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छत्तीसगढ़ पुलिस कल्याण समिति व परामर्शदात्री परिषद की बैठक, पुलिसकर्मियों के हितों पर हुई चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस कल्याण समिति एवं परामर्शदात्री परिषद की आज नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में बैठक हुई. पुलिस महानिदेशक (भापुसे) अरुण देव गौतम की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस मुख्यालय में पदस्थ भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों उपस्थित रहे.
परामर्शदात्री परिषद की बैठक में पूर्व बैठकों के लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई. साथ ही वर्तमान में संचालित कल्याणकारी योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रगति पर विचार–विमर्श करते हुए, पुलिसकर्मियों के हित में भविष्य की कार्ययोजनाओं एवं प्राप्त नवीन सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई.
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) (भापुसे) एसआरपी कल्लूरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (योजना–प्रबंधन) (भापुसे) प्रदीप गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (वित्त/सतर्कता/अभियान/छत्तीसगढ़) (भापुसे) विवेकानंद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण/चयन) (भापुसे) दीपांशु काबरा तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तचर) (भापुसे) अमित कुमार प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे.
बैठक का संचालन पुलिस उप महानिरीक्षक (प्रशासन) (भापुसे) पायल माथुर ने और प्रस्तुतिकरण सहायक पुलिस महानिदेशक (लेखा/कल्याण) अनुराग सिंह सिसोदिया ने किया. कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) (भापुसे) डीबी नारायण मीणा, द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया.
केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति के व्यवहार पर बवाल, साहित्यकारों ने राष्ट्रपति-राज्यपाल से की कार्रवाई की मांग
बिलासपुर। गुरु घासी दास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति के कथित अमर्यादित व्यवहार को लेकर शहर के प्रबुद्ध वर्ग में आक्रोश है. साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान अतिथि कथाकार के अपमान का मामला राजभवन तक पहुंच गया है. लेखक, साहित्यकार और प्रबुद्ध नागरिक एकजुट होकर कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति-राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है.
दरअसल, 7 जनवरी को गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में ‘समकालीन हिंदी कहानी’ विषय पर एक साहित्यिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था. कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति ने मंच से ही आमंत्रित अतिथि कथालेखक के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हुए उन्हें भरी सभा में जाने के लिए कह दिया. इस व्यवहार से पूरा प्रबुद्ध वर्ग आहत महसूस कर रहा है.
घटना के विरोध में बिलासपुर के लेखकों, संस्कृतिकर्मियों और जनसंस्कृति मंच के सदस्यों ने एकजुट होकर राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में कहा गया है कि कुलपति का यह व्यवहार न केवल कथाकार का अपमान है, बल्कि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान की गरिमा के भी खिलाफ है.

प्रबुद्धवर्ग का कहना है कि जहां विश्वविद्यालयों में विचारों की स्वतंत्रता और स्वस्थ होना चाहिए, वहां इस तरह का तानाशाही और अभद्र आचरण बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. साहित्यकारों का आरोप है कि इस घटना से विश्वविद्यालय की छवि राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हुई है. साहित्यप्रेमियों ने इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजकर कुलपति के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की की मांग की है.
रायपुर नगर निगम में विकास राशि पर भेदभाव का आरोप, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने परिषद पर उठाए सवाल
रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर में विकास कार्यों और राशि आवंटन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने आज पत्रकार वार्ता कर मौजूदा परिषद पर भेदभाव और अनदेखी के आरोप लगाए हैं. नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि अमृत मिशन योजना के अंतर्गत रायपुर का चयन किया गया था. 8 जनवरी 2026 को मेयर इन काउंसिल की बैठक में 15 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का जिक्र किया गया, जो केंद्र सरकार द्वारा अमृत 2.0 योजना के तहत रायपुर नगर निगम को प्राप्त हुई है.
आकाश तिवारी ने कहा कि पिछले कांग्रेस कार्यकाल में अमृत मिशन के तहत 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण किए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप रायपुर नगर निगम को 15 करोड़ रुपये की राशि अमृत मिशन 2.0 के तहत मिली. वहीं एसटीपी निर्माण कार्य, जो पूर्व परिषद द्वारा कराया गया था, उसके लिए निगम को 8.75 करोड़ रुपये मिलने प्रस्तावित हैं. इसके साथ ही उक्त कार्य के लिए 4 स्टार रैंकिंग भी निगम को प्राप्त हुई है.
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि वर्तमान परिषद द्वारा कराए जा रहे विकास कार्य और नाला निर्माण के कार्यों का श्रेय महापौर और उनकी परिषद ले रही है, जबकि ये सभी कार्य पूर्व परिषद की योजनाओं और प्रयासों का परिणाम हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि केवल तीन वार्डों जिसमें महात्मा गांधी वार्ड, बंजारी माता वार्ड और संत कबीर दास वार्ड में 2 करोड़ 34 लाख रुपये के विकास कार्यों की राशि आवंटित की गई है. इसके अलावा रायपुर के शेष 67 वार्डों के लिए किसी भी प्रकार की विकास राशि आवंटित नहीं की गई, जो गंभीर चिंता का विषय है.
आकाश तिवारी ने सवाल उठाया कि क्या इन वार्डों को जानबूझकर विकास से वंचित रखा जा रहा है और क्या वहां की जनता ने कोई गुनाह किया है? उन्होंने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री द्वारा सभी वार्डों के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक वह राशि प्राप्त नहीं हुई. इस विषय को कई बार संज्ञान में लाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना भी समझ से परे है.
