रायगढ़। जिले की 15 राइस मिल संचालकों को जिला विपणन कार्यालय से नोटिस जारी करके जवाब तलब किया गया है. जिन राइस मिलों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है, उनके ऊपर समय अवधि में चावल की स्टेक का काम पूर्ण नहीं होने पर घोर लापरवाही मानते हुए पांच दिनों के भीतर कार्यालय में जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है.
इन 15 राइस मिलों को नोटिस जारी
नोटिस प्राप्त राइस मिलों में ए वन राइस इंस्ट्रीज, जीटी राइस मिल, जेके राइस मिल, गोपी ट्रेडर्स, जय मा दुर्गा इंस्ट्रीज, कृष्णा राइस मिल, श्री तिरूपति राइस मिल, मां दुर्गा फूड्स प्रोडक्ट, महालक्ष्मी राइस मिल, एमएस बैघनाथ फूड, एमएस सूरज एग्रो, श्री मंगला ग्रीन, श्री श्याम एग्रो, श्री राधा कृष्ण एग्रो, श्री राधेकृष्ण राइस मिल, शुभम राइस मिल के नाम शामिल है.
समय पर चावल के स्टेक एफसीआई नहीं भेजे जाने के मामले में जिला विपणन अधिकारी शैला नेताम ने बताया कि शासन के नियमानुसार एफसीआई में चावल जमा करने के लिए प्रत्येक राइस मिल को 15 दिन का समय दिया जाता है. लेकिन 15 राइस मिल संचालकों द्वारा समय अवधि पूर्ण होनें के बाद भी एफसीआई में चावल के स्टेक जमा नहीं किये गए जिसके चलते उन्हें नोटिस जारी करते हुए सप्ताह भर के भीतर जवाब मांगा है. विपणन अधिकारी ने बताया कि सात दिनों के भीतर संतोषपूर्ण जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार को बिलासपुर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा के राज्य स्तरीय समापन कार्यक्रम में ‘स्वच्छता परमो धर्मः’ थीम सॉन्ग का वीडियो लॉन्च किया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा तैयार कराए गए इस गाने के माध्यम से लोगों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने जागरुक और प्रेरित किया गया है। गाने में प्रदेश के शहरों और गांवों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए नागरिकों से जन भागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है। वीडियो सॉन्ग की रिलीज के दौरान विधायक धरम लाल कौशिक, धर्मजीत सिंह और सुशांत शुक्ला, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक कुंदन कुमार और सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी मौजूद थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आगामी 01 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त शासकीय कार्यालयों और संस्थाओं के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। यह स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय, उपकोषालय एवं अन्य वित्तीय संस्थान के लिए लागू नहीं होगा। इस संबंध में आज यहां सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।
रायपुर। कोरबा पुलिस प्रशासन के द्वारा सजग कोरबा सतर्क कोरबा के तहत बालिका एवं महिला सुरक्षा से संबंधित मैत्री व्हाट्स ऐप हेल्पलाइन नंबर कलेक्टर अजीत वसंत की उपस्थिति में जारी किया गया है, जिसका शुभारंभ वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कल गांधी जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में किया। इस अवसर पर श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा पुलिस के द्वारा अपराध नियंत्रण एवं सुरक्षा हेतु कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मैत्री हेल्पलाइन नंबर 9479282100 जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह हेल्पलाइन नंबर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तथा अपराधियों पर नियंत्रण के लिए महिलाओं के लिए लाभकारी साबित होगी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि बालिका एवं महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाएं, छिटाकसी आदि शिकायतों के विषय में लोकलाज के डर से महिलाएं या बालिकाएं पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने से संकोच करती हैं। ऐसी स्थिति में मैत्री हेल्पलाइन नंबर पर घटना की शिकायत तत्काल कर सकती हैं। हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत मिलने पर 96 घंटे के भीतर अपराधी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर कोरबा जिले में आज अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में वरिष्ठजनों एव वृद्धजनों का सम्मान करते हुए मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। वृद्धजनों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस आशय के उद्गार उद्योग, वाणिज्य, व्यापार एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में वृद्धजन एवं वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान समारोह में कही।