जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के धरमपुरा में स्थित छिंदावाड़ा एकलव्य आवासीय विद्यालय में 37 छात्र-छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई है. आनन फानन में सभी बच्चों को महारानी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. छात्रों को पेट दर्द और उल्टी दस्त की शिकायत थी.
जानकारी के मुताबिक खेल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद भोजन से फूड प्वाइजनिंग और स्वास्थ्य में असंतुलन होने के बाद देर रात तीन लोगों की तबीयत बिगड़ी थी. धीरे-धीरे कर यह संख्या बढ़ती गई और सुबह बाकी 30 अन्य लोगों को महारानी अस्पताल में भर्ती किया गया. इनमें से चार छात्रों की तबीयत काफी खराब थी जिन्हें बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. कल 37 छात्र छात्राएं अब तक बीमार पाई गई हैं जबकि छात्रावास में करीब ढाई सौ स्टूडेंट रहते हैं. अचानक छात्रों की तबीयत खराब होने को लेकर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गई है और आनन फानन में बेहतर स्वास्थ्य उपचार के लिए डॉक्टरों की टीम गठित की गई है जो निरंतर छात्रों के उपचार में निगरानी रख रहे है.
मामले की जानकारी मिलते ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव भी मौके पर पहुंचे और बच्चों का हाल जाना. इस दौरान किरण देव ने कहा कि खेल दिवस पर खेलने के बाद बच्चे थके थे इसलिए उन्हें चक्कर आई. बच्चों के रिपोर्ट के बाद अगर फूड पॉइजनिंग पाई जाती है तो जांच की जाएगी. वहीं डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों में फूड पॉइजनिंग पाई गई है. हालांकि अभी सिर्फ 12 बच्चों को ही हॉस्पिटल में रखा गया है बाकी बच्चों की छुट्टी कर दी गई है. 5 बच्चे डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में है तो 7 बच्चों का इलाज महारानी हॉस्पिटल में जारी है. वहीं बस्तर कलेक्टर ने टीम गठित कर आवासीय विद्यालय में जांच के आदेश दिए है.
रायपुर। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में पश्चिमी और मध्यवर्ती राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों के पर्यटन मंत्रियों का सम्मेलन गोवा के पणजी में आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने भी भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के पर्यटन विकास की संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा करना था। इस मौके पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में सुधार और नए आयाम जोड़ने के लिए विभिन्न राज्यों से सहयोग और समर्थन का आह्वान किया।
पर्यटन की समग्र प्रगति और विकास हेतु सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा गोवा में पश्चिमी तथा मध्यवर्ती राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन किया गया। ताकि पर्यटन क्षेत्र के लिए संकल्पना निर्माण तथा विचार-विमर्श किया जा सके और एक साझा विजन तैयार किया जा सके।
इस बैठक में वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित पर्यटक केंद्रों के विकास, वैकल्पिक गंतव्यों के विकास, मार्केटिंग और संवर्धन, पर्यटन क्षेत्र में कनेक्टिविटी, स्वच्छता, व्यवसाय करने की सुविधा और सुगमता में सुधार के साथ-साथ पर्यटन में निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने संबंधी उत्कृष्ट कार्य पद्धतियों को साझा करने पर फोकस किया गया। सम्मेलन में राज्यों के प्रतिष्ठित पर्यटक केंद्र, वैकल्पिक गंतव्य, मार्केटिंग और संवर्धन, व्यवसाय करने की सुगमता और निजी निवेश तथा स्वच्छता तथा पर्यटक सुरक्षा जैसे विषयों को शामिल किया गया।
छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन के विकास की संभावनाओं और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन स्थलों की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की, साथ ही विकास की राह में आने वाली चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया। मंत्री श्री कश्यप ने केंद्र से समर्थन और संसाधनों की मांग की ताकि छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।
मंत्री श्री कश्यप ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़, प्राचीन स्मारकों, दुर्लभ वन्यप्राणियों, नक्काशीदार मंदिरों, बौद्ध स्थलों, राजमहलों, जलप्रपातों, गुफाओं और प्रागैतिहासिक काल के शैलचित्रों से परिपूर्ण राज्य है। हमारा राज्य ऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के साथ गौरवशाली प्राचीन लोक संस्कृति का भी अद्वितीय उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय से भी पूरा सहयोग प्राप्त होता रहा है। हमने अनेक परियोजनाएँ केंद्रीय सहायता से विकसित की हैं। स्वदेश दर्शन में ’ट्रायबल टूरिज्म सर्किट’ विकसित किया है। प्रशाद योजना में डोंगरगढ़ का कार्य अंतिम चरणों में है। इसके पूर्व जगदलपुर, चित्रकोट, भोरमदेव, सिरपुर, रतनपुर, मैनपाट, राजिम, मल्हार आदि स्थलों को केंद्रीय सहायता से विकसित किया है। इसमें राज्य बजट से भी कार्य कराया गया है।
