प्रदेश
ACB की बड़ी कार्रवाई, कृषि विकास अधिकारी 1 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
अंबिकापुर। कृषि विकास अधिकारी (बीज निरीक्षक) को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अवैध बीज भंडारण के झूठे आरोप में एकपक्षीय कार्रवाई का भय दिखाकर कृषि विकास अधिकारी (बीज निरीक्षक) द्वारा रिश्वत ली जा रही थी। शिकायत पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोर अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
प्रार्थी अजीत कुमार कश्यप, निवासी प्रतापपुर जिला सूरजपुर, द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर में शिकायत की गई थी कि वह हैदराबाद की कंपनी साईं भव्या सीड्स में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत है। कंपनी द्वारा धान एवं मक्का के बीज मार्केट में सप्लाई किए जाते हैं। अगस्त महीने की कुल बिक्री होने के पश्चात शेष बचे हुए बीज कंपनी में वापस भेजने के लिए मां महामाया कोल्ड स्टोरेज, दरिमा रोड अंबिकापुर में रखा गया था।
इस दौरान सोहन लाल भगत, बीज निरीक्षक/कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड अंबिकापुर को बीज भंडारण का पता चलने पर उसके द्वारा प्रार्थी को अवैध बीज भंडारण के झूठे आरोप में एकपक्षीय कार्रवाई का भय दिखाकर 3 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।
शिकायत के सत्यापन के बाद आज रविवार को प्रार्थी से कुल रिश्वती रकम की पहली किश्त 01 लाख रुपये लेते आरोपी बीज निरीक्षक/कृषि विकास अधिकारी सोहन लाल भगत को रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध धारा 7 पीसी एक्ट 1988 यथासंशोधित अधिनियम 2018 के प्रावधानों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
“हर परिवार का सहयोग, समाज को देगा नई दिशा – सांसद बृजमोहन अग्रवाल”
रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल रविवार को छत्तीसगढ़ डड़सेना कलार सिन्हा समाज द्वारा आरंग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सेमरिया में आयोजित मंडल स्तरीय वार्षिक सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज की एकजुटता, सेवा भाव और संगठन की शक्ति पर जोर दिया।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि अक्सर लोग सोचते हैं कि समाज उनके लिए क्या कर रहा है, लेकिन समाज में विश्वास तभी बढ़ेगा जब समाज स्वयं अपने लोगों के लिए खड़ा होगा। उन्होंने कलार समाज के आराध्य भगवान सहस्त्रबाहु हजार भुजाओं वाले हैं ।समाज स्वयं को अगर हजार भुजाओं वाला मानता है, तो उसे उतनी ही सक्रियता से कार्य भी करना होगा।
उन्होंने समाज के विकास के लिए तीन प्रमुख प्राथमिकताओं पर विशेष बल दिया शिक्षा, विवाह और स्वास्थ्य। उन्होंने कहा कि समाज के गरीब बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करना, जरूरतमंद बेटियों के विवाह में सहयोग देना और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के इलाज की जिम्मेदारी उठाना ही सच्ची समाज सेवा है। जिस दिन समाज इन तीन क्षेत्रों में कार्य करना शुरू करेगा, उस दिन हर परिवार से लोग जुड़ेंगे और संगठन स्वतः मजबूत होगा।
आर्थिक सहयोग के महत्व को बताते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार मात्र 100 रुपये प्रतिमाह का योगदान दे, तो 5000 परिवारों से हर महीने 5 लाख रुपये और साल भर में 60 लाख रुपये का कोष तैयार हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि समाज के 5-10 युवाओं को इस कार्य के लिए नियुक्त किया जाए, जो नियमित रूप से घर-घर जाकर सहयोग राशि एकत्र करें।
सांसद श्री अग्रवाल ने समाज भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल आयोजन स्थल न होकर समाज के विकास का केंद्र बने, जहां महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण, बच्चों के लिए कंप्यूटर शिक्षा एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जा सके।

उन्होंने कहा कि केवल साल में एक बार सम्मेलन करने से समाज का विकास संभव नहीं है, बल्कि पूरे वर्ष निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है। जो समाज सेवा और विकास के कार्य करेगा, वही लोगों के दिलों में स्थायी स्थान बनाएगा।
कार्यक्रम में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री अशोक सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, युवराज सिन्हा, दशरुराम सिन्हा, लाला राम सिन्हा, अरुण सिन्हा समेत समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।

