प्रदेश
भाजयुमो द्वारा 2 जुलाई को “युवा संसद” कार्यक्रम का आयोजन: राजधानी में जुटेंगे प्रदेश भर के युवा, आपातकाल की विभीषिका से कराया जाएगा अवगत
रायपुर। भाजपा के एकात्म परिसर कार्यालय में आज आयोजित पत्रकार वार्ता में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश प्रभारी आलोक डंगस ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि 25 जून 1975 को लगे आपातकाल के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा एक दिवसीय “युवा संसद” कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 2 जुलाई 2025 को रायपुर स्थित अग्रसेन धाम में होगा, जिसमें प्रदेश भर से युवाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि युवा संसद का आयोजन का उद्देश्य आपातकाल के कालखंड जो स्वतंत्र भारत इतिहास के सबसे अलोकतांत्रिक काल रहा, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार के द्वारा असंवैधानिक रूप से आपातकाल लगाकर संविधान की हत्या की गई। साथ ही देश के नागरिकों को मिलने वाले संवैधानिक अधिकारों का भी निलंबन हुआ और लोकतांत्रिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। इसके बारे में युवाओं को जानकारी देकर जागरूक करना है।
भाजयुमो प्रदेश प्रभारी आलोक डंगस ने कहा कि आज पूरे देश के वर्तमान युवा पीढ़ी को यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि जिस प्रकार तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के काग्रेस सरकार ने अपने फायदे के लिए देश को आपातकाल के आग में धकेल दिया। आपातकाल हमारे देश में किसी प्रकार के आपात की स्थिति में लगाने की संविधान में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार ने अपने व्यक्तिगत हितों के लिए स्वतंत्र भारत के इतिहास में आपातकाल लगाकर हमारे देश के आम जनता का शोषण किया।
उन्होंने कहा कि लाखों नागरिकों को जेल में डालकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया। भारत एक लोकतांत्रिक देश है यहां बहुदलीय प्रणाली की व्यवस्था है परंतु उस समय कांग्रेस के अलावा अन्य सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को जेल में डालकर अमानवीय यातनाएं दी गई व विपक्ष की आवाज को दबाने का पूरा प्रयास किया गया और मनमानी गिरफ्तारी, हिरासत में अत्याचार किया गया। नागरिक समाज, छात्र राजनीतिक दलों का लक्षित दमन किया गया।
भाजयुमो प्रदेश प्रभारी आलोक डंगस ने कहा कि सिर्फ विपक्ष को ही नहीं बल्कि लोकतंत्र के कहे जाने वाले चौथे स्तंभ प्रेस मीडिया, प्रिंट मीडिया की स्वतत्रता बंद कर दी गयी। प्रेस सेंसरशीप मीडिया संचार माध्यमों पर जबरन नियंत्रण साथ ही जिन मीडिया समूह ने कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया उनके कार्यालय को आग तक लगा दिया गया। इस प्रकार लोकतंत्र के चौथे आधार स्तंभ का भी गला घोंटा गया। इन विषयों को लेकर देश के वर्तमान पीढी के समक्ष आपातकाल के दौरान घटित असंवैधानिक घटनाओं को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के द्वारा मॉक पार्लियामेंट का आयोजन रायपुर स्थित अग्रसेन धाम में 2 जुलाई को होगा, जिसमें प्रदेश के सभी अध्ययनरत युवाओं को शामिल होने के लिए आग्रह किया गया है।
इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ शासन के केबिनेट मंत्री व समापन सत्र में अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित रहेंगे।
इस दौरान पत्रकार वार्ता में भाजयुमो प्रदेश महामंत्री अंकित जायसवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र नाग, प्रदेश मंत्री पीयूष ठाकुर गौरी गुप्ता, मीडिया प्रभारी विकास मित्तल, मनीष पाण्डे, अमन यादव, गोविंदा गुप्ता, फ़नेंद्र वर्मा मौजूद रहें।
छत्तीसगढ़ का समग्र विकास सहकारिता से संभव - केदार कश्यप
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों के "मंथन बैठक" सम्मिलित हुए मंत्री केदार कश्यप
सहकारिता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार के विजन को लेकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह से चर्चा
रायपुर। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा 30 जून 2025 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की एक मंथन बैठक आयोजित हुई। जिसमें सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रगति की समीक्षा, विचारों के आदान-प्रदान और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार किया जायेगा. सहकारी क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप इस बैठक में सम्मिलित हुए उन्होंने बैठक कि जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक भारत के सर्वांगीण विकास और उन्नति के लिये थी। जिसमें सहकारिता के क्षेत्र में किये जा रहे पहलों और नवाचार पर चर्चा किया गया साथ ही भविष्य के योजनाओं पर विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी का मार्गदर्शन और विजन प्राप्त हुआ।