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि वृद्धजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोरबा जिले में नए सियान सदन बनाए जाएंगे। यह सियान सदन वातानुकुलित व मनोरंजन की दृष्टि से सुविधापूर्ण होंगे। सियान सदन में आवास के साथ ही दवाई भी प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने वरिष्ठ नागरिकों एवं वृद्धजनों को शॉल श्रीफल एवं वॉकिंग स्टीक देकर सम्मानित किया तथा उन्हें शुभकामनाएं दी। केबिनेट मंत्री ने कलेक्ट्रेट परिसर में 08 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकल प्रदाय की।
इस अवसर पर कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का आयोजन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर किया जा रहा है। उन्होंने वृद्धजनों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को आपने जो योगदान दिया है उसे आज स्वीकार करने का दिवस है। आपके पास अनुभवों की अमूल्य धरोहर है। आप ज्ञान की लाइब्रेरी की तरह हैं, जिस तरह लाइब्रेरी में पुस्तकों की संख्या बढ़ती जाती है उसी तरह आपके पास ज्ञान और अनुभव बढ़ता जाता है। कलेक्टर ने वृद्धजनों को भरण-पोषण अधिनियम के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खनिज संस्थान न्यास मद नगर में सर्व सुविधा युक्त वृद्धाश्रम का निर्माण कराया जा रहा है। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक श्री मजूमदार ने वृद्धजनों को पिछले 19 वर्षों से कार्य करने वाली बाल्को मैत्री संघ के विषय में जानकारी दी। कार्यक्रम में वृद्धजनों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में उप संचालक समाज कल्याण विभाग सिनीवाली गोयल, बाल्को मैत्री संघ के सदस्यगण, वरिष्ठ नागरिक एवं वृद्धजन उपस्थित थे।
रायपुर। कोरबा जिले के स्कूलों, आश्रम, छात्रावासों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में आज भी लकड़ी से चूल्हे पर खाना पकाया जा रहा है, जिससे निकलने वाले धुंए से संस्था में काम करने वाली माताओं, बहनों एवं पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 4900 संस्थाओं में घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन देकर संस्थाओं को धुआं मुक्त किया जा रहा है। अब इन संस्थाओं में बच्चों को पौष्टिक नाश्ता व भोजन कम समय में उपलब्ध हो सकेगा। उक्त बातें कल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित शालाओं, आंगनबाड़ी, आश्रम छात्रावास को गैस वितरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला उद्योग, वाणिज्य, व्यापार एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कही।
मंत्री श्री देवांगन कहा कि संस्थाओं में परंपरागत तरीके से लकड़ी जलाकर चूल्हे पर खाना पकाने के लिए बड़ी मात्रा में पेड़ों की कटाई भी होती है। जिसके दुष्परिणाम पर्यावरण असंतुलन के रूप में देखे जा सकते हैं। संस्थाओं में घरेलू गैस कनेक्शन से संस्थागत माताओं बहनों को खाना पकाने में सुविधा होगी ही, इसके साथ ही उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा कि जिला खनिज संस्थान न्यास मद से जिले के संस्थाओं को परंपरागत तरीके से चूल्हे पर खाना बनाने से निकलने वाले धुंए से मुक्ति मिलेगी। इसके आगामी समय में निश्चित ही सुखद परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि संस्थाओं को घरेलू गैस कनेक्शन की राशि डीएमएफ मद से दी जा रही है। इसके साथ ही गैस रिफिलिंग में होने वाले व्यय की राशि भी डीएमएफ मद से प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले शासकीय बालक विद्यालय कोरबा के वैभव लक्ष्मी महिला स्वसहायता समूह, शासकीय साडा कन्या विद्यालय के जागृति महिला स्वसहायता समूह, शासकीय प्राथमिक शाला अंधरी कछार के जय अम्बे महिला स्वसहायता समूह, शासकीय विद्यालय मुड़ापार के अंजनीपुत्र स्वसहायता समूह को गैस सिलेण्डर प्रदाय किया। इसके साथ ही प्रीमैट्रिक बालक अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास नोनबिर्रा पाली, आंगनबाड़ी में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रथबाई, कुसुमबाई बुधवारी, ज्योतिकपल मुड़ापार को घरेलू एलपीजी सिलेण्डर प्रदान किया।