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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान : आपात स्थितियों से निपटने एनएचएआई की पहल, दुर्घटना प्रबंधन को लेकर मॉकड्रिल आयोजित
रायपुर। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज राष्ट्रीय राजमार्ग–53 पर एक लाइव मॉक-ड्रिल का आयोजन किया गया।
मॉक-ड्रिल के दौरान यात्रियों, वाहन चालकों और एनएचएआई के फील्ड स्टाफ को विभिन्न आपात परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटना और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने के तरीकों का लाइव प्रदर्शन किया।
इस दौरान हार्ट अटैक की स्थिति में सीपीआर देने की सही और वैज्ञानिक तकनीक का डेमो दिया गया। साथ ही अचानक बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई जैसी मेडिकल आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार की जानकारी भी दी गई। मॉक-ड्रिल में वाहन में तकनीकी खराबी और सड़क दुर्घटना के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। दुर्घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित तरीके से वाहन से बाहर निकालने, संयम बनाए रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने के बारे में विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कोहरे और रात्रि यात्रा में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयास
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत एनएचएआई द्वारा सर्दियों के मौसम में कोहरे और रात के समय यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वाहनों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही वाहन चालकों और यात्रियों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील भी की जा रही है।
रायपुर में निगम का बुलडोजर एक्शन: टाटीबंध और सोनडोंगरी में अवैध कब्जों पर कार्रवाई, 18 दुकानें व 15 निर्माणाधीन मकान ध्वस्त
रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध कब्जों और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ नगर पालिक निगम ने सख्ती तेज कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को जोन क्रमांक 8 की टीम ने टाटीबंध और सोनडोंगरी क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। अभियान के दौरान अवैध रूप से निर्मित 18 दुकानों और 15 निर्माणाधीन मकानों को ध्वस्त किया गया।
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। वीर सावरकर नगर (वार्ड क्रमांक 1) के अंतर्गत अटारी जाने वाले मार्ग और ट्रांसपोर्ट नगर टाटीबंध के पास करीब 20 हजार वर्गफीट क्षेत्र में भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से बनाई गई 18 दुकानों को जेसीबी मशीनों की मदद से पूरी तरह गिरा दिया गया।
इसके अलावा पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड (वार्ड क्रमांक 2) के अवधपारा, सोनडोंगरी इलाके में की गई अवैध प्लॉटिंग पर भी बुलडोजर चला। यहां बिना किसी अनुमति के लगभग 15 मकानों का निर्माण किया जा रहा था, जिन्हें निगम की टीम ने तोड़ दिया। साथ ही अवैध कॉलोनी में काटी गई सड़कों को भी नष्ट किया गया।
जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने और अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान में कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता अमन चंद्राकर, उप अभियंता लोचन चौहान, अबरार खान सहित नगर निवेश विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।
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दो साल में किसानों को 94,960 करोड़ का भुगतान, धान खरीदी में रिकॉर्ड; कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गिनाईं विभागीय उपलब्धियां
रायपुर। कृषि, किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के दो वर्षों के कार्यों को लेकर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभागीय उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर काम कर रही है और “विकसित भारत” के लक्ष्य को ध्यान में रखकर नीतियां लागू की जा रही हैं। मंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में किसानों को सीधे उनके खातों में कुल 94 हजार 960 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जिससे प्रति किसान औसतन लगभग 3 लाख रुपये का लाभ पहुंचा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने खाद और बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की है। पहले यह एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब व्यवस्था मजबूत हुई है, जिसका सीधा असर कृषि उत्पादन पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलेगी। अब तक 18,644 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा किए जा चुके हैं और तय समयसीमा तक शेष किसानों से भी धान खरीदी पूरी कर ली जाएगी। बीते दो वर्षों में प्रदेश में धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है।
मंत्री नेताम ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, गौधाम योजना के तहत गौठानों की स्वीकृति, पशुओं के इलाज और देखभाल की व्यवस्थाओं तथा पॉम ऑयल की खेती के प्रति बढ़ते रुझान की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि किसान अब दलहन, तिलहन और मसालों की खेती की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।
