प्रदेश
आरक्षक भर्ती का परिणाम जानने पुलिस विभाग ने जारी किया QR कोड, गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा-
रायपुर। आरक्षक भर्ती में मिली शिकायतों को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अगर अभ्यर्थियों को कोई शिकायत है तो एसपी कार्यालय में व्यवस्था है. मार्क्स डिस्प्ले को लेकर काफी शिकायत अभ्यर्थी कर रहे हैं. QR कोड के माध्यम से भी अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ पुलिस की वेबसाइट पर पहुंचकर लिस्ट चेक कर सकते है.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यूपीएससी पैटर्न में नंबर जारी होने का नियम है, लेकिन शिकायतें मिलने के बाद 9 केंद्र में अभ्यर्थियों के नंबर जारी हुए है. सभी जिलों की पूरी डिटेल वेबसाइट में देखने मिलेगी. यह व्यवस्था पारदर्शी रखने की गई है. वहीं धर्मांतरण कानून पर उन्होंने कहा कि धर्मांतरण पर कानून लाने की कोशिश पूरी कर रहा हूं. ईश्वर की दया रही तो आ जाएगा, तब ठीक रहेगा.
पुलिस आरक्षक भर्ती के परिणाम के लिए पुलिस विभाग ने QR कोड जारी किया है, जिसे स्कैन कर अभ्यर्थी सीधे पुलिस विभाग की वेबसाइट पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं.

मुख्यमंत्री से CAIT प्रतिनिधियों की मुलाकात, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया आमंत्रण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में देशभर में संचालित स्वदेशी संकल्प यात्रा के अंतर्गत 20 दिसंबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने CAIT के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और स्वदेशी विचारधारा को मजबूती देने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि स्वदेशी संकल्प यात्रा दुर्ग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सशक्त स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाना तथा स्वदेशी उद्यमिता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है।
इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स के अध्यक्ष प्रकाश सांखला, यात्रा संयोजक संजय चौबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री से सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधायक सम्पत अग्रवाल के नेतृत्व में सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को 28 दिसम्बर को परम् पूज्य गुरुघासी दास बाबा की जयंती महोत्सव के अवसर पर महासमुन्द जिले के ग्राम साजापाली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया तथा पूज्य बाबा गुरुघासी दास के सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
इस अवसर पर लखनमुनि महाराज, अभय घृतलहरे सहित सतनाम पंथ के अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
लाल किले में गूंजा “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया”, छत्तीसगढ़ के गेड़ी नृत्य का अद्भुत प्रदर्शन को यूनेस्को ने सराहा
रायपुर। छत्तीसगढ राज्य के बिलासपुर जिले की सांस्कृतिक संस्था ‘लोक श्रृंगार भारती’ के गेड़ी लोक नृत्य दल द्वारा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) व संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के आमंत्रण पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। 7 से 13 दिसम्बर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय समारोह में 180 देशों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहीं। समारोह में बिलासपुर के गेड़ी नर्तक दल ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को काफी सराहा गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस गेडी नर्तक दल को बधाई और शुभकामनाएं दीं है।




केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत प्रभावित हुए। उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” का नारा दिया
समारोह का ऐतिहासिक क्षण तब आया जब भारत के महापर्व दीपावली को यूनेस्को द्वारा विश्व सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता प्रदान की गई। इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल की प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली गेड़ी नृत्य की भावपूर्ण और साहसिक प्रस्तुति से केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत प्रभावित हुए। उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” कहकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
गेड़ी नृत्य दल ने अपने रोमांचक प्रदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को रोमांचित कर दिया
