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महिला पंचों की जगह पतियों के शपथ लेने का मामला : कांग्रेस ने निर्वाचन अधिकारी से की शिकायत, कहा- दोषियों पर हो कानूनी कार्रवाई
कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में महिला पंचों की जगह पतियों के शपथ लेने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. महिला कांग्रेस ने इस मामले में कवर्धा जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. मांगे पूरी नहीं होने पर राष्ट्रीय व्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है.
जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधि मंडल में खुज्जी की पूर्व विधायक छन्नी साहू, पंडरिया की पूर्व विधायक ममता चंद्राकर, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस राष्ट्रीय पर्यवेक्षक एवं बिहार प्रभारी प्रीति उपाध्याय शुक्ला और मयूरी सिंह शामिल थे.
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने की ये मांगे :-
1. इस घटना की उच्च स्तरीय जाँच हो एवं दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्यवाही हो.
2. महिला जनप्रतिनिधियों को स्वतंत्र रूप से अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन करने दिया जाए, जिससे वह किसी प्रकार के सामाजिक दबाव में ना रहे.
3. चुनाव आयोग और प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में इस प्रकार की घटना ना हो, इस हेतु आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया जाए.
4. इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए देश में एक सख्त नीति बनाई जाए ताकि महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित न किया जा सके.
जानिए क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि पंडरिया ब्लॉक के ग्राम पंचायत परसवारा में सचिव की लापरवाही के चलते नवनिर्वाचित सरपंच और पंच के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में 6 महिला पंचों के स्थान पर उनके पतियों को शपथ दिलाई गई थी. स्थानीय लोगों और महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने इस घटना की कड़ी आलोचना की थी. महिला पंचों ने कहा था कि यह न केवल उनके अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे समाज में महिला की भूमिका को भी कमजोर करने की कोशिश की गई.
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज विश्व वानिकी दिवस पर संगोष्ठी का होगा आयोजन
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आज विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में दोपहर एक बजे से आयोजित होगा।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। इसके अलावा, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, उप मुख्यमंत्री अरूण साव एवं विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और खेल मंत्री टंक राम वर्मा विशिष्ट अतिथि होंगे।
वर्ष 2025 में विश्व वानिकी दिवस की थीम ‘फारेस्ट एण्ड फूड‘ है, जो वनों की खाद्य सुरक्षा, पोषण, और आजीविकोपार्जन में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। यह कार्यक्रम वनों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित वरिष्ठ वन अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2012 में वनों के महत्व के प्रति जागरूकता में वृद्धि की दृष्टिकोण से दिनांक 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में घोषित किया गया है। यह कार्यक्रम वनों के महत्व को समझने और उनके संरक्षण के लिए काम करने के लिए प्रेरित करेगा। इस कार्यक्रम में वनों के महत्व, उनके संरक्षण के तरीके, और वनों के साथ जुड़े लोगों के जीवन में सुधार करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। यह कार्यक्रम वनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधियों ने की सौजन्य भेंट, बड़े भजन रामनामी मेला के लिए दिया विशेष निमंत्रण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने सक्ती जिले के ग्राम जमगहन में 9 अप्रैल को आयोजित होने वाले बड़े भजन रामनामी मेला में मुख्यमंत्री श्री साय को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण के लिए महासभा के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर चंद्रपुर विधायक राम कुमार यादव सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा एवं रायगढ़ जिले के रामनामी संप्रदाय से जुड़े सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
नगर पंचायत अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण में शामिल हुए डिप्टी सीएम अरुण साव
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज मुंगेली जिले के बरेला और जरहागांव नगर पंचायत में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। विधायक पुन्नूलाल मोहले भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। मुंगेली की एसडीएम पार्वती पटेल ने बरेला और जरहागांव में आयोजित दो अलग-अलग समारोहों में बरेला नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नरेश पटेल और जरहागांव नगर पंचायत की अध्यक्ष रूपाली वेदप्रकाश कश्यप तथा दोनों नगर पंचायतों के पार्षदों को विधिपूर्वक शपथ दिलाई।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने कार्यों से नगरवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की अपील की। उन्होंने नवगठित नगर पंचायतों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता ने जिन उम्मीदों के साथ जनादेश दिया है, उन पर पूरी निष्ठा से काम करना सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि विष्णु देव साय सरकार के नेतृत्व में नगर पंचायत बरेला एवं जरहागांव के चहुंमुखी विकास के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने दोनों नगर पंचायतों को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बिलासपुर के मोहभट्ठा में 30 मार्च को होने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में नागरिकों को शामिल होने का आग्रह किया।
मुंगेली के विधायक पुन्नूलाल मोहले ने अपने संबोधन में कहा कि नगर की जनता ने निष्पक्ष रूप से अपने मतदान का प्रयोग कर आप लोगों को जिताया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नगर पंचायत बरेला और जरहागांव के सभी नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षद नागरिकों की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे और नगर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष शांति देवचरण भास्कर और मुंगेली जनपद पंचायत के अध्यक्ष रामकमल सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में समारोह में मौजूद थे।
विश्व वानिकी दिवस: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वन संरक्षण का किया आह्वान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जंगलों को बचाने की अपील की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जंगल केवल हरियाली नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। यह न केवल प्राणवायु (ऑक्सीजन) का प्रमुख स्रोत हैं, बल्कि विभिन्न खाद्य, औषधीय और अन्य उपयोगी संसाधनों का भंडार भी हैं। पेड़ों और जंगलों के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के लिए हर वर्ष 21 मार्च को ‘विश्व वानिकी दिवस’ मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या और आधुनिक जीवनशैली के कारण जंगल सिमटते जा रहे हैं और पर्यावरण असंतुलन बढ़ता जा रहा है। जंगलों के घटने से जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की समस्या विकराल रूप ले रही है।पर्यावरणीय असंतुलन का असर मनुष्यों, कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र पर साफ दिख रहा है।
छत्तीसगढ़ – जंगलों से घिरा प्रदेश, वन प्रबंधन और संरक्षण की दिशा में अग्रसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा भूभाग घने वनों से आच्छादित है और यहाँ की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था भी वनों से गहराई से जुड़ी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार वन प्रबंधन और सामुदायिक वन संरक्षण के माध्यम से वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से न केवल वनों का संरक्षण किया जा रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी इससे जोड़ा जा रहा है, ताकि वन और आजीविका के बीच संतुलन बना रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण-मुक्त वातावरण देने की जिम्मेदारी निभाएँ।
