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भारतमाला मुआवजा घोटाला : ED ने कारोबारी जयप्रकाश गांधी को किया गिरफ्तार, दो दिन की मिली रिमांड
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहली गिरफ्तारी की है। ईडी ने अभनपुर निवासी कारोबारी जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।
इससे एक दिन पहले ईडी ने मामले के मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा समेत चार लोगों के खिलाफ विशेष न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि हरमीत सिंह खनूजा ने जमीन दलालों के साथ मिलकर मुआवजा घोटाले को अंजाम दिया और किसानों को मुआवजे की केवल आधी राशि दी, जबकि शेष रकम अपने पास रख ली।
अप्रैल में हुई थी छापेमारी
ईडी ने 27 अप्रैल को अभनपुर में जयप्रकाश गांधी के घर पर छापेमारी की थी। टीम सबसे पहले उसके भाई गोपाल गांधी के घर पहुंची, जिसके बाद जयप्रकाश गांधी और सत्यप्रकाश गांधी के निवास पर भी जांच की गई। कार्रवाई के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड मिले थे।
इस मामले में रायपुर, धमतरी और दुर्ग सहित कई स्थानों पर भी एक साथ छापेमारी की गई थी। जांच के बाद ईडी ने जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर भेजा गया। ईडी के अधिकारी नीरज कुमार ने 27 अप्रैल की रात अभनपुर थाने में इस मामले को लेकर एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
हरमीत सिंह खनूजा मुख्य आरोपी
ईडी ने हरमीत सिंह खनूजा को मामले का मुख्य आरोपी बनाया है। हरमीत खनूजा प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने पटवारियों और जमीन दलालों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया।
आरोपों के अनुसार किसानों की जमीन खरीदने के बाद दस्तावेजों में बैक डेट में नाम दर्ज कराए गए। नामांतरण से लेकर भुगतान संबंधी रसीदें भी कथित तौर पर बैक डेट में तैयार कराई गई।
चार लोगों को बनाया गया आरोपी
ईडी की जांच में हरमीत सिंह खनूजा के अलावा खेमराज कोसले, पुनउराम देशलहरे और कुंदन बघेल के नाम भी सामने आए हैं। एजेंसी ने इन सभी को मामले में आरोपी बनाया है और उनकी भूमिका की जांच जारी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) : राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सम्पन्न
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने एसएलबीसी के बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को उनके हिस्से की राशि के लिए ऋण देने की प्रक्रिया का सरलीकरण करें, जिससे हितग्राही आवास शीघ्रता से बना सकें। मुख्य सचिव ने नगरीय-प्रशासन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत जिन हितग्राहियों को आवास स्वीकृत हुए हैं, उनके लिए एक विशेष शिविर लगाकर बैंकर्स से ऋण दिलवाये। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केन्द्रांश एवं राज्यांश की राशि हितग्राहियों को दी जाती है।
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इसी तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक भागीदारी में किफायती आवास निर्माण के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में भारत सरकार के एमआईएस पोर्टल पर दर्ज हितग्राहियों की प्रविष्टी में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति के संबंध में भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु भौतिक प्रगति अनुसार केन्द्रांश राशि एक लाख 50 हजार रूपए तथा अनिवार्य राज्यांश की राशि एक लाख रूपए दी जाती है। हितग्राही द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास पूर्ण करते हुए गृह प्रवेश करने पर राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति आवास 32 हजार 850 रूपए पृथक से हितग्राही के खाते में हस्तांतरित की जायेगी। प्रति आवास डीपीआर और पीएमसी शुल्क की राशि 6 हजार 150 रूपए राज्य शासन द्वारा दिया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण घटक अंतर्गत 10 हजार 549 हितग्राही हेतु नवीन आवास निर्माण के लिए केन्द्रांश राशि 158 करोड़ 23 लाख 50 हजार रूपए तथा राज्यांश 146 करोड़ 63 लाख 11 हजार रूपए एवं हितग्राही अंशदान राशि 105 करोड़ 49 लाख शामिल करते हुए 144 नगरीय निकायों में 410 करोड़ 35 लाख 61 हजार रूपए की लागत की 114 परियोजनाओं को स्वीकृत करने हेतु प्रस्तावित किया गया है। जिस पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव आर.शंगीता, आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश अवनीश कुमार शरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव ईफ्फत आरा सहित वित्त, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, गृह निर्माण मंडल, हुडको एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक शामिल हुए।
रायपुर नगर निगम सख्त: बड़े बकायादारों पर होगी कड़ी कार्रवाई, रोज 1 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य
रायपुर। रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने नगर निगम के सभी बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जोन कमिश्नरों को नोटिस जारी कर बकाया राजस्व की वसूली तेज करने और जरूरत पड़ने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
