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मत्स्य विभाग में करोड़ों का घोटाला, अफसर ने रिश्तेदारों को आबंटित कर दिया केज, जानिए पूरा मामला…
राजनांदगांव। मत्स्य विभाग राजनांदगांव में मछली पालन के लिए अपने ही करीबियों के नाम पर करोड़ों के केज आबंटन कर शासन की योजनाओं से मिलने वाली सब्सिडी पर भ्रष्टाचार किए जाने का मामला सामने आया है. इस मामले में मतस्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है. पूरे मामले में शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाया गया है. मत्स्य विभाग संचालनालय इस फर्जीवाड़े की जांच कर रहा है.
राजनांदगांव मत्स्य विभाग में पदस्थ तत्कालीन सहायक संचालक गीतांजलि गजभिए ने अपने कार्यालय में ही पदस्थ कर्मी की नाबालिग बेटी, अपनी ननद, वाहन चालक की मां और एक अन्य आदिवासी व्यक्ति के नाम पर लाखों का केज का आबंटन कराया. यह केज खैरागढ़ – छुईखदान – गंडई जिले के नवागांव स्थित सिंचाई जलाशय में लगाए गए हैं. प्रत्येक यूनिट में 18 केज शामिल हैं. इस तरह यहां कुल 72 केज लगाए गए हैं.
इन 4 यूनिट केज में से प्रत्येक की कीमत 56 लाख है. इसमें लाभार्थियों को प्रत्येक केज के लिए शत प्रतिशत सब्सिडी दी गई है. इसमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से 60 प्रतिशत और लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिस्म डिवीजन से 40 प्रतिशत यानी कुल 100 प्रतिशत आर्थिक सहायता मिली है. इस तरह संयुक्त संचालक कार्यालय के अधिकारियों ने बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम देते हुए दो करोड़ 24 लाख रुपए के केज अपने रिश्तेदार और विभाग में पदस्थ कर्मियों के रिश्तेदारों के नाम पर आबंटित करा लिए.
जांच के बाद दाेषियों पर होगी कार्रवाई : कलेक्टर
सिंचाई जलाशय में लगाए गए 4 केज में से एक भुवन पोर्ते के नाम पर आबंटित हुआ है, लेकिन भुवन पोर्ते को इसकी जानकारी नहीं है. मतस्य विभाग ने इस केज के तीन साल के लीज वसूली के लिए जब उसे नोटिस जारी किया तो वह हड़बड़ा कर विभाग पहुंचा. अधिकारियों ने उसे सारी जानकारी दी. इसके बाद भुवन पोर्ते ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और सहायक संचालक के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई तब मामले का खुलासा हुआ. इस मामले में राजनांदगांव कलेक्टर संजय अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. रिपोर्ट में जो बातें सामने आएगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
इन रिश्तेदारों को आबंटित किए गए केज
केज आबंटन का यह प्रकरण वर्ष 2021 का है. इसमें शामिल लाभार्थी सरोज मोटघरे विभाग में कार्यरत ड्राईवर की मां बताई जा रही है. दुर्गेश नंदनी के नाम से भी केज आबंटित हुआ है, जो विभाग में पदस्थ भृत्य की बेटी बताई जा रही है. जब उनके नाम पर केज स्वीकृत किया गया तब वह नाबालिग थी. इसी तरह हेमलता रामटेके तत्कालीन सहायक संचालक गीतांजलि गजभिए की ननद बताई जा रही है. यह सभी राजनांदगांव निवासी हैं. इसके अलावा चौथा केज भुवन पोर्ते के नाम पर आबंटित किया गया है जो केसीजी जिले के ग्राम भोली निवासी है.
मछली पालन में भी भ्रष्टाचार, तीन साल का 15 लाख जमा नहीं
भुवन को विभाग का नोटिस मिलने के बाद केज आबंटन की जानकारी हुई. इन जलाशयों में केज आबंटन में करोड़ों की हेरफेर के अलावा तीन साल से मछली पालन भी किया जा रहा है. यह व्यवसाय बाहर से आए लोगों द्वारा किए जाने का मामला भी सामने आया है. प्रत्येक केज के लिए वार्षिक तौर पर अदा किए जाने वाले 7 हजार दो सौ रुपए का भुगतान भी 3 सालों से नहीं किया गया है. यह राशि लगभग 15 लाख रुपए है. इस लीज की रकम वसूली के लिए वास्तविक लाभार्थियों को नोटिस मिलने के बाद ही केज आबंटन में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है.
जानिए क्या है केज कल्चर
केज कल्चर एक ऐसी तकनीक है, जिसमें एक संलग्न जगह/ केज होता है, जो आसपास के जल स्रोत जैसे तालाब झील इत्यादि के साथ पानी के मुक्त आदान-प्रदान को बनाए रखती है. इसमें मछलियों को ऊँगली के आकार से बाजारू आकार में पाला जाता है.