रेरा चेयरमैन संजय शुक्ला के खिलाफ PMO से जांच के आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के चेयरमैन संजय शुक्ला के खिलाफ सीबीआई द्वारा चार्जशीट दायर किए जाने के बाद अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को निर्देश भेजा गया है।
जानकार बताते हैं कि पीएमओ से मिले निर्देशों के तहत आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने रेरा के छत्तीसगढ़ सरकार से जुड़े होने की वजह से छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन विभाग को मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करने के साथ शिकायतकर्ता को सूचित करने के लिए निर्देशित किया गया है।
बताया जा रहा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेश चंद्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई शिकायत में संजय शुक्ला के कामकाज और उनके पिछले रिकॉर्ड को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि भाजपा नेता ने संजय शुक्ला के खिलाफ पहले भी कई बार अलग-अलग स्तर पर शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने की बात कही है।
शिकायत में संजय शुक्ला पर कथित रूप 300 करोड़ से अधिक की संपत्ति जुटाने, कथित तौर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और घोटालों में संलिप्तता, प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग, हाई-लेवल कवर-अप और कथित तौर पर न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं, और केवल संजय शुक्ला का ही नहीं पूर्व मुख्य सचिव और पूर्व रेरा चेयरमैन में विवेक ढांढ की भी शिकायत करते हुए संजय शुक्ला को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
बता दें कि सीबीआई ने रावतपुरा मेडिकल कॉलेज के घूस कांड में संजय शुक्ला को आरोपी बनाते हुए चार्जशीट दाखिल कर दिया है। लेकिन सीबीआई के चार्जशीट दाखिल करने के बाद भी संजय शुक्ला को राज्य सरकार ने पद से नहीं हटाया है। अब पीएमओ से निर्देश आने के बाद कार्रवाई होने के आसार नजर आ रहे हैं।
जल जीवन मिशन के तहत शुरू हुई जल आपूर्ति, 52 किमी दूर स्थित गांव को मिली बड़ी राहत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के सीमावर्ती ग्राम नेलांगुर में अब विकास की नई तस्वीर उभरने लगी है। महाराष्ट्र सीमा से लगे इस पूर्व अतिसंवेदनशील गांव में पहली बार घर-घर नल से पानी पहुंचना शुरू हुआ है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद अब विकास कार्यों ने भी गति पकड़ ली है। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत इस दूरस्थ गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था शुरू की गई है। सोलर पंप के माध्यम से जल स्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकी है।
जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित नेलांगुर के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे थे, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों के लिए यह पहल राहत भरी साबित हो रही है। विशेष रूप से महिलाओं को अब दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिली है। गांव में जल आपूर्ति शुरू होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहजता आई है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
नेलांगुर में जल जीवन मिशन का सफल क्रियान्वयन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। प्रशासन द्वारा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा हर घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेलांगुर में सोलर पंप आधारित जल आपूर्ति की यह पहल न केवल बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रही है।
खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, KLP Dinch फैक्ट्री सील, 520 किलो पनीर नष्ट
रायपुर। रायपुर में बड़े पैमाने पर अमानक दशाओं में पनीर निर्माण का मामला सामने आया है. खाद्य और औषधि विभाग की टीम ने शिकायत पर केशरी बगीचा रोड, भाठागांव स्थित KLP Dinch & Milk Products में दबिश दी. अमानक दशाओं में बनाए गए 520 किलो पनीर को जब्त कर नष्ट करने के बाद फैक्ट्री को सील किया गया. पनीर फैक्ट्री के मालिक का नाम अभिषेक परासर पिता नरेश परासर बताया गया है.
खाद्य विभाग ने शिकायत पर मिलावटखोरों पर बड़ा एक्शन लेते हुए राज्य स्तरीय टीम का गठन कर भाठागांव इलाके में चल रही फैक्ट्रियों में दबिश दे रही है. निरीक्षण के दौरान बीते दो साल से फैक्ट्री संचालित KLP Dinch & Milk Products में पहुंची. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में जिस हालात में पनीर का निर्माण किया जा रहा था, देखकर टीम के सदस्य दंग रह गए.
