रायपुर। छत्तीसगढ़ में 16 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की बेमियादी हड़ताल 18 अगस्त से लगातार जारी है। एनएचएम के संविदा कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगो को लेकर अब सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे है। 20 दिन से जारी हड़ताल के बाद अब हड़ताली कर्मचारियों ने सोमवार से नवा रायपुर में जल सत्याग्रह शुरू करने का ऐलान कर दिया है। आपको बता दे इससे पहले 25 NHM कर्मचारियों पर बर्खास्गी की कार्रवाई किया गया था। जिससे नाराज हड़ताली कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन इसे अब तक स्वीकार नही किया गया है।
गौरतलब है कि प्रदेश में एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र में गरीब मरीज उपचार स्वास्थ्य केंद्रो में ताला लगने से काफी परेशान है। बावजूद इसके एनएचएम कर्मचारी जहां अपनी मांगो को लेकर काम बंद हड़ताल पर अड़े हुए है। वहीं दूसरी तरफ सरकार हड़ताली कर्मचारियों के काम पर वापस लौटने को लेकर लगातार दबाव बना रही है। पिछले दिनों सरकार ने एनएचएम कर्मचारी संघ के 25 कर्मचारियों की बर्खास्गी का आदेश जारी किया था।
इस आदेश के बाद प्रदेशभर के हड़ताली कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया था। बावजूद इसके सरकार अब तक इस मसले पर कोई ठोस निर्णय नही ले सकी है। लिहाजा एनएचएम के हड़ताली कर्मचारी अब उग्र आंदोलन करने के मूड में नजर आ रहे है। रायपुर जिला एनएचएम संघ के संगठन मंत्री अमन दास ने बताया कि कर्मचारियों का गुस्सा अब चरम पर है। सरकार ने जल्द सुनवाई नहीं की तो विधानसभा का घेराव करेंगे। मंत्रियों-विधायकों के घरों के बाहर उग्र प्रदर्शन होगा। वहीं सोमवार से हड़ताली संविदा कर्मचारियों ने नवा रायपुर में जल सत्याग्रह शुरू करने का ऐलान कर दिया है। संगठन का साफ किया है कि सरकार से अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस फैसले चाहिए।
बलरामपुर। लुत्ती डैम टूटने से प्रभावित ग्रामीणों की पीड़ा को बांटने कृषि मंत्री रामविचार नेताम जिला अस्पताल बलरामपुर पहुँचे। उन्होंने अस्पताल के वार्डों में भर्ती घायलों से मिलकर उनका हालचाल जाना और ढांढस बंधाया। मंत्री ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सर्वाेत्तम चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान अस्पताल में भर्ती रेवती से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि यह संकट की घड़ी है, सरकार आपके साथ खड़ी है। आपके उपचार और पुनर्वास में हर संभव मदद किया जाएगा।इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक बैंकर वैभव रमनलाल, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थेे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार 9 सितंबर 2025 को दोपहर 3ः30 बजे मंत्रालय (महानदी भवन) अटल नगर, नवा रायपुर में राज्य मंत्रीपरिषद (कैबिनेट) की बैठक आयोजित होगी। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद साय कैबिनेट की यह पहली बैठक होगी, जिसमें सभी 14 मंत्री शामिल होंगे। इससे पहले पिछली बैठक 19 अगस्त को हुई थी। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश अब धीरे-धीरे थमती नजर आ रही है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले दो दिनों में राज्यभर में वर्षा की तीव्रता और वितरण में गिरावट देखने को मिलेगी। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञ का अनुमान
मौसम विशेषज्ञ संजय बैरागी ने बताया, “छत्तीसगढ़ में पिछले कई दिनों से जारी बारिश का असर अब धीरे-धीरे कम होने वाला है। अगले दो दिनों में प्रदेशभर में वर्षा के वितरण और उसकी तीव्रता में गिरावट देखने को मिलेगी। हालांकि, कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा होती रहेगी।”
मानसून की स्थिति
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की द्रोणिका (ट्रफ लाइन) फिलहाल जैसलमेर से दक्षिण राजस्थान, गुना, दमोह, पेंड्रा रोड, संबलपुर और गोपालपुर होते हुए बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। इसके अलावा—
दक्षिण राजस्थान में बना निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मध्य प्रदेश से उत्तर-पूर्वी झारखंड तक असर डाल रहा है।
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-आंध्र तट पर भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
इन मौसमी प्रणालियों की वजह से छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा और वज्रपात की संभावना बनी हुई है।
