रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सावन मास के पवित्र अवसर पर राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कर छत्तीसगढ़ प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मारूति मंगलम भवन, गुढ़ियारी से हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर तक हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक हेतु रवाना हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है और हमारे लोक-विश्वास की गहराई को प्रकट करता है। सावन महीने में कांवड़ यात्रा शिवभक्तों की आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर पदयात्रा कर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में जलाभिषेक हेतु एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का अद्वितीय संगम है। कांवड़ यात्रा जैसी आयोजन न केवल परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश देते हैं।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और रायपुर महापौर मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने कबीरधाम जिले में संचालित आदिवासी व अनुसूचित जाति छात्रावासों और आश्रमों में वर्षों से कार्यरत अधीक्षकों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने इन अधीक्षकों के स्थानांतरण और उनके स्थान पर पदोन्नत अधीक्षकों की पदस्थापना की प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत पृथक-पृथक आवेदन पत्रों का निराकरण नियमानुसार आदेश की प्रति प्राप्ति के चार सप्ताह के भीतर किया जाए. इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई.
कबीरधाम जिले के छात्रावासों और आश्रमों में वर्ष 2015 से पूर्व से अथवा कई वर्षों से कार्यरत अधीक्षक जिनमें अनीता धुर्वे, प्रहलाद राम पात्रे, माया दर्रो, जयंती मेरावी, भेजंती धुर्वे, राजकुमारी बंजारे, बसंती बंजारे, चंपा देवी वारले, पूरन सिंह पोर्ते, गणपत दास बघेल, मनोज कुमार मंडावी, लखनलाल वारते, छोटा सिंह चिचाम, प्रकाश टेकाम, दीपकला पातरे, सुनीता सोनवानी, नर्मदा मरावी एवं नंदकुमार मरावी शामिल हैं. उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसमें कहा गया कि वे लंबे समय से प्रभारी अधीक्षक के रूप में कुशलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं, इसके बावजूद विभाग ने उन्हें हटाकर हाल ही में पदोन्नत अधीक्षकों को उनके स्थान पर पदस्थ किया जा रहा है.
यह कार्यवाही विभाग द्वारा 10 जून 2025 को जारी दिशा-निर्देशों की कंडिका 03 के विपरीत है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि जिन आश्रमों और छात्रावासों में वर्ष 2015 के पूर्व से शिक्षक कार्यरत हैं, उन्हें रिक्त नहीं माना जाएगा और उन्हें हटाने की प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी. इसके बावजूद याचिकाकर्ताओं के आवेदन पत्रों पर कोई सुनवाई नहीं की गई. हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आदिम जाति एवं आदिवासी विकास विभाग को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं के आवेदनों का 4 सप्ताह के भीतर नियमानुसार निराकरण किया जाए.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नई सेवा के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। शुभारंभ के खास मौके पर गुजरात के भावनगर में आयोजित मुख्य समारोह से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली उपस्थित रहे। मुख्य समारोह में रीवा-पुणे (हड़पसर) एक्सप्रेस एवं भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस का भी रीवा एवं भावनगर से शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की विशेष पहल से आज तीन नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है और इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है और इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़ की लागत से सर्वसुविधायुक्त बनाने के साथ ही पूरा कायाकल्प जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से पीड़ित और वहां भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं भी हमारे छत्तीसगढ़ को मिली है, इसके लिए भी उन्होंने विशेष रूप से आभार जताया। श्री साय ने कहा कि रायपुर से जबलपुर के लिए वैकल्पिक रेल सेवा मिलने से पर्यटन, शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नई रेल सेवा मिलने से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र जैसे मां बमलेश्वरी की भूमि डोंगरगढ़ और भेड़ाघाट सीधे इन बड़े शहरों से जुड़ पाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस के शुभारंभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रेलसेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर संपर्क का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी रायपुर से जबलपुर तक लगभग 410 किलोमीटर की दूरी को केवल 8 घंटे में तय करेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के यात्री अब सुगमता के साथ गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर की यात्रा कर पाएंगे और इससे क्षेत्रीय व्यापार व पर्यटन को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 32 स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है और रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नई कनेक्टिविटी के लिए बधाई देते हुए कहा कि निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क का और अधिक सशक्त विस्तार होगा।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे तरुण प्रकाश, डीआरएम रायपुर दयानंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
गौरतलब है कि यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तीन राज्यों को जोड़ रही है। यह ट्रेन रायपुर, गोंदिया और जबलपुर के बीच यात्रियों को तेज़, वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगी। इस नई सेवा से यात्रियों को न केवल आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि नियमित सेवा के तहत गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे प्रस्थान करेगी और रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें एक एसी चेयर कार, चार चेयर कार, आठ सामान्य कोच, एक पावर कार और एक एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह सेवा व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी होगी। रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे शहर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व से समृद्ध हैं। नंदनवन जूलॉजिकल पार्क, माँ बमलेश्वरी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच अब और आसान हो सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस नई रेलसेवा की शुरुआत कर यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी।
बिलासपुर। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू न करने के आदेश के खिलाफ दायर अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि जब एकल पीठ ने अवमानना कार्रवाई प्रारंभ करने से इंकार कर दिया है, तो उसके विरुद्ध अपील धारा 19(1)(ए) अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत सुनवाई योग्य नहीं है.
हाईकोर्ट में जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल व जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच में शैलेन्द्र ज्ञानचंदानी द्वारा दायर अपील पर यह फैसला सुनाया. याचिकाकर्ता ने धमतरी के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी.
