रायपुर। कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी (सीएसईबी) के प्रबंध निदेशक भीम सिंह से मुलाकात कर प्रभावशाली लोगों द्वारा लंबे समय से बकाया करोड़ों रुपये के बिजली बिलों का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने सवाल किया कि जिन रसूखदारों ने महीनों से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है, उनके साथ अलग और नरम व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मंत्री, सांसद और आईएएस अधिकारी सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ लेने के बावजूद बिजली बिल नहीं चुकाते हैं, जो उनकी साख पर सवाल खड़ा करता है। उन्हें अलग से भत्ते दिए जाते हैं, इसके बावजूद बिल बकाया रखना समझ से परे है। जनता के बीच नैतिकता और महापुरुषों के आदर्शों की बात करने वाले नेता खुद अपने घरों के बिजली बिल तक नहीं भर रहे हैं।
पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने आरोप लगाया कि मंत्रियों और आईएएस अधिकारियों को हर दो महीने में नोटिस जारी किए गए, लेकिन सरकार में अपनी पहुंच के चलते वे इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग हजारों करोड़ रुपये के घाटे में है, जिसकी भरपाई आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ाकर और कर्ज लेकर की जा रही है। जनता के पैसे से ब्याज चुकाना बेहद शर्मनाक है।
प्रमोद दुबे ने यह भी कहा कि बड़े बिल्डरों और कुछ नामी लोगों पर 10 लाख रुपये से अधिक के बिजली बिल बकाया हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर रसूखदारों से बकाया बिजली बिल वसूल नहीं किया गया, तो उनके घरों के सामने नगाड़ा बजाकर जनता को बताया जाएगा कि ये सुविधाभोगी लोग बिजली बिल और टैक्स नहीं चुकाते हैं।
पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा और गिरीश दुबे ने सवाल उठाया कि नगर निगम के बोर से जनता को दिए जाने वाले पानी पर कॉमर्शियल टैक्स क्यों लिया जा रहा है, जबकि यह जनसेवा की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं पर ही करीब 2500 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें कई बड़े बिल्डर और अनेक मैरिज पैलेस संचालक शामिल हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता बंशी कन्नौजे ने कहा कि अगले चरण में रसूखदारों के घरों पर उनके बकाया बिजली बिल चस्पा किए जाएंगे, ताकि जनता को उनकी वास्तविकता का पता चल सके।
रायपुर। कांकेर के आमबेदा इलाके के बड़े तेवड़ा गांव में बीते दिनों हुए शव दफन विवाद और धर्मांतरण को लेकर छत्तीसगढ़ सर्व समाज ने बुधवार यानी 24 दिसम्बर को प्रदेशव्यापी छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है. छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स चैम्बर्स ने भी अपना समर्थन दिया है. कई व्यापारी राजधानी रायपुर में जयस्तंभ चौक सहित प्रमुख मार्गों में दुकानें बंद कराने निकले हैं. उनके साथ बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौजूद हैं.
चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ ट्रांसपोर्ट चैंबर का भी बंद को समर्थन मिला है. बंद के चलते प्रदेश के अधिकांश इलाकों में दुकानें, सब्जी मंडियां, ट्रांसपोर्ट सेवाएं और अन्य व्यापारिक गतिविधियां बंद रहेंगी. राजधानी रायपुर के अलावा अन्य शहरों में भी बंद का असर देखने को मिल सकता सकता है.
कांकेर में निकाली जाएगी रैली
कांकेर में बुधवार को सुबह 11 बजे वंदे मातरम स्थल से कांकेर डोम तक रैली निकाली जाएगी. रैली में सर्व समाज के लोग शामिल होंगे. जहां वे सर्व समाज ने 5 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आज बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन दिवसीय इस महोत्सव का उद्घाटन करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग एवं खेलो इंडिया टॉर्च का रिमोट बटन दबाकर अनावरण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। उद्घाटन समारोह में अबूझमाड़ क्षेत्र के खिलाड़ियों द्वारा मलखंब की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई। महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ी अमित कुमार द्वारा खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और खेल सहित हर क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह युवा महोत्सव न केवल युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान देने का मंच है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम भी है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने, मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान करने तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखंब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस युवा महोत्सव में प्रदेशभर से 3,000 से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो 14 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओंकृत दलीय एवं 6 एकलकृत में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन की विजेता प्रतिभाएँ वर्ष 2026 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता यह प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। जनजातीय अंचलों में खेलों की अपार संभावनाएँ हैं और सरकार इन क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ा रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि युवाओं की सृजनशील सोच से ही देश आगे बढ़ता है और केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने घोषणा की कि आने वाले समय में सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक-स्तरीय खेल आयोजनों का आयोजन किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर बदल रहा है और आज जनजातीय क्षेत्रों के युवा राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।
इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायकगण अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और युवा उपस्थित थे।
रायपुर। ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने और 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय विजन को साकार करने की दिशा में भारत सरकार द्वारा एक ऐतिहासिक पहल के तहत 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (व्हीबी जी राम जी) अधिनियम 2025' लागू किया गया है। इस नए अधिनियम के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन के निर्देश जारी किए गए हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिनियम के लिए जिला एवं जनपद स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं एवं ग्राम सभा में चर्चा के बिंदु हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
विशेष ग्राम सभा के आयोजन के दौरान ग्राम पंचायतों में गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा तथा ग्राम सभा की तिथि व समय का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। ग्रामीणों, श्रमिकों, महिलाओं, अनुसूचित जाति - जनजाति परिवारों एवं अन्य कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा में व्हीबी जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों, बढ़ी हुई रोजगार गारंटी तथा विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा और मार्गदर्शन दिया जाएगा। अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं की मुद्रित प्रतियां भी वितरित की जाएंगी एवं विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाएगी।
24 और 26 दिसंबर को विशेष ग्राम पंचायतों का होगा आयोजन
निर्देशों के अनुसार, अनुसूचित क्षेत्रों के ग्रामों में राष्ट्रीय पेसा दिवस के अवसर पर 24 दिसंबर 2025 को विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें व्हीबी जी राम जी योजना को एजेंडा में शामिल किया जाएगा। अनूसूचित क्षेत्रों को छोड़कर शेष ग्राम पंचायतों में 26 दिसंबर 2025 को 'विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' के प्रति जनजागरूकता हेतु विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा।
संपूर्ण कार्यवाही पंचायत निर्णय एप पर होगी अपलोड
विशेष ग्राम सभा की संपूर्ण कार्यवाही, फोटो एवं वीडियो को वास्तविक समय में 'पंचायत निर्णय' मोबाइल ऐप में अपलोड किया जाएगा। साथ ही वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल एवं जीपीडीपी पोर्टल में शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
125 दिनों के मजदूरी-रोजगार की मिलेगी वैधानिक गारंटी
यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अधिकार को और मजबूत करता है। इसके अंतर्गत अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी-रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। यदि मांग के बावजूद समय पर कार्य उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना राज्य सरकार की बाध्यता होगी। मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा भी दिया जाएगा। कार्य योजनाएं ग्राम सभा के माध्यम से तैयार होंगी, जिससे ग्राम स्तर पर निर्णय और पारदर्शिता बढ़ेगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रशासनिक मद की सीमा बढ़ाकर की गई 9 प्रतिशत
प्रशासनिक मद की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत की गई है, जिससे फील्ड स्तर के कर्मचारियों की सेवाएं सुदृढ़ होंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और नए अधिनियम के लागू होने से रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। राज्य शासन इस अधिनियम के द्वारा ग्रामीण रोजगार, आजीविका, पारदर्शिता और पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है जिससे ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनेंगे।
रायपुर/बिलासपुर। रेलवे प्रशासन ने चकरभाठा में 30 एवं 31 दिसंबर को आयोजित चालीसा महोत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं एवं रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 12 एक्सप्रेस गाड़ियों का अस्थायी ठहराव रायपुर मंडल के चकरभाठा स्टेशन में दो मिनट के लिए दिया है। यह ठहराव की सुविधा 30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को केवल 02 दिनों के लिए रहेगी।
इन गाड़ियों का होगा अस्थायी ठहराव
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 18239 कोरबा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी शिवनाथ एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 21:06 बजे पहुंचेगी तथा 21:08 बजे रवाना होगी।
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 18240 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-कोरबा शिवनाथ एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 06:39 बजे पहुंचेगी तथा 06:41 बजे रवाना होगी।
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 14:34 बजे पहुंचेगी तथा 14:36 बजे रवाना होगी।
