जगलदपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद पहली बार बस्तर में विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित की जा रही है. यह बैठक मिनी नियाग्रा कहे जाने वाले प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात में होगी. बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे.
बैठक में प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लता उसेंडी, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अरुण साव और वन मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित रहेंगे. बैठक में बस्तर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं. इस बैठक के मद्देनजर चित्रकोट जलप्रपात को 2 दिनों 17 व 18 नवंबर को पर्यटकों के लिए बंद रखने का आदेश जिला प्रशासन ने जारी किया है.
बस्तर कलेक्टर, एसपी और बस्तर आईजी कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बस्तर एसपी शलभ सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के मूवमेंट वाले इलाकों में फोर्स तैनात कर दी गई है. जगह-जगह चेक पोस्ट लगाकर सुरक्षा जांच की जा रही है. होटल व लॉज की भी पुलिस द्वारा चेकिंग की जा रही है.
रायपुर। संसाधनों और सुविधाओं के अभाव में जूझ रहे प्रदेश के पटवारियों पर आला अफसरों द्वारा अवकाश के दिन भी दबाव डालकर काम लेने से अब नाराजगी फूट रही है. पटवारियों ने डरा-धमकाकर काम लेने के खिलाफ अब मोर्चा खोलने का मन बना लिया है.
वहीं तीन माह पूर्व दिए गए आश्वासन को नजरअंदाज करने पर भी रणनीति तय होगी. राजधानी में 17 नवंबर को राजस्व पटवारी संघ जुटेगा. इस दौरान राज्य सरकार के कोरे आश्वासन और शीर्ष अधिकारियों की प्रताड़ना पर मंथन कर फैसले लिए जाएंगे. राज्य शासन द्वारा मौखिक समझौते से पलटने के अलावा अफसरों की प्रताड़ना के खिलाफ राजस्व पटवारी संघ रणनीति तय करेगा.
संघ ने इस बात पर विरोध जताया कि संसाधानों के अभाव में भी आला अफसर उनसे 6जी की स्पीड से दबावपूर्वक काम लेने धमकाने लगे हैं. अवकाश के दिनों में भी दबाव बनाया जा रहा है. वहीं आधी रात को वॉट्सएप के जरिए मैसेज डालकर तत्काल जानकारी मांगने कहा जाता है. जमीनी समस्याओं को नजरअंदाज कर समूह के कार्यों को अकेले पटवारियों से करने दबाव बनाया जा रहा है. एक ही समय में कई कार्यों को तत्काल नहीं करने पर कार्रवाई की धमकी देकर प्रताड़ित करने के खिलाफ भी मोर्चाबंदी होगी.
बालोद। जिले के आदिवासी ब्लॉक डौंडी के पुलिस ग्राउंड में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम को लेकर विवाद पैदा हो गया है. सर्व आदिवासी समाज बालोद जिलाध्यक्ष तुकाराम कोर्राम ने कार्यक्रम की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि जिला प्रशासन जनजातीय समाज को लेकर गंभीर नहीं है.
सर्व आदिवासी समाज बालोद के जिलाध्यक्ष तुकाराम कोर्राम ने आयोजन को लेकर प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिरसा मुंडा को याद कर आदिवासी इस दिन मूलनिवासी आदिवासी अधिकार दिवस के रूप में मनाते हैं, लेकिन प्रशासन इस आयोजन के माध्यम से जनजातीय समाज को डायवर्ड करने की साजिश रच रहा है.
उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को लेकर जिला प्रशासन गंभीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन को आयोजन करने से पहले सर्व आदिवासी समाज का बैठक करना था.
वहीं गुरुनानक जयंती पर स्कूली अवकाश होने के बावजूद स्कूली बच्चों को स्कूली वेशभूषा पहनाकर आयोजन में भीड़ बढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से आयोजन स्थल पर एकत्रित किया.
आदिवासियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी समाज के एक भी पदाधिकारी नजर नहीं आए. आयोजन में कांकेर लोकसभा सांसद, विधायक, जिला व जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि सहित भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासन भीड़ जुटाने में नाकाम रही.
