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बेटी के अधिकार पर अहम फैसला, हाईकोर्ट ने बरकरार रखा भरण-पोषण का आदेश
बिलासपुर। बेटियों के अधिकार को लेकर हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला दिया है. कोर्ट ने कहा है, कि बालिग होने के बाद भी बेटी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से पिता पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकते, खासकर जब पहले से ही फैमिली कोर्ट का आदेश लागू हो. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने इस टिप्पणी के साथ पिता द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार रखा है. जिसमें बेटी को हर महीने 5,000 रुपये भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था.
मामला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का है. याचिकाकर्ता गोरखनाथ यादव ने फैमिली कोर्ट मनेंद्रगढ़ के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी बेटी कु. प्रिया को भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था. फैमिली कोर्ट ने पहले 2016 में 2,000 रुपये प्रतिमाह की राशि तय की थी, जिसे बाद में 2023 में बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया.
याचिकाकर्ता पिता ने कोर्ट में दलील दी कि बेटी अब बालिग हो चुकी है और इसलिए भरण-पोषण का अधिकार समाप्त हो जाता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बच्ची की मां के पास पर्याप्त कृषि भूमि और आय है, जिससे उसका पालन-पोषण संभव है. पिता की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि बेटी उनकी वैध पत्नी की संतान नहीं है और पारिवारिक परिस्थितियों में भी मतभेद हैं.
मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया, कि 2016 से लगातार भरण-पोषण आदेश लागू है. पिता ने पहले कभी इस आदेश को चुनौती नहीं दी. अब अचानक रिश्ते या जिम्मेदारी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता. संतान के पालन-पोषण की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी पिता की ही है.
PM मोदी ने बनाया नया भारत, दुनिया में बढ़ाया देश का मान-सम्मान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर प्रदेश की तीन करोड़ की जनता की ओर से आभार जताया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के ध्येय वाक्य के साथ उनके नेतृत्व में समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण हो रहा है. एक ऐसा नया भारत, जो किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन छेड़ने वालों को छोड़ता भी नहीं हैं.
मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में काम करने का अवसर मिला. 2014 में देश के केवल 7 राज्यों में बीजेपी, एनडीए थी. अब देश के 22 राज्यों में बीजेपी और एनडीए की सरकार है. जो जनता के विश्वास का परिणाम है. पहले लोगों के पास बैंक के खाते नहीं थे. आज 58 करोड़ से ज्यादा खाते हैं. 32 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के नाम पर बैंक खाता है. कोरोना के समय से भारत सरकार मुफ़्त में अनाज देने का काम कर रही है. 81 करोड़ लोगों को मुफ्त में राशन दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 60 करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बना है. पीएम सुरक्षा बीमा योजना के तहत 58 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा मिल रहा है. पीएम आवास योजना के तहत कई लोगों को इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ. छत्तीसगढ़ के लोगों को भी 10 लाख 60 हजार पीएम आवास योजना का लाभ मिला. पीएम उज्ज्वला योजना के तहत गैस का कनेक्शन दिया गया. जल जीवन मिशन के तहत 16 करोड़ से ज्यादा घरों में नल से पानी पहुंचा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त 2014 से पीएम ने जब घोषणा की तो विरोधी लोग उपहास उड़ा रहे थे कि क्या पीएम जैसे लोग शौचालय बनवाते हैं. आज उनके मुंह बंद हो गए. 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय का निर्माण हुआ. पीएम स्वनिधि योजना के जरिए लोगों को लोन मिला है. 12 सालों में जनजातीय लोगों का सम्मान हुआ है. राष्ट्रपति के पद पर जनजातीय समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मू विराजमान हैं.
उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों को फायदा मिल रहा. उनके राशन कार्ड बन रहे, पीएम आवास योजना का लाभ उन्हें मिलता है. जनजातीय समाज के विकास के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना का लाभ मिल रहा है. जनजातीय लोगों के विकास के लिए आदिम जाति कल्याण का अलग से विभाग है. पहले खेती करने के लिए पूंजी की व्यवस्था नहीं थी. आज किसान क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था है. 3 करोड़ से ज्यादा माता बहने लखपति बनी हैं.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री सोलर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहे हैं. प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लोगों को फायदा मिल रहा है. लोगों के घरों में सोलर लगाया जा रहा है. 12 वर्षों में गरीबों के कल्याण के काम हुए हैं. देश के विकास के लिए वे 24 में से 18 घंटे काम करते हैं. पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत विकास के काम हो रहा है. 12 वर्षों में चार लाख किलोमीटर सड़कें बनी है. किसानों के विकास के लिए भी सरकार संकल्पबद्ध है. पीएम सिंचाई योजना के तहत किसानों को लाभ मिल रहा है.
उन्होंने कहा कि सिंचाई का रकबा बढ़ा है. 1.46 लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग में बढ़ोतरी हुई. दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास पहुंचा है. विश्व के सबसे ऊंचा ब्रिज अटल टनल पवन ब्रिज बनाने का काम हुआ. रेलवे स्टेशन के विकास के काम हो रहे हैं. रेलवे का बजट पीएम के नेतृत्व में 21 गुना बढ़ा. 1 हजार 95 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क बढ़ा है. 12 साल में 90 हवाई अड्डे बने अब 164 हवाई अड्डे है. पीएम चाहते हैं कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई सफर करें जिसके तहत लोगों को भी लाभ मिला है. जगदलपुर अंबिकापुर में भी हवाई यात्रा शुरू हुई है. 12 साल में 23 नए AIIMS और मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिली है.
