंटर्न्स के स्टाइपेंड में समानता के साथ वृद्धि, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में दंत चिकित्सा पेशेवरों को समान मान्यता एवं सम्मान के साथ मूलभूत छात्र कल्याण एवं अधोसंरचना से संबंधित समस्याओं का निराकरण शामिल है.
हड़ताल की वजह से मरीजों के साथ कॉलेज में कार्यरत डॉक्टर और स्टाफ को हो रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने आज कमर कस ली है. इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारी पुलिस बल के साथ कॉलेज पहुंचे हैं. प्रदर्शन पर बैठे छात्र-छात्राओं को मनाने का दौर जारी हैं. लेकिन गतिरोध नहीं टूटने की स्थिति में बल के प्रयोग की भी आशंका बनी हुई है.
रायपुर में 28 से 30 जनवरी तक 16वीं राज्य स्तरीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता, 300 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
रायपुर। राजधानी रायपुर में 28, 29 और 30 जनवरी को 16वीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, जोरा परिसर में होगी। यह आयोजन पैरा एथलेटिक्स एसोसिएशन और रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाना और उन्हें राज्य व देश स्तर पर पहचान दिलाना है, ताकि भविष्य में छत्तीसगढ़ के पैरा एथलीट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। पत्रकार वार्ता में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने बताया कि प्रतियोगिता का मकसद हर वर्ग की प्रतिभा को आगे बढ़ाना है। दिव्यांग खिलाड़ियों में अपार क्षमता होती है, जरूरत सिर्फ मंच और अवसर देने की है।
इन खेलों में होंगे मुकाबले
प्रतियोगिता में ट्रैक और फील्ड दोनों तरह के इवेंट आयोजित किए जाएंगे। ट्रैक इवेंट्स में 100, 200, 400, 800 और 1500 मीटर दौड़ शामिल है। वहीं फील्ड इवेंट्स में लॉन्ग जंप, ऊंची कूद, तवा फेंक, गोला फेंक और भाला फेंक जैसे खेल होंगे।प्रतियोगिता में T-11, T-12, T-13, T-40, T-41, T-42, T-44, T-45, T-46, T-47 और T-54 कैटेगरी के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये कैटेगरी दृष्टिबाधित और अस्थिबाधित खिलाड़ियों के लिए निर्धारित हैं।
तीन आयु वर्गों में होगी प्रतियोगिताएं
प्रतियोगिता में दिव्यांग खिलाड़ी तीन वर्गों में हिस्सा ले सकेंगे। सब जूनियर वर्ग 8 से 15 वर्ष के लिए, जूनियर वर्ग 15 से 20 वर्ष के लिए और सीनियर वर्ग 21 वर्ष और उससे ऊपर के प्रतिभागियों के लिए निर्धारित किया गया है। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में 300 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनके साथ 50 अटेंडर, टीम मैनेजर, 50 से अधिक ऑफिशियल, कोच, वालंटियर और सुरक्षाकर्मी मौजूद रहेंगे। सभी प्रतिभागियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था आयोजन समिति की ओर से की गई है।
खिलाड़ियों को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए रंगारंग खेल आयोजन के साथ सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को आकर्षक पुरस्कार भी दिए जाएंगे, जो नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी की ओर से उपहार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के साथ प्रतियोगिता के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, डिकेंस टंडन, सचिव किशनलाल, विभीषण निषाद, हारून बेग सहित अन्य पदाधिकारी और आयोजक मौजूद रहे।
खुर्सीपार में राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव, इंजन का कांच टूटा, RPF ने शुरू की जांच
दुर्ग। जिले में एक बार फिर ट्रेन पर पथराव की घटना सामने आई है। खुर्सीपार गेट और पावर हाउस के बीच रेलवे ट्रैक पर अज्ञात लोगों ने राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव कर दिया। इस घटना में ट्रेन इंजन के सामने लगा कांच क्रैक हो गया और उसमें दरार आ गई है। गनीमत रही कि इस घटना में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को कोई चोट नहीं आई अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
जानकारी के अनुसार, पथराव की घटना के तुरंत बाद लोको पायलट ने इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ हरकत में आई और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि ट्रेन को सुरक्षित आगे के लिए रवाना किया गया।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी खुर्सीपार क्षेत्र में वंदेभारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटना हो चुकी है। इस मामले में आरपीएफ ने एक अपचारी बालक को पकड़कर कार्रवाई की थी। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से रेलवे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल आरपीएफ और पुलिस की टीम रेलवे ट्रैक के आसपास की बस्तियों में संदिग्धों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाने की बात कही है।
