प्रदेश
बिजली की मांग को लेकर आदिवासी ग्रामीणों का NH-130C जाम, 20 से अधिक गांव आज भी अंधेरे में
गरियाबंद। मैनपुर के आदिवासी बाहुल्य राजा पड़ाव इलाके में सैकड़ों लोग आज एक बार फिर नेशनल हाइवे 130 सी को जाम कर दिया है। इलाके के 8 पंचायतों के 30 गांव से पहुंचे 2 हजार से ज्यादा महिला पुरुष मिलकर हाईवे को जाम कर विद्युत विहीन 20 से ज्यादा गांवों में बिजली पहुंचाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई है।
बता दें कि उदंती सीता नदी अभयारण्य इलाके के कोर जोन में समाहित इन गांवों में अंडर ग्राउंड बिजली लगाने मंजूरी मिली थी पर अब तक बिजली नहीं पहुंची। जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने बताया कि उदंती सीता नदी अभयारण्य इलाके के कोर जोन में समाहित इन गांवों में अंडर ग्राउंड बिजली लगाने की मंजूरी मिली थी पर बजट के अभाव में अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।
मैनपुर ब्लॉक में राजापड़ाव क्षेत्र के 8 पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों ने बिजली के लिए सालभर में चौथी बार नेशनल हाइवे जाम किया है। प्रदर्शन कर रहे अम्बेडकरवादी समिति के अध्यक्ष पतंग नेताम, जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम व लोकेश्वरी नेताम ने बताया कि राजापड़ाव क्षेत्र भारत के संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्र (Scheduled Area) है, जहां पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम 1996 (PESA Act) लागू है। इस क्षेत्र में निवासरत आदिवासी समुदायों को संविधान के अनुच्छेद 244(1), पांचवीं अनुसूची और पेसा अधिनियम के अंतर्गत विशेष संरक्षण एवं अधिकार प्राप्त है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा, राजापड़ाव क्षेत्र की 8 ग्राम पंचायतों में से केवल 3 पंचायतों अड़गड़ी, शोभा एवं गोना में आंशिक रूप से विद्युतीकरण हुआ है, जबकि शेष 5 पंचायतों भूतबेड़ा, कुचेंगा, कोकड़ी, गरहाडीह एवं गौरगांव के ग्रामीण आज भी आजादी के 78 वर्षों बाद भी अंधकार में जीवन व्यतीत करने को विवश हैं। यह स्थिति संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 21 (सम्मानजनक जीवन का अधिकार), अनुच्छेद 21-क (शिक्षा का अधिकार), तथा अनुच्छेद 38 व 39 में निहित सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के प्रतिकूल है। विद्युत सुविधा आज केवल सुविधा नहीं बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, आजीविका एवं सूचना तक पहुंच का आधार बन चुकी है।
राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेंगे ग्रामीण
ग्रामीणों ने कहा, विद्युत का अभाव सीधे तौर पर बच्चों के शिक्षा अधिकार, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की सिंचाई क्षमता और आम नागरिक के जीवन के अधिकार को प्रभावित करता है, जिससे यह एक मूलभूत मानवाधिकार का विषय बन जाता है।
पूर्व में इन ग्राम पंचायतों के लिए विद्युतीकरण की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। काम प्रारंभ भी हुआ था, किंतु वर्ष 2023 के पश्चात बिना किसी स्पष्ट कानूनी अथवा प्रशासनिक आदेश के कार्य रोक दिया गया। यह सुशासन, विधि के शासन (Rule of Law) तथा प्रशासनिक उत्तरदायित्व के सिद्धांतों का उल्लंघन है। आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर राज्यपाल के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराने की बात कही है।
स्वामी विवेकानंद जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन, युवाओं से राष्ट्र निर्माण में आगे आने का आह्वान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के मौके पर प्रदेश के युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और विचार आज भी भारत की युवाशक्ति के लिए ऊर्जा, दिशा और आत्मविश्वास का सबसे बड़ा स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को यह विश्वास दिया कि वे स्वयं अपने भविष्य के निर्माता हैं। उनके विचारों ने सेवा, आत्मबल और राष्ट्रप्रेम को जीवन का उद्देश्य बनाने की प्रेरणा दी। आज जब भारत अमृतकाल की ओर अग्रसर है, तब विवेकानंद जी की शिक्षाएँ युवाओं को जिम्मेदार, आत्मनिर्भर और राष्ट्रहित के प्रति सजग नागरिक बनने का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि स्वामी विवेकानंद का जीवन रायपुर से भी जुड़ा रहा है। यहां की धरती पर बिताया गया उनका समय प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना और वैचारिक परंपरा को विशेष पहचान देता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वामी विवेकानंद के विचार आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के युवा उनके आदर्शों को अपनाकर समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर रायपुर में ‘स्वदेशी संकल्प दौड़’, युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सहभागिता का आह्वान
रायपुर। स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आज रायपुर के सुभाष स्टेडियम से स्वामी विवेकानंद सरोवर तक “स्वदेशी संकल्प दौड़” का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, स्वदेशी भावना एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने देश के युवाओं को जागृत करने का कार्य किया और यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी आवश्यक हैं। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न होकर चरित्र निर्माण का माध्यम होनी चाहिए।

