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राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का हुआ तबादला, आदेश जारी
रायपुर। सरकार ने बड़ी संख्या में राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों का ट्रांसफर किया है। अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर उप सचिव, जिला पंचायत सीईओ सहित कई अधिकारियों के तबादले किये गये हैं।
देखिये पूरी लिस्ट-




आदिवासियों के धर्मांतरण पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जताई चिंता, विपक्ष से मांगा स्पष्ट जवाब
नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आदिवासी समाज को लक्ष्य बनाकर किए जा रहे सुनियोजित धर्मांतरण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, पिछले दिनों गिरफ्तार ननों के मामले में कांग्रेस और विपक्षी दलों पर देश की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) को बिगाड़ने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष देश को धर्मांतरण का अड्डा बना देना चाहता है। विशेष रूप से आदिवासी समाज को लालच, प्रलोभन और दवाब के माध्यम से उनके पारंपरिक विश्वास से दूर किया जा रहा है। यह केवल धार्मिक आस्था का मामला नहीं, बल्कि देश की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
सांसद बृजमोहन ने केरल की दो ननों की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा कि, “इन दोनों ननों को आदिवासी क्षेत्र में प्रार्थना सभा की आड़ में मासूम आदिवासियों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह घटना धर्मांतरण के पीछे चल रहे नेटवर्क की एक कड़ी भर है।”
उन्होंने कहा कि चिंता की बात यह है कि विपक्ष के कई सांसद और नेता इन आरोपियों के समर्थन में खड़े हो गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि विपक्ष धर्मांतरण का समर्थन करता है और इसी एजेंडे को छुपाकर चल रहा है।
बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष से दो टूक पूछा कि, “कांग्रेस और विपक्षी दल साफ-साफ देश को बताएं कि वे धर्मांतरण के खिलाफ हैं या समर्थन में? अगर वे इसके विरोध में हैं तो फिर वे ऐसे मामलों में दोषियों के साथ खड़े क्यों होते हैं?
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, पहचान और परंपरा को बचाने के लिए हर स्तर पर कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। जो लोग भोले-भाले आदिवासियों को बहका कर उनका धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा और केंद्र सरकार आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत की रक्षक है, और हम किसी भी कीमत पर उनके धर्मांतरण के षड्यंत्र को सफल नहीं होने देंगे
बिना हेलमेट पुलिसवाले पकड़ाये, तो भरना होगा जुर्माना होगी विभागीय कार्रवाई
रायपुर। रायपुर में अब हेलमेट नियम तोड़ने पर सिर्फ आम जनता नहीं, बल्कि खाकीधारी भी नहीं बच पाएंगे। रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) लाल उम्मेद सिंह ने मंगलवार को एक सख्त आदेश जारी किया है, जिसके तहत पुलिस विभाग के हर अधिकारी और कर्मचारी के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
हेलमेट नहीं पहना तो भरना पड़ेगा 1000 रुपए का चालान
SSP के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के वाहन चलाते हुए पकड़ा गया, तो न सिर्फ 1000 रुपए का चालान कटेगा, बल्कि विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। अक्सर देखा गया था कि कई पुलिसकर्मी खुद ही नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना हेलमेट के बाइक या स्कूटी चलाते थे। अब उन्हें भी नियम का पालन करना होगा, नहीं तो विभागीय फटकार झेलनी पड़ेगी।
अब कौन करेगा पुलिस पर निगरानी?
