प्रदेश
दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में हुए शामिल, धर्मांतरण पर प्रभावी रोक के लिए कानून लाने का किया ऐलान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ के धरमजयगढ़ में आयोजित संस्कृति गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव न केवल राजनीति के मार्गदर्शक थे, बल्कि सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के सच्चे ध्वजवाहक भी थे। उन्होंने कहा कि स्व. कुमार दिलीप सिंह ने “घर वापसी” के माध्यम से दबाव या बाहरी प्रभाव में आकर धर्मांतरण करने वालों को उनके मूल धर्म में लौटने का मार्ग दिखाया। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध सशक्त आंदोलन खड़ा किया और लोगों को उनकी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से जोड़ा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि प्रदेश में धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विधानसभा में कानून पारित किया जाएगा, जिससे सनातन संस्कृति और परंपराओं की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा – “प्रदेश की जनता और संतों के आशीर्वाद से एक किसान का बेटा मुख्यमंत्री बना है, और डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को धरातल पर उतारना हमारी प्राथमिकता रही है।”
मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, धान खरीदी ₹3,100 प्रति क्विंटल, बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर वृद्धि, चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ, रामलला दर्शन योजना, तीर्थयात्रा योजना, अटल डिजिटल सेवा केंद्र और नामांतरण-रजिस्ट्री प्रक्रिया सरलीकरण जैसे कार्य जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि स्व. दिलीप सिंह जूदेव राजनीति के पुरोधा होने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी जीवनभर समर्पित रहे। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ₹3,716 करोड़ का बकाया बोनस 13 लाख से अधिक किसानों को दिया गया, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया और महतारी वंदन योजना के तहत धरमजयगढ़ की लगभग 57 हजार महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की सहायता दी जा रही है। पीएम आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए, जिनमें 26,059 घर केवल धरमजयगढ़ के हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धरमजयगढ़ प्रवास के दौरान विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें सड़कों, पुल-पुलिया, विद्युत और स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं।
घोषणाओं में नगर पंचायत क्षेत्र के लिए 10 करोड़ रुपये (गौरवपथ निर्माण, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नेहरू गार्डन विस्तार एवं जीर्णोद्धार) और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 50 करोड़ रुपये (धरमजयगढ़-ओंगना और खड़गांव-क्रोन्धा मार्ग में सरिया नदी पर पुलिया सहित अन्य सड़क-पुलिया कार्य) शामिल हैं। साथ ही, छाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने, 132 केवी सब-स्टेशन (₹50 करोड़) की स्थापना और अंबेटिकरा मंदिर के सौंदर्यीकरण की भी घोषणा की गई।
कार्यक्रम में सैकड़ों हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इनमें स्मार्टफोन, महाजाल उपकरण, चरण पादुका, मेधावी शिक्षा सहायता, आयुष्मान कार्ड, उद्यानिकी पौध, सामुदायिक निवेश निधि चेक, बी-1 खसरा एवं नक्शा प्रतिलिपि तथा प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत लाभ वितरण शामिल है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, कुमार प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और महापौर नगर निगम जीवर्धन चौहान उपस्थित थे।
राज्य पुलिस सेवा के 11 अफसरों का तबादला
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य पुलिस सेवा के 11 अधिकारियों का तबादला किया है। संबंध में गृह (पुलिस) विभाग ने आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार, जांजगीर-चांपा में पदस्थ DSP जितेंद्र कुमार खुंटे को दंतेवाड़ा, बेमेतरा में पदस्थ मनोज कुमार तिर्की को बीजापुर, रायपुर में पदस्थ योगेश कुमार साहू को कांकेर, सक्ती में पदस्थ मनीष कुमार कुंवर को सुकमा, बिलासपुर में पदस्थ सिद्धार्थ बघेल को बीजापुर, कोण्डागांव में पदस्थ लितेश सिंह को गरियाबंद, दुर्ग में पदस्थ हरिश कुमार पाटिल को बीजापुर, महासमुंद में पदस्थ मिलिंद पांडेय को बीजापुर, सूरजपुर में पदस्थ सौरभ उइके को सुकमा, दंतेवाड़ा में पदस्थ जितेंद्र कुंभकार को दंतेवाड़ा, नारायणपुर में पदस्थ अजय कुमार सिंह को नारायणपुर जिले में ही (थाना बारसुर, मालेवाड़ी, कोहकामेटा, सोनपुर, छोटेडोंगर, ओरछा) की जिम्मेदारी दी गई है।
देखिये आदेश की कॉपी –