बैठक के मुख्य विषय को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस मंथन बैठक में सहकारी क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर विचार-विमर्श होगा. इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की वित्तीय मजबूती के लिए उठाए गए कदम जैसे सहकारी बैंकों से जुड़ी समस्याओं के समाधान, राज्य सहकारी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए साझा सेवा इकाई की स्थापना और शहरी सहकारी बैंकों के संचालन के लिए एक संगठन बनाने पर मंथन किया गया है। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस बैठक में सहकारिता मंत्रालय की अब तक की पहल और योजनाओं की समग्र समीक्षा करने के साथ-साथ सहकारिता मंत्रालय के प्रगति का मूल्यांकन, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों से अच्छे अनुभवों, श्रेष्ठ प्रक्रियाओं और रचनात्मक सुझावों का आदान-प्रदान हुआ। उन्होंने कहा कि निश्चित ही यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए साझा समझ और समन्वित रणनीति विकसित करने में मदद करेगा।
पैक्स को सशक्त बनाने पर विस्तृत चर्चा
मंत्री केदार कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि मंथन बैठक में 2 लाख नयी बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। वहीँ सरकार का मानना है कि ग्रामीण सेवा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम सहकारिता के जरिए संभव है। इस दौरान सहकारी क्षेत्र में ‘विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना’ पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और किसानों को सशक्त बनाना है। साथ ही, ‘सहकारिता में सहकार’ अभियान और ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के तहत राज्यों की प्रगति और सहभागिता पर विचार किया गया।
छत्तीसगढ़ में सहकारिता के संभावनाओं पर चर्चा
मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता के क्षेत्र में संभावनाओं को लेकर केंद्रीय सहकारिता मंत्री से चर्चा की। उन्होंने बताया कि नई सहकारी समितियों का गठन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में 500 नए बहुउद्देशीय पैक्स के गठन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिससे किसानों को कृषि ऋण, खाद बीज और अन्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल भी विष्णुदेव साय सरकार द्वारा की जा रही है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, और 57 से अधिक नई दुग्ध समितियों का रजिस्ट्रेशन किया गया है।मत्स्य पालन को बढ़ावा: 169 नई मत्स्य समितियों का गठन किया गया है, जिससे मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बैंकिंग सुविधा: प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिससे किसानों को बैंकिंग सुविधा घर के पास ही मिल सकेगी।मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ सरकार के विजन को लेकर कहा कि विष्णुदेव साय सरकार केंद्र के मार्गदर्शन में सहकारिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कार्य करेगी।
किफायती दर पर लोगों को मिल रहा आवास : गृह निर्माण मंडल की 30% तक छूट का असर, 4 माह में 162 करोड़ की 1050 संपत्तियों का हुआ विक्रय
किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य : मंत्री चौधरी
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा है कि हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक और किफायती दरों पर आवास उपलब्ध हो. गृह निर्माण मंडल द्वारा लागू की गई OTS-2 योजना इस दिशा में एक सफल और महत्वपूर्ण कदम है. हमने मंडल को आगे भी इसी सोच के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं.
सभी वर्ग के लोग उठा सकते हैं योजना का लाभ
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि योजना को जनसमर्थन मिलने का मुख्य कारण इसकी पारदर्शिता, छूट की सुविधा और वर्गानुसार विभिन्न विकल्पों की उपलब्धता है. हमने सभी वर्गों की आवासीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की है. हमारा उद्देश्य हर व्यक्ति को उसकी आवश्यकता और सामर्थ्य के अनुसार घर उपलब्ध कराना है. हमें खुशी है कि हम इस दिशा में सफल हो रहे हैं.
लोगों को सस्ते दर पर आवास उपलब्ध कराने का है लक्ष्य
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए है, जो अपने घर का सपना साकार करना चाहते हैं, परंतु वित्तीय दृष्टिकोण से उनके लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने इस योजना के तहत लोगों को छूट प्रदान कर उन्हें सस्ता और बेहतर आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. यह योजना मंडल के लिए मील का पत्थर साबित होगा. वहीं इस योजना का लाभ सभी को उठाना चाहिए, क्योंकि इस तरह का मौका शायद दोबारा मिलना बेहद मुश्किल है.
अवैध बैनर-पोस्टर लगाने वालों पर लगाया 10-10 हजार का जुर्माना FIR की चेतावनी
रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम ने शहर की सुंदरता और प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में दो बड़े कदम उठाए हैं. पहला, जोन 5 के चंगोराभाठा बाजार चौक के पास शासकीय संपत्ति पर अवैध बैनर-पोस्टर लगाने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की गई है. दूसरा, निगम के सहायक राजस्व अधिकारियों की जोनों में नई पदस्थापना का आदेश जारी किया गया है.