मुख्य गायक एवं नृत्य निर्देशक अनिल गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में गेड़ी नृत्य दल ने अपने सशक्त, ऊर्जावान एवं रोमांचक प्रदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विभिन्न राज्यों के कलाकारों सहित 180 देशों के डेलिगेट्स उपस्थित रहे।
यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित 180 देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिए
मुख्य गायक अनिल गढ़ेवाल द्वारा प्रस्तुत “काट ले हरियर बांसे” गीत ने विदेशी प्रतिनिधियों के मन में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति गहरी जिज्ञासा उत्पन्न की। वहीं मुख्य मांदल वादक मोहन डोंगरे द्वारा एक ही स्थान पर घूमते हुए मांदल वादन किया। हारमोनियम वादक सौखी लाल कोसले एवं बांसुरी वादक महेश नवरंग की स्वर लहरियों पर विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधि झूम उठे। गेड़ी नर्तकों प्रभात बंजारे, सूरज खांडे, शुभम भार्गव, लक्ष्मी नारायण माण्डले, फूलचंद ओगरे एवं मनोज माण्डले ने साहसिक करतबों से दर्शकों को रोमांचित किया। विशेष रूप से तब, जब एक गेड़ी पर संतुलन बनाते हुए कलाकारों ने मानवीय संरचनाएं बनाईं, पूरा प्रांगण तालियों से गूंज उठा।
गेड़ी नृत्य दल ने छत्तीसगढ़ राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पहचान दिलाई
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा, कौड़ियों व चीनी मिट्टी की मालाएं, पटसन वस्त्र, सिकबंध एवं मयूर पंख धारण कर प्रस्तुत भाव नृत्य ने प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया। यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिया व छत्तीसगढ़ राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पहचान दिलाने के लिए शुभकामनाएं दी।
छत्तीसगढ़ में अब तक 87 लाख टन धान की हो चुकी खरीदी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केन्द्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर राज्य के पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का कार्य अनवरत रूप से जारी है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित 2739 खरीदी केन्द्रों के माध्यम से धान की खरीदी सुगमता पूर्वक की जा रही है । धान की खरीदी के लिए 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक की अवधि निर्धारित की गई है ।
राज्य के किसानों से सुगमता पूर्वक धान खरीदी के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है , वहीं अवैध धान परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत अधिक रकबा का पंजीयन
राज्य में किसानों से धान खरीदी हेतु समुचित व्यवस्था की गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसान पंजीयन का कार्य एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है । वर्तमान में धान की खरीदी हेतु 27.40 लाख किसानों के धान का रकबा 34.39 लाख हेक्टेयर का पंजीयन किया गया है । जबकि गत वर्ष 25.49 लाख किसानों द्वारा रकबा 28.76 लाख हेक्टेयर से समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था । इस प्रकार गत वर्ष विक्रय गये किसानों की तुलना में इस वर्ष लगभग 7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत रकबा का पंजीयन अधिक हुआ है।
एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट
संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन किसान (अधिया/रेगहा), डूबान क्षेत्र के किसान, वन अधिकार पट्टाधारी किसान, ग्राम कोटवार (शासकीय पट्टेदार) श्रेणी के किसानों को एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट प्रदान की गई है । किसान पंजीयन का कार्य वर्तमान में जारी है ।
24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा "टोकन व्यवस्था का हुआ सरलीकरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के हितों का ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने अब 24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा "तुहर टोकन" एप्प में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदान कर दी है । वर्तमान में 17.24 लाख टोकन से 87 लाख टन धान खरीदी हेतु जारी किया जा चुका है । किसानों द्वारा आगामी 20 दिवस के टोकन प्राप्त किये जा सकते हैं ।
किसानों को 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का त्वरित भुगतान
अधिकारियों ने बताया कि 11 दिसंबर 2025 की स्थिति में किसानों को धान खरीदी के एवज में 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान समर्थन मूल्य के तहत का किया जा चुका है ।
अवैध धान विक्रय/परिवहन पर नियंत्रण
जिलों में विशेष चेकिंग दल का गठन राजस्व, खाद्य, सहकारिता, वन, मंडी आदि विभागों के अधिकारियों का गठन कर किया गया है।राज्य स्तर पर मार्कफेड अंतर्गत स्टेट इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC) की स्थापना की गई है । अब तक प्रदेश में अवैध धान परिवहन/भण्डारण के 2000 से अधिक प्रकरण बनाये गये हैं, जिसमें अब तक 1.93 लाख टन अवैध धान जब्त किया गया है ।