नाले के किनारे फैक्ट्री संचालित की जा रही है, वहीं फैक्ट्री के भीतर भी कोई साफ-सफाई नजर नहीं आई. पनीर से भरी कई टंकियों में मक्खियां भिनभिना रही थी. ऐसे पनीर को खाने से लोगों के बीमार होने के खतरे को देखते हुए तत्काल पूरे 520 किलो पनीर को जब्त करने के साथ नष्ट किया गया, जिससे पनीर बाजार में न पहुंचे. इसके साथ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
NHM कर्मचारी संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक संपन्न, मांगों को लेकर फिर सौंपेंगे ज्ञापन
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारी संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक रविवार को आमापारा स्थित गुरु घासीदास प्लाजा में आयोजित की गई. बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं ब्लॉकों से लगभग 500 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया.
बैठक में एनएचएम कर्मचारियों द्वारा अब तक किए गए आंदोलनों, प्रयासों, लंबित मांगों और कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की गई. संघ ने निर्णय लिया कि अपनी मांगों को पुनः सरकार के समक्ष ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा. साथ ही संगठन को और अधिक मजबूत एवं संगठित करने पर भी सहमति बनी.
प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन का निर्णय
सभी जिलाध्यक्षों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए. इस दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 21 वर्षों (2005 से 2026) की उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए एक भव्य प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 17,000 कर्मचारियों और उनके परिवारजनों की भागीदारी प्रस्तावित है. इस महासम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा.
बता दें कि एनएचएम कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं. प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, ग्रेड पे निर्धारण, अनुकंपा नियुक्ति, स्थानांतरण नीति, चिकित्सा सुविधा, नई मानव संसाधन नीति और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मांगें शामिल हैं.
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी, महासचिव कौशलेश तिवारी, हेमंत सिन्हा, डॉ. आरके दीक्षित, प्रफुल्ल पाल, पुरन दास, डॉ. आलोक शर्मा, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे, दिनेश खर्कवाल, संतोष चंदेल, अमित कौशिक,दिव्या लाल, लीना जेम्स, अशोक उइके, निर्मला साहू, शिल्पी राय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी, जिलाध्यक्ष एवं ब्लॉक अध्यक्ष उपस्थित रहे.
अंबिकापुर में आजाद प्रतिमा अनावरण विवाद: सिंहदेव बोले—“अति उत्साह में हुई चूक”
अंबिकापुर। चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा अनावरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब कांग्रेस के बड़े नेता ने ही यूथ कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। दरअसल अंबिकापुर में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण होना था, लेकिन यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विकल झा ने रातों रात प्रतिमा का अनावरण कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंह देव ने बड़ा बयान दिया है।
सिंहदेव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यूथ कांग्रेस नेताओं से “अति उत्साह में चूक” हुई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि चंद्रशेखर आजाद जैसी महान विभूति की प्रतिमा का अनावरण तय प्रोटोकॉल के तहत होना चाहिए था, और यूथ कांग्रेस के नेताओं को इस तरह खुद से अनावरण नहीं करना चाहिए था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मामले में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई नियमों के अनुसार है।
दरअसल, जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर में स्थापित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का आधिकारिक अनावरण मुख्यमंत्री के हाथों होना था। लेकिन उससे पहले ही यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष विकल झा ने अपने समर्थकों के साथ देर रात प्रतिमा का अनावरण और माल्यार्पण कर दिया। इस घटना के बाद नगर निगम के सब इंजीनियर की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने विकल झा के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इस पूरे मामले में विकल झा ने भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ FIR जरूर दर्ज हुई है, लेकिन वे इससे डरने वाले नहीं हैं। झा ने कहा, “अगर चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण और माल्यार्पण करना अपराध है, तो मैं खुद को अपराधी मानता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि वे इस मुद्दे पर पीछे हटने वाले नहीं हैं और “एक हजार बार जेल जाने के लिए भी तैयार हैं।”
यह मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है, जहां एक तरफ नियमों और प्रोटोकॉल की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ इसे भावनाओं और राष्ट्रभक्ति से जोड़कर देखा जा रहा है। सिंहदेव के संतुलित बयान से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी भी इस मुद्दे पर अनुशासन और प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रही है।
सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया। उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
आरंग में गैस संकट गहराया, एजेंसी के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग
आरंग। गैस एजेंसी में लगभग 25 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने रविवार को आरंग-खरोरा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया. आरंग क्षेत्र के एकमात्र गिरिज इंडेन गैस एजेंसी पर सिलेंडर मिलने की सूचना पर लोगों की लंबी कतार लगी थी. कड़ी धूप में लोग खड़े रहे, लेकिन जब गैस नहीं आने की सूचना मिली तो आक्रोश फूट पड़ा.

