प्रदेश
छत्तीसगढ़ में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: बिलासपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी आधुनिक एजुकेशन सिटी – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में बिलासपुर शहर को एक आधुनिक एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर बिलासपुर में एजुकेशनल सिटी की अवधारणा विकसित की गई है। इस परियोजना के लिए बिलासपुर नगर पालिक निगम की लगभग 13 एकड़ भूमि का उपयोग प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बिलासपुर एजुकेशनल सिटी में नालंदा परिसर की स्थापना की जाएगी, जहां 500 छात्र-छात्राएं एक साथ बैठकर फिजिकल एवं डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही तीन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें कुल 48 हॉल सेटअप ( 1 सेटअप में 1 हॉल, 2 कक्ष और 1 टॉयलेट) तैयार किए जाएंगे। इस व्यवस्था में एक साथ 4,800 विद्यार्थियों के कोचिंग क्लास अटेंड करने की सुविधा रहेगी।

छात्रों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए 700 सीटों वाले आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं, बाहर से आने वाले लगभग 1000 विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल फैसिलिटी भी निर्मित की जाएगी।
खेलकूद और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एजुकेशनल सिटी में एस्ट्रोटर्फ खेल मैदान तथा सुंदर गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। साथ ही, वाहनों के लिए मल्टी लेवल पार्किंग की व्यवस्था होगी ताकि आने-जाने में कोई असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये होगी और इसके निर्माण कार्य की कार्य योजना नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा तैयार कर ली गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, जिससे बिलासपुर एजुकेशनल सिटी प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य गठन के पश्चात बिलासपुर शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बिलासपुर में एसईसीएल का मुख्यालय और रेलवे का डीआरएम कार्यालय भी स्थित है, जिससे यह शहर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। यहां एक केंद्रीय विश्वविद्यालय, दो विश्वविद्यालय, आठ महाविद्यालय, लोक सेवा आयोग, व्यापम और आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले करीब 100 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें प्रदेश के 50,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
“छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में स्थान देती है। हमारी यह अटल प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों, उन्नत अधोसंरचना और प्रेरक वातावरण में अपनी क्षमताओं को संवार सके और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सके।बिलासपुर एजुकेशन सिटी का निर्माण इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह न सिर्फ बिलासपुर को छत्तीसगढ़ का एजुकेशनल हब बनाएगा, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं को उच्चस्तरीय सुविधाओं में अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देगा।
नालंदा परिसर, बहुमंजिला कोचिंग भवन, डिजिटल और फिजिकल लाइब्रेरी, हॉस्टल, ऑडिटोरियम, खेल मैदान और ग्रीन जोन – ये सभी सुविधाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को समर्पित होंगी।
मुझे विश्वास है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी और हमारे युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।”
– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
बिजली-पानी के संकट को लेकर शहरवासियों का फूटा गुस्सा, चक्काजाम कर किया जमकर प्रदर्शन…
कटघोरा। नगर में पानी और बिजली की गंभीर समस्या से परेशान नागरिकों का सब्र आखिर शनिवार को टूट गया. शहीद वीर नारायण चौक पर बड़ी संख्या में लोगों ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में भाजपा पार्षद, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल हुए.
पानी-बिजली की समस्या बनी जनजीवन पर भारी
नगर के विभिन्न वार्डों में बीते कई दिनों से बिजली की अघोषित कटौती और पानी की आपूर्ति बाधित है. नागरिकों ने बताया कि इस संबंध में कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला. हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग सुबह-शाम पानी के लिए भटक रहे हैं और बिजली कटौती से रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हो रहा है.
जाम से सड़क पर लगी वाहनों की लंबी कतारें
शहीद वीर नारायण चौक पर प्रदर्शनकारियों ने दोनों तरफ का यातायात रोक दिया. इससे सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. छोटे वाहन और बाइक को धीरे-धीरे निकासी दी गई, लेकिन भारी वाहनों को पूरी तरह रोक दिया गया.
प्रशासन की नींद टूटी, अधिकारियों ने दिया आश्वासन
करीब आधे घंटे चले इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने वार्ता कर स्थिति को शांत किया. तहसीलदार, एसडीएम रोहित सिंह, बिजली विभाग के डीआई और नगर पालिका परिषद कटघोरा के सब इंजीनियर अपनी टीम के साथ पहुंचे. वार्ता के दौरान प्रशासन ने आश्वासन दिया कि बिजली समस्या को तत्काल हल किया जाएगा और सोमवार तक पानी की आपूर्ति भी सामान्य कर दी जाएगी.