8 % कम बजट में होगा महादेव घाट कॉरिडोर का काम, मंजूरी के लिए नगर निगम ने सरकार को भेजा प्रस्ताव
रायपुर। नगर निगम के चार महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में से एक महादेव घाट कॉरिडोर तय बजट से लगभग 8 प्रतिशत कम 17 करोड़ 60 लाख में तैयार होगा। इसके लिए 18 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तैयार किया गया था, पहले ही टेंडर में कम दर आने के कारण निगम ने टेंडर स्वीकृत करने के बाद रेट अप्रूव्हल के लिए शासन को भेज दिया है।
इसके अलावा तेलीबांधा टॉवर, बूढ़ापारा सीएसईबी ऑफिस से टिकरापारा होते हुए पचपेढ़ी नाका तक गौरवपथ एवं शहर के 18 चौक-चौराहों को यातायात के लिए तैयार करने संबंधी टेंडर स्वीकृति के बाद निगम ने शासन को रेट अप्रूव्हल के लिए भेज दिया है। इस सप्ताह अप्रूव्हल आते ही भूमिपूजन के बाद नये साल से इन सभी प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिए जाएंगे। इन सभी प्रोजेक्ट पर लगभग 108 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी टेंडर्स में केवल 18 जंक्शन के लिए दूसरी बार टेंडर की नौबत आई। शेष सभी में पहली बार ही अच्छी दर आ गई। इनमें से रायपुर कंस्ट्रक्शन को गौरवपथ और 18 चौक-चौराहों का ठेका मिला। इससे पूर्व इस एजेंसी ने यूथ हब चौपाटी का भी काम किया था। शेष अन्य प्रोजेक्ट का काम भी तगड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद रायपुर की ही एजेंसियों ने ही हथिया लिया है।
नवंबर के पहले सप्ताह में इन सभी प्रोजेक्ट की स्वीकृति के बाद निगम ने टेंडर लगाया था। 21 दिन की तय समय-सीमा के बाद जब टेंडर खुला तो इसमें दूसरे राज्यों की एजेंसियों ने स्थानीय ठेकेदरों के साथ टेंडर में हिस्सा लिया था। इनमें तेलीबांधा ट्रेड टॉवर जिसकी निर्माण लागत 38 करोड़ रखी गई थी, न्यूनतम दर 37 करोड़ आने पर निविदा समिति ने इसे तय कर दिया। इसी प्रकार महादेव घाट कॉरिडोर निर्माण के लिए भी तय की गई 18 करोड़ की राशि में से 8 प्रतिशत कम दर पर यानी 1 करोड़ 44 लाख कम का दर निविदा समिति ने वित्तीय लिफाफा खोलने के बाद स्वीकृति कर दिया। इसके बाद शहर के 18 चौक-चौराहे (जंक्शन) का भी टेंडर 7 प्रतिशत बिलों में आया। इसकी भी लागत 5 करोड़ 50 लाख रुपये थी, इसमें भी अब कमी आ जाएगी। खम्हारडीह टंकी के काम पर अधिकारियों ने कहा कि मार्च से पहले यदि यह टंकी तैयार हो गई तो आने वाली गर्मी में कचना आदि क्षेत्रों में जलसंकट का सामना नागरिकों को नहीं करना पड़ेगा।
महादेवघाट में तीन एजेंसी करेगी काम
महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर बनने वाले महादेव घाट कॉरिडोर का काम नगर निगम के साथ ही सिंचाई और लोक निर्माण विभाग भी करेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए विधायक राजेश मूणत ने अलग-अलग दो आर्किटेक्ट से प्रस्ताव मंगाये थे। इनमें कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली दुकानों को बिना हटाये ही व्यवस्थित रूप देकर उसी जगह पर उन्हें रखने का निर्देश दिया था। वहीं सामाजिक भवनों के रास्ते कॉरिडोर से अलग कर दिये जाएंगे। कॉरिडोर का काम महादेव घाट चौक के पास पेट्रोल पंप के सामने से शुरू किया जाएगा।
धान खरीदी पर गरमाया सदन, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लगाया आरोप, कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विपक्ष धान खरीदी की अव्यवस्था पर स्थगन प्रस्ताव लेकर आया. आसंदी ने ग्रहिता पर चर्चा की अनुमति देने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अव्यवस्था से लगता है कि सरकार की मंशा धान खरीदने का नहीं है. सरकार सिस्टम को बर्बाद कर निजी हाथों में सौंपने का षडयंत्र कर रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अगर ग्राह्य कर चर्चा कराते तो सत्तापक्ष के सदस्यों को भी बोलने का मौका मिलता, और सरकार की ओर से इस पर जवाब आता. उन्होंने कहा कि धान खरीदी से जुड़े समिति के प्रबंधक, कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए हैं. सरकार उनकी मांगे मानने के बजाय उन्हें जेलों में ठूस रही है, उन पर कार्रवाई कर रही है. पंजीयन में समस्या आई, वन अधिकार पट्टा वाले किसानों का पंजीयन नहीं हुआ.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीदी के लिए ऑनलाइन टोकन नहीं कट रहा है. कई लोगों के पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं, कई लोग चॉइस सेंटर का चक्कर लगा रहें हैं. महासमुंद के किसान मनबोध ने अपना गला काटकर आत्महत्या का प्रयास किया. उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है.
