रायपुर। भारतीय सेना का भीष्म टी-90 टैंक और अन्य आर्टिलरी आज राजधानी रायपुर पहुंचा, जिसका शहर में रैली निकालकर स्वागत किया गया. बता दें कि रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 5 और 6 अक्टूबर को सैन्य शक्ति प्रदर्शन आर्मी मेले का एक बड़ा आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भारतीय सैनिकों का जौहर देखने का मौका मिलेगा. इसी के तहत तैयारियां जोरों से जारी है.
जिला प्रशासन की ओर से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसएसपी संतोष कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने भीष्म टैंक का स्वागत किया. इसके बाद एक रैली के रूप में टैंक और अन्य सैन्य उपकरणों को तेलीबांधा, मरीन ड्राइव, कलेक्ट्रेट, जयस्तंभ और आश्रम चौक होते हुए साइंस कॉलेज मैदान तक ले जाया गया.
रैली के दौरान रायपुर के नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला. सैकड़ों लोग इस शानदार रैली को अपने मोबाइल फोन में कैद करते हुए नजर आए. इस कार्यक्रम को लेकर राजधानी में सकारात्मक माहौल बना हुआ है और नागरिक इसे लेकर उत्सुक हैं.
रायपुर। भारी मशीनरी की खनक-खनक की आवाज़ से अभ्यस्त होने में कुछ समय लग सकता है। शुरू में जया को फैक्ट्री के जीवन की सटीकता और गति डरावनी लगी। याद रखने के लिए नियम थे, अनुसरण करने के लिए कदम थे और सम्मान करने के लिए पदानुक्रम थे। 38 साल की उम्र में, कोविड-19 की पहली लहर के दौरान अपने पति की अचानक मृत्यु के बाद, जया को एक ऐसी भूमिका में धकेल दिया गया था, जिसके लिए किसी ने उसे तैयार नहीं किया था। जया की कहानी महिलाओं को सशक्त बनाने और समुदायों को बदलने में लेबर हेल्पलाइन और लेबर रिसोर्स सेंटर के दूरगामी प्रभाव का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग को यूएनडीपी के संसाधन, विशेषज्ञता और सहायता ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जया ने कहा, जब मेरे पति का निधन हुआ, तो मुझे ऐसा लगा जैसे मैं घुटन भरे अंधेरे में घिर गई हूं, जिससे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल पा रहा है। पति की मृत्यु के बाद जीवन आर्थिक कठिनाइयों और सामाजिक कलंक से भरा हुआ था, जो अक्सर भारतीय समाज में विधवा होने के साथ होता है। जया दुख और अविश्वास के सागर में डूबी हुई थी। लेकिन जल्द ही उसे अपने पति के कर्ज की सच्चाई का सामना करना पड़ा। अनिश्चित वित्तीय भविष्य सामने था और जया जानती थी कि उसे चीजों को सही करने के लिए कार्यबल में प्रवेश करना होगा।
आशा की एक किरण रायपुर में स्थापित सीएम श्रमिक हेल्पलाइन (मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र) के रूप में सामने आई। वहां, जया को मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के बारे में पता चला, जो एक सरकारी योजना थी जो एक मृत मजदूर के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करती थी। दयालु स्टाफ सदस्यों ने जया को सरकारी योजना की जटिलताओं को समझने में मदद की और उसे 1,00,000 रुपये की सहायता राशि दिलाने में सहायता की।
यह रकम उनकी जीवनरेखा बन गई और कर्ज चुकाने में मदद की। उन्होंने कहा, मेरे पति की अचानक मृत्यु हो गई थी, इसलिए यह योजना बहुत मददगार रही। कर्ज चुकाने के बीच में ही इस योजना ने उन्हें बचाया। जिस दिन जया कर्ज मुक्त हुईं, उनकी सोच बदल गई। उन्हें न केवल राहत मिली, बल्कि आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प भी मिला। जया ने तय किया कि अब समय आ गया है कि वह अपने घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर काम पर लग जाएं।
खस्ता मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में फैक्ट्री की नौकरी के पहले दिन उसके हाथ-पैर कांप रहे थे। मशीनरी और निर्माण प्रक्रिया डराने वाली थी, लेकिन जया ने पहले भी कई चुनौतियों का सामना किया था। धीरे-धीरे, मुस्कुराते हुए, सौम्य सहकर्मियों की मदद से, जया ने अपनी नई भूमिका को अपनाया।