किसानों और आम जनता को राहत
लगातार बारिश के कारण जिन इलाकों में जलभराव और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था, वहां अब राहत की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में बारिश की तीव्रता घटने से फसलों को भी फायदा मिलेगा। वहीं, सामान्य जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की संभावना है।
रायपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ में बाढ़ प्रभावित जिले दंतेवाड़ा के लिए 5 करोड़ की सहायता राशि दी है। एमपी से राहत सामग्री लेकर एक ट्रेन छत्तीसगढ़ रवाना होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने CM मोहन यादव का आभार जताया है, X पोस्ट में सीएम साय ने लिखा, आपके इस सौजन्य के लिए हृदय से धन्यवाद मोहन यादव। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ न केवल पड़ोसी राज्य हैं, अपितु आत्मीय बंधन से जुड़े परिवार की तरह हैं। आपदा की घड़ी में आपका यह सहयोग निश्चित ही बस्तर संभाग के हमारे प्रभावित जनों को संबल प्रदान करेगा। पुनः धन्यवाद।
मोहन सरकार ने सहायता राशि दी सीएम मोहन यादव ने कहा, अतिवृष्टि के कारण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में आई बाढ़ से जन-धन की क्षति हुई है। पड़ोसी राज्य होने के नाते हमारा दायित्व है कि हर संभव सहायता पहुँचाएँ। इसी क्रम में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से ₹5 करोड़ की राशि एवं आवश्यक राहत सामग्री भेजी जा रही है। इस आपदा की घड़ी में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के साथ दृढ़ता से खड़ा है और आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ खेल विभाग ने राज्य के खिलाड़ियों के लिए बड़ी घोषणा की है। इस वर्ष करीब 80 खिलाड़ियों को खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। खिलाड़ियों की यह सूची 31 अगस्त को आयोजित विभागीय बैठक में तय कर दी गई है।खेल अलंकरण राज्य के उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश का नाम रोशन किया है। यह सम्मान न केवल खिलाड़ियों के परिश्रम की सराहना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को खेलों के प्रति प्रेरित करने का भी माध्यम है।
खिलाड़ियों की सूची हुई तय
खेल विभाग की बैठक में विभिन्न खेल संघों से प्राप्त प्रस्तावों पर विचार करते हुए खिलाड़ियों का चयन किया गया। इनमें अलग-अलग खेल विधाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।खेल विभाग जल्द ही एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है, जिसमें चयनित खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र, ट्रॉफी और नकद पुरस्कार भी दिए जाने की संभावना है।
खेल विभाग की पहल
खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह सम्मान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके मनोबल को बढ़ाने का प्रयास है। इसके जरिए प्रदेश में खेलों की संस्कृति को और अधिक मजबूती देने का लक्ष्य रखा गया है।सूची जारी होने के बाद खिलाड़ियों और उनके परिजनों में खुशी की लहर है। सम्मानित होने वाले खिलाड़ी मानते हैं कि यह पहल उनके लिए गर्व का क्षण है और यह उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगी।
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को राजधानी रायपुर में आतंकी फंडिंग से संबंधित एक अहम मामले में कार्रवाई की। एजेंसी ने राजू खान नामक आरोपी की 6.34 लाख रुपये की अचल संपत्ति को जब्त किया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत की गई है।
यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) और इंडियन मुजाहिदीन (IM) से जुड़ा हुआ है। ED की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन संगठनों की गतिविधियों को भारत में आर्थिक मदद पहुंचाने की साजिश रची जा रही थी।
FIR और शुरुआती जांच
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में दर्ज एक FIR से हुई थी। स्थानीय पुलिस ने संदेह के आधार पर मामला दर्ज किया था, जिसके बाद जांच राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों तक पहुंची। FIR में बताया गया था कि पाकिस्तान निवासी खालिद नामक शख्स के इशारे पर भारत में कई बैंक खातों का संचालन किया जा रहा था। इन खातों के माध्यम से धनराशि का लेन-देन कर आतंकी संगठनों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
आतंकी फंडिंग का खुलासा