धान खरीदी केंद्रों के ऑनलाइन सत्यापन में भारी लापरवाही, कलेक्टर ने नोडल अधिकारी को जारी किया नोटिस, दो दिन बीतने के बाद भी जवाब नहीं
महासमुंद। महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक के तीन धान खरीदी केंद्रों बड़ेडाबा, गढ़फुलझर और हाड़ापथरा में ऑनलाइन भौतिक सत्यापन नहीं करने पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बीते 19 जनवरी को नोडल अधिकारी उमेश वर्मा को नोटिस जारी किया था। नोटिस में उन्हें 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया था। सूत्रों के अनुसार, नोटिस भेजे जाने के दो दिन बाद भी उमेश वर्मा ने कोई स्पष्टीकरण नहीं प्रस्तुत किया है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी जिले के विभिन्न केंद्रों पर पूरी जोश और निगरानी के साथ जारी है। जिले के 182 धान खरीदी केंद्रों में खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह स्वयं नियमित निरीक्षण कर धान खरीदी की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। लेकिन, कुछ अधिकारी इस गंभीर जिम्मेदारी में लापरवाही बरतते हुए नजर आए हैं।
धान खरीदी केंद्र के नोडल अधिकारी को कलेक्टर ने थमाया नोटिस
महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक के तीन धान खरीदी केंद्र बड़ेडाबा, गढ़फुलझर और हाड़ापथरा में ऑनलाइन भौतिक सत्यापन नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। इन केंद्रों के नोडल अधिकारी उमेश वर्मा हैं।
जानकारी के अनुसार, उमेश वर्मा द्वारा अपने अधीनस्थ धान खरीदी केंद्रों में ऑनलाइन भौतिक सत्यापन अब तक नहीं किया गया है। इस पर नाराज कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने उमेश वर्मा को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब देने के आदेश दिए हैं। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि सार्थक जवाब नहीं मिला तो छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण निवारण अधिनियम, 1979 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, आज 21 जनवरी को नोटिस जारी होने के दो दिन बाद भी उमेश वर्मा द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया है। ऐसे में उमेश वर्मा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, इस मामले में कलेक्टर की ओर से अभी तक कोई टिप्पणी या बयान सामने नहीं आया है।
देखें नोटिस

धान खरीदी केंद्रों का ऑनलाइन भौतिक सत्यापन इसलिए भी अत्याधिक आवश्यक है ताकि, खरीदी केंद्र प्रभारी के द्वारा किसी भी प्रकार की खरीदी में अनियमितता ना बरती जाए। इसे लेकर लगातार निगरानी और मॉनिटरिंग भी की जा रही है। अभी तक इन तीन केंद्रों में खरीदी का आंकड़ा इस प्रकार है:
- बड़ेडाबा: 39,091 क्विंटल
- गढ़फुलझर: 48,716 क्विंटल
- हाड़ापथरा: 14,460 क्विंटल
इन केंद्रों में खरीदी का सही मिलान केवल ऑनलाइन भौतिक सत्यापन के बाद ही सुनिश्चित किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि महासमुंद जिले में पहले भी समय पर भौतिक सत्यापन न होने के कारण कई केंद्रों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसे देखते हुए कलेक्टर लंगेह ने धान खरीदी केंद्रों में सख्त निगरानी और प्रभावी मॉनिटरिंग के आदेश दिए हैं।
जिले में प्रशासन की इस सतर्कता के बीच, अधिकारियों की लापरवाही अब भी चुनौती बनी हुई है, और कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अधिकारी प्रक्रिया में कोताही बरतने की स्थिति में दंड से बच नहीं पाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पुलिस मितान सम्मेलन में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित शांति सरोवर में आयोजित पुलिस मितान सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रोड सेफ्टी जागरूकता में पुलिस मितान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पुलिस मितान नागरिकों को सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक करने के साथ-साथ गांवों एवं मोहल्लों में पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को भी बेहतर बनाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस मितान एप की लॉन्चिंग भी की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “मितान” बनाने की एक सुंदर और मानवीय परम्परा रही है। आप सभी ने पुलिस को अपना मितान बनाकर सड़क सुरक्षा के लिए नागरिकों को जागरूक करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि रोड सेफ्टी के लिए किया गया कार्य अत्यंत पुण्य का कार्य है, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनकी क्षतिपूर्ति कभी संभव नहीं हो पाती।