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हाईकोर्ट ने NHM कर्मचारी को दी राहत, सेवा समाप्ति का आदेश किया निरस्त, जानिए पूरा मामला…
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने कहा है कि कारण बताओ नोटिस एवं सुनवाई का अवसर दिए बिना सेवा समाप्त करना प्राकृतिक न्याय सिद्धांतों के विपरीत है। इसके साथ ही कोर्ट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत एकाउंटेंट की सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, याचिकाकर्ता हरनारायण कुम्भकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जिला कोरबा में एकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे। उनकी सेवाएं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा ने 6 मई 2026 को समाप्त कर दी थी। उक्त आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका प्रस्तुत की गई।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सेवा समाप्ति से पूर्व याचिकाकर्ता को न तो कोई कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि एनएचएम की मानव संसाधन नीति-2018 के अनुसार कार्य असंतोषजनक पाए जाने की स्थिति में किसी भी कर्मचारी की सेवा समाप्त करने से पहले उसे सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है। अधिवक्ता ने इस संदर्भ में पूर्व में पारित एक निर्णय का भी हवाला दिया।
राज्य शासन एवं एनएचएम की ओर से अधिवक्ताओं ने सेवा समाप्ति आदेश का समर्थन करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को कार्य में सुधार के लिए पूर्व में नोटिस दिया गया था। कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण सक्षम प्राधिकारी ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई की।
मामले की सुनवाई के पश्चात न्यायमूर्ति बीडी गुरु ने अभिलेखों का अवलोकन करते हुए पाया कि याचिकाकर्ता को प्रभावी सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया तथा सेवा समाप्ति से पूर्व आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। न्यायालय ने माना कि यह कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है और 6 मई 2026 के सेवा समाप्ति आदेश को निरस्त करते हुए याचिका स्वीकार कर ली।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ 'आकार 2026'
रायपुर। संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में आयोजित पारंपरिक शिल्प एवं कला प्रशिक्षण शिविर ‘आकार 2026’ का मंगलवार को भव्य समापन हुआ।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत समापन किया और शिविर के उत्कृष्ट प्रशिक्षकों (कला गुरुओं) को स्मृति चिह्न व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।




समारोह को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा, “मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि साल 2004 में संस्कृति मंत्री के रूप में मैंने इस ‘आकार’ शिविर की शुरुआत की थी। आज इतने वर्षों बाद भी यह आयोजन उसी निरंतरता और भव्यता के साथ हमारी पारंपरिक कलाओं को सहेज रहा है। 2004 में जो लोग इस मुहिम से जुड़े थे, वे आज भी पूरी निष्ठा के साथ छत्तीसगढ़ की कला को जीवित रखने में अपना योगदान दे रहे हैं।”
75 वर्ष के बुजुर्ग से लेकर बच्चों तक में दिखा कला के प्रति उत्साह
श्री अग्रवाल ने शिविर के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि कला की कोई उम्र नहीं होती। इस शिविर में 75 साल के बुजुर्ग से लेकर छोटे-छोटे बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। बोनसाई प्रशिक्षण लेने वाले एक बुजुर्ग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में हमेशा छोटा और विनम्र बनकर रहने की कला हमें प्रकृति और बोनसाई जैसे शिल्पों से सीखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि आज जब कंक्रीट और टाइल्स के दौर में बच्चे मिट्टी से दूर हो गए हैं, ऐसे समय में ‘आकार’ शिविर बच्चों को अपनी मिट्टी से जोड़ने का एक सराहनीय जरिया बना है। जब बच्चे मिट्टी से खेलना और सृजन करना सीखेंगे, तभी उनके जीवन में वास्तविक आनंद आएगा।




छत्तीसगढ़ के पांचों संभागों में आयोजित हो ‘आकार’ शिविर, स्थल को बनाएं और आकर्षक
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर जोर देते हुए कहा कि हमारा पंथी नृत्य दुनिया के सबसे तेज नृत्यों में से एक है। हमारी गोदना कला, रजवार आर्ट, टेराकोटा और बस्तर के काष्ठ व बांस शिल्प की अद्भुत पहचान है। उन्होंने संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे को सुझाव देते हुए कहा कि ‘आकार’ शिविर के आयोजन स्थल को और अधिक आकर्षक व सुंदर बनाया जाए ताकि बच्चों में इसके प्रति और ज्यादा आकर्षण पैदा हो। साथ ही, उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ‘आकार’ शिविर को केवल रायपुर तक सीमित न रखकर छत्तीसगढ़ के सभी पांचों संभागों (बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर/जगदलपुर, सरगुजा/अंबिकापुर) के स्तर पर भी आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश के कोने-कोने के बच्चों को अपनी कला से जुड़ने का मौका मिले।
रोजगार और बाजार से जुड़ें पारंपरिक शिल्प, खुले पारंपरिक गहनों की दुकान
कलाकारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बात करते हुए सांसद जी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक गहनों की अद्भुत पहचान है, जो सोने-चांदी के मुकाबले काफी किफायती और खूबसूरत होते हैं। उन्होंने संस्कृति विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परिसर में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक गहनों की एक स्थायी दुकान खुलवाई जाए, जिससे गहने बनाने वाले पारंपरिक कलाकारों को सीधा बाजार और रोजगार मिल सके तथा आम लोग भी आसानी से इन्हें खरीद सकें। उन्होंने कहा कि यहाँ सीखी गई कला केवल शौक नहीं, बल्कि आने वाले समय में युवाओं के लिए आय का एक बड़ा जरिया बन सकती है।




क्रिएटिविटी से शांत होता है बच्चों का मन
श्री अग्रवाल ने पालकों और बच्चों से अपील करते हुए कहा कि आजकल बच्चे मानसिक रूप से थोड़े अशांत रहते हैं। उनके भीतर की रचनात्मकता और सृजनशीलता (क्रिएटिविटी) को उभारना बेहद जरूरी है। जब बच्चे कुछ नया गढ़ना शुरू करते हैं, तो उनका दिमाग और मन शांत होता है, जिससे वे पढ़ाई और जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह किया कि यहाँ सीखी गई कला को भूलें नहीं, बल्कि सालभर इसका अभ्यास करते रहें।
इस अवसर पर फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे, आकार के प्रभारी दुर्योधन महानंद, संस्कृति प्रेमी प्रताप पारख सहित बड़ी संख्या में कला गुरु, प्रशिक्षु, गणमान्य नागरिक और कला प्रेमी उपस्थित रहे।
श्री अग्रवाल ने संस्कृति व पुरातत्व विभाग के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, कला गुरुओं और बच्चों को सफल आयोजन के लिए बधाई व शुभकामनाएं दीं।
सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में बड़ा फैसला : सड़क में व्याप्त गड्ढों की होगी मरम्मत, दुर्ग मॉडल पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी
रायपुर। परिवहन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन स्थित बैठक कक्ष एस-2-12 में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक हुई। परिवहन मंत्री केदार कश्यप एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बढ़ते सड़क हादसों पर चिंता जताते हुए दुर्ग जिले में पुलिस अधीक्षक द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने किए गए सार्थक प्रयास के उपायों को पूरे राज्य में लागू करने की मंशा व्यक्त की।
सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए परिषद के अध्यक्ष केदार कश्यप ने सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सड़कों में व्याप्त गड्ढों को चिन्हांकित कर सुधार एवं मरम्मत करने और खुले जल निकायों की घेराबंदी करने के निर्देश दिए। बैठक में डिप्टी सीएम अरूण साय, उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, विधायक सदस्य एवं स्कूल शिक्षा, नगरीय प्रशासन, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, पुलिस विभाग के अधिकारी सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे। बैठक में परिवहन सचिव एस. प्रकाश (भाप्रसे) ने परिषद के सदस्यों का स्वागत किया।
ब्लैक स्पॉट की पहचान कर चिन्हित करें : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने राष्ट्रीय एवं राज्यीय मार्गों में दुर्घटनाजन्य स्थल ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक उपचारात्मक सुधार करने एवं नए ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उन्हें चिन्हित कर सड़क निर्माण बजट में इसका पृथक बजट प्रावधान करने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। परिषद के अध्यक्ष ने भी ब्लैक स्पॉट सुधार के लिए इस दिशा में त्वरित कार्यवाही के लिए अपनी सहमति व्यक्त की। परिषद की बैठक में सुप्रीम कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मध्यप्रदेश राज्य की तर्ज पर अंर्तविभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) को अधिक सशक्त बनाने के लिए इसके सेटअप में आवश्यक सुधार कर पुर्नगठन करने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीण अंचलों में चलाया जाए जागरूकता अभियान : अनुज शर्मा
विधायक अनुज शर्मा ने प्रस्तुत सुझाव पर सड़क सुरक्षा के प्रति छात्र-छात्राओं में स्कूली जीवन से ही जागरूकता की भावना विकसित हो सके, इसके लिए स्कूलों में सदृश्य प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता को भी शामिल कर प्राप्त अंकों को उनके परफॉरमेंस रिपोर्ट में शामिल करने के निर्देश दिए। सड़क दुर्घटनाओं के प्रति लोगों में जन-जागरूकता लाई जा सके, इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल कर विशेष रूप से ग्रामीण अंचलों में विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रचार करने कहा। साथ ही जहां दुर्घटनाएं ज्यादा घटित हो रही है, उनके कारणों का पता लगाकर आवश्यक उपचारात्मक उपाय करने की बात कही।