रायपुर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा दिलाने की मांग, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू को पत्र लिखकर रायपुर हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग की है। उन्होंने भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच 2014 में हुए द्विपक्षीय समझौते में संशोधन की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे रायपुर सहित अधिक भारतीय शहरों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जोड़ा जा सके।
श्री अग्रवाल ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की 26 दिसंबर को हुई बैठक के बाद, रायपुर से यूएई, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों तक सीधी उड़ानों के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस से संपर्क किया गया। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि वर्तमान समझौते के तहत केवल 15 भारतीय शहरों को ही यूएई से सीधी उड़ानों की अनुमति है,
यूएई के राजदूत से हुई चर्चा के दौरान यह सुझाव सामने आया कि इस समझौते का पुनरीक्षण कर 15 के स्थान पर 30 भारतीय हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अनुमति दी जाए। श्री अग्रवाल ने इस विषय को गंभीरता से लेने और आवश्यक संशोधन करने का आग्रह किया, जिससे रायपुर हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिल सके।
इसके साथ ही, श्री अग्रवाल ने स्पाइसजेट के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी श्री कमल को भी पत्र लिखा है, जिसमें रायपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की व्यवहार्यता की जांच करने के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि एयरलाइन उपयुक्त अंतरराष्ट्रीय मार्ग निर्धारित करे और राज्य सरकार से मिलने वाले सहयोग पर विचार करे, ताकि उड़ानों का संचालन शीघ्र प्रारंभ हो सके।
बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि, "रायपुर हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी। इससे पर्यटन, व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। मैं इस विषय पर पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा हूं और केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा करता हूं,"
रायपुर को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जोड़ने की इस पहल से पूरे राज्य में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ के नागरिकों को विदेश यात्रा के लिए अन्य हवाई अड्डों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सांसद श्री अग्रवाल ने इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया है।

बाघ सहित वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाए सवाल
नई दिल्ली/रायपुर। 20 मार्च रायपुर सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या में लगातार गिरावट पर चिंता व्यक्त की है। वर्ष 2014 में जहां राज्य में 46 बाघ थे, वहीं 2018 में यह संख्या घटकर 19 रह गई और 2022 में यह केवल 17 रह गई। इसके विपरीत, देशभर में बाघों की संख्या 2014 में 2226 से बढ़कर 2022 में 3682 हो गई। यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में बाघ संरक्षण को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ समेत देशभर में बाघ और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाए। उन्होंने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री से देश में बाघ अभयारण्यों की संख्या, बाघों की जनसंख्या में हो रही वृद्धि या कमी, अवैध शिकार की घटनाओं, और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी।
सांसद के सवालों के जवाब में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि देश में वर्तमान में 58 टाइगर रिजर्व हैं और सरकार बाघ संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। इसके तहत टाइगर रिजर्व का विस्तार, आधुनिक तकनीक से निगरानी, मानव-पशु संघर्ष को कम करने के उपाय, और अवैध शिकार पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
छत्तीसगढ़ को वन्यजीव संरक्षण के लिए केंद्र से मिली सहायता राशि:
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को बाघ और हाथी परियोजनाओं के तहत विभिन्न वित्तीय वर्ष 2021-22 में 355.85 लाख , 2022-23 में 165.75 लाख, 2023-24 में 292.86 लाख और 2024-25 में 181.58 लाख रुपए की राशि जारी की गई है।
सरकार द्वारा बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सीएसएस-आईडीडब्ल्यूएच योजना के तहत सहायता दी जा रही है, जिसमें वन्यजीव पर्यावासों का विकास, मानव-पशु संघर्ष की रोकथाम, और टाइगर रिजर्व में आवश्यक संरचनात्मक सुधार किए जा रहे हैं।
बाघों के अवैध शिकार पर सख्त नजर
बाघों के अवैध शिकार पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा पूछे गए सवाल पर सरकार ने स्पष्ट किया कि पिछले तीन वर्षों में देशभर में बाघों के अवैध शिकार की घटनाओं की निगरानी की गई है और इस संबंध में राज्यवार आंकड़े संकलित किए गए हैं। हालांकि, अन्य वन्यजीवों से जुड़ी जानकारी केंद्र सरकार के स्तर पर नहीं रखी जाती।
सरकार की तीन स्तरीय रणनीति:
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के माध्यम से सरकार ने मानव-पशु संघर्ष से निपटने के लिए तीन स्तरीय रणनीति बनाई है:
1. संसाधनों और बुनियादी ढांचे में सुधार – टाइगर रिजर्व में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार और संरक्षण योजनाओं को सुदृढ़ करना।
2. पर्यावास प्रबंधन– बाघों के प्राकृतिक आवास को मजबूत बनाना और उनके विस्थापन को नियंत्रित करना।
3. मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) – मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए तीन एसओपी जारी की गई हैं, जिनमें आपातकालीन स्थितियों में बाघों को सुरक्षित बचाने, मवेशियों पर हमले की घटनाओं को नियंत्रित करने, और वन्यजीवों के पुनर्वास की योजना शामिल है।
छत्तीसगढ़ में बाघ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में बाघों की घटती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की और केंद्र सरकार से इस दिशा में और अधिक ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाघों के संरक्षण के लिए विशेष रणनीति बनाई जानी चाहिए ताकि राज्य में बाघों की संख्या को बढ़ाया जा सके और वन्यजीवों का प्राकृतिक संतुलन बना रहे।
उन्होंने सरकार से मांग की कि छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व का विस्तार किया जाए, अवैध शिकार पर सख्ती बढ़ाई जाए, और बाघों की सुरक्षा के लिए आधुनिक निगरानी तकनीकों को अपनाया जाए।
बता दें सांसद बृजमोहन अग्रवाल पहले ही भोरमदेव अभ्यारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने की मांग कर चुके है, जिसपर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार को आवश्यक निर्देश भी जारी कर चुके हैं।
मतदाता पहचान पत्र में नंबरों के दोहराव की खत्म करने निर्वाचन आयोग की पहल, राजनीतिक दलों के साथ कर रहा बैठक
रायपुर। भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में, निर्वाचन आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ, भारत निर्वाचन आयोग ने पदभार ग्रहण करने के एक महीने से भी कम समय में पूरी निर्वाचन मशीनरी को बीएलओ स्तर तक सभी मतदाताओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और मतदान केंद्रों पर उनके लिए सुखद अनुभव सुनिश्चित करने के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ाया है। राजनीतिक दलों को, जो प्रमुख हितधारक हैं, को भी जमीनी स्तर पर शामिल किया जा रहा है।
आयोग ने पुनः पुष्टि की है कि लगभग 100 करोड़ मतदाता हमेशा लोकतंत्र के आधार स्तंभ हैं। यूआईडीएआई और भारत निर्वाचन आयोग के विशेषज्ञों के बीच तकनीकी परामर्श जल्द शुरू होंगे। हालांकि एक मतदाता केवल अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर ही मतदान कर सकता है, आयोग ने देश भर में मतदाता पहचान पत्र के नंबरों में दोहराव को समाप्त करने और दशकों पुरानी समस्या को 3 महीने के भीतर खत्म करने का संकल्प लिया है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्राधिकरणों के साथ समन्वय से मतदाता सूची का नियमित अद्यतन मजबूत किया जाएगा।
राजनीतिक दलों के साथ आयोग की बातचीत में स्पष्ट किया गया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में कोई भी नाम शामिल करना या हटाना अपीलों की प्रक्रिया द्वारा शासित होता है, जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत सभी राजनीतिक दलों के लिए दावों और आपत्तियों को दर्ज करने के लिए उपलब्ध है। ऐसी अपीलों के अभाव में, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा तैयार की गई सूची मान्य होती है। यह अवगत कराया जा सकता है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 7 मार्च, 2025 को स्पष्ट किया था कि 6-10 जनवरी, 2025 तक विशेष संक्षिप्त संशोधन (एसएसआर) अभ्यास के पूरा होने के बाद केवल 89 प्रथम अपील और केवल 1 द्वितीय अपील दायर की गई थी।
