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वन विभाग की समीक्षा बैठक: कश्यप बोले—योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखे
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में आयोजित बैठक में विभागीय कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए डिजिटल मॉनिटरिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की। इस अवसर पर उन्होंने ‘प्रेलिमिनरी ऑफेंस रिपोर्ट (पीओआर)’ प्रणाली का शुभारंभ किया। इसकी सहायता से वन अपराधों की निगरानी और कार्रवाई में पारदर्शिता एवं गति आएगी। बैठक में मंत्री कश्यप ने अफसरों से कहा कि बस्तर क्षेत्र जो माओवाद के प्रभाव से मुक्त हो गया है वहां पर भी वन अमले की उपस्थिति दिखनी चाहिए।
मंत्री कश्यप ने रोजगारमूलक कार्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ कूपों की कटाई कराने तथा अमले की आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक वनोपज पर आधारित रोजगार मूलक कार्य गतिविधियों को बढ़ाने की बात कही। साथ ही वन क्षेत्रों में लघु वनोपज का शत-प्रतिशत संग्रहण सुनिश्चित करने, इको टूरिज्म सहित रोजगारमूलक और प्रसंस्करण संबंधी कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को समय पर दिलाने के निर्देश
वन मंत्री कश्यप ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सिर्फ योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, उनका असर जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने विभाग को रोजगार सृजन, वन आधारित उद्योगों के विस्तार और राज्य की पहचान मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम करने के लिए प्रेरित किया। बैठक में मुख्य वन संरक्षक एवं वन मंडलाधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं, विशेषकर कैम्पा कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री कश्यप ने स्पष्ट कहा कि अब योजनाओं का असर धरातल पर दिखना चाहिए और हर पात्र हितग्राही तक समय पर लाभ पहुंचाना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
लैंड बैंक व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर
उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के सभी स्वीकृत कैम्पा कार्यों का 100 प्रतिशत व्यय सितंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। किसी भी स्थिति में फंड लैप्स स्वीकार्य नहीं होगा। भूमि संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए लैंड बैंक व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो। वहीं, वन्य प्राणी प्रबंधन योजना में गुणवत्ता सुधार, व्यय वृद्धि तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने जल्द जारी होगी नई गाइडलाइन
इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र नई गाइडलाइन जारी करने तथा पीपीपी मॉडल के माध्यम से पर्यटन को गति देने पर बल दिया गया। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें उचित मूल्य एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मंत्री कश्यप ने वृक्षारोपण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को प्रभावी बनाने तथा ‘जी राम योजना’ के अंतर्गत नर्सरियों में बड़े पौधे तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे अधिकाधिक पौध वितरण संभव हो सके।
अवैध शिकार, अवैध कटाई और अतिक्रमण पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक में वन मंत्री कश्यप ने अवैध शिकार, अवैध कटाई एवं अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए। साथ ही ग्रीष्मकाल में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम के लिए फील्ड स्टाफ की सक्रियता बढ़ाने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, वन अधिकार पत्रों के वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने तथा पात्र हितग्राहियों को ही लाभ देने पर विशेष बल दिया गया। वन्य प्राणियों से जनहानि के मामलों में त्वरित मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन ऋचा शर्मा, वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
करंट से वन्यजीवों की मौत पर हाईकोर्ट सख्त, अपर मुख्य सचिव से मांगा जवाब
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में करंट से हाथियों और वन्यजीवों की लगातार मौत पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान में ली गई जनहित याचिका पर आज सुनवाई की। हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव को शपथ पत्र में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा, न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की युगल पीठ ने वन्य जीवों की लगातार मौत को गंभीरता से लिया। याचिका में हस्तक्षेपकर्ता रायपुर निवासी नितिन सिंघवी की तरफ से कोर्ट में विभिन्न समाचार पत्रों की क्लिपिंग रखकर बताया गया कि 12 मार्च को दो हाथी शावकों की करंट लगने से रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में मौत हो गई। 14 मार्च को सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में खेत में करंट का तार लगाने से एक हाथी की मौत हुई।