बालोद में प्रथम राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी का भव्य शुभारंभ, राज्यपाल रमेन डेका रहे मुख्य अतिथि
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि जंबूरी केवल एक शिविर ही नहीं बल्कि एकता, विविधता, भाईचारा और साझा उद्देश्यों का उत्सव है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, मुख्य राज्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजर उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं आसमान में गुब्बारा छोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। समारोह में राज्यपाल एवं अतिथियों द्वारा जंबूरी पत्रिका एवं नए बैज का विमोचन भी किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज के लिए कम से कम एक सकारात्मक कार्य अवश्य करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। देश में पहली बार आयोजित हो रही यह राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोवर-रेंजर देश के वे युवा हैं, जो समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा रखते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए इस आयोजन को छत्तीसगढ़ और देश के युवाओं के लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया।
इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन करते हुए भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खण्डेलवाल ने ग्राम दुधली में इस प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी आयोजन को एतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्य राज्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम अध्याय में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर एवं रेंजरों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट कर राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों को सलामी दी गई। इस प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर रेंजरों ने नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति से भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा बिखेरी। उल्लेखनीय है कि इस 5 दिवसीय आयोजन में देश के सभी राज्यों के अलावा रेल्वे, नवोदय विद्यालय सहित कुल 33 राज्यों के प्रतिभागी रोवर रेंजर शामिल हो रहे हैं। भारत स्काउट्स गाइड्स के अधिकारी, रोवर रेंजर के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गोवा में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व–2025 में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित ‘आदि लोकोत्सव’ पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘आदि लोकोत्सव’ के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री श्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।
कांग्रेस विधायक गिरफ्तार, कोर्ट के आदेश पर भेजे गये जेल, जानिये क्या है पूरा मामला
जांजगीर-चांपा। किसान से लाखों रुपए की धोखाधड़ी के मामले में जांजगीर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को चालान पेश करने के बाद कोर्ट के आदेश पर आरोपी जैजैपुर कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया है। विधायक साहू 22 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर रहेंगे।
बता दें कि विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ चाम्पा थाने में धारा 420,467,468,471,34 ipc के तहत अपराध दर्ज है। पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय ने मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया था। सीएसपी योगिता बाली खापर्डे, जांजगीर थाना प्रभारी निरीक्षक मणिकांत पाण्डेय और उप निरीक्षक उमेन्द्र मिश्रा चाम्पा थाना को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच के बाद पुलिस ने आज कोर्ट में चालान पेश किया। CJM न्यायालय ने चालान लेने के उपरांत जेल वारंट बनाया, जिसके बाद आरोपी बालेश्वर साहू ने रेगुलर बेल के लिए उसी कोर्ट में आवेदन दिया, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। पुलिस ने विधायक साहू को जेल दाखिल कर दिया है।
किसान से 42.78 लाख की ठगी का है आरोप
चांपा थाना, जिला जांजगीर-चांपा में विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। मामला उनके 2015 से 2020 के बीच सहकारी बैंक बम्हनीडीह में मैनेजर रहते हुए किसान राजकुमार शर्मा से 42.78 लाख रुपये की ठगी का है। राजकुमार का आरोप है कि बालेश्वर साहू ने अपने अधीनस्थ गौतम राठौर के साथ मिलकर किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन की राशि निकाली है।
स्काउट-गाइड अध्यक्ष को लेकर विवाद : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बोले – बृजमोहन अग्रवाल बड़े भैया हैं, मुलाकात कर दूर करुंगा नाराजगी
बालोद। छत्तीसगढ़ में आयोजित नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी के बीच स्काउट-गाइड के राज्य अध्यक्ष को लेकर उठे विवाद के बीच स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बड़ा दिया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल की नाराजगी कैसे दूर करेंगे, इस सवाल पर मंत्री यादव ने कहा, बृजमोहन जी मेरे बड़े भाई है। भारत स्काउट एंड गाइड की राज्य परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर वे नाराज हैं तो उससे मुलाकात करुंगा।
बता दें कि कांग्रेस ने जंबूरी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। वहीं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि विवाद के चलते जम्बूरी के कार्यक्रम को स्थगित किया था। वैधानिक अध्यक्ष होने के बावजूद उन्हें हटाए बिना नए अध्यक्ष की घोषणा करना नियमों के खिलाफ है, जिसके चलते उन्होंने न्यायालय का रुख किया है। मुझे हटाए बिना अध्यक्ष की जो घोषणा सरकार ने की है, वह वैधानिक नहीं है। इस पर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा, बृजमोहन भैया का कहना सही है। स्काउट गाइड की अलग नियम और परंपरा है।
मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा, पुराने लोग बिना सोचे समझे कुछ भी बोल देते हैं। स्काउट की कार्यप्रणाली अलग है। कांग्रेस के लोग बिना सोच समझे आरोप लगाने का काम किया है। देशभर के बच्चे जंबूरी कार्यक्रम में आए हैं। बृजमोहन भैया कोई दूसरे नहीं है। हमारे परिवार के बड़े भैया हैं, जाकर उनसे मिल लेंगे। उन्होंने कहा, हमारे पिताजी हम पर नाराज होते हैं। हमारे बड़े भैया हम पर नाराज होते हैं। स्वभाविक है छोटा भाई हूं, बृजमोहन भैया से जाकर मिलूंगा। उनसे समय लिया हूं, आज वे दिल्ली में हैं, कल जाकर मुलाकात करुंगा।
रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस अब ‘मूक माटी एक्सप्रेस’, रेलवे ने दिया क्षेत्रीय संस्कृति को सम्मान
रायपुर। भारतीय रेल यात्रियों को सुरक्षित, किफायती एवं सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ अपने कार्यक्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय पहचान को सम्मान देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है. इसी क्रम में, रेलवे बोर्ड के अनुमोदन से 11701/11702 रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस का नाम परिवर्तित कर “मूक माटी एक्सप्रेस” रखा गया है.
‘मूक माटी’ नाम में निहित धरती और संस्कृति का भाव
‘मूक माटी’ नाम छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों की उस धरती का प्रतीक है, जो बिना शब्दों के भी अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक चेतना को संजोए हुए है. यह नामकरण रेलवे के कार्यक्षेत्र से जुड़े धरती, संस्कृति और जनभावनाओं को सम्मान प्रदान करता है.