सभी पात्र नागरिकों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, मतदान की सुगमता और सुखद मतदान अनुभव कराना भारत निर्वाचन आयोग का प्रमुख उद्देश्य है। यह सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कदम उठाए जाएंगे कि कोई भी मतदान केंद्र 1,200 से अधिक मतदाताओं वाला न हो और यह मतदाताओं से 2 किमी के दायरे में हो। सबसे दूरस्थ ग्रामीण मतदान केंद्रों में भी मूलभूत सुविधाएं (एएमएफ) सुनिश्चित की जाएंगी। शहरी उदासीनता से निपटने और अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, ऊंची इमारतों और कॉलोनियों के समूहों में भी उनके परिसर के भीतर मतदान केंद्र होंगे।
लगभग 1 करोड़ निर्वाचन कर्मियों की व्यापक और निरंतर क्षमता निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, 4 और 5 मार्च को नई दिल्ली में आईआईआईडीईएम में सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों की दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पहली बार प्रत्येक राज्य / केंद्रशासित प्रदेश के जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रकरण अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन ने संविधान, निर्वाचन कानूनों और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के ढांचे के अनुसार 28 हितधारकों और उनकी जिम्मेदारियों के स्पष्ट मानचित्रण के साथ पूरी निर्वाचन मशीनरी को ऊर्जा प्रदान करने पर जोर दिया।
निर्देशों के लिए निर्वाचन हैंडबुक और मैनुअल को नवीनतम परिवर्तनों के साथ समन्वित किया जाएगा। कई भारतीय भाषाओं में डिजिटल प्रशिक्षण किट तैयार की जाएंगी ताकि फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए आसान आत्मसात और प्रभावी प्रशिक्षण हो सके। एनिमेटेड वीडियो और एकीकृत डैशबोर्ड प्रशिक्षण को डिजिटल बढ़ावा देंगे। बीएलओ को प्रशिक्षित करने के लिए एक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है।
निर्वाचन प्रक्रियाओं के सभी पहलुओं में राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 4 मार्च को सीईओ सम्मेलन के दौरान निर्देश दिया कि सभी 36 सीईओ, 788 डीईओ, 4123 ईआरओ द्वारा नियमित सर्वदलीय बैठकें और बातचीत आयोजित की जाएं। देश भर में ऐसी बैठकें जमीनी स्तर पर ही राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए किसी भी लंबित और उभरते मुद्दों को हल करने में मदद करेंगी। यह प्रक्रिया 31 मार्च, 2025 तक पूरे भारत में पूरी हो जाएगी।
आयोग द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और उनके नियुक्त बीएलए को निर्वाचन कानूनों के अनुसार दावों और आपत्तियों सहित उचित प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव का राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव संचालन से संबंधित किसी भी और सभी मामलों पर सुझाव आमंत्रित किए हैं और वे इन्हें 30 अप्रैल, 2025 तक भेज सकते हैं। दलों को दिल्ली में आयोग से आपसी सुविधाजनक समय पर मिलने का निमंत्रण भी दिया गया है। ये साहसिक और दूरगामी पहल चुनावों के पूरे दायरे को कवर करती हैं और सभी प्रमुख हितधारकों को भागीदारी पूर्ण तरीके से शामिल करती हैं।
खून से सीएम और मंत्रियों को लिखा पत्र, बर्खास्त बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों ने न्याय की लगाई गुहार, समायोजन नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
रायपुर। प्रदेशभर के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के चलते सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. बर्खास्त बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षक समायोजन की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. 97 दिनों से लगातार शांतिपूर्ण एवं नए तरीके से अपना विरोध दर्ज करने के बाद हताश और निराश होकर बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने आज मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों को अपने खून से हस्तलिखित निवेदन पत्र लिखा और न्याय की गुहार लगाई.
इस ऐतिहासिक विरोध कार्यक्रम में हजारों शिक्षकों ने एक साथ धरना स्थल पर अपने अधिकारों, सेवा सुरक्षा और समायोजन की मांग को लेकर सरकार से अंतिम अपील की. शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि वे केवल न्याय की मांग कर रहे हैं और सरकार के पास संवैधानिक रूप से इन्हें समायोजित करने का पूरा अधिकार है. बर्खास्त सहायक शिक्षकों के समायोजन के लिए यदि सरकार जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो शिक्षक अपने आंदोलन को और अधिक उग्र रूप देने के लिए बाध्य होंगे. उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि शिक्षकों के भविष्य को बचाने के लिए त्वरित निर्णय लिया जाए और समायोजन की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ की जाए. हमारा संघर्ष न्याय के लिए है. जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

नवा रायपुर के तूता धरना स्थल में अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठे बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने कहा, नौकरी के बदले नौकरी चाहिए. हमें समायोजन किया जाए. इसमें हमारी क्या गलती है. भर्ती प्रक्रिया राजपत्र में प्रकाशित हुआ. जो नियम क़ानून बने उसके आधार पर हम लोगों ने परीक्षा दी. परीक्षा पास होकर अच्छे अंक लाए तब जाके नौकरी मिली थी. जब भर्ती लेने वाले दोषी नहीं है तो हम कैसे दोषी हो गए ? सरकार की ओर से गठित कमेटी की अब तक रिपोर्ट नहीं आई है. जब तक नौकरी नहीं मिलेगी तब तक यहां से नहीं उठेंगे.
मानसिक रूप से हो चुके हैं परेशान
बर्खास्त शिक्षकों ने कहा, 15 महीनों तक हमने नौकरी की है. चुनाव में भी ड्यूटी लगाया गया था. नौकरी से निकाले जाने से आज मानसिक आर्थिक रूप से परेशान हो चुके हैं. समाज में तंज कसा जा रहा है. हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि क्या परीक्षा देना हमारी गलती थी ? परीक्षा में ज़्यादा नंबर लाना क्या हमारी गलती थी ? जब तक हमें समायोजन नहीं किया जाएगा, हमारी नौकरी हमें नहीं लौटाई जाएगी तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा.
विनियोग विधेयक पर चर्चा, भूपेश बघेल ने कहा- लोग आज चिंतित हैं कि इस प्रदेश का क्या होगा?
रायपुर। विधानसभा में गुरुवार को विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अलग-अलग मुद्दों पर सरकार के खिलाफ तीखा हमला किया, तो वहीं दूसरी ओर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मोर्चा संभालते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब छत्तीसगढ़ में किसी भी आदमी को नग्न प्रदर्शन नहीं करना पड़ेगा.
विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा के फायरब्रांड विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जीडीपी राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है. जीएसडीपी को दोगुना करने का सरकार का लक्ष्य है. पिछली सरकार पांच साल में बेरोजगारी की परिभाषा तय नहीं कर पाई थी. प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 62 हज़ार रुपए हुई है. राजस्व वृद्धि 13.8 फीसदी अनुमानित है, जो पिछली सरकार की तुलना में ज्यादा है. 2023-24 में सकल घरेलू उत्पाद में 9.7 फीसदी की वृद्धि हुई है.
उन्होंने कहा कि जनसंख्या घनत्व के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान दिए जाने की जरूरत है. सामाजिक सुरक्षा, पेंशन पर ध्यान दिया जाना है. विभागों में बजट में वृद्धि की गई है. बजट प्रबंधन में छत्तीसगढ़ को दिल्ली से 4 हज़ार 400 करोड़ रुपए का इंसेंटिव दिया गया है. 5.62 लाख भूमिहीन लोगों को दस हज़ार रुपए वार्षिक की राशि दी जाएगी. पहली किस्त दे दी गई है.
नई औद्योगिक नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है. यह सेक्टर दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता क्षेत्र है. कुपोषण की दर घटाने में पिछली सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया. बस्तर ओलंपिक का जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात में किया था. अब बस्तर में बस्तर पंडुम का आयोजन किया जा रहा है.
मार्च 26 में नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य है. एक साल में तीन सौ नक्सली मारे गए. एक हज़ार नक्सलियों ने सरेंडर किया. राज्य बनने के बाद जब गीदम में नक्सली हमला हुआ तब थाने को लूटकर नारा लगाया गया था ‘अजीत जोगी जिंदाबाद’. अब कांग्रेस बताए कि नक्सलियों से क्या रिश्ता है?