इस मौके पर कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव शहला निगार ने विभागीय कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मिट्टी की उर्वरता और जलवायु को ध्यान में रखते हुए कृषि योजनाएं बनाई जा रही हैं। प्राकृतिक उर्वरकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और एग्रिस्टेक पोर्टल के माध्यम से संसाधनों का आबंटन किया जाएगा। रबी फसलों के क्षेत्र विस्तार के साथ दलहन और तिलहन को सरकार की प्राथमिकता में रखा गया है।
शहला निगार ने बताया कि 2047 विजन के तहत फसल उत्पादन में वैल्यू एडिशन पर फोकस किया जा रहा है और किसानों के एफपीओ को बढ़ावा दिया जाएगा। पिछले दो वर्षों में कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख किसानों को सहायता दी गई है। धान किसानों को रिकॉर्ड 25,265 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें वर्ष 2023-24 में 13,289 करोड़ और 2024-25 में 11,976 करोड़ रुपये शामिल हैं। वहीं 33 हजार गन्ना किसानों को 92.57 करोड़ रुपये का गन्ना बोनस दिया गया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 1.89 लाख किसानों को 854 करोड़ रुपये का लाभ मिला है और खरीफ 2025 से धान के अलावा अन्य फसलों के किसानों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। एससी-एसटी और महिला किसानों को बीज प्रमाणीकरण शुल्क पर शत-प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। प्राकृतिक खेती के लिए 23,050 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है। बीते दो वर्षों में 21 लाख क्विंटल से अधिक प्रमाणित बीज वितरित किए गए हैं, जबकि 2,200 से अधिक किसानों को ट्रैक्टर और 5,000 से ज्यादा किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रदेश में 22 हजार हेक्टेयर में ड्रिप और स्प्रिंकलर से सूक्ष्म सिंचाई, 38 हजार हेक्टेयर में जैविक खेती और 50 हजार हेक्टेयर में जैविक प्रमाणीकरण किया गया है। छत्तीसगढ़ में 36 गौ-धाम को मंजूरी मिली है, जिनमें से 11 पहले से संचालित हैं और प्रत्येक गौ-धाम में 150 से 200 घुमंतू पशुओं का संरक्षण किया जा रहा है। आने वाले समय में पशु नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ई-नाम पोर्टल में छत्तीसगढ़ मंडी बोर्ड को प्रथम पुरस्कार मिला है। मत्स्य बीज उत्पादन और मत्स्य पालन में छत्तीसगढ़ देश में छठे स्थान पर है और वर्ष 2025 में झींगा सह मछली पालन की शुरुआत की जाएगी। सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में नई संभावनाएं बन रही हैं और किसानों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
हिड़मा के उत्तराधिकारी बरसे देवा ने किया आत्मसमर्पण, 48 नक्सलियों के साथ हथियार डाले; PLGA बटालियन बिखरी
रायपुर। माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है। कुख्यात नक्सली नेता और हिड़मा का उत्तराधिकारी माने जाने वाले बरसे देवा ने शनिवार को तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। उसके साथ 48 अन्य नक्सलियों ने भी हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है।
कौन था बरसे देवा
माओवादी नेता हिड़मा के मारे जाने के बाद संगठन ने बरसे देवा को उसकी जगह शीर्ष जिम्मेदारी सौंपी थी। माना जाता है कि उसके आत्मसमर्पण के साथ ही माओवादियों की सबसे घातक मानी जाने वाली पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन लगभग पूरी तरह टूट चुकी है। पुलिस के अनुसार, बरसे देवा संगठन के लिए अत्याधुनिक हथियारों की व्यवस्था और सप्लाई नेटवर्क संभालने में अहम भूमिका निभाता था।
डीजीपी का बयान
तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सुविधाएं दी जाएंगी। प्रारंभिक सहायता के रूप में प्रत्येक को 25 हजार रुपये का चेक सौंपा गया है। साथ ही, जिन पर इनाम घोषित था, उन्हें नियमों के अनुसार इनामी राशि भी प्रदान की जाएगी।
क्यों अहम है यह आत्मसमर्पण
बरसे देवा और उसके साथियों का आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़–तेलंगाना सीमा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हिड़मा के बाद बरसे देवा ही सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती था। एक साथ बड़ी संख्या में शीर्ष नक्सलियों के हथियार डालने से इस इलाके में माओवादी गतिविधियों के लगभग समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है।
15 जनवरी को सेना दिवस पर रायपुर लोकसभा क्षेत्र में होगा ऐतिहासिक ‘सामूहिक वन्देमातरम’ का आयोजन, सांसद बृजमोहन ने ली तैयारियों को लेकर ली बैठक
रायपुर। 15 जनवरी को सेना दिवस के पावन अवसर पर रायपुर लोकसभा क्षेत्र में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिलेगा। वन्देमातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रायपुर एवं बलौदा बाजार–भाटापारा जिले के सभी शासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में एक साथ सामूहिक वन्देमातरम गान का ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा।
