रायपुर। कांग्रेसी ने बीती रात कोतवाली थाने में ईडी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित हेमंत चंद्राकर ने अपनी लिखित शिकायत में पूछताछ के नाम पर ईडी अधिकारी पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित और मारपीट का करने का आरोप लगाया है.
पीड़ित का कहना है कि ईडी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य लोगों के खिलाफ गवाही देने का दबाव बना रही है. राजधानी के रोहणीपुरम स्थित कंचनगंगा कॉलोनी के निवासी हेमंत चंद्राकर ने पुलिस को दिए अपनी लिखित शिकायत में बताया कि वह 29 सितंबर को सुबह 10.30 बजे प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर कार्यालय में पूछताछ के लिए गया था. पूछताछ रात 8.30 बजे तक चला, जिसके बाद मुझे अगले दिन फिर से आने को कहा.
चंद्राकर ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करने के साथ मानसिक तौर पर दबाव डाला कि वह यह स्वीकार करे कि भूपेश बघेल के लोग विजय भाटिया, रामगोपाल अग्रवाल, आशीष वर्मा, मंदीप चावला और उनके एजेंट आदित्य अग्रवाल, शाश्वत जैन, किशोर चंद्राकर, सतपाल सिंह छाबड़ा को कमीशन देकर कार्य किया गया है. इसके साथ ईडी अधिकारी पर जानबूझकर खुद के साथ अपने परिवार को उत्पीड़ित करते हुए अवैधानिक तरीके से बयान लेने का प्रयास करने का आरोप लगाया. थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ विधिसम्मत उचित कार्रवाई की मांग की है.
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा रविवार (28 सितंबर) को बिल्हा के मुक्तिधाम पहुंचे। जहां उन्होंने चारों तरफ अव्यवस्था और गंदगी देखी। वे किसी न्यायिक अधिकारी के पिता के निधन पर पहुंचे थे। जिसके बाद उन्होंने इस बदहाली पर संज्ञान लिया। हाईकोर्ट में इन दिनों दशहरा पर्व की छुट्टी चल रही है। बावजूद इसके चीफ जस्टिस ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई की और कहा कि मृत्यु के बाद शव का सम्मानजनक विदाई संवैधानिक और मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार, कलेक्टर और ग्राम पंचायत को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बिलासपुर के बिल्हा ब्लॉक के ग्राम रहंगी स्थित मुक्तिधाम का मामला है। दरअसल, हाईकोर्ट के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए बोदरी में आवासीय परिसर बना है। रविवार (28 सितंहर) को हाईकोर्ट के एक न्यायिक अधिकारी के पिता का निधन हो गया। लिहाजा, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा उनकी अंत्येष्टि में शामिल होने ग्राम पंचायत रहंगी के मुक्तिधाम पहुंचे थे। वहां की स्थिति देख चीफ जस्टिस हैरान रह गए। उन्होंने देखा कि मुक्तिधाम में कोई बाउंड्रीवॉल या फेंसिंग नहीं है। पहुंचने का रास्ता गड्ढों से भरा है और बारिश में पानी भर जाता है, जिससे लोगों का पहुंचना मुश्किल होता है। जगह- जगह झाड़ियां और जंगली घास है। जहां सांप और जहरीले कीड़ों के आने की आशंका है। सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। अंतिम संस्कार के बाद फेंके गए कपड़े, पॉलीथिन, शराब की बोतलें और कचरा इधर-उधर बिखरा पड़ा है। यहां कचरा फेंकने डिब्बा तक नहीं है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने इस अव्यवस्था को लेकर जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। दशहरा अवकाश के बीच सोमवार को उन्होंने इस मामले की सुनवाई की। इस दौरान राज्य सरकार पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही शासन, कलेक्टर और ग्राम पंचायत को अव्यवस्था दूर करने तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा है कि जब कोई व्यक्ति स्वर्गवासी होता है, तो उसके पार्थिव शरीर को सम्मानजनक विदाई मिलनी चाहिए। यह कोई वस्तु नहीं कि अमानवीय तरीके से निपटाया जाए। परिवार और रिश्तेदार भावनाओं से जुड़े होते हैं और शांत वातावरण में विदाई चाहते हैं।
राज्य सरकार की यह संवैधानिक जिम्मेदारी है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता की व्यवस्था करे। ऐसा न करना संविधान, नगरपालिका अधिनियम और पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन है। ऐसी स्थिति पूरे राज्य, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में है, जहां मुक्तिधाम को सबसे कम प्राथमिकता दी जाती है। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, पंचायत सचिव और बिलासपुर के कलेक्टर को व्यक्तिगत शपथ पत्र देने के निर्देश दिए हैं। केस की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।
रायपुर। कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम किशोरी में मिशन अमृत सरोवर के तहत नवीनीकृत हुआ तालाब आज ग्रामीण जीवन को नई दिशा दे रहा है। कभी अनुपयोगी हो चुका यह तालाब अब ग्रामीणों के लिए दैनिक निस्तार, पशुओं के पेयजल, खेती-बाड़ी और आजीविका संवर्धन का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है।
