प्रदेश
कलेक्टरों को स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को स्कूलों के सघन निरक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस तारतम्य में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए है। जारी परिपत्र में कहा गया है कि 26 जून 2024 से नवीन शिक्षा सत्र 2024-25 प्रारंभ हो चुका है। शिक्षा सत्र प्रारंभ से पहले ही छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश उपलब्ध करा दिया गया है। मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रथम दिन से ही प्रारंभ कर दिया गया है। स्कूूल शिक्षा विभाग स्कूलों के लिए वार्षिक शैक्षणिक कैलेण्डर जारी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 01 जुलाई को 2024 को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान समस्त विद्यालयों का सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश है कि छात्र-छात्राओ को उच्च गुणवत्तायुक्त व परिणाम मूलक शिक्षा दी जाये एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूर्ण रूप से प्रदेश के स्कूलों में प्रभावी बनाया जाये। इसलिए यह अनिवार्य हो जाता है कि आप और आपके अधीनस्थ अधिकारियों के द्वारा स्कूलों का निरीक्षण नियमित रूप से किया जाये।
निरीक्षण के संबंध में निम्नानुसार निर्देश दिए गए हैं-
शाला निरीक्षण कलेण्डर जिला स्तर पर तैयार किया जाये, जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये। जिला शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, संकुल समन्वयकों से नियमित रूप से शालाओं का निरीक्षण कर प्रतिवेदन संबंधित जिला कलेक्टर को उपलब्ध करायेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अलावा अन्य विभाग के अधिकारियों को भी निरीक्षण का दायित्व दिए जाएं, शाला निरीक्षण के दौरान अधिकारी छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करेंगे। निरीक्षण के दौरान अधिकारी चाहें तो किसी भी एक कक्षा में अध्यापन कर सकते हैं। जारी पत्र में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान दोषी पाये गये कर्मचारियों-अधिकारियों के विरूद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही करें एवं की गई कार्यवाही से अवगत कराने कहा गया।
हमराह चलो मेरे या राह से हट जाओ, दीवार के रोके से दरिया कहीं रूकता है - बृजमोहन अग्रवाल
राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में बृजमोहन ने कहा - मोदी सरकार के रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के चमत्कारिक संकल्प ने भारत को दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनाया।
मैं उम्मीद करता हूँ कि विपक्षी विरोध, वैमनस्य की राह ना पकड़े,बदलते दौर में यह समय संकल्प से सिद्धि का है,राष्ट्र के उत्थान का है।
रायपुर। राष्ट्रपति की अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लिखित रूप से अपनी बात रखते हुए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि माननीय राष्ट्रपति जी ने अपने अभिभाषण में भारतीय विकास यात्रा की मजबूती और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा अन्य अनेक विषयों के साथ वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख का उल्लेख किया। इतना ही नहीं राष्ट्रपति जी ने इस बार आने वाले महीनों में देश की आर्थिक नीति की आकृति कैसी होगी इसका भी उल्लेख किया।
इससे बिल्कुल साफ है कि यह सरकार पहले की तरह ही काम करेंगी और उन सभी कार्यों को पूरा करने पर ध्यान देगी। जिनका उल्लेख यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले कुछ समय से लगातार करते आ रहे है अर्थात् रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के प्रधानमंत्री के चमत्कारिक संकल्प ने भारत को दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना दिया हैं । सबसे उल्लेखनीय यह है कि राष्ट्रपति महोदया ने नई सरकार के पहले बजट से अपेक्षा की कि उसमें अनेक ऐतिहासिक कदम उठायें जायेंगे और वह निश्चित ही दूरगामी दृष्टिकोण लिये होगा जिसमें सरकार की दूरगामी नीतियों प्रभावी ढंग से दिखाई देंगी।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले समय में नीति, नीयत और निर्णयों से देश के हर वर्ग को मुख्य धारा में लाने का प्रयास किया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण स्टार्टअप योजना का क्रियान्वयन। निश्चित ही यह गौरव का विषय 675 में से 600 जिलों में यह काम कर रहा है। हमारा खिलौना का निर्यात 1844 करोड़ों रूपये का हो गया है। हमारा डिफेन्स एक्सपोर्ट एक दशक में 21 हजार करोड़ तक पहुँच गया है। यानि इसमें 18 गुना की वृद्धि हुई है। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में 2 डिफेन्स कोरिडोर्स विकसित हो रहे है।
इतना ही नहीं में गर्व से कहना चाहता हूँ कि गुलामी के दौर की दण्ड व्यवस्था एक जुलाई से खत्म हो रही है। अब देश में भारतीय न्याय संहिता लागू की जा रही है। यह श्री नरेन्द्र मोदी जी के साहस और संकल्प का परिचायक कें विदेशी मकबरों से हिन्दुस्तान की खायत ढूढ़ने वालों को मानना पड़ेगा कि "संस्कृत इज है मदर ऑफ ऑल यूरोपियन लेग्वेजेस" और इसलिये भी मानना पड़ेगा कि यह में नहीं विलियम जॉन्स कह रहा है भारतीय संस्कृति का अभव और विरासत हमारी थाती है और इसी को लेकर विश्व की अगुवाई कर सकते हैं। और निश्चित ही करेंगे।
