रायपुर। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम के करवट लेने से लोगों ने राहत की सांस ली है। ऐसा इसलिए क्योंकि, बारिश नहीं होने के चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा था। वहीं आज यानी बुधवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। राजधानी रायपुर समेत आस-पास के इलाकों में सुबह से ही बारिश हो रही है। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में आज भारी बारिश होने की संभावना हैं। साथ ही मौसम विभाग ने बताया कि, राजधानी रायपुर में आज दिन भर बादल छाए रहने के साथ-साथ बारिश भी होगी। मौसम विभाग की तरफ से रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, बलरामपुर, रामानुजगंज, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, बस्तर, दंतेवाड़ा और बीजापुर समेत कई अन्य इलाकों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी संभावना जताई है। मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए आगे बताया कि, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज आंधी-तूफ़ान के साथ भारी बारिश होगी। इतना ही नहीं प्रदेश के कई इलाकों में बिजली गिरने की संभावना भी मौसम विभाग द्वारा जताई गई है।
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अंगदान करने वालों के परिजनों का सम्मान किया जाएगा. इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव ने 7 जिलों रायपुर, बस्तर, बिलासपुर, कोरबा, कांकेर, राजनांदगांव और दुर्ग के कलेक्टर को पत्र लिखा है. इस मौके पर अलग-अलग जिलों के 12 अंगदाताओं के परिजनों का सम्मान किया जाएगा. इसका आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय से जारी किया गया है.
पत्र में लिखा है कि अंगदान एक अत्यंत मानवीय एवं जीवनरक्षक कार्य है, जिसके माध्यम से अनेक जरूरतमंद व्यक्तियों को नया जीवन प्रदान किया जा सकता है. छत्तीसगढ़ राज्य में अंगदान के प्रति जन-जागरूकता अभी भी अपेक्षाकृत कम है, जिसके कारण इस दिशा में प्रोत्साहन की आवश्यकता है. अंगदान को बढ़ावा देने एवं समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यह आवश्यक है कि अंगदाताओं के अमूल्य योगदान का सम्मान किया जाए.
कृपया 15 अगस्त 2025 (स्वतंत्रता दिवस) को आयोजित जिला स्तरीय समारोह में अंगदाताओं के परिजनों को आमंत्रित कर जिला प्रशासन की ओर से सम्मान पत्र/प्रशस्ति पत्र प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें. यह सम्मान न केवल उनके महान एवं मानवीय निर्णय का आदर होगा, बल्कि अन्य नागरिकों को भी अंगदान के लिए प्रेरित करेगा. कार्यक्रम को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाए.
रायपुर। पूर्व महापौर ऐजाज ढेबर के भतीजे शोएब ढेबर को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा है. जेल मैन्युअल का उलंघन और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में गंज थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है. शोएब ढेबर शराब घोटाला मामले में जेल में बंद आरोपी अनवर ढेबर का बेटा है. गंज थाना में जेल पहरी की शिकायत पर शोएब के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी.
केंद्रीय जेल रायपुर में विचाराधीन बंदी अनवर ढेबर के पुत्र शोएब ढेबर ने मुलाकात कक्ष में तैनात प्रहरी को धौंस दिखाते हुए गाली गलौज किया था और अवैधानिक रूप से मुलाकात कक्ष में अपने पिता से मुलाकात करने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए जबरन प्रवेश किया था. इस मामले में शोएब ढेबर के खिलाफ थाना गंज में अपराध पंजीबद्ध किया गया था.
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना गंज पुलिस की टीम ने प्रकरण में आरोपी शोएब ढेबर को गिरफ्तार कर आरोपी के विरूद्ध पृथक से प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई कर जेल भेजा गया. बता दें कि हाल ही में शोएब ढेबर को सेंट्रल जेल रायपुर के मुलाकात कक्ष से आगामी तीन माह के लिए प्रतिबंधित किया गया है. शोएब ढेबर जेल अधिकारियों की अनुमति के बिना जबरदस्ती मुलाकात कक्ष में प्रवेश कर शासकीय कार्य में बाधा डाला था, जिसके चलते यह प्रतिबंध लगाया गया है.
बिलासपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर में हुई स्टाफ कमेटी की बैठक में दूषित प्रक्रिया में भर्ती हुए 29 अभ्यर्थीयो को पुनः बर्खास्त कर दिया गया है।
उच्च न्यायालय में पंकज तिवारी एवं अन्य कुल 29 पूर्व में बर्खास्त कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय बिलासपुर में पिटीशन क्रमांक 3346/2020 दायर किया। उक्त पिटीशन के विरुद्ध रिट अपील प्रकरण क्रमांक 307/2025 उच्च न्यायालय में दायर किया गया। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत अनुसार बैंक को आदेश प्राप्ति दिनांक से बैंक को विभागीय कार्यवाही किए जाने का आदेश पारित किया।
इसी परिपेक्ष में बैंक के प्राधिकृत अधिकारी की अध्यक्षता में हुई स्टाफ कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि माननीय न्यायालय के आदेश अनुसार समय अवधि में कार्यवाही पूर्ण की जाए। इसके लिए बैंक के सीईओ के द्वारा जांच टीम बनाई गई, जिसमें 4 वरिष्ठ शाखा प्रबंधकों को जांच की जिम्मेदारी सौंप गई। इनके द्वारा समय अवधि में जांच कर जांच प्रस्तुत किया गया। इसमें कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुनवाई भी की गई ।
इसके उपरांत बैंक के स्टाफ कमेटी दिनांक 04/08/2025, 05/08/2025 एवं 08/08/2025 के निर्णय अनुसार 01 शाखा प्रबंधक 04 सहायक लेखापाल 08 पर्यवेक्षक 6 लिपिक सह कंप्यूटर ऑपरेटर और 10 समिति प्रबंधकों कुल 29 कर्मचारियों को पुनः सेवा से पृथक किया गया । इसी प्रकरण को उपरोक्त कर्मचारियों के द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट में भी चैलेंज किया गया। जिसे माननीय सुप्रीम कोर्ट ने दिनांक 12/08/2025 को प्रकरण खारिज कर दिया गया। बैंक के द्वारा उपरोक्त प्रकरण में माननीय हाई कोर्ट में केविएट दायर कर दिया गया है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज ‘स्वच्छता संगम’ में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अहम योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों के पैर पखारकर उनका सम्मान किया। बिलासपुर के बहतराई इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में 260 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। उन्होंने घोषणा की कि स्वच्छता में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नगरीय निकाय को एक करोड़ रुपए, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले को 50 लाख रुपए तथा तीसरा स्थान पाने वाले को 25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर विधायकगण धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, दिलीप लहरिया और सुशांत शुक्ला, बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि ‘स्वच्छता संगम-2025’ में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘स्वच्छता संगम’ के सफल आयोजन के लिए नगरीय प्रशासन विभाग को बधाई देते हुए कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में हमारी सफाई दीदियों का योगदान अतुलनीय है, और आज उनके पैर पखारकर हमने उन्हें सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। तब से हम निरंतर स्वच्छता के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए नई उपलब्धियां अर्जित कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता पाई है। यह उपलब्धियां हमें और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न नवाचार लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर ‘हर घर तिरंगा’ लहराने और प्रदेश को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए जनसहभागिता का आह्वान किया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के इतिहास का गौरवशाली दिन है। प्रधानमंत्री ने 2014 में स्वच्छता का बीड़ा उठाया और आज यह जन आंदोलन का रूप ले चुका है। स्वच्छता में प्रगति करते हुए हमने राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है और राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से पुरस्कार प्राप्त किए हैं। हमारे नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर छह पुरस्कार प्राप्त होना गर्व की बात है। रायपुर नगर निगम को गार्बेज-फ्री सिटी में सेवन-स्टार रेटिंग मिली है। 