इन विकास कार्यों से और पर्यटन के व्यापक प्रचार-प्रसार से अब यहाँ पर्यटक आने लगे हैं और लगातार पर्यटकों की संख्या बढती जा रही है। आने वाले समय में राज्य में शक्तिपीठ स्थलों का विकास किया जायेगा। हम रोपवे एवं क्रूज पर्यटन के विकास के लिये भी कार्यवाही कर रहे हैं। नयी पर्यटन नीति पर कार्य चल रहा है एवं पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने हेतु भी कार्यवाही चल रही है। हमने केंद्र की होमस्टे गाइडलाइन्स के आधार पर राज्य में ’होमस्टे एंड बेड-एंड-ब्रेकफास्ट’ गाइडलाइन्स तैयार कर जारी की है। इको टूरिज्म पॉलिसी, एडवेंचर गतिविधियों की गाइडलाइन्स, वाटर एक्टीविटी लाइसेंस हेतु गाइडलाइन्स बनाने की भी तैयारी चल रही है।
राज्य में पर्यटन को और गति देने के लिये हमें पर्यटन मंत्रालय से नयी योजनाओं की स्वीकृति की अपेक्षाएँ हैं। स्वदेश दर्शन 2.0 में चयनित डेस्टीनेशंस बिलासपुर एवं जगदलपुर के लिये भारत सरकार के स्तर से कंसल्टेंट नियुक्त किया जाना है। प्रशाद योजना में सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ का कांसेप्ट प्लान जमा किया जा चुका है जिसकी स्वीकृति अपेक्षित है। अगले प्रस्तुतिकरण के अनुसार आगे भी नयी योजनाएँ तैयार हो रही हैं जिनके प्रस्ताव जल्द ही पर्यटन मंत्रालय को भेजे जायेंगे।
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि निजी सहभागिता एवं निवेश तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के द्वारा निर्मित किये गए हाइवे मोटलों को संचालन एवं प्रबंधन हेतु लीज पर निजी क्षेत्र को सौंपे जाने की कार्यवाही की जा रही है। जिससे पर्यटकों को पर्यटन स्थलों के भ्रमण के दौरान राजमार्गों पर स्तरीय सुविधा उपलब्ध हो सके।
स्थानीय सहभागिता, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के द्वारा चित्रकोट में वन विभाग के सहयोग से नेचर ट्रेल का विकास किया गया है। इसका संचालन स्थानीय महिला स्वसहायता समुह की महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है तथा पर्यटन से उनके लिये अतिरिक्त आय के स्रोत बढ़ाने एवं पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, रहन सहन व खानपान का अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से होमस्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट की सुविधा भी प्रदान की जा रही है तथा हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने एवं युवाओं को रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में इंस्टीट्युट ऑफ होटल मैनेजमेंट, केटरिंग टेक्नॉलाजी एंड अप्लाइड न्यूट्रिशन संस्थान का संचालन किया जा रहा है।
मंत्री श्री कश्यप ने राज्य की आगामी 5 वर्षों की योजनाओं से कराया अवगत
श्री कश्यप ने आगामी 5 वर्षों की राज्य की योजनाएं से अवगत कराया जिसके तहत राज्य के पाँच शक्तिपीठों को जोड़ते हुए सर्किट विकसित करना, स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत बिलासपुर एवं जगदलपुर डेस्टीनेशंस के पर्यटन स्थलों का विकास। प्रशाद योजना के तहत सूरजपुर जिले के माँ कुदरगढ़ी देवी स्थल का विकास कार्य एवं रोपवे की स्थापना शामिल है। इसी तरह नवनिर्मित राजमार्गों एवं बायपास पर पर्यटकों के लिये वेसाइड अमेनिटी विकसित करना। पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय लोगों की सहभागिता को बढ़ावा देना। ईको टूरिज्म, एग्री टूरिज्म, रूरल टूरिज्म एवं माइस (MICE) टूरिज्म को बढ़ावा देना। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की आवासीय इकाईयों को लीज पर निजी क्षेत्र को संचालन हेतु दिया जाना जैसी योजनाएं भी शामिल है।
इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी, राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खाउंते, मध्यप्रदेश से मंत्री धर्मेंद्र लोधी, राज्यों से आए पर्यटन मंत्रीगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल थे।
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने नवगठित मरवाही नगर पंचायत की राज्य सरकार से मनोनित परिषद को भंग करने का निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि मरवाही, कुम्हारी और लोहारी ग्राम पंचायतों के चुने हुए जनप्रतिनिधियों से एक महीने के भीतर नई परिषद का गठन किया जाए. मामले को लेकर मरवाही सरपंच प्रियदर्शनी नहरेल ने हाईकोर्ट में 11 लोगों पक्षकार बनाते हुए याचिका दायर की थी. जिस पर सुनवाई के बाद जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू ने आदेश जारी किया है.