स्थिति को सुधारने 1 अप्रैल को नगर पालिका में हुई थी बैठक
बता दें कि आरंग में गिरिजा इंडेन गैस एजेंसी में लगभग 20000 घरेलू गैस उपभोक्ता है. आम जनता की परेशानी को देखते हुए आरंग नगर पालिका में नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षदों के साथ गैस एजेंसी के मालिक हिमांशु सिंह ठाकुर के साथ 1 अप्रैल को बैठक हुई थी. बैठक में खाद्य निरीक्षक राकेश साहू भी उपस्थित थे. इस दौरान गैस एजेंसी की नाकामी और बड़ी लापरवाही उजागर होने के बाद गैस एजेंसी को व्यवस्था को सुधारने के लिए 10 दिन का समय दिया गया था. हालांकि 10 दिन बीत जाने के बाद भी गैस एजेंसी की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है. नतीजा यह रहा कि लोगों को अभी भी घंटों लाइन में खड़े होकर गैस सिलेंडर का इंतजार करना पड़ रहा है.
कर्मचारी पर बदमीजी का आरोप… रात 3 बजे से लगा रहे लाइन
आम उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसी के कर्मचारी उपभोक्ताओं से बदतमीजी से बात करते है और सही जवाब नहीं देते.ऑनलाइन बुकिंग हो जाने के बाद भी पहले पर्ची के लिए लाइन लगाना पड़ता है. उसके बाद गैस सिलेंडर के लिए रात 3 बजे से लाइन लगाना पड़ता है. आलम ये है कि उपभोक्ता 20 किमी की दूरी से आते है वो रातभर गैस एजेंसी के पास रतजगा करते है.जब गैस ऑफिस खुलता है तो जानकारी मिलती है कि गैस नहीं मिलेगी.गैस एजेंसी के लगातार टालमटोल करने के कारण उपभोक्ताओं को गैस की काफी किल्लत हो रही है.
एक और गैस एजेंसी की मांग
आरंग में गिरिजा इंडेन गैस एजेंसी से आमजनता के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी परेशान हैं. आम लोगों की परेशानियों को बताने जब पार्षद गिरिजा इंडेन गैस एजेंसी के कर्मचारी को कॉल करते हैं, तो एजेंसी के कर्मचारी जनप्रतिनिधियों के कॉल तक रिसीव नहीं करते. हाल में हुई बैठक में सभी पार्षदों ने आरंग में एक और गैस एजेंसी की मांग की, जिससे गिरिजा गैस एजेंसी की मनमानी बंद हो और लोगों को राहत मिल सके. गिरिजा इंडेन गैस एजेंसी की शिकायत आईओसी के उच्च अधिकारियों तक पहुंच गई है. अब देखने वाली बात है कि आम जनता की परेशानियों का सबब बन चुकी इस गैस एजेंसी से कब छुटकारा मिलता है.
रायपुर में चढ़ा तापमान, 14 अप्रैल के बाद हीटवेव का अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तापमान चढ़ने लगा है. अब प्रचंड गर्मी का दौर शुरू होने वाला है. पिछले चौबीस घंटे में राजधानी का पारा एक डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है. आने वाले दिनों में लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने से पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के अनुमान हैं.
मौसम विभाग ने 14 अप्रैल के बाद प्रदेश के कई क्षेत्रों में ग्रीष्म लहर चलने की संभावना जताई है. मौसम विभाग का अनुमान है कि गर्मी का ज्यादा प्रभाव रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर जैसे संभागों में रह सकता है। आसमान खुलने के बाद अब धूप तेज लगने लगी है भले ही प्रदेश का टेंफ्रेंचर सामान्य से कम दर्ज किया जा रहा है मगर इसमें बढ़ोतरी हो रही है. रायपुर का अधिकतम तापमान 37 से बढ़कर 38 डिग्री तक पहुंच गया.
