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नियद नेल्लानार 2.0: मुख्य सचिव विकासशील ने की समीक्षा, गांव-गांव तक पहुंचेंगी प्रमुख योजनाएं
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के माध्यम से माओवादी प्रभावित और सुदूर अंचलों के ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है। इस नई कार्ययोजना के तहत वामपंथ उग्रवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ (संतृप्तिकरण) सुनिश्चित किया जाएगा।
आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और सुघ्घर छत्तीसगढ़ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नियद नेल्लानार 1.0 की सफलता के बाद अगला कदम
बैठक में बताया गया कि योजना के पहले चरण (1.0) के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिले के सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं पहुंचाई गई थीं। अब इसके दूसरे चरण (नियद नेल्ला नार 2.0) का दायरा बढ़ाते हुए 31 व्यक्तिगत हितग्राही मूलक योजनाएं, 14 सामुदायिक योजनाएं और 10 वांछित सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएंगी।
गांव-गांव पहुंचेंगी ये प्रमुख 31 व्यक्तिगत योजनाएं
इस विशेष अभियान के तहत हर पात्र ग्रामीण का डेटा तैयार कर उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा। मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांगता पेंशन। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड और मुफ्त राशन वितरण योजना, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण, जननी सुरक्षा योजना और मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण, महिला एवं बाल विकास की प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना और महतारी वंदन योजना से जोडा जाएगा। इसी प्रकार पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और प्रधानमंत्री जनधन योजना, समग्र शिक्षा के तहत स्कूली बच्चों को निःशुल्क गणवेश व पाठ्यपुस्तकें और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, सभी पात्र हितग्राहियों के आधार कार्ड बनेंगे। श्रम कार्ड, वोटर आईडी, व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र सहित जाति, जन्म, निवास, मृत्यु और ई-डब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनेंगे।
14 सामुदायिक सुविधाओं से सुदृढ़ होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
सुदूर वनांचलों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए गांवों में ये 14 सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, उचित मूल्य की राशन दुकानें, सड़क व मोबाइल कनेक्टिविटी, डाकघर, वन धन विकास केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र, पंचायत भवन, बैंक और ब्लॉक स्तर पर नए कॉलेजों की स्थापना की जाएगी।
इस सघन संतृप्तिकरण अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए आयोजित इस बैठक मेंबैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचाा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा के भीतर इन योजनाओं को धरातल पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए।
अमानक खाद पर कृषि विभाग का बड़ा एक्शन, दुकानों से 180 क्विंटल खाद जब्त
बिलासपुर। अमानक खाद पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रतनपुर की दुकानों से 180 क्विंटल अमानक खाद जब्त किया है। साथ ही दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर की गई, जिससे बाकी दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।
किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराने बिलासपुर क्षेत्र में अभियान चलाया गया। कृषि विभाग की टीम ने रतनपुर क्षेत्र की कई दुकानों और समितियों की जांच की। सेवा सहकारी समिति चपोरा में रिकॉर्ड और भंडारण में अनियमितताएं पाई गई।
मेंसर्स गुप्ता ग्रेन मर्चेंट रतनपुर में भी गड़बड़ियां उजागर हुई। सेवा सहकारी समिति रतनपुर में अभिलेखों में खामियां पाई गई। उन्नत कृषि सेवा केंद्र रतनपुर में भी नियमों का उल्लंघन सामने आया। यहां खाद विक्रय और भंडारण संबंधी कई अनियमितताएं मिलने से कृषि विभाग ने संबंधित संस्थाओं और विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
हाईकोर्ट में नौकरी के लिए फर्जी सर्कुलर पेश, डॉक्टर ने गलती की स्वीकार, याचिका रद्द
बिलासपुर। संविदा नियुक्त एक महिला आयुर्वेदिक डॉक्टर की नियमितीकरण की मांग को लेकर दायर याचिका मामले में हाईकोर्ट ने अपना ही आदेश वापस ले लिया है.
दरअसल, मामले में याचिकाकर्ता महिला डॉक्टर ने सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष एक सर्कुलर पेश किया. बाद में पता चला कि सर्कुलर पूरी तरह फर्जी था. महिला डॉक्टर को अपनी गलती का अहसास हुआ और कोर्ट में एक रिव्यू पिटिशन दायर करते हुए कोर्ट से माफी मांगी, जिस पर कोर्ट ने अपना पुराना आदेश वापस लेते हुए याचिका पर सुनवाई के लिए उसे दोबारा बहाल किया.
