रायपुर। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में संत कबीर सत्संग कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने जातिगत जनगणना, धर्मांतरण, हिंदी-मराठी भाषा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आगामी दौरे पर महत्वपूर्ण बयान दिए.
जातिगत जनगणना पर ऐतिहासिक निर्णयआठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने जातिगत जनगणना का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “लंबे समय से इसकी मांग उठ रही थी, लेकिन जब उनकी सरकार थी, तब उन्होंने इस पर कोई निर्णय क्यों नहीं लिया?” उन्होंने आगे कहा कि जनरल कमीशन इस दिशा में काम करेगा, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कितना विकास हुआ, कितना कल्याण हुआ और समाज को कितना लाभ मिला.हिंदी और मराठी भाषा पर जोर महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर बोलते हुए आठवले ने कहा, “हिंदी हमारी मातृभाषा है और इसका सम्मान होना चाहिए. कुछ लोगों ने मराठी भाषा में पढ़ाई की मांग की थी, जिस पर महाराष्ट्र सरकार ने अच्छा फैसला लिया है.” उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में हिंदी को लागू करना चाहिए, लेकिन कक्षा पहली से छठवीं तक क्षेत्रीय भाषा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार पर हमला
पश्चिम बंगाल में भाजपा की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के दौरे के संदर्भ में आठवले ने कहा, “वहां अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. आगामी चुनाव में ममता बनर्जी की छुट्टी हो जाएगी और भाजपा की सरकार बन सकती है.” उन्होंने ममता सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए बदलाव की भविष्यवाणी की.धर्मांतरण पर सख्त रुख छत्तीसगढ़ में बढ़ते धर्मांतरण के मामलों पर आठवले ने कहा, “प्रलोभन या दबाव में धर्मांतरण सही नहीं है. अगर कोई अपनी स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो यह उसका अधिकार है, लेकिन दबाव या प्रलोभन के मामलों की पूरी जांच होनी चाहिए और इसे रोका जाना चाहिए.
“मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे पर स्वागत के साथ तंज
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 7 जुलाई को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे पर आठवले ने कहा, “लोकतंत्र में सभी को सभा करने का अधिकार है. खड़गे हमारे समाज से हैं और उनका स्वागत है. लेकिन वे यहाँ आएंगे तो संविधान बदलने और मोदी के खिलाफ ही बोलेंगे. कांग्रेस को टिप्पणी करनी है, तो करती रहे.
रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने ऐसे 106 प्रोजेक्ट्स की पहचान की है, जो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से स्वीकृत होने के बावजूद अब तक रेरा अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन प्रोजेक्ट्स का निर्माण अथवा विक्रय कार्य बिना वैधानिक रेरा पंजीकरण के किया जा रहा था, जो न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उपभोक्ताओं के हितों के लिए भी अत्यंत नुकसानदेह है।
प्राधिकरण ने इन सभी प्रोजेक्ट्स के प्रमोटरों को नोटिस जारी करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि रेरा अधिनियम, 2016 का पालन सुनिश्चित करना प्रत्येक प्रमोटर की जिम्मेदारी है। प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि पिछले सात वर्षों में 136 प्रोजेक्ट्स के विरुद्ध स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यवाही की गई है, जिनमें प्रमोटरों द्वारा बिना पंजीकरण कार्य संचालित किया गया था।
रेरा अधिनियम के अनुसार, बिना पंजीकरण प्रोजेक्ट संचालित करने पर पंजीकरण शुल्क का 400 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क और परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। रेरा अधिनियम की यही विशेषता है कि वह न केवल उपभोक्ताओं को सुरक्षित निवेश का वातावरण देता है, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और समयबद्धता भी सुनिश्चित करता है।
www.cgrera.cg.gov.in पोर्टल पर देख सकते हैं जानकारी
सीजी रेरा ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संपत्ति जैसे फ्लैट, प्लॉट, विला या व्यावसायिक इकाई खरीदने से पहले यह अवश्य जांच लें कि संबंधित परियोजना रेरा में पंजीकृत है या नहीं। इसके लिए www.cgrera.cg.gov.in पोर्टल पर जाकर परियोजना की पंजीकरण स्थिति की जांच की जा सकती है। वहीं प्रमोटरों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी परियोजनाओं को विधिवत रजिस्ट्रेशन कराएं, ताकि किसी प्रकार की शास्ति या कानूनी कार्यवाही से बचा जा सके।
घर खरीदने से पहले जरूर करें रेरा पंजीयन की पुष्टि
प्राधिकरण का उद्देश्य स्पष्ट है कि वह उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना चाहता है और अनियमित एवं अराजक प्रोजेक्ट्स पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना चाहता है। घर खरीदने से पहले रेरा पंजीयन की पुष्टि अवश्य करें, इसी संदेश के साथ सीजी रेरा ने जिम्मेदार नागरिकों और ईमानदार डेवलपर्स से सहयोग की अपील की है।
रायपुर। देश में 2027 में जनगणना होगी। 16 जून को इसे लेकर केंद्र सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। जनगणना को लेकर केंद्र और राज्य में कार्डिनेशन के लिए हर राज्य में एक नोडल अफसर बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में कार्डिनेशन के लिए ACS मनोज कुमार पिंगुआ को नोडल अफसर नियुक्त किया गया है।
देश में पहली बार जनगणना और जातिगत जनगणना एक साथ कराई जा रही है। वैसे तो भारत में जनगणना हर 10 साल बाद होती है, जिसके जरिए देश की आबादी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों को जमा किया जाता है। जनगणना दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक अभ्यासों में से एक है, जिसे गृह मंत्रालय के तहत आने वाला ऑफिस ऑफ रजिस्ट्रार जनरल और सेंसस कमिश्नर करवाता है।
कोरोना महामारी के कारण 2021 में होने वाली जनगणना टल गई थी और अब यह 2025 में शुरू हो रही है. इसी वजह से अब जनगणना के सर्किल में भी बदलाव हो गया है और इसके बाद अगली जनगणना 2035 में कराई जाएगी। इस बार जनगणना की प्रक्रिया दो फेज में पूरी होगी. पहला चरण एक अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाएगा, जबकि दूसरा और अंतिम चरण एक मार्च 2027 तक पूरा होगा।
इसके लिए एक मार्च 2027 की मिड नाइट को रेफरेंस डेट माना जाएगा। यानी उस समय देश की जनसंख्या और सामाजिक स्थिति का जो भी आंकड़ा होगा, वही रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा. इस दिन के बाद से आंकड़े सार्वजनिक रूप से सामने आने लगेंगे। हिमालयी और विशेष भौगोलिक हालात वाले राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में यह प्रक्रिया अन्य राज्यों से पहले अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। इन इलाकों में मौसम की कठिनाइयों और दुर्गम क्षेत्रों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इन राज्यों के लिए एक अक्टूबर 2026 को रेफरेंस डेट माना जाएगा।
रायपुर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में थोक में तबादला किया गया है. इसकी जद में कलेक्टर सहायक ग्रेड 2 से लेकर सहायक ग्रेड-3, स्टेनो टायपिस्ट और प्यून तक आए हैं. बताया जा रहा है लंबे समय से एक ही जगह पर जमे हुए इन कर्मचारियों को प्रशासनिक कसावट के मद्देनजर तबादला किया गया है.
