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बारिश में बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य का अनुपम नजारा, सैलानियों के लिए मानसून ट्रैकिंग का विशेष आयोजन
रायपुर। मानसून आते ही छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिले का प्राकृतिक नजारा देखते ही बनता है। यहां प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती है। हरियाली, झरने और जंगलों का माहौल दिल को खुश कर देता है। इस मौसम में आप परिवार और दोस्तों के साथ बाहर घूमने-फिरने के साथ बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकते हैं।
बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा मानसून ट्रैक की थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए मानसून के मौसम में प्राकृतिक सौंदर्य वाले स्थानों पर ट्रैकिंग का आयोजन किया जा रहा है। मानसून ट्रैक प्लान के तहत जिले के झरनों और जंगल-पहाड़ों जैसे दर्शनीय स्थल जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं वहां प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों के माध्यम से भ्रमण करवाया जाएगा।
अगर आप वीकेंड पर कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो बस्तर जिले के प्राकृतिक जलप्रपात चित्रकोट, तीरथगढ़, चित्रधारा, मेंदरीघूमर, तामड़ाघूमर, बीजाकसा, मिचनार ये जगहें न सिर्फ प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर हैं, बल्कि यहां मानसून ट्रैक और फोटोग्राफी के लिए भी बेहतरीन माहौल है।





बस्तर जिले में पर्यटकों को आने के लिए विशाखापट्टनम से प्रतिदिन रेल सेवा संचालित है। साथ ही विमान सेवा के तहत हैदराबाद से प्रतिदिन, दिल्ली से सप्ताह में दो दिन की विमान सेवा उपलब्ध है। इसके अलावा जगदलपुर सड़क मार्ग से रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर सहित हैदराबाद, विशाखापट्टनम से नियमित बस की सुविधा भी है। प्रशासन द्वारा मानसून ट्रैक कार्यक्रम को अन एक्सप्लोर्ड बस्तर के साथ मिलकर किया जा रहा है। मानसून ट्रैक के संबंध में जानकारी के लिए प्रशासन ने 9109188567 और 8962991988 संपर्क नंबर जारी किया है ।
मानसून ट्रैक में चिन्हाकित स्थलों के तहत चित्रकोट सर्किट में ट्रैकिंग के लिए चित्रकोट दंडामी रिसॉर्ट से प्रारंभ कर करबहार (मिनी गोआ) 2 किलोमीटर की दूरी में बोटिंग, वाटरफाल, शिवलिंग का दर्शन, जलप्रपात का ऊपर से नजारा दिखाया जाएगा। साथ ही मेंदरी घुमर से इंद्रावती नदी तक 3 किलोमीटर के ट्रैक में रिवर क्रासिंग जंगली इलाके में, मेंदरीघुमर से तामड़ाघुमर तक (7 किमी) में 150 फिट डाउनवर्डस ट्रैक , क्रोकोडाइल साइटिंग, सेंडबिच, बर्ड वाचिंग, प्राकृतिक स्वीमिंग एरिया, तीरथा से बीजाकसा (2.5 किमी) तक की ट्रैकिंग बोटिंग कैम्प, बोनफायर, ट्रायबल फूड, तीरथा गांव का भ्रमण सहित स्थनीय स्तर की पौराणिक कहानी की जानकारी दी जाएगी। बीजाकसा से मेंदरी तक (8 किमी) में वाटरफॉल , वैली व्यू, जंगली जानवर और पंक्षियों की साइटिंग का आनंद लिया जा सकेगा। इसके अलावा मिचनार हिल्स क्षेत्र में ट्रैकिंग भी करवाया जाएगा।
बस्तर जिले में स्थित कांगेर वैली नेशनल पार्क के अधीन आने वाले टोपर वाटरफॉल का ट्रैकिंग, मड़वा वाटरफॉल का ट्रैकिंग, शिवगंगा ट्रैकिंग में जंगल एरिया के बीच जलप्रपात, झरना जंगली जानवर बर्ड वाचिंग करवाया जाएगा। कैलाश गुफा, कैलाश झील, गुड़िया पदर में गांव से जलप्रपात तक (4 किमी) तक ट्रैकिंग करवाई जाएगी। तीरथगढ़ वॉटरफॉल से रानीदरहा वाटरफॉल(3 किमी) तक में जंगल एरिया वाईल्ड लाइफ, बर्ड वाचिंग, मालकेव ट्रैक में मादरकोंटा से तीरथगढ़ (8 किमी) तक जंगलों के बीच ट्रैकिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा जिले के माचकोट इलाके में स्थित झील और झरनों के नाम से प्रसिद्ध तिरिया में और माचकोट के जंगलों में भ्रमण करवाने की कार्य योजना बनाई गई है।
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी, 13 जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट
रायपुर। भारतीय मौसम विभाग (IMD) रायपुर केंद्र ने छत्तीसगढ़ के 13 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। चेतावनी के अनुसार, अगले 24 घंटे में इन जिलों के कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। यह अलर्ट 10 जुलाई को दोपहर 1:38 बजे प्रभाव में आया है, जो 11 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक प्रभावी रहेगा।
IMD के मुताबिक, बलौदाबाज़ार, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, कोरबा, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती और सरगुजा-बिलाईगढ़ जैसे ज़िलों में अगले 24 घंटों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई से, मुख्यमंत्री साय ने कहा- पूरी तरह से तैयार है सरकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई से शुरू होने जा रहा है. सत्र के दौरान विपक्ष के हमलों का सामना करने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है. यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कही.
बता दें कि हर साल की तरह इस बार भी रायगढ़ में गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय शामिल होंगे. आयोजन के लिए रवाना होने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में सभी को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रायगढ़ ने सांसद बनाया था, यही वजह है कि हर साल गुरु पूर्णिमा पर जाते हैं. गुरु पूर्णिमा के साथ मुख्यमंत्री रेडी टू ईट के तहत अनुबंध पत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने गुरु पीठ आश्रम के उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने आश्रम में अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन भी किए और मार्गदर्शन प्राप्त किया । इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, लोक सभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह , विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में निलंबन की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 22 अफसरों को किया गया सस्पेंड, देखिये आदेश
रायपुर। 22 अधिकारियों को एक साथ राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। शराब घोटाले में चालान प्रस्तुत होने के बाद राज्य सरकार ने ये कार्रवाई की है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2174 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 22 वाणिज्य कर एवं आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आबकारी विभाग द्वारा सोमवार, 7 जुलाई को यह सख्त आदेश जारी किया गया।
यह कदम उस समय उठाया गया जब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने इसी दिन 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में करीब 2300 पन्नों का विस्तृत चालान पेश किया। कोर्ट ने इस चालान को स्वीकार कर लिया है, जिससे जांच की दिशा और भी गंभीर हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई थीं। भारी भरकम कमीशन, फर्जी बिलिंग और बेनामी लेन-देन के जरिए राज्य को हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया।
राज्य सरकार की इस कड़ी कार्रवाई से साफ हो गया है कि शराब घोटाले में संलिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। निलंबन के बाद इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।




प्रदेश के सांप्रदायिक मेल-मिलाप पर संकट! कलेक्टरों को मिला NSA की कार्रवाई का अधिकार…
रायपुर। राज्य सरकार के पास रिपोर्ट है कि कतिपय तत्व सांप्रदायिक मेल-मिलाप को संकट में डालने के लिए सक्रिय है. स्थिति को देखते हुए गृह विभाग ने विभिन्न जिलों के कलेक्टरों को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई का अधिकार प्रदान किया है. यह अधिकार एक जुलाई से 30 सितंबर तक प्रदान किया गया है.
छत्तीसगढ़ शासन की ओर से गृह विभाग द्वारा राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई है. इसमें बताया गया है कि कतिपय तत्व राज्य में सांप्रदायिक मेल-मिलाप को संकट में डालने और लोक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कोई कार्य करने के लिए या तो सक्रिय हैं, या उनके सक्रिय होने की आशंका है.