आश्वासन के बाद खत्म हुआ चक्काजाम
अधिकारियों की पहल और समाधान के भरोसे के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में समस्याएं हल नहीं हुईं तो वे फिर आंदोलन करेंगे.
नागरिकों की मांगें
- वार्डों में सुचारु पेयजल आपूर्ति
- अघोषित बिजली कटौती पर रोक
- समस्या का स्थायी समाधान
प्रशासन ने कहा कि जल्द ही बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी. फिलहाल इलाके में हालात सामान्य हैं।
कृषकों की समृद्धि हमारा संकल्प: नवाचार और तकनीक से सशक्त होंगे छत्तीसगढ़ के अन्नदाता – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से कृषि क्रांति अभियान के अंतर्गत एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का वर्चुअल शुभारंभ किया। जिला पंचायत परिसर में दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश की कई प्रमुख कृषि कंपनियां जैसे-जियो मार्ट रिटेल, देहात, हॉनेस्ट फॉर्म, आत्माकुर, धरागरी, अवनी आयुर्वेदा इत्यादि उपस्थित रहेंगी। इन कंपनियों के माध्यम से जिले के किसान एफपीओ के जरिए अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने हेतु फसल विक्रय अनुबंध कर सकेंगे। बिचौलिया प्रथा समाप्त होने से किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषकों की समृद्धि के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है । नवीनतम तकनीक को अपनाकर छत्तीसगढ़ के अन्नदाता आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि जशपुर के कृषि विकास के इतिहास में आज का दिन मील का पत्थर सिद्ध होने वाला है। जिला प्रशासन के अभिनव प्रयास से ‘कृषि क्रांति’ अभियान की शुरुआत हो रही है। हमारा देश कृषि प्रधान है और छत्तीसगढ़ में लगभग 80 प्रतिशत लोग कृषि तथा इससे संबंधित कार्यों से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने हेतु फसल बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। चाहे वह समर्थन मूल्य पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी हो, समर्थन मूल्य पर वनोपज का संग्रहण हो या प्रोसेसिंग और निर्यात से जुड़ी योजनाएं हों, हमारी सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर में कटहल, आम, लीची, नाशपाती की बहुतायत में पैदावार होती है। यहां सेब की भी खेती शुरू हो गई है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और खरीदार कंपनियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। यह एक ऐसा मंच है जहां एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से किसानों की उपज को सीधा बाजार उपलब्ध होगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सॉइल हेल्थ कार्ड के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि इससे यह जानकारी मिलती है कि किस जमीन पर कौन-सी फसल का उत्पादन अधिक होगा और कितनी मात्रा में खाद की आवश्यकता होगी। इसके लिए केंद्र से आए कृषि वैज्ञानिक पूरे राज्य में जाकर सॉइल हेल्थ के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। राज्य में कृषि के साथ पशुपालन, मछली पालन और डेयरी विकास को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। डेयरी विकास योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित छह जिलों में जशपुर भी शामिल है।
रायगढ़ से वर्चुअली जुड़े सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि जशपुर जिले का प्राकृतिक वातावरण अत्यंत आकर्षक है। जल संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण अनिवार्य है, जिससे किसानों को लाभ होगा और उनकी आमदनी में वृद्धि होगी। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़ी विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर जिला नवाचार को तेजी से अपना रहा है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और कंपनियों के बीच सीधा अनुबंध होगा, जिससे उन्हें निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने अपने संबोधन में कहा कि यदि जिले में व्यवस्थित ढंग से खेती और प्रबंधन किया जाए तो किसानों को निश्चय ही लाभ प्राप्त होगा। जशपुर आम, मिर्च और नाशपाती के उत्पादन में अग्रणी है। उन्होंने धान के साथ दलहन और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
कलेक्टर रोहित व्यास ने एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के महत्व तथा इससे किसानों को होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़े जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने एक वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से सम्मेलन के तहत होने वाले नवाचार एवं विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर आईजी दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगा राम भगत सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में मिलेगी उन्नत तकनीकों की जानकारी
सम्मेलन के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से नाबार्ड एवं एपेडा जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित होकर एग्रीकल्चर मार्केटिंग, जैव उत्पादों के प्रमाणीकरण आदि विषयों पर किसानों को जानकारी देंगे। राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिक फसल किस्मों का जीआई टैग, कृषि एवं उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक पद्धति से खेती तथा रेशम विशेषज्ञ रेशम पालन की जानकारी देंगे। साथ ही कंपनी एवं किसानों के मध्य अनुबंध खेती (कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग) पर चर्चा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कंपनी और कृषकों के मध्य अनुबंध हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।
