रायपुर। छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) खरीदने वाले 35 हजार लोगों के बैंक खातों में जून के प्रथम सप्ताह में 30 करोड़ रुपये की सब्सिडी आनलाइन जमा होगी। राज्य सरकार से 30 करोड़ रुपये मिलने के बाद ई-वाहनों को चिह्नांकित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही ईवी खरीदारों के खातों में राशि हस्तांतरित होगी।
बताया जाता है कि बजट नहीं होने के कारण पिछले 10 महीनों से ईवी खरीदारों को सब्सिडी का भुगतान नहीं किया जा रहा था। खाते में रकम नहीं पहुंचने के कारण ईवी खरीदार बैंक, आटोमोबाइल डीलरों और आरटीओ के चक्कर लगा रहे थे। इसकी जानकारी मिलने पर छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजकर 70 करोड़ रुपये बजट मांगा।
साथ ही यह बताया गया कि उनके पास केवल 70.05 लाख रुपये ही शेष बचे हैं। इसके बाद राज्य सरकार के वित्त विभाग ने 30 करोड़ रुपये का बजट जारी कर ईवी खरीदारों को राहत दी है। गौरतलब है कि अगस्त 2022 को पांच साल के लिए राज्य में ईवी पालिसी लागू की गई है। इसके तहत ईवी खरीदने वाले को वाहन की कीमत का न्यूनतम 10 प्रतिशत और अधिकतम 1.50 लाख रुपये सब्सिडी देने का प्रविधान है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ईवी खरीदारों को वर्ष 2023 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा करीब 20 करोड़ रुपये सब्सिडी जारी की गई थी। इसमें से 14 करोड़ 29 लाख 95 हजार 195 रुपये 7,656 ईवी खरीदारों को जारी किए गए थे। इसके बाद जुलाई 2023 में 2,161 वाहन चालकों को अंतिम बार पांच करोड़ 30 लाख 84 हजार 623 रुपये जारी किए गए थे।
ईवी की खरीदी करने वालों को उनके बैंक खातों में जून के प्रथम सप्ताह में सब्सिडी जमा कराने की पूरी कोशिश है। इसके लिए वित्त विभाग से 30 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ है।
रायपुर। राजधानी रायपुर के अभनपुर में एक चलती बस में भीषण आग लग गई। घटना के दौरान 35 यात्री बस में सवार थे। सभी यात्री सुरक्षित है। वहीं बस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई है। बताया जा रहा है कि महेंद्रा कंपनी की बस बस्तर से यात्रियों को लेकर रायपुर आ रही थी। इसी दौरान ये हादसा हुआ।
जानकारी के मुताबिक, घटना अभनपुर थाना क्षेत्र के मोहन ढाबा की है। शुक्रवार की रात जगदलपुर से 40 यात्रियों को भरकर महेंद्रा ट्रेवेल्स की एक बस रायपुर के लिए निकली थी। आज सुबह जैसे ही अभनपुर के मोहन ढाबा के पास बस पहुंची वैसे ही अचानक आग लग गई। आगजनी की सूचना के बाद बस में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सभी यात्री आनन-फानन में बस से निकले। थोड़ी ही देर में बस में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर अभनपुर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची। लेकिन तब तक बस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई थी। गनिमत रही कि बस में बैठे यात्री समय रहते ही बाहर निकल गये। नहीं तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। फिलहाल आग कैसे लगी, इसकी जांच अभनपुर पुलिस द्वारा की जा रही है।
बीजापुर। जिले में बीएसएनएल की 4 जी सेवाएं की पायलट टेस्टिंग 31 मई को कलेक्टर अनुराग पाण्डेय की उपस्थिति में की गई. इस अवसर पर बीएसएनएल बस्तर के महाप्रबंधक शरत चंद्र तिवारी, हेमेन्द्र कुमार गहिरवार (समाप्र), सेत राम साहू (उपमआ), नरसिंग चंद्रा (उपमआ), संयुक्त कलेक्टर कैलाश वर्मा, एसडीएम बीजापुर जागेश्वर कौशल, डिप्टी कलेक्टर उत्तम सिंह पंचारी, दिलीप उईके एवं जिला स्तर के अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
4 जी सेवाओं के परीक्षण के अवसर पर कलेक्टर ने बीएसएनएल केंद्र बीजापुर स्थित मोबाइल टावर में 4 जी सिग्नल को पॉवर-ऑन कर बीएसएनएल छत्तीसगढ़ के मुख्यमहाप्रबंधक विजय कुमार छबलानी (ITS) से टेस्ट वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क किया. टेस्टिंग कॉल सफल रही. निकट भविष्य में विधिवत सुविधा प्रदान की जाएगी.
बीएसएनएल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस्तर के सभी जिलों में स्थित बीएसएनएल टावरों को 4 जी सुविधा से सुसज्जित करने का कार्य क्रमबद्ध तरीके से किया जा रहा है. इसी दिशा में आज बीजापुर में 4 जी सेवाएं की टेस्टिंग की गई. इसके अतिरिक्त 4 जी सैचुरेशन परियोजना पर भी कार्य प्रगति पर है. इस परियोजना में बस्तर के उन गांवों को शामिल किया गया है, जहां किसी भी टेलीकॉम सेवा प्रदाता द्वारा मोबाइल सेवा आरंभ नहीं की गई है. ऐसे कुल 1018 गांवों को चिन्हित किए गया है और इन गांवों को 241 नए टावर के माध्यम से मोबाइल सेवाओं से कवर किया जाएगा.
बीएसएनएल ने आज जिला प्रशासन बीजापुर के लिए सैटेलाइट के माध्यम से विशेष टेलीकॉम सुविधा का प्रदर्शन भी किया. सेटेलाइट सेवा के माध्यम से जिला कार्यालय एवं तहसील स्तर के 6 कार्यालयों को जोड़ा जाएगा.
रायपुर। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने परिवार में 4 बच्चों की वकालत की है. इनमें से दो बच्चे परिवार के लिए और दो सनातन धर्म को बचाने के लिए आवश्यक बताया है. वहीं बच्चों की संख्या को लेकर कानून लाए जाने के सवाल पर कहा कि जब इस पर कानून लाया जायगा तब देखेंगे.
कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा शनिवार को पत्रकारों से रू-ब-रू हुए. इस दौरान चर्चा में उन्होंने लड़के-लड़कियों से माता-पिता के कहे अनुरूप विवाह करने की बात कही. उन्होंने कहा कि प्रेम विवाह का विरोध नहीं, लव जिहाद का विरोध है. विवाह करें मना नहीं है, लेकिन लड़का-लड़की के अनुकूल होना चाहिए,
राजनीति में धर्म के उपयोग पर प्रदीप मिश्रा ने कहा कि धर्म में राजनीति और राजनीति धर्म में चलता आया है. सत्ता के सिंहासन में किसको देखने के सवाल पर कहा कि युवाओं को रोजगार और धर्म को आगे बढ़ाने वालों को मिलना चाहिए.
उन्होंने कहा कि आने वाला समय अच्छा होगा. भारत हिंदू राष्ट्र वैसे भी है. सारे देवताओं का निवास, सभी देवताओं को पूजा जाता है. वहीं नक्सलवाद का जिक्र करते हुए कहा कि इससे मुक्ति के लिए सरकार लगी है. पत्रकारों की कलम में वो दम होता है, जो बिगड़े हुए सुधार सकता है. नक्सलियों को ये संदेश देता हूं कि वे राष्ट्र हित में काम करें.
प्रदीप मिश्रा ने धर्मांतरण को लेकर कहा कि जो जहां है, अपने धर्म में रहो, अपने धर्म का पालन करो. छोटे-छोटे लोग ऐसे मिल जाते हैं, जो अपने धर्म में ले जाते हैं, और अपने धर्म में मिला लेते हैं. इसमें गलती अपनी ही रहती है. लोग कहते है कि हम घर वापसी करा रहे हैं. हम कहते हैं, कि गए ही क्यों थे. प्रयास ये करे इनको अपने धर्म में ही रखें. अगर संविधान के हिसाब से चलता है, धर्मांतरण रूक सकता है.
तुलसीदास ने भी शंकर रूपी कहा है. अगर विश्वास होता है तो अपने आप ऊर्जा उत्पन्न होने लगती है. अगर मैने जल पिया है शंकर जी का, आपने अगर मन से निकाल दिया कि मेरा कोई दुश्मन नहीं है, तो सब सही होगा. डॉक्टर शंकर का ही एक रूप है. आप दिखाओ, जांच कराओ. शंकर पर चढ़ी बेल का जल पीते रहे, रोग का निवारण होगा. अगर कोई आपको तकलीफ से मुक्त कर रहा है, तो वो शंकर का रूप है.
रायपुर। नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर का आज दूसरा दिन है. वहीं सुबह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ योग किया. योग के बाद फिर से आईआईएम के एक्सपर्ट सभी मंत्रियों को टिप्स देंगे.
बता दें कि नवा रायपुर के आईआईएम में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर की शुरुआत शुक्रवार को हुई. जिसमें प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार की मैनेजमेंट के गुर सीखने की क्लास लग रही है. इस क्लास में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत सभी मंत्री शामिल हैं. पहले दिन सभी मंत्रियों की क्लास सुबह 10 से पांच बजे तक लगी. वहीं आज सुबह 6 बजे योगा क्लास लगी. उसके बाद फिर 10 बजे से मुख्यमंत्री और मंत्री मैनेजमेंट की पढ़ाई करेंगे.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ योगाभ्यास किया. मुख्यमंत्री ने योगाभ्यास के बाद मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ भारतीय प्रबंध संस्थान परिसर का भ्रमण किया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान परिसर स्थित स्पोर्ट्स कैंपस (अखाड़ा), हॉस्टल मेस, फाउंडेशन स्टोन (आधारशिला), प्रशासनिक भवन (कर्मशीला), जैव विविधता के लिए निर्मित परिसर और क्वींस पैलेस का भ्रमण किया. उन्होंने क्वींस पैलेस से आईआईएम के विहंगम दृश्य का अवलोकन किया.
इस दौरान आईआईएम के प्रोफेसर सत्यशिबा दास और कॉरपोरेट रिलेशन ऑफिसर गिरिश पहाड़िया ने संस्थान के बारे में मुख्यमंत्री साय और मंत्रीगणों को जानकारी दी. संस्थान के अधिकारियों ने प्रशासनिक भवन में रखी हुई संस्थान की रेप्लिका के माध्यम से निर्माणाधीन संरचनाओं और भावी योजनाओं के बारे में जानकारी दी.
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को जल्द ही एक नई सौगात मिलने वाली है. पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा विधायक राजेश मूणत ने बताया कि जल्द ही रायपुर शहर के गुढ़ियारी क्षेत्र में एक करोड़ की लागत से शासकीय नवीन महाविद्यालय गुढ़ियारी का नया भवन बनेगा. उन्होंने बताया कि इस महाविद्यालय के निर्माण के लिए सामुदायिक भवन के पास रिक्त शासकीय भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है. अब उसको उच्च शिक्षा विभाग के नाम से आबंटित करने तथा अग्रिम आधिपत्य देने के लिए कलेक्टर रायपुर से चर्चा की जाएगी .अग्रिम आधिपत्य मिलने के बाद उसका प्राक्कलन तैयार करा कर प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करने की कार्यवाही की जाएगी.
दरअसल, लम्बे समय से गुढ़ियारी क्षेत्र में शासकीय महाविद्यालय की मांग की जा रही थी. इस विद्यालय के बनने के बाद संपूर्ण गुढ़ियारी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय अध्ययन के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा.
जहां महाविद्यालय का निर्माण होना है,वह रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की सीमा में आता है. यहां से सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत विधायक हैं. मूणत ने बताया कि उन्होंने मंत्री रहते हुए वर्ष 2018 में शासकीय नवीन महाविद्यालय गुढ़ियारी में आरंभ कराया था, लेकिन कांग्रेस सरकार आने के बाद बाद पूरे 5 साल तक इस महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए ना तो बजट में प्रावधान कराया गया ना ही भूमि की खोज की गई. अब छत्तीसगढ़ में दोबारा भाजपा की सरकार हैं, इसलिए रुके हुए विकासकार्य तेज गति से पूरे किये जायेंगे.