पीएससी घोटाले का जिक्र करते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि टामन सोनवानी के साला-साली का नाम भी पीएससी घोटाले में आ गया. सोनवानी के दोस्तों का भी नाम आ गया. टामन सोनवानी के खिलाफ सचिव स्तरीय जांच थी जिसे खत्म किया गया. यह आरोप है. बाद में उसने राज्य के सैकड़ों युवाओं का सपना तोड़ा गया. ऐसे लोग अब कह रहे हैं कि बजट क्यों दिया जाए.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने बयान दिया कि अगला चुनाव टी इस सिंहदेव के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा. न जाने कौन सी दहशत में आ गए कि अगले दिन अपना बयान बदल दिया. दरअसल, कांग्रेस हार से उबर नहीं पाई है. ये बजट तक पहुँचे ही नहीं हैं. मेरा दल, मेरे नेता बेसब्री से इतंजार कर रहे हैं कि भारतमाला प्रोजेक्ट में वह कोर्ट कब जाएँगे?
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने इस पर कहा कि हम कोर्ट भी जाएँगे. प्रधानमंत्री को भी चिट्ठी लिखेंगे. अब तक मैंने ये नहीं कहा है कि आपके परिवार का नाम भी आ रहा है. इस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि अब कानून का राज इस प्रदेश में चलेगा. किसी व्यक्ति की स्वेच्छाचारिता नहीं चलेगी.
उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का बयान आया है कि उसकी जमीन पर अवैध कब्जा है. मैं उनका नाम जानता हूं, तो भूपेश बघेल भी जानते होंगे. 2019 से 2022 तक 519 किसानों ने आत्महत्या की थी. उनके ही क्षेत्र पाटन में एक किसान परिवार में पांच लोगों ने आत्महत्या कर लिया था. पिछली सरकार में कृषि भूमि का रकबा घट गया. सिंचाई क्षमता में कमी आई. किसान मरते रहे आप लोग क्या करते रहे. शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर में बढ़ोतरी हो गई.
अजय चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसी आदमी को अब नग्न प्रदर्शन नहीं करना पड़ेगा. लोगों का जीवन सुगम नहीं था. अब ये बजट लोगों के जीवन को सुगम करेगा, इसलिए ही सरकार सुशासन एवं अभिसरण नाम का 58 वाँ विभाग बनाया गया है. हम बजट लेंगे, क्योंकि जनता का जनादेश हमारे पास है. नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना शुरू की गई थी, लेकिन एक रुपए भी बजट का प्रावधान नहीं किया गया था. केंद्रीय फण्ड से एक हज़ार करोड़ रुपए डायवर्ट किए गए थे.
उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट कहती है कि पिछली सरकार में बिजली उत्पादन में कमी आई थी. बोधघाट परियोजना को लेकर कहा गया था कि हम बनायेंगे. हम कहते थे, नहीं बन सकती. उसका क्या हुआ? बलौदाबाजार में किस समाज का कार्यक्रम था. मंच पर किन लोगों को जाना चाहिए था. किसने फंडिंग की थी? अब जेल के भीतर गए हैं तो निर्दोष कहा जा रहा है. अपराधियों के साथ राजनीति करना छत्तीसगढ़ की फितरत नहीं रही है. जो लोग प्रशासन में काम करते थे, और जेल में हैं, देश की सर्वोच्च अदालत भी उन्हें बाहर आने नहीं दे रही है.
इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले बजट में ही 50 फीसदी से भी कम खर्च किया गया है. आपको बजट क्यों चाहिए? इस साल बजट का आकार बस बढ़ गया है. इस बजट पर न मंत्रियों को विश्वास है और न ही अधिकारियों को. क्यूंकि ये बजट सिर्फ आकार बढ़ाने वाला है. खर्च तो होगा नहीं. कई योजनाओं को बंद कर दिया गया है. सरकार को आख़िर बजट क्यों दिया जाए. जब कुछ करना नहीं है.
उन्होंने कहा कि कचरू साहू के मामले में कह दिया गया कि आत्महत्या नहीं है. जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर दोबारा पोस्टमार्टम हुई तब स्पष्ट हुआ कि हत्या है. दोषी एसपी पर क्या कार्रवाई हुई? देश के इतिहास में पहली बार कलेक्ट्रेट-एसपी कार्यालय जला दिया गया. कलेक्ट्रेट जलने के बाद दो दिनों तक मलबा हटाने वाले मजदूर की ही गिरफ्तारी कर दी गई. ये कहते हुए कि उसका मोबाइल लोकेशन घटना स्थल पर मिल रहा है. जब कलेक्ट्रेट-एसपी कार्यालय जला दिया जा रहा है तो फिर सरकार को किस बात के लिए पैसा दिया जाए.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में विकास का एक काम भी नहीं हुआ है. विधायक तरस गए हैं कि उनके इलाक़ों में कम से कम एक ईट तो रख दी जाए. मुख्यमंत्री के शपथ लेने के पहले ही जंगल काटना शुरू हो गया. ये कौन सी अदृश्य शक्ति है. कोयले को लेकर हम पर 25 रुपए लेने का आरोप लगाया. सरकार में आ गए हैं. एक व्यक्ति के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं हुई. अब बाजार में चर्चा है कि 50 रुपए लिया जा रहा है.
भूपेश बघेल ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में लोग चिंतित है कि इस प्रदेश का क्या होगा? बड़े बड़े विद्वान यहाँ बैठते थे. इस बात की चिंता करते थे कि प्रदेश का क्या होगा? प्रधानमंत्री आ रहे हैं. सीपत में पॉवर प्लांट का शिलान्यास करने वाले हैं. राज्य में बीस हज़ार मेगावाट के प्लांट शुरू होने वाले हैं. सिर्फ एससीईएल का कोयला काफ़ी नहीं होगा. नए खदान शुरू करने होंगे. जंगल में रहने वाले आदिवासी बेदख़ल होंगे.
उन्होंने कहा कि इतने पॉवर प्लांट लगेंगे तो यहाँ की भूमिगत जल की स्थिति क्या होगी. पूरे प्रदेश का तापमान बढ़ जाएगा. पॉवर प्लांट से निकलने वाले राखड़ का डिस्पोजल नहीं हो रहा है. यहाँ में खेत पानी की स्थिति कैसी होगी? यह बंजर हो जाएगा. जंगलों के उजड़ने का सबसे ज्यादा नुक़सान किसका होगा? सिर्फ आदिवासियों का. आदिवासी मुख्यमंत्री बना दिया गया है. सिर्फ़ ये बताने में लिए कि हमने आदिवासी मुख्यमंत्री दिया है.
भूपेश बघेल ने कहा कि ये स्थिति चिंताजनक है. राज्य की प्राकृतिक संपदा हमे अपनी पीढ़ियों के लिए बचाकर रखना चाहिए. प्रदेश में जो अदृश्य शक्ति काम कर रही है. ये बेहद चिंताजनक है. मंत्री तो मंत्री अधिकारी कह रहे हैं कि दिल्ली से फ़ोन आएगा तो काम होगा. एक नंबर, दो नंबर से बात करा दो. काम हो जाएगा. राज्य के किसी मंत्री के कहने पर कोई काम नहीं होता. पिछली सरकार की योजनाओं से सरकार बाहर नहीं निकल पा रही है.