आचार्य 108 विद्यासागर जी महाराज के विचारों से प्रेरित नामकरण
यह नाम परिवर्तन संत शिरोमणि आचार्य 108 विद्यासागर जी महाराज के अहिंसा, सत्य, संयम और मानवता के विचारों से प्रेरित है. उनके जीवन दर्शन ने समाज को नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के प्रति जागरूक किया. ‘मूक माटी एक्सप्रेस’ इस भाव को दर्शाती है कि रेल यात्रा केवल आवागमन ही नहीं, बल्कि मानवीय और सामाजिक मूल्यों से जुड़ाव का माध्यम भी हो सकती है.
यात्रियों के लिए सेवाओं में कोई परिवर्तन नहीं
नाम परिवर्तन के अंतर्गत, ट्रेन संख्या 11701/11702 यथावत रहेगी, मार्ग, समय-सारिणी एवं कोच संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है तथा आरक्षण टिकट, चार्ट, एनटीईएस एवं अन्य यात्री सूचना प्रणालियों में नया नाम “मूक माटी एक्सप्रेस” प्रदर्शित होगा.
भारतीय रेल आधुनिक, यात्री-केंद्रित और समावेशी रेल सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्रीय सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है. ‘मूक माटी एक्सप्रेस’ इसी दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो यात्रियों को यात्रा के दौरान धरती, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ती है.
शराब घोटाले में बढ़ी जांच की रफ्तार: अनवर ढेबर और केके श्रीवास्तव से पूछताछ के लिए EOW ने मांगा प्रोडक्शन वारंट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले से जेल में बंद अनवर ढेबर और केके श्रीवास्तव की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बाद अब ईओडब्ल्यू (EOW) भी सक्रिय हो गई है। जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी ने दोनों से पूछताछ के लिए कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट की याचिका दायर की है, जिससे आने वाले दिनों में मामले में नए खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

क्या है शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 से 2023 तक शराब नीति को बदलकर चहेते सप्लायरों के माध्यम से शराब घोटाला हुआ। इसमें लाइसेंस की शर्तें ऐसी रखी गई कि चहेती कम्पनियों को काम मिल सके। उन कंपनियों ने नकली होलोग्राम और सील बनवाई। यह काम नोएडा की एक कंपनी ने किया। इसके बाद नकली होलोग्राम लगी शराब की महंगी बोतलें सरकारी दुकानों के माध्यम से बिक्री करवाई गई। चूंकि नकली होलोग्राम था तो बिक्री की जानकारी शासन को नहीं हो पाती थी और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इस तरह से शासन को 2165 करोड़ रुपए के टैक्स का चूना लगाया गया। यह रकम कांग्रेस भवन बनवाने से लेकर नेताओं, अधिकारियों और मंत्रियों तक बटे।
शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 आबकारी अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।
राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी से बालोद बना भारत की युवा शक्ति का नया केंद्र : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ का बालोद जिला आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा और गौरव का नया केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला बालोद के ग्राम दुधली में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में देश-विदेश से आए लगभग 15 हजार रोवर-रेंजर अपनी सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक जंबूरी छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को राष्ट्रीय मंच पर लाने का सुनहरा अवसर है। राष्ट्रीय स्तर के कैंपिंग, रोवर-रेंजर प्रशिक्षण, सांस्कृतिक संध्याओं और सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से युवा प्रतिभागी अनुशासन, सेवा और नेतृत्व के मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बालोद की धरती पर उमड़ा यह उत्साह भारत की भावी पीढ़ी की ऊर्जा, समर्पण और संकल्प को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के खेल, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुशासित, प्रशिक्षित और आत्मविश्वासी युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने जंबूरी में भाग ले रहे सभी रोवर-रेंजरों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका उत्साह और सेवा भाव छत्तीसगढ़ का परचम देश-दुनिया में और ऊँचाई तक ले जाएगा।
पूना मारगेम की बड़ी सफलता : 64 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर अंचल में शांति और विकास की दिशा में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दंतेवाड़ा जिले में संचालित “पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन)” अभियान से प्रभावित होकर 36 इनामी सहित कुल 64 माओवादी कैडरों ने सरेंडर किया। आत्मसमर्पित माओवादियों पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ क्षेत्र एवं ओडिशा राज्य में सक्रिय रहे हैं। इनमें 18 महिला और 45 पुरुष माओवादी शामिल हैं। इनामी माओवादियों में 8 लाख के 7, 5 लाख के 7, 2 लाख के 8, 1 लाख के 11 तथा 50 हजार के 3 इनामी माओवादी शामिल हैं। सभी माओवादियों ने डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में पुलिस उप महानिरीक्षक (परिक्षेत्र) सीआरपीएफ दंतेवाड़ा रेंज राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, कमांडेंट 111वीं, 195वीं एवं 230वीं वाहिनी सीआरपीएफ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया।
‘पूना मारगेम’ बन रहा शांति का मजबूत आधार