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि संस्थागत कर्मचारियों, बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव को रोकने एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बढ़ावा देने के लिए स्कूल, आश्रम, छात्रवास, आंगनबाड़ी में लकड़ी से खाना बनाने की मुक्ति के लिए संस्थाओं को घरेलू गैस कनेक्शन की योजना प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने कहा कि आश्रम छात्रावासों में भोजन के लिए 50 प्रतिशत राशि सरकार से अनुदान मिलता है। इसके साथ ही शेष 50 प्रतिशत राशि का भुगतान डीएमएफ मद से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिले के 2100 स्कूलों के लिए 1.5 करोड़, महिला बाल विकास अंतर्गत 2600 आंगनबाड़ी केंद्रों में 02 करोड़ रूपए एवं आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत 200 छात्रावास आश्रमों के लिए 13 लाख रूपए की राशि का घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। संस्थाओं में घरेलू गैस कनेक्शन करने पर करीब 03 करोड़ 63 लाख रूपए व्यय किए जाएंगे, जिसकी राशि डीएमएफ मद से प्रदाय की गई है।
संस्थाओं को यह सुविधा लंबे समय तक मिलती रहे इसका ध्यान रखते हुए वार्षिक गैस रिफलिंग के लिए शिक्षा विभाग के लिए 04 करोड़ रूपए, महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 2.5 करोड़ रूपए तथा आदिम जाति विकास विभाग के लिए 01 करोड़ रूपए कुल राशि 7.5 करोड़ रूपए व्यय होंगे। व्यय राशि का भुगतान डीएमएफ मद से किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शिवकला कंवर, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अपर कलेक्टर दिनेश नाग आदि विभागीय अधिकारी-कर्मचारी सहित स्वसहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थीं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन प्रविष्टि में पिछड़ गए निजी स्कूलों पर जुर्माना लग रहा है. जुर्माना भी रोज हजार रुपए के हिसाब से लगाया जा रहा है, जिससे परेशान निजी स्कूल संचालकों ने माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव को पत्र लिखकर राहत देने की गुहार लगाई है.
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता और सचिव मोती जैन ने माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव को लिखे पत्र में बताया कि पूर्व के वर्षों में भी इस तरह विलंब होने पर किसी तरह जुर्माना नहीं लगाया जाता था. यही नहीं पूर्व में जारी पत्र में भी विलंब शुल्क का कोई उल्लेख नहीं था.
एसोसिएशन ने इसके साथ तर्क दिया कि प्रविष्टि में केवल निजी स्कूल ही नहीं बल्कि आत्मानंद स्कूल और सरकारी स्कूल भी पिछड़े हैं, लेकिन इन पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जा रहा है. स्थिति को देखते हुए निजी स्कूल संचालकों ने विलंब शुल्क से राहत देते हुए ऑनलाइन प्रविष्टि की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए आदेशित करने की मांग की है.
रायपुर। 2008 बैच के आईपीएस डी श्रवण एनआईए में प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं. राज्य शासन ने प्रतिनियुक्ति की अनुमति दे दी है. डीआईजी रैंक के अफसर डी श्रवण पाँच साल की प्रतिनियुक्ति जा रहे हैं.
आईपीएस डी श्रवण छत्तीसगढ़ कैडर के 2008 बैच के अफसर हैं. उनका पूरा नाम दावुलुरी श्रवण है. मूलतः वे आंध्रप्रदेश के रहने वाले हैं. एमए, एमफिल के बाद उन्होंने यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस की सर्विस ज्वाइन की है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर जगदलपुर जिले में नियुक्त किया गया. वे जगदलपुर कोतवाली में थाना प्रभारी रहे. एसडीओपी केशकाल की जवाबदारी भी उन्होंने संभाली.