अवैध बैनर-पोस्टर पर 10-10 हजार का जुर्माना
महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन 5 के नगर निवेश विभाग ने चंगोराभाठा बाजार चौक के पास शासकीय पोल पर अवैध बैनर-पोस्टर लगाकर शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचाने वाले चार संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की है. इनमें अगस्त्या एकेडमी ऑफ साइंस (अनाज भंडार के पास), कृष्णा किड्स एकेडमी (एसबीआई कॉलोनी, सुंदर नगर), शिक्षा कोचिंग सेंटर (अश्वनी नगर, महाराष्ट्रीयन तेली समाज भवन के पास) और आईएसबीएम यूनिवर्सिटी शामिल हैं. इनके संचालकों को छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 के उल्लंघन के लिए नोटिस जारी कर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
जोन 5 के जोन कमिश्नर खीरसागर नायक ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित संस्थान तीन दिन के भीतर जुर्माना राशि जोन 5 नगर निवेश विभाग में जमा करें और भविष्य में बिना अनुमति शासकीय स्थानों पर बैनर-पोस्टर न लगाएं. नोटिस में चेतावनी दी गई है कि नियमों का पालन न करने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की जाएगी, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे.
सहायक राजस्व अधिकारियों की नई पदस्थापना
दूसरी ओर, निगम आयुक्त विश्वदीप ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए सहायक राजस्व अधिकारियों की जोनों में अस्थायी रूप से नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. नई पदस्थापना इस प्रकार है:
- जोन 1 के नरेंद्र नायक को जोन 9
- जोन 2 की स्वाति शुक्ला को जोन 6
- जोन 3 के प्रेमचंद दुबे को जोन 2
- जोन 4 के मानकूराम धीवर को जोन 3
- जोन 5 के गौरीशंकर अग्रवाल को जोन 10
- जोन 6 के मनीष मरकाम को जोन 1
- जोन 7 के अमरनाथ साहू को जोन 4
- जोन 8 के प्रमोद जाघव को जोन 5
- जोन 9 के विजय शर्मा को जोन 7
- जोन 10 के महादेव रक्सेल को जोन 8
जर्जर सड़क को लेकर फूटा ग्रामीणों का आक्रोश, नेशनल हाइवे पर किया चक्काजाम
जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम जर्वे के नाराज़ ग्रामीणों ने जर्जर सड़क के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग 49 (NH-49) पर चक्काजाम कर दिया. पहले ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट रोड पर विरोध जताया, फिर रूट बदलकर खोखसा ओवरब्रिज के पास चक्काजाम कर दिया. ग्रामीणों ने जमकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. हालांकि 6 घंटे के बाद कलेक्टर ने फोन पर बातचीत की, जिसके बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया.
दरअसल, जर्वे गांव की दूरी जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर है. लगभग सालभर पहले भी ग्रामीणों ने जर्वे – पीथमपुर मार्ग की बदहाली को लेकर प्रदर्शन किया था. लेकिन आश्वासन के सालभर बाद भी कोई पहल नहीं होने पर आज एन एच 49 पर चक्का जाम कर दिया. जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने ग्रामीणों को समर्थन दिया.
ग्रामीणों में भारी आक्रोश

चक्काजाम की सूचना पर पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा, जहां प्रदर्शन में जुटे ग्रामीणों को समझाइश दी गई. हालांकि ग्रामीणों की मांग पर पीडब्लूडी अधिकारी ने चुप्पी साध ली.
क्या है ग्रामीणों की मांगे ?

- तत्काल सड़क का मरम्मत
- नवम्बर महीने तक सड़क निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरा करने का लिखित आश्वासन
बता दें कि जांजगीर-चांपा जिले के अधिकांश सरकारी भवन जर्वे गांव की भूमि पर बने हुए हैं. बाबा कलेश्वरनाथ के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पीथमपुर इसी मार्ग से होकर जाते हैं. इसके बावजूद प्रशासन ने इस सड़क की न तो मरम्मत कराई है और न ही पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है.
कलेक्टर के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म
प्रदर्शन के करीब छह घंटे बाद अपर कलेक्टर की समझाइश के बाद ग्रामीण बातचीत के लिए राजी हुए. इसके बाद कलेक्टर ने विधायक ब्यास कश्यप से फोन पर बात कर ग्रामीणों को आश्वासन दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर सड़क की मरम्मत शुरू कर दी जाएगी. वहीं दिसंबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा.
विधायक ब्यास कश्यप ने घोषणा करते हुए कहा कि अगर तय समय पर सरकार द्वारा सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आगामी विधानसभा सत्र 2026-27 तक अपनी विधायक निधि से 3 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर स्वयं सड़क बनवाएंगे.