बता दें, कि बलौदाबाजार-भाटापारा के मोपका प्राथमिक स्वास्थ्य आयुष केंद्र में संविदा पर कार्यरत आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ ममता मिश्रा ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने 28 मई 2010 को जारी सरकारी सर्कुलर पेश किया, इसमें संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर विचार करने के निर्देश दिए गए थे. याचिका में सेवाकाल के 18 साल पूरा करने की बात कही गई, लिहाजा नियमितीकरण के लिए खुद को पात्र बताया.
हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए बीते 5 जनवरी को याचिकाकर्ता को नए सिरे से अभ्यावेदन करने और संबंधित अधिकारियों को 4 महीने के भीतर अंतिम फैसला लेने का निर्देश जारी किया था. इधर कोर्ट के निर्णय के बाद पता चला कि पेश किया गया सर्कुलर ही फर्जी है. बाद में महिला डॉक्टर ने अपनी चूक स्वीकारते हुए हाईकोर्ट में रिव्यू पिटिशन दायर की. हाईकोर्ट ने केस को दोबारा बहाल कर दिया है, जिससे याचिकाकर्ता को मिली अंतरिम राहत खत्म हो गई है.
घुमका में गरजे भूपेश बघेल, बोले- कांग्रेस ने गरीबों और किसानों के लिए किया काम
राजनांदगांव। घुमका नगर पंचायत चुनाव में प्रचार अब तेज हो गया है। एक जून को होने वाले मतदान से पहले आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने प्रदेश की विष्णुदेव सरकार पर जमकर निशाना साधा।
घुमका में आयोजित चुनावी सभा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार किसानों की दुश्मन बन चुकी है। उन्होंने खाद संकट, बिजली कटौती और धान खरीदी व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला बोला। बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान गरीब परिवारों को राशन दुकानों से मिलने वाले चावल की मात्रा बढ़ाकर 35 किलो तक किया गया था। कांग्रेस सरकार ने गरीबों और किसानों के हित में लगातार काम किया।
बिजली कटौती को लेकर सरकार पर कसा तंज
सभा के दौरान बिजली व्यवस्था को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक तीन बार बिजली दर बढ़ाई जा चुकी है, जबकि दूसरी ओर लगातार बिजली कटौती हो रही है। जहां-जहां वे सभा लेने जाते हैं, वहां बिजली गुल हो जाती है। पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश में धान चोरी और खरीदी व्यवस्था में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि नगर पंचायत में विकास के लिए कांग्रेस को जिताना जरूरी है।
सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, जंगल में छिपाकर रखे भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और शस्त्र निर्माण सामग्री बरामद
नारायणपुर/गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की पुलिस को माओवाद विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर चलाए गए संयुक्त अंतरराज्यीय अभियान में सुरक्षा बलों ने गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा के घने जंगलों में संचालित माओवादियों के हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और शस्त्र निर्माण सामग्री बरामद की है। अभियान के दौरान बरामद कई खतरनाक सामग्रियों को घटना स्थल पर ही नष्ट कर दिया गया।
यह कार्रवाई “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” के तहत की गई। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों के बड़े हथियार भंडार का पता लगाते हुए 01 इंसास रायफल, 02 सिंगल शॉट रायफल, 02 बारह बोर रायफल तथा 18 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गढ़चिरौली जिले में माओवादी गतिविधियां अब लगभग समाप्ति की ओर हैं, लेकिन माओवादी संगठन सुरक्षा बलों पर हमले और घातपात की घटनाओं को अंजाम देने के लिए जंगल क्षेत्रों में गुप्त रूप से हथियार और विस्फोटक सामग्री तैयार कर जमीन में छिपाकर रखते थे। इनका उपयोग नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य अवसरों पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए किया जाता था।
आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली थी सूचना
जानकारी के मुताबिक आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के काकूर थाना क्षेत्र से करीब सात किलोमीटर दूर महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के जंगलों में हथियार और हथियार निर्माण सामग्री छिपाकर रखी गई है। सूचना मिलने के बाद 26 मई 2026 को गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में संयुक्त अभियान शुरू किया गया।
अभियान में प्राणहिता के विशेष अभियान दल की चार टुकड़ियां, नारायणपुर डीआरजी की एक टीम तथा बीडीडीएस प्राणहिता की दो टीमें शामिल थीं। 27 मई 2026 को काकूर थाना क्षेत्र के जंगलों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। बीडीडीएस टीम द्वारा इलाके की गहन जांच के दौरान सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली।

