प्रदेश
नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की राह आसान नहीं, शपथग्रहण के पूर्व मच गया बवाल…
बलौदाबाजार। जिला पंचायत बलौदाबाजार-भाटापारा की नवनिर्वाचित अध्यक्ष आकांक्षा गोलू जायसवाल की राह आसान नहीं दिखाई दे रही है. चुनाव में भाजपा ने उन्हें अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किया था, जिसके बाद वे बतौर निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी. अब शपथग्रहण समारोह के पूर्व बवाल खड़ा हो गया है.
दरअसल, सतनामी समाज के युवाओं ने देर रात कोतवाली पहुंचकर नवनियुक्त अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल व उपाध्यक्ष पवन साहू के विरुद्ध समाज को ‘हरिजन’ कहकर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है.
यह मामला तब सामने आया जब ग्राम खैरी के पंच मुन्ना कोशले को उनके ही ग्राम के नेतराम धुव ने जिला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष की तरफ से सम्मान समारोह का आमंत्रण पत्र दिया, जिसमें मुन्ना कोशले व समस्त हरिजन समाज लिखा था. फिलहाल, कोतवाली पुलिस ने आवेदन लेकर जांच के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की बात कही है.
बता दे कि आकांक्षा जायसवाल के अध्यक्ष चुने जाने के दिन से ही भाजपा में बवाल मचा हुआ है, जिसके चलते दो बार शपथग्रहण टल गया है. अब सतनामी समाज के युवाओं ने हरिजन शब्द का इस्तेमाल करने को लेकर कोतवाली में आवेदन देकर नया मोड़ दे दिया है. अब देखना होगा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता आकांक्षा जायसवाल के विरुद्ध लगातार हो रहे विरोध को किस तरह हल करते हैं.
उच्च शिक्षा विभाग को 18 लाख का चूना लगाने वाला बाबू गिरफ्तार, रिश्तेदारों के साथ कर्मचारियों के बैंक खातों का भी किया था इस्तेमाल
रायपुर। उच्च शिक्षा विभाग को 18 लाख रुपए का चूना लगाने वाले आरोपी क्लर्क आकाश श्रीवास्तव को आखिरकार रायपुर पुलिस ने भोपाल से धरदबोचा है. विभागीय जांच में अफरा-तफरी के खुलासे के बाद आरोपी क्लर्क के खिलाफ अपर संचालक ने सरस्वती नगर पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कराया था.
जानकारी के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग के रीजनल ऑफिस में पदस्थ ग्रेड 2 क्लर्क आकाश श्रीवास्तव ने 2023 से 2025 के बीच पद पर रहते हुए 18 लाख रुपए सरकारी राशि अपने व रिश्तेदारों के खाते में जमाकर निजी उपयोग किया था. उच्च शिक्षा विभाग को जब क्लर्क की हरकतों का पता चला तो पहले 11 मार्च को निलंबित किया गया, इसके बाद 18 मार्च को उसके खिलाफ आनन-फानन में सरस्वती नगर थाने में अपराध दर्ज कराया गया था.
दरअसल, आकाश श्रीवास्तव ने सुनियोजित तरीके से कूटरचना कर शासकीय धन को विभिन्न बैंक खातों में फर्जी तरीके से जमा किया, और बाद में उन पैसों को अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से ट्रांसफर कर लिया. अपने बैंक खातों के अलावा आरोपी ने दो दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के खातों में भी शासकीय धन को गबन करने के लिए जमा करने के बाद ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिया था.