पुलिस अधीक्षक के तौर पर धुर नक्सल प्रभावित एरिया सुकमा में 2 साल पदस्थ रहे. कोंडागांव, कोरबा, मुंगेली,राजनंदगांव, जगदलपुर जिलों के एसपी भी रहे. डी श्रवण सेनानी छठवीं वाहिनी रायगढ़ रहे. वर्तमान में डी श्रवण डीआईजी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल हेड क्वार्टर सेंटर रेंज रायपुर में पोस्टेड हैं.
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी स्थित पंडित रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध में 5 और 6 अक्टूबर को जल जगार महोत्सव आयोजित किया जाएगा. इसके चलते जल जगार महोत्सव में आने वाले प्रतिभागी, दर्शक, व्हीव्हीआईपी, व्हीआईपी के लिए रूट चार्ट बनाया गया है. इसके तहत जल जगार महोत्सव में पहुंचने वाले अंबेडकर चौक धमतरी-रूद्री चौक-पहलवान चौक-मरादेव-गंगरेल बस्ती होते हुए जल जगार महोत्सव में पहुंचेंगे. कार्यक्रम समाप्ति के बाद उसी मार्ग से गंतव्य की ओर जायेंगे.
पार्किंग व्यवस्था 4 स्थानों पर की गई है. जल जगार महोत्सव में शामिल होने वाले प्रतिभागी एवं दर्शकों के लिए पार्किंग-1 डब्ल्यू.आर.डी.वर्कशॉप के पास गंगरेल कॉलोनी जाने के मार्ग में स्थित मैदान पर पार्किंग व्यवस्था की गई है. इसमें दोपाहिया वाहन 500, कार, पिकप, ट्रैक्टर्स 100 एवं बस/मिनीबस 20 वाहनें पार्किंग की जा सकती है. दूसरा पार्किंग पुलिस ट्रेनिंग सेंटर को बनाया गया है, जिसमें कार, पिकप, ट्रैक्टर्स 200, बस, मिनीबस 100 वाहनों की पार्किंग की जा सकती है. तीसरा पार्किंग अंगारमोती माता मंदिर पार्किंग में व्हीआईपी के लिए पार्किंग बनाया गया है, जिसमें दोपहिया वाहन 1800, कार, पिकप, ट्रेक्टर्स 780, बस, मिनीबस 20 वाहनों की पार्किंग किया जा सकता है. साथ ही वाटर स्पोर्ट्स जाने मार्ग बेरियर के पास 50 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की गई है. पार्किंग 4 मानव वन एडवेंचर कैंम्प (ऑक्सीजोन) पार्किंग वाटर स्पोर्ट जाने के प्रवेश द्वार के बेरियर के बांये तरफ व्हीव्हीआईपी के लिए पार्किंग बनाया गया है, जिसमें 50 वाहन पार्किंग किया जा सकता है.
इसके अलावा गंगरेल घूमने आने वाले पर्यटकों एवं अंगारमोती माता दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रूट एवं पार्किंग व्यवस्था के तहत भी रूट चार्ट बनाया गया है. इसमें रायपुर, दुर्ग, धमतरी से आने वाले पर्यटक एवं अंगारमोती माता दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुगण अंबेडकर चौक-रूद्री चौक-पहलवान चौक- बेन्द्रानवागांव-डांगीमाचा-मानव वन ऑक्सीजोन होते हुए गंगरेल पहुंचेंगे. इसी प्रकार कांकेर, बालोद की ओर से आने वाले पर्यटक एवं अंगारमोती माता दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु गुरूर-भटगांव-सोरम-डांगीमाचा होते हुए गंगरेल पहुंचेंगे. सभी पर्यटक एवं श्रद्धालू वापस डांगीमाचा होकर सोरम-गोकुलपुर-अंबेडकर चौक से अपने-अपने गंतव्य की ओर जायेंगे. गंगरेल घूमने आने वाले पर्यटक एवं अंगारमोती माता दर्शन करने वाले श्रद्धालु के लिए मानव वन एडवेंचर कैंम्प (ऑक्सीजोन) पार्किंग बनाई गई है, जिसमें दोपहिया वाहन एक हजार, कार, पीकप, ट्रैक्टर्स 200 और बस, मिनीबस 100 वाहनों की पार्किंग की जा सकती है.