महाराजा अग्रसेन काॅलेज : ’विकसित भारत के लिए शिक्षा की भूमिका पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
रायपुर। महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल काॅलेज समता काॅलोनी रायपुर, (छ.ग.) में 1 जून 2024 को विकासशील भारत के लिए शिक्षा के भूमिका विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा हैं। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सच्चिदानंद शुक्ला कुलपति, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर (छ.ग.) एवं प्रथम मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. प्रसाद कोला एमिटी यूनिवर्सिटी के निदेशक एवं द्वितीय मुख्य वक्ता के रूप में डाॅ. राजीव चैधरी डीएसडब्ल्यू एवं शारीरिक शिक्षा में प्रोफेसर एसओएस पीएल बीएस रायपुर जो विशेष रूप से इस संगोष्ठी का हिस्सा होने वाले हैं।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में महाविद्यालय के चेयरमैन आदरणीय राजेश अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन आदरणीय रमेश अग्रवाल एवं प्राचार्य डाॅ. एम. एस. मिश्रा तथा समस्त विभागाध्यक्ष, समस्त शिक्षकगण विशेष रूप से उपस्थित होंगे।
मैक में विकसित भारत के विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करने के उद्देश्य – विकसित भारत 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का वर्तमान सरकार का रोडमैप है आजादी के 100 साल बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि विकसित भारत दृष्टिकोण का मुख्य उद्देश्य सभी नागरिकों के बीच समावेशी आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देना हैं।
विकसित भारत के चार स्तंभ युवा, गरीब, महिला और किसान हैं एवं आर्थिक विकास एक विकसित भारत में एक लचीली और मजबूत अर्थव्यवस्था होनी चाहिए जो अपने सभी नागरिकों के लिए अवसर और उच्च जीवन स्तर प्रदान कर सके। अर्थव्यवस्था को उद्यमिता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता के आधार पर 21 वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होना चाहिए ।
राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन सचिव के रूप में डाॅ. श्वेता तिवारी द्वारा किया जा रहा हैं।
ED की टीम ने फिर कैलाश रूंगटा के ठिकानों पर दी दबिश, कस्टम मिलिंग से जुड़ा है मामला…
दुर्ग। लोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच में भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रफ्तार थमती नजर नहीं आ रही है. इस कड़ी में ईडी की टीम तीसरी बार छत्तीसगढ़ राइस मिलर एसोसिएसन के अध्यक्ष कैलाश रूंगटा के निवास पर पहुंची है।
बता दें कि ईडी की टीम ने पहले भी कैलाश रूंगटा के ठिकानों पर कस्टम मिलिंग के माध्यम से राज्य सरकार को राजस्व क्षति पहुंचाने समेत हवाला कारोबार से जुड़े मामले की छानबीन करते हुए दबिश दे चुकी है. ईओडब्ल्यू/ एसीबी ने ईडी की रिपोर्ट के बाद कस्टम मिलिंग घोटाले के मामले में धारा 409, 120 बी के तहत अपराध दर्ज किया है.
चिंतन शिविर पर कांग्रेस के तंज पर मंत्री रामविचार नेताम का पलटवार, कहा- हम उनके जैसे नहीं, जिनका ध्यान…
रायपुर। 5 माह में साय सरकार की पोल खुलने वाले बयान के जरिए कांग्रेस के भाजपा के चिंतन शिविर पर कसे गए तंज पर मंत्री रामविचार नेताम ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों को कुछ बोलना है. लेकिन हम उनके जैसे नहीं कि योजना बनाएं और जमीन पर उतरने से पहले उनके पॉकेट कैसे गरम हों, इस पर ध्यान रहे. हमारे यहां ऐसे काम नहीं होता है.
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि चिंतन शिविर पहले भी होते रहे हैं. हमारी प्रशासन विशेष ध्यान देती है कि हम काम करने से पहले पूरी योजनाओं का अध्ययन करें. मुख्यमंत्री की इच्छा अनुरूप आने वाले दस साल का रोड मैप तैयार करने और किस दिशा में काम करना है, इसके लिए शिविर का आयोजन किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ की बेहतरी और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
चिंतन शिविर के लिए सीएम विष्णु देव साय IIM पहुंचे. उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, दयाल दास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी रजवाड़े भी शिविर में पहुंचे हैं.
बलरामपुर में युवक-युवती की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत पर व्यक्त की जा रही शंका पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि पुलिस ने गंभीरता से जांच की है, लेकिन परिजन जांच से संतुष्ट नहीं है. निष्पक्ष जांच के लिए आश्वस्त किया गया है. स्पेशल टीम गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी.