भूपेश बघेल ने कहा कि धान खरीदी केंद्र से सीधे धान उठाने वाले नहीं हैं. धान खरीदी केंद्र से संग्रहण केंद्र ले जा रहे हैं, और आरओ फरवरी में कटेंगे. इस अव्यवस्था से लगता है कि सरकार की मंशा धान खरीदने का नहीं है. पिछले साल के धान खरीदी का उठाव नहीं हो पाया. सरकार इस पूरे नाकामी के लिए जिम्मेदार है. सरकार सिस्टम को बर्बाद कर निजी हाथों में सौंपने का षडयंत्र कर रही है. इसलिए आसंदी से आग्रह कर मुद्दे को ग्राहय कर पूरी चर्चा कराई जाए.
बेरोजगारी भत्ता के मुद्दे पर सदन में मचा हंगामा, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वॉकआउट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बेरोजगारी भत्ता के मुद्दे पर हंगामा मच गया. पक्ष-विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी के बीच मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया.
कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने प्रश्नकाल में बेरोजगारों का मुद्दा उठाया. उन्होंने पूछा कि 1 अप्रैल 2024 की स्थिति में प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगारों की कुल संख्या कितनी है? जवाब में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि 1 अप्रैल 2024 तक की स्थिति में 11 लाख 39 हजार 656 पंजीकृत बेरोजगार हैं.
मंत्री के जवाब में बेरोजगारों को रोजगार इच्छुक बताया गया. मंत्री ने कहा कि बरोजगारों के लिए रोजगार मेला, प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है. अभी की स्थिति में करीब 15 लाख के आसपास पंजीकृत बेरोजगार हैं. मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बहुत जल्द राज्य स्तरीय रोजगार मेला आयोजित होगा, जिसमें एक साथ 14 हजार से ज्यादा लोगों को हम रोजगार देंगे.
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सवाल किया कि क्या प्रदेश के युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है. इस पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि हमलोग युवाओं को सक्षम बना रहे हैं. इस पर विधायक ने सवाल किया कि युवाओं को योजना का लाभ कब देंगे?
इसके साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मुझे विधानसभा से जवाब में मिला है कि ये योजना बंद नहीं हुई है, फिर योजना का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा, कब बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा? इस पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा- हम युवाओं को सक्षम और सामर्थ्यवान बना रहे हैं.
भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार ने बजट में योजना के तहत प्रावधान किया है लेकिन दे नहीं रही, ये युवाओं के साथ धोखा है. इसके साथ सदन में पक्ष-विपक्ष में नोक-झोंक शुरू हो गई. आखिरकार मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट किया.
जब अजय चंद्राकर ने नेता प्रतिपक्ष से पूछा, आप कल दिल्ली गये थे या हैदराबाद, फिर महंत बोले, कल तो आप मेरी जगह थे…
रायपुर। विधासनभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल के निधन पर शोक प्रस्ताव के साथ शुरू हुई। इसके बाद सदन में हल्के-फुल्के राजनीतिक तंज, विपक्ष–सत्ता पक्ष की नोकझोंक और स्कूल–कॉलेजों में छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर तीखी चर्चा देखने को मिली। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सदन में शोक प्रस्ताव पढ़ते हुए उनके योगदान को याद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री का दायित्व देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अत्यंत अहम होता है। शिवराज पाटिल ने अपने कार्यकाल में कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया, जिनमें लातूर का विनाशकारी भूकंप भी शामिल रहा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में देश के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए, जिन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
दिवंगत नेता के सम्मान में सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। स्थगन के बाद जब कार्यवाही पुनः शुरू हुई तो प्रश्नकाल के साथ सदन में राजनीतिक माहौल गर्म नजर आया। हालांकि उससे पहले जैसे ही सदन की कार्यवाही आज शुरू हुई, तोकार्यवाही प्रारंभ होते ही भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विपक्ष पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से सवाल किया कि वे दिल्ली गए थे या हैदराबाद।
इतना ही नहीं, उन्होंने राहुल गांधी को फुटबॉल खेलते हुए देखने को लेकर भी चुटकी ली। इस पर चरणदास महंत ने पलटवार करते हुए कहा, “कल तो आप हमारी जगह पर थे।” जवाब में अजय चंद्राकर ने कहा कि “मैं कल भी अपनी ही जगह था।” इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए अजय चंद्राकर से सवाल किया कि “आप क्या खेल रहे थे?” इस हल्की-फुल्की नोकझोंक के चलते कुछ देर तक सदन में हास्य और तंज का माहौल बना रहा।
‘विजन 2047’ की चर्चा में कांग्रेस के भाग नहीं लेने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया दुख, कहा-
रायपुर। विधानसभा सत्र के पहले दिन ‘विजन 2047’ पर हुई चर्चा से विपक्षी दल कांग्रेस के दूर रहने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दुख जताया. उन्होंने कहा कि यह कैसा विपक्ष है, जो छत्तीसगढ़ आगे बढ़े, उसमें शामिल नहीं हुआ. विपक्ष को शामिल होना था, सही या गलत सभी पर चर्चा करनी थी. कांग्रेस की ऐसी उदासीनता समझ नहीं आती.