रायपुर। जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कांकेर और कोंडागांव जिले में मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कांकेर जिले के चारामा विकासखंड के ग्राम रतेडीह, कुरुटोला, कानापोड़ एवं डेढ़कोहका में विभागीय अधिकारियों के साथ कार्यों का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। डॉ. भुरे ने कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के गुलबापारा में भी मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों का अवलोकन किया।
जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. भुरे ने इन गांवों में मिशन के तहत बनाए गए उच्च स्तरीय जलागार, सोलर आधारित योजना, नल कनेक्शन, पाइपलाइन एवं अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर नल के माध्यम से जल आपूर्ति की जानकारी ली। डॉ. भुरे ने विभागीय अधिकारियों को जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। मिशन के कार्यों के निरीक्षण के दौरान उनके साथ लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग के कोंडागांव मंडल के अधीक्षण अभियंता जी.एल. लखेरा, कांकेर के कार्यपालन अभियंता बी.एन. भोयर, कोंडागांव के कार्यपालन अभियंता विरेन्द्र पाण्डेय, सहायक अभियंता राजेश हिरकने, उप अभियंता आर.पी. जोशी और कु० निभा कोर्राम सहित सरपंच एवं स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद थे।
रायपुर। भारतीय सेना का भीष्म टी-90 टैंक और अन्य आर्टिलरी आज राजधानी रायपुर पहुंचा, जिसका शहर में रैली निकालकर स्वागत किया गया. बता दें कि रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 5 और 6 अक्टूबर को सैन्य शक्ति प्रदर्शन आर्मी मेले का एक बड़ा आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भारतीय सैनिकों का जौहर देखने का मौका मिलेगा. इसी के तहत तैयारियां जोरों से जारी है.
जिला प्रशासन की ओर से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसएसपी संतोष कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने भीष्म टैंक का स्वागत किया. इसके बाद एक रैली के रूप में टैंक और अन्य सैन्य उपकरणों को तेलीबांधा, मरीन ड्राइव, कलेक्ट्रेट, जयस्तंभ और आश्रम चौक होते हुए साइंस कॉलेज मैदान तक ले जाया गया.
रैली के दौरान रायपुर के नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला. सैकड़ों लोग इस शानदार रैली को अपने मोबाइल फोन में कैद करते हुए नजर आए. इस कार्यक्रम को लेकर राजधानी में सकारात्मक माहौल बना हुआ है और नागरिक इसे लेकर उत्सुक हैं.
