प्रदेश
PM आवास पर सियासी संग्राम तेज: भूपेश बघेल ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की बहस की चुनौती स्वीकार की
रायपुर। पीएम आवास को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की बहस करने की चुनौती को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा कि मैंने तो पिछले महीने ही बोला था, स्थान और समय निर्धारित कर लें, पूरी मीडिया को बुला लें. बात करने के लिए हम तैयार हैं. कांग्रेस के सभी लोग प्रेस क्लब आ जाएंगे.
बता दें कि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पीएम आवास को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बहस करने की चुनौती दी थी. विजय शर्मा ने कहा था कि प्रेस क्लब जब कहेगा, मैं वहां बहस करने के लिए तैयार हूं. इसके साथ ही उन्होंने पीएम आवास के आंकड़ों को पेश करते हुए कहा था कि प्रदेश में सवा 11 लाख से अधिक पीएम आवास पूर्ण हो चुके हैं. आज भी करीब 2 लाख पीएम आवासों में गृहप्रवेश का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. विपक्ष अपनी नाकामी छिपाने के लिए बार-बार इस तरह की बातें कह रहा है.
वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के कका और कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को तबाह करने वाले बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि लूटने का काम तो अभी भी हो रहा है. पिछले समय भाजपा ने लूटा और अभी भी लूट रही है. आज जंगल और खदानें कट रही हैं, बिजली बिल के दाम बढ़े हुए हैं. शिवराज सिंह बताएं कि चीनी की कीमत क्यों बढ़ी है, किसानों को खाद क्यों नहीं मिला, एग्रीस्टैक के नाम पर किसानों से धान नहीं खरीदने का बहाना किया जा रहा है.
वहीं नितिन नबीन के राहुल गांधी वंदे मातरम का महत्व नहीं समझते वाले बयान पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि उनको खुद ही नहीं मालूम. सात महीने से कमेटी नहीं बना पाए हैं. छत्तीसगढ़ में प्रभारी नियुक्त नहीं कर पाए हैं, कांग्रेस के लोग वंदे मातरम गाते हुए तिरंगा लेकर जाते थे, तब इनके पूर्वज मुखबिरी करते थे, और अंग्रेजों के तलवे चाटते थे.
देशभर में बैंक कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल, 5-डे बैंकिंग की मांग पर रायपुर-जगदलपुर में प्रदर्शन
रायपुर। देशभर में बैंक के अधिकारी-कर्मचारी आज एक दिवसीय हड़ताल पर हैं। इसका असर बैंकिंग सेवाओं पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांग 5-डे बैंकिंग लागू करने और PLI यानी परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव में समानता को लेकर है। रायपुर में PNB परिसर मोती बाग चौक में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
जगदलपुर में भी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि 5-डे बैंकिंग की मांग लंबे समय से लंबित है। उनका दावा है कि अन्य वित्तीय संस्थानों की तरह बैंकिंग सेक्टर में भी पांच दिन काम और दो दिन अवकाश की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इससे उनकी वर्क लाइफ और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बन सकेगा।
अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
हड़ताल में सरकारी और निजी क्षेत्र के करीब 28 बैंकों के कर्मचारी और अधिकारियों के शामिल होने का दावा किया गया है। बैंक कर्मचारियों ने ग्राहकों से भी अपील की है कि हड़ताल के दौरान एटीएम, यूपीआई और नेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करें। कर्मचारियों ने साफ किया है कि आज की हड़ताल के बाद भी अगर उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता है तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है।
आबकारी विभाग ने तीन अफसरों को किया निलंबित, ओवर रेट शराब बेचने और 4409 खाली बोतलें बरामद होने पर हुई कार्रवाई
रायपुर। प्रदेश में शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचने की पुष्टि होने के बाद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम तथा जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
190 रूपए की शराब 200 रूपए में बेची
राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने 07 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्मक्रेता के माध्यम से कराए गए सत्यापन में दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता क्रमांक 01 दिनेश्वर धु्रव द्वारा विदेशी मदिरा बैगपाईपर व्हिस्की का 01 नग पाव, शासन द्वारा निर्धारित विक्रय दर 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेचना पाया गया। इसके बाद पुनः खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता क्रमांक 02 गुलाब डहरीया द्वारा भी यही मदिरा 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेची गई।
इस तरह 02 नग पाव की खरीद में निर्धारित 380 रुपये के स्थान पर 400 रुपये वसूल किए गए, यानी दोनों विक्रयकर्ताओं द्वारा कुल 20 रुपये अधिक लिए गए। मामले में दोनों विक्रयकर्ताओं के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
प्रभार क्षेत्र में अनियमितता पर नितेश सिंह बैस निलंबित
विभाग ने इस मामले को संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद नितेश सिंह बैस, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग (छ.ग.) निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