पिछले 24 घंटों में प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा. प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.4 °C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.0°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया। इस दौरान कहीं भी बारिश की गतिविधि नहीं हुई.
फिलहाल, दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ से लेकर मराठवाड़ा, आंतरिक कर्नाटक और आंतरिक तमिलनाडु तक फैले क्षेत्र के ऊपर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक गर्त के रूप में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है.
राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
रायपुर में शीशी बॉटल व्यापारियों का विरोध, कांच की खरीद बंद होने से कारोबार ठप
रायपुर। राजधानी रायपुर में प्रदेशभर के शीशी (कांच) बॉटल व्यापारी एकजुट हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर की अगुवाई में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने कहा है कि प्लास्टिक में शराब बेचना न तो उपभोक्ताओं के लिए उचित है और न ही व्यापारियों के हित में है। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
व्यापारियों का कहना है कि राज्य में शराब की बिक्री प्लास्टिक बोतलों में किए जाने के फैसले से उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। शीशी बॉटल व्यापारी आमिन मुगल और राम प्रकाश ने बताया कि अचानक कांच की बोतलों की खरीदी बंद कर दी गई है, जिससे व्यापार ठप पड़ गया है। कंपनियों और वेयरहाउस ने पिछले 10 दिनों से कांच की बोतलें लेना बंद कर दिया है।
व्यापारियों के अनुसार, उनके पास लाखों-करोड़ों रुपये के कांच के बॉटल स्टॉक में पड़े हैं, जो अब बिक नहीं पा रहे हैं। इससे एक तरफ भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ रोजगार पर भी संकट मंडरा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो प्रदेश में 15 लाख से अधिक लोगों के बेरोजगार होने का खतरा पैदा हो सकता है। व्यापारियों ने कहा कि उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि उनका नुकसान न हो और किसी का रोजगार न छीने। कांच की बोतलों की खरीद फिर से शुरू की जाए।
रायपुर ट्रैफिक सुधार की बड़ी पहल: रिंग रोड-5 प्रोजेक्ट को मंजूरी
रायपुर। रायपुर में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए करीब 11 किमी लंबा रिंग रोड- 5 बनाया जाएगा. इसके लिए शासन ने 694 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. यह रिंग रोड चंदनीडीह से महादेवघाट होते हुए खारुन नदी के रास्ते पुराना धमतरी रोड के खिलोरा तक जाएगी.
इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में चंदनीडीह से भाठागांव तक 7.5 किमी और दूसरे चरण में भाठागांव से खारुन नदी तक 3.5 किमी सड़क का चौड़ीकरण होगा. चंदनीडीह रेलवे क्रॉसिंग पर 110 करोड़ रुपए की लागत से ओवरब्रिज भी बनेगा.
भविष्य में इसे फुंडहर चौक एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की निगम की योजना है, जिससे एयरपोर्ट और नवा रायपुर कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इसके करीब रोज एक लाख से अधिक लोगों को राहत मिलेगी, तो वहीं रिंग रोड-1 का भार कम हो जाएगा.
सर्वे के बाद काम शुरू किया जाएगा
पीडब्ल्यूडी सीई, पंकज कश्यप ने एक समाचार पत्र को बताया कि रिंग रोड-5 निर्माण के लिए बजट को मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद सर्वे किया जा रहा है. सड़क को चंदनीडीह, महादेवघाट, साठागांव, काठाडीह होते हुए पुराना धमतरी रोड के खिलोरा क बनेगा. इसकी लंबाई करीब 11 किमी होगी. प्रोजेक्ट भू-अधिग्रहण भी शामिल है. बजट प्रस्ताव शासन को जा गया है.
प्रोजेक्ट पर पीडब्ल्यूडी से होगी चर्चा
वहीं रायपुर निगम आयुक्त विश्वदीप ने समाचार पत्र को बताया कि निगम ने अधोसंरचना मद में रिंग रोड-5 निर्माण के लिए प्रावधान किया है. पीडब्ल्यूडी को भी बजट में राशि की मंजूरी मिल चुकी है. शहर के बेहतर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दोनों एजेंसियां मिलकर काम करेंगी. इस सड़क के जरिए दुर्ग की ओर से आने वाले लोगों को एयरपोर्ट तक सीधा और आसान रास्ता देने पर फोकस रहेगा.