नालन्दा विश्वविघालय अपने अतीत में भी वैश्विक ज्ञान केन्द्र रहा है। और नई सरकार की संकल्पना है कि अपने भव्य संकुल के साथ फिर से यह वैश्विक ज्ञान का केन्द्र होगा अपनी विरासत से आधुनिक भारत यानि नई पीढ़ी को जोड़ना आवश्यक हैं ताकि वह परम्परा को अंधी लाठी से ना पीटे। यहीं वह बात है कि भगवान बिरसामुण्डा के जन्म दिवस को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाना शुरू किया। रानी दुर्गावती या माता आहिल्या बाई इनकी जन्म जयन्ती को व्यापक रूप से मनाने का कार्य इस सरकार ने किया। इसके साथ ही गुरुनानक देव जी के 350 वें प्रकाश पर्व की अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दी।
उन्होंने कहा दूरदृष्टा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समकालीन समाज की हर नब्ज पर बराबर दृष्टि रखते है इसीलिये भी टेक्नॉलोजी पर भी जोर देते रहे है और यहीं कारण है कि आज 82 करोड़ इन्टरनेट यूजर्स है। चन्द्रमों के दक्षिण ध्रुव पर भारत की सफलता सबके लिये गर्व का विषय होनी चाहिये। इस महान देश की राष्ट्रपति जी ने अभिभाषण में कहा "आज हमारे युवाओं में जो सामर्थ्य है आज हमारे संकल्पों में जो निष्ठा है, हमारी असम्भव लगने वाली उपलब्धियों, ये इस बात का प्रमाण है कि आने वाला दौर भारत का दौर है।"
मैं कहना चाहूँगा, कि ऐग्रीकल्चर, मैनुफैक्चरिंग सर्विसेज और इन्फ्रास्ट्रक्चर मैं अनेक उपलब्धियों के बावजूद क्या दुर्भाग्य कि बांग्लादेश के एक अखबार में शशि थरूर जैसे नेता ने लेख लिखा कि "मोदी हेज टू गो" में पूछना चाहता हूँ कि भारत के बाहर लेख लिखने की क्या जरूरत थी इसी तरह सेम पित्रीदा ने पश्चिम में रहने वालों की तुलना अब उत्तर भारत की तुलना गौरो और दक्षिण भारत में रहने वालों की तुलना अफ्रीका में रहने वाले लोगों से की थी। फिर वे उत्तराधिकार कानून की बात ले आये। अभिप्राय यह है कि यह पहचानने की जरूरत है कि वस्तुतः लोकतंत्र को कमजोर करने वाली ताकते कहाँ है। और कौन सी है ? विघटनकारी, जिनका उल्लेख राष्ट्रपति जी ने किया चिन्ता का विषय है।
इसी तरह जहाँ दुनिया 2024 के चुनावों की चर्चा कर रही है, जो 60 सालों में लगातार तीसरी बार स्थिर और स्पष्ट बहुमत की सरकार देख रही है वहीं कुछ लोग लोकतंत्र को खतरे में बता रहे है। संविधान विपक्षी लोगों की तरह सिर्फ लहराने का विषय नहीं है यह मोदी जी के लिये महज राजकाज की पुस्तक भी नहीं है। यह उनके लिये लोकतांत्रिक आराधना है और इसीलिये वे इसे भारतीय जन चेतना का हिस्सा बनाने के लिये कटिबद्ध है।
उन्होंने कहा मैं देश के छत्तीसगढ़ राज्य से आता हूँ। पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटलबिहारी वाजपेयी जी ने इसका निर्माण कराया था। और नरेन्द्र मोदी जी अब इसे संवारने में लगे है। भाजपा की सरकार बनने के बाद से छत्तीसगढ़ में जनता का भरोसा जगा है। और लोग मानने लगे है कि उनकी सरकार जल्दी ही उनकी अपेक्षाओं को पूरा करेगी।
बृजमोहन ने कहा मैं राज्य में पाँच बार का मंत्री रहा हूँ और मैं पहली बार लोकसभा के लिये रायपुर से निर्वाचित होकर आया हूँ। मैं यह देखकर दंग था कि आपातकाल के उल्लेख करने मात्र से कांग्रेसी साथी भभकने लगे। आपातकाल इस देश के लोकतंत्र का काला अध्याय था। जिन्होंने इसे झेला है उनमें से कुछ राजनीतिक लाचारी के चलते आज इनके साथ गलबाहें कर रहे है। फिर भी में नहीं समझता कि आपातकाल के छालों से उपजी जलन ठण्डी पड़ गई हैं। जिन्होंने संविधान का चुप करा दिया, लोकतंत्री दलों को लहुलुहान कर दिया वह किस मुँह से संविधान की बात करते है यह चिन्ता की बात है कि कांग्रेस को आपातकाल के दुर्दिनों कि याद पर भी आपत्ति है।
जहाँ तक नीट या अन्यान्य परीक्षाओं के उठे सवाल पर नई पीढ़ी का प्रश्न है मुझे यकीन है कि हमारी सरकार इसका सर्वमान्य हल खोजने में जुटी है। इसमें शिरकत करने की आवश्यकता है। यह मसला विघार्थियों के जीवन का है। दलगत राजनीति में चेहरे चमकाने का नहीं।
छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा के लिए खुलेंगे महिला पिंक थाने: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जिला मुख्यालयो में महिला पिंक थाने खुलेंगे। इस संबंध में विभागीय तैयारी की जा रही है। इसके लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय बैठक में महिला पिंक थाने शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह थाने महिलाओं के लिए सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए स्थापित किए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 258 सड़कों की प्रगति की समीक्षा की। ये सड़कें पिछले 5-6 वर्षों से माओवादी गतिविधियों और सुरक्षा के अभाव में अपूर्ण थीं। उन्होंने इन सड़कों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्व सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म पर अपलोड करने और स्वयं का भी एप्लिकेशन बनाने कहा। उन्होंने रीपा में मुख्य सचिव के नेतृत्व में गठित समिति की जांच के बारे में जानकारी ली और स्व सहायता समूहों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को सीजीआईटी के अगले शिक्षण सत्र से प्रारंभ के लिए आवश्यक तैयारी शीघ्र पूरी करने और नोडल अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों को तेजी पूर्ण कराने के लिए राजमिस्त्रियों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इस ट्रेड को प्रशिक्षण में शामिल किया जाए। ऐसे आईटीआई जहां मेशन ट्रेनिंग के लिए पद नहीं है, ववहां मेहमान प्रवक्ता से प्रशिक्षण का कार्य करवाया जाए। उन्होंने शासकीय आदर्श आईटीआई कोनी बिलासपुर की मरम्मत पर भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में जनमन योजना के तहत बन रहे प्रधानमंत्री आवास, मानव दिवस सृजन, प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर, महतारी सदन, और तीन हजार से अधिक जनसंख्या वाले ग्राम पंचायतों में मास्टर प्लान बनाने, हमर छत्तीसगढ़ योजना को पुनः शुरू करने