सिंघवी ने बताया, मार्च में ही सारंगढ़ बिलाईगढ़ में जंगली सुअर के शिकार के लिए लगाए गए अवैध बिजली करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। 26 मार्च को मैनपाट क्षेत्र में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए तरंगित तार की चपेट में आने से एक युवक और एक लोमड़ी की मौत हो गई। कोरबा के सकोदा जंगल में 11 केवी करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से दो शावक सहित मादा भालू की मौत हो गई।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से शपथ पत्र में यह बताने कहा कि उपरोक्त घटनाएं किन परिस्थितियों में हुई और अधिकारियों द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं। प्रकरण की अगली सुनवाई 5 मई को निर्धारित की गई है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: EOW ने पेश की 5000 पन्नों की चार्जशीट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आज रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 9वां पूरक चालान पेश किया। 1500 पन्नों के इस चालान में सौम्या चौरसिया, केके श्रीवास्तव और देवेन्द्र डडसेना के खिलाफ आरोपों को विस्तार से रखा गया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक इस मामले में कुल 51 आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र दाखिल किया जा चुका है, जिससे घोटाले की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। सौम्या चौरसिया पर अपने पद का दुरुपयोग कर शराब सिंडिकेट को संरक्षण देने का गंभीर आरोप है। केके श्रीवास्तव पर अवैध नगदी के लेन-देन और पूरे नेटवर्क के मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाने की बात सामने आई है। वहीं देवेन्द्र डडसेना पर अवैध रकम को संभालने और उसे आगे पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में EOW/ACB की जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।
देवेंद्र डडसेना पर अवैध रकम को संभालने और आगे पहुंचाने का आरोप
आरोपी देवेन्द्र डडसेना, जो राजीव भवन का पुराना एकाउंटेंट रहा है, उसके संबंध में विवेचना के दौरान यह प्रमाणित हुआ है कि उसके द्वारा शराब घोटाले और अन्य स्रोतों से एकत्र की गई अवैध राशि को राजीव भवन में प्राप्त करने, सुरक्षित रखने और निर्देशानुसार आगे भेजने जैसे कार्य किए गए। इस प्रकार उसने आपराधिक षड़यंत्र में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सिंडिकेट को सहयोग प्रदान किया।
केके श्रीवास्तव पर अवैध नगदी के लेन-देन का आरोप
इसी प्रकार कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव के संबंध में यह प्रमाणित हुआ है कि उसने जानबूझकर सिंडिकेट के अवैध उगाही तंत्र के माध्यम से षड़यंत्रपूर्वक किए गए इस बड़े आर्थिक अपराध में सक्रिय भूमिका निभाई। उसके द्वारा अवैध नगद राशि के उठाव, एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने, उसके व्यवस्थापन, संभावित निवेश एवं खपाने तथा अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध धन अर्जित करने जैसी गतिविधियों में सहभागिता की गई, जिससे वह इस संगठित अपराध का हिस्सेदार बना।
सौम्या चौरसिया ने सिंडिकेट को दिया संरक्षण
तत्कालीन उप सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय सौम्या चौरसिया के संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह प्रमाणित हुआ है कि उसने अपने शासकीय पद का दुरुपयोग करते हुए शराब घोटाला सिंडिकेट को संरक्षण, समन्वय, प्रशासकीय सुविधा एवं समर्थन प्रदान किया। साथ ही अपराध में उसकी सक्रिय संलिप्तता, अवैध लाभ प्राप्त करने एवं षड़यंत्र के माध्यम से शासन के राजस्व को अपूर्णीय क्षति पहुंचाने वाली भूमिका प्रमाणित हुई है। प्रकरण में पूर्व से अभियोजित अन्य अभियुक्त, संलिप्त शासकीय, अशासकीय एवं राजनैतिक व्यक्तियों एवं संबंधित संस्थाओं, फर्मों व कंपनियों के विरुद्ध विवेचना अभी जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पृथक से अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
जानिए क्या है शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित घोटाले को A, B और C — तीन श्रेणियों में अंजाम दिया गया।
A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन वसूली
बताया गया कि 2019 में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी 75 रुपये और बाद के वर्षों में 100 रुपये तक कमीशन लिया जाता था। संचालकों को नुकसान न हो, इसके लिए नए टेंडर में शराब की कीमतें बढ़ाई गईं। साथ ही ओवरबिलिंग की कथित छूट देकर लागत समायोजन का रास्ता बनाया गया।
B: नकली होलोग्राम के जरिए सरकारी दुकानों से बिक्री
जांच में सामने आया कि डिस्टलरी मालिकों से अतिरिक्त शराब बनवाई गई और उस पर नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों से बिक्री कराई गई। आरोप है कि होलोग्राम सप्लायर विधु गुप्ता को तैयार किया गया। खाली बोतलों की आपूर्ति और परिवहन की जिम्मेदारी अरविंद सिंह और उसके भतीजे अमित सिंह को दी गई।