राजेश मूणत ने बताया कि इस वर्ष के बजट में इस महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए बजट प्रावधान कराया और अब इसके लिए भूमि की खोज भी कर ली गई है। कोटा राम दरबार के पीछे स्थित नगर निगम के सामुदायिक भवन के सामने खाली पड़ी शासकीय भूमि पर यह महाविद्यालय भवन बनाया जाएगा। इससे क्षेत्र के हजारों बच्चों को फायदा मिलेगा.
रायपुर। 16 मार्च को लगी आचार संहिता के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरे लोकसभा चुनाव के दौरान 71 दिनों में 133 सभाओं को संबोधित किया है. इस दौरान वे ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड में भी चुनाव प्रचार अभियान में शामिल हुए और कुल 33 जनसभा एवं रोड शो को संबोधित किया.
20 मार्च 2024 को दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन के बाद सीएम साय ने अपने चुनावी अभियान का शुभारम्भ किया. गत 20 मार्च से 29 मई तक छत्तीसगढ़ में चौंसठ जनसभाएं मुख्यमंत्री ने ली हैं. जबकि छत्तीसगढ़ के बाहर मध्यप्रदेश, ओडिशा और झारखंड में तैंतीस आमसभाएं और रोड शो की कमान संभाली है. भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन की दृष्टि से भी अगर देखें तो उन्होंने बस्तर में दो सहित सभी ग्यारह लोकसभा सीटों में एक-एक कार्यकर्ता सम्मेलन कर कुल बारह कार्यकर्ता सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दी है.
सामाजिक सम्मेलनों की यदि बात करें तो लगभग चौबीस बड़े सामाजिक सम्मेलनों को विष्णु देव साय संबोधित कर चुके हैं. मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लगभग हर विधानसभा में कम से कम एक जनसभा ली है. कुल मिलाकर 71 दिनों में 133 बार उन्होंने जनता के समक्ष अपनी बात रखी है और छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंकी है. आत्मविश्वास से भरपूर मुख्यमंत्री सभी ग्यारह लोकसभा सीटें जीतने के प्रति आश्वस्त लगते हैं. सीएम साय ने मध्यप्रदेश, ओडिशा और झारखंड में भी भाजपा के बम्पर जीत की बात कही है.
आमजन की स्व-स्फूर्त भीड़ उमड़ी
मुख्यमंत्री की सभी जनसभाओं में आमजन की स्व-स्फूर्त भीड़ उमड़ी. लोगों ने सीएम साय के भाषण को बड़े ही उत्साह से सुना और ताली बजाकर, नारे लगाकर अपना पूर्ण समर्थन भी दिया. श्री साय की प्रत्येक सभा में महिलाओं की भी भारी भीड़ देखने को मिली. महिलाओं ने सीएम साय की बात को ध्यान से सुना. इसका प्रमुख कारण विष्णु सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना को प्राथमिकता से लागू करने को माना जा रहा है. इस योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश की 70 लाख 12 हजार 417 महिलाओं को प्रति महीने 655 करोड़ 57 लाख रूपये के हिसाब से तीन महीने की किश्त जारी हो चुकी है.
सीएम साय ने कार्यकर्ता सम्मेलन और जनसभाओं में पिछली कांग्रेस सरकार में हुए भ्रष्टाचार, घोटाले व उनकी नाकामी को लगातार जन-जन के बीच उजागर किया. जिस पर आमजन की खूब तालियां बजी. बीच-बीच में उन्होंने जनता से कनेक्ट करने के लिए उनसे सवाल भी किये. उन्होंने बार-बार पूछा कि पीएम मोदी की सरकार तीसरी बार बनानी है या नही, जिसका जवाब हाँ में मिलता था. सीएम साय ने जनता को बताया कि कैसे भूपेश बघेल की अगुवाई में कांग्रेस ने शराब, रेत, कोयला, सरकारी जमीन, पीएससी सब में घोटाला किया और यहाँ के संसाधनों को लूटा. उन्होंने भूपेश बघेल पर महादेव एप को निर्बाध रूप से चलाने के लिए 508 करोड़ रुपए प्रोटेक्शन मनी लेने के आरोप और उस पर हुई एफआईआर को जनता को बताया, इसे छत्तीसगढ़ के लिए शर्म की बात कही. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस द्वारा किये गए 36 वादों में एक भी वादे को ठीक से पूरा नहीं करने की बात को लगातार जनता को बताया. उनके भाषणों में यह प्रमुखता से शामिल रहा.
मोदी की गारंटी के अंतर्गत प्रमुख वादों को प्राथमिकता से पूरा किया
सीएम साय ने अपनी हर जनसभा में मोदी की गारंटी के अंतर्गत पूरे किये गए प्रमुख वादों को जनता को बताया. उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार बनने के मात्र 100 दिनों के अंदर ही उनकी सरकार ने मोदी की गारण्टी के अंतर्गत प्रमुख वादों को प्राथमिकता से पूरा किया है. सीएम साय ने कांग्रेस नेताओं द्वारा पीएम मोदी और अन्य भाजपा नेताओं पर बोले गए अनर्गल बयानों को जनता को बताया और विपक्षी नेताओं को जमकर घेरा.
कुल मिलाकर देखा जाए तो सरल, सहज, सौम्य समझे जाने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी चुनावी सभाओं में जिस तरह कमान संभाली और कई मौकों पर आक्रामक हो कर कांग्रेस को बैकफुट पर धकेला, उससे कांग्रेसी कुनबा सदमे में है. जहाँ तक सीएम साय का सवाल है तो चुनावी जूनून में उन्होंने धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पानी-बरसात की वजह से हेलीकॉप्टर छोड़ सड़क मार्ग से ही सफर करने से भी कोई गुरेज नहीं किया. घटना नारायणपुर के बेनूर क्षेत्र की है. यह पहला मौका था जब किसी सीएम ने यहाँ सड़क मार्ग से सफर किया. विष्णुदेव साय अपने आत्मविश्वास भरे तूफानी दौरों की बदौलत सभी ग्यारह लोकसभा सीट जीतने के प्रति आश्वस्त लगते हैं. वे कहते हैं कि इस बार छत्तीसगढ़ से कांग्रेस का सूपड़ा साफ़ होना तय है.