हालांकि आदेश के साथ ही एक बड़ा सवाल भी उठ खड़ा हुआ है—निगरानी करेगा कौन? पहले भी जिला प्रशासन ने कलेक्टोरेट में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों के प्रवेश पर रोक लगाई थी, लेकिन कई पुलिसकर्मी खुद इस नियम की अनदेखी करते रहे। यहां तक कि कलेक्टोरेट के मुख्य द्वार पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी बिना हेलमेट वाहन चलाकर ड्यूटी पर पहुंचते हैं।
आदेश के बाद बढ़ी सतर्कता
इस आदेश के बाद कई पुलिसकर्मी जो पहले नियमों को हल्के में लेते थे, अब हेलमेट पहनकर ड्यूटी पर आना शुरू कर चुके हैं। प्रशासन इसे केवल हेलमेट तक सीमित न रखकर अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना से जोड़कर देख रहा है।
देखें आदेश

कुआं धंसने के 27 घंटे बाद निकल सका पति-पत्नी और बेटे की लाश, गांव में पसरा मातम
कोरबा। कोरबा में भारी बारिश के कारण कुआं धंसने से मलबे में दबे पति-पत्नी और बेटे के शव को आज 27 घंटे के रेस्क्यू आपरेशन के बाद बाहर निकाला जा सका। आपको बता दे मंगलवार के तड़के कटघोरा थाना के ग्राम बनवार में ये हादसा हुआ था। जिसमें बाड़ी में बने नव-निर्मित कुआं के धंसने की वजह से उसकी चपेट में आकर पति-पत्नी और बेटा मलबे में दब गये थे। घटना की जानकारी के बाद SDRF की टीम ने कल दोपहर से ही रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया था, जो कि आज दोपहर 2 बजें पूरा हो सका।
गौरतलब है कि कोरबा में पिछले चार दिनों से रूक-रूककर हो रही बारिश ग्राम बनवार में रहने वाले श्रीवास परिवार के लिए काल साबित हुआ। परिवार के छोटे बेटे उचिर राम श्रीवास ने बताया कि सोमवार की रात पूरा परिवार एक साथ खाना खाने के बाद देर रात तक टीवी देख रहे थे। इसके बाद दूसरे दिन मंगलवार की सुबह जब उसकी आंख खुली तो उसे घर में कोई भी नही मिला। उसे लगा परिजन खेत से गाय को भगाने गये होंगे। लेकिन काफी पतासाजी के बाद भी उनका पता नही चला। कुछ देर बाद जब वह घर की बाड़ी में हाल ही में बने कुंए के पास जाकर देखा तो कुआं पूरी तरह से धंस चुका था। और कुंए के उपरी छोर में पिताजी की चप्पल तैर रही थी।
अनहोनी की आशंका से उसने तुरंत घटना की जानकारी गांव के सरपंच को दी। इसके बाद सरपंच ने हादसे की आशंका जताते हुए पुलिस को इस घटना से अवगत कराया गया। मौके पर पहुंचे पुलिस टीम ने तुरंत आला अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और जिला मुख्यालय से राहत-बचाव दल को रवाना किया गया। दोपहर में ही बिलासपुर से एसडीआरएफ की टीम को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। लेकिन बारिश और मिट्टी धंसने के कारण जेसीबी मशीन से कुंए के आसपास खुदाई नही हो सकी।
जिसके बाद आज सुबह चैन माउंटेड पोकलेन मशीन मौके पर बुलवाया गया। जिससे करीब 25 फीट गहरी खुदाई करने के बाद छेदूराम श्रीवास, पत्नी कंचन बाई और बेटा गोविंद श्रीवास का शव मलबे से बरामद किया गया। शव बरामद होने के बाद परिवार का जहां रो-रो कर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में इस घटना के बाद मामत व्याप्त है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कल दोपहर 12 बजें से रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया गया था, जो कि आज दोपहर 2 बजें शव मिलने के बाद पूरा हो सका। पुलिस ने तीनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिये जायेंगे।
सूदखोरी के आरोपों में घिरे तोमर बंधुओं को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने लगायी मकान तोड़ने पर अस्थायी रोक
बिलासपुर। सूदखोरी के गंभीर आरोपों में घिरे रायपुर के चर्चित तोमर बंधुओं को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति रविंद्र अग्रवाल की एकलपीठ ने उनके मकान को तोड़ने की प्रशासनिक कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगा दी है। अदालत ने इस मामले में प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है।
तोमर बंधुओं की याचिका पर हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
तोमर बंधुओं पर आरोप है कि वे सूदखोरी के अवैध कारोबार में लिप्त हैं। जिला प्रशासन ने उनकी चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने के साथ मकान को ध्वस्त करने की तैयारी कर ली थी। इसी कार्रवाई के खिलाफ तोमर बंधुओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
पूर्व महाधिवक्ता और वरिष्ठ वकीलों ने की पैरवी
मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा और वरिष्ठ अधिवक्ता सजल गुप्ता ने तोमर बंधुओं की ओर से जोरदार पैरवी की। उन्होंने अदालत को बताया कि प्रशासन ने बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के मकान तोड़ने का आदेश जारी किया, जो पूरी तरह से अनुचित है।
प्रशासन को देना होगा जवाब
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर विचार करते हुए मकान तोड़ने की कार्रवाई पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। साथ ही प्रशासन से पूछा है कि उसने इस कार्रवाई के लिए कौन-कौन से न्यायिक और कानूनी प्रावधानों का पालन किया।यह मामला सिर्फ एक मकान की विध्वंस कार्रवाई नहीं, बल्कि सूदखोरी के मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया की वैधता को लेकर एक बड़ी बहस का कारण बन गया है। अदालत की अंतरिम रोक को तोमर बंधुओं के लिए अस्थायी राहत जरूर माना जा रहा है, लेकिन अंतिम फैसला प्रशासनिक पक्ष की दलीलों पर निर्भर करेगा।
भ्रष्टाचार मामले में हुआ बड़ा एक्शन, तीन सचिव सस्पेंड, तीन सीईओ को जारी हुआ शो-कॉज
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ सरकार की बहुचर्चित रीपा योजना (महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क) में बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। बलौदाबाजार जिले में इस योजना के क्रियान्वयन में भारी अनियमितताओं और घोटाले के आरोपों के बाद शासन ने सख्त कार्रवाई की है।
शंकर साहू-ग्राम पंचायत बिरकोनी, जनपद पंचायत महासमुंद, खिलेश्वर ध्रुव-ग्राम पंचायत गिर्रा, जनपद पंचायत पलारी, टीकाराम निराला-ग्राम पंचायत लटुआ, इन सचिवों पर आरोप है कि इन्होंने भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया, बिना तकनीकी परीक्षण मशीन खरीदी, और देय राशि का टुकड़ों में भुगतान किया।
जनपद पंचायत के अधिकारी
रोहित नायक-तत्कालीन सीईओ, जनपद पंचायत पलारी, रवि कुमार-तत्कालीन सीईओ, जनपद पंचायत बलौदाबाजार, लिखत सुल्ताना-तत्कालीन सीईओ, जनपद पंचायत महासमुंद को शो काज नोटिस दिया गया है।
जांच में खुले भ्रष्टाचार के कई परतें
रायपुर संभागायुक्त महादेव कावरे की ओर से कराई गई जांच में सामने आया कि रीपा योजना के तहत तकनीकी परीक्षण के बिना मशीनों की खरीदी की गई। मशीनें भंडार क्रय नियमों को दरकिनार कर खरीदी गईं, और उनके भुगतान में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
केंद्रों में जंग खा रहीं मशीनें, कुछ चोरी भी
जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लाखों-करोड़ों रुपये की मशीनें ग्रामीण औद्योगिक केंद्रों में यूं ही बेकार पड़ी हैं। इनमें से कई मशीनें उपयोग में नहीं हैं, तो कुछ गायब (चोरी) भी हो चुकी हैं।रीपा योजना के तहत काम करने वाले पूर्व सरपंचों को भी उनके कार्यों का भुगतान नहीं किया गया, जिससे गुस्सा और नाराजगी बढ़ती जा रही है। भ्रष्टाचार और लापरवाही की इस पूरी श्रृंखला ने योजना की मूल भावना को ही सवालों के घेरे में ला दिया है।
ASP, DSP और TI का तबादला, प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए ACB-EOW, आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को और धार देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के तीन पुलिस अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) में भेजा गया है। गृह विभाग की अनुशंसा पर सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका आदेश जारी किया है।
गृह विभाग की सिफारिश पर लिया गया फैसला
गृह विभाग की अनुशंसा पर सामान्य प्रशासन विभाग ने इस प्रतिनियुक्ति आदेश को स्वीकृति दी है। यह कदम राज्य में भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के विरुद्ध जांच को तेज और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
ACB-EOW को मिलेगी नई ऊर्जा
इन तीन अधिकारियों की तैनाती से ACB और EOW को मामलों की त्वरित जांच में अतिरिक्त बल मिलेगा। ये अधिकारी अब भ्रष्टाचार से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों, आर्थिक अनियमितताओं और गबन जैसे अपराधों पर पैनी नजर रखेंगे।
आदेश की कॉपी

साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिये गये ये बड़े फैसले
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज महानदी भवन में कैबिनेट की अहम बैठक हुई. इस बैठक में कई फैसले लिए गए. छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में क्रिकेट अकादमी की स्थापना के लिए 7.96 एकड़ भूमि आबंटित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई.