मंत्री नेताम ने कहा कि घटना के संबंध में कुछ लोग जानबूझकर कर गुमराह कर रहे हैं. लोगों ने सीमा तोड़ गैर कानूनी तौर से चक्काजाम किया. ऐसी वारदात नहीं होनी चाहिए. कानून से ऊपर कोई नहीं है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट लोगों के बीच आने दे. कोई तथ्य या जानकारी है, तो उसे गोपनीय तरीके से पुलिस के समक्ष रखें. संयम रखें, जांच चलने दे और सहयोग करें. बता दें कि युवक बजरंग दल से जुड़ा होने के साथ-साथ मंत्री नेताम का करीबी था.
आईआईएम रायपुर में दो दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित मंत्रिमंडल के सदस्य ले रहे हिस्सा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज यहां रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान(आईआईएम) में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री श्री साय सहित उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा तथा मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगी हिस्सा ले रहे हैं। प्रथम सत्र को नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने संबोधित किया। अपने संबोधन में श्री सुब्रमण्यम ने विकसित भारत की संकल्पना और इसे प्राप्त करने की रणनीति के संबंध में विस्तार से अपनी बातें साझा की। उन्होंने कहा कि बीते दस सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ा है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाने में सफल रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकसित भारत 2047 बनाने का संकल्प लिया है और इसे पूरा करने की रणनीति बनाई गई है।
श्री सुब्रमण्यम ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी स्केल, स्पीड और इनोवेशन पर जोर देते हैं। बदलते अंतराष्ट्रीय परिदृश्य और समय को देखते हुए विकसित भारत का विजन तैयार किया गया है ताकि भारत अपनी विशिष्ट जगह बना सकें। उन्होंने कहा कि अब दुनिया की निगाहें ग्लोबल साउथ पर हैं। अब नजरिया पश्चिम से पूर्व की ओर देखने का है और भारत इन संभावनाओं को पूरा करने के लिए सक्षम है। भारत की जनांकिकी, भारत की रणनीतिक स्थिति और भारत में तेजी से हुए सुधारों से इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए भारत तैयार है। चाहे डिजिटल इकानामी हो, अथवा कर संबंधी सुधार हो। नवाचार को बढ़ावा देना हो, भारत इसमें अग्रणी रहा है और आने वाले समय में इन्हें तेजी से बढ़ाना है। विकसित भारत सबके लिए समृद्धि लेकर आये, इसके लिए कार्य करना है। क्लाइमेट चेंज जैसी समस्याओं को देखते हुए ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देते हुए सतत विकास की दिशा में काम करना है। उन्होंने कहा कि जब हम विजन लेकर चलते हैं तो स्वाभाविक रूप से हमें एक गाइड मैप मिल जाता है और इसके अनुरूप हम बढ़ते जाते हैं। श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में छत्तीसगढ़ की अहम भागीदारी होगी। छत्तीसगढ़ में विकसित राज्य बनने के लिए और तीव्र विकास के लिए असीम संभावनाएं हैं और इस दिशा में आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ अपने विकास के साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सभी मंत्रिगणों ने संवाद में भागीदारी करते हुए छत्तीसगढ़ में इस संबंध में बनाई जा रही नीतियों के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने श्री सुब्रमण्यम के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं भी रखीं जिस पर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए सार्थक परिचर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय इस चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ के विजन हेतु सार्थक विमर्श होना है। साथ ही संसाधनों के सतत उपयोग एवं योजनाओं के अभिसरण सहित विविध विषयों पर चर्चा होगी।
चिंतन शिविर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप,खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा मौजूद रहे।
कोयला घोटाला : 4 दिन की EOW रिमांड पर सूर्यकांत और निलंबित IAS विश्नोई
रायपुर। कोयला घोटाला मामले के आरोपी सूर्यकांत तिवारी और निलंबित IAS समीर विश्नोई को EOW ने गिरफ्तार कर 4 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 4 दिन की पूछताछ के लिए EOW को सौंपा है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में दोनों आरोपी पहले से ही जेल में बंद हैं.अब इससे पूछताछ के लिए EOW ने कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट के लिए आवेदन लगाया था. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को चार दिन के लिए ईओडब्ल्यू को सौंपा है.
जानकारी के अनुसार EOW निलंबित आईएएस समीर बिश्नोई और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से निलंबित IAS रानू साहू और सौम्या चौरसिया के समक्ष सभी से पूछताछ करेगी. मामले में आरोपी सौम्या चौरसिया और रानू साहू 3 जून तक EOW रिमांड पर हैं.