रायपुर। सुरक्षा बल के जवानों ने अपने शौर्य का परिचय देते हुए बीजापुर जिले से 16 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर लिखा है कि जवानों को मिल रही नित बड़ी कामयाबी से हम नक्सलमुक्त बस्तर की ओर अग्रसर हो रहे हैं. प्रदेश से जब तक नक्सलवाद का खात्मा नहीं हो जाता, तब तक हमारी सरकार चुप नहीं बैठेगी.
रायपुर। अपनी तरह की अनूठी पहल करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़, विकसित भारत की संकल्पना के अपने विजन के क्रियान्वयन के लिए आईआईएम एवं देश भर की प्रतिष्ठित संस्थाओं के विषय विशेषज्ञों के साथ मंथन किया। रायपुर आईआईएम में आयोजित इस दो दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। शिविर में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा तथा मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगियों ने भी हिस्सा लिया। इस तरह से देश में विषय विशेषज्ञों के साथ बौद्धिक विमर्श और चिंतन शिविर गुजरात में आयोजित किया गया था। इसके बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी राज्य का पूरा मंत्रिमंडल प्रदेश को संवारने एवं विकास को नया आयाम देने विद्यार्थी भाव से विचारविमर्श करने जुटा है और अपने क्षेत्र के माने हुए विषय विशेषज्ञों से संवाद कर रहा है। प्रदेश के नेतृत्व द्वारा इस तरह से अनूठी पहल करते हुए विशेषज्ञों से बौद्धिक विचार-विमर्श कर प्रदेश को संवारने के लिए आज सार्थक चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बनाये गये विजन के क्रियान्वयन के लिए आज दिन भर हुए सत्रों में गहन विचारविमर्श किया गया। जैसे कोई कृषक बड़ी मेहनत से खेती के लिए अपनी जमीन तैयार करता है वैसा ही विकसित छत्तीसगढ़ के स्वप्न को मूर्त रूप देने छत्तीसगढ़ का शीर्ष नेतृत्व जुटा, जो विजन तैयार किया गया है उसे प्रभावी बनाने विषय विशेषज्ञों से राय ली गई ताकि उनके सुझाव लेकर विजन के क्रियान्वयन को पैनापन दिया जा सके। चिंतन शिविर में तय किया गया कि विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को समाज के सभी वर्गों के बीच ले जाना है। सबको जागरूक कर और उनकी भागीदारी लेकर विकसित छत्तीसगढ़ के सपनों को पूरा किया जाना है। शिविर में विषय विशेषज्ञों के साथ देर तक चर्चा हुई और छत्तीसगढ़ की संभावनाओं को लेकर बारीकियों पर बात हुईं। संबोधन के प्रथम सत्र को नीति आयोग के सीईओ श्री बीवीआर सुब्रमण्यम ने संबोधित किया। अपने संबोधन में श्री सुब्रमण्यम ने विकसित भारत की संकल्पना और इसे प्राप्त करने की रणनीति के संबंध में विस्तार से अपनी बातें साझा की। उन्होंने कहा कि बीते दस सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ा है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाने में सफल रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत 2047 बनाने का संकल्प लिया है और इसे पूरा करने की रणनीति बनाई है। श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी स्केल, स्पीड और इनोवेशन पर जोर देते हैं। बदलते अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य और समय को देखते हुए विकसित भारत का विजन तैयार किया गया है ताकि भारत अपनी विशिष्ट जगह बना सकें। उन्होंने कहा कि अब दुनिया की निगाहें ग्लोबल साउथ पर हैं। अब दुनिया का नजरिया पश्चिम से पूर्व की ओर देखने का है और भारत इन संभावनाओं को पूरा करने के लिए सक्षम है। भारत की जनांकिकी, भारत की रणनीतिक स्थिति और भारत में तेजी से हुए सुधारों से इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए भारत तैयार है। उन्होंने कहा कि जब हम विजन लेकर चलते हैं तो स्वाभाविक रूप से हमें एक गाइड मैप मिल जाता है और इसके अनुरूप हम बढ़ते जाते हैं। श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में छत्तीसगढ़ की अहम भागीदारी होगी। छत्तीसगढ़ में विकसित राज्य बनने के लिए और तीव्र विकास के लिए असीम संभावनाएं हैं और इस दिशा में आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ अपने विकास के साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
चिंतन शिविर में स्वास्थ्य, अधोसंरचना, खनन, लोकवित्त जैसे बुनियादी विषयों पर चर्चा हुई जिनमें बारीकी से कामकर और सही रणनीति बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ और लोगों की समृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। स्वास्थ्य में अधोसंरचना पर जोर दिया गया। कोविड जैसी आपदाओं से भविष्य में निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से चाकचौबंद रखने पर जोर दिया गया। साथ ही इस क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देने और निरंतर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने चर्चा की गई। प्राकृतिक संसाधनों का कुशल उपयोग विषय पर भी चर्चा हुई। खनन में अनेक राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने के संबंध में बात हुई। साथ ही खनन के पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में कार्य करने की जरूरत पर जोर दिया गया। आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किए जाने पर विशेष फोकस दिया गया। शहरों में मूलभूत सुविधाओं के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भीतरी सड़कों के विकास पर बल दिया गया ताकि विकसित अधोसंरचना के माध्यम से आर्थिक समृद्धि सभी क्षेत्रों तक बराबरी से पहुंच पाए। लोक वित्त पर भी गहनता से चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ की ताकत सरप्लस रेवेन्यू, फिस्कल डिसिप्लिन, लो डेब्ट एंड जीडीपी रेश्यो, खनिज एवं वनसंपदा पर जोर देते हुए कृषि उत्पादकता को बढ़ाने, फसल वैविध्य, उद्योगों और टूरिज्म के अनुरूप मानव संसाधन को दक्ष बनाने की जरूरत पर बल दिया गया। टीम प्रबंधन के लिए अनुभवात्मक गतिविधि के संबंध में विशेष चर्चा की गई।
सभी मंत्रिगणों ने संवाद में भागीदारी करते हुए छत्तीसगढ़ में इस संबंध में बनाई जा रही नीतियों के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने श्री सुब्रमण्यम एवं अन्य विशेषज्ञों के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं भी रखीं जिस पर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए सार्थक परिचर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय इस चिंतन शिविर का आयोजन छत्तीसगढ़ के विजन हेतु सार्थक विमर्श हो रहा है। साथ ही संसाधनों के सतत उपयोग एवं योजनाओं के कन्वर्जेंस सहित विविध विषयों पर चर्चा भी हो रही है।
चिंतन शिविर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा मौजूद रहे।