हाईकोर्ट ने प्रोफेसर की भर्ती पर लगाई रोक, नियमों को दरकिनार करने पर यूनिवर्सिटी से मांगा जवाब, जानिए पूरा मामला…
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी में यूजीसी के नियमों को दरकिनार कर की जा रही प्रोफेसर की भर्ती पर रोक लगा दी है। मामले में यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। याचिका में नियुक्ति में यूजीसी नियमों की अनदेखी करते हुए अयोग्य उम्मीदवारों को साक्षात्कार की अनुमति दिए जाने की बात कही गई है।
दरअसल, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर (कॉमर्स) के पद पर नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। डॉ. राजेश कुमार शुक्ला ने भी भर्ती के लिए आवेदन किया। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें बताया गया कि भर्ती प्रक्रिया में यूजीसी रेगुलेशन 2018 का उल्लंघन किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने योग्यता नहीं रखने वाले उम्मीदवारों के आवेदन का त्रुटिपूर्ण सत्यापन किया है। साथ ही उन्हें साक्षात्कार के लिए योग्य घोषित कर दिया है, जो नियमों के खिलाफ है।
याचिका के अनुसार अगर कोई आवेदक निजी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय से है तो उसका शैक्षणिक अनुभव तभी मान्य होगा जब उसकी नियुक्ति संवैधानिक चयन समिति के माध्यम से हुई हो, लेकिन यूनिवर्सिटी ने बिना नियम के प्राइवेट कॉलेज के प्रोफेसर को भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर लिया है। यह यूजीसी रेग्युलेशन 2018 का उल्लंघन है। इस नियम में कहा गया है कि किसी असिस्टेंट प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर का प्रोफेसर पद के लिए आवेदन तभी मान्य होगा, जब उसका कुल मासिक वेतन 7वें वेतनमान में नियुक्त सहायक प्राध्यापक या सह-प्राध्यापक के वेतन से कम न हो।
वर्तमान में 7वें वेतनमान के अनुसार सहायक प्राध्यापक का कुल वेतन एक लाख 30 हजार रुपए से अधिक होना चाहिए। सत्यापन के लिए यह बेहद ही जरूरी प्रक्रिया है। इसके साथ ही यदि कोई आवेदक निजी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय से है तो उसका शैक्षणिक अनुभव तभी मान्य होगा, जब उसकी नियुक्ति संवैधानिक चयन समिति के माध्यम से हुई हो।
छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट
रायपुर। छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अंजय शुक्ला एवं अन्य पदाधिकारियों ने आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट किया. इस अवसर पर एसोसिएशन द्वारा राज्य में किए जा रहे सेवा कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी गई.
मुख्यमंत्री साय ने कुनकुरी सदन में एसोसिएशन द्वारा प्रदान की गई एंबुलेंस सेवा की सराहना की और कहा कि यह सेवा जशपुर जिले से इलाज के लिए रायपुर आने वाले जरूरतमंद लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है. स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में इस प्रकार की भागीदारी निश्चित रूप से सराहनीय है.
अंजय शुक्ला ने जानकारी दी कि एसोसिएशन ने पिछली गर्मियों में ट्रांसपोर्ट यार्ड में शीतल पेयजल और गर्मी से राहत देने वाली सुविधाएं प्रदान की थीं, जिसे इस वर्ष भी प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा, एसोसिएशन द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने की योजना भी साझा की गई, जिसमें बेटियों के विवाह का संपूर्ण दायित्व एसोसिएशन उठाएगा. इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी और बेटियों का सम्मानजनक विवाह सुनिश्चित होगा.
मुख्यमंत्री साय ने अंजय शुक्ला के नेतृत्व में एसोसिएशन के सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन भी प्रदान किया. मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ट्रांसपोर्ट सेक्टर की भूमिका को समझती है और ट्रांसपोर्टरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा.
बिना संसाधनों के प्रसव कराने की कोशिश, जच्चा-बच्चा की मौत, आदिवासी समाज में आक्रोश
गरियाबंद। जिले के देवभोग क्षेत्र में ओडिशा सीमा से लगे एक गांव में अवैध क्लिनिक की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया है. डूमाघाट की आदिवासी महिला योगेंद्री बाई को उनके पति पदमन नेताम शुक्रवार रात प्रसव के लिए इस अवैध क्लिनिक में लेकर पहुंचे थे. बगैर किसी पंजीयन के संचालित इस झोलाछाप क्लिनिक में 4 घंटे तक महिला को रोका गया और बिना संसाधनों के प्रसव कराने की कोशिश की गई. इस बीच जब हालत बिगड़ने जच्चा-बच्चा अधमरा हो गए तो उन्हें ओडिशा के एक निजी अस्पताल भेज दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन लीपापोती में लग गया था. लापरवाही से हुई मौत के बाद आदिवासी समाज आक्रोशित है. समाज के पदाधिकारी लोकेश्वरी नेताम, संजय नेताम के नेतृत्व में आदिवासी समाज ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है. इसमें जिसमें दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, क्लिनिक सील कराने के अलावा पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा देने की मांग की गई है. मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी सामाजिक पदाधिकारियों ने दी है.