उन्होंने अपना हमला जारी रखते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में स्थिति क्या है? 40 लाख मीट्रिक टन धान की बाज़ार में नीलामी की जा रही है. जब 3100 रुपए देने का फ़ैसला लिया गया है तो भारत सरकार की ज़िम्मेदारी है कि पूरा चावल ले. हमारी सरकार में वक्त नियम कुछ और था और आज नियम बदल दिया गया है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सदन में महानदी जल विवाद पर चर्चा हुई थी. महानदी जोड़ने की बात ओडिशा सरकार की आपत्ति की वजह से धरी की धरी रह गई. अब तो ओडिशा में भाजपा की सरकार है और दिल्ली में भी भाजपा की सरकार है. ऐसे में अब इस विवाद को समाप्त कर लिया जाना चाहिए. यदि नहीं कर पाए तो ये आपकी नाकाबिलियत है.
भूपेश बघेल ने कहा कि धान के मुद्दे पर हम आपसे साथ प्रधानमंत्री के पास चलेंगे. पूरा सदन चलेगा. 40 लाख मीट्रिक टन चावल बाजार में बेचने से साढ़े तीन हज़ार करोड़ रुपए का नुक़सान होगा. यदि आज आप लड़ेंगे तो आगे नतीजे आयेंगे. दलगत भावना से ऊपर उठकर हम काम करेंगे.
पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 22 माओवादी ढेर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सीएम साय और उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जवानों को दी बधाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. जवानों ने बस्तर संभाग में आज सुबह से चल रही मुठभेड़ में अब तक कुल 22 नक्सलियों को मार गिराया है. बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भारी मुठभेड़ हुई, जिसमें अब तक 18 नक्सली ढेर कर दिए गए हैं. सुरक्षा बलों ने मौके से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है. इस मुठभेड़ में बीजापुर DRG का एक जवान शहीद हो गया. इसके अलावा कांकेर-नारायणपुर सरहदी इलाके में भी सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जहां 4 नक्सली मारे गए हैं. फिलहाल, दोनों ही इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है. सुरक्षाबलों की इस बड़ी कामयाबी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गृह मंत्री विजय शर्मा ने जवानों को बधाई दी है.
मोदी सरकार का नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जवानों को बधाई दी है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नक्सलमुक्त भारत अभियान’ की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है. छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षा बलों के 2 अलग-अलग ऑपरेशन्स में 22 नक्सली मारे गए. मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच से आ बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है. अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है.
मुख्यमंत्री साय बोले – मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म होगा
नक्सल मुठभेड़ मामले में मिली सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जवानों को बस्तर में बड़ी सफलता मिली. दो मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए हैं. जवानों के साहस को नमन करते हैं. सुरक्षा बल के जवान मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रहे हैं. बस्तर की खूबसूरती को लोग जल्द देख पाएंगे, अब ज्यादा समय नहीं लगेगा. मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म होगा. गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प पूरा होगा. बस्तर स्वर्ग है, जहां देश-दुनिया के लोग जा पाएंगे. प्रदेश में डबल इंजन सरकार के होने का फायदा हो रहा है. समन्वय के साथ नक्सलियों से लड़ पा रहे हैं.
जवानों के साहस को सलाम : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शांति और विकास की राह में बाधा बनने वालों के खिलाफ हमारी कार्रवाई जारी रहेगी. कांकेर और बीजापुर-दंतेवाड़ा की इन मुठभेड़ों में हमारे बहादुर जवानों ने जो पराक्रम दिखाया है, वह अद्वितीय है. सभी जवानों के साहस को सलाम करता हूं. शहीद जवान को शत-शत नमन.
नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक युद्ध : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- 2026 तक नक्सलवाद का संपूर्ण खात्मा सुनिश्चित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के समूल उन्मूलन की दिशा में निर्णायक अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है. सुरक्षाबलों ने बीजापुर-गंगालूर और कांकेर-नारायणपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 नक्सलियों को मार गिराया. इनमें 26 नक्सली बीजापुर-गंगालूर में और 4 नक्सली कांकेर-नारायणपुर में ढेर हुए.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफलता को नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की वीरता और अदम्य साहस को नमन है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई मजबूती से जारी है. यह संघर्ष तब तक नहीं रुकेगा, जब तक प्रदेश पूरी तरह से नक्सलमुक्त नहीं हो जाता.
मुख्यमंत्री साय ने इस ऑपरेशन के दौरान डीआरजी के एक जवान की शहादत को नमन करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा. उन्होंने छत्तीसगढ़ को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. उनका यह त्याग व्यर्थ नहीं जाएगा.
2026 तक नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन – संकल्प की ओर तेजी से अग्रसर
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के संपूर्ण खात्मे के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की यह सफलता इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प पूरा होगा. प्रदेश का हर नागरिक भयमुक्त जीवन जिएगा. नक्सलवाद की अंतिम घड़ी आ चुकी है.
छत्तीसगढ़ में निर्णायक कार्रवाई का दौर जारी
प्रदेश में सुरक्षाबलों की लगातार सफल कार्रवाइयों से यह स्पष्ट हो चुका है कि नक्सलवाद का अंत अब निकट है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम केवल नक्सली गतिविधियों को रोकने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थायी शांति और विकास को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. छत्तीसगढ़ के हर नागरिक को सुरक्षित, भयमुक्त और समृद्ध जीवन देना हमारा लक्ष्य है.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार और सुरक्षाबल मिलकर निर्णायक युद्ध लड़ रहे हैं. यह केवल एक सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि एक नई, शांतिपूर्ण और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखने की मुहिम है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह निर्णायक युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक छत्तीसगढ़ पूरी तरह से नक्सलमुक्त नहीं हो जाता. सुरक्षाबलों की यह वीरता प्रदेश को नक्सलवाद के अंधकार से निकालकर स्थायी शांति और विकास के पथ पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी.
छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक पारित: वित्त मंत्री ओपी चौधरी बोले, GATI के इस बजट में पिछली सरकार के गड्ढों को पाटने का भी काम हम कर रहे
रायपुर। छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक सदन में पारित हुआ. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विनियोग विधेयक पर हुई चर्चा के जवाब में कहा कि सुशासन की वजह से हम गरीब कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाने में सफल हो पा रहे हैं. धान ख़रीदी, महतारी वंदन योजना, पीएम आवास योजना, भूमिहीन कृषक मजदूरों को देने वाली राशि की वजह से तीस हजार करोड़ का अतिरिक्त भार सरकार पर बढ़ा है. इसके बाद भी हमारी सरकार सुशासन के बूते सभी लक्ष्य पूरे कर रही है. पिछली सरकार के गड्ढों को पाटने में हमें GATI के इस बजट में 12 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं.
ओपी चौधरी ने कहा, 3 अप्रैल 2021 को सुकमा और बीजापुर के बॉर्डर पर 22 जवान शहीद हो गए थे, उस दिन टीवी पर माओवादी हमले में जवानों की शहादत की न्यूज चल रही थी और असम के गुवाहाटी में भूपेश बघेल हंसते हुए रोड शो कर रहे थे. आज नक्सलवाद पर कठोर प्रहार हो रहा है. आज ही 22 माओवादियों के शव प्राप्त हुए हैं. यह संख्या 30 तक पहुंच सकती है. इस तरह के राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप के बीच मैं कहना चाहता हूं कि इससे माओवादियों के खिलाफ हमारे संघर्ष पर दुष्प्रभाव पड़ता है. ये वो लोग हैं, जो सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगते थे.