सीएम साय ने कवर्धा पिकअप हादसे के पीड़त परिवारों से की मुलाकात, परिजनों से कहा- आप हमें अपना समझें
कवर्धा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कवर्धा पिकअप हादसे में दिवंगत हुए के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कबीरधाम जिले के कुकदूर के ग्राम सेमरहा पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी शोक संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर पीड़ित परिवार के लोग भावुक हो उठे और एक-एक कर अपने दुःख को साझा किया। सीएम साय ने भी परिजनों से बातचीत कर उन्हें संबल प्रदान किया और संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार के साथ खड़े रहने की बात कही।
सीएम साय ने परिजनों से कहा कि – आज का दिन बहुत ही दुःखद है। जो घटना घटी उसके लिए हम सब दुःखी हैं। घटना की सूचना मिलते ही मैंने गृहमंत्री विजय शर्मा से कहा कि आप जल्द से जल्द वहां पहुंचिए और वहां जो भी त्वरित मदद हो सके वह करिये। जिस पर गृहमंत्री जी रायपुर से तत्काल वहां पहुंचे और पीड़ित परिवारों व घायलों की आवश्यक मदद की। हमारे अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे। यहाँ की स्थानीय विधायक ने भी मुझे फ़ोन करके घटना की जानकारी दी। यह घटना वास्तव में दुःखद है और एक ही परिवार के दस सदस्यों का एक साथ चले जाना दुःख के पहाड़ के समान है। दुर्घटना में गई जान की भरपाई कभी नहीं की जा सकती, हम लोग सांत्वना ही दे सकते हैं।
सीएम साय ने कहा कि संकट की इस घड़ी में हम सब आपके साथ हैं और छत्तीसगढ़ सरकार भी आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री होने के नाते सरकार की तरफ से हमनें पांच-पांच लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है, जो जल्द ही आप लोगों को दी जाएगी। यह अच्छी बात है कि पंडरिया विधायक ने मृतक परिवार के छोटे बच्चों के पढ़ाई का जिम्मा लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार मृतक परिवारों के हित के लिए जो कर सकती है उसे हम अवश्य करेंगे। भगवान से प्रार्थना है कि मृतकों की आत्मा को शांति और शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
गौरतलब है कि विगत 20 मई को कबीरधाम जिले के कुकदूर के बाहपानी गांव में तेंदूपत्ता तोड़ने गए श्रमिकों से भरी पिकअप के पलटने से 19 लोगों की मौत हो गई थी और कई श्रमिक घायल हो गए थे। घटना के बाद मृतकों के परिजनों से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फोन पर बात की थी। आज साय पीड़ित परिवारों से मिलने उनके गांव पहुंचे और उनके दुःख में शामिल होकर उन्हें ढांढस बंधाया है।
शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने PTRSU के कुलसचिव पर कार्रवाई का दिया आश्वासन, कहा- जांच हुई है तो कार्रवाई होगी…
रायपुर। शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मुलाकात कर PTRSU के कुलचचिव शैलेन्द्र पटेल को निष्काशित करने की मांग रखी। इस दौरान शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कुलपति के योग्यता पर यदि जांच हुई है, तो कार्रवाई भी होगी। साथ ही इस मामले में अधिकारियों को निर्देशित करने का आश्वासन भी दिया है।
एबीपी के प्रदेश मंत्री यज्ञदत्त वर्मा ने कहा, कि पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के उपकुलसचिव शैलेंद्र कुमार पटेल की योग्यता और अनुभव से संबंधित दस्तावेजों की चौथी बार जांच के बावजूद फर्जी होने का मामला सामने आया है। इससे पहले तीन बार उच्च शिक्षा विभाग के अपर संचालक, संयुक्त संचालक आयुक्त और तीन प्राचार्यों की समिति ने पटेल के दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि पटेल की योग्यता उपकुलसचिव के पद के लिए निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करती है।
यज्ञदत्त ने आगे कहा कि कुलपति पटेल ने दावा किया था, कि उसने 5 फरवरी 2013 से 5 फरवरी 2015 तक सीवी रमन यूनिवर्सिटी, बिलासपुर से गणित में पीएचडी की है, जबकि इस अवधि में वह भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत था। लेकिन रायपुर और बिलासपुर के बीच 300 किलोमीटर (आना-जाना मिलाकर) की दूरी को प्रतिदिन तय करना असंभव है, जिससे यह साफ हो जाता है कि पटेल का दावा गलत है। इसके अलावा, पटेल को बिना नेट परीक्षा उत्तीर्ण किए ही सहायक प्राध्यापक की नौकरी मिल गई थी, जो नियमों के खिलाफ है।
यज्ञदत्त ने बताया कि इस मामले में जांच समिति ने पटेल की एमफिल डिग्री को भी फर्जी पाया, क्योंकि 2007-08 में विनायक मिशन यूनिवर्सिटी, सालेम से एमफिल करने की जानकारी दी थी, जबकि उस संस्था का एमफिल मान्य नहीं है। भ्रष्टाचार के कई मामलों, जैसे प्रश्न पेपर घोटाला और नैक घोटाला में भी पटेल का नाम सामने आया है।