कैबिनेट मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की युवा शक्ति उसका मेरुदंड होती है। भारत आज आज़ादी के अमृतकाल से गुजर रहा है और देश की जनसंख्या में युवाओं की बड़ी भागीदारी होना गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा शक्ति और ऊर्जा के बल पर आने वाला दशक भारत की उपलब्धियों को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के साथ संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने कहा कि युवा राष्ट्र निर्माण की धुरी हैं और स्वामी विवेकानंद सभी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने युवाओं से निडर, आत्मविश्वासी एवं आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र सेवा व समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में योगदान देने का आह्वान किया।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री वर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर स्वदेशी संकल्प दौड़ को रवाना किया गया तथा उपस्थित युवाओं को स्वदेशी और स्वदेशी जागरण का संकल्प भी दिलाया गया।
कार्यक्रम में धरसीवां विधायक अनुज शर्मा, निजी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष विजय कुमार गोयल, सचिव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग, उच्च शिक्षा विभाग डॉ. एस.भारतीदासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
सांसद संकुल विकास परियोजना से जनजातीय क्षेत्रों को मिलेगा विकास का नया मॉडल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सांसद संकुल विकास परियोजना की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय विकास को सांसद संकुल विकास परियोजना से गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने महत्वपूर्ण पहल की जा रही है, इससे जनजातीय क्षेत्रों से पलायन पर रोक लगेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने लगातार प्रयास किया जा रहा है। सांसद संकुल विकास परियोजना के तहत गांवों के क्लस्टर बना कर विकास का मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ लोगों को मिल रहा है। स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग द्वारा लोगों का कौशल विकास कर उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाना ही योजना का उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को धान का कटोरा कहा जाता है। हमारे यहां धान की कई किस्में हैं जिनके निर्यात की बड़ी संभावना है। कृषि के साथ ही मत्स्य पालन, बकरी पालन, गौ पालन, शूकर पालन से ग्रामीणों को जोड़ कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। हमारे जनजातीय लोग महुआ, इमली, चिरौंजी आदि वनोपज का पुश्तैनी रूप से उत्पादन करते आ रहे हैं, इनका वैल्यू एडिशन कर मार्केट से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य की नई उद्योग नीति में भी अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सांसद संकुल विकास परियोजना से जुड़े जनप्रतिनिधि और विकास सहयोगी सुनिश्चित करें कि जनजातीय क्षेत्रों में नई उद्योग नीति के लाभ भी मिलें। सांसद संकुल विकास परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की जाएगी।
बैठक में श्री वी सतीश ने सांसद संकुल विकास परियोजना की परिकल्पना और लक्ष्य से जुड़े बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर पलायन रोकने की दिशा में योजना के तहत महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इस योजना के तहत गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे जनजातीय बहुल राज्यों में आमजन, एनजीओ, जनप्रतिनिधि और सरकार के समन्वित प्रयास से समग्र विकास किया जा रहा है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि विभिन्न विभागों से जुड़े शासकीय अधिकारी भी संकुल से जुड़े गांवों के विकास में अपनी भूमिका का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। स्थानीय जरूरतों की बेहतर समझ से कौशल विकास कर लोगों को स्थाई रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकते हैं।
बैठक में रायगढ़ के लैलूंगा संकुल, सरगुजा के परशुरामपुर संकुल, बस्तर के बकावंड संकुल, बलरामपुर के माता राजमोहिनी देवी संकुल और केशकाल के धनोरा संकुल में योजना के तहत किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग, चिंतामणि महाराज, राधेश्याम राठिया, देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक रेणुका सिंह, गोमती साय, प्रसाद इंडेप, कपिल सहस्त्रबुद्धे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्यजन उपस्थित थे।
पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ा रात का तापमान, अगले 5–6 दिन ठंड से कुछ राहत के आसार
रायपुर। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाली नमी की वजह से अब दिन के साथ रात का तापमान भी बढ़ने लगा है. पिछले चौबीस घंटे में प्रदेश का न्यूनतम पारा एक से दो डिग्री तक चढ़ा है. अगले छह सात दिनों तक इसमें वृद्धि होने की संभावना है, हालांकि अभी ठंड का असर जारी है. शनिवार-रविवार की दरमियानी रात अंबिकापुर में 5, माना में 12 और रायपुर में 13 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया.