मोदी ने दुनिया में भारत के झंडे को किया ऊंचा – गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने विरासत के साथ विकास या विकास के साथ विरासत, दोनों को ही लेने का काम किया 32 देशों ने अपने देश के सर्वोच्च सम्मान से पीएम मोदी को सम्मानित किया. भारत की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया. वन नेशन, वन टैक्स के जरिए देश के लोगों को लाभ मिला. 16 लाख करोड़ से 53 लाख करोड़ तक बजट लाने का काम किया.
उन्होंने कहा कि मोदी ने दुनिया के सामने भारत की इकॉनोमी को चौथे नंबर पर लाने का काम किया. विदेशी मुद्रा कोष 724 बिलियन तक गए. एफडीआई 304 बिलियन डॉलर से 863 बिलियन डॉलर पर लाने का काम किया. एक्सपोर्ट आज 82 लाख करोड़ का है. लेकिन कुछ लोगों को दिखाई नहीं देता. या तो चश्मा बदल लें. ये एक ऐसे पक्षी है, जिसको दिन में दिखाई ही नहीं देता, उसके लिए मैं दोषी नहीं. देश के लोग पीएम मोदी को प्यार करते हैं. कांग्रेस के लोग ‘इंदिरा जी को लाएंगे, गरीबी मिटाएंगे कहते थे’ गरीबी नहीं मिटी, गरीब जरूर मिट गए.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि युवराज कलावती के घर में गरीबी सीखने गए थे. मीडिया को भी लेकर गए थे. वे भी रात भर जागे. पीएम मोदी गरीब के घर में ही पैदा हुए. जो लोग गाली दे रहे हैं, वे हार का शतक मनाएं. कसाई के श्राप से गाय नहीं मरती. पीएम मोदी ने दुनिया में भारत के झंडे को ऊंचा किया है. पूरे दुनिया में भारत की ताकत बढ़ी है.
महक की उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजनांदगांव जिले की प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर महक नरवासे ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तथा सांसद बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम के आगामी श्रीलंका दौरे के लिए टी-20 एवं वनडे दोनों टीमों का उपकप्तान नियुक्त किए जाने पर महक नरवासे को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर महक का सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महक नरवासे की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार या राजनांदगांव जिले की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रही हैं। महक ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महक आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम गौरवान्वित करेंगी। उन्होंने महक को प्रोत्साहित करते हुए कहा, "खूब खेलो, आगे बढ़ो और नई ऊंचाइयों को छुओ। आपकी सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगी।"
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महक नरवासे का भारतीय अंडर-19 महिला टीम की उपकप्तान के रूप में चयन प्रदेश में विकसित हो रहे खेल वातावरण और खिलाड़ियों को मिल रहे अवसरों का उत्कृष्ट उदाहरण है।
महक नरवासे ने सम्मान एवं शुभकामनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके पिता राधेश्याम नरवासे, महापौर मधुसूदन यादव, कोच मनोज तिवारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
"‘नो वर्क, नो पे’ हर मामले में नहीं लागू: पदोन्नति में देरी पर हाईकोर्ट ने दिलाया वेतन लाभ"
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि नो वर्क, नो पे का सिद्धांत हर मामले में स्वतः लागू नहीं होता. यदि किसी कर्मचारी को विभागीय लापरवाही या प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण पदोन्नति का लाभ समय पर नहीं मिल पाता, तो उसे पूरी तरह वेतन लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता.
कोर्ट ने यह फैसला सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त जी आर साहू द्वारा दायर याचिका पर सुनाया. याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि, वरिष्ठ होने के बावजूद उन्हें समय पर डिप्टी कमिश्नर पद पर पदोन्नति नहीं दी गई, जबकि उनके जूनियर अधिकारियों को वर्ष 2011 में ही पदोन्नत कर दिया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि विभागीय समीक्षा पदोन्नति समिति (रिव्यू डीपीसी) ने याचिकाकर्ता को प्रमोशन के लिए उपयुक्त पाया था और उन्हें उनके जूनियर अधिकारियों से ऊपर रखने की अनुशंसा भी की थी. इसके बावजूद विभाग ने लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की. याचिकाकर्ता ने कई बार प्रतिवेदन दिए और न्यायालय की शरण भी ली, लेकिन समय पर पदोन्नति नहीं मिल सकी.
हाईकोर्ट ने पाई विभाग की गलती
मामले में मुख्य विवाद यह था कि 13 जुलाई 2011 से 31 दिसंबर 2016 (सेवानिवृत्ति तिथि) तक की अवधि के लिए याचिकाकर्ता को पदोन्नत पद का वेतन लाभ दिया जाए या नहीं. राज्य सरकार ने “नो वर्क, नो पे” का सिद्धांत लागू करने का तर्क दिया, जबकि याचिकाकर्ता का कहना था कि उन्हें विभाग की गलती के कारण पदोन्नत पद पर कार्य करने का अवसर ही नहीं मिला. न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता पदोन्नत पद पर कार्य नहीं कर पाए, लेकिन इसके वे स्वयं जिम्मेदार नहीं थे. विभागीय निष्क्रियता के कारण उन्हें पदोन्नति से वंचित रखा गया. ऐसे मामलों में नो वर्क, नो पे का सिद्धांत यांत्रिक रूप से लागू नहीं किया जा सकता.