पीएम राहत योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री द्वारा फरवरी 2026 से लागू पीएम राहत योजना अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को अधिकतम 7 दिवस तक 1.50 लाख रुपए का कैशलेस उपचार की सुविधा एवं राहवीर (गुड सेमेरिटन) योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वाले गुड सेमेरिटन को बढ़ावा देने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। परिषद की बैठक में पीएम राहत एवं राहवीर योजना अंतर्गत जनजागरूकता संबंधी पोस्टर का विमोचन किया गया। राज्य में संचालित यात्री वाहनों के वाहन चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही शराब पीकर वाहन संचालन पर अंकुश लगाने कहा गया। बैठक में सचिव परिवहन एस. प्रकाश (भाप्रसे) एवं अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर (भापुसे) ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में सड़क सुरक्षा परिदृश्य को प्रस्तुत किया गया।
दिल्ली रवाना हुए डिप्टी सीएम अरुण साव, कहा – मोदी सरकार के 12 साल में देश ने हर क्षेत्र में बनाई नई पहचान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव मंगलवार को दिल्ली दौरे के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने देश को नई दिशा देने और विकास के पथ पर आगे बढ़ाने का काम किया है। मोदी सरकार के कार्यकाल में देश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। भारतीय जनता पार्टी का भी लगातार विस्तार हुआ है।
उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि केंद्र सरकार ने बीते 12 वर्षों में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनका लाभ देश के करोड़ों लोगों को मिला है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारत लगातार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिल्ली में राष्ट्रपति द्वारा छत्तीसगढ़ के दो पुलिस जवानों को सम्मानित किए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन का जो कार्य कभी असंभव प्रतीत होता था, वह आज सुरक्षा बलों के जवानों की बहादुरी, समर्पण और परिश्रम के कारण संभव हो सका है। जवानों के अथक प्रयासों और साहस के चलते नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इसका परिणाम आज बस्तर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जहां लोग शांति और विकास का माहौल महसूस कर रहे हैं।
सीएम विष्णुदेव साय ने किया मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन, कॉलर पूनाराम ठाकरे से स्वयं की बात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर पूनाराम ठाकरे से की बात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को श्री ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर श्री ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है।
मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
आवासीय कॉलोनियों की समस्याओं पर मंत्री ओपी चौधरी ने प्रतिनिधियों के साथ की बैठक, नियमित स्टेकहोल्डर मीटिंग आयोजित करने के दिए निर्देश
रायपुर। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न आवासीय कॉलोनियों एवं हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में रायपुर क्षेत्र की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा अपनी-अपनी कॉलोनियों से संबंधित समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों से मंत्री के समक्ष अवगत कराया।
मंत्री ओपी चौधरी ने सभी प्रतिनिधियों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण कर व्यवहारिक एवं विधिसम्मत समाधान की दिशा में कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर शहरी अधोसंरचना, पारदर्शी प्रशासन एवं नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए शासन प्रतिबद्ध है तथा आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों की समस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा।

मंत्री श्री चौधरी ने आवास विभाग, नगरीय निकायों, रेरा, बिल्डर संगठनों तथा रहवासी कल्याण संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित समय-समय पर स्टेकहोल्डर मीटिंग आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न पक्षों के बीच सतत संवाद स्थापित हो तथा समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं, अधोसंरचना विकास, सड़क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शासन और नागरिकों के बीच निरंतर संवाद से समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है तथा जनसहभागिता से शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
बैठक के दौरान आवासीय समितियों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक को एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि संभवतः छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार आवास एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा आवासीय सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का प्रत्यक्ष संवाद आयोजित किया गया है। उन्होंने इसे राज्य ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक अनुकरणीय पहल बताया।