शैलेन्द्र ज्ञानचंदानी ने आरोप लगाया था कि धमतरी के तत्कालीन पुलिस अधिकारी एसपी आंजनेय वैष्णव, सीएसपी नेहा पवार, थाना प्रभारी राजेश मरई और अमित बघेल ने सुप्रीम कोर्ट के अरनेश कुमार बनाम बिहार राज्य (2014) के आदेशों की अवहेलना करते हुए गिरफ्तारी की प्रक्रिया में अवमानना की है.
इस पर दायर अवमानना याचिका पर हाई कोर्ट के सिंगल बैंच ने 21 अक्टूबर 2024 को खारिज कर दिया और अवमानना कार्रवाई शुरू करने से इंकार कर दिया था.
अपीलकर्ता के अधिवक्ता ने डिवीजन बेंच में तर्क दिया कि एकल पीठ द्वारा कार्रवाई न प्रारंभ करने का आदेश कानूनी त्रुटि है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की स्पष्ट अवहेलना हुई है, जिसके बावजूद एकल पीठ ने अवमानना की कार्रवाई प्रारंभ नहीं की, जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है.
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 19(1)(ए) के अनुसार अपील केवल तभी सुनवाई योग्य होती है, जब हाईकोर्ट अपने अधिकार क्षेत्र में रहते हुए अवमानना के लिए दंडित करता है. जब एकल पीठ ने अवमानना कार्रवाई प्रारंभ करने से ही इंकार कर दिया है, तो यह आदेश धारा 19(1)(ए) के तहत अपील योग्य नहीं है. यह अपील प्रारंभिक स्तर पर ही अपात्र है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ईडी के एक्शन के बाद अब पूर्व सीएम भूपेश बघेल को गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। बघेल ने ईडी की इन कार्रवाईयों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। बघेल ने आरोप लगाया है कि जिस तरह से उनके बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने अरेस्ट किया, उसी तरह उन्हे भी टारगेट किया जा सकता है। आपको बता दे पूर्ववर्ती सरकार में हुए शराब, कोयला और महादेव सट्टा ऐप मामले में ईडीख् सीबीआई, एसीबी और ईओडब्लू की जांच में पूर्व सीएम बघेल खुद भी जांच के दायरे में है। भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार में हुए घोटालों की आज पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर तक पहुंच गयी है। बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद अब भूपेश बघेल को डर है कि ईडी उन्हे टारगेट कर गिरफ्तार कर सकती है। लिहाजा बघेल ने अपने वकील के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। दायर याचिका में पूर्व सीएम ने कहा कि जैसे उनके बेटे चैतन्य बघेल को राजनीतिक द्वेष में फंसाकर गिरफ्तार किया गया, वैसे ही उन्हें भी टारगेट किया जा सकता है। बघेल का कहना है कि उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा शराब घोटाला मामले में जेल में बंद भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने भी सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका लगाई है।
चैतन्य की याचिका में कहा गया है कि न तो उनका नाम ईडी की एफआईआर में है और न ही किसी गवाह के बयान में, बावजूद इसके उन्हें राजनीतिक मकसद से गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि शराब घोटाला मामले में 5 महीने पहले ईडी ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर छापेमारी की थी। ईडी की इस कार्रवाई के बाद दोबारा भूपेश बघेल के घर ईडी ने रेड की और चैतन्य बघेल के जन्मदिन के दिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस गिरफ्तारी पर भूपेश बघेल ने आरोप लगाया था कि विधानसभा के अंतिम दिन अडानी के मनमानी और पेड़ कटाई के मामले को कांग्रेस उठाने वाली थी। जिसे लेकर राजनीतिक द्वेष से ये कार्रवाई की गयी।
रायपुर। बलौदा बाजार जिले के कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों क़ो जूठा भोजन परोसने वाली महिला स्व सहायता समूह क़ो मध्यान्ह भोजन संचालन कार्य से पृथक कर दिया गया है.
