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नारी शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र: अब नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का समय - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण’ का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।
रायपुर में नकली दवाओं के रैकेट का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। नकली दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए रायपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें इंदौर से दवा सप्लाई करने वाले के साथ सारंगढ़ और भाठापारा में मेडिकल दुकान संचालित करने वाले शामिल हैं. तीनों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.
जानकारी के अनुसार, प्रदेश स्तर पर खेले जा रहे इस खेल की जानकारी तब पहली बार सामने आई, जब गोगांव स्थित एक ट्रांसपोर्ट में नकली दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई थी. जांच में पता चला कि ये दवाएं इंदौर से मंगाई गई थीं. इसके बाद ड्रग विभाग की टीम ने सारंगढ़ और भाठापारा के कई मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की.
इस बीच जनवरी के महीने में सारंगढ़ के एक मेडिकल स्टोर संचालक की रायपुर में सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम से एक रेस्टोरेंट में मुलाकात का वीडिया सोशल मीडिया में वायरल हुआ, जिसमें फाइल दिखाने और संदिग्ध व्यवहार के आरोप लगे. इस वाकये के बाद संजय कुमार नेताम को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.
जांच में पुष्टि हुई कि आरोपियों द्वारा इंदौर से नकली दवाओं की सप्लाई कराई जा रही थी, जिसे स्थानीय मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से बाजार में खपाया जा रहा था. पुलिस ने इंदौर से दवाओं की सप्लाई कराने वाला रोचक अग्रवाल, सारंगढ़ के मेडिकल स्टोर संचालक खेमराम बानी और भाठापारा के मेडिकल स्टोर संचालक सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है.
प्रदेश में गर्मी का कहर शुरू, अगले दो दिन में 2 डिग्री तक बढ़ेगा पारा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में उत्तर पश्चिम से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं के आगमन से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है. गर्म हवा ने पिछले दो दिनों से मध्य इलाके में अपना असर दिखाना शुरू किया है. घरों में बिना एसी और कूलर के दिन बिताना अभी से मुश्किल हो रहा है. खासकर रायपुर और दुर्ग संभाग का पारा तेजी से चढ़ रहा है. रविवार को रायपुर सबसे गर्म रहा, मगर सोमवार को राजनांदगांव की गर्मी ने इसे पीछे छोड़ दिया.
सोमवार के दिन प्रदेश में मौसम शुष्क रहा. सर्वाधिक अधिकतम तापमान राजनंदगांव में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर पूर्व बिहार और उसके आसपास स्थित है और यह 1.5 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है.एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका उत्तर पूर्व उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक विस्तारित है. एक उत्तर दक्षिण द्रोणिका उत्तर पूर्व बिहार से दक्षिण तमिलनाडु तक छत्तीसगढ़ होते हुए फैला है.
प्रदेश में उत्तर पश्चिम से गर्म और शुष्क हवाओं का आगमन लगातार जारी है, जिसके कारण अधिकतम तापमान में अगले दो दिनों में दो डिग्री के आसपास वृद्धि (बस्तर संभाग के जिलों को छोड़कर) होने की संभावना है. प्रदेश में आज यानी 14 अप्रैल को मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. वहीं 15 अप्रैल से मध्य भाग में ग्रीष्म लहर चलने और ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति बनने की संभावना है.
राजधानी रायपुर में आज आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
दुर्ग में जनगणना 2027 की तैयारी अंतिम चरण में, पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
दुर्ग। जिले में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा हैं। करीब 15 साल बाद होने वाली इस जनगणना को इस बार पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है, जिससे प्रक्रिया को सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए दो चरणों में संपन्न किया जाएगा।
जिला जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्रशिक्षण के दो चरणों में होने वाली प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण का होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में परिवार और व्यक्तियों की गणना के लिए आयोजित किया जाएगा। इस बड़े अभियान के लिए जिले में 3,850 प्रगणक और पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जिनके मार्गदर्शन के लिए 79 फील्ड ट्रेनर तैनात हैं।
प्रत्येक प्रगणक को लगभग 700 से 800 लोगों या 250 से 300 परिवारों की गणना का जिम्मा सौंपा गया है। 11 अप्रैल से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो चुका है, जिसमें 1109 प्रशिक्षकों को अलग-अलग बैच में तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण नगर निगम दुर्ग, रिसाली, भिलाई जोन-4, जामुल और दुर्ग, धमधा, पाटन व अहिवारा तहसीलों में आयोजित किया जा रहा है।