रायपुर। भारी मशीनरी की खनक-खनक की आवाज़ से अभ्यस्त होने में कुछ समय लग सकता है। शुरू में जया को फैक्ट्री के जीवन की सटीकता और गति डरावनी लगी। याद रखने के लिए नियम थे, अनुसरण करने के लिए कदम थे और सम्मान करने के लिए पदानुक्रम थे। 38 साल की उम्र में, कोविड-19 की पहली लहर के दौरान अपने पति की अचानक मृत्यु के बाद, जया को एक ऐसी भूमिका में धकेल दिया गया था, जिसके लिए किसी ने उसे तैयार नहीं किया था। जया की कहानी महिलाओं को सशक्त बनाने और समुदायों को बदलने में लेबर हेल्पलाइन और लेबर रिसोर्स सेंटर के दूरगामी प्रभाव का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग को यूएनडीपी के संसाधन, विशेषज्ञता और सहायता ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जया ने कहा, जब मेरे पति का निधन हुआ, तो मुझे ऐसा लगा जैसे मैं घुटन भरे अंधेरे में घिर गई हूं, जिससे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल पा रहा है। पति की मृत्यु के बाद जीवन आर्थिक कठिनाइयों और सामाजिक कलंक से भरा हुआ था, जो अक्सर भारतीय समाज में विधवा होने के साथ होता है। जया दुख और अविश्वास के सागर में डूबी हुई थी। लेकिन जल्द ही उसे अपने पति के कर्ज की सच्चाई का सामना करना पड़ा। अनिश्चित वित्तीय भविष्य सामने था और जया जानती थी कि उसे चीजों को सही करने के लिए कार्यबल में प्रवेश करना होगा।
आशा की एक किरण रायपुर में स्थापित सीएम श्रमिक हेल्पलाइन (मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र) के रूप में सामने आई। वहां, जया को मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के बारे में पता चला, जो एक सरकारी योजना थी जो एक मृत मजदूर के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करती थी। दयालु स्टाफ सदस्यों ने जया को सरकारी योजना की जटिलताओं को समझने में मदद की और उसे 1,00,000 रुपये की सहायता राशि दिलाने में सहायता की।
यह रकम उनकी जीवनरेखा बन गई और कर्ज चुकाने में मदद की। उन्होंने कहा, मेरे पति की अचानक मृत्यु हो गई थी, इसलिए यह योजना बहुत मददगार रही। कर्ज चुकाने के बीच में ही इस योजना ने उन्हें बचाया। जिस दिन जया कर्ज मुक्त हुईं, उनकी सोच बदल गई। उन्हें न केवल राहत मिली, बल्कि आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प भी मिला। जया ने तय किया कि अब समय आ गया है कि वह अपने घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर काम पर लग जाएं।
खस्ता मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में फैक्ट्री की नौकरी के पहले दिन उसके हाथ-पैर कांप रहे थे। मशीनरी और निर्माण प्रक्रिया डराने वाली थी, लेकिन जया ने पहले भी कई चुनौतियों का सामना किया था। धीरे-धीरे, मुस्कुराते हुए, सौम्य सहकर्मियों की मदद से, जया ने अपनी नई भूमिका को अपनाया।
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से नई दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। श्री डेका ने केंद्रीय वित्त मंत्री से विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू संस्थागत निवेश और विदेशी संस्थागत निवेश के द्वारा छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के साथ छत्तीसगढ़ निवेशक सम्मेलन 2025 के आयोजन का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य राज्य में उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग के साथ बड़े और छोटे उद्योगों, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट निवेश को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के निवेश से छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
श्री डेका ने श्रीमती सीतारमण को बताया कि छत्तीसगढ़ में भरपूर प्राकृतिक, खनिज एवं वन संपदा है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनाएं है। इस दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ में निवेशक सम्मेलन का आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने वित्त मंत्री से छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा की।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां बम्लेश्वरी के दर्शन लाभ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के बस को मुख्यमंत्री निवास से झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के शुभ मौके पर इस पावन यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। सभी श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को नवरात्रि की शुभकामनाएं दी। मां बम्लेश्वरी के जयकारे और भजन-कीर्तन के साथ यह यात्रा शुरू हुई।