पिछले चौबीस घंटे में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, माना का 12 डिग्री, रायपुर का 13 डिग्री दर्ज किया गया. साथ ही दुर्ग और पेंड्रा का पारा 9.5 और 9.6 रिकॉर्ड किया गया.
जनवरी महीने में अब तक पड़ रही कड़ाके की ठंड से कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना बन गई है. राज्य में आने वाले नमीयुक्त हवा के असर से पिछले चौबीस घंटे में रात के पारा में थोड़ी बढ़ोतरी का दौर शुरू हो गया है. उत्तरी और मध्य हिस्से के शहरों में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है. आने वाले दिनों में पारा और चढ़ने के आसार हैं, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ का असर पांच से छह दिन रहने की संभावना है. रविवार को आसमान साफ होने की वजह से दिन में धूप का प्रभाव महसूस हुआ और पारा दो से तीन डिग्री तक चढ़ा.
ठंड पर अधिक असर नहीं : मौसम विशेषज्ञ
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सरगुजा इलाके में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से कम है, इसलिए ठंड पर ज्यादा असर नहीं होगा, मगर वाली जमने वाली बर्फ और शीतलहर के प्रकोप से कुछ दिन मुक्ति मिल सकती है. पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म होने के बाद एक बार ठंड की वापसी से इंकार नहीं किया जा रहा है.
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
12 जनवरी को राजधानी रायपुर में धुंध छाए रहने की संभावना जताई गई है. 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
मनरेगा नाम परिवर्तन के खिलाफ कांग्रेस का उपवास, चरणदास महंत बोले— गांधी की विरासत मिटाने की साजिश कर रही भाजपा
जांजगीर-चांपा। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। AICC के निर्देश पर आज प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकदिवसीय उपवास रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में जांजगीर जिले में अंबेडकर प्रतिमा के पास धरना दिया गया, जहां इस आंदोलन की अगुवाई छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने की। इस दौरान कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार पर महात्मा गांधी की विरासत को मिटाने का आरोप लगाया।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले गांधी जी का नाम आगे बढ़ाने के लिए सभी शासकीय योजनाओं से जोड़ा, स्कूल-कॉलेजों के नामकरण किए। उन्हीं गांधी जी को मिटाने के लिए भाजपा अब षड्यंत्र कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार से पूछा कि जब 100 दिन का रोजगार ही नहीं दिला सके, तो 125 दिन का रोजगार कहां से उपलब्ध कराएंगे। वहीं 40 प्रतिशत राज्यांश देने के लिए क्या इंतजाम करेंगे।

उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने से रोकने के लिए कांग्रेस पार्टी जिला से तहसील और ग्राम स्तर तक पहुंचकर विरोध करेगी और सड़क से सदन तक संघर्ष के लिए तैयार है।
विधायक बालेश्वर साहू की गिरफ्तारी पर बयान
इसके अलावा जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू की गिरफ्तारी को राजनीतिक षड्यंत्र बताया और उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, जल्दी ही बालेश्वर साहू जेल से बाहर आकर जनता की सेवा करेंगे। चरणदास महंत सोमवार को खोखरा जेल में जाकर विधायक बालेश्वर साहू से मुलाकात करेंगे।
वीबी जी-राम-जी गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है : अरुण सिंह
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी केप्रदेश कार्यालय में विकसित भारत जी-राम-जी जनजागरण अभियान को लेकर प्रदेशस्तरीय कार्यशाला आहूत की गई। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से कार्यशाला को संबोधित किया। प्रेजेंटेशन के माध्यम से वीबी-जी राम जी पर विस्तार से चर्चा करते हुए शू सिंह ने कहा कि गाँवों के सर्वांगीण विकास के लिए यह एक महत्वपूर्ण योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 लाया गया है, जो देश के गाँवों को विकसित बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह अधिनियम किसानों, मजदूरों और गरीबों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम मनरेगा योजना का उन्नत और अधिक प्रभावी रूप है और कई मायनों में इससे बेहतर है। मनरेगा में जहाँ 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। मजदूरी भुगतान अब सात दिनों के भीतर किया जाएगा। इससे मजदूरों को न्याय मिलेगा और भुगतान में देरी जैसी पुरानी समस्याओं का समाधान होगा। खेती-किसानी के कार्यों को सुरक्षित रखने के लिए बुआई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य रोके जा सकेंगे, ताकि किसानों को पर्याप्त मजदूर उपलब्ध हों और कृषि गतिविधियाँ प्रभावित न हों। श्री सिंह ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा - जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन। इस अधिनियम के माध्यम से कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास जैसी गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्र में समुचित रोजगार मिले, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता - किरण देव
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत जी राम जी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत-2047 की संकल्पना को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम होगा। विकसित भारत जी राम जी बिल को लोकसभा एवं राज्यसभा में पारित करने के लिए श्री मोदी एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद देते हुए श्री देव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को समुचित रोजगार मिले, इसी संकल्पना को पूरा करने के लिए यह योजना लाई गई है। कांग्रेस शासन काल में मनरेगा के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ और रोजगार के नाम पर लोगों से छलावा किया गया। जिन लोगों ने मनरेगा में काम किया, उनका भुगतान भी समय पर नहीं किया गया। श्री देव ने कहा कि विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 125 दिन की रोजगार के साथ ही 7 दिनों में भुगतान की सुविधा की गई है। भारत के समग्र विकास और देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इन योजनाओं का क्रियान्वयन किया है।