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से नई दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। श्री डेका ने केंद्रीय वित्त मंत्री से विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू संस्थागत निवेश और विदेशी संस्थागत निवेश के द्वारा छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के साथ छत्तीसगढ़ निवेशक सम्मेलन 2025 के आयोजन का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य राज्य में उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग के साथ बड़े और छोटे उद्योगों, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट निवेश को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के निवेश से छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
श्री डेका ने श्रीमती सीतारमण को बताया कि छत्तीसगढ़ में भरपूर प्राकृतिक, खनिज एवं वन संपदा है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनाएं है। इस दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ में निवेशक सम्मेलन का आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने वित्त मंत्री से छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा की।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां बम्लेश्वरी के दर्शन लाभ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के बस को मुख्यमंत्री निवास से झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के शुभ मौके पर इस पावन यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। सभी श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को नवरात्रि की शुभकामनाएं दी। मां बम्लेश्वरी के जयकारे और भजन-कीर्तन के साथ यह यात्रा शुरू हुई।
गौरतलब है कि मां काली अन्नदान भंडारा समिति द्वारा श्रद्धालुओं को पिछले 09 वर्षों से लगातार नवरात्रि के पावन मौके पर मां बम्लेश्वरी धाम की निःशुल्क यात्रा कराई जाती है। इस वर्ष भी आगामी 5 दिनों तक रोजाना चार बसों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। इस मौके पर संजय श्रीवास्तव और मां काली अन्नदान भंडारा समिति के अध्यक्ष दीपक भारद्वाज मौजूद रहे।
रायपुर। जिंदगी में अनुशासन बहुत जरूरी है, यह हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है और जीवन को एक दिशा देता है। अनुशासन वह शक्ति है जो हमें कठिन परिस्थितियों में स्थिर और प्रतिबद्ध रहने में मदद करती है।
यह बात रायपुर सांसद एवं छत्तीसगढ़ स्काउट्स एंड गाइड के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री माननीय लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ स्काउट्स एंड गाइड के राज्य प्रशिक्षण केन्द्र, झीपन जिला बलौदा बाजार में राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा के दौरान कही।
बृजमोहन अग्रवाल ने सर्वधर्म प्रार्थना सभा के माध्यम से समाज में आपसी भाईचारे, शांति, और समरसता की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, अनुशासन के बिना जीवन असंगठित और अराजक हो सकता है। जिससे हम अपने उद्देश्यों से भटक सकते हैं। स्काउट्स एंड गाइड हमे सेवा भाव के साथ अनुशासन, समय प्रबंधन, आत्म-नियंत्रण, और संयम सिखाता है। और न केवल सीखाता है बल्कि मानवीय सेवा की सीख भी देता है।
श्री अग्रवाल ने युवाओं से आह्वान किया कि, वे जनसेवा के कार्यों के माध्यम से समाज मे एक उदाहरण बनें। उन्होंने कहा कि, नवंबर 2025 में रायपुर में राष्ट्रीय जम्बूरी एवं पहली वर्ल्ड गर्ल्स गाइड जम्बूरी का आयोजन होने जा रहा है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह आयोजन छत्तीसगढ़ और राज्य की स्काउटिंग को एक नई पहचान देगा। जिसके लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्काउट्स एंड गाइड के 3 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल प्रदेश के 7 जिलों के 159 स्काउट्स एंड गाइड भी शामिल हुए। जिनसे बृजमोहन अग्रवाल ने संवाद किया और आयोजन के बारे में जानकारी हासिल की। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी पूज्य माता जी को याद करते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
कार्यक्रम में राज्य उपाध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा, राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव, विजय केशरवानी, कोषाध्यक्ष मुरली शर्मा समेत स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स, जिला शिक्षा अधिकारी, एसडीएम और गणमान्यजन उपस्थित रहे।