रायपुर। जनसंपर्क संचालनालय रायपुर में पदस्थ रहे उप संचालक ललित चतुर्वेदी को आज उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर भावभीनी विदाई दी गई। इस मौके पर विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों श्री चतुर्वेदी को सुखद एवं स्वस्थ्य जीवन की कामना की। 39 वर्षों से अधिक समय तक जनसंपर्क विभाग को अपनी सेवाएं देने के बाद श्री चतुर्वेदी सेवानिवृत्त हुए हैं। अपर संचालक उमेश मिश्रा एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री चतुर्वेदी को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनके सुदीर्घ जीवन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। श्री चतुर्वेदी ने अपनी सेवाओं के 15 साल 7 महीने मध्यप्रदेश में एवं 23 साल 7 माह छत्तीसगढ़ में बिताये। श्री चतुर्वेदी ने कहा कि जनसंपर्क विभाग में बिताये गये 39 वर्षों में बहुत यादगार अनुभव रहे हैं। जनसंपर्क विभाग में अधिकारियों से सदैव मार्गदर्शन एवं स्नेह मिला है, जो उनके लिए अविस्मरणीय रहेगा।
अपर संचालक उमेश मिश्रा ने श्री चतुर्वेदी की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और कहा कि श्री चतुर्वेदी ने सदैव अपने दायित्वों का निर्वहन अच्छी तरह से किया है। कार्य के प्रति उनका समर्पण विभाग के नये अधिकारियों के लिए अनुकरणीय है। कार्यक्रम का संचालन कमलेश साहू ने किया। इस अवसर पर संयुक्त संचालक धनंजय राठौर, पवन गुप्ता, बालमुकुन्द तंबोली, हीरालाल देवांगन, उप संचालक छगनलाल लोन्हारे, घनश्याम केशरवानी, नसीम अहमद खान, मुन्नालाल चौधरी, प्रेमलाल पटेल, लक्ष्मीकांत कोसरिया, सहायक संचालक सुनील त्रिपाठी, नूतन सिदार, तेज बहादुर भुवाल, धनेन्द्र बंजारे सहित अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन में पदस्थ अधिकारियों (मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव) की निजी स्थापना में पदस्थ स्टेनो संवर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एनआईसी ई-मेल का उपयोग करने तथा विभागीय कार्य ऑनलाइन माध्यम से सम्पन्न किये जाने तथा सचिवालयीन कार्यप्रणाली एवं नियमावली के संबंध में दो दिवसीय प्रशिक्षण दिनांक 30 एवं 31 मई को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के शुभारम्भ अवसर पर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अन्बलगन पी. ने प्रशिक्षण की आवश्यकता एवं उद्देश्यों को विस्तार से रेखांकित किया। अपर मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण विभाग ऋचा शर्मा आने वाले समय में छत्तीसगढ़ शासन के कार्यों में किस प्रकार तेजी लाई जा सकती है। इसके लिए ई-ऑफिस एवं डिजिटल सेक्रेटरी, ईमेल, डिजिटल कैलेन्डर के माध्यम से मीटिंग की जानकारी दी। दिन-प्रतिदिन नई तकनीक की आवश्यकता पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी। उन्होंने कहा कि नई तकनीक से अधिकारियों का कार्य आसान हुआ है और उसका प्रयोग आज सभी को आना चाहिए इस पर मार्गदर्शन दिए। एनआईसी के प्रशिक्षको के द्वारा पोर्टल से संबंधित विषय पर प्रशिक्षण दिया गया कि एनआईसी ईमेल के सभी तथ्य का उपयोग जैसे संबंधित विभाग के एडेस बुक अद्यतन रखना आई.एस. के अंतर्गत अधिकारी का वर्तमान पता, विभाग फोल्डर बना, जिससे सभी प्रासंगिक ईमेलस को लिंक किया जा सके जैसे सभी मीटिंग्स, एपीएआर, आईपीआर आदि की जानकारी दी गई।
चिप्स के द्वारा तकनीकी ट्रेनिंग में डिजिटल सेक्रेटरियेट अवकाश के संबंध में एवं ए.सी.आर. लिखने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी। डिजिटल कैलेण्डर के माध्यम से किस प्रकार मीटिंग की जानकारी रखी जा सकती है। विभाग का जीमेल आईडी बनाना एवं इसका उपयोग समी बैठकों एवं डिजिटल कैलेण्डर बनाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। नियम से संबंधित विषय पर अवर सचिव अन्वेष घृतलहरे अवर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की वरिष्ठता संबंधित जानकारी दी गयी कि किस प्रकार वरियता क्रम में अधिकारियों को पत्राचार किया जाए एवं दूरभाष बातचीत में वरिष्ठता का ध्यान रखा जाए। महेश साकल्ले, मुख्य लेखाधिकारी सामान्य प्रशासन विभाग लेखा शाखा के द्वारा चिकित्सा प्रतिपूर्ति नियम, टी.ए. बिल नियम, टेलीफोन बिल के साथ ही अवकाश नियमों की विस्तृत जानकारी दी गयी।पर्सनालिटी डेव्लपमेंट विषय पर अजय कुमार त्रिपाठी, उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा डेकोरम-ड्रेस कोड संबंध में विस्तार से ऑफिस में किस प्रकार से कार्य-व्यवहार होना चाहिए, आम जनता से शासकीय सेवकों को विनम्रता पूर्वक व्यवहार करना चाहिए तथा उन्हें हमेशा मदद करना चाहिए ।
कार्यप्रणाली एवं कार्यप्रक्रिया से संबंधित विषय पर प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षक के रूप में डी. पी. कौशल उप सचिव गृह विभाग, अरूण हिंगवे, अवर सचिव मुख्य सचिव कार्यालय एवं देवलाल भारती, अवर सचिव, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के द्वारा डिक्टेशन लेना, जनप्रतिनिधियों एवं आगंतुकों के पास जारी करना एवं उनसे मधुर व्यवहार बनाए रखना जैसे महत्वपूर्ण विषयों सहित न्यायालयीन प्रकरण, विधानसभा, न्यायालयीन अवमानना आदि के संबंध में गोपनीयता बनाए रखने का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों के पर्सनल फोल्डर बनाना एवं रख रखाव करना और समय सीमा की बैठकों की तैयारी पत्राचार रजिस्टर तैयार करना, कार्यवाही विवरण तैयार करना एवं संबंधितों को अवगत कराना आदि के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी। कार्यालय में फाईलों के संधारण, आवक-जावक, पत्राचार आदि से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गयी।
समापन सत्र में अपर मुख्य सचिव गृह विभाग मनोज पिंगुआ के द्वारा पर्सनल स्टाफ के कार्यव्यवहार, के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को शासकीय कार्य व्यवहार के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। अंशिका ऋषि पाण्डेय, अवर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा सभी उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों को प्रशिक्षण में भाग लेने के लिये, प्रशिक्षकों को विषय से संबंधित प्रशिक्षण देने के लिये धन्यवाद दिया।
रायपुर। बच्चों के अभिभावकों ने चिंता जताई थी की इतनी गर्मी के बीच कुछ दिनों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद क्यों नहीं किया जा रहा है ? अगर बच्चों को कुछ हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा ? जिसपर बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस भीषण गर्मी में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में परिवर्तन किया गया है. अब प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन 2 घंटे ही किया जाएगा. इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग ने आदेश जारी किया है.