20 साल पुराने तालाब का कायाकल्प
ग्राम पंचायत किशोरी में लगभग 20 वर्ष पुराना तालाब लंबे समय तक उपेक्षा के कारण अनुपयोगी हो गया था। वित्तीय वर्ष 2022- 23 में पंचायत के प्रस्ताव पर इसे मिशन अमृत सरोवर के तहत पुनर्जीवित किया गया। करीब 10 लाख रुपये की लागत से तालाब का जीर्णाेद्धार कर इसकी जलभराव क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर 10 हजार घनमीटर कर दिया गया।
18 एकड़ खेतों में पहुंचा पानी
तालाब के पुनरुद्धार से आसपास के किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। किसान मनोज रक्सेल और अरविन्द सिंह की तीन-तीन एकड़, जबकि सुरेन्द्र, लक्ष्मण, वीरेन्द्र और आनंद की दो-दो एकड़ से ज्यादा भूमि अब सिंचित हो रही है। इसके अलावा जगबली यादव की लगभग सवा एकड़ ज़मीन भी इस सरोवर से सींची जा रही है। किसानों ने बताया कि अब वे खरीफ के साथ रबी की फसलें भी लेने लगे हैं, जिससे उनकी आमदनी में सुधार हुआ है।
महिलाओं की कमाई 75 हजार रुपए
ग्राम पंचायत ने अमृत सरोवर को आजीविका संवर्धन के रूप में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को लीज पर उपलब्ध कराया है। जय मां महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य महिलाओं ने इस तालाब से बीते ग्रीष्म में 75 हजार रुपये की मछली बेचकर लाभ कमाया। समूह की अध्यक्ष सोनकुंवर और सचिव जीराबाई ने बताया कि इस साल लगभग तीन लाख रुपए के मछली उत्पादन की उम्मीद है। यह पहल महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का जरिया और पोषण संवर्धन का साधन बन रही है।
खुशहाली का प्रतीक बना अमृत सरोवर
किशोरी ग्राम पंचायत का यह अमृत सरोवर आज केवल जल संरक्षण का साधन नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि और महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके जीवन में स्थायी परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी।
कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी।
यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500-13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा।
प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला पिछले दो वर्षों से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में लगातार चर्चा का विषय रहा है। करोड़ों रुपये के इस कथित घोटाले को लेकर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और ACB दोनों ही जांच कर रहे हैं। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब ACB ने सीधे कांग्रेस संगठन से सवाल पूछते हुए नोटिस जारी किया है।
कांग्रेस को जारी नोटिस
मिली जानकारी के अनुसार, एसीबी ने प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू को नोटिस भेजा है। नोटिस में शराब घोटाला मामले में कांग्रेस संगठन की भूमिका को लेकर जानकारी मांगी गई है। साथ ही पार्टी कार्यालय के कर्मचारी देवेंद्र डड़सेना के संबंध में भी तीन बिंदुओं पर सवाल पूछे गए हैं।
देवेंद्र डड़सेना का नाम क्यों आया सामने
शराब घोटाला की जांच के दौरान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी देवेंद्र डड़सेना का नाम सामने आया था। आरोप है कि डड़सेना ने कथित रूप से कुछ ऐसे दस्तावेजों और लेन-देन की जानकारी दी थी, जो सीधे तौर पर इस घोटाले से जुड़ सकती है। हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी कांग्रेस की ओर से सामने नहीं आई है।
तीन बिंदुओं में मांगी गई जानकारी
ACB ने नोटिस में जिन तीन बिंदुओं पर जानकारी मांगी है, उनमें मुख्य रूप से यह पूछा गया है कि –
देवेंद्र डड़सेना किस क्षमता में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से जुड़े हुए हैं।
शराब घोटाला मामले में उनके नाम के सामने आने के बाद पार्टी ने क्या कार्रवाई या स्पष्टीकरण लिया है।
घोटाले से संबंधित दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य गतिविधियों की जानकारी संगठन स्तर पर उपलब्ध कराई जाए।
कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नोटिस से कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब तक कांग्रेस इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाती रही है। लेकिन एसीबी का नोटिस पार्टी के संगठनात्मक ढांचे तक सवाल उठाता है, जिससे कांग्रेस को जवाब देना अनिवार्य हो गया है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में देर रात तक बार और क्लब संचालित करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देश के बाद रात 12 बजे के बाद भी चालू रहने वाले 7 बार के लाइसेंस को 3 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है।
बता दें कि जिन बार-क्लब का लाइसेंस रद्द हुआ है, उनमें जूक पब, मोका, फ्लोरेंस, हाइपर क्लब, रॉयल रिट्रीट, सेमरॉक और द सिमर्स बार शामिल हैं। इन सभी का लाइसेंस 3 दिनों के लिए निलंबित किया गया है। साथ ही अब नियमों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार लाइसेंस को पूरी तरह से निलंबित करने की चेतावनी भी दी गई है।