रायपुर। राज्य में पारिस्थितिकी बहाली के लिए एक ठोस नीति तैयार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा एक दिवसीय राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 18 नवंबर 2024 को टीसीएच अरण्य भवन, नवा रायपुर में आयोजित होगी, जिसमें राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों, विषय विशेषज्ञों, शैक्षिक संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों और सामुदायिक प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी।
बता दें कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में पारिस्थितिकी बहाली के प्रमुख क्षेत्रों और रणनीतियों की पहचान करना है, ताकि राज्य में पारिस्थितिकी तंत्र की व्यवस्थित और वैज्ञानिक बहाली सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, कृषि भूमि, आर्द्रभूमि और गांवों की आम भूमि की पारिस्थितिकी बहाली के लक्ष्यों पर भी आम सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।
यह मुख्य अतिथि होंगे शामिल
कार्यशाला में प्रयागराज में ICFRE के इको रिहैबिलिटेशन सेंटर वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ. संजय सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग छत्तीसगढ़ के एमजीएनआरईजीएस राज्य कार्यालय में अधीक्षण अभियंता विनय गुप्ता, छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के उप निदेशक सतीश अवस्थी और सेवानिवृत्त आईएफएस, पूर्व पीसीसीएफ डॉ. आर. के. सिंह बतौर स्पीकार शामिल होंगे।
गौरतलब है कि कार्यशाला में भाग लेने वाले विशेषज्ञ और हितधारक राज्य की पारिस्थितिकी बहाली नीति को अंतिम रूप देने में विभाग की मदद करेंगे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। यह पहल राज्य में पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और समग्र पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने साल 2025 का कैलेंडर जारी कर दिया है. इसमें देश-प्रदेश में मनाए जाने वाले तीज-त्योहारों के लिए 26 दिनों की छुट्टियों के अलावा 26 दिनों का ग्रीष्मकालीन और 10 दिनों का शीतकालीन अवकाश शामिल है. इसके अलावा रविवार और महीने के दूसरे और तीसरे शनिवार को उच्च न्यायालय और रजिस्ट्री बंद रहेंगे.
2025 कैलेंडर के अनुसार, ग्रीष्मावकाश के कारण छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट 12 मई 2025 से 6 जून 2025 तक बंद रहेगा, लेकिन इस दौरान रजिस्ट्री खुली रहेगी. इसी तरह शीतकालीन अवकाश के कारण हाई कोर्ट 22 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक बंद रहेगा, लेकिन रजिस्ट्री शीतकालीन अवकाश के दौरान 22 से 24 दिसंबर 2025 तक खुली रहेगी और 26 से 31 दिसंबर तक बंद रहेगी.
मिलाद-उन-नबी, ईद-उल-फितर, ईद-उल-जुहा और मुहर्रम के कारण घोषित अवकाश चंद्रमा की दृश्यता के आधार पर परिवर्तन के अधीन हैं. यदि राज्य सरकार टीवी/आकाशवाणी/समाचार पत्र के माध्यम से इन तिथियों में कोई परिवर्तन घोषित करती है, तो उसका पालन किया जाएगा और उस दिन भी माननीय मुख्य न्यायाधीश की स्वीकृति से अवकाश के रूप में मनाया जाएगा.
इसके अलावा उच्च न्यायालय स्थापना के अधिकारी एवं कर्मचारी राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025 के लिए निर्धारित वैकल्पिक अवकाशों की सूची में से वर्ष में तीन वैकल्पिक अवकाश लेने के हकदार होंगे. हाई कोर्ट राज्य सरकार द्वारा अचानक निर्धारित अवकाश को स्थायी समिति के अनुमोदन से मनाएगा.