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) बस्तर में स्थायी शांति, गरिमा और समग्र विकास की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन, दंतेवाड़ा पुलिस, सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन क्षेत्र में शांति स्थापना, पुनर्वास और समावेशी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों की सूची
डीव्हीसीएम/कालाहाण्डी एरिया कमेटी सचिव पाकलू उर्फ रैनू उर्फ प्रदीप ओयाम पिता स्व. इरपा ओयाम उम्र लगभग 45 वर्ष जाति मुरिया निवासी कोलनार थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर (8 लाख का इनामी)।
डीव्हीसीएम/पष्चिम बस्तर डिवीजन छात्र संगठन अध्यक्ष मोहन उर्फ संजय उर्फ आजाद कड़ती पिता बैया राम उर्फ कुटा कड़ती उम्र लगभग 32 वर्ष जाति मुरिया निवासी मिरतुर कोर्रामपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर (08 लाख इनामी)।
डीव्हीसीएम/भैरमगढ़ एरिया कमेटी सचिव सुमित्रा उर्फ द्रोपती चापा पिता स्व. लक्ष्मया चापा/पति मोहन कड़ती उम्र लगभग 30 वर्ष जाति दोरला निवासी भन्डारपल्ली पटेपारा थाना हिलमीडि जिला बीजापुर (08 लाख का ईनामी)।
मिलिट्री कम्पनी नम्बर 10 पीपीसीएम हुंगी उर्फ अंकिता उर्फ राधिका लेकाम पिता भीमा लेकाम/पति लखन उर्फ सुरेष मड़कामी उम्र लगभग 28 वर्ष जाति माड़िया निवासी जोनागुड़ा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा (08 लाख का इनामी)।
कंपनी नम्बर 01 सदस्य सुखराम ताती पिता जोगा ताती उम्र लगभग 20 वर्ष जाति माड़िया निवासी रेखावाया पड़कोपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर (08 लाख का इनामी)।
कंपनी नंबर 07 सदस्य पाण्डू मड़काम पिता स्व0 देवा मड़काम उम्र लगभग 19 वर्ष जाति मुरिया निवासी परचेली कोडोपाल करकापारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा (08 लाख का इनामी)।
कंपनी 07 सदस्य सोमडू कड़ती उर्फ रिंकू उर्फ परमेष कड़ती पिता जोगा कड़ती उम्र लगभग 21 वर्ष जाति मुरिया निवासी गमपुर मुसुपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर (08 लाख का इनामी)।
एसीएम कोसी उर्फ जमुना उईका पिता स्व0 चिन्ना उईका पति पाकलू उर्फ रैनू उर्फ प्रदीप ओयाम उम्र लगभग 38 वर्ष जाति मुरिया निवासी मल्लेपाड़ थाना उसूर जिला बीजापुर (05 लाख का इनामी)।
एसीएम लखन उर्फ सुरेष मड़कामी पिता स्व0 हुंगा मड़कामी उम्र लगभग 30 वर्ष जाति माड़िया निवासी मुनगा पटेलपारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा (05 लाख का इनामी)।
एसीएम सोमारू राम एचाम पिता मंगलू राम एचाम उम्र लगभग 19 वर्ष जाति मुरिया निवासी हुर्रेपाल नयापारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर (05 लाख का इनामी)।
एसीएम राजू पुनेम पिता स्व0 आयतु पुनेम उम्र लगभग 34 वर्ष जाति मुरिया निवासी बुर्जी बीचपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर (05 लाख का इनामी)।
एसीएम मुड़ा कवासी पिता स्व0 लखमा कवासी उम्र लगभग 25 वर्ष जाति मुरिया निवासी पेड़का स्कूलपारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा (05 लाख का इनामी)।
एसीएम पोज्जे उर्फ मीना मिड़ियाम पति संतु उर्फ आयतु मिड़ियाम उम्र लगभग 26 वर्ष निवासी गमपुर थाना गंगालूर जिला बीजापुर (05 लाख का इनामी)।
एसीएम आयतु उर्फ संतु मिड़ियाम पिता स्व0 मासा मिड़ियाम उम्र लगभग 29 वर्ष जाति मुरिया निवासी गमपुर मुंचापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर (05 लाख का इनामी)।
गोंडेरास आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष जोगी मड़काम पिता स्व0 गंगा मड़काम उम्र लगभग 47 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोंडेरास पटेलपारा थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा (02 लाख का इनामी)।
प्लाटून नं0 30 सदस्य कु0 आयते तामो पिता स्व0 भीमा तामो उम्र लगभग 25 वर्ष जाति मुरिया निवासी चिमलीपेंटा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा (02 लाख का इनामी)।
गमपुर आरपीसी मिलिषिया प्लाटून कमाण्डर विदा मुड़ाम पिता स्व0 लखमा मुड़ाम उम्र लगभग 32 वर्ष जाति मुरिया निवासी गमपुर मुंचापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर (02 लाख का इनामी)।
मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर देवा मड़काम उर्फ जोन्ना देवा पिता स्व0 हड़मा मड़काम उम्र लगभग 32 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोण्डेरास पटेलपारा थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा (02 लाख का इनामी)।
डीएकेएमएस अध्यक्ष देवा कवासी उर्फ पटेल देवा पिता स्व0 हिड़मा कवासी उम्र लगभग 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोण्डेरास पेद्दापारा थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा (02 लाख का इनामी)।
पीपीसीएम/प्लाटून नं0 04 लखमें नुप्पो पिता हुंगा नुप्पो उम्र लगभग 29 वर्ष जाति मुरिया निवासी पामलुर थाना किस्टाराम जिला सुकमा (02 लाख का इनामी)।
प्लाटून नं0 09 सदस्य पार्वती उर्फ पारो कुंजाम पिता स्व0 भीमा कुंजाम उम्र लगभग 27 वर्ष जाति मुरिया निवासी छुट्टीवाई छीटिनपारा थाना तर्रेम जिला सुकमा (02 लाख का इनामी)।
डीएकेएमएस अध्यक्ष हुंगा मिड़ियाम पिता स्व. बुधू मिड़ियाम उम्र लगभग 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी गमपुर मुंचापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर (02 लाख का इनामी)।
पार्टी सदस्य कोसी मुचाकी पिता मासा मुचाकी उम्र लगभग 29 वर्ष जाति मुरिया निवासी कोलेंगडब्बा थाना कुकानार जिला सुकमा (01 लाख का इनामी)।