पुलिस ने 11 होटल, बार और कैफे संचालकों-मैनेजरों को किया गिरफ्तार
राजधानी के वीआईपी रोड व आसपास के क्षेत्र में नियम-कानून को ताक पर रखकर होटल, बार और कैफे चलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने बीते दिनों भी कार्रवाई की थी। आधी रात के बाद जांच करने निकली पुलिस टीमों ने 11 संचालकों-मैनेजरों को गिरफ्तार किया है। इतना ही नहीं, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर मंदिरहसौद, विधानसभा, माना, अभनपुर के 50 से ज्यादा होटल, ढाबा व फार्म हाउस संचालकों को भी अवैध नशा, गुमाश्ता एक्ट उल्लंघन और नो पार्किंग एरिया में ग्राहकों की गाड़ियां खड़ी करवाने जैसी गतिविधियों से दूर रहने व नियमों का पालन करने की नोटिस जारी किया गया है। ताकि आने वाले दिनों में नोटिस का उल्लंघन करने पाए जाने पर और कड़ी कार्रवाई की जा सके।
गौरतलब है कि पुलिस ने गुमाश्ता एक्ट का उल्लंघन पाए जाने पर पूर्व में डेढ़ दर्जन कारोबारी संस्थानों का लाइसेंस निरस्त करने नगर निगम व जिला प्रशासन को पत्र लिखा था। कई संस्थानों में अवैध रूप से नशे का सामान परोसे जाने की आशंका भी है।
रायपुर। रायपुर शहर के दीक्षा नगर एवं आसपास की 13 बस्तियों की वर्षो पुरानी पानी की समस्या जल्द ही ठीक हो जाएगी। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के ठक्कर बापा वार्ड अंतर्गत दीक्षा नगर स्थित गीतांजलि सोसायटी (उद्यान) में 19 करोड़ 60 लाख 74 हजार रुपए की लागत से बनने वाली पेयजल आपूर्ति परियोजना का भूमिपूजन किया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भूमिपूजन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना है। आज हुए भूमिपूजन वाले विकास कार्य के पूर्ण होने से दीक्षा नगर और आसपास के क्षेत्रों की वर्षों पुरानी पानी की समस्या का स्थायी समाधान बनेगी। दीक्षा ने कहा कि पिछले 20 महीने में 462 करोड़ रुपए विकास की राशि मिली है। यह केवल एक नगरीय निकाय से स्वीकृत हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक-एक गारंटी को पूरा करते जा रहे हैं। नगरीय निकाय के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नहीं आएगी। लोक निर्माण विभाग से कई सौ करोड़ के विकास कार्य हो रहे हैं। सभी विकास के कार्य जनता की मांग अनुसार कराए जा रहे है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि रायपुर नगर निगम के विकास के लिए जो भी प्रस्ताव आयेगा, उसके लिए सभी वार्डों को 50-50 लाख रुपए दिए जाएंगे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकास कार्यों की नई शुरुआत हो रही है। आज पानी टंकी का भूमि पूजन हुआ और दो साल में सबके घर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। सड़कों का विकास तेजी से हो रहा है, चौड़े-चौड़े सड़क बन रहे हैं। आज बाहर के लोग कहते हैं रायपुर की पहचान और तस्वीर बदल गई है। श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास के नए आयाम गढ़ रही है।
राजेश मूणत ने कहा कि स्वच्छ पेयजल बहुत बड़ी जरूरत है। सरकार तय सीमा में सभी कार्यों को पूरा करेगी। रायपुर के लिए सौगात की श्रृंखला शुरू हो गई है। जनता की मंशा के अनुरूप विकास कार्य हो रहे हैं। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि यह भूमिपूजन लंबे समय से हो रही पेयजल की समस्या से आमजनों को निजात दिलाएगी। स्वच्छ और नियमित पानी की सप्लाई हो सकेगी।
पांच हजार से अधिक की आबादी होगी लाभान्वित
गौरतलब है कि परियोजना के अंतर्गत 200 किलोलीटर क्षमता की उच्च स्तरीय पानी टंकी (25 मीटर स्टेजिंग) का निर्माण 2 करोड़ 37 लाख 14 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा। 600 मीटर आर.एम.टी. डीआई के-09 पाइपलाइन से रॉ वाटर पम्पिंग एवं राइजिंग मेन कार्य 81 लाख 13 हजार रुपए में होगा। डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने का कार्य 40,000 मीटर लंबाई में किया जाएगा, जिस पर 14 करोड़ 61 लाख 05 हजार रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा 1000 घरों तक घरेलू नल कनेक्शन और उतनी ही संख्या में वाटर मीटर लगाए जाएंगे, जिस पर 1 करोड़ 57 लाख 82 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। पेयजल आपूर्ति प्रणाली को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए पी.एल.सी. स्काडा ऑटोमेशन तकनीक भी लगाई जाएगी, जिसकी लागत 23 लाख 60 हजार रुपए होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने पर करीब पांच हजार से अधिक की आबादी को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, महापौर मीनल चौबे, पार्षद प्रमिला बल्ला साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
रायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं लोकनिर्माण मंत्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित दानवीर भामाशाह वार्ड में 337.01 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित शासकीय शशिबाला अंग्रेजी-हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि छात्राओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य की विष्णु देव सरकार अब सरकारी स्कूलों से 10वीं-12वीं पास करने वाली छात्राओं को आगे महाविद्यालयीन पढ़ाई करने के लिए 30 हजार रूपए की सहायता देगी। उन्होंने बताया कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश में छात्राओं को अब आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में नही छोड़नी पड़ेगी। छात्राएं अपनी पढ़ाई पूरी कर अपने सपने साकार कर सकेगीं।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने लोकापर्ण समारोह को संबोधित करते हुए नवीन विद्यालय के लिए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी। छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद के दौरान छात्रा अनुष्का शर्मा ने उपमुख्यमंत्री से पूछा आप बचपन में कैसे स्कूल में पढ़े ? जिस पर श्री साव ने बताया कि कक्षा तीसरी तक मैंने अपने गांव में पढ़ाई की। वह शासकीय भवन नहीं था, हमारे ही परिवार का एक कच्चा मकान था। हम अपने घर से चटाई ले जाते और बैठा करते। हर शनिवार को गोबर की पोताई भी हम करते थे। जबकि आज देखिए आपके लिए सरकार कितने भव्य और बड़े विद्यालय बना रही है। मेरा आप सभी से आग्रह है कि सरकार आपको आधुनिक सुविधायुक्त विद्यालय बनाकर दे रही है ताकि आप अपना पूरा ध्यान लगाकर खूब पढ़े और आगे बढ़े। इसलिए आपकी भी यह जिम्मेदारी है कि आप पूरा मन लगाकर अच्छी तरह पढ़ें और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा के बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रही है। अच्छे स्कूल बन रहे हैं, पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल मिल रहा है, छात्र-छात्राओं की जरूरतों का ध्यान रखकर विद्यालय का विकास किया जा रहा है। श्री साव ने बताया कि रायपुर शहर राजधानी के अनुरूप अवरुद्ध विकास को हमने तेज गति से विकास की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। रायपुर गारब्रेज फ्री सिटी में देश में चौथे नम्बर पर आया है, यह आप सभी के योगदान से सम्भव हुआ है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर हाइटेक शहर बन रहा है। यहां बाईपास, अच्छी और चौड़ी सड़कें हैं। उन्होंने आगे कहा कि नवनिर्मित यह स्कूल बड़ा ही भव्य और सुंदर बना है। सभी छात्र-छात्राओं के लिए हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब आप सभी छात्र-छात्राओं को अपना पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाना है। विधायक राजेश मूणत ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गरीब परिवारों की चिंता करने वाली सरकार है।
आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से युक्त नवनिर्मित विद्यालय
नवनिर्मित विद्यालय भवन में भूतल पर पाँच कक्षाओं के साथ दो स्टोर रूम, बालक एवं बालिका के लिए पृथक बाथरूम तथा पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रथम तल पर नौ कक्षाओं के साथ प्राचार्य कक्ष, स्टॉफ रूम, दो स्टोर रूम और पृथक बाथरूम का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार द्वितीय तल पर भी नौ कक्षाएँ, प्राचार्य कक्ष, स्टॉफ रूम, दो स्टोर रूम और पृथक बाथरूम बनाए गए हैं। साथ ही विद्यालय परिसर में 165 आर.एम.टी. शेड के साथ मुख्यद्वार, गार्डरूम, बाउंड्रीवाल, स्टेज, पेवर कार्य, पार्किंग टाइल्स, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, सम्पवेल निर्माण, सेप्टिक टैंक, ब्लैकबोर्ड, स्मार्ट क्लास तथा सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है।
इस मौके पर महापौर मीनल चौबे, नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर वार्ड पार्षद रामहिन कुर्रे एवं रमेश सिंह ठाकुर, नगर निगम आयुक्त सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” ने दूरस्थ वनांचलों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने का नया इतिहास रच दिया है। मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) क्षेत्र में पंजीकृत सभी 87 गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच (ए.एन.सी.) सफलतापूर्वक पूरी की गई है।
अभियान के अंतर्गत 15 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई, जिन्हें लोरमी मातृ एवं शिशु अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सोनोग्राफी सहित विशेष जांच उपलब्ध कराई गई।
पीवीटीजी समुदाय में सुरक्षित मातृत्व का संबल
जहाँ कभी बैगा समुदाय की महिलाएँ प्रसव के समय स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह जाती थीं, वहीं अब ए.एन.सी. जांच, पोषण परामर्श और संस्थागत प्रसव की तैयारी ने उनके जीवन में सुरक्षित मातृत्व की नई आशा जगाई है।