रायपुर। जेल प्रशासन विभाग ने केंद्रीय जेल रायपुर सहित विभिन्न जिला और उप जेलों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला आदेश जारी किया है. 2 डिप्टी जेलर के साथ मुख्य प्रहरी, प्रहरी और वाहन चालक को इधर से उधर किया गया है. इस लिस्ट में 47 अधिकारी-कर्मचारी के नाम शामिल हैं.
जारी आदेश में उप जेल अधीक्षक जगदलपुर अलोइस कुजूर को जिला जेल दंतेवाड़ा में स्थानांतरित किया गया है, जबकि उप जेल अधीक्षक जीएस शोरी, जो वर्तमान में दंतेवाड़ा में पदस्थ हैं, को स्वयं के व्यय पर रायगढ़ में नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही अन्य जेल कर्मचारियों का भी तबादला किया गया है.
रायपुर। प्राचार्य पदोन्नति केस की छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय डबल बैंच में जस्टिस रजनी दुबे एवं जस्टिस अमितेंद्र कुमार प्रसाद की बेंच में सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला 17 जून को सुरक्षित रखा गया था।
माननीय हाई कोर्ट में 9 जून से 17 जून तक लगातार सुनवाई हुआ, जिसमे याचिकाकर्ताओं ने अपने अपने विषय मे तथ्यों के साथ पक्ष रखा था, वहीं अतिरिक्त महाधिवक्ता के साथ साथ इंटरविनर ने भी लाभार्थी व शासकीय पक्ष को मजबूती से रखा था। ज्ञात हो शिक्षा विभाग ने 30 अप्रैल को प्राचार्य पदोन्नति की सूची जारी की थी, जिसे माननीय हाई कोर्ट ने 1 मई को स्थगित किया था, जिसमे सुनवाई चली।
प्राचार्य पदोन्नति विषय मे शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत सिंह ठाकुर ने सभी विषय पर विशेष पक्ष रखा है साथ ही छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के इंटरविनर अधिवक्ता अनूप मजूमदार, अमृतोदास, विनोद देशमुख, जमील अख्तर व अन्य ने भी विशेष रूप से लाभार्थियों के पक्ष में न्यायसंगत पक्ष मजबूती से रखे थे।
अंत मे हाई कोर्ट ने सभी को सुनने के बाद फैसला 17 जून को सुरक्षित रख लिया है, जिसमे आज सभी आपत्ति को खारिज करते हुए प्राचार्य पदोन्नति की जारी सूची से स्टे हटाते हुए हरी झंडी दिया गया, हाई कोर्ट ने शासन के पक्ष को सही माना है। नियम 15 को संशोधन करने कहा गया है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने सचिव स्कूल शिक्षा विभाग व संचालक लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ से भेंटकर इस विषय मे चर्चा किया था, अब जब फैसला आ गया है तो नया शिक्षा सत्र आरंभ होने के बाद तत्काल पदोन्नति होगी। स्कूल में प्राचार्य के अधिसंख्य पद रिक्त है, शालाओ में शिक्षण सत्र की तैयारियों में प्राचार्य की शीघ्र पदोन्नति जरूरी है।
माननीय न्यायालय में सुनवाई के दौरान संजय शर्मा, मनोज सनाढ्य, मुकेश पांडेय, रामगोपाल साहू, राजेश शर्मा, चिंताराम कश्यप, चंद्रशेखर गुप्ता, तोषण गुप्ता, अनामिका तिवारी, मोहन तिवारी लगातार सक्रिय थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर शिक्षक आंदोलन के मोर्चे पर उतरने को तैयार हैं। शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के बैनर तले कल प्रदेशभर के 146 विकासखंडों में शिक्षक हड़ताल पर रहेंगे। अपनी लंबित मांगों को लेकर वे स्कूलों से बाहर आकर सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के प्रदेश संचालक संजय शर्मा, मनीष मिश्रा, केदार जैन, वीरेंद्र दुबे, विकास राजपूत और जाकेश साहू ने बताया कि शिक्षिका सोना साहू के तर्ज पर एरियर्स राशि सहित क्रमोन्नति वेतनमान, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन बहाली सहित संपूर्ण लाभ, पदोन्नति में डीएड को भी मान्य किए जाने तथा वर्तमान में हुए युक्तियुक्तिकरण रद्द कर 2008 का सेटअप लागू करने की मांग को लेकर कल प्रदेशभर के सड़कों में शिक्षकों का जनसैलाब उमड़ेगा।
प्रदेश संचालक कृष्णकुमार नवरंग और राजनारायण द्विवेदी ने बताया कि उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेशानुसार सूरजपुर जिले की शिक्षिका सोना साहू को प्रथम नियुक्ति तिथि से क्रमोन्नति वेतनमान दिया जा रहा है। साथ ही उन्हें पूरी एरियर्स राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। लेकिन राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के समस्त पात्र शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान देने का जनरल ऑर्डर नहीं दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश के 1 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हैं और उन्हें आर्थिक रूप से हर माह 15 से 20 हजार रुपए का एक बड़ा नुकसान हो रहा है। संगठन की मांग है कि राज्य सरकार द्वारा सभी शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान देने का जनरल ऑर्डर जारी किया जाए।
प्रदेश संचालक भूपेंद्र बनाफर, शंकर साहू, भूपेंद्र गिलहरे, चेतन बघेल, गिरीश केशकर, लैलूंन भरतद्वाज एवं प्रदीप पांडे ने कहा है कि शिक्षकों की नियुक्ति 1995 एवं 1998 से हुई है, लेकिन प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना न कर संविलियन तिथि 2018 से की जा रही है, जिससे शिक्षकों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। शिक्षक साझा मंच की मांग है कि शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन बहाली सहित समस्त लाभ दिया जाए।