इस भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने आज संबंधित विभागों, शिक्षा संस्थानों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि रायपुर और बलौदा बाजार–भाटापारा क्षेत्र के लगभग 3000 स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में यह आयोजन होगा, जिसमें करीब 5 लाख विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। राजधानी रायपुर के सुभाष स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां 25,000 विद्यार्थी एक साथ वन्देमातरम का सामूहिक गान करेंगे। जिनके ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में NCC, NSS, रेडक्रॉस तथा स्काउट्स एंड गाइड्स के कैडेट्स की भी सक्रिय सहभागिता रहेगी। सभी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी सुबह 11 बजे एकत्रित होंगे। पहले प्रस्तावना का वाचन होगा और ठीक 12:55 बजे पूरे क्षेत्र में एक साथ वन्देमातरम गान आरंभ होगा। इसके पूर्व 11:30 से 12:30 बजे तक देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि महान साहित्यकार एवं राष्ट्रभक्त कवि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा 7 नवंबर 1875 को रचित वन्देमातरम गीत ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में जन-जन के भीतर राष्ट्रभक्ति की चेतना जगाने का कार्य किया। उसकी 150वीं वर्षगांठ और सेना दिवस जैसे गौरवपूर्ण अवसर पर यह आयोजन आज की पीढ़ी के मन में समर्पण, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को और सुदृढ़ करेगा।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक गीत का सामूहिक गायन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध, सेना के सम्मान और भारत माता के प्रति अटूट श्रद्धा से जोड़ने का एक ऐतिहासिक प्रयास है।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, निजी विश्वविद्यालय आयोग के अध्यक्ष वी के गोयल, पंडित रविशंकर विवि के कुलसचिव एस के पटेल, कुलसचिव तकनीकी विवि के कुलसचिव दिनेश सिन्हा, आयुष विवि के कुलसचिव, एडिशनल डायरेक्टर एविएशन सूरज कुमार साहू, डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ ए एस कन्नौजे, एडिशनल कमिश्नर नगर निगम मनोज पांडेय,
एनसीसी से स्क्वाड्रन लीडर एम जोरार, जिला स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक एम मिंज, एनटीपीसी के डीजीएम कम्युनिकेशन सहदेव सेठी, डॉ. लुकेश्वर सिंह गजपाल, प्रोग्राम कोआर्डिनेशन एनएसएस रायपुर, मृत्युंजय शुक्ला सचिव स्काउट्स एंड गाइड्स , प्रवेश जोशी जिला खेल अधिकारी, श्रीकांत चितले कृषि विवि, लक्ष्मी सिंह जवाहर नवोदय विद्यालय माना उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की मुलाकात, ‘बस्तर पंडुम 2026’ में किया आमंत्रित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति को बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं एवं लोक जीवन से अवगत कराते हुए कहा कि बस्तर पंडुम राज्य की जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह आयोजन तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका अंतिम चरण फरवरी 2026 में बस्तर में संपन्न होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विस्तार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जनजातीय संस्कृति से जुड़े इस आयोजन की सराहना करते हुए बस्तर पंडुम 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन, वेशभूषा सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा -
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विश्वास, विकास और सुरक्षा ही बस्तर की नई दिशा है, जहाँ अब हिंसा नहीं, शांति ही एकमात्र विकल्प बन चुकी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर रेंज के बीजापुर और सुकमा जिलों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है, जिसमें 14 माओवादियों को न्यूट्रलाइज़ किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति, सतत दबाव और मजबूत जमीनी पकड़ के कारण माओवादी नेटवर्क तेजी से कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों की अदम्य वीरता एवं प्रतिबद्धता, संवेदनशील पुनर्वास नीति तथा बस्तर की जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के शौर्य को नमन करते हुए अभियान में शामिल सभी जवानों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जो लोग अब भी हिंसा का रास्ता चुन रहे हैं, वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ें, सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएँ और सम्मानपूर्वक जीवनयापन करें अन्यथा राज्य शासन और सुरक्षा बल कानून एवं संविधान के अनुरूप अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की अंधेरी रात अब अपने अंतिम चरण में है और बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय सुनिश्चित है।
रायपुर नगर निगम का बड़ा एक्शन: 71 लाख से अधिक टैक्स बकाया पर 7 व्यावसायिक परिसर सील, पुष्प वाटिका मैरिज गार्डन पर सबसे कड़ी कार्रवाई
रायपुर। नए साल की शुरुआत के साथ ही रायपुर नगर पालिक निगम ने बड़े टैक्स बकायादारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में जोन क्रमांक 8 के राजस्व विभाग ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए सात प्रमुख बकायादारों के व्यावसायिक परिसरों को सील कर दिया। इन सभी पर नगर निगम का कुल 71 लाख 1 हजार 56 रुपये का कर बकाया है।