अच्छी योजनाएं राष्ट्र निर्माण की सीढ़ी होती है - अजय जम्वाल
भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत जी राम जी योजना भारत को एक नई पहचान दिलाएगी। इसलिए इस योजना को लेकर हमें जन जागरुकता लानी है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में इस योजना के लाभ को हमें बताना है। अच्छी योजनाओं और कार्यों को जनता तक पहुँचाने का कार्य हमें करना है। अच्छी योजनाएं राष्ट्र निर्माण की सीढ़ी होती है जो भ्रष्टाचार रूपी कीड़े को काटने का काम करती है। श्री जम्वाल ने आगामी कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की।
विकसित भारत की शुरुआत विकसित गाँव से होगी - रामविचार नेताम
प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2047 विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने के लिए लाया है। कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है। कांग्रेस को इस योजना से इसीलिए पीड़ा हो रही है क्योंकि इस योजना में भगवान राम जी का नाम जुड़ा हुआ है। श्री नेताम ने कहा कि विकसित गाँव से विकसित भारत की शुरुआत होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार को रोजगार मिले और उनका विकास हो, इस दिशा में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया। लोगों से काम लेने के बाद उनको समय पर भुगतान नहीं किया।
विकसित भारत जी-राम-जी अभियान के प्रदेश संयोजक एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कहा कि पहले मनरेगा में 100 दिन का रोजगार दिया जाता था जबकि वीबी जी राम जी में प्रत्येक परिवार को 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा। इसके पारिश्रमिक का भुगतान 7 दिनों के भीतर किया जाएगा। भुगतान में पूरी पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा इस योजना को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, पर हमें जन-जन को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी जन जागरूकता अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। प्रदेश स्तरीय कार्यशाला के बाद 13 जनवरी से 25 जनवरी तक जिलों कार्यशाला आयोजित की जाएगी। 10 फरवरी से 28 फरवरी तक ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
कार्यशाला का संचालन किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर ने किया एवं आभार विधायक एवं टोली के सदस्य नीलकंठ टेकाम ने माना। इस दौरान कार्यशाला में भाजपा प्रदेश महामंत्री द्वय अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, अभियान के टोली के सभी सदस्य, जिलाध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बिलासपुर में धर्मांतरण का आरोप: प्रार्थना सभा की आड़ में मतांतरण, पास्टर गिरफ्तार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बार फिर धर्मांतरण का मामला सामने आया है, जहां प्रार्थना सभा की आड़ में ग्रामीणों को प्रलोभन देकर मतांतरण कराने के आरोप लगे। मामले की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान पास्टर रामकुमार केवट को गिरफ्तार किया गया।
यह पूरा मामला मल्हार चौकी क्षेत्र के दबावपारा इलाके का है। जानकारी के अनुसार, प्रार्थना सभा के नाम पर 30 से 35 महिला, पुरुष और बच्चे एकत्रित किए गए थे। आरोप है कि ग्रामीण हिंदुओं को भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के लोग थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने पर मल्हार पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वहीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पास्टर रामकुमार केवट को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सक्ती जिले में अवैध धान परिवहन पर बड़ी कार्रवाई: 1450 कट्टा धान जब्त, कारोबारियों में हड़कंप
सक्ती। धान खरीदी के बीच अवैध धान परिवहन व भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर जिलेभर में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में डभरा, सक्ती और जैजैपुर क्षेत्रों में राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 1450 कट्टा अवैध धान जब्त किया है। इस कार्रवाई धान कारोबारियों और बिचौलियों में हड़कंप मच गया है।
अलग-अलग जगह की गई कार्रवाई
डभरा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विनय कश्यप के नेतृत्व में 10 जनवरी की रात लगभग 2 बजे देवरघटा से धुरकोट मार्ग पर पांच ट्रैक्टरों में अवैध रूप से धान का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। जांच में प्रत्येक ट्रैक्टर में लगभग 150-150 कट्टा धान लोड पाया गया, जिसके संबंध में वाहन चालकों द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। टीम ने पांचों ट्रैक्टरों सहित धान जब्त कर चौकी फगुरम में सुरक्षार्थ रखा है। प्रकरण में पंचनामा तैयार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इसके अलावा सक्ती में एसडीएम अरुण कुमार सोम के नेतृत्व में राजस्व एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम पोरथा निवासी मुकेश राठौर से लगभग 400 बोरी (करीब 150 क्विंटल) धान जब्त किया। वहीं जैजैपुर में 11 जनवरी की सुबह एक ट्रैक्टर और एक मासदा वाहन से 300 बोरी धान अवैध रूप से परिवहन करते हुए पकड़ा गया। दोनों वाहनों में लोड धान के संबंध में कोई अनुमति पत्र, मंडी रसीद या टोकन प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके बाद वाहनों सहित धान जब्त कर चौकी जैजैपुर में रखा गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अवधि में अवैध परिवहन और भंडारण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस प्रकार की कार्रवाइयां आगे भी निरंतर जारी रहेंगी, ताकि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी में 10 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन
रायपुर। विकास ही भाजपा सरकार का मूल मंत्र है। यही कारण है कि पिछले 2 साल में छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों की गति तेज हुई है। यह बात रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने रविवार को राजधानी में विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन के अवसर पर कही।