कार्यक्रम में फसल प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है, जिसमें जिले के एफपीओ से जुड़े किसान एवं प्रगतिशील किसान अपनी फसल जैसे-जैविक धान, कुटकी, रागी, नाशपाती, लीची, रामतिल, टाऊ, मिर्च, सुगंधित धान आदि का किस्मवार गुणवत्ता के आधार पर प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत आम एवं नाशपाती तथा नवाचार प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया है। विजेता किसानों को पुरस्कार राशि भेंट कर आगामी समय में नवाचार एवं उन्नतशील खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रसूता की मौत पर स्वास्थ विभाग की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं ग्रामीण, डॉ. कुजूर के निलंबन और अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने की मांग पर अड़े…
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित श्वेता अस्पताल में प्रसूता अंजली सिंह की मौत का मामला गरमाता जा रहा है. मृतिका के परिजन और ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं. आक्रोशित ग्रामीणों ने अंजली को उचित न्याय दिलाने के लिए आरोपी डॉ. और अस्पताल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भारी संख्या में ग्रामीण आज अस्पताल के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि डॉक्टर मनीआरो कुजुर को निलंबित किया जाए और अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जाए.

जानकारी के मुताबिक, जिले के गोढ़ी गांव निवासी 26 वर्षीय अंजली सिंह को प्रसव के लिए श्वेता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और 2 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

पति ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के पति रणजीत ने कहा कि डॉक्टर की लापरवाही से उनकी पत्नी की मौत हुई. उन्होंने बताया कि इलाज की गुहार लगाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरती. रणजीत की मांग है कि डॉक्टर मनीआरो कुजुर को निलंबित किया जाए और श्वेता हॉस्पिटल को हमेशा के लिए बंद किया जाए.
लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित, जांच टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने श्वेता हॉस्पिटल का लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है. कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बनाई है. यह टीम 7 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीणों की मांगें और चेतावनी
धरना-प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों ने स्पष्ट कहा कि- अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर उसे हमेशा के लिए बंद किया जाए. जांच कोरबा से बाहर की स्वतंत्र टीम से कराई जाए और पोस्टमार्टम निष्पक्ष रूप से हो. इसके अलावा ग्रामीणों ने न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) पर भी आर्थिक शोषण और लापरवाही के आरोप लगाते हुए उसे भी बंद करने की मांग की है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 10 दिनों में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे जिले में पुतला दहन, चक्काजाम करते हुए बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा.
वहीं प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. सुरक्षा के लिए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया. फिलहाल प्रशासन जांच की कार्रवाई में जुटा है और परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया गया है.
खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध रेत खनन में लगी मशीन और 7 हाईवा जब्त, अन्य गांव में भी उठ रही कार्रवाई की मांग…
अभनपुर। राजधानी रायपुर से महज 12 किमी दूर स्थित अभनपुर इलाके में खनिज विभाग ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. बीती रात क्षेत्र के ग्राम पारागांव में विभागीय टीम ने दबिश देकर वहां अवैध उत्खनन में लगी चैन माउंटेन मशीन को मौके पर ही जब्त कर लिया. इसके अलावा टीम ने नवापारा क्षेत्र में रेत परिवहन कर रहे 7 हाईवा वाहनों को भी जप्त किया है. इस कार्रवाई के बाद रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है.

वहीं रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खनिज उप संचालक के.के. गोलघाटे के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के एक और गांव में भी अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है.

लखना में भी अवैध उत्खनन चरम पर, लोगों में आक्रोश
अभनपुर क्षेत्र के ग्राम लखना से भी अवैध रेत उत्खनन का बड़ा मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन करीब 50 ट्रैक्टर वाहन ग्राम में नर्सरी के आसपास और महानदी से सैकड़ों ट्रिप रेत निकालकर बाहर भेज रहे हैं. यह रेत भंडारण कर हाईवा मालिकों को बेचा जा रहा है, जिससे शासन को राजस्व की भारी क्षति हो रही है.