पार्टी सदस्य/डीव्हीसीएम दिनेष मोड़ियाम का गार्ड अर्जुन तामो पिता कोसा तामो उम्र लगभग 23 वर्ष जाति मुरिया निवासी गमपुर माड़पारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर (01 लाख का इनामी)।
आवापल्ली एलओएस सदस्य भीमे उर्फ रतना वेंजाम पिता स्व0 मारा वेंजाम उम्र लगभग 26 वर्ष जाति मुरिया निवासी नेण्ड्रा गोटूमपारा थाना बासागुड़ा जिला बीजापुर (01 लाख का इनामी)।
पार्टी सदस्य/सीसीएम बसवाराजू का गार्ड रामदास उर्फ रामा करटाम पिता स्व0 हुंगा करटाम उम्र लगभग 27 वर्ष जाति मुरिया निवासी गहनार थाना मिरतुर जिला बीजापुर (01 लाख का इनामी)।
गोबरा एलओएस सदस्य मुके उर्फ रेषमा सोड़ी पिता हुंगा सोड़ी उम्र लगभग 26 वर्ष जाति मुरिया निवासी पोटोमपल्ली थाना किस्टाराम जिला सुकमा (01 लाख का इनामी)।
पार्टी सदस्य/एसजेडसीएम कमलेष दादा का गार्ड रमनीलो उर्फ रीता मण्डावी पिता देवाराम मण्डावी उम्र लगभग 22 वर्ष जाति मुरिया निवासी बोन्डोस कोडेलपारा थाना ओरछा जिला बीजापुर (01 लाख का इनामी)।
पीड़िया एलओएस डिप्टी कमाण्डर राजू कुंजाम पिता वेल्ला कुंजाम उम्र लगभग 23 वर्ष निवासी इण्ड्री रेंगापारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर (01 लाख का इनामी)।
आवापल्ली एलओएस सदस्य बदरू अपका पिता स्व0 मंगू अपका उम्र लगभग 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी कडेनार इत्तापारा थाना बीजापुर (01 लाख का ईनामी)।
पार्टी सदस्य/ डीव्हीसीएम मोहन उर्फ संजय कड़ती का गार्ड सरोज कारम पिता कमलू कारम उम्र लगभग 19 वर्ष जाति मुरिया निवासी हिरोली कारमपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर (01 लाख का ईनामी)।
पार्टी सदस्य कु0 हड़मे पोयामी पिता बदरू पोयामी उम्र लगभग 32 वर्ष जाति मुरिया निवासी केतुलनार थाना कुटरू जिला बीजापुर (01 लाख का ईनामी)।
पार्टी सदस्य लक्ष्मण उर्फ नरेष आरकी पिता स्व0 नरंगो आरकी उम्र लगभग 22 वर्ष जाति मुरिया निवासी जैगुर थाना जांगला जिला बीजापुर (01 लाख का इनामी)।
सीएनएम सदस्य सुमित्रा उर्फ नमी मण्डावी पिता स्व0 सुखमन मण्डावी उम्र लगभग 24 वर्ष जाति माड़िया निवासी मोरोड थाना ओरछा जिला नारायणपुर (50 हजार का इनामी))।
सीएनएम सदस्य भीमा उर्फ सोमा कड़ती पिता स्व0 चिन्ना कड़ती उम्र लगभग 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी समेली ककाड़ीपारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा (50 हजार का इनामी)।
सीएनएम सदस्य जोगी पोयाम पिता लक्खू पोयाम उम्र लगभग 23 वर्ष जाति माड़िया निवासी पिड़ियाकोट स्कूलपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर (50 हजार का इनामी))।
डीएकेएमएस सदस्य बोमड़ा उर्फ कट्टी वेट्टी कोवासी पिता हड़मा कोवासी उम्र लगभग 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी परचेली बोतापारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
केएएमएस सदस्य जोगी उर्फ कुटो मड़काम पिता स्व0 आयतु उर्फ टोकेल मड़काम पति स्व0 कोसा मण्डावी निवासी कुंजेरास इत्तापारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
मिलिशिया सदस्य भीमा उर्फ टक्का नुप्पो पिता स्व0 नंदा नुप्पो उम्र लगभग 45 वर्ष जाति मुरिया निवासी रेवाली बचेलपारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
मिलिशिया सदस्य कोसा कुहड़ामी पिता बुधरा कुहड़ामी उम्र लगभग 25 वर्ष जाति मुरिया निवासी मार्जुम हुर्रापारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
जनताना सरकार उपाध्यक्ष हिड़मा गोंचे पिता स्व0 कला गोंचे उम्र लगभग 47 वर्ष जाति मुरिया निवासी गाेंडेरास पटेलपारा थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा (निरंक)।
जनताना सरकार सदस्य भीमा कलमू पिता स्व0 गंगा कलमू उम्र लगभग 32 वर्ष जाति मुरिया निवासी गाेंडेरास पटेलपारा थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा (निरंक)।
मिलिषिया सदस्य दूला दिरदो पिता स्व. हुंगा दिरदो उम्र लगभग 32 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोंडेरास पटेलपारा थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा (निरंक)।
भूमकाल मिलिषिया सदस्य नंगा पदाम पिता स्व.भीमा पदाम उम्र लगभग 42 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोंडेरास थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा (निरंक)।
भूमकाल मिलिषिया सदस्य हड़मा दिरदो पिता स्व. हांदा दिरदो उम्र लगभग 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी गाेंडेरास पटेलपारा थाना फुलबगड़ी जिला सुकमा (निरंक)।
मिलिषिया सदस्य हुर्रा उर्फ मसरू सुण्डाम पिता स्व. नंदा सुण्डाम उम्र लगभग 21 वर्ष जाति मुरिया निवासी बेंगपाल पटेलपारा थाना किरन्दुल जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
मिलिषिया सदस्य केशा अलामी पिता स्व. कुल्ले अलामी उम्र लगभग 40 वर्ष जाति मुरिया निवासी कुसमेली थाना ओरछा जिला नारायणपुर (निरंक)।
रेवाली पंचायत जंगल शाखा सदस्य जोगा कोवासी पिता मुया कोवासी उम्र लगभग 44 वर्ष जाति मुरिया निवासी रेवाली ताड़पारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
डीएकेएमएस सदस्य सुदरू मण्डावी पिता स्व. हुंगा मण्डावी उम्र लगभग 45 वर्ष जाति मुरिया निवासी बडे़पल्ली थाना किरन्दूल जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
डीएकेएमएस सदस्य देवा उर्फ मेस्सी मरकाम पिता स्व. देवा मरकाम उम्र लगभग 45 वर्ष जाति मुरिया निवासी बुरगुम पेरमापारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
रेवाली पंचायत मिलिषिया ‘‘सी’’ सेक्षन कमाण्डर हुंगा कुंजाम पिता स्व. देवा कुंजाम उम्र लगभग 27 वर्ष जाति मुरिया निवासी रेवाली ताड़पारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