नगर निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन में आयोजित साप्ताहिक टीएल समय-सीमा बैठक में आयुक्त ने शहर के 10 जोनों के लिए प्रतिदिन कुल 1 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य तय किया। बैठक में अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, पंकज के शर्मा, विनोद पाण्डेय, कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता संजय बागड़े सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
30 जून तक संपत्तिकर जमा करने पर 6.25% छूट
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2026-27 का संपत्तिकर 30 जून 2026 तक जमा करने वाले करदाताओं को 6.25 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना का अधिकतम प्रचार-प्रसार कर राजस्व वसूली बढ़ाई जाए।
साथ ही सभी जोनों के राजस्व अमले को लगातार वसूली अभियान पर फोकस बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
मानसून से पहले रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर
बैठक में आयुक्त श्री मिश्रा ने मानसून की पहली बारिश से पहले शहर के अधिक से अधिक स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां प्राथमिकता से वर्षा जल संचयन प्रणाली विकसित करने को कहा, ताकि भूजल स्तर में सुधार हो सके।
अवैध निर्माण पर भी सख्ती
आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों को शहर में अवैध निर्माण के मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव 2026: 5 में से 3 नगर पंचायतों पर भाजपा का कब्जा, कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून को संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकायों के आम और उपचुनावों के नतीजे आज घोषित किए जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की निगरानी में जारी मतगणना के बीच कई सीटों के परिणाम सामने आ चुके हैं। प्रदेशभर में नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षद, जनपद सदस्य, सरपंच और पंच समेत कुल 1310 रिक्त पदों के लिए मतदान कराया गया था।
नगरीय निकाय चुनाव के तहत पांच नगर पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीन सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि कांग्रेस ने दो नगर पंचायतों में जीत दर्ज की है।
इस चुनाव में नवगठित नगर पंचायतों घुमका, बम्हनीडीह, शिवानंदनपुर और पलारी के परिणामों पर विशेष नजर रही। इन क्षेत्रों में पहली बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
सहसपुर लोहारा में भाजपा की सरिता मिश्रा विजयी
कवर्धा जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में केवल अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया गया था। यहां भाजपा की महिला प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 754 वोटों से पराजित कर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।
घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस की फूलमती वर्मा की जीत
राजनांदगांव जिले की नवगठित घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा ने अध्यक्ष पद का चुनाव 85 मतों से जीत लिया। वहींं, 11 वार्डों में भाजपा, 3 वार्डों में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।
बम्हनीडीह नगर पंचायत में BJP का दबदबा
जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी रमेश डडसेना ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। वार्ड परिणामों में भी भाजपा का दबदबा देखने को मिला। वहींं, 11 वार्डों में भाजपा, 3 वार्डों में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।
शिवानंदनपुर में BJP समर्थित अध्यक्ष निर्वाचित
सूरजपुर जिले की शिवानंदनपुर नगर पंचायत में BJP के प्रत्याशी रितेश जायसवाल अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने में सफल रहे। वार्ड चुनावों में यहां भी मुकाबला कांटे का रहा। कुल 15 वार्डों में से 8 वार्डों में कांग्रेस और 7 वार्डों में भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए।
पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत
बालोद जिले की नवगठित पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी यानेश कुमार ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने इस नगर पंचायत में अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। वार्ड चुनाव परिणामों में भी कांग्रेस को बढ़त मिली है। यहां 9 वार्डों में कांग्रेस, 5 वार्डों में भाजपा के प्रत्याशी विजयी हुए हैं, जबकि 1 वार्ड में दोनों प्रत्याशियों को बराबर मत मिले हैं। इस वार्ड के विजेता का फैसला अब टॉस के जरिए किया जाएगा।
अन्य वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजे
जगदलपुर नगर निगम के इंदिरा वार्ड में कांग्रेस की जीत
बस्तर जिले के जगदलपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-1 इंदिरा वार्ड में हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने जीत हासिल कर नए पार्षद के रूप में निर्वाचित हुए। यह सीट पूर्व पार्षद अब्दुल रशीद के निधन के बाद रिक्त हुई थी, जिसके चलते उपचुनाव कराया गया था।
बिलासपुर के संजय गांधी नगर वार्ड में कांग्रेस का कब्जा
बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-29 संजय गांधी नगर (तारबाहर) में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी शेख आज़म ने भाजपा उम्मीदवार वी. मधुसूदन राव को पराजित कर पार्षद पद पर कब्जा जमाया।
जशपुर नगर पालिका के दो वार्डों में भाजपा की जीत
जशपुर नगर पालिका में हुए उपचुनाव में भाजपा ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। वार्ड क्रमांक-8 से भाजपा प्रत्याशी प्रेमलता साहू विजयी रहीं, जबकि वार्ड क्रमांक-14 से भाजपा उम्मीदवार प्रिया सिंह ने जीत हासिल की।
मई में जारी हुआ था चुनाव कार्यक्रम
राज्य निर्वाचन आयोग ने मई में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद 1 जून को मतदान कराया गया, जबकि आज यानी 4 जून को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जा रहे हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार पूरे चुनावी कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। मतदान के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी गई थी।
पंचायतों में भी कई महत्वपूर्ण पदों का फैसला
पंचायत चुनाव में 10 जनपद पंचायत सदस्य, 34 सरपंच और 107 पंच पदों के लिए मतदान कराया गया था। कई जगहों पर मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और ग्रामीण नेतृत्व को लेकर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, जिसका परिणाम आज सामने आएगा।
रायगढ़ जिले में 57 लोग मिले HIV पॉजिटिव मरीज: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं, सरकार के पास पर्याप्त इंतजाम
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जांच के दौरान 57 HIV पॉजिटिव मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य हमला भी अलर्ट मोड पर आ गया है और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लोगों से न घबराने की अपील की है।
लोगों से न घबराने की अपील
श्याम बिहारी जायसवाल का कहना है कि हम केवल रायगढ़ ही नहीं पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर HIV पीड़ित लोगों की जांच कर रहे हैं, जो पॉजिटिव होकर निकलेंगे उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है।
समाज और परिवार को होना पड़ेगा जागरूक
वहीं उन्होंने आगे कहा कि सरकार के पास पर्याप्त इंतजाम है, जो युथ नशीली दवाईयों को नशे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं उनपर प्रशासन और पुलिस की ओर से कार्रवाई भी जारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज और परिवार के लोगों को भी इस पर जागरूक होना पड़ेगा।
महादेव एप मामले में HC का बड़ा फैसला, फ्रीज शेयर बेचकर सुरक्षित निवेश की अनुमति
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने महादेव ऑनलाइन सट्टा एप और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी कंपनियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा फ्रीज किए गए करीब 423 करोड़ रुपए मूल्य के शेयरों और डीमैट खातों की वैल्यू सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। साथ ही कहा है कि शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है और यदि फ्रीज किए गए शेयरों की कीमत गिरती है तो इससे भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने अपने दिए गए फैसले में कंपनियों को यह छूट दी है कि वे फ्रीज किए गए शेयरों को बेचकर प्राप्त रकम को ईडी की निगरानी में सुरक्षित म्यूचुअल फंड या सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश कर सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूरी राशि ईडी के नियंत्रण में ही रहेगी और कंपनियां उसे निकाल नहीं सकेंगी।
बता दें कि ईडी ने वर्ष 2022 में महादेव ऑनलाइन बुक सट्टा एप मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। जांच के दौरान एजेंसी को जानकारी मिली कि सट्टेबाजी से अर्जित कथित अवैध धन को कोलकाता के कारोबारी हरि शंकर टिबरेवाल और सूरज चोखानी के माध्यम से विभिन्न कंपनियों में निवेश किया गया।
ईडी के मुताबिक इस रकम का इस्तेमाल शेयर बाजार में निवेश के लिए किया गया था। इसके बाद 28 फरवरी 2024 को ईडी ने कार्रवाई करते हुए आठ कंपनियों के डीमैट और ट्रेडिंग खाते फ्रीज कर दिए थे। इन खातों में मौजूद शेयरों की कुल वैल्यू 29 फरवरी 2024 की स्थिति में करीब 423.60 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि पीएमएलए कानून के तहत संपत्ति को फ्रीज या अटैच करने का उद्देश्य उसे सुरक्षित रखना होता है। केवल कागजी तौर पर अधिकार बनाए रखना पर्याप्त नहीं है। यदि शेयर बाजार में गिरावट के कारण संपत्ति की कीमत कम हो जाती है तो फ्रीज करने का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। कोर्ट ने कहा कि भविष्य में यदि कंपनियां केस जीतती हैं या सरकार संपत्ति जब्त करती है, दोनों ही स्थितियों में संपत्ति की वास्तविक वैल्यू सुरक्षित रहना जरूरी है। अदालत ने यह भी माना कि ईडी कोई निवेश प्रबंधन एजेंसी नहीं है, लेकिन संपत्ति का मूल्य बचाने वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है।
मध्य प्रदेश में जल्द लागू होगा UCC, सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान
भोपाल। मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानि समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अब तक का सबसे बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि मध्य प्रदेश जल्द ही यूसीसी (UCC) लागू करने वाला देश का अगला राज्य बनने जा रहा है। सीएम ने साफ किया कि राज्य सरकार ‘एक निशान, एक विधान और एक कानून’ की राष्ट्रीय भावना के साथ आगे बढ़ रही है लेकिन इसमें प्रदेश के जनजातीय समुदाय के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव न बताया कि मध्य प्रदेश में यूसीसी के ड्राफ्ट और इसके क्रियान्वयन को लेकर सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। जिसके लिए उच्चतम न्यायालय की रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है।
यह समिति फिलहाल जिला स्तर पर जाकर समाज के सभी वर्गों, धर्मों और समुदायों के लोगों से मुलाकात कर रही है और उनकी राय व सुझाव ले रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बहुत ही खुले विचार और खुले हृदय के साथ इस दिशा में काम कर रहे हैं।
जनजातीय समुदाय को UCC से रखा जाएगा बाहर
इस पूरे कानून को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील घोषणा की। उन्होंने साफ किया कि मध्य प्रदेश के सभी जनजातीय समुदायों को यूसीसी (UCC) के दायरे से पूरी तरह अलग रखा जाएगा।
सीएम ने भरोसा दिलाया कि आदिवासी समाज को उनके पारंपरिक रीति-रिवाज, संस्कृति और सामाजिक नियमों को पहले की तरह ही मानने की पूरी स्वतंत्रता होगी। उनके अधिकारों और परंपराओं पर इस कानून का कोई असर नहीं पड़ेगा।
एमपी को अव्वल बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मध्य प्रदेश को देश के सभी क्षेत्रों में अव्वल राज्य बनाने के संकल्प के साथ चौतरफा कार्य कर रहे हैं। यूसीसी लागू होना इसी दिशा में एक बड़ा और मजबूत कदम होगा।
नगरीय निकाय उप-चुनाव के शुरुआती रुझानों और नतीजों में भाजपा की बढ़त पर स्वास्थ्य मंत्री ने जाहिर की खुशी, कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय उप-चुनाव के परिणाम आने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। शुरुआती रुझानों और नतीजों में भाजपा की बढ़त पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खुशी जाहिर की है और प्रदेश की जनता के साथ ही बीजेपी कार्यकताओं को भी आभार जताया है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के आरोप पर भी पलटवार किया है।
चुनाव परिणाम पर स्वास्थ्य मंत्री का बयान
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि ढाई सालों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जो सरकार रही, यह उसका ही परिणाम है। चाहे नगरीय क्षेत्र के चुनाव हों या ग्राम और जिला पंचायत के, अधिकांश जगहों पर भाजपा की ऐतिहासिक जीत हो रही है। रुझान पूरी तरह भाजपा के पक्ष में हैं, जो यह साबित करता है कि प्रदेश की जनता CM साय के नेतृत्व की सरकार से खुश है।
कांग्रेस के आरोप पर किया पलटवार
भाजपा की जीत को कांग्रेस की ओर से ‘पैसों की जीत’ बताए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर वो चुनाव जीतते हैं तो कहते हैं कि यह सरकार की नाकामी है और हम जीत रहे हैं तो उनकों पैसे की जीत लग रही है। हर जगह दूसरों पर दोष मढ़ने लगते हैं। कांग्रेस हर चुनाव में पिट रही है। रिजल्ट से पहले बोलते है सरकार बनाएंगे हारने पर दोष देते हैं।
2028 चुनाव की तैयारी को लेकर BJP की तैयारी तेज
आगामी चुनावों को लेकर मंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में उत्तर से लेकर पूर्व तक जितने भी उप-चुनाव हुए हैं, उनके परिणाम साफ बता रहे हैं कि छत्तीसगढ़ का मूड क्या है। प्रदेशभर में नॉर्थ से ईस्ट में किसी न किसी रूप में चुनाव हुए है। प्रदेश का मूड बता रहा है बीजेपी पर जनता का भरोसा बढ़ा है। पीएम मोदी और मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व जनता का भरोसा बढ़ा है और बढ़ेगा।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने ली इंडियन राईस एक्सपोर्ट फेडरेशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक, पायलट प्रोजेक्ट पर बनी सहमति
रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बासमती धान की खेती के विस्तार पर राज्य सरकार ने पहल शुरू कर दी है। कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम की अध्यक्षता में अटल नगर, नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में इस विषय पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि संचालक राहुल देव, अनुसंधान संचालक डॉ संजय त्रिपाठी, बीज निगम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक तथा इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ बासमती धान की खेती को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। श्री नेताम ने कहा कि किसानों के हित सर्वाेपरि हैं और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, सरकार उन्हें प्राथमिकता के साथ लागू करेगी। सामान्य धान की खेती के फसल विविधिकरण तथा राज्य में बासमती का रकबा बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बासमती धान की खेती को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि राज्य में धान की विभिन्न किस्मों का व्यापक उत्पादन होता है, लेकिन बासमती एवं अन्य सुगंधित चावलों की अंतरराष्ट्रीय और यूरोपीय बाजारों में विशेष मांग है तथा इनके बेहतर दाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां की जलवायु और तापमान बासमती उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। चयनित क्षेत्रों में बासमती धान का रकबा बढ़ाकर किसानों को अधिक लाभ दिलाने की योजना बनाई जाएगी।