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय –
1) कैबिनेट द्वारा भारत सरकार के खान मंत्रालय के नवीन दिशा-निर्देश और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)-2024 के संशोधित गाईडलाईन्स के अनुसार छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में आवश्यक संशोधन किये जाने का निर्णय लिया गया है।
इससे न्यास के पास उपलब्ध राशि का न्यूनतम 70 प्रतिशत राशि का व्यय उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र जैसे पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं निःशक्तजन के कल्याण के साथ ही कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, आवास, पशुपालन के समग्र विकास पर किया जाएगा।
2) मंत्रिपरिषद द्वारा साधारण रेत के उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा रेत के उत्खनन एवं नियमन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2019 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय (अनुसूचित क्षेत्र हेतु) नियम 2023 को निरसित करते हुए नवीन नियम ‘‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025‘‘ का अनुमोदन किया गया।
इससे रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिससे आम जनता को उचित दरों पर रेत उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही रेत उत्खनन में पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रस्तावित नियमों में रेत खदान आवंटन की कार्यवाही इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के माध्यम से की जाएगी। इससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।
3) कृषि भूमि के बाजार मूल्य दरों के निर्धारण के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य कर पंजीयन विभाग से प्राप्त प्रस्ताव का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन किया गया, जिसके तहत ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जिस तरह की अनियमितताएँ सामने आई थीं, उनसे बचने के लिए यह व्यवस्था मददगार होगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को विलोपित करने के साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा।
4) बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (cscs) को नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में क्रिकेट अकादमी की स्थापना के लिए 7.96 एकड़ भूमि आबंटित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
नवा रायपुर में अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी की स्थापना से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उनके कौशल और प्रतिभा को निखारने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेगी।
छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य के कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता अर्जित की है। क्रिकेट अकादमी की स्थापना से राज्य के खिलाड़ियों को क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा वहीं छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी।
युवा कांग्रेस की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित : छत्तीसगढ़ से मोहम्मद शाहिद, प्रीति मांझी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
रायपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने युवा कांग्रेस की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है. छत्तीसगढ़ के भिलाई के मोहम्मद शाहिद को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर नियुक्त किया गया है. वहीं पेंड्रा जिले की प्रीति मांझी को युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव बनाया गया है. इस संबंध में आदेश भी जारी किया गया है.
मोहम्मद शाहिद बने राष्ट्रीय महासचिव

युवा कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव के पद पर मोहम्मद शाहिद नियुक्त किया गया है. वह भिलाई के निवासी हैं. इस लिस्ट में 14 युवा चेहरों के नाम शामिल हैं. मोहम्मद शाहिद के अलावा अजय छिकारा, खुशबू मंगला शर्मा, लेनिन प्रसाद, मनीष चौधरी, मितेंद्र दर्शन सिंह, निगम भंडारी, शेष नारायण ओझा, शिवि चौहान, स्मृति लेंका, श्रवण राव, सुरभि द्विवेदी, तारह जॉनी और विकास छिकारा का नाम शामिल है.