बैठक में प्रतिनिधियों ने रियल एस्टेट परियोजनाओं, नागरिक सुविधाओं, रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित परियोजनाओं के हस्तांतरण तथा संस्थागत सुधारों से जुड़े विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। साथ ही आवासीय समितियों को सशक्त बनाने, "आवास मितान" डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने, सलाहकार समिति गठित करने तथा बड़े आवासीय परिसरों में मतदान सुविधाओं के विस्तार जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में नगर तथा ग्राम निवेश आयुक्त अवनीश शरण सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही पार्थिव पैसिफिक, कुबेर सोसायटी, सिटी ऑफ ड्रीम्स, आनंदम वर्ल्ड सिटी, पाम बेलाजियो, साई वाटिका, अविनाश सनसिटी, मारुति लाइफस्टाइल, अविनाश सिग्नेचर होम्स, रालास एन्क्लेव, क्रेस्ट ग्रीन्स, सिंगापुर सिटी, सैफायर ग्रीन्स, लास विस्टास, जैनम हाइट्स, पार्थिवी प्रोविंस, बरसाना एन्क्लेव, गैलेक्सी आईलैंड, सृष्टि पैलाजो एवं क्रॉसविंड्स सहित विभिन्न आवासीय परियोजनाओं के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।
बाजार चौक, चंगोराभाठा में आयोजित छत्तीसगढ़ी लोक गीत व ‘सुआ-सामूहिक नृत्य’ कार्यक्रम में शामिल हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। रायपुर के चंगोराभाठा स्थित बाजार चौक में आयोजित भव्य छत्तीसगढ़ी लोक गीत एवं सामूहिक सुआ नृत्य कार्यक्रम में रायपुर के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसैलाब को छत्तीसगढ़ी में संबोधित करते हुए सांसद श्री अग्रवाल ने प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, मीठी बोली (गुरतूर भाषा) और यहाँ के पारंपरिक कलाकारों की जमकर सराहना की।

जोशी बहनों के ‘पैरी के धार’ ग्रुप का बढ़ाया हौसला
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम में अपनी शानदार प्रस्तुति देने वाले प्रसिद्ध ‘पैरी के धार’ ग्रुप की जोशी बहनों और उनकी पूरी टीम का ताली बजवाकर स्वागत और अभिनंदन किया।
उन्होंने कहा कि “यह बहुत ही गर्व की बात है कि हमारी जोशी बहनें और ‘पैरी के धार’ की पूरी टीम लगातार छत्तीसगढ़ की लोक कला और संस्कृति को पूरे देश और दुनिया में बिखेर रही है। बिना किसी व्यावसायिक लालच के जनता को अपनी माटी के रंग से जोड़ना और ऐसा सुंदर कार्यक्रम दिखाना वास्तव में सराहनीय है।”

संस्कृति को आगे बढ़ाना मेरा पुराना संकल्प
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि उन्हें पूर्व में 15 वर्षों तक प्रदेश के संस्कृति मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। इसके अलावा साल 1990 से ही वे लगातार छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों और यहाँ की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के काम में जुटे हुए हैं। आज हमारे कलाकारों की बदौलत ही देश के कोने-कोने में छत्तीसगढ़िया संस्कृति का गौरव बढ़ रहा है।

दिल्ली में चमकेगा छत्तीसगढ़ का नाम
क्षेत्र की जनता के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए भावुक अंदाज में सांसद ने कहा कि, “आप सभी ने पहले मुझे 8 बार विधायक और 5 बार मंत्री बनाकर जनसेवा का मौका दिया। अब आप लोगों ने मुझे दिल्ली में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास (सांसद बनाकर) भेजा है। मैं आप सभी को विश्वास दिलाता हूँ कि दिल्ली के मंच पर भी छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने और इसके विकास के लिए मैं कोई कसर नहीं छोड़ूँगा।”
कार्यक्रम में जोन अध्यक्ष अमर अग्रवाल, पार्षद यादराम, युवा मोर्चा के महामंत्री राज गायकवाड, केदार धंगड़, छगन चौबे, कृष्ण दुबे, रामप्रसाद सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल थे।
CM हेल्पलाइन 1076 का हुआ शुभारंभ: अब एक कॉल पर सुनी जाएगी जनता की हर समस्या, मुख्यमंत्री साय ने कहा –
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य की बहुप्रतीक्षित सीएम हेल्पलाइन 1076 का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन प्रणाली के आधिकारिक लोगो का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मंत्रिपरिषद के सदस्यगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से प्राप्त शिकायतों, सुझावों और जनप्रतिसाद ने एक प्रभावी, सशक्त एवं स्थायी जनसंपर्क तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसी सोच के साथ सीएम हेल्पलाइन प्रणाली विकसित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेशवासी टोल फ्री नंबर 1076 पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, सुझाव दे सकेंगे तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी साझा कर सकेंगे। यह प्रणाली सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ जनता और शासन के बीच विश्वास के रिश्ते को और सशक्त बनाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली अपने व्यापक दायरे के कारण विशेष महत्व रखती है। इसमें राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हुए हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा। यदि किसी शिकायतकर्ता को प्राप्त समाधान से संतोष नहीं होगा, तो संबंधित शिकायत स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण एवं जांच के लिए अग्रेषित हो जाएगी। इससे शिकायतों के सतही निराकरण की संभावना समाप्त होगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रणाली 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगी। इसके संचालन के लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से इसकी नियमित