बैठक में इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने राज्य में बासमती धान के उत्पादन और रकबे में वृद्धि के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। फेडरेशन ने किसानों के लिए बायबैक व्यवस्था, विपणन सहयोग तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सुगंधित चावल के निर्यात को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में इस बात पर भी सहमति व्यक्त की गई कि उत्पादन से लेकर विपणन और निर्यात तक एक समन्वित व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और छत्तीसगढ़ सुगंधित चावल उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना सके।
पारिवारिक विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश, कहा – पहले जमा करें राशि फिर मिलेगी सुरक्षा
बिलासपुर। पारिवारिक विवाद के मामले में हाईकोर्ट ने पति व सास-ससुर की गिरफ्तारी पर रोक के लिए शर्त रखी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पति को मीडिएशन सेंटर में एक लाख रुपये जमा करने और रसीद लेकर एसपी को दिखाने का निर्देश दिया है। इसके बाद ही गिरफ्तारी पर रोक का आदेश प्रभावी होगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पति व पत्नी को मीडिएशन सेंटर में आपसी विवाद को सुलझाने कहा है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में एक लाख रुपये जमा नहीं किए गए तो गिरफ्तारी पर दी गई अंतरिम सुरक्षा स्वतः समाप्त हो जाएगी। साथ ही आपराधिक याचिका भी बिना किसी अतिरिक्त आदेश के स्वतः खारिज मानी जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि दोनों पक्षों के बीच अंतिम समझौता हो जाता है तो जमा कराई जाने वाली राशि को उसी में समायोजित किया जाएगा।
दरअसल, बिलासपुर के राजकिशोर नगर निवासी अंकुर गौरहा उनके पिता राकेश गौरहा और मां रेखा गौरहा के खिलाफ अंकुर की पत्नी भाव्या गौरहा ने सारंगढ़ थाने में दहेज प्रताड़ना की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर और आगे की दंडात्मक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि पत्नी भव्या द्वारा लगाए गए आरोप झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार शिकायत काफी विलंब से दर्ज कराई गई है तथा इसमें दहेज मांग या क्रूरता के कोई स्पष्ट और विश्वसनीय आरोप नहीं है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि मामला वैवाहिक विवाद से जुड़ा है, लिहाजा इसे मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को 8 जून 2026 को हाईकोर्ट के मीडिएशन सेंटर में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने 29 जून 2026 तक याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से जांच में पूरा सहयोग देने की शर्त रख दी है।
जनता की समस्याओं का 7 दिनों में हो निराकरण, लापरवाही बरतने वाले अधिकारी सीधे होंगे सस्पेंड: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल आज गोबरा नवापारा में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ (महाशिविर) कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए सांसद श्री अग्रवाल ने कड़े लहजे में प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनता जनार्दन सर्वोपरि है और उनके काम में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मंच से ही दो टूक कहा कि शिविर में आए सभी विभागों के आवेदनों का निराकरण हर हाल में 7 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। जो भी विभाग इस समय-सीमा में काम नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी।




लापरवाह रेंजर को मंच से ही सस्पेंड करने के निर्देश
सुशासन तिहार के दौरान जब कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल निर्माण में वन विभाग द्वारा आपत्ति लगाने और क्षेत्र के रेंजर के बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद रहने की बात सामने आई, तो सांसद बृजमोहन अग्रवाल का कड़ा रुख देखने को मिला। उन्होंने मंच से ही गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को संबंधित रेंजर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने (निलंबित करने) के निर्देश जारी किए। श्री अग्रवाल ने कहा कि जब सांसद और जिले के तमाम आला अधिकारी जनता की समस्या सुनने बैठे हैं, तो गैर-जिम्मेदार अधिकारियों की ऐसी मनमानी और लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




अवैध कब्जेधारियों और लेटलतीफी पर बरसे सांसद
शिविर में जब हरिहर हाई स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जे और नवापारा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की आरक्षित भूमि का हस्तांतरण साल 2013-14 से अटके होने का मामला सामने आया, तो सांसद ने तत्काल मंच पर ही पटवारी, आरआई और तहसीलदार को तलब किया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, “सरकारी जमीन किसी के बाप की नहीं है, यह जनता और सरकार की संपत्ति है।” उन्होंने एसडीएम और प्रशासनिक अमले को निर्देश दिया कि अगले 3 दिनों के भीतर स्कूल की जमीन से अवैध कब्जा हटाया जाए और 7 दिनों के भीतर स्कूल के नाम पर जमीन दर्ज की जाए।