सहित विभिन्न कार्याें की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण अनुदान योजना को पुनः शुरू करने और विभाग में लंबित अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन मामलों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, जिससे कभी भी, कहीं से भी रोजगार सहायता हेतु पंजीयन, नवीनीकरण और अपडेशन का कार्य ऑनलाइन किया जा सके। इस ऐप के माध्यम से आवेदकों को भौतिक सत्यापन के लिए जिला रोजगार एवं रोजगार मार्गदर्शन केंद्र आने की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदक अपनी पंजीयन पत्र को ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे और विभिन्न प्रकार की सूचनाएँ इस ऐप के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, रोजगार मेला और प्लेसमेंट कैंप की जानकारी भी इस ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
राजस्व प्रकरणों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए 5 से 20 जुलाई 2024 तक राजस्व पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने राज्य के सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री वर्मा आज जिला मुख्यालय सारंगढ़ में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि यह बात ध्यान में लायी गई है कि अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। सभी राजस्व अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण हो। समीक्षा बैठक में कलेक्टर सारंगढ़ धर्मेश साहू ने मंत्री श्री वर्मा को बताया कि जिले में पंचायत सचिव के माध्यम से गांव में ग्रामीणों के जितने राजस्व प्रकरण होंगे, उनके माध्यम से तहसीलदार कार्यालय में जमा होंगे, जिसका मॉनिटरिंग कलेक्टर स्तर पर किया जाएगा, जिससे जिले के राजस्व कार्यों के निपटारा शीघ्र होगा।
राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि जिले में अवैध शराब, जुआ, सट्टा जैसे अपराध पर सख्ती से कार्यवाही करते हुए नियंत्रित करें। उन्होंने मरम्मत योग्य सभी स्कूलों, छात्रावास भवनों, आंगनबाड़ी केन्द्रों के जर्जर भवनों की जानकारी ली और मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क, पुल-पुलिया जैसे बुनियादी कार्यों को पूरा करने कहा। बैठक में नल जल योजना, महतारी वंदन, सौर सुजला योजना, पीएम विश्वकर्मा, मनरेगा, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम उज्ज्वला योजना आदि की समीक्षा की गई।
बैठक में श्री वर्मा ने स्कूलों तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण का कार्य पीएम ग्रामीण सड़क, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क आदि के माध्यम से किया जाए ताकि पहुंच सुलभ हो। उन्होंने कहा पटवारी कार्यालय के लिए भवन निर्माण कराएं ताकि पटवारी वहां रहकर किसानों का कार्य करें। अवैध प्लाटिंग, बिक्री और नामांतरण पर शीघ्र रोक लगाएं।
इस अवसर पर विधायक सारंगढ़ उत्तरी गनपत जांगड़े, एसपी पुष्कर शर्मा, परियोजना निदेशक हरिशंकर चौहान, एसडीएम अनिकेत साहू, डिप्टी कलेक्टर वर्षा बंसल सहित जिले के अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाथरस हादसे पर गहरा दुःख प्रकट किया
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उत्तर प्रदेश के हाथरस हादसे पर गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि हाथरस में हुई दुर्घटना हृदय विदारक है। इस हादसे में दिवंगत हुए लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि, दिवंगतों के परिजनों को प्रभु इस दुःख को सहने की शक्ति दें। मुख्यमंत्री ने हादसे में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन में हंगामा करने पर बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष की आलोचना की
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष की आलोचना की है। श्री अग्रवाल ने कहा है कि विपक्ष ने लोकतांत्रिक मूल्यों का ह्रास किया है। ऐसे में जब प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे विपक्ष को धैर्य पूर्वक सुनना चाहिए था। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक विकास का खाका पूरे देश के सामने रखा है और बताया है कि किस प्रकार से तीसरे कार्यकाल में सरकार तिगुनी गति से काम करने के लिए तैयार है। जहां एक तरफ आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत का संकल्प सामने रखा, वहीं राहुल गांधी ने पूरे हिंदू धर्म को हिंसक बता कर देशवासियों का अपमान करने का काम किया है।
प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा ने डायरिया नियंत्रण रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रायपुर। सारंगढ-बिलईगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा और कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू ने कलेक्टोरेट परिसर सारंगढ़ से डायरिया नियंत्रण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रथ के माध्यम से ग्रामीणों को डायरिया की बीमारी के प्रति जागरूक कर उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सढ़े गले खाद्य पदार्थो के उपयोग से और बासी भोजन बचें।