राज्य सरकार की 102 महतारी एक्सप्रेस और मोबाइल मेडिकल यूनिट की सेवाओं ने पहाड़ों और घने जंगलों के बीच रहने वाले बैगा समुदाय की महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच को सहज बनाया है। मितानिन और ए.एन.एम. की सतत भूमिका ने इन महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अभियान के दौरान केवल चिकित्सा सेवाएं ही नहीं दी गईं, बल्कि महिलाओं और किशोरियों में जागरूकता का प्रसार भी किया गया। उन्हें मासिक धर्म स्वच्छता, साप्ताहिक आयरन-फोलिक एसिड सेवन और संतुलित आहार पर परामर्श दिया गया। इसके साथ ही सिकल सेल, टीबी, ब्लड प्रेशर, शुगर, सर्वाइकल एवं स्तन कैंसर की प्रारंभिक जांच भी की गई।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) को 24 से 26 सितंबर तक विशेष रूप से संचालित किया गया। इस अवधि में प्रदेश के 843 शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से 51 हज़ार से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इनमें से 10 हज़ार से अधिक उच्च जोखिम गर्भावस्था (High-Risk Pregnancy) के मामलों की पहचान कर उन्हें समय पर विशेषज्ञ परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। साथ ही, 8,619 महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी भी की गई, जिससे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सटीकता और भरोसे को और मज़बूती मिली।
यह उपलब्धि राज्य सरकार की उस प्राथमिकता को दर्शाती है, जिसके तहत मातृ मृत्यु दर कम करने और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व की गारंटी देने का संकल्प लिया गया है। “छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी” की थीम पर आधारित यह अभियान केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी हिस्सा है, जिसने महिलाओं और परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व से जोड़ते हुए उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित किया है।
"स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रत्येक गर्भवती महिला, चाहे वह सुदूर वनांचल या पीवीटीजी समुदाय से हो, सुरक्षित मातृत्व सेवाओं से जुड़ सके। लोरमी के पीएम-जनमन क्षेत्र में सभी गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच इसी दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ा रहा है बल्कि मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में भी निर्णायक कदम है"
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
“राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। लोरमी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में 100 प्रतिशत प्रसव पूर्व जांच का लक्ष्य पूरा होना इस बात का प्रमाण है कि हमारी स्वास्थ्य सेवाएँ अब अंतिम छोर तक पहुँच रही हैं। बैगा जैसी पीवीटीजी समुदाय की महिलाओं तक सुरक्षित मातृत्व की सुविधा पहुँचना सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले समय में हम इस मॉडल को पूरे प्रदेश में और मजबूत करेंगे"
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने स्पेशल कोर्ट में फर्स्ट सप्लीमेंट्री चालान दाखिल कर दिया है। करीब 2000 पन्नों के इस चालान में घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे किए गए हैं और कई और अन्य जानकारियां कोर्ट को दी गई है। CBI ने टामन सिंह सोनवानी को इस घोटाले का मास्टरमाइंड बताया है। इसके अलावा चालान में आरती वासनिक, जनक राम ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आडील को आरोपी बनाया गया है।
सभी आरोपियों की भूमिका का विस्तार से उल्लेख करते हुए CBI ने सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत को जानकारी दी है। फिलहाल सभी आरोपी CBI की न्यायिक रिमांड में जेल में बंद हैं।
यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी।
जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं। CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई थी। इस घोटाले में अब तक कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 30 सितंबर को नवा रायपुर के महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें किसानों के लिए नई योजनाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। यह एक महीने में दूसरी कैबिनेट बैठक है, जिससे आम जनता को नई घोषणाओं की उम्मीद है।
बैठक का आयोजन
छत्तीसगढ़ सरकार की कैबिनेट बैठक सोमवार, 30 सितंबर को नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित होगी। बैठक दोपहर साढ़े 3 बजे शुरू होगी और इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। बैठक में प्रदेश सरकार के सभी मंत्री मौजूद रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कई ऐसे प्रस्ताव रखे जाएंगे, जिनका सीधा संबंध प्रदेश की जनता, विशेषकर किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से है। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की जाएगी:
-किसानों के लिए नई योजनाओं और सब्सिडी संबंधी निर्णय।
-आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए विशेष पहल।
-सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण से जुड़े प्रस्ताव।
-स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार।
-शिक्षा क्षेत्र में नए कार्यक्रम और योजनाएं शुरू करने पर विचार।
विकास परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में प्रदेश की विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि चल रही परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि आम जनता को शीघ्र लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने पहले भी अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता को नई घोषणाओं की उम्मीद
कैबिनेट बैठक को लेकर प्रदेश की जनता में उत्सुकता है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनके लिए नई रियायतों और सब्सिडी संबंधी फैसले ले सकती है। वहीं स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई योजनाओं के एलान से आम नागरिकों को सीधा फायदा मिल सकता है।
एक महीने में दूसरी बैठक
गौरतलब है कि इस महीने कैबिनेट की यह दूसरी बैठक है। इससे पहले 9 सितंबर को हुई बैठक में सभी 14 मंत्री शामिल हुए थे। उस दौरान प्रशासनिक सुधारों और जनहित से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी थी। लगातार बैठकों से यह संकेत मिल रहा है कि सरकार तेजी से फैसले लेने और उन्हें लागू करने के मूड में है।
रायपुर। राजधानी रायपुर के नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज शहर के तीन प्रमुख स्थलों पर तीन नए ओवरपास का शिलान्यास किया। इन ओवरपास के निर्माण पर कुल 117 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। इसी तरह ठक्कर बापा वार्ड में 19.60 करोड़ पानी टंकी और दानवीर भामाशाह वार्ड, शुक्रवारी बाजार में 3.37 करोड़ रुपए की लागत से बने नए शाला भवन का भी भूमिपूजन किया गया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इन ओवरपास का निर्माण राजधानी में बढ़ती जनसंख्या और यातायात के दबाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “इन पुलों के बनने से न केवल यातायात की समस्या कम होगी, बल्कि नागरिकों को समय की बचत और रोजमर्रा की यात्रा में सुविधा भी मिलेगी। यह क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांगों में से एक थी और आज हम इसे पूरा करने में सफल हुए हैं।”
बता दें कि रिंग रोड क्रमांक-2 पर बनने वाले इन ओवरपास से शहर के व्यस्त मार्गों पर यातायात सुगम और सुरक्षित होगा। पुलों का विवरण इस प्रकार है:
-जरवाय मार्ग (बंगाली होटल के पास): 23 करोड़ 89 लाख 49 हजार रुपए
-हीरापुर चौक: 49 करोड़ 40 लाख 10 हजार रुपए
-सरोरा चौक (रिलायंस पेट्रोल पंप के पास): 43 करोड़ 76 लाख 48 हजार रुपए
अरुण साव ने यह भी बताया कि पिछले चार महीनों में रायपुर नगर निगम को 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विकास कार्यों के लिए दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 20 महीनों में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं, 700 से अधिक टेंडर जारी किए जा चुके हैं, और इस वर्ष सड़कों के कायाकल्प पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हमारा संकल्प है – सबका विकास, सबका साथ, सबका विश्वास और सबका प्रयास। हमने यह संकल्प लेकर सरकार में कदम रखा है और इसे साकार करने में लगातार काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ का यह रजत जयंती वर्ष है और हम इसे विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मील का पत्थर बनाएंगे।”
राष्ट्रीय विकास और प्रधानमंत्री की सोच
अरुण साव ने GST सुधारों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ नागरिकों को GST सुधारों का लाभ मिलेगा और प्रधानमंत्री भारत को विकसित बनाने के लिए सुसंगठित कार्ययोजना के तहत लगातार प्रयास कर रहे हैं।
अंत में उन्होंने राजधानीवासियों को नवरात्रि और दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ विकास करना नहीं बल्कि हर नागरिक की रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार लाना है।
जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को एक और बड़ी सौगात दी है। उनकी घोषणा अनुरूप जिले के बागबहार में विश्राम गृह भवन के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 1 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि इस कार्य हेतु मंजूरी मिली है, जिसका निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू की जाएगी।