नवापारा क्षेत्र को मली करोड़ों की विकास सौगातें
क्षेत्र के चहुंमुखी विकास और आम जनता की सहूलियत के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सुशासन तिहार के मंच से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- नगर पालिका कार्यालय का नया भवन: नवापारा नगर पालिका के नए प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए ₹2 करोड़ की भव्य राशि का शिलान्यास किया गया।
- बेटियों की शिक्षा और सुविधा: शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला नवापारा में अतिरिक्त कमरों (कक्ष) के निर्माण के लिए सांसद निधि से तत्काल ₹10 लाख स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही, कन्या शाला में भीषण गर्मी के मद्देनजर पेयजल संकट को दूर करने के लिए 7 दिनों के भीतर नया बोरिंग और पंप चालू करने के कड़े निर्देश दिए।
- बेटियों को खेल की सौगात: अखाड़े में अभ्यास करने वाली स्थानीय बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए 'महावीर बजरंग अखाड़ा' को खेल सामग्री एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए ₹5 लाख की राशि देने की घोषणा की।
भाजपा सरकार में जनता के द्वार पर है प्रशासन
सांसद श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पहले की सरकारों में जनता अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर काटती थी, लेकिन आज हमारी विष्णुदेव साय सरकार का पूरा अमला खुद जनता की चौखट पर आकर बैठा है। आज इस सुशासन शिविर में 300 से अधिक आवेदन आए हैं, जिनमें से 108 नगर पालिका और 75 राजस्व विभाग से जुड़े हैं। बिजली के खराब तार, नालियों की सफाई, पानी की किल्लत जैसी सभी बुनियादी समस्याओं को अधिकारी तत्काल युद्धस्तर पर ठीक करें। यह पहली ऐसी सरकार है जो खुद जनता के बीच आकर अपनी परीक्षा दे रही है।
इस सुशासन तिहार कार्यक्रम में विधायक इंद्र कुमार साहू, वरिष्ठ नेता अशोक बजाज, नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी, पूर्व अध्यक्ष विजय गोयल, राजू सोनकर, संतोष शुक्ला, नागेंद्र वर्मा, भूपेंद्र सोनी सहित जिले के एडीएम, एसडीएम, नगर पालिका कमिश्नर, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी-कर्मचारी एवं भारी संख्या में स्थानीय नागरिक, मातृशक्ति और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नैनो उर्वरकों के उपयोग से खेती बनेगी अधिक लाभकारी और टिकाऊ : कम लागत, बेहतर उत्पादन और स्वस्थ मिट्टी का माध्यम है नैनो उर्वरक - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों के साथ आत्मीय चर्चा करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने खेती-किसानी से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए तथा किसानों के प्रश्नों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और कम उम्र में ही खेती-किसानी तथा परिवार की जिम्मेदारियां संभालने का अवसर मिला। इसी कारण वे किसानों की जरूरतों, चुनौतियों और उनके संघर्ष को निकटता से समझते हैं। उन्होंने कहा कि पहले खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं का अभाव था, लेकिन आज कृषि क्षेत्र में बड़े परिवर्तन आए हैं। मशीनों, वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों के उपयोग से उत्पादकता बढ़ी है तथा किसानों के लिए नई संभावनाएं खुली हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं तथा कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं ने किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान गांवों में किसानों से सीधे संवाद के दौरान यह अनुभव हुआ है कि विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरे पर दिखाई देने वाला आत्मविश्वास ही सरकार की योजनाओं की वास्तविक सफलता है।
कार्यक्रम में शामिल ड्रोन दीदियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कम समय, कम लागत और अधिक प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे खेती आधुनिक, वैज्ञानिक और लाभकारी बन रही है तथा महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और जैविक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इनके उपयोग से लागत कम होती है, उत्पादन क्षमता बढ़ती है तथा मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया।
किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों ने अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, मौसंबी, पपीता और आम जैसी फसलों की उन्नत खेती के अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है तथा बदलते समय के अनुरूप किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी, प्राकृतिक कृषि, जैविक खेती और अन्य नवाचारों को अपनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का युवा खेती को केवल परंपरा नहीं बल्कि आधुनिक उद्यम के रूप में देख रहा है। यह परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत सकारात्मक है। राज्य सरकार कृषि आधारित कौशल विकास, ड्रोन संचालन, कृषि मशीनरी, जैविक खेती और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने में संकोच न करें। समय के साथ बदलती तकनीकों को अपनाकर सीमित लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीक ही किसानों की समृद्धि का आधार बनेंगे।