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस मितान साथियों के निरंतर प्रयासों से इन सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी और आम नागरिकों का जीवन अधिक सुरक्षित बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस मितान साथियों को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि रायपुर जिले में सड़क सुरक्षा की दिशा में पुलिस मितान की यह पहल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बस सेवा योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के तहत दूरस्थ एवं कम लाभप्रद रूटों पर भी यात्रियों को बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा इन रूटों पर होने वाले लाभ के अंतर की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस से अच्छा कोई मितान नहीं हो सकता। पुलिस जवान अत्यंत अनुशासन में रहकर कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाते हैं। अब पुलिस मितान पुलिस के साथ समाज की सुरक्षा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस मितान साथियों ने अपने अधिकारों की जागरूकता से आगे बढ़कर कर्तव्यों का संकल्प लिया है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में पुलिस मितान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुलिस मितान साथियों को हेलमेट एवं फर्स्ट ऐड किट वितरित किया तथा आयोजन में सहयोग करने वाले समाज सेवियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 4500 पुलिस मितानों को हेलमेट तथा प्रत्येक गांव को फर्स्ट ऐड किट प्रदान की गई।
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने पुलिस मितान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस मितान योजना सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक प्रभावी पहल है। कार्यक्रम का स्वागत भाषण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह द्वारा दिया गया।
कार्यक्रम में शासकीय दिव्यांग विद्यालय, माना कैंप के बच्चों द्वारा सड़क सुरक्षा पर आधारित प्रेरक गीत की सुंदर प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार, आईजी रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा, ब्रह्मकुमारी सविता दीदी, राम गर्ग सहित बड़ी संख्या में पुलिस मितान एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
बायर-सेलर मीट 2026 में बिहान महिला समूहों को बड़ा रिस्पॉन्स, 11 उत्पादों की 2.13 लाख मीट्रिक टन सप्लाई डील फाइनल
रायपुर। नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय बायर-सेलर मीट 2026 में राज्य के बिहान महिला समूहों और इनके एफपीओ को जर्बदस्त रिस्पॉन्स मिला है, इससे महिला समूहों का मनोबल बढ़ा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित यह बायर-सेलर मीट 20 एवं 21 जनवरी को नया रायपुर स्थित निजी होटल में आयोजित हुई। इस दौरान खरीददार और महिला समूहों के प्रतिनिधियों के बीच उनके उत्पादों की मात्रा, क्वालिटी और मार्केेटिंग को लेकर कई सहमतियां भी बनी।

इस मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के खरीददार भी शामिल हुए, जिन्होंने बिहान के महिला समूहों के उत्पाद को न सिर्फ सराहा, बल्कि 11 प्रकार के उत्पादों की खरीददारी के लिए 2 लाख 13 हजार मीट्रिक टन की सप्लाई की डील भी फाइनल की। इन 11 उत्पादों में जैविक चावल जैसे- विष्णु भोग, देवभोग, जवाफूल, जीराफूल, विभिन्न प्रकार के मसाले, चना दाल बेसन, उड़द दाल, कोदो-कुटकी और तिखूर मुख्य रूप से शामिल हैं।