हालांकि न्यायालय ने यह भी माना कि, याचिकाकर्ता ने वास्तव में डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्य नहीं किया था. इसलिए न्यायसंगत संतुलन बनाते हुए अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 13 जुलाई 2011 से 31 दिसंबर 2016 तक डिप्टी कमिश्नर और सहायक आयुक्त के वेतन के अंतर की राशि का 50 प्रतिशत एरियर्स चार माह के भीतर दे. निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय एवं निरंतर संवाद की भावना ने विकास कार्यों को नई गति प्रदान की है। इसी सहयोगात्मक दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच मजबूत साझेदारी से अधोसंरचना विकास, उद्योग, रोजगार, कौशल विकास तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी सहयोग और समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में सहायता प्राप्त होगी। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे।
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने रायपुर में किया वृक्षारोपण, स्वच्छता मित्रों का किया सम्मान
रायपुर। आज राजधानी प्रवास के दौरान केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह अंबेडकर चौक पहुँचे एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता मित्रों का शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया तथा उन्हें मेडिकल किट प्रदान की। स्वच्छता कर्मियों से संवाद करते हुए उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान में उनके समर्पण, परिश्रम और महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
श्री सिंह ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन ने देशभर में स्वच्छता के प्रति नई जागरूकता पैदा की है।

इसके बाद केंद्रीय मंत्री श्री सिंह कलेक्ट्रेट परिसर के समीप स्थित ऑक्सीजोन पहुंचे और सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं विधायक पुरंदर मिश्रा के साथ "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत वृक्षारोपण किया। वृक्षारोपण के पश्चात उन्होंने ऑक्सीजोन परिसर में उपस्थित महिलाओं से पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी के महत्व पर चर्चा की। प्रधानमंत्री के रूप में श्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महापौर मीनल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक जल्द, 2-3 दिनों में प्रवेश के संकेत
रायपुर। बिहार में दस्तक के बाद अब मानसून के छत्तीसगढ़ पहुंचने का इंतजार है. 2-3 दिनों के अंतराल में इसके प्रवेश की संभावना है. परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई है. केरलम में एंट्री के बाद से मानसून 8 दिन में 17 राज्यों तक पहुंच चुका है. मानसून की एंट्री से पहले ही प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज का असर देखने को मिल रहा है.
शुक्रवार को राजधानी रायपुर का तापमान 37.8 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहा. यह प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान रहा, जबकि 42 डिग्री के साथ राजनांदगांव सर्वाधिक गर्म रहा. रायपुर में दिनभर हल्के बादल छाए रहे, लेकिन देर रात तक बूंदाबांदी या बारिश की स्थिति नहीं बनी.
मौसम विभाग के अनुसार, दो-तीन दिनों में मानसून छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेगा. इधर दो दिनों में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में तीन से 4 डिग्री तापमान में कमी आई है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली है. बस्तर में लगातार हल्की बारिश ने प्री-मानसून का संकेत दे दिया है. अगले पांच दिनों में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में अच्छी बारिश के साथ बिजली भी गिरने की संभावना है और हवा की गति भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक रहेगी.
जंगल से नक्सलियों का डंप जखीरा बरामद, CRPF-पुलिस की संयुक्त टीम ने आईईडी, UBGL राउंड समेत कई सामग्री की जब्त
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में 31 मार्च को नक्सलमुक्ति की घोषणा के बाद भी सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के बाद अब जंगलों में वर्षों से छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य डंप जखीरे लगातार सामने आ रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों की निशानदेही और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस एवं सुरक्षा बल ऐसे डंप स्थलों का पता लगाकर सामग्री बरामद कर रहे हैं।
इसी कड़ी में शुक्रवार को गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डडईपानी के जंगल में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली। सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्चिंग अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया डंप जखीरा बरामद किया।

बरामद सामग्री में 4 किलोग्राम का प्रेशर कुकर, 5 किलोग्राम का कुकर आईईडी, एक भरमार रायफल, रायफल की मैगजीन, यूबीजीएल (UBGL) राउंड तथा पटाखा सामग्री शामिल है। सुरक्षा बलों ने सभी सामग्री को अपने कब्जे में लिया। इसके अलावा आईईडी को जंगल में सुरक्षित नष्ट किया गया।
सरकारी स्कूलों में गूंजेंगे मंत्र : राष्ट्रगान-सरस्वती वंदना से होगी दिन की शुरुआत, राजगीत, गायत्री मंत्र पाठ के बाद होगी छुट्टी, आदेश जारी
रायपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थियों के लिए प्रार्थना एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की नई व्यवस्था लागू की जाएगी। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करते हुए प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार, स्कूल लगने के समय प्रतिदिन सुबह राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र तथा महापुरुषों के प्रेरक जीवन वचनों का पाठ किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता विकसित करना बताया गया है।
इसके अलावा मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) के दौरान भोजन मंत्र का पाठ भी कराया जाएगा। वहीं स्कूल की छुट्टी के समय राजगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का सामूहिक पाठ कराया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, संस्कार और सामूहिकता की भावना को बढ़ावा मिलेगा।