गौरतलब है कि मां काली अन्नदान भंडारा समिति द्वारा श्रद्धालुओं को पिछले 09 वर्षों से लगातार नवरात्रि के पावन मौके पर मां बम्लेश्वरी धाम की निःशुल्क यात्रा कराई जाती है। इस वर्ष भी आगामी 5 दिनों तक रोजाना चार बसों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। इस मौके पर संजय श्रीवास्तव और मां काली अन्नदान भंडारा समिति के अध्यक्ष दीपक भारद्वाज मौजूद रहे।
रायपुर। जिंदगी में अनुशासन बहुत जरूरी है, यह हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है और जीवन को एक दिशा देता है। अनुशासन वह शक्ति है जो हमें कठिन परिस्थितियों में स्थिर और प्रतिबद्ध रहने में मदद करती है।
यह बात रायपुर सांसद एवं छत्तीसगढ़ स्काउट्स एंड गाइड के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री माननीय लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ स्काउट्स एंड गाइड के राज्य प्रशिक्षण केन्द्र, झीपन जिला बलौदा बाजार में राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा के दौरान कही।
बृजमोहन अग्रवाल ने सर्वधर्म प्रार्थना सभा के माध्यम से समाज में आपसी भाईचारे, शांति, और समरसता की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, अनुशासन के बिना जीवन असंगठित और अराजक हो सकता है। जिससे हम अपने उद्देश्यों से भटक सकते हैं। स्काउट्स एंड गाइड हमे सेवा भाव के साथ अनुशासन, समय प्रबंधन, आत्म-नियंत्रण, और संयम सिखाता है। और न केवल सीखाता है बल्कि मानवीय सेवा की सीख भी देता है।
श्री अग्रवाल ने युवाओं से आह्वान किया कि, वे जनसेवा के कार्यों के माध्यम से समाज मे एक उदाहरण बनें। उन्होंने कहा कि, नवंबर 2025 में रायपुर में राष्ट्रीय जम्बूरी एवं पहली वर्ल्ड गर्ल्स गाइड जम्बूरी का आयोजन होने जा रहा है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह आयोजन छत्तीसगढ़ और राज्य की स्काउटिंग को एक नई पहचान देगा। जिसके लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्काउट्स एंड गाइड के 3 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल प्रदेश के 7 जिलों के 159 स्काउट्स एंड गाइड भी शामिल हुए। जिनसे बृजमोहन अग्रवाल ने संवाद किया और आयोजन के बारे में जानकारी हासिल की। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी पूज्य माता जी को याद करते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
कार्यक्रम में राज्य उपाध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा, राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव, विजय केशरवानी, कोषाध्यक्ष मुरली शर्मा समेत स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स, जिला शिक्षा अधिकारी, एसडीएम और गणमान्यजन उपस्थित रहे।
रायपुर। राज्य के ग्रामीण अंचलों में निःशुल्क घरेलू नल कनेक्शन देने का काम तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत 50 लाख 05 हजार 147 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिया जाना है। जिसके तहत वर्तमान में 39 लाख 50 हजार 400 घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके साथ-साथ राज्य के 43 हजार 924 स्कूलों, 41 हजार 663 आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा 17 हजार 319 ग्राम पंचायत भवनों और सामुदायिक उप-स्वास्थ्य केन्द्रों में टेप नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। जिसमें छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला सर्वाधिक 1 लाख 96 हजार 667 ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन देने में अग्रणी है। इसी तरह जिला रायगढ़ 1 लाख 95 हजार 983, जांजगीर-चांपा जिले में 1 लाख 82 हजार 437 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन देने में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में प्रति व्यक्ति, प्रतिदिन 55 लीटर के मान से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, इसके लिए सभी जिलों में कार्ययोजना तैयार कर तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। इस मिशन के तहत घरेलू नल कनेक्शन के अतिरिक्त स्कूल, उप-स्वास्थ्य केंद्र एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी रनिंग वाटर की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही साथ जमीनी स्तर पर राज्य में सिंगल विलेज स्कीम और मल्टी विलेज स्कीम सहित अन्य पेयजल योजनाओं सहित जल जीवन मिशन के कार्यों का क्रियान्वयन सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मो. केसर अब्दुलहक और जल जीवन मिशन संचालक डॉ. सर्वेश्वेर भूरे द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है।