भारत का विभाजन इतिहास की एक गहरी पीड़ा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाश मंच में आयोजित भारत विभाजन विभीषिका दिवस – राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विभाजन इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसकी पीड़ा आज भी महसूस की जाती है। उस दौर की घटनाओं को याद करना आज भी मन को उद्वेलित कर देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभाजन के समय लाखों लोगों को अपने घर-परिवार और मातृभूमि से दूर होना पड़ा तथा अनेक स्थानों पर हिंसा और अशांति का सामना करना पड़ा। कुछ लोग सुरक्षित अपने देश लौट सके, जबकि कई अपने घरों तक नहीं पहुँच पाए। अमृतसर स्टेशन जैसे स्थानों पर आई ट्रेनों से जुड़ी घटनाएं आज भी विभाजन के कठिन दौर की याद दिलाती हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भी जो लोग भारत आए, उन्होंने परिश्रम और साहस के साथ जीवन में नई शुरुआत की, जो सराहनीय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 14 अगस्त को स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि भी है। जूदेव जी ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में राज्यमंत्री के रूप में योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व विशाल, और स्वभाव परोपकारी था। आज धरमजयगढ़ में उनकी पुण्यतिथि पर संस्कृति रक्षा महासम्मेलन एवं अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कठिन संघर्ष और त्याग के मूल्यों पर हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त तिरंगे का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर बीते कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा पूरे देश में उत्साह और एकता का प्रतीक बन गया है। तिरंगा यात्राओं और हर-घर तिरंगा अभियान ने इसे जन-जन से जोड़ दिया है।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता, विचारक एवं लेखक डॉ. सदानंद सप्रे ने कहा कि विभाजन के समय की पीड़ादायक घटनाएं इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम सभी के एकजुट प्रयासों से भारत की एकता और अखंडता और सुदृढ़ होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज ने कहा कि हमें स्वतंत्रता के साथ-साथ उस समय के कष्ट, विस्थापन और चुनौतियों को भी याद रखना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को विभाजन के इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों को अपने घर-परिवार छोड़कर पलायन करना पड़ा, जो एक बड़ा मानवीय संकट था।
कार्यक्रम के समापन पर संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी एवं मोतीलाल साहू, अजय जामवाल, पवन साय, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
रायपुर में प्रदेश की पहली केंद्रीय आवासीय परियोजना की शुरुआत, सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से केंद्र ने दी त्वरित स्वीकृति
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक और कल्याणकारी पहल आकार ले रही है। प्रदेश के वरिष्ठ नेता एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अथक प्रयासों और दूरदृष्टि के परिणामस्वरूप, केंद्रीय सरकारी कर्मचारी कल्याण आवास संगठन (CGEWHO) ने रायपुर में 1000 फ्लैट्स के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है।

यह प्रदेश की पहली केंद्रीय आवासीय परियोजना होगी, जिसमें केंद्र, राज्य और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध तरीके से आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और किफायती आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। CGEWHO ने इस परियोजना के लिए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिख कर 5 से 7 एकड़ बाधारहित भूमि आवंटित करने का औपचारिक अनुरोध किया है।
इस ऐतिहासिक परियोजना की नींव सांसद बृजमोहन अग्रवाल के दूरदर्शी प्रस्ताव से रखी गई। उन्होंने ‘केंद्रीय विहार’ योजना के अंतर्गत रायपुर के एक केंद्रीय स्थान पर 1000 से अधिक फ्लैटों के निर्माण की सिफारिश की थी, जिससे सरकारी कर्मचारियों को कार्यालय, स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक सुविधाओं तक आसान पहुंच मिल सके।
CGEWHO के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गगन गुप्ता ने रायपुर में परियोजना शुरू करने में गहरी रुचि व्यक्त करते हुए सांसद अग्रवाल का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि रायपुर में केंद्रीय कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जिस तत्परता और गंभीरता से केंद्र तक पहुँचाया है, वह सराहनीय है।
भूमि आवंटन के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, आरडीए अध्यक्ष नंद कुमार साहू, राजस्व सचिव, रायपुर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से आग्रह किया है। भूमि उपलब्ध होते ही परियोजना का पहला चरण शुरू होगा, जो राजधानी में हज़ारों लोक सेवकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को ऊँचाई पर ले जाएगा।