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन को पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर कहा कि बड़े-बड़े पदों पर उन्होंने कार्यभार संभाला है. विचारों की स्पष्टता नितिन नवीन से आती है. अपने निर्णय पर अडिग कैसे रहना है, मैने उनसे सीखा है. हमारे साथ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को बड़ा पद मिलता है, तो खुद का विश्वास बढ़ता है.
वहीं दिल्ली कांग्रेस की महारैली में प्रियंका गांधी के बैलेट से चुनाव कराने की चुनौती पर विजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस जनता के बीच खुद काम नहीं कर पाती हैं, फिर ईवीएम पर उंगली उठाते हैं. ईवीएम गलत है तो फिर कांग्रेस को कोई नहीं सुधार सकता. कोई सिस्टम गलत है, तो उसको प्रूव करना चाहिए. जब खुद जीत जाते हैं तो ईवीएम सही हो जाता हैं, और हार जाते हैं तो गलत.
छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र: भाजपा विधायक कौशिक ने कहा- काम नहीं कर रहे स्कूलों में लगे सैनेटरी नैपकिन-वेंडिंग मशीन
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भाजपा विधायक धरम लाल कौशिक ने स्कूल-कॉलेजों में लगे सैनेटरी नैपकिन, वेडिंग मशीन और डिस्पोजल करने वाली इंसीनरेटर मशीन से जुड़ा मामला उठाया. भाजपा विधायक ने मशीनों के काम करने की जानकारी देते हुए मंत्री से जांच कराने की मांग की. इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जांच कराने की बात कही.
सदन में स्कूलों में स्थापित मशीनों के सत्यापन और एजेंसियों के नाम और तारीख पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े घिर गईं. भाजपा विधायक धरम लाल कौशिक ने कहा कि मशीनें संचालित नहीं है. इस मामले की जाँच कराई जाए. इस पर मंत्री राजवाड़े ने कहा कि 1600 मशीनें ठीक है, 1300 मशीनें खराब है. फिलहाल, विभाग से ऐसी कोई जानकारी नहीं है. इस पर विधायक ने कहा कि मेरे क्षेत्र के दो स्कूलों की जाँच करा लीजिए. मंत्री ने कहा कि जाँच करा लेंगे.
खेल और समाज को जोड़ने का ऐतिहासिक मंच बन रहा सांसद खेल महोत्सव, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खेल संघ और सामाजिक संगठनों की बैठक ली
रायपुर। रायपुर में 23, 24 एवं 25 दिसंबर को आयोजित होने जा रहे सांसद खेल महोत्सव के मेगा फाइनल एवं भव्य समापन समारोह की तैयारियों को लेकर रविवार को सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने विभिन्न खेल संघों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक ली।

बैठक में कबड्डी, खो-खो, शतरंज, वॉलीबॉल, बॉडीबिल्डिंग, वेटलिफ्टिंग, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, तीरंदाजी, कराते, कुश्ती एवं टेबल टेनिस संघों के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ ही महाराष्ट्र मंडल, विप्र समाज, सिंघी समाज, अग्रवाल सभा सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता निभाई।
बैठक को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं की प्रतिभा, अनुशासन और आत्मविश्वास को मंच देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से स्वस्थ समाज, सशक्त युवा और सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होता है। यही सोच सांसद खेल महोत्सव की आत्मा है।
श्री अग्रवाल ने सभी खेल संघों, सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सांसद खेल महोत्सव जनभागीदारी, समन्वय और सामूहिक प्रयास का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों की सुविधा, सुरक्षा, पारदर्शिता तथा आयोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने संबंधित संघों और आयोजकों से आग्रह किया कि खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आवागमन, ठहरने, भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित, समयबद्ध और गरिमामयी ढंग से सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक खिलाड़ी को सर्वोत्तम वातावरण प्राप्त हो सके।
बैठक में उपस्थित सभी खेल संघों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजन को पूर्ण रूप से सफल बनाने हेतु हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल के दूरदर्शी नेतृत्व, खेलों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण और निरंतर सहयोग की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में सांसद खेल महोत्सव आज राज्य स्तर पर एक प्रतिष्ठित और प्रेरणादायी आयोजन के रूप में स्थापित हो चुका है।
सांसद खेल महोत्सव का यह मेगा फाइनल एवं समापन समारोह रायपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक नई ऊर्जा और नई दिशा देने वाला सिद्ध होगा।
बैठक में अतुल शुक्ला, संजय शर्मा, मोहम्मद अकरम, नीता डुमरे, मुस्ताक मोहम्मद, 'कैलाश मुरारका, सेवक राम साहू, विजय अग्रवाल, मानिक ताम्रकार, गजेंद्र पांडे, अजय साहू, अनूप यदु, रोहित यादव, अमिताभ दीक्षित, पीतांबर पटेल, मुकेश तिवारी, संदीप शर्मा, प्रमोद फणिकार, नितिन पांडे, प्रखर, समाजसेवी ललित जय सिंग , मनीष बोरा, विनय बजाज , चेतन दंडवते सहित अनेक संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
