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अब कैसे प्लेऑफ में पहुंचेगी MI? ये रहा सीधा सिंपल गणित

मुंबई।  आईपीएल 2026 में जिन 2 टीमों की हालत सबसे ज्यादा खराब है, उनमें केकेआर और मुंबई इंडियंस का नाम शामिल है. खासकर 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के लिए 18वां सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं साबित हो रहा है. टीम में एक से बढ़कर एक धुरंधर हैं, लेकिन यह टीम जीत को तरस रही है. हार्दिक पांड्या की कप्तानी में टीम ने सीजन का आधा सफर तय कर लिया है, लेकिन झोली में जीत से ज्यादा हार और उपलब्धियों से ज्यादा दाग नजर आ रहे हैं.

23 अप्रैल की शाम चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ वानखेड़े में मिली 103 रनों की ऐतिहासिक हार ने मुंबई को बड़ा झटका दिया है. प्वॉइंट टेबल में 8वें पायदान पर खिसक गई है. अब सवाल यह है कि क्या 5 बार की चैंपियन टीम यहां से वापसी कर पाएगी या प्लेऑफ की रेस से उनका पत्ता कट चुका है? आइए जान लेते हैं कि आखिर कैसे मुंबई की टीम को प्लेऑफ का टिकट मिल सकता है?

8वें नंबर पर खिसक चुकी है मुंबई?

आईपीएल में जब से 10 टीमें हुई हैं, तब से प्लेऑफ में जगह पक्की करने के लिए 16 अंक सुरक्षित होते हैं. 14 अंकों के साथ भी टीमें क्वालीफाई कर सकती हैं, लेकिन वहां मामला नेट रन रेट (NRR) पर फंस जाता है. मुंबई के पास 7 मैचों में सिर्फ 4 अंक हैं और उसका नेट रन रेट -0.736 गर्त में चला गया है, जो टेंशन वाली बात है.

मुंबई के लिए प्लेऑफ का समीकरण क्या है?

मुंबई को लीग स्टेज में अभी 7 मैच और खेलने हैं. अब अगर यह टीम बचे हुए सभी 7 मैच जीत लेती है, तो वह 18 अंकों के साथ टॉप-2 में भी जगह बना सकती है, जो बेहद मुश्किल काम है. अगर टीम ने 7 में से 6 मैच जीत लिए, तो उसके पास 16 अंक होंगे और मुंबई बिना किसी गुणा-भाग के प्लेऑफ में पहुंच सकती है. अगर टीम 7 में से केवल 5 मैच जीत पाती है, तो उनके 14 अंक होंगे. इस स्थिति में मुंबई को दूसरी टीमों के हारने की दुआ करनी होगी और यह भी उम्मीद करनी होगी कि उनका रन रेट (-0.736) बाकी टीमों से बेहतर हो जाए, जो कि फिलहाल नामुमकिन सा लग रहा है.

क्या कोई चमत्कार कर पाएगी मुंबई?

आईपीएल का इतिहास गवाह है कि मुंबई इंडियंस ने कई बार शुरुआती हार के बाद दमदार वापसी की है, लेकिन इस बार समस्या केवल जीत की नहीं, बल्कि रन रेट की भी है. -0.736 का रन रेट सुधारने के लिए मुंबई को न केवल जीतना होगा, बल्कि कई मैचों में विपक्षी टीमों को बड़े अंतर से धूल चटानी होगी. अब हार्दिक पांड्या की टीम के पास एक भी मैच हारने की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई है. देखना होगा कि मुंबई पलटन आने वाले मैचों में क्या कोई चमत्कार कर पाएगी या इस बार भी उसका बोरिया-बिस्तर बंध जाएगा.