CGEWHO, जो आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन है, जो अपनी ‘न लाभ, न हानि’ नीति, RERA अनुरूपता, पारदर्शी कार्यप्रणाली और IIT व सरकारी इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिए प्रसिद्ध है। देशभर में 35 से अधिक परियोजनाओं की सफल परंपरा के बाद, रायपुर की यह परियोजना छत्तीसगढ़ के लिए एक नई मिसाल बनेगी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि, “यह सिर्फ एक आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए सम्मान और सुविधा का नया अध्याय है। केंद्र सरकार की त्वरित स्वीकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ संकल्प का प्रमाण है। मेरा संकल्प है कि रायपुर में इस परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का दृढ़ संकल्प और सतत प्रयास से रायपुर के नागरिक और सरकारी कर्मचारी इस परियोजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और सुरक्षित आवास के एक नए युग का स्वागत करने को तैयार हैं।
NSUI ने 84 पदाधिकारियों को किया शो-कॉज नोटिस जारी
रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) छत्तीसगढ़ ने 12 अगस्त 2025 को आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में शामिल न होने वाले 84 पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. यह बैठक प्रदेश प्रभारी महावीर गुर्जर और प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य थी. लेकिन कार्यक्रम के दौरान कई प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, प्रदेश सचिव और जिला अध्यक्ष बैठक में मौजूद नहीं थे. संगठन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी अनुपस्थित पदाधिकारियों से 48 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है.
कौन-कौन रहे अनुपस्थित
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में अनुपस्थित 3 प्रदेश उपाध्यक्ष ,14 प्रदेश महासचिव, 50 सचिव और 17 जिलाध्यक्षों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है. इनमें सोनू साहू, हरजीत कौर, पूर्णिमा साहू सहित प्रदेश महासचिव अमन विश्नोई, फरहान अहमद, मनोहर सेठिया, गगन जैन, सरफराज खान समेत 84 नाम शामिल हैं.
48 घंटे में जवाब, वरना कार्रवाई
NSUI के प्रभारी महामंत्री (संगठन) हेमंत पाल द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि 48 घंटे के भीतर जवाब नहीं देने पर संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी. अनुपस्थित पदाधिकारियों को अपना जवाब लिखित रूप में जमा करना अनिवार्य होगा.
संगठन का सख्त रुख
NSUI का कहना है कि अनुशासन और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. महत्वपूर्ण बैठकों में अनुपस्थिति से संगठन के कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ता है, इसलिए इस बार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.
यहां देखें नोटिस की कॉपी:

अब रियल स्टेट के विज्ञापनों में देना होगा नम्बर और रेरा पंजीकरण का QR कोड
रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेरा द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि अब सभी प्रकार के रियल एस्टेट विज्ञापनों में रेरा पंजीकरण नंबर और रेरा वेबसाइट का पता स्पष्ट रूप से प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। इन निर्देशों का पालन प्रिंट मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ब्रोशर, पोस्टर, होर्डिंग, पंपलेट और अन्य सभी प्रचार माध्यमों पर करना होगा। रेरा ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण नंबर और वेबसाइट पते का फॉन्ट प्रकार और आकार वही होना चाहिए जो प्रमोटर के मोबाइल नंबर और पते के लिए उपयोग किया गया है, ताकि उपभोक्ता आसानी से इस जानकारी को पढ़ और समझ सकें।
क्यूआर कोड से सीधे परियोजना की जानकारी
रेरा द्वारा जारी निर्देश के तहत, प्रत्येक विज्ञापन में रेरा द्वारा जारी क्यूआर कोड भी शामिल करना होगा। इस क्यूआर कोड को स्कैन कर खरीदार सीधे संबंधित परियोजना की विस्तृत जानकारी रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त कर सकेंगे।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
रेरा ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वाले प्रमोटर्स या एजेंट्स के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छत्तीसगढ़ रेरा ने सभी प्रमोटर्स, एजेंट्स और विज्ञापन एजेंसियों से अपील की है कि वे उपभोक्ता अधिकारों और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए इन दिशा-निर्देशों का पालन करें।
हिन्दी-अंग्रेजी स्टेनो परीक्षा की तारीख तय, 4 केंद्रों में होगी परीक्षा
रायपुर। शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा परिषद, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़, रायपुर ने हिन्दी और अंग्रेजी Steno (शीघ्रलेखन) परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा कर दी है. परीक्षाएं 23 और 24 अगस्त 2025 को आयोजित होंगी.