इधर घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने 6 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है और जल्द ही रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.

पीड़ित परिवार ने पुलिस को कहा किसी की गलती नहीं
खबर का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीओपी विकास पाटले अपनी टीम के साथ पीड़ित परिजन के घर पहुंचे. पुलिस ने पीड़ित परिवार से मामले की जानकारी जुटाई. एसडीओपी पाटले ने बताया कि पीड़ित परिवार ने किसी पर दोष नहीं मढ़ा है और न ही कोई कार्रवाई चाहता है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.
आदिवासी परिवार पर दबाव बना रहे दोषी
इस मामले में आदिवासी नेता लोकेश्वरी नेताम ने कहा प्रशासन स्वास्थ्य सुविधा दिलाने में नाकाम है. उन्होंने कहा कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र की पीड़िता पहली बार मां बनने जा रही थी, लेकिन वह लापरवाही की शिकार हो गई. स्वास्थ्य सुविधा में कमी के कारण ही भोलेभाले आदिवासी झोला छाप के चंगुल में फंस कर अपनी जान गंवा रहे हैं. इन झोला छाप लोगों को अपने करतूत से बचने का सारा उपाय भी पता रहता है. पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है. लेकिन हम उसके साथ अन्याय नहीं होने देंगे. पीड़ित परिवार को उसका हक और न्याय दिला कर रहेंगे.
रायपुर से विशाखापट्टनम के लिए शुरू होगी इंडिगो की नई फ्लाइट, शेड्यूल जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के हवाई यात्रियों के लिए विशाखापट्टनम अब नया डेस्टिनेशन बनने जा रहा है. बजट एयरलाइंस इंडिगो ने रायपुर-विशाखापट्टनम-रायपुर सेक्टर में 31 मार्च से नई फ्लाइट शुरू करने का शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके लिए बुकिंग भी शुरू कर दी गई है. प्रदेश के कारोबारी, विद्यार्थी और पर्यटक लंबे समय से इस रूट पर सीधी फ्लाइट की मांग कर रहे थे.
सप्ताह में पांच दिन उड़ान सेवा
इंडिगो की यह फ्लाइट सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को संचालित होगी. यात्रियों की सुविधा के लिए 78 सीटर एटीआर विमान लगाया गया है. इससे रायपुर से विशाखापट्टनम का सफर सिर्फ डेढ़ घंटे में पूरा होगा. शुरुआती दौर में 31 मार्च को रायपुर से विशाखापट्टनम की टिकटें मात्र 3,000 रुपये में उपलब्ध हैं.
बता दें कि विशाखापट्टनम स्वास्थ्य सेवाओं, एजुकेशन, वीकेंड टूरिज्म और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में लोकप्रिय है. इस फ्लाइट के शुरू होने से यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा.
रायपुर से इंदौर, भोपाल, प्रयागराज के लिए भी नई उड़ानें
इंडिगो एयरलाइंस ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से इंदौर, भोपाल और प्रयागराज के लिए भी नई फ्लाइट्स शुरू करने की योजना बनाई है. इन उड़ानों के शुरू होने से इंदौर, भोपाल और प्रयागराज के फेयर भी सस्ते होंगे.
इंदौर-रायपुर-इंदौर फ्लाइट 30 मार्च से प्रतिदिन चलेगी.
रायपुर-प्रयागराज-रायपुर फ्लाइट 30 मार्च से शनिवार और रविवार को उड़ान भरेगी.
भोपाल-रायपुर-भोपाल फ्लाइट 30 मार्च से सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित होगी.
उड़ानों का शेड्यूल
रायपुर-विशाखापट्टनम
इंडिगो 6E 7295 – रायपुर से सुबह 8:50 बजे, विशाखापट्टनम 10:20 बजे.
इंडिगो 6E 7296 – विशाखापट्टनम से 11:00 बजे, रायपुर 12:30 बजे.