कांकेर में अवैध शराब निर्माण की बड़ी तैयारी का खुलासा
इधर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम तथा 3380 ढक्कन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है।
जब्त सामग्री में 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की भरी हुई, कुल 5.400 लीटर, कीमत 3600 रुपये भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये बताई गई है। कुल खाली बोतल/पौवा की संख्या 4409 नग है, जिसकी कीमत 22,045 रुपये बताई गई है। वहीं विभिन्न प्रकार के कुल 3380 नग ढक्कन भी बरामद किए गए हैं।
रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित पर भी गिरी गाज
यह प्रकरण रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र में आता है। उनके क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण का परिचायक मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर रहेगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इसी मामले में मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के विरुद्ध भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
अन्य अधिकारियों से मांगा गया जवाब
महासमुंद के इसी अधिक दर पर बिक्री वाले मामले में विभाग ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। दीपक ठाकुर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी तथा अजय कुमार पाण्डेय, सहायक जिला आबकारी अधिकारी को कारण बताओ सूचना जारी कर 07 दिवस के भीतर समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मदिरा दुकानों की निगरानी और सख्त होगी
विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रदेश में मदिरा की निर्धारित विक्रय दर से अधिक वसूली, अवैध शराब निर्माण तथा निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले की कार्रवाई के माध्यम से मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों का जनसेवा पर्व बनेगा जन-आंदोलन : सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और संवैधानिक पद पर सेवा व समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक पूरे देश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के मार्गदर्शन में लाखे नगर एवं भाठागांव मंडल की संयुक्त कार्यसमिति बैठक व कार्यशाला आयोजित की गई।
बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन राष्ट्र सेवा, अंत्योदय और गरीब कल्याण का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में बीते 25 वर्षों में उन्होंने बिना रुके, बिना थके देश के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य किया है। उनके इस 25 वर्ष के ऐतिहासिक कार्यकाल को हमें जनता के बीच उत्सव और सेवा भाव के साथ मनाना है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि 17 सितंबर (मोदी जी के जन्मदिन) से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस महीने भर के अभियान को हर बूथ तक पहुंचाना है। यह केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारा ऋण चुकाने का संकल्प है।
कार्यशाला में रूपरेखा तय करते हुए सांसद ने कार्यकर्ताओं से अभियान के दौरान मंडल स्तर पर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं आयुष्मान, पीएम आवास, उज्ज्वला, मुद्रा आदि के लाभार्थियों से सीधा संपर्क व सम्मेलन आयोजित कर सरकार की योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी।

कार्यशाला में दोनों मंडलों के पदाधिकारियों, वार्ड पार्षदों एवं शक्ति केंद्र प्रभारियों को बूथवार जिम्मेदारियां सौंपी गईं। श्री अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता सेवा को ही अपना मूल मंत्र मानता है। लाखे नगर और भाठागांव मंडल के कार्यकर्ता घर-घर जाकर मोदी जी के 25 वर्षों के विकास कार्यों का संदेश पहुंचाएं और इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें।
बैठक में भाठागांव मंडल अध्यक्ष अभिषेक तिवारी, लाखेनगर मंडल अध्यक्ष सचिन सिंघल, जोन अध्यक्ष अंबर अग्रवाल, विजय अग्रवाल, पार्षदगण वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी, मोर्चा-प्रकोष्ठों के संयोजक तथा दोनों मंडलों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव विकासशील ने की जलग्रहण कार्यक्रमों की समीक्षा, गांवों में बढ़ेंगी आजीविका गतिविधियां
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी की शासी परिषद की नवमीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन के संबंध में भारत सरकार द्वारा निर्धारित गाईडलाइन के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने प्रदेश में जलग्रहण के तहत किए जाने वाले कार्यों में अधिक से अधिक भूमिगत जलसंग्रहण के कार्यों को कराने की बात कही। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा आजीविका गतिविधियों के कार्यों को शामिल करने के निर्देश अधिकारियेां को दिए है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिले। बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत पौधा रोपण सहित अमृत सरोवर, स्टापडेम, चेकडेम सहित अन्य जलसंग्रहण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रमों की वर्ष 2021 से अब तक किए गए कार्यों प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में वाटरशेड विकास कार्यक्रम- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 3.0 का प्रारंभिक प्रतिवेदन प्रस्ताव तैयार करने के क्षेत्रफल अनुमोदन के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जलग्रहण प्रबंधन क्षेत्र विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत आजीविका की गतिविधियों के अंतर्गत डेयरी, मुर्गीपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन, शुकर पालन, बत्तख पालन, मधुमक्खी पालन, ड्रीम, स्पींकलर, पंप मोटर, पंप, अगरबत्ती उत्पादन, सब्जी उत्पादन, आटा चक्की, दाल पिसाई मशीन, मशाला पिसाई मशीन इत्यादि कार्यों को शामिल करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जल संग्रहण संरचानाओं के कार्यों जैस-चेकडेम, स्टापडेम, कुंआ, फार्म पॉण्ड, अरदन डेम, सिंचाई तालाब, डबरी, वृक्षारोपण तथा मृदा एवं नमी संरक्षण संरचना के कार्यों से प्रदेश में अतिरिक्त सिंचाई रकबा की वृद्धि हुई है, इससे राज्य के किसानों को लाभ हुआ है।
बैठक में पीसीसीएफ अरूण पाण्डेय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, वित्त, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वन विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, नाबार्ड, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड सहित शासी परिषद के अन्य सदस्य शामिल हुए।
नवा रायपुर की बढ़ती राष्ट्रीय पहचान और निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है नई परियोजना - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर अब देश के प्रमुख आधुनिक शहरों के साथ-साथ हॉस्पिटैलिटी और बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इसी दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। देश की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने नवा रायपुर में अपने प्रतिष्ठित Ginger Hotel की स्थापना की घोषणा की है। 111 कमरों वाला यह होटल ब्राउनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए IHCL ने ECHT Ventures के साथ साझेदारी की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नवा रायपुर में देश की प्रतिष्ठित हॉस्पिटैलिटी कंपनी IHCL का Ginger Hotel लाना छत्तीसगढ़ के प्रति बढ़ते निवेशकों के विश्वास और नवा रायपुर की राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक, सुविधायुक्त और निवेश के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। देश-विदेश से आने वाले निवेशकों, उद्यमियों, प्रोफेशनल्स और पर्यटकों के लिए बेहतर हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं का विस्तार नवा रायपुर की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अब केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और आधुनिक सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में Ginger Hotel का आगमन शहर के तेजी से विकसित होते बिजनेस और हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय संस्थानों, निवेश परियोजनाओं और कॉर्पोरेट गतिविधियों के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण आवास और आतिथ्य सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नवा रायपुर में निवेश करने वाले उद्यमियों और यहां आने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों को एक आधुनिक और सुविधाजनक इकोसिस्टम उपलब्ध हो। Ginger जैसी प्रतिष्ठित ब्रांड की परियोजना नवा रायपुर की बदलती तस्वीर और बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित करती है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा Ginger Nava Raipur
प्रस्तावित Ginger Nava Raipur में 111 कमरे होंगे। होटल में विशाल एवं आधुनिक कमरे, Ginger का सिग्नेचर ऑल-डे डाइनिंग रेस्टोरेंट Qmin, मीटिंग रूम और फिटनेस सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसे व्यावसायिक यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन एवं अवकाश के लिए नवा रायपुर आने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले तीन नए जज, चीफ जस्टिस ने दिलाई पद की शपथ
बिलासपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट में आज शपथ ग्रहण समारोह हुआ, जिसमें जस्टिस संतोष शर्मा, जस्टिस सुषमा सावंत और जस्टिस सुधीर कुमार ने पदभार संभाला, जिन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का जज बनाया गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा ने हाईकोर्ट परिसर में आयोजित समारोह में तीनों जजों को पद की शपथ दिलाई।

इस समारोह में हाईकोर्ट के जज, रजिस्ट्रार जनरल और रजिस्ट्री के अधिकारी, छत्तीसगढ़ स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी और छत्तीसगढ़ स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के अधिकारी, बार के सीनियर सदस्य, वकील और ज्यूडिशियल सदस्य शामिल हुए।
इन मौके पर एडवोकेट जनरल और दूसरे वक्ताओं ने नए नियुक्त जजों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने उनकी शानदार ज्यूडिशियल सर्विस, कीमती योगदान और अपनी ज्यूडिशियल जिम्मेदारियों को निभाने में उनके शानदार काम की तारीफ की और भरोसा जताया कि वे अपनी नई भूमिकाओं में न्याय, ईमानदारी और ज्यूडिशियल एक्सीलेंस के सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड्स को बनाए रखेंगे।