23 एवं 24 दिसंबर को मेगा फाइनल प्रतियोगिताएं सुभाष स्टेडियम, सप्रे स्कूल, जे.एन. पाण्डेय स्कूल तथा अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल में आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में लगभग 5000 खिलाड़ी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। रायपुर लोकसभा क्षेत्र की सभी 9 विधानसभाओं के अंतर्गत रायपुर नगर निगम, अभनपुर, आरंग, तिल्दा, धरसीवा, बलौदा बाजार, भाटापारा और सिमगा ब्लॉक से चयनित खिलाड़ी 13 खेलों—कुश्ती, खो-खो, गेंड़ी दौड़, फुगड़ी, रस्साकसी, रस्सीकूद, कबड्डी, बास्केटबॉल, शतरंज, वॉलीबॉल, तैराकी, भारोत्तोलन और शरीर सौष्ठव—में 19 वर्ष से कम एवं 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बालक-बालिका वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
CEO यशवंत कुमार ने की SIR की प्रगति की समीक्षा, बीएलओ ऐप से गणना पत्रक अपलोड अनिवार्य करने के दिए निर्देश
रायपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची के अद्यतन कार्य की विस्तार से समीक्षा की गई।
उन्होंने निर्देश दिए कि छूटे हुए सभी पात्र मतदाताओं का पुनरीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा ASD (अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत) श्रेणी के मतदाताओं का भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप सटीक सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही Uncollected (अप्राप्त) गणना पत्रकों की सूची के संबंध में राजनीतिक दलों के बीएलए के साथ अनिवार्य रूप से समन्वय बनाकर कर उनके हस्ताक्षर प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को मतदाता सूची के अद्यतन कार्य को अत्यंत संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।
बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, उप मुख्यनिर्वाचन पदाधिकारी जय उराव और मनोज कोसरिया, डिप्टी डीईओ नवीन कुमार ठाकुर सहित समस्त ईआरओ एवं एईआरओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप है छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में छत्तीसगढ अंजोर विजन 2047 पर चर्चा करते हुए कहा कि यह विजन प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का स्पष्ट रोडमैप है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज आने वाले वर्षाे में राज्य के विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने इस मौके पर विकसित छत्तीसगढ के निर्माण में सहभागी बनने के लिए सभी सदस्यों से आव्हान किया। उन्होंने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए राज्य के अतीत, वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला।
भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 14 दिसंबर 2000 को राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहली बैठक आयोजित हुई थी। यह जशपुर हॉल स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव द्वारा अपने सांसद निधि से निर्मित कराया गया था। उन्होंने इस स्मृति का उल्लेख करते हुए प्रदेश की लोकतांत्रिक यात्रा को नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विज़न डॉक्यूमेंट के निर्माण के लिए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह दस्तावेज तैयार हुआ है, जो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद वे अब तीसरी बार देश का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके प्रयासों से भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा के लिए हमने कुछ महत्वपूर्ण चरण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य रखा है। उनके अनुरूप हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा के लिए हमने कुछ महत्वपूर्ण चरण बनाये हैं। हमने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए समय अवधि तय की है। जैसे वर्ष 2030 तक हम निकटवर्ती लक्ष्य हासिल करेंगे। इसी तरह साल 2035 तक मध्यवर्ती और 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य हासिल करेंगे।
अंजोर विजन में 13 क्षेत्रों को किया गया चिन्हांकित
छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डाक्यूमेंट जनभागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण है। इसे तैयार करने के लिए हमने किसान, युवा, महिला, उद्यमी, कारोबारी समेत समाज के हर वर्ग से सुझाव मांगे। मुझे स्वयं उनसे प्रत्यक्ष बातचीत करने का मौका मिला। इस अंजोर विजन में हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, अधोसंरचना जैसे 13 क्षेत्रों को चिन्हांकित कर इनके विकास के लिए 10 मिशन गठित करने का निर्णय लिया। हम ग्रामीण विकास के साथ.साथ अर्बन प्लानिंग के बेहतरीन मॉडल खड़े कर रहे हैं। नवा रायपुर भविष्य का सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर है। यह शहर मेडिकलए एजुकेशन, टेक्सटाइल, आईटी और एआई का ग्लोबल हब बनने जा रहा है। हम ग्रामीण विकास के साथ-साथ अर्बन प्लानिंग के बेहतरीन मॉडल खड़े कर रहे हैं। नवा रायपुर भविष्य का सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर है। यह शहर मेडिकल, एजुकेशन, टेक्सटाइल, आईटी और एआई का ग्लोबल हब बनने जा रहा है।
गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बीते वर्षों में गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के लिए अनेक योजनाएं चलाई गईं और राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयास किए गए। उन्होंने बताया कि सरकार की पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों को स्वीकृति दी गई। महिला सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना एक ऐतिहासिक पहल बनी। लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से अब तक 22 किस्तों में 14 हजार 306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। 13 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। चरणपादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।
इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक से बनी बस्तर की पहचान
बस्तर में बस्तर ओलंपिक एवं बस्तर पांडुम जैसे कार्यकमों के माध्यम से बस्तर की आम जनता तक पहुंच रहे है।इस साल बस्तर पांडुम में इस बार 3 गुना लोगों के हिस्सा लेने का अनुमान है। जो हमारी सरकार की सफलता को दिखाती है। आइए इस ऐतिहासिक दिन में हम सभी संकल्प ले की प्रदेश की विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को पूरा करे। इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।
8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त
श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गाे सुविधा और औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं। स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारी सरकार 2 साल में 10 हजार से ज्यादा बेटी बेटा को सरकारी नौकरी दिया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ का निवेश हुआ है।
आत्मसमर्पण करने वाले और गिरफ्तार हुए माओवादी का पुनर्वास
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि एवं केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के साथ हमारे बहादुर जवानों के अदम्य साहस से माओवाद अब अंतिम पड़ाव पर है। हम मार्च 2026 तक माओवाद की समाप्ति की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले और गिरफ्तार हुए माओवादी का पुनर्वास किया जा रहा है। सुरक्षा के साथ-साथ विकास के जरिए बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर गांवों में राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल पुनः शुरू हुए हैं और इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।
छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध राज्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 10 हजार से अधिक बेटियों और बेटों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध राज्य है। मुख्यमंत्री ने सदन और प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प लें।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में डबल सब्सिडी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों पर सोलर रूफटॉप लगाने पर केंद्र और राज्य की डबल सब्सिडी प्रदान कर रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है। सौर ऊर्जा के एक किलोवॉट क्षमता के प्लांट के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए इस प्रकार कुल 45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के द्वारा प्रस्तुत विज़न 2047 की चर्चा में भाग लेने वालों में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, विजय शर्मा, मंत्री रामविचार नेताम, विधायक अजय चन्द्राकर, धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, धरमजीत सिंह, सुनील सोनी, भावना बोहरा, लता उसेंडी, अनुज शर्मा, सुशांत शुक्ला तथा किरण देव शामिल रहे।
कांकेर में मासूम बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सख्त, लोकसभा में उठाया एक्सपायर दवाओं के गलत निपटान का मुद्दा
नई दिल्ली/रायपुर। जनहित के मुद्दों पर निर्भीक और संवेदनशील आवाज़ उठाने वाले सांसद बृजमोहन ने लोकसभा में कांकेर जिले के एक सब-हेल्थ सेंटर में हुई गंभीर लापरवाही की घटना को मजबूती से उठाकर पूरे देश का ध्यान फार्मास्यूटिकल वेस्ट मैनेजमेंट जैसी अत्यंत संवेदनशील समस्या की ओर आकृष्ट किया है।
सांसद अग्रवाल ने सदन को अवगत कराया कि कांकेर के सब-हेल्थ सेंटर में एक्सपायर हो चुकी दवाओं को जलाए जाने से निकला जहरीला धुआं पास के स्कूल के कक्षाओं तक फैल गया, जिससे कई मासूम बच्चों को चक्कर आने और सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए एक चेतावनी भी है कि गलत वेस्ट मैनेजमेंट किस तरह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को खतरे में डाल सकता है।
लोकसभा में बोलते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि देश के कई हिस्सों में एक्सपायर दवाओं को सीवेज सिस्टम, खेती की जमीन या खुले गड्ढों में फेंक दिया जाता है, जिससे जहरीले रसायन मिट्टी और भूजल को प्रदूषित कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह प्रवृत्ति भविष्य की पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से CDSCO की गाइडलाइंस और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के तहत पूरे देश में सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी जोर दिया कि सभी संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को दवाओं के सुरक्षित निपटान के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाए।