पुष्प वाटिका मैरिज गार्डन पर सबसे बड़ी कार्रवाई
रायपुरा स्थित पुष्प वाटिका मैरिज गार्डन पर निगम की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई। वार्ड क्रमांक 70 के अंतर्गत आने वाले इस मैरिज गार्डन के संचालकों पर करीब 46 लाख रुपये का टैक्स लंबे समय से बकाया था। कई बार नोटिस और अंतिम चेतावनी दिए जाने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर निगम की टीम ने मैरिज गार्डन को सीलबंद कर दिया।
इन बड़े बकायादारों पर भी लटका ताला
- राहुल धारीवाल: 18 लाख 17 हजार 223 रुपये।
- देवीलाल शर्मा: 10 लाख 10 हजार 705 रुपये।
- प्रितम सिंह: 5 लाख 23 हजार 112 रुपये।
- हरवंश सिंह व अन्य: 4 लाख 46 हजार 911 रुपये।
- अशोक कुमार, विजय कुमार व अन्य: 2 लाख 23 हजार 160 रुपये।
- आदिल खान: 1 लाख 39 हजार 493 रुपये।
अधिकारियों के निर्देश पर चला अभियान
यह कार्रवाई निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश और उपायुक्त राजस्व जागृति साहू के मार्गदर्शन में की गई। जोन 8 की जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल और सहायक राजस्व अधिकारी महादेव रक्सेल के नेतृत्व में राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की।
निगम की सख्त चेतावनी
जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने बताया कि सभी बकायादारों को पूर्व में कई बार डिमांड नोटिस और अंतिम नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद कर जमा नहीं करने पर मजबूरन यह कार्रवाई की गई है। नगर निगम ने साफ किया है कि आगे भी टैक्स न चुकाने वालों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मंत्री टंकराम वर्मा के निज सहायक दुर्गेश धारे हटाए गए, आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा की निजी स्थापना में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दुर्गेश धारे को मंत्री टंकराम वर्मा के निज सहायक के पद से हटा दिया है. उनकी संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है.
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CAF भर्ती 2018: अभ्यर्थियों का इंतजार बरकरार, गृहमंत्री से मिले आंदोलनकारी, समाधान का मिला आश्वासन
रायपुर। छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) की वर्ष 2018 की भर्ती प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं होने से प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। वर्षों से नियुक्ति की मांग कर रहे अभ्यर्थी राजधानी रायपुर के तूता क्षेत्र में लगातार आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार को लोकपर्व छेरछेरा के मौके पर अभ्यर्थी गृहमंत्री विजय शर्मा से मिलने उनके बंगले पहुंचे और अपनी मांगों से अवगत कराया।
अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि उनकी समस्या का कोई ठोस समाधान निकलेगा, लेकिन गृहमंत्री की ओर से उन्हें फिलहाल केवल आश्वासन ही मिला। विजय शर्मा ने कहा कि वे इस विषय पर मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान का प्रयास करेंगे। इसके बाद अभ्यर्थी लौट गए।
वर्षों से अधर में भर्ती प्रक्रिया
प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थी जितेंद्र दास ने बताया कि 2018 में निकली भर्ती का अब तक अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। इस दौरान राज्य में तीन सरकारें बदल गईं—रमन सरकार, भूपेश सरकार और वर्तमान साय सरकार—लेकिन वेटिंग लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों का इंतजार अब तक खत्म नहीं हुआ। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान गृहमंत्री इस लंबे इंतजार को समाप्त करेंगे।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में CAF भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की गई थी। मेरिट सूची में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर दी गई, जबकि वेटिंग लिस्ट में शामिल 417 उम्मीदवारों की भर्ती उस समय पद रिक्त न होने का हवाला देकर रोक दी गई। बाद में मेरिट सूची के कई अभ्यर्थी मेडिकल जांच में अनफिट पाए गए या उन्होंने नौकरी छोड़ दी, जिससे पद रिक्त हुए। हालांकि, सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों की भर्ती आगे नहीं बढ़ सकी।
समय बीतने के साथ स्थिति और गंभीर हो गई। 417 वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों में से अब 250 से अधिक उम्मीदवार ओवरएज हो चुके हैं, यानी आधे से ज्यादा अभ्यर्थी उम्र सीमा पार कर गए हैं। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया को लेकर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है।
IPS मनोज खिलारी होंगे गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के नए पुलिस अधीक्षक
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। राज्य सरकार ने मनोज कुमार खिलारी को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्ति किया है. जिसका आदेश देर रात गृह विभाग द्वारा जारी किया गया है.