अयोग्य घोषित होने के बाद भी पदस्थ हैं शैलेंद्र पटेल : एबीपी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री यज्ञदत्त वर्मा ने कहा, “जिस तरह से पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में कुलसचिव के घोटाले और फर्जी डिग्री का विषय बार-बार सामने आ रहा है, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। तीन बार जांच समिति बनाकर जांच की जा चुकी है और हर बार अयोग्य घोषित किया गया, फिर भी आज वहां पर शान से बैठकर छात्रों को धमकी देता है। यह सरकार की निर्णय लेने की असमर्थता को दर्शाता है। यदि जल्द ही इस मामले में निर्णय नहीं लिया गया, तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
एबीपी के रायपुर महानगर मंत्री प्रथम राव फुटाने ने कहा- “शिक्षा में शिक्षकों का सबसे बड़ा योगदान होता है। अगर वे लोग ही ऐसे फर्जीवाड़े में पकड़े जाएंगे और पकड़े जाने के बाद भी उनके ऊपर कार्यवाही नहीं की जाति है तो इससे छात्र समुदाय में गलत प्रभाव पड़ेगा” लेकिन कुलसचिव शैलेन्द्र पटेल का अब बचना अब नामुनकिन है।
प्रथम ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ठान लिया है, कि शैलेन्द्र पटेल के खिलाफ उचित कार्यवाही करवा के रहेगी कुलसचिव के भ्रष्टाचार का घड़ा अब भर चुका है।
निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने दिया बड़ा बयान
रायपुर। निजी स्कूलों में ड्रेस, पुस्तक और कार्यक्रम के नाम राशि लिए जाने की जांच की जाएगी. मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों की जांच की जाएगी. स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि निजी स्कूलों का कार्यक्रमों, पुस्तकों और ड्रेस के नाम पर राशि लिया जाना गलत है. इस पर जांच और कार्रवाई भी की जाएगी। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने जांच करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल अगर नियम, कानून का उल्लंघन करते हैं तो कार्रवाई होगी. बता दें कि इस मामले में जांच की मांग लंबे समय से की जा रही है।
मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा ने लंबित प्रकरणों के चिन्हांकित कार्य का किया निरीक्षण, न्यायिक एवं रजिस्ट्री अधिकारियों व कर्मचारियों को दिए मार्गदर्शन
रायपुर। उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रिट, सिविल एवं क्रिमिनल शाखा में औचित्यहीन लंबित प्रकरणों के चिन्हांकित कार्य का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने इस मौके पर न्यायिक एवं रजिस्ट्री अधिकारियों एवं कर्मचारियों से चर्चा कर उन्हें मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में 13 मई से 7 जून तक चल रहे ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा के निर्देशानुसार औचित्यहीन लंबित प्रकरणों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है, ताकि वादकार, पक्षकार व्यर्थ मुकदमेबाजी से बच सकें। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार औचित्यहीन लंबित प्रकरणों को चिन्हांकित करने की प्रणाली विकसित की गई है, ताकि चिन्हांकित लंबित प्रकरणों को सुनवाई के पश्चात निराकृत किया जा सके।
उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार रिट क्रिमिनल अपील, क्रिमिनल रिवीजन, अवमानना प्रकरणों एवं अन्य प्रकरणों में औचित्यहीन लंबित प्रकरणों का चिन्हांकन कर उन्हें सूचीबद्ध करने का कार्य किया जा रहा है। प्रकरणों का भौतिक सत्यापन जिला न्यायालय बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों तथा उच्च न्यायालय में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी कर रहे हैं। बीते 15 दिनों से चल रहे इस कार्य का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने आकस्मिक निरीक्षण किया और इस कार्य में जुटे अधिकारियों-कर्मचारियों से चर्चा कर उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया। निराकृत प्रकरणों के स्केनिंग पश्चात भौतिक सत्यापन कर कार्य भी किया जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश ने इसका भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा निराकृत प्रकरणों का डिजिटल माध्यम से दीर्घावधि तक संधारण हो सकेगा। औचित्यहीन लंबित प्रकरणों के भौतिक सत्यापन के कार्य का मुख्य न्यायाधीश ने बीते 13 मई को भी आकस्मिक निरीक्षण किया था।
छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा बिजली का बिल, CSPDCL ने दिया नये टैरिफ का प्रस्ताव..