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में अकेले छत्तीसगढ़ के 58 शहरों को थ्री-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। सोर्स सेग्रीगेशन और अपशिष्ट प्रबंधन में भी हमारे शहरों ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। स्वच्छता के सभी मापदंडों पर छत्तीसगढ़ में तेजी से कार्य हो रहा है। हमारा उद्देश्य है कि हमारे शहर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनें तथा स्वच्छता छत्तीसगढ़ की पहचान बने।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में राज्य के 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सात नगरीय निकायों को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों पुरस्कृत होने का गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में इन नगरीय निकायों के साथ ही संभाग स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 से अधिक नगरीय निकायों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने संपत्ति कर जमा करने का ऑनलाइन पोर्टल किया लॉन्च
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में तीन नगर निगम—बिरगांव, भिलाई-चरोदा और धमतरी—तथा 43 नगर पालिकाओं में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की सुविधा के लिए जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल का शुभारंभ किया। एक साथ 46 शहरों में ऑनलाइन संपत्ति कर भुगतान की यह सुविधा स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे कर संग्रहण में भी तेजी आएगी।
‘स्वच्छता संगम’ में नगरीय निकायों में स्वच्छता और शहरी सौंदर्यीकरण के मानकों को ऊंचा उठाने के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 पर आधारित वीडियो का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने 63.57 करोड़ के 24 कार्यों का किया लोकार्पण, 197 करोड़ से अधिक के 25 कार्यों का किया भूमिपूजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘स्वच्छता संगम’ में 260 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने बिलासपुर जिले में विभिन्न विभागों के 63 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत के 24 निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण किया तथा 197 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के 25 कार्यों का भूमिपूजन भी किया।
इस अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, सभी नगरीय निकायों के महापौर, सभापति, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, निगम आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के वरिष्ठ अभियंता, स्वच्छता दीदियां एवं स्वच्छता कमांडोज़ बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
नई दिल्ली। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी के लिए सतत रूप से काम कर रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लाई गई योजनाओं का लाभ पूरे देश में मिल रहा है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।"
लोकसभा में रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन योजन और केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता पर सवाल किया साथ ही
हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में तीव वृद्धि करने और उनके विनिर्माण हेतु क योजना और विगत तीन वर्षों के दौरान उक्त योजनाओं के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में दी गई सहायता पर जानकारी मांगी।
जिस पर भारी उद्योग मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा ने बताया कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (ईएमपीएस-2024) के तहत केवल छह माह (1 अप्रैल 2024 से 30 सितंबर 2024) में छत्तीसगढ़ में 13,091 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए, जिन पर 16.74 करोड़ रुपये की सब्सिडी लाभार्थियों को दी गई।
बृजमोहन अग्रवाल के सवाल के जवाब में मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि फेम-2 योजना (हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के तीव्र अंगीकरण एवं विनिर्माण स्कीम) के तहत 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2024 के दौरान छत्तीसगढ़ में 33,552 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए और लाभार्थियों को 121.26 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2024 में 19,49,114 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए यानी हर दिन औसतन 5,325 वाहन। यह हरित परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