आदिवासी विरोधी है कांग्रेस : ओपी चौधरी
चौधरी ने कहा, आज एक आदिवासी बेटे को राज्य ने मुख्यमंत्री के रूप में पाया है तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सहन नहीं होता. आजादी के बाद 56 सालों के इतिहास में कांग्रेस ने किसी आदिवासी को देश में सर्वोच्च पद पर नहीं बिठाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मौका मिलता है तो पहले दलित को और बाद में आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनाते हैं. इटली की महारानी ने राष्ट्रपति को पुअर लेडी कहकर अपमानित किया है. इससे साफ तौर पर झलकता है कि आदिवासी महिला का अपमान कांग्रेस कैसे करती है. इनकी नेता देश के सर्वोच्च पद पर बैठी आदिवासी राष्ट्रपति को पुअर लेडी कहती हैं.
‘छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाएंगे’
वित्त मंत्री ने कहा, आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर हैं, उसी दिशा में छत्तीसगढ़ भी आगे बढ़ रहा है. अपनी आजादी के बाद साउथ कोरिया के लोग डेवलपमेंट देखने भारत आए थे. उनका जनसंख्या घनत्व भारत देश से भी ज्यादा है. आजादी के वक्त भारत से भी ख़राब स्थिति थी. उनकी लीडरशिप मजबूत थी. वहाँ पार्क नाम का प्रेसिडेंट हुआ, जिसने विजन के साथ काम किया. 1945 के बाद से अब तक साउथ कोरिया की अर्थव्यवस्था एक लाख गुना बढ़ गई है. देश और दुनिया में साउथ कोरिया जैसे उदाहरण हैं. आज से 20-30 साल बाद जब भारत के विकसित राष्ट्र का ऐलान किया जाएगा तब कोरोना काल में नरेंद्र मोदी की उठाए गए कदम को याद किया जाएगा.
‘1970 में कांग्रेस ने गरीबी हटाओ का नारा दिया था पर गरीबी नहीं हटी’
ओपी चौधरी ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014-2024 तक देश की अर्थव्यवथा ने छलांग लगाई है. 2004 में भारत दसवें नंबर पर था. आज भारत की अर्थव्यवस्था पांचवे नंबर पर आ गया है. प्रधानमंत्री ने ऐलान किया है कि तीसरे कार्यकाल में यह अर्थव्यवस्था तीसरे नंबर पर आ जाएगी. विजन डाक्यूमेंट बनाकर हम आगे बढ़ रहे हैं. जब तक लक्ष्य तय नहीं होगा हम विकास नहीं कर सकते. अमित शाह के नेतृत्व में जब यह निर्णय लिया जाता है कि देश से नक्सलवाद खत्म करना है तो भाजपा की सरकार तारीख़ भी तय करती है. 1970 में कांग्रेस ने ग़रीबी हटाओ का नारा दिया था. गरीबी हटी नहीं. गुजरात मॉडल का जवाब देश की जनता लगातार देती आई है. देश ने नरेंद्र मोदी पर तीन बार भरोसा दिखाया है. गुजरात में 27 साल की सरकार के बाद भी जब चुनाव होता है तब जनता भाजपा को चुनती है. कांग्रेस को केवल 17 सीटें मिली हैं.
कांग्रेस के गरीब विरोधी होने का बड़ा उदाहरण आवास योजना : ओपी चौधरी
चौधरी ने कहा, नरेंद्र मोदी को जनता ने लगातार 24 सालों तक चुना है. कांग्रेस के ग़रीब विरोधी होने का बड़ा उदाहरण आवास योजना है, जिसे लगातार पांच साल तक सरकार में रहते हुए कांग्रेस ने छिन रखा था. 2002 से 2015 तक कुल पांच लाख 39 हज़ार इंदिरा आवास बनाया गया था. आज दो तीन सालों में हम 18 लाख आवास बनाने जा रहे हैं. गरीबों से आवास छीनने वाले लोगों को आज सच्चाई सुनने की हिम्मत रखनी चाहिए. 2011 के आर्थिक सर्वेक्षण की सूची में 6 लाख 99 हज़ार मकान स्वीकृत थे. जो अपूर्ण आवास थे उसमें 2 लाख 46 आवास थे. मुख्यमंत्री आवास के नाम पर शुरू की गई योजना में 47 हज़ार 90 आवास की एक किस्त ही दी थी. इन सबको जोड़ दें तो 18 लाख से ज्यादा आवास होते हैं. जब हम विपक्ष में थे तब हमने 18 लाख आवास बनाने का संकल्प लिया था. सरकार बनते ही पहली कैबिनेट की बैठक में आवास बनाने का पहला फैसला लिया गया था.
‘कांग्रेस ने महिलाओं को 502 देने का वादा किया पर एक रुपए नहीं दिया’
वित्त मंत्री चौधरी ने आगे कहा, हमने एक साल में ही किसानों को धान खरीदी की अंतर की राशि 13 हजार करोड़ रुपए किसानों के खाते में डाल दिया है. इस साल धान खरीदी के अंतर की राशि हमने किसानों को भेज दिया है. सवा साल के कार्यकाल में किसानों के खाते में एक लाख करोड़ रुपए अंतरित करने का काम किया है. महतारी वंदन योजना की बात होती है तब विपक्ष के लोग तरह तरह की बात करते हैं. 2018 के जन घोषणा पत्र में महिलाओं को पांच सौ रुपए देने का वादा किया था, लेकिन पांच साल की सरकार में पांच रुपए भी कांग्रेस ने नहीं दिया. महतारी वंदन योजना के तहत हम 70 लाख माताओं के खातों में राशि भेज रहे हैं. माताओं को जिन्होंने पाँच रुपए तक नहीं दिया उन्हें सवाल उठाने का नैतिक अधिकार भी नहीं है.
‘पूरे देश में बेस्ट थ्री परफार्मिंग स्टेट में छत्तीसगढ़ शामिल’
चौधरी ने कहा, आज भारत के युवाओं की माँग पूरी दुनिया में बढ़ रही है. जर्मन चांसलर ने प्रधानमंत्री के साथ बैठक में कहा है कि एक लाख भारतीय की ज़रूरत जर्मनी में है. छत्तीसगढ़ में युवाओं को बेहतर अवसर मिले, इसके प्रावधान इस बजट में किए गए हैं. युवाओं के स्किल डेवलप के लिए बजट में सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. सरकारी नौकरी में पिछली सरकार ने जितनी भर्ती की है उससे कहीं ज्यादा भर्ती हमारी सरकार करने वाली है. गरीब, गुवा, अन्नदाता के सपने को साकार करना है तो आर्थिक नीति की जरूरत है. हमने गति की अवधारणा पर इस बजट को फोकस किया है. तीव्र आर्थिक विकास होगा, बेहतर गवर्नेंस होगा तो रिवेन्यू अपने आप बढ़ेगा. जीएसटी ग्रोथ की दृष्टि से पूरे देश में बेस्ट थ्री परफार्मिंग स्टेट में छत्तीसगढ़ शामिल है.
‘पिछली सरकार ने बेरोजगारी भत्ते के नाम पर युवाओं से किया धोखा’
वित्त मंत्री ने कहा, सुशासन की वजह से हम गरीब कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाने में सफल हो पा रहे हैं. धान ख़रीदी, महतारी वंदन योजना, पीएम आवास योजना, भूमिहीन कृषक मजदूरो को देने वाली राशि की वजह से तीस हज़ार करोड़ का अतिरिक्त भार सरकार पर बढ़ा है. इसके बाद भी हमारी सरकार सुशासन के बुते सभी लक्ष्य पूरे कर रही है. पिछली सरकार के गड्ढों को पाटने में हमें इस बजट में 12 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं. पिछली सरकार ने बेरोजगारी भत्ते के नाम पर युवाओं से धोखा किया. जन घोषणा पत्र में कहा था कि दस लाख युवाओं को 25 सौ रुपए देंगे. पाँच सालों में 12 हज़ार करोड़ का बजटीय प्रावधान होता है, लेकिन पाँच सालों में बेरोजगारी भत्ते के नाम पर केवल 250 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था.