बता दें कि 2014 बैच के IPS मनोज खिलारी अभी दूसरी वाहिनी बिलासपुर में कमांडेंट थे. जीपीएम जिले के पुलिस अधीक्षक 31 दिसंबर को रिटायर हो गए थे. जिसके बाद राज्य सरकार ने नए पुलिस अधीक्षक को पदस्थापना की है.
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छेरछेरा तिहार: सामाजिक समरसता और लोक संस्कृति का उत्सव, घर-घर अन्न दान लेकर मंत्री टंक राम वर्मा ने निभाई छेरछेरा की परम्परा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परम्पराओं में विशेष स्थान रखने वाले छेरछेरा तिहार के अवसर पर राज्य के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने धरसींवा विकासखंड के ग्राम तरपोंगी में पारंपरिक रूप से घर-घर जाकर अन्न दान ग्रहण किया। इस अवसर पर गांव में उत्साह, अपनत्व और लोक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।
मंत्री श्री वर्मा ने छेरछेरा की परम्परा का निर्वहन करते हुए ग्रामीणों से आत्मीय भेंट की और अन्न दान स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि छेरछेरा तिहार छत्तीसगढ़ की आत्मा से जुड़ा पर्व है, जो समाज में समानता, सहयोग और दान की भावना को सशक्त करता है। यह लोक पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।



मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि छेरछेरा केवल अन्न संग्रह का तिहार नहीं, बल्कि यह लोक संस्कृति, भाईचारे और मानवीय संवेदनाओं का उत्सव है। छत्तीसगढ़ की लोक परम्पराएं हमारी पहचान हैं और इन्हें संजोकर रखना हम सभी का दायित्व है। ऐसे पर्व समाज को जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराते हैं।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने पारंपरिक उल्लास के साथ मंत्री का स्वागत किया। गांव में छेरछेरा तिहार की रौनक देखते ही बन रही थी। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने पूरे उत्साह के साथ इस लोक पर्व में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि छेरछेरा छत्तीसगढ़ का लोकप्रिय पारंपरिक लोक-पर्व है, जिसे धान कटाई के बाद पौष मास (दिसंबर–जनवरी) में मनाया जाता है। यह पर्व राज्य की कृषि संस्कृति से गहराई से जुड़ा है। फसल कटने के उपरांत किसान ईश्वर और समाज के प्रति कृतज्ञता प्रकट करता है।
छेरछेरा मूल रूप से दान, सहयोग और आपसी भाईचारे का पर्व है। इस दिन गांव के बच्चे, युवा और बुजुर्ग टोली बनाकर घर-घर जाते हैं और लोकगीत गाते हुए अन्न या दान मांगते हैं। दरवाजे पर पहुंचकर
“छेरछेरा छेरछेरा, माई कोठी के धान ला हेरा…” का गायन किया जाता है, जिसका भाव यह होता है कि माता के भंडार में भरपूर धान है, उसमें से थोड़ा दान प्रदान करें।इकट्ठा की गई सामग्री का उपयोग सामूहिक भोज, जरूरतमंदों की सहायता एवं सामाजिक कार्यों में किया जाता है। यह पर्व अमीर-गरीब, जाति-धर्म के भेद को मिटाकर सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ाता है और नई पीढ़ी को साझा संस्कृति एवं लोक परम्पराओं से जोड़ता है। छेरछेरा तिहार के माध्यम से एक बार फिर छत्तीसगढ़ की लोक परम्पराओं की जीवंत झलक देखने को मिली, जिसने सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सशक्त संदेश दिया।
CGPSC भर्ती घोटाला: CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया 400 पन्नों का चार्जशीट, टामन सोनवानी समेत कई नाम शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ करीब 400 पन्नों का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है। इस मामले में तत्कालीन सीजीपीएससी चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, आरती वासनिक सहित बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल प्रमुख आरोपी हैं। इसके अलावा गोयल के बेटे शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार और साहिल सोनवानी भी आरोपियों में शामिल हैं।