फिल्में समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त माध्यम हैं - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में संस्कृति विभाग एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं, कलाकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों के सम्मान समारोह में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज की सोच, संस्कृति और संवेदनाओं को दिशा देने वाली सशक्त विधा हैं। एक अच्छी फिल्म समाज में जागरूकता पैदा करती है और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। भारतीय सिनेमा ने समय-समय पर सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मदर इंडिया जैसी फिल्मों ने भारतीय समाज में नैतिक मूल्यों, त्याग और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा का गौरवशाली इतिहास रहा है। पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कही देबे संदेश ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सार्थक संदेश दिया था। आज छालीवुड की फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ व्यावसायिक सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म के विस्तार से फिल्मों की पहुंच समाज के हर वर्ग तक हुई है, ऐसे में जिम्मेदार, सकारात्मक और मूल्याधारित सिनेमा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम को पुनः सक्रिय किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन किया गया है। इस परियोजना से राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, हजारों कलाकारों, तकनीशियनों एवं श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा फिल्म पर्यटन को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम एवं संस्कृति विभाग को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की कला, संस्कृति और सिनेमा को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह सराहनीय पहल है। ऐसे सम्मान समारोह कलाकारों और रचनाकारों का मनोबल बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भी प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में 11 देशों में सम्मानित छत्तीसगढ़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म "छत्तीसगढ़ का भीम - चिंताराम" का विशेष प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन को जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर उन्होंने गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र स्थित गिधनी पाठ में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा धमतरी में सेन समाज भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की घोषणा की।
इस अवसर पर सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत सेन, वरिष्ठ फिल्म निर्माता मोहन सुंदरानी, छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग से जुड़े निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बड़ी कार्रवाई : छत्तीसगढ़ में 20 बच्चों का रेस्क्यू, उरला फैक्ट्री में काम करते मिले 9 नाबालिग, मामला दर्ज
रायपुर। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नेतृत्व में बच्चों के संरक्षण के लिए प्रदेशभर में विशेष कार्रवाई की गई। रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र से 9 नाबालिग बच्चों, बिलासपुर में आरपीएफ के माध्यम से 7 बच्चों एवं रायपुर GRP के माध्यम से 4 बच्चों का रेस्क्यू कर कुल 20 बच्चों को संरक्षण में लिया गया।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में राजधानी रायपुर के उरला स्थित मारुति नंदन स्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज में विशेष औचक छापामार कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लोहे की फैक्ट्री में नाबालिग बच्चों से गंभीर एवं जोखिमपूर्ण प्रकृति का कार्य कराया जा रहा था। मौके से 9 बच्चों को तत्काल संरक्षण में लेकर नियमानुसार प्रकरण दर्ज किया गया तथा उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बिहार के ठेकेदार के माध्यम से लाए गए थे रायपुर
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि रेस्क्यू किए गए बच्चे ओडिशा, उत्तरप्रदेश के बरेली एवं पश्चिम बंगाल के आसनसोल के निवासी हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें एक ठेकेदार के माध्यम से रायपुर लाया गया था, जो बिहार का रहने वाला है। मामले में संबंधित ठेकेदार, बच्चों को यहां लाने वाले अन्य व्यक्तियों तथा संभावित बाल तस्करी के पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्रकरण में प्रथम दृष्टया बच्चों के साथ क्रूरता, शोषण एवं अवैध रूप से जोखिमपूर्ण कार्य कराए जाने के तथ्य सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75, 79 एवं 143 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बाल श्रम एवं संभावित बाल तस्करी से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
दोषियों के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई : वर्णिका शर्मा
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, विशेषकर तब जब उनसे जोखिमपूर्ण उद्योगों में कार्य कराया जाता है। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार प्राप्त है। बाल श्रम एवं बाल तस्करी जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध आयोग पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी संजय निराला, विपिन ठाकुर, श्रम विभाग की टीम एवं संबंधित अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति रही। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को आवश्यक संरक्षण, परामर्श, चिकित्सकीय सहायता एवं पुनर्वास की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है।
विकसित भारत संकल्प सम्मेलन : केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पीएम मोदी के कार्यकाल की गिनाई उपलब्धियां, बोले-
रायपुर। भाजपा रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर के नेतृत्व में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन राजधानी रायपुर के शांतिनगर स्थित विमतारा भवन में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, पश्चिम विधायक राजेश मूणत, उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, भाजपा रायपुर जिला प्रभारी राजेंद्र शर्मा, महापौर मीनल चौबे, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन, प्रदेश मंत्री जयंती पटेल एवं अमित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद वंदे मातरम् एवं छत्तीसगढ़ राजगीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि हमारे छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के लिए अपना महत्वपूर्ण समय दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में लोकसभा सदन में जो संकल्प व्यक्त किया था, उसे आज लगातार पूरा किया जा रहा है।