जल जीवन मिशन के तहत अब तक बिलासपुर जिले में 1 लाख 78 हजार 664, रायपुर जिला 1 लाख 78 हजार 161, बलौदाबाजार-भाटापारा में 1 लाख 76 हजार 393, कवर्धा 1 लाख 63 हजार 198, धमतरी जिले में 1 लाख 52 हजार 233, बालोद में 01 लाख 49 हजार 510, बेमेतरा जिले में 1 लाख 48 हजार, मुंगेली में 1 लाख 46 हजार 906, जशपुर में 1 लाख 43 हजार 454, बस्तर में 1 लाख 41 हजार 925, कोरबा में 1 लाख 41 हजार 623, बलरामपुर में 1 लाख 39 हजार 229 तथा राजनांदगांव जिला 1 लाख 38 हजार 788 नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसी तरह दुर्ग 1 लाख 36 हजार 001, सक्ती में 1 लाख 32 हजार 005, गरियाबंद 1 लाख 30 हजार 025, सरगुजा जिले के 1 लाख 27 हजार 209, सांरगढ़-बिलाईगढ़ में 1 लाख 17 हजार 360, सूरजपुर में 1 लाख 14 हजार 619, कांकेर 1 लाख 09 हजार 494, कोण्डागांव में 1 लाख 871, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 66 हजार 209, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 61 हजार 703, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 60 हजार 117, सुकमा में 45 हजार 838, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 45 हजार 460, दंतेवाड़ा में 39 हजार 091, कोरिया में 37 हजार 522, बीजापुर 31 हजार 969, और नारायणपुर जिले में 21 हजार 736 ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शायर हाजी हसन अली ’हसन’ की 2 अक्टूबर को जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि श्री हसन का उर्दू भाषा के प्रसार में विशिष्ट योगदान है। उन्होंने कहा कि श्री हाजी हसन ने हिन्दी से उर्दू पढ़ना-लिखना सीखने के लिए कई किताबें लिखी, इससे दोनों भाषाओं को सीखने और समझने में रूचि रखने वालों को आसानी हुई है। हाजी हसन अली ‘हसन‘ ने उर्दू भाषा को जनप्रिय बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया है। राज्य सरकार ने उनके सम्मान में राज्य अलंकरण की स्थापना की है।
बस्तर। विश्व में अनोखी और आकर्षक परंपराओं के लिए मशहूर बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत आज रात काछन देवी की अनुमति के बाद हो गयी है. बस्तर दशहरा पर्व शुरू करने के लिए अनुमति लेने की परंपरा अनूठी है. काछनगादी रस्म में एक नाबालिग कुंवारी कन्या बेल के कांटों के झूले पर लिटाया जाता है. बस्तर में करीब 700 वर्षों से चली आ रही परंपरा की मान्यता के अनुसार कांटों के झूले पर लेटी कन्या में साक्षात देवी आकर पर्व शुरू करने की अनुमति देती है. 75 दिनों तक मनाए जाने वाले दशहरा पर्व में निभाई जानेवाली 12 से ज्यादा रस्में अद्भुत और अनोखी होती हैं.
बता दें कि बस्तर का महापर्व दशहरा बिना किसी बाधा के संपन्न हो, इस मन्नत और आशीर्वाद के लिए काछन देवी की पूजा होती है. बुधवार रात काछन देवी के रूप में अनुसूचित जाति के एक विशेष परिवार की 8 वर्षीय कुंवारी कन्या पीहू दास ने कांटो के झूले पर लेटकर बस्तर राजपरिवार को दशहरा पर्व आरंभ करने की अनुमति दी. इससे पहले पिछले कुछ वर्षों से काछनगादी रस्म को पीहू की चचेरी बहन अनुराधा निभा रही थी.
मान्यता है कि इस महापर्व को निर्बाध संपन्न कराने के लिए काछन देवी की अनुमति आवश्यक है. जिस हेतु पनका जाति की कुंवारी कन्या को बेल के कांटो से बने झूले पर लेटाया जाता है और इस दौरान उसके अंदर खुद देवी आकर पर्व आरंभ करने की अनुमति देती है. हर वर्ष पितृमोक्ष अमावस्या को इस प्रमुख विधान को निभाकर राज परिवार यह अनुमति प्राप्त करता है. इस दौरान बस्तर का राजपरिवार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ हजारों की संख्या में लोग इस अनूठी परंपरा को देखने काछन गुड़ी पहुंचते हैं.