फिलहाल इस प्रकरण में 12 आरोपी जेल में बंद हैं, जबकि उत्कर्ष चंद्राकर नामक एक आरोपी फरार है, जिसकी भूमिका परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी बताई जा रही है।
रिश्तेदारों के चयन पर उठे सवाल
सीबीआई की जांच के अनुसार, वर्ष 2021 में सीजीपीएससी द्वारा 171 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। प्रारंभिक परीक्षा 13 फरवरी 2022 को हुई, जिसमें 2,565 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। इसके बाद मुख्य परीक्षा में 509 उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए और मई 2023 में साक्षात्कार के बाद 170 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी की गई।
आरोप है कि इस चयन सूची में तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के पांच नजदीकी रिश्तेदारों का चयन किया गया। इनमें बेटे नीतेश सोनवानी और बहू निशा कोसले का डिप्टी कलेक्टर, भाई की बहू दीपा अगजले का जिला आबकारी अधिकारी, बहन की बेटी सुनीता जोशी का श्रम अधिकारी तथा बड़े भाई के बेटे साहिल सोनवानी का डीएसपी पद पर चयन शामिल है।
इसी तरह उद्योगपति श्रवण गोयल के बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार भी डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए थे। कुल मिलाकर लगभग डेढ़ दर्जन चयनित अभ्यर्थियों को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगे, जिसके बाद मामले को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की गई थी।
सीबीआई को सौंपी गई जांच
याचिका पर सुनवाई के बाद जांच के आदेश दिए गए और राज्य सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। जांच में यह भी सामने आया कि चयनित अभ्यर्थियों में तत्कालीन पीएससी चेयरमैन के रिश्तेदारों के साथ-साथ उद्योगपतियों और कांग्रेस नेताओं के परिवार से जुड़े लोग भी शामिल थे। सीबीआई अब आरोप पत्र के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए पाठ्यपुस्तक निगम प्रतिबद्ध, एनसीईआरटी मानकों के अनुरूप ही होगा पाठ्यपुस्तकों का मुद्रण
रायपुर। छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण सम्बन्धित सभी निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनसीईआरटी के मानकों तथा राज्य शासन एवं एससीईआरटी के निर्देशों के अनुरूप लिए गए हैं।
निगम द्वारा स्पष्ट किया गया कि कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों का पाठ्यक्रम एनसीईआरटी आधारित है तथा एनसीईआरटी और एससीईआरटी के बीच हुए अनुबंध में आंतरिक पृष्ठों के मुद्रण हेतु 80 जीएसएम कागज के उपयोग का स्पष्ट प्रावधान है। इस अनुबंध में यह भी उल्लेख है कि पाठ्यपुस्तकों की प्रिंट क्वालिटी, दीर्घकालिक स्थायित्व और पठनीयता को बनाए रखने के लिए 80 जीएसएम टेक्स्ट पेपर तथा 220 जीएसएम कवर पेपर का उपयोग किया जाना चाहिए। इसलिए कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों के लिए 80 जीएसएम और कक्षा 9 एवं 10 के लिए 70 जीएसएम कागज का उपयोग किया जा रहा है। यह निर्णय निगम स्तर पर अकेले नहीं लिया गया बल्कि अनुबंधीय प्रावधानों और शैक्षणिक मानकों के पालन में लिया गया है।
निगम के अधिकारियों ने यह भी बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप कक्षा 1 से 8 तक विषयों की संख्या में वृद्धि की गई है। पूर्व सत्र में 134 विषयों के स्थान पर आगामी सत्र में 144 विषयों की पुस्तकों का मुद्रण प्रस्तावित है। कक्षा 4 एवं कक्षा 7 में विषय वृद्धि शासन तथा एससीईआरटी के निर्णय के आधार पर की गई है। विषयों की संख्या बढ़ने के कारण कागज की आवश्यकता में स्वाभाविक वृद्धि हुई है, किंतु यह वृद्धि योजनाबद्ध और अनुमोदित प्रक्रिया के माध्यम से ही की गई है।
निगम के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि गत वर्ष लगभग 265 लाख पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण हेतु लगभग 11,000 मीट्रिक टन कागज का उपयोग किया गया था और आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 में भी लगभग इतनी ही मात्रा में कागज की आवश्यकता का अनुमान है। अतः कागज की असामान्य वृद्धि संबंधी आकलन सही नहीं हैं।