गौरतलब है कि जिले के फरसाबहार में भी विश्राम गृह निर्माण के लिए 1 करोड़ 72 लाख रुपए मंजूरी मिल चुकी है। बागबहार क्षेत्र में लंबे समय से विश्राम गृह की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, अब इस भवन के निर्माण से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी,बल्कि विभिन्न सरकारी-अर्धसरकारी कार्यक्रमों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। लगातार सड़कों, पुल-पुलियों, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में बागबहार को यह सौगात मिली है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बागबहार में विश्राम गृह बनने से क्षेत्र का गौरव बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही सुविधा की कमी पूरी होगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर हो रहा है तत्काल अमल
यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई घोषणाओं पर तत्काल अमल हो रहा है। यही कारण है कि जिले में एक के बाद एक विकास कार्यों को मंजूरी मिल रही है और आमजन सीधे तौर पर इसका लाभ मिल रहा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में 12वीं तक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए एक अहम योजना की घोषणा की है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने जानकारी देते हुए बताया कि जो लड़कियां सरकारी स्कूल से पास होकर कॉलेज में दाखिला लेंगी, उन्हें पढ़ाई के लिए सरकार हर साल 30 हजार रुपए वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान करेगी।
डिप्टी सीएम अरुण साव अरुण साव ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य शैक्षिक अवसरों को बढ़ाना और छात्राओं की पढ़ाई को प्रोत्साहित करना है। “हम चाहते हैं कि सरकारी स्कूल की छात्राएं उच्च शिक्षा की ओर बढ़ें और किसी आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई बीच में न छोड़ें। इस योजना से हर छात्रा कॉलेज में बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगी।”
जल्द शुरू होगा पंजीयन
डिप्टी सीएम ने बताया कि इस योजना के लिए जल्द ही पंजीयन प्रक्रिया शुरू होगी। छात्राओं को ऑनलाइन या कॉलेज के माध्यम से पंजीकरण करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा “जो छात्राएं योजना के लिए पात्र हैं, उन्हें दस्तावेज़ जमा कर आवेदन करना होगा। प्रक्रिया आसान और पारदर्शी रखी जाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि राज्य में महिला सशक्तिकरण और अवसर समानता को भी मजबूत करेगी। योजना के तहत छात्राएं कॉलेज में पढ़ाई जारी रखते हुए आर्थिक रूप से भी सुरक्षित रहेंगी।
रायपुर। रायपुर जिले में संचालित अभिनव पहल प्रोजेक्ट "अनुभव" के अंतर्गत योग भवन, फुंडहर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक विशेष शैक्षणिक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में सहायक श्रम आयुक्त देवेन्द्र देवांगन ने छात्रों को समाजशास्त्र विषय की बारीकियों से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य युवाओं को प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभव से जोड़कर उनकी परीक्षा-तैयारी को सशक्त बनाना है।
सत्र के दौरान श्री देवांगन ने शोध के विभिन्न तरीकों जैसे अवलोकन, साक्षात्कार और प्रश्नावली पर विस्तार से चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने समाजशास्त्र के प्रसिद्ध चिंतक कार्ल मार्क्स की प्रमुख अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाया। यह शैक्षणिक सत्र करीब ढाई घंटे तक चला, जिसमें छात्रों ने गहरी रुचि दिखाई।
प्रोजेक्ट "अनुभव" का उद्देश्य युवाओं को प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभवों से जोड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मजबूत बनाना है। इस पहल के तहत जिले के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुए 570 करोड़ रुपये के कोल लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य सरकार को पत्र लिखा है। पत्र में 10 वरिष्ठ IAS-IPS अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है। यह पत्र मुख्य सचिव और ईओडब्ल्यू को भेजा गया है।
ईडी की जांच में सामने आया है कि 15 जुलाई 2020 को तत्कालीन खनिज निदेशक व निलंबित IAS समीर विश्नोई ने एक आदेश जारी किया, जिसमें आनलाइन कोल परमिट को आफलाइन मोड में बदल दिया गया। इसके बाद अवैध लेवी वसूली का खेल शुरू हुआ। घोटाले का मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी को माना जा रहा है, जिनके साथ निलंबित IAS समीर विश्नोई, रानू साहू और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया, अनिल टुटेजा का नाम भी सामने आया है।
EOW द्वारा दर्ज FIR के बाद जनवरी 2024 में इन सभी को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि वर्तमान में कुछ आरोपी जमानत पर हैं और प्रदेश से बाहर रह रहे हैं। ईडी की रिपोर्ट में कहा गया है कि परमिट का दुरुपयोग कर साजिश के तहत कारोबारियो से करोड़ों की अवैध वसूली की गई। हालांकि वरिष्ठ IAS-IPS के नामों का खुलासा नहीं हुआ है फिलहाल ED के पत्र ने सियासी हलचल मचा दी है।