अंग्रेजी Steno परीक्षा की तारीख
परिषद के अनुसार, 23 अगस्त 2025 को अंग्रेजी स्टेनो (100 शब्द प्रति मिनट गति) की परीक्षा होगी. यह परीक्षा रायपुर संभाग में चयनित एकमात्र परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएगी.
हिन्दी Steno परीक्षा की तारीख
24 अगस्त 2025 को हिन्दी स्टेनो (100 शब्द प्रति मिनट गति) की परीक्षा आयोजित होगी. इसके लिए रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर संभाग के चयनित चार परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं.
परीक्षार्थियों के लिए जरूरी निर्देश
अभ्यर्थियों को परिषद द्वारा आबंटित परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित बैच और समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा. परीक्षा कार्यक्रम का विस्तृत विवरण परिषद की वेबसाइट https://ctsp.cg.nic.in पर उपलब्ध है.
प्रवेश पत्र की जानकारी
परीक्षा से एक सप्ताह पूर्व प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की जानकारी परीक्षार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी.
राज्य प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को मिला अतिरिक्त प्रभार
रायपुर। राज्य प्रशासनिक सेवा के उप सचिव स्तर के दो अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है.
इनमें राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में उप सचिव अरुण कुमार मरकाम को वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ ग्रामोद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं खनिज साधन विभाग में उप सचिव श्रीकांत वर्मा को वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ गृह तथा जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

अब 18 अगस्त तक हो सकेगा स्कूलों में प्रवेश, सभी प्राचार्यों को जारी हुआ आदेश..
रायपुर। स्कूलों में बच्चों को दाखिला अब 18 अगस्त तक मिल सकेगा। इस संबंध में सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक 9वीं से 12वीं तक एडमिशन की अंतिम तिथि पहले 31 जुलाई तक रखी गयी थी।
बाद में बच्चों की सुविधा को देखते हुए स्कूलों में एडमिशन को 16 अगस्त तक लेना निर्धारित किया गया। लेकिन 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस, 16 अगस्त जनमाष्टमी और 17 अगस्त को रविवार की छुट्टी की वजह से अब 18 अगस्त तक दाखिला लिया जा सकेगा।

समय पर मिला खाद, खिल उठी उम्मीदें, कोरकोमा के संतोष के खेतों में लहलहाएगी उम्मीदों की धान
रायपुर। आज संतोष केशरवानी के चेहरे पर संतुष्टि और खुशी एक साथ दिख रही है। अपने खेत में लगी धान की फसल के लिए समय पर खाद के लिए जाने से संतोष और उनका परिवार ने चैन की मांग ली है। दरअसल चालू खरीफ मौसम में धान की फसल के लिए खाद की कमी की कुछ खबरों ने संतोष की बैचेनी बढ़ा दी थी। परन्तु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर राज्य में किसानों को समय पर सोसयटियों से पर्याप्त मात्रा मे खाद मिल रहा हैं। कल ही मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खाद का अतिरिक्त आबंटन जारी करने को मंजूरी भी दी है। छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार ने 50 हजार टन डीएपी तथा 50 हजार टन यूरिया का अतिरिक्त आबंटन किया है।
राज्य में धान की फसल में अब रोपा बयासी का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में धान के पौधों की तेजी से बढ़वार के लिए किसानों को खाद की जरूरत है। इस समय में फॉस्फेटिक खाद की ज्यादा जरूरत पड़ती है। समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद मिल जाने से कोरबा जिले के कोरकोमा गांव के सीमांत किसान संतोष केसरवानी की खेतों की बुआई आसानी हुई और फसल की बेहतर शुरुआत संभव हो सकी। श्री केसरवानी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया खेत हमारा सहारा है, सरकार और समिति की तत्परता से उन्हें खेती बाड़ी के लिए जरूरी खाद बीज आदि सामग्री समय पर मिल गई है। इस मदद से उनकी खेती को नई ऊर्जा मिली है।