ऐसी स्थिति में रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, रायगढ़, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, जांजगीर-चांपा, कोरबा, कबीरधाम, महासमुंद, धमतरी, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोण्डागांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद, मुंगेली, सूरजपुर, बलरामपुर, मोहला – मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरि-भरतपुर (एम.सी.बी.), गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती के कलेक्टर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रदान की गई शक्तियों का एक जुलाई से लेकर 30 सितंबर तक उपयोग कर सकते हैं.
छत्तीसगढ़ में मानसून का कहर: रेल ट्रैक डूबे, येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी, शिवनाथ उफान पर
रायपुर। मध्य छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ रेल यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. दुर्ग रेलवे स्टेशन पर रेल पटरी पानी में डूब गई है, जिससे कई ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार, 10 जुलाई को मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना है. हालांकि, 11 जुलाई से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश में औसतन 13.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है. अब तक कुल 343.6 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 15% अधिक है. केवल दुर्ग जिले में ही बीते दिन 13 सेमी बारिश रेकॉर्ड की गई.
बारिश के चलते मोंगरा बांध से पानी छोड़ा गया, जिससे शिवनाथ नदी उफान पर है. नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों और शहरी इलाकों की कॉलोनियों में पानी घुसने का खतरा उत्पन्न हो गया है.
बारिश का क्षेत्रीय ब्यौरा कुछ इस प्रकार रहा:
- बालोद: 12 सेमी
- अहिवारा: 10 सेमी
- धमधा, मंदिरहसौद, गंडई: 9 सेमी
- बोरई, अर्जुदा: 8 सेमी
- धरसींवा, डौंडीलोहारा, भखारा, पाटन, भिलाई: 7 सेमी
- माना, मारी बंगला, रायपुर शहर, खैरागढ़: 6 सेमी
- सरायपाली, आरंग, अंबागढ़ चौकी, पामगढ़, खरोरा, गोबरा नवापारा, गुंडरदेही, छुरिया, लाभांडी, मोहला, राजनांदगांव: 5 सेमी
लगातार हो रही बारिश ने एक ओर जहां खेतों और जलस्त्रोतों को लाभ पहुंचाया है, वहीं दूसरी ओर जनजीवन और यातायात व्यवस्था पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी साफ दिखाई दे रहा है. रेलवे प्रशासन द्वारा पानी की निकासी और यातायात को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं.
22 प्रतिष्ठानों पर छापे के बाद जीएसटी की जांच पूरी, कारोबारियों पर लगेगा करोड़ों का लगेगा जुर्माना…
रायपुर। छत्तीसगढ़ की जीएसटी टीम ने पिछले महीने रायपुर समेत 22 जगहों पर कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारे थे, जिसमें रायपुर से लगी एक बड़ी गुटखा फैक्ट्री भी शामिल थी. बताया जा रहा है कि छापे में मिले दस्तावेजों की जांच लगभग पूरी हो गई है. जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा किया जाएगा.
जांच पूरी होने के बाद इन तमाम कारोबारियों से करोड़ों का टैक्स मिलने की भी उम्मीद है. प्रारंभिक जांच में ही 5 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी सामने आ चुकी थी. इसके बाद अफसरों की टीम ने लगातार एक-एक संस्थानों के हर दस्तावेजों की जांच कर बड़ी कार्रवाई की है.
विभाग के अफसरों ने पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि बिना टैक्स दिए कारोबार नहीं हो पाएगा. यही वजह है कि पिछले तिमाही में छत्तीसगढ़ देश के उन टॉप राज्यों में शामिल था, जहां से केंद्र सरकार को सबसे ज्यादा जीएसटी का कलेक्शन कर दिया गया है. इस बार की तिमाही में भी यह रिकार्ड बरकरार रखने की कोशिश की जा रही है. सभी कारोबारियों से कहा जा रहा है कि वे कोई भी टैक्स लंबित न रखें.