रायपुर-इंदौर
इंडिगो 6E 7295 – इंदौर से सुबह 6:30 बजे, रायपुर 8:30 बजे.
इंडिगो 6E 7296 – रायपुर से दोपहर 12:50 बजे, इंदौर 2:45 बजे.
रायपुर-प्रयागराज
इंडिगो 6E 7295 – रायपुर से 8:50 बजे, प्रयागराज 10:25 बजे.
इंडिगो 6E 9296 – प्रयागराज से 10:50 बजे, रायपुर 12:30 बजे.
रायपुर-भोपाल
इंडिगो 6E 7149 – भोपाल से सुबह 9:40 बजे, रायपुर 11:10 बजे.
इंडिगो 6E 7469 – रायपुर से 11:30 बजे, भोपाल 1:00 बजे.
बूढ़ातालाब में बन रहे चौपाटी से जनता को हो रही परेशानी, जायजा लेने पहुंची महापौर मीनल चौबे पर्यटन विभाग के अधिकारियों पर बिफरीं
रायपुर। महापौर मीनल चौबे आज सुबह रायपुर के बूढ़ातालाब में पहुंची. इस दौरान बूढ़ातालाब में बन रहे चौपाटी का निरीक्षण करते हुए इससे होने वाली आम जनता को समस्याओं की जानकारी ली.
महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों के साथ तालाब किनारे बने फुटपाथ का निरीक्षण किया. लोगों के चलने-टहलने वाली जगह पर लोहे के बड़े-बड़े कंटेनर लगा कर बनाई जा रही चौपाटी को हटाने को लेकर लगातार लड़ाई लड़ने की बात कही. इस दौरान पर्यटन विभाग के अधिकारियों को भी महापौर ने फटकार लगाई.
बूढ़ातालाब हमारी ऐतिहासिक धरोहर
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि बूढ़ातालाब हमारी ऐतिहासिक धरोहर है. बूढ़ातालाब के बाजू में बन रहे चौपाटी की आसपास के लोगों से शिकायतें आ रही थी. इस पर आज मैने आयुक्त के साथ विजिट किया. मैं देखकर आश्चर्यचकित हूं कि स्मार्ट सिटी ने जो करोड़ों रुपए खर्च कर पाथवे बनाया था, जिसमें हमें सब्जबाग दिखाया गया था, इसमें जनता के चलने के लिए जगह होगी. जनता को सुकून मिलेगा. आज हम जब आकर देख रहे हैं, तो लगभग सौ दुकानें खुलने के कगार पर हैं, जिसका हम विरोध करते हैं.

उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी ने इस प्रापर्टी की पर्यटन विभाग को हैंडओवर कर दिया है. और पर्यटन विभाग ने किसी एजेंसी के साथ एमओयू किया इस तरह की चौपाटी बनाने के लिए. पर्यटन विभाग का उद्देश्य है कि नगर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण करना. न कि उसका व्यवसायीकरण करना. अगर व्यवसायीकरण कर बूढ़ातालाब को मेंटेन करना होता तो नगर निगम भी कर लेगा. हम इस कृत्य का कड़ा विरोध करते हैं.
बूढ़ातालाब के सामने शहर का सबसे पुराना स्कूल है, दानी स्कूल. लोग बताते हैं कि चौपाटी में शराब बेचने का भी अनुबंध हुआ है. तो इस प्रकार की दुर्घटना ही हम होने ही नहीं देंगे. यह शहर का बहुत बड़ा दुर्भाग्य है. दानी स्कूल में मेरी शिक्षा हुई है. जिस प्रकार से पर्यटन विभाग एजेंसी की आड़ में कर रहा है, वह बर्दाश्त करने के लायक नहीं है. बूढ़ातालाब में पूरे शहर की जनता आती है. उसका इस तरह से व्यवसायीकरण नहीं होने देंगे.