प्रदेश संचालक प्रदीप लहरे, राजकिशोर तिवारी, कमल दास मुरचले, प्रीतम कोशले, विक्रम राय, विष्णु प्रसाद साहू, धरम दास बंजारे एवं अनिल कुमार टोप्पो ने बताया कि डीएड योग्यताधारी शिक्षकों को भी व्याख्याता एवं प्राचार्य के पदों पर पदोन्नति दी जाए। इसी प्रकार वर्तमान में हुए युक्तियुक्तिकरण में सेटअप 2008 का पालन नहीं किया गया है।
बहुत सारी खामियां हैं, प्राथमिक शाला से शिक्षकों की संख्या 3 से घटाकर 2 कर दी गई है। मिडिल, हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी एक-एक शिक्षकों की कटौती कर दी गई है। इस प्रकार प्रदेश के स्कूलों में लगभग 57,000 शिक्षकों के पदों को एक झटके में समाप्त कर दिया गया है।
इस बार प्रदेश के 23 शिक्षक संगठन हुए है एक
प्रदेश के 23 शिक्षक संगठन इस बार एक मंच पर आकर शिक्षक साझा मंच बनाए हैं और आंदोलन का ऐलान किए है। जिससे प्रदेश के एक लाख अस्सी हजार शिक्षक विभिन्न मांगों को लेकर इस बार हड़ताल पर हैं। इससे पूर्व भी प्रदेश के राजधानी में शिक्षकों ने जोरदार हल्ला बोला था। 15 से 30 जून तक काली पट्टी लगाकर स्कूल भी जाते रहे तथा शासन को विरोध जताते रहे।
साझा मंच के प्रदेश संयोजक मंडल ने स्पष्ट और दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकार उनकी मांगों को और हड़ताल को हल्के में न ले अन्यथा प्रदेश भर के समस्त स्कूलों में तालेबंदी कर सभी शिक्षक अनिश्चितकालीन आंदोलन में चले जाएंगे जिनकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा रविवार को अग्रसेन भवन, पुरानी बस्ती रायपुर में मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा की वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल सहित महिला मोर्चा की कई पदाधिकारी शामिल रहीं।
किरण सिंह देव का तीखा हमला : “कांग्रेस ने लोकतंत्र को कुचला”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने मॉक पार्लियामेंट को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत अच्छे तरीके से इस महिला संसद का आयोजन किया गया। हम सभी जानते हैं आपातकाल का यह 50वां वर्ष है, जो हमारे देश के संविधान और देश के लोकतंत्र का काला अध्याय है। कांग्रेस शासनकाल में आपातकाल के दौरान देश को किन-किन परिस्थितियों का सामना देश और देशवासियों को करना पड़ा, यह सोचकर भी मन दुखी होता है। वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सोच है कि देश का चहुंमुखी विकास हो। उनकी कल्याणकारी योजनाएं देश को विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही हैं। भारत इन 11 वर्षों में विकास की ओर तेज रफ्तार से आगे बढ़ा है। इस बात को हम सभी देशवासी जानते हैं। आज भारत का सम्मान दुनिया के विभिन्न देशों में हो रहा है। दुनिया में भारत का परचम मोदी जी के नेतृत्व में लहरा रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि आज़ादी के बाद ज़्यादा समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही। उस समय राजनीतिक दल इतने जागरूक नहीं हुआ करते थे। देश के लोकतंत्र पर कुठाराघात कांग्रेस पार्टी ने आपातकाल के माध्यम से किया। 25 जून 1975 को देश को आपातकाल में झोंक दिया गया था। लोकतंत्र की हत्या कर दी गई थी। कांग्रेस सरकार के कुशासन और उनकी कुनीतियों ने देश को आपातकाल के अंधकार में धकेल दिया। कांग्रेस की विध्वंसकारी नीतियों ने देश को गर्त में ले जाने का काम किया। कांग्रेस ने चुनाव में सरकारी मिशनरी का दुरुपयोग किया। सरकारी तंत्र एवं सरकारी पैसों का दुरुपयोग करके चुनाव को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के काले अध्याय को आज के युवाओं को अच्छी तरह से जानने एवं कांग्रेस शासनकाल के दौरान 1975 में हुई भीषण विभीषिका से परिचित होने की आवश्यकता है, इसलिए यह कार्यक्रम किया गया।
सरोज पांडेय का आरोप : “इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने के लिए देश को आपातकाल में झोंका”
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय ने कहा कि देश में आपातकाल 25 जून को मध्य रात्रि को लगा दिया गया। लगाने का कोई कारण नहीं था। आपातकाल इसलिए लगाया गया क्योंकि उस समय सत्ता में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ कोर्ट का निर्णय हुआ और उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं। इसलिए उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ता। अपने पद को बचाने के लिए देश में आपातकाल लगाया गया। आपातकाल लागू कर इंदिरा गांधी ने सत्ता का दुरुपयोग करते हुए भारत के संविधान में संशोधन किया। कांग्रेस पार्टी ने लोकतंत्र की हत्या की। एक लाख से ज़्यादा लोगों को जेल के अंदर डाल दिया गया, जिनमें विपक्षी दल के नेता भी थे, भारत में रहने वाले नागरिक भी थे। लोगों की ज़बरदस्ती नसबंदी कराई गई। उस समय लोगों को जेल में डालकर दर्दनाक यातनाएं दी गईं।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय ने कहा कि नरेंद्र मोदी के देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद 1975 के आपातकाल के दौरान जेल गए मीसाबंदियों का सम्मान किया गया। तब से भाजपा की सरकार उन्हें हर वर्ष सम्मानित करती है। जबकि कांग्रेस पार्टी ने लगातार देश को तोड़ने का काम किया। देश में आज़ादी के बाद से कांग्रेस का शासनकाल अधिक समय तक रहा और इस दौरान उन्होंने देश को हमेशा बांटने का काम किया। आपातकाल के दंश झेलने वाले कई परिवार यह सब सोचकर सहम जाते हैं कि उस कालखंड में सत्ता की लालसा में कोई इतना गिर सकता है।