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्ति खरीदने वाले मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत दी है। अब किसी भी प्रापर्टी की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर से सौदे की रकम अधिक होने पर भी रजिस्ट्री शुल्क गाइड लाइन दर के अनुसार ही लिया जाएगा। इससे बैंक लोन पर निर्भर मध्यम वर्गीय परिवार को वास्तविक मूल्य के आधार पर ऋण मिल सकेगा।
उल्लखेनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले से विशेषकर उन नागरिकों को लाभ होगा, जो बैंक ऋण के माध्यम से संपत्ति खरीदते हैं। पूर्व में संपत्ति की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर और सौदे की राशि में जो भी अधिक होता था, उस पर रजिस्ट्री शुल्क देना आवश्यक था। उदाहरण के लिए यदि किसी संपत्ति का गाइड लाइन मूल्य 6 लाख रुपये है और उसका सौदा 10 लाख में हुआ, तो रजिस्ट्री शुल्क 10 लाख पर 4 प्रतिशत के हिसाब से 40 हजार रुपये देना पड़ता था।
इस नियम में संशोधन के बाद संपत्ति खरीदने वाले अब सौदे की रकम गाइड लाइन दर से अधिक होने पर भी वास्तविक मूल्य को अंकित कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। 6 लाख रुपये की गाइड लाइन मूल्य वाली प्रॉपर्टी का सौदा 10 लाख में होता है, तो भी रजिस्ट्री शुल्क 6 लाख के 4 प्रतिशत के हिसाब से 24 हजार रुपये देय होगा। इस तरह 16 हजार रुपये की बचत होगी।
खास बात यह है कि इस संशोधन से मध्यम वर्गीय परिवारों को वास्तविक मूल्य के आधार पर अधिक बैंक ऋण प्राप्त करने में सहूलियत होगी। इसके अलावा इस निर्णय संपत्ति बाजार में पारदर्शिता व स्पष्टता को बढ़ाने में भी सहायक होगा और वास्तविक मूल्य दर्शाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर। जिले के प्रत्येक नागरिकों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा. इसके लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. मिथिलेश चौधरी ने शहरी क्षेत्रों के सुपरवाइजरों की बैठक में निर्देश दिए हैं. बैठक में आयुष्मान कार्ड बनाने में आने वाली कठिनाई सुधार और माइक्रोप्लान के साथ ज्यादा से ज्यादा कार्ड बनाए जाने की बात कही गई. साथ ही प्रत्येक यूपीएचसी, ओपीडी में कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए. साथ ही स्कूलों में भी जिन बच्चों का कार्ड अभी तक नहीं बन पाया है उनका भी बनाने के निर्देश दिए गए. सीएमएचओ चौधरी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड मोबाइल ऐप से नहीं बनने पर लिंक से बनाया जाए. ऑपरेटर आईडी नहीं होने पर बेनिफिशरी आईडी से भी बनाया जा सकता है.
इन जगहों पर बनाए जाएंगे आयुष्मान कार्ड
1. डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल (मेकाहारा)
2. जिला चिकित्सालय पंडरी
3. मातृ एवं शिशु चिकित्सालय कालीबाड़ी
4. शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुढ़ियारी
5. शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आयुर्वेदिक अस्पताल
6. शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोखोपारा
7. शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरगांव
8. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोवा
9. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाभांडी
10. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंगोराभाटा
11. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भाटागांव
12. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कचना
13. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोगांव
14. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हीरापुर
15. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काशीराम नगर
16. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भनपुरी
17. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मठपुरेना
18. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवपुरी
19. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजातालाब
20. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बोरियाकला
21. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर
22. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आमाशिवनी
23. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डी.डी. यू. नगर
24. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरला
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिलयारी को मिला NQAS सर्टिफिकेशन
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर लगातार बेहतर प्रयासों का सिलसिला जारी है. इसी कड़ी में राजधानी रायपुर के सिलियारी स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय स्तर के मानक का उच्चतम अंक प्राप्त हुआ है. जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और उपलब्धि प्राप्त हुई है, जो स्वास्थ्य की दिशा में सुधार को दर्शाता है. सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. इसी कड़ी में रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश चौधरी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष मेजर वार के मार्गदर्शन में आयुष्मान आरोग्य मंदिर सह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिलयारी में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक टीम ने 25 और 26 अक्टूबर 2024 को भ्रमण जांच किया था. टीम में डॉक्टर भानु कुमार धरावत, डॉक्टर प्रबल कुमार पवार ने 88.15% राष्ट्रीय स्तर मानक सिलयारी पीएचसी को सर्टिफिकेट प्रदान किया. खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विकास तिवारी, बीपीएम जुबेदा खान पीएचसी सिलियारी के प्रभारी डॉक्टर सोनम नायक ने सभी स्टाफ को बधाई दी एवं सीएमएचओ, डीपीएम व जिले के NQAS टीम को मार्गदर्शन व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। श्री साय ने कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। मीडिया नागरिकों को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित के प्रति जागरूक करता है। भारतीय प्रेस दिवस भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व और योगदान को याद करने का दिन है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी लोग साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि मीडिया हमारे लोकतंत्र में अपनी भूमिका का सम्यक निर्वहन करते हुए देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके।
रायपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस में अपनी कला का प्रदर्शन करने आए जशपुर जिले के मुंडारी नृत्य दल के कलाकारों ने आज रात यहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि राजधानी के मुख्य समारोह में अपनी कला का प्रदर्शन करके उनके दल के सदस्य काफी उत्साहित हैं। उन्होंने इस आयोजन के माध्यम से मिले अवसर के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री ने इन कलाकारों से इनके गांव का हालचाल भी पूछा, जिसके जवाब में दल के सदस्यों ने बताया कि वे लोग बादलखोल अभ्यारण्य के बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत बछरांव के निवासी हैं। यहां मुड़ा, नगेशिया, पहाड़ी कोरवा और उरांव जनजाति के परिवार निवासरत हैं। यह क्षेत्र हाथी प्रभावित है। तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में इन लोगों ने सात स्ट्रीट लाइट की मांग मुख्यमंत्री से की। मुख्यमंत्री ने उन्हें स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए आश्वस्त किया।
लोक कलाकारों के इस दल में प्रतिभा मुंडा, मीना मुंडा, शांता, विष्णु बरला, रामदयाल, सुनीता, अनुराधा, अमिता बरला, विष्णु मांझी और विश्वनाथ प्रधान आदि शामिल थे।
रायपुर। साय सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल किया है. प्राचार्यों की पदोन्नति, ट्रांसफर और संशोधन सूची जारी की गई है. जारी आदेश के मुताबिक, शासकीय जे. योगानंदम् छत्तीसगढ़ काॅलेज के प्राचार्य अमिताभ बेनर्जी को शासकीय नागार्जुन स्नाकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय में पदस्थ किया है. प्रवीण पाण्डेय को नवीन शासकीय महाविद्यालय सकरी बिलासपुर से शासकीय ई. राघवेन्द्र राव स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय बिलासपुर में पदस्थ किया गया है. वहीं तीन प्राध्यापकों को प्राचार्य के पद पर पदस्थ करते हुए नवीन पदस्थापना दी गई है.