राज्य स्तरीय बायर-सेलर मीट 2026 दो दिवसीय मीट के दौरान बिहान के समूहों ने खरीददारों को अपने-अपने उत्पाद, मात्रा और क्वालिटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। खरीददारों ने समूहों को अपनी डिमांड से भी अवगत कराया। बायर और सेलर के बीच आर्डर और सप्लाई को लेकर कई सहमति भी बनी।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, एएफसी इंडिया लिमिटेड एवं प्रदान संस्था के सहयोग से आयोजित व्यावसायिक संवाद और बैठक न सिर्फ सार्थक रही बल्कि इसके परिणाम बहुत ही उत्साहजनक रहे। महिला समूहों और एफपीओ का अपने उत्पादों की मात्रा को बढ़ाने को लेकर एक नया उत्साह जगा।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह ने राज्य के सभी जिलों से आए महिला स्व-सहायता समूहों एवं महिला-नेतृत्व वाले एफपीओ के स्टॉलों का अवलोकन कर उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रस्तुति और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला समूह की दीदियां केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाज़ार की मांग को समझते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने खरीदारों से संवाद करते हुए इस बात का भरोसा दिलाया कि निकट भविष्य में महिला समूहों के उत्पादों की मात्रा और गुणवत्ता दोनों को और बेहर किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों की मांग को पूरा किया जा सके।
इस अवसर पर बिहान के मिशन संचालक अश्विनी देवांगन ने कहा कि बायर सेलर मीट 2026 एक ऐतिहासिक अवसर है इसमें खरीदारों से सीधे संवाद से महिला एफपीओ एवं एसएचजी वास्तविक और टिकाऊ बाज़ार के अवसर प्राप्त हुए हैं। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
अजय चंद्राकर के बयान पर दीपक बैज का पलटवार: बोले—भ्रष्टाचार खत्म न होने की भाजपा की खुली स्वीकारोक्ति
तखतपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर द्वारा दिए गए बयान “मोहब्बत और भ्रष्टाचार कभी खत्म नहीं होते, केवल बाबू बदल जाते हैं” ने राज्य राजनीति में हलचल मचा दी है। इस बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बुधवार को तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यह भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल में फैले भ्रष्टाचार की खुली स्वीकारोक्ति है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, “जिस तरह मोहब्बत कभी खत्म नहीं होती, उसी तरह भ्रष्टाचार भी समाप्त नहीं हो सकता। भाजपा नेता द्वारा दिया गया यह बयान साफ-साफ दर्शाता है कि राज्य में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और अब इसे उनके ही नेता मानने लगे हैं। सत्ता में आने से पहले भाजपा बड़े-बड़े दावे करती थी कि भ्रष्टाचार को खत्म किया जाएगा, लेकिन आज यह बयान साबित करता है कि केवल चेहरे और बाबू बदल गए हैं, व्यवस्था वही की वही है।”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस लगातार भ्रष्टाचार के मुद्दे को उजागर कर रही है और जनता के सामने वास्तविक स्थिति ला रही है। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि जब भ्रष्टाचार को खत्म करने का वादा किया गया था, तो अब उनके ही नेता इसे सामान्य बताकर जनता को गुमराह क्यों कर रहे हैं। दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जनता के हितों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी और भाजपा सरकार की नाकामियों को उजागर करती रहेगी।
मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस ने निकाली पदयात्रा, दीपक बैज ने किया जनसंपर्क
बता दें कि बुधवार तखतपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के फैसले के विरोध में पदयात्रा का आयोजन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में आयोजित यह पदयात्रा जोरा से गिरधौना तक चली, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, ग्रामीण और मजदूर वर्ग शामिल हुए।
पदयात्रा के दौरान दीपक बैज ने कहा, “मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की आजीविका की गारंटी है। भाजपा सरकार इस योजना का नाम बदलकर महात्मा गांधी के योगदान को मिटाने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी। मनरेगा से करोड़ों गरीबों को रोजगार मिला है और यह योजना कांग्रेस की जनकल्याणकारी सोच का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि सरकार को नाम बदलने जैसे मामूली विवादों में उलझने के बजाय योजना में काम, मजदूरी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। दीपक बैज ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ संवाद कर सरकार के फैसले के खिलाफ जनसंपर्क और समर्थन जुटाया गया।