आईईडी, क्लेमोर माइन और बीजीएल लॉन्चर बरामद
बरामद सामग्री में 25 किलो आईईडी विस्फोटक, 02 क्लेमोर माइन, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल सेल और उन्हें बनाने की सामग्री, 07 बीजीएल लॉन्चर, 03 ट्यूब लॉन्चर, लोहे की रॉड, दो लेथ मशीन, दो मोटर, ग्राइंडर मशीन, इन्वर्टर, बैटरी, वायर बंडल और सोलर प्लेट जैसी सामग्री शामिल है। पुलिस के अनुसार यह पूरा तंत्र माओवादियों द्वारा हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने के लिए उपयोग किया जा रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर घटनास्थल से बरामद हथियार निर्माण सामग्री और विस्फोटक उपकरणों को जवानों ने मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि भविष्य में उनका इस्तेमाल किसी भी हिंसक गतिविधि में न हो सके।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला अभियान
यह संयुक्त कार्रवाई गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधिरा, अपर पुलिस अधीक्षक (प्रशासन) गोकुल राज जी., अहेरी के अपर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन बी. जे., पुलिस उपाधीक्षक (अभियान) विशाल नागरगोजे तथा नारायणपुर के पुलिस उपाधीक्षक मनोज मंडावी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न की गई। गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने अभियान में शामिल सभी जवानों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा बल माओवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को मिली नई गति : छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ से अधिक की मदर सैंक्शन जारी, सीएम साय बोले –
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ से अधिक की मदर सैंक्शन जारी किए जाने का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, सम्मानजनक जीवन और अंत्योदय के संकल्प को नई मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘हर गरीब को पक्का घर’ का संकल्प तेजी से धरातल पर साकार हो रहा है और यह निर्णय ग्रामीण गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केवल आवास निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया आधार निर्मित करने वाली परिवर्तनकारी पहल है। पक्का घर किसी भी परिवार के लिए केवल एक छत नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य, बेहतर जीवन और सामाजिक गरिमा का मजबूत आधार होता है। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय सहायता से छत्तीसगढ़ के हजारों ग्रामीण परिवारों के ‘पक्के घर के सपने’ को नई गति मिलेगी और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गांव, गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और विश्वास का नया अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहे तथा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण पहल में शामिल किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में गरीब परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने का कार्य और अधिक गति से आगे बढ़ेगा।
तेलीबांधा तालाब में वीर सावरकर की प्रतिमा के प्रस्ताव पर सियासत: दीपक बैज ने कसा तंज, कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) में वीर सावरकर की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर एक नया सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है। सावरकर स्मृति संस्था द्वारा नगर निगम को इस संबंध में आवेदन दिए जाने के बाद कांग्रेस ने इस पर तीखी आपत्ति जताई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मुद्दे पर सीधे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आड़े हाथों लिया है।
दीपक बैज ने कसा तंज
तेलीबांधा तालाब में वीर सावरकर की प्रतिमा के प्रस्ताव की खबर सामने आते ही कांग्रेस नेता दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा, ये लोग क्या सावरकर के नाम से तेलीबांधा का नामकरण करना चाहते हैं? यहां तो माता कर्मा और तेलहीन माई का नाम रखा जाना चाहिए। जिन्होंने अंग्रेजों के सामने हाथ जोड़े थे, उनका नाम ये बीजेपी वाले लिख रहे हैं और उनकी मूर्ति लगाना चाहते हैं। बैज के इस बयान ने इस मुद्दे को पूरी तरह से वैचारिक और राजनीतिक रंग दे दिया है।
दीपक बैज के बयान पर MIC सदस्य का हमला
वहीं वीर सावरकर की प्रतिमा मामले में दीपक बैज के बयान पर रायपुर नगर निगम के एमआईसी सदस्य दीपेश जायसवाल ने जमकर हमला बोला है। उनका कहना है कि दीपक बैज झूठ बोल रहे हैं। कांग्रेस पार्टी हमेशा झूठ बोलकर लोगों को भ्रमित करती है। लोकतंत्र में कोई भी आवेदन दे सकता है।
स्मृति मंच के संयोजक इंजीनियर ने क्या कहा ?