कार्यक्रम में मोर्चा महामंत्री विभा अवस्थी, चंपा देवी पावले, ममता साहू, अलका चंद्राकर, शीतल नायक, मायाबेल चंदन, सुषमा खालको, हेमलता शर्मा, किरण मरकाम, किरण बघेल, मिनी पांडेय, आयुषी पांडे, शीलू साहू, निशा चौबे सहित महिला मोर्चा की पदाधिकारी मौजूद रहीं।
रायपुर। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा 30 जून 2025 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की एक मंथन बैठक आयोजित हुई। जिसमें सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रगति की समीक्षा, विचारों के आदान-प्रदान और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार किया जायेगा। सहकारी क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप इस बैठक में सम्मिलित हुए उन्होंने बैठक कि जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक भारत के सर्वांगीण विकास और उन्नति के लिये थी। जिसमें सहकारिता के क्षेत्र में किये जा रहे पहलों और नवाचार पर चर्चा किया गया। साथ ही भविष्य के योजनाओं पर विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह जी का मार्गदर्शन और विजन प्राप्त हुआ।
बैठक के मुख्य विषय को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस मंथन बैठक में सहकारी क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर विचार-विमर्श होगा. इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की वित्तीय मजबूती के लिए उठाए गए कदम जैसे सहकारी बैंकों से जुड़ी समस्याओं के समाधान, राज्य सहकारी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए साझा सेवा इकाई की स्थापना और शहरी सहकारी बैंकों के संचालन के लिए एक संगठन बनाने पर मंथन किया गया है।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस बैठक में सहकारिता मंत्रालय की अब तक की पहल और योजनाओं की समग्र समीक्षा करने के साथ-साथ सहकारिता मंत्रालय के प्रगति का मूल्यांकन, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों से अच्छे अनुभवों, श्रेष्ठ प्रक्रियाओं और रचनात्मक सुझावों का आदान-प्रदान हुआ। उन्होंने कहा कि निश्चित ही यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए साझा समझ और समन्वित रणनीति विकसित करने में मदद करेगा।
पैक्स को सशक्त बनाने पर विस्तृत चर्चा
मंत्री केदार कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि मंथन बैठक में 2 लाख नयी बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। वहीँ सरकार का मानना है कि ग्रामीण सेवा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम सहकारिता के जरिए संभव है। इस दौरान सहकारी क्षेत्र में ‘विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना’ पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और किसानों को सशक्त बनाना है। साथ ही, ‘सहकारिता में सहकार’ अभियान और ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के तहत राज्यों की प्रगति और सहभागिता पर विचार किया गया।
छत्तीसगढ़ में सहकारिता के संभावनाओं पर चर्चा
मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता के क्षेत्र में संभावनाओं को लेकर केंद्रीय सहकारिता मंत्री से चर्चा की। उन्होंने बताया कि नई सहकारी समितियों का गठन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में 500 नए बहुउद्देशीय पैक्स के गठन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिससे किसानों को कृषि ऋण, खाद बीज और अन्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल भी विष्णुदेव साय सरकार द्वारा की जा रही है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, और 57 से अधिक नई दुग्ध समितियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है।
मत्स्य पालन को बढ़ावा: 169 नई मत्स्य समितियों का गठन किया गया है, जिससे मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बैंकिंग सुविधा: प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिससे किसानों को बैंकिंग सुविधा घर के पास ही मिल सकेगी।
मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ सरकार के विजन को लेकर कहा कि विष्णुदेव साय सरकार केंद्र के मार्गदर्शन में सहकारिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कार्य करेगी।
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल में यात्री सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर सोमवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई. मंडल कार्यालय रायपुर के प्रथम तल सभागार में हुई यह बैठक रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई.