वेटिंग लिस्ट में थी नंबर 1, लेकिन पद रिक्त होने पर भी नहीं मिली ज्वाइनिंग, अब हाईकोर्ट ने 6 सप्ताह में नियुक्ति देने का दिया आदेश
बिलासपुर। असिस्टेंट ग्रेड 3 के पद पर वेटिंग लिस्ट में पहले स्थान पर होने और पद रिक्त होने पर भी ज्वाइनिंग नहीं कराई गई। मामले में हाईकोर्ट ने कमर्शियल कोर्ट को आदेशित किया कि 6 सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को नियुक्त किया जाए।
कमर्शियल कोर्ट रायपुर में रिक्त असिस्टेंट ग्रेड 3 के पद पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। 16 जून 2023 को इसका विज्ञापन प्रकाशित किया गया। यहाँ असिस्टेंट ग्रेड 3 के दो रिक्त पदों पर चयन होना था। पहला पद अनारक्षित, जबकि दूसरा पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित था। अनारक्षित पद पर नियुक्ति कर दी गई। ओबीसी के रिक्त पद पर विक्रांत देवांगन ने सूची में सबसे आगे होने पर ज्वाइन कर लिया। इस पद के लिए डूमरतराई रायपुर निवासी राधा डडसेना ने भी लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त की और उन्हें वेटिंग लिस्ट में पहले स्थान पर रखा गया था। इधर देवांगन ने ज्वाइन करने के कुछ माह बाद शिक्षक के रूप में चयन हो जाने के कारण पद से इस्तीफ़ा दे दिया। हाईकोर्ट रूल्स के अनुसार वोटिंग लिस्ट की वैधता एक साल तक रहती है। इस पर राधा डडसेना ने कमर्शियल कोर्ट में आवेदन दिया कि, अब यह पद रिक्त हो चुका है तो वोटिंग लिस्ट में प्रथम होने के आधार पर नियमनुसार उसको ज्वाइनिंग दी जाए।
कमर्शियल कोर्ट ने आवेदन नामंजूर कर कहा कि चयनित व्यक्ति के ज्वाइनिंग करने के बाद अब कोई दावा नहीं रह जाता। इस पर ने राधा डडसेना ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद माना कि वेटिंग लिस्ट एक साल तक वैध रहती है। अगर चयनित व्यक्ति ने त्यागपत्र दे दिया है तब भी वह पद रिक्त रहेगा और जो वेटिंग में सबसे आगे होगा उसे नियुक्त किया जायेगा। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कमर्शियल कोर्ट को आदेशित किया कि, 6 सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को असिटेंट ग्रेड 3 के पद पर नियुक्त किया जाए।
सीएम साय ने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की दी शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्रदान किया गया है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन भारत में गुरु पूर्णिमा मनाने की परंपरा है। यह दिन गुरु के अमूल्य ज्ञान, मार्गदर्शन और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष अवसर होता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु जीवन में अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का आलोक प्रदान करते हैं। उनके द्वारा दी गई शिक्षा और मूल्य हमारे जीवन के पथ को आलोकित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अभी को गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए प्रगति के पथ पर अग्रसर होते हुए जीवन को सार्थक करना चाहिए।
भाजपा का प्रशिक्षण शिविर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – जनप्रतिनिधियों के दायित्व निर्वहन में सहायक सिद्ध होगा मैनपाट प्रशिक्षण
रायपुर। प्राकृतिक हरीतिमा से भरपूर सरगुजा संभाग के मैनपाट में भाजपा का त्रिदिवसीय सांसद-विधायक प्रशिक्षण वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशिक्षण वर्ग को अत्यंत उपयोगी बताते हुए प्रदेश भाजपा को आयोजन के लिए बधाई दी और इस महत्वपूर्ण आयोजन में योगदान देने वाले सभी कार्यकर्ताओं और व्यवस्था में लगे सभी दायित्ववानों के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा, जनप्रतिनिधियों के दायित्व निर्वहन में मैनपाट प्रशिक्षण सहायक सिद्ध होगा.
मुख्यमंत्री साय ने अपने X हैंडल पर लिखा कि निरंतर अभ्यास और प्रशिक्षण भारतीय जनता पार्टी की कार्यपद्धति का एक मजबूत स्तंभ है. पार्टी में मंडल इकाई से लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी तक नियमित प्रशिक्षण की परंपरा है, जिससे कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को न केवल संगठन की रीति-नीति, कार्यक्रम और कार्ययोजना की जानकारी मिलती है, बल्कि समसामयिक विषयों पर भी गहन मार्गदर्शन प्राप्त होता है.