इस मौके पर बोलते हुए नवनियुक्त जजों ने हाईकोर्ट के जज के तौर पर सेवा करने से जुड़ी जिम्मेदारी को लेकर कहा कि वे अपनी संवैधानिक और ज्यूडिशियल जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता, आजादी और न्याय के लिए पूरी लगन के साथ निभाएंगे। नए नियुक्त जजों ने भारत के संविधान, कानून के राज और नेचुरल जस्टिस के सिद्धांतों को बनाए रखने के अपने कमिटमेंट को दोहराया। पिछले कुछ दिनों में, कुछ जजों के रिटायर होने की वजह से हाईकोर्ट के जजों की संख्या कम हो गई थी। इन तीन नए नियुक्त जजों के पद संभालने के साथ,हाई कोर्ट के जजों की कुल संख्या अब बढ़कर 13 हो गई है।
ITMS को लेकर CS विकासशील की अहम बैठक संपन्न
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राजधानी रायपुर में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के सुचारू और सतत संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में आईटीएमएस के संचालन, रखरखाव, वित्तीय दायित्वों और तकनीकी उन्नयन सहित इसके भविष्य में विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में आईटीएमएस से जुड़े लंबित वित्तीय दायित्वों की समीक्षा के साथ सिस्टम के नियमित संचालन एवं रखरखाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने आईटीएमएस के प्रभावी संचालन के लिए वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने और दीर्घकालिक योजना तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कैमरों और तकनीकी संसाधनों के उन्नयन पर जोर
बैठक में आईटीएमएस के अंतर्गत लगाए गए उपकरणों, कैमरों, सर्वर और सॉफ्टवेयर को समयानुकूल अपग्रेड करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप सिस्टम को आधुनिक बनाने की आवश्यकता बताई, ताकि यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
नई सड़कों और जंक्शनों तक होगा विस्तार
आईटीएमएस को रायपुर की नई सड़कों, प्रमुख कॉरिडोर और जंक्शनों तक विस्तारित करने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इसके लिए आवश्यक तकनीकी एवं वित्तीय संसाधनों का आकलन कर चरणबद्ध तरीके से विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने पर विचार किया गया।
बैठक में आईटीएमएस के संचालन, रखरखाव, तकनीकी उन्नयन और भविष्य के विस्तार के लिए दीर्घकालिक वित्तीय रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।
बैठक में डीजीपी अरुण देव गौतम, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, एडीजीपी दीपांशु काबरा, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार, रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सपरिवार देखी फिल्म ‘हनुमान अंश’
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जोरा मॉल के सिनेमाघर में सपरिवार फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी सपरिवार उपस्थित रहे। मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षों ने भी फिल्म देखी।

फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से समाज को परिचित कराने वाली ऐसी प्रेरणादायी फिल्में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए। फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने से प्रदेश के अधिकाधिक दर्शकों, विशेषकर युवाओं को भारत की समृद्ध संत परंपरा और उसके जीवन मूल्यों को जानने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा, प्रेम और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है। संतों ने अपने जीवन और आचरण के माध्यम से समाज को मानवता और लोककल्याण का संदेश दिया है। नीम करौली बाबा का जीवन भी इसी महान परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीम करौली बाबा ने अत्यंत सरल शब्दों और सहज जीवन के माध्यम से प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया। उनके विचारों में मानवता और सभी के प्रति समान भाव सर्वोपरि रहा। उनका यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को सकारात्मक दिशा देने की सामर्थ्य रखता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म के निर्माताओं, निर्देशक, कलाकारों एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज तक विचार, संस्कार और प्रेरणा पहुंचाने का भी प्रभावी माध्यम है। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मानवीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति उसकी हजारों वर्षों पुरानी परंपराओं और जीवन मूल्यों में निहित है। सेवा, करुणा, सद्भाव और मानव कल्याण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में इन मूल्यों को सरल और प्रभावी रूप में समाज तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास हैं।
उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ नीम करौली बाबा के जीवन, आध्यात्मिक यात्रा और उनके सेवा एवं भक्ति के संदेश पर आधारित है।
इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य, विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
राष्ट्रीय तैराकी में छत्तीसगढ़ का जलवा, पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। जूनियर एवं सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप में देश भर में प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले होनहार तैराकों ने आज रायपुर सांसद एवं छत्तीसगढ़ स्विमिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल से सौजन्य मुलाकात की।