भूमकाल मिलिषिया सदस्य जोगा माड़वी पिता स्व. नंदा माड़वी उम्र लगभग 50 वर्ष जाति मुरिया निवासी बुरगुम गायतापारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
मिलिषिया सदस्य देवा कुंजाम पिता कोसा कुंजाम उम्र लगभग 29 वर्ष जाति मुरिया निवासी अरनपुर बण्डीपारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
डीएकेएमएस सदस्य हुंगा मण्डावी पिता स्व. रोड्डा मण्डावी उम्र लगभग 65 वर्ष जाति मुरिया निवासी मुनगा पटेलपारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
केएएमएस सदस्य सोमड़ी पोड़ियाम पिता स्व. पाण्डू पोड़ियाम उम्र लगभग 39 वर्ष जाति मुरिया निवासी मुनगा कुंजेपारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
डीएकेएमएस सदस्य हुंगा मुचाकी पिता कोसा मुचाकी उम्र लगभग 20 वर्ष जाति मुरिया निवासी बडे़गादम स्कूलपारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
मिलिशिया सदस्य जोगा वेट्टी उर्फ बोड़गे पिता स्व. सुकड़ा वेट्टी उम्र लगभग 31 वर्ष जाति मुरिया निवासी बडे़गादम स्कूलपारा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
मिलिशिया सदस्य हुंगा बारसे पिता स्व. बुधु बारसे उम्र लगभग 48 वर्ष जाति मुरिया निवासी पुरंगेल सरपंचपारा थाना किरन्दूल जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
दुड़वा उर्फ रिकेष सोरी पिता स्व. जोगा सोरी उम्र लगभग 21 वर्ष जाति मुरिया निवासी नीलावाया मिलकानपारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा (निरंक)।
मिलिषिया डिप्टी कमाण्डर दिनेश वट्टी पिता कोपा वट्टी उम्र लगभग 21 वर्ष जाति मुरिया निवासी ताकिलोड़ जाड़कापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर (निरंक)।
मिलिषिया सदस्य कुमारी सुनीता अट्टामी पिता मेहतर अट्टामी उम्र लगभग 29 वर्ष जाति मुरिया निवासी ताकीलोड़ जाड़कापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर (निरंक)।
भूमकाल मिलिषिया कमाण्डर लक्ष्मण उर्फ बोक्का उर्फ सुखदेव तेलाम पिता स्व0 सन्नू तेलाम उम्र लगभग 40 वर्ष जाति मुरिया निवासी रेकावाया थाना ओरछा जिला नारायणपुर (निरंक)।
भूमकाल मिलिषिया सदस्य पाकलू उर्फ भगत कड़ती पिता बुटलू कड़ती उम्र लगभग 50 वर्ष जाति मुरिया निवासी रेकावाया सरगीपारा थाना ओरछा जिला नारायणपुर भूमकामल मिलिषिया सदस्य।
इन गंभीर घटनाओं में रहे शामिल
आत्मसमर्पित माओवादियों में कई कुख्यात कैडर शामिल हैं, जो पुलिस मुठभेड़ों, आईईडी विस्फोट, एम्बुश, आगजनी, हत्या एवं फायरिंग जैसी गंभीर नक्सली घटनाओं में सक्रिय रहे। इनमें डीवीसीएम, पीपीसीएम, प्लाटून सदस्य एवं गार्ड कमांडर स्तर के माओवादी शामिल हैं।
लगातार बढ़ रहा आत्मसमर्पण का ग्राफ
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर पिछले 22 महीनों में दंतेवाड़ा जिले में 201 इनामी माओवादियों सहित 572 से अधिक माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं। वहीं ‘लोन वर्राटू अभियान’ के तहत अब तक 369 इनामी सहित कुल 1224 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील
दंतेवाड़ा पुलिस ने माओवादियों से अपील करते हुए कहा है कि “पूना मारगेम” और “लोन वर्राटू” यह संदेश देते हैं कि हर किसी को समाज में लौटने का अवसर है। संवाद, संवेदना और अवसर के माध्यम से माओवादियों को सम्मानजनक जीवन की ओर लाया जा रहा है। अपने परिवार, समाज और बस्तर के उज्ज्वल भविष्य के लिए हिंसा का मार्ग छोड़िए, शांति, पुनर्वास और सम्मान की राह अपनाइए।
राष्ट्रीय रेंजर–रोवर जंबूरी का बालोद में शुभारंभ, छत्तीसगढ़ स्काउट एंड गाइड के प्रदेश अध्यक्ष विवाद पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन ने स्थिति स्पष्ट की
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आज से राष्ट्रीय रेंजर–रोवर जंबूरी का भव्य आगाज हो गया है। देशभर से स्काउट और गाइड से जुड़े रेंजर–रोवर इस आयोजन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। जंबूरी शुरू होने से पहले छत्तीसगढ़ स्काउट एंड गाइड के प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जो विवाद की स्थिति बनी हुई थी, उस पर अब स्थिति साफ हो गई है।
स्काउट एंड गाइड के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन ने इस पूरे मामले पर स्पष्ट रूप से कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य की नियमावली के अनुसार शिक्षा मंत्री ही स्काउट एंड गाइड का पदेन प्रदेश अध्यक्ष होता है। इस दृष्टि से वर्तमान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ही छत्तीसगढ़ स्काउट एंड गाइड के प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय में किसी तरह का भ्रम या विवाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि नियम पूरी तरह स्पष्ट हैं।
अनिल जैन ने पूर्व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के संदर्भ में कहा कि जब वे शिक्षा मंत्री थे, उस समय वे पदेन प्रदेश अध्यक्ष थे। लेकिन अब वे शिक्षा मंत्री नहीं हैं, इसलिए वर्तमान में वे स्काउट एंड गाइड के प्रदेश अध्यक्ष नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पद का निर्धारण व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि पदेन व्यवस्था और नियमों से होता है।