दरअसल राज्य शासन ने मरवाही, कुम्हारी और लोहारी ग्राम पंचायतों को मिलाकर मरवाही नगर पंचायत बनाया था, और राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर भाजपा नेता किशन ठाकुर को नवगठित मरवाही नगर पंचायत का अध्यक्ष बनाया गया, साथ ही 8 अन्य नगर पंचायत परिषद के सदस्य मनोनीत किये गये थे, लेकिन इन तीनों ग्राम पंचायतों के सरपंचों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया. जिस पर मरवाही ग्राम पंचायत की पूर्व सरपंच प्रियदर्शिनी नहरेल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर नगर पंचायत के गठन को चुनौती दी थी. याचिका में उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव, गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कलेक्टर, नवनियुक्त अध्यक्ष और आठ पार्षदों सहित कुल 11 लोगों को पक्षकार बनाया.
जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू की बेंच ने मामले की सुनवाई 16 जुलाई को पूरी हुई, जिसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने आदेश जारी करते हुए कहा है, कि समिति गठन की प्रक्रिया में त्रुटि हुई है. जिसके चलते 27 जून को जारी अधिसूचना को रद्द किया जाता है. साथ ही कोर्ट ने नई परिषद का गठन एक महीने के भीतर करने के निर्देश दिए हैं. नई समिति के गठन होने तक वर्तमान समिति कार्य करती रहेगी.
रायपुर। प्रदूषण के लिहाज से जहां भारत दुनिया के 252 देशों में दूसरे नंबर पर है, वहीं देश के पांच प्रदूषित राज्यों में छत्तीसगढ़ भी शामिल हो गया है.
एयर क्वालिटी इंडेक्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली, यूपी, बिहार, हरियाणा के बाद छत्तीसगढ़ का स्थान आता है. वहीं प्रदेश के कई ज़िलों में एयर क्वालिटी ख़तरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है. सबसे ज्यादा दुर्ग और रायपुर ज़िले की स्थिति खराब है.
राज्य में क्रमशः दुर्ग का एक्यूआई 63.52, रायपुर का एक्यूआई 63.45, बेमेतरा का एक्यूआई 61.41 है. वहीं बिलासपुर का एक्यूआई 50.46 , कोरबा का एक्यूआई 41.59 है.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप गांव हो या शहर सभी जगह बिजली की आपूर्ति निर्बाध रूप से संचालित हो इसके लिए के विद्युत विभाग के द्वारा नई लाइन बिछाने के साथ ही समस्या आने पर तत्काल ट्रांसफॉर्मर, केबल और ग्रिप चेंज का कार्य किया जा रहा है।
इसी कड़ी में कुनकुरी विकासखण्ड के ग्राम हर्राडाँड़ में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। इसके समाधान के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन किया था। कैंप कार्यालय के निर्देश पर तत्काल यहां पर नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जिससे बिजली आपूर्ति पुनः बहाल हो गई है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में चंद्रनॉहू कुर्मी क्षत्रीय समाज कवर्धा राज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने चंद्रनॉहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के वार्षिक केंद्रीय अधिवेशन में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय को चंद्रनॉहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष समाज का केंद्रीय अधिवेशन कबीरधाम जिले में 14 व 15 सितम्बर को आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने चंद्रनॉहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के सदस्यों को केंद्रीय अधिवेशन में आमन्त्रण के लिए धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर चंद्रनॉहू कुर्मी क्षत्रीय समाज से प्रदेश अध्यक्ष विनोद चन्द्राकर, मोतीराम चन्द्रवंशी, अजीत चन्द्रवंशी, कैलाश चन्द्रवंशी, राजेन्द्र चन्द्रवंशी, दिनेश चन्द्रवंशी, रामविलास चन्द्रवंशी, कुलेश्वर चन्द्रवंशी सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रदेश कान्यकुब्ज ब्राम्हण महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय का प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में सरकार द्वारा सभी समाजों को साथ लेकर समग्र विकास के कार्यों के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री श्री साय को छत्तीसगढ़ प्रदेश कान्यकुब्ज ब्राम्हण महासभा के सदस्यों ने शॉल-श्रीफल व प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आपके नेतृत्व में राज्य में सुशासन की सरकार है, जिसमें प्रदेश के सभी वर्गों को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश के सभी वर्गों को मिल रहा है। प्रदेश में नई सरकार के आते ही किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों सहित गरीब तथा कमजोर वर्ग के लोगों के हित में अनेक फैसले लिए गए। इस तारतम्य में सरकार बनने के दूसरे ही दिन 18 लाख जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने तत्काल स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया। इसी तरह राज्य में किसानों को दो साल का बकाया धान बोनस दिया गया और महतारी वन्दन योजना के तहत एक हज़ार रुपये की राशि हर माह देकर 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कान्यकुब्ज ब्राम्हण महासभा से अंजय शुक्ल, अध्यक्ष अरुण शुक्ल, अरविंद दीक्षित, श्याम शुक्ल, अटल त्रिवेदी, प्रदीप कुमार मिश्र, सुरेश मिश्र सहित अनेक सदस्यगण उपस्थित थे।