देखिए वीडियो –
ऑनलाइन सट्टे पर हाईकोर्ट में सुनवाई : प्रतिबंध के बावजूद छत्तीसगढ़ में कंपनियां खिला रही सट्टा, कोर्ट ने गृह विभाग के सचिव से मांगा जवाब
बिलासपुर। प्रदेश में ऑनलाइन सट्टे पर प्रतिबंध के बावजूद भी कंपनियां उल्लंघन कर रही है. पूरे मामले को लेकर एक जनहित याचिका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लगाई गई है, जिसकी सुनवाई सोमवार को हुई. इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने राज्य शासन के गृह विभाग के सचिव से जवाब मांगा है. वही कंपनियों को भी नोटिस दिया गया है. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई. इस मामले की अगली सुनवाई 4 अप्रैल, 2025 को तय की गई है.
दरअसल याचिकाकर्ता सुनील नामदेव ने अधिवक्ता अमृतो दास के माध्यम से एक जनहित याचिका लगाई है. राज्य की ओर से उपस्थित महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत, उप महाधिवक्ता शशांक ठाकुर और अधिवक्ता तुषार धर दीवान ने पक्ष रखा. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अमृतो दास ने कोर्ट को जानकारी प्रस्तुत किया कि छत्तीसगढ़ राज्य ऑनलाइन सट्टेबाजी पर प्रतिबंध लगाता है और पैरा 8.6 में बताए अनुसार प्रतिवादी कंपनियां छत्तीसगढ़ राज्य में लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन कर रहे हैं. उन्होंने कुछ दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनमें हाल ही में चल रहे आईपीएल के संबंध में कुछ विज्ञापन शामिल हैं.
इस मामले को संज्ञान लेते हुए बेंच ने निर्देश दिया कि इस मसले में न्यायालय की रजिस्ट्री में दाखिल किया जाए और अभिलेख पर लाया जाए. वहीं इसकी प्रति राज्य अधिवक्ता को भी दी जाए, जो इसका उत्तर भी दे सकते हैं. वहीं याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने के लिए 24 घंटे का समय मांगा है. इसके अलावा चीफ जस्टिस की बेंच ने छत्तीसगढ़ राज्य के गृह विभाग के सचिव को मामले में अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. साथ ही प्रतिवादी को नियमानुसार प्रक्रिया शुल्क का भुगतान करने के लिए नोटिस जारी करने सहित राज्य अधिवक्ता को यह भी निर्देश दिया है कि वे उन्हें वर्तमान याचिका के लंबित रहने की सूचना दें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी भक्त माता कर्मा जयंती की शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भक्त माता कर्मा जयंती की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने माता कर्मा से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हुए कहा कि भक्त माता कर्मा का जीवन सेवा, भक्ति, त्याग और परोपकार की अनुपम मिसाल है। वे भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त थीं और उनका आदर्श आज भी जनमानस को प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में माता कर्मा जयंती का पर्व पूरे श्रद्धाभाव और सामाजिक समरसता के साथ मनाया जाता है। साहू तैलिक समाज की आराध्य देवी माता कर्मा की जयंती पर पूरे राज्य में शोभायात्राएँ, कलश यात्राएँ और विविध धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन होते हैं, जिनमें सभी समाजों की भागीदारी से एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित होता है। उन्होंने प्रार्थना की कि माता कर्मा का आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि माता कर्मा के आदर्श हमें समाज में करुणा, समानता और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।
ज्ञानपीठ सम्मान से अलंकृत विनोद कुमार शुक्ल से केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने की मुलाकात
लोरमी। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने आज रायपुर के शैलेन्द्र नगर स्थित निवास पर सुप्रसिद्ध कवि, उपन्यासकार एवं छत्तीसगढ़ के गौरव विनोद कुमार शुक्ल से सौजन्य मुलाकात की. इस बीच उन्हें प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने शुक्ल जी के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनका हालचाल भी जाना.
केंद्रीय राज्यमंत्री साहू ने कहा कि शुक्ल जी की रचनाएं, जैसे ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’, ‘नौकर की कमीज’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’, भारतीय साहित्य को समृद्ध करती है. आम जीवन की संवेदनाओं को सरलता से अभिव्यक्त करती है. उनकी लेखनी नई पीढ़ी के साहित्यकारों के लिए प्रेरणा स्रोत है.