बिलासपुर में NSUI का उग्र प्रदर्शन, देवेंद्र यादव का कुर्ता फटा, पुलिस ने किया वाटर कैनन इस्तेमाल
बिलासपुर। NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर NSUI ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी झूमाझपटी हुई, जिसमें भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता तक फट गया।
युवाओं को उग्र होता देख भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे NSUI नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। पुलिस प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर बस में भरकर ले गई है।
पुलिस ने केंद्रीय मंत्री के बंगले से पहले ही मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पहले बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस के साथ उनकी सीधी झड़प हो गई। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। इस आपाधापी में विधायक का कुर्ता फट गया।
जब तक कार्रवाई नहीं होती जारी रहेगा प्रदर्शन
एनएसयूआई नेताओं ने कहा है कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में प्रदर्शन चल रहा है। इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई न होने और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। 2 घंटे तक चले हंगामा के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए। इस प्रदर्शन में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत प्रदर्शन के कार्यकर्ता पहुंचे थे।
डॉ. मोहन देश के पहले सीएम, जिन्होंने काफिले में शामिल की EV
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता की अपील का लगातार पालन कर रहे हैं। इसके मद्देनजर उन्होंने 3 जून को बड़ा फैसला किया। वे देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने अपने काफिले में इलेक्ट्रिक व्हीकल शामिल किया है। दरअसल, मुख्यमंत्री के काफिले में अब महिंद्रा कंपनी की XEV 9e इलेक्ट्रिक कार शामिल की गई है। कंपनी के दावे के मुताबिक यह कार एक बार चार्ज करने पर 500 किमी का सफर तय करती है। सीएम डॉ. यादव इस ईवी से मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर भोपाल तक गए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नई कार को MP-02-VB-2047 नंबर मिला है। इस नंबर में VB का अर्थ विकसित भारत से लगाया जा रहा है। जबकि, 2047 को प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। कार में 360 डिग्री कैमरा सहित सारी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। इस कार से सफर करके मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। गौरतलब है कि इसके ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा पर सीएम डॉ. मोहन का फोकस
बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा को लेकर काफी संवेदनशील हैं। इन दोनों के लिए वे नई-नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अलग-अलग जगह गिद्धों और मगरमच्छों को छोड़ा। उनका मानना है कि कोई भी विकास बिना पर्यावरण संरक्षण के अधूरा है। वे मानते हैं कि सौर ऊर्जा से उत्पन्न विकल्प देश-दुनिया को विकास का नया मार्ग दिखा सकते हैं।
कई बार पेश की सादगी की मिसाल
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दौरे के दौरान मितव्ययता का लगातार ध्यान रख रहे हैं। हाल ही में उन्होंने इंदौर में एचआर ग्रीन से राजवाड़ा तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ टेम्पो ट्रेवलर बस में सफर किया। उससे पहले सिंगरौली दौरे के दौरान वे टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। बता दें, पहले सीएम डॉ. यादव के काफिले में गाड़ियों की संख्या को भी घटाकर कम कर दिया गया है।
13 जून को NHM कर्मचारियों का महासम्मेलन : सीएम साय होंगे मुख्य अतिथि, प्रदेशभर से 18 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी होंगे शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने 13 जून 2026 को रायपुर स्थित स्व. बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया है। यह महासम्मेलन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों एवं अधिकारियों की एकजुटता, समर्पण और स्वास्थ्य सेवाओं में उनके अमूल्य योगदान को समर्पित होगा।
महासम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित प्रदेश सरकार के अनेक मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस महासम्मेलन में प्रदेश के उप-स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, मंत्रालय एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत 18 हजार से अधिक कर्मचारी एवं अधिकारी अपने परिवार सहित सहभागी होंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने प्रदेशभर के जिलों में व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही है।