इस पूरे खेल में ग्राम के ही एक युवक की केंद्रीय भूमिका सामने आ रही है, जिस पर अब कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. स्थानीय ग्रामीणों ने खनिज विभाग से लखना में भी तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है.
खनिज विभाग का कहना है कि अवैध उत्खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जहां भी अवैध रेत खनन और परिवहन की जा रही है, वहां कार्रवाई की जाएगी.
मैनपाट में प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर भाजपा की तैयारियां शुरू
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ में अपने संगठन को और मजबूर करने की कवायद में जुटी है. इस कड़ी में सरगुजा संभाग के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में 7 से 9 जुलाई तक भाजपा सांसदों, विधायकों और मंत्रियों का तीन दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है. शिविर के शुभारंभ में जहां पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, तो वहीं समापन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे.
इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य सभी जनप्रतिनिधियों को भाजपा की रीति-नीति, वैचारिक पृष्ठभूमि और कार्य संस्कृति से जोड़ना है. प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि पार्टी के अनुरूप जनप्रतिनिधियों का आचरण कैसा हो, कैसे वे जनता के प्रति जवाबदेह रहें और पार्टी की छवि को जनमानस में और मजबूत करें.
प्रशिक्षण में भाजपा की यात्रा, पार्टी के विचार स्तंभ, जनसंवाद की तकनीकें, डिजिटल और सोशल मीडिया उपयोग, स्थानीय मुद्दों पर फोकस, और रचनात्मक विपक्ष या सत्तारूढ़ दृष्टिकोण जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी.

मुख्यमंत्री के साथ वरिष्ठ नेताओं का मिलेगा मार्गदर्शन
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शिविर के सभी तीनों दिन उपस्थित रहेंगे और एक प्रमुख सत्र को संबोधित भी करेंगे. उनकी नेतृत्व क्षमता और संगठन से जुड़े अनुभव जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा स्रोत होंगे. इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी अपने अनुभव साझा करेंगे—यह बताते हुए कि एक लोकप्रिय, जनसंपर्कयुक्त और नीति-निष्ठ जनप्रतिनिधि कैसे बना जाता है.
शाला प्रवेश उत्सव : मंत्री केदार कश्यप ने छात्रों का किया स्वागत, बोले- शिक्षा ही समाज और व्यक्ति के विकास की असली ताकत
जगदलपुर। बस्तर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भानपुरी में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने शिक्षा को जीवन की नींव बताते हुए बच्चों को शिक्षा के महत्व को समझने और उसे अपनाने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पारंपरिक स्वागत कर उन्हें पुस्तकें, गणवेश व स्कूल बैग प्रदान किए गए। मंत्री केदार कश्यप ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज और व्यक्ति के विकास की असली ताकत है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी बच्चों को लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने और शिक्षा से सपनों को साकार करने का संदेश दिया।

शाला प्रवेश उत्सव में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया और अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, पालक, ग्रामीण व विद्यार्थी शामिल हुए।
बंदूक की राह नहीं, विकास की राह ही भविष्य का सही विकल्प - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम को आज एक बड़ी सफलता मिली। जिले में सक्रिय 23 लाख रुपए के इनामी 13 कुख्यात हार्डकोर नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों में से दस पर ₹1 लाख से ₹8 लाख तक के इनाम घोषित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ट्वीट किया कि यह महत्वपूर्ण आत्मसमर्पण राज्य सरकार की "आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025" और "नियद नेल्ला नार योजना" की प्रभावशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास का वातावरण और बदलाव की सकारात्मक लहर सृजित हो रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अब नक्सली भी यह समझने लगे हैं कि बंदूक की राह नहीं, बल्कि विकास की राह ही भविष्य का सही विकल्प है। सरकार इन सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, कौशल उन्नयन एवं पुनरुत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लक्ष्य को सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार पूर्णतः संकल्पबद्ध है।
13 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, सरकार की नीति से प्रभावित होकर छोड़ा हिंसा का रास्ता
बीजापुर। सरकार की महत्वपूर्ण योजना नियद नेल्लानार व पुर्नवास नीति से प्रभावित होकर कंपनी नंबर 02 के पार्टी सदस्य सहित 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इन 13 लोगों माओवादियों पर 23 लाख का इनाम घोषित था. बता दें कि इस साल अब तक 241 माओवादियों ने सरेंडर किया है.