आदेश में डाॅ तपेश चंद गुप्ता को जे योगानंदम छत्तीसगढ़ काॅलेज से शासकीय जे योगानंदम छत्तीसगढ़ काॅलेज में पदस्थ किया है. रूबी मल्होत्रा को बिलासा कन्या स्नाकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर से नवीन शासकीय महाविद्यालय सकरी बिलासपुर भेजा गया है. अभया रा. जोगलेकर को शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर से शासकीय माॅडल स्नातक महाविद्यालय अटारी रायपुर में पदस्थ किया गया है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विभिन्न राज्यों के लोक नर्तक दलों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों में उत्साह भर दिया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, उत्तराखंड समेत छत्तीसगढ़ के जनजातीय एवं लोक कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
त्रिपुरा से आए ब्रू रियांग जनजाति समुदाय के नर्तक दल ने परंपरागत लोकनृत्य होजागिरी की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस नृत्य में ब्रू रियांग जनजाति समुदाय की युवतियों ने सिर के ऊपर बोतल को संभालते हुए अद्भुत सामंजस्य के साथ प्रस्तुति दी। नृत्य के दौरान नर्तकों के कलात्मक प्रदर्शन को भी दर्शकों की खूब सराहना मिली।
इसके पूर्व हिमाचल प्रदेश के लोक कलाकारों ने मनमोहक कायांग नृत्य की प्रस्तुति दी, जो हिमाचल प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नृत्यों में से एक है। इस नृत्य में नर्तक दल एक दूसरे की भुजाओं को बुनकर माला जैसा पैटर्न बनाया, धीर-धीरे कदमताल करते हुए प्रतीकात्मक रूप से माला की मोती जैसे बिखरते हुए फिर जुड़ते हुए पारंपरिक कपड़े पहने और गहनों से सुसज्जित नृत्य प्रस्तुत किया।
इसके बाद मेघालय के गारो नृत्य की प्रस्तुति हुई। गारो समुदाय के लोग इस नृत्य में फसल कटाई के बाद देवता मिसी सालजोंग की आराधना कर उन्हें धन, धान्य के लिए अपनी आस्था और निष्ठा व्यक्त करते हैं। इस नृत्य में लोक वाद्य के प्रयोग से उत्पन्न ध्वनि ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
इसी क्रम में मिजोरम के मिजो और चरमा जनजाति समुदाय ने युद्ध कौशल, शौर्य, पराक्रम और युद्ध विजय के प्रतीक नृत्य मिजो प्रस्तुत किया। इस नृत्य के जरिए समुदाय ने वीर गाथा का जीवंत प्रदर्शन किया जिसमें यह बताया गया कि युद्ध के दौरान किस तरह समुदाय के वीर योद्धा ने गांव की रक्षा, जिसके बाद ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक उनका सम्मान किया। इसी तरह उत्तराखंड के जनजाति समुदाय ने हारुल नृत्य का प्रस्तुत किया जोकि हाटी जनजाति का पारंपरिक नृत्य और लोकगीत की एक खास शैली है। हारुल नृत्य जौनसार-बावर और चकराता क्षेत्र में किया जाता है। हारुल नृत्य में वीर पांडवों के साहस और वीरता, देवी-देवताओं की कहानियां, देवभूमि के इतिहास और जनजाति की संस्कृति से जुड़ी घटनाओं को बड़े ही रोचक ढंग से पेश किया गया। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से आए लोक कलाकारों ने भी छत्तीसगढ़ के प्रचलित लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।
उल्लेखनीय है कि महोत्सव के पहले दिन सिक्किम लिंबू जनजाति समुदाय द्वारा चाकोस तांगनाम नृत्य, गुजरात के लोक नर्तक दल ने सिद्धि गोमा नृत्य, अरुणाचल प्रदेश के कलाकारों ने गेह पदम ए ना न्यी, मध्यप्रदेश डिंडोरी के गोंड जनजाति ने सैला रीना, जम्मू कश्मीर से गुज्जर समुदाय ने गोजरी लोक नृत्य, छत्तीसगढ़ के माड़िया जनजाति ने गौर माड़िया नृत्य, उत्तराखंड के जनजातीय समुदाय द्वारा दिया बाती नृत्य, तेलंगाना के द्वारा मथुरी नृत्य, उत्तर प्रदेश के द्वारा कर्मा नृत्य, कर्नाटक के द्वारा सुगाली नृत्य, आंध्र प्रदेश के द्वारा ढीमसा नृत्य, दमन दीव द्वारा तारपा नृत्य तथा राजस्थान के जनजातीय कलाकारों द्वारा चकरी नृत्य की प्रस्तुति दी गई थी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के जनजातीय कलाकारों द्वारा अलग-अलग तीज त्यौहारों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई ।
रायपुर। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से रायपुर में दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 13 और 14 नवंबर को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण आवास के प्रभावी कार्यान्वयन और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के ग्रामीण आवास के उप महानिदेशक गया प्रसाद, ग्रामीण आवास निदेशक शक्तिकांत सिंह, एकीकृत वित्त प्रभाग (आईएफ़डी) के निदेशक शैलेश कुमार, संयुक्त निदेशक आशीष शिंदे और आईटी के संयुक्त निदेशक अजय मोरे शामिल थे। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीण आवास परियोजनाओं में नवाचार और सहयोग को बढ़ाने के लिए विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की।
इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इस बहु-राज्यीय सहभागिता ने देशभर में ग्रामीण आवास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राज्यों के बीच ज्ञान-विनिमय और सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
13 नवंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यशाला का शुभारंभ हुआ, जहां विशेषज्ञों और अधिकारियों ने ग्रामीण आवास में सर्वोत्तम प्रक्रियाओं, समन्वय मॉडलों और तकनीकी समाधानों पर गहन विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह, संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय जननायकों के अमूल्य योगदान पर आधारित शौर्याजंलि कैलेण्डर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने वन अधिकारों की मान्यता से सम्बंधित एटलस पुस्तक का भी विमोचन किया।
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय जननायकों ने अमूल्य योगदान देकर और मां भारती के चरणों में अपना सब कुछ न्यौछावर कर देश को आजाद कराया। आदिमजाति कल्याण विभाग द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे सेनानियों को नमन करने के साथ ही उनकी स्मृति अक्षुण्ण रखने के लिए यह कैलेण्डर प्रकाशित कराया है। विभाग द्वारा जनजातीय जननायकों को भगवान बिरसा मुंडा के 150 वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उनके जन्म दिवस और बलिदान दिवस को स्मरण करते हुए नमन करने का प्रयास किया है।
जनजातीय जननायकों के अमूल्य योगदान पर आधारित कैलेण्डर विमोचन के अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य अरुण सिंह, विधायक सर्व पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोती लाल साहू, विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानन्द, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में दामेसाय बघेल द्वारा लिखित पुस्तक ’हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ का विमोचन किया। ’हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ में जनजातियों की प्राचीन जीवनशैली के संबंध में पुरखों की व्यवस्था, जन्म संस्कार, विवाह संस्कार, मृतक संस्कार का उल्लेख किया गया है। इसी प्रकार देव संस्कार का ताना-बाना, रीति-रिवाज, देवी-देवताओं के मान्यताएं, मौखिक कला साहित्य, संस्कृति, किवदंतियां, महान विभूतियों के योगदान जड़ी-बुटी के जानकार, ऐतिहासिक, पुरातात्विक धरोहर पर लेख को समाहित किया गया है।
’हल्बा जनजाति की वाचिक परम्पराएं’ नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य अरुण सिंह, विधायक सर्व पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोती लाल साहू, विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानन्द, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार गण उपस्थित थे।
रायपुर। जल, जंगल, जमीन के रक्षक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर 13 से 15 नवम्बर तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नवा रायपुर द्वारा साइंस कॉलेज मैदान में किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय औेर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नगद राशि और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
इस चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करना है। जब बच्चे ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं, तो उन्हें विभिन्न प्रकार के विषयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो उनकी कल्पना और रचनात्मकता को चुनौती देते हैं। नियमों या दिशा-निर्देशों से सीमित न होकर अपनी सोंच को चित्रकला के माध्यम से बच्चे अपनी कलात्मक क्षमताओं को विकसित कर सकते हैं और अपनी अनूठी शैली और अभिव्यक्ति की खोज कर सकते हैं। ड्राइंग प्रतियोगिताएँ बच्चों को अन्य युवा कलाकारों के साथ बातचीत करने, अपने विचार साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्रदान करके सामाजिक कौशल को बढ़ावा दे सकते हैं। ऐसी प्रतियोगिताएँ समुदाय, टीमवर्क और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देता है, जो बच्चों को उनके सामाजिक कौशल विकसित करने में मदद कर सकती है।
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर तीन दिवसीय राज्य स्तर पर आयोजित जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के लिए चार वर्ग में विभाजित कर प्रतियोगिता कराई गई। प्रथम वर्ग 12 से 18 वर्ष तक की आयु के प्रतिभागियों के लिए 13 नवंबर को आयोजित चित्र कला प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार कांकेर के डेलियंश पदृदा को 10 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार सुकमा के हरीश कुमार को 8 हजार रूपए और तृतीय पुरस्कार गरियाबंद के चन्द्र कुमारी नागेश को 5 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार 14 नवंबर को आयोजित 12 से 18 वर्ष तक की आयु के जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार बालोद के दिव्यांशु को 10 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार तृतीय पुरस्कार बीजापुर के डालजीव कोरेटी को 5 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।
जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के 18 से 30 वर्ष तक की आयु वर्ग के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार धमतरी के अवध राम कंवर को 20 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार महासमुंद के गुलशन ठाकुर को 15 हजार रूपए और तृतीय पुरस्कार दंतेवाडा के पंकज कुमार नेताम को 10 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों में प्रथम पुरस्कार दुर्ग के हरीय कुमार गोंड को 20 हजार रूपए औैर प्रमाण पत्र प्रदान कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। इसी प्रकार द्वितीय पुरस्कार सरगुजा के भगत राम को 15 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया और तृतीय पुरस्कार महासमुंद के चुम्मन लाल कर्री को 10 हजार रूपए और प्रमाण पत्र से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री राम विचार नेताम, राज्यसभा सदस्य अरुण सिंह, विधायक सर्व पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोती लाल साहू, विकास मरकाम, प्रमुख सचिव आदिवासी विकास सोनमणि बोरा, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानन्द, आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, कमिश्नर रायपुर महादेव कावरे सहित आदिवासी समुदाय के लोग और बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे।
रायपुर। आदिवासी सांस्कृतिक परंपराओं और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उनके संघर्षों को स्मृतियों में संजोने के लिए आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम खुड़िया के शासकीय हाई स्कूल मैदान में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के जमुई से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया और देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। खुड़िया में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल व जमीन को बचाने के लिए जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी। भगवान बिरसा मुंडा ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को हर साल जनजाति गौरव देश के रूप में मनाया जाता है। श्री साव ने कहा कि आज खुड़िया क्षेत्र में 18 करोड़ की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ है। इसके साथ ही खुड़िया में 538 आवास स्वीकृत हुआ है। इसके लिए सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी ने आदिवासियों के उत्थान के लिए अलग से विभाग बनाया। आदिवासी समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए जगह-जगह छात्रावास एवं एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। हमारी सरकार आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए लगातार योजना बनाकर कार्य कर रही है। आदिवासी समाज के भाई-बहनों की तरक्की और वनांचल के विकास के लिए हमारी सरकार समर्पित है और पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। आज आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति के रूप में देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर बैठी हैं। यह सौभाग्य की बात है कि आज छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज का बेटा मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। ‘हमने बनाया है हम ही संवारेंगे’ के मूल मंत्र के साथ आज छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास हो रहा है।
मुख्य अतिथि श्री साव ने स्टॉलों का किया अवलोकन
मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया और शासन द्वारा जनजाति एवं अन्य समुदायों को लाभान्वित करने विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। श्री साव ने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों का अन्नप्राशन कराया और महिलाओं एवं बच्चों को पौष्टिक आहार किट भी वितरित किए। समाज कल्याण विभाग के स्टाल में हितग्राही को ट्रायसायकल का वितरण किया। शासन की विभिन्न योजनाओं से जागरूक एवं लाभान्वित करने आदिवासी विकास, जिला पंचायत, वन, शिक्षा, श्रम, मछली पालन, पशुपालन, उद्यानिकी सहित 20 से अधिक विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए जनजातीय समाज प्रमुखों को मिला सम्मान