रायपुर। प्रदेश में अब बिजली मंहगी होने वाली है। भीषण गर्मी के मौसम में जहां एसी-कूलर चलाने से बिजली बिल बढ़कर आता है, वहीं प्रदेशवासियों को बिजली का झटका लगने वाला है। लोकसभा चुनाव के परिणाम जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ बिजली नियामक आयोग उपभोक्ताओं के लिए नया टैरिफ जारी करने जा रहा है। जुलाई महीने से ही बिजली का बिल 20% तक बढ़कर आएगा।
दरअसल, राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) ने छत्तीसगढ़ बिजली नियामक आयोग को पत्र लिखकर 4,420/- करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय की आवश्यक्ता बताते हुए टैरिफ में 20% तक वृद्धि का प्रस्ताव भेजा है। CSPDCL का कहना है कि लाइन लॉस और बिजली चोरी के चलते कंपनी को 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक राजस्व का नुकसान हो रहा है।
बता दें, विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए टैरिफ लागू होने पर घरेलू उपभोक्ताओं को 10-15 पैसे / यूनिट अतिरिक्त देने होंगे। हालांकि नए टैरिफ का असर कमर्शियल उपभोक्ताओं की जेब पर अधिक पड़ेगा।
इस तरह बढ़ सकता है बिजली बिल:
- इस नई दर में, 0 से 100 यूनिट तक की बिजली की खपत के लिए पुरानी दरें 3.7 थीं, जो अब 3.80 से 3.85 तक हो सकती है।
- 101 से 200 यूनिट की खपत के लिए पुरानी दरें 3.9 थीं, जो अब 4.00 से 4.05 तक हो सकती हैं।
- यदि आपकी खपत 201 से 400 यूनिट तक है, तो पुरानी दरें 5.3 थीं, जो अब 5.40 से 5.45 तक हो सकती हैं।
- 401 से 600 यूनिट तक की खपत के लिए पुरानी दरें 6.3 थीं, जो अब 6.40 से 6.45 तक हो सकती हैं।
- यदि आपकी खपत 601 यूनिट से अधिक है, तो पुरानी दरें 7.9 थीं, जो अब 8.00 से 8.05 तक हो सकती हैं।
छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने समाजिक समावेशन कार्य समूह की बैठक सम्पन्न
रायपुर। अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन 2047 डॉक्यूमेंट तैयार करने राज्य नीति आयोग द्वारा विषयवार वर्किंग ग्रुप गठित किये गये हैं। आज यहां नवा रायपुर स्थित नीति भवन में सामाजिक समावेशन विषय पर गठित कार्य समूह की प्रथम बैठक राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में सामाजिक समावेशन पर संबंधित विभागों के अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की। बैठक में सामाजिक समावेशन के लिए प्रमुख लक्ष्य, चुनौतियां और विभागीय विजन के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया। राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने राज्य नीति आयोग द्वारा अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन 2047 विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने हेतु गठित कार्य समूह के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा। बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेन्द्र तिवारी भी शामिल हुए।
प्रमुख सचिव आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक सोनमणि बोरा ने विभागीय प्रस्तुतीकरण देते हुए विभाग के अल्पकालिक, मध्यकालिक, दीर्घकालिक योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यकों तथा छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल शिक्षा, आश्रम शालाओं एवं छात्रावासों में छात्रों की सुविधा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। श्री बोरा ने एफआरए के शत्-प्रतिशत हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदान करने के संबंध में भी जानकारी दी। श्रम विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी. ने भी विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार करने के लिए विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। इसी तरह से समाज कल्याण विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपना प्रस्तुतिकरण दिया।
बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम एवं श्रमिक कल्याण सहित छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम, श्रम कल्याण मंडल, ट्रायफेड रायपुर, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारी एवं अन्य सदस्य शामिल हुए। बैठक में नीति आयोग की परामर्शदात्री संस्था के एक्सपर्ट प्रतिनिधि, सदस्य सचिव नीति आयोग अनूप श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक नीति आयोग नीतू गौरडिया, संयुक्त संचालक वत्सला मिश्रा सहित कार्यसमूह के अन्य सदस्य शामिल हुए। सदस्यों ने सामाजिक समावेशन विषय पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