सभी आत्मसमर्पण 13 माओवादी फायरिंग, आईडी ब्लास्ट, आगजनी जैसे अन्य घटनाओं में शामिल रहे हैं. सीआरपीएफ डीआईजी बीएस नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंयक गुर्जर, उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू एवं अन्य अधिकारियों के समक्ष नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को अधिकारियों ने 50-50 हजार रुपए नगद राशि दी.
अब तक मारे गए 126 नक्सली
बता दें कि इस साल अब तक कुल 241 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है. कुल 270 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा 126 माओवादियों को अलग-अलग मुठभेड़ में सुरक्षाबल के जवानों ने मार गिराया गया है.
निर्माण कार्यों की धीमी गति पर कलेक्टर का फूटा गुस्सा : SDO, सब इंजीनियर को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
मुंगेली। जिले में निर्माणाधीन जल संसाधन परियोजनाओं की धीमी गति और लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती पर कलेक्टर कुन्दन कुमार ने आज दो बैठक ली। उन्होंने एक के बाद एक समीक्षा बैठकों में अफसरों को कड़े निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल संसाधन विभाग की बैठक में जहां लापरवाह एसडीओ और सब इंजीनियरों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, वहीं विद्युत विभाग को चेतावनदी दी कि बिजली कटौती की समस्या का त्वरित समाधान हो, नहीं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।

निर्माण कार्यों की धीमी चाल पर फटकार
कलेक्टर ने मनियारी सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग के कार्यों की गहराई से समीक्षा की। मनियारी बैराज, पथरिया बैराज, तोताकापा-सहसपुर व्यपवर्तन योजना, धरदेई व जुनवानी जलाशय, संबलपुर और जेवरा एनीकट जैसे कई योजनाओं में प्रगति अत्यंत धीमी पाई गई। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कार्यपालन अभियंता एसके भदौरिया को लापरवाह एसडीओ और सब इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
मनियारी बैराज की होगी विशेष जांच
मनियारी बैराज निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवालों के बीच कलेक्टर ने इस योजना की जांच के लिए अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी की अध्यक्षता में एक जांच टीम गठित की है। जांच टीम को एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने कहा गया है। कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा. दोषी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा से मौसीबाड़ी पहुंचे, 9 वें दिन होगी भव्य वापसी, मुख्यमंत्री रथयात्रा में हुए शामिल
रायपुर। जशपुर ज़िले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष भी रथयात्रा महोत्सव का आयोजन परंपरागत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ किया गया। मंदिर से रथ यात्रा के रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने जगन्नाथ मंदिर में पूरे विधि-विधान से भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने झाडू से रथयात्रा के मार्ग को बुहारकर छेरा-पहरा की रस्म निभाई।



मुख्यमंत्री श्री साय ने हजारों श्रद्धालुओं के साथ भक्तिभावपूर्वक रथ यात्रा में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को रस्सी खींचकर आगे बढ़ाया। पूरा वातावरण जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय उल्लास से गूंज उठा। रथ यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए मौसीबाड़ी पहुंची। भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा नौ दिनों तक अपनी मौसी के घर मौसीबाड़ी में विराजमान रहेंगे। नौवें दिन 5 जुलाई को शुभ वापसी श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा में होगी। यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया गया है।
दोकड़ा में सन् 1942 से जारी है रथ यात्रा की परंपरा
रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा में वर्ष 1942 में हुई थी। इसकी शुरूआत स्वर्गीय सुदर्शन सतपथी एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय सुशीला सतपथी द्वारा श्रद्धा और समर्पण के साथ की गई थी। तब से यह परंपरा निरंतर श्रद्धा और उत्साह के साथ निर्विघ्न रूप से जारी है। समय के साथ यह आयोजन अब एक भव्य धार्मिक मेले का रूप ले चुका है, जिसमें श्रद्धालुओं की विशाल सहभागिता देखने को मिलती है।
रथ यात्रा के पावन अवसर पर ओडिशा से आमंत्रित कीर्तन मंडलियों ने भक्ति संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। साथ ही रथ यात्रा में अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां भी शामिल रहीं, जो भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा और हमारी सांस्कृतिक विविधता की भव्यता को अत्यंत आकर्षक रूप में प्रदर्शित कर रही थीं।
नौ दिनों तक चलेगा धार्मिक पर्व
श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा के सदस्यों ने बताया कि रथ यात्रा महापर्व नौ दिवसीय भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर परिसर और दोकड़ा गांव पूरे श्रद्धा और उत्साह से सराबोर रहता है। पूरे महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, संगीतमय प्रस्तुतियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बच्चों और युवाओं के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जो पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक रंगों से भर देता है।
रथ यात्रा के उपलक्ष्य में दोकड़ा में एक विशाल मेले का भी आयोजन किया गया है, जो इस उत्सव की शोभा को और अधिक बढ़ा देता है। मेला परिसर में मनोरंजन के लिए झूले, स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल, पारंपरिक हस्तशिल्प की दुकानें और अन्य आकर्षण मौजूद हैं। जो सभी के लिए आनंद का केंद्र बनते हैं। यह आयोजन आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम है।
भारतमाला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी को लेकर निलंबित पटवारी ने फॉर्महाउस में लगाई फांसी
तखतपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर विधानसभा क्षेत्र में पटवारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. जानकारी के मुताबिक, उन्होंने अपनी बहन की फार्महाउस में रस्सी का फंदा बनाकर खुदकुशी की है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची है. घटना स्थल से सुसाइड नोट बरामद किया गया है. मामले की जांच के बाद आत्महत्या की वजह सामने आएगी.