रायपुर। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं इससे संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय तथा डीकेएस अस्पताल के स्वशासी समिति के सामान्य परिषद की बैठक हुई। चिकित्सा महाविद्यालय के कॉलेज काउंसिल हाल में आयोजित इस बैठक में उन्होंने मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पताल में मरीजों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक उपकरण एवं मानव संसाधन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश उच्च अधिकारियों को दिए।
सामान्य परिषद की बैठक में एन. एम. सी. के मापदण्ड के अनुसार महाविद्यालय के लेक्चर हाल के उन्नयन, एनाटॉमी विभाग में मृत शरीर में एम्बाल्मिंग कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रति शव एक निश्चित राशि मानदेय स्वरूप दिये जाने एवं अम्बेडकर अस्पताल के पेइंग वार्ड हेतु आवश्यकतानुसार ए. सी. क्रय करने की मंजूरी प्रदान की। रायपुर लोकसभा के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू और पुरेन्दर मिश्रा, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा किरण कौशल, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. यू. एस. पैंकरा, सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई साहू और रायपुर संभागायुक्त आयुक्त महादेव कावरे भी इस बैठक में शामिल हुए।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने बैठक में चिकित्सा महाविद्यालय और अम्बेडकर अस्पताल के प्रबंध कार्यकारिणी समिति की विगत मीटिंग एवं वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रावधानित बजट के विरुद्ध किये गये वास्तविक व्यय की जानकारी तथा 2024-25 हेतु प्रस्तावित बजट प्रावधानों का मदवार अनुमोदन किया। उन्होंने मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने एवं स्वास्थ्य सुविधा के उन्नयन की दिशा में जहां-जहां आवश्यक हो वहां स्वशासी समिति की बजट का, बजट प्रावधानों के अनुसार उपयोग करने के निर्देश दिए।
बैठक में चिकित्सा महाविद्यालय में वर्तमान में स्थित लाईब्रेरी को अपग्रेड करने, सोलर पैनल लगाने, चिकित्सा छात्रों के हॉस्टल में जिम, इंडोर खेलों की सुविधा बढ़ाने, फायर फाइटिंग के समय-समय पर स्थानीय स्तर पर ऑडिट कराने, लगभग 200 लोगों के बैठने के लिए सर्वसुविधायुक्त हाल, छात्रों के सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बजट बढ़ाने एवं सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के विभिन्न विभागों के मशीनों से होने वाली जांच हेतु जांच शुल्क निर्धारण, उच्च दर के इम्प्लांट के देयकों के भुगतान, स्वशासी बजट के अंतर्गत कलेक्टर दर पर डेसर थियेटर, डायलिसिस टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट एवं अन्य आवश्यक तकनीकी कर्मचारी रखने की अनुमति प्रदान की। इसके साथ ही उन्होंने पोस्टमार्टम हेतु अतिशीघ्र नवीन वर्चुअल पोस्टमार्टम मशीन क्रय करने तथा सी.टी. स्कैन एवं एम. आर. आई. जांच हेतु प्रतीक्षा सूची वाले मरीजों की जांच डी. के. एस. हॉस्पिटल में कराने हेतु रूपरेखा बनाने के संबंध में चर्चा की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कार्डियक सर्जरी विभाग में ओपन हार्ट सर्जरी के लिए आवश्यक मानव संसाधन की भर्ती, रीएजेंट एवं अन्य सुविधा अविलंब प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही साथ उन्होंने चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए भोजन प्रदाय करने के इच्छुक संस्थाओं के लिए स्थान चिंहित कर आवश्यक व्यवस्था बनाने की बात कही है।
सामान्य परिषद की बैठक में लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अम्बेडकर अस्पताल के लिए स्वशासी मद से दो नग एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस क्रय करने तथा कैंसर विभाग में स्थापित पेट स्कैन एवं गामा कैमरा से कैंसर जांच की सुविधा मरीजों के लिए अति शीघ्र प्रारंभ करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में डीकेएस अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन गैस प्लांट, मॉडर्न हेल्थ केयर की टेन्डर अवधि बढ़ाने के संबंध में तथा वित्तीय वर्ष 2023 से 2024 में स्वशासी मद से किये गये व्यय की कार्योत्तर स्वीकृति के संबंध में चर्चा की गई।