ज्ञातव्य है कि 01 जुलाई से डायरिया रोकथाम अभियान के अंतर्गत डायरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य, पंचायत, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के समन्वय के साथ जिले में आयोजित की जा रही है। यह कार्यक्रम 1 जुलाई से 31 अगस्त 2024 के मध्य ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों के माध्यम से 0 से 5 वर्ष के बच्चों वाले घरों में ओ आर एस पैकेट तथा जिंक टैबलेट वितरित किए जाएंगे तथा उल्टी-दस्त के दौरान बचाव के लिए पालकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में डायरिया नियंत्रण के प्रभावी और कारगर कदम उठाने के लिए प्रचार रथ प्राथमिक उपचार दवाओं सहित प्रचार-प्रसार की सामग्री एवं ऑडियो सिस्टम से लैस है। यह रथ जिले में घूम-घूम कर लोगों को डायरिया से बचने के लिए जागरूक करने का कार्य करेगी। डायरिया के समय जिंक टैबलेट और ओआरएस के महत्व के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही लोगों को शौचालय के पश्चात हाथ धोने की तरीके से अवगत कराया जाएगा तथा लोगों को खाने से पहले और खाने के बाद हाथ धोने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक उतरी गणपत जांगडे, एसपी पुष्पक शर्मा, परियोजना निर्देशक हरिशंकर चौहान, सीएमएचओ डॉ अवधेश पाणिग्राही, बीएमओ डॉ सिदार, ज़िला कार्यक्रम प्रबंधक एन एल इजारदार एवं जिला प्रशासन के अधिकारी सहित सभी विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा सचिव श्री परदेशी ने पंचायत प्रतिनिधि व छात्र-छात्राओं के साथ किया पौधारोपण
रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम राखी के पंचायत प्रतिनिधि व छात्र-छात्राओं के साथ 150 से अधिक छायादार पौधों का रोपण किया। पौधारोपण से पहले सचिव ने सभी छात्र-छात्राओं एवं पालकों को शपथ दिलाया कि उनके द्वारा लगाये गये पौधे का वृक्ष बनते तक पालन-पोषण करेंगे तथा उनकी सुरक्षा भी करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर ’एक पेड़ माँ के नाम’ इस थीम पर पूरे राज्य के स्कूलों में पौधारोपण करने का अभियान चलाया जा रहा है। इस आशय का पत्र कल ही राज्य शासन ने समस्त कलेक्टरों को भेजा है। ’एक पेड़ माँ के नाम’ पौधारोपण अभियान की शुरुवात जिला रायपुर, वि.खं. आरंग के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राखी से की गई। सचिव श्री परदेशी ने छात्रों को प्रेरित करते हुए बताया कि पर्यावरण को संतुलित बनाये रखने में पेड़ पौधों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने कहा कि अपने परिजन की स्मृति में पौध रोपण करें। पेड़ पौधों के कारण वातावरण का शुद्ध और तापमान नियंत्रित रहता है। पेड़ पौधों पर ही हमारे जीवन का भविष्य निर्भर रहता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे स्वयं तो पौधे लगायेंगे साथ ही अपने परिवार के सदस्यों एवं दोस्तों को भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने उपस्थित सरपंच गायत्री साहू, उपसरपंच पोषण पटेल एवं ग्रामीणों से भी पौधा लगाने तथा उनकी सुरक्षा करने की अपील की गई।
शिक्षा विभाग की संचालक दिव्या मिश्रा ने कहा कि हमें जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ आदि अवसरों को यादगार बनाने के लिए पौधे गिफ्ट करना चाहिए और पौधा लगाना चाहिए। आज राखी विद्यालय परिसर में नीम, गुलमोहर, अशोक, अर्जुन, आम, पीपल आदि के 150 से अधिक पौधे रोपे गये और उनकी सुरक्षा का दायित्व स्कूली छात्र-छात्राओं को सौंपा गया। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी डॉ. पदम जैन, उप सचिव फरिहा आलम, अवर सचिव आर.पी. वर्मा एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अपर संचालक योगेश शिवहरे, संयुक्त संचालक आशुतोष चावरे, उप संचालक अशोक बंजारा, करमन खटकर, महेश नायक, प्रवीण श्रीवास्तव, लव कुमार, आर. के. त्रिपाठी, संस्था की प्राचार्य चंचल परदेशी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
’’अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन 2047’’ डॉक्यूमेंट तैयार करने वर्किंग ग्रुप के अधिकारियों की बैठक संपन्न
रायपुर। छत्तीसगढ़ को पूरे देश में पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने तथा राज्य की संस्कृति को संरक्षित करने आज राज्य नीति आयोग में गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ के विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार करने के लिए वर्किंग ग्रुप के सदस्यों ने अपने विचार रखे। अटल नगर, नया रायपुर स्थित राज्य नीति आयोग के सभाकक्ष में समिति के सदस्यों ने इस विषय पर लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक लक्ष्यों पर सुझाव दिए।
बैठक में सदस्यों ने राज्य के पर्यटन स्थलों में अधोसंरचना विकास के लिए तथा पर्यटन की आवश्यकताओं के अनुसार नई योजना बनाने, नए पर्यटन सूचना केन्द्र स्थापित करने, ट्राइबल टूरिज्म सर्किट, ट्राइबल थीम को लेते हुए टूरिज्म डेस्टिनेशन का विकास करने पर विस्तृत चर्चा की। इसी प्रकार पर्यटन स्थलों में एडवेंचर गतिविधियों के विकास तथा निजी निवेशकों को आमंत्रित करने, बस्तर दशहरा, भोरमदेव महोत्सव, सिरपुर महोत्सव, लोक मड़ई मेलों के आयोजन सहित अन्य स्थानीय महोत्सवों को बढ़ावा देने विचार विमर्श किया गया।
इसी तरह हस्तशिल्पियों को आकर्षक बाजार उपलब्ध कराने, संगीत और नृत्य के कलाकारों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करने, स्थानीय तीज-त्योहारों, स्थानीय साहित्य, लोक कथाओं और ज्ञान को संरक्षित करने पर गहन विचार किया गया। स्थानीय खान-पान और तकनीकों के संरक्षण तथा नवाचार के लिए प्रोत्साहन, रचनात्मकता और कला कौशल के विकास सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गौरतलब है कि विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का उत्तरदायित्व राज्य नीति आयोग को सौंपा गया है। सितंबर 2024 तक विजन डॉक्यूमेंट का अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की अपेक्षा की गई है, इसके लिए अलग-अलग विषयों पर आठ वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं।