जानकारी के अनुसार, मृतक सुरेश मिश्रा तखतपुर तहसील के राजस्व विभाग में बतौर पटवारी कार्यरत थे और भाड़म पंचायत का प्रभार संभाल रहे थे. तीन दिन पहले ही भारतमाला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी को लेकर एसडीएम ने उन्हें निलंबित किया था.
बता दें कि पटवारी सुरेश मिश्रा दो दिन बाद यानी 29 जून को सेवानिवृत्त होने वाले थे, मगर उससे पहले ही यह आत्मघाती कदम उठाकर उन्होंने सबको हैरान कर दिया.
तीन दिन पहले ही में हुए थे निलंबित
जानकारी के मुताबिक, पटवारी सुरेश मिश्रा को 24 जून को भारतमाला प्रोजेक्ट में अनियमितता के चलते निलंबित किया गया था. यह भी बताया जा रहा है कि बीते छह महीनों के भीतर वह दो बार निलंबन की कार्रवाई का सामना कर चुके थे.

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव, जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही तखतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की. इसके बाद सुरेश मिश्रा का शव पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेजा गया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
वाणिज्यिक कर विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला : गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए बरसो से जमे अफसर किए गए इधर से उधर, देखें लिस्ट…
रायपुर। वाणिज्यिक कर विभाग की कार्यशैली में गुणवत्तापूर्ण सुधार के उद्देश्य से राज्य सरकार ने वाणिज्यिक कर विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला किया है. सालों से एक ही जगह पर पदस्थ डेढ़ सौ से ज्यादा अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है.
जारी आदेश में राज्य कर उपायुक्त के अलावा राज्य कर संयुक्त आयुक्त, राज्य कर सहायक आयुक्त, राज्य कर निरीक्षक एवं राज्य कर अधिकारियों का तबादला किया गया है.
देखें लिस्ट –










छत्तीसगढ़ में रेल क्रांति : 47 हजार करोड़ रूपए की रेल विकास परियोजनाएं प्रगति पर, वर्ष 2030 तक रेल नेटवर्क हो जाएगा दोगुना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को पूरा करने और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए नई-नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिल रही है। वर्ष 1853 से लेकर 2014 तक 161 साल में छत्तीसगढ़ में केवल 1100 रूट किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से वर्ष 2030 तक प्रदेश में रेल नेटवर्क दोगुना बढ़कर 2200 रूट किलोमीटर हो जाएगा।
केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में छत्तीसगढ़ को 6925 करोड़ रूपए राशि आबंटित की गई है। वर्तमान में केन्द्र सरकार की मदद से छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेल विकास परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। राज्य को दो नई वंदे भारत ट्रेन रायपुर-विशाखापटनम और रायपुर-नागपुर की सौगात मिली है। इसके अलावा राज्य सरकार ने मेट्रो ट्रेन के लिए सर्वे कराने का भी निर्णय लिया है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में बिलासपुर में जोनल कार्यालय को मंजूरी दी गई थी।
छत्तीसगढ़ को नई और प्रगतिरत रेल परियोजना के पूर्ण होेने से राज्य में रेल सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के साथ ही यहां पर्यटन, व्यापार, उद्योग के साथ-साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इन रेल परियोजनाओं से सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
वर्ल्ड क्लास रेल्वे स्टेशन
छत्तीसगढ़ राज्य के 32 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। ये स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त, विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित बनाए जा रहे हैं। हाल में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमृत भारत रेल्वे स्टेशन योजना के तहत राज्य के 5 पुनर्विकसित अंबिकापुर, उरकुरा, भिलाई, भानुप्रतापपुर एवं डोंगरढ़ स्टेशनों का लोकार्पण किया गया है।