सांसद श्री अग्रवाल ने भनपुरी के यतियतन लाल वार्ड क्रमांक 4 में 10 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न स्थानों पर किए जाने वाले डामरीकरण और कंक्रीटीकरण कार्यों का भूमि पूजन किया।




मुख्य विकास कार्यों का विवरण:
₹479.44 लाख की लागत से पाटीदार भवन से रिंग रोड-2 तक लगभग 2 कि.मी. सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण।
₹296.59 लाख की लागत से वार्ड 4 में विभिन्न मार्गों का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण।
₹266.50 लाख की लागत से गोवर्धन नगर–गोविंद नगर, भनपुरी में 4.68 कि.मी. चतुर्दिक मार्ग का डामरीकरण, कंक्रीटीकरण और नाली निर्माण।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार के प्रयासों से रायपुर लोकसभा क्षेत्र समेत पूरे छत्तीसगढ़ में विकास की नई गति देखी जा रही है। इन कार्यों से क्षेत्र में धूल और कीचड़ की समस्या समाप्त होगी, यातायात सुगम होगा, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और संपत्ति के मूल्यों में सुधार आएगा।
उन्होंने आगे कहा, “विकास अब केवल घोषणा नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई दे रहा है। बेहतर सड़कें विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य का आधार हैं, भाजपा सरकार के प्रयासों से छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है और आज देश के लोग यहां व्यापार के लिए आ रहे हैं।”
इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, मंडल अध्यक्ष मनोज जोशी, जयंती भाई पटेल, केशुभाई पटेल, कृष्णा साहू, पार्षद नंद किशोर साहू, पार्षद अंबिका साहू, राजेश देवांगन, भगत राम, सोहन साहू, प्रमिला बल्ला साहू और मनोहर मनहरे भी उपस्थित रहे।
गौरा पूजा महोत्सव में सीएम साय की बड़ी घोषणाएं: बालको रोड बनेगा ‘जनजातीय गौरव पथ’, आदिवासी संस्कृति के संरक्षण पर जोर
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कोरबा जिले के महर्षि वाल्मीकि आश्रम, आईटीआई रामपुर में आयोजित गौरा पूजा महोत्सव एवं बैगा पुजेरी सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने गौरा-गौरी पूजन तथा बैगा पुजारी सम्मेलन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी समाज का अपना गौरवशाली इतिहास, विशिष्ट संस्कृति और समृद्ध परंपराएं हैं। बैगा और पुजेरी समाज आज भी इन परंपराओं के संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर आईटीआई चौक से बालको रोड का नाम ‘जनजातीय गौरव पथ’ रखने तथा इस मार्ग के प्रारंभिक बिंदु पर जनजातीय महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण इसलिए किया था ताकि यहां की सर्वाधिक जनसंख्या वाले आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाया जा सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समाज का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए 15 नवंबर शहीद बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित करते हुए धरती आबा उत्कर्ष योजना प्रारंभ की। इसके साथ ही पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास के दायरे में लाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आसीन हैं और छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री भी एक साधारण किसान परिवार से आने वाला आदिवासी समाज का बेटा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपये तथा पीएम जनमन योजना के लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ के 6,691 गांव लाभान्वित हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि पहाड़ी कोरवा, बिरहोर सहित अन्य पीवीटीजी समुदायों के उत्थान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। आदिवासी अंचलों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसके लिए राज्य में प्राधिकरण का गठन कर आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति दी जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने स्वयं भी वनवासी कल्याण आश्रम में कार्यकर्ता के रूप में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज आदिकाल से भगवान गौरागौरी के रूप में शिव-पार्वती के उपासक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के महापुरुषों के योगदान को स्मरणीय बनाने, उनकी स्मृतियों को सहेजने और नई पीढ़ी को उनके बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से नवा रायपुर में विशाल डिजिटल जनजातीय संग्रहालय स्थापित किया गया है, जिसमें महापुरुषों की जीवन-गाथाओं का सचित्र वर्णन किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को प्रोत्साहित करने हेतु बैगा, गुनिया और सिरहा को प्रतिवर्ष 5,000 रुपये की सम्मान निधि प्रदान की जा रही है। साथ ही सरना स्थलों का संरक्षण किया जाएगा, जो न केवल सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा करेगा बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकसित भारत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं, उसी प्रकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।उन्होंने कहा कि जिले में अनेक प्राचीन देवी-देवताओं के स्थल हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में विकसित कर पर्यटन के रूप में नई पहचान दी जा रही है।
कार्यक्रम में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी पनतराम भगत एवं बीरबल सिंह ने भी संबोधन दिया। इस अवसर पर महापौर संजू देवी राजपूत, पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
सूरजपुर में धान खरीदी घोटाला: सारारावां केंद्र से 80 लाख का धान गायब, प्रशासनिक जांच तेज
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से धान खरीदी केंद्रों से हेराफेरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. ताजा मामला भैयाथान तहसील के सारारावां धान खरीदी केंद्र का है, जहां करीब 80 लाख रुपये मूल्य का धान कम पाए जाने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है.