स्मृति मंच के संयोजक इंजीनियर गिरधारी ने बताया कि संस्था के सदस्यों ने इस संबंध में रायपुर महापौर मीनल चौबे और संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा, जब शहर में सभी महापुरुषों की मूर्तियां लगती हैं, तो वीर सावरकर की भी लगनी चाहिए। उनके जैसा अदम्य साहसी कोई नहीं था। उन्होंने महान साहित्य लिखा और जेल की यातनाएं सहीं। शहर में उनकी एक भी प्रतिमा नहीं है। हमने तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) का प्रस्ताव इसलिए दिया है क्योंकि यहाँ भारी संख्या में आमजन आते हैं। अगर वहाँ प्रतिमा के साथ एक लाइट शो का कार्यक्रम शुरू हो जाए, तो यह लोगों के लिए एक बड़ा टूरिस्ट अट्रैक्शन बन जाएगा।
सभापति और निगम प्रशासन को दिया आवेदन
जानकारी के अनुसार, सावरकर स्मृति संस्था द्वारा सभापति और निगम प्रशासन को आवेदन दिया जा चुका है, जिस पर आगे की प्रक्रिया और अनुमति की कार्रवाई की जा रही है। इस प्रस्ताव को सबसे पहले मेयर-इन-काउंसिल (MIC) की बैठक में रखा जाएगा। एमआईसी में जो भी निर्णय होगा, उसके बाद इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए नगर निगम सामान्य सभा में पेश किया जाएगा।
क्यों प्रसिद्ध है तेलीबांधा तालाब ?
रायपुर का तेलीबांधा तालाब शहर का दिल माना जाता है। यह स्थान शाम की सैर (Evening Walk) और लजीज स्ट्रीट फूड के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है। इसके अलावा, यहाँ 82 मीटर ऊँचा देश का सबसे ऊँचा तिरंगा भी स्थापित है, जो इस जगह के आकर्षण को कई गुना बढ़ा देता है। अब इस हाई-प्रोफाइल जगह पर वीर सावरकर की प्रतिमा को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
बूथ लूटने की कोशिश गंभीर अपराध, आरोप पत्र रद्द करने से हाईकोर्ट का इनकार
बिलासपुर। पोलिंग बूथ में घुसकर तोड़फोड़ करने व चुनाव सामग्री लूटने का प्रयास करने पर प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट 1984 के सेक्शन 3 और छत्तीसगढ़ – डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट 1984 के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। इस एफआईआर को रद्द कराने हाईकोर्ट में पेश याचिका अवकाशकालीन डीबी ने खारिज कर दी है।
दरअसल, 5 मार्च 2025 को बलरामपुर जिला के रामचंद्रपुर में पंचायत चुनाव के दौरान बूथ नंबर 115 गांव आरोपी मोहम्मद बक्स 100-150 लोगों के साथ वहां आया, और पोलिग बूथ सेंटर में घुसकर गालियां देते हुए बूथ सेंटर के दो ताले तोड़ दिए, चुनाव का सामान छीनने की कोशिश कर चुनाव ड्यूटी पर मौजूद दूसरे सरकारी अधिकारियों की ऑफिशियल ड्यूटी में रुकावट डाली।
पोलिंग बूथ अधिकारी खिलेश्वर राम की शिकायत पर पुलिस ने जांच बाद आरोपी मोहम्मद बक्स सहित अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया। जिसे रद्द करने हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। कोर्ट ने मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिका रद्द कर दी है।
छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि को दुनिया के सामने लाना हमारा उद्देश्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं और पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई गई है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।
बैठक के दौरान इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपने निवेश प्रस्ताव के महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए और बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निवेश से प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के रास्ते व्यापक रूप से खुले हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, उच्चस्तरीय सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से विकसित करने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। प्रदेश की बेहतर मानसूनी परिस्थितियां, समृद्ध प्राकृतिक संपदा और निवेश अनुकूल नीति पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।
बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेश प्रोत्साहन नीति तथा उपलब्ध इंसेंटिव्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है अथवा 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, तो उसे ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं तथा पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