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 18238 अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 10:19 बजे पहुंचेगी तथा 10:21 बजे रवाना होगी।
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 18:02 बजे पहुंचेगी तथा 18:04 बजे रवाना होगी।
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 09:14 बजे पहुंचेगी तथा 09:16 बजे रवाना होगी।
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 18517 कोरबा-विशाखापटनम लिंक एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 18:27 बजे पहुंचेगी तथा 18:29 बजे रवाना होगी।
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 18518 विशाखापटनम-कोरबा लिंक एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 08:43 बजे पहुंचेगी तथा 08:45 बजे रवाना होगी।
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 12855 बिलासपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी इंटरसिटी एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 15:36 बजे पहुंचेगी तथा 15:38 बजे रवाना होगी।
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 12856 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-बिलासपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 14:00 बजे पहुंचेगी तथा 14:02 बजे रवाना होगी।
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 12853 दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 20.40 बजे पहुंचेगी तथा 20.42 बजे रवाना होगी।
30 एवं 31 दिसम्बर 2025 को गाड़ी संख्या 12854 भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस चकरभाठा स्टेशन 05.25 बजे पहुंचेगी तथा 05.27 बजे रवाना होगी।
उरुली स्टेशन में 03 एक्सप्रेस गाड़ियों का अस्थायी ठहराव
रेलवे प्रशासन ने श्री प्रयागधाम उरुली में दिसम्बर 2025 से जनवरी 2026 के दौरान आयोजित होने वाली वार्षिक भंडारा उत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं एवं रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने/गुजरने वाली एक्सप्रेस गाड़ियों का अस्थायी ठहराव मध्य रेलवे के पुणे मंडल के उरुली स्टेशन में 01 मिनट के लिए दिया जा रहा है।
इन गाड़ियों का रहेगा अस्थायी ठहराव
25 दिसम्बर 2025 को बिलासपुर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12849 बिलासपुर-पुणे एक्सप्रेस उरुली स्टेशन में ठहराव के साथ चलेगी | यह गाड़ी उरुली स्टेशन 08:17 बजे पहुंचेगी तथा 08:18 बजे रवाना होगी।
14 व 15 जनवरी 2026 को पुणे से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस उरुली स्टेशन में ठहराव के साथ चलेगी | यह गाड़ी उरुली स्टेशन 18:50 बजे पहुंचेगी तथा 18:51 बजे रवाना होगी।
10 व 11 जनवरी 2026 को हावड़ा से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12130 हावड़ा-पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस उरुली स्टेशन में ठहराव के साथ चलेगी | यह गाड़ी उरुली स्टेशन 06:14 बजे पहुंचेगी तथा 06:15 बजे रवाना होगी।
शहीदी जोड़ मेला पर सरहिंद स्टेशन में तीन गाड़ियों का अस्थायी ठहराव
रेलवे प्रशासन ने फतेहगढ़ साहिब में 25 दिसम्बर 2025 से 27 दिसम्बर 2025 के दौरान आयोजित होने वाले शहीदी जोड़ मेला में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने/गुजरने वाली एक्सप्रेस गाड़ियों का अस्थायी ठहराव उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल के सरहिंद स्टेशन में 02 मिनट के लिए दिया है।
इन गाड़ियों का सरहिंद स्टेशन में अस्थायी ठहराव
24 दिसम्बर 2025 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20847 दुर्ग-शहीद कप्तान तुषार महाजन ऊधमपुर एक्सप्रेस सरहिंद स्टेशन में ठहराव के साथ चलेगी | यह गाड़ी सरहिंद स्टेशन 11:31 बजे पहुंचेगी तथा 11:33 बजे रवाना होगी।
26 दिसम्बर 2025 को विशाखापटनम से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20807 विशाखापटनम-अमृतसर हीराकुंड एक्सप्रेस सरहिंद स्टेशन में ठहराव के साथ चलेगी | यह गाड़ी सरहिंद स्टेशन 18:58 बजे पहुंचेगी तथा 19:00 बजे रवाना होगी।
25 दिसम्बर 2025 को जम्मूतवी से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12550 जम्मूतवी-दुर्ग एक्सप्रेस सरहिंद स्टेशन में ठहराव के साथ चलेगी। यह गाड़ी सरहिंद स्टेशन 09:59 बजे पहुंचेगी तथा 10:01 बजे रवाना होगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य चिकित्सा स्नातकोत्तर (पीजी) प्रवेश शैक्षणिक सत्र 2025 के अंतर्गत राज्य कोटा के प्रथम चरण की काउंसिलिंग का सीट आबंटन जारी किया जा रहा है। यह निर्णय अभ्यर्थियों के शैक्षणिक हितों और चिकित्सा परामर्श समिति (MCC), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से निर्धारित अनिवार्य समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि डब्लूपीसी क्रमांक 5937/2025, समृद्धि दुबे बनाम छत्तीसगढ़ राज्य प्रकरण में पारित निर्णय के विरुद्ध राज्य शासन ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (नागरिक) डायरी क्रमांक 36551/2025 प्रस्तुत की है। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश दिनांक 18 दिसंबर 2025 में, दिनांक 20 नवंबर 2025 को पारित निर्णय के अनुच्छेद 21 के संबंध में स्पष्टीकरण के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह प्रकरण डब्लूपीसी क्रमांक 6449/2025, प्रभाकर चंद्रवंशी बनाम छत्तीसगढ़ राज्य से भी संबंधित है, जो वर्तमान में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई मार्च 2026 में प्रस्तावित है.
रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा सीट आबंटन
राज्य काउंसिलिंग समिति ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान काउंसिलिंग प्रक्रिया एवं इसके अंतर्गत किए गए सभी सीट आबंटन उक्त रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगे। साथ ही सभी संबंधित हितधारकों एवं अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे राज्य काउंसिलिंग समिति द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर सतत रूप से नजर बनाए रखें।
रायपुर। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल (89 वर्ष) का निधन आज रायपुर एम्स में हो गया। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को रायपुर में राजकीय सम्मान के साथ होगा। इसका आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख जताते हुए कहा है कि विनोद कुमार शुक्ल के निधन से प्रदेश को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ का गौरव देश-दुनिया में बढ़ाया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके अतुलनीय योगदान को समादर देते हुए उन्हें सम्पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दिए जाने का निर्णय लिया है।
रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त निर्देशानुसार जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिले में ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी किए गए हैं। इस संबंध में उप निर्वाचन अधिकारी नवीन ठाकुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय के रेडक्रॉस सोसाइटी सभाकक्ष में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, SIR के अंतर्गत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को कर दिया गया है। इसके पश्चात दावा एवं आपत्तियां 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक आमंत्रित की गई है।
दावा-आपत्तियों के निराकरण हेतु नोटिस चरण (सुनवाई एवं सत्यापन) 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया है। समस्त प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ड्राफ्ट मतदाता सूची की हार्ड एवं सॉफ्ट कॉफी प्रदान की गई ।
निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नाम हटाने अथवा संशोधन संबंधी दावा-आपत्ति अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। मतदाता सूची से संबंधित जानकारी हेतु नागरिक अपने संबंधित मतदान केंद्र, तहसील कार्यालय अथवा निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर ईआरओ मनीष मिश्रा, ज्वाइंट कलेक्टर के.एम अग्रवाल, एसडीएम नंदकुमार चौबे, एसडीएम अभिलाषा पैंकरा, एसडीएम आशुतोष देवांगन सहित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।
रायपुर। “हम खेलेंगे, हिंदुस्तान खेलेगा” के प्रेरक उद्घोष के साथ राजधानी रायपुर के नेताजी सुभाष स्टेडियम में रायपुर खेल महोत्सव के तीन दिवसीय मेगा फाइनल एवं समापन समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।
स्टेडियम में उपस्थित खिलाड़ियों, खेलप्रेमियों और विशाल जनसैलाब ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल का जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर NCC कैडेट्स एवं खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट कर सलामी दी। वहीं मां दंतेश्वरी अखाड़ा के युवाओं एवं स्कूली विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह को गरिमा प्रदान की।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर लोकसभा क्षेत्र की नौ विधानसभाओं—रायपुर दक्षिण, पश्चिम, उत्तर, ग्रामीण, आरंग, अभनपुर, धरसीवा, भाटापारा एवं बलौदा बाजार में आयोजित इस महोत्सव में 85 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने कुश्ती, खो-खो, गेड़ी-दौड़, भारोत्तोलन, फुगड़ी, रस्सी कूद, कबड्डी, बास्केटबॉल, शतरंज, वॉलीबॉल, रस्सा-कसी, शरीर शौष्ठव एवं तैराकी सहित विभिन्न खेलों में भाग लेकर इसे देश का सबसे बड़ा सांसद खेल महोत्सव बनाने का गौरव दिलाया है। मेगा फाइनल में 5000 से अधिक खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि “खेल केवल पदक या जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है और यही मन देश को आगे बढ़ाता है। सांसद खेल महोत्सव का उद्देश्य ग्रामीण से शहरी अंचल तक छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच देना, युवाओं को नशे और कुप्रवृत्तियों से दूर रखते हुए खेलों से जोड़ना तथा उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने के लिए प्रेरित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ अभियान ने देश में खेल संस्कृति को एक नई दिशा दी है। आज भारत में खेल करियर का सशक्त माध्यम बन रहा है और सरकार खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन दे रही है।
सांसद बृजमोहन ने आगे कहा कि, “रायपुर सांसद खेल महोत्सव प्रधानमंत्री जी के ‘फिट इंडिया’ विज़न का ज़मीनी स्वरूप है, जहाँ हर वर्ग, हर उम्र और हर पहचान के खिलाड़ी को समान अवसर मिल रहा है। यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प है।”
उन्होंने विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों, युवाओं और ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की भागीदारी को समावेशी भारत का सशक्त उदाहरण बताया और कहा कि खेल सामाजिक समरसता और एकता का सबसे सशक्त माध्यम हैं।
अंत में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि, “हार से घबराइए नहीं, क्योंकि हार ही जीत की सबसे बड़ी शिक्षक होती है। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास से आप न केवल अपने परिवार और शहर, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन करेंगे।”
यह संबोधन खिलाड़ियों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भरने वाला रहा। उन्होंने कहा कि, “असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो;
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद-चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम।”
उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए खेल संघों, नगर निगम, जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पुलिस प्रशासन, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, व्यायाम शिक्षक, खेल अधिकारी, अभिभावकों एवं खेलप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बॉक्स के लिए