जांच एजेंसियों ने पाया कि राजू खान ने भारत में कुछ बैंक खातों का उपयोग हवाला नेटवर्क और अन्य गैरकानूनी चैनलों के जरिए धन स्थानांतरण के लिए किया। प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल SIMI और इंडियन मुजाहिदीन जैसे संगठनों की गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया जा रहा था। यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क के तार सीमा पार बैठे खालिद और उसके सहयोगियों से जुड़े हुए हैं।
ED की भूमिका और आगे की कार्रवाई
ED ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की और आरोपों के प्रमाण मिलने के बाद राजू खान की अचल संपत्ति को अटैच कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति की कीमत करीब 6.34 लाख रुपये आंकी गई है।
एजेंसी ने साफ किया है कि यह कार्रवाई शुरुआती स्तर पर की गई है और आगे की जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं। ED अब उन लोगों की तलाश कर रही है, जिनके जरिए भारत में आतंकी फंडिंग नेटवर्क को चलाया जा रहा था।
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को जान से मारने की धमकी देने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंत्री सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
आरोप है कि रविंद्र यादव नामक व्यक्ति ने मंत्री और उनके पति को न केवल अशोभनीय गालियां दीं, बल्कि उन्हें किसी घोटाले में फंसाने की भी धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को भी अपशब्द कहे।घटना की शिकायत भाजपा कार्यकर्ताओं ने भटगांव थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी रविंद्र यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत का बयान
इस घटना पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जब मंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?” भगत ने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में अपराधियों के मन से शासन-प्रशासन का भय समाप्त हो गया है। उन्होंने इसे राज्य की कानून व्यवस्था की नाकामी करार दिया और कहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी घटना पर कड़ी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मंत्री और कार्यकर्ताओं को अपमानित करने की इस हरकत से साफ है कि आरोपी कानून और प्रशासन को चुनौती दे रहा था। भाजपा नेताओं ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, लेकिन साथ ही मांग की कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने की जुर्रत न करे।
पुलिस की कार्रवाई
भटगांव पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अगर आरोपी के खिलाफ और भी सबूत सामने आते हैं, तो IPC की अतिरिक्त धाराएं लगाई जा सकती हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि मंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।यह मामला अब पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका है। विपक्ष लगातार राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। वहीं, सत्तारूढ़ दल का कहना है कि सरकार किसी भी तरह के अपराध और धमकी देने वाले तत्वों को बख्शेगी नहीं।
रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रदेश सरकार के प्रत्यक्ष सहयोग से दोगुना लाभ मिल रहा है। डबल सब्सिडी और हाफ बिजली से मुफ्त बिजली की ओर छत्तीसगढ़ का संकल्प अब साकार होने लगा है। इस योजना से न केवल बिजली का खर्च कम होगा, बल्कि आम नागरिकों के लिए अतिरिक्त आय का साधन भी उपलब्ध होगा।
आवासीय मकानों की छतों पर सौर पैनल स्थापित कर स्वच्छ, किफायती और स्थायी ऊर्जा उपलब्ध कराना इस योजना का उद्देश्य है। वर्ष 2024 में घोषणा के बाद यह योजना देशभर में लागू की गई और अब छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इसमें अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित की है। पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही थी। राज्य सरकार की भागीदारी से यह राहत और बढ़ गई है। उदाहरणस्वरूप, 3 किलोवाट क्षमता के सौर पैनल की कुल लागत लगभग 1.50 लाख रुपये होती है। डबल सब्सिडी के पश्चात उपभोक्ताओं को अब केवल 30 से 40 हजार रुपये का व्यय करना होगा।
योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बैंकों से 6.5 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 वर्षों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे मासिक ईएमआई इतनी किफायती होगी कि यह मौजूदा बिजली बिल से भी कम साबित होगी। कुछ वर्षों पश्चात उपभोक्ता को जीवनभर मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। घर में आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली राज्य की वितरण कंपनियों को ग्रिड के माध्यम से बेची जा सकेगी। यह व्यवस्था विशेषकर ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त आय एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता का साधन बन रही है।