बैठक में राज्य नीति आयोग के सदस्य के. सुब्रमण्यम, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित अन्य सदस्यों ने विभागों द्वारा बनाए गए लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक विजन एवं रणनीतियों पर सुझाव दिए।
बैठक में सदस्य के. सुब्रमण्यम ने छत्तीसगढ़ में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, पर्यटन से राज्य की जीडीपी में योगदान बढ़ाने, बुनियादी ढांचे के विकास में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने, पर्यटन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विकास तथा मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग अभियान को नीति दस्तावेज में शामिल करने सुझाव दिए।
बैठक में राज्य की जनजातिय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने, राज्य में उपलब्ध वनस्पतियों और जीवों से युक्त विशाल वन क्षेत्र को पर्यावरण पर्यटन के रूप में विकसित करने, वैलनेस टूरिज्म, कृषि पर्यटन एवं मनोरंजन पार्क विकसित करने, टिकाऊ, समावेशी और जिम्मेदार पर्यटन, छत्तीसगढ़ को प्रमुख पर्यटन ब्रांड के रूप में स्थापित करने, पर्यटन केन्द्रो को संचालित करने स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के लिए रोजगार उपलब्ध कराने तथा छत्तीसगढ़ को एक सुरक्षित राज्य के रूप में प्रचार-प्रसार करने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में उद्योग विभाग, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, वन, पर्यटन, जनसंपर्क, राज्य नगरीय विकास प्राधिकरण, परिवहन एवं विमानन सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
तुरमा में डायरिया के मिले 82 मरीज, खबर मिलते ही गांव पहुंचा जिला प्रशासन, लापरवाही बरतने के चलते पटवारी, पीएचई सब इंजीनियर को नोटिस एवं सचिव को किया गया निलंबित
रायपुर। बलौदाबाजार विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत तुरमा में डायरिया के 82 मरीज मिले है। डायरिया के बढ़ते मामले को देखते हुए आज कलेक्टर दीपक सोनी ने तुरमा पहुंचकर गांव के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। साथ ही मरीजों से मुलाकात कर स्वास्थ्य शिविर का भी जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1 जुलाई को 76 मरीज एवं 2 जुलाई 41 मरीजों का चिन्हांकन किया गया। जिसमें से वर्तमान में 82 एक्टिव मरीज है। उक्त मरीजों में 17 को जिला अस्पताल एवं 16 को सामुदायिक केन्द्र लवन में भर्ती किया गया है। जबकि अन्य मरीज गांव के हाट बाजार क्लीनिक भवन में स्वास्थ्य शिविर में इलाज कराने आ रहे हैं। ग्रामीणों का प्राथमिक इलाज करने के बाद उन्हें वापस घर भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले में कलेक्टर ने गंभीर नाराजगी जताते हुए ग्राम पटवारी तुलसीराम बर्मन,पीएचई सब इंजीनियर के.आर.पैकरा को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही ग्राम के सचिव राजपाल कोसले के अनुपस्थित रहने के चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विकासखंड चिकित्सा अधिकारी के प्रति भी नाराजगी जताते हुए उनके छुट्टी को निरस्त करने के निर्देश संबधित अधिकारियों को दिए है।
तुरमा में जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर ने सबसे पहले हाट बाजार क्लीनिक में संचालित स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे। भर्ती मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों से बातचीत कर उचित दिशा-निर्देश दिया गया। इसके साथ ही कलेक्टर ने मरीजों एवं उनके परिजनों से भी मुलाकात की। स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को स्वास्थ्य व्यवस्था के संबंध में जागरुकता के लिए काम करने को कहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिनों को डोर टू डोर जाकर जानकारी लेने के निर्देश दिए गए है। इस दौरान कलेक्टर स्वयं गांव के पानी टंकी पर चढ़कर सफाई संबंधित जायजा लिया।
कलेक्टर श्री सोनी ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी को पानी की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट जल्द देने एवं स्वच्छ पानी आमजनों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। साथ ही उन्होंने गांव में डायरिया के एकाएक अधिक संख्या में मरीज मिलने के कारण को जांच कराने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए है। गांव में सर्वे कर जो व्यक्ति डायरिया बीमारी से प्रभावित हो रहे है, उन्हें तत्काल सुविधा देने कहा गया है। जागरूकता शिविर के माध्यम से आमजनों को मौसमी बीमारियों से बचाव एवं उपचार देने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए है। श्री सोनी ने पीएचई विभाग अधिकारियों को पूरे गांव में ब्लीचिंग पावडर के छिड़काव सहित सभी पेयजल स्त्रोतों के जांच करने के निर्देश दिए है।
समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभाग की ली समीक्षा बैठक
रायपुर। समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि दिव्यांगजनों को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिए संचालित योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए सभी आवश्यक पहल की जाए। श्रीमती राजवाड़े आज मंत्रालय महानदी भवन में समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रही थी।