गौरतलब है कि बालोद में राष्ट्रीय रेंजर–रोवर जंबूरी के आयोजन की तैयारियों के दौरान ही प्रदेश अध्यक्ष का मुद्दा गरमा गया था। बृजमोहन अग्रवाल ने स्वयं को प्रदेश अध्यक्ष बताते हुए राष्ट्रीय जंबूरी के रद्द होने की बात कही थी, जबकि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने खुद को पदेन प्रदेश अध्यक्ष बताते हुए 9 जनवरी से आयोजन शुरू होने की घोषणा की थी। अंततः शिक्षा मंत्री के दावों के अनुरूप आज से राष्ट्रीय जंबूरी का विधिवत शुभारंभ हो गया है।
इसी आयोजन के सिलसिले में राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन रायपुर पहुंचे थे। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है। छत्तीसगढ़ में जो नियम लागू हैं, उनके अनुसार शिक्षा मंत्री ही स्काउट एंड गाइड का पदेन अध्यक्ष होता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह मामला न्यायालय में गया है, तो सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अधिकार है और जो भी निर्णय आएगा, उसका सम्मान किया जाएगा।
अनिल जैन ने यह भी बताया कि उन्होंने इस विषय में राज्यपाल से चर्चा की है और मुख्यमंत्री से भी विस्तार से बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित पक्षों को नोटिस भी दिया गया है और छत्तीसगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष की व्यवस्था पूरी तरह प्रावधानों के अनुरूप की गई है। मुख्यमंत्री से हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सभी तथ्यों को सामने रखा गया है और प्रक्रिया पारदर्शी है।
वहीं, बालोद में आयोजित हो रही राष्ट्रीय रेंजर–रोवर जंबूरी को अनिल जैन ने ऐतिहासिक पल बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन स्काउट एंड गाइड के लिए बेहद खास है, क्योंकि यह संगठन का डायमंड जुबली वर्ष है। स्काउट एंड गाइड के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पहली जंबूरी तमिलनाडु में आयोजित की गई थी, इसके बाद बड़ा आयोजन लखनऊ में हुआ और अब इस श्रृंखला का अंतिम और महत्वपूर्ण आयोजन छत्तीसगढ़ के बालोद में किया जा रहा है।उन्होंने उम्मीद जताई कि यह जंबूरी युवाओं में अनुशासन, सेवा और राष्ट्रनिर्माण की भावना को और मजबूत करेगी तथा छत्तीसगढ़ के लिए यह आयोजन एक यादगार उपलब्धि साबित होगा।
डीएवी हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर 11वीं के आदिवासी छात्र की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दंतेवाड़ा। भैरमगढ़ स्थित डीएवी हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर आदिवासी छात्र की मौत हो गई. नेलसनार गांव के कोमल कड़ियम, जो कक्षा 11 में पढ़ाई कर रहा था. गुरुवार रात करीब 8:30 बजे हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे प्राथमिक उपचार के लिए भैरमगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिर दंतेवाड़ा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हादसे के बाद छात्र के परिजन अस्पताल पहुंचे और उनका बुरा हाल था.
घटना के बाद हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि हॉस्टल में न कोई सीसीटीवी कैमरा है और न ही पर्याप्त सुरक्षा गार्ड. हॉस्टल अधीक्षक ने बताया कि कोमल खाना खाने के बाद छत पर गया था, लेकिन यह नहीं बताया कि वह तीसरी मंजिल पर क्यों गया था? फिलाहाल छात्र चारों ओर पैराफीट दीवार के बावजूद तीसरी मंजिल तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है.
नक्सल उन्मूलन पर सियासी घमासान: डिप्टी सीएम अरुण साव का कांग्रेस पर तीखा पलटवार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब खात्मे की कगार पर है. सुरक्षा बलों ने नक्लियों की मांद में घुसकर कई बड़े माओवादी लीडरों को भी ढेर कर दिया है. साथ ही सरकार की पुनर्वास योजना से प्रभावित होकर माओवादी लगातार सरेंडर कर रहे हैं. नक्सल उन्मूलन में लगातार मिल रही सफलता का श्रेय लेने अब सरकार और विपक्ष में बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस का कहना है कि उनके बनाए गए रोडमैप पर बीजेपी काम कर रही है, जिसकी वजह से सफलता मिल रही है. विपक्ष के इस बयान पर अब डिप्टी सीएम अरुण साव ने जमकर पलटवार किया है.
डिप्टी सीएम साव ने कहा कि प्रदेश में लगातार नक्सलियों का सरेंडर हो रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प का परिणाम है. राज्य सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है और बस्तर क्षेत्र के लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के प्रयास तेज किए गए हैं. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति के चलते बड़े-बड़े नक्सली न्यूट्रलाइज किए जा रहे हैं और आने वाले कुछ दिनों में बस्तर नक्सल मुक्त होगा.
कांग्रेस द्वारा नक्सल उन्मूलन के रोडमैप को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए डीसीएम साव ने कहा कि कांग्रेस नक्सलियों से रिश्ता निभाती रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रोडमैप पूरी दुनिया के सामने है, जिसके नाम पर घोटाले किए गए, छत्तीसगढ़ के विकास को अवरुद्ध किया गया और नक्सलियों को खुली छूट दी गई. अब जब सफलता मिल रही है तो कांग्रेस श्रेय लेने सामने आ रही है और सुरक्षा बलों के कार्य पर सवाल खड़े कर रही है.
कवर्धा में धान घोटाले से जुड़े “7 करोड़ का धान चूहे खा गए” मामले पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जांच का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
ट्राइबल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा दे रही है. खेल मंत्री मनसुख मंडाविया इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ट्राइबल गेम्स की मेजबानी राज्य के लिए सौभाग्य का विषय है, जिससे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सीधा लाभ मिलेगा.