उर्दू के मशहूर शायर पद्मश्री बशीर बद्र का निधन, भोपाल स्थित निवास पर ली अंतिम सांस
भोपाल। उर्दू अदब की दुनिया से बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर शायर और पद्मश्री से सम्मानित बशीर बद्र साहब अब हमारे बीच नहीं रहे। 91 साल की उम्र में उन्होंने भोपाल स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। बीते कई वर्षों से वे बीमार चल रहे थे। उनके निधन से साहित्य और शायरी जगत में शोक की लहर है। 15 फरवरी 1935 को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जन्मे बशीर बद्र ने अपनी शायरी से करोड़ों दिलों में खास जगह बनाई। उनकी गजलें और शेर आज भी लोगों की जुबां पर जिंदा हैं।
“कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से…” और
“उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो…”
जैसी रचनाओं ने उन्हें उर्दू शायरी का अमर चेहरा बना दिया।
बशीर बद्र साहब को साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही साहित्यकारों, शायरों और चाहने वालों ने गहरा दुख जताया है।
बशीर बद्र की शायरी की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता और सहजता है। उन्होंने ग़ज़ल में ऐसे रोजमर्रा के शब्दों का बखूबी इस्तेमाल किया, जिन्हें पारंपरिक उर्दू शायरी में जगह नहीं मिलती थी।
कभी दंगों में जला था घर
उर्दू शायरी के जरिए मोहब्बत की बातें करने वाले बशीर बद्र को साल 1987 में मेरठ के सांप्रदायिक दंगों में नफरत का सामना करना पड़ा था। इन दंगों में उनका घर जला दिया गया था। इस हादसे में उनकी कई ऐतिहासिक अप्रकाशित रचनाएं और कविताएं हमेशा के लिए नष्ट हो गईं। इस घटना के बाद ही वे हमेशा के लिए भोपाल शिफ्ट हो गए थे, और वहीं उन्होंने 91 साल की उम्र में अंतिम सांस ली।
बशीर बद्र के सबसे प्रसिद्ध शेर
दुश्मनों के साथ भी मेरे ताल्लुक अच्छे हैं,
मेरी फितरत में नफरत का कोई काम नहीं
ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है,
ज़मीं पांव फैलाऊं तो दीवार में सर लगता है
मुसाफिर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी
किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए
सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा,
इतना मत चाहो उसे वो बेवफा हो जाएगा
कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से,
ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फासले से मिला करो
बद्रीनाथ की 21 दिन की तपस्या के बाद बोले बाबा बागेश्वर- एक महीना ईंधन बचाया, मोदी जी नेताओं के चार्टर प्लेन पर भी रोक लगाएं
छतरपुर। बद्रीनाथ धाम की 21 दिन की कठिन तपस्या और साधना पूरी कर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री वापस लौटे हैं। सत्यनारायण कथा के पावन मंच से उन्होंने देश के ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
साधना के दौरान ईंधन बचत का जिक्र करते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा, “प्रधानमंत्री जी ने डीजल-पेट्रोल बचाने का आह्वान किया था। हमने उसका सबसे ज्यादा पालन किया। पूरे एक महीने हमने ईंधन नहीं जलाया।” इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक विशेष निवेदन भी किया। बाबा ने कहा कि आम जनता से तो अपील की गई, लेकिन नेताओं के चार्टर विमानों पर भी रोक लगाई जाए।
विपक्ष पर तंज कसते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर नई ‘कॉकरोच पार्टी’ उभर रही है। उन्होंने कहा, “ऐसी पार्टियां चर्चा में आना बेरोजगारी को दिखाता है। सरकारों को तुरंत काम करना चाहिए।” रुपए की गिरती स्थिति पर चिंता जताते हुए बाबा ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता है कि रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत इतना विकास करे कि एक दिन ₹1 = $30 के बराबर हो जाए। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी जमकर चुटकी ली।
पंडवानी गायिका तीजन बाई की तबीयत बिगड़ी, रायपुर एम्स में इलाज जारी
दुर्ग। सुप्रसिद्ध पंडवानी लोक गायिका और पद्मविभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई को तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया है. तीजन बाई को शुरुआत में ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग में लाया गया था, जिसके बाद उन्हें मेडिकल इंटेंसिव केयर यूनिट में स्थानांतरित किया गया है.