‘धान खरीदी पर कांग्रेस सरकार ने सदन को किया गुमराह’
चौधरी ने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री ने धान खरीदी पर सदन को गुमराह किया है. केंद्रीय पूल के चावल का कोटा 2018-19 में 28 लाख मीट्रिक टन था. 2022-2023 में इसे बढ़ाकर 61 लाख मीट्रिक टन कर दिया था. पिछली सरकार धान खरीदी केंद्र सरकार की वजह से ही कर पाई. बजट के ज़रिए हम दस नई योजनाएं, 20 नए संस्थान और 30 बड़े सुधार कार्यक्रम लेकर आ रहे हैं. अंदरूनी इलाकों में बस चलाने के लिए मुख्यमंत्री बस योजना हम शुरू कर रहे हैं. नदियों को जोड़ने, स्टेट कैपिटल योजना, मेट्रो के लिए सर्वे जैसे प्रावधान भी इस बजट में किए गए हैं. फ़ाइलों को डिजिटल तरीके से निपटान किया जाना शुरू किया जा चुका है. ऋण का कैलकुलेशन जीएसडीपी के रेशियो में होता है. यह 25 फ़ीसदी में नीचे होना चाहिए. हम 19 फ़ीसदी पर हैं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने इंटरव्यू में कह दिया है कि उनके पास तनख़्वाह देने तक के पैसे नहीं है.
ओपी चौधरी ने कहा, नेता-प्रतिपक्ष से पूछना चाहता हूं कि कांग्रेस सदन में सीबीआई जांच की मांग करती है और पार्टी कार्यालय में सीबीआई सहित सेंट्रल एजेंसियों के खिलाफ प्रदर्शन की बात कहती है. यह दोहरी राजनीति नहीं चलेगी. इसका जवाब नेता-प्रतिपक्ष को देना चाहिए. उन्होंने कहा, सदस्यों की ओर से जो महत्वपूर्ण सुझाव आए हैं उसे मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे. आगामी अनुपूरक में उसे शामिल करेंगे.
बीएड वालों को नौकरी से हटाया, उनकी तरफ भी ध्यान दें : नेता प्रतिपक्ष
विनियोग विधेयक पर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत ने कहा कि वित्त मंत्री जांजगीर में कलेक्टर हुआ करते थे. मुझे पता चला था कि रायगढ़ के खरसिया से हैं तो मुझे बेहद खुशी हुई थी कि एक गंवाइयां आ गया. उस वक्त आप नए बच्चों को सैनिक बनाने भेजा करते थे, लेकिन आज कई बच्चे हैं जो अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, उनकी ओर भी ध्यान दे दें. बीएड के बच्चे जिन्हें नौकरी से हटा दिया उनकी तरफ भी ध्यान दे दें. मैं समझता हूं कि वित्त मंत्री वित्त विभाग की असलियत से दूर जाकर बात कर रहे थे. जितनी राशि बजट में स्वीकृत की गई है उसे धरातल में आने में कितना वक्त लगेगा. इसका हम अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं.
महंत ने कहा, स्वच्छ भारत मिशन में चार सौ करोड़ का प्रावधान किया है. पिछले वर्ष दो सौ करोड़ का प्रावधान किया था. दिसंबर तक एक रुपए भी खर्च नहीं किया था. इसका अर्थ क्या होता है. 147 करोड़ रुपए जो खर्च किया जा रहा है ये 2023-24 की बची हुई राशि है. नालंदा परिसर के लिए 150 करोड़ का प्रावधान किया था. पिछला पैसा ही खर्च नहीं हुआ है. फ़ूड पार्क की स्थापना के लिए 17 करोड़ का प्रावधान किया था, सिर्फ 45 फ़ीसदी खर्च हुआ है. सहकारी गोदाम के निर्माण के लिए बजट में प्रावधान किया था. एक रुपए भी खर्च नहीं हुआ है. महिला बाल विकास में 146 करोड़ रुपए केंद्र परिवर्तित राशि है, जिसे खर्च नहीं किया गया.
‘उत्पादन 100 लाख मीट्रिक टन, 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी कैसे हुआ?’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, सरकार के 14 महीने निकल गए. कुछ तो उदाहरण प्रस्तुत करें. पांच साल में क्या किया, सिर्फ़ यही कहते रहे. 2047 के विजन डॉक्यूमेंट को क्या विधानसभा के पटल पर रखा है? यहां बैठे बहुत कम लोग बचेंगे 2047 तक. इसके बारे में हम सबको पता होना चाहिए. छत्तीसगढ़ के जंगल वन हमारी संपदा है. इसे बचाकर रखना बड़ी बात होगी. जब धान का उत्पादन 100 लाख मीट्रिक टन हुआ है तो फिर ख़रीदी 149 लाख मीट्रिक टन कैसे हो गया? हम शंका तो कर सकते हैं कि ये बाक़ी धान कहाँ का है ? पंजीकृत श्रमिकों का नाम मनरेगा से काट दिया गया है. गरीबों का रोजगार छीन रहे हैं. आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 17.9 था, जो इस साल घटकर 16 फीसदी रह गया है. सेवा क्षेत्र में हिस्सेदारी 10.43 था, जो अब घटकर 8.5 हो गया है. उद्योग में 10.1 फीसदी था, जो घटकर 9 फ़ीसदी हो गया है.
‘किसके कहने पर शक्कर कारखाने बंद करने की साजिश हो रही’
चरणदास महंत ने कहा, एक तरफ किसानों के आप हिमायती हैं और किसानों की ऋणमाफी योजना बंद कर दी. किसानों का ऋण वितरण कम कर दिया है. इस साल पूंजीगत व्यय में 18 फीसदी की है. ये अच्छी बात है, लेकिन पिछले वर्ष जो राशि रखी गई थी उसे खर्च क्यों नहीं किया गया. नक्सलियों के खिलाफ जवान बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं. ये अच्छी बात है, लेकिन पिछले साल 64 आम नागरिक भी मारे गए हैं. राज्य में शक्कर कारखाने बंद करने की साजिश हो रही है. जो लोग साज़िश रच रहे हैं ये किसके कहने पर हो रहा है. इसमें सरकार की नियत साफ नहीं है. इसकी गति को गुजरात की ओर बढ़ा रहे हैं कि वहां के व्यापारी आए और यहां की मिलों को ले लें. यदि ऐसा है तो यह गलत बात है.
महंत ने कहा, पिछली सरकार ने 70 हजार करोड़ का ऋण लिया है. जीएसटी की राशि से घटा भी दे तो 43 हजार करोड़ रुपए होता है. इतनी बड़ी राशि ऋण में लेने का क्या हश्र होगा. वित्त मंत्री इसे समझे. हमारी सरकार के शराब का जिक्र बार-बार करते हैं. अब सूखे नशे बढ़ गए हैं. पुलिस वाले नशा करने वाले को कितना भी मारे उसे पता नहीं चलता. इस नशे के बाद चाकू गोद गोद कर नशेड़ी दूसरों को मारता है. बेटा बाप को मार रहा है. लड़कियों की राह चलते इज्जत लूटी जा रही है. तंत्र को एआई से जोड़िये. कोई तांत्रिक है तो उसे लगाइए. उन्होंने कहा, हसदेव जंगल के पेड़ कट गए. कोयला भी निकलने लग गया है. मिनी माता बांगो में पानी कम हो गया है. रबी की फसलों के लिए पानी लेने पर कलेक्टर ने रोक लगा दिया है. पानी लेने पर कार्यवाही करने की धमकी दी गई है.