किन रूटों में मिलेगी राहत
महादेवघाट और अमलेश्वर तक आसान पहुंच
भाठागांव होकर शहर में वैकल्पिक एंट्री
एक्सप्रेस-वे और एनएच-30 से सीधा जुड़ाव
दुर्ग-भिलाई से एयरपोर्ट तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी
भविष्य के ट्रैफिक के लिए जरूरी
जानकार बताते हैं कि राजधानी में रिंग रोड-1 अब आउटर नहीं रह गया है, बल्कि शहर के बीच आ गया है. ऐसे में रिंग रोड-5 का निर्माण समय की मांग है. इसे बेहतर प्लानिंग के साथ बनाया जाना चाहिए. दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव और बिलासपुर से आने वाले लोगों को धमतरी रोड से जोड़ने के लिए निगम का प्लान उचित है. इसे सेजबहार- बोरियाकला से सीधे एयरपोर्ट से जोड़ना और अधिक प्रभावी होगा.
एक्सप्रेस-वे की तरह करें विकसित
वहीं, भविष्य में भारतमाला प्रोजेक्ट तैयार होने पर तेलीबांधा, आरंग और टाटीबंध पर ट्रैफिक दबाव कम होगा. ऐसे में रिंग रोड- 5 को एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस-वे की तरह विकसित किया जाना चाहिए, ताकि दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर और धमतरी-जगदलपुर की ओर से आने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके.
23 किमी की दूरी करनी पड़ती है तय
पुराना धमतरी रोड़ के खिलोरा से चंदनीडीह तक रिंग रोड से पहुंचने में करीब 23 किमी दूरी तय करनी पड़ती है. सेजबहार के बाद ट्रैफिक दबाव बढ़ने से संतोषी नगर चौक तक 30-40 मिनट लगते हैं. यहां जाम के बाद सरोना से आगे सीधा रास्ता मिल जाता है, फिर भी सफर में एक घंटे से ज्यादा समय लगता है.
अंबेडकर जयंती पर मुख्यमंत्री साय करेंगे बाबा साहेब की 21 फीट कांस्य प्रतिमा का अनावरण
रायपुर। 14 अप्रैल को भारत रत्न बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के घड़ी चौक के आगे अंबेडकर चौक पर स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की 21 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे.
संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और लोगों को प्रेरित करने के लिए स्थापित की गई 21 फीट की इस प्रतिमा का वजन 4300 किलोग्राम है. इसको करीबन 35 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है. यह प्रतिमा बाबा साहेब के प्रति सम्मान और सामाजिक समरसता का प्रतीक है.
बताया जा रहा है कि अंबेडकर चौक के अलावा नवा रायपुर के विधानसभा परिसर में बाबा साहेब अंबेडकर की 25 फीट से अधिक ऊंची एक अन्य भव्य प्रतिमा स्थापित करने की योजना है.