इस बैठक में बृजमोहन अग्रवाल – सांसद / रायपुर लोकसभा, विजय बघेल – सांसद/ दुर्ग लोकसभा, भोजराज नाग – सांसद/ कांकेर लोकसभा, महेश कश्यप – सांसद/ बस्तर लोकसभा , रूपकुमारी चौधरी – सांसद/ महासमुन्द लोकसभा, रंजीत रंजन – सांसद/राज्य सभा सहित सांसदों के प्रतिनिधि-अरुण सिंह चौहान (तोखन साहू – राज्यमंत्री / आवास और शहरी मंत्रालय भारत सरकार), सद्दाम सोलंकी (फूलोदेवी नेताम- सांसद/ राज्यसभा), और मंडल रेल प्रबंधक रायपुरदयानंद, मुख्यालय के प्रधान विभागाध्यक्ष और मंडल के अधिकारीगण उपस्थित रहे.
यात्री सुविधाओं पर हुआ विस्तृत प्रजेंटेशन
बैठक के प्रारंभ में महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, तरुण प्रकाश ने उपस्थित सांसदों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी के मार्गदर्शन और बहुमूल्य सुझाव का लाभ हमें अपनी सेवाओं को बेहतर करने में मिलेगा. बैठक में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की उपलब्धियों, यात्री सुविधाओं और विकासात्मक कार्यों का ब्यौरा सांसदों के समक्ष प्रस्तुत किया गया. इसी क्रम मेंदयानंद, मंडल रेल प्रबंधक ने रायपुर मंडल में यात्री सुविधाओं से संबन्धित किए जा रहे कार्य, आधारभूतसंरचना का विकास, अमृत भारत स्टेशनों पर जारी विकास कार्यों, गाड़ियों का क्षमता आवर्धन, वरिष्ठ व दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाएं जैसे अक्षिता सेफ बबल, मेरी सहेली अभियान आदि का विशेष उल्लेख करते हुए स्वच्छता अभियान, रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139, यात्री, संरक्षा, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण आदि की विस्तृत जानकारी पॉवर पॉइंट के माध्यम से दी.
सांसदों ने रखे सुझाव और मांगे सुविधाएं
रेलवे मंडल में हो रहे विकास कार्यों और उपलब्ध यात्री सुविधाओं को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में भाग लेने वाले सांसदों ने संतोष व्यक्त किया. उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित जन सरोकारों के मुद्दे उठाते हुए स्थानीय स्तर की समस्याओं और जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया. बैठक में विभिन्न स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं, ट्रेनों की समयबद्धता, नई रेल सेवाओं की शुरुआत, मौजूदा सुविधाओं के उन्नयन, ट्रेनों के ठहराव और विस्तार सहित स्टेशन पर उपलब्ध गुड्स शेड को स्थानांतरित कर स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विकास करने व अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई.
महाप्रबंधक ने दिए प्राथमिकता से निस्तारण के आश्वासन
महाप्रबंधक ने सभी सांसदों को अपने-अपने क्षेत्र की जनता की आकांक्षाएं और अपेक्षाओं से रेल प्रशासन को अवगत कराने और विकासात्मक सुझाव देने के लिए धन्यवाद दिया. महाप्रबंधक ने बैठक में उठाए गए मुद्दों और सुझावों को नियमानुसार प्राथमिकता के साथ पूरा करने के प्रयास के प्रति आश्वस्त किया.
बैठक के अंत में उप महाप्रबंधक (सामान्य) समीर कान्त माथुर ने सुझाव देने और बैठक को सफल बनाने हेतु सभी सांसदों और सांसद प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया.
रायपुर। राज्य सरकार ने जनसंपर्क विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला किया है. वहीं जनसंपर्क संचालनालय स्तर पर गठित विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा पर जनसंपर्क संचालनालय एवं अधीनस्थ कार्यालयों में सहायक सूचना अधिकारी (सूचना सहायक ग्रेड-1) के पद पर पदस्थ कर्मचारियों को सहायक जनसंपर्क अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया गया है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन की सेवा तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है. इसका आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी कर दिया है. बता दें कि अंतिम समय में आज केंद्र सरकार ने अमिताभ जैन को मुख्य सचिव के रूप में एक्सटेंशन दिए जाने की मंजूरी दी थी. केंद्र सरकार की ओर से AIS (DCRB) Rules, 1958 के नियम 16 (1) के तहत अनुमति मिलने के बाद राज्य सरकार ने एक जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक के लिए आईएएस अमिताभ जैन की सर्विस में विस्तार का आदेश जारी किया है.
मुख्य सचिव के लिए सुब्रत साहू और मनोज पिंगुआ के नाम पर चर्चा तेज थी. माना जा रहा था कि साय कैबिनेट की बैठक में अमिताभ जैन की विदाई होगी और नए मुख्य सचिव का स्वागत किया जाएगा, लेकिन आख़िरी वक्त पर केंद्र से एक्सटेंशन दिए जाने की मंजूरी मिलने के बाद मुख्य सचिव अमिताभ जैन की सेवा तीन माह के लिए बढ़ा दी गई.
एक्सटेंशन पाने वाले पहले मुख्य सचिव
छत्तीसगढ़ के इतिहास में अमिताभ जैन पहले ऐसे मुख्य सचिव हैं, जिन्हें केंद्र सरकार ने तीन महीने का एक्सटेंशन दिया है. एक अप्रत्याशित घटना में उनके एक्सटेंशन को मंज़ूरी दी गई है. खुद अमिताभ जैन को भी इस बात की भनक नहीं थी कि उनके कार्यकाल को बढ़ाने की मंजूरी केंद्र सरकार देने जा रही है. यही वजह है कि आज सुबह उन्होंने राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात की थी. राज्यपाल ने भी उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी थी.