प्रदेश के 15 जिलों को शराब खपाने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। दुकानदारों को कथित तौर पर निर्देश दिया गया कि बिक्री का रिकॉर्ड सरकारी दस्तावेजों में दर्ज न किया जाए। शुरुआत में प्रति पेटी 2880 रुपये की एमआरपी रखी गई, जिसे बाद में 3840 रुपये तक बढ़ाया गया। डिस्टलरी मालिकों को सप्लाई पर शुरुआत में 560 रुपये और बाद में 600 रुपये प्रति पेटी दिए जाने की बात भी सामने आई है। ACB को जांच में 40 लाख पेटी से अधिक शराब की बिक्री के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
C: सप्लाई जोन में हेरफेर से अवैध उगाही
देशी शराब की बिक्री के लिए CSMCL की दुकानों को 8 जोन में विभाजित किया गया। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में सप्लाई जोन का निर्धारण कमीशन के आधार पर किया जाने लगा। एपी त्रिपाठी द्वारा जोन-वार विश्लेषण उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई, ताकि क्षेत्र कम-ज्यादा कर अवैध धन वसूली की जा सके। EOW की जांच में तीन वित्तीय वर्षों में देशी शराब सप्लाई के नाम पर 52 करोड़ रुपये ‘पार्ट C’ के तौर पर सिंडिकेट को दिए जाने के साक्ष्य मिलने का दावा है।
रायपुर में गहराया जल संकट, नेता प्रतिपक्ष ने निगम पर लगाए गंभीर आरोप
रायपुर। राजधानी में गर्मी के शुरुआत में ही जल संकट गहराने लगा है, जिसको लेकर सियासत भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम और जल प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में जल आपूर्ति सुधार के लिए 70 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने की योजना थी, लेकिन अब तक केवल 7-8 किलोमीटर पाइप ही बिछाया गया है। ऐसे में पानी की कमी होना स्वाभाविक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निगम द्वारा जलकर, संपत्ति कर और अन्य शुल्कों के नाम पर लोगों से लगातार वसूली की जा रही है। यहां तक कि घरों में नल कनेक्शन देने के लिए 2400 रुपये तक लिए गए, लेकिन उन नलों में पानी नहीं पहुंच रहा। उन्होंने इसे “धोखा या अपराध” करार देते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
तिवारी ने कहा कि रायपुर के करीब 35 वार्डों में गंभीर जल संकट बना हुआ है। उन्होंने टैंकर आपूर्ति पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, वर्ष 2024 में 50 लाख रुपये, फिर 100 लाख रुपये और अब 2026 में 150 लाख रुपये खर्च कर टैंकर चलाए जा रहे हैं, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे मामले में “बड़ा खेल” हो रहा है। उनका कहना है कि पानी हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन पैसा लेने के बावजूद पर्याप्त आपूर्ति नहीं करना जनता के साथ अन्याय है। जल बोर्ड के गठन पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए। तिवारी ने कहा कि केवल कमेटी बनाना समाधान नहीं है, बल्कि इसके लिए सही नीयत और ठोस कार्यवाही जरूरी है।
कांग्रेस संगठन में ढिलाई पर नाराजगी, 15 अप्रैल तक बूथ और जिला कमेटी बनाने के निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठक आज प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित हुई. इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के अध्यक्ष, पीआर प्रभारी मैजूद रहे. वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जिला अध्यक्षों से बूथ स्तर से लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की जानकारी मांगी गई. इस दौरान कार्यकारिणी गठन की धीमी प्रक्रिया पर पीसीसी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की.
वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ठ रूप से कहा कि जिला कार्यकारिणी, बूथ कमेटी और पंचायत कमेटियों का गठन तय समय सीमा तक कर लिया जाए. कार्यकारिणी गठन की धीमी प्रक्रिया के चलते संगठन के अन्य टास्क समय पर पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं. बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री एवं AICC महासचिव भूपेश बघेल, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, रविंद्र चौबे एल, ताम्रध्वज साहू, शिवकुमार डहरिया सहित संगठन के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
बताया जा रहा है कि जिला कार्यकारिणी के गठन में एआईसीसी के निर्देशानुसार केवल 31 ही सदस्यों की अनुमति मिली है, जिसके चलते ही कार्यकारिणी गठन में लेट लतीफी सामने आ रही है. कांग्रेस जिला अध्यक्ष और स्थानीय वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि बड़े विधानसभा वाले जिलो में सिर्फ 31 सदस्यों की कार्यकारिणी गठन करना मुश्किल है. इससे संगठन के नेताओं में नाराजगी बढ़ेगी इसलिए लगभग आधा दर्जन जिलों में कार्यकारिणी गठन को रोक कर रखा गया है. चर्चा इस बात को लेकर भी है कि कई जिलों में कार्यकारिणी गठन का पेंच स्थानीय वरिष्ठ नेताओं के खींचतान की वजह से भी फंसी हुई है, क्योंकि एआईसीसी ने जिला कार्यकारिणी गठन की संख्या 51 से घठाकर 31 सदस्यों तक समिति कर दी है.
इस महत्वपूर्ण बैठक में पीसीसी ने जिला अध्यक्षों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए 15 अप्रैल तक जिला कार्यकारिणी और बूथ कमेटी का गठन करने का अंतिम समय दिया है. गौरतलब है कि राज्य की राजधानी रायपुर के शहर और ग्रामीण, बिलासपुर, अंबिकापुर, बलौदाबाजार समेत कई जिलों में कार्यकारिणी का गठन अब तक अटका हुआ है.