बिलासपुर में अवैध खनन पर कार्रवाई तेज, हादसे के बाद प्रशासन सख्त
रायपुर। बिलासपुर जिले के खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की जांच के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन पर सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं छत्तीसगढ राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
बिलासपुर जिले के खनिज अमले द्वारा खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम गढ़वट में सरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 8-9 अप्रैल की मध्य रात्रि में दो युवक नदी क्षेत्र में गए थे, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना हुई। इस घटना में एक युवक की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मौके पर प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिले, बल्कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की पुष्टि हुई।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित ट्रैक्टर-ट्रॉली ग्राम गढ़वट निवासी तोषण कुमार कश्यप के नाम से जुड़ी है। इस आधार पर पुलिस थाना रतनपुर में वाहन मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों युवक नदी क्षेत्र में रेत उत्खनन के उद्देश्य से गए थे। हालांकि घटना स्थल पर अवैध उत्खनन के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन क्षेत्र में बनाए गए कच्चे मार्ग और ट्रैक्टर के आवागमन के संकेत पाए गए।
पिछले साल 47 मामले दर्ज हुए, 6.95 लाख की हुई वसूली
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024-25 में गढ़वट और आसपास के इलाके में कुल 47 प्रकरण दर्ज कर लगभग 6.95 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक 22 प्रकरण दर्ज कर 3.19 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व में भी गढ़वट क्षेत्र में अवैध परिवहन के मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए थे। विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए समय-समय पर निर्णय और जागरूकता प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
हिमंत सरमा के नेतृत्व में असम बना शांति और विकास का मॉडल: तोखन साहू
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू अपने गौरेला प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने असम की राजनीति, हालिया चुनाव और राज्य में हुए विकास कार्यों को लेकर बड़ा बयान दिया।
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि असम में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि एक समय था जब असम बम, बारूद और हिंसा की घटनाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन आज राज्य में शांति, समृद्धि और विकास का माहौल है।
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि जनता उनके काम से संतुष्ट है। मंत्री के मुताबिक, असम की जनता ने उन्हें तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए भारी संख्या में मतदान किया है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तोखन साहू ने कहा कि केवल राजनीतिक आरोप लगाने से कुछ सिद्ध नहीं होता। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) इस बार भी भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछली बार से अधिक सीटें जीतने में सफल रहेगी।
गौरतलब है कि इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र से जुड़ी रेलवे समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा, जिस पर उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं के विस्तार एवं नवीन रेल परियोजनाओं की स्वीकृति हेतु मांग पत्र स्थानीय रेल सलाहकार समिति द्वारा सौंपा गया।
पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं के लिए प्रमुख मांगें एवं सुझाव:
1– नवीन रेल लाइन का निर्माण (कनेक्टिविटी)
पेंड्रारोड-अमरकंटक-डिंडोरी-जबलपुर एवं पेंड्रारोड-अमरकंटक-मंडला-सिवनी नई रेल लाइन के निर्माण की मांग की गई है। यह मार्ग मध्य भारत के आदिवासी अंचल के लिए जीवनरेखा साबित होगा। इससे अमरकंटक, सतपुड़ा पर्वतमाला, कान्हा एवं पेंच राष्ट्रीय उद्यान तथा अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फीयर रिजर्व को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
2 – फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण:
स्टेशन के दोनों ओर बढ़ती आबादी को देखते हुए सुरक्षित आवागमन और प्लेटफार्मों के बीच सुगम संपर्क के लिए आधुनिक फुट ओवरब्रिज निर्माण की मांग की गई है।
3 – प्रमुख ट्रेनों का ठहराव (Stoppage)
जबलपुर-संतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस तथा रानी कमलापति-संतरागाछी-रानी कमलापति एक्सप्रेस का पेंड्रारोड स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है।
4 – नई मेमू (MEMU) ट्रेन का संचालन
क्षेत्रीय व्यापारियों, कर्मचारियों और आम जनता की सुविधा के लिए संध्या काल में पेंड्रारोड से बिलासपुर के बीच नई मेमू लोकल ट्रेन चलाने की मांग की गई है।
5 – रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण
गौरेला-गोरखपुर-कटनी मार्ग पर रेलवे फाटक के पास बढ़ते यातायात और जाम की समस्या को देखते हुए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के शीघ्र निर्माण की मांग की गई है।
इन सभी मांगों को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