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बैठक में कहा कि सभी जिलो में दिव्यांग के पुनर्वास के साथ-साथ उन्हें रोजगार मूलक कार्यों में प्रशिक्षण देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को वृद्धाश्रमों एवं दिव्यांग बाल आश्रम तथा अन्य पुर्नवास केन्द्रों की व्यवस्था दुरूस्त करने भी कहा। बैठक में समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव, संचालक रोक्तिमा यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों से कहा कि बुजुर्गो, दिव्यांगों एवं निराश्रितों के कल्याण के लिए अपना शत-प्रतिशत दें तथा सेवाभाव के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम, दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित अनुदान प्राप्त संस्थाओं और पुनर्वास केन्द्रों का निरीक्षण कर सभी व्यवस्था दुरूस्त करें। दिव्यांग बच्चों को हुनरमंद बनाकर स्व-रोजगार के साधन उपलब्ध कराएं। उनकी रूचि के अनुसार मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना विभिन्न ट्रेडो में प्रशिक्षण दिलाया जाए।
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर बेघर, बेसहारा, घुमंतू, दिव्यांग, बच्चों और महिलाएं मिलने पर उन्हें पुर्नवास केन्द्र में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। विभिन्न पेंशन प्रकरणों का भौतिक सत्यापन करके पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता से पेंशन का लाभ दिलाए। विभाग के हेल्प लाइन नंबर का भी व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं।
श्रीमती राजवाड़े ने तृतीय लिंग का भी पंजीयन कराने और राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड के साथ अन्य विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करने और दिव्यांगजनों के लिए शिविर लगाकर यूडीआईडी पंजीयन कराने और मेडिकल बोर्ड से दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चे, महिलाओं, युवा, बुजुर्ग जिनको फिजियोथेरिपी, कृत्रिम उपकरण, बैसाखी, श्रवण यंत्र, ट्राईसायकल की जरूरत हो उन्हें ये उपकरण उपलब्ध कराए जाए।
समीक्षा बैठक में कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण प्रदाय योजना, सामर्थ्य विकास योजना, निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना, राष्ट्रीय निःशक्तजन पुनर्वास कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों को आंगनबाड़ी में पांच फलदार वृक्ष लगाने की अपील
रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाईजर एवं आंगनबाड़ी में अध्यनरत बच्चों को आंगनबाड़ी में पांच फलदार वृक्ष लगाने की अपील की है। साथ ही उसकी देखभाल करने में सहयोग देने की बात कही। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मन की बात में देशवासियों से ’एक पेड़ मां के नाम’ लगाने के आह्वान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्कूली बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए एक पेड़ अपनी मां के नाम लगाने की अपील की है।
छत्तीसगढ़ को पर्यटन के क्षेत्र में पहचान दिलाने की बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों को केंद्र से मिली मंजूरी
रायपुर। पूर्व पर्यटन एवं संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री एवं वर्तमान में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के छत्तीसगढ़ को आस्था का केंद्र और धार्मिक पर्यटन के रूप में विश्व में पहचान दिलाने के प्रयासों के बाद केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र जारी किया है।
निदेशक , पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार रोशन एम थॉमस ने पत्र जारी करते हुए जानकारी दी है कि, राजिम में राजीव लोचन कॉरिडोर निर्माण, रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में कन्वेंशन सेंटर निर्माण, सिरपुर स्थित बागेश्वरी मंदिर का जीर्णोद्धार को ‘PRASAD’ योजना के तहत स्वीकृति प्रदान की गई है साथ ही पांच प्रमुख शक्तिपीठों रतनपुर में महामाया, चंद्रपुर में चंद्रहासनी, डोंगरगढ़ में बम्लेश्वरी, दंतेवाड़ा में दंतेश्वरी देवी और सूरजपुर स्थित कुदरगढ़ मंदिर के विकास और उनको जोड़ने के लिए भी केंद्र से स्वीकृति प्रदान की है।
पत्र के अनुसार मंत्रालय, पर्यटन के क्षेत्र में आधारभूत संरचना के लिए “तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रशाद)” और “स्वदेश दर्शन” के तहत आर्थिक सहयोग प्रदान करता है। जिसके लिए डोंगरगढ़ स्थित बमलेश्वरी माता मंदिर को पहले ही 48.44 करोड़ रुपए प्रदान किए जा चुके हैं। साथ ही सूरजपुर स्थित कुदरगढ़ मंदिर और जशपुर-कुनकुरी- मैनपाट कमलेशपुर- महेशपुर – कुरदार सरोधादादर -गंगरेल -कोंडागांव नथियानवागांव – जगदलपुर चित्रकोट, तीरथगढ़, के विकास के लिए 96.10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा स्वदेश दर्शन2.0 के तहत 2 अन्य गंतव्यों को भी चिन्हित किया गया है। जिसके लिए मंत्रालय द्वारा परियोजना विकास प्रबंधन सलाहकार (PDMC)की चयन प्रक्रिया जारी है। निदेशक, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकार से पूरा प्रस्ताव और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट मांगी है। साथ ही राज्य में चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति और प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है।
बता दें मंत्री पद पर रहते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने राजिम में राजीव लोचन कॉरिडोर, रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में कन्वेंशन सेंटर, सिरपुर स्थित बागेश्वरी मंदिर का जीर्णोद्धार, शक्ति पीठ परियोजना के तहत पांच प्रमुख शक्तिपीठों के विकास और उनको जोड़ने और सूरजपुर स्थित कुदरगढ़ मंदिर के विकास के साथ ही मैनपाट, चित्रकूट, तीरथगढ़, गंगरेल आदि स्थलों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वहां ज्यादा से ज्यादा विकास करने का छत्तीसगढ़ की जनता से वादा किया था। जिसके बाद विभाग की तरफ से कार्योजना बनाकर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को भेज दी गई थी।