यह योजना केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी लाभकारी है। प्रत्येक घर “ग्रीन एनर्जी हब” के रूप में विकसित हो रहा है तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है, वहां सौर ऊर्जा के माध्यम से निर्बाध एवं स्वच्छ बिजली उपलब्ध होगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, इंस्टॉलेशन एवं रखरखाव कार्यों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रदेश सरकार का नारा है -हाफ बिजली से मुफ्त बिजली की ओर छत्तीसगढ़। इसका आशय यह है कि पहले जितनी राशि बिजली बिल के रूप में चुकानी पड़ती थी, अब उसी राशि से सौर पैनल स्थापित कर जीवनभर मुफ्त बिजली प्राप्त की जा सकती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए नागरिक https://pmsuryaghar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। निरीक्षण एवं इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जानकारी की कमी, डिजिटल आवेदन की जटिलता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु पंचायत स्तर पर सहायता केंद्र एवं फील्ड सपोर्ट टीम गठित करने की तैयारी की जा रही है।
डबल सब्सिडी, किफायती ऋण, अतिरिक्त आय और पर्यावरण संरक्षण जैसे बहुआयामी लाभों के साथ यह योजना छत्तीसगढ़ को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जागरूकता और जनभागीदारी से ही हर घर सौर -हर घर रोशन का सपना पूर्ण रूप से साकार हो सकेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों कर्मियों की हड़ताल लगातार जारी है। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कर्मियों से काम पर लौटने की अपील की है और उनकी मांगों के समाधान के लिए छह सदस्यीय समिति गठित करने का आश्वासन दिया है।
हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेशभर में NHM कर्मियों की हड़ताल लगातार जारी है। हजारों संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। मरीजों को इलाज और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।NHM कर्मी नियमितिकरण, वेतनवृद्धि और सेवा शर्तों में सुधार जैसी प्रमुख मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, वे काम पर नहीं लौटेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री की अपील
इस बीच प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार NHM कर्मियों की मांगों पर गंभीर है। उन्होंने कहा “NHM कर्मियों से मेरा अनुरोध है कि वे काम पर लौट आएं। उनकी मांगों पर विचार करने के लिए छह सदस्यीय टीम बनाई जाएगी। यह टीम दूसरे राज्यों से भी जानकारी लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।”
छह सदस्यीय टीम का गठन
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि टीम में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और वित्त विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। समिति को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।रिपोर्ट तैयार होने के बाद सरकार मांगों पर अभिमत के आधार पर निर्णय लेगी। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि समिति की अनुशंसा को गंभीरता से लिया जाएगा और कर्मियों के हित में सकारात्मक फैसला किया जाएगा।
मरीजों की बढ़ रही परेशानी
हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर काम ठप है, वहीं शहरी अस्पतालों में मरीजों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन इलाज करने वाले स्टाफ की कमी महसूस हो रही है। खासकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित एम्स रायपुर में भर्ती सुरजपुर जिले के विशंभर यादव से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सकों से विशंभर यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर इलाज के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने एम्स रायपुर में नीलू गुप्ता का भी हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री श्री साय को नीलू गुप्ता ने बताया कि वे और विशंभर यादव एक साथ ही सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशंभर यादव और नीलू गुप्ता को इलाज के लिए 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने विशंभर यादव की धर्मपत्नी उषा यादव से भी बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि इलाज के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल उपस्थित थे।