छत्तीसगढ़ में चल रहा है 46 हजार करोड़ रुपए से रेलवे का काम: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन सोमवार को रायपुर में किया गया, जिसकी अध्यक्षता सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने की। बैठक में छत्तीसगढ़ में रेल यात्री सुविधाओं, नई रेल परियोजनाओं, औद्योगिक विकास, और पर्यावरणीय उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ रेलवे के लिए एक रणनीतिक राज्य है, जहां से देश की रेलवे को कुल आमदनी का 16% प्राप्त होता है। राज्य में 46 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, लेकिन धीमी गति से काम होने के कारण आम जनता में असंतोष है। उन्होंने रेल अधिकारियों को इन कार्यों में गति लाने और तय समयसीमा में पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




श्री अग्रवाल ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बन रहे अंडरपास और ओवरब्रिज कार्यों की समीक्षा कर, प्राथमिकता के आधार पर उन्हें पूर्ण किया जाए। साथ ही, नई रेल लाइनों के निर्माण से पूर्व स्थानीय सांसदों एवं जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर सुझाव लेने की आवश्यकता बताई। उन्होंने दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस में कोच वृद्धि और इसके नागपुर तक विस्तार, रीवा-बिलासपुर ट्रेन को रायपुर-दुर्ग तक विस्तारित करने और राजनांदगांव से रायपुर तक नई पैसेंजर ट्रेन शुरू करने के निर्देश दिए।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर उन्होंने रेलवे ट्रैक के आसपास पौधारोपण की कार्ययोजना 7 दिन में प्रस्तुत करने और स्टेशनों पर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सोलर पैनल लगाने की बात कही। साथ ही "वन स्टेशन वन प्रोडक्ट" योजना के तहत रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में स्टॉल की संख्या बढ़ाने और देवभोग और छत्तीसगढ़ी व्यंजन बेचने हेतु महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा गढ़ कलेवा की तर्ज पर स्टॉल स्थापित करने के निर्देश दिए। जिससे युवाओं और महिलाओं को रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बैठक में रावघाट-धमतरी कनेक्टिविटी, औद्योगिक कॉरिडोर की प्रगति, रायपुर-अभनपुर रेल लाइन के धमतरी तक विस्तार, परमालकसा-खरसिया प्रस्तावित रेल लाइन के तहत आने वाले गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने के निर्देश दिए इस प्रतिबंधों के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है वहीं रावघाट में रेल लाइन के प्रभावित ग्रामीणों को नौकरी देने जैसे प्रमुख मुद्दे भी उठाए गए।
बैठक में ट्रेनों के ठहराव, नई ट्रेनों के संचालन, रेलवे रिजर्वेशन काउंटर खोलने, कुली, वेंडर और हम्मालों को सुविधाएं देने जैसे जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सांसद श्री अग्रवाल ने ट्रेनों के निरस्तीकरण और लेटलतीफी पर चिंता व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने, स्टेशनों के उन्नयन (अमृत स्टेशन योजना), आरक्षण कोटा बढ़ाने, उन्होंने केंद्र को पत्र लिखकर रायपुर से पुरी तक वंदे भारत ट्रेन और छत्तीसगढ़ से रत्नागिरी व गोवा तक सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग करने की बात कही।
बिलासपुर से नाथद्वारा (राजस्थान) सीधी ट्रेन चलाने, रायपुर से जोधपुर (भगत की कोठी) को सप्ताह में पांच दिन चलाने, मध्य रेल मंडल नागपुर एवं रेल जोन कार्यालय मुंबई से संचालित ट्रेन 12105-12106 विदर्भ एक्सप्रेस (मुंबई गोदिया), 12114- 12135 (नागपुर- पुणे, पुणु नागपुर एक्सप्रेस) 11040-11039 पूणे- भंडारा, भंडारा - पुणे महाराष्ट्र एक्सप्रेस को रायपुर / बिलासपुर तक विस्तारित करने, बिलासपुर से चलने वाली ट्रेनों बिलासपुर-चेन्नई (12851-52), साप्ताहिक एक्सप्रेस बिलासपुर- हापा (22939-40). बिलासपुर नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (20825-826) एवं बिलासपुर नई दिल्ली (12441-42) का भाटापारा में स्टापेज दिए जाने, पूरी-दुर्ग (18425-18426) और संबलपुर-नांदेड (18309-18310) के संतला (एसएफसी) रेलवे स्टेशन पर विस्तार, दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस, 18201 को सप्ताह में पांच दिन चलाने, गोंदिया जबलपुर पैसेंजर ट्रेन को रायपुर तक चलाने, कोरोना काल के समय से बंद ट्रेन स्टॉपेज पुनः बहाल करने, 18258 चिरमिरी-बिलासपुर को दुर्ग तक विस्तार करने, हथबंद, वि.ख. सिमगा, जिला बलौदाबाजार में एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज प्रदान करने, सिलयारी स्टेशन में पूर्ववत् अम्बिकापुर- दुर्ग एक्सप्रेस एवं इतवारी- बिलासपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के स्टॉपेज शुरू करने के निर्देश दिए।
