बिलासपुर। शहर में सोशल मीडिया पर स्टंटबाजी और सड़क पर बर्थडे मनाकर रील बनाने का चलन तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले कुछ महीनों से शहर और आउटर इलाकों की सड़कों पर लोग जान जोखिम में डालकर चार पहिया वाहनों की छत, बोनट पर बैठकर या खिड़की से बाहर निकलकर रील बना रहे हैं। बिलासपुर पुलिस ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए स्टंट करते और सड़क पर बर्थडे मनाने वालों की पहचान वीडियो के आधार पर कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
पिछले 5 महीनों में सड़क पर स्टंटबाजी, खतरनाक ड्राइविंग और सार्वजनिक मार्ग पर बर्थडे सेलिब्रेशन जैसी अवैध गतिविधियों के 14 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 10 मामले स्टंटबाजी और 4 मामले सड़क पर बर्थडे मनाने से जुड़े हैं। इन मामलों में अब तक 33 वाहन जब्त किए गए हैं, जबकि 72 लोगों की गिरफ्तारी की गई है।
एसएसपी बिलासपुर रजनेश सिंह ने कहा कि जिस तरीके से गाड़ी के बोनट पर बैठना, गाड़ी के रूफटॉप पर बैठकर रील बनाने का जो काम है इसमें पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। लड़के के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया है। गाड़ी जब्त की गई है। गाड़ी साधारण जुर्माने से नहीं छूटेगी, बल्कि न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस तरीके की हरकतों से न केवल अपनी जान को खतरे में डालना है, बल्कि सामने आने वाले व्यक्ति को भी खतरा उत्पन्न करता है।
उन्होंने कहा कि विशेष तौर पर युवाओं से मैं कहना चाहूंगा कि ऐसा हमें बिल्कुल नहीं करना चाहिए। आपके ऐसे गलत काम से कोई भी इंप्रेस नहीं होता है।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान खड़ा हो गया है. जिले के सबसे पुराने शासकीय इंद्रावती महाविद्यालय, भोपालपट्टनम मार्ग में स्थित शराब दुकान के कारण विद्यार्थियों को आय दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है. शराबी उनका रास्ता रोककर उन्हें परेशान करते हैं. शराबियों से तंग आकर आज कॉलेज के विद्यार्थियों और ABVP संगठन ने SDM कार्यालय भोपालपट्टनम पहुंच गए. उन्होंने एसडीएम से जल्द से जल्द कॉलेज के मुख्य रास्ते पर मौजूद शराब दुकान को हटाने की मांग की है.
छात्रों का आरोप है कि छुट्टी के समय शराब दुकान के पास कुछ लोग खुलेआम शराब पीते हैं और राह चलते छात्रों को रोककर छेड़छाड़ करते हैं. लड़की छात्रों का कहना है कि कई बार रास्ते से गुजरना तक मुश्किल हो जाता है. स्थिति इतनी खराब है कि कई पेरेंट्स अपने बच्चों को कॉलेज भेजने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
छात्र नेताओं ने यह भी खुलासा किया कि शराब दुकान हटाने की मांग नई नहीं है. साल 2019 में भी जिला कलेक्टर के.डी. कुंजाम को आवेदन दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे छात्रों में रोष और बढ़ गया है.
छात्रों का कहना है कि कॉलेज जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शराब दुकान चलना सुरक्षा के लिहाज़ से गंभीर मामला है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा.
इस मामले में एसडीएम का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद अधिकारी द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया. प्रशासन की यह चुप्पी छात्रों और अभिभावकों के गुस्से को और बढ़ा रही है.
अब देखना यह होगा कि लगातार बढ़ते विरोध के बाद प्रशासन कब जागता है और क्या कॉलेज छात्रों को सुरक्षित रास्ता मिल पाएगा.
दुर्ग। दुर्ग में जमीन की नई कलेक्टर गाइडलाइंस का विरोध कर रहे जमीन कारोबारियोें पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आपको बता दे सरकार के इस फैसले के बाद जहां कांग्रेस लगातार इसे मुद्दा बनाकर राजनीति कर रही है, वहीं जमीन कारोबारी भी इस फैसले से जमीन की कीमतें 5 से 9 गुना बढ़ने का हवाला दे रहे हैं। आज दुर्ग में जमीन कारोबारी और कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन उग्र होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान पुलिस ने जमीन कारोबारियों को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
जानकारी के मुताबिक दुर्ग जिले में जमीन कारोबारी लगातार आज पांचवें दिन भी प्रदर्शन कर रहे थे। सुबह से ही बड़ी संख्या में कारोबारी कलेक्ट्रेट और रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर जुट रहे थे। नये कलेक्टर गाइडलाइंस के विरोध में नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन के बीच एकाएक माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने पहले से ही पुलिस फोर्स मौके पर तैनात कर रखी थी। दोपहर करीब 1 बजे प्रदर्शनकारी रजिस्ट्रार कार्यालय की तरफ बढ़ रहे थे। तभी पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ आगे बढ़ती रही।
इस दौरान जवानों के साथ प्रदर्शनकारियों की जमकर झूमाझटकी हो गयी। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और भीड़ को पीछे धकेला। लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारियों के बीच भगदड़ मच गयी। लेकिन कुछ देर बाद ही दोबारा सभी इकट्ठा होकर उग्र रूप से विरोध करने लगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान पुलिस ने सभी प्रदर्शन कर रहे लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान पुलिस ने कुछ जमीन कारोबारियों को हिरासत में भी लिया गया है।
वहीं पुलिस के लाठीचार्ज और भगदड़ के दौरान कई लोगों को चोटें आई हैं। जबकि बड़ी तादाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ इस उग्र प्रदर्शन में हिस्सा लिया और काले झंडे दिखाए। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन का पुतला दहन किया। साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं लाठीचार्ज को लेकर पुलिस ने अपना पक्ष रखा है, अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ा गया। जिसके बाद सारी स्थिति नियंत्रण में है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरों में आइकॉनिक (Iconic) विकास कार्यों के लिए राज्य शासन ने इस साल मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की है। पहले चरण में इसे राज्य के सभी 14 नगर निगमों में लागू किया गया है। इसके तहत शहरों में मजबूत अधोसंरचना के विकास के बड़े काम मंजूर किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद योजना के अंतर्गत अब तक 13 नगर निगमों में 26 कार्यों के लिए 429 करोड़ 45 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें मरीन ड्राइव विस्तार, ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल, रोड जंक्शन, हाइटेक बस स्टैंड, ऑडिटोरियम, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान विकास, जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण, कॉरीडोर निर्माण, गौरव पथ निर्माण, सड़क बाइपास एवं चौड़ीकरण जैसे वृहद कार्य शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। स्वीकृत कार्यों में से पांच कार्यों के लिए संबंधित फर्म्स को कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं पांच कार्यों का भूमिपूजन भी हो गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के बारे में कहा कि इस योजना से शहरों के अधोसंरचना विकास में बड़ा बदलाव आएगा। शहरों के सतत् विकास और नागरिक केंद्रित समाधानों को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुंदर और जीवंत बनाने में यह योजना प्रभावी साबित होगी। शहरों की सूरत और सीरत बदलने में इसकी अहम भूमिका होगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि जीवंत शहरों के निर्माण और इज ऑफ लीविंग के लिए इस साल के बजट में शामिल कार्ययोजना के अनुसार मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना प्रारंभ की गई है। पहले चरण में राज्य के सभी नगर निगमों को इसमें शामिल किया गया है। चरणबद्ध रूप से इसे सभी नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा। योजना के माध्यम से शहरों में बढ़ती आबादी के मद्देनजर सुगम यातायात के लिए मुख्य सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, बाइपास सड़क, फ्लाई-ओव्हर, सर्विस-लेन, अंडर-पास तथा अन्य बुनियादी ढांचों का विकास किया जाएगा। राज्य के शहरों को सुंदर, आधुनिक, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट और भव्य उद्यानों का भी निर्माण योजना के तहत किए जाएंगे। योजना में ऐसे आइकॉनिक कार्य व परियोजनाएं ली जाएंगी जो शहर के विकास का उदाहरण बन सके।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से होंगे ये काम
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से प्रमुख रूप से मुख्य सड़क निर्माण एवं मुख्य सड़क चौड़ीकरण कार्य, बाइपास रोड निर्माण, मुख्य सड़क में सर्विस रोड निर्माण कार्य, फ्लाई-ओव्हर निर्माण कार्य, अंडर-पास सड़क निर्माण कार्य, जलप्रदाय योजना के कार्य, सीवरेज नेटवर्क निर्माण कार्य, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य, मुख्य सड़कों में रोटरी चौक निर्माण पुनर्व्यवस्था कार्य, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण, हाइटेक बस स्टैण्ड निर्माण, ऑडिटोरियम निर्माण, भव्य उद्यान विकास एवं रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट कार्य तथा पर्यटन स्थलों के विकास के कार्य किए जाएंगे। इनके साथ ही शहर की जरूरत के अनुसार अन्य विशिष्ट कार्य भी किए जाएंगे।
कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के कार्यों की मॉनिटरिंग और निगरानी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। समिति प्रगतिरत कार्यों की नियमित समीक्षा कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करेगी। संबंधित नगर निगम के आयुक्त समिति के सदस्य-सह-सचिव होंगे। वहीं जिले में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता समिति के अन्य सदस्य होंगे।
रायपुर में 91.27 करोड़, रायगढ़ में 64.66 करोड़ और बिलासपुर में 57.92 करोड़ के काम, कोरबा में गौरव पथ के लिए 36.55 करोड़
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से रायपुर नगर निगम में कुल 91 करोड़ 27 लाख रुपए के चार कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इनमें नौ करोड़ दो लाख रुपए की लागत से 18 रोड जंक्शन्स (Road Junctions) के विकास, 23 करोड़ 38 लाख रुपए से जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, 18 करोड़ 86 लाख रुपए के महादेव घाट पुनरूद्धार योजना फेज-1 और तेलीबांधा में 40 करोड़ रुपए के टेक्नीकल टॉवर का निर्माण शामिल है। रायगढ़ नगर निगम में कुल 64 करोड़ 66 लाख रुपए के तीन कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 29 करोड़ 57 लाख रुपए का न्यू शनि मंदिर से छठघाट तक मरीन ड्राइव विस्तार, 12 करोड़ 81 लाख रुपए का एफ.सी.आई. के पास ऑक्सीजोन-कम-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकास कार्य और 22 करोड़ 28 लाख रुपए का न्यू सारंगढ़ बस स्टैंड (अंतरराज्यीय बस टर्मिनल) का उन्नयन कार्य शामिल है।
बिलासपुर नगर निगम में योजना के तहत कुल 57 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के नौ कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ रुपए का अशोक नगर-बिरकोनी रोड चौड़ीकरण, नौ करोड़ 74 लाख रुपए का अरपा इंद्रा सेतु से राम सेतु तक अटल पथ निर्माण, पांच करोड़ नौ लाख रुपए का मंगला चौक से आजाद चौक तक सड़क निर्माण, पांच करोड़ 26 लाख रुपए का गुरुनानक चौक से मोपका/राजकिशोर नगर तिराहा तक डामरीकरण एवं नाला निर्माण, दो करोड़ 22 लाख रुपए का रकबंधा तालाब उसलापुर का सौंदर्यीकरण, छह करोड़ 82 लाख रुपए का सिरगिट्टी क्षेत्र में सीसी रोड एवं नाली निर्माण तथा एक करोड़ 70 लाख रुपए का जोन-7 के अंतर्गत सीसी रोड विकास कार्य शामिल हैं। तिफरा में सीसी रोड और नाली निर्माण के लिए छह करोड़ 48 लाख रुपए तथा शहर में स्ट्रीट लाइट व विद्युत लाइट पोल के प्रतिस्थापन के लिए तीन करोड़ 62 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। कोरबा में सीएसईबी चौक से जैन चौक – आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ के निर्माण के लिए 36 करोड़ 55 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
धमतरी में बनेगा हाइटेक बस स्टैंड और ऑडिटोरियम, अंबिकापुर में मां महामाया कॉरीडोर के लिए 11.6 करोड़
योजना के तहत धमतरी नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 24 करोड़ 64 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें 17 करोड़ 70 लाख रुपए का नवीन हाइटेक बस स्टैंड निर्माण और छह करोड़ 94 लाख रुपए का ऑडिटोरियम निर्माण शामिल है। जगदलपुर नगर निगम में भी दो कार्यों के लिए कुल 19 करोड़ 95 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दस करोड़ छह लाख रुपए का मुक्तिधाम से समुद्र चौक, पॉवर हाउस चौक, पंचपथ चौक होते हुए लालबाग आमागुड़ा चौक तक मार्ग चौड़ीकरण और नौ करोड़ 89 लाख रुपए का दलपत सागर विकास व सौंदर्यीकरण कार्य शामिल है। बीरगांव नगर निगम में दो कार्यों के लिए 24 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इनमें सात करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से उरला नाला निर्माण (5.08 किलोमीटर) तथा 16 करोड़ 85 लाख रुपए का शनि मंदिर से फिल्टर प्लांट होते हुए कन्हेरा मोड़ तक सड़क निर्माण शामिल है।
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा योजना के तहत चिरमिरी नगर निगम में चार कार्यों के लिए कुल 14 करोड़ 84 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें आठ करोड़ 65 लाख रुपए का सोनामली नाका से दीनदयाल चौक पौढ़ी तक बाइपास निर्माण, तीन करोड़ 57 लाख रुपए का कोरिया कॉलरी शाखा शिवमंदिर के पास विकास एवं सौंदर्यीकरण, 69 लाख रुपए का पोड़ी वेस्ट चिरमिरी में अटल परिसर से मालवीय नगर तक सड़क चौड़ीकरण तथा एक करोड़ 93 लाख रुपए का अहिंसा चौक हल्दीवाड़ी से अग्रसेन चौक बड़ा बाजार तक सड़क चौड़ीकरण कार्य शामिल है। अंबिकापुर नगर निगम में दो कार्यों के लिए कुल 13 करोड़ 99 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दो करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से पुष्पवाटिका सरगांव पार्क का विकास एवं जल आपूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के साथ ही 11 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से मां महामाया कॉरीडोर का निर्माण शामिल है।
भिलाई-चरोदा में बनेगा केनाल रोड, रिसाली में तीन सड़कों के विकास और चौड़ीकरण के लिए 17.33 करोड़
दुर्ग नगर निगम में नौ करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से धमधा मार्ग से आदित्य नगर होते हुए रायपुर नाका अंडर-ब्रिज की ओर तथा हनुमान नगर होते हुए जुनवानी रोड तक फोरलेन निर्माण, भिलाई-चरोदा नगर निगम में डभरा पारा से इन्द्रानगर तक केनाल रोड निर्माण के लिए 29 करोड़ 43 लाख रुपए और भिलाई नगर निगम में 24 कार्यों के लिए 24 करोड़ 30 लाख रुपए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से स्वीकृत किए गए हैं। रिसाली नगर निगम में तीन कार्यों के लिए कुल 17 करोड़ 33 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें मैत्री कुंज से मधुरिशा फेज-3 तक, आजाद चौक से कृष्णा टॉकीज रोड तक तथा श्रीराम चौक से बालाजी अपार्टमेंट (वार्ड क्रमांक-23) तक सड़क के विकास एवं चौड़ीकरण के लिए क्रमशः पांच करोड़ 21 लाख, सात करोड़ 97 लाख तथा चार करोड़ 15 लाख रुपए शामिल हैं।
रायपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात कर SIR की समय सीमा 3 महीने बढ़ाने और BLO को राहत देने की मांग की। साथ ही कांग्रेस ने एसआईआर में अनियमितताओं का भी आरोप लगाया।
रायपुर लोकसभा SIR प्रभारी शैलेश नितिन त्रिवेदी ने आयोग से मुलाकात के बाद कहा कि SIR को लेकर कई गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। दूसरे राज्यों से आई बहुओं के नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ पा रहे हैं। भाजपा BLO को प्रभावित कर रही है, जिससे प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस ने SIR की समयसीमा 3 महीने बढ़ाने की मांग रखी है। शैलेश त्रिवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में न विधानसभा चुनाव हैं और न लोकसभा चुनाव, फिर भी सिर्फ एक हफ्ते की अवधि क्यों बढ़ाई गई?
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयोग से कहा है कि इस मांग को केंद्रीय निर्वाचन आयोग के सामने रखा जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हमारी सभी समस्याओं और मांगों को राज्य निर्वाचन आयुक्त ने गंभीरता से सुना है।
रायपुर। एसआईआर को लेकर फिर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया कि सवाल वही उठाता है, जिसके मन में खोट होता है. वे (कांग्रेस) अच्छे काम में भी सवाल उठा रहे हैं. इससे ये प्रदर्शित होता है कि आज तक उन्होंने जितने चुनाव जीते हैं, घोटाले करके जीते हैं. कांग्रेस को इसलिए डर सता रहा है कि आने वाले समय में वे घोटाले कैसे करेंगे, गलत तरीके से चुनाव कैसे जीतेंगे? जनता इनके गलत काम पहचान चुकी है, जनता भाजपा के साथ है. इस बयान पर कांग्रेस के पूर्व संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पलटवार किया है.
मंत्री खुशवंत के बयान पर शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि निर्वाचन प्रक्रिया में कैसे छेड़छाड़ हो रही है, वोट चोरी हो रही है. बिहार में 65 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए. खुद गलती करना और दोष कांग्रेस पर मढ़ना वाली स्थिति है. उन्होंने कहा कि देश में आज भाजपा की सरकार है. भाजपा नेताओं का कांग्रेस पर आरोप लगाना सबसे बेतुकी बात है.
आज से बिजली बिल हाफ योजना लागू
बिजली उपभोक्ताओं को आज से बिजली बिल हाफ योजना का लाभ दिया जाएगा. इसे लेकर मंत्री गुरु खुशवंत ने कहा कि आज से बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ मिलेगा, गरीब और भी आगे बढ़ेंगे. लोग पीएम सूर्यघर योजना का लाभ भी ले सकते हैं.
नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को मंत्री ने बताया प्रोपोगेंडा
कांग्रेस अपने नए जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग देने जा रही है. इस पर मंत्री गुरु खुशवंत ने कहा कि कांग्रेस कुछ भी कर ले, जनता का विश्वास खो चुकी है. नियुक्त किए गए नाम पहले से तय थे, यह सिर्फ प्रोपोगेंडा है. जनता कांग्रेस के भ्रष्टाचार को जान चुकी है.
रायपुर। नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ एक और FIR दर्ज होने के बाद देशभर में कांग्रेस सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी कांग्रसियों ने ED के दफ्तर का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया है. बड़ी संख्या में नेता-कार्यकर्ताओं ने मिलकर ED दफ्तर के बाहर केंद्र सरकार और ईडी का पुतला फूंका है. सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात हैं.
दरअसल, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बीते दिन 30 नवंबर को सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी के खिलाफ नई FIR दर्ज कर की है. इसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. FIR संख्या 0124/2025 के तहत कुल नौ आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें छह व्यक्ति और तीन कंपनियां शामिल हैं. यह FIR ईडी की 3 अक्टूबर 2025 की शिकायत पर आधारित है, जिसमें PMLA की धारा 66(2) के तहत अनुसूचित अपराध दर्ज करने का आग्रह किया गया था.
शिकायत के अनुसार, कांग्रेस से जुड़ी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की करीब 2,000 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर 50 लाख में कब्जा करने की साजिश रची गई. ED की रिपोर्ट में कहा गया है कि यंग इंडियन को “स्पेशल पर्पस व्हीकल” के तौर पर इस्तेमाल किया गया, जिसके जरिए सार्वजनिक धन को निजी लाभ में बदला गया. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कोलकाता की कथित शेल कंपनी डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड ने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए, जिसे संदिग्ध लेनदेन माना गया है.
ईडी ने 9 अप्रैल 2025 को राऊज एवेन्यू कोर्ट में धारा 3 और 4 के तहत धन शोधन का आरोप लगाते हुए अभियोजन शिकायत दाखिल की थी, जिस पर अदालत ने अभी संज्ञान लेने का फैसला सुरक्षित रखा है. ताजा एफआईआर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और सुनील भंडारी के नाम शामिल हैं, जबकि यंग इंडियन, डॉटेक्स मर्चेंडाइज और एजेएल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है. पूर्व कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा और ऑस्कर फर्नांडिस के नाम जांच में आए थे, लेकिन मृत्यु होने के कारण उन्हें आरोपी सूची में शामिल नहीं किया गया.
क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?
आजादी की लड़ाई के दौरान नेशनल हेराल्ड एक राष्ट्रवादी अखबार के रूप में स्थापित हुआ, जिसे 1938 में जवाहरलाल नेहरू ने शुरू किया था. इसका संचालन AJL कंपनी करती थी. ब्रिटिश सरकार ने इस अखबार पर 1942 में पाबंदी लगाते हुए बंद करा दिया, लेकिन 3 साल बाद ये फिर से शुरू हो गया. हालांकि 2008 में आर्थिक संकट के कारण इसका प्रकाशन बंद हो गया.
AJL कंपनी पर एआईसीसी का 90.21 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण बकाया था. आरोप है कि 2010 में गठित यंग इंडियन कंपनी ने यह ऋण मात्र 50 लाख रुपए में खरीद लिया, जिससे वह एजेएल की संपत्तियों का लाभार्थी बन गई. यंग इंडियन में सोनिया और राहुल गांधी की संयुक्त हिस्सेदारी 76% है. विवाद तब बढ़ा जब 2012 में बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अदालत में शिकायत दर्ज कर दोनों नेताओं पर विश्वासघात और धोखाधड़ी का आरोप लगाया.
रायपुर सहित कई शहरों में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर राजनीतिक प्रतिशोध ले रही है, जबकि ईडी और पुलिस जांच को तथ्यों पर आधारित बता रही हैं.
रायपुर। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में पहली बार होने वाले अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैच को लेकर तैयारियां जोरों पर है. फैंस अपने फेवरेट क्रिकेटर्स को देखने के लिए उत्साहित हैं. मैच की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार को पुलिस अधिकारियों की बड़ी बैठक हुई. रायपुर रेंज आई अमरेश मिश्रा और डीआईजी गिरिजाशंकर जायसवाल की अध्यक्षता में यह बैठक हुई, जिसमें एसएसपी रायपुर समेत डीएसपी और एएसपी लेवल के अधिकारी शामिल हुए हैं.
भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम हैंडओवर किए जाने के बाद यह पहला मौका जब अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैच होने जा रहा है. बीसीसीआई के नियमों के तहत सुरक्षा व्यवस्था लगाई जाएगी. यातायात समेत 2 हजार पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे. होटल, स्टेडियम समेत पूरे रूट पर पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे.
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन की टीम जब आदिवासी परिवारों के पास पहुंची तो उन्होंने फॉर्म लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने न केवल एसआईआर बल्कि सरकार की अन्य योजनाओं का भी सामूहिक बहिष्कार कर दिया है. करीब 17 आदिवासी परिवार स्वीकृति के बाद न तो पीएम आवास और न ही आवंटित सरकारी राशन ले रहे हैं. आदिवासियों के इस सामूहिक बहिष्कार से जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई है.
दरअसल, पूरा मामला सरोना तहसील के ग्राम पंचायत लेंडारा का है. ग्राम स्तर पर कई बार बैठक कर समझाइश और संवाद की कोशिशें की गईं. लेकिन परिवार प्रशासन से किसी भी तरह की बातचीत को तैयार ही नहीं है. बीएलओ टीम के अनुसार, कई बार तो आदिवासी परिवार के लोग सीधे मुंह बात तक नहीं करते हैं. वहीं राशन दुकान संचालक रामकुमार यादव का कहना है कि पहले 4 परिवार ही राशन लेने से मना कर रहे थे, लेकिन नवंबर महीने से अन्य परिवार भी राशन नहीं लेने की बात कह रहे हैं.
ग्राम पंचायत सचिव संतोष कुमार निषाद ने बताया कि शासकीय योजनाओं के विरोध की जानकारी मिलने पर गांव में बैठक कराई गई. हालांकि इन परिवारों ने किसी भी मुद्दे पर जानकारी देने से इनकार कर दिया. अब तो आवास निर्माण से भी मना कर रहे हैं.
गांव में SDM, तहसीलदार, BLO को भेजकर करेंगे बातचीत की कोशिश
इस मामले में जिले के कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि लेडारा गांव के कुछ ग्रामीण शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले रहे है और एसआईआर फॉर्म नहीं भर रहे हैं ऐसी जानकारी मिली है. उस गांव में एसडीएम, तहसीलदार,बीएलओ व कर्मचारियों को भेजकर ग्रामीणों से बातकर किया जाएगा.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोगों को आज से सरकार बड़ी राहत देने जा रही है. आज से 200 यूनिट हाफ बिजली योजना होगी लागू. इससे लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने वाली है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा के विशेष सत्र में इसकी घोषणा की थी. अगर कोई उपभोक्ता 201 यूनिट बिजली खपत करता है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी थी कि प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है, उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा. इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे. 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे. इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है, ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके.
बता दें कि 4 महीने पहले यानी 1 अगस्त 2025 को राज्य सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना पर बड़ा बदलाव किया था. पूर्व भूपेश सरकार के समय लागू हुई 400 यूनिट की सीमा को घटाकर 100 यूनिट कर दिया गया था. इसका सीधा असर लाखों परिवारों को हुआ. हालांकि नई योजना के तहत 200 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना लागू कर दी गई है.
बिलासपुर। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बिलासपुर में हवाई सुविधा विस्तार और महानगरों तक सीधी उड़ान की मांग को लेकर दिल्ली के प्रवास पर रहेगा। 9 दिसंबर को समिति का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली रवाना होगा और तीन दिन दिल्ली में रहकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा अन्य छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ मिलकर बिलासपुर की हवाई सुविधा विस्तार के मामले में मुहिम चलाएगा।
गौरतलब है कि बिलासपुर के नागरिक समिति के साथ मिलकर कई वर्षों से एक सर्व सुविधायुक्त एयरपोर्ट और देश के चारों दिशाओं में महानगरों तक सीधी उड़ान की मांग कर रहे। परंतु जन आंदोलन के लगातार चलने के बाद भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। बिलासपुर छत्तीसगढ़ में कितना महत्व रखता है यह रेलवे जोन के आंदोलन ने सभी को बता दिया था परंतु अब शायद यह लगता है कि फिर से छत्तीसगढ़ में रायपुर के सामने बिलासपुर की पहचान को फिर से स्थापित करने का समयआ गया है। समिति ने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिन दिल्ली में रहकर इस संबंध में सभी आवश्यक प्रयास करेगा और बिलासपुर के हितों की मुहिमचलाएगा। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने सहयोगी संगठनों और नागरिकों से यह अपील की है कि अगर वे चाहे तो दिल्ली में समिति के द्वारा चलाई जा रही इस मुहं जो 10 दिसंबर से 12 दिसंबर के बीच होगी में अपनी सहभागिता दे सकते हैं और इसमें शामिल हो सकते हैं।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महा धरना आज भी जारी रहा और आगमन के कम से रवि बनर्जी, अशोक भंडारी, मनोज तिवारी, शिरीष कश्यप, रणजीत सिंह, खनूजा विजय, केसरवानी, देवेंद्र सिंह मोहन जायसवाल, चंद्र प्रकाश जायसवाल, भय्यू सिंह गौतम, अमर बजाज, नारद श्रीवास, राशिद बक्श, अखिल अली आदि शामिल. हुए।
रायपुर। 60वें डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस में शामिल होने छत्तीसगढ़ आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सपरिवार मुलाकात की. मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया में साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा “सत्पुरुषसंसर्गो हि कृतार्थयति जीवनम्।” अर्थात सत्पुरुषों का संग जीवन को सार्थक कर देता है.
सोशल मीडिया एक्स पर किए पोस्ट में मुख्यमंत्री साय ने लिखा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की हमारे परिवारजनों से हुई मुलाकात जीवन भर याद रहने वाला प्रेरक अनुभव है. अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच जिस आत्मीयता से मोदीजी ने सबका हाल‑चाल पूछा, बच्चों से सहज होकर बात की और आशीर्वाद दिया, वह अविस्मरणीय है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान परिवार की तीन पीढ़ियों को एक साथ उनके सान्निध्य में बैठने का अवसर मिला, यह हमारे लिए भावुक कर देने वाला क्षण था. इस गरिमामय और आत्मीय भेंट के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं.
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लिया। तीन दिवसीय इस सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ है।
प्रधानमंत्री ने खासकर युवाओं के बीच पुलिस के प्रति जनता की धारणा बदलने की तत्काल जरूरत पर बल दिया, जिसके लिए दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने, पर्यटक पुलिस को फिर से सक्रिय करने और औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों के स्थान पर लागू किए गए नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और व्यापक प्रशासन को निर्जन द्वीपों को एकीकृत करने के लिए नवीन रणनीतियां अपनाने, राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के अंतर्गत एकीकृत डेटाबेस का प्रभावी उपयोग करने और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए इन प्रणालियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को पुलिस जांच में फोरेंसिक के उपयोग पर केस स्टडी करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया, और कहा कि फोरेंसिक के बेहतर अनुप्रयोग से आपराधिक न्याय प्रणाली और मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री ने प्रतिबंधित संगठनों की नियमित निगरानी के लिए तंत्र स्थापित करने, वामपंथी उग्रवाद से मुक्त क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करने और तटीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए नवोन्मेषी मॉडल अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक समग्र सरकारी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें प्रवर्तन, पुनर्वास और सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप एक साथ किया जाए।
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। विज़न 2047 की दिशा में पुलिस व्यवस्था के दीर्घकालिक रोडमैप, आतंकवाद-निरोध और कट्टरपंथ-निरोध में उभरते रुझान, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने में तकनीक का लाभ उठाने, विदेशों में रह रहे भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की रणनीतियों और प्रभावी जांच एवं अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक क्षमताओं को मज़बूत करने पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री ने मज़बूत तैयारियों और समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और पुलिस प्रमुखों से चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपात स्थितियों, जिनमें चक्रवात दित्वा की मौजूदा स्थिति भी शामिल है, के लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन तंत्र को मज़बूत करने का आग्रह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं के दौरान जीवन की रक्षा और न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय योजना, तत्क्षण समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और समग्र सरकारी दृष्टिकोण आवश्यक हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पुलिस नेतृत्व से आह्वान किया कि वे विकासशील राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पुलिस व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित करें, ताकि विकसित भारत बनने की राह पर साफ हो सके।
प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को भी पुरस्कार प्रदान किए। यह सम्मान शहरी पुलिस व्यवस्था में नवाचार और सुधार को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार स्थापित किया गया है।
इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री और केंद्रीय गृह सचिव ने भाग लिया। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक, साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि देश भर से विभिन्न रैंकों के 700 से अधिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से इस सम्मेलन में शामिल हुए।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डीजीपी कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन पर कहा कि छत्तीसगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय डीजीपी कॉन्फ्रेंस का सफलतापूर्वक संपन्न होना राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री तथा देशभर के डीजीपी और सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा, महत्व और प्रभाव को कई गुना बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों तक देश के सर्वोच्च नेतृत्व एवं सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारी छत्तीसगढ़ में उपस्थित रहे। राजधानी रायपुर में सम्पन्न यह सम्मेलन राष्ट्रीय सुरक्षात्मक नीतियों, रणनीतियों और समन्वय तंत्र पर गहन चर्चा का महत्वपूर्ण मंच बना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मेलन के सुचारू संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और आतिथ्य व्यवस्था में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मियों और सुरक्षा बलों के प्रति हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 09 दिसंबर से 12 दिसंबर तक सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित होने वाले 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर निर्मल सिन्हा, कैलाश साहू, कृष्ण कुमार जायसवाल, आदर्श वर्मा, हेमंत पटेल एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता और समयपालन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय में आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आदेश जारी किया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि शासन की ओर से निर्णय लिया गया है कि मंत्रालय, महानदी भवन में 1 दिसंबर 2025 से आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से ही अवर सचिव और उनसे वरिष्ठ समस्त अधिकारियों का कार्यालय में उपस्थित होने और कार्यालय पश्चात वापस जाने के समय उपस्थिति दर्ज की जाए।
आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के लिए मोबाइल में आधार BAS ऐप के माध्यम से अथवा प्रवेश द्वार के पास स्थापित बायोमेट्रिक डिवाइस या कंप्यूटर में थम्ब स्कैनर का उपयोग करते हुए उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
20 नवंबर से शुरू हुआ था AEBAS का ट्रायल रन
मंत्रालय में AEBAS का अनिवार्य ट्रायल रन 20 नवंबर से शुरू हो गया था। पारदर्शिता बढ़ाने, समयपालन सुनिश्चित करने और प्रशासनिक कार्यकुशलता में सुधार करने के उद्देश्य से सरकार ने महानदी भवन और इंद्रावती भवन दोनों में इस सिस्टम को लागू करने की घोषणा की थी।
अब ट्रायल रन सफल होने के बाद 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए AEBAS के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी को सुना और इसे अत्यंत प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ देश की सामूहिक चेतना का उत्सव बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देश की बातों को देशवासियों के सामने रखते हैं और हर माह राष्ट्र को प्रेरणादायक संदेश देते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, जनभागीदारी और उत्कृष्ट प्रयासों को पहचान दिलाते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण में लगे समर्पित लोगों को सम्मान प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, विभिन्न राज्यों में शहद प्रसंस्करण की उन्नत विधियां, शहद उत्पादन में वृद्धि, नौसेना सशक्तिकरण, नेवल म्यूजियम, नेचर फॉर्मिंग के महत्व, तथा सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति और लातविया सहित कई देशों में आयोजित गीता महोत्सवों के भव्य आयोजनों की प्रशंसा हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नेचर फॉर्मिंग के लिए छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं और यहां के किसान व युवा उद्यमी इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश के खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि हुई है और इसमें छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज के ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई उपयोगी जानकारियाँ अत्यंत प्रेरक हैं। प्रधानमंत्री ने स्पेस टेक्नोलॉजी में जेन-ज़ी युवाओं द्वारा मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन परीक्षण, असफल चंद्रयान-2 से सफल चंद्रयान-3 की प्रेरणादायी कहानी, महिला खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव, कुरुक्षेत्र में ही महाभारत आधारित 3D लाइट एवं साउंड म्यूज़ियम, राष्ट्र को समर्पित स्वदेशी डिज़ाइन वाले युद्धपोत ‘आईएनएस माहे’, भूटान यात्रा, बनारस में आयोजित होने वाले चौथे ‘काशी तमिल संगमम’, विंटर टूरिज्म एवं विंटर गेम्स, तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत देशभर में चल रहे नवाचारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं और ‘मन की बात’ के माध्यम से वे सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक आयामों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ देशवासियों तक पहुँचाते हैं। उनके अनुभवों का खजाना हमें यह सीख देता है कि ‘लोकल को ग्लोबल’ कैसे बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं रायपुर में मौजूद हैं और इसी दौरान हमें ‘मन की बात’ सुनने का अवसर मिला।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ में 26 नवंबर ‘संविधान दिवस’ के अवसर पर सेंट्रल हॉल में आयोजित विशेष कार्यक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शानदार शुरुआत, 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा के आरोहण तथा उसी दिन कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में ‘पांचजन्य’ स्मारक के लोकार्पण की जानकारी साझा की।
प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में विश्व की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO (Maintenance, Repair & Overhaul) सुविधा के उद्घाटन को भारत की एयरोस्पेस क्षमता में बड़ी छलांग बताया। उन्होंने पिछले सप्ताह मुंबई में भारतीय नौसेना को समर्पित INS ‘माहे’ के शामिल होने और भारत के स्पेस इकोसिस्टम में स्काईरूट के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ द्वारा नई उड़ान दिए जाने का भी उल्लेख किया, जो भारत की नई सोच, नवाचार और युवा शक्ति का प्रतीक है। कृषि क्षेत्र में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। दस वर्ष पहले की तुलना में यह उत्पादन 100 मिलियन टन अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है और हाल ही में भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने की घोषणा देश के लिए गर्व का क्षण है।
कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सहभागिता भी अत्यंत विशेष रही। उन्होंने बताया कि यूरोप और सेंट्रल एशिया के कई देशों के लोग गीता से प्रेरित होकर बड़ी संख्या में इस महोत्सव में शामिल हुए। इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता का वाचन हुआ, जबकि लातविया में आयोजित महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और अल्जीरिया के कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, केबिनेट मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक आरंग नवीन मार्कण्डेय, विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को पक्का मकान प्रदान करने का क्रांतिकारी कदम है जो ना केवल आवास की कमी को दूर करती है बल्कि ग्रामीण जीवन को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों को शीघ्र प्रारंभ कराने एवं समय-सीमा में पूर्ण कराने कलेक्टर बलौदाबाजार के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में सभी ग्राम पंचायतो में आवास चौपाल का आयोजन कराया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 26 हजार 400 आवास निर्माण स्वीकृत
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2025-26 हेतु जिले में 26 हजार 400 आवास निर्माण को स्वीकृत किया गया, जिसमें से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्योत्सव के अवसर पर 25 हजार 580 हितग्राहियों के खाते में पहली किश्त की राशि जारी की गई। आवास चौपाल का आयोजन सभी ग्राम पंचायतों में तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है, जिसमे, सभी नवीन स्वीकृति उपरांत राशि प्राप्त आवास के हितग्राही, पूर्व वर्षाे के स्वीकृति उपरांत अपूर्ण आवास के हितग्राही, राजमिस्त्री, निर्माण, सामाग्री सप्लायर, सरपंच, सचिव एवं अन्य संबंधित शामिल होते हैं।
आवास चौपाल का उद्देश्य कनीकी जानकारी उपलब्ध कराना
आवास निर्माण की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना। रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कराना। सौर सुजला के तहत सौर पैनल लगवाने की जानकारी देना शामिल है। वर्ष 2025-26 में प्रथम क़िस्त जारी 25 हजार 580 आवास के हितग्राहियों को क़िस्त जारी किए गए हैं। सभी आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ कराना। योजना के तहत कन्वर्जेन्स के माध्यम से मिलने वाले अन्य लाभ का जानकारी देना। राजमिस्त्री एवं निर्माण सामग्री की उपलब्धता पर पंचायतों में आवास चौपाल में चर्चा की जा रही है । अब तक बलौदाबाजार में 56, भाटापारा 34, कसडोल में 24 और पलारी 22 पंचायतों में आवास चौपाल करा किया गया है। इस चौपाल में पूर्व वर्षाे के आवासों को जल्दी पूर्ण कराना।
योजना पूर्णतः निःशुल्क अनाधिकृत वसूली से सावधान
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण पारदर्शी और निःशुल्क योजना है जहां किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नही लिया जाता। कलेक्टर बलौदाबाजार ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत वसूली, कमीशन या सुविधा शुल्क की मांग नहीं कर सकता। यदि कोई आवास पास कराने, क़िस्त जल्दी दिलाने या अन्य किसी बहाने से पैसा की मांग करता है, अनाधिकृत वसूली करने पर, तत्काल शिकायत जनपद पंचायत सीईओ, सीईओ जिला पंचायत या कलेक्टर कार्यालय में दर्ज करायें। ऐसे मामलों का त्वरित जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।