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘कृषि अवसंरचना कोष’ के विस्तार को मंजूरी दी गई है। इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हाल ही में केन्द्रीय मंत्री मंडल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘कृषि अवसंरचना कोष’ के विस्तार को मंजूरी दी है, जिससे कृषि परियोजनाओं को सुदृढ़ करने और कृषि उत्पादकता में वृद्धि को प्रोत्साहित किया जा सकेगा। यह निर्णय किसानों के हित में लिया गया है, जो देश और प्रदेश दोनों में कृषि क्षेत्र के व्यापक विकास में सहायक होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस पहल से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि कृषि उत्पादन में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह कदम मोदी सरकार की कृषि अवसंरचना के विकास के माध्यम से किसानों की आर्थिक समृद्धि और कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा त्रिपुरा और केरल में प्राकृतिक आपदा के कारण वृहद स्तर पर जन-धन की हानि होने पर संकट की इस घड़ी में दोनों राज्यों को 15-15 करोड़ रूपए की राशि आपदा राहत कोष से जारी करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विगत कुछ दिनों से त्रिपुरा और केरल में प्राकृतिक आपदा के कारण वृहद स्तर पर जन-धन की हानि की दुःखद खबरें प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मेरी संवेदनाएं आपदा प्रभावित लोगों के साथ है। छत्तीसगढ़ सरकार इस विपरीत परिस्थिति में दोनों राज्यों की मदद के लिए तत्पर है।
रायपुर। रायपुर में काफी समय के बाद देश भर के शिशु रोग विशेषज्ञ का सम्मेलन छत्तीसगढ़ एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स के तत्वाधान में 30-31अगस्त व 1 सितंबर को होने जा रहा है। आयोजन के अध्यक्ष डॉ अनूप वर्मा ने बताया की आयोजन की शुरुआत 29 अगस्त को आयोजित तीन वर्कशॉप से होगी। जिसमें एक नवजात शिशु के पुनर्जीवन पर एक गंभीर पीड़ित बच्चों के उपचार पर वह एक पिक में सोनोग्राफी के उपयोग के बारे में होगी छत्तीसगढ़ अकादमी के प्रेसिडेंट डॉ किरण मखीजा ने बताया कि प्रत्येक वर्कशॉप में 50 शिशु रोग विशेषज्ञ को ट्रेनिंग दी जाएगी इसमें सभी से नई तकनीक व इलाज की जानकारी साझा की जाएगी जिससे बच्चों के उपचार में मदद मिल सके। 30 अगस्त से सम्मेलन की शुरुआत होगी जो की 1 सितंबर तक चलेगा इसमें देश भर से इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक से जुड़े हुए करीब 400 बच्चों के चिकित्सक सम्मिलित होंगे देश व प्रदेश के 100 से ज्यादा गण मान्य शिशु रोग विशेषज्ञ बच्चों के रोगों से संबंधित अलग-अलग विषय पर अपना प्रेजेंटेशन देंगे जिससे प्रदेश में बाल चिकित्सा को और बेहतर बनाया जा सके। उप सम्मेलन में इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ बसवा राजा मुख्य अतिथि होंगे, साथ ही आगामी वर्ष के के अध्यक्ष डॉ वसंत खलतकर भी उपस्थित रहेंगे पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ .सी.पी. बंसल guest of honour के रूप में शामिल होंगे। अन्य कॉन्फ्रेंस की शोभा बढ़ाएंगे चिकित्सकों में डॉ पुखराज बाफना, उपसंचालक शिशु स्वास्थ्य डॉ बी भगत, छत्तीसगढ़ अकादमी के सेक्रेटरी डॉक्टर अरुण अग्रवाल, छत्तीसगढ़ के सेंट्रल एग्जीक्यूटिव बोर्ड मेंबर डॉक्टर अशोक मेहता, डॉ के.पी. सरभाई, ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन, डॉ राघवेंद्र सिंह, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी,डॉ प्राकुर पांडेय अध्यक्ष, डॉ शिल्पा भार्गव सचिव रायपुर अकैडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स रायपुर, का सक्रिय योगदान पूरे सम्मेलन मे रहेगा।
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज राष्ट्रीय खेल दिवस पर भारत को पहला वन-डे क्रिकेट वर्ल्ड कप दिलाने वाले कप्तान और पूर्व क्रिकेटर कप्तान तथा प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कपिल देव से सौजन्य मुलाकात की। नई दिल्ली के छत्तीसगढ़ सदन में हुई मुलाकात के दौरान दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव इन दिनों नई दिल्ली के प्रवास पर हैं। उन्होंने विगत 27 अगस्त को नई दिल्ली के द्वारका स्थित राज्य के ट्राइबल यूथ हॉस्टल का निरीक्षण कर वहां रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से मुलाकात की थी। श्री साव ने इस दौरान उनसे चर्चा कर उनकी पढ़ाई-लिखाई और हॉस्टल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली थी। उन्होंने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ निवास का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया था। उप मुख्यमंत्री श्री साव अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य से जुड़े विषयों पर लगातार चर्चा कर रहे हैं।
रायपुर। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के विकास में अन्य समाज की भांति देवांगन समाज भी प्रमुख भूमिका निभा रहा है। देवांगन समाज व्यापार-व्यवसाय में आगे आकर प्रदेश के विकास में सहभागी बन रहा है। बालोद स्थित टाऊन हॉल में जिला देवांगन समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन शामिल हुए। मंत्री श्री देवांगन के आगमन पर समाज के पदाधिकारियों ने गर्म जोशी के साथ स्वागत किया। तत्पश्चात माता परमेश्वरी की पूजा अर्चना कर मंत्री श्री देवांगन ने जय देवांगन-जय महाजन का उद्घोष किया।
मंत्री श्री देवांगन ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी, उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा की आप समाज के प्रमुख है, मंत्री श्री देवांगन ने समाज को पूरे प्रदेश में एकजुट करने का संदेश दिया। साथ ही कहा कि हम सभी अलग अलग जगहों पर काम करते हैं। समाज को और भी बेहतर दिशा देते काम करें। समाज को प्रगतिपथ से प्रगतिशील बनाने के लिए प्रयास करें।