एसडीएम पलारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लच्छनपुर में 28 जुलाई 2025 क़ो मध्यान्ह भोजन की पकी हुई सब्जी क़ो आवारा कुत्ते द्वारा जूठा कर देने तथा उक्त घटना की जानकारी बच्चों के द्वारा दिये जाने तथा शिक्षकों द्वारा भोजन नहीं परोसने हेतु कहने के बावजूद उक्त भोजन बच्चों क़ो परोस देने की घटना की शिकायत मिली। इस शिकायत की जाँच हेतु अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर जाँच किया गया।
प्रारंभिक जांच में पाए गए तथ्य के आधार पर जय लक्ष्मी स्व सहायता समूह क़ो शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लच्छनपुर में मध्यान्हभोजन संचालन से अस्थायी रूप से पृथक कर दिया गया है तथा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लच्छनपुर में मध्यान्ह भोजन संचालन अस्थायी रूप से संस्था प्रमुख क़ो सौंपा गया है। सभी बच्चों का ऐहतिहात के लिए वैक्सीनेशन भी कराया गया है। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधान पाठक को और संकुल समन्वय को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
रायपुर। शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बिलासपुर (कोनी), छत्तीसगढ़ को उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। महाविद्यालय के यांत्रिकी अभियांत्रिकी (Mechanical Engineering) स्नातक प्रोग्राम को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (National Board of Accreditation - NBA) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 से 2027-28 तक की मान्यता प्रदान की गई है।
उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय के उक्त प्रोग्राम को पूर्व में 2022-23 से 2024-25 तक के लिए NBA द्वारा प्रत्यायन प्राप्त था, जिसकी वैधता 30 जून 2025 तक थी। प्रत्यायन की निरंतरता हेतु 21 जून 2025 को NBA विशेषज्ञ दल द्वारा कॉलेज का निरीक्षण किया गया था।
रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारतीय जनता पार्टी के ‘संगठन महापर्व: सदस्यता अभियान’ में निर्धारित अवधि में तय लक्ष्य से अधिक सदस्य बनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और उनकी पूरी टीम का अभिनन्दन करते हुए कहा है कि आज कार्यकर्ताओं के सम्मान का अवसर सौभाग्य का क्षण है। श्री साय शनिवार को नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आहूत उत्कृष्ट सदस्यता सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान में इतना बड़ा लक्ष्य हमने प्राप्त किया है, इसलिए बहुत ही गौरव का अनुभव हो रहा है। पार्टी के समर्पित व परिश्रम की पराकष्ठा करने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान आज यहां हुआ है। तीन महीने तक चले सदस्यता अभियान को हम सभी ने संगठन महापर्व के रूप में मनाया है। यह पूरा अभियान हमारे प्रदेश प्रभारी अनुराग सिंहदेव और उनकी पूरी टीम तथा सक्रिय सदस्यता अभियान संजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रदेश में चला है। 60 लाख प्राथमिक और 65 हजार सक्रिय सदस्यता का लक्ष्य हमने हासिल किया है। श्री साय ने कहा कि सभी वरिष्ठ नेताओं व पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में इतनी बड़ी सदस्यता का लक्ष्य हमने हासिल किया है। सभी कार्यकर्ताओ, पदाधिकारियों, मंत्रियों, विधायकों व सांसदों ने उन्हें दिए गए लक्ष्य को पूरा किया है। सभी समर्पित कार्यकर्ताओं पर अब बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि हमारी केंद्र व प्रदेश सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं को एक-एक कार्यकर्ता और मतदाता के घर तक पहुँचाना है।
कार्यकर्ताओं ने सदस्य बनाने परिश्रम की पराकाष्ठा की: किरण देव
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा प्रदत्त 60 लाख प्राथमिक सदस्यता और 65 हजार सक्रिय सदस्यता का लक्ष्य अर्जित करने पर सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जन प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। श्री देव ने कहा कि कार्यकर्ताओं के समर्पण और परिश्रम की पराकाष्ठा के चलते लगातार चार चुनावों में भाजपा के प्रति अगाध स्नेह व समर्थन व्यक्त हुआ है। श्री देव ने सभी कार्यकर्ताओं से इसी उत्साह व ऊर्जा के साथ भविष्य में भी संगठन और जनसमर्थन के विस्तार में जुटे रहने का आह्वान किया।
आने वाले समय में फिर से केंद्र और राज्य में दो तिहाई बहुत से सरकार में आने का लक्ष्य रखे: अजय जम्वाल
क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि आप लोगों ने मेहनत के साथ छत्तीसगढ़ के सपनों को पूरा किया है, भाग्य तभी बदलता है, जब मेहनत चरम सीमा पर होती है। मेहनत करके आपने अब तक का सर्वश्रेष्ठ परिणाम दिया है और अब हम और अच्छी मेहनत करके अगली केंद्र व प्रदेश सरकार दो-तिहाई बहुमत से लेकर हम आएंगे, इसका संकल्प लेते हैं।
सदस्यता अभियान प्रभारी अनुराग सिंहदेव ने रखे दिलचस्प आंकड़े
भाजपा सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक अनुराग सिंहदेव ने कहा कि इस पूरी यात्रा में पहले 10 दिन में 2.69 लाख सदस्य बनाए। भाजपा सदस्यता अभियान के 20वें दिन 10 लाख से ऊपर पहुंच गए। 30वे दिन 18 लाख, 40वे दिन 26 लाख, 50वे दिन 32 लाख, 60वें दिन 41 लाख, 70वे दिन 55 लाख और 86वे दिन 60 लाख की मेंबरशिप को पार किया। इस तरह क्रमशः दिनों दिन लक्ष्य हासिल करते हुए निर्धारित अवधि में 60 लाख से अधिक सदस्यता का लक्ष्य अर्जित किया। श्री सिंहदेव ने बताया सामान्य वर्ग के 18 प्रतिशत, ओबीसी वर्ग के 54 प्रतिशत अजजा वर्ग के 18 प्रतिशत, अजा वर्ग में 9 प्रतिशत, महिला 20 प्रतिशत और पुरुष 80 प्रतिशत ने सदस्यता ग्रहण की। 40 लाख ऑनलाइन सदस्यता हुई। 20 लाख सदस्यता दूरस्थ इलाकों में ऑफलाइन हुई।