जारी आदेश के अनुसार, ग्रीष्मकाल में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की अवधि को 2 घंटे निर्धारित किया गया है. अब सुबह 7 बजे से 9 बजे तक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होंगे. वहीं 1 जुलाई से फिर आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन सुबह 9:30 बजे से 3:30 बजे तक किया जायेगा.
रायपुर। गर्मी के मौसम में देश के अधिकांश हिस्सों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है और इस समस्या से धमतरी जिला भी अछूता नहीं है। राजधानी रायपुर, भिलाई सहित अन्य जिलों को साल भर पानी उपलब्ध कराने वाला धमतरी जिले का गंगरेल डेम आज खुद सूखे की चपेट में आकर सूखने की कगार पर आ गया है। इस विकट समस्या को समझते हुए कलेक्टर नम्रता गांधी ने जिले में नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान के तहत् जल जगार उत्सव मनाने की योजना बनाई, जिसका मुख्य उद्देश्य रैन वाटर हार्वेस्टिग, रूफटर्फ वाटर और वेस्ट वाटर मेनेजमेंट के माध्यम से शुद्ध पानी को भूमि के अंदर भेजना है। अभियान अंतर्गत जिले के 4 विकासखंडों के 5-5 ऐसे गांव जिनमें पानी की समस्या रहती है, उनका चयन किया।
कार्यशाला एवं बैठक का आयोजन
प्रथम चरण में जल की महत्ता को समझते हुए भारत सरकार की जल शक्ति मंत्रालय के विशेषज्ञों के सहयोग से जिला स्तरीय अधिकारियों हेतु 3 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया। जल शक्ति मंत्रालय के विशेषज्ञों ने भू जल मुद्दों से निपटने की तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। द्वितीय चरण में जिले में संचालित सभी निजी स्कूलों, हास्पीटल, रेस्टोरेंट सहित ऐसे भवन जिनका आकार बड़ा है, उन्हें 15 जून तक अनिवार्य रूप से अपने भवन के समीप रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रूफटर्फ वाटर स्ट्रक्चर बनाने के निर्देश दिये गये।
कुरूद विकाखंड के नवागावं (थुहा) से कार्यक्रम की हुई शुरूआत
धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड अंतर्गत आने वाले नवागांव थुहा जल जगार कार्यक्रम की शुरूआत की गयी। जहां ग्रामीणों ने एक स्वर में जल संरक्षण की शपथ ली। इस अवसर पर गांव में जल संरक्षण की दिशा में अच्छा काम करने वाले ग्रामीणों को सम्मानित भी किया गया। गांव में अन्य लोगों को भी जल सरंक्षण की दिशा में काम करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। पीकू – जिले में जल संरक्षण के संबंध में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्टर गांधी के मार्गदर्शन में लोगो तैयार किया गया है साथ ही छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स भी बनाए गए हैं, जिसके जरिए जिलेवासियों को घरों में पानी का सदुपयोग करने, पानी बचाने की विधि सहित खेतों में कम पानी वाले फसलों के संबंध में प्रेरित किया गया है।
जागरूकता रैलियों का हो रहा आयोजन
धमतरी जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में गांवों में जल जगार कार्यक्रम प्रति दिन आयोजित किये जा रहे है। इस दिशा में ग्रामीणों में जल संरक्षण संबंधी जागरूकता हेतु कार्यक्रम के दो-तीन दिवस पूर्व रैलियां, दीवार लेखन, तालाबों व जल स्त्रोतों की सफाई आदि कार्य कर माहौल तैयार किया जा रहा है।
वाटर हीरो जल प्रहरी नीरज वानखेडे़ द्वारा दी जा रही जानकारी
जल संरक्षण की दिशा में बीते कई वर्षाे से कार्य करने वाले नीरज वानखेडे को भारत सरकार ने वाटर हीरो जल प्रहरी की पदवी से सम्मानित किया है। वे जिले के इन पानी की कमी से जुझने वाले गांवों में जाकर जल जगार कार्यक्रम अंतर्गत ग्रामीणों को पानी की महत्ता को समझा रहे है। साथ ही नीरज वानखेडे़ रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रूफटर्फ वाटर स्ट्रक्चर और वेस्ट वाटर मेनेजमेंट की तकनीक भी समझा रहे है, जिसे लेकर ग्रामीणों में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता निर्मित हो रही है।
शहरों में वाटर स्ट्रक्चर का निर्माण
तालाबों में जल संरक्षण हेतु गाद निकालने, समुचित सफाई करने टीम द्वारा किया गया सर्वे जिले के पांच नगर पंचायत क्षेत्र आमदी, भखारा, नगरी,मगरलोड एवं कुरूद नगर पंचायत क्षेत्र में विभिन्न तालाबों में गाद जमा है जिसके कारण तालाबों के पानी की गुणवत्ता एवं भंडारण क्षमता क्षमता प्रभावित हो रही है। इन्हें साफ करने हेतु रायपुर की एन.आई.टी टीम द्वारा सर्वे किया जायेगा।
शहर के जल भराव की समस्या की निवारण हेतु टीम ने किया सर्वे
एन आई टी द्वारा धमतरी शहर के संपूर्ण 40 वार्ड क्षेत्र से निस्तारी गंदे पानी एवं वर्षा जल की समुचित निकासी हेतु ड्रेनेज सिस्टम का संपूर्ण मूल्यांकन और मानचित्रण के माध्यम से धमतरी शहर में जल भराव वाले हॉटस्पॉट की पहचान करने, जल निकासी की बुनियादी ढांचे और स्टॉर्म वॉटर में सुधार के लिए एवं बाढ़ की स्थिति को कम करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करने हेतु टीम द्वारा सर्वे किया किया गया है। यह टीम आगामी कुछ दिनों में अपनी रिर्पाेट प्रस्तुत करेगी, जिसके बाद निगम द्वारा कार्यवाही की जायेगी।