इस अभियान में शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, ट्राइबल और महिला-बाल विकास विभाग के कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है। इस बार डेटा संग्रह मोबाइल एप के माध्यम से होगा, जिसमें प्रगणकों को डेटा एंट्री, मैप सत्यापन और सिंकिंग की प्रक्रिया सिखाई जा रही है। नागरिकों को 16 से 30 अप्रैल तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा भी मिलेगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
“खेल बने मौलिक अधिकार, क्रीड़ा भारती ने सरकार को सौंपा प्रस्ताव”
रायपुर। क्रीड़ा से चरित्र निर्माण और चरित्र से राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ क्रीड़ा भारती आगे बढ़ रही है। खेलों के माध्यम से समाज में अनुशासन, उत्तम स्वास्थ्य और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से समर्पित अग्रणी संस्था क्रीड़ा भारती द्वारा संस्था के पदाधिकारियों ने क्रीड़ा भारती के गौरवशाली इतिहास और इसके दूरदर्शी उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। साथ ही संस्था ने “खेल को मौलिक अधिकार” बनाए जाने की मांग उठाई।
क्रीड़ा भारती के प्रांतीय पदाधिकारियों ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में संस्था के उद्देश्य, कार्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। प्रांतीय अध्यक्ष संजय शर्मा, मंत्री सुमित उपाध्याय और उपाध्यक्ष नीता डुमरे ने बताया कि क्रीड़ा भारती की स्थापना वर्ष 1992 में महाराष्ट्र के पुणे में हुई थी। तब से लेकर आज तक यह संस्था अपने मूल मंत्र “क्रीड़ा से चरित्र निर्माण, चरित्र से राष्ट्र निर्माण” को चरितार्थ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संस्था का मानना है कि एक स्वस्थ और अनुशासित खिलाड़ी ही एक सशक्त राष्ट्र का आधार बन सकता है।
पत्रकार वार्ता के दौरान संस्था के लक्ष्यों को साझा करते हुए पदाधिकारियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर बल दिया—
खेल संस्कृति का पुनरुद्धार: समाज में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाना और खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना।
स्वदेशी खेलों को प्रोत्साहन: दिसंबर माह में अहमदाबाद में क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के सभी राज्यों से आए दो हजार से अधिक प्रतिनिधियों, जिनमें ओलंपियन, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, अर्जुन पुरस्कार विजेता, पद्मश्री और खेल विशेषज्ञ शामिल थे। उन्होंने एकमत से “खेल को मौलिक अधिकार में शामिल किया जाए” प्रस्ताव पारित कर सरकार को प्रतिवेदन दिया। उक्त कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया उपस्थित थे।
साथ ही कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल को 2036 ओलंपिक खेलों में शामिल करने के लिए देश में माहौल बनाने के लिए वर्षभर योजनाबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आधुनिक व पारंपरिक खेलों को बढ़ावा: आधुनिक खेलों के साथ-साथ भारत के पारंपरिक और ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देना ताकि हमारी विरासत सुरक्षित रहे।
सर्वांगीण स्वास्थ्य और योग: देश के प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ रखने हेतु योग का व्यापक प्रचार-प्रसार करना।
चरित्र एवं राष्ट्र निर्माण: युवाओं में खेलों के माध्यम से अनुशासन, धैर्य और अटूट राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना।
प्रतिभा खोज: स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें उचित मंच प्रदान करना।
उन्होंने बताया कि क्रीड़ा भारती का लक्ष्य केवल खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ हों और राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहें। “खेल हमारा मौलिक अधिकार हो” इसके संबंध में प्रांताध्यक्ष संजय शर्मा और प्रांत मंत्री सुमीत उपाध्याय ने विस्तृत जानकारी दी।
युवाओं के प्रेरणास्रोत सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ‘MY Bharat Budget Quest’ के समापन समारोह में फूँका राष्ट्र निर्माण का मंत्र
रायपुर। भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में, ‘MY Bharat छत्तीसगढ़’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय-स्तरीय ‘MY Bharat Budget Quest’ का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया अपने संबोधन में, उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया, और प्रतिभागियों को समावेशी विकास तथा सतत विकास की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।




नवा रायपुर स्थित IIIT में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने अपने ओजस्वी संबोधन से युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया।



देश भर के 12 लाख और छत्तीसगढ़ के 30 हजार युवाओं में से चयनित होकर आए 471 प्रतिभागियों को श्री अग्रवाल ने भविष्य का 'आर्थिक दूत' बताते हुए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि आप जैसे शिक्षित बच्चे ही आम आदमी को सरकार की योजनाओं और टैक्स के सदुपयोग के बारे में समझा सकते हैं।
"बजट को समझना हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी"
बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में सवाल किया कि, इसके पहले कभी आप लोगों ने बजट को समझने की कोशिश की थी? सही बताइएगा। बजट क्या होता है, बजट कैसे बनता है, बजट खर्च कैसे होता है, बजट में पैसे कहाँ से आते हैं—यह कभी इस देश का नागरिक और पढ़ा-लिखा नौजवान भी कभी समझने की कोशिश नहीं करता है।