अखिलेश सोनी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2014 में संसद पहुंचे थे, तब उन्होंने संसद की सीढ़ियों को प्रणाम करते हुए कहा था कि यह सरकार जनता की सरकार होगी और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का कार्य करेगी। आज विकसित भारत की दिशा में गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन जैसी योजनाओं का लाभ मोदी सरकार द्वारा दिया जा रहा है।
12 वर्षों के कार्यकाल में सरकार ने हर वर्ग की चिंता की – बृजमोहन अग्रवाल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने उपस्थित पूर्व सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि पीएम मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में ऐसा कोई वर्ग नहीं है, जिसकी चिंता सरकार ने न की हो। उन्होंने छत्तीसगढ़ के निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हीं के कारण आज छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में है और आज पीएम मोदी की सरकार के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा संस्थानों का विस्तार किया गया है। रायपुर से विशाखापट्टनम तक 6 लेन सड़क का निर्माण हुआ है। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि देश में इतना व्यापक और चौमुखी विकास होगा। पहले की सरकार प्रदेश को सालाना लगभग 3 हजार करोड़ रुपये देती थी, जबकि आज मोदी सरकार ने एक वर्ष में ही 40 हजार करोड़ रुपये की सौगात दी है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहले 10 हजार स्कूल थे, जबकि आज उनकी संख्या 60 हजार तक पहुंच गई है। पूरे देश में सबसे अधिक प्रधानमंत्री आवास छत्तीसगढ़ में स्वीकृत किए गए हैं। गरीब व्यक्ति ने कभी नहीं सोचा था कि उसका स्वयं का बैंक खाता होगा, जिसमें सीधे सरकारी योजनाओं का पैसा पहुंचेगा। पहले मोहल्ले में 5 लाख रुपये का काम होने पर भी लोग बैंड-बाजा लेकर आ जाते थे, जबकि आज मोहल्लों में करोड़ों रुपये के विकास कार्य हो रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का उद्बोधन
मुख्य अतिथि भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि हमारे मित्र बृजमोहन अग्रवाल और हम दोनों पुराने युवा मोर्चा के साथी हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी को नमन करते हुए कहा कि आज 12 जून को हम यहां खड़े हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्रियों में शामिल हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी निरंतर देश की सेवा कर रहे हैं। जब पत्रकार मुझसे पूछते हैं तो मैं कहता हूं कि यूपीए सरकार 10 वर्षों तक विवादों में घिरी रही, जबकि मोदी उम्मीदों से घिरे हुए हैं। मैं बिहार से आता हूं। गांवों में पहले कितने पक्के घर थे, कितनों के पास दोपहिया या चारपहिया वाहन थे, यह सभी जानते हैं। लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश में व्यापक परिवर्तन आया है। जहां सड़कें नहीं थीं, वहां आज चौड़ी और आधुनिक सड़कें हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 करोड़ नए घरों का निर्माण भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रोडवेज, एयरवेज और वाटरवेज सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। रेलवे में जितना विकास इन वर्षों में हुआ है, उतना पिछले 70 वर्षों में नहीं हुआ। देश में एयरपोर्ट की संख्या 74 से बढ़कर 164 हो गई है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत की जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है और विदेशी मुद्रा भंडार 300 बिलियन डॉलर से बढ़कर 683 बिलियन डॉलर हो गया है।
उन्होंने कहा कि पहले गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें लगानी पड़ती थीं, जबकि आज गांव-गांव तक गैस कनेक्शन पहुंच चुका है। कुछ लोग गरीबी को केवल किताबों में पढ़ते हैं, लेकिन गरीबों का वास्तविक जीवन नहीं जानते। पहले केवल गरीबी हटाने के नारे लगाए जाते थे, लेकिन मोदी सरकार ने गरीबों को आयुष्मान योजना, बिजली, आवास और जनऔषधि केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। देश की ऊर्जा क्षमता 274.8 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से लोगों के बिजली बिल कम करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में पहले मेट्रो नेटवर्क 248 किलोमीटर था, जो आज 1200 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। पहले केवल 5 शहरों में मेट्रो थी, जबकि आज 26 शहरों में मेट्रो सेवा संचालित हो रही है। पहले 5 राष्ट्रीय जलमार्ग थे, जो अब बढ़कर 111 हो चुके हैं। भारत आज दवाइयों का निर्यात कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेमीकंडक्टर की 5 कंपनियां भारत में स्थापित हो चुकी हैं। नैपकिन, पेपर बैग और अन्य कई उत्पाद, जो पहले विदेशों से आयात होते थे, आज भारत में ही निर्मित हो रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में भी भारत निर्यातक देश बन चुका है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को मेरी भी उम्र लग जाए और वे इसी तरह देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते रहें। उसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस कार्यक्रम में प्रफुल्ल विश्वकर्मा, अमरजीत छाबड़ा, डॉ. सलीम राज, वर्णिका शर्मा, शशांक शर्मा, नंदे साहू, सुभाष तिवारी, अशोक पांडे, भाजपा जिला महामंत्री अमित मैशेरी, गुंजन प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष सत्यम दुबे, अकबर अली, नवीन शर्मा, पन्ना दुबे, जितेंद्र धुरंधर, अर्चना हुकरे, श्रद्धा मिश्रा, अनीता देवांगन, कीर्तिका जैन, अखिलेश कश्यप, ओमप्रकाश साहू, राजियंत ध्रुव सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, अधिवक्ता, शिक्षक, समाजसेवी, व्यापारी एवं विशिष्टजन उपस्थित रहे।
FCI सलाहकार समिति की बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा प्रस्ताव: छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में खुलें मंडल कार्यालय
रायपुर। रायपुर सांसद एवं भारतीय खाद्य निगम (FCI) छत्तीसगढ़ सलाहकार समिति (Consultative Committee) चेयरमैन बृजमोहन अग्रवाल अध्यक्षता में शुक्रवार को FCI) छत्तीसगढ़ सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में चावल की खरीदी, भंडारण और परिवहन में तालमेल बैठाकर कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