भारी उद्योग मंत्री के अनुसार, देश में वर्तमान में कुल 13 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें दिल्ली में 1.83 लाख, महाराष्ट्र में 1.79 लाख, उत्तर प्रदेश में 4.14 लाख (सर्वाधिक) और छत्तीसगढ़ में 1.49 लाख इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं।
ईएमपीएस-2024 को 13 मार्च 2024 को अधिसूचित किया गया था, जिसमें 778 करोड़ रुपये का प्रावधान है। यह योजना ई-दो पहिया और ई-तिपहिया वाहनों के तीव्र अंगीकरण एवं विनिर्माण पारितंत्र के विकास के लिए लागू की गई है। वहीं, फेम-2 योजना 11,500 करोड़ रुपये के बजट के साथ 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2024 तक संचालित रही।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि इन योजनाओं से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को गति मिलेगी और आने वाले समय में रोजगार एवं औद्योगिक विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर केन्द्रीय रासायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने छत्तीसगढ़ को यूरिया और डीएपी खाद की अतिरिक्त आबंटन की मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि केन्द्रीय रासायन एवं उर्वरक मंत्री से दिल्ली में कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के सांसदों ने मुलाकात कर छत्तीसगढ़ राज्य को यूरिया और डीएपी खाद की आपूर्ति के संबंध में चर्चा की।
कृषि मंत्री श्री नेताम और सांसदों ने राज्य के किसानों को खरीफ सीजन में रोपा-ब्यासी के समय पड़ने वाले खाद की अतिरिक्त आवश्यकता की जानकारी देते हुए उनसे खरीफ सीजन के लिए छत्तीसगढ़ को निर्धारित सप्लाई प्लान के अतिरिक्त 50-50 हजार टन यूरिया और डीएपी खाद आबंटित किए जाने का आग्रह किया है। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा इस पर छत्तीसगढ़ को अतिरिक्त खाद उपलब्ध कराने उर्वरक मंत्रालय अधिकारियों को निर्देशित किया।
केन्द्रीय उर्वरक मंत्री श्री नड्डा से मुलाकात के दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम और लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय, विजय बघेल, कमलेश जांगड़े और रूपकुमारी चौधरी और राज्यसभा सांसद देवेन्द्र बहादुर सिंह, छत्तीसगढ़ मार्कफेड प्रबंध संचालक किरण कौशल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में यूरिया और डीएपी खाद की आपूर्ति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के किसान मुख्य रूप से धान की फसल लेते हैं। खरीफ सीजन में किसान अगस्त-सितंबर माह में रोपा-बियासी का कार्य करते हैं। वर्तमान में रोपा-बियासी का काम तेजी से चल रहा है। इस समय धान के पौधों को तेजी से बढ़वार और बेहतर उत्पादन के मद्देनजर किसानों को इस समय ज्यादा फोस्फेटिक खाद की जरूरत पड़ती है।
कृषि मंत्री श्री नेताम और सांसदों ने केन्द्रीय उर्वरक मंत्री को बताया कि सप्लाई प्लान के अनुसार छत्तीसगढ़ को माह जुलाई तक यूरिया की 5.99 लाख तथा डी.ए.पी. की 2.68 लाख मेट्रिक टन आपूर्ति निर्धारित थी जिसके विरूद्ध यूरिया की 4.63 लाख तथा डी.ए.पी. की 1.61 लाख मेट्रिक टन मात्रा राज्य को प्राप्त हुई है। माह अगस्त के लिए यूरिया की 57,600 मेट्रिक टन तथा डी.ए.पी. की 36,850 मेट्रिक टन का सप्लाई प्लान निर्धारित है। चूंकि इन उर्वरकों की सर्वाधिक आवश्यकता अगस्त माह में होती है। इसलिए निर्धारित सप्लाई प्लान के अतिरिक्त यूरिया तथा डी.ए.पी. की 50-50 हजार मेट्रिक टन अतिरिक्त मात्रा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
खरीफ सीजन में खाद भंडारण एवं वितरण
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ वर्ष 2025 में भारत सरकार द्वारा उर्वरक यूरिया-07 लाख 12 हजार मेट्रिक टन, डी.ए.पी. 03 लाख 10 हजार मेट्रिक टन तथा एम.ओ.पी.-60 हजार मे.टन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरुद्ध 11 अगस्त तक 06 लाख 72 हजार मे.टन यूरिया, 02 लाख 14 हजार मे.टन डी.ए.पी. तथा 80 हजार मे.टन एम.ओ.पी. का भण्डारण किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि डी.ए.पी. के प्रतिस्थापन के संबंध में वैकल्पिक उर्वरकों के रुप मेंएन.पी.के. 01 लाख 80 हजार मे.टन लक्ष्य के विरुद्ध 02 लाख 37 हजार मे.टन एवं एस.एस.पी. 02 लाख मे. टन लक्ष्य के विरुद्ध 02 लाख 95 हजार मे.टन का भण्डारण किया गया है। इसी प्रकार डी.ए.पी. की कमी की पूर्ति एन.पी.के एवं एस.एस.