जनगणना 2027 : छत्तीसगढ़ में एक मई से शुरू होगा पहला चरण, मकानों की होगी गणना, ऑनलाइन भी भर सकते हैं फॉर्म
रायपुर। भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing & Housing Census) का कार्य छत्तीसगढ़ में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि में संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।
डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।
इन बिंदुओं पर एकत्रित की जाएगी जानकारी
प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी (Self-Enumeration ID) प्रगणक को बतानी होगी।
पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी सभी जानकारी
जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
निगरानी के लिए जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर खुलेंगे नियंत्रण कक्ष
जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।
जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती है।
वंदे मातरम् आज भी भारत को एकजुट करने का मंत्र है - सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। वंदे मातरम् 150 साल बाद भी भारत को एकसूत्र में बांधने का मंत्र है। जब भी हमे भारत के प्रति प्यार और एकजुटता दिखानी होती है। हम वंदे मातरम् का जयघोष करते हैं। वंदे मातरम् को सभी स्कूल- कॉलेजों में अनिवार्य करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वास्तविक रूप से इस गाने को सम्मान दिया है।
यह बात सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने शनिवार को वृंदावन हाल में वंदे मातरम् के 150 वीं वर्षगांठ पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में कही।




कार्यक्रम में 150वीं वर्षगांठ पर 15 जनवरी को रायपुर लोकसभा क्षेत्र में 5 लाख विद्यार्थियों द्वारा किए गए सामूहिक वंदे मातरम् गान पर मुख्य कार्यक्रम स्थल सुभाष स्टेडियम में आयोजित में सांस्कृतिक देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले
प्रतिभावान विद्यार्थियों, कलाकारों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, हम सब बचपन से स्कूलों में ‘जन गण मन’ गाते आए हैं, परंतु ‘वंदे मातरम्’ देश के क्रांतिवीरों का गीत रहा है। यह गीत आज़ादी के दीवानों का गीत था, लोगों को मर-मिटने के लिए प्रेरित करने वाला गीत था, अंग्रेजों को परेशान करने वाला गीत था और क्रांतिकारियों में जोश भरने वाला गीत था। यह देश की आज़ादी के लिए जन-जन के मन में उत्साह और देशभक्ति की भावना जागृत करने वाला गीत रहा है।
आज समय बदल चुका है। उस समय ‘देश के लिए मरना सीखो’ की भावना थी, लेकिन आज आवश्यकता है ‘देश के लिए जीना सीखो’ की। अब देश के लिए मरने की नहीं, बल्कि अच्छा कार्य करते हुए देश के लिए जीने की जरूरत है।
श्री बृजमोहन ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस महान गीत को उचित सम्मान मिल रहा है। यह वही गीत है जिसने हमें आज़ादी दिलाई, जिसने देशभक्ति की भावना पैदा की और लाखों लोगों को फांसी के फंदे पर झूलने के लिए भी प्रेरित किया। ऐसे गौरवशाली गीत का सम्मान होना चाहिए और देश के जन-जन में इसकी भावना जागृत होनी चाहिए।
इसी उद्देश्य से ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर पूरे देश में जागरण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सरकार द्वारा भी निर्देश जारी किए गए हैं कि बड़े आयोजनों में वंदे मातरम् का गायन किया जाए, ताकि नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना विकसित हो सके।
रायपुर में भी इसी भावना के साथ 15 जनवरी को सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया गया था। 5 लाख लोगों ने एक साथ 12 बजकर 55 मिनट पर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। यह देश में अपने आप में एक ऐतिहासिक और सबसे बड़ा आयोजन रहा। इस सामूहिकता ने यह सिद्ध किया कि एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। जब बच्चों को यह अनुभव हुआ कि वे इस 5 लाख के समूह का हिस्सा हैं, तो उनके भीतर गर्व और गौरव की भावना विकसित हुई।
सुभाष स्टेडियम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी अत्यंत अलौकिक रहे, जिनकी सभी ने सराहना की। इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभावान बच्चों एवं संस्थाओं को सम्मानित करना हम सभी के लिए गौरव और गर्व का क्षण है। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में श्री राम संगीत महाविद्यालय, मैट्स यूनिवर्सिटी, डिग्री गर्ल्स कॉलेज, गुरुकुल कॉलेज, डागा गर्ल्स कॉलेज, देवेन्द्रनगर गर्ल्स कॉलेज, श्री बालाजी नर्सिंग कॉलेज, श्री नारायणा नर्सिंग कॉलेज, दिशा नर्सिंग कॉलेज, सीजी नर्सिंग कॉलेज, कोलंबिया नर्सिंग कॉलेज, शहीद नंदकुमार पटेल शासकीय महाविद्यालय, कृष्णा पब्लिक स्कूल सरोना एवं जवाहर नवोदय विद्यालय माना के विद्यार्थियों का सम्मान किया गया.
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी गर्ग एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सलूजा थे. कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक दानसिंह देवांगन ने किया और आभार प्रदर्शन कार्यक्रम प्रभारी संजय जोशी ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी राकेश मिश्रा, अमित डोये, सुप्रसिद्ध नृत्यांगना स्वप्निल करमहे एवं परमिंदर कौर आदि उपस्थित थे.