एक सप्ताह के भीतर राजस्व प्रकरणों के निराकरण में प्रगति नहीं लाने पर तहसीलदारों का रूकेगा असंचयी प्रभाव से वेतन वृद्धि
रायपुर। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने विभागवार योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा की है। उन्होंने खसरा पुनः क्रमांकन, व्यववर्तन, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, विवादित बटवारा, अविवादित बटवारा, विवादित नामांतरण, अविवादित नामंत्रण, सीमांकन, लोक सेवा गारंटी केंद्र से संबंधित सेवाओं की समीक्षा के दौरान प्रकरण लंबित पाए जाने पर सभी तहसीलदारों को निराकरण में प्रगति लाने के साथ ही कहा कि एक सप्ताह के भीतर राजस्व प्रकरणों के निराकरण में प्रगति नहीं लाने पर असंचयी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोका जाएगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और अप्रारंभ कार्यों को प्रारंभ करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नवीन परिवारों के घरों में शौचालय निर्माण, ग्राम सभा में ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम घोषित करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य समूह की महिलाओं से कराने तथा सप्ताह में एक दिन हर ग्राम पंचायतों में स्व सहायता समूहों के माध्यम से स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में ऐसे लगभग 98 हजार लोग जिनके आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनका शतप्रतिशत कार्ड बनाने के लिए अभियान चलाने तथा स्कूलों में कैंप लगाकर स्कूली बच्चों का आयुष्मान कार्ड बनाने कहा। उन्होंने टीबी, सिकल सेल एनीमिया की जांच एवम उपचार तथा हाई रिस्क प्रेगनेंसी का समुचित देखरेख एवं संस्थागत प्रसव कराने के निर्देश दिए। उन्होनें पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत शेष रह गए 38 का कार्य पंजीकृत स्व सहायता समूह की महिलाओं को आवंटित करने कहा। साथ ही समग्र शिक्षा के प्रगति रत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा स्कूली बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने चेक लिस्ट के अनुसार दस्तावेज प्राप्त कर आवेदन पोर्टल में अपलोड कराने कहा।
कलेक्टर ने सभी जिला नोडल अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों, छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण करने और निर्धारित प्रारूप में निरीक्षण प्रतिवेदन भेज ने कहा। उन्होंने पीडीएस दुकानों में खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण, किसानों द्वारा अधिक से अधिक खाद एवं बीज का उठाव कराने, सभी किसानों ई केवाईसी एवं आधार अपडेशन, पशुओं का टीकाकरण, आवारा पशुओं पर नियंत्रण एवम दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सड़कों पर बैठे से पशुओं को हटाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सड़कों की मरम्मत, जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन हेतु खोदे गए गड्ढों का समतलीकरण, निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की समुचित आपूर्ति, जल शक्ति अभियान कैच द रेन के तहत भूजल स्तर बढ़ाने वर्षा जल संचयन के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा की पहल से कांवरियों को मिली राहत, अब एमपी सीमा पर चेकिंग पोस्ट बंद
कवर्धा। कांवरियों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है. दरअसल मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती में मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के चेकिंग पोस्ट को कांवरियों के लिए आगामी आदेश तक बंद कर दिया गया है. छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा के प्रयास से बोल बम समितियों को राहत मिली है.
सावन माह में कबीरधाम जिले के अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य जिले से सैकड़ों की संख्या में कावरियों की टोली मध्यप्रदेश के मां नर्मदा नगरी अमरकंटक जाती है. यहां से मां नर्मदा के कुंड से जल भरकर कांवरिए पैदल कवर्धा के पंचमुखी बूढ़ा महादेव पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं.
हर साल की तरह इस साल भी कबीरधाम जिले से सैकड़ों की संख्या में कांवरियों की टोली अमरकंटक जाएगी, लेकिन हर साल मध्यप्रदेश प्रदेश के परिवहन विभाग के चेकिंग पोस्ट में बोल बम समिति के ट्रक को प्रवेश नहीं देती थी. इसके चलते कई बार चेकिंग पोस्ट के कर्मचारी और अधिकारियों से नर्मदा नगरी में ट्रक को प्रवेश कराने गुहार लगाना पड़ता था. कर्मचारियों पर ये भी आरोप लगते आ रहे हैं कि गाड़ी को अंदर प्रवेश दिलाने के लिए मोटी रकम की मांग की जाती थी, कभी-कभी बोल बम समिति और कमर्चारियों के बीच तू-तू मैं-मैं भी हो जाती थी.
प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सोमवार को कवर्धा दौरे पर रहे. इस दौरान जिले के बोल बम समिति के सदस्यों के साथ बैठक की और अपनी समस्याओं से डिप्टी सीएम विजय शर्मा को अवगत कराया. वहीं डिप्टी सीएम ने कांवरियों की समस्या को सुना और समझा फिर तत्काल डिप्टी सीएम इस मामले में मध्यप्रदेश सरकार से बात की और मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र में होने वाली समस्याओं को तत्काल दूर किया. मध्यप्रदेश के परिवहन विभाग ने कांवरियों के लिए आगामी आदेश तक परिवहन विभाग के चेकिंग पोस्ट को बंद कर दिया है. अब कांवरियों को सीमावर्ती क्षेत्र में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी. इस आदेश के बाद कांवरियो में खुशी की लहर है. उन्होंने डिप्टी सीएम विजय शर्मा के प्रति आभार जताया है.