रायपुर। राज्य के ग्रामीण अंचलों में निःशुल्क घरेलू नल कनेक्शन देने का काम तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत 50 लाख 05 हजार 147 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिया जाना है। जिसके तहत वर्तमान में 39 लाख 50 हजार 400 घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके साथ-साथ राज्य के 43 हजार 924 स्कूलों, 41 हजार 663 आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा 17 हजार 319 ग्राम पंचायत भवनों और सामुदायिक उप-स्वास्थ्य केन्द्रों में टेप नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। जिसमें छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला सर्वाधिक 1 लाख 96 हजार 667 ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन देने में अग्रणी है। इसी तरह जिला रायगढ़ 1 लाख 95 हजार 983, जांजगीर-चांपा जिले में 1 लाख 82 हजार 437 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन देने में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में प्रति व्यक्ति, प्रतिदिन 55 लीटर के मान से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, इसके लिए सभी जिलों में कार्ययोजना तैयार कर तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। इस मिशन के तहत घरेलू नल कनेक्शन के अतिरिक्त स्कूल, उप-स्वास्थ्य केंद्र एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी रनिंग वाटर की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही साथ जमीनी स्तर पर राज्य में सिंगल विलेज स्कीम और मल्टी विलेज स्कीम सहित अन्य पेयजल योजनाओं सहित जल जीवन मिशन के कार्यों का क्रियान्वयन सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मो. केसर अब्दुलहक और जल जीवन मिशन संचालक डॉ. सर्वेश्वेर भूरे द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है।
जल जीवन मिशन के तहत अब तक बिलासपुर जिले में 1 लाख 78 हजार 664, रायपुर जिला 1 लाख 78 हजार 161, बलौदाबाजार-भाटापारा में 1 लाख 76 हजार 393, कवर्धा 1 लाख 63 हजार 198, धमतरी जिले में 1 लाख 52 हजार 233, बालोद में 01 लाख 49 हजार 510, बेमेतरा जिले में 1 लाख 48 हजार, मुंगेली में 1 लाख 46 हजार 906, जशपुर में 1 लाख 43 हजार 454, बस्तर में 1 लाख 41 हजार 925, कोरबा में 1 लाख 41 हजार 623, बलरामपुर में 1 लाख 39 हजार 229 तथा राजनांदगांव जिला 1 लाख 38 हजार 788 नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसी तरह दुर्ग 1 लाख 36 हजार 001, सक्ती में 1 लाख 32 हजार 005, गरियाबंद 1 लाख 30 हजार 025, सरगुजा जिले के 1 लाख 27 हजार 209, सांरगढ़-बिलाईगढ़ में 1 लाख 17 हजार 360, सूरजपुर में 1 लाख 14 हजार 619, कांकेर 1 लाख 09 हजार 494, कोण्डागांव में 1 लाख 871, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 66 हजार 209, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 61 हजार 703, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 60 हजार 117, सुकमा में 45 हजार 838, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 45 हजार 460, दंतेवाड़ा में 39 हजार 091, कोरिया में 37 हजार 522, बीजापुर 31 हजार 969, और नारायणपुर जिले में 21 हजार 736 ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शायर हाजी हसन अली ’हसन’ की 2 अक्टूबर को जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि श्री हसन का उर्दू भाषा के प्रसार में विशिष्ट योगदान है। उन्होंने कहा कि श्री हाजी हसन ने हिन्दी से उर्दू पढ़ना-लिखना सीखने के लिए कई किताबें लिखी, इससे दोनों भाषाओं को सीखने और समझने में रूचि रखने वालों को आसानी हुई है। हाजी हसन अली ‘हसन‘ ने उर्दू भाषा को जनप्रिय बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया है। राज्य सरकार ने उनके सम्मान में राज्य अलंकरण की स्थापना की है।
बस्तर। विश्व में अनोखी और आकर्षक परंपराओं के लिए मशहूर बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत आज रात काछन देवी की अनुमति के बाद हो गयी है. बस्तर दशहरा पर्व शुरू करने के लिए अनुमति लेने की परंपरा अनूठी है. काछनगादी रस्म में एक नाबालिग कुंवारी कन्या बेल के कांटों के झूले पर लिटाया जाता है. बस्तर में करीब 700 वर्षों से चली आ रही परंपरा की मान्यता के अनुसार कांटों के झूले पर लेटी कन्या में साक्षात देवी आकर पर्व शुरू करने की अनुमति देती है. 75 दिनों तक मनाए जाने वाले दशहरा पर्व में निभाई जानेवाली 12 से ज्यादा रस्में अद्भुत और अनोखी होती हैं.