साथ ही तिल्दा-नेवरा के दैनिक रेल यात्रियों की समस्या के निवारण, आरंग रेल्वे स्टेशन पर कोरबा विशाखापट्टनम एक्सपेस, दुर्ग-पुरी इंटरसिटी एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दीन से विशाखापट्टनम (समता एक्सप्रसे का स्टापेज एवं टिकट आरक्षण केन्द्र स्थापित करने, अभनपुर मेन मार्केट में निर्माणधीन ब्रॉडगेज में नेशनल हाइवे के क्रॉसिंग में सी आकार व नया अंडरब्रिज बनाये जाने, नगर पालिका परिषद अभनपुर में बस स्टैण्ड स्थित रेल्वे अण्डर ब्रिज के पास फाटक लगवाने, रेल टिकट आरक्षण केन्द्र खोलने, बरबंदा रेल्वे फाटक से बरबंदा रेल्वे अंडरब्रिज तक कच्ची सड़क को पक्की करने, उरकुरा फाटक में अंडरब्रिज ओवरब्रिज निर्माण, रायपुर से अभनपुर और अभनपुर से रायपुर चल रही "लोकल मेमू' नई ट्रेन का स्टॉपेज जोरा (रायपुर) में करने हेतु समुचित कार्यवाही के लिए कहा है तथा रेल मंडल में रिक्त स्पोर्टस कोटे के सभी पदों को भरने और राष्ट्रीय खिलाडी मीना साहू अनियनित कर्मचारी को नियमित करने हेतु उचित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सांसद विजय बघेल, सांसद भोजराज नाग, सांसद महेश कश्यप, सांसद रूपकुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन सहित रेलवे के मुख्य महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, डीआरएम रायपुर दयानंद, प्रधान मुख्य अभियंता मुदित भटनागर, राहुल अग्रवाल, आलोक तिवारी एवं IG RPF मुनव्वर खुर्शीद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने किया मंत्रालय के पंचम तल में नवीन सभागार का लोकार्पण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन के सेक्रेटरी ब्लॉक के पंचम तल पर निर्मित नवीन सभागार का लोकार्पण किया। 13.90 करोड़ रुपये की कुल लागत से निर्मित यह भव्य सभागार सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। 6450 वर्गफुट क्षेत्र में बने इस कॉन्फ्रेंस हॉल की बैठक क्षमता 185 सीटों की है। सभागार आंतरिक विद्युतीकरण, अग्निशमन व्यवस्था, वातानुकूलन, ऑडियो-विजुअल प्रणाली, आंतरिक साज-सज्जा तथा फर्नीचर सहित सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित है।


इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वन मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहित मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, पी. दयानंद, डॉ. बसवराजू एस., राहुल भगत, सचिव रजत कुमार, अंकित आनंद, अविनाश चम्पावत तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
खूब पढ़ें और आगे बढ़ें, सरकार आपके साथ है- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में बौद्धिक भ्रमण पर आए सुकमा जिले के युवाओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से उनका हाल-चाल जाना और राजधानी रायपुर में उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे खूब पढ़ें और आगे बढ़ें। छत्तीसगढ़ सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री से मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं के चेहरे खिल उठे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले के युवाओं से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने कहा कि नक्सली विकास विरोधी हैं। वे नहीं चाहते कि बस्तर के लोगों को पानी, बिजली, सड़क और विद्यालय जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें। सरकार की प्राथमिकता बस्तर का विकास है। बहुत जल्द बस्तर से नक्सलवाद खत्म होगा।
मुख्यमंत्री ने बड़े प्रेम से प्रदेश के सुदूर क्षेत्र से आये इन युवाओं से बातचीत की और उनके बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने युवाओं से पूछा कि उन्हें रायपुर आकर कैसा लग रहा है ? जिसके जवाब में युवाओं ने बताया कि उनके दल के अधिकतर युवा पहली बार राजधानी रायपुर आये हैं। अधिकांश ने इस भ्रमण के दौरान पहली बार जगदलपुर को देखा। पहली बार अपने गांव से रायपुर आकर बहुत अच्छा लग रहा है। नई-नई चीजें देखने को मिल रही हैं। आज उन्हें मंत्रालय को देखने और यहां की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से यह अनुभव आपके लिए लाभदायक रहेगा। इस भ्रमण का पूरा लाभ उठाएं और स्वयं को समृद्ध करें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सुकमा के युवाओं से विशेष रुप से उनकी शिक्षा के विषय में चर्चा की। विभिन्न आयुवर्ग के युवाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे दसवीं, बारहवीं सहित कॉलेज तक में पढ़ रहे हैं। सहज सरल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से युवाओं ने खुलकर संवाद किया। इस दौरान एक छात्र ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह बीएससी के सेकेंड ईयर में पढ़ रहा है, वहीं एक छात्र ने स्वयं खड़े होकर मुख्यमंत्री को बताया कि वह भी बीए फाइनल का विद्यार्थी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं की पढ़ाई के प्रति रुचि की सराहना की और इसी तरह पढ़ लिख कर आगे बढ़ने के लिए उनका हौसला बढ़ाया।
उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत नियद नेल्लानार कार्यक्रम के तहत बस्तर संभाग के युवाओं का बौद्धिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में सुकमा जिले के 95 युवाओं को 2 दिवसीय भ्रमण पर राजधानी रायपुर आये हैं। इस दल में 77 बालक और 18 बालिकाएं शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा अधिकारी संघ का वार्षिक आमसभा और स्नेह सम्मेलन, वित्त मंत्री ओ पी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल…
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा अधिकारी संघ द्वारा कन्वेंशन हॉल, न्यू सर्किट हाऊस सिविल लाईन्स रायपुर में वार्षिक आम सभा और स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वित्त, वाणिज्यिक कर और आवास पर्यावरण मंत्री ओ पी चौधरी शामिल हुए. कार्यक्रम की अध्यक्षता छ.ग. पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष, सेवानिवृत्त प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ शासन आर एस विश्वकर्मा ने किया. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शीतल शाश्वत वर्मा, विशेष सचिव वित्त विभाग, चंदन कुमार, विशेष सचिव वित्त विभाग और रितेश अग्रवाल, संचालक कोष और लेखा शामिल हुए.