भारतमाला सड़क परियोजना सीबीआई जाचं हो : चरणदास महंत
चरणदास महंत ने कहा, भारतमाला सड़क परियोजना पर मैं आज भी सीबीआई जांच की मांग करता हूं. सरकार को सीबीआई जांच करानी चाहिए. मैं इस विषय पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखूंगा. कोर्ट भी जाऊंगा. मुझे सीबीआई पर भरोसा है. आप भी सदन में जांच की घोषणा कर दीजिए. उन्होंने कहा, कांग्रेस की सरकार में 43 हजार करोड़ का ऋण 5 साल में लिया गया. रमन सरकार के कार्यकाल के दौरान 41 हजार करोड़ का ऋण लिया. कुल ऋण 84 करोड़ हुआ था. विष्णुदेव साय सरकार में 34 हजार करोड़ का ऋण एक साल में लिया गया.
रायपुर नगर निगम की नवनियुक्त MIC की पहली बैठक, शहर के विकास के लिए सभी वार्डों में होगी अर्बन प्लानिंग कंसल्टेंट की नियुक्ति
रायपुर। नगर निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में महात्मा गांधी सदन के सभाकक्ष में नगर निगम परिषद (एमआईसी) की पहली बैठक आयोजित की गई. बैठक में नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, नवनियुक्त एमआईसी सदस्य और सभी विभागों के प्रभारी उपस्थित रहे.
बैठक में निगम के वित्त लेखा और अंकेक्षण विभाग द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान एवं 2024-25 के पुनरीक्षित बजट पर चर्चा की गई. सर्वसम्मति से बजट अनुमोदन की सिफारिश करते हुए इसे सामान्य सभा में विचारार्थ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए.
225.71 करोड़ के म्युनिसिपल बांड पर चर्चा
एमआईसी ने 225.71 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बांड जारी करने की अनुमति के संबंध में प्रस्ताव पर विचार किया और आवश्यक निर्देश दिए.
नगर निगम के लोककर्म विभाग द्वारा प्रस्तावित 70 वार्डों के लिए वार्ड एक्शन प्लान तैयार करने हेतु अर्बन प्लानिंग कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए आरएफटी (रिक्वेस्ट फॉर टेंडर) की स्वीकृति पर चर्चा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए.
पॉलीथिन प्रतिबंध पर सख्ती के निर्देश
महापौर मीनल चौबे ने रायपुर में पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर प्रतिबंधित पॉलीथिन पर प्रभावी रोक लगाने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए. उन्होंने नागरिकों को कपड़े, जूट, कांच एवं अन्य पर्यावरण-अनुकूल सामग्री के उपयोग के लिए प्रेरित करने का सुझाव दिया.
पहली बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा
इस पहली बैठक में रायपुर नगर निगम के बजट, म्युनिसिपल बांड, वार्ड एक्शन प्लान और पर्यावरण सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिससे शहर के विकास को गति मिलेगी.
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सुरक्षा बलों को दी बधाई, कहा – 2026 तक नक्सलवाद होगा समाप्त
रायपुर। बस्तर क्षेत्र में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 22 नक्सलियों के मारे जाने पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सुरक्षा बलों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद देश और छत्तीसगढ़ के विकास में सबसे बड़ी बाधा है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 2026 तक राज्य से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा, "मैं कामना करता हूं कि गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूर्ण खात्मा होगा, राज्य में शांति स्थापित होगी और विकास की गति तेज होगी।"
सांसद श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र में रेलवे और सड़क मार्ग के विस्तार से आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त होकर समृद्धि की ओर अग्रसर होगा।
राज्य में सरकारी योजनाओं के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हो रही कार्यशाला, नीति आयोग के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासन की प्रभावशीलता और योजनाओं की दक्षता को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य नीति आयोग एवं नीति आयोग (भारत सरकार) के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (डीएमईओ) के सहयोग से "मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन" विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह दो दिवसीय कार्यशाला 20 और 21 मार्च को आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की पारदर्शी, प्रभावी और डेटा-आधारित निगरानी सुनिश्चित करना तथा नीति निर्माण को अधिक परिणामोन्मुखी बनाना है।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यशाला में प्रमुख रूप से नीति आयोग, भारत सरकार की महानिदेशक निधि छिब्बर, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, योजना विभाग के सचिव अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया तथा डीएमईओ, नीति आयोग के निदेशक अबिनाश दास और देवी प्रसाद भुक्या उपस्थित रहे।
इस कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जिनमें सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर फोकस
डीएमईओ की विशेषज्ञ टीम ने सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन के आधुनिक तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान अधिकारियों को डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर प्रशिक्षित किया गया।
डीएमईओ के प्रशिक्षकों ने डेटा गवर्नेंस, गुणवत्ता संकेतक (Quality Indicators), परिणाम-आधारित निगरानी (Output-Outcome Based Monitoring) और मूल्यांकन प्रणाली जैसे विषयों पर सत्र लिए। उन्होंने बताया कि कैसे वैज्ञानिक रूप से योजनाओं की निगरानी कर उनके वास्तविक प्रभाव को मापा जा सकता है, जिससे शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बन सके।
लॉजिकल फ्रेमवर्क और डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स पर चर्चा
विशेषज्ञों द्वारा "आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क", "डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स" और "लॉजिकल फ्रेमवर्क" विषयों पर गहन परिचर्चा की गई।
राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से राज्य के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे अपनी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बना सकें।
डीएमईओ, नीति आयोग की महानिदेशक निधि छिब्बर ने कहा कि मॉनिटरिंग और इवैल्यूएशन (M&E) किसी भी प्रभावी शासन प्रणाली की आधारशिला है। भारत सरकार ने योजनाओं के प्रभावी मूल्यांकन और निगरानी के लिए डीएमईओ की स्थापना की है। राज्य में भी इसी तरह की संस्था बनाई जानी चाहिए। यह कार्यशाला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नीति-निर्माण में डेटा-आधारित दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यशाला से राज्य के अधिकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को बेहतर तरीके से मापने और विश्लेषण करने में सक्षम होंगे।
योजना विभाग के सचिव अंकित आनंद ने कहा कि
इस प्रशिक्षण से सरकारी योजनाओं की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा, जिससे राज्य के विकास कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी।
राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने कहा कि निगरानी और मूल्यांकन सुशासन का प्रमुख आधार है। राज्य नीति आयोग पहले से ही सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के लिए विभिन्न संकेतकों की निगरानी कर रहा है। इस कार्यशाला से डेटा संग्रह और निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। राज्य नीति आयोग और डीएमईओ, नीति आयोग, भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से आने वाले समय में इस तरह की और कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित नीति निर्माण और प्रभावी निगरानी प्रणाली को मजबूत करना है।
इस कार्यशाला से छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास और सुशासन को और अधिक गति मिलेगी।
फॉरेंसिक विज्ञान में बड़ी उपलब्धि : रायपुर बना NFSU का आधिकारिक परिसर, उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा- युवाओं को मिलेगा फॉरेंसिक शिक्षा में बेहतरीन अवसर
रायपुर। छत्तीसगढ़ को फॉरेंसिक विज्ञान क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राजधानी रायपुर स्थित परिसर को राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के आधिकारिक परिसर के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है.
यह महत्वपूर्ण निर्णय प्रदेश को फॉरेंसिक विज्ञान, अनुसंधान और जांच के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा. अब छत्तीसगढ़ में ही आधुनिक तकनीकों के माध्यम से फॉरेंसिक शिक्षा और अनुसंधान को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, जिससे न्याय प्रणाली को और प्रभावी बनाया जा सकेगा.