भीषण गर्मी के चलते छत्तीसगढ़ में समर कैंप स्थगित, स्कूल शिक्षा विभाग ने कलेक्टरों को जारी किया आदेश…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासन के आदेश से हर साल की तरह ही इस साल भी स्कूलों में बच्चों के लिए समर कैंप का आयोजन किया गया था। लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने भीषण गर्मी के मद्देनजर बच्चों की सेहत का खयाल रखते हुए प्रदेश में आयोजित सभी समर कैंप्स को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने के आदेश दिये हैं।
दरअसल, राज्य में लगातार 3 दिनों से तापमान में वृद्धी देखी गई है। बुधवार को प्रदेश का तापमान 47 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जो पिछले कुछ सालों के रिकॉर्ड से अधिक है। वहीं आज गुरुवार को मौसम विभाग ने भी प्रदेश में लू यानि हीट वेव का अलर्ट जारी किया था।
जिसके बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए समर कैंप्स को तत्काल स्थगित करने के आदेश दिए हैं।
बता दें, विद्यार्थियों में रचनात्मक बहुमुखी विकास के लिए स्कूलों में समर कैंप आयोजित किया गया था, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा भी लिया। बहुत से बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए बेस्ट फ्रॉम वेस्ट थीम पर घर के लिए सजावट के सामान बनाने भी सीखे।
समर कैंप्स में बच्चों ने मेहंदी, रंगोली, कढ़ाई, क्ले आर्ट, पेंटिंग और अन्य कलाएं सीखी जिससे वे भविष्य में अपनी कला से आमदनी भी कमा सकेंगे।
बेमेतरा बारूद फैक्ट्री हादसे पर पुलिस ने दर्ज किया एफआईआर…
बेमेतरा। बेमेतरा बारूद फैक्ट्री में ब्लास्ट मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है. कंपनी के पदाधिकारी अवधेश जैन और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
मामले में कंडरका चौकी में शासन की ओर से उप निरीक्षक मयंक मिश्रा की शिकायत पर सामग्री के रख-रखाव में चूक और सुरक्षा मानकों में कमी को लेकर अपराध पंजीबद्ध किया गया है. मामले में धारा 286, 304-A, 337 भादंसं के अलावा विस्फोटक अधिनियम 1884 के 9B, 9C के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है.
बता दें कि बेमेतरा के बेरला ब्लॉक के ग्राम पिरदा/बोरसी स्थित स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड की बारूद फैक्ट्री में 25 मई को हुए हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो चुकी है, वहीं आठ कर्मचारी लापता हैं.
भाजपा सरकार में भ्रष्टाचारियों का बुरा हाल होगा: केदार कश्यप
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेश में कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार के मछली पालन के नाम पर एक नए घोटाले के ताजातरीन खुलासे के बाद कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा है कि आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने वाले नक्सल बजट से मत्स्य विभाग में बड़ा खेल पिछली भूपेश सरकार ने करके मछली पालन के केज बनाने में घोटाला तो किया ही, उस योजना की सब्सिडी किसान की जगह फर्म को दे दी.
कश्यप ने कहा कि प्रदेश में गोबर के नाम पर शर्मनाक घोटाला करने वाली पिछली कांग्रेस सरकार ने मछली पालन के केज तक में भी घोटाला करके अपने भ्रष्ट राजनीतिक चरित्र का एक और काला अध्याय अपने शासनकाल में रचा है।
प्रदेश के वन मंत्री कश्यप ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लिए आए बजट को मछली पालन के केज बनाने की सब्सिडी में खर्च कर दिया गया। यही नहीं, सब्सिडी किसानों के खाते के बजाय सीधे फर्म को भेजने का कारनामा करने वाला अधिकारी आज मछली पालन कर रहा है।
कश्यप ने कहा कि भ्रष्टाचारियों ने यह कारनामा उस फंड में कर दिया है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास और रोजगार के लिए भेजा गया था। कांग्रेस शासनकाल में किसानों के उत्थान के नाम पर आई रकम से अफसर और कर्मचारियों ने अपना उत्थान कर लिया। राजनांदगांव में पिंजड़े में मछली पालन (केज कल्चर) के नाम पर करीब 5 करोड़ का घोटाला सामने आने को बेहद गंभीर बताते हुए श्री कश्यप ने कहा कि सरकार के रिकॉर्ड में दर्ज हितग्राहियों को पता ही नहीं है कि उनके नाम से मछली पालन किया जा रहा है। मछली पालन भी ऐसा कि न तो मछली का पता और न ही तालाब में लगे केज का। केज कल्वर के नाम से अनुदान की रकम में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है।