बता दें कि बस्तर का महापर्व दशहरा बिना किसी बाधा के संपन्न हो, इस मन्नत और आशीर्वाद के लिए काछन देवी की पूजा होती है. बुधवार रात काछन देवी के रूप में अनुसूचित जाति के एक विशेष परिवार की 8 वर्षीय कुंवारी कन्या पीहू दास ने कांटो के झूले पर लेटकर बस्तर राजपरिवार को दशहरा पर्व आरंभ करने की अनुमति दी. इससे पहले पिछले कुछ वर्षों से काछनगादी रस्म को पीहू की चचेरी बहन अनुराधा निभा रही थी.
मान्यता है कि इस महापर्व को निर्बाध संपन्न कराने के लिए काछन देवी की अनुमति आवश्यक है. जिस हेतु पनका जाति की कुंवारी कन्या को बेल के कांटो से बने झूले पर लेटाया जाता है और इस दौरान उसके अंदर खुद देवी आकर पर्व आरंभ करने की अनुमति देती है. हर वर्ष पितृमोक्ष अमावस्या को इस प्रमुख विधान को निभाकर राज परिवार यह अनुमति प्राप्त करता है. इस दौरान बस्तर का राजपरिवार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ हजारों की संख्या में लोग इस अनूठी परंपरा को देखने काछन गुड़ी पहुंचते हैं.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों विशेषकर अग्रवाल समाज के लोगों को महाराजा अग्रसेन जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने शुभकामना संदेश में श्री साय ने कहा है कि महाराजा अग्रसेन ने हमें सामाजिक समानता, करुणा और अहिंसा का संदेश दिया। लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था और आर्थिक समरूपता उनके आदर्श मूल्य रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को समृद्ध और सशक्त बनाने तथा प्रेम और सदभाव का वातावरण निर्माण के लिए महाराजा अग्रसेन द्वारा दिए गए विचार मूल्य प्रेरणादायी हैं।
रायपुर। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से चेन्नई और पुणे के लिए सीधी फ्लाइट शुरू हो गई है। यह फ्लाइट अब रोजाना चलेगी। इससे पहले इंडिगो इस रूट पर हफ्ते में सिर्फ चार दिन फ्लाइट संचालित करती थी। रोजाना फ्लाइट शुरू होने से यात्रियों की संख्या में भी इजाफा होगा। करीब एक हफ्ते पहले रायपुर से अहमदाबाद के लिए रोजाना सीधी फ्लाइट शुरू की गई थी।
इंडिगो एयरलाइंस ने पुणे और चेन्नई के लिए उड़ानों का शेड्यूल जारी कर बुकिंग भी शुरू कर दी है। शेड्यूल के मुताबिक, चेन्नई से 13.35 की फ्लाइट रायपुर 15.20 बजे पहुंचेगी। रायपुर से 20.25 की फ्लाइट चेन्नई 22.15 बजे पहुंचेगी। वहीं रायपुर से 15.50 बजे की फ्लाइट 17.35 को पुणे पहुंचेगी। वहां से 18.15 बजे निकलकर रायपुर 19.55 बजे पहुंचेगी।
रायपुर-जयपुर शुरू होने की संभावना
ट्रैवल संचालक कीर्ति व्यास के मुताबिक, विंटर सीजन के आसपास रायपुर से जयपुर की भी डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि, रायपुर से जयपुर लगातार लोग छुट्टियां बिताने जा रहे हैं। यात्रियों की भी लगातार इस रूट में जल्द फ्लाइट शुरू करने की मांग है।
यहां के लिए है उपलब्ध है फ्लाइट