जिलाध्यक्षों को दिए गए महत्वपूर्ण टास्क : दीपक बैज
बैठक को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष और प्रभारियों की अहम बैठक आज हुई है. AICC के निर्देश और पीसीसी के मार्गदर्शन में सभी जिला अध्यक्षों को जो जिम्मेदारियां और टारगेट दिए गए थे, उनकी समीक्षा की गई. बैठक में सभी पदाधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा भी की गई. बूथ गठन को लेकर विशेष चर्चा हुई है, वहीं विलेज कमेटियों का गठन तेजी से और बेहतर तरीके से आगे बढ़ रहा है. हालांकि अभी जिला कार्यकारिणी और ब्लॉक कार्यकारिणी का गठन बाकी है, जिस पर जल्द काम पूरा किया जाएगा. सभी जिला अध्यक्षों को 15 अप्रैल को संगठन को लेकर नया टास्क दिया गया है, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी.
गड्ढों और हादसों पर हाईकोर्ट की नाराजगी, जिम्मेदारों से मांगा जवाब
बिलासपुर। शहर और आसपास की जर्जर सड़कों को लेकर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने लोक निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (ईई) को शपथपत्र में जवाब देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा कि नेहरू चौक से पेंड्रीडीह (रायपुर रोड) तक सड़क का निर्माण कब होगा?
शासन की ओर से कहा गया कि एनआईटी रायपुर की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही काम तेजी से शुरू किया जाएगा। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें बताया कि एनएच-343 (बलरामपुर-रामानुजगंज रोड) की हालत बेहद खराब है, यहां दो-दो फीट गहरे गड्ढे हैं, जिनमें भारी वाहन फंस जाते हैं।
इसी तरह रायगढ़ जिले में 9 ब्लैक स्पाट, बिलासपुर में 2, मुंगेली में 4 और बलौदाबाजार-भाटापारा में 4 ब्लैक स्पाट मिले हैं। शहर के अंदर नए पुल से नेहरू चौक, दयालबंद, गांधी चौक से सीएमडी मार्ग सहित कई सड़कें खराब हैं। रायगढ़ के कुनकुरी इलाके में कोल वॉशरी की वजह से काली धूल सड़कों पर फैल रही है और हादसों का कारण बन रही है। डिवीजन बेंच ने साफ कहा कि, सड़कों की दुर्दशा और लापरवाही से हो रहे हादसे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
कंपनियों की गाड़ियों के कारण सड़कें खराब
सिरगिट्टी क्षेत्र में औद्यौगिक कंपनियों की गाड़ियों के कारण सड़कें खराब हो रही हैं। यहां से दाधापारा तक तीन किलोमीटर की सड़क खराब हो गई है। इसके कारण जाने वालों को परेशानी हो रही है। हाईकोर्ट के संज्ञान पर जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि, दो कोल कंपनियों की गाड़ियां इस रास्ते से जा रहीं थीं। इसमें छग कोल पावर बेनिफिशरी और मेसर्स अमित कोल लाइंस ने सड़क को 25 लाख रुपए में सुधारने और उसके रखरखाव का जिम्मा उठाया है। इस पर शपथपत्र में जानकारी देने के निर्देश कोर्ट ने दिए हैं।
एमडी मनोचिकित्सकों की भर्ती में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, स्वास्थ्य सचिव को नोटिस
बिलासपुर। स्वतः संज्ञान वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने विशेष रूप से एमडी मनोचिकित्सक की भर्ती में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जताई है। मामले में स्वास्थ्य सचिव को नोटिस जारी कर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने छत्तीसगढ़ में पर्याप्त मानसिक स्वास्थ्य देखभाल, बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की कमी, तथा विशेषज्ञ पदों भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में हो रहे विलंब को स्वत: संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की।
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव ने शपथ पत्र पेश करते हुए हाईकोर्ट को जानकारी दी है, मनोचिकित्सकों की नई भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सचिव ने बताया कि पिछली भर्ती प्रक्रिया असफल हो गई थी। 6 एमडी मनोचिकित्सक पदों के लिए एक प्रस्ताव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को भेजा गया। वह प्रस्ताव वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार कर रहा था। मनोचिकित्सकों के अलावा परामर्शदाताओं और मनोवैज्ञानिकों (क्लीनिकल सायकोलाजिस्ट) की भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। पैथोलॉजिस्ट की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, एक उम्मीदवार का चयन किया गया है।
न्याय मित्र ने कोर्ट को बताया, एमडी मनोचिकित्सकों के पदों के लिए पहले विज्ञापन जारी किया गया। राज्य सरकार ने एक बार फिर वित्तीय मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। सरकार के इस निर्णय ने भर्ती प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा खींच दिया। इसके चलते अनावश्यक देरी होगी।
न्याय मित्र की बातों सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने कहा, एम साइकियाट्रिस्ट के छह पदों पर भर्ती का प्रस्ताव 5 मार्च 2026 को ही आगे बढ़ा दिया गया और वर्तमान में यह वित्त विभाग के अनुमोदन के लिए लंबित है।
इसलिए भर्ती में हो रही है देरी