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मंचासीन सभी अतिथियों के द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारियों का सम्मान शॉल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह देकर किया गया. तत्पश्चात मुख्य अतिथि ओ पी चौधरी द्वारा राज्य वित्त सेवा संघ की स्मारिका सुनिधि के द्वितीय संस्करण का विमोचन और संघ की नवनिर्मित वेबसाइट का उद्घाटन किया गया. मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में राज्य वित्त सेवा अधिकारियों द्वारा राज्य के वित्तीय प्रबंधन और वित्तीय नियंत्रण के लिए उनके दायित्वों के कुशल निर्वहन के लिए सराहा गया और अपने कार्यो को अधिक प्रभावी तरीके व ईमानदारी से करने प्रेरित किया गया.
उन्होंने राज्य वित्त सेवा अधिकारी संघ की समस्त मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया. छ.ग. राज्य वित्त सेवा अधिकारी संघ की अध्यक्ष डॉ अल्पना घोष ने संघ का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और संघ की वार्षिक आम सभा की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न प्रस्तावों को सदस्यों के समक्ष रखा जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया. संघ के कोषाध्यक्ष अनिल पाठक द्वारा संघ के आय-व्यय का विवरण सभा में रखा गया.
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में सेवानिवृत्त वित्त अधिकारियों का व्याख्यान और सदस्यों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ दी गईं. अंत में संघ के सचिव सचिन शर्मा द्वारा धन्यवाद प्रेषित करने के पश्चात् सम्मेलन का समापन हुआ.
किसानों और पेंशनरों के हित में साय सरकार ने लिया बड़ा फैसला
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मानसून सत्र से पहले आज साय कैबिनेट की 30वीं बैठक हुई. मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. इस बैठक में लॉजिस्टिक पॉलिसी को मंजूरी दी गई है. वहीं कृषक उन्नत योजना के विस्तार पर भी सहमति बनी है. बता दें कि जून महीने में कैबिनेट की यह दूसरी बैठक थी.
साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय –
1. मंत्रिपरिषद ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। कृषक उन्नति योजना के प्रचलित निर्देशों को संशोधित करते हुए इसके दायरे को और विस्तृत कर दिया है। अब इस योजना का लाभ खरीफ 2025 में धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ पंजीकृत धान फसल के स्थान पर अब दलहन, तिलहन, मक्का आदि की फसल लगाने वाले किसानों को भी मिलेगा।
खरीफ 2024 में पंजीकृत कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई थी और समर्थन मूल्य पर धान बेचा था, उनके द्वारा खरीफ 2025 में धान फसल के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का आदि फसल की खेती की जाती है, तो उन्हें भी अब कृषक उन्नति योजना के तहत आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
2. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भविष्य में सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान संबंधी दायित्वों के बेहतर वित्तीय प्रबंधन हेतु छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास एवं राजकोषीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे राज्य के राजस्व में असामान्य वृद्धि/कमी का समुचित प्रबंधन एवं आर्थिक मंदी के समय वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी।
4. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में लॉजिस्टिक सेक्टर के समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस पॉलिसी से छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा तथा निर्यात अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।
राज्य की भौगोलिक स्थिति का लाभ लेते हुए लॉजिस्टिक सेक्टर तथा ई-कॉमर्स की राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को लॉजिस्टिक हब की स्थापना के लिए निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा। राज्य की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश के उद्योगोें, व्यापारियों और किसानों को सस्ती भंडारण सुविधा मिलेगी। प्रदेश में लॉजिस्टिक में लगने वाले लागत कम होने से व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस नीति के माध्यम से ड्राई पोर्ट/इन्लैंण्ड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहित करने से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा स्थानीय उत्पादकों को निर्यात बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। राज्य के प्रचुर वन संसाधन, वनोपज एवं वनौषधि उत्पाद के निर्यात हेतु इको सिस्टम तैयार होगा। यह पॉलिसी राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी साथ ही राज्य को लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में स्थापित करेगी।
5. मंत्रिपरिषद द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय व जीवनयापन में सहजता बढ़ेगी। अनावश्यक न्यायालयीन प्रकरणों और उनमें होने वाले व्यय में कमी आएगी।
6. मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के विभिन्न विभागों/निगम/मण्डल/कम्पनी/बोर्ड के पूर्व निर्मित एवं जर्जर भवनों तथा इनके स्वामित्व की अनुपयोगी शासकीय भूमि के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए रिडेव्हलपमेंट योजना अंतर्गत 7 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें शांति नगर रायपुर, बीटीआई शंकर नगर रायपुर, कैलाश नगर राजनांदगांव, चांदनी चौक फेस-2 जगदलपुर, सिविल लाइन कांकेर, क्लब पारा महासमुंद, कटघोरा कोरबा शामिल हैं।