इंडिगो स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से कोलकाता, मुम्बई, दिल्ली, लखनऊ, गोवा, हैदराबाद, भोपाल, बंगलुरू, भुवनेश्वर, प्रयागराज, जगदलपुर, इंदौर, कोच्चि, चेन्नई, पुणे और अहमदाबाद के लिए उड़ानों का संचालन कर रही है। सबसे ज्यादा एक दिन में चार उड़ानें दिल्ली-रायपुर-दिल्ली रुट में संचालित की जाती है।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को देवी उपासना के पर्व नवरात्रि की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने देवी दुर्गा से सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। अपने बधाई संदेश में श्री साय ने कहा है कि नवरात्रि में शक्ति स्वरूपा देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की 9 दिनों तक पूरी श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ पूजा की जाती है। कन्याओं को देवी स्वरुप मानकर उनको भोजन कराया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि देवी की आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है। छत्तीसगढ़ सरकार महिला सुरक्षा, उनके मान-सम्मान की रक्षा और उन्हें आवश्यक सेवा प्रदान करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति मान-सम्मान के भाव और उनके गौरव को बनाए रखने के साथ उनके विरूद्ध हिंसा के विरोध के संकल्प से ही सच्चे अर्थों में देवी पूजा सार्थक होगी।
रायपुर। वेतन विसंगति दूर करने समेत अन्य मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति अधिकारी कर्मचारी संघ ने आज रायपुर में एक दिवसीय धरना दिया. इस प्रदर्शन में सभी जिलों के खाद्य निरीक्षक, सहायक खाद्य अधिकारी एवं खाद्य अधिकारी शामिल हुए.
ये हैं प्रमुख मांगें
- खाद्य निरीक्षकों एवं सहायक खाद्य अधिकारियों की वेतन विसंगति दूर किया जाए
- सहायक बालक अधिकारी पर पदोन्नती पूर्व सीधी भर्ती के अनुपात को पूर्व की भांति 75 प्रतिशत 25 प्रतिशत किया जाए
- सहायक संचालक (खाद्य अधिकारी ) के रिक्त पदों में से 7 प्रतिशत पद अधीक्षक संचालनालय की पदोन्नती से भरे जाने के प्रावधान को निरस्त किया जाए।
- राशन कार्डधारियों को वितरण के लिए सही मात्रा में खाद्यान आबंटन किया जाए.
बिलासपुर। CGPSC 2023 की प्रारंभिक परीक्षा के नतीजों में पुनर्मूल्यांकन की मांग करते हुए लगाई गई 40 याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. पीएससी 2023 के नतीजे घोषित होने के बाद 40 अभ्यर्थियों ने पांच सवालों को लेकर पीएससी के निर्णय को गलत बताते हुए याचिका लगाई थी. मामले की सुनवाई जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की सिंगल बेंच में हुई.
बता दें कि सीजीपीएससी ने राज्य सिविल सेवा के पदों पर भर्ती के लिए 29 नवंबर 2023 को विज्ञापन जारी किया था. 11 फरवरी 2024 को दो पालियों में प्रारंभिक परीक्षा ली गई थी, जिसके बाद मॉडल आंसर जारी किए गए थे. दावा आपत्ति के बाद संशोधित मॉडल आंसर जारी किए गए और फिर रिजल्ट जारी किया गया.
पीएससी के प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए चयनित नहीं हो पाए 40 परीक्षार्थियों ने पांच सवालों को लेकर पीएससी के निर्णय को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इसके अनुसार संशोधित मॉडल आंसर जारी करने के बाद कुछ प्रश्नों को हटा दिया गया था. याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि यदि उन प्रश्नों को नहीं हटाया जाता तो वे मुख्य परीक्षा से वंचित नहीं होते. याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने कहा कि किसी विशेष प्रश्न को हटाने से अनुपातिक अंक दिए गए हैं, लेकिन यह उस अभ्यर्थी को दिया जाता है, जिसने उक्त प्रश्न का प्रयास ही नहीं किया या जिसने उक्त प्रश्न का गलत उत्तर दिया है.