महासम्मेलन केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 21 वर्षों की स्वास्थ्य सेवा यात्रा, कर्मचारियों के योगदान, संघर्ष एवं उपलब्धियों का सामूहिक उत्सव होगा। यह आयोजन कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय, संवाद और संगठनात्मक एकता को नई दिशा प्रदान करेगा।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट कर महासम्मेलन में शामिल होने आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री जी ने आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की, जिससे प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारियों में विशेष उत्साह का वातावरण है। मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी, डॉ. रविशंकर दीक्षित, प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास, डॉ. आलोक शर्मा एवं डॉ. तृप्ति तिवारी उपस्थित रहे।
6 जून से राज्य सेवा मुख्य परीक्षा : अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी, CGPSC ने घोषित की समय सारणी
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2025 की लिखित परीक्षा की समय-सारिणी घोषित कर दी है। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार परीक्षा का आयोजन 06 जून से 09 जून 2026 तक निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में किया जाएगा। परीक्षा दो पालियों में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न होगी।
जारी कार्यक्रम के अनुसार 06 जून 2026 को भाषा एवं निबंध, 07 जून को सामान्य अध्ययन-I एवं II, 08 जून को सामान्य अध्ययन-III एवं IV तथा 09 जून को सामान्य अध्ययन-V की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 सरगुजा (अंबिकापुर), बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर (जगदलपुर) एवं रायपुर के निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी।
आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। आयोग ने स्प्ष्ट किया है कि प्रवेश पत्र 25 मई 2026 को अभ्यर्थियों को जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट www.psc.cg.gov.in से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग कार्यालय द्वारा किसी भी अभ्यर्थी को पृथक से प्रवेश पत्र अथवा प्रवेश पत्र जारी किए जाने संबंधी कोई सूचना या SMS नहीं भेजा जाएगा।
अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल रमेन डेका सख्त, बोले – नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ मंजूर नहीं, खनिज विभाग के सचिव को दिए कार्रवाई के निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश की नदियों और बड़े नालों में हो रहे अवैध व बेतरतीब रेत उत्खनन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पर्यावरण और जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए इस पर तत्काल व प्रभावी रोक लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि रेत राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण के लिए एक अनिवार्य खनिज है, परंतु इसके अनियंत्रित और अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है।
लोक भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्यपाल ने खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद से इस संवेदनशील विषय पर विस्तृत चर्चा की और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में रेत खनन पूरी तरह से वैज्ञानिक, सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि विकास की रफ्तार और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक आदर्श संतुलन बना रहे।
अनियंत्रित खनन से पर्यावरण और भू-जल स्तर को खतरा
राज्यपाल ने अवैध उत्खनन से होने वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि अंधाधुंध खुदाई के कारण नदियों का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। नदी के तल में अत्यधिक गहराई तक खुदाई होने से उनकी जलधारण क्षमता घट रही है, जिसका सीधा प्रतिकूल असर भू-जल स्तर पर पड़ रहा है। नदी तटों के तीव्र कटाव की समस्या बढ़ रही है। इसके साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जलस्रोत सूख रहे हैं और जलीय जैव विविधता के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नदियों व बड़े नालों की जल क्षमता को बनाए रखने तथा भू-जल स्तर में सुधार के लिए अब दीर्घकालिक और प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।
IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से कराया जाएगा वैज्ञानिक सर्वे
भविष्य की कार्ययोजना पर बात करते हुए राज्यपाल डेका ने निर्देश दिए कि रेत खनन से प्रभावित क्षेत्रों का गहन वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि खनन के सटीक आकलन, तकनीकी अध्ययन और सर्वे के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग लिया जा सकता है।
पारदर्शी व्यवस्था और कड़ी निगरानी के निर्देश
राज्यपाल ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए रेत बेहद जरूरी है, लेकिन इसका दोहन निर्धारित नियमों और वैज्ञानिक मानकों के दायरे में ही होना चाहिए। उन्होंने खनिज विभाग को निर्देशित किया कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए संपूर्ण खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।