निगरानी करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय भी इसकी सतत मॉनिटरिंग करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि जनभागीदारी को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच भी है। प्रदेशवासी राज्य के विकास से जुड़े अपने सुझाव भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा कर सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "नागरिक देवो भव" के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को लगातार मजबूत बना रही है। सीएम हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाएगी तथा समस्याओं के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग राहुल भगत ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन प्रणाली की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यगण, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
सूरजपुर में अवैध खनिज परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 11 वाहन जब्त
सूरजपुर। प्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने सूरजपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयला एवं रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त वाहनों को जब्त कर संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के सुशासन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के संकल्प के अनुरूप तथा जिला प्रशासन के सतत निगरानी अभियान के तहत की गई।

कलेक्टर के निर्देश पर चलाया गया विशेष जांच अभियान
कलेक्टर रेना जमील के निर्देशानुसार खनिज विभाग, जिला स्तरीय टास्कफोर्स एवं खनिज अमले द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में 07 जून को तहसील सूरजपुर अंतर्गत ग्राम पचिरा-मानी चौक मार्ग पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान ग्राम बेलटिकरी के पास अवैध रूप से खनिज कोयला परिवहन करते हुए 06 मोटरसाइकिलों को पकड़ा गया। इन वाहनों से लगभग 5 टन कोयला जब्त किया गया, जिसे पुलिस थाना सूरजपुर में सुरक्षार्थ रखा गया है।
अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त वाहन जब्त
खनिज विभाग ने ग्राम राजापुर, हर्राटिकरा एवं आसपास के क्षेत्रों में भी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 03 टिपर वाहनों के मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ की है।
इसके अलावा 08 जून को राजापुर रेत खदान क्षेत्र के औचक निरीक्षण के दौरान अवैध रेत परिवहन में लगे 02 और टिपर वाहनों को जब्त किया गया। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए जप्त वाहनों एवं खनिज सामग्री को पुलिस थाना जयनगर के सुपुर्द किया गया है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा तथा राजस्व क्षति रोकने के उद्देश्य से खनिज अमला नियमित निरीक्षण एवं सघन जांच अभियान संचालित कर रहा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रिमंडल फेरबदल पर सस्पेंस बरकरार, CM साय ने अटकलों को बताया निराधार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की चल रही चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें केवल कयासों पर आधारित हैं और किसी भी विषय को लेकर अटकलें लगाई जा सकती हैं।
दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित दिल्ली दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि उनका दौरा मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव या फेरबदल से जुड़ा हो सकता है। इसे लेकर लगातार अटकलों का दौर जारी था।
इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि उनके दिल्ली दौरे का मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली नीति आयोग की बैठक और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में शामिल होने जा रहे हैं।
क्यों तेज हुई मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा?
राज्य में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा पिछले कुछ दिनों से इसलिए तेज हो गई थी क्योंकि मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को इससे जोड़कर देखा जाने लगा। भाजपा संगठन और सरकार से जुड़े नेताओं की गतिविधियों के बीच राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जाने लगे कि सरकार में कुछ बदलाव हो सकते हैं।
इसके अलावा सरकार के गठन को काफी समय बीत जाने के बाद समय-समय पर विभागों में फेरबदल और राजनीतिक व क्षेत्रीय संतुलन को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। कुछ मंत्रियों के कामकाज और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर भी अटकलों का दौर जारी था। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लगने की संभावना है। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनका दिल्ली दौरा पूरी तरह से निर्धारित सरकारी और संगठनात्मक बैठकों के लिए है।
छत्तीसगढ़ टैक्स बार कौंसिल का चुनाव : विवेक सारस्वत चुने गए प्रदेश अध्यक्ष, गोपाल कृष्ण तावनिया महासचिव निर्वाचित