अमृत भारत रेल्वे स्टेशन योजना में लगभग 1680 करोड़ रूपए की लागत से 32 रेल्वे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें तीन प्रमुख स्टेशनों बिलासपुर (लागत 435 करोड़), रायपुर (लागत-463 करोड़) एवं दुर्ग स्टेशन (लागत-456 करोड़) का व्यापक पुनर्विकास भी शामिल है। अमृत भारत स्टेशन के अंतर्गत भाटापारा, भिलाई पावर हाउस, तिल्दा नेवरा, बिल्हा, बालोद, दल्लीराजहरा, हथबंद, सरोना, मरोदा, मंदिरहसौद, निपानिया, भिलाई नगर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, बाराद्वार, चाम्पा, नैला, जांजगीर, अकलतरा, कोरबा, उसलापुर, पेंड्रा रोड, बैकुंठपुर रोड, बिलासपुर, महासमुंद, जगदलपुर के स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।
प्रगतिरत रेल परियोजनाएं
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रूपए की लागत से स्वीकृत रेल परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार है- राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन लम्बाई 228 किमी, छत्तीसगढ़ में 48 किमी, लागत 3544.25 करोड़, बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन, लंबाई-206 किमी, छत्तीसगढ़ में 153 किमी, लागत 2135.34 करोड़, खरसिया-धरमजयगढ़ नई रेललाइन, लंबाई-162.5 किमी, लागत 3438.39 करोड़, गौरेला-पेंड्रा रोड-गेवरा रोड परियोजना, लंबाई 156.81 किमी, लागत 4970.11 करोड़, केन्द्री-धमतरी एवं अभनपुर-राजिम आमान परिवर्तन, लंबाई-67.20 किमी, लागत- 544 करोड़, बोरिडांड-अम्बिकापुर दोहरीकरण, लंबाई 80 किमी, लागत-776 करोड़, चिरमिरी-नागपुर न्यू हॉल्ट लाइन, लंबाई-17 किमी, लागत-622.34 करोड़ रूपए शाामिल हैं।
बस्तर अंचल में नई स्वीकृत रेल परियोजनाएं
भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन (140 किमी) परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 3513.11 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यह निर्णय बस्तर अंचल के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
रावघाट-जगदलपुर रेललाइन की मंजूरी से बस्तर अंचल में यात्रा, पर्यटन, व्यापार और रोजगार की सम्भावनाएं बढ़ेंगी। यह रेल परियोजना नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। बस्तर में केके रेल लाईन (कोत्तवलसा से किंरदुल) दोहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। 446 किलोमीटर लम्बाई के रेल लाईन का 170 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में है। छत्तीसगढ़ में इस रेल लाईन का 148 किलोमीटर दोहरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है।
सुकमा-दंतेवाड़ा-बीजापुर भी रेल नेटवर्क में
कोठागुडेम (तेलंगाना) से किरंदुल तक प्रस्तावित 160.33 किमी लंबी नई रेललाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे कार्य को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद सर्वे अब अंतिम चरण में है। इस प्रस्तावित रेललाइन का 138.51 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर से होकर गुजरेगा, जो अब तक रेल कनेक्टिविटी से वंचित रहे हैं। यह परियोजना न केवल आवागमन को सरल बनाएगी, बल्कि इन जिलों के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
नई रेल परियोजनाओं का सर्वे अंतिम चरण में
छत्तीसगढ़ में अम्बिकापुर-बरवाडीह 200 किलोमीटर लागत 9718 करोड़, खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा नई रेल लाइन 278 किलोमीटर लागत 7854 करोड़, रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन 140 किलोमीटर लागत 3513 करोड़, सरदेगा-भालूमाड़ा नई रेललाइन 37.24 किलोमीटर लागत 1282 करोड़ रूपए और धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा 301 किलोमीटर लागत 16,834 करोड़ रूपए रेल परियोजनाओं का डीपीआर तैयार हो रहा है। धरमजयगढ़-लोहरदगा और अंबिकापुर-बरवाडीह रेल परियोजना के लिए सर्वेक्षण का काम अंतिम चरण में।
छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन की परियोजना