यह तय था कि अमिताभ जैन को साय कैबिनेट की बैठक के ठीक बाद विदाई दी जाएगी. इसकी पूरी तैयारी कर ली गई थी. मंत्रालय के कई सचिवों ने विदाई के लिए गुलदस्ते मंगा लिए थे. विदाई समारोह की तैयारी कर ली गई थी. सामान्य प्रशासन विभाग ने विदाई समारोह आयोजित किया था. अमिताभ जैन का पूरा परिवार भी मंत्रालय के उनके दफ्तर में आ गया था, लेकिन कैबिनेट बैठक के बाद एक नई तस्वीर सामने आई. कैबिनेट हाल से निकलते हुए अमिताभ जैन मुस्कुरा रहे थे. उनके साथ मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत भी थे.
प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि आज सुबह कैबिनेट की बैठक शुरू होने के ठीक पहले तक नए मुख्य सचिव को लेकर तस्वीर साफ़ नहीं थी. एक वरिष्ठ आला अधिकारी ने यह संकेत दे दिया था कि मुख्य सचिव का नाम तय नहीं है. कुछ भी हो सकता है. एक्सटेंशन की भी चर्चा चल रही है. हालांकि तब तक इस बात की संभावना थी कि राज्य को नया मुख्य सचिव मिल जाएगा.
क्या हुआ कैबिनेट बैठक में जिसके बाद बदल गई तस्वीर?
कैबिनेट बैठक के दौरान अमिताभ जैन की सेवानृवित्ति पर विदाई भाषण चल रहा था. एक के बाद एक मंत्री उनके साथ अपने अनुभवों को साझा कर भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे थे. मुख्यमंत्री का विदाई भाषण सबके बाद होने वाला था कि इस बीच दिल्ली से आए एक फ़ोन ने पूरी तस्वीर बदल दी. दिल्ली से आए फोन काल पर यह जानकारी दी गई कि अमिताभ जैन की सर्विस को एक्सटेंशन दिया जा रहा है. इस फोन के बाद हर कोई चौक उठा.
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित नान घोटाले में गिरफ्तार किए गए पूर्व मैनेजर शिवशंकर भट्ट की करीबी मानी जाने वाली महिला मधुरिमा शुक्ला को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। महिला की ओर से दाखिल की गई आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की एकलपीठ ने कहा कि स्पेशल कोर्ट द्वारा तय किए गए आरोपों में कोई गलती नहीं है, और रिकॉर्ड में मौजूद सबूत बताते हैं कि महिला का अपराध में सीधा जुड़ाव है। छत्तीसगढ़ के नागरिक आपूर्ति निगम (नान) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद एसीबी और ईओडब्ल्यू ने छापा मारा था। यह कार्रवाई नान मुख्यालय सहित कई अधिकारियों के घरों पर की गई थी। इसी दौरान पूर्व मैनेजर शिवशंकर भट्ट के ठिकानों पर भी छापेमारी हुई थी।
जांच में पता चला कि शिवशंकर भट्ट ने करीब 3.89 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जमा कर रखी थी, जो उसकी आमदनी से कहीं ज्यादा थी। इसके अलावा भट्ट की करीबी मानी जाने वाली महिला मधुरिमा शुक्ला के पास भी 1.60 करोड़ रुपये की संपत्ति मिली, जबकि उनकी घोषित आय महज 24 लाख रुपये थी।
स्पेशल कोर्ट ने मधुरिमा शुक्ला पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(E), 13(2) और आईपीसी की धारा 120-बी (षड्यंत्र) के तहत आरोप तय किए हैं। महिला ने हाई कोर्ट में इस आदेश के खिलाफ याचिका लगाई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सबूत इस मामले में उनकी संलिप्तता दर्शाते हैं।
रायपुर। भाजपा के एकात्म परिसर कार्यालय में आज आयोजित पत्रकार वार्ता में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश प्रभारी आलोक डंगस ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि 25 जून 1975 को लगे आपातकाल के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा एक दिवसीय “युवा संसद” कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 2 जुलाई 2025 को रायपुर स्थित अग्रसेन धाम में होगा, जिसमें प्रदेश भर से युवाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि युवा संसद का आयोजन का उद्देश्य आपातकाल के कालखंड जो स्वतंत्र भारत इतिहास के सबसे अलोकतांत्रिक काल रहा, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार के द्वारा असंवैधानिक रूप से आपातकाल लगाकर संविधान की हत्या की गई। साथ ही देश के नागरिकों को मिलने वाले संवैधानिक अधिकारों का भी निलंबन हुआ और लोकतांत्रिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। इसके बारे में युवाओं को जानकारी देकर जागरूक करना है।
भाजयुमो प्रदेश प्रभारी आलोक डंगस ने कहा कि आज पूरे देश के वर्तमान युवा पीढ़ी को यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि जिस प्रकार तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के काग्रेस सरकार ने अपने फायदे के लिए देश को आपातकाल के आग में धकेल दिया। आपातकाल हमारे देश में किसी प्रकार के आपात की स्थिति में लगाने की संविधान में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार ने अपने व्यक्तिगत हितों के लिए स्वतंत्र भारत के इतिहास में आपातकाल लगाकर हमारे देश के आम जनता का शोषण किया।
उन्होंने कहा कि लाखों नागरिकों को जेल में डालकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया। भारत एक लोकतांत्रिक देश है यहां बहुदलीय प्रणाली की व्यवस्था है परंतु उस समय कांग्रेस के अलावा अन्य सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को जेल में डालकर अमानवीय यातनाएं दी गई व विपक्ष की आवाज को दबाने का पूरा प्रयास किया गया और मनमानी गिरफ्तारी, हिरासत में अत्याचार किया गया। नागरिक समाज, छात्र राजनीतिक दलों का लक्षित दमन किया गया।
भाजयुमो प्रदेश प्रभारी आलोक डंगस ने कहा कि सिर्फ विपक्ष को ही नहीं बल्कि लोकतंत्र के कहे जाने वाले चौथे स्तंभ प्रेस मीडिया, प्रिंट मीडिया की स्वतत्रता बंद कर दी गयी। प्रेस सेंसरशीप मीडिया संचार माध्यमों पर जबरन नियंत्रण साथ ही जिन मीडिया समूह ने कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया उनके कार्यालय को आग तक लगा दिया गया। इस प्रकार लोकतंत्र के चौथे आधार स्तंभ का भी गला घोंटा गया। इन विषयों को लेकर देश के वर्तमान पीढी के समक्ष आपातकाल के दौरान घटित असंवैधानिक घटनाओं को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के द्वारा मॉक पार्लियामेंट का आयोजन रायपुर स्थित अग्रसेन धाम में 2 जुलाई को होगा, जिसमें प्रदेश के सभी अध्ययनरत युवाओं को शामिल होने के लिए आग्रह किया गया है।
इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ शासन के केबिनेट मंत्री व समापन सत्र में अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित रहेंगे।
इस दौरान पत्रकार वार्ता में भाजयुमो प्रदेश महामंत्री अंकित जायसवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र नाग, प्रदेश मंत्री पीयूष ठाकुर गौरी गुप्ता, मीडिया प्रभारी विकास मित्तल, मनीष पाण्डे, अमन यादव, गोविंदा गुप्ता, फ़नेंद्र वर्मा मौजूद रहें।
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों के "मंथन बैठक" सम्मिलित हुए मंत्री केदार कश्यप
सहकारिता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार के विजन को लेकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह से चर्चा
रायपुर। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा 30 जून 2025 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की एक मंथन बैठक आयोजित हुई। जिसमें सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रगति की समीक्षा, विचारों के आदान-प्रदान और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार किया जायेगा. सहकारी क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप इस बैठक में सम्मिलित हुए उन्होंने बैठक कि जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक भारत के सर्वांगीण विकास और उन्नति के लिये थी। जिसमें सहकारिता के क्षेत्र में किये जा रहे पहलों और नवाचार पर चर्चा किया गया साथ ही भविष्य के योजनाओं पर विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी का मार्गदर्शन और विजन प्राप्त हुआ।
बैठक के मुख्य विषय को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस मंथन बैठक में सहकारी क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर विचार-विमर्श होगा. इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की वित्तीय मजबूती के लिए उठाए गए कदम जैसे सहकारी बैंकों से जुड़ी समस्याओं के समाधान, राज्य सहकारी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए साझा सेवा इकाई की स्थापना और शहरी सहकारी बैंकों के संचालन के लिए एक संगठन बनाने पर मंथन किया गया है। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस बैठक में सहकारिता मंत्रालय की अब तक की पहल और योजनाओं की समग्र समीक्षा करने के साथ-साथ सहकारिता मंत्रालय के प्रगति का मूल्यांकन, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों से अच्छे अनुभवों, श्रेष्ठ प्रक्रियाओं और रचनात्मक सुझावों का आदान-प्रदान हुआ। उन्होंने कहा कि निश्चित ही यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए साझा समझ और समन्वित रणनीति विकसित करने में मदद करेगा।
पैक्स को सशक्त बनाने पर विस्तृत चर्चा
मंत्री केदार कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि मंथन बैठक में 2 लाख नयी बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। वहीँ सरकार का मानना है कि ग्रामीण सेवा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम सहकारिता के जरिए संभव है। इस दौरान सहकारी क्षेत्र में ‘विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना’ पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और किसानों को सशक्त बनाना है। साथ ही, ‘सहकारिता में सहकार’ अभियान और ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के तहत राज्यों की प्रगति और सहभागिता पर विचार किया गया।
छत्तीसगढ़ में सहकारिता के संभावनाओं पर चर्चा
मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता के क्षेत्र में संभावनाओं को लेकर केंद्रीय सहकारिता मंत्री से चर्चा की। उन्होंने बताया कि नई सहकारी समितियों का गठन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में 500 नए बहुउद्देशीय पैक्स के गठन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिससे किसानों को कृषि ऋण, खाद बीज और अन्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल भी विष्णुदेव साय सरकार द्वारा की जा रही है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, और 57 से अधिक नई दुग्ध समितियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है।मत्स्य पालन को बढ़ावा: 169 नई मत्स्य समितियों का गठन किया गया है, जिससे मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बैंकिंग सुविधा: प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिससे किसानों को बैंकिंग सुविधा घर के पास ही मिल सकेगी।मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ सरकार के विजन को लेकर कहा कि विष्णुदेव साय सरकार केंद्र के मार्गदर्शन में सहकारिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कार्य करेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की OTS-2 (वन टाइम सेटलमेंट) योजना आमजनों को बहुत पसंद आया है. इस योजना के तहत केवल चार माह में लगभग 162 करोड़ मूल्य की 1050 किफायती संपत्तियां सफलतापूर्वक विक्रय की गई है. लोगों को कम कीमत में आवास एवं व्यवसायिक दुकान/हाल मिल रहा है. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में सभी के लिए आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में यह योजना संभव हो सकी है.
OTS-2 योजना का शुभारंभ 1 मार्च 2025 को किया गया था. इस योजना के अंतर्गत गृह निर्माण मंडल राज्यभर में स्थित आवासीय एवं व्यवसायिक चिन्हित संपत्तियों पर 30% तक की छूट प्रदान कर रही है. इस पहल का उद्देश्य राज्य के सभी वर्गों को किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराना है. यह योजना छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख स्थानों जैसे रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, धमतरी, दंतेवाड़ा राजनांदगांव, कवर्धा, नवा रायपुर अटल नगर, आरंग, महासमुंद, अंबिकापुर, जशपुर, रायगढ़, कोरबा और अन्य प्रमुख शहरों में लागू है.
किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य : मंत्री चौधरी
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा है कि हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक और किफायती दरों पर आवास उपलब्ध हो. गृह निर्माण मंडल द्वारा लागू की गई OTS-2 योजना इस दिशा में एक सफल और महत्वपूर्ण कदम है. हमने मंडल को आगे भी इसी सोच के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं.
सभी वर्ग के लोग उठा सकते हैं योजना का लाभ
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि योजना को जनसमर्थन मिलने का मुख्य कारण इसकी पारदर्शिता, छूट की सुविधा और वर्गानुसार विभिन्न विकल्पों की उपलब्धता है. हमने सभी वर्गों की आवासीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की है. हमारा उद्देश्य हर व्यक्ति को उसकी आवश्यकता और सामर्थ्य के अनुसार घर उपलब्ध कराना है. हमें खुशी है कि हम इस दिशा में सफल हो रहे हैं.
लोगों को सस्ते दर पर आवास उपलब्ध कराने का है लक्ष्य
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए है, जो अपने घर का सपना साकार करना चाहते हैं, परंतु वित्तीय दृष्टिकोण से उनके लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने इस योजना के तहत लोगों को छूट प्रदान कर उन्हें सस्ता और बेहतर आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. यह योजना मंडल के लिए मील का पत्थर साबित होगा. वहीं इस योजना का लाभ सभी को उठाना चाहिए, क्योंकि इस तरह का मौका शायद दोबारा मिलना बेहद मुश्किल है.
रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम ने शहर की सुंदरता और प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में दो बड़े कदम उठाए हैं. पहला, जोन 5 के चंगोराभाठा बाजार चौक के पास शासकीय संपत्ति पर अवैध बैनर-पोस्टर लगाने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की गई है. दूसरा, निगम के सहायक राजस्व अधिकारियों की जोनों में नई पदस्थापना का आदेश जारी किया गया है.
अवैध बैनर-पोस्टर पर 10-10 हजार का जुर्माना
महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन 5 के नगर निवेश विभाग ने चंगोराभाठा बाजार चौक के पास शासकीय पोल पर अवैध बैनर-पोस्टर लगाकर शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचाने वाले चार संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की है. इनमें अगस्त्या एकेडमी ऑफ साइंस (अनाज भंडार के पास), कृष्णा किड्स एकेडमी (एसबीआई कॉलोनी, सुंदर नगर), शिक्षा कोचिंग सेंटर (अश्वनी नगर, महाराष्ट्रीयन तेली समाज भवन के पास) और आईएसबीएम यूनिवर्सिटी शामिल हैं. इनके संचालकों को छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 के उल्लंघन के लिए नोटिस जारी कर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
जोन 5 के जोन कमिश्नर खीरसागर नायक ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित संस्थान तीन दिन के भीतर जुर्माना राशि जोन 5 नगर निवेश विभाग में जमा करें और भविष्य में बिना अनुमति शासकीय स्थानों पर बैनर-पोस्टर न लगाएं. नोटिस में चेतावनी दी गई है कि नियमों का पालन न करने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की जाएगी, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे.
सहायक राजस्व अधिकारियों की नई पदस्थापना
दूसरी ओर, निगम आयुक्त विश्वदीप ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए सहायक राजस्व अधिकारियों की जोनों में अस्थायी रूप से नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. नई पदस्थापना इस प्रकार है:
जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम जर्वे के नाराज़ ग्रामीणों ने जर्जर सड़क के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग 49 (NH-49) पर चक्काजाम कर दिया. पहले ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट रोड पर विरोध जताया, फिर रूट बदलकर खोखसा ओवरब्रिज के पास चक्काजाम कर दिया. ग्रामीणों ने जमकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. हालांकि 6 घंटे के बाद कलेक्टर ने फोन पर बातचीत की, जिसके बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया.
दरअसल, जर्वे गांव की दूरी जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर है. लगभग सालभर पहले भी ग्रामीणों ने जर्वे – पीथमपुर मार्ग की बदहाली को लेकर प्रदर्शन किया था. लेकिन आश्वासन के सालभर बाद भी कोई पहल नहीं होने पर आज एन एच 49 पर चक्का जाम कर दिया. जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने ग्रामीणों को समर्थन दिया.
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
चक्काजाम की सूचना पर पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा, जहां प्रदर्शन में जुटे ग्रामीणों को समझाइश दी गई. हालांकि ग्रामीणों की मांग पर पीडब्लूडी अधिकारी ने चुप्पी साध ली.
क्या है ग्रामीणों की मांगे ?
तत्काल सड़क का मरम्मत
नवम्बर महीने तक सड़क निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरा करने का लिखित आश्वासन
बता दें कि जांजगीर-चांपा जिले के अधिकांश सरकारी भवन जर्वे गांव की भूमि पर बने हुए हैं. बाबा कलेश्वरनाथ के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पीथमपुर इसी मार्ग से होकर जाते हैं. इसके बावजूद प्रशासन ने इस सड़क की न तो मरम्मत कराई है और न ही पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है.
कलेक्टर के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म
प्रदर्शन के करीब छह घंटे बाद अपर कलेक्टर की समझाइश के बाद ग्रामीण बातचीत के लिए राजी हुए. इसके बाद कलेक्टर ने विधायक ब्यास कश्यप से फोन पर बात कर ग्रामीणों को आश्वासन दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर सड़क की मरम्मत शुरू कर दी जाएगी. वहीं दिसंबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा.
विधायक ब्यास कश्यप ने घोषणा करते हुए कहा कि अगर तय समय पर सरकार द्वारा सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आगामी विधानसभा सत्र 2026-27 तक अपनी विधायक निधि से 3 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर स्वयं सड़क बनवाएंगे.