7. मंत्रिपरिषद द्वारा वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के अंतर्गत उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक/रिकार्ड कीपर से तृतीय श्रेणी कार्यपालिक, उप पंजीयक के पद पर पदोन्नति के लिए विहित 05 वर्ष की न्यूनतम अर्हकारी सेवा को केवल एक बार के लिए न्यूनतम अर्हकारी सेवा 02 वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया गया।
अमिताभ जैन बने रहेंगे चीफ सेक्रेटरी
रायपुर। अमिताभ जैन छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव बने रहेंगे। केंद्र सरकार ने उनके एक्सटेंशन पर मुहर लगा दी है। इससे पहले आज नये चीफ सेकरेट्री के ऐलान की अटकलें लग रही थी, लेकिन फिलहाल जो खबर है, उसके मुताबिक अमिताभ जैन को 3 महीने के लिए सेवा विस्तार दिया गया है। छत्तीसगढ़ में ये पहली बार होगा, जब किसी चीफ सेकरेट्री को एक्सटेंशन दिया गया है।
शराब घोटाला मामला : पूर्व मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ 1100 पन्नों की चार्जशीट पेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 2161 करोड़ के शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ आज ईओडब्ल्यू ने चौथा पूरक चालान पेश किया. विशेष कोर्ट में 1100 पन्नों का चालान पेश किया गया. इस चार्जशीट में लखमा की अहम भूमिका का उल्लेख किया गया है. इसमें 66 पेज की समरी में प्रकरण का ब्योरा दिया गया है.
21 जनवरी से जेल में हैं कवासी लखमा
गौरतलब है कि शराब घोटाले मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे 2 बार ED दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार करने से पहले ED ने उन्हें 7 दिन कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की थी। उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक लखमा को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण लखमा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा की 18 फरवरी तक रिमांड बढ़ा दी थी।
क्या है शराब घोटाला?
तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और CM सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है. इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर अवैध वसूली करता है. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर ED ने जांच के बाद 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था.
ED ने अपनी चार्जशीट में बताया कि किस तरह एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के ज़रिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया. ED ने चार्जशीट में कहा कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के ज़रिए शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया. उसके बाद अधिकारियों, कारोबारियों और राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिए भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 2161 करोड़ का घोटाला हुआ. इस मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था.
गौरतलब है कि आज की चार्जशीट से पहले 13 मार्च को शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पेशल कोर्ट में 3,841 पन्नों का चालान पेश किया था, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया था. इसमें कवासी लखमा, अनवर ढेबर, अनिल टूटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम सांई ब्रेवरेज, दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट और सिद्धार्थ सिंघानिया सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं.
9 तहसीलदारों का हुआ तबादला, आदेश जारी
रायपुर। राजधानी रायपुर और जिले में पदस्थ 9 तहसीलदारों का तबादला किया गया है. ये तबादला आदेश रायपुर कलेक्टर द्वारा जारी किया गया है.
ये है आदेश

साय कैबिनेट की अहम बैठक शुरू, कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा, चीफ सेकरेट्री आखिरी कैबिनेट की बैठक में कर रहे शिरकत
रायपुर। कैबिनेट की बैठक शुरू हो गयी है। इस बैठक में कई अहम फैसले लिये जाने वाले हैं। खास बात ये भी है कि आज बतौर मुख्य सचिव अमिताभ जैन का आखिरी दिन है, लिहाजा आज कैबिनेट की बैठक में उन्हें विदाई भी दी जानी है। कैबिनेट की बैठक में नये चीफ सिकरेट्री के स्वागत की भी अटकलें थी, लेकिन फिलहाल अभी सस्पेंस बना हुआ है।
मानसून सत्र के दौरान पेश किये जाने वाले विधेयक पर भी कैबिनेट में चर्चा हो सकती है। इसके अलावे खाद बीच की उपलब्धता सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
आठ साल से अधूरे स्काईवॉक का निर्माण कार्य फिर शुरू
रायपुर। राजधानी रायपुर में शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक व अंबेडकर अस्पताल चौक के बीच 8 साल से अधूरे स्काईवॉक (फुट ओवरब्रिज) का निर्माण कार्य अब शुरू होने जा रहा है. अंबडेकर अस्पताल के पास अस्थाई कार्यालय बनाने के बाद रविवार को निर्माण एजेंसी के कुछ कर्मचारी व इंजीनियर सीढ़ियों के सहारे स्काईवॉक के ढांचे पर चढ़कर मुआयना करते दिखे. वहीं, भिलाई में भी स्काईवॉक के कुछ स्ट्रक्चर का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है. स्काईवॉक के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए रायपुर की एजेंसी पीएसएए कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया गया है. अनुबंध व कार्य आदेश जारी होने के बाद निर्माण का काम शुरू किया जा रहा है.