राष्ट्रीय स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदक जीतने वाली शिवांगिनी पांडे और गौरव राज सहित पूरे प्रतिभागी दल का सांसद श्री अग्रवाल ने गर्मजोशी से स्वागत किया और मुंह मीठा कराकर उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।
खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हमारे बेटे-बेटियों ने राष्ट्रीय मंच पर पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभा किसी से कम नहीं है। सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन रंग लाई है।
उन्होंने पदक विजेताओं को बधाई देने के साथ ही अन्य प्रतिभागी खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि खेल में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण अनुभव और जज्बा होता है; अगली बार यह दल और अधिक पदक जीतकर लौटेगा।
प्रदेश में तैराकी के बुनियादी ढांचे को मिलेगा विस्तार
मुलाकात के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ में वाटर स्पोर्ट्स और तैराकी को बढ़ावा देने पर गंभीर चर्चा की। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और आधुनिक प्रशिक्षण दिलाने के लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्वसुविधायुक्त स्विमिंग पूल के निर्माण, नियमित कोचिंग कैंप और खिलाड़ियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी, जिससे हमारे तैराक ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगा लहरा सकें।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्विमिंग एसोसिएशन के सचिव साही राम जाखड़, संयुक्त सचिव सुमन मुथा, कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल, कोच एवं प्रदेशभर से आए संघ के वरिष्ठ पदाधिकारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को मिशन मोड में करें पूरा - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। प्रदेश में जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हो और प्रत्येक परिवार को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिले, इस लक्ष्य के साथ राज्य सरकार जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संचय जन भागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में काम किया जाए।
जनभागीदारी से मजबूत होगा जल संरक्षण अभियान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल संरक्षण को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के अनेक जिलों ने जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अब सभी जिलों को अपने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर बेहतर परिणाम के लिए प्रयास करना होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अभियान की जिलेवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कोरिया, धमतरी राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में जल संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के अनुभव और कार्यप्रणाली का लाभ अन्य जिलों को भी मिलना चाहिए, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को समान गति मिल सके।
जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश कुमार टोप्पो ने बैठक में बताया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के साथ उससे बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के प्रयास तभी दीर्घकालिक परिणाम देंगे, जब शासन के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। जनभागीदारी की इसी शक्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थायी रूप से स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। अभियान की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए तथा जहां भी कमियां सामने आएं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों।
हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाना हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। प्रदेश के प्रत्येक घर तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए। सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में इसकी नियमित समीक्षा करें और जहां भी प्रशासनिक, तकनीकी अथवा क्रियान्वयन संबंधी बाधाएं आ रही हैं, उनका तत्काल समाधान करते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराएं।
उन्होंने कहा कि केवल अधोसंरचना निर्माण ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे और लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जाए।
पूर्ण कार्यों के भुगतान में न हो अनावश्यक विलंब
मुख्यमंत्री श्री साय ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन कार्यों को निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण किया जा चुका है, उनका भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर मिशन की नियमित समीक्षा करते हुए प्रेजेंटेशन में सामने आई कमियों और समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। योजना से जुड़े सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय से शेष कार्यों को गति दी जाए।
हर जिले की प्राथमिकता बने जल सुरक्षा