केंद्रीय राज्यमंत्री साहू ने यह भी आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकारें छत्तीसगढ़ में साहित्य सृजन को प्रोत्साहित करने और साहित्यकारों को उचित सम्मान देने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी. छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी. विनोद कुमार शुक्ल ने इस सम्मान और शुभकामनाओं के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री साहू का आभार व्यक्त किया और साहित्य के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
राज्य वित्त सेवा संवर्ग के अधिकारियों का तबादला, वित्त विभाग ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट…
रायपुर। उच्चतर वेतनमान और क्रमोन्नत के बाद छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा संवर्ग के अधिकारियों की पदस्थापना की गई है. एक दर्जन से ज्यादा अधिकारियों का तबादला किया गया है. वहीं आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है. इसका आदेश आज वित्त विभाग ने जारी किया.
देखें सूची –




छुट्टी के दिनों में भी खुलेंगे रजिस्ट्री कार्यालय, लेकिन देना होगा अतिरिक्त शुल्क!
रायपुर। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिनों में राजस्व संग्रहण को ध्यान में रखते हुए पंजीयन विभाग ने एक अहम फैसला लिया है। राज्य के सभी पंजीयन कार्यालय अब शासकीय अवकाश के दिनों में भी खुले रहेंगे, ताकि दस्तावेजों के पंजीयन की प्रक्रिया बिना बाधा के जारी रहे। हालांकि, अवकाश के दिनों में रजिस्ट्री कराने पर लोगों को सामान्य शुल्क के अलावा अतिरिक्त चार्ज भी देना होगा। यह अतिरिक्त शुल्क डॉक्यूमेंट वैल्यू के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
इन तारीखों पर खुलेंगे पंजीयन कार्यालय
महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निम्नलिखित अवकाश के दिनों में भी पंजीयन कार्यालय खुले रहेंगे:
25 मार्च 2025 – माता कर्मा जयंती
29 मार्च 2025 – मार्च माह का अंतिम शनिवार
30 मार्च 2025 – रविवार
31 मार्च 2025 – वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन
जनता को मिलेगी राहत
गौैरतलब है कि मार्च के अंतिम दिनों में दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए बड़ी भीड़ उमड़ती है। इसलिए, इस फैसले से आम लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें अपनी जमीन-जायदाद या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की रजिस्ट्री कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
देखें आदेश –

सर्वर डाउन से रजिस्ट्री कराने आए लोग परेशान
मार्च क्लोजिंग के चलते रजिस्ट्री दफ्तरों में भारी भीड़ उमड़ रही है, क्योंकि 1 अप्रैल से जमीन की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी। लेकिन सर्वर डाउन की समस्या ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। लोगों का आरोप है कि जानबूझकर तकनीकी दिक्कतें पैदा की जा रही हैं, जिससे उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ ही नहीं, उड़ीसा समेत अन्य राज्यों से भी लोग रजिस्ट्री कराने पहुंचे हैं, लेकिन सर्वर ठप होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में डॉक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप, पीड़िता की शिकायत के बाद प्रशासन ने लिया एक्शन, पद से हटाकर मांगा स्पष्टीकरण
बिलासपुर। भ्रष्टाचार के आरोप पर जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ से जवाब मांगते हुए समक्ष तलब किया गया है. डॉक्टर वंदना चौधरी से स्पष्टीकरण मांगते हुए परिवार नियोजन (टीटी) और एमटीपी (गर्भपात संबंधी ऑपरेशन) पर रोक लगा दी गई गई है. कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने ये कार्रवाई की है. एमटीपी और टीटी ऑपरेशन अब डॉक्टर रमा घोष और डॉक्टर ममता सलूजा ही करेंगे.