प्रदेश के वन मंत्री कश्यप ने कहा कि अजा-जजा समाज के लोगों का हक कांग्रेस ने मारा और इसका जीता-जागता उदाहरण यह मामला है। ऐसे कई मामले हैं जो चीख-चीखकर यह बता रहे हैं कि कांग्रेस सरकार की नुमाइंदगी में चहुँओर किस तरह लूट मची थी! छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कि भ्रष्टाचारी सरकार ने कोयला घोटाला, शराब घोटाला ,गोबर घोटाला ,डीएफ घोटाला, राशन घोटाला और ऐसे कई घोटाले करने के बाद मछली पालन के नाम पर भी घोटाला किया, कांग्रेस पार्टी ने यह ठान लिया था कि छत्तीसगढ़ के लोगों की पाई पाई को लूट लेंगे भाजपा की सरकार में सभी लुटेरों का बराबर हिसाब होगा।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही विष्णुदेव सरकार – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लिए प्रदेश की विष्णुदेव सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। पिछले 5 वर्षों में कांग्रेस शासन में सड़कों का निर्माण रुका पड़ा था। हमारी सरकार बनी तो मात्र 4 माह के अल्प समय में हमने नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 11 सड़कों का निर्माण पूर्ण कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा गृह मंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री भी हैं, और पहली बार इन विभागों की समन्वित रणनीतिक कार्यशैली नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के निर्माण कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।
उप-मुख्यमंत्री शर्मा का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण में सबसे बड़ी बाधा सुरक्षा को लेकर थी। इस दिशा में सबसे बड़ा प्रयास हमने यह किया कि इसके लिए योजना बनाकर अब संयुक्त बैठक प्रारंभ की है, जिसमें गृह विभाग और पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एक साथ बैठते हैं। इसमें एडीजी नक्सल विवेकानंद, आईजी एसआईबी ओपी पाल और पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक रायपुर व दंतेवाड़ा में विभागों की संयुक्त बैठक लेकर सड़कें चिन्हित करते हैं, उन्हें सुरक्षा देते हैं और के.के. कटारे के नेतृत्व में निर्माण तेजी से पूर्ण कराते हैं।
संयुक्त बैठकों में अब तक कुल 85 सड़कों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से 259.90 किलोमीटर की 40 सड़कों का निर्माण प्रगति पर है। यह सभी सड़कें दुर्गम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हैं। यह विकास की रफ्तार गांव तक पहुंचाने का एक अभिनव प्रयास है। यह विषय महत्वपूर्ण कि अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र जहां आजादी के बाद आज तक शासन नहीं पहुंच पाया वहां सर्वे करके केंद्र सरकार की जनमन योजना के तहत 09 सड़क स्वीकृत की गई हैं, जिनमें 04 का निर्माण प्रारंभ हो चुका है। साथ ही 06 और सड़कों का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।
पुलिस बल की सुरक्षा में जिन 11 सड़कों का निर्माण पूर्ण किया गया है उनमें कांकेर, भानुप्रतापपुर और कोंडागांव जिला अंतर्गत एक-एक सड़क, दंतेवाड़ा जिले में 03 सड़क तथा सुकमा जिले में 05 सड़कें शामिल हैं। इनमें कांकेर जिले में किसकोड़ो से कोटखुरसाई तक, भानुप्रतापपुर जिले में बड़गांव प्रतापपुर रोड बड़ेझारकट्टा तक, कोंडागांव जिले में कोंडागांव कोरमेल रोड से स्कूल पारा मातवाल से गुनिया पारा कुदुर तक, जिला दंतेवाड़ा में सुरनार से पटेल पारा तक, कोरीरास किद्रीरास रोड से छोटेबेडमा तक, कवलनार से झिरका तक, जिला सुकमा में डोलेरास से पेडलनार तक, धनिकोडाता से डेंगोपारा तक, कांहीगुड़ा मार्ग, चिकपल्ली मार्ग, मोशलपारा से सोब्बीरासपारा तक सड़क निर्माण पूर्ण किया गया है।
बढ़ती गर्मी के चलते सीएम साय का लोगों से आग्रह, आवश्यक सावधानी बरतें, अपना ख्याल रखें
रायपुर। प्रदेश में भीषण गर्मी और गर्म हवाओं के थपेड़ों को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोगों से सावधानी बरतने और इससे बचने का आग्रह किया है। उन्होंने लोगों से खुद का और परिजनों का ख्याल रखने की बात कही है।
साय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर जारी वीडियो संदेश में कहा है कि – प्रिय छत्तीसगढ़ वासियों। विगत कुछ दिनों से प्रदेश में तापमान में भारी वृद्धि हुई है। झुलसाने वाली गर्म हवाओं के थपेड़े चल रहे हैं। जिसके चलते गर्मी और लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।
आप सभी से मेरा आग्रह है कि सुरक्षित रहें, सतर्क रहें, अपना और अपने बच्चों का ख्याल रखें। आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से सावधानी से निकले, धूप में सिर और कान को कपड़े से अच्छी तरह से बांधें, पानी अधिक मात्रा में पियें, अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस घोल पियें, छायादार जगहों पर रहें, लू लगने या तबियत ख़राब होने की स्थिति में तत्काल अस्पताल जाएं। क्योंकि सावधानी में ही समाधान है। धन्यवाद। जय जोहार, जय छत्तीसगढ़
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में बेतहाशा गर्मी पड़ रही है। मौसम विभाग ने भी आगामी कुछ दिनों तक हीटवेव के जारी रहने की बात कही है। जिसके चलते सीएम साय ने लोगों से आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह किया है।