ढांचे का किया जा रहा परीक्षण
लंबे समय से निर्माण कार्य अधूरा होने तथा देखरेख के अभाव में स्काईवॉक का ढांचा जर्जर होने लगा है. आशंका जताई जा रही है कि लोहे के गर्डर सहित कुछ अन्य निर्माण सामग्रियां खराब हो रही हैं. इसे देखते हुए पहले स्काईवॉक के स्ट्रक्चर का परीक्षण किया जा रहा है. मुख्य अभियंता द्वारा गठित समिति द्वारा पिछले स्काईवॉक का स्थल निरीक्षण किया जा चुका है. प्रतिवेदन में स्ट्रक्चर के सभी भागों में निर्माणाधीन स्ट्रक्चर का स्टील/नट बोल्ट इत्यादि की स्थिति संतोषप्रद बताई गई है. वेल्डिंग वाले स्थानों पर खुले वातावरण में रहने के कारण जंग लगना प्रारंभ हो गया है.
50 करोड़ रुपए हो चुके खर्च
स्काईवॉक के स्ट्रक्चर का लगभग 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इस पर अभी तक लगभग 50 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं. अभी 40 प्रतिशत निर्माण कार्य बाकी है. स्काईवॉक पिछले 8 साल से अधूरा पड़ा हुआ है. कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में काम पूरी तरह से ठप हो गया था.
अधूरे स्काईवॉक को पूरा करने में लगभग 37.75 करोड़ रुपए खर्च होंगे
लोक निर्माण विभाग के मुताबिक स्काईवॉक के उपयोगी हिस्से का निर्माण सबसे पहले होगा. इनमें प्रमुख रूप से शास्त्री चौक पर रोटरी का निर्माण शामिल हैं. ठेकेदार को अनुबंधित समय-सीमा में स्काईवॉक का निर्माण कार्य पूर्ण करना होगा. ठेकेदार को प्राप्त पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के सीमा अंतर्गत पूर्व अनुमोदित ड्राइंग डिजाइन के अनुरूप ही स्काईवॉक निर्माण कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. निविदा में शामिल सभी नॉन एसओआर आयटमों का दर विश्लेषण और विभागीय नियमावली के अनुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन सुनिश्चित किया जा रहा है. अनुबंधित कार्य का संपादन, पर्यवेक्षण विभागीय मापदंड अनुसार होगा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. सबसे पहले शास्त्री चौक पर रोटरी निर्माण के साथ ही फिनिशिंग का पूरा कार्य किया जाना है. सीढ़ियां, एस्केलेटर व लिफ्ट तथा स्काईवॉक की छतों पर शीट, बिजली व केबल सहित अन्य कार्य किए जाएंगे.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केन्द्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में केन्द्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्य में कोयला खनन एवं उत्पादन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में राज्य में कोयला उत्पादन, खनन कार्यों की प्रगति, श्रमिकों से जुड़ी सुविधाओं एवं विकास कार्यों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में कोयला एवं ऊर्जा क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को साकार करने में सहायता मिलेगी। श्री साय ने इस दौरान सीएसआर मद की राशि का उपयोग अधिक से अधिक जनकल्याणकारी कार्यों में करने के संबंध में विशेष रूप से चर्चा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, एसईसीएल के मुख्य महाप्रबंधक हरीश दुहन सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्य सचिव अमिताभ जैन हुए सेवानिवृत्त: राज्यपाल रमेन डेका से की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन आज सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल रमेन डेका से राजभवन में सौजन्य मुलाकात की। राज्यपाल डेका ने अमिताभ जैन को राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उन्हें सेवाकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य और सुखद जीवन की कामना की।
छत्तीसगढ़ को मिले अब तक 12 मुख्य सचिव
बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद बीते 25 वर्षों में अब तक 12 मुख्य सचिव नियुक्त किए जा चुके हैं। सबसे पहले अरुण कुमार ने 30 अक्टूबर 2000 को पदभार संभाला था। उन्होंने 31 जनवरी 2003 तक यह जिम्मेदारी निभाई। अमिताभ जैन का कार्यकाल 1 दिसंबर 2020 से शुरू होकर 30 जून 2025 को समाप्त हुआ।
छत्तीसगढ़ के अब तक के मुख्य सचिवों की सूची
अरुण कुमार – 30 अक्टूबर 2000 से 31 जनवरी 2003
एस.के. मिश्रा – 31 जनवरी 2003 से 30 जून 2004
ए.के. विजयवर्गीय – 1 जुलाई 2004 से 7 नवंबर 2005
आर.पी. बागी – 7 नवंबर 2005 से 31 जनवरी 2007
शिवराज सिंह – 31 जनवरी 2007 से 31 जुलाई 2008
पी. जॉय उमेन – 31 जुलाई 2008 से 7 फरवरी 2012
सुनील कुमार – 7 फरवरी 2012 से 28 फरवरी 2014
विवेक ढांड – 28 फरवरी 2014 से 11 जनवरी 2018
अजय सिंह – 11 जनवरी 2018 से 2 जनवरी 2019
सुनील कुजूर – 2 जनवरी 2019 से 31 अक्टूबर 2019
आर.पी. मंडल – 31 अक्टूबर 2019 से 30 नवंबर 2020
अमिताभ जैन – 1 दिसंबर 2020 से 30 जून 2025