कार्यक्रम के दौरान देवांगन समाज के जिला बालोद के अध्यक्ष केदार देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि ये समूचे देवांगन समाज की गर्व की बात है कि पहली बार हमारे समाज से लखन लाल देवांगन को मुख्यमंत्री ने मंत्रीमंडल में प्रमुख दायित्व दिया है, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। समाज के अध्यक्ष दीपक देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज सभी हम पदाधिकारियों ने शपथ ली है उसके अनुरूप कार्य करेंगे। समाज की संस्कृति को आगे बढ़ाने के साथ साथ समाज को नई दिशा देने का प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष पवन साहू, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन, देवांगन नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष राकेश यादव, देवांगन कल्याण समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप देवांगन पोषणलाल देवांगन, वेदलाल देवांगन, युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मनोहरलाल देवांगन समेत अधिक संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रायपुर। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में आदिवासी अंचल के लिए महुआ का पेड़ विशेष महत्व है। महुआ के मौसम में गाँव की गलियाँ खाली होती है। सभी ग्रामीण महुआ के फूल बीनने में व्यस्त रहते हैं। महुआ का पेड़ प्रकृति का बहुमूल्य उपहार है। भारत में इसे कल्पवृक्ष के नाम से भी जाना जाता है। यह पेड़ आदिवासियों के लिए आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक रूप से महत्व रखता है। महुआ का पेड़ भारत के उत्तर, दक्षिण और मध्य के 13 राज्यो में पाया जाता है। महुआ के फूल, फल, बीज, छाल और पत्ती सभी उपयोगी हैं। यह आदिवासियों की आय का एक प्रमुख स्त्रोत है। पिछले कुछ समय से महुआ के उत्पादन में गिरावट आयी है और महुआ के नए पेड़ नहीं उग रहे हैं। जिस कारण महुआ पेड़ों की संख्या घट रही है।
पुनरुत्पादन न होने से घटी महुआ पेड़ों की संख्या
महुआ पेड़ो की घटती संख्या चिंता का विषय है। सबसे बड़ी समस्या इनके पुनरुत्पादन की है। जंगल में तो महुआ पर्याप्त है पर आदिवासियो के द्वारा अधिकतर महुआ का संग्रहण गांव की ख़ाली पड़ी ज़मीन और खेत की मेड़ो पर लगे महुआ से होती है। अगर आप बस्तर और सरगुज़ा के किसी गाँव में जाएं तो उनके खेतों के पार और ख़ाली ज़मीन में सिर्फ़ बड़े महुआ के पेड़ ही बचे दिखते हैं। छोटे और मध्यम आयु के पेड़ों की संख्या लगभग नगण्य होती है। ग्रामीणों के द्वारा महुआ संग्रहण से पहले ज़मीन साफ़ करने हेतु आग लगाई जाती है इस कारण महुआ के पौधे जीवित नहीं रह पाते। ग्रामीण महुआ के सभी बीज संग्रहीत कर लेते हैं। महुआ पेड़ की औसत आयु 60 वर्ष है। अगर जंगल के बाहर इनके पुनरुत्पादन पर ध्यान नहीं दिया गया तो ये जल्द ही ख़त्म हो जाएँगे। इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर महुआ बचाओ अभियान की शुरुआत की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी एवं सीएम विष्णुदेव साय की मुहीम लाई रंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किये गए विशेष अभियान “एक पेड़ मां के नाम” ने राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा दी है। यह अभियान छत्तीसगढ़ राज्य में एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी क्रम में वन मंडल मनेन्द्रगढ़ में वृहद स्तर पर महुआ बचाओ अभियान की शुरुआत की है। राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर महुआ पेड़ों की संख्या को बढ़ाने एवं संरक्षण की कवायद शुरू की गई है।
विधायक रेणुका सिंह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ महुआ बचाओ अभियान कार्यक्रम
महुआ बचाओ अभियान एवं वन महोत्सव वर्ष 2024 के अंतर्गत ग्राम-कछौड़ तुर्रा रोड पर भारत भवन के पास सफल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भरतपुर-सोनहत विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासी महुआ वृक्षों के बारे में जागरूक हुए एवं महुआ के नए पौधों को लगाने एवं उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित हुए।
30,000 से अधिक महुआ पौधे लगाए जा चुके हैं
मनेन्द्रगढ़ वन क्षेत्र में गांव के बाहर खाली पड़ी जमीन और खेतों में महुआ के पौधे लगाए जा रहे हैं। जिनकी सुरक्षा ट्री गार्ड द्वारा की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत अभी तक 30,000 महुआ के पौधे लगाए जा चुके हैं। पौधों को लगाए जाने के साथ ही पौधे की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों को ट्री गार्ड भी प्रदान किये जा रहा है। महुआ के पौधे लगने से ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह है। ग्रामीण आगे आकर महुआ पौधरोपण में अपना योगदान दे रहे हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के समीप बन रहे ‘शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय‘ का निरीक्षण किया। छत्तीसगढ़ के आदिवासी वीर स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित इस संग्रहालय का निर्माण 45 करोड़ रूपए की लागत से लगभग 10 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के साथ आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम भी कार्य की प्रगति देखने पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय ने संग्रहालय में मूर्तियों, अन्य कलाकृतियों तथा विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया। उन्होंने मूर्तियों का निर्माण कर रहे शिल्पकारों से चर्चा कर उनकी कला के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि ट्रायबल म्युजियम छत्तीसगढ़ के जनजातीय गौरव का एक प्रमुख केन्द्र बनेगा। छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के देश प्रेम की भावना, उनके शौर्य पराक्रम और बलिदानों पर केन्द्रित यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को सहेजने का अनुपम प्रयास है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को संग्रहालय के कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी और आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास को जानने का मौका मिलेगा। यह संग्रहालय आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को जानने मे रूचि रखने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केन्द्र होगा। यहां छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह सहित राज्य के सभी जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों को और अधिक करीब से जानने का मौका मिलेगा।
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि इस संग्रहालय में 15 गैलरियां निर्मित की जारी हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं- हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपाल-पट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी-चो-रिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह, जंगल सत्याग्रह आदि को जीवंत मॉडलों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। संग्रहालय में छत्तीसगढ़ राज्य में रहने वाली जनजातीयों की जीवनशैली, पहनावें, आभूषण, संगीत, वाद्ययंत्र, आखेट में उपयोग किए जाने वाले हथियारों सहित दैनिक जनजीवन में उपयोग की जाने वाली वस्तुओं को उनके वास्तविक परिवेश में प्रदर्शित किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, आयुक्त आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संचालक पी.एस.एल्मा भी उपस्थित थे।
शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी राज्य संग्रहालय में शहीद वीर नारायण सिंह की फाइबर प्रतिमा, उनका स्मारक, फांसी स्थल, एक छोटी झील और लैंडस्कैप का निर्माण किया जाएगा। संग्रहालय में वीर आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियां स्थापित की जाएगी। रिसेप्शन, सोविनियर शॉप, फूड कोर्ट, मल्टीमीडिया रूम, शौचालय, पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परिसर की छत पर सोलर सिस्टम लगाया जाएगा तथा संग्रहालय के मुख्य प्रवेश द्वार को सुन्दर जनजातीय आर्ट वर्क से अलंकृत किया जाएगा। इस संग्रहालय में मूर्तियां और कलात्मक जनजातीय कलाकृतियां तैयार करने के लिए क्यूरेटर श्री प्रबल घोष के नेतृत्व में बड़ोदरा, कोलकाता, ओड़िसा, हैदराबाद, दिल्ली, झारखण्ड और बिहार से आये शिल्पकार काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में लाईब्रेरी, छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं के मॉडलों का अवलोकन भी किया। लाईब्रेरी के अवलोकन के दौरान आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने छत्तीसगढ़ जनजातीय लोक वा़द्य संस्कृति पर केन्द्रित पुस्तक ‘आदि नाद‘ में छपे क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन किया। स्कैन करने पर वाद्ययंत्र की धुन सुनाई देती है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार, गांव, गरीब और किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं के तहत मुंगेली जिला के ग्राम सोढ़ार के पशुपालक कुलदीप सिंह ठाकुर ने पशुधन मिशन योजना का लाभ उठाते हुए अपनी समृद्धि की राह तय की।
कुलदीप, जो पहले सिर्फ खेती-किसानी कर अपना गुजारा कर रहे थे, को पशु चिकित्सा विभाग की योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत अनुदान प्राप्त कर 10 देशी बकरी और 1 बीटल बकरा खरीदा और बकरीपालन का कार्य शुरू किया। आज उनके पास 50 बकरी और 10 उन्नत नस्ल की बकरियां हैं, जिनमें बीटल, बारबेरी, जमुनापारी, तोताफरी, और ब्लैक बेंगाल जैसी नस्लें शामिल हैं।
किसान कुलदीप ने बताया कि डेयरी में बकरी से 10 लीटर दूध निकाला जाता है, जिसे 150 रूपए प्रतिलीटर की दर से बाजार में बेचकर वे प्रतिदिन 1500 रूपए कमा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बकरियों को घर में हरी पत्ती, हरा बरसीम, चना, तिवरा, मसूर व अरहर का भूसा खिलाकर पाला जा सकता है, यह रबी के मौसम में आसानी से प्राप्त हो जाता है। कुलदीप ने बताया कि प्रतिवर्ष चारा के लिए लगभग 03 लाख रूपए खर्च होता है। वहीं लगभग 07 से 08 लाख रूपए की आमदनी हो जाती है। उन्होंने बताया कि बकरा के विक्रय के लिए बाजार में जाने की आवश्यकता नहीं होती। लोग यहीं से आकर बकरा खरीदते हैं।