रायपुर। जिला पंचायत रायपुर की नवाचारी पहल के तहत बिहान योजना से जुड़ी स्व-सहायता समूह की दो दीदियां सुश्री हुलेश्वरी निषाद, ग्राम बनचरौदा, ब्लॉक आरंग एवं जागेश्वरी विश्वकर्मा ग्राम भरुआडीहकला, ब्लॉक तिल्दा आज ड्रोन पायलट प्रशिक्षण के लिए रवाना हुईं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में पहल की गई है।
दोनों दीदियां हरियाणा राज्य के गुरुग्राम जिले स्थित ड्रोन डेस्टिनेशन प्राइवेट लिमिटेड, बहोरा कलां, तहसील पटौदी में आयोजित 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में शामिल होंगी। इस प्रशिक्षण में देश के विभिन्न राज्यों से कुल प्रतिभागी सम्मिलित हो रहे हैं – पंजाब से 1, गुजरात से 1, महाराष्ट्र से 3 एवं छत्तीसगढ़ से रायपुर जिले की 2 दीदियां शामिल है।
इस कार्यक्रम में इफको (IFFCO) रायपुर का विशेष सहयोग रहा है। प्रशिक्षण उपरांत संस्थान द्वारा प्रत्येक प्रतिभागी को ड्रोन एवं परिवहन हेतु ई-ऑटो उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रशिक्षण पूर्ण कर लौटने के बाद दीदियां जिले के विभिन्न गांवों में किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से तरल उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव करेंगी। इस सेवा से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 300 रुपए की आमदनी होगी। यह पहल न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी बल्कि कृषि के आधुनिकीकरण और किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
जिला पंचायत के सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि “बिहान की दीदियों को ड्रोन संचालन जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ना, उन्हें उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने का प्रयास है। यह पहल प्रधानमंत्री की ‘लखपति दीदी’ योजना को साकार बनाने की दिशा में कारगर साबित होगी।”
दीदी हुलेश्वरी ने रवाना होने से पूर्व कहा, “हमारे लिए यह बहुत बड़ा अवसर है। पहले तक ड्रोन केवल टीवी और वीडियो में देखा था, अब हम खुद इसे संचालित करना सीखेंगे और किसानों की मदद करेंगे।”
वहीं दीदी जागेश्वरी ने कहा, “इस प्रशिक्षण के बाद हम आत्मनिर्भर बनेंगे और गांव की अन्य बहनों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन पाएं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित टाटीबंध में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मध्य भारत के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रथम रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ‘देव हस्त’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम है। यह ऐतिहासिक क्षण प्रदेश की जनता को अत्याधुनिक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं ‘देव हस्त’ पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन कर इस अत्याधुनिक तकनीक की औपचारिक शुरुआत की। यह सिस्टम मध्य भारत के किसी शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में स्थापित होने वाला पहला रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एम्स रायपुर में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भर्ती होने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा हेतु एम्स रायपुर में सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास निर्माण की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं। आज जिस रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ हो रहा है, उसे ‘देव हस्त’ नाम दिया गया है। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि एम्स रायपुर में भर्ती होने वाले अन्य राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा। एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार मील का पत्थर साबित हो रहा है।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स रायपुर से मुझे विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि “जब रायपुर एम्स के निर्माण को स्वीकृति मिली, उस समय मैं सांसद था और प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से छत्तीसगढ़ में एम्स की शाखा स्थापित करने का आग्रह किया था। यह आवश्यक था ताकि दिल्ली स्थित एकमात्र एम्स पर मरीजों का दबाव कम हो और अन्य राज्यों के लोगों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके राज्य में ही उपलब्ध हो। हमारा सौभाग्य है कि जिन छह राज्यों में एम्स स्थापित करने की स्वीकृति मिली, उनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल था।