छात्रों के बस्ते का वजन 14 प्रतिशत बढ़ने के दावों का खंडन करते हुए निगम ने कहा कि केवल कागज के जीएसएम में परिवर्तन के आधार पर प्रतिशत वृद्धि का अनुमान वास्तविकता पर आधारित नहीं है। कई कक्षाओं में डिजिटल शिक्षण-सामग्री, वर्षवार वितरण प्रणाली और विभिन्न शैक्षणिक उपायों से विद्यार्थियों के बस्ते के वजन को नियंत्रित रखा जा रहा है। इसलिए बस्ते का वजन उल्लेखनीय रूप से बढ़ने संबंधी आशंकाएँ निराधार हैं।
निगम के अधिकारियों ने कहा कि पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निविदा प्रक्रिया में कठोर शर्तें लागू हैं। निविदाकर्ता कागज मिलों से जीएसटी विभाग के अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट तथा न्यूनतम 42,000 मीट्रिक टन प्रिंटिंग पेपर की आपूर्ति का प्रमाण अनिवार्य रूप से मांगा जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि केवल अनुभवी एवं सक्षम कंपनियाँ ही आपूर्ति में सहभागी हों तथा विद्यार्थियों तक उच्च गुणवत्ता वाली पुस्तकों की आपूर्ति हो।
छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण से संबंधित सभी निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनसीईआरटी के मानकों तथा राज्य शासन एवं एससीईआरटी के निर्देशों के अनुरूप लिए जाते हैं। निगम ने बताया कि कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों का पाठ्यक्रम एनसीईआरटी आधारित है तथा एनसीईआरटी, नई दिल्ली और एससीईआरटी रायपुर के मध्य 15 अक्टूबर 2025 को हुए अनुबंध के अनुसार आंतरिक पृष्ठों के लिए 80 जीएसएम कागज तथा आवरण के लिए 220 जीएसएम कवर पेपर के उपयोग का स्पष्ट प्रावधान है। अनुबंध की कंडिका-8 में यह भी उल्लेख है कि पाठ्यपुस्तकों की उत्पादन गुणवत्ता, मुद्रण, चित्रांकन एवं लेआउट एनसीईआरटी मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। निगम ने स्पष्ट किया कि शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए कागज क्रय एवं मुद्रण की कार्यवाही निगम की कार्यकारिणी द्वारा अनुमोदन उपरांत ही की जा रही है, जिसमें वित्त विभाग, आदिवासी विकास विभाग, लोक शिक्षा, समग्र शिक्षा, एससीईआरटी तथा शासकीय मुद्रणालय आदि के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में सम्मिलित हैं।
निगम ने जानकारी दी कि शिक्षा सत्र 2025-26 में लगभग 2 करोड़ 65 लाख निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण हेतु 9300 मीट्रिक टन रील कागज क्रय किया गया था तथा पूर्व सत्र से शेष लगभग 1700 मीट्रिक टन कागज का भी उपयोग किया गया। इस प्रकार पिछले शिक्षा सत्र में वास्तविक रूप से लगभग 11000 मीट्रिक टन कागज का उपयोग किया गया था। इसी आधार पर शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए भी लगभग 11000 मीट्रिक टन 70 एवं 80 जीएसएम कागज के क्रय की प्रक्रिया निविदा के माध्यम से की जा रही है। निगम ने यह भी बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप कक्षा 1 से 8 तक विषयों की संख्या में वृद्धि की गई है। पूर्व में 134 विषयों के स्थान पर शिक्षा सत्र 2026-27 में 144 विषयों की पुस्तकें मुद्रित की जाएंगी। कक्षा 4 और कक्षा 7 में विषयों की वृद्धि का निर्णय शासन एवं एससीईआरटी द्वारा लिया गया है, जिसके कारण स्वाभाविक रूप से पुस्तकों एवं कागज की आवश्यकता में वृद्धि हुई है।
निगम ने यह स्पष्ट किया कि छात्रों के बस्ते के वजन में वृद्धि को केवल कागज के जीएसएम परिवर्तन से जोड़कर प्रस्तुत करना भ्रामक है, क्योंकि बस्ते का वजन मुख्यतः विषयों की संख्या, पुस्तकों के पृष्ठों की संख्या तथा पाठ्यक्रम की संरचना पर निर्भर करता है। निगम ने कहा कि पाठ्यक्रम एवं विषयों से संबंधित समस्त शैक्षणिक निर्णय एससीईआरटी एवं राज्य शासन स्तर पर लिए जाते हैं तथा छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम इन स्वीकृत पुस्तकों के मुद्रण एवं वितरण की जिम्मेदारी का निर्वहन करता है। कागज, वजन और व्यय में अनावश्यक वृद्धि के संबंध में किए जा रहे अतिरंजित दावे तथ्यहीन हैं और वास्तविक स्थिति का प्रतिनिधित्व नहीं करते। अभिभावकों एवं शिक्षकों को से अपील की गई है कि भ्रमोत्पादक जानकारियों पर विश्वास न करते हुए आधिकारिक तथ्यों पर भरोसा करें। निगम के अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हैं और नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और नियमानुसार संचालित की जा रही है।
पुलिस आरक्षक भर्ती मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख, राज्य सरकार और व्यापम को जारी किया नोटिस
बिलासपुर। पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा की चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शासन और व्यापम को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों से तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
दरअसल, पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा मामले में दायर याचिका पर आज शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। परीक्षा में चयन प्रक्रिया में अनियमितता को लेकर 10 अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें सुनवाई करते हुए जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार और व्यापम को नोटिस जारी की है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 हफ्ते बाद निर्धारित की गई है।
बता दें कि 10 अभ्यर्थियों ने पुलिस आरक्षक भर्ती चयन प्रक्रिया में भर्ती नियम 2007 के उल्लंघन का जिक्र किया गया है। उनका कहना है कि कुल 5,967 पदों पर भर्ती होनी थी, लेकिन चयन सूची में केवल 2,500 अभ्यर्थियों के नाम जारी किए गए हैं।
शराब घोटाला मामला: हाईकोर्ट से चैतन्य बघेल को जमानत, भूपेश बोले– ‘सत्य की जीत’, डिप्टी सीएम ने कहा– आगे भी होगी सुनवाई
रायपुर। बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ईडी और ईओडब्ल्यू से जुड़े मामलों में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली। करीब 168 दिनों बाद चैतन्य बघेल जेल से बाहर आएंगे। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि यह सत्य की जीत है। साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा है। वहीं इस मामले में डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भी बयान दिया है।
भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खुशी की बात है कि चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट ने ED और EOW दोनों ही मामलों में बेल दी है। फरार व्यक्ति पप्पू बंसल के बयान के आधार पर उनकी गिरफ्तारी हुई थी और आज बेल मिल गई। दोनों मामलों में यह सत्य की जीत है। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं हो सकता। हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मैं कह रहा हूं कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों ने मिलकर परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ED और CBI के सभी मामलों में परेशान करने की कोशिश की गई। लेकिन कांग्रेस पार्टी के नेताओं का संबल, कार्यकर्ताओं का सहयोग और वकीलों ने जिस तार्किक ढंग से बात रखी, उसी से राहत मिली।
अब जनता भी जान चुकी है कि भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार विपक्षी दलों को टारगेट कर कार्रवाई करती है। जो लोग डर जाते हैं, वे पार्टी में शामिल हो जाते हैं या समझौता कर लेते हैं। जो नहीं डरते, वे जेल जाते हैं। जिन्हें जेल का भी भय नहीं है, उनका क्या बिगाड़ लेंगे। आज़ादी की लड़ाई में हमारे पुरखे जेलों में रहे हैं। जब वे अंग्रेजों से नहीं डरे, तो हम इनसे कहां से डरेंगे।
आगे भी होगी सुनवाई – डिप्टी सीएम शर्मा
चैतन्य की जमानत पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायालय का विचाराधीन प्रकरण रहा है और न्यायालय का फैसला आया है। आगे भी इस प्रकरण में सुनवाई होगी।