स्वास्थ्य सचिव ने पेश शपथपत्र में कोर्ट को भप्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों के संबंध में बताया है, पीजी की सीमित सीटों के कारण योग्य मनोचिकित्सकों की कमी तो बनी हुई है। इसके अलावा कड़े नियम और प्रशिक्षण संबंधी अनिवार्य शर्त को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य सचिव ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि इन बाधाओं के बावजूद, सरकार राज्य भर में रिक्त पदों को भरने और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
अपडेट स्टेट्स के साथ देनी होगी जानकारी
डिवीजन बेंच ने साफ कहा, ऐसे विशिष्ट पदों पर भर्ती का लंबे समय तक लंबित रहना, विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में आम जनता के लिए गंभीर रूप से अहितकर सिद्ध होता है। डिवीजन बेंच ने स्वास्थ्य सचिव को निर्देश देते हुए कहा, कोर्ट के पूर्व निर्देशों और भर्ती प्रक्रिया की अपडेट स्टेटस के साथ शपथ पत्र में जानकारी दें। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।
कई जिलों में बनेंगी फोरलेन सड़कें, लोक निर्माण विभाग द्वारा 708 करोड़ स्वीकृत, कुल 90.5 किमी लंबाई के 15 फोरलेन सड़कों का होगा निर्माण
रायपुर। प्रदेशवासियों को यातायात के लिए मजबूत और चौड़ी सड़कें उपलब्ध कराने लोक निर्माण विभाग ने 15 फोरलेन सड़कों के निर्माण के लिए 708 करोड़ 21 लाख 35 हजार रुपए मंजूर किए हैं। हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस राशि से विभिन्न जिलों में कुल 90.5 किमी फोरलेन सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनके निर्माण से प्रमुख सड़कों पर सुगम यातायात और जॉम से मुक्ति के साथ ही यात्रा का समय घटेगा। फोरलेन सड़कों से सुरक्षित यातायात के साथ ही आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। इससे कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग जिले में दुर्ग-धमधा-बेमेतरा अंडर ब्रिज से अग्रसेन चौक तक 0.5 किमी फोरलेन मार्ग के लिए तीन करोड़ 41 लाख रुपए, स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आई.आई.टी. जेवरा सिरसा तक 7 किमी फोरलेन सड़क के लिए 20 करोड़ 64 लाख रुपए, मिनी माता चौक से महाराजा चौक-ठगड़ा बांध तक 4.70 किमी फोरलेन मार्ग के लिए 28 करोड़ 58 लाख रुपए तथा महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.80 किमी फोरलेन सड़क के लिए 23 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए हैं।
विभाग ने रायगढ़ में ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक 2.50 किमी के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 41 करोड़ 49 लाख रुपए, रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 55 करोड़ 29 लाख रुपए, रायगढ़-लोईंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक विद्युतीकरण सहित फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 81 करोड़ 48 लाख रुपए तथा 6 किमी तमनार फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।
रायपुर जिले में अभनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 2.8 किमी लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 17 करोड़ 9 लाख रुपए, राजिम में नवीन मेला स्थल से लक्ष्मण झूला तक 3.50 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 34 करोड़ 20 लाख रुपए, अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी लंबाई के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 61 करोड़ 34 लाख रुपए, बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख 26 हजार रुपए एवं कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग में 21 किमी सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 71 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग ने जशपुर जिले में कुल 7.30 किमी लंबाई के तीन सड़कों के फोरलेन में उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 36 करोड़ 85 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इनमें 2 किमी लंबा पत्थलगांव के इंदिरा चौक से जशपुर रोड, 1.50 किमी लंबा इंदिरा चौक से अंबिकापुर रोड तथा 3.80 किमी लंबा इंदिरा चौक से रायगढ़ रोड शामिल हैं। विभाग ने कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किमी 50 से किमी 57 तक फोरलेन में उन्नयन और डिवाइडर निर्माण के लिए भी 54 करोड़ 21 लाख रुपए मंजूर किए हैं।
“राज्य में बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। फोरलेन सड़कों का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी तैयार करता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा अधोसंरचना विकास में बड़े पैमाने पर निवेश कर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।”
– अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री
आई-गॉट साधना सप्ताह के अंतर्गत छत्तीसगढ़ मिशन कर्मयोगी कार्यशाला हुई आयोजित