हमें तो लगता है कि हमारे जेब में ₹100 हैं, उस ₹100 में से क्या चीज़ आएगी, हम उसको खरीद लेते हैं। इतना पैसा बचेगा, उसका क्या उपयोग करेंगे, इसके बारे में हम सोचते हैं। परन्तु जब कोई भारत की सरकार या राज्य की सरकार बजट बनाती है, तो उसके सामने बहुत सारे पहलू (aspects) होते हैं।
आर्थिक समझ और युवाओं की भूमिका
नौजवान जो है, वह सिर्फ अपनी परीक्षा को पास करने में या प्रतियोगी परीक्षाओं (competitive exams) को पास करने में, या फिर अपनी मौज-मस्ती के लिए पैसों की व्यवस्था करने को समझता है। और जब उसे कहीं पर ऐसी समस्या आती है—सड़क खराब मिलती है, बिजली नहीं मिलती है, कहीं सरकार काम नहीं कर रही होती है—तो वह सरकार को गाली देने लगता है।
परन्तु सरकार ऐसा क्यों कर रही है, किस कारण से हो रहा है? युवाओं को देश की समस्याओं, उपलब्धियों और बजट के बारे में जानना चाहिए। आज भारत की जनसंख्या 140 करोड़ है। इतने बड़े देश को चलाने के लिए बजट को मैनेज करना एक बड़ी चुनौती है।
आज भारत विश्व के समृद्ध देशों से भी ज़्यादा सुखी देश है। हमारी अर्थव्यवस्था स्थिर (stable) है। इसका एक बड़ा कारण हमारे बुजुर्गों की बचत करने की आदत है। जहाँ आज का नौजवान ₹100 आने पर ₹120 खर्च कर देता है, वहीं हमारी माताएं, बहनें और दादियाँ उस पैसे में से कुछ बचाकर रखती थीं, जो मुश्किल समय में काम आता था।
विकास और अधोसंरचना
आज देश में तेज़ी से विकास हो रहा है:
फ्लाईओवर और एक्सप्रेस-वे का निर्माण।
वंदे भारत ट्रेनों का संचालन।
बुलेट ट्रेन का सपना, जो अगले एक साल में हकीकत बनने वाला है।
इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज़ी से विकास।
यह सब पैसा कहाँ से आता है? सरकार हमसे टैक्स लेती है ताकि हमें अच्छी सड़कें, एयरपोर्ट, और रेल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएँ दे सके। यह बात आम आदमी को कौन समझाएगा? आप जैसे पढ़े-लिखे बच्चे ही समझाएंगे।
छत्तीसगढ़ में प्रगति
छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है:
IIM, IIT, HNLU और AIIMS जैसे संस्थानों की स्थापना।
राज्य गठन के समय केवल 1 मेडिकल कॉलेज था, आज 15 मेडिकल कॉलेज हैं।
अगले एक-दो वर्षों में 5 और मेडिकल कॉलेज खुलने वाले हैं।
प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि हर जिले और संसदीय क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज हो।
अंत में, मैं यही कहूँगा कि नई पीढ़ी को यह समझना चाहिए कि सरकार कैसे काम करती है और बजट कैसे बनता है.
कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब IIIT निदेशक डॉ. ओपी व्यास , जिला पंचायत सीईओ विश्रंजन, नितिन शर्मा, अर्पित तिवारी समेत प्रदेशभर से आए विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी साड़ी खरीदी में 9.7 करोड़ घोटाले का आरोप, अंबिकापुर में मंत्री का पुतला दहन
सरगुजा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए साड़ी खरीदी में हुए कथित घोटाले के विरोध में आज अंबिकापुर के घड़ी चौक पर महिला कांग्रेस ने महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का पुतला दहन किया। महिला कांग्रेस का आरोप है कि 1.94 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए खरीदी गई साड़ियों में 9.7 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है।
कांग्रेसियों ने कहा, खादी ग्रामोद्योग विभाग से खरीदी गई साड़ियां न केवल गुणवत्ताहीन थीं बल्कि 5.5 से 6.3 मीटर की जगह केवल 5 मीटर साड़ी की आपूर्ति की गई। बाजार में 200-250 रुपये की कीमत वाली साड़ियाें की कीमत को 500 रुपये बताकर बांटी गई है।

महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष सीमा सोनी ने मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सप्लाई की गई साड़ियां इतनी छोटी है कि पल्लू तक पूरा नहीं पड़ता। मंत्री लगातार घोटालों के आरोपों से घिरी हुई हैं। मुख्यमंत्री का उन्हें पद पर बनाए रखना दुर्भाग्यपूर्ण है।
विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका- केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया
रायपुर। राष्ट्रीय-स्तरीय 'MY Bharat Budget Quest' के आयोजन में युवा मामले और खेल मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया का वर्चुअल संबोधन में विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को समावेशी विकास तथा सतत विकास की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

राज्य निदेशक(प्रभारी) MY Bharat छत्तीसगढ़, युवा मामले और खेल मंत्रालय भारत सरकार अर्पित तिवारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में, MY Bharat छत्तीसगढ़ द्वारा 13 अप्रैल 2026 को IIIT रायपुर में राष्ट्रीय-स्तरीय 'MY Bharat Budget Quest' का सफलतापूर्वक समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूरे राज्य से 500 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो नीतिगत संवाद और राष्ट्र-निर्माण की पहलों में युवाओं की गहरी भागीदारी को दर्शाता है।