इस भव्य आयोजन में महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों के साथ पहली बार इतने बड़े स्तर पर ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों ने भी सहभागिता की और रस्साकसी में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया—यह आयोजन “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को साकार करता है।
बॉक्स के लिए
24 दिसंबर को सुप्रसिद्ध गायक एवं दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और अपने गीतों की शानदार प्रस्तुति देंगे।
इस अवसर पर विभिन्न खेलों के विजेताओं के साथ ही खेल जगत में राजधानी का नाम देश-प्रदेश में रोशन करने वाले वरिष्ठ खिलाड़ियों एवं कोचों का सम्मान किया गया, जिनमें आर. राजेंद्रनन, संगीता राजगोपालन, कविता दीक्षित, प्रकाश वैद्य, एस.आई. सोनवानी, अंजुम रहमान, राकेश शर्मा, नजीर अहमद, भूषण साय, अनुज दुबे, संतोष दुबे, रुचिर दुबे, आलोक शर्मा, मुश्ताक अली पहलवान, अशोक पहलवान, लक्ष्मण पहलवान, जनक यादव, राजेंद्र वर्मा, अजय, विनोद नायर, स्व. सतीश चंद्र त्रिपाठी, अनीस मेनन, सुखलाल जंघेल, गजेंद्र पांडे, धुतराम सारंग, जे.एम. हसन, ए.आर. थीटे, एस.एम. रिजवी, भगवान सिंह चंदेल, क्रिकेटर राजा परिहार, आलोक द्विवेदी, अमृताश, नीता डुमरे, सी.एम. ठाकुर, रमेश यदु एवं अंतरराष्ट्रीय खेल उद्घोषक जशवंत सहित अनेक विभूतियां शामिल रहीं।
समारोह में विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष जितेंद्र धुरंधर, समस्त जोन अध्यक्ष, पार्षदगण, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, खिलाड़ी, बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य निर्वाचन आयोग ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस वर्ष SIR अभियान के दौरान कुल 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 मतदाताओं से एनरोलमेंट फॉर्म (EF) एकत्र किए गए है। वोटर लिस्ट से 6 लाख से अधिक मृतक समेत 27 लाख 34 हजार 817 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।
27 लाख से अधिक नाम हटाए गए
राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 27 लाख 34 हजार 817 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इनमें गैर-मौजूद (Absent), स्थायी रूप से स्थानांतरित (Permanent Shifted) और मृतक (Dead) मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा, पिछली SIR में जिन मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हो पाए थे या जो बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को आवश्यक दस्तावेज़ नहीं सौंप पाए थे, उनके नाम भी नए ड्राफ्ट में अलग से उल्लेख किए गए हैं।
ऐसे चेक करे लिस्ट में अपना नाम
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट इलेक्ट्रॉनिक और सर्चेबल फॉर्मेट में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://ceochhattisgarh.nic.in पर उपलब्ध है। मतदाता EPIC नंबर (वोटर आईडी नंबर), जिला, विधानसभा क्षेत्र, वार्ड/गांव और बूथ नंबर के जरिए आसानी से अपना नाम खोज सकते हैं। इसके अलावा, पूरी सूची को डाउनलोड करना भी संभव है।
21 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी अंतिम मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच अपनी जानकारी की जांच करें और किसी भी त्रुटि या अपवाद के लिए दावा-आपत्ति (Claim/Objection) दर्ज कराएँ। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को सचेत किया है कि सही जानकारी और वोटिंग अधिकार सुनिश्चित करने के लिए यह पुनरीक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची में संशोधन और नामों का अपडेशन चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए अनिवार्य है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गौरव, वरिष्ठ एवं विख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिंदी साहित्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकर की कमीज और दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से विनोद कुमार शुक्ल ने साधारण जीवन को असाधारण गरिमा प्रदान की। उनकी लेखनी में मानवीय संवेदना, सादगी और जीवन की सूक्ष्म अनुभूतियाँ अत्यंत सहजता से अभिव्यक्त होती थीं, जिसने पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएँ केवल साहित्य नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और जीवन-दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति हैं। उनकी संवेदनशील दृष्टि और मौलिक भाषा-शैली सदैव पाठकों को प्रेरणा देती रहेंगी और हिंदी साहित्य में उनका योगदान अमिट रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे इस दुःख की घड़ी में सभी को संबल प्रदान करें तथा पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज यहां राजधानी रायपुर के कोटा रोड स्थित स्वामी विवेकानंद एथेलेटिक स्टेडियम में आयोजित 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के शुभारंभ किया। उन्होंने 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी और खिलाड़ियों को उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह सौभाग्य है कि प्रदेश को राष्ट्रीय ट्राइबल गेम्स के आयोजन का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया के माध्यम से देश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बहुत अच्छे अवसर मिल रहे हैं। साथ ही आज पूरे देश और प्रदेश में खेल को लेकर बेहतर वातारण तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों का विकास हमारी प्राथमिकता मे शामिल है। सरकार द्वारा सभी खेलों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को निखारने सभी सुविधाएं और प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी खेलो इंडिया के नये परिसरों की शुरुआत की गई है, इससे खेल प्रतिभाओं को सभी जरुरी सुविधाएं मिल रही हैं। राज्य में खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाता है जिससे खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाता है। हमारी सरकार ओलंपिक में शामिल होने वाले