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य शासन के सभी विभाग के प्रमुख अधिकारियों से कहा है कि वे मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आई-गॉट ट्रेनिंग कार्यक्रम से अपने विभाग को अनिवार्य रूप से ऑन-बोर्ड कर लें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ऑन-बोर्ड हो जाये मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को भी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होने को कहा है। राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को उनकी आवश्यकता अनुसार विभागीय स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षित किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे अपने-अपने विभाग की आवश्यकता अनुसार अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कोर्स तय कर लें, जिससे उन्हे प्रशिक्षित किया जा सके। आज आई-गॉट प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत साधना सप्ताह के मौके पर सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी को कर्मयोगी मिशन के तहत प्रशिक्षण हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राज्य शासन के विभागों के प्रमुख अधिकारी सहित विभागीय सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में सभी जिलों के प्रमुख अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।
कार्यशाला के प्रारंभ में बताया गया की कर्मचारियों को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म आई-गॉट और ई-एच.आर.एम.एस. से जुड़ते हुए उनकी क्षमता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देना है। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि ‘आई-गॉट’ प्लेटफॉर्म पर ए.आई का उपयोग बढ़ रहा है और यह कर्मचारियों को स्मार्ट एवं प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने शत् प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने पर जोर दिया। कार्यशाला में अधिकारियों-कर्मचारियों को यह भी अवगत कराया गया कि प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक ही नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे प्रत्येक कर्मचारी अपने विभाग की योजनाओं और कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हो सकेंगे।
छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल में बड़ा घोटाला: रजिस्ट्रार दुर्गा उसारे सस्पेंड
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है. छत्तीसगढ़ निर्सिंग कउंसिल की रजिस्ट्रर दुर्गा उसारे को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मान्यता देने, वित्तीय अनियमिततायाएं, पद का दुरुपयोग समेत अन्य लापरवाही पाए जाने पर की गई है. उन्हें प्रभार से हटाते हुए रायपुर सीएमएचओ कार्यालय में अटैच कर दिया गया है. लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय से निलंबन आदेश जारी हुआ है.
विभागीय जांच में प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्रस्तावित करना, वित्तीय अनियमितता करना, शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाना, तथ्यों को छुपाकर भ्रमित जानकारी प्रस्तुत करना, नियम विरूद्ध कार्य करना और स्वहित में पद का दुरूपयोग करना पाया गया. इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है.
निलंबन आदेश जारी
निलंबन अवधि के दौरान दुर्गा उसारे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा. यह प्रावधान छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत लागू होता है. वहीं उन्हें रायपुर सीएमएचओ कार्यालय में अटैच किया गया है.
देखें आदेश की कॉपी

“बस्तर 2.0 ब्लूप्रिंट पर दीपक बैज के सवाल, 22 हजार करोड़ माफी और फंड पर मांगा जवाब”
रायपुर। बस्तर 2.0 के ब्लूप्रिंट पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी से मुलाक़ात कर बस्तर के विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा है. उस ब्लू प्रिंट में राज्य सरकार पर बकाया 22 हजार करोड़ रुपए को माफ करने के लिए लिखे या नहीं. नक्सल मुक्त पंचायतों को एक-एक करोड़ देना है. क्या उस को राशि देने की चर्चा उस ब्लू प्रिंट में है, या नहीं, पहले यह बतायें.
कांग्रेस जिलाध्यक्षों की राजीव भवन में आज अहम बैठक हो रही है. बैठक से पहले पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने मीडिया से चर्चा की. उन्होंने बताया कि आज समस्त विषयों को लेकर बैठक रखी गई है, जिसमें सभी जिला अध्यक्ष शामिल हैं. जिला अध्यक्षों के साथ बैठक में आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा कर रणनीति बनाई जाएगी.
चर्चा के दौरान दीपक बैज ने कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप के बयान पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के नेता-कार्यकर्ताओं को गद्दार साबित करने में लगे हैं. फ्लाई ओवर और चौड़ीकरण के लिए घमासान बीजेपी नेताओं में मचा है. केदार कश्यप को यह पहले देखना चाहिए. केदार कश्यप को बृजमोहन अग्रवाल से एक बार सलाह लेनी चाहिए. फिर हमारे ऊपर कोई बयान करें.
तनाव मुक्त होने अधिकारियों को 12 दिन की छुट्टी पर दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में काम तो कहीं हो ही नहीं रहा है. पूरी सरकार टाइम पास कर रही है. अधिकारियों पर दबाव है, मानसिक तनाव में हैं. मंत्रियों को 12 दिन का योग करना चाहिए. बंगाल, असम में छुट्टी मनाने गए हैं. अधिकारियों को जिम्मेदारी देनी चाहिए.