साथ ही, बिलासपुर जिले में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष और नगर अध्यक्ष के शपथ समारोह के विज्ञापन में तखतपुर नगर पालिका अध्यक्ष पूजा मक्कड़ का फोटो गायब होने के मामले पर दीपक बैज ने कहा, “यह एक छोटी-मोटी बात है और हम इसे आपस में सुलझा लेंगे।
शराब अब प्लास्टिक की बोतल में, नई आबकारी नीति को कैबिनेट की मंजूरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अब शराब कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक की बोतलों में बेची जाएगी। यह अहम फैसला आज हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया है और इसे वित्त वर्ष 2026–27 से लागू किया जाएगा।
नई नीति के तहत अब सभी शराब निर्माता कंपनियों को अपने उत्पादों की पैकेजिंग प्लास्टिक की बोतलों में करनी होगी। कहा जा रहा है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य सरकारी शराब दुकानों में बोतलों के टूटने से होने वाले नुकसान और सुरक्षा जोखिमों को कम करना है। कांच की बोतलों के कारण हर साल होने वाली टूट-फूट से वित्तीय हानि के साथ-साथ कर्मचारियों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी प्रभावित होती है।
आबकारी विभाग के अफसरों के मुताबिक, प्लास्टिक बोतलों के इस्तेमाल से शराब के भंडारण और परिवहन में भी सहूलियत होगी और वितरण प्रणाली अधिक सरल व लचीली बन सकेगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आने और सप्लाई चेन को अधिक सुचारू बनाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि इस फैसले को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं भी सामने आ सकती हैं। प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से प्रदूषण और कचरा प्रबंधन की चुनौतियां बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस पर सरकार का कहना है कि भविष्य में इसके दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक प्रबंध और नियामक व्यवस्था तैयार की जाएगी।
यह निर्णय राज्य की आबकारी नीति के तहत लिया गया है, जो शराब के व्यापार, संग्रहण और बिक्री से जुड़े नियमों को निर्धारित करती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नई व्यवस्था उपभोक्ताओं, शराब विक्रेताओं और पर्यावरण पर किस तरह का प्रभाव डालती है।
आबकारी विभाग के प्रस्ताव पर लगी मुहर : मंत्री लखन देवांगन
आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा है कि आज की कैबिनेट बैठक में आबकारी विभाग का प्रस्ताव शामिल था। सालभर के लिए आबकारी विभाग के नियम कानून के लिए कैबिनेट से अनुमोदन लिया गया है। बैठक में नई शराब दुकान खोलने का निर्णय नहीं लिया गया है।
समझिए प्लास्टिक की बोतल में शराब बेचने से होने वाले फायदा और नुकसान ?
प्लास्टिक की बोतल में शराब बेचने के फायदे और नुकसान दोनों हैं। जानकार कहते हैं कि नई आबकारी नीति के असर को समझने के लिए दोनों पहलुओं को अलग-अलग देखना ज़रूरी है।
प्लास्टिक बोतल में शराब बेचने के फायदे
- टूट-फूट से बचाव
कांच की बोतलें परिवहन और दुकानों में अक्सर टूट जाती हैं, जिससे वित्तीय नुकसान और चोट का खतरा रहता है। प्लास्टिक बोतलें इस समस्या को काफी हद तक कम कर देती हैं।
- हल्की और परिवहन में आसान
प्लास्टिक कांच की तुलना में हल्का होता है, जिससे ट्रांसपोर्ट लागत घट सकती है और सप्लाई चेन ज्यादा किफायती बनती है।
- सुरक्षा दृष्टि से बेहतर
दंगे, झगड़े या सार्वजनिक आयोजनों में कांच की बोतलें हथियार के तौर पर इस्तेमाल हो सकती हैं। प्लास्टिक बोतलों से यह खतरा कम होता है।
- स्टोरेज और हैंडलिंग आसान
गोदामों और दुकानों में प्लास्टिक बोतलों को संभालना आसान होता है, स्पेस मैनेजमेंट भी बेहतर हो सकता है।
- लागत में संभावित कमी
लंबे समय में पैकेजिंग और ट्रांसपोर्ट पर आने वाली लागत घट सकती है, जिससे सरकारी राजस्व और कंपनियों के खर्च में संतुलन बन सकता है।
प्लास्टिक बोतल में बेचने के नुकसान
स्वास्थ्य से जुड़ी आशंकाएं
अल्कोहल के संपर्क में आने पर कुछ प्लास्टिक से रसायन (जैसे BPA) लीच होने का खतरा रहता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
स्वाद और गुणवत्ता पर असर
कांच की तुलना में प्लास्टिक शराब के स्वाद, खुशबू और गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है, खासकर लंबे समय तक स्टोर करने पर।
पर्यावरणीय नुकसान
प्लास्टिक कचरा और माइक्रोप्लास्टिक की समस्या बढ़ेगी। रीसाइक्लिंग की व्यवस्था मजबूत न हुई तो यह गंभीर पर्यावरण संकट बन सकता है।
नकली शराब का खतरा
प्लास्टिक बोतलों की नकल करना आसान होता है, जिससे अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है।
ब्रांड वैल्यू और उपभोक्ता भरोसा घट सकता है
प्रीमियम और मध्यम वर्ग के ब्रांड्स की छवि को नुकसान हो सकता है। उपभोक्ता इसे घटिया पैकेजिंग मान सकते हैं।
आग और रासायनिक सुरक्षा जोखिम
प्लास्टिक ज्वलनशील होता है। आग लगने की स्थिति में जोखिम कांच की तुलना में ज्यादा हो सकता है।
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम, 19 लाख आबादी वाले शहर में 21 थानों को किया गया शामिल, 23 जनवरी से होगी लागू, अधिसूचना जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी इस अधिसूचना के अनुसार रायपुर नगर क्षेत्र को औपचारिक रूप से पुलिस कमिश्नरेट घोषित किया गया है। यह व्यवस्था 23 जनवरी 2026 से प्रभावशील होगी।
अधिसूचना में बताया गया है कि रायपुर नगर निगम क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या लगभग 19 लाख है और बढ़ती आबादी, अपराध, ट्रैफिक दबाव एवं शहरी चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
21 शहरी थाने कमिश्नरेट में शामिल
अधिसूचना के अनुसार रायपुर नगर पुलिस जिले के तहत आने वाले 21 थाना क्षेत्रों को कमिश्नरेट सीमा में शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—
1. सिविल लाइन
2. देवेंद्र नगर
3. तेलीबांधा
4. कोतवाली
5. गंज
6. मौदहा पारा थाना
7. गोल बाजार
8. पुरानी बस्ती
9. डी.डी. नगर
10. आमा नाका
11. आजाद चौक
12. सरस्वती नगर
13. कबीर नगर
14. राजेंद्र नगर
15. मुजगहन
16. टिकरापारा
17. उरला (नगर निगम क्षेत्र में आने वाला भाग)
18. खमतराई
19. गुढ़ियारी
20. पंडरी
21. खम्हारडीह
इन सभी थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था अब सीधे पुलिस आयुक्त के अधीन होगी।
रायपुर ग्रामीण
पुलिस अधीक्षक पुलिस जिला रायपुर ग्रामीण के अधीन आने वाले 12 थाने-
- विधानसभा
- धरसींवा
- खरोरा
- तिल्दा नेवरा
- माना
- मंदिर हसौद
- आरंग
- नवा रायपुर
- राखी
- अभनपुर
- गोबरा नवापारा
- उरला (नगर पालिक निगम बीरगांव के बाहर आने वाला क्षेत्र)
37 वरिष्ठ पद सृजित, नई प्रशासनिक संरचना
अधिसूचना में कमिश्नरेट के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के पद भी निर्धारित किए गए हैं—
पुलिस आयुक्त – 1
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त- 1
पुलिस उपायुक्त – 5
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त – 9
सहायक पुलिस आयुक्त – 21
इन अधिकारियों को अलग-अलग जोनों, अपराध शाखा, यातायात, मुख्यालय, साइबर सेल, इंटेलिजेंस, महिला अपराध, प्रोटोकॉल और कानून-व्यवस्था इकाइयों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
मजिस्ट्रेटी अधिकार भी सौंपे गए
अधिसूचना के अनुसार पुलिस आयुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कई मजिस्ट्रेटी अधिकार दिए गए हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
• धारा 144 लागू करने का अधिकार
• जुलूस, धरना और सार्वजनिक सभाओं की अनुमति या प्रतिबंध
• निषेधाज्ञा और प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करना
• आपात स्थितियों में त्वरित निर्णय लेना
पहले ये अधिकार जिला कलेक्टर और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के पास होते थे।
किन कानूनों के तहत अधिकार दिए गए
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस आयुक्त और कमिश्नरेट अधिकारियों को निम्न अधिनियमों के तहत शक्तियाँ दी जाएंगी—
- छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम, 2007
- बंदी अधिनियम, 1900
- विष अधिनियम, 1919
- अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956
- मोटर वाहन अधिनियम, 1988
- विधि विरूद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967
- शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923
- पशु अतिचार अधिनियम, 1871
- छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990
रायपुर ग्रामीण जिला अलग रहेगा
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि रायपुर ग्रामीण पुलिस जिला कमिश्नरेट से अलग रहेगा।
रायपुर (ग्रामीण) रेंज के अंतर्गत आने वाले जिले
जिला गरियाबंद, रायपुर ग्रामीण, जिला बलौदा बाज़ार, जिला धमतरी, जिला महासमुंद.