मामले की सुनवाई के बाद फैसले में अदालत ने कहा कि सहानुभूति पुनर्मूल्यांकन के निर्देश देने का आधार नहीं हो सकता. अदालत ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि परीक्षार्थी परीक्षा की तैयारी में कड़ी मेहनत करते हैं पर हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि अधिकारी भी परीक्षा आयोजित करने के लिए उतनी ही मेहनत करते हैं।
रायपुर। राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकैत आज छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे हैं. टिकैत रायपुर एयरपोर्ट से सीधे कोंडागांव के लिए रवाना हुए, जहां गुरुवार को बीजापुर में होने वाले किसान सम्मेलन में शामिल होंगे. इस दौरान टिकैत ने हसदेव जंगल में लाखों पेड़ों की कटाई को लेकर सरकार पर हमला बोला.
टिकैत ने कहा, कोई व्यक्ति बस्तर क्यों नहीं जा सकता. लोगों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाहिए. बस्तर में किसानों को गलत तरीके से निशाना बनाए जाने की खबर मिली है. इसके चलते किसानों से मुलाकात करने जा रहा हूं
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की न्याय यात्रा का समापन गांधी मैदान में आमसभा के साथ हुआ. आमसभा में सरकार के खिलाफ कांग्रेस के सभी बड़े नेता जमकर गरजे. पायलट, बघेल, महंत, बैज, साहू, चौबे और मरकाम जैसे नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर सरकार सचेत नहीं हुई तो प्रदेश भर में संग्राम होगा.
मणिपुर बना दिया- दीपक बैज
दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का हाल भी मणिपुर की तरह हो गया है. प्रदेश में हर तरफ अशांति और आराजकता का माहौल है. समाज में भाईचारा की जगह नफरत बो दिया गया है. हिंसक लड़ाइयां हो रही है. चोरी-लूट की तरह, अब चाकूबाजी, हत्या, बल्तकार की घटनाएं आम हो गई हैं. सरकार प्रदेश में सीरियल किलर की तरह काम कर रही है. 6 दिवसीय यात्रा का अभी समापन नहीं हुआ, हमने इस यात्रा को विराम दिया है. आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से यात्रा निकालेगी. उन्होने कहा कि सरकार हमसे क्षमा यात्रा निकालने को कहती है, क्षमा तो भाजपा सरकार मांगनी चाहिए. झीरम की घटना, झलियमारीकांड, गर्भाशायकांड, नसबंदीकांड, आंखफोड़वाकांड, बलौदाबाजारकांड, लोहारीडीहकांड सब तो भाजपा सरकार में हुई हैं. क्षमा किसे मांगनी चाहिए मुख्यमंत्री को बताना चाहिए.
भाजपा ने बिगाड़ा सौहार्द- डॉ. महंत
नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का काम भाजपा ने किया. भाजपा की आदत ही रही दंगा फैलाने की. बलौदाबाजार में घटित घटना इसका प्रमाण है. भाजपा ने कोशिश माहौल खराब करने की और इस कोशिश में भाजपाई काम कामयाब रहे. आज प्रदेश भर में सामाजिक सदभाव बिगड़ चुका है. समाज के लोगों का भरोसा सरकार से उठ गया है. प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं दिख रही है. कबीर और गुरु घासीदास को पूजने वाले लोग कानून अपने हाथ ले रहे हैं, क्यों ? माता-बहनें कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं. राखी के दिन सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं घट रही है और सरकार अपराधों को रोक पाने में नाकाम साबित हो रही है.
कुशासन वाली सरकार- भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कुशासन वाली सरकार है. छत्तीसगढ़ को भाजपा सरकार ने अपराध का गढ़ बना दिया है. प्रदेश का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा नहीं जहां आपराधिक घटनाएं नहीं हो रही है. प्रदेश में हर वर्ग में डर, भय और असुरक्षा है. रायपुर तो चाकूपुर बन गया है. सरकार का सुशासन तार-तार हो चुका है.