हिमंत सरमा के बयान पर कांग्रेस का विरोध, रायपुर में फूंका पुतला
रायपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। यह विरोध कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर की गई टिप्पणी को लेकर किया गया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन ने कहा कि सभ्य समाज इस तरह की भाषा को कभी स्वीकार नहीं कर सकता। खड़गे एक वरिष्ठ नेता हैं, उम्र में बड़े हैं और अनुसूचित जाति से आते हैं। ऐसे में उन पर इस प्रकार के आरोप लगाना निंदनीय है। मेमन ने कहा कि इस तरह के बयान देकर लोगों को दिग्भ्रमित किया जा रहा है और असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।
घबराहट में दलित नेता का किया गया अपमान : आकाश शर्मा
छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा कि घबराहट में दलित नेता का अपमान किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि आज विरोध स्वरूप पुतला दहन किया गया है। यदि इस तरह के बयान पर रोक नहीं लगी तो आगे और भी उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा ने दिया था ये बयान
बता दें कि टीओक में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि कांग्रेस के नेताओं को सच की रत्ती भर भी जानकारी नहीं है। मल्लिकार्जुन खड़गे जिस तरह की बातें कर रहे हैं, उससे लगता है कि बुढ़ापा उन पर हावी हो गया है और वे ‘पगला’ गए हैं। उनके जैसे वरिष्ठ नेता को बिना तथ्यों के ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगाने चाहिए। मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय आया, जब कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने उनके परिवार की नागरिकता और पासपोर्ट मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।
छत्तीसगढ़ में मौसम का बदला मिजाज: तीन दिन तक गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट
रायपुर। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक मौसम सक्रिय रहने वाला है। प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, फिलहाल तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि तीन दिनों बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी एक बार फिर अपना असर दिखाने लगेगी। इस बीच बदलते मौसम से लोगों को दिन में गर्मी और शाम के समय राहत का मिला-जुला अनुभव हो रहा है।
बीते 24 घंटों के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान दर्ज किया गया। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश भी हुई, जिससे तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिली। अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 17.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
वहीं वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो अमलीपदर में 3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि दोरनापाल, सुकमा और मुकडेगा में 2-2 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज हुई। मौसम विभाग के अनुसार ओडिशा क्षेत्र में बने साइक्लोन सर्कुलेशन और बंगाल की खाड़ी से तमिलनाडु तक फैली ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी वजह से कहीं तेज धूप तो कहीं अचानक आंधी और बारिश की स्थिति बन रही है।
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहेगा। जहां एक ओर बारिश और बादल लोगों को गर्मी से राहत देंगे, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं खतरा भी पैदा कर सकती हैं। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
गर्मी में यात्रियों को बड़ी राहत, निरस्त की गई दर्जन भर ट्रेनों की सेवा हुई बहाल…
बिलासपुर। गर्मी के सीजन में रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी हेतु नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण पूर्व में निरस्त एवं आंशिक रूप से निरस्त की गई दर्जन भर यात्री ट्रेनों को बहाल किया गया है. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेनें फिर से अपने निर्धारित समय अनुसार चलाई जाएंगी.
रिस्टोर की गई ट्रेनें
गाड़ी संख्या 68737 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक के लिए रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
गाड़ी संख्या 68738 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
गाड़ी संख्या 68736 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
गाड़ी संख्या 68735 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
गाड़ी संख्या 68746 (रायपुर–गेवरारोड) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
गाड़ी संख्या 68745 (गेवरारोड–रायपुर) मेमू को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
गाड़ी संख्या 58204 (रायपुर–कोरबा) पैसेंजर को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
गाड़ी संख्या 58203 (कोरबा–रायपुर) पैसेंजर को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
गाड़ी संख्या 68734 (बिलासपुर–गेवरारोड) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
गाड़ी संख्या 68733 (गेवरारोड–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
गाड़ी संख्या 68732 (बिलासपुर–कोरबा) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
गाड़ी संख्या 68731 (कोरबा–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी.
शॉर्ट टर्मिनेटेड/ओरिजिनेटेड ट्रेनों को किया गया रिस्टोर
गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया –झारसुगुड़ा मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार गोंदिया से झारसुगुड़ा तक चलेगी.
गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार झारसुगुड़ा से गोंदिया तक चलेगी.