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने परिजन निवास की घोषणा करते हुए कहा कि “दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा कितनी आवश्यक है, यह मैं भली-भांति समझता हूं। सांसद रहते हुए दिल्ली स्थित मेरे आवास को लोग ‘मिनी एम्स’ कहते थे क्योंकि वहां मैं मरीजों के परिजनों की रुकने की व्यवस्था करता था। जनसेवा का यह कार्य मेरे दिल के बेहद करीब है। 2014 से 2019 के संसदीय कार्यकाल में मैंने लगभग 12 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से मरीजों को दिलवाए थे। रायपुर में भी कुनकुरी सदन में मरीजों के परिजनों की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के लोग उठाते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 20 महीनों में सरकार बनने के बाद राज्य में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जीवनशैली और खान-पान में बदलाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हुई है और इनका इलाज भी महंगा होता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की, जिसके अंतर्गत गरीब वर्ग के लोगों को पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। अब वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के मरीजों को भी यह सुविधा प्रदान की जा रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समय के साथ जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ बढ़ रही हैं, वहीं बीमारियों का दायरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रोबोटिक सर्जरी का विशेष महत्व है। इसके माध्यम से चिकित्सकीय क्षमता और गुणवत्ता में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। छत्तीसगढ़ को ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का अत्यधिक लाभ मिलेगा और शीघ्र ही राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘देव हस्त’ के नामकरण हेतु आयोजित प्रतियोगिता की विजेता ज्योत्स्ना किराडू को पाँच हजार रुपये की पुरस्कार राशि भेंट की। कार्यक्रम में एम्स रायपुर के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल, विभागाध्यक्ष डॉ. देवज्योति मोहंती, बड़ी संख्या में चिकित्सा छात्र और गणमान्यजन उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF घोटाला केस में ED ने 4 करोड़ रुपए नकद और 10 किलो चांदी की ईंटें बरामद की हैं। इसके साथ ही कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। ED को इन दस्तावेजों में भ्रष्टाचार और अवैध लेन-देन से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं।
रायपुर जोनल ऑफिस की ED टीम ने 3 और 4 सितंबर को राज्यभर में 28 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। ED की अलग-अलग टीमें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत रायपुर, दुर्ग, भिलाई और गरियाबंद में दबिश दी थी। ED के मुताबिक 2 दिनों तक चली जांच में ठेकेदारों, वेंडर्स और लाइजनरों के दफ्तरों और आवासों को खंगाला गया। ये सभी आरोपी छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड (बीज निगम) से जुड़े हुए हैं। ED के मुताबिक DMF घोटाले की परतें इन्हीं नेटवर्क के जरिए खुल रही हैं।
ED के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई FIR के आधार पर शुरू की है, जिसे छत्तीसगढ़ पुलिस ने दर्ज की थी। इन FIR में ठेकेदारों, वेंडर्स और सरकारी अधिकारियों पर आरोप लगाए गए थे। खनन प्रभावित इलाकों के लिए बनी DMF राशि का दुरुपयोग किया गया। साथ ही इसे घोटाले में बदल दिया गया।
जांच में सामने आया कि बीज निगम के जरिए DMF की करोड़ों की राशि खर्च दिखाकर हेरफेर किया गया। वेंडर्स और ठेकेदारों को कृषि उपकरण, पल्वराइज़र, मिनी दाल मिल और बीज सप्लाई करने के नाम पर ठेके दिए गए। इन ठेकों पर 40 से 60% तक कमीशन वसूला गया, जिसे लाइजनरों के जरिए अफसरों और नेताओं तक पहुंचाया जाता था। ED के मुताबिक सिर्फ इसी प्रक्रिया में करीब 350 करोड़ रुपए की DMF राशि के दुरुपयोग का अंदेशा है।
कवर्धा। कवर्धा में प्रदेश के पांचवे क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ हुआ। MLA भावना बोहरा ने ख़ुशी जाहिर की और कहा, साथ ही प्रयोगशाला परिसर, वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं जांच उपकरणों का अवलोकन व निरीक्षण किया.