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर राहुल देव ने ग्राम सोढ़ार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसान कुलदीप सिंह ठाकुर के डेयरी का अवलोकन किया था और उनकी इस प्रगति की सराहना की तथा उनका हौंसला बढ़ाते हुए व्यवसाय को आगे भी मदद देने की बात कही। किसान कुलदीप ने शासन की इस पहल एवं योजना की तारीफ की और खुशी व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि शासन के विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प का सीधा लाभ हम जैसे गांव, गरीब, आम किसानों को मिल रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जशपुर जिला के कुनकुरी में प्रस्तावित 220 बिस्तर की क्षमता वाले अत्याधुनिक अस्पताल के भवन निर्माण के लिए राज्य सरकार ने निविदा जारी कर दिया है। इस अस्पताल के लिए राज्य सरकार ने 32 करोड़ 9 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की है। उल्लेखनीय है राज्य में विष्णुदेव साय सरकार ने अपने बजट में कुनकुरी में 220 बिस्तर की क्षमता वाली अत्याधुनिक अस्पताल निर्माण की घोषणा की थी। इस बजट में अस्ताल भवन निर्माण के लिए आवश्यक राशि की स्वीकृति मुख्यमंत्री श्री साय ने दी है।
आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले के लिए इस अस्पताल को मील का पत्थर माना जा रहा है। सरकार की मंशा आगे चल कर, इसे मेडिकल कालेज के रूप में विकसित करने की है। जानकारी के लिए बता दें कि बीते वर्ष दिसंबर माह में राज्य की बागडोर सम्हालने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर सहित पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा के विस्तार और इसमें गुणात्मक सुधार के लिए लगातार कार्य कर रहें हैं। उन्होनें शपथ ग्रहण करने के तत्काल बाद प्रदेश में एंबुलेंस सेवा में सुधार के लिए जिम्मेदार अधिकारियोें को सख्त निर्देश दिये थे। इस परिपालन में जरूरतमंद मरीजों या परिजनों से काल प्राप्त होने के आधा घंटे के अंदर मरीज को एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया था। केबिनेट की पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सालयों में मरीजों के लिए सस्ती जेनरीक दवाओं को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिये थे। बीते 8 माह के कार्यकाल के दौरान जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवा के विस्तार के लिए तेजी से काम हो रहा है।
कुनकुरी में 220 बिस्तर के अस्पताल के साथ ही मरीजों की सुविधा के लिए 25 अतिरिक्त एंबुलेंस और 1 शव वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 7 उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा देते हुए, आवश्यक मानव संसाधन को स्वीकृति दी जा चुकी है। जिले में 19 एमबीबीएस चिकित्सक और 7 विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना कर, चिकित्सकों की कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अस्पतालों में मशीनों की कमी को दूर करने के लिए 2 करोड़ 32 लाख की स्वीकृति राज्य सरकार ने दी है। इस राशि से कुनकुरी में डायलिसिस केन्द्र शुरू करने के साथ ही जशपुर, मनोरा, लोदाम, बगीचा के अस्पतालो में आवश्यक उपकरणों की खरीदी में किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा जशपुर जिले को स्वास्थ्य सेवा कर क्षेत्र में आत्म निर्भर बनाना है, ताकि मरीज और उनके स्वजनों को उपचार के लिए भटकना ना पड़े।
रायपुर। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। इस योजना ने पीवीटीजी (विशेष पिछड़ी जनजाति) परिवारों के लिए सामाजिक और आर्थिक उत्थान का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, नलजल, शिक्षा, बिजली, कृषि, सड़क, और आधार पंजीयन जैसी योजनाओं के माध्यम से न केवल समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक हैं, बल्कि उनके जीवन स्तर को भी सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सरगुजा जिले के जनपद पंचायत सीतापुर के ग्राम पंचायत पेटला की बिखनी बाई प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित होने वालों में से एक हैं। हाल ही में उन्होंने पूरे परिवार के साथ हरेली त्योहार के दिन अपने नए सपनों के सुंदर आशियाने पक्के घर में विधिवत पूजा-अर्चना कर गृहप्रवेश किया। बिखनी बाई ने बताया कि पहले हमारा कच्चा घर था, जिसमें बारिश के दिनों में पानी टपकता था और कीड़े-मकोड़े की समस्याएं भी थीं। हम ऐसे सुंदर-स्वच्छ घर का सिर्फ सपना ही देख सकते थे। लेकिन प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत हमें प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिली और अब हमारा यह सुंदर और स्वच्छ घर बनकर तैयार हो गया है। बिखनी बाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से उनका परिवार अब पक्के घर में रहने के लिए उत्साहित है और उनका जीवन पहले से बेहतर हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरगुजा जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए 2084 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 1469 हितग्राहियों को प्रथम किस्त, 804 को द्वितीय किस्त, 387 को तृतीय किस्त, और 17 को चतुर्थ किस्त की राशि प्रदान की जा चुकी है। वहीं जिले में 30 परिवारों के आवास पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुके हैं।