क्या है मामला
दरअसल, जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ वंदना चौधरी पर सेमरचुवा की जमंत्री पटेल पति संतोष पटेल ने शिकायत की थी कि नसबंदी ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ने 6 हजार रुपये की मांग की थी. उन्होंने 2 हजार रुपये दे दिए थे. डॉक्टर चौधरी ने इसके बाद भी उन पर और पैसों के लिए दबाव बनाया. जिसका ऑडियो साक्ष्य के रूप में शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ग्रीष्मकाल में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ग्रीष्मकाल में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश जल संकट की किसी भी स्थिति से सुरक्षित रह सके। मुख्यमंत्री श्री साय मंत्रालय में आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेशभर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपायों को प्राथमिकता पर क्रियान्वित किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में पेयजल की उपलब्धता को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल संकट की किसी भी संभावना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा, वन एवं कृषि विभाग को परस्पर तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पन्न हो रही पेयजल समस्याओं के समाधान हेतु अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियाँ समान रूप से आवश्यक हैं। इसके लिए उन्होंने जल संरक्षण के प्रभावी उपायों जैसे रिचार्ज पिट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और सौर ऊर्जा आधारित पंपों को तेजी से बढ़ावा देने पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने भूजल के अनियंत्रित दोहन पर सख्त निगरानी रखने और कम जल-खपत वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए, जिससे जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहते हुए, फील्ड में जाकर स्वयं स्थिति का आकलन करें और स्थल पर ही पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर सभी हैंडपंपों और सार्वजनिक नलों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अनेक स्थानों पर हैंडपंपों में केवल मामूली तकनीकी समस्याएँ होती हैं, जिन्हें यदि समय रहते स्थानीय मैकेनिक द्वारा दुरुस्त किया जाए, तो नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है।
बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने इस कार्य के त्वरित निष्पादन हेतु पूरे प्रदेश में मोबाइल वैन यूनिट्स की विशेष व्यवस्था की है, जो आगामी चार महीनों तक फील्ड में सक्रिय रहकर रखरखाव और मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से संपादित करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसके लिए स्थानीय भू-प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण उपायों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने वन्य प्राणियों के लिए गर्मी के मौसम में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि प्रदेशभर में अमृत सरोवरों को जल प्रबंधन के मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे जल संग्रहण, वर्षा जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के सफल उदाहरण बन सकें। उन्होंने तालाबों और जलाशयों के आसपास हो रहे अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जलस्रोतों की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की प्रक्रिया को तीव्र गति से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से जल स्रोतों के अपव्यय को नियंत्रित किया जा सकता है और ऊर्जा की बचत भी सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि सोलर पेयजल योजनाओं में 'सेंसर आधारित स्वचालित प्रणाली' लागू की जाए, जिससे जल वितरण की निगरानी और नियंत्रण तकनीकी रूप से संभव हो सके और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली की दिशा में राज्य एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए।
मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को जल संरक्षण के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर जनजागरूकता और सहभागिता ही जल संकट का दीर्घकालिक समाधान है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और निस्तारी जल योजनाओं पर व्यापक चर्चा सुनिश्चित की जाए, ताकि समुदाय स्तर पर ठोस पहल हो सके। मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इन गतिविधियों के सुनियोजित क्रियान्वयन और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया।
इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो और कृषि, वन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में पूछा, छत्तीसगढ़ के पर्यटन को अंतर्राष्ट्रीय फलक पर चर्चित करने के लिए सरकार क्या क्या कर रही
नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के विकास के लिए सतत् प्रयासरत रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद के प्रश्नकाल के दौरान केंद्र सरकार से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को विश्व स्तरीय पहचान दिलाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी।
सोमवार को लोकसभा में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से प्रश्न पूछते हुए सांसद श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर, बस्तर आदि के विकास के लिए सरकार की कार्ययोजना का ब्यौरा मांगा। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या केंद्र सरकार राज्य में धार्मिक, सांस्कृतिक और पारिस्थितिकी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोई विशेष पैकेज जारी करने पर विचार कर रही है।