पी. उर्वरकों से की जा रही है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में आयोजित शहीद विनोद सिंह कौशिक मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी ही राष्ट्र का भविष्य है और उनकी मेहनत, लगन एवं संकल्प से प्रदेश और देश नई ऊँचाइयों को छुएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह अवसर अत्यंत गर्व और उत्साह का है, जब हम अपनी नई पीढ़ी के होनहार, परिश्रमी और प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शहीद विनोद सिंह कौशिक की स्मृति में विगत तीन वर्षों से हो रहा है और यह कार्यक्रम समूचे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को आगे बढ़ने और कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद विनोद सिंह कौशिक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि वीर सपूत शहीद विनोद सिंह कौशिक माओवादियों से लड़ते हुए वर्ष 2018 में नारायणपुर में शहीद हो गए थे। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने हेतु उनकी स्मृति में न्यास का गठन किया गया है और इसके माध्यम से प्रतिभाओं का सम्मान किया जाना अनुकरणीय पहल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हम मार्च 2026 तक नक्सली आतंक को समाप्त करने की दिशा में अग्रसर हैं। केंद्र और राज्य की डबल इंजन की सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। लगातार नक्सल ऑपरेशनों में सफलता मिल रही है, करोड़ों के इनामी नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस सम्मान समारोह के माध्यम से हम केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों का ही नहीं, बल्कि देश के भविष्य निर्माता बच्चों का भी सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपने जो उपलब्धि हासिल की है, उसमें निःसंदेह आपकी मेहनत है, लेकिन इसके पीछे परिवार, गुरुजनों और समाज का भी अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि राज्य में ही सभी उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करने, निरंतर मेहनत करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का संदेश दिया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वीर सपूत शहीद विनोद सिंह कौशिक को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप जीवन के ऐसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर हैं, जहाँ से भविष्य की दिशा तय होती है। आपके प्रयासों से न केवल आपका, बल्कि देश और प्रदेश का उज्ज्वल भविष्य निर्माण होगा। आपके सपनों के साथ आपके माता-पिता, शिक्षक और रिश्तेदारों की उम्मीदें भी जुड़ी हुई हैं। इन सपनों को साकार करने के लिए समर्पित भाव से निरंतर मेहनत करें। श्री साव ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ‘डिप्रेशन’ और ‘निराशा’ जैसे शब्द अपनी डिक्शनरी से हमेशा के लिए हटा दीजिए, क्योंकि निराश व्यक्ति कभी सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। उत्साह और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ें।
इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, महापौर पूजा विधानी, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजेश पांडे, क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
रायपुर। राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में आगामी तीन दिनों के सरकारी अवकाश के दौरान 1 दिन के लिए मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी. अस्पताल प्रबंधन ने तय किया है कि 16 अगस्त (शनिवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक OPD खुली रहेगी. हालांकि तीनों दिन आपातकालीन सेवाएं (Emergency) हमेशा की तरह ही 24 घंटे चालू रहेंगी.
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि इस निर्णय से दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर बस्तर, बीजापुर और अन्य 400-500 किलोमीटर दूर से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.
इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों, आपातकाल प्रभारी, नर्सिंग अधीक्षक और अधिष्ठाता को निर्देशित करते हुए पत्र जारी किया गया है. सभी विशेषज्ञ डॉक्टर और अस्पताल का स्टाफ पूर्व की भांति ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे और सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होंगी.
रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा के मानसून सत्र में प्रस्तुत खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025 को छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के खनिज-समृद्ध राज्यों के लिए ऐतिहासिक और मील का पत्थर करार दिया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के नेतृत्व में लाया गया यह विधेयक भारत की रणनीतिक खनिज सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, खनन क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप आधुनिक बनाएगा और खनन प्रभावित क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में नई गति देगा।
उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती कानूनों में कई व्यावहारिक चुनौतियाँ थीं, महत्वपूर्ण खनिजों (लिथियम, कोबाल्ट, दुर्लभ मृदा) के लिए आयात पर निर्भरता, जटिल लाइसेंस प्रक्रिया, और खनन प्रभावित क्षेत्रों में पारदर्शिता का अभाव। यह विधेयक इन कमियों को दूर करेगा।
विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में शामिल हैं
- राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (NCMM) की स्थापना, जिससे भारत को देश और विदेश में खनिज अधिग्रहण एवं अन्वेषण का कानूनी और वित्तीय अधिकार मिलेगा।
- खनिज एक्सचेंज जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से पट्टा आवंटन एवं खनिज व्यापार में पारदर्शिता और गति।
- कुछ खनिज श्रेणियों पर रॉयल्टी दरों में वृद्धि, जिससे राज्यों की आय में बढ़ोतरी।
- जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका में अधिक निवेश और सामाजिक लेखा परीक्षा को मजबूती।
छत्तीसगढ़ को होगा सीधा लाभ
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज भंडार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में है। यहां 37% कोयला, 22% लौह अयस्क, 36% लाइम स्टोन, 12% बॉक्साइट के अलावा लिथियम और कोबाल्ट का भी नया भंडार मिला है। इन संसाधनों का सही दोहन होने से
- रॉयल्टी संग्रह और DMF फंड में वृद्धि होगी, जिससे खनन प्रभावित जिलों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य संभव होंगे।
- निम्न-श्रेणी के अयस्क के डंप और निकटवर्ती पट्टा क्षेत्रों के विस्तार से नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- राष्ट्रीय खनिज व्यापार एक्सचेंज से प्रतिस्पर्धी मूल्य मिलेंगे और डाउनस्ट्रीम उद्योगों में निजी निवेश आकर्षित होगा।
उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने आदिवासी क्षेत्रों के लिए DMF फंड में 3% की वृद्धि की है, जिससे छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड जैसे राज्यों के आदिवासी इलाकों का तेजी से विकास होगा। लिथियम और कोबाल्ट के भंडार से देश की विदेशी मुद्रा की बचत होगी और सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ा विकास संभव होगा।
कांग्रेस शासन पर प्रहार
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस शासनकाल पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कोल घोटाला और लौह अयस्क घोटाले के कारण खनन प्रभावित क्षेत्रों का विकास वर्षों तक ठप रहा। उन्होंने विश्वास जताया कि मोदी सरकार में पारदर्शी नीतियों के साथ DMF फंड का सही उपयोग सुनिश्चित होगा और खनन क्षेत्रों के विकास में ऐतिहासिक बदलाव आएगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में छात्रों के प्रवेश के लिए तीसरी लाटरी 19 अगस्त को निकाली जाएगी। इस अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों की 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश दिया जाता है।
लोक शिक्षण संचालनालय, से मिली जानकारी के अनुसार, जिन बच्चों का चयन पहले ही हो चुका है, उनके नामों को छोड़कर शेष आवेदकों के बीच लॉटरी प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इस चरण में अभिभावकों या बच्चों द्वारा नए आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि आरटीई अधिनियम के तहत् निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों में प्रवेश के लिए लगभग 6,100 सीटें अब भी रिक्त हैं।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिया जाता है, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क शिक्षा का समान अवसर मिल सके।
रायपुर। धर्मांतरण मामले में बजरंग दल पर मसीह समाज को फंसाने का आरोप लगाते हुए मसीह समाज ने आज रायपुर में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. रैली सुभाष स्टेडियम से निकली, जो गांधी मैदान पहुंचकर समाप्त हुई. यहां बड़ी सभा को समाज प्रमुखों ने संबोधित किया. सभा के बाद मसीह समाज का प्रतिनिधि मंडल राजभवन गया, जहां मसीह समाज को सुरक्षा देने, धर्म स्थल पर सुरक्षा बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा.