भाजपा सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक अनुराग सिंहदेव ने बताया कि 1 हजार से 3 हजार तक सदस्य कुल 115 लोगों ने बनाया, इसी तरह 3 हजार से 5 कुल 50 लोगों ने, 5 हजार से 10 हजार तक कुल 20 लोगों ने, 10 हजार से 20 हजार कुल 51 लोगों ने एवं 20 से अधिक कुल 6 लोगों ने सदस्यता के लक्ष्य को पार किया है। इसी तरह हर आयु वर्ग के लोगों ने सदस्यता अभियान की सफलता को आगे बढ़ाया। 18 से 25 वर्ष के कुल 30 प्रतिशत, 26-35 वर्ष तक के 33 प्रतिशत, 36-50 वर्ष तक के 26 प्रतिशत, 51 से 65 वर्ष तक के 9 प्रतिशत एवं 65 प्लस के 02 प्रतिशत लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली।
सदस्यता सम्मान कार्यक्रम के बाद नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के साथ सदस्यता सम्मान समारोह में आए सभी लोगों ने छत्तीसगढ़ी व्यंजन ठेठरी, खुरमी, चीला, फरा, , बरा, सहित विभिन्न व्यंजनों का आनंद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को सदस्यता अभियान की सफलता के लिए बधाई भी दी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव , केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, जगदीश (रामू) रोहरा, रामजी भारती, भरत वर्मा, मंत्री रामविचार नेताम, टंकराम वर्मा, लखन लाल देवांगन, दयाल दास बघेल, सांसद भोजराज नाग, रूपकुमारी चौधरी, विधायक अजय चंद्राकर, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, विधायक धरम लाल कौशिक, रिकेश सेन विक्रम उसेंडी, पुन्नूलाल मोहले, डोमन लाल कोर्सेवाडा, राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, गुरु खुशवंत साहेब, नीलकंठ टेकाम, संपत अग्रवाल, मोतीलाल साहू, प्रेम चंद पटेल, प्रणव कुमार मरपच्ची, दीपेश साहू, भूलन सिंह मरावी, शकुंतला पोर्ते, ईश्वर साहू, पुरंदर मिश्रा, प्रदेश कोषाध्यक्ष नंदन जैन, भूपेंद्र सवन्नी, निर्मल सिन्हा, चुन्नीलाल साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, सरला कोसरिया, लक्ष्मी वर्मा सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक अनुराग सिंहदेव, सदस्य डॉक्टर नवीन मार्कण्डेय दीपक म्हस्के, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, सोशल मीडिया संयोजक सोमेश पांडेय, सह संयोजक मितुल कोठारी, राजा पांडेय, शकील अहमद, विकास मरकाम, रमेश ठाकुर, हर्षिता पांडेय, सुनील पिल्लई, अमरजीत सिंह छाबड़ा राजीव अग्रवाल, तुषार चोपड़ा सहित बड़ी संख्या में भाजपा सांसद, विधायक, भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संपूर्णता अभियान में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को पुरस्कृत किया। उन्होंने आज राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यक्रम में जुलाई-2024 से सितम्बर-2024 तक राज्य के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकासखंडों में तीन महीनों तक संचालित संपूर्णता अभियान में निर्धारित संकेतकों को संतृप्त करने और लक्ष्यों को हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने इन जिलों और विकासखंडों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया। संपूर्णता अभियान के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और गुरू खुशवंत साहेब भी सम्मान समारोह में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना में सभी वर्गों का विकास समाहित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वालों और विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) को विकास की सबसे ज्यादा जरूरत है। भारत सरकार ने इसे गहराई से समझकर प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की है। इस योजना से सुदूर वनांचलों में आवास, पेयजल, बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसे कार्यक्रमों से जिसमें छत्तीसगढ़ के भी 6661 गांव शामिल हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप विकास की रोशनी सुदूर गांवों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में केंद्र सरकार की आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में शामिल गांव तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि देश में वर्ष 2018 से आकांक्षी जिलों में काम शुरू हुआ है। विकास की दौड़ में पिछड़े जिलों और विकासखंडों को आगे लाने का काम इसमें हो रहा है। इसके अंतर्गत शामिल गांवों में अलग-अलग सेक्टर में काम कर मानव सूचकांकों को सुधारा जा रहा है। उन्हें संतृप्ति के स्तर पर लाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-एक व्यक्ति के विकास और कल्याण से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने समारोह में कहा कि आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में भौतिक प्रगति से अलग मानव सूचकांकों को बेहतर करने के लिए काम किए जा रहे हैं। लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें संतृप्त करने अहम इंडीकेटर्स पर काम हो रहे हैं जिनकी तरफ सामान्यतः ज्यादा ध्यान नहीं जाता है। राज्य के आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में और भी बेहतर काम हो, इसके लिए मैं सभी जिलों व विकासखंडों को शुभकामनाएं देता हूं। मुख्य सचिव अमिताभ जैन और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने समारोह में संपूर्णता अभियान के दौरान किए गए कार्यों तथा उपलब्धियों की जानकारी दी। नीति आयोग के सदस्य-सचिव आशीष भट्ट, सदस्य के. सुब्रमण्यम और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक रोक्तिमा यादव भी कार्यक्रम में मौजूद थीं।
छह सूचकांकों पर अच्छा काम करने वाले जिलों और विकासखंडों को किया गया पुरस्कृत
आकांक्षी जिला कार्यक्रम के 49 संकेतकों में से छह और आकांक्षी विकासखंडों के 40 संकेतकों में से छह संकेतकों को चिन्हित कर इन्हें संतृप्त करने संपूर्णता अभियान संचालित किया गया था। इनमें एएनसी पंजीकरण, पूरक पोषण ले रही गर्भवती महिलाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पूर्ण टीकाकरण वाले बच्चे, बिजली वाले स्कूल, शैक्षणिक सत्र शुरू होने के एक महीने के भीतर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने वाले स्कूल, मधुमेह जांच, उच्च रक्तचाप जांच, परिक्रामी निधि प्राप्त करने वाले स्वसहायता समूहों की संख्या जैसे संकेतक शामिल थे।
संपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों व विकासखंडों को आज स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। पांच संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों व विकासखंडों को रजत पदक, चार संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वालों को कांस्य पदक तथा तीन संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया।
बस्तर और कोंडागांव जिले को स्वर्ण पदक
संपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिलों दंतेवाड़ा, कोरबा, कांकेर, नारायणपुर तथा आकांक्षी विकासखंडों लखनपुर, बैकुंठपुर, दुर्गकोंदूल, गौरेला-2, कोरबा और पिथौरा को रजत पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिला बीजापुर और आकांक्षी विकासखंडों गरियाबंद, उसूर, पोड़ी उपरोड़ा, बोड़ला, तोकापाल एवं कुआंकोंडा को कांस्य पदक तथा आकांक्षी जिलों मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी, महासमुंद, सुकमा एवं आंकांक्षी विकासखंड अंबागढ़ चौकी को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया। संबंधित जिलों के वर्तमान और तत्कालीन कलेक्टरों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के सफल क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश भर में उपचार प्रदान करने के मामलों में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता राज्य सरकार की समावेशी और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए।
राज्य सरकार ने एबी-पीएमजेएवाई को छत्तीसगढ़ की अपनी दो विशेष योजनाओं — शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना — के साथ प्रभावी रूप से समन्वित किया है। इस एकीकृत व्यवस्था से अधिकतम लाभार्थियों को नगद रहित इलाज की सुविधा मिल रही है।
अब तक 78 लाख से अधिक लाभार्थी सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज का लाभ उठा चुके हैं। सार्वजनिक अस्पतालों में उपचार की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो सरकार के स्वास्थ्य ढांचे में जनता के बढ़ते विश्वास का संकेत है।
वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वय वंदन योजना को भी राज्य में मजबूत किया गया है। इसके तहत अब तक 4.5 लाख से अधिक वय वंदन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे राज्य के 48% राशन कार्डधारी वृद्धजन लाभान्वित हुए हैं।
पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए आशा कार्यकर्ता, ग्राम सभाएं, शहरी स्वास्थ्य मंच, वृद्धाश्रमों और आवासीय कॉलोनियों में लक्षित पहुंच सुनिश्चित की गई है। साथ ही, 104 कॉल सेंटर के माध्यम से निरंतर संपर्क और सेवा सुविधा दी जा रही है। विशेष प्रयास के तहत 6 जिलों को ‘वय मित्र जिला’ के रूप में चिह्नित कर राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बना रही है।
रायपुर। धर्मांतरण को लेकर सियासी उबाल के बीच सीएम विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ के लिए धर्मांतरण एक कलंक है. इसे रोकने के लिए अंतिम लड़ाई जारी है. धर्मांतरण को रोकने ठोस कदम उठाए जाएंगे.
बता दें कि हाल ही में धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में केरल के दो ननों को दुर्ग से गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ तक सियासी बवाल मच गया था. हालांकि आज एनआईए कोर्ट से दोनों ननों को जमानत मिल गई, जिसके बाद दोनों जेल से रिहा हो गए हैं.
रायपुर। गुणवत्ताहीन कैल्शियम की गोलियों का वितरण किसी भी मरीज या अस्पताल को नहीं किया गया है। कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स की खराबी वेयरहाऊस के कर्मियों ने प्रारंभिक जांच में ही पकड़ ली थी। कर्मियों ने इन टैबलेट्स के स्ट्रिप्स से बाहर निकालने पर ही टूटने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों, सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग और मुख्यालय को दी थी। इसी सूचना पर इन टैबलेट्स के बैच को तत्काल ब्लॉक कर दिया गया था और सप्लाईकर्ता संस्था के प्रतिनिधि को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया था। स्ट्रिप्स से निकालते ही टूटने वाली कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स को किसी भी मरीज को नहीं दिया गया है नही इन टैबलेट्स को किसी अस्पताल में भेजा गया है।
सीजीएमएससी से मिली जानकारी के अनुसार कैल्शियम विटामिन डी 3 की 500 मिली ग्राम की टैबलेट हेल्थ लाईफ फार्म लिमिटेड द्वारा सप्लाई की गई थी। कुल 65 बॉक्सों में 65 सौ यूनिट की यह खेफ कोरबा वेयरहाऊस को प्राप्त हुई थी। टेबलेट्स के प्राप्त होते ही वेयरहाऊस में ही कर्मियों द्वारा इसका प्रारंभिक परीक्षण किया गया था। परीक्षण में पाया गया था कि टेबलेटस स्ट्रिप्स से बाहर निकालते ही टूट रही हैं। कर्मियों ने इसकी सूचना तत्काल सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग को दी और इन गुणवत्ताहीन टैबलेट्स के पूरे बैच को ब्लॉक किया गया। सीजीएमएससी ने बताया कि इस खेप का अभी तक कोई मटेरियल प्राप्ति प्रमाण पत्र तैयार नहीं किया गया है। सीजीएमएससी की नीति के अनुसार कोई भी दवा बिना मटेरियल प्राप्ति सर्टिफिकेट के न तो इनवेंटरी में शामिल की जाती है नही किसी संस्था को वितरित की जाती है। ऐसे में गुणवत्ताहीन कैल्शियम विटामिन डी 3 टेबलेट्स को न किसी मरीज को दिया गया है न ही किसी सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया है। प्रदायकर्ता संस्था हेल्दी लाईफ फार्म प्राईवेट लिमिटेड को उपस्थित होकर सैंपल प्रस्तुत करने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदायकर्ता संस्था को खराब बैच वाली दवाओं को बदलकर नई दवाएं देने के भी निर्देश दिए गए हैं। सप्लायर द्वारा टेंडर शर्तों के अनुसार उचित कार्यवाही नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी भी सीजीएमएससी ने दी हैं।