सांसद श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की आधारभूत संरचना जैसे सड़क, परिवहन, होटल और सुरक्षा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में की जा रही पहल की जानकारी भी मांगी। उन्होंने ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और पुनर्निर्माण के लिए विशेष अनुदान दिए जाने की संभावना पर भी सवाल उठाया। साथ ही विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे प्रचार अभियान की भी जानकारी मांगी।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने दी विस्तृत जानकारी
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवालों के जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना की शुरुआत के बाद से देशभर में 5287 करोड़ रुपये की लागत से 76 पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ में भी एक परियोजना शामिल है।
तीर्थ स्थल जीर्णोद्धार एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन (प्रशाद) योजना के तहत देशभर में 1620.21 करोड़ रुपये की लागत से 48 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ में भी एक परियोजना शामिल है।
शेखावत ने बताया कि वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों के विकास की विशेष योजना एसएएससीआई के तहत छत्तीसगढ़ में दो परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है, जो कुल 3295.76 करोड़ रुपये की लागत से 40 परियोजनाओं का हिस्सा हैं।
छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के प्रमुख प्रोजेक्ट
मंत्री शेखावत ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में जनजातीय परिपथ (Tribal Circuit) के तहत 96.10 करोड़ रुपये की लागत से जशपुर, कुनकुरी, मैनपाट, कमलेशपुर, महेशपुर, सरोधादादर, गंगरेल, कोंडागांव, नथियानवागांव, जगदलपुर, चित्रकूट और तीर्थगढ़ के पर्यटन विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा, प्रशाद योजना के तहत 44.84 करोड़ रुपये की लागत से मां बमलेश्वरी मंदिर में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
इतना ही नहीं एसएएससीआई के तहत 95.79 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विकास और 51.87 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर में जनजातीय और सांस्कृतिक सम्मेलन केंद्र का निर्माण किया जा रहा है।
पर्यटन से जुड़े स्थानीय कारीगरों और गाइडों के लिए प्रशिक्षण योजना
सांसद श्री अग्रवाल द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के पर्यटन से जुड़े स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और गाइडों के लिए कोई विशेष प्रशिक्षण या वित्तीय सहायता योजना संचालित नहीं की जा रही है। हालांकि, हुनर से रोजगार तक कार्यक्रम के तहत विभिन्न राज्यों में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इसके अतिरिक्त, अतुल्य भारत पर्यटक सुविधा प्रदाता प्रमाणन कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित और पेशेवर पर्यटक सुविधा प्रदाताओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जोड़ा जा रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दिया धन्यवाद, छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की अपील
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अपार प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरें हैं, जिन्हें उचित सुविधाएं और योजनाएं मिलने पर वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जा सकता है।
उन्होंने पर्यटन मंत्री से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ को धार्मिक, सांस्कृतिक और इको-टूरिज्म के लिए विशेष पैकेज दिया जाए और पर्यटन से जुड़े स्थानीय कारीगरों और गाइडों के लिए प्रशिक्षण योजनाओं को लागू किया जाए।
पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, TI, ASI, प्रधान आरक्षक सहित आरक्षक हुए इधर से उधर, देखें लिस्ट
बलौदाबाजार। जिले में पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। एसपी विजय अग्रवाल ने प्रशासनिक कसावट लाने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यातायात प्रभारी सहित प्रधान आरक्षक और आरक्षकों के तबादले का आदेश जारी किया है।
देखें आदेश




छत्तीसगढ़ में विशेष शिक्षकों की होगी भर्ती, 100 पदों की मिली स्वीकृति, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने आज विशेष शिक्षक भर्ती के लिए अनुमति दी है. प्रदेश में स्वीकृत 884 पदों में से 100 पदों पर भर्ती के लिए स्वीकृति दी गई है. लोक शिक्षण संचालनालय को इस संबंध में अधिसूचना भी जारी हुई है. बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार प्रदेशभर के शालाओं में स्पेशल एजुकेटर के लिए भर्ती निकाली गई है.
ये कर सकेंगे स्पेशल एजुकेटर के लिए अप्लाई :-
अगर आप भी स्पेशल एजुकेटर बनाना चाहते हैं तो आपको रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (RCI) से मान्यता प्राप्त कोर्स करना जरूरी होगा.
प्राइमरी टीचर : RCI मान्यता प्राप्त D.Ed. स्पेशल एजुकेशन या समकक्ष कोर्स, साथ में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन.
अपर प्राइमरी टीचर : RCI मान्यता प्राप्त B.Ed. स्पेशल एजुकेशन या समकक्ष कोर्स, साथ में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन.
सेकेंडरी टीचर : मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से 50% अंकों के साथ मास्टर डिग्री (अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास, पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी या म्यूजिक) और B.Ed. स्पेशल एजुकेशन या समकक्ष कोर्स.
आयु सीमा
विशेष शिक्षक पद के लिए कैंडिडेट की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष निर्धारित की गई है.
देखें आदेश :-