बता दें कि पिछले रविवार को सरस्वती नगर थाने के सामने स्थित कुकुरबेड़ा बस्ती में धर्मान्तरण के आरोप में एक पक्ष के कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. इस कार्रवाई का विरोध करते हुए मसीह समाज ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा समेत अन्य मांगों को लेकर रैली निकालकर सभा लेने की घोषणा की थी, जिसके चलते आज रायपुर में बड़ा प्रदर्शन किया.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा-निर्देशन में लागू की गई शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस नीति के तहत अतिरिक्त और रिक्त पदों का संतुलन कर शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अब सुदूर अंचलों के विद्यार्थियों को भी नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र कोरकोमा का शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, जहां 319 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, इसका स्पष्ट उदाहरण है। पहले यहां शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती थी और कई कालखंड खाली रह जाते थे। लेकिन युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के बाद दो शिक्षिकाओं रामेश्वरी रत्नाकर और पद्मा निषाद की पदस्थापना से अब सभी कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, और सतत अध्यापन, अध्ययन कार्य व्यस्थित रूप से चल रही है।
प्रधानपाठक गोपाल प्रसाद साव ने बताया कि दर्ज संख्या के अनुसार यहां दो शिक्षकों की कमी थी, जो अब पूरी हो गई है। नई पदस्थ शिक्षिकाओं ने आते ही तुरंत कक्षाएं लेना प्रारंभ कर दिया है। श्रीमती रत्नाकर अंग्रेजी पढ़ा रही हैं, जबकि निषाद सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और हिंदी विषय संभाल रही हैं।
विद्यार्थी सुनील, समीर, गुंजन, स्नेहा, राकेश और साहिल खुशी जताते हुए बताया कि अब कोई भी कालखंड खाली नहीं जाता और पढ़ाई निरंतर चल रही है। 5 से 7 किलोमीटर दूर से आने वाले बच्चों के लिए यह बदलाव विशेष रूप से राहत भरा है, क्योंकि अब उन्हें प्रत्येक विषय की नियमित शिक्षा मिल रही है।
यह बदलाव न केवल विद्यार्थियों की शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठा रहा है, बल्कि अभिभावकों का भी विद्यालय पर भरोसा बढ़ा रहा है। शासन की यह पहल शिक्षा के अधिकार को मजबूत करते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य का कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे।
दंतेवाड़ा। जिले की लौह नगरी किरंदुल स्थित एनएमडीसी में सोमवार की देर रात एक भीषण हादसा हो गया। फाइन अयस्क के परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली एन2 कन्वेयर बेल्ट में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग इतनी तेजी से फैल गई कि करीब 200 मीटर लंबी बेल्ट पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस हादसे से कंपनी के लौह अयस्क उत्पादन पर बड़ा असर पड़ा है और शुरुआती अनुमान के मुताबिक कंपनी को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है।
मिली जानकारी के अनुसार 11-12 अगस्त की मध्य रात्रि करीब 12 बजे नगर पालिका वार्ड क्रमांक-12 के फाइनोर पारा के पास से गुजरने वाली एन2 कन्वेयर में आग लगी। यह कन्वेयर स्क्रीनिंग प्लांट से 10 मिमी से कम साइज के फाइन अयस्क को ट्रांसपोर्ट करती है। आग इतनी भीषण थी कि रोलर फ्रेम, कन्वेयर स्ट्रक्चर को भी नुकसान हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई। लेकिन कन्वेयर बेल्ट दोनो साईड से टिन शेड से ढकी होने और बिजली केबल कनेक्शन लगा होने के कारण आग बुझाने में काफी मुश्किलें आईं। जवानों को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी, सुबह तक आग पर काबू पाया जा सका।
रायपुर। पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अब कोरबा जिले के हर मोहल्ले और बस्ती तक पहुँच रहा है। इस योजना ने न केवल लोगों के बिजली बिलों में भारी बचत कराई है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण के संरक्षण में भी अहम योगदान दिया है। कोरबा जिले के नगरीय क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, दादर खुर्द निवासी शंकर पुरी जिन्होंने अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा का ’सूर्यघर’ स्थापित कर जीवन में नई ऊर्जा भर दी है।
3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप, एक लाख रूपए से अधिक की सब्सिडी
शंकर पुरी, जो अपने परिवार के साथ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रह रहे हैं, हमेशा से बिजली बिल के खर्च और बिजली चले जाने की समस्या से चिंतित थे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने बिना देर किए योजना का लाभ उठाने का निर्णय लिया। योजना के तहत उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित किया। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से सीधा अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जाता है, जिससे प्रारंभिक निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है। शंकर पुरी को भी इस योजना के अंतर्गत रूपये 78 हजार की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे उन्हें सोलर पैनल स्थापना के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा कवर करने में मदद मिली। राज्य सरकार द्वारा भी शंकर पुरी को 30 हजार रूपए का अनुदान जल्द ही दिया जायेगा।
पर्यावरण अनुकूल, 3.5 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी
सोलर पैनल लगने के बाद से श्री पुरी को हर महीने बिजली बिल में बचत हो रही है। उनका कहना है कि यह बचत साल भर में एक बड़ी राशि बन जाती है, जिसे वे परिवार की अन्य आवश्यकताओं और बच्चों पर खर्च कर पा रहे हैं। साथ ही, यह प्रणाली पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है। सौर ऊर्जा के उपयोग से सालाना लगभग 3.5 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, जो वातावरण को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। श्री पुरी बताते हैं कि उन्हें यह जानकर गर्व होता है कि उनका छोटा-सा प्रयास भी जलवायु परिवर्तन से लड़ने के वैश्विक प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने बताया योजना की प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सरल थी।
सोलर प्लांट लगाना लाभकारी निवेश
अपने अनुभव को साझा करते हुए श्री पुरी ने योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा - “मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ अवश्य लें। इससे न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण भी सुनिश्चित होता है। प्रारंभिक लागत को लेकर डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी और लंबी अवधि की बचत इसे एक लाभकारी निवेश बनाती है।“
बिलासपुर। शराब घोटाले में मनी लॉंड्रिंग वाले मामले में ईडी की गिरफ्त में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को बुखार हो गया है. हाईकोर्ट ने स्पेशल कोर्ट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर डायरेक्शन लेने के साथ जेल सुपरिटेंडेंट को चैतन्य बघेल को विधि सम्मत सारी सुविधाएं मुहैय्या कराने के लिए निर्देशित किया गया. मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी.
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कहना है कि चैतन्य बघेल को तेज बुखार के साथ स्वच्छ पानी को लेकर समस्या है. इस पर न्यायालय ने कहा कि अभियुक्त न्यायिक हिरासत में है, याचिकाकर्ता इस मामले में ट्रायल कोर्ट में एक आवेदन पेश करें.
इसके साथ कोर्ट ने यह भी कहा कि हालांकि, याचिकाकर्ता की तरफ से बीमार होने का कोई दस्तावेज नहीं दिया गया है. लेकिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ईडी और जेल सुपरिंटेंडेंट को निर्देश दिया कि इस मामले को सत्यापित करने के बाद नियम और कानून के तहत काम करें.
बता दें कि ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले (Chhattisgarh liquor scam) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 18 जुलाई को भिलाई 3 स्थित बघेल निवास से चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन ही गिरफ्तार किया था. चैतन्य बघेल ने गिरफ्तारी के खिलाफ पहले सुप्रीम कोर्ट गए थे, जहां से मिले निर्देश के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले (Chhattisgarh liquor scam) में आरोपी बनाए गए हैं. ईडी के अनुसार, 2019-22 के बीच राज्य में 2100 करोड़ का घोटाला हुआ था. इसका पूरा पैसा चैतन्य ने ही मैनेज किया.
रायपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आज छत्तीसगढ़ के 1 लाख 41 हजार से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹152 करोड़ 84 लाख की राशि का सीधा अंतरण किया गया। यह राशि फसल हानि की भरपाई के साथ किसानों को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में यह योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच बन गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज देशभर में 30 लाख से अधिक किसानों को कुल ₹3,200 करोड़ से ज्यादा की बीमा दावा राशि का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं की रक्षा और उनकी समृद्धि हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन और संकल्प से किसानों की समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा का द्वार खुला है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार, केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य के किसान आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होने के साथ ही आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो सकें।
सूरजपुर। जिले के भटगांव स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 2 दिन पहले एक गर्भवती महिला ने अस्पताल के फर्श पर बच्चे को जन्म दिया। घटना के समय अस्पताल में न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स।
जानकारी के अनुसार, पंण्डो जनजाति की महिला प्रसव पीड़ा के चलते भटगांव स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। लेकिन वहां मौजूद स्टाफ की गैरहाजिरी के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका और महिला ने अस्पताल के फर्श पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस घटना ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में अस्पताल की लापरवाही की पुष्टि होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) सूरजपुर ने बड़ी कार्रवाई की।
ड्यूटी पर तैनात RHO विक्टोरिया केरकेट्टा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं मेडिकल ऑफिसर और स्टाफ नर्स को निलंबित करने के लिए राज्य शासन को पत्र भेजा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रसव जैसी आपात स्थिति में स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आक्रोश है और वे जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।