कार्यक्रम के शुभारम्भ में पर्यटन मंत्री छत्तीसगढ़ शासन राजेश अग्रवाल ने युवाओं को संबोधित किया । कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मुख्य अतिथि के रूप में सामपन सत्र में इस कार्यक्रम में शिरकत की और युवाओं को बजट क्वेस्ट कार्यक्रम में विकसित भारत मे संकल्प को पूरा करने का आव्हान किया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होकर युवाओं से चर्चा कर बजट के विषय पर प्रकाश डाला।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में मानव पूंजी विकास और विकसित कृषि (विकसित खेती) जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर सारगर्भित चर्चाएँ आयोजित की गईं। इन सत्रों ने प्रतिभागियों के बीच सार्थक संवाद, नवीन विचारों के आदान-प्रदान और नीति-उन्मुख सोच को बढ़ावा दिया। 'MY Bharat Budget Quest' ने युवाओं के लिए एक गतिशील मंच के रूप में कार्य किया, जिसके माध्यम से वे बजटीय और विकासात्मक ढाँचों को समझने, उन पर चर्चा करने और उनमें योगदान देने में सक्षम हुए। यह पहल भारत की प्रगति में युवा नागरिकों को एक हितधारक(stakeholder) के रूप में सशक्त बनाने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।
इस आयोजन का समापन युवा-नेतृत्व वाले परिवर्तन के एक सशक्त संदेश के साथ हुआ, जिसने एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया। ओपी व्यास डायरेक्टर IIIT रायपुर ने भी सभी का स्वागत किया।
बस्तर में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत: सुकमा में ‘अटल आरोग्य लैब’ का मुख्यमंत्री ने किया राज्यस्तरीय शुभारंभ
रायपुर। “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः…” की भारतीय जीवनदृष्टि को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुकमा जिला चिकित्सालय में ‘अटल आरोग्य लैब’ का राज्यस्तरीय शुभारंभ किया। यह पहल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई क्रांति का आधार बनेगी, जो विशेष रूप से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों को आधुनिक एवं सुलभ जांच सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य शासन का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के हर नागरिक तक उत्कृष्ट, किफायती और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं। उन्होंने कहा कि अटल आरोग्य लैब के माध्यम से अब प्रदेश के 1046 स्वास्थ्य संस्थानों - जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक -मुफ्त जांच की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे लाखों नागरिकों को सीधे लाभ मिलेगा। इस अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली के माध्यम से मरीजों को 133 प्रकार की जांचें निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। जांच रिपोर्ट एसएमएस और व्हाट्सऐप के माध्यम से सीधे मरीजों तक पहुंचेगी, जिससे उन्हें बार-बार अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं होगी और उपचार प्रक्रिया में तेजी आएगी। यह व्यवस्था न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुलभ भी बनाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की डायग्नोस्टिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। इससे रक्त जांच सहित विभिन्न रोगों की पहचान शीघ्र और सटीक रूप से संभव होगी, जिससे समय पर उपचार शुरू कर मरीजों के स्वास्थ्य लाभ की दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि विशेष रूप से बस्तर जैसे दूरस्थ अंचलों में ऐसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता है, ताकि यहां के नागरिकों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। अटल आरोग्य लैब इस दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेगी।
उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय सुकमा में पहले से ही ब्लड बैंक, सोनोग्राफी, एक्स-रे, ईसीजी, आपातकालीन सेवाएं, सीजेरियन प्रसव, एनआरसी एवं डायलिसिस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब अटल आरोग्य लैब के जुड़ने से यहां की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ एवं व्यापक हो जाएंगी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, बस्तर सांसद महेश कश्यप, महिला आयोग सदस्य दीपिका सोरी, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी. सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
रायपुर। नक्सलवाद के प्रभाव से उबरकर नए विश्वास और विकास की राह पर अग्रसर बस्तर क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को 308 करोड़ रुपए से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान की।
मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से नक्सलवाद के कारण पिछड़े रहे क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति स्थापित हुई है और अब यहां विकास की गंगा बह रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिन गांवों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां आज स्कूलों की घंटियां गूंज रही हैं और लोग लोकतंत्र पर भरोसा जताते हुए मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 3 हजार से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से नई जिंदगी की शुरुआत के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
स्वस्थ बस्तर की दिशा में बड़ा कदम
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया और “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को घर-घर तक सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान के तहत 7 जिलों में 1100 टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेंगी।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय ने मिनी स्टेडियम में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और आम नागरिकों एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित कर शासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 7 टीबी मुक्त पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और जानकारी ली कि जिले में अब तक 28 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने 3 टीबी मरीजों से संवाद कर उन्हें फूड बास्केट वितरित किया।
मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए मरीजों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से चश्मा पहनाकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की। साथ ही दवा और आई ड्रॉप भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूर्तोंडा, पेंटा और कांकेरलंका उपस्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री श्री साय ने आईईडी ब्लास्ट में पैर गंवा चुके 5 हितग्राहियों को कृत्रिम पैर प्रदान किए। इसके अलावा 4 व्हीलचेयर और 3 ट्राइसिकल भी वितरित किए गए तथा 6 दिव्यांगजनों को पहचान पत्र देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई।एनआरएलएम स्टॉल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें “लखपति दीदी से करोड़पति दीदी” बनने के लिए प्रेरित किया और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
आवास, अधिकार और आजीविका—हर क्षेत्र में सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के स्टॉल में हितग्राहियों से बातचीत कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से 15 वनाधिकार पत्र वितरित किए गए, जिससे आदिवासी परिवारों को उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। वन विभाग के स्टॉल में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई। सहकारी समिति तोंगपाल को 4.27 लाख रुपए का सांकेतिक चेक दिया गया तथा एक हितग्राही को संग्रहण कार्ड वितरित किया गया।
इसके साथ ही पुनर्वासित स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 2 ई-रिक्शा प्रदान कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया गया और एक हितग्राही को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया।
नियद नेल्लानार 2.0 और 8 बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नियद नेल्लानार योजना के तहत अब तक 500 से अधिक गांवों में 17 विभागों की 45 योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य किए गए हैं। इस योजना के अगले चरण ‘नियद नेल्लानार 2.0’ में अब 10 जिलों को शामिल किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए 8 महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, बस स्टैंड, सामुदायिक भवन और मंदिर जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, सांसद महेश कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
महापौर निधि पर बवाल: बिलासपुर निगम की सभा में जोरदार हंगामा
बिलासपुर। नगर निगम बिलासपुर की सामान्य सभा में आज भारी हंगामे के बीच 1301 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक बजट पास किया गया। सभा में महापौर निधि को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस पार्षदों ने पूछा कि कहां-कहां विकास कार्यों के लिए पैसा जारी हुआ है। इस पर महापौर पूजा विधानी भड़क उठी। उन्होंने कहा कि पार्षदों को निधि के बारे में पूछने का अधिकार नहीं है। इसके बाद सदन में विवाद बढ़ गया।
बिलासपुर नगर निगम की सामान्य सभा में इस बार 1301 करोड़ रुपए से अधिक का बजट पास किया गया। मेयर पूजा विधानी ने बताया कि यह बजट केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्मार्ट सिटी सुविधाएं, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। साथ ही सभा में 33% महिला आरक्षण से संबंधित प्रस्ताव पारित कर राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही पार्षदों को सांसद और विधायक की तर्ज पर आजीवन पेंशन देने, मानदेय बढ़ाने और पार्षद निधि की राशि में वृद्धि करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
क्रिकेट स्टेडियम के लिए 12 एकड़ जमीन देने पर सहमति
क्रिकेट स्टेडियम के लिए 12 एकड़ जमीन देने पर भी सहमति बनी है, जो ग्राम मंगला में बनेगा। बता दें कि क्रिकेट संघ बिलासपुर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के जरिए शहर में क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए निगम से ग्राम मंगला स्थित 12 एकड़ जमीन देने का आवेदन किया था।
शहर के समग्र विकार पर जोर, 2465 नए आवास का भी प्रावधान
बजट में शहर के समग्र विकास पर जोर देते हुए सड़क, पानी, आवास और सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही पिंक टॉयलेट, पिंक गार्डन और फ्री वाई-फाई जैसी सुविधाओं की भी घोषणा की गई है, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। बाजारों को व्यवस्थित करने के लिए स्मार्ट वेंडिंग जोन और मॉडर्न मार्केट विकसित किए जाएंगे। वहीं 2465 नए आवासों के निर्माण का भी प्रावधान रखा गया है। शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण और चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण भी इस बजट का अहम हिस्सा है।
सभापति और नेता प्रतिपक्ष ने क्या कहा ?
अवैध निर्माण पर भड़के सभापति विनोद सोनी ने सदन में अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा कि मेरे वार्ड गोलबाजार में अवैध निर्माण चल रहा है। उन्होंने तत्काल तोड़ने के निर्देश दिए। इधर विपक्ष ने बजट को पुराना बजट को ही फिर से सजाकर नया बनाने की बात कही है। नेता प्रतिपक्ष भारत कश्यप ने कहा कि पिछली बार के बजट का काम ही नहीं हुआ है। सत्ता पक्ष की मंशा शहर विकास की नहीं, लूट का सूट की है।
2 करोड़ 30 लाख रुपए के खर्च पर कांग्रेस पार्षदों ने उठाए सवाल
वहीं नगर निगम सामान्य सभा में महापौर निधि को लेकर जमकर हंगामा हुआ। 2 करोड़ 30 लाख रुपए के खर्च पर सवाल उठाया गया। कांग्रेस पार्षदों ने पूछा, कहां-कहां विकास कार्यों के लिए पैसा जारी हुआ है। सदन में जवाबदेही की मांग की गई। सवाल उठते ही मेयर पूजा विधानी ने कहा, पार्षदों को सवाल पूछने का अधिकार नहीं है, जिसके बाद सदन में विवाद बढ़ गया। कांग्रेस पार्षदों ने जोरदार विरोध किया। निधि के खर्च को लेकर तीखी बहस हुई। नगर निगम का यह बजट शहर को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि विपक्ष का मानना है कि पिछली बार की बजट की तरह ही केवल लोक लुभावन बजट बनाया गया है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पुसौर में लाइब्रेरी, पुष्पवाटिका एवं तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण
रायपुर। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी.चौधरी ने पुसौर में निर्माणाधीन लाइब्रेरी भवन, पुष्पवाटिका उद्यान, चंदन तालाब सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहानिर्माण स्थल पर जाकर प्रत्यक्ष रूप से कार्यों की स्थिति देखना, बुनियादी ढांचे का विकास कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नगर पंचायत पुसौर के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि आमजन को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
बैठक में उन्होंने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से ही क्षेत्र का समग्र एवं संतुलित विकास संभव है। साथ ही उन्होंने पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक सहयोग प्रदान करने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत पुसौर में पुष्पवाटिका उद्यान निर्माण हेतु लगभग 2 करोड़ 92 लाख 40 हजार रुपये, बोरोडीपा चौक से कॉलेज तक बी.टी. रोड एवं नाली निर्माण के लिए 4 करोड़ 8 लाख रुपये, चंदन तालाब के सौंदर्यकरण के लिए 2 करोड़ 10 लाख 40 हजार रुपये तथा लाइब्रेरी भवन निर्माण के लिए लगभग 99.12 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त तेलीतार तालाब के गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य भी प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र की सौंदर्य वृद्धि के साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर नगर पंचायत पुसौर के अध्यक्ष मानी मोहित सतपथी, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एसडीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं नगर पंचायत पुसौर के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुनर्वास केंद्र का किया अवलोकन, पुनर्वासितों से किया आत्मीय संवाद
रायपुर। नक्सल आतंक से लंबे समय तक प्रभावित रहे सुकमा में अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर उभर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र का दौरा कर वहां संचालित पुनर्वास एवं कौशल विकास गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वासित लोगों से आत्मीय संवाद कर उनके अनुभव जाने और उन्हें मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन प्रारंभ करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भटके हुए लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन, रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर देने के लिए दृढ़संकल्पित है। उन्होंने कहा कि पुनर्वासितों की आंखों में दिखता आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो हर भटका हुआ कदम नई दिशा और नया जीवन प्राप्त कर सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी नक्सल पुनर्वास नीति के चलते सुकमा सहित बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अब तक 2392 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है, जिनमें से 361 पुनर्वासितों ने नया जीवन प्रारंभ कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि इन नागरिकों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी रोजगार और समाज में बराबरी का अवसर प्रदान करना है। पुनर्वास केंद्र में राजमिस्त्री, कपड़ा सिलाई, कृषि उद्यमिता और वाहन चालक जैसे विभिन्न ट्रेडों में कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में अब तक 307 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, वहीं मुख्यधारा में लौटे 313 युवाओं को प्रतिमाह 10 हजार रुपये का स्टाइपेंड भी प्रदान किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा 107 पुनर्वासित हितग्राहियों को मोबाइल फोन वितरित किए गए हैं, जिससे वे डिजिटल और संचार माध्यमों से जुड़कर आधुनिक जीवनशैली की ओर अग्रसर हो सकें। विशेष रूप से 115 महिलाएं प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के आश्रितों को भी राहत प्रदान करते हुए अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस विभाग में 20 तथा जिला प्रशासन द्वारा 95 लोगों को शासकीय सेवा में रोजगार के अवसर दिए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम ढोंडरा कोंटा निवासी मौसम संजना, नागारास जगरगुंडा निवासी भरत कुमार हेमला सहित अन्य हितग्राहियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के अंतर्गत 10 नव नियुक्त शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने पुनर्वासित हितग्राहियों को मोबाइल, राजमिस्त्री किट, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबियां तथा पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर 25 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपकर उन्हें सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने नक्सल पुनर्वास की सफलता की प्रेरणादायक कहानियों को दर्शाती ‘बदलते सुकमा की बदलती तस्वीर: पुनर्वास से विकास तक’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। साथ ही, पुनर्वास केंद्र के कला केंद्र में कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल भौतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक बदलाव का भी प्रतीक है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद बस्तर महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
MBA इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस कार्यक्रम के लिए आवेदन शुरू, चयनित अभ्यर्थियों को मिलेगा मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप का लाभ
रायपुर। मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के अंतर्गत भारतीय प्रबंधन संस्थान IIM रायपुर में दो वर्षीय एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस कार्यक्रम के लिए आवेदन शुरू हो गया है। इस पाठ्यक्रम को सार्वजनिक नीति और शासन के क्षेत्र में भविष्य के सक्षम एवं नैतिक नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
इस कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों को आईआईएम रायपुर परिसर में कक्षाएं लेने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में गहन फील्ड एक्सपोजर और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. गोपाल कुमार और प्रो. शबना पी कर रहे हैं, जो कार्यक्रम निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
पूर्ण ट्यूशन फीस माफ- छत्तीसगढ़ सरकार सभी चयनित अभ्यर्थियों की पूरी ट्यूशन फीस वहन करेगी।
आकर्षक स्टाइपेंड – हर चयनित छात्र को पूरे दो वर्षों के दौरान प्रति माह 50,000 का मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा।व्यवहारिक फोकस- कक्षा अध्ययन के अलावा फील्डवर्क, सरकारी परियोजनाओं और वास्तविक नीति क्रियान्वयन का अनुभव मिलेगा।
समन्वित दृष्टिकोण- सैद्धांतिक ज्ञान के साथ जमीनी स्तर पर शासन का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
आईआईएम रायपुर के निदेशक-प्रभार प्रो. संजीव प्रसार ने कहा कि यह कार्यक्रम पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर नीति निर्माण, क्रियान्वयन और सुधार पर केंद्रित है। इससे छात्रों में विश्लेषणात्मक सोच, समस्या-समाधान क्षमता और सामाजिक प्रभाव पैदा करने की योग्यता विकसित होगी। डीन एक्सटर्नल रिलेशन्स प्रो. सत्यसिबा दास ने बताया कि सरकारी संस्थानों, उद्योग और अन्य संगठनों के साथ मजबूत साझेदारी छात्रों को वास्तविक चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास देगी।
पात्रता मानदंड
अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना चाहिए और वैध निवास प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। CAT स्कोरकार्ड 2023, 2024 या 2025 में से किसी एक वर्ष का वैध होना चाहिए। किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री के साथ न्यूनतम 60% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 55%) या समकक्ष सीजीपीए सीटों पर छत्तीसगढ़ राज्य की आरक्षण नीति लागू होगी।
आवेदन कैसे करें?
यह फेलोशिप छत्तीसगढ़ शासन की सुशासन को मजबूत करने और युवाओं को लोकसेवा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इच्छुक छत्तीसगढ़ के उम्मीदवार विस्तृत जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए आईआईएम रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट https://iimraipur.ac.in/mba-ppg/ पर 30 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं।
रायपुर में गहराया जल संकट: 70 में से 35 वार्ड प्रभावित, टैंकरों के भरोसे पानी सप्लाई
रायपुर। गर्मी बढ़ने के साथ ही राजधानी रायपुर में जल संकट गहराता जा रहा है। 70 वार्डों में से 35 में पानी की किल्ल्त हाेने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में महापौर मीनल चौबे ने कहा, जल स्रोत सूख रहे हैं। जल स्रोत उतने ही है और जनसंख्या बढ़ रही है। इसके चलते पानी की समस्या हो रही है। फिलहाल टैंकर से पानी की आपूर्ति ही विकल्प है।
महापौर चौबे ने कहा, शहर में जहां-जहां पानी की समस्या है वहां पानी टैंकर भेजा जा रहा है। एक करोड़ 50 लाख का टेंडर अभी टैंकर के लिए किया गया है। पिछले साल एक करोड़ का टेंडर हुआ था। जल आपूर्ति के लिए जल बोर्ड का भी गठन किया गया है।
बरसात का पानी बह जाता है। भूजल रिचार्ज के लिए निगम द्वारा क्या प्लान किया गया है? इस सवाल पर महापौर ने कहा, हमारे दसों जोन में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए 8 करोड़ तो कहीं 10 करोड़ जमा था, लेकिन मकानों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लग पाया, जिसे राजसात किया गया। इस राशि से ठेका के माध्यम से घरों में हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाएंगे। बता दें कि पिछले दो सालों से महापौर यही राग अलाप रही है।
महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रसारित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन को सुना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह देश की मातृशक्ति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ नारी की भागीदारी सुनिश्चित करने का यह प्रयास नए भारत की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को रेखांकित किया कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सीधी भागीदारी ही विकसित भारत की सशक्त नींव है

उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर होने वाली चर्चा इस ऐतिहासिक पहल को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक महिलाओं की भूमिका समाज के निर्माण और विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हमारी डबल इंजन सरकार की विभिन्न योजनाओं ने इस परंपरा को आधुनिक संदर्भ में सशक्त रूप दिया है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ आगे बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी पहल माताओं-बहनों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बना रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि जब देश में महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक चर्चा हो रही है, उसी समय छत्तीसगढ़ ‘महतारी गौरव वर्ष’ मना रहा है। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का सम्मान और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी प्रदेश की पहचान बन चुकी है।
उन्होंने प्रदेश की मातृशक्ति और महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे हर मंच पर अपनी आवाज़ बुलंद करें और इस परिवर्तन यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती सहभागिता से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा समाज में सकारात्मक बदलाव की नई दिशा स्थापित होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि जब नारी सशक्त होती है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। यह समय देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका देने का है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ के यात्रियों को राहत: गर्मी में चलेंगी 23 समर स्पेशल ट्रेनें
रायपुर। गर्मी की छुट्टियों के दौरान बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने छत्तीसगढ़ के यात्रियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग होते हुए कुल 23 समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन ट्रेनों के माध्यम से यात्रियों को 86 फेरों (लगभग 172 दिनों) तक अतिरिक्त सुविधा मिलेगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को बड़ी सहूलियत होगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस बार 11 जोड़ी से अधिक समर स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की गई है, जो देश के विभिन्न प्रमुख शहरों को जोड़ेंगी। इन ट्रेनों का संचालन अलग-अलग तिथियों और फेरों के अनुसार किया जाएगा, ताकि यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिल सके।
सबसे प्रमुख ट्रेनों में गाड़ी संख्या 08743/08744 दुर्ग-हरिद्वार-दुर्ग समर स्पेशल शामिल है, जो 19 अप्रैल से 29 जून 2026 तक 11 फेरों के लिए चलाई जाएगी। यह ट्रेन उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। वहीं, गाड़ी संख्या 08865/08866 इतवारी-शालीमार एक्सप्रेस 2 अप्रैल से 26 जून 2026 तक 13 फेरों के लिए चलेगी।
इसी तरह, गाड़ी संख्या 01001/01002 एलटीटी-संतरागाछी-एलटीटी समर स्पेशल 21 अप्रैल से 16 जुलाई 2026 तक 13 फेरों के लिए उपलब्ध रहेगी। हटिया-एलटीटी-हटिया (08609/08610) समर स्पेशल 20 अप्रैल से 17 जून तक 9 फेरों के लिए चलाई जाएगी। दक्षिण भारत की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए तिरुपति-रक्सौल-तिरुपति (07051/07052) समर स्पेशल 13 अप्रैल से 28 मई तक 7 फेरों के लिए संचालित की जा रही है।
पूर्वी भारत की कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए पटना-चर्लपल्ली-पटना (03253/03254/03255) समर स्पेशल 8 अप्रैल से 27 मई तक 15 फेरों के लिए चलेगी। इसके अलावा गोंदिया-रक्सौल-गोंदिया (08867/08868) ट्रेन 25 अप्रैल से 28 जून तक 10 फेरों के लिए उपलब्ध रहेगी।
कुछ ट्रेनों को सीमित फेरों के लिए भी चलाया जा रहा है, जैसे एलटीटी-हावड़ा-एलटीटी (01145/01146) 14 और 16 अप्रैल को एक-एक फेरे के लिए। नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-मालदा टाउन (08871/08872) 19 से 27 अप्रैल तक 3 फेरों के लिए चलेगी। पुणे-संतरागाछी-पुणे (01429/01430) 15 से 24 अप्रैल तक 2 फेरों के लिए तथा एलटीटी-संतरागाछी (01127/01128) 24 अप्रैल से 3 मई तक 2 फेरों के लिए संचालित की जा रही है।
रेलवे का कहना है कि इन समर स्पेशल ट्रेनों का उद्देश्य यात्रियों को कंफर्म टिकट उपलब्ध कराना और नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करना है। खासतौर पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्टेशनों—रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग—से यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।