प्रीति मांझी को बनाया गया राष्ट्रीय संयुक्त सचिव

छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले की प्रीति मांझी को भी कांग्रेस पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है. प्रीति मांझी को युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बनाया गया है. बता दें कि कुछ दिन पूर्व दिल्ली में राहुल गांधी और प्रीति मांझी के बीच मुलाकात हुई थी.
ननों की गिरफ्तारी मामले में दायर याचिका पर कोर्ट की सुनवाई से इनकार, जानिये क्या है इसकी वजह
दुर्ग। धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामले में गिरफ्तार दो नन और एक युवक की याचिका पर दुर्ग कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ये मामला उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है, इसलिए सक्षम न्यायालय में इसे लेकर आवेदन लगाया जाये।
दरअसल धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों की जमानत को लेकर याचिका दायर की गयी थी, जिस पर जज ने सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि, यह हमारे क्षेत्राधिकार में नहीं है। कोर्ट ने दोनों नन और युवक का जमानत याचिका खारिज दी है। अब NIA के विशेष कोर्ट में इसकी सुनवाई के लिए आवेदन दायर करना होगा।
कोर्ट के निर्देश की जानकारी देते हुए एडवोकेट ने बताया कि,
“ये मामला धर्मांतरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग का है, जो उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आता है, इसके लिए सक्षम न्यायालय NIA कोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर करनी होगी। कोर्ट ने कहा कि या तो प्रकरण को वापस ले लीजिये, नहीं तो याचिका खारिज करनी होगी”
इस मामले में याचिकाकर्ता अगर हाईकोर्ट में याचिका दायर करना चाहते हैं, तो भी उन्हें पहले NIA कोर्ट में अपनी याचिका दायर करनी होगी।
अमेरिका दौरे पर जाएंगे वित्त मंत्री ओपी चौधरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज कैबिनेट बैठक के बाद अमेरिका रवाना होंगे. इस यात्रा में अमेरिका में बसे छत्तीसगढ़िया भाई-बहनों को मातृभूमि से जोड़ने, निवेश के अवसरों को प्रोत्साहित करने और राज्य के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी प्रवासियों को विकासशील से विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करेंगे और इस वर्ष छत्तीसगढ़ के प्रथम “एनआरआई शिखर सम्मेलन” में भाग लेने के लिए आमंत्रित भी करेंगे. वे विकासशील छत्तीसगढ़ से विकसीत छत्तीसगढ़ के विजन “छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047” के बारे में भी जानकारी साझा करेंगे, जो 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का एक महत्वाकांक्षी रोडमैप है.
वित्त मंत्री अमेरिका में पढ़ाई करने वाले छत्तीसगढ़ी युवाओं के लिए एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम विकसित करने और स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं के अनुभवों पर चर्चा करेंगे. वित्त मंत्री निवेशकों और उद्यमियों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और संयुक्त उद्यम की संभावनाओं पर भी बात करेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ में नवाचार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले. इसके अतिरिक्त, वे प्रवासी भाई-बहनों को छत्तीसगढ़ के आगामी रजत जयंती समारोह में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित करेंगे. उनकी इस यात्रा में वे 7 दिन अमेरिका के प्रवास में रहेंगे.
मोक्षित कॉर्पोरेशन के ठिकानों पर ED की दबिश
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) टीम ने मोक्षित कॉर्पोरेशन के कई ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की. यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) में हुए 650 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है.
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम ने दुर्ग में मोक्षित कॉर्पोरेशन के तीन आवासीय परिसरों और कार्यालयों पर एक साथ छापा मारा. इस कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक अधिकारियों के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भी भारी संख्या में मौजूद थे. सुरक्षा के लिहाज से परिसर को चारों ओर से घेर लिया गया और किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई.