सरकार पर जनता को विश्वास नहीं- टीएस सिंहदेव
उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार 9 महीने के अंदर ही विश्वास खो चुकी है. राज्य में घटित एक के बाद एक घटनाओं ने सरकार की विफलता को जाहिर कर दिया है. जनता को सरकार पर भरोसा ही नहीं है. बस्तर से लेकर सरगुजा भय और आतंक का माहौल है. कहीं पुलिस हिरासत में तो, कहीं पुलिस की पिटाई से तो कहीं पुलिसिया संरक्षण में हत्याएं और मौतें हो रही हैं. यह बताने के लिए पर्याप्त है सरकारी अन्याय से जनता को न्याय दिलाने कांग्रेस सड़क पर उतर आई है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हत्या, लूट, चाकूबाजी, महिलाओं के खिलाफ अपराध और डकैती की लगातार बढ़ती घटनाओं को लेकर सरकार को घेरने प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गिरौदपुरी से राजधानी रायपुर तक न्याय यात्रा निकाली। 27 सितंबर से शुरु हुई इस यात्रा का समापन 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन रायपुर में हुआ। यात्रा के दौरान कांग्रेसियों ने छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार की नीतियों का जमकर विरोध किया। अब इस यात्रा को लेकर बीजेपी ने राजधानी में प्रेस वार्ता की, जिसमें कांग्रेस की न्याय यात्रा पर तीखी प्रतिक्रिया दी गई। महामंत्री संजय श्रीवास्तव और अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष नवीन मार्कंडेय ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाए।
महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि गिरौदपुरी मामले का राजनीतिकरण करने का प्रयास कांग्रेस द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बलौदाबाजार आगजनी प्रकरण का जिक्र करते हुए बताया कि आरोपी देवेंद्र यादव अभी जेल में हैं और उन्हें जमानत तक नहीं मिल रही। उन्होंने कहा, “जब भी कोर्ट का कोई निर्णय कांग्रेस के पक्ष में नहीं आता, तो वे न्यायालय पर सवाल खड़े करते हैं। यह स्पष्ट है कि कांग्रेस को न्यायालय पर भरोसा नहीं है।” श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि अपराधी ही न्याय यात्रा निकाल रहे हैं और जनता इस सत्य को भली-भांति जानती है।
महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस की न्याय यात्रा को विफल बताते हुए कहा कि “यह राहुल गांधी की यात्रा से भी बड़ी फेल बैज की न्याय यात्रा साबित हुई है।” उन्होंने यह सवाल उठाया कि पिछले 5 वर्षों में गिरौदपुरी धाम में कोई विकास कार्य क्यों नहीं हुआ। इसके अलावा, श्रीवास्तव ने कांग्रेस से यह प्रश्न भी किया कि प्रदेश की 18 लाख जनता को आवास क्यों नहीं मिले और इसमें अनुसूचित जाति के लोग क्यों वंचित रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय यात्रा के दौरान जिलाबदर आरोपी यात्रा का स्वागत कर रहे थे और पोस्टर फाड़ने जैसी हरकतें की गईं।
भाजपा ने न्याय यात्रा को “बौखलाहट यात्रा” करार देते हुए यह भी कहा कि यह खुद को जीवित रखने दीपक बैज की यात्रा थी। उन्होंने कांग्रेस पर तंज करते हुए सवाल उठाया कि तीनों राज्यसभा सांसद इस यात्रा में शामिल क्यों नहीं हुए और क्या वे मानते हैं कि कांग्रेस ने जनता के साथ अन्याय किया है।
रायपुर। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुटमा निवासी मनकुंवारी बाई झारखंड के हजारी बाग में 2 अक्टूबर को पीएम जन-मन के मेगा इवेंट में शामिल होने पहुंची है। इस दौरान पहाड़ी कोरवा मनकुंवारी बाई ने आज आदिम जाति कल्याण विभाग के केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव से मिलकर पीएम जन-मन योजना से मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी। श्रीमती मनकुंवारी ने बताया कि उन तक प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी, सहित अन्य सुविधाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार समाज की मुख्य धारा से जुड़कर आगे बढ़ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को जशपुर जिले के महिलाओं द्वारा तैयार किया गया स्थानीय उत्पादों की टोकरी भी भेंट किया। मंत्री श्री उरांव ने समूह की महिलाओं की खूब सराहना की और अपनी शुभकामनाएं दी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए पीएम जनमन योजना संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों तक शासन की सभी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जशपुर जिले में पहाड़ी कोरवा परिवारों को पीएम जन-मन योजना का लाभ दिया जा रहा है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि महात्मा गांधी का सपना था कि जनजातीय समुदाय विकास की मुख्य धारा में शामिल हो और तरक्की करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, महात्मा गांधी के इन्हीं सपनों को पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने उक्त बातें धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के शुभारंभ अवसर पर वर्चुअली जुड़कर कही।
यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर झारखण्ड के हजारीबाग से देश के जनजातीय इलाकों एवं जनजातियों के उत्थान के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर से वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उक्त अभियान के देशव्यापी शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय भी लाभान्वित होंगे और उनके जीवन में नया बदलाव आएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान कर 65 हजार से ज्यादा गाँव और 5 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों के कल्याण के लिए कदम बढ़ाया है। इससे छत्तीसगढ़ के 32 जिलों के 138 विकासखण्ड़ों में स्थित 6691 गाँवों में रहने वाली 47 लाख की आबादी को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ और जशपुर जिले के लिए गौरव का दिन है कि जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक की आदिवासी महिला मानकुंवर बाई को प्रधानमंत्री ने बातचीत के लिए अपने कार्यक्रम में आमंत्रित किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की घोषणा की और घर-घर शौचालय निर्माण कराया। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़ा। इन शौचालयों को कई राज्यों में इज्जत घर के रुप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी ने जनजातीय समाज के विकास के लिए अलग राज्य का निर्माण किया और अलग से जनजाति मंत्रालय का गठन और अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने हम सभी स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के माध्यम से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अभियान से जुड़े रहे। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को आदत में शामिल करने की अपील की और कहा कि हमें अपने आसपास वातावरण को भी स्वच्छ रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अति पिछड़े विशेष पिछड़ी जनजाति की चिंता की और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय इलाकों में मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से राज्य के गरीबों के कल्याण के लिए काम प्रारंभ कर दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 18 लाख आवास की स्वीकृति प्रदान की जिसकी राशि अब हितग्राहियों के खाते में आने लगी हैं और घर निर्माण प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 3100 रुपये में क्विंटल में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी, दो साल का धान के बकाया बोनस की राशि, तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा को 4 हजार से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया। प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना से राशि दी जा रही है। विगत 9 माह के भीतर मोदी की गारंटी की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए।
सांसद चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि यहां आदिवासी समाज के साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना के तहत मुख्यमंत्री उनके उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं। सरकार जनजाति उत्थान के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है। कार्यक्रम को सामरी विधायक उद्देशवरी पैकरा ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान जिले की प्रभारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक प्रबोध मिंज, राजेश अग्रवाल, शकुंतला पोर्ते, युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा आम नागरिकगण उपस्थित थे।
192 करोड़ रूपए के विकास कार्याें का लोकार्पण-शिलान्यास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर-रामानुजगंज के राजपुर में आयोजित कार्यक्रम में 192 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी, श्रम पंजीयन कार्ड अंतर्गत हितग्राहियों को चेक, वन अधिकार पट्टा, आपदा पीड़ितों को सहायता राशि, टीबी मुक्त घोषित 3 ग्रामों को प्रमाण पत्र, ट्रैक्टर, पशुधन विकास विभाग अंतर्गत दो हितग्राहियों को चेक प्रदान किया गया।
राजपुर में लिंक कोर्ट सहित कई घोषणाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने सांसद एवं विधायकगणों के आग्रह पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के लिए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने नरसिंहपुर से मरकाडाड़ के मध्य महान नदी में पुल निर्माण, हायर सेकंडरी स्कूल राजपुर के लिए नवीन भवन का निर्माण, राजपुर ब्लॉक में उफिया में चन्दर मुसखोर नाला में पुलिया निर्माण तथा राजपुर में अपर कलेक्टर लिंक कोर्ट प्रारंभ करने की घोषणा की।
बिलासपुर और सरगुजा संभाग में कर्मा महोत्सव
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में पंडो जनजाति की बहुलता को देखते हुए पंडो जनजाति के लिए 50-50 सीटर बालक-बालिका छात्रावास निर्माण की घोषणा की और बिलासपुर और सरगुजा संभाग में प्रतिवर्ष कर्मा महोत्सव का आयोजन कराए जाने की घोषणा की।