सामाजिक संगठनों का मिल रहा सहयोग
कलेक्टर नम्रता गांधी की इस पहल को जिले के सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों का पूरा सहयोग मिल रहा है। भारतीय जैन संघटना द्वारा कुरूद ब्लॉक के ग्राम मड़ेली तथा जी जामगांव में तालाबों को पुनर्जीवित कर जल संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। तालाबों से निकली मिट्टी को खेतों की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के लिए खेतों में डाला जा रहा है। भारतीय जैन संघटना शाखा धमतरी द्वारा जल निकायों का पुनरूद्धार के तहत ग्राम पंचायत जी जामगांव के उल्लाही खार तालाब में 14 मई से 28 मई तक कार्य किया गया। इसमें 2 जेसीबी लगाया गया, जिसमें 1948 ट्रेक्टर मिट्टी निकाला गया।
जल जगार उत्सव से प्रेरित होकर औद्योगिकी इकाईयों में किया जा रहा सघन जल संरक्षण कार्य
जिले में संचालित सभी औद्योगिक इकाईयां जैसे-अरवा, उसना, राईस मिल, कोल्ड स्टोरेज, फ्लाई एश ब्रिक्स सहितं अन्य औद्योगिक संस्थाओं में केन्द्रीय भूजल बोर्ड के मानकों के अनुपालन हेतु आयोजित कार्याशाला में दिये गये निर्देश के परिपालन में जिले में अब तक कुल 225 इकाईयों का पंजीयन पूरा हो गया है। इनमें 79 राईस मिल, 7 फ्लाई एश ब्रिक्स एवं 2 उद्योगों द्वारा पंजीयन पूरा किया गया और उद्योगों द्वारा स्वयं पंजीयन भी किया गया।
36 कमार परिवार जल संरक्षण हेतु बना रहे तालाब, डबरी
पानी का संरक्षण करने और उसके दुरूपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले में जल जगार उत्सव मनाया जा रहा है। पानी के गिरते हुए स्तर से चिंतित होकर कमार आदिवासी भी स्वयं की जमीन में वर्षा जल को संचित करने के लिए वचनबद्ध हैं। जिले के वनांचल आदिवासी बाहुल्य नगरी विकासखण्ड के ग्राम पीपरहीभर्री के 36 कमार परिवारों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत उन्हें मिले जमीन पर जल संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में तीन कमार आदिवासी परिवार जहां मछली पालन के लिए तालाब बनाए हैं, वहीं बारिश के पानी को रोकने के लिए 10 डबरियों का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा गांव के समीप से गुजरने वाले नाला में डाईक संरचना बनाई जा रही है, जिससे पानी का स्तर ऊंचा उठे और जमीन पर नमी बनी रहे। कमार आदिवासी परिवार वनों को हरा-भरा बनाए रखने और वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने तथा आने वाले समय में पानी की कमी से निजात पाने के लिए मुस्तैदी से जल संरक्षण की दिशा में कार्य को कर रहे हैं।
आने वाले बारिश के दौरान किया जाएगा वृक्षारोपण, तैयारियां जोरों पर
जल संरक्षण की दिशा में वृक्षारोपण का भी महत्वपूर्ण योगदान है। इसके लिए जिले में आयोजित जल जगार उत्सव में ग्रामीणों द्वारा वृक्षारोपण के लिए की जा रही तैयारी की जानकारी दी जा रही है। साथ ही सभी एक स्वर में वृक्षारोपण करने की बात भी कह रहे हैं।
रायपुर। आज 31 मई को दुनियाभर में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर रायपुर रेलवे स्टेशन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी मेडिकोज ने एक दिवसीय नशा मुक्ति आध्यात्मिक प्रदर्शनी का आयोजन किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक राजेश मूणत ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा, कि अगर स्वस्थ जीवन जीना है, तो तम्बाकू और उससे निर्मित पदार्थों को ना कहना सीखना पड़ेगा।
विधायक मूणत ने कहा कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की तरफ से दी जाने वाली शिक्षा और कार्यक्रम नाश मुक्ति अभियान में बेहद ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
जागरुकता का लें संकल्प : विधायक राजेश मूणत
विधायक मूणत ने लोगों अपील करते हुए कहा कि आइए ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ के अवसर पर स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु तंबाकू के दुष्परिणामों के प्रति जन-जन को जागरूक करने का संकल्प लें।
रायपुर। गर्मी के दिनों में सूरज की तेज तपिश ने सुबह के समय को कम कर दिया है. सुबह नौ बजे ही पारा चढ़ने लग रहा है. मई महीने में सुबह नौ बजे मैक्सिमम टेंप्रेचर की बात करें तो 29 मई को 37 डिग्री दर्ज किया गया. ऐसे में सुबह नौ बजे ही घर से बाहर निकलने पर तेज धूप जलाने लग रही है. इसके अलावा दिन चढ़ने पर 11 बजे टेंप्रेचर 40.4 डिग्री था. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीते 15-20 साल पहले जो टेंप्रेचर सुबह के 11 बजे होता था वह अब नौ बजे होने लगा है. इसका सीधा सा कारण ग्लोबल वार्मिंग है.