किसानों और आम जनता के हितों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि FCI की पूरी व्यवस्था का केंद्र बिंदु छत्तीसगढ़ का किसान और आम नागरिक है। उन्होंने निर्देशित किया कि राज्य के किसानों को उनके धान का उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिले, इसके लिए प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं त्वरित बनाया जाए। वहीं, आम जनता के लिए PDS (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के माध्यम से खाद्यान्न की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि PDS दुकानों में स्टॉक की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना FCI की जिम्मेदारी है, ताकि किसी भी स्थिति में प्रदेश की जनता को राशन के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। किसानों की खुशहाली और जनता को निर्बाध राशन पहुँचाना ही इस समिति का मुख्य ध्येय है।



सभी संभागों में FCI का मंडल कार्यालय खोला जाए
बैठक के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में भारतीय खाद्य निगम (FCI) के मंडल कार्यालय स्थापित करने का महत्वपूर्ण सुझाव दिया। वर्तमान में राज्य में केवल तीन मंडल कार्यालय कार्यरत हैं—बिलासपुर और दुर्ग, जिनमें से प्रत्येक के अंतर्गत 14-14 जिले आते हैं, तथा रायपुर मंडल के अंतर्गत 5 जिले शामिल हैं। सांसद ने तर्क दिया कि प्रशासनिक सुगमता और कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए संभाग स्तर पर कार्यालयों का विस्तार आवश्यक है, ताकि विशाल भौगोलिक क्षेत्र में फैले इन जिलों में खाद्यान्न प्रबंधन और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
भंडारण क्षमता में विस्तार और निजी क्षेत्र की भागीदारी
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि राज्य में भंडारण क्षमता (Storage Capacity) की कमी के कारण धान उठाव में बाधा आती है, जिससे सरकार और जनता का आर्थिक नुकसान होता है। इसे रोकने के लिए उन्होंने गोडाउन क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में 3 लाख मैट्रिक टन के पैक्स (PACS) गोडाउन और 1.5 लाख मैट्रिक टन क्षमता के नए गोदामों के निर्माण पर चर्चा हुई । सांसद ने कहा कि भंडारण को प्रोत्साहित करने के लिए निजी क्षेत्र को 10 साल की गारंटी के साथ गोदाम निर्माण हेतु आकर्षित किया जाए, इसके अलावा, बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां भी गोदाम क्षमता बढ़ाने पर सहमति बनी।जिसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
प्रोक्योरमेंट (खरीदी) में तेजी और शून्य नुकसान का लक्ष्य
श्री अग्रवाल ने FCI अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि धान और चावल की प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया को तेज किया जाए ताकि किसानों और राइस मिलर्स को कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि "नुकसान शून्य" (Zero Wastage) होना चाहिए। बरसात के मौसम और मौसम के बदलाव के कारण जो धान का नुकसान होता है, उसे पूरी तरह रोका जाना सुनिश्चित करें। PDS के माध्यम से जनता तक खाद्यान्न की आपूर्ति सुचारु रहे, यह सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
फसल विविधीकरण हेतु किसानों के लिए नई पहल
बैठक में किसानों को धान के स्थान पर दलहन-तिलहन जैसी अन्य फसलों की ओर प्रोत्साहित करने पर विचार-विमर्श हुआ। सांसद ने सुझाव दिया कि यदि पंजीकृत किसान धान नहीं बेचते हैं तो उन्हें प्रति एकड़ 15,000 रुपये तक की सहायता राशि देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे किसान फसल का विविधीकरण करेंगे और पानी की बचत होगी। इससे राज्य और केंद्र सरकार दोनों का आर्थिक भार कम होगा और किसानों की आय में भी स्थिरता आएगी।
कमेटी सदस्यों को निरीक्षण के निर्देश
श्री अग्रवाल ने सभी समिति सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर FCI की कार्यप्रणाली का निरीक्षण करें और यदि कोई कमी हो, तो उसकी लिखित रिपोर्ट समिति अध्यक्ष को सौंपें। उन्होंने कहा कि समिति जो भी प्रस्ताव पास कर रही है, उसे शीघ्र ही केंद्रीय मुख्यालय भेजा जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ में चावल खरीदी और भंडारण की व्यवस्था को नई गति मिल सके।
बैठक में समिति के सदस्यगण पूर्व विधायक संतोष बाफना (जगदलपुर), मेजर अनिल सिंह (अंबिकापुर), पवन साहू (बालोद), हलधर साहू (कांकेर), रामकृपाल साहू (सूरजपुर), कमलेश ठोकने (धमतरी), चैनसुख भट्टर (दुर्ग), प्रेम आर्य (मुंगेली), बलराम तिवारी (अभनपुर), अब्दुल गफ्फार मेनन (गरियाबंद), सुरेंद्र पाटनी (रायपुर), श्याम सुंदर अग्रवाल (रायपुर), अनिल केशरवानी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी) और राम नारायण सोनी (कोरबा) FCI महाप्रबंधक दीपक शर्मा, खाद्य विभाग की सहायक निदेशक सीमा उपस्थित रहीं।
PM आवास मुद्दे पर टीएस सिंहदेव का कबूलनामा, भाजपा ने ली चुटकी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में प्रधानमंत्री आवास का मुद्दा लगातार सुर्खियों में रहा। खासकर इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बयान से राजनीतिक बहस होती रही है। बाबा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की सरकार में रहते और बीजेपी की सरकार आने के बाद से हमेशा सबकुछ साफगोई से कहते रहे हैं, लेकिन उनकी साफगोई से उनके अपनी पार्टी के नेता निशाने पर आते रहे हैं। विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और ऐसा एक बार फिर हुआ है, जब सिंहदेव ने पीएम आवास पर अपनों को कटघरे में खड़ा किया है।
पीएस आवास के मुद्दे पर दी प्रतिक्रिया
उन्होंने पीएस आवास के मुद्दे पर पंचायत विजय शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी के मंत्रीगण मुझे याद कर रहे हैं। ये सही है कि कांग्रेस सरकार में पीएम आवास नहीं बन पा रहे थे। मैं उस समय तत्कालीन सरकार में विभागीय मंत्री था। मुझे लगा कि काम नहीं कर पा रहा हूं तो पीछे हो जाता हूं। मैंने भूपेश जी से कहा भी था और उन्होंने स्वीकार भी किया। पत्र में कांग्रेस के ढाई साल के फार्मूले के जिक्र पर उन्होंने कहा कि राहुल जी के विजय शर्मा की बैठक होती होगी, मुझे नहीं मालूम। बाकी किसी को नहीं पता कि ढाई साल के फार्मूले में क्या हुआ क्या नहीं हुआ।
विजय शर्मा ने पत्र में क्या लिखा ?