आज की कार्रवाई में ईडी की टीम एक दर्जन गाड़ियों में सवार होकर पहुंची और तुरंत कार्यालय व आवासीय परिसरों में दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी. छापेमारी की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई. अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार्रवाई में क्या बरामद हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद एजेंसियां आधिकारिक बयान जारी करेंगी.
जानकारी के अनुसार, मोक्षित कॉर्पोरेशन का नाम इस घोटाले से जुड़ने के बाद जांच एजेंसियों ने गहन पड़ताल शुरू की है. यह घोटाला सीजीएमएससी से संबंधित है, जिसमें पहले भी कई बार कार्रवाई हो चुकी है. करीब छह महीने पहले ईओडब्ल्यू और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने इस मामले में संयुक्त छापेमारी की थी. इसके अलावा, 27 जनवरी 2025 को भी मोक्षित कॉर्पोरेशन और शांतिलाल व शशांक चोपड़ा के गंजपारा स्थित घर और कार्यालय पर ईओडब्ल्यू-एसीबी की टीम ने दस्तावेजों की जांच की थी.
मुख्यमंत्री साय से किक बॉक्सिंग पदक विजेता खिलाड़ियों ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में पदक विजेता खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने खिलाड़ियों को और अधिक मेहनत कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रदेश के विजेता खिलाड़ियों में रजत पदक विजेता अन्नू देवी कुंवर, दीप्ति साहू तथा कांस्य पदक विजेता संजना कन्नौजिया और हर्षा सेन शामिल थीं। प्रशिक्षक विशाल हियाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ किक बॉक्सिंग संघ के प्रदेशाध्यक्ष छगन लाल मुंदड़ा तथा महासचिव आकाश गुरुदीवान उपस्थित थे।
CGPSC 2021: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, निर्दोष 40 चयनित अभ्यर्थियों को 60 दिन में जॉइनिंग देने के निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021 के बहुचर्चित भर्ती घोटाले में फंसे डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी पदों पर चयनित 44 अभ्यर्थियों में से अब 40 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ CBI ने अब तक कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की है और जिनके विरुद्ध ठोस सबूत नहीं मिले हैं, उन्हें 60 दिनों के भीतर नियुक्ति दी जाए।
इस परीक्षा में चयनित कुल 44 उम्मीदवारों में से 4 अभ्यर्थियों के खिलाफ CBI ने पुख्ता सबूत के आधार पर स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इन चारों को घोटाले में संलिप्त पाए जाने के कारण जेल भेजा गया है। जबकि बाकी 40 अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या प्रमाणिक आरोप नहीं होने की बात कही थी।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं की दलील और कोर्ट का आदेश
राजीव श्रीवास्तव, मनोज शर्मा और शर्मिला सिंघवी जैसे वरिष्ठ अधिवक्ताओं की ओर से पेश होकर याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किलों के खिलाफ न तो कोई चार्जशीट दायर की गई है और न ही उनके खिलाफ भ्रष्टाचार या धांधली के कोई सबूत हैं। इन तथ्यों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार 60 दिनों के भीतर ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान करे।
क्या है पूरा मामला?