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2024 के नामांकन हेतु ऑनलाईन आवेदन 15 जुलाई तक
रायपुर। भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2024 के लिए शिक्षकों से आवेदन ऑनलाईन आमंत्रित किए गए है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई तक निर्धारित की गई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचनालय इंद्रावती भवन नवा रायपुर द्वारा समस्त संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग एवं समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय से जारी निर्देश के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2024 के लिए शिक्षको को स्वयं समस्त प्रविष्टयां ऑनलाईन पोर्टल www.nationalawardstoteachers.education.gov.in के माध्यम से करनी होगी। पंजीयन की तिथि 23 जून से 15 जुलाई 2024 तक निर्धारित की गई है। आवेदन के लिए राज्य एवं केन्द्र शासन से मान्यता प्राप्त विद्यालयों (प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय) के शिक्षक पात्र होंगे। नामांकन हेतु सेवा निवृत्त शिक्षक, संविदा शिक्षक, शिक्षा मितान, शैक्षिक प्रशासक एंव निरीक्षक पात्र नहीं होंगे।
जारी परिपत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया है कि जिला स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष जिला शिक्षा अधिकारी होंगे तथा राज्य स्तर से संबंधित जिलों के डाईट प्राचार्य प्रतिनिधि सदस्य होंगे। जिन जिलों में डाईट प्राचार्य नहीं है, उनके लिए संभागीय मुख्यालय स्थित डाईट के प्राचार्य को प्रतिनिधि नामांकित किया गया है। साथ ही जिला कलेक्टर द्वारा नांमित प्रतिष्ठित अकादमिक सदस्य होंगे।
जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि शिक्षकों को इस संबंध में अवगत कराते हुए इसका उचित प्रचार-प्रसार किया जाना सुनिश्चित करें। जिला शिक्षा अधिकरियों द्वारा शिक्षकों को शिकायत, जांच लंबित नहीं होने संबंधी प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। चयन समिति को निर्देशित किया गया है कि सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को ही चयनित किया जाए। पुरस्कार हेतु नामांकित शिक्षक को अपना प्रस्तुतीकरण देना होगा। जिले से चयनित प्रविष्टियों को 22 जुलाई तक अंतिम रूप से छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय में ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से ही प्रेषित किया जाए। शिक्षकों द्वारा किसी आवेदन की हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी। उक्त दिशा निर्देशों की विस्तार पूर्वक जानकारी हेतु भारत सरकार से प्राप्त पत्रों का अवलोकन कर अग्रिम कार्यवाही करते हुए समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना सुनिश्चित करें।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ली समीक्षा बैठक, मिशन मोड में कार्य कर छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाना है, अधिकारियों को आंगनबाड़ी की सतत निरीक्षण करने के दिए निर्देश
रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज मंत्रालय महानदी भवन में महिला बाल विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों को प्रत्येक आंगनबाड़ी की सतत औचक निरीक्षण करने के निर्देशित की। उन्होंने हितग्राहियों को दिए जा रहे पोषण-आहार एवं अन्य सुविधाओं की नियमित जांच कर उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों ने पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए विभागीय कार्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक तूलिका प्रजापति सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एकीकृत बाल विकास सेवाओं को धरातल में कारगर ढ़ंग से सुलभ कराने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से भी क्षेत्र की महिलाओं को योजनाबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जाना सुनिश्चित करें। इस दिशा में सेवाओं को परिणामदायी बनाने हेतु जनजागरूकता लाने सहित सेवाओं की गुणवत्ता एवं सेवाओं के विस्तार के लिए प्रभावी पहल किया जाए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना, रेडी-टू-ईट, नोनी सुरक्षा योजना, शुचिता योजना, बाल सन्दर्भ योजना का लाभ सभी हितग्राहियों को मिले। उन्होंने महतारी वंदन योजना की सभी पात्र हितग्राहियों के बैंक खाते को आधार कार्ड के लिंक्ड कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती, शिशुवती माताओं, बच्चों और किशोरी बालिकाओं का नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और वजन लेने कहा। वहीं स्कूल पूर्व प्रारंभिक शिक्षा, पूरक पोषण आहार तथा पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा को परिणाममूलक बनाने के लिए संवेदनशीलता के साथ दायित्व निर्वहन किये जाने के निर्देश दिए। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में सही लाभार्थी को लाभ मिले इस बात की पारदर्शिता रखें। आवेदन प्राप्त कर अधिकारी उसका सत्यापन करें ताकि वास्तविक व्यक्ति को लाभ मिले।
*पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को भर्ती करने रोस्टर तैयार करने के निर्देश*
मंत्री महिला एवं बाल विकास ने पोषण पुनर्वास केन्द्रों पर कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए नियमित रूप से शत-प्रतिशत बिस्तरों के अनुरूप भर्ती करने कहा। इस हेतु प्रत्येक 15 दिवस में भर्ती करने के लिए कुपोषित बच्चों का रोस्टर तैयार कर लाभान्वित किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजनांतर्गत निर्धन जरूरतमन्द महिलाओं को लाभान्वित कर योजना के उद्देश्य की सार्थकता साबित करने कहा। वहीं मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों को नियमित स्कूल या ओपन स्कूल के माध्यम से शिक्षा प्रदान करने एवं उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण देने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिए। बैठक में बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती, आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण की स्वीकृति, संचालित एवं प्रगतिरत भवनों की समीक्षा भी की।