किसान श्री संतोष ने कहा कि उनके पास लगभग 5 एकड़ जमीन है, खरीफ सीजन के शुरुआत से ही वे बेहतर उत्पादन के लिए प्रयत्नशील है, बारिश समय पर होने से खेतों की जुताई से लेकर पौधे तैयार करने में कोई दिक्कत नही हुई। इस सीजन में समितियों से समय पर आवश्यक खाद भी उपलब्ध हो गए। उन्होंने बताया कि इस खरीफ सीजन में कोरकोमा सहकारी समिति से उन्होंने अपनी जरूरत अनुसार 7-7 बोरी डीएपी, यूरिया और सुपर फॉस्फेट खाद क्रय किया है, जिसके लिए उन्हें कोई परेशानी नही हुई, ना ही समिति के बार-बार चक्कर लगाना पड़ा। समिति में जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करते ही उन्हें केसीसी के माध्यम से खाद प्रदान किया गया। श्री संतोष ने बताया कि पिछले खरीफ वर्ष उन्होंने करीब 92 क्विंटल धान बेचा था। इस बार वे शुरुआत से ही पूरे परिवार के साथ बेहतर फसल के लिए मेहनत में जुटे हैं। वक्त पर खेत की बुआई होने से उनकी फसल अच्छी लग रही है, उनकी मेहनत रंग ला रही है, आगे जरूरत अनुसार सिंचाई और समय समय पर खाद का छिड़काव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी खेती न अब सिर्फ एक जीविका का साधन है, बल्कि उम्मीदों की फसल भी बन गई है। वे कहते हैं, सरकार और सहकारी समिति ने जिस प्रकार से खाद और बीज की व्यवस्था समय पर की, उससे हम जैसे छोटे किसानों को बहुत राहत मिली है। इस पहल ने न केवल उनका आर्थिक बोझ कम किया, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धरमजयगढ़ में 62.36 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले धरमजयगढ़ प्रवास के दौरान रायगढ़ जिलेवासियों को 62 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 42 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से 45 लोकार्पण कार्य एवं 19 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से 70 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने 5 करोड़ 25 लाख 11 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के पानीखेत से ऐडुकला मार्ग पर भेंगारी नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य एवं 6 करोड़ 39 लाख 6 हजार रुपए की लागत से लैलूंगा के पाकरगांव मार्ग पर खारून नदी पर पुल निर्माण कार्य, 28 करोड़ 53 लाख 29 हजार रुपए की लागत से खरसिया, लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ क्षेत्र में सिंगल विलेज नलजल प्रदाय योजना, रेट्रोफिटिंग नल जल प्रदाय योजना एवं सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के कार्य, धरमजयगढ़ के बहिरकेला एवं लैलूंगा के लमडांड में 75-75 लाख रुपए की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विकासखण्ड घरघोड़ा के ग्राम कोनपारा में 7 लाख की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन तथा धरमजयगढ़ के उपकेन्द्र खडग़ांव में 1 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से सीएसपीडीसीएल 33/11 केवी, 3.15 एमव्हीए कार्य का लोकार्पण किया।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने 13 करोड़ 28 लाख 36 हजार रुपए की लागत से जिले के 7 जगह धौराभांठा, तमनार, लैलूंगा, घटगांव, घरघोड़ा, बाकारूमा एवं धरमजयगढ़ में पो.मै.आदिवासी बालक छात्रावास भवन निर्माण कार्य, 20 लाख 33 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के स्थल कक्ष क्रमांक 643 आर.एफ. में वॉच टॉवर तथा 10 लाख 88 हजार रुपए की लागत से कक्ष क्रमांक 11 आर.एफ.कुमरता में पेट्रोलिंग कैम्प निर्माण कार्य, धरमजयगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 2 करोड़ 54 लाख 95 हजार रुपए की लागत से पुलिया, सीसी रोड, फुट वे निर्माण, आरसीसी पुलिया निर्माण, शेड निर्माण, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन एवं मंगल भवन के कार्य के साथ ही लैलूंगा, धरमजयगढ़ एवं खरसिया विधानसभा क्षेत्रों में 3 करोड़ 22 लाख 22 हजार रुपए की लागत से 44 स्वास्थ्य केंद्रों के मरम्मत कार्यों का भूमिपूजन किया।
IFS राजू अगासीमनी बने पर्यावरण संरक्षण मंडल के मेंबर सचिव, GAD ने जारी किया आदेश
रायपुर। मुख्य वन संरक्षक IFS राजू अगासीमनी को तत्काल प्रभाव से छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव पद पर नियुक्त किया गया है. यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने 14 अगस्त को जारी किया है.