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों में जल संरक्षण और हर घर तक नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। स्थानीय परिस्थितियों और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचय जन भागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हैं। इन प्रयासों के प्रभावी क्रियान्वयन से जहां वर्तमान में लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी, वहीं भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव भी तैयार होगी।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर है। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए प्रत्येक जिले को अपनी पूरी क्षमता से कार्य करना होगा। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां जल का बेहतर संरक्षण हो, जल स्रोत सुरक्षित और समृद्ध हों तथा प्रत्येक परिवार को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल सहज रूप से उपलब्ध हो।
बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव आर. एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जनकल्याण और जनभागीदारी का व्यापक अभियान बने ‘सेवा संकल्प अभियान’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ जनकल्याण और जनभागीदारी का व्यापक अभियान बने। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अभियान के प्रत्येक कार्यक्रम के केंद्र में आम नागरिक और उसकी जरूरतें होनी चाहिए। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाने और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों से अभियान की तैयारियों की नियमित समीक्षा करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्यक्रमों को सुनियोजित ढंग से संपन्न कराने को कहा। उन्होंने कार्यक्रमों की पूर्व सूचना आम नागरिकों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सेवा सेतु शिविरों में पात्र हितग्राहियों को मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘सेवा सेतु’ अभियान को जनकल्याण की दृष्टि से प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। अभियान के अंतर्गत चयनित गांवों में स्वास्थ्य शिविर के साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर योजनाओं से जोड़ा जाएगा और उनकी समस्याओं का यथासंभव मौके पर निराकरण किया जाएगा।
शिविर स्थलों पर आवेदन प्राप्त करने के लिए काउंटर स्थापित किए जाएंगे। प्राप्त आवेदनों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव नहीं होगा, उनकी साप्ताहिक समीक्षा कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिविर आयोजित होने से पहले ही संबंधित क्षेत्र के संभावित पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाए, ताकि शिविर के दौरान उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि शिविरों की जानकारी पहले से गांवों और नागरिकों तक पहुंचाई जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इनमें शामिल हो सकें।
रोजगार मेलों से युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले रोजगार मेलों को भी सेवा संकल्प अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि युवाओं से आवेदन प्राप्त कर रोजगार के अवसरों से जोड़ने की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से पूरी की जाए और चयनित युवाओं को शिविरों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएं।
आंगनबाड़ियों में पोषण और सामुदायिक सहभागिता पर विशेष जोर
‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, ‘मेरी पौष्टिक थाली’, चित्रकला प्रतियोगिता, न्योता भोज तथा फल एवं मिठाई वितरण जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पोषण चौपालों में अधिक से अधिक माता-पिता की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महतारी वंदन योजना का लाभ लेकर अपने जीवन में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए खिलौने उपलब्ध कराने में सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में भी नागरिकों को आंगनबाड़ियों में बच्चों के उपयोग के लिए खिलौने भेंट करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान के दौरान प्रदेश के शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों, शाला प्रबंधन समितियों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शाला प्रबंधन समितियों को इन कार्यक्रमों से सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए। 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को नुक्कड़ नाटकों जैसी रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा। विशेष उपलब्धि प्राप्त दिव्यांग बच्चों को अपने हुनर और प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
रक्तदान, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ेगी जनभागीदारी
‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के अंतर्गत रक्तदान, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, स्वच्छता तथा जनसरोकार से जुड़ी 25 से अधिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। नदी घाटों की स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रमों के बाद भी स्वच्छता व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए स्थानीय स्तर पर समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। ‘स्वच्छता ही सेवा’ के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाली स्वच्छता गतिविधियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत होगा वृक्षारोपण