2021 में PSC परीक्षा के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे प्रतिष्ठित पदों पर चयन किया गया था। लेकिन बाद में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगने पर मामला CBI को सौंपा गया। जांच में केवल चार अभ्यर्थियों के खिलाफ ही पुख्ता सबूत मिले, जिनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया गया।
राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक : स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने अफसरों को दिए निर्देश, कहा – स्वास्थ्य सेवाओं में कोई ढिलाई न बरतें, मरीजों के प्रति रखें संवेदनशील व्यवहार
रायपुर। प्रदेश में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति और प्रभावशीलता की समीक्षा के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की शुरुआत आज राजधानी रायपुर के सर्किट हाउस में की गई। यह बैठक स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की जिलेवार समीक्षा करते हुए सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला कार्यक्रम प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी में कोई ढिलाई न हो और सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव कटारिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जिलों में नियमित रूप से फील्ड विजिट करें और प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की वास्तविक स्थिति की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वच्छता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, आवश्यक जीवनोपयोगी दवाओं की उपलब्धता और अधोसंरचना की स्थिति बेहतर होना अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि सेवा प्रदायगी के प्रत्येक पहलू में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और ईमानदारी बनी रहनी चाहिए।

संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने पर दिया जोर
बैठक के दौरान मातृ और शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए कटारिया ने कहा कि हमारा लक्ष्य ‘शून्य मातृ मृत्यु’ की अवधारणा को साकार करना है। इसके लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर उन्हें समुचित चिकित्सकीय देखभाल प्रदान करना जरूरी है। नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी लाने तथा संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।
डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ाने पर हुई चर्चा
स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। कटारिया ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे तकनीक का समुचित उपयोग करते हुए सेवाओं की निगरानी, सूचना संप्रेषण और फीडबैक प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाएं। साथ ही, विभाग से जुड़े सभी कानूनी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. एसके पामभोई, सभी संभागों के संयुक्त संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मातृत्व स्वास्थ्य, पीसीपीएनडीटी अधिनियम, शिशु स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण, मलेरिया एवं टीबी उन्मूलन जैसे प्रमुख राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी गहन समीक्षा की गई।
सेवा भावना के साथ काम करने की अपील
बैठक के अंत में सचिव कटारिया ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश को टीबी एवं मलेरिया मुक्त बनाना, मातृ-शिशु स्वास्थ्य संकेतकों को राष्ट्रीय औसत से बेहतर करना तथा प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे सेवा भावना के साथ कार्य करें और जन अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें।
शतरंज की बिसात पर बेटियों का परचम, मुख्यमंत्री ने दी दिव्या देशमुख व कोनेरू हंपी को ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएँ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने FIDE महिला शतरंज विश्व कप–2025 में भारत की बेटियों के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर हर्ष और गर्व व्यक्त करते हुए विजेता दिव्या देशमुख और उपविजेता कोनेरू हम्पी को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि यह भारत की बेटियों की शक्ति, संकल्प और सामर्थ्य की एक प्रतीकात्मक तस्वीर थी। जब विश्व कप के फाइनल में दो भारतीय बेटियाँ आमने-सामने हों, तो वह पल भारत के लिए गौरव का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का उत्सव बन जाता है।
उन्होंने कहा कि दिव्या देशमुख द्वारा खिताब जीतना और कोनेरू हम्पी द्वारा उपविजेता बनना इस बात का प्रमाण है कि भारत की बेटियाँ अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह जीत पूरे देश, विशेषकर देश की बेटियों के आत्मबल और आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने वाली है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दृढ़ संकल्प, एकाग्रता और लगन – इन तीन गुणों के माध्यम से दिव्या और हम्पी ने न केवल शतरंज की बिसात पर विजय प्राप्त की, बल्कि भारत के हर गाँव और शहर की बेटियों को यह संदेश भी दिया कि सपनों को साकार करने के लिए कोई सीमा नहीं होती।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यह क्षण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
मुख्यमंत्री साय से केरल एवं ओडिशा के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय, महानदी भवन में केरल एवं ओडिशा के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद चलाकुडी से बेनी बेहनन, कोट्टायम से के. फ्रांसिस जॉर्ज, कोल्लम से एन. के. प्रेमचंद्रन, कोरापुट से सप्तगिरि उल्का, और केरल विधानसभा सदस्य रोजी एम. जॉन शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से राज्य में हाल ही में चर्चा में आए धर्मांतरण प्रकरण की जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय और समरसता में विश्वास रखने वाला प्रदेश है, जहाँ सभी धर्मों के लोग सौहार्दपूर्वक रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि मामले की जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। कानून स्वतंत्र रूप से अपना कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश की बेटियाँ और नागरिक सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें।