इस प्रयोगशाला से कबीरधाम व आसपास के जिलों में अपराधों की त्वरित जाँच संभव होगी, कानून व्यवस्था मजबूत होगी, जनता का न्याय पर विश्वास बढ़ेगा और न्यायिक प्रक्रिया और तेज व पारदर्शी बनेगी।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, छत्तीसगढ़ अपराधों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक वैज्ञानिक एवं सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रगति कर रहा है। इसी कड़ी में आज कवर्धा जनपद कॉम्प्लेक्स में प्रदेश की पाँचवीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ हुआ, जो न्याय व्यवस्था को नई गति और मजबूती प्रदान करेगी। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि, विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रायपुर। राजधानी रायपुर की विशेष प्रवर्तन निदेशालय (ED) अदालत में शनिवार को बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई गई। अदालत ने सुनवाई के बाद उनकी न्यायिक रिमांड 15 सितंबर तक बढ़ा दी।
15 सितंबर को पेश हो सकता है चालान
कानूनी जानकारों के मुताबिक, ED अब चैतन्य बघेल के खिलाफ चालान दाखिल करने की तैयारी में है। संभावना जताई जा रही है कि 15 सितंबर को न्यायालय में उनके खिलाफ चालान पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि चालान दाखिल होने के बाद आरोप तय करने और मुकदमे की दिशा तय करने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
शराब घोटाला मामला
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ में हुए कथित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि राज्य में शराब की बिक्री और वितरण व्यवस्था में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं, जिसके चलते हजारों करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। ED का दावा है कि इस घोटाले में कई प्रभावशाली लोग शामिल रहे हैं और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अवैध कमाई को छिपाने का प्रयास किया गया।
राजनीतिक हलकों में हलचल
चैतन्य बघेल की पेशी और न्यायिक रिमांड बढ़ाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहले भी आरोप लगाया था कि यह पूरा मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और विपक्ष को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा है। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि ED की जांच तथ्यों पर आधारित है और इस घोटाले में दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
विशेष अदालत में सुनवाई
इस मामले की सुनवाई रायपुर की विशेष ED कोर्ट में की जा रही है। अदालत ने पिछली तारीख पर भी चैतन्य की रिमांड को बढ़ाया था। सुरक्षा कारणों से उन्हें सीधे अदालत में पेश नहीं किया गया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई गई। अदालत ने सभी पक्षों को 15 सितंबर की अगली तारीख के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में वित्तीय संसाधन कभी बाधा नहीं बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश चैप्टर के दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ कर विशेषज्ञों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज रायपुर के छात्रों के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से नए छात्रावास निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों मरीज आज विशेषज्ञ चिकित्सकों के परिश्रम और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों के कारण संजीवनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए शोध से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश में अनेक मरीजों का इलाज संभव हुआ है। जीएसटी में कैंसर की दवाइयों और उपकरणों को सस्ता किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। श्री साय ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया जा रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकारी अस्पताल नवीनतम तकनीक अपनाने में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कैंसर की पहचान में बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसे तेजी से शामिल कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर रही है और नये मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार हर विकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नये अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एरोकॉन 2025 संगोष्ठी कैंसर की रोकथाम और उपचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एरोकॉन 2025 के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। इससे इस बीमारी के इलाज में नये आयाम खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यभारत के अन्य राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनों के माध्यम से यहां चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रायपुर राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिकतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ होंगे, मानसिक रोगियों के लिए पृथक चिकित्सालय और नेचुरोपैथी कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा में 232 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों की वृद्धि की जाएगी तथा रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी नवीनतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ चिकित्सकगण, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कोरबा। कोरबा में आज दोपहर तीन बच्चों की तालाब में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि तीनों मृतक पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिस कर्मियों के बच्चे है। इस घटना की जानकारी मिलते ही कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी घटनास्थल पहुंचे। तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिया गया है। उधर इस घटना की जानकारी के बाद पुलिस लाइन में मातम व्याप्त है।
जानकारी के मुताबिक ये घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिस परिवार के बच्चे आज स्कूल की छुट्टी होने के कारण रिसदी स्थित तालाब में नहाने गये थे। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान तीन बच्चे एकाएक तालाब की गहराई में चले गये और डूबने लगे। देखते ही देखते तीनों बच्चे तालाब में डूब गये।
मरने वाले बच्चोें में 9 वर्षीय युवराज ठाकुर, 12 वर्षीय प्रिंस जगत और 13 वर्षीय आकाश लकड़ा शामिल है। उधर इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। गोताखोरो की मदद से बच्चों के शव बाहर निकाले गये। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सिद्धार्थ तिवारी भी मौके पर पहुंचे। बच्चों के शव मिलने के बाद पीड़ित पुलिस कर्मियों के साथ ही पूरे पुलिस लाइन में मातम व्याप्त है। पुलिस ने इस घटना पर शव का पंचनामा कर मर्ग कायम कर लिया है।