उन्होंने कहा कि मैनपाट प्रशिक्षण वर्ग में राष्ट्रीय नेताओं और विषय विशेषज्ञों के विविध सत्रों के माध्यम से सांसदों और विधायकों को उनके दायित्व निर्वहन में सहायक अमूल्य मार्गदर्शन मिला. यह प्रशिक्षण हमें अपनी कार्यशैली को और अधिक प्रभावी, समन्वित और जनसेवी बनाने में सहायता करेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण वर्गों में कार्यकर्ताओं का एक साथ रुकना, रहना, सहभोज करना आपसी समझ और सामूहिकता की भावना को गहराता है. इससे न केवल संगठनात्मक समरसता बढ़ती है, बल्कि एक परिवार के रूप में पार्टी का भाव भी सुदृढ़ होता है. उन्होंने कार्यक्रम में सहभागी राष्ट्रीय नेताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने व्यस्त समय में से इस प्रशिक्षण के लिए समय निकालकर उन्होंने कार्यकर्ताओं को ऊर्जावान और मार्गदर्शित किया. साथ ही उन्होंने सरगुजा संभाग, विशेषकर सीतापुर विधानसभा के सभी कार्यकर्ताओं, आयोजन समिति और सहयोगी समूहों को आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी. मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रशिक्षण वर्ग भाजपा की वैचारिक प्रतिबद्धता और जनसेवा की भावना को और अधिक सशक्त बनाएंगे.
पिता ने खुद को बताया बेरोजगार, बोला- शिक्षिका पत्नी करेगी बच्चे का भरण-पोषण, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा- बच्चे की भलाई सर्वोपरि, माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी
बिलासपुर। फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई के दौरान पति ने हाईकोर्ट में दलील दी कि वह बेरोजगार है और उसकी कोई स्थायी आय नहीं है, जबकि उसकी पत्नी नौकरी करती है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि बच्चे की शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी से पिता खुद को अलग नहीं कर सकता, भले ही वह बेरोजगार ही क्यों न हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि पढ़ी-लिखी और कमाने वाली पत्नी होने के बावजूद, बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी माता-पिता दोनों की होती है। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच में हुई।
बता दें कि रायगढ़ में रहने वाले दंपती आपसी विवाद के बाद अलग रह रहे हैं। उनका करीब 4 साल का बेटा रायगढ़ के कान्वेंट स्कूल में पढ़ता है। पत्नी ने रायगढ़ के फैमिली कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 127 के तहत भरण-पोषण देने की मांग करते हुए याचिका लगाई थी। जिस पर फैमिली कोर्ट ने पति को मां और बेटे को हर माह 6 हजार रुपये अंतरिम खर्च के तौर पर देने का आदेश दिया।
पति ने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका लगाई। याचिका में बताया गया, कि वह बेरोजगार है। विशेषकर कोरोना काल के बाद से उसके पास कमाई का कोई जरिया नहीं रह गया है। जबकि पत्नी अपने पिता के स्कूल में शिक्षिका है। उसकी आमदनी भी अच्छी है। यह भी तर्क दिया कि दोनों पक्षों के बीच पहले ही समझौता डिक्री हो चुकी है, लिहाजा नया आदेश गलत है।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि, बच्चा प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। उसके लिए पर्याप्त आर्थिक मदद जरूरी है। बच्चे की भलाई सर्वोपरि है। भरण-पोषण से संबंधित जिम्मेदारी सिर्फ मां की नहीं हो सकती। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को न्यायसंगत, निष्पक्ष और कानूनी सिद्धांतों के अनुरूप मानते हुए पति की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है।
बस्तर का धुड़मारास गांव बना विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से गांव में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का हुआ क्रियान्वयन
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिला के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाला छोटा सा आदिवासी गांव धुड़मारास आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल यह गांव अब पर्यावरणीय संरक्षण और सतत विकास का मॉडल बनकर उभरा है।