धान खरीदी के लिए अब कुछ ही सप्ताह शेष हैं. इसी को देखते हुए जिला प्रशासन की टीमें लगातार धान केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं. इसी क्रम में भैयाथान तहसीलदार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सारारावाँ धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया. यहां जब खरीदे गए धान की बोरियों की गिनती की गई, तो बड़ी अनियमितता सामने आई.
जांच में पाया गया कि चालू खरीदी वर्ष में इस केंद्र पर अब तक 4,842 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई है, जिसमें से 240 क्विंटल धान का उठाव हो चुका है. इस हिसाब से केंद्र में 40,602 क्विंटल धान मौजूद होना चाहिए था, लेकिन भौतिक सत्यापन में केवल 34,132 क्विंटल धान ही पाया गया. यानी केंद्र से 6,470 बोरी धान गायब है, जिसका कुल वजन करीब 2,588 क्विंटल आंका गया है. गायब धान की बाजार कीमत लगभग 80 लाख रुपये बताई जा रही है.
निगरानी समिति ने जब इस संबंध में समिति प्रबंधक से जवाब मांगा, तो वह कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका. इसके बाद निगरानी समिति ने पूरे मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए धान खरीदी केंद्र के संचालक के खिलाफ जांच शुरू कर दी है.
इस मामले में आशंका जताई जा रही है कि अवैध तरीके से किसानों के खातों में धान की बिक्री दर्ज की गई, जबकि वास्तविक रूप से धान की खरीदी हुई ही नहीं. वहीं यह भी संदेह है कि सरकारी धान की खरीद-बिक्री में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है. फिलहाल इस भारी कमी की असल वजह क्या है, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा. विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उधर, धान खरीदी को लेकर सरकार शुरू से ही गंभीर नजर आ रही है. प्रदेश के मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि लगातार धान केंद्रों का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुन रहे हैं. प्रशासन ने भी निरीक्षण के लिए कई टीमें गठित की हैं, लेकिन इसके बावजूद सूरजपुर जिले में अलग ही तस्वीर सामने आ रही है.
इसी जिले के रामानुजनगर तहसील में छिंदया धान केंद्र के निरीक्षण के दौरान तहसीलदार को करीब 3 हजार बोरी धान कम मिला था, जिसकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई. इसकी सूचना जिले के अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने जांच टीम गठित की. टीम में खाद्य अधिकारी, नोडल अधिकारी, तहसीलदार और पटवारी शामिल थे. दोबारा गिनती में सब कुछ सही पाया गया.
अब सवाल यह उठ रहा है कि पहले तहसीलदार द्वारा की गई जांच गलत थी या फिर बाद में गठित टीम की गिनती में चूक हुई. इस पूरे मामले ने प्रशासनिक जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
गौरतलब है कि इससे पहले भी सूरजपुर जिले के धान केंद्रों में करोड़ों रुपये के घोटालों के मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे में अब देखना होगा कि दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और धान खरीदी के बचे हुए दिनों में प्रशासन किस तरह से व्यवस्था को दुरुस्त करता है.
मनरेगा नाम बदलने के विरोध में सड़क पर उतरी कांग्रेस: जगदलपुर में दीपक बैज ने किया एकदिवसीय उपवास
जगदलपुर। मनरेगा योजना के नाम में बदलाव को लेकर सियासी टकराव अब सड़क पर उतर आया है. कांग्रेस ने इसे सिर्फ नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार की पहचान से छेड़छाड़ करार देते हुए प्रदेशभर में मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत कर दी है. इसी क्रम में चरणबद्ध आंदोलन के तहत रविवार को कांग्रेस नेताओं ने एक दिवसीय उपवास रखकर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया. इस विरोध की कमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने संभाली.
बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में दीपक बैज जिला कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने उपवास पर बैठे और केंद्र की मोदी सरकार के फैसले के खिलाफ सांकेतिक विरोध किया. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण मजदूरों की आजीविका से जुड़ी पहचान है, जिसे बदलना जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है. प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने उपवास के दौरान केंद्र सरकार से मांग की कि VB जी राम जी योजना के नाम को वापस बदलकर पूर्ववत मनरेगा किया जाए. उन्होंने कहा कि अगर मांगों को नजरअंदाज किया गया तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी.
नवा रायपुर में ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ का सपना होगा साकार: 21 जनवरी को सीएम साय करेंगे भूमिपूजन, 500 करोड़ तक निवेश संभावित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही प्रस्तावित ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ का काम शुरू होने जा रहा है. इसका निर्माण नवा रायपुर अटल नगर के माना-तूता में राज्योत्सव स्थल के पास लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में होगा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 जनवरी को निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे. इसके बाद निर्माण काम में तेजी आएगी. मुंबई की इंद्रदीप इन्फ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी पीपीपी मॉडल पर फिल्म सिटी का निर्माण करेगी.
फिल्म सिटी में लगभग 400-500 करोड़ रुपए निवेश संभावित
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और कंपनी के बीच अनुबंध भी हो चुका है. कंपनी द्वारा 250 करोड़ और केंद्र सरकार द्वारा 150 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा फिल्म सिटी के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा रही है. पर्यटन मंडल के मुताबिक फिल्म सिटी में पीपीपी मॉडल पर निजी कंपनी को स्टूडियो और अन्य अधोसंरचना निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई है. फिल्म सिटी में लगभग 400-500 करोड़ रुपए निवेश संभावित है.
फिल्म मेकिंग की अपार संभावना
नवा रायपुर में फिल्म सिटी निर्माण से फिल्म मेकिंग और फिल्म टूरिज्म के लिए अपार संभावनाओं के द्वार खुलेंगे. फिल्म सिटी बनने से आसपास बसाहट, निवेश और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों के साथ ही छत्तीसगढ़ी फिल्मों, नाटकों और पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी निर्माण और पर्यटन विकास के लिए राज्य शासन के प्रस्ताव पर केंद्र ने 150 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है. यहां अधोसंरचना, इंडोर ये सुविधाएं रहेंगी.
प्री और पोस्ट प्रोडक्शन के लिए बनेंगे भवन
फिल्म सिटी में फिल्म निर्माण और शूटिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. यहां कई अस्थायी और स्थायी सेट्स बनाए जाएंगे. इनमें स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, जेल, फूड कोर्ट और रेस्टोरेंट आदि शामिल हैं. तालाब, उद्यान, नदी, पर्वत, सहित अन्य लोकेशन विकसित किए जाएंगे. शूटिंग के दौरान फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के ठहरने के लिए आवास की व्यवस्था होगी. इसके अलावा स्टूडियो, प्री प्रोडक्शन और पोस्ट प्रोडक्शन के लिए भी भवन बनेंगे.
21 जनवरी को भूमिपूजन प्रस्तावित
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि नवा रायपुर में फिल्म सिटी निर्माण के लिए टेंडर फाइनल हो चुका है. फिल्म सिटी के निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों 21 जनवरी को किया जाना प्रस्तावित है. आउटडोर शूटिंग, कन्वेंशन सेंटर आदि का निर्माण भी किया जाएगा.