एथलीट को 21 लाख रुपये देगी। यदि हमारे प्रदेश का कोई युवा खिलाड़ी ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतता है तो उसे 3 करोड़, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ तथा कांस्य पदक जीतने वालों को एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश आरचरी एसोसिएशन एवं छत्तीसगढ़ खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 22 से 30 दिसंबर तक आयोजित होगी। प्रतियोगिता में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 500 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मोरारका, महासचिव आयुष मोरारका, ईश्वर प्रसाद अग्रवाल सहित विभिन्न प्रदेशों से आए खिलाड़ी, कोच, मैनेजर तथा गणमान्यजन व खेलप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल (89 वर्ष) का निधन आज रायपुर एम्स में हो गया। बता दें कि सांस लेने में कठिनाई के कारण श्री शुक्ल को दो दिसंबर को एम्स में भर्ती किया गया था। उन्हें वेंटिलेटर में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था, जहां मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
विनोद कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 में हुआ था। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में जन्मे शुक्ल ने प्राध्यापन को रोजगार के रूप में चुनकर अपना पूरा ध्यान साहित्य सृजन में लगाया। वे हिंदी भाषा के एक साहित्यकार रहे, जिन्हें हिंदी साहित्य में उनके अनूठे और सादगी भरे लेखन के लिए जाना जाता है। हिंदी साहित्य में अद्वितीय योगदान, सृजनात्मकता और विशिष्ट लेखन शैली के लिए प्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को वर्ष 2024 में 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किए गए। विनोद कुमार शुक्ल हिंदी के 12वें साहित्यकार हैं, जिन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया। शुक्ल छत्तीसगढ़ राज्य के ऐसे पहले लेखक हैं, जिन्हें इस सम्मान से नवाजा गया।
सरल भाषा, गहरी संवेदनशीलता के लिए फेमस है शुक्ल का लेखन
लेखक, कवि और उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल ने उपन्यास एवं कविता विधाओं में साहित्य सृजन किया है। उनकी पहली कविता 1971 में ‘लगभग जयहिंद’ शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। उनके मुख्य उपन्यासों में ‘नौकर की कमीज’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’ शामिल हैं। 1979 में नौकर की कमीज नाम से उनका उपन्यास आया, जिस पर फिल्मकार मणिकौल ने इसी नाम से फिल्म भी बनाई। शुक्ल के दूसरे उपन्यास दीवार में एक खिड़की रहती थी को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। उनका लेखन सरल भाषा, गहरी संवेदनशीलता और अद्वितीय शैली के लिए जाना जाता है। वह मुख्य रूप से हिंदी साहित्य में अपने प्रयोगधर्मी लेखन के लिए प्रसिद्ध रहे।
अपनी लेखन से भारतीय वैश्विक साहित्य को किया समृद्ध
विनोद कुमार शुक्ल कवि होने के साथ-साथ शीर्षस्थ कथाकार भी रहे। उनके उपन्यासों ने भी हिंदी में एक मौलिक भारतीय उपन्यास की संभावना को राह दी। उन्होंने एक साथ लोकआख्यान और आधुनिक मनुष्य की अस्तित्वमूलक जटिल आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति को समाविष्ट कर एक नये कथा-ढांचे का आविष्कार किया। अपने उपन्यासों के माध्यम से उन्होंने हमारे दैनंदिन जीवन की कथा-समृद्धि को अद्भुत कौशल के साथ उभारा। मध्यवर्गीय जीवन की बहुविध बारीकियों को समाये उनके विलक्षण चरित्रों का भारतीय कथा-सृष्टि में समृद्धिकारी योगदान है। वे अपनी पीढ़ी के ऐसे अकेले लेखक हैं, जिनके लेखन ने एक नयी तरह की आलोचना दृष्टि को आविष्कृत करने की प्रेरणा दी। अपनी विशिष्ट भाषिक बनावट, संवेदनात्मक गहराई, उत्कृष्ट सृजनशीलता से श्री शुक्ल ने भारतीय वैश्विक साहित्य को अद्वितीय रूप से समृद्ध किया।
विनोद कुमार शुक्ल को मिल चुके हैं ये पुरस्कार
‘गजानन माधव मुक्तिबोध फेलोशिप ‘ (म.प्र. शासन)
‘रज़ा पुरस्कार ‘ (मध्यप्रदेश कला परिषद)
‘शिखर सम्मान ‘ (म.प्र. शासन)
‘राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान ‘ (म.प्र. शासन)
‘दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान’ (मोदी फाउंडेशन)
‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’, (भारत सरकार)
‘हिन्दी गौरव सम्मान’ (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, उ.प्र. शासन)
‘मातृभूमि’ पुरस्कार, वर्ष 2020 (अंग्रेजी कहानी संग्रह ‘Blue Is Like Blue’ के लिए)
साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सर्वोच्च सम्मान “महत्तर सदस्य” चुने गये, वर्ष 2021.
2024 का 59वां ज्ञान पीठ पुरस्कार समग्र साहित्य पर दिया गया।
विनोद कुमार शुक्ल की प्रमुख कृतियां
कविता संग्रह
‘लगभग जयहिंद ‘ वर्ष 1971
‘वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह’ वर्ष 1981.
‘सब कुछ होना बचा रहेगा ‘ वर्ष 1992.
‘अतिरिक्त नहीं ‘ वर्ष 2000.
‘कविता से लंबी कविता ‘ वर्ष 2001.
‘आकाश धरती को खटखटाता है ‘ वर्ष 2006.
‘पचास कविताएँ’ वर्ष 2011
‘कभी के बाद अभी ‘ वर्ष 2012.
‘कवि ने कहा ‘ -चुनी हुई कविताएँ वर्ष 2012.
‘प्रतिनिधि कविताएँ ‘ वर्ष 2013.
उपन्यास
‘ नौकर की कमीज़ ‘ वर्ष 1979.
‘ खिलेगा तो देखेंगे ‘ वर्ष 1996.
‘ दीवार में एक खिड़की रहती थी ‘ वर्ष 1997.
‘ हरी घास की छप्पर वाली झोपड़ी और बौना पहाड़ ‘ वर्ष 2011.
गरियाबंद। जिले के उदंती-सीता नदी अभ्यारण्य के कोर जोन में स्थित साहेबीन कछार गांव के 200 से ज्यादा ग्रामीण सड़क पर उतर आए हैं. शिक्षक, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांगें पूरी न होने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह नेशनल हाईवे-130C पर पहुंचकर चक्का जाम कर दिया. हाईवे जाम होने से दोनों ओर यात्री बसों समेत अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं. ग्राम प्रमुख अर्जुन नायक और रूपसिंह मरकाम के नेतृत्व में यह धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है. इस दौरान मौके पर इंदागांव पुलिस पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है. हालांकि बार-बार प्रशासनिक आश्वासनों से थक चुके ग्रामीण इस बार अपनी मांगें पूरी होने पर ही प्रदर्शन खत्म करने की जिद पर अड़े हैं.