सीजीएमएससी ने छत्तीसगढ़ वासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य में दवा आपूर्ति प्रणाली न केवल सतर्क है बल्कि गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था भी पूरी तरह से मजबूत है। दवा की सप्लाई होती ही सबसे पहले वेयर हाऊस में ही हर एक बैच का निरीक्षण-परीक्षण होता है। सभी दवाओं का परीक्षण एन.ए.बी.एल. मान्यता प्राप्त लैबों में कराया जाता है। सीजीएमएससी ने यह भी बताया कि जनता को केवल गुणवत्तायुक्त प्रमाणित दवाई ही उपलब्ध कराई जाती हैं। गुणवत्ताहीन पाए जाने पर दोषपूर्ण बैच को तुरंत रोककर इसका वितरण प्रतिबंधित किया जाता है। दोषी सप्लायर के विरूद्ध तेजी से कार्रवाई की जाती है।
रायपुर। "जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए समय का सदुपयोग अत्यंत आवश्यक है। जो विद्यार्थी समय का मूल्य समझते हैं, वही अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं। यह कहना है, रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का, जो डॉ. राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित दीक्षारंभ 2025 में मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में नवप्रवेशी छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं जिन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है। यह आपके साथ-साथ आपके परिवार के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब आपकी जिम्मेदारी है कि इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाएं और अपने तथा अपने माता पिता के सपनों को साकार करें।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति छात्राओं को विषय बंधनों से मुक्त कर समग्र ज्ञान प्राप्ति का अवसर देती है। आज हर छात्रा को हर विषय की मूलभूत जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “लड़की पढ़ेगी तो दो घरों को गढ़ेगी”, यह सोच हर परिवार को अपनानी चाहिए।
सांसद बृजमोहन ने छात्राओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया का प्रयोग सीमित और सकारात्मक उद्देश्य से करें तथा हर कार्य में गुणवत्ता और अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पीछे न रहें, सम्पूर्ण विकास की दिशा में आगे बढ़ें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक सुनील सोनी ने छात्राओं से आत्मविश्वास, विनम्रता और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “ज्ञान बांटने से बढ़ता है”, इसलिए कमजोर साथियों की मदद करें और कभी भी घमंड न पालें।
कार्यक्रम में छात्राओं को महाविद्यालय के विभिन्न विषयों एवं संकायों की जानकारी दी गई। साथ ही प्रथम सेमेस्टर में सर्वाधिक अंक लाने वाली छात्राओं, बीए की ज्योति दोलई, बीकॉम की तनिष्का श्रीवास, बीएससी गणित की आयुषी साहू और बीएससी जीव विज्ञान की प्रकृति सोनवानी को कॉलेज एम्बेसडर नियुक्त किया गया।
कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा स्वागत गीत, सरस्वती वंदना एवं राजकीय गीत की सुंदर प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर जनभागीदारी समिति अध्यक्ष बृजेशनाथ पांडे, प्राचार्य डॉ. प्रीति मिश्रा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, क्रीड़ाधिकारी, ग्रंथपाल, कार्यालयीन कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
रायपुर। सावन के पवित्र महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त के रूप में 20500 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के सभागार से प्रदेश के किसानों के साथ वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वृहद किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 2019 से अब तक देशभर के किसानों को 3.75 लाख करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है और पीएम किसान निधि इसका सशक्त उदाहरण है। श्री मोदी ने कहा कि कृषि विकास में पिछड़े जिलों के लिए ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना’ की शुरुआत की गई है और इसके लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सिंचाई योजनाओं पर भी सरकार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है ताकि खेतों तक पानी पहुंच सके और उत्पादन में वृद्धि हो। प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को राहत देने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ संचालित है, जो उन्हें संकट से उबारने का कार्य करती है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और 3 करोड़ के लक्ष्य में से आधा काम हमने पूरा कर लिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए भगवान महादेव से छत्तीसगढ़ के सतत् कल्याण, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से छत्तीसगढ़ के लगभग 25 लाख से अधिक किसानों को 553 करोड़ 34 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अन्नदाताओं को आर्थिक संबल देकर उनके परिश्रम का सम्मान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप किसानों की उन्नति के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। हमने किसानों से जो वादा किया था, उसे पूरा किया है। आज छत्तीसगढ़ में किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत दी जा रही है, जो उनकी आय को और सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के दस दिनों के भीतर ही 3716 करोड़ रुपये की 2 वर्ष की बकाया बोनस राशि का भुगतान कर हमने किसानों के भरोसे को और मजबूत किया। पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में ‘किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ की शुरुआत हुई, जिसने खेती-किसानी को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले किसान भारी ब्याज दरों पर उधार लेकर खेती करते थे, लेकिन आज केसीसी (KCC) के माध्यम से शून्य ब्याज दर पर ऋण मिल रहा है, जिससे खेती-किसानी और आसान हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए तेज़ी से कार्य किया जा रहा है। बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और हम बोधघाट परियोजना, महानदी और इंद्रावती नदी को जोड़ने जैसी योजनाओं के माध्यम से बस्तर को सिंचित और समृद्ध क्षेत्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि दलहन-तिलहन फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। साथ ही, भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती ही नहीं, बल्कि मत्स्यपालन, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन जैसे सहायक कृषि कार्यों को भी सशक्त करने में जुटी है। ‘दुधारू पशु वितरण योजना’ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 6 जिलों से प्रारंभ किया गया है, जिसे नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को उसकी उचित कीमत मिलेगी।