मुख्यमंत्री साय ने स्व. दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. जूदेव जी केवल एक प्रखर राष्ट्रवादी ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान के निष्ठावान प्रहरी थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन धर्म, संस्कृति और समाजसेवा के लिए समर्पित किया। उनके नेतृत्व में प्रारंभ हुआ ‘घर वापसी’ अभियान एक ऐतिहासिक सामाजिक आंदोलन बना, जिसने हजारों लोगों को उनकी मूल सनातन परंपरा से पुनः जोड़ा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जूदेव जी जल, जंगल, जमीन और जनजातीय अस्मिता के सशक्त रक्षक थे। उन्होंने वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज को उनका गौरव और पहचान लौटाने के लिए सतत संघर्ष किया। उनके प्रयासों से समाज में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का विस्तार हुआ तथा जनजातीय समाज अपनी जड़ों से और अधिक मजबूती से जुड़ सका।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. दिलीप सिंह जूदेव की राष्ट्रवादी मूल्यों के प्रति निष्ठा, उनका अडिग संकल्प, निडरता और ओजस्वी नेतृत्व आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
सीतापुर विधायक और BMO के टकराव का अंजाम: लापरवाही के आरोप में डॉक्टर सस्पेंड, जांच कमेटी गठित
रायपुर। सरगुजा जिले में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और बतौली के BMO डॉ. संतोष सिंह के बीच हुए विवाद ने बड़ा मोड़ ले लिया है। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने और उसे एम्बुलेंस की जगह टाटा मैजिक वाहन में रेफर करने के आरोप पर विधायक टोप्पो भड़क गए थे। उन्होंने BMO के निलंबन की अनुशंसा की, जिसके बाद संयुक्त संचालक ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की।
जांच में दोषी पाए जाने पर CMHO सरगुजा डॉ. प्रेम सिंह मार्को ने बुधवार शाम आदेश जारी करते हुए डॉ. संतोष सिंह को BMO पद से हटा दिया और उनके मूल पदस्थापना स्थल PHC बटईकेला में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए।
वहीं, डॉ. संतोष सिंह ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टोप्पो ने एम्बुलेंस ड्राइवर को थप्पड़ मारा और उनके समर्थकों ने BMO से गाली-गलौज व धक्का-मुक्की की। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग और राजनीति के बीच टकराव को उजागर कर दिया है, जिसकी जांच अब उच्च स्तर पर जारी है।
उच्च न्यायालय ने शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव के स्पष्टिकरण पर जताई आपत्ति
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आज RTE (शिक्षा के अधिकार) मामले में शिक्षा विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी द्वारा प्रस्तुत शपथपत्र पर असंतुष्टि जताई है. प्रदेशभर में कई मान्यता प्राप्त स्कूल के संचालन समेत छात्रों की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने गंभीर नाराजगी जताई है. सुनवाई के दौरान जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीड़ी गुरु की डबल बेंच ने स्कूली बच्चों से जनरेटर लगवाने, कक्षा के दौरान प्लास्टर गिरने समेत स्कूली बच्चों की सुरक्षा और स्कूल में सुविधाओं को लेकर भी जमकर फटकार लगाई है।
जानिए क्या है मामला?
दरअसल, प्रदेश के कई निजी स्कूल बिना किसी मान्यता के नर्सरी से लेकर कक्षा 8 वीं तक की पढ़ाई करा रहे हैं. इस मामले को लेकर विकास तिवारी ने जनहित याचिका लगाई है. याचिका उन स्कूलों के खिलाफ दायर की गई थी, जिन्होंने आरटीई कानून के तहत गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं दिया, जबकि नियमानुसार वे इसके लिए बाध्य थे. आरोप यह है कि ये स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं और सरकारी सब्सिडी लेकर भी नियमों की अनदेखी करते हुए मनमानी फीस वसूल कर रहे हैं.
दुर्घटना होगी तो जिम्मेदार कौन होगा? : हाईकोर्ट
शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव को अगली सुनवाई में स्वयं के शपथपत्र में बताने कहा कि प्रदेशभर में बिना मान्यता प्राप्त संचालित नर्सरी स्कूलों पर क्या एक्शन लिया गया है. कोर्ट ने सरकार से पूछा, कि छोटे-छोटे कमरों में बिना मान्यता के स्कूल चल रहे हैं, कोई बड़ी दुर्घटना होगी तो जिम्मेदार कौन होगा? मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीड़ी गुरु की डबल बेंच में हुई. इस मामले की अगली सुनवाई 17 सितम्बर को होगी.