नेशनल रोवर–रेंजर जंबूरी में युवा संसद का आयोजन: लोकतांत्रिक चेतना और नेतृत्व कौशल का जीवंत प्रदर्शन
रायपुर। नेशनल रोवर – रेंजर जंबूरी का आयोजन पूरे उत्साह, अनुशासन और जीवंत सहभागिता के साथ बालोद जिले के ग्राम दुधली में सम्पन्न किया रहा है। आयोजन के तीसरे दिन जंबूरी परिसर लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र बन गया, जब रोवर–रेंजरों एवं उपस्थित नागरिकों को लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराया गया। यूथ पार्लियामेंट के मंच पर रोवर–रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई वहीं विधानसभा के अध्यक्ष संसद के अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन किया। युवाओं ने जिस आत्मविश्वास, विषयगत समझ और मर्यादित संवाद शैली का प्रदर्शन किया, वह दर्शनीय था। यह मंच भावी जनप्रतिनिधियों को गढ़ने का सशक्त माध्यम गया था।


अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बने रोवर–रेंजर
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की आयोजित युवा संसद की सराहना करते हुए कहा कि यूथ पार्लियामेंट के दौरान रोवर–रेंजरों जिस प्रकार आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपनी भूमिका को निभाया है, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना साकार नजर आती है। आज के युवा कल के हमारे समाज के प्रतिनिधि हैं। इनके कंधों पर हमारी विरासतों को आगे ले जाने का जिम्मा है, जिसे वे बखूबी निभाएंगे इसका हम सभी को भरोसा है। उन्होंने सभी की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव पड़ती है।



इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के रोवर – रेंजर देश का आने वाला भविष्य है।भारतीय स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, रोवर–रेंजर, स्काउट–गाइड्स एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।


सीख, सेवा और साहस से भरा रहा तीसरा दिन
जंबूरी का तृतीय दिवस प्रतिभागियों के लिए विविध और प्रेरक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जागरण और शारीरिक जांच के साथ फ्लैग सेरेमनी के साथ अनुशासन और एकता का संदेश दिया जाएगा। डॉग शो में कुत्तों की बेहतरीन कलात्मक प्रदर्शन के साथ मार्च पास्ट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी प्रतियोगिताओं में भी युवाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया।
आज जम्बूरी में आदिवासी संस्कृति परंपरा के साथ आधुनिकता की अनूठी प्रस्तुति दी गयी। आदिवासी वेशभूषा में पारंपरिक व्यंजनों के निर्माण के साथ लोकवाद्यों की भी प्रस्तुति की गई। आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पारंपरिक भोजन के साथ ही हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियां का भी प्रदर्शन किया गया।
युवाओं को आपदा प्रबंधन और ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज से जुड़ी प्रतियोगिताओं के साथ वृक्षारोपण भी किया गया। कंटीजेंट लीडर मीटिंग, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, एच डब्लू बी रीयूनियन, नाइट हाईक तथा पायोनियरिंग प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं के भी आयोजित की जाएगी। एरिना में आयोजित इंटरनेशनल नाइट कार्यक्रम में विभिन्न संस्कृतियों की रंगारंग प्रस्तुतियां जंबूरी को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
झीरम घाटी बयान पर कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई: विकास तिवारी 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रवक्ता विकास तिवारी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। आपको बता दे विकास तिवारी ने झीरम घाटी हमले से जुड़े बयान और न्यायिक जांच आयोग को लेकर टिप्पणी की थी। तिवारी के इस बयान के बाद पार्टी ने उन्हे नोटिस जारी किया था, जिसमें संतोषजनक जवाब नही मिलने पर पार्टी ने उन्हे 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्या से निष्किासित कर दिया है।
गौरतलब है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जेपी नड्डा ने जांजगीर जिले में झीरम घाटी हमले में कांग्रेस नेताओं की संलिप्तता के बयान के बाद राजनीति गरमा गयी थी। इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता विकास तिवारी के झीरम घाटी हमले पर विवादित बयान देते हुए अपने ही पार्टी के सीनियर नेताओं का नार्को टेस्ट कराने की बात कहकर कटघरे में खड़ा कर दिया था। नार्को टेस्ट की मांग वाला पत्र सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर विकास तिवारी को प्रवक्ता पद से हटा दिया गया था।
इसके साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि विकास तिवारी के दिए गए दस्तावेज और स्पष्टीकरण की समीक्षा के बाद मामला आलाकमान के सामने रखा गया। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर अब छह साल के निष्कासन की कार्रवाई की गई है। पार्टी के भीतर इस फैसले को अनुशासन बनाए रखने के सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं पार्टी के इस एक्शन के बाद अब तक विकास तिवारी की तरफ से कोई बयान सामने नही आया है। अब सबकी नजर इस कार्रवाई के बाद विकास तिवारी के अगले कदम पर टिकी है।
कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन से ही धरातल पर साकार होती हैं शासन की नीतियां : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं और उनकी ईमानदारी, कर्मठता तथा संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं, नीतियां और निर्णय वास्तविक रूप में धरातल पर उतरते हैं। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा आप सभी की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन के कारण ही प्रभावी ढंग से कार्य कर पा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिवेशन संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ ही सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त अवसर है। जब सरकार और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और शासन व्यवस्था अधिक सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारु और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को और मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना कर तथा पेंशन फंड विधेयक को विधानसभा से पारित कर राज्य ने इस दिशा में एक मजबूत विधायी आधार भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त बनाया गया है, वहीं प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बदलते समय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। एक समय नक्सलवाद प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन हमारे सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस और पराक्रम से इसका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने मंच से सुरक्षा बलों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए बेहतर और मानवीय पुनर्वास नीति लागू की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था तेजी से स्थापित हो रही है और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से सुदूर वनांचलों तक बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार ने भी ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ तैयार कर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, महामंत्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अरूण तिवारी, प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे।