श्री साय ने कहा कि मिलेट्स (श्री अन्न) जैसे पौष्टिक अनाजों का उत्पादन, कोदो, कुटकी और रागी जैसी पारंपरिक फसलों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बाजार में बेहतर दाम दिलाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार निरंतर किसानों को इस योजना के तहत राशि सीधे उनके खाते में हस्तांतरित कर रही है। उन्होंने इस मौके पर कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गांव-गांव में पक्की सड़कें बन गई हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अब किसानों को बिना ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। हमारी सरकार ने अनेक योजनाएं धरातल पर लाकर किसानों की बेहतरी के लिए कार्य किया है।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 25.47 लाख से अधिक किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 20वीं किश्त की राशि 553 करोड़ 34 लाख रुपये अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार जय-जवान, जय-किसान, जय-विज्ञान और जय-अनुसंधान की परिकल्पना के साथ आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का उपयोग कर खेती-किसानी को नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वृहद रूप से ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ चलाया गया। इस अभियान में कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक लाख से अधिक किसानों से मुलाकात कर खेती-किसानी के तरीकों और उनके फायदों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में हितग्राहियों को कृषि उपकरणों एवं योजनाओं के तहत अनुदान राशि के चेक प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में विधायकगण सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, इंद्रकुमार साहू, रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लि. के प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर. सक्सेना सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
बलौदाबाजार। जिले के पलारी ब्लॉक के ग्राम लछनपुर स्थित मिडिल स्कूल में मध्यान्ह भोजन को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्कूल के 84 बच्चों को उस सब्जी का सेवन करवाया गया, जिसे एक आवारा कुत्ता पहले ही जूठा कर गया था। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और 78 बच्चों को एहतियातन एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाना पड़ा।
29 जुलाई को हुआ हादसा, बच्चों ने दी जानकारी
घटना 29 जुलाई (मंगलवार) की है। दोपहर के समय जब स्कूल में जय लक्ष्मी स्व सहायता समूह की महिलाएं बच्चों को खाना परोस रही थीं, तभी एक आवारा कुत्ता किचन के पास रखी सब्जी को मुंह मार गया। कुछ बच्चों ने यह देखा और तुरंत शिक्षकों को बताया।
शिक्षकों ने समूह की महिलाओं को बच्चों को यह सब्जी परोसने से सख्त मना किया, लेकिन महिलाओं ने यह कहकर मना कर दिया कि “कुत्ते ने कुछ नहीं खाया।” इसके बाद 84 बच्चों को वही सब्जी परोस दी गई।
पालकों ने जताया विरोध, अस्पताल पहुंचाए गए बच्चे
बच्चों ने जब घर जाकर इस घटना की जानकारी दी तो पालक भड़क उठे। अगले दिन पालक, ग्राम शाला समिति अध्यक्ष झालेंद्र साहू के साथ स्कूल पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद वे पास के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां प्रभारी डॉ. वीणा वर्मा ने 78 बच्चों को एंटी-रेबीज वैक्सीन का डोज लगाया।
विधायक ने सीएम को लिखा पत्र, जांच की मांग
घटना के सामने आने के बाद विधायक संदीप साहू ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
अधिकारियों ने लिया संज्ञान, स्कूल में खाया खाना
मामले की गंभीरता को देखते हुए 2 अगस्त को एसडीएम दीपक निकुंज, बीईओ नरेश वर्मा सहित कई अधिकारी स्कूल पहुंचे। उन्होंने बच्चों, पालकों, शिक्षकों और समिति के सदस्यों से बातचीत की और खुद भी स्कूल में बना भोजन खाया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम को बदनाम करने की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फर्जी लेटर पैड के जरिये प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रपति भवन समेत करीब 80 से 90 जगहों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें भेजी गईं। यह शिकायतें महाराष्ट्र के एक हिंदू संगठन नेता के फर्जी लेटर पैड और हस्ताक्षर के साथ भेजी गई थीं।
मामले की भनक लगते ही भारतीय जनता पार्टी ने गंभीर रुख अपनाया। पार्टी नेता राहुल हरितवाल ने 1 अगस्त को रायपुर के राखी थाना में इस फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शुरुआती जांच में दो से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
राहुल हरितवाल के मुताबिक, उन्हें जब यह फर्जी शिकायतें डाक से भेजे जाने की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत महाराष्ट्र के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांत संघचालक सुनील घनवट से संपर्क किया। घनवट ने स्पष्ट तौर पर इन शिकायतों से खुद का कोई लेना-देना होने से इनकार कर दिया और इसे गंभीर साजिश बताया।
इसके बाद सुनील घनवट ने पुणे पुलिस में इस फर्जीवाड़े को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
साजिश के पीछे कौन?
