“बैटरी स्वैपिंग से ई-रिक्शा चालकों को मिल रही है राहत” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल ल रही है बदलाव…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हरित ऊर्जा और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक नई पहल हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) ने ई-रिक्शा चालकों की सुविधा के लिए बैटरी स्वैपिंग स्टेशन की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी और क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश सिंह राणा की दूरदर्शिता से प्रारंभ की गई यह पहल प्रदेश के परिवहन क्षेत्र में बदलाव ला रही है।
बैटरी स्वैपिंग स्टेशन की खासियत
रायपुर स्थित ऊर्जा पार्क के पास स्थापित इस पहले बैटरी स्वैपिंग स्टेशन में ई-रिक्शा चालक केवल दो मिनट में डिस्चार्ज बैटरी बदलकर पूरी तरह चार्ज लिथियम आयन बैटरी ले सकते हैं। यह प्रणाली ऑन-ग्रिड सोलर प्लांट से जुड़ी है, जिससे यह पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा-कुशल दोनों है। क्रेडा का मानना है कि इस तकनीकी नवाचार से चालकों को चार्जिंग की परेशानी से छुटकारा मिलेगा, उनका समय बचेगा और आय में भी वृद्धि होगी।
पायलट परीक्षण और लाभ
परियोजना के तहत पायलट परीक्षण में दो ई-रिक्शा चालकों को मुफ्त सुविधा दी गई है। इनमें से एक चालक तेजकुमार ने बताया कि बैटरी स्वैपिंग के बाद अब वे रोजाना 70 से 80 किलोमीटर तक सफर कर पाते हैं और उनकी आय 700 से 800 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। पारंपरिक बैटरी की चार्जिंग, देखरेख और खराबी की समस्याओं से भी उन्हें पूरी तरह राहत मिल गई है।
इसी तरह दूसरे हितग्राही प्रणव मराठे ने भी कहा कि लिथियम आयन बैटरी की सुविधा से उन्हें प्रतिदिन पारंपरिक बैटरी की तुलना में 60 से 100 रुपये तक अतिरिक्त आय हो रही है।
एनजीओ की रुचि और भविष्य की योजना
इन सकारात्मक अनुभवों से प्रेरित होकर Social Organisation for Transformation नामक एक एनजीओ ने अपने ई-रिक्शा के लिए इस सुविधा को अपनाने की इच्छा जाहिर की है। क्रेडा और एनजीओ के बीच इस संबंध में प्रारंभिक कार्यवाही जारी है।
क्रेडा की योजना है कि निकट भविष्य में इस सेवा को किफायती दरों पर अधिकाधिक चालकों तक पहुँचाया जाए। इससे प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और हरित परिवहन को नई गति मिलेगी।
क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि बैटरी स्वैपिंग स्टेशन परियोजना ई-रिक्शा चालकों के जीवन में बदलाव लाएगी और राज्य की एक पर्यावरण अनुकूल परियोजना के रूप में विकसित होगी।
वहीं क्रेडा सीईओ राजेश सिंह राणा ने उम्मीद जताई कि यह पहल हरित ऊर्जा और नवाचार आधारित भविष्य की ओर छत्तीसगढ़ को ले जाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
बैटरी स्वैपिंग परियोजना न केवल ई-रिक्शा चालकों के जीवन को आसान बना रही है, बल्कि राज्य में हरित परिवहन और सतत विकास को भी प्रोत्साहन दे रही है। आने वाले समय में इसके विस्तार से प्रदेश के हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ होगा और छत्तीसगढ़ हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा।
