तीजन बाई की बहू वेणु देशमुख ने बताया कि रात करीब 11 बजे उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया. डॉक्टरों द्वारा किए गए संपूर्ण चेकअप और मेडिकल रिपोर्ट्स के बाद यह बात सामने आई है कि उनके फेफड़ों में पानी बढ़ गया है, और उन्हें निमोनिया की भी शिकायत है. इसके अलावा उनका ब्लड प्रेशर भी काफी लो है.
हालांकि, बहू ने राहत की खबर साझा करते हुए कहा कि तुरंत एम्बुलेंस से एम्स लाने और त्वरित इलाज मिलने के बाद अब उनकी स्थिति पहले से बेहतर है, और वे खतरे से बाहर हैं. इस बीच तीजन बाई का परिवार और उनके अनगिनत प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होकर घर लौटने की दुआ कर रहे हैं. फिलहाल, डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

इबोला संक्रमण को लेकर छत्तीसगढ़ में अलर्ट : रायपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू, ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच
रायपुर। वैश्विक स्तर पर इबोला वायरस के बढ़ती चिंता के बीच छत्तीसगढ़ भी अलर्ट मोड पर आ चुका है. रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग ने इबोला जांच काउंटर बनाया है. जहां बाहरी राज्यों और अंतराष्ट्रीय यात्रियों की अनिवार्य जांच शुरू कर दी गई है. स्कैनिंग मशीन से जांच के साथ ही ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच जारी है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके. अभी तक भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है. हालांकि एहतियाती तौर पर पूरी तरह सतर्क हैं.
रायपुर एयरपोर्ट पर सख्ती, यात्रियों की जांच अनिवार्य
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने इबोला संक्रमण को लेकर रायपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा के लिहाज से विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. यात्रियों की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है. आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिया गया है. संदिग्ध लक्षण वाले यात्रियों को आइसोलेशन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किया गया है.
अफ्रीका में WHO के अलर्ट के बाद बढ़ी सतर्कता
अफ्रिका के कांगो और युगांडा में फैले इबोला प्रक्रोप को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ घोषित है. इसी के बाद से दुनियार के देशों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है.
अलर्ट मोड में केंद्र सरकार
केंद्र सरकार लगातार इबोला वायरस में खतरे को लेकर एतिहायत बरत रही है. केद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में जानकारी दी थी कि फिलहाल भारत में इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है. देशभर में एयरपोर्ट, बंदरगाह और सीमावर्ती क्षेत्रों पर स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है. NDC, ICMR और अन्य एजेंसियों को ट्रैकिंग, टेस्टिंग और सर्विलांस के लिए तैयार रहने को कहा गया है.
क्या है इबोला वायरस
इबोला एक बेहद गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है. यह संक्रमण संक्रमित व्यक्ति या जानवर के खून और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है. इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, उल्टी और दस्त शामिल हैं. गंभीर स्थिति में मरीज को आंतरिक या बाहरी रक्तस्राव भी हो सकता है. इस बीमारी का ऊष्मायन काल आमतौर पर 2 से 21 दिनों के बीच होता है.
मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें किया नमन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ही नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना, साहस और सामाजिक जागरण के प्रखर प्रतीक थे। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष और तपस्या में समर्पित किया। कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संकल्प कभी डगमगाया नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाई और सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सतत प्रयास किया। उनकी लेखनी, विचार और कर्म आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर अपने विचारों से आज भी हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्श पथ पर अग्रसर होते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।
इस अवसर पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा भी उपस्थित थे।
PM मोदी के 12 साल का जश्न मनाएगी भाजपा: गांव-गांव जाकर सरकार की उपलब्धियां बताएंगे, 5 जून विश्व पर्यावरण से 21 जून विश्व योग दिवस तक चलेगा कार्यक्रम
भोपाल। केंद्र में भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर मध्यप्रदेश भाजपा पूरे प्रदेश में एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर 21 जून को विश्व योग दिवस तक चलेगा।
हर मंडल में एक दिन बिताना होगा
प्रदेश भाजपा कार्यालय में 12 वर्ष को अभियान के रूप में मनाने की तैयारी को लेकर बैठक की गई। 8 से 14 जून तक विशेष जनसंपर्क अभियान चलेगा, जिसमें पार्टी पदाधिकारी-जनप्रतिनिधि गांव-गांव पहुंचकर भाजपा की उपलब्धियां गिनाएंगे। इस दौरान प्रदर्शनी, जनसंपर्क होंगे। प्राकृतिक खेती, योग व अन्य प्रकल्पों पर चर्चा करेंगे। अभियान के दौरान सांसद अपनी लोकसभा-विधानसभा व प्रत्येक विधायक को अपनी विधानसभा के हर मंडल में पूरा एक दिन बिताना होगा।
सार्वजनिक परिवहन से पहुंचेंगे
इस दौरान वीआईपी कल्चर यानि वाहनों के काफिलों के बजाय कार पूलिंग या सार्वजनिक परिवहन से जनता के बीच पहुंचना होगा। भाजपा प्रदेश कार्यालय की बैठक में मंत्री विश्वास सारंग मंत्री कृष्णा गौर विधायक रामेश्वर शर्मा विधायक सबनानी महापौर मल्टी राय सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रायपुर निगम में बवाल: भाजपा पार्षदों ने अपने ही जोन अध्यक्ष सचिन मेघानी के खिलाफ खोला मोर्चा, पद से नहीं हटाने पर दी तालाबंदी कर प्रदर्शन की चेतावनी
रायपुर। रायपुर नगर निगम ज़ोन-10 के 6 भाजपा पार्षदों ने अपनी ही पार्टी के ज़ोन अध्यक्ष सचिन मेघानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने एकजुट होकर महापौर मीनल चौबे समेत पार्टी नेताओं को एक लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें सचिन मेघानी को पद से तत्काल हटाने की मांग की गई है। पार्षदों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे ज़ोन कार्यालय में तालाबंदी कर उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।
पार्षदों का ज़ोन अध्यक्ष पर गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता पार्षदों ने ज़ोन अध्यक्ष सचिन मेघानी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि मेघानी लगातार दूसरे वार्डों के मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इसके अलावा, उन पर अवैध निर्माण को संरक्षण देने और निगम के अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का दबाव बनाने के भी आरोप हैं।

भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक
पार्षदों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह बोरियाकला में एक अवैध अस्पताल पर होने वाली निगम की कार्रवाई को रुकवाना बताया जा रहा है। इस मुद्दे पर भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच करीब 2 घंटे तक एक बंद कमरे में बैठक हुई। चूंकि सचिन मेघानी को रायपुर के दिग्गज भाजपा नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल का बेहद करीबी माना जाता है, इसलिए इस पूरे मामले ने शहर की सियासत में भारी गरमाहट ला दी है।

महापौर मीनल चौबे ने क्या कहा
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि ज़ोन अध्यक्ष को हटाने के संबंध में पार्षदों का एक मांग पत्र मुझे प्राप्त हुआ है। इस पूरे मामले में विचार होगा कि क्या कर सकते हैं।
ज़ोन अध्यक्ष सचिन मेघानी ने दी सफाई
ज़ोन अध्यक्ष सचिन मेघानी ने सफाई देते हुए कहा कि मेरे खिलाफ किस तरह का पत्राचार हुआ है, फिलहाल मुझे इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं है। मैं इस विषय में भाजपा संगठन, जिलाध्यक्ष और महापौर से सीधा संवाद करूंगा। संगठन मुझसे जो भी स्पष्टीकरण या जानकारी मांगेगा, मैं उसे देने के लिए तैयार हूँ। ज़ोन के सभी सातों पार्षद आपस में एक परिवार की तरह हैं। मुझे लगता है कि विरोधी दल हमारे बीच मनमुटाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

बस्तर में कांग्रेस को लगा झटका, महिला महामंत्री ने छोड़ा ‘हाथ’, भाजपा में शामिल हुईं 14 महिला कार्यकर्ता…
जगदलपुर। जगदलपुर में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस की महिला महामंत्री कमल झज ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया, वहीं पूर्व महामंत्री अम्मा जी राव भी अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हुईं.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में करीब 14 महिला कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की. इस दौरान सभी का भाजपा गमछा और फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया.
प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने इस अवसर पर कहा कि भाजपा की नीतियों और सरकार की योजनाओं – सबका साथ सबका विकास – से प्रभावित होकर लोग लगातार पार्टी से जुड़ रहे हैं. उन्होंने इसे संगठन की मजबूती और भाजपा के बढ़ते जनाधार का संकेत बताया.