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए कटघोरा से डोंगरगढ़ रेल लाईन निर्माण के लिए 300 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इस रेल लाईन के बनने से नागपुर-झारसुगुड़ा रेल मार्ग पर चलने वाली माल-गाड़ियों का लोड कम होगा। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति द्वारा छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन को डोंगरगढ़-कबीरधाम-मुंगेली-कटघोरा रेलमार्ग हेतु भू-अर्जन एवं प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए 300 करोड़ रुपए की राशि दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
पुस्तक वितरण में लापरवाही पर संकुल समन्वयक निलंबित
रायपुर। पुस्तक वितरण में लापरवाही बरतने पर संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग ने संकुल समन्वयक को निलंबित कर दिया है. संभागीय संयुक्त संचालक के निर्देश पर बुक स्कैनिंग कार्य की समीक्षा के लिए सहायक संचालक उषा किरण खलखो एवं सुरेखा थानथराट ने संकुल केन्द्र भूकेल का आकस्मिक निरीक्षण किया. इस दौरान संकुल समन्वयक मनबोध नंद मूल पद शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पौसरा, विकासखंड बसना द्वारा पुस्तक वितरण में लापरवाही पाई गई.
संकुल समन्वयक ने पुस्तक वितरण में चार दिवस की देरी एवं 8 विद्यालयों में काम प्रारंभ न होने की स्थिति के संबंध में संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया. साथ ही 25 जून को आयोजित ऑनलाइन बैठक में भी वे अनुपस्थित रहे. पाठ्यपुस्तकों की डिलीवरी 21 जून को प्राप्त होने के बावजूद वितरण 25 जून को करने, स्कैनिंग कार्य में लापरवाही और विभागीय दिशा-निर्देशों की अवहेलना को गंभीर कदाचार एवं अनुशासनहीनता मानते हुए उक्त कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के प्रतिकूल पाया गया.
संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर राकेश कुमार पाण्डेय ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक के प्रतिवेदन के आधार पर संकुल समन्वयक मनबोध नंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा. उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मगरलोड, जिला धमतरी नियत किया गया है.
IOB लोन घोटाले में बड़ा खुलासा: चार बैंक कर्मचारी आरोपित, EOW ने दाखिल किया 2000 पेज का चालान
रायपुर। इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) की राजिम शाखा में 1.65 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) ने चार आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चालान दाखिल किया है। यह चालान लगभग 2000 पन्नों का है और इसमें बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा की गई सुनियोजित धोखाधड़ी की पूरी कहानी दर्ज है।
यह गंभीर घोटाला दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 के बीच इंडियन ओवरसीज बैंक, राजिम शाखा, जिला गरियाबंद में अंजाम दिया गया। 17 खाताधारकों के नाम पर बिना उनकी जानकारी और सहमति के फर्जी ज्वेल लोन स्वीकृत किए गए। न ही खाताधारक बैंक में उपस्थित थे, न ही कोई वाउचर भरा गया । संपूर्ण प्रक्रिया कम्प्यूटर सिस्टम में कूटरचित तरीके से दर्ज की गई, जिससे बैंक को 1.65 करोड़ 44 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
कैसे हुआ खुलासा?
यह घोटाला तब उजागर हुआ जब खाताधारकों को उनके नाम से लोन स्वीकृति की जानकारी मिली और उन्होंने बैंक में आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की, जिसमें पाया गया कि बिना किसी दस्तावेज या भौतिक उपस्थिति के कंप्यूटर सिस्टम में ज्वेल लोन दर्ज किए गए थे। EOW अब डिजिटल सबूत, लेन-देन के रिकॉर्ड, सिस्टम एक्सेस लॉग्स और CCTV फुटेज की जांच के जरिए अन्य संलिप्त लोगों की पहचान कर रही है। इस घोटाले में और लोगों के संलिप्त होने की भी संभावना जताई जा रही है।
आरोपियों की पहचान
-
सुनील कुमार – तत्कालीन शाखा प्रबंधक
-
अंकिता पाणिग्रही – तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक
-
योगेश पटेल – तत्कालीन लिपिक
-
खेमनलाल कंवर – तत्कालीन लिपिक