NFSA एवं CGFSA पात्रताओं के क्रियान्वयन की राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने ली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा की अध्यक्षता में आज खाद्य आयोग के राज्य कार्यालय स्थित सभा कक्ष में NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013) एवं CGFSA (छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोग के सदस्य सचिव राजीव जायसवाल, सदस्यगण तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सदस्य सचिव श्री जायसवाल द्वारा आयोग की शक्तियों, दायित्वों एवं कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। उन्होंने बताया कि आयोग का प्रमुख दायित्व हितग्राहियों की पात्रताओं के क्रियान्वयन की सतत निगरानी, शिकायतों की जांच, जिला शिकायत निवारण अधिकारी के आदेशों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई तथा राज्य सरकार को आवश्यक अनुशंसाएं देना है।
बैठक में AAY, PHH, APL, निराश्रित एवं निशक्त श्रेणी के अंतर्गत निर्धारित राशन पात्रताओं की समीक्षा की गई। आयोग ने उचित मूल्य दुकानों में समय पर राशन वितरण, स्टॉक की सही प्रविष्टि, APL एवं फोर्टिफाइड चावल का पृथक भंडारण, FIFO प्रणाली के पालन, रैंडम बोरा तौल एवं विभागीय कॉल सेंटर नंबर के प्रदर्शन के निर्देश दिए।
पूरक पोषण आहार योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को पात्रता अनुसार पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों के भौतिक सत्यापन, आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण, फोर्टिफाइड चावल के उपयोग संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने तथा भवन एवं आधारभूत सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।
प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में निर्धारित मात्रा अनुसार भोजन सामग्री उपयोग, दैनिक मेन्यू का प्रदर्शन, माप-तौल उपकरण की उपलब्धता, किचन व भोजन क्षेत्र में स्वच्छता तथा कॉल सेंटर नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
आश्रम एवं छात्रावासों में प्रति छात्र निर्धारित खाद्यान्न वितरण, भोजन की गुणवत्ता, अधीक्षक के छात्रावास में अनिवार्य निवास, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं स्टॉक रजिस्टर अद्यतन रखने पर विशेष जोर दिया गया।
सितंबर से दिसंबर 2025 की अवधि में आयोग द्वारा 15 जिलों में निरीक्षण किया गया, जिसमें 33 उचित मूल्य दुकानें, 17 आंगनबाड़ी केंद्र, 13 स्कूल एवं 16 आश्रम/छात्रावास शामिल थे। निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर सभी विभागों को समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अध्यक्ष संदीप शर्मा ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं पोषण पहुंचाना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा आगे भी नियमित निरीक्षण एवं कड़ी निगरानी जारी रहेगी।
स्वच्छता नियमों की अनदेखी पर नगर निगम की सख्त कार्रवाई, फैक्ट्री-होटल पर जुर्माना
रायपुर। नगर निगम क्षेत्र के नैवेद्य फैक्ट्री और गुजराती मिष्ठान भंडार पर निरक्षण के दौरान लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की गई है. स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही के जन शिकायत पर सफाई व्यवस्था की पड़ताल में नैवेद्य फैक्ट्री द्वारा नगर निगम की नालियों में कचरा डाले जाने से नालियां जाम होने की जनशिकायत सही पाई गई. स्वास्थ्य अधिकारी ने फैक्ट्री संचालक पर तत्काल 10 हजार रुपए का जुर्माना करते हुए स्वच्छता व्यवस्था सुधारने निर्देश दिए.
इसी प्रकार जोन 4 क्षेत्र के गुजराती मिष्ठान भंडार के औचक निरीक्षण के दौरान एसटीपी नहीं मिलने पर डॉ. पाणिग्रही ने मिनी एसटीपी लगाए जाने नोटिस जारी कर निर्देश दिए. एसटीपी नहीं मिलने पर तत्काल 5 हजार रुपए ई जुर्माना वसूला गया. कार्रवाई के दौरान नगर निगम जोन 4 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी वीरेन्द्र चंद्राकर, निगम मुख्यालय के स्वच्छता निरीक्षक गिरिजेश तिवारी की उपस्थिति रही.
रोवर–रेंजर जंबूरी विवाद पर बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा बयान, अध्यक्ष नियुक्ति को बताया अवैधानिक
रायपुर। राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी को लेकर गरमाई सियासत पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बड़ा बयान दिया है। दिल्ली प्रवास से देर रात रायपुर लौटने के बाद एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि परिषद में वैधानिक प्रक्रिया की अनदेखी की गई। वैधानिक अध्यक्ष होने के बावजूद उन्हें हटाए बिना नए अध्यक्ष की घोषणा करना नियमों के खिलाफ है, जिसके चलते उन्होंने न्यायालय का रुख किया है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली दौरे और अन्य मुद्दों पर भी बयान दिया।
दिल्ली में कई बैठकों में शामिल हुए बृजमोहन
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान केमिकल फर्टिलाइजर की बैठक थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था कि देशभर के किसानों को किस तरह से सस्ती खाद उपलब्ध करा सकते हैं। दूसरी बैठक जेपीसी की बुलाई गई थी, जिसमें 1/30 अमेंडमेंट बिल है। इसमें कोई मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या मंत्री अगर 30 दिनों के लिए जेल चला जाता है, तो उसका पद अपने आप समाप्त हो जाएगा। तीसरी बैठक एस्टिमेट कमेटी की थी, जिसमें स्कूल शिक्षा और समग्र शिक्षा को नवोदय विद्यालयों को देने के लिए चर्चा की गई थी।
अध्यक्ष की जो घोषणा सरकार ने की है, वह वैधानिक नहीं – बृजमोहन अग्रवाल
राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी को लेकर गरमाई सियासत और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य अध्यक्ष की नियुक्ति पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वैधानिक अध्यक्ष होने के नाते मैंने विसंगतियों को उठाया। हमारी परिषद ने स्थगित करने का निर्णय लिया था। मैंने पार्टी और सरकार के वरिष्ठ लोगों के नॉलेज में पहले ही लाया था कि अध्यक्ष पद पांच साल के लिए होता है और अगर मुझे हटाए बिना अध्यक्ष की नियुक्ति होगी, तो मैं कोर्ट जाऊंगा। उन्होंने बताया कि मैं कोर्ट गया हूं। मुझे हटाए बिना अध्यक्ष की जो घोषणा सरकार ने की है, वह वैधानिक नहीं है।
मेरी स्थिति पर किसी को दुखी होने की जरूरत नहीं है – बृजमोहन
वहीं पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के बृजमोहन अग्रवाल की स्थिति देखकर दुख होता है वाले बयान पर पलटवार करते हुए सांसद अग्रवाल ने कहा कि मेरी स्थिति पर किसी को दुखी और खुश होने की जरूरत नहीं है, मैं अपनी स्थिति को बनाना जनता हूं।