8 सूत्रीय मांग को लेकर कर रहे धरना-प्रदर्शन
1. मुख्यमार्ग बम्हनीझोला से उड़ीसा, सीमा तक 25 किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण.
2. इंदागांव में स्थानांतरित किये गये आदिवासी कन्या छात्रावास एवं कन्या शाला साहेबिनकछार को मूल स्थान पर संचालित किया जावें तथा भवन निर्माण किया जावें.
3. सभी विद्युत विहीन ग्रामों में विद्युतीकरण का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जावें.
4. ग्राम पंचायत साहेबिनकछार के आश्रित ग्राम – करलाझर, साहेबिनकछार, नागेश, कोदोमाली में वर्ष 2023 से स्वीकृत मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत बन रहे अधुरे शाला भवनों को पूर्ण किया जावें.
5. माध्यमिक शाला साहेबिनकछार में युक्त-युक्तिकरण के तहत 1 शिक्षक की नियुक्ति हुई थी जो कि आज पर्यन्त तक अनुपस्थित है उसे तत्काल शाला में पदभार ग्रहण कराया जावें.
6. ग्राम साहेबिनकछार में जियो टॉवर लगाया गया है उसे तत्काल चालू कराया जावें.
7. उप-स्वास्थ्य केन्द्र करलाझार में विद्युत एवं नल-जल को चालू कराया जावें.
8. अधूरे पड़े नल-जल योजना को पुनः चालू कराया जावें.
आश्वासन मिला पर आश्वासन मिला पर काम
28 अक्टूबर को ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप अपनी 8 सूत्रीय मांगों से अवगत कराया था. अर्जुन नायक ने बताया कि पिछले 3 साल में हर उस जगह अपनी मांगों को अवगत कराया गया था, जहां से उम्मीद दिख रही थी. लेकिन सभी स्थानों पर केवल धोखा मिला. बार-बार के आश्वासन से थक चुके हैं. ग्रामीण इस बार आर पार की लड़ाई का मन बना कर मंगलवार सुबह से सड़क को जाम किया है.
रायपुर। भविष्य-उन्मुख कौशल विकास के साथ औद्योगिक विकास को सुदृढ़ रूप से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा 23 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ स्किल टेक का आयोजन किया गया। यह उद्योग-केंद्रित निवेश कार्यक्रम प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM SETU) के अंतर्गत कौशल विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन (MoUs) हस्ताक्षरित किए गए तथा निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए। कुल मिलाकर 13,690 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश सामने आए हैं, जिनसे राज्य में 12,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। ये निवेश विभिन्न क्षेत्रों में कौशल-आधारित रोजगार को मजबूती प्रदान करेंगे।
कौशल-आधारित औद्योगिक विकास की धुरी बना गेल का प्रोजेक्ट
निवेश प्रतिबद्धताओं में गेल (GAIL) का प्रस्तावित गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र राज्य के लिए एक प्रमुख एवं सबसे बड़े औद्योगिक प्रस्तावों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया।
लगभग 10,500 करोड़ रुपये के प्रथम चरण निवेश तथा 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) यूरिया उत्पादन क्षमता के साथ यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल एवं उर्वरक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी।
यह प्रस्तावित परियोजना गेल की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (MNJPL) के साथ प्लान की गई है, जो अनुकूल तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता पर आधारित होगी। यह परियोजना राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में 400 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित है, जबकि 100 एकड़ अतिरिक्त भूमि एक समर्पित टाउनशिप के लिए आरक्षित की गई है।परियोजना में भविष्य में मांग एवं अधोसंरचना की उपलब्धता के अनुरूप क्षमता विस्तार का भी प्रावधान रखा गया है।
परियोजना के संचालन में आने के पश्चात लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके साथ ही संचालन, तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस तथा संबद्ध क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की निरंतर मांग उत्पन्न होगी, जो राज्य के कौशल-एकीकृत औद्योगिकीकरण के दृष्टिकोण को और सशक्त करेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा—“छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल निवेश, रोजगार और कौशल को आपस में जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंचों के माध्यम से हम निवेशकों के विश्वास को ज़मीनी स्तर पर परिणामों में बदल रहे हैं, ताकि राज्य में कुशल रोजगार के अवसर सृजित हों। इसके पीछे स्पष्ट नीतियाँ और प्रभावी क्रियान्वयन क्षमता हमारी ताकत है।”
विविध क्षेत्रों में निवेश रुचि से मजबूत हुआ कौशल पारिस्थितिकी तंत्र
गेल के अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ स्किल टेक में परिधान एवं वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण तथा अन्य उभरते (सनराइज़) क्षेत्रों में भी निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली। ये सभी क्षेत्र राज्य की कौशल विकास प्राथमिकताओं एवं रोजगार सृजन लक्ष्यों के अनुरूप हैं।
कार्यक्रम के दौरान जशपुर में स्थापित आदित्य बिरला स्किल सेंटर को भी एक महत्वपूर्ण उद्योग-प्रेरित कौशल पहल के रूप में रेखांकित किया गया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक एवं उभरते क्षेत्रों में कार्यबल की क्षमताओं को सुदृढ़ करना और आजीविका के अवसर बढ़ाना है।
छत्तीसगढ़ स्किल टेक राज्य में पहले से चल रहे निवेश गति को और आगे बढ़ाने वाला मंच सिद्ध हुआ है।
उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष में छत्तीसगढ़ को 200 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत परियोजनाएँ कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर चुकी हैं।
उल्लेखनीय है कि कार्यान्वयन में चल रही परियोजनाओं में से 58 प्रतिशत राज्य द्वारा चिन्हित प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों से संबंधित हैं। ये निवेश राज्य के 26 जिलों में फैले हुए हैं, जो क्षेत्रीय संतुलन एवं औद्योगिक विविधीकरण पर छत्तीसगढ़ सरकार के विशेष फोकस को दर्शाता है।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ की उस उभरती पहचान को पुनः पुष्ट करता है, जहाँ औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और समावेशी विकास एक-दूसरे के साथ समानांतर आगे बढ़ते हैं, ताकि आर्थिक प्रगति राज्य के युवाओं के लिए दीर्घकालिक और सार्थक आजीविका अवसरों में परिवर्तित हो सके।
बिलासपुर। बिलासपुर के बृहस्पति बाजार को लेकर चल रहा विवाद अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है, जहां से व्यापारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बृहस्पति बाजार में वर्षों से सब्जी व्यवसाय कर रहे करीब 450 व्यापारियों के विस्थापन पर रोक लगा दी है। यह फैसला नगर निगम द्वारा जारी किए गए नोटिस को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया गया।
दरअसल, नगर निगम बिलासपुर ने बृहस्पति बाजार क्षेत्र में 13 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक मल्टी लेवल सब्जी बाजार और कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना तैयार की है। इस योजना के तहत मौजूदा सब्जी बाजार को हटाकर नया निर्माण किया जाना है। इसी क्रम में निगम की ओर से व्यापारियों को 7 दिन के भीतर दुकानें खाली करने का नोटिस जारी किया गया था।
नोटिस मिलने के बाद व्यापारियों में हड़कंप मच गया। वर्षों से यहां व्यापार कर रहे छोटे–मोटे दुकानदारों का कहना है कि उन्हें अचानक उजाड़ने की तैयारी की जा रही है, जबकि उनके पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई ठोस योजना सामने नहीं रखी गई। व्यापारियों ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान व्यापारियों की ओर से दलील दी गई कि निगम ने नोटिस जारी करते समय नियमों का पालन नहीं किया। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के, बेहद कम समय में दुकान खाली करने का आदेश दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। कोर्ट ने इन दलीलों से सहमति जताते हुए माना कि नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन हुआ है।
कोर्ट ने कहा कि जब तक व्यापारियों के लिए वैकल्पिक स्थान की ठोस और लिखित व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उन्हें विस्थापित नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने 450 सब्जी व्यापारियों के विस्थापन पर अंतरिम स्टे लगा दिया। स्टे आदेश के बाद नगर निगम फिलहाल किसी भी व्यापारी को हटाने की कार्रवाई नहीं कर सकेगा।
व्यापारियों का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि “पहले विस्थापन, फिर निर्माण” का सिद्धांत अपनाया जाए। उनका कहना है कि जब तक उन्हें दूसरी जगह व्यवस्थित दुकानें नहीं दी जातीं, तब तक उन्हें उजाड़ना गलत है।व्यापारियों ने यह भी मांग रखी कि जब नया मल्टी लेवल कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो, तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उसी स्थान पर दुकानें आवंटित की जाएं, जहां वे वर्षों से व्यापार करते आ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने नगर निगम के पुराने रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए।
रायपुर। नए साल से पहले छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह कैबिनेट बैठक 31 दिसंबर 2025 को महानदी भवन में प्रस्तावित है, जिसमें कई अहम नीतिगत निर्णय लिए जाने की संभावना है। इससे पूर्व 10 दिसंबर को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई थी।
आगामी बैठक को राज्य के समग्र विकास, नक्सलवाद उन्मूलन, सुशासन और नागरिक कल्याण की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में होने वाले निर्णयों से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, कानून व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं को अधिक प्रभावी व त्वरित बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देने के संकेत दिए हैं कि सभी विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
रायपुर। जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल करते हुए राज्य शासन ने भ्रष्टाचार में संलिप्तता और गिरफ्तारी पर लोक निर्माण विभाग के एक ईई और दो एसडीओ को निलंबित कर दिया है. विभाग ने बीजापुर के नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार के संबंध में गंगालूर थाने में अपराध पंजीबद्ध होने के बाद विवेचना के दौरान प्रकरण में संलिप्तता पर लोक निर्माण विभाग के संभाग सुकमा के कार्यपालन अभियंता हरनारायण पात्र, उपसंभाग क्रमांक-1 बीजापुर के अनुविभागीय अधिकारी प्रमोद सिंह तंवर और सेतु उपसंभाग जगदलपुर के अनुविभागीय अधिकारी संतोष दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने आज मंत्रालय से तीनों अभियंताओं के तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी किए हैं. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है. निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी.