प्रदेश
मुख्यमंत्री साय ने 200 बिस्तरीय अत्याधुनिक श्री बालाजी कैंसर अस्पताल का किया शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित श्री बालाजी हॉस्पिटल परिसर में 200 बिस्तरीय अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान बालाजी की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और आरोग्य की कामना की। साथ ही उन्होंने कैंसर अस्पताल के नवनिर्मित इकाइयों का शुभारंभ कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य की प्रगति और सशक्त होते आधारभूत ढांचे का स्पष्ट प्रमाण है। प्रदेश निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं और राज्य गठन के समय जहां प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं बीते वर्षों में 14 से 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अपने दो वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने 5 से 6 नए अत्याधुनिक अस्पतालों का शुभारंभ किया है, जिससे आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कैंसर अपस्ताल में मरीजों को आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक दिक्कतें भी कम होगी।
इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. तेजस नायक, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नीता नायक, आर. के. नायक, सत्यवती नायक तथा अस्पताल प्रबंधन और अधिकारी-कर्मचारी और आमजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिल्हा विकासखण्ड के रहंगी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आयोजित आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में प्रदेश के 25.28 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया। इनमें बिलासपुर जिले के 1 लाख 25 हजार 352 किसान शामिल हैं, जिनके खातों में 494.38 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को नई गति देते हुए 15.99 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 7 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 247.18 करोड़ रुपए की लागत के 82 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अन्य अतिथियों का खुमरी और नांगर भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर आधारित वीडियो का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन किसान भाइयों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने धान बेचा है और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से आज 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसान भाई होली का त्योहार अच्छे से मनाएं, इसलिए होली के पूर्व यह राशि प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है और किसानों की चिंता करते हुए उनके लिए प्रगतिशील योजनाएं लाई गई हैं।इस बार किसानों को बारदाने की कोई समस्या नहीं हुई और किसानों के खातों में राशि भी समय पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण लेने की सुविधा प्रदान की है और आज लाखों किसान किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को धान की सर्वाधिक कीमत देने की व्यवस्था की गई है, जो अन्यत्र कहीं नहीं है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी राशि अंतरित की जा रही है। खाद में सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सहित किसानों की समृद्धि के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है तथा सहकारिता को लाभकारी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को 6000 रुपए सम्मान निधि की राशि प्रदान की जा रही है। इस वर्ष के बजट में कृषि के लिए 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। किसानों को खेतों में पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नक्सलवाद बस्तर क्षेत्र से समाप्ति की ओर है और इस दिशा में हम सफल हो रहे हैं। निश्चित रूप से मार्च 2026 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प पूरा होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और खनिजों का समुचित दोहन कर राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से समझौता किया गया है और अब छत्तीसगढ़ में भी दुग्ध क्रांति आने वाली है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया है और विगत दो वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा कर लिया गया है। राज्य में सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है तथा प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को दोहराया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने चकरभाटा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन करने, मंगला में माध्यमिक शाला को हाई स्कूल में उन्नयन तथा रहंगी के खेल मैदान में बाउंड्रीवॉल एवं स्टेज निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने सतनामी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए तथा पत्थरखान में आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि उन्नति योजना का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री जी किसानों के बीच आए हैं, यह बहुत ही ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज 10 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे अंतरित की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हर साल किसानों के खातों में धान की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि धान से अधिक लाभ दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन में है और किसानों को फसल विविधीकरण अपनाना चाहिए।
कृषि मंत्री ने कहा कि खेती-किसानी में नवाचार और परिवर्तन से ही किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए भी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को मिश्रित कृषि तथा जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा राशि अंतरित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसानों के दर्द और मेहनत को समझते हैं और होली से पहले किसानों की मेहनत और पसीने की सौगात देने के लिए आज उनके बीच उपस्थित हुए हैं। अन्नदाताओं की मेहनत के कारण ही छत्तीसगढ़ खुशहाल है। विगत तीन वर्षों में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हुई है तथा 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सड़क, सिंचाई सहित विकास के सभी आयामों में बेहतर कार्य हुआ है और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना के साथ प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है।
कृषि उत्पादन आयुक्त शाहला निगार ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों को आदान सहायता प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य उनकी आजीविका को सुदृढ़ करना और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 25 लाख से अधिक किसानों को 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए किसानों को धान के साथ दलहन एवं तिलहन फसलों की ओर प्रोत्साहित किया गया है।
मुख्यमंत्री से संवाद कर किसानों ने जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअली जुड़कर प्रदेश के किसान हितग्राहियों से संवाद किया। जगदलपुर की महिला हितग्राही बसंती कश्यप ने बताया कि उनके खाते में 36 हजार रुपए की राशि आई है, जिससे वे होली का त्योहार अच्छे से मनाएंगे। कोरबा जिले के पहाड़ी कोरवा हितग्राही सुखन साय ने बताया कि उन्होंने 73 क्विंटल धान बेचा था और 53 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस राशि को वे घर बनाने में खर्च करेंगे। जांजगीर जिले के किसान समर्थ सिंह ने बताया कि उन्हें 1 लाख 41 हजार रुपए अंतर की राशि मिली है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष रजनीश सिंह, महापौर पूजा विधानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि उत्पादन आयुक्त शाहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संचालक कृषि राहुल देव, कमिश्नर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
सुरक्षाबल ने नक्सलियों का बड़ा डंप किया बरामद, 46 लाख रुपए नगद के साथ मिला लैपटॉप और आर्म्स…
गरियाबंद। बडी साजिश को नाकाम करते हुए सुरक्षा बलों ने नक्सलियों का बड़ा डंप बरामद किया है. डंप में 46 लाख 31 हजार रुपए नगद के साथ इलेक्ट्रोनिक और आर्म्स सामग्री भी मिला है.
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गरियाबंद जिले की एस-30 टीम एवं थाना मैनपुर की संयुक्त पुलिस टीम ने 28 फरवरी को ग्राम कड़ेदोरा के साप्ताहिक नामक जंगल/पहाड़ी क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया. सघन तलाशी के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखी गई सामग्री बरामद की गई.
पुलिस ने मौके से कुल 46,31,500 रुपए नगद, एक भरमार बंदूक, एक एलएमजी बट (स्पेयर), 33 नग भरमार कारतूस, 01 सटका रायफल, 32 डीजल इंजन सेल, 1 लैपटॉप, 2 मोबाइल, 10 इंसास राउंड, 11 एसएलआर राउंड, 45 एके-47 राउंड, 41 नग .303 राउंड, 23 विभिन्न शॉटगन राउंड, 26 नग 12 बोर राउंड, 13 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 10 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर सहित अन्य नक्सली उपयोग की सामग्री जब्त की है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से प्राप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई. इस सफलता से नक्सली संगठन को आर्थिक एवं सामरिक रूप से बड़ा झटका लगा है. पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि जिले में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा. किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, शराब घोटाला मामले में जमानत मंजूर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया को बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। यह मामला जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में सुनवाई के लिए लगा था। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज आए आदेश में कोर्ट ने सौम्या चौरसिया की याचिका स्वीकार करते हुए जमानत दी है।
बता दें कि सौम्या चौरसिया ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) एवं एसीबी/ईओडब्ल्यू की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थी। कोर्ट ने मामले में दायर दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद यह राहत दी है। शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार होने के बाद सौम्या चौरसिया लंबे समय से न्यायिक हिरासत में थीं। हाईकोर्ट के इस फैसले को उनके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
कमल विहार में दूषित पेयजल से बढ़ा स्वास्थ्य संकट, निगम और RDA की लापरवाही पर भड़के निवासी
रायपुर। इंदौर में दूषित पेयजल के कारण हुई मौतों के बाद भी रायपुर में सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी खतरे को टालने में प्रशासन की चूक को लेकर रायपुर नगर निगम और RDA की कड़ी आलोचना हो रही है। कमल विहार सेक्टर 8 और आसपास के इलाकों में निवासियों ने बताया कि डेढ़ से दो महीने से अधिक समय से उनके घरों के नलों में बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सीवरेज का गंदा पानी चैंबर से रिसकर सड़कों पर बह रहा है, जिससे न सिर्फ सड़क पर रहने वाले लोगों के लिए स्थिति कठिन हो गई है, बल्कि घरों के नलों में भी पानी दूषित होकर पहुँच रहा है। निवासियों ने नगर निगम और RDA पर आरोप लगाया कि इतने बड़े प्रोजेक्ट में रहने के बावजूद इन संस्थाओं का ध्यान बिल्कुल भी नहीं है। इसके कारण पूरे इलाके में लगातार दुर्गंध और गंदगी फैली हुई है।
निवासियों की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तत्काल सुधारात्मक उपाय नहीं किए गए, तो रायपुर में इंदौर जैसी त्रासदी होने का खतरा बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे गंदे पानी के संपर्क में आने से स्किन संक्रमण, दस्त, पेट की बीमारियां और वायरल संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन का सक्रिय और त्वरित कदम उठाना जरूरी है।

निगम और RDA की जिम्मेदारी
निवासियों का आरोप है कि निगम और RDA दोनों ही बड़े प्रोजेक्ट के रख-रखाव में नाकाम साबित हो रहे हैं। शहर में ऐसे सीवरेज रिसाव की शिकायतें पहले भी आती रही हैं, लेकिन इनके समाधान में प्रशासनिक सुस्ती देखने को मिलती रही है।
कमल विहार के निवासियों की समस्या केवल स्थानीय मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे रायपुर शहर के सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन को इस मुद्दे पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, नहीं तो गंदे पानी के कारण गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।
होली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, होटलों में की मिठाई-नमकीन की जांच, 5 नमूने पाए गए अमानक
खैरागढ़। होली पर्व के मद्देनजर जिले में मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर नियंत्रण के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रावल के निर्देशानुसार 26 और 27 फरवरी को जिले के विभिन्न मिठाई एवं नमकीन प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया गया।
उपसंचालक आशीष शर्मा एवं अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे की मौजूदगी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे ने खैरागढ़ के मानव मंदिर स्वीट, जलाराम स्वीट, जनता स्वीट, बीकानेर राजेश्वरी स्वीट, श्री बीकानेर स्वीट तथा गंडई के राजपुरोहित बीकानेर स्वीट सहित कई प्रतिष्ठानों से कचौड़ी, मोतीचूर लड्डू, बेसन लड्डू, खोवा, पेड़ा, फाफड़ा, गुजिया, रसमलाई, अंजीर कतली, केला चिप्स और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिए। कार्रवाई के दौरान दो विधिक एवं 18 सर्विलांस नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर भेजे गए। वहीं चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा मौके पर ही 65 सर्विलांस नमूनों की जांच की गई, जिसमें 60 नमूने मानक के अनुरूप पाए गए, जबकि 5 नमूने अवमानक मिले।
गुणवत्ता मानकों का पालन करने के दिए निर्देश
जांच में पाए गए अखाद्य रंग युक्त अवमानक खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करवाया गया। अधिकारियों ने सभी व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं 2011 के तहत स्वच्छता बनाए रखने एवं गुणवत्ता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रतिष्ठानों की खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन की जांच की गई, जो वैध पाए गए। कार्रवाई के दौरान सहायक खाद्य अधिकारी संजय ठाकुर सहित विभागीय टीम मौजूद रही। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य उपलब्ध कराने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
होली से पहले रायपुर पुलिस का सख्त अभियान: 3 घंटे में 154 नशेड़ी वाहन चालक पकड़े, ₹15.40 लाख का चालान
रायपुर। सड़क हादसों को नियंत्रित करने एवं होली पर्व पर सुरक्षा के लिहाज से रायपुर पुलिस ने शुक्रवार रात में तीन घंटे का विशेष अभियान चलाया. जांच के दौरान 154 नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15 लाख 40 हजार रुपए का चालान काटा.
पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल विकास कुमार द्वारा नशे की हालत में वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात/प्रोटोकाल दौलत राम पोर्ते के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस आयुक्त सतीश ठाकुर, सुरेन्द्र साय पैकरा, रमेश येरेवार, गुरजीत सिंह एवं सीमा अहिरवार के नेतृत्व में यातायात के सभी थाना प्रभारियों की उपस्थित में अधिकारी-कर्मचारी की टीम बनाई.
टीम ने शहर में 8 स्थानों – तेलीबांधा थाना के सामने, भाठागांव चौक, जयस्तंभ चौक, फाफाडीह चौक, खमतराई थाना के सामने, टाटीबंध चौक, पचपेड़ीनाका चौक, पंडरी थाना के सामने में स्टापर लगाकर चेकिंग पाइंट लगाया गया. सभी चेकिंग पाइंट में चेकिंग अधिकारियों द्वारा ब्रीथ एनालाईजर मशीन के साथ रात्रि 10 बजे से 1 बजे तक 3 घंटे सघन जांच अभियान चलाया गया. जांच के दौरान वाहन चालकों का ब्रीथ एनालाईजर मशीन से शराब सेवन की जांच की गयी.

जांच में 154 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाया गया, जिनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के अंतर्गत वाहनों को जप्त कर कार्रवाई किया गया. वाहनों को यातायात मुख्यालय परिसर एवं यातायात थानों में सुरक्षार्थ खड़ा किया गया है. जब्त किए वाहनों में 64 कार, 65 मोटरसायकल, 08 ट्रक, 12 टाटा एस पिकअप, 01 बोलेरो, 02 माजदा, 01 ट्रेक्टर, एवं 01 ई-रिक्शा वाहन शामिल है.
कार्यवाही किये गये प्रकरणों को कार्य दिवस में न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां शराब सेवन कर वाहन चलाने पर माननीय न्यायालय द्वारा प्रत्येक प्रकरण में 10000 रुपए न्यूनतम अर्थदंड किया जाता है.
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश एवं विकास कुमार, पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल के मार्गदर्शन में आगामी दिनों में विशेषकर रात्रि में स्थान बदल-बदलकर चेकिंग पाइंट लगाकर नियमित रूप से शराब सेवन कर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.
सीएम के कार्यक्रम में हंगामा : सुरक्षा कर्मियों से भिड़े भाजपा कार्यकर्ता, नेताओं के बीच-बचाव के बाद शांत हुआ मामला
बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के रहंगी प्रवास के दौरान आयोजित कार्यक्रम में उस समय हंगामा हो गया, जब भाजपा कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ भाजपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए आगे बढ़ रहे थे, इसी दौरान सुरक्षा में तैनात जवानों ने उन्हें निर्धारित क्षेत्र से आगे जाने से रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ देर में बहसबाजी में बदल गई।
स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं ने हस्तक्षेप किया और कार्यकर्ताओं को समझाइश दी। काफी समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और कार्यक्रम सुचारु रूप से शुरू हुआ। घटना के दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
सरकारी जमीन पर बना था व्यावसायिक परिसर, नगर निगम ने हटाया अतिक्रमण
रायपुर। राजधानी रायपुर में नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर लालपुर क्षेत्र में शासकीय भूमि से अवैध निर्माण हटाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, लालपुर में शासकीय जमीन पर लगभग 9 से 10 निजी दुकानों के साथ एक बहुमंजिला बिल्डिंग संचालित की जा रही थी, जिसमें पीजी भी चल रहा था। शिकायतों के बाद नगर निगम ने जांच कर निर्माण को अवैध पाया और कार्रवाई शुरू की।
अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर नगर निगम के उड़नदस्ता दल के साथ सभी 10 जोन की गाड़ियां मौजूद हैं। निगम की टीम द्वारा पूरे भवन को खाली कराया जा रहा है। दुकानों और पीजी में रहने वाले लोगों को पहले ही नोटिस देकर हटने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद बुलडोजर से अवैध हिस्सों को तोड़ा जा रहा है।
अवैध कब्जा के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शासकीय भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। शहर में जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण मिलेगा, वहां इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों में कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोगों ने इसे सही कदम बताया, वहीं प्रभावित लोगों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।
सरकारी जमीन पर किया गया था निर्माण : नायब तहसीलदार
इस मामले में नायब तहसीलदार ज्योति सिंह ने कहा कि 10 से ज्यादा प्राइवेट दुकानों पर कार्रवाई की है। यह प्रकरण लंबित था। आज मौके पर पहुंचकर यहां कार्रवाई की है। व्यवसायिक परिसर था, शासकीय भूमि में ये निर्माण किया गया था। सामने में करीब 10 से ज्यादा दुकान थी और पीछे 71 के करीब कमरे अंदर थे। ये सभी शासकीय जमीन पर निर्माण किया गया था। सभी को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।
दुर्ग व सरगुजा जिलों में नई गाइडलाइन दरें 2 मार्च 2026 से होगी प्रभावी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में संपत्ति के पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं व्यवहारिक बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में दिनांक 20 नवम्बर 2025 से लागू नवीन गाइडलाइन दरों के संबंध में आवश्यकता अनुसार पुनरीक्षण हेतु जिला मूल्यांकन समितियों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए थे।
शासन के निर्देशों के अनुरूप दुर्ग एवं सरगुजा जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का परीक्षण किया गया। समग्र समीक्षा एवं चर्चा के उपरांत केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने दुर्ग एवं सरगुजा जिलों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों को अनुमोदित कर दिया है।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नवीन गाइडलाइन दरें दुर्ग एवं सरगुजा जिलों में दिनांक 2 मार्च 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक एवं संबंधित हितधारक नवीन दरों की विस्तृत जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों तथा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी 33 जिलों के लिए नवीन पुनरीक्षित गाइडलाइन दरें जारी कर दी गई हैं, जिससे पंजीयन प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं यथार्थपरक बनने की दिशा में मदद मिलेगी।
PSC भर्ती पर फिर उठा विवाद: बॉयलर इंस्पेक्टर नियुक्ति में गड़बड़ी का आरोप, भाजपा नेता ने राज्यपाल से की निष्पक्ष जांच की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) एक बार फिर सुर्खियों में है, अबकी बार मामला उद्योग विभाग में बायलर इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती का है, जिसमें चयनित अभ्यर्थी की योग्यता पर भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने सवाल उठाते हुए राज्यपाल से शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
मामला उद्योग विभाग में बायलर इंस्पेक्टर के पद पर कानन वर्मा नामक अभ्यर्थी की नियुक्त का है. आरोप है कि वे निर्धारित आयु सीमा से अधिक थे. बताया जा रहा है कि इस भर्ती के खिलाफ दूसरे अभ्यर्थी साकेत अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. कोर्ट ने साकेत अग्रवाल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें नियुक्ति देने का आदेश जारी किया था. लेकिन अब तक विभाग की ओर से इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई है.
भाजपा नेता श्रीवास ने इस मामले में लोक सेवा आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए उन तीनों सदस्यों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं, जिन्हें पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नियुक्त किया गया था. इनमें प्रवीण वर्मा, संत कुमार पासवान और सरिता उइके शामिल हैं. श्रीवास ने आरोप लगाया कि इन सदस्यों की गतिविधियां संदिग्ध हैं, यही नहीं इनमें से प्रवीण वर्मा का संबंध कानन वर्मा से बताया जा रहा है.

श्रीवास ने राज्यपाल को लिखा कि आयोग की निष्पक्षता बनाए रखने और युवाओं के भविष्य के साथ किसी प्रकार के खिलवाड़ को रोकने के लिए इन तीनों सदस्यों को तत्काल पद से हटाकर मामले की जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि पूर्व के घोटाले में भी ये सदस्य दागदार रहे हैं, और ऐसे में मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है.
छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी गर्मी: अगले 6 दिनों में तापमान 4 डिग्री तक बढ़ने के आसार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने वाली है. मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई है. वहीं न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं है.
प्रदेश में शुक्रवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई.
रायपुर में अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है. हवा की औसत गति करीब 2 किमी प्रतिघंटा रही तथा आर्द्रता सुबह 50 प्रतिशत और शाम को 25 प्रतिशत दर्ज की गई.
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल में 5.8 किलोमीटर पर 70 डिग्री पूर्व और 35 डिग्री उत्तर में स्थित है. प्रदेश में 28 फरवरी को प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. अधिकतम में अगले 6 दिनों में चार डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है. न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि का दौर लगातार बने रहने की संभावना है, लेकिन विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है.
राजधानी रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक राजधानी रायपुर में शनिवार को आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है.
खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही सरकार - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य समापन आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में दुर्ग में संपन्न हुआ।मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न राज्यों एवं केंद्रीय बलों से आए खिलाड़ियों, कोच और अधिकारियों का स्वागत करते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुलिस जवान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो उनके अनुशासन और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्र की विशिष्ट पहचान रही है और राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही है। जशपुर में आर्चरी एकेडमी तथा नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों से अनुशासन, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास बढ़ता है तथा युवाओं के लिए कैरियर के नए अवसर भी बनते हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक पदक विजेताओं को आकर्षक प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने युवाओं से खेलों से जुड़ने और अभिभावकों से बच्चों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराओं और धनुर्विद्या की समृद्ध विरासत का उल्लेख किया।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छह टीमों सीआईएसएफ, राजस्थान, सीआरपीएफ, उत्तर प्रदेश, बीएसएफ एवं आईटीबीपी को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया तथा प्रतियोगिता के औपचारिक समापन की घोषणा की।
इस अवसर पर अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाडा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित जनप्रतिनिधि एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ का ‘संकल्प’ बजट विकसित राज्य का रोडमैप : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर विधानसभा में सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि साय सरकार का तीसरा बजट ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद ‘संकल्प’ की रणनीति पर आधारित है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अपने पहले बजट को ‘ज्ञान’ को समर्पित किया था। दूसरे बजट में ‘गति’ की रणनीति अपनाई गई, जिसमें गुड गवर्नेंस, एक्सीलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ के माध्यम से तीव्र आर्थिक विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया। अब तीसरा बजट ‘संकल्प’ के माध्यम से समावेशी और समग्र विकास की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास का अंतिम लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति, गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी का उत्थान है। यही ‘ज्ञान के उत्थान’ की मूल भावना है।
2047 का विजन और दीर्घकालिक रणनीति
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘अमृतकाल’ में विकसित भारत की ओर अग्रसर है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ ने भी 2047 तक विकसित राज्य बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लोगों की सहभागिता से ‘छत्तीसगढ़ 2047 विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों की समन्वित रणनीति के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान बजट एक वर्षीय लक्ष्य के साथ 2047 के दीर्घकालिक लक्ष्य की कड़ी है।
विकसित भारत जी रामजी योजना: 4000 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री ने बताया कि विकसित भारत जी रामजी योजना के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा की तुलना में ऐतिहासिक वृद्धि है। उन्होंने कहा कि रोजगार के साथ-साथ ठोस परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि योजनाओं का दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित हो।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये, किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 600 करोड़ रुपये तथा विद्युत पंपों पर बिजली बिल सब्सिडी हेतु 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
अधोसंरचना और औद्योगिक विकास
राज्य में 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना के लिए 450 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य की 36 सड़कों को मुख्यमंत्री सड़क संपर्क योजना से जोड़ा जाएगा, जिनमें न्यूनतम दो लेन सड़क का प्रावधान रहेगा। सीजी वायु योजना के माध्यम से बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर सहित अन्य क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 1947 से 2014 तक जितने एयरपोर्ट बने, उससे अधिक एयरपोर्ट पिछले दशक में बने हैं और राज्य सरकार भी इस दिशा में सहयोग कर रही है।
शिक्षा, युवा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पहल
छत्तीसगढ़ असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटेटिव एग्जाम योजना के तहत ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ घटकों के माध्यम से केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी। नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना तथा लैंड बैंक के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं ‘निपुण’ योजना के माध्यम से नई पीढ़ी को औद्योगिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
नक्सलवाद उन्मूलन और डबल इंजन सरकार
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा प्रमाण नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि पहले हर सप्ताह शहादत की खबरें आती थीं, लेकिन अब स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पूर्व नक्सली सदस्य भी शामिल हो रहे हैं।
सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य ने जीएसटी संग्रह में देश में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उधारी एफआरबीएम अधिनियम के प्रावधानों के तहत जीएसडीपी के 3 प्रतिशत की सीमा में ही ली जाएगी और कुल ऋण जीएसडीपी के 25 प्रतिशत से नीचे रखा जाएगा। राज्य सरकार ने बेहतर वित्तीय प्रबंधन के तहत पूर्व में दी गई 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय गारंटी को घटाकर लगभग 18 हजार करोड़ रुपये तक लाया है। कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड और गारंटी रिडेम्प्शन फंड में भी प्रावधान सुनिश्चित किया गया है, जिससे वित्तीय स्थिरता मजबूत होगी।
बस्तर और सरगुजा के लिए विशेष प्रावधान
बस्तर एवं सरगुजा अंचल के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए 75-75 करोड़ रुपये, बस्तर ओलंपिक्स के लिए 22 करोड़ रुपये तथा सरगुजा ओलंपिक्स के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इंद्रावती नदी पर मटनार एवं देउरगांव बैराज निर्माण के लिए 2,024 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बस्तर नेट परियोजना हेतु 5 करोड़ रुपये तथा पशुपालन गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही 1,500 बस्तर फाइटर्स के पद सृजित किए जाएंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि
कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ एवं दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। युवाओं के लिए दुर्ग, जशपुर, रायपुर, बलौदाबाजार और रायगढ़ के 5 शासकीय महाविद्यालयों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापना हेतु 15 करोड़ रुपये तथा 25 महाविद्यालय भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के अधोसंरचना उन्नयन के लिए 50 करोड़ रुपये तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विभिन्न योजनाओं के लिए 33 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा
सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रारंभ की जाएगी, जिससे उन्हें अस्पताल में तत्काल भुगतान की परेशानी और प्रतिपूर्ति की जटिल प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि ‘संकल्प’ बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की चिंता और 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का ठोस रोडमैप है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट राज्य को नई विकास ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
राजधानी रायपुर में होगा भव्य प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तैयारियों को लेकर हुई बैठक
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित समिति कक्ष में प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनसंपर्क विभाग के सचिव रोहित यादव और आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि रायपुर साहित्य महोत्सव की तरह ही नवा रायपुर में आगामी 27 और 28 मार्च को भव्य प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ के निवासियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल भी तैयार किया गया है, इस पोर्टल के माध्यम से पंजीयन किया जा रहा है । सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा व संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ वासियों को यहां के लोगों से जोड़ने की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन के आयोजन को राज्य और प्रवासियों दोनों के लिए एक बेहतर अवसर बताया ।
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि समिट में आने वाले प्रवासी छत्तीसगढ़ वासियों को उनकी आवश्यकतानुसार सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ।
मुख्य सचिव ने सम्मेलन के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को कार्यक्रम में सहयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ के ऐसे लोग जो अपने कार्य क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा रहे हैं उन्हें सम्मानित करने की भी बात कही।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन में आने वाले विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ छत्तीसगढ़ियों से यहां के युवाओं का मार्गदर्शन सत्र भी रखा जाये जिनसे उन्हें लाभ प्राप्त हो ।
विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए प्रवासियों को यहां निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस मौके पर यदि प्रवासी नागरिक किसी भी सेक्टर में निवेश अथवा कार्य करने की सहमति प्रदान करते हैं तो उनसे एमओयू भी किया जाएगा। प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ी व्यंजन भी परोसा जाएगा।
बैठक में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ,उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार,स्टेट कैपिटल रीजन के सीईओ अंकित आनंद, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सचिव गृह नेहा चंपावत, ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्याम धावड़े, चंदन कुमार, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
प्रदेश में ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के 232 पद रिक्त, भर्ती के लिए वित्त विभाग ने दी स्वीकृति
रायपुर। विधानसभा सत्र के दौरान आज सदन में प्रदेश में ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के स्वीकृत पदों और रिक्त पदों की जानकारी पर प्रश्न पूछे गए। यह भी प्रश्न पूछा गया कि इन पदों पर भर्ती के लिए कब-कब विभाग ने भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजा है। कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू ने यह प्रश्न उठाया था। इस पर कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम ने अपना लिखित जवाब प्रस्तुत किया।
कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू ने अपने लिखित प्रश्न में पूछा था कि प्रदेश में ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के कितने पद स्वीकृत हैं और कितने पद रिक्त हैं? रिक्त पदों पर कब से भर्ती बंद है और क्यों? रिक्त पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग की स्वीकृति के लिए विगत 04 वर्षों में कब-कब प्रस्ताव भेजा गया है? कब-कब स्वीकृति मिली है और यदि स्वीकृति लंबित है तो इसके क्या कारण हैं? भर्ती करने की कार्यवाही कब तक की जाएगी?
आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने अपने लिखित जवाब में बताया है कि प्रदेश में ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी क 633 पद स्वीकृत है और 232 पद रिक्त हैं। शासकीय व्यय में मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन हेतु जारी वित्त निर्देश 12/2020 के प्रावधान अनुसार सीधी भर्ती के रिक्त पदों को भरने के पूर्व वित्त विभाग की अनुमति आवश्यक होने के कारण वर्ष 2019 से रिक्त पदों पर भर्ती नहीं हुई है। रिक्त पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग को स्वीकृति के लिए 06.09.2023, 20.08.2024, 03.01.2025, 27.02.2025, 21.05.2025, 29.08.2025 एवं 25.11.2025 को प्रस्ताव भेजा गया है। ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के पदों पर दिनांक 12 दिसंबर 2025 को वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। भर्ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिसकी निश्चित समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
लंबे समय से एक ही जगह पर जमे राजस्व विभाग के बाबुओं का तबादला, देखें लिस्ट…
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने लंबे समय से एक ही जगह पर जमे राजस्व विभाग के बाबुओं का तबादला आदेश जारी किया है। जारी आदेश में सहायक ग्रेड–2, सहायक ग्रेड–3,स्टेनो टाइपिस्ट के अलावा चपरासियों को इधर से उधर किया गया है।
सर्वाधिक तबादले रायपुर तहसील ऑफिस से किए गए हैं। यहां से 9 क्लर्कों का तबादला किया गया है, जिनमें सात सहायक ग्रेड तीन और दो सहायक ग्रेड दो शामिल हैं। कलेक्टर गौरव सिंह के अनुसार कार्यों में कसावट लाने यह आदेश जारी किया गया है।
देखें लिस्ट –