भविष्य में कांकेर जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए श्री अग्रवाल ने दूरदर्शी और व्यावहारिक सुझाव भी रखे, जिनमें हर जिले में एक्सपायर दवाओं के सुरक्षित डिस्पोजल के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना और नए अस्पतालों को मंजूरी देने से पहले मेडिकल व फार्मास्यूटिकल वेस्ट डिस्पोजल की अनिवार्य सुविधा लागू की जाए इसके साथ ही नियमों के सख्त पालन हेतु जिला-स्तरीय कम्प्लायंस और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाए।
यह संसदीय हस्तक्षेप सांसद बृजमोहन अग्रवाल के उस दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, जिसमें वे बच्चों के स्वास्थ्य, आम नागरिकों की सुरक्षा और पर्यावरण की शुद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करते। उनकी यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में फार्मास्यूटिकल वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर एक नई गंभीरता और जिम्मेदारी की दिशा तय करेगी।

चंगाई सभा को लेकर फिर विवाद : ईसाई समुदाय और ग्रामीणों के साथ हिंदू संगठन आमने-सामने, थाने पहुंचा मामला
कटघोरा। कोरबा में रविवार को चंगाई सभा को लेकर विवाद हो गया। ईसाई समुदाय और ग्रामीणों के साथ हिंदू संगठन आमने-सामने आ गए। विवादित पास्टर बजरंग जायसवाल पर आरोप है कि उन्होंने पहले कटघोरा में चंगाई सभा की थी, जिसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। अब वे सुतर्रा में चंगाई सभा कर रहे थे, जिसकी शिकायत ग्रामीणों और हिंदू संगठन ने की है। इस दौरान मौके पर जमकर हंगामा हुआ और दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। दोनों ही पक्ष कटघोरा थाना पहुंचे, जहां लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई और माहौल तनावपूर्ण बन गया।

हिंदू संगठन के लोग थाने पहुंचकर इस पर कार्रवाई करने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि बजरंग जायसवाल इससे पहले कटघोरा में चंगाई सभा कर रहा था, जिसका विरोध करने के बाद काफी हंगामा हुआ और उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे जेल भी दाखिल किया गया था। लेकिन फिर से वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इस बार कटघोरा छोड़कर अब सुतर्रा में वह इसी तरह का काम कर रहा है। इसे लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और कार्रवाई की मांग की जा रही है।

हिंदू संगठन के सदस्य ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो बजरंग जायसवाल के साथ बाहर से भी कुछ लोग आए हुए थे, जहां महिलाओं की भी काफी संख्या थी। उन्होंने बताया कि वे खुद कहते हैं कि बीमारियां और तकलीफें उनके केयर करने से ठीक हो रही हैं। कहीं न कहीं ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर उनका धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिनके बच्चे नहीं होते, जिन्हें कैंसर होता है और इसके अलावा कई गंभीर बीमारियां होती हैं, वे उनके द्वारा ठीक की जाती हैं। इस तरह से बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं।
हिंदू संगठन के एक सदस्य ने बताया कि बजरंग जायसवाल के खिलाफ पहले भी मोर्चा खोला गया था और आज भी आंदोलन कर रहे हैं। आने वाले समय में इसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं कटघोरा थाना पहुंचने के बाद दोनों ही पक्षों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं कटघोरा थाना पहुंचने के बाद दोनों ही पक्षों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान हिंदू महासभा, भारतीय जनता पार्टी, गौ सेवा संगठन और बजरंग दल से जुड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ता थाने में उपस्थित रहे।
साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण : मुख्यमंत्री ने कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन, प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की गति को दर्शाती है। विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता और सतत निगरानी का परिणाम है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, योजना का अन्य योजनाओं से अभिसरण किया गया है, जिसके तहत मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रूपए की सहायता शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा प्राप्त हो सके।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का कार्य मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी सम्मिलित हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा में वृद्धि, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण एवं सिघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। इस प्रकार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।