श्री साव ने कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से भेंट-मुलाकात की और 80 से अधिक जनजातीय समाज प्रमुखों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इनमें पूर्व जनपद सदस्य, समाज अध्यक्ष, शिक्षक, सेवानिवृत्त शिक्षक सहित समाज के अन्य प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हैं।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारजनों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मुंगेली जिले के 15 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और 6 वीर शहीदों के परिवारजनों का हालचाल जाना और उन्हें शाल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण एवं शिलान्यास
श्री साव ने कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 5 विकास कार्यों के लोकार्पण और 3 निर्माण कार्यों के शिलान्यास सहित 17 करोड़ 59 लाख 92 हजार रूपए के कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग अंतर्गत 9 करोड़ 58 लाख 71 हजार रुपए, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 5 करोड़ 8 लाख 2 हजार रुपए के कार्यों का शिलान्यास और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत 2 करोड़ 93 लाख 19 हजार रूपए का लोकार्पण किया गया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीते 14 नवंबर को छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का विमोचन किया। इसके साथ ही सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 (#CGIndustrialPolicy24) पूरे दिन ट्रेंडिंग करता रहा। एक्स हैंडल पर #CGIndustrialPolicy24 पहले नंबर था।
ग़ौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नयी औद्योगिक नीति बनाने की घोषणा की थी। इसे अमलीजामा पहनाते हुए राज्य गठन के 25वें वर्ष यानी रजत जयंती के साथ ही जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 14 नवंबर को नयी छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 पर विमोचन किया। विमोचन के बाद श्री साय ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि इस औद्योगिक नीति का निर्माण सभी की सहभागिता से किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद यह 6वीं औद्योगिक नीति है जिसमें प्रदेश के युवाओं को अधिक-से-अधिक रोज़गार, पर्यटन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में भी उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस नयी नीति से अग्निवीरों, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए भी रोज़गार और स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त होगा। नयी औद्योगिक विकास नीति में पर्यावरण संरक्षण का भी समुचित प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लागत को कम करते हुए, औद्योगिक पार्क, रेल, सड़क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना हमारा लक्ष्य है।
रायपुर। धमतरी जिले के ग्राम मसाडबरा में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत आवास हितग्राही भगवंतीन कमार ने बताया कि वे काफी खुश हैं। उन्हें अपने सपनों का पक्का मकान तैयार होकर मिल गया और जिले के प्रभारी मंत्री ने उनके आवास का उद्घाटन किया है। उन्होंने प्रसन्न होकर कहा कि हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारा कभी पक्का मकान होगा। इसके लिए वे प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहतीं हैं कि सरकार ने विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। वहीं हितग्राही बाल प्रसाद कमार ने बताया कि पहले उनकी टूटी-फूटी घास-फूंस और मिट्टी की कच्ची झोपड़ी थी, जिसमें उन्हें आए दिन जंगली जानवरों और कीडे-मकोड़ों सहित बारिश में टपकने का डर लगा रहता था। आज अपने पक्के मकान में प्रवेश कर वे काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि अब हम अपने पक्के मकान में परिवार के साथ सुख-चैन से रहेंगे।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने धमतरी जिले के नगरी विकासखण्ड के ग्राम सांकरा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कमार बसाहट मसानडबरा पहुंचकर प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बने आवासों का पूजा-अर्चना कर उद्घाटन किया। उन्होंने पक्के मकान में प्रवेश कर रहे हितग्राहियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। गांव पहुंचने पर विशेष पिछड़ी जनजाति कमार ने मंत्री श्री वर्मा का स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से तीर-धनुष के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि शासन विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा-सीधा लाभ इन वर्गों को मिले, इसके लिए शिविर इत्यादि आयोजित कर लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पक्का मकान बनने से इनके जीवन स्तर में काफी सुधार होगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और ग्रामीणजन उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि ग्राम मसाडबरा में 43 परिवार निवासरत हैं और जनसंख्या 173 है। यहाँ प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 31 आवास स्वीकृत हुए हैं।