मुख्यमंत्री श्री साय ने अभियान के दौरान किए जाने वाले वृक्षारोपण को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरचनाओं, सार्वजनिक स्थलों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर व्यापक वृक्षारोपण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 अक्टूबर को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का समापन कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। इस वर्ष प्रदेश में 2.5 करोड़ पौधे लगाने के निर्धारित लक्ष्य को भी पूरा किया जाएगा।
विकास के प्रतीक स्थलों को भी जनभागीदारी से जोड़ें
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान की वास्तविक सार्थकता तभी होगी, जब इसकी गतिविधियों का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे। स्वास्थ्य शिविर में जरूरतमंद को उपचार मिले, पात्र परिवार योजनाओं से जुड़े, युवाओं को रोजगार मिले, बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में समाज की सक्रिय भागीदारी बढ़े।
उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान को पूरी संवेदनशीलता और सुनियोजित कार्ययोजना के साथ संचालित करें तथा यह सुनिश्चित करें कि जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों का अधिकतम लाभ प्रदेशवासियों तक पहुंचे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
लोक निर्माण विभाग की बड़ी कार्रवाई, काम नहीं करने वाले 6 ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड, दो के पंजीयन निरस्त
रायपुर। लोक निर्माण विभाग ने सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में अत्यंत धीमी प्रगति और कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले 6 ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा अनुबंध के अनुसार कार्य नहीं होने पर बार-बार नोटिस जारी करने, अनुबंध अवधि बढ़ाने, ठेकेदारों द्वारा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं करने तथा कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर उनके पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। दो ठेकेदारों के पंजीयन भी निरस्त किए गए हैं।
राज्य शासन ने बस्तर की महत्वाकांक्षी सड़कों के निर्माण की धीमी गति और विलंब को देखते हुए व्यापक समीक्षा के बाद वहां निर्माणाधीन कार्यों को पूरा करने में रूचि नहीं दिखाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की है। ये ठेकेदार बार-बार नोटिस जारी करने तथा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं कर रहे थे। इनके द्वारा निर्माणाधीन सड़कों और पुलों को पूर्ण करने में रूचि नहीं ली जा रही थे। राज्य शासन ने इन कार्रवाईयों को लेकर बिलासपुर उच्च न्यायालय में कैविएट भी दायर की है।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सड़कों और पुलों के निर्माण में कोताही, लापरवाही और अनुबंधों के उल्लंघन पर ठेकेदार के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा., मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन अ-नवीनीकरण (Non-Renewal) के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा के कार्यों में हीला-हवाला को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को भी निरस्त कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स राघवा कंस्ट्रक्शन के पंजीयन को आगामी 5 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। नारायणपुर जिले में नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा का निर्माण कर रहे मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन के पंजीयन के नवीनीकरण पर भी आगामी 5 वर्षों तक रोक लगाई गई है। विभाग द्वारा चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग का काम कर रहे मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग और चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार के. मोहन रेड्डी के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पंजीयन को आगामी 2 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। वहीं नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर पुल-पुलिया का निर्माण कर रहे मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन को भी आगामी 5 वर्षों तक नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।
‘हनुमान अंश’ पर CM साय का बड़ा ऐलान, फिल्म को टैक्स फ्री करने पर सरकार करेगी विचार
रायपुर। हनुमान अंश फिल्म को छत्तीसगढ़ सरकार ट्रैक्स फ्री करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि संगठन के लोगों के साथ फिल्म हनुमान अंश देखने जाएंगे। उसके बाद इस फिल्म को टैक्स फ्री करने का फैसला लेंगे।
पुलिस हिरासत में मौत पर सीएम बोले – दोषियों पर होगी कार्रवाई
चांपा में युवक की पुलिस हिरासत में मौत पर CM साय ने कहा, मामला उनके संज्ञान में है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