पुलिस सूत्रों की मानें तो मामले में कई तकनीकी सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि शिकायतें सुनियोजित तरीके से कई संवेदनशील ठिकानों पर भेजी गई थीं, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैल सके।
राजनीतिक साजिश की आशंका
चूंकि मामला सीधे तौर पर राज्य सरकार के मंत्री से जुड़ा है, इसलिए भाजपा इसे एक “राजनीतिक साजिश” मान रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के कृत्य से ना सिर्फ मंत्री की छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई, बल्कि संवैधानिक संस्थानों को भी भ्रमित करने का प्रयास हुआ। राखी थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और पोस्टल ट्रैकिंग के जरिए जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रायपुर। धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में अब विकास के साथ सामाजिक-स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में भी जागरूकता बढ़ रही है। प्रशासन इसके लिए तरह-तरह से प्रयास कर लोगों को समझाईश दे रहा है। बीजापुर जिले के भोपालपटनम एवं उसूर विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले ग्राम बामनपुर, गुंजेपरती और नंबी में जल जीवन मिशन के तहत जल सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर ऐसे ही एक अनोखी और प्रेरणादायक जनजागरूकता पहल की गई।
इन गांवों में “हर घर नल से जल” योजना के अंतर्गत पेयजल सुविधा तो उपलब्ध थी, फिर भी कुछ ग्रामीण परंपरागत आदतों या जानकारी के अभाव में नदी और नालों के पानी का उपयोग पीने के लिए कर रहे थे। इससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं की संभावना बनी हुई थी। जल-जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में प्रशासन ने तय किया कि ग्रामीणों को जल की गुणवता और उससे जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बारे में व्यावहारिक तरीके से समझाने का अभियान चलाया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की देखरेख में यह अभियान प्रारंभ किया गया।
जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला की केमिस्ट के नेतृत्व में दल बनाकर गांवों में भेजा गया। वहाँ पहुँचकर उन्होंने सरपंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और ग्रामवासियों की उपस्थिति में नदी नाले के जल और नल से प्राप्त जल का परीक्षण करके अंतर को सबके सामने प्रस्तुत किया। जब ग्रामीणों ने स्वयं देखा कि नदी नाला के जल में हानिकारक तत्व उपस्थित हैं जबकि घर में लगे नल का जल साफ और सुरक्षित है, तो उन्होंने भविष्य में पीने के लिए केवल सुरक्षित नल के जल का उपयोग करने का वादा किया। इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा और इसे आँखें खोलने वाला अनुभव बताया।
यह पहल इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि यदि जानकारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जनसामान्य को समझाया जाए, तो वे सकारात्मक बदलाव के लिए तत्पर रहते हैं। यह अभियान जल जीवन मिशन के उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में एक प्रभावशाली कदम साबित हुआ है। बामनपुर, गुंजेपरती और नंबी जैसे गांव अब केवल जल उपलब्धता में आत्मनिर्भर नहीं हैं, बल्कि जल की गुणवत्ता को लेकर भी सजग हुए हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में करीब 8 साल बाद युवाओं को अपना कौशल दिखाने का मौका मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने इस साल कौशल तिहार 2025 के तहत् युवाओं को यह मौका दिया है। राज्य कौशल विकास प्राधिकरण (सीएसएसडीए) द्वारा 21 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक राज्य के सभी जिलों में 10 दिन तक ’’कौशल तिहार 2025’’ का आयोजन बड़े ही उत्साह और धूमधाम से किया गया। राज्य के सभी जिलों में चयनित प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में कुल 2 हजार 530 युवाओं ने भाग लिया, जिसमें से 288 प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ। इस आयोजन से प्रदेश के युवाओं को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगारमुखी बनने की प्रेरणा भी मिली। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास के प्रति जागरूक करना और उन्हें भारत स्किल्स 2026 व वर्ल्ड स्किल्स 2026 जैसी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा कि यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आशा, आत्मविश्वास व अवसर का भी प्रतीक है। यह राज्य सरकार की युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की एक मजबूत और सराहनीय पहल है। यह आयोजन न केवल रोजगार की दिशा में सहायक है, बल्कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ओर एक सकारात्मक कदम भी है।
छत्तीसगढ़ राज्य में इस प्रकार की कौशल प्रतियोगिता का आयोजन आठ साल पहले वर्ष 2017 में किया गया था। इसके बाद अब दूसरी बार यह आयोजन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कौशल विकास मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता को जिला और राज्य स्तर पर दो आयु वर्गों में किया गया। पहला वर्ग 22 वर्ष से कम आयु के युवाओं के लिए और दूसरा 22 से 45 वर्ष तक के युवाओं के लिए था, इस वर्ष कुल 10 प्रमुख ट्रेड में कौशल प्रतियोगिताएं कराई गईं। इनमें ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी, ब्रिकलेइंग, रिनेयूएबल एनर्जी, फूड एंड बेवरेज, हेल्थ एण्ड सोशल केयर, प्लंबिंग एंड हिटिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टालेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर एवं मोबाइल फोन टेक्निशियन, आईटी नेटवर्किंग, मोबाइल रिपेयर, ग्राफिक डिजाइन, रेफ्रिजरेशन एण्ड एयर कंडीशनिंग जैसे ट्रेड शामिल थे। हर जिले में प्रतिदिन 2 से 3 ट्रेडों में प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। प्रत्येक ट्रेड में युवाओं को वास्तविक कामों पर आधारित चुनौतियां दी गई। हर एक प्रतियोगिता की अवधि 2-3 घंटे की रही। इसका मूल्यांकन विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया गया। जिल स्तर पर प्रतियोगिताओं के बाद प्रत्येक ट्रेड और आयु वर्ग से 2-2 विजेताओं का चयन किया गया। इन विजेताओं को प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मानित भी किया गया।
आगामी महीनों में राज्य स्तरीय कौशल तिहार 2025 का आयोजन होगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में चयनित युवाओं को उन्नत प्रशिक्षण, पुरस्कार, स्किल डेमो और करियर गाइडेंस दिया जाएगा। राज्यस्तर पर चयनित युवाओं को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा और वहां चयनित होने पर वे वर्ल्ड स्कील्स 2026 शंघाई चीन में भारत का प्रतिनिधित्व कर पाएंगे।