ग्लोबल वार्मिंग कारण
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक ग्लोबल वार्मिंग ने मौसम का पैटर्न बदल दिया है. हमारी रोजमर्रा की आदतें, पराली जलाने, दुनिया में चल रहे युद्ध, व्हीकल्स, एयरकंडीशन, ग्रीन हाउस गैसेस का बढ़ना और प्री मानसून एक्टिविटी का कम होना ग्लोबल वार्मिंग के रीजन हैं. ग्रीन हाउसेज गैसों के बढ़ने से एक्सट्रीम वेदर कंडीशन पूरी दुनिया में बढ़ रही हैं. पिछले सालो में हुई अत्यधिक बारिश हो या अब भीषण गर्मी, अत्यधिक सर्दी यह सब इसके ही नतीजे हैं.
छत्तीसगढ़ में सुबह 9 बजे ही चढ़ा पारा
छत्तीसगढ़ में बीते 3-4 दिनों से पारा 47 डिग्री पहुंच रहा है। वहीं सुबह 9 से ही तापमान बढ़कर 38 डिग्री पहुंच रहा है. सुबह के वक्त लोगों को बाहर निकलकर काम निपटाने होते हैं, लेकिन 9 बजे से ही गर्मी के चलते लोगों को राहत की सुबह नहीं मिल पा रही है.
हीट आयलैंड बन रहे बड़े शहर
देश के बड़े शहरों में पेड़ों का कटना और कंक्रीट के जंगल डेवलप होने से टेंप्रेचर बढ़ रहा है. यहीं कारण है कि सुबह से 10 से 11 बजे तक ही टेंप्रेचर 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है. ऐसे में सुबह से ही तेज गर्मी परेशान कर रही है, जिससे इंसान और जानवर दोनों को प्राब्लम हो रही है. इतना ही नहीं शहरों में पत्थरों के तपने से बीते दिनों रात के नौ बजे तक गर्म हवाएं महसूस हुई.
टेंप्रेचर कम करना है तो यह करना होगा
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे में हम सभी को बड़ी संख्या में पौधरोपण और उनकी देखभाल करनी होगी. इसके अलावा कम दूरी में जाने के लिए साइकिल से या पैदल आना जाना शुरु करना होगा. फ्यूल कम जलने से कार्बन एमीशन कम होगा. एयर कंडीशन के यूज को कम करना होगा. इतना ही नहीं घरों के बाहर एक पौधे को बड़ा पेड़ लगाना होगा. ऐसे करने पर घर के अंदर और सड़क पर टेंप्रेचर में कमी आएगी. संभव हो तो बिजली के लिए सोलर पर डिपेंडेंसी बढ़ानी होगी. सोलर से बनने वाली बिजली से भी कार्बन एमीशन में कम होगा.
बलरामपुर। उप स्वास्थ्य केंद्र सेरंगदाग में शराब और चिकन पार्टी करने वाले RHO को निलंबित कर दिया गया है. निलंबन की यह कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. बसंत सिंह ने की है. बता दें कि बीते दिनों अस्पताल में पदस्थ RHO सुनील मिंज अपने दोस्तों के साथ उप स्वास्थ्य केंद्र में जाम छलका रहा था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ.
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर के सामरी सेक्टर के अंतर्गत स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र सेरंगदाग में पदस्थ आरएचओ सुनील मिंज अपने दोस्तों के साथ शराब और मुर्गा पार्टी कर रहा था. जिसका ग्रामीणों ने चुपके से वीडियो बना लिया. इस पार्टी का वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की थी. जिसपर संज्ञान लेते हुए सीएमएचओ डॉ. बसंत सिंह ने RHO को निलंबित कर दिया है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और लू की वजह से लोगों की मौत हो रही है. आग बरसाते सूरज को देखते हुए स्कूलों में आयोजित समर कैंप को भी स्थगित कर दिया गया है. प्रदेश में पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. मौसम विभाग ने लू की चेतावनी जारी की है तो वहीं स्वास्थ्य विभाग भी लू के खतरे को लेकर अलर्ट है.
अलर्ट के बीच चौंकाने वाली बात यह है प्रदेश के लाखों छोटे-छोटे बच्चों की जान जोखिम में डाली जा रही है. आंगनबाड़ी केंद्र तपती गर्मी में भी संचालित किया जा रहा है. नन्हे मुन्ने बच्चों के अभिभावक पूछ रहे हैं इतनी गर्मी के बीच कुछ दिनों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद क्यों नहीं किया जा रहा है ? बच्चों को कुछ हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा ?
इनकी जान जोखिम में
प्रदेश में लगभग 52,193 आंगनबाड़ी केंद्र है. जिसमें टोटल हितग्राही 26,16,931 हैं. आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 माह से तीन साल के बच्चों की संख्या लगभग 10,47,630 है. तो वहीं 3 से 6 साल के बच्चों की संख्या 11,75,975 है और 1,57,274 गर्भवती महिला हैं.
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
प्रदेश भर के लिए 52153 आंगनबाड़ी केंद्रों में 50,912 वर्कर कार्यरत हैं. जो आंगनबाड़ी बंद करने की स्थिति में पोषण सुपोषण आहार हितग्राहियों के घर तक पहुंचा सकते हैं.
आंगनबाड़ी बंद के फैसले के बाद भी न टूटे पोषण आहार का चक्र
भीषण गर्मी को देखते हुए अगर बच्चों की जान को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र बंद किए जाते हैं तो उनको दिए जाने वाला पोषण आहार उनके घरों में 15 दिन या एक माह के लिए मुहैया कराया जाना चाहिए. जिससे पोषण आहार का चक्र भी न टूटे और प्रदेश में कुपोषण से लड़ाई भी जारी है.
क्या कहते हैं डॉक्टर
IMA के अध्यक्ष डॉक्टर राकेश गुप्ता ने कहा आपदा, प्रकोप, बीमारी इन सब में बच्चे और बूढ़े रेड जोन में होते हैं यानी सर्वाधिक खतरा इनको होता है. तेज धूप और गर्म हवा से डिहाइड्रेशन होता है और लू के शिकार होते है. तेज धूप का असर त्वचा पर ही नहीं बल्कि मस्तिष्क पर भी होता है. इसलिए बच्चों को धूप से बचाकर रखने की जरुरत है. प्रदेश में पारा बढ़ गया है ऐसे में खतरा सबको है. इसलिए सब को सलाह है कि बाहर ना निकले. अति आवश्यक काम होने पर ही शरीर को अच्छे से ढक कर ही निकले.