रायपुर। छत्तीसगढ़ टैक्स बार कौंसिल का राज्य स्तरीय अधिवेशन एवं वार्षिक आम सभा का आयोजन दुर्ग में हुआ, जिसमें रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद, जगदलपुर, अंबिकापुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं, सीए, सीएमए एवं कर सलाहकारों की सहभागिता रही। अधिवेशन के बाद छत्तीसगढ़ टैक्स बार कौंसिल का चुनाव हुआ, जिसमें रायगढ़ के विवेक सारस्वत प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित हुए। रायपुर से गोपाल कृष्ण तावनिया प्रदेश महासचिव चुने गए।
अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल के केंद्रीय जीएसटी के तकनीकी सदस्य सतीश अग्रवाल उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता मूलचंद जैन ने की। तकनीकी सत्र की अध्यक्षता राजेश्वर राव ने की, जिसमें जीएसटी से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा एवं मंथन किया गया। विशेषज्ञ वक्ता अधिवक्ता संजय शर्मा ने जीएसटी अधिनियम 2017 के प्रावधानों, निरीक्षण, तलाशी एवं जब्ती से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की।
अधिवेशन के उपरांत छत्तीसगढ़ टैक्स बार कौंसिल का वार्षिक चुनाव शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ। मूलचंद जैन, सुरेश लाल, अशोक अग्रवाल एवं लढ्ढा ने चुनाव के लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की, जिसमें वर्ष 2026-28 के लिए पदाधिकारी चुने गए।
ये हैं नवनिर्वाचित पदाधिकारी
अध्यक्ष – अधिवक्ता विवेक सारस्वत,
महासचिव – अधिवक्ता गोपाल कृष्ण तावनिया
उपाध्यक्ष – कमल किशोर साहू, राजेश दीवान, महेंद्र पंसारी
कोषाध्यक्ष – दुर्गा शंकर साहू
सहसचिव – सतीश अग्रवाल, सत्य प्रकाश मिश्रा
प्रचार सचिव – भरत अम्बवानी
अंकेक्षक – सीए अरविन्द चंद सुराना
छत्तीसगढ़ टैक्स बार कौंसिल के महासचिव गोपाल कृष्ण तावनिया ने कहा, कार्यक्रम के सफल संचालन एवं उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के लिए अखिलेश मिश्रा, शिव सोनी एवं दुर्ग टैक्स बार एसोसिएशन धन्यवाद के पात्र हैं, जिनके नेतृत्व में यह आयोजन अत्यंत व्यवस्थित एवं गरिमामय रहा।
PM मोदी के कार्यकाल को 12 वर्ष पूर्ण, सीएम डॉ. मोहन बोले- लोगों के जीवन में नया सवेरा लाए प्रधानमंत्री
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को 12 वर्ष पूर्ण हो गए हैं। इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके कार्यकाल के विशिष्ट क्षणों को याद किया है। सीएम डॉ. मोहन ने कहा है कि 12 वर्ष पूर्व देश ने जोश और अटूट विश्वास के साथ नरेंद्र मोदी को अपना ‘प्रधानमंत्री’ चुना था, लेकिन उन्होंने स्वयं को हमेशा एक ‘प्रधानसेवक’ माना। इसी रूप में वे अपना ‘राष्ट्रधर्म’ निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों की सेवा को ही ईश्वर की सेवा मानते हुए सुशासन और प्रगति के नए-नए रिकॉर्ड बनाए हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ उन्होंने समाज के हर वर्ग- विशेषकर गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के जीवन में समृद्धि का नित नया सवेरा लाकर उनका भरोसा जीता है। उन्होंने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के अभिशाप से मुक्ति दिलाकर उनके आत्मसम्मान की रक्षा की। कोविड महामारी के संकटकाल में हर पात्र नागरिक को मुफ्त राशन और देशव्यापी मुफ्त टीकाकरण की सुरक्षा दी। कई देशों को भी टीके देकर ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव से दुनिया का परिचय कराया।
अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मिला सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का एहसास कराया है। आज प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाएं और सपने पूरे हो रहे हैं। देश विश्व पटल पर एक महाशक्ति के रूप में खड़ा हो रहा है। ये युगांतरकारी परिवर्तन इसलिए संभव हो पाए हैं, क्योंकि सरकार की हर नीति, नीयत और निर्णय के मूल में मानवीय संवेदना रही है।
25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से आए बाहर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अंत्योदय से राष्ट्रोदय की भावना के साथ बीते 12 वर्ष में गरीब कल्याण के लिए ठोस कार्य किया है। उनके निर्देशन में प्रत्येक मंत्रालय जनहित में सक्रिय है। हर गरीब का अधिकार सीधे उसके हाथों तक पहुंचाया गया है। इसी का परिणाम है कि देश में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। ऐसी अनेक योजनाएं हैं जिनसे नागरिकों का जीवन सार्थक बना है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, उज्व्हला योजना, सुरक्षा बीमा योजना, मुद्रा योजना, स्वनिधि योजना, नि:शुल्क राशन, आयुष्मान भारत योजना शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे देश में सार्वजनिक स्वच्छता के अभियान से स्वच्छ भारत के निर्माण का कार्य हो रहा है। बड़े पैमाने पर शौचालयों के निर्माण का कार्य हुआ है। डिजिटल इंडिया का सपना भी साकार हो रहा है। इस दिशा में डीबीटी एक युगांतकारी पहल है। इस व्यवस्था के माध्यम से हितग्राहियों को पारदर्शी ढंग से उनके हक की राशि का भुगतान सुचारु रूप से किया जा रहा है। इससे करोड़ों वंचित परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिला है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की पूर्ति के लिए अतुलनीय प्रयास किए गए हैं। जनभागीदारी से इन लक्ष्यों को पूरा किया जाएगा।
