शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की रिमांड 15 सितंबर तक बढ़ी
रायपुर। राजधानी रायपुर की विशेष प्रवर्तन निदेशालय (ED) अदालत में शनिवार को बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई गई। अदालत ने सुनवाई के बाद उनकी न्यायिक रिमांड 15 सितंबर तक बढ़ा दी।
15 सितंबर को पेश हो सकता है चालान
कानूनी जानकारों के मुताबिक, ED अब चैतन्य बघेल के खिलाफ चालान दाखिल करने की तैयारी में है। संभावना जताई जा रही है कि 15 सितंबर को न्यायालय में उनके खिलाफ चालान पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि चालान दाखिल होने के बाद आरोप तय करने और मुकदमे की दिशा तय करने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
शराब घोटाला मामला
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ में हुए कथित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि राज्य में शराब की बिक्री और वितरण व्यवस्था में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं, जिसके चलते हजारों करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। ED का दावा है कि इस घोटाले में कई प्रभावशाली लोग शामिल रहे हैं और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अवैध कमाई को छिपाने का प्रयास किया गया।
राजनीतिक हलकों में हलचल
चैतन्य बघेल की पेशी और न्यायिक रिमांड बढ़ाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहले भी आरोप लगाया था कि यह पूरा मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और विपक्ष को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा है। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि ED की जांच तथ्यों पर आधारित है और इस घोटाले में दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
विशेष अदालत में सुनवाई
इस मामले की सुनवाई रायपुर की विशेष ED कोर्ट में की जा रही है। अदालत ने पिछली तारीख पर भी चैतन्य की रिमांड को बढ़ाया था। सुरक्षा कारणों से उन्हें सीधे अदालत में पेश नहीं किया गया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई गई। अदालत ने सभी पक्षों को 15 सितंबर की अगली तारीख के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।