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देशभर से पधारे साधु संतों ने बृजमोहन को दिया जीत का आशीर्वाद
रायपुर- रायपुर दक्षिण विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी बृजमोहन ने आज अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर उन्हें अपना आशीर्वाद देने के लिए देशभर से पूज्य महामंडलेश्वरों के अलावा अनेक साधु संत रायपुर पधारे। आज सुबह वे सभी बृजमोहन अग्रवाल के निवास पहुंचे और उन्हें सनातन धर्म और धर्म परायण जनता की हमेशा की तरह सेवा करते रहने का आशीर्वाद दिया।
पूज्य संतश्री भी बृजमोहन अग्रवाल की नामांकन रैली में शामिल हुए। हरिद्वार से पधारे अनंतानंद जी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि बृजमोहन अग्रवाल ने सनातन धर्म के लिए अनुकरणीय कार्य किया है। राजिम कुंभ का आयोजन कर उन्होंने सनातन धर्म और संस्कृति को और समृद्ध बनाने को दिशा में सार्थक प्रयास किया था। देश में ऐसे कम ही नेता है जो राजनीतिक स्वार्थ से परे धर्म के बारे में सोचते हैं।
जोधपुर से आए ज्ञान स्वरूपानंद अक्रिय जी महाराज ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल जैसे धर्म परायण नेतृत्व का मिलना रायपुर की जनता के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि देश में सनातन धर्म पर निरंतर प्रहार हो रहे हैं। हमने देखा है कि राजनीतिक दल विशेष जो राम मंदिर के विरोध में खड़ा था, वह आज राम के नाम पर वोट मांगने की नाकाम कोशिश कर रहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि संत महंत का चोला ओढ़कर रामद्रोहियों के साथ चलने वाले लोगों को भगवान माफ नहीं करेंगे, जनता भी उनके साथ नहीं देगी।
हरिद्वार से आए गंगादास उदासीन,स्वामी रामानुज सरस्वती ,गुरु मां सुशीला देवी,राजीव लोचन महाराज,शास्त्री हरिवलभ जी महाराज,स्वामी नित्यानंदपुरी जी ने भी बृजमोहन अग्रवाल को सनातन धर्म और मानवता का सेवक बताते हुए जीत का आशीर्वाद दिया। इस दौरान श्री अग्रवाल ने सभी साधु संतों का चरणवंदन किया और शुभकामनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप धर्म गुरुओं के मार्गदर्शन,सहयोग और आशीर्वाद से मैं अपने राज्य और सर्वसमाज के लिए बेहतर कार्य कर पा रहा हूं और करता रहूंगा।
बृजमोहन ने कहा सनातन धर्म विरोधी है कांग्रेस
रायपुर- बृजमोहन अग्रवाल ने जारी बयान में कहा कि उनके नामांकन में अपना आशीर्वाद देने के लिए देशभर से पहुंचे साधु-संतों को कांग्रेस द्वारा "पैसे लेकर आने वाला कहना" सिर्फ संतों का नही अपितु संपूर्ण सनातन धर्म का अपमान है। कांग्रेस पार्टी को अपनी इस ओछी हरकत के लिए तुरंत ही साधु संतों से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही अपनी पार्टी के इस बयान पर महंत रामसुंदर दास जी का मौन रहना यह बताता है कि कांग्रेस उन्हें सिर्फ मुखौटा के रूप में इस्तेमाल कर रही है। असल में मुगलिया शासन प्रदेश में चलाया जा रहा है। जहां सनातन धर्म व धर्मगुरुओं को दिन प्रतिदिन अपमानित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि उनके ही नेतृत्व में त्रिवेणी संगम राज्य में कुंभ का भव्य आयोजन होता था। जिसमें देश भर से साधु संत छत्तीसगढ़ की पावन धारा में पधारते और जन-जन को अपना आशीर्वाद देते थे। चूंकि मेरा पूरा परिवार सनातन धर्मावलंबी है इस वजह से देश भर के साधु संतों से उनका सतत संपर्क और उनका घर परिवार में आना-जाना लगा रहता है। विधानसभा चुनाव के नामांकन में भी पूज्य साधु संत उनके निवास पहुंचे थे। परंतु सनातन धर्म विरोधी कांग्रेस को साधु संतों का पावन चरण मेरे निवास पर पड़ना बर्दाश्त नहीं हो रहा। श्री अग्रवाल ने कहा कि मेरा जीवन जन सेवा,संत सेवा और सनातन धर्म के प्रति समर्पित है और इसके लिए मैं प्राणपण से लगा हूं और लगा रहूंगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सत्ता में बैठते ही कांग्रेस ने कुंभ समाप्त कर अपना धर्म विरोधी होने का परिचय दे दिया जिसे लेकर देशभर के साधु संतों में बेहद नाराजगी है। उन साधु संतों की मान्यता है कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक नगरी त्रिवेणी संगम राजिम में भव्य और दिव्य कुंभ का आयोजन पुनः किया जाए।
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