दरअसल विजय शर्मा ने पत्र लिखकर कहा था कि पूर्व मंत्री टीएस सिंहदेव ने अपने त्यागपत्र में उल्लेख किया था कि उनकी सरकार ने उनके अनेक प्रयासों के बाद भी गरीबों के पक्के आवास हेतु राशि उपलब्ध नहीं करवाई थी, परंतु हमारी सरकार ने 26908 करोड़ की राशि बजट के माध्यम से प्रदान कर प्रदेश के गरीबों के पक्के आवास का सपना साकार कर दिया। “मोर आवास-मोर अधिकार” अभियान आगे बढ़ा और आपकी सरकार गठन के उपरांत ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए समुचे प्रदेश में ढाई वर्षो में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण कर लिये गए।
इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ ने देश में सर्वाधिक अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन लगभग 2000 आवास पूर्ण किए। देश में सर्वाधिक- आज भी प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं। देश में सर्वाधिक वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए। हमने न केवल अपने वादे पूरे किए अपितु विगत सरकार के मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण आवास न्याय योजना) के हितग्रहियों की बकाया राशि भी जारी की।
अरुण साव ने ली चुटकी
जाहिर है बाबा के इस बयान से सत्ता पक्ष चुटकी लेनी पीछे नहीं रहेगी। अरुण साव ने तंज कसते हुए कहा कि याद जरूर आएगी। आपने पत्र लिखकर पद से इस्तीफा दिया था। उनकी सरकार ने 18 लाख लोगों के साथ अन्याय किया था।
"खाद संकट के खिलाफ राजिम में किसानों का शक्ति प्रदर्शन, सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ चक्काजाम"
राजिम। गरियाबंद जिले में खाद संकट, महंगाई और किसानों की उपेक्षा के खिलाफ शुक्रवार को राजिम में किसानों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में हजारों किसान ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतर आए और शक्ति प्रदर्शन करते हुए राजिम नगर को पूरी तरह आंदोलनमय बना दिया। विशाल ट्रैक्टर रैली के बाद पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक पर चक्काजाम कर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी।

कई किलोमीटर तक नजर आया ट्रैक्टरों का काफिला
कृषि उपज मंडी से शुरू हुई रैली में किसानों के ट्रैक्टरों का लंबा काफिला कई किलोमीटर तक नजर आया। हाथों में तख्तियां और झंडे लिए किसान खाद की किल्लत, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम, खाद की कालाबाजारी और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन के दौरान पूरे नगर में किसानों की आवाज गूंजती रही।
वहीं सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक एवं प्रथम पंचायत मंत्री अमितेष शुक्ल ने कहा कि सरकार किसानों को खाद तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जबकि कालाबाजारी करने वाले खुलेआम लाभ कमा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान विरोधी नीतियों के कारण खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को बढ़ाने की चेतावनी
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रूपेश साहू, किसान नेता तेजराम विद्रोही सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक विस्तार दिया जाएगा।
चक्काजाम से यातायात हुआ प्रभावित
चक्काजाम के चलते राजिम के प्रमुख मार्गों पर घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की विशेष तैनाती की गई थी। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन किसानों के तेवर काफी आक्रामक नजर आए।
किसानों ने चेतावनी दी कि खाद संकट और कृषि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
16 जून से मनाया जाएगा शाला प्रवेश उत्सव, विभाग ने तैयारियों को लेकर जारी किया पत्र…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुंदर और गुणवत्तापूर्ण माहौल तैयार करने जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप, प्रदेशभर में 16 जून 2026 से शाला प्रवेश उत्सव 2026 का गरिमामय आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
गांवों और शहरों में होगी मुनादी, जनभागीदारी पर जोर
प्रवेश उत्सव को एक उत्सव का रूप देने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके तहत गांवों और शहरी वार्डों में मुनादी कराई जाएगी। बैनर-पोस्टर और रैलियों के जरिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शाला विकास समितियों और पालकों (अभिभावकों) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
विभाग ने निर्देश दिया है कि स्कूल खुलने से पहले भवनों, परिसरों और कक्षाओं की पूरी साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत कर ली जाए। मरम्मत योग्य भवनों का काम 15 जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने को कहा गया है ताकि बच्चों को एक आकर्षक और प्रिंट-रिच (शैक्षणिक चित्रों और दीवारों पर लिखी जानकारियों से लैस) वातावरण मिल सके।
शाला त्यागी बच्चों की वापसी और अगली कक्षा में सीधा प्रवेश
प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार किया है। कक्षा पहली में आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची प्राप्त कर सीधे स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा छठवीं में प्राथमिक शालाओं से कक्षा 5वीं उत्तीर्ण छात्रों की सूची और टीसी (स्थानांतरण प्रमाण-पत्र) लेकर कक्षा 6वीं में उनका दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। शाला त्यागी बच्चे, जो बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उन्हें ढूंढकर दोबारा मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा, स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शिक्षकों के लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विषय शिक्षकों को आगामी तीन महीनों का शैक्षणिक रोडमैप भी तैयार करना होगा।
मिलेगी मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल
उत्सव के दौरान स्कूल पहुंचने वाले नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया जाएगा। इस मौके पर पात्र छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें (किताबें), स्कूल गणवेश (यूनिफॉर्म), साइकिल का वितरण किया जाएगा। बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं में टॉप करने वाले होनहार विद्यार्थियों और उत्कृष्ट पालकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस अभियान में स्थानीय समुदाय, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्व-सहायता समूहों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सहयोग लिया जाएगा। इच्छुक नागरिक अपनी ओर से बच्चों को स्लेट, पेंसिल, कॉपी, कंपास बॉक्स और स्कूल बैग जैसी सामग्रियां भी दान कर सकेंगे।
स्थानीय संसाधनों से होगा आयोजन
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शाला प्रवेश उत्सव के लिए कोई पृथक (अलग से) बजट जारी नहीं किया जाएगा। इसका आयोजन जिलों में पहले से उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से ही करना होगा। कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, प्राचार्य डाइट, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को विद्यालयों का सतत निरीक्षण कर आवश्यक अकादमिक मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने उम्मीद जताई है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी छात्रहित में व्यक्तिगत रुचि लेकर इस अभियान को सफल बनाएंगे, जिससे नए शिक्षा सत्र 2026-27 में प्रदेश को बेहतर शैक्षणिक परिणाम हासिल हो सकें।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की बड़ी बैठक: आदिवासी कमेटी गठन और 12 सूत्रीय प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
रायपुर। रायपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आज छत्तीसगढ़ कांग्रेस की अहम बैठक आयोजित की गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आदिवासी हितों, हसदेव अरण्य विवाद और जल-जंगल-जमीन से जुड़े मुद्दों पर 12 सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही प्रदेश स्तरीय आदिवासी कमेटी के गठन का निर्णय लिया गया।
बैठक में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू सहित कई वरिष्ठ आदिवासी नेता उपस्थित रहे।
आदिवासी कमेटी के गठन का निर्णय
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश स्तरीय आदिवासी कमेटी का गठन किया जाएगा, जो आदिवासी समुदाय से संवाद कर उनके मुद्दों पर चर्चा करेगी तथा जन आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने इस संबंध में जानकारी दी।
12 बिंदुओं का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
हसदेव अरण्य, परसा ईस्ट केते बासन, केते एक्सटेंशन सहित नई खदानों में कोयला खनन, बैलाडीला में आयरन ओर और विभिन्न परियोजनाओं के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा दी गई लाखों पेड़ों की कटाई और हसदेव के 1,742 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन की अनुमति तत्काल रद्द करें सरकार।
जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जनजाति के लिए 32 प्रतिशत आरक्षण लागू हो, राजभवन में लंबित नवीन आरक्षण विधेयक की अधिसूचना जारी करे सरकार।
Forest Rights Act के तहत वनाधिकार पट्टा आवंटित किया जाए।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संघर्ष की चपेट में आकर आम आदिवासी निर्दाेष होते हुए भी नक्सली हिंसा, पुलिस कार्रवाई से दूसरे पड़ोसी राज्यों (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र) में पलायन के लिए मजबूर हुए हैं उन्हें वापस लाया जाए, नक्सल हिंसा और फर्जी एंकाउंटर में पीड़ित परिवारों को मुआवजा दे सरकार।
नक्सली सहयोगी होने का आरोप लगाकर हजारों निर्दोष आदिवासियों को जेल भेजा गया है, अब जब पुनर्वास योजना के तहत नक्सलियों को मुख्यधारा में शामिल किया गया है तो ऐसे में सहयोगी होने के आरोपी उन निर्दोष आदिवासियों की भी रिहाई हो। 25 हजार से अधिक आदिवासियों के खिलाफ जारी स्थायी एवं अस्थायी वारंट रद्द किया जाए।
आदिवासी समुदाय के प्राचीन परंपराओं की रक्षा सुनिश्चित करें संविधान की पांचवीं अनुसूची (Fifth Schedule) के तहत अपने स्वशासन, ग्राम सभा की सर्वोच्चता और पारंपरिक कानूनों पैसा कानून और वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों की रक्षा करे।
समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रस्तावित कानूनों में आदिवासी समाज को छूट मिले। आदिवासियों की सदियों पुरानी रूढ़िवादी परंपराओं, विवाह पद्धति, और सामाजिक व्यवस्था को UCC के दायरे से बाहर रखा जाए ताकि विशिष्ट अधिकारों का हनन न हो।
स्थानीय रोजगार और सरकारी भर्ती में आदिवासियों को आरक्षण मिले। बस्तर और सरगुजा संभाग) में बंद स्कूल खोल कर विशेष अभियान चलाकर आदिवासी बेरोजगारों की नियुक्ति की जाए।
पेसा कानून (PESA Act) का कड़ाई से पालन हो, पांचवी अनुसूची के क्षेत्र बस्तर और सरगुजा में ग्राम सभा के अधिकारों को बाइपास करना बंद करें सरकार।अनुसूचित क्षेत्रों (Extension of the Panchayats to Scheduled Areas) में पंचायत राज अधिनियम का कड़ाई से पालन हो। किसी भी विकास परियोजना या ज़मीन अधिग्रहण के लिए ग्राम सभा की सहमति की अनिवार्यता का प्रावधान है, इसका शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो।
आदिवासियों को प्राप्त विशेष संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित हो। संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों को निष्ठापूर्वक लागू करे, ताकि जनसांख्यिकी ( Demography), संस्कृति और सामाजिक ढाँचे को बाहरी हस्तक्षेप से बचाया जा सके।
आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी आदिवासियों को ‘वनवासी’ का संबोधन देकर हमारी मूल पहचान नष्ट करने की साजिश रच रही है। हम इसका विरोध करते है। हम आदिवासी है और रहेंगे। हमारी पहचान को वनवासी बताये जाने के प्रयास की हम निंदा करते है।
हमारी मांग है कि जनगणना 2026-2027 में आदिवासियों की स्पष्ट पहचान के लिए अलग से कालम निर्धारित किया जाए ताकि हमारी विशेष पहचान और हमारी संख्या भी सामने आये।