मामले में पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि करोड़पति लोग पान दुकान की तरह गली-गली में बिना मान्यता प्राप्त स्कूल चला रहे हैं. कोर्ट ने इस मामले में जवाब मांगा था. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग से इस गंभीर लापरवाही पर जवाब मांगा और पूछा है कि आखिर ऐसे स्कूल संचालकों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
17 सितंबर तक देना होगा स्पष्टिकरण
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार और शिक्षा सचिव को निर्देशित किया कि वे 17 सितंबर तक शपथपत्र के माध्यम से स्पष्ट करें कि इस पूरे मामले में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं. कोर्ट ने यह भी कहा है कि शिक्षा के अधिकार के तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देना हर राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है.
प्रदेश भर के स्कूलों की दुर्दशा को लेकर सुनवाई में एक शासकीय स्कूल की मरम्मत में हुई गड़बड़ी की बात भी सामने आई. इसी तरह मुंगेली जिले के एक स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने की खबर सामने आई, जिसपर कोर्ट ने डीईओ मुंगेली को आड़े हाथों लिया. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, कि मुंगेली डीईओ क्या करते रहते हैं? क्या यह सब भी सिर्फ कोर्ट ही देखे? यह हमारा काम नहीं है.
ट्रांसफर लगवाने में स्कूली छात्रों से ली गई मदद
मामले की सुनवाई के दौरान तखतपुर के चना डोंगरी स्कूल का जिक्र किया गया, जहां पर बच्चे ट्रांसफार्मर उतारने, लगाने में विद्युत कर्मियों की मदद कर रहे थे. इस पर भी चीफ जस्टिस ने सवाल किया. इन सब मुद्दों पर स्कूल शिक्षा सचिव से नए शपथपत्र पर जवाब मांगा गया है.
इसी तरह एडवोकेट टी.के. झा ने भी सक्ती जिले के तमाम सरकारी स्कूलों को लेकर हस्तक्षेप याचिका दायर की है. इसके अनुसार जिले के 180 स्कूलों में शौचालय ही नहीं है. करीब 50 में पीने का पानी उपलब्ध नहीं है. कई स्कूलों में भवन नहीं हैं और 150 स्कूलों में अहाता (प्ले-ग्राउंड) नहीं है, बच्चे सड़क पर खेलते हैं, जो खतरनाक है।
राजधानी रायपुर को आधुनिक, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए ठोस योजना पर काम हो: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। राजधानी रायपुर के सर्वांगीण विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान के उद्देश्य से सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को नगर पालिक निगम की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। करीब 4 घंटे चली इस मैराथन बैठक में रायपुर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को बरकरार रखते हुए इसे आधुनिक, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना पर चर्चा हुई।


जवाबदेही सुनिश्चित, बहानेबाजी खत्म
सांसद श्री अग्रवाल ने सख्त लहजे में कहा कि यह स्वीकार्य नहीं कि “यह काम स्मार्ट सिटी ने कराया, निगम को जानकारी नहीं।” राजधानी में होने वाले हर विकास कार्य की जानकारी और उसकी जिम्मेदारी नगर निगम की होनी चाहिए, ताकि जनता को जवाब दिया जा सके।
निगम का मकसद जनता को सुविधा देना
उन्होंने कहा कि नगर निगम का काम नागरिकों को सड़क, बिजली, पानी, नालियों और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं देना है, न कि राजस्व कमाने को प्राथमिकता बनाना। हर परियोजना का केंद्र नागरिक सुविधा होनी चाहिए।
गर्मी के मौसम में पेयजल की कमी और बारिश में जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बड़े बुनियादी ढांचे जैसे नाले, नलियां, सड़क और पाइपलाइन का एक साथ सर्वे कर समन्वित योजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। जिससे पेयजल और जलभराव की समस्या का समाधान हो। उन्होंने कहा कि, योजना केवल वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि अगले 50 वर्षों को ध्यान में रखकर बनाई जाए, ताकि भविष्य में यह समस्या दोबारा न उठे।
अवैध निर्माण और कॉलोनियों पर सख्ती
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शहर में बढ़ते अवैध निर्माण और बिना अनुमति की कॉलोनियों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह केवल सौंदर्य बिगाड़ने का मामला नहीं, बल्कि नागरिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर भी दबाव डालता है। उन्होंने रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खुलने पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ तत्काल करवाई की मांग की।
सड़क पर अवैध कब्जा शहर के लिए नासूर
फुटपाथ और सड़क पर अतिक्रमण को खत्म करने के लिए निगम को अभियान चलाना चाहिए। दोषियों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई दोनों हों।