कलेक्टरों के साथ बैठक में ‘सेवा संकल्प अभियान’ पर चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टरों के साथ बैठक को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत 12 बिंदुओं पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का बेहतर और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टरों एवं अधिकारियों के साथ बैठक की गई। अधिकारियों को अभियान से जुड़े कार्यक्रमों को ठीक ढंग से संचालित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
शशिकांत के इलाज के लिए आगे आए CM साय, एम्स में भर्ती कराया, 4 लाख की आर्थिक सहायता मंजूर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से धमतरी जिले के ग्राम देवपुर निवासी 29 वर्षीय शशिकांत भरत को बेहतर इलाज की नई उम्मीद मिली है। सोशल मीडिया के माध्यम से शशिकांत की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और उनसे दूरभाष पर बात कर कुशलक्षेम जाना।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शशिकांत को 9 सितंबर की शाम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर में भर्ती कराया, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उनके उपचार के लिए 4 लाख रुपये की सहायता राशि भी स्वीकृत की है।
2016 में हुए हादसे के बाद से प्रभावित है स्वास्थ्य
वर्ष 2016 में एक सड़क दुर्घटना के दौरान शशिकांत को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण वे करीब 50 दिनों तक कोमा में रहे। दुर्घटना में सर्वाइकल की समस्या उत्पन्न होने से उनके हाथ-पांव की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई थी। लंबे समय तक विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो पाया था।
शशिकांत ने जताया आभार
मुख्यमंत्री से बातचीत और तुरंत मिली चिकित्सकीय सहायता के बाद शशिकांत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं फोन कर हाल-चाल पूछना और एम्स में इलाज के साथ 4 लाख रुपये की सहायता देना उनके और उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल है।
छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, संभावित खतरों की पहले पहचान कर करें प्रभावी कार्रवाई : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। विद्यार्थियों और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित खतरों की पहले से पहचान कर उन्हें दूर करना भी हमारी जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल तथा बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आएं, वहां समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराया जाए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में स्वयं इसकी नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर दिखाई दे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थित पुराने एवं जर्जर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवन, जिनकी स्थिति जोखिमपूर्ण है अथवा जिनसे किसी प्रकार की जनहानि की आशंका हो सकती है, उनकी पहचान कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान हो और दुर्घटना की आशंका को पहले ही समाप्त कर दिया जाए। विशेष रूप से बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिलों में सुरक्षा से संबंधित निरीक्षण की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। केवल शिकायत अथवा दुर्घटना सामने आने के बाद कार्रवाई करने की प्रवृत्ति के स्थान पर सतत निगरानी और समय रहते सुधार की कार्यसंस्कृति विकसित करनी होगी।
अवैध और मिलावटी शराब के विरुद्ध प्रदेशभर में सख्त अभियान चलाने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों अथवा स्थानों पर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री या मिलावट की आशंका हो, वहां संयुक्त टीमों के माध्यम से छापेमारी की जाए।
सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाएं निगरानी, दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आवक पर लगे प्रभावी रोक
उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग को सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान करते हुए संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण अथवा मिलावट में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू किया जाए तथा जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
CM साय की मौजूदगी में कोयलीबेड़ा के 150 से ज्यादा ग्रामीणों का BJP में प्रवेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कोयलीबेड़ा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी को बड़ी राजनीतिक मजबूती मिली है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में कोयलीबेड़ा मंडल क्षेत्र के 150 से अधिक ग्रामीणों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
बताया जा रहा है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने भाजपा में प्रवेश किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया। भाजपा में शामिल होने वालों में कोयलीबेड़ा मंडल क्षेत्र के विभिन्न गांवों के ग्रामीण शामिल रहे।

नक्सल प्रभावित इलाके में इतनी बड़ी संख्या में ग्रामीणों के भाजपा में शामिल होने को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।पार्टी नेताओं ने कहा कि ग्रामीणों के जुड़ने से क्षेत्र में संगठन को और मजबूती मिलेगी। वहीं भाजपा प्रवेश कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।