अधिसूचना में कहा गया है कि “रायपुर नगर की बढ़ती जनसंख्या, जटिल शहरी चुनौतियाँ, अपराध नियंत्रण और त्वरित निर्णय प्रणाली की आवश्यकता को देखते हुए कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया है।”
सरकार का मानना है कि इससे कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिक प्रभावी होगा।
देखिये आदेश की कॉपी-







धान खरीदी पर कांग्रेस का हमला: टीएस सिंहदेव बोले—किसानों को चोर बना रही सरकार, दीपक बैज ने समय-सीमा बढ़ाने की मांग
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने धान खरीदी की अव्यवस्था को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए किसानों के साथ हो रहे व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सिंहदेव ने कहा, सरकार की मंशा ही नहीं है कि पूरा धान खरीदे। मैंने अपने जीवन में इतना ज्यादा किसानों को धान बेचने के लिए परेशान होते कभी नहीं देखा।
पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव ने कहा कि किसानों को सरकार ने चोर बना दिया है। जो हमारे अन्नदाता हैं उन्हें आज चोर के रूप में देखा जा रहा है। कोई भी अधिकारी किसानों के घर में घुस रहा है। किसानों को चोर की संज्ञा देना किसानों का अपमान है। उन्होंने कहा, 2 साल के अनुभव के बाद भी सरकार धान खरीदी की व्यवस्था संभाल नहीं पाई। खेत की गिरदावरी, पंजीयन, टोकन की अव्यवस्था से लेकर सीमित कोटा और राइस मिल तक सरकार फेल है।
धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाए सरकार : दीपक बैज
वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भी धान खरीदी को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी पूरी तरह प्रभावित है। सरकार नहीं चाहती कि किसानों का पूरा धान खरीदा जाए। बैज ने बोआई से लेकर खाद, पंजीयन, रकबा समर्पण, टोकन और लिमिट तक की व्यवस्था को सरकार की नीयत उजागर करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि अब भी बड़ी संख्या में किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। धान खरीदी केंद्रों को सरकार ने मजाक बना दिया है। किसानों में भारी आक्रोश है। सरकार को धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ानी चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
छत्तीसगढ़ की कला आयरलैंड तक पहुँचना गौरव का विषय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। आयरलैंड की राजधानी डबलिन में भारत की सांस्कृतिक विविधता की एक सशक्त झलक देखने को मिली, जब स्टेट कल्चरल इवेंट सीरीज़ के तहत भारतीय दूतावास, डबलिन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पर केंद्रित भव्य सांस्कृतिक आयोजन का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का उद्घाटन आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा द्वारा किया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और राज्य की विशिष्ट पहचान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारत की विविधता को वैश्विक मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करते हैं।
आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ पर आधारित एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें राज्य की कला, संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हस्तशिल्प की प्रदर्शनी ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया, जहाँ राज्य की कारीगरी की बारीकी और सौंदर्य को सराहा गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुत लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को आयरलैंड की धरती तक पहुँचा दिया और दर्शकों से भरपूर प्रशंसा प्राप्त की।
कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों के साथ हुआ, जिसने उपस्थित अतिथियों को राज्य की स्वादिष्ट पाक-परंपरा से परिचित कराया। कुल मिलाकर यह आयोजन छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल साबित हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आयरलैंड की राजधानी डबलिन में आयोजित छत्तीसगढ़ केंद्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि प्रदेश की लोकसंस्कृति अब वैश्विक दर्शकों तक पहुँच रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्टेट कल्चरल इवेंट सीरीज़ के अंतर्गत भारतीय दूतावास, डबलिन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक विविधता और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है। उन्होंने इस आयोजन के लिए भारतीय दूतावास और आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, हस्तशिल्प और लोक परंपराएँ राज्य की पहचान का मूल आधार हैं। आयरलैंड में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की हस्तकला, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों ने सराहा, यह राज्य के कलाकारों और कारीगरों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों से पर्यटन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को भी वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएँ मिलती हैं। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की कला-संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश में इसी तरह मंच मिलेगा और राज्य की विशिष्ट पहचान विश्व पटल पर और अधिक सुदृढ़ होगी।