त्योहारी सीजन की अग्रिम तैयारी
त्योहारी मौसम में भीड़ और आवाजाही बढ़ जाती है। इसके लिए अभी से सफाई, रोशनी, यातायात व्यवस्था और बाजार क्षेत्रों की सुरक्षा की योजना बनाई जाए।
खुले में मीट बिक्री पर रोक
शहर में खुले में मांस बिक्री पर प्रतिबंध लगे, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य मानकों का पालन हो सके। साथ ही, मानकयुक्त स्लॉटर हाउस की स्थापना की जाए।
जोन स्तर पर कार्यप्रणाली में सुधार
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने निर्देश दिए कि, निगम मुख्यालय को प्रत्येक जोन को उसके क्षेत्र के काम की संपूर्ण जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध करानी होगी। पार्षदों को छोटी-छोटी बातों के लिए मुख्यालय न आना पड़े, उन्हें जोन कार्यालय से ही समाधान मिले। जोनों को अधिक अधिकार और संसाधन दिए जाए टेंडर और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।
-20 लाख रुपये तक के टेंडर जोन से ही जारी हों, ताकि काम जल्दी हो।
-घरों पर गलत नोटिस लगाने की शिकायत पर गंभीर रुख अपनाते हुए सांसद अग्रवाल। ने नोटिस देकर उसकी रसीद लेने के निर्देश दिए।
-साथ ही आवारा पशुओं की समस्या के लिए जोनों को अधिक संसाधन और अधिकार दिए जाएं।
नगर निगम में टैक्स विवाद के समाधान के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट स्कीम’ उपयोगी : सांसद बृजमोहन अग्रवाल
राजधानी रायपुर में नगर निगम टैक्स को लेकर नागरिकों और निगम, दोनों के सामने समस्या बनी हुई है। मौजूदा व्यवस्था में जहां जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, वहीं निगम को भी समय पर पूरा राजस्व नहीं मिल पाता, जिससे विकास कार्यों में बाधा आती है।
इस स्थिति को देखते हुए सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने निगम आयुक्त को ‘वन टाइम सेटलमेंट स्कीम’ तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी योजना से नागरिक एकमुश्त राशि जमा कर टैक्स विवाद से मुक्त हो सकेंगे और निगम को भी तत्काल राजस्व प्राप्त होगा, जिससे विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी।
सांसद श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि योजना पारदर्शी, सरल और जनहितकारी होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें और निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, “वार्ड मजबूत होंगे तभी शहर मजबूत बनेगा। रायपुर के नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण देना हम सभी का दायित्व है। आने वाले समय में राजधानी को देश के आदर्श शहरों में शामिल करने का हमारा लक्ष्य है।
बैठक में महापौर मीनल चौबे, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, नेता प्रतिपक्ष संदीप साहू, एमआईसी सदस्य, जोन अध्यक्ष, निगम आयुक्त विश्वदीप, जोन कमिश्नर और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर में, सबसे कम बेमेतरा में, जानिये आपके जिले का क्या है हाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 675.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1136.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 340.4 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 610.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 558.5 मि.मी., गरियाबंद में 561.4 मि.मी., महासमुंद में 563.6 मि.मी. और धमतरी में 540.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 700.6 मि.मी., मुंगेली में 709.4 मि.मी., रायगढ़ में 845.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 878.1 मि.मी., कोरबा में 737.3 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 654.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 607.8 मि.मी., सक्ती में 746.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 529.8 मि.मी., कबीरधाम में 503.1 मि.मी., राजनांदगांव में 572.7 मि.मी., बालोद में 640.1 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 825.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 473.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 525.5 मि.मी., सूरजपुर में 847.9 मि.मी., जशपुर में 764.2 मि.मी., कोरिया में 788.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 732.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 806.9 मि.मी., कोंडागांव में 539.9 मि.मी., नारायणपुर में 715.6 मि.मी., बीजापुर में 836.3 मि.मी., सुकमा में 546.2 मि.मी., कांकेर में 699.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 738.8 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।