रायपुर/दिल्ली। नवरात्रि के पावन अवसर पर भारतीय रेलवे ने बिहार को सात नई ट्रेनों की सौगात दी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन अमृत भारत समेत सात ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इसमें मुजफ्फरपुर-चरलापल्ली जंक्शन, दरभंगा-मदार जंक्शन और छपरा-आनंद विहार टर्मिनल तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में बिहार के रेल विकास की यात्रा पर प्रकाश डाला और इसे 'जीएसटी बचत उत्सव' से जोड़ा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा, "नवरात्रि के पावन पर्व पर पीएम मोदी ने 'जीएसटी बचत उत्सव' का उपहार दिया था और अब पीएम मोदी के नेतृत्व में रेलवे में तेजी से काम किया जा रहा है। इसी के तहत बिहार को आज सात नई ट्रेनों की सौगात दी जा रही है, जिनमें तीन अमृत भारत ट्रेनें शामिल हैं।"उन्होंने आगे कहा, "मुजफ्फरपुर-चरलापल्ली जंक्शन, दरभंगा-मदार जंक्शन और छपरा-आनंद विहार टर्मिनल के बीच तीन नई अमृत भारत ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा, चार पैसेंजर ट्रेनें भी आज से शुरू की गई हैं। पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में तेजी से विकास किया जा रहा है और मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले दिनों में बिहार नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।"
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छठ पूजा के लिए स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छठ पूजा के दौरान बिहार के लिए 12,000 विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है। इसके अतिरिक्त, 150 ट्रेनें रिजर्व रखी जाएंगी, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर संचालित किया जाएगा।" उन्होंने आगे कहा, "पीएम मोदी के नेतृत्व में रेलवे में तेजी से कार्य किया गया। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कदम उठाए गए हैं। एक लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट आज बिहार में चल रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में 1,899 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण किया गया है। अभी बहुत सारे प्रोजेक्ट रेलवे में चल रहे हैं, जैसे वंदे भारत और नमो भारत ट्रेनें, जो बिहार की अर्थव्यवस्था को गति देंगी।"
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल देर रात राजधानी रायपुर के देवपुरी स्थित गोदड़ीवाला धाम पहुंचे, जहाँ उन्होंने संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की 34वीं बरसी महोत्सव में शामिल होकर संत परंपरा को नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गोदड़ीवाला धाम में स्थापित संत गेला राम साहिब जी की प्रतिमा के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा – “यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की बरसी महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला। यहाँ देशभर से आए पूज्य संतों के दर्शन का लाभ मिल रहा है। मेरी कामना है कि छत्तीसगढ़ पर संतों का आशीर्वाद सदा बना रहे और घर-घर में खुशहाली एवं समृद्धि हो।”
मुख्यमंत्री ने बरसी महोत्सव में पधारे देशभर के संत-महात्माओं का छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि श्री गोदड़ीवाला संत बाबा हरदास राम जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहा है। उनके चरण पड़ने से छत्तीसगढ़ की यह धरा धन्य हुई है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि धाम परिसर में समय-समय पर आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर, स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर संत बाबा हरदास राम जी की शिक्षाओं और आदर्शों का जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बरसी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और सामाजिक सेवा का उत्सव है।
संत समाज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि राजिम में भगवान श्रीराम और माता सीता द्वारा स्थापित कुलेश्वर महादेव आज भी विराजमान हैं। भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास में से लगभग 10 वर्ष छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर व्यतीत किए। प्रदेशवासी भगवान श्रीराम को आज भी अपना भांजा मानते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन कराने हेतु ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ चला रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए।
बरसी महोत्सव में मुख्यमंत्री के साथ विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नन्द कुमार साहू, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अनिल थौरानी, ललित जयसिंह, श्रीचंद सुंदरानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।