HDFC Life को बड़ा झटका: उपभोक्ता आयोग ने 9.60 लाख रुपये का बीमा क्लेम चुकाने का दिया आदेश
बिलासपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी HDFC Life को मृतिका के परिजनों को बीमा क्लेम की राशि भुगतान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने कंपनी द्वारा मृत्यु दावा खारिज किए जाने को सेवा में कमी माना और मृतिका के परिवार के पक्ष में फैसला सुनाया।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने बीमारी का हवाला देते हुए मृत्यु दावा (डेथ क्लेम) अस्वीकार कर दिया था। इससे मृतिका के परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
9.60 लाख रुपये भुगतान का आदेश
उपभोक्ता आयोग ने HDFC Life को मृतिका के परिवार को 9 लाख 60 हजार रुपये की बीमा राशि अदा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा आयोग ने कंपनी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना और 5 हजार रुपये वाद व्यय (मुकदमा खर्च) भी लगाया है।
45 दिनों में करना होगा भुगतान
आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कंपनी को निर्धारित अवधि के भीतर पूरी राशि का भुगतान करना होगा। आदेश के अनुसार HDFC Life को 45 दिनों के अंदर बीमा राशि, जुर्माना और वाद व्यय सहित पूरी रकम परिजनों को देना होगा।
सेवा में कमी मानी गई
सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि बीमा कंपनी ने दावा निरस्त करने में उचित सावधानी और निष्पक्षता नहीं बरती। इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन और सेवा में कमी की श्रेणी में माना गया।
परिवार को मिलेगा बीमा क्लेम का लाभ
फैसले के बाद मृतिका के परिजनों को राहत मिली है। लंबे समय से लंबित बीमा दावे पर आयोग के इस आदेश से परिवार को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
उपभोक्ता आयोग के सदस्य आलोक पाण्डेय ने बताया कि उपलब्ध दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर यह निर्णय सुनाया गया है।
यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो बीमा दावों के निराकरण को लेकर न्याय की उम्मीद में आयोग का दरवाजा खटखटाते हैं।
साय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मुहर: पावर कंपनी के IPO को मिली मंजूरी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, ऊर्जा, परिवहन, खनिज और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ के जरिए शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक मंजूरी देने के साथ ही खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को भी स्वीकृति दी। इसके अलावा प्रदेश में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, योग विषय के प्रशासनिक पुनर्गठन और खनिज परिवहन व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने जैसे अहम निर्णय लिए गए।
1. आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है।
2. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
3. मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा।
4. मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है तथा योग शिक्षा, अनुसंधान और उससे संबंधित गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। विषय की प्रकृति और प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे योग से संबंधित शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
5. मंत्रिपरिषद् ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति प्रदान की है।
इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
6. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति मिलेगी तथा नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार को और अधिक मजबूती मिलेगी।
7. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग एवं वाहन ट्रैकिंग प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा तथा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।
भण्डारण अनुज्ञापत्रधारियों से वसूल की जाने वाली भण्डारण शुल्क की राशि तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई। इसके अतिरिक्त ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाईसेंस होल्डर को अतिरिक्त जमीन स्वीकृत किए जाने एवं दो भण्डारण लाईसेंसों को समामेलित (एकजाई) संबंधी प्रावधानों को लागू किया गया।
इस निर्णय से अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी।
छत्तीसगढ़ में जल्द पहुंचेगा मानसून, अगले 5 दिनों तक मौसम रहेगा सक्रिय
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार देर रात तेज बारिश हुई, जिसने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी. मौसम विभाग ने इसे प्री-मानसून की बारिश बताया है. अलगे 3 दिनों में छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंचने की संभावना है. इसके लिए परिस्थियां अनुकूल बनी हुई है. अलगे 5 दिनों में अधिकतम तापमान में कोई मुख्य बदलाव के आसार नहीं हैं. प्रदेश के कुछ इलाकों में मंगलवार को हल्की से माध्यम बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गरजने और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है. 11 जून से यह गतिविधि बढ़ सकती है.
मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैली ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनी हुई है. एक द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण से लेकर उत्तरपूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा होते हुए उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तक समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर स्थित है.
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, RI प्रमोशन परीक्षा निरस्त करने का फैसला कायम
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में पटवारियों से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए आयोजित विभागीय परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है। इससे सफल अभ्यर्थियों को लगातार तीसरा न्यायिक झटका लगा है।
सिंगल बेंच और डिवीजन बेंच के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच और डिवीजन बेंच से राहत नहीं मिलने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप से इंकार करते हुए विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही परीक्षा निरस्त करने संबंधी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश अंतिम रूप से बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य सरकार के लिए नई परीक्षा आयोजित करने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, अदालत ने अपील दायर करने में हुई देरी को माफ कर दिया।
धनंजय सिंह समेत अन्य अभ्यर्थियों ने दी थी चुनौती (राजस्व निरीक्षक प्रमोशन परीक्षा)
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर के 2 जनवरी 2026 और 10 अप्रैल 2026 को पारित अंतिम निर्णय एवं आदेश को चुनौती देते हुए धनंजय सिंह व अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा एवं जस्टिस संजीव सचदेवा की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई।
मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी खारिज करते हुए अपने फैसले में कहा कि वह छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्णय में हस्तक्षेप करने का इच्छुक नहीं है।
रायपुर में हुई ‘भारत भाग्य विधाता’ की विशेष स्क्रीनिंग, अभिनेत्री कंगना रनौत संग मुख्यमंत्री साय ने देखी फिल्म, 12 जून को होगी रिलीज
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के जोरा मॉल में आयोजित ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय एवं परिजन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रख्यात अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, फिल्म के निर्देशक मनोज तापड़िया सहित फिल्म जगत से जुड़े कलाकार, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य का विषय है कि कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्क्रीनिंग प्रदेश में आयोजित हो रही है और इस अवसर पर वे स्वयं यहां पधारी हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में कंगना रनौत का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक ऐसी कहानी है, जो उन अनसुने और अनदेखे नायकों को सम्मान देती है, जिनके असाधारण योगदान को अक्सर पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि आज इस स्क्रीनिंग में कंगना रनौत और उनकी टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की बहनों की उपस्थिति इस फिल्म की भावना को और अधिक सार्थक बनाती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि फिल्म के निर्देशक मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की माटी के पुत्र हैं। उन्होंने यहां जन्म लिया, यहीं पले-बढ़े और लंबे समय तक मुंबई में रहकर इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित फिल्म की कहानी लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें अनेक लोगों की जान गई। उस कठिन समय में अस्पतालों में कार्यरत महिला नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जान बचाई और घायलों की सेवा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे अनेक योद्धा होते हैं, जिनकी कहानियां समाज के सामने नहीं आ पातीं। कंगना रनौत ने स्वयं नर्स की भूमिका निभाकर उन स्वास्थ्यकर्मियों के साहस, सेवा और समर्पण की कहानी देश के सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे लोग होते हैं, जो बड़े कार्य कर जाते हैं, लेकिन उन्हें उचित पहचान नहीं मिल पाती। यह फिल्म ऐसे ही लोगों को समर्पित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भी अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फिल्म को ‘भारत भाग्य विधाता’ नाम प्रदान किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से सुश्री कंगना रनौत, उनकी पूरी टीम और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म के निर्देशक मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मे हैं, यहीं पले-बढ़े हैं और इस प्रदेश के बेटे हैं। उन्होंने आग्रह किया था कि यदि फिल्म की स्क्रीनिंग छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाए तो यह उनके लिए गर्व का विषय होगा। कंगना रनौत ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों के बीच समय निकालकर इस आयोजन में शामिल होकर कलाकारों और पूरी टीम का सम्मान बढ़ाया है तथा सभी का उत्साहवर्धन किया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में आपातकालीन परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले ‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में जागेश्वर कुमार धीवर, नारायण सिंह नायक, भुनेश्वरी तिवारी, रोहिणी वर्मा, उर्मिला भगत, रोशनी, विजय शंकर कश्यप, मीना सिंह, ममता कपूर, मीना शर्मा, जमुनाबाई, लक्ष्मी मेनन तथा विजया लक्ष्मी पिल्लई शामिल हैं।
इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लक्ष्मी वर्मा, सांसद रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत से जुड़े कलाकार तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।