बस्तर बनेगा सबसे समृद्ध संभाग: मंत्री केदार कश्यप का बड़ा बयान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं। इसे लेकर मंत्री केदार कश्यप ने कहा, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को बस्तर का ब्लू प्रिंट सौंपा है। आने वाले समय में बस्तर और छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ा असर पड़ेगा।सरकार की मंशा है कि वहां पर शिक्षा, स्वास्थ्य की व्यवस्था और अधोसंरचना का निर्माण हो। मुख्यमंत्री के प्रयास के कारण ही प्रधानमंत्री की जो मंशा है वह पूरी हुई है। हमें विश्वास है कि भारतीय जनता पार्टी बस्तर जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़कर काम करेगी।
लगातार भूजल स्तर में गिरावट को लेकर मंत्री कश्यप ने कहा, लगातार भूजल का दोहन करेंगे तो जलस्तर में गिरावट आएगी।इसके लिए लगातार कोशिश की जा रही है। गर्मी की फसल में कम से कम भूजल का दोहन हो, कई जगह पर इस पर पाबंदी लगाई है। किसानों ने भी इस पर बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है।
कांग्रेस की होने वाली बैठक को लेकर केदार कश्यप ने कहा, पिछले सवा दो वर्षों से कोशिश जारी है। मेरी शुभकामनाएं है कि जो अंदरूनी झगड़े हैं उससे निजात पाए, फिर बाद में सड़क पर आए। यह अच्छा लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी सड़क पर आती है, उन्हें इस बात का भी जवाब देना चाहिए कि आजादी के लंबे समय बाद भी इस देश, राज्य और क्षेत्र में शासन किया और उनके लिए क्या योजना बनाई, जिन योजनाओं का क्रियान्वयन की दृष्टि से हमारी सरकार ने काम किया। पिछली सरकार ने उन योजनाओं को बंद करने का काम किया तो उनका भी जवाब उन्हें देना चाहिए।
नक्सलमुक्त गांव को एक करोड़ रुपए देने को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने कहा, पंचायत के तहत घोषणा की गई थी। बहुत सारी पंचायत को इसमें लिस्टिंग किया गया है। जो खुद से आकर नक्सल मुक्त पंचायत के रूप में अपने आप को घोषित करें उसके लिए प्रावधान था। वैसे भी देश के प्रधानमंत्री और हमारी सरकार लगातार उस क्षेत्र को सपोर्ट कर रही है। आने वाले समय में सबसे समृद्ध संभाग के रूप में हमारा बस्तर संभाग होगा।
फर्जी NOC पर बवाल: तिल्दा के देवरी में स्टील प्लांट के खिलाफ हजारों ग्रामीण भूख हड़ताल पर
रायपुर। तिल्दा के देवरी पंचायत में फर्जी एनोसी से अग्रसेन स्टील एंड पावर प्लांट स्थापित करने को लेकर विवाद शुरू हो गया है. देवरी और घुलघुल गांव के हजारों लोग भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच दिव्या राजा वर्मा ने फर्जी एनओसी दिया है. साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधि दलाली का काम कर रहे हैं.
हमे प्लांट नहीं चाहिए… तखतियां लेकर विरोध कर रहे ग्रामीण

हड़ताल में जुटे ग्रामीणों का आरोप है कि वह मामले में हस्तक्षेप की मांग को लेकर स्थानीय विधायक और मंत्री टंक राम वर्मा के पास पहुंचे थे, लेकिन यह कहते हुए टाल दिया गया कि न अब विरोध कर सकता हूं और न ही आंदोलन में शामिल हो सकता हूं. मेरे ऊपर भी लोग हैं, मैं कुछ नहीं कर सकता हूं.

फर्जी एनओसी की बात सामने आने के बाद ग्रामीण सरपंच, सचिव और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में असहमति का प्रस्ताव बनाया गया था. ग्राम पंचायत से पारित असहमति प्रस्ताव में छेड़छाड़ किया गया, उसमें से ‘अ’ हटाकर सहमति में बदलकर पेश कर दिया गया. कलेक्टर और एसडीएम के नाम से थाने में शिकायत दी गई, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है. अब उनका कहना है कि जब तक फर्जी एनओसी जारी करने वालों पर कार्रवाई और प्लांट हटाने का निर्देश नहीं होता, तब तक वह हटने नहीं वाले हैं. दिन और रात यहीं डटे रहेंगे.
छत्तीसगढ़ में शिक्षा का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, AI से होगी पठन क्षमता की जांच
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग शुरू होने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की पठन क्षमता, लेखन और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने के लिए AI आधारित एप्लीकेशन लागू करने की तैयारी की है। इसके जरिए बच्चों का स्तर समझने के बाद उनके समस्या के समाधान के लिए रणनीति बनाई जाएगी।
इस पहल को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें योजना की रूपरेखा तय की गई। शुरुआत में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो जिलों में लागू किया जाएगा। सफल होने के बाद इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा। इसके लिए 15 जिलों से करीब 200 घंटे का कंटेंट तैयार किया गया है।
SCERT के प्रभारी संचालक जेपी रथ ने कहा कि स्कूली बच्चों की पठन क्षमता और समझ के साथ पढ़ने की क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेने जा रहा है। वाधवानी एआई के सहयोग से विकसित ‘मौखिक धाराप्रवाह पठन (ORF) टूल’ के माध्यम से राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की पठन दक्षता का सटीक आकलन और उपचारात्मक सुधार किया जाएगा।
क्या है ORF टूल और इसकी तकनीक?
मनीष सिंह स्ट्रीट कोऑर्डिनेटर ने कहा ORF टूल एक वॉयस एआई मॉडल ASR (Automatic Speech Recognition) पर आधारित है। यह तकनीक बच्चों की आवाज को रिकॉर्ड कर उसे लिखित शब्दों (ट्रांसक्रिप्ट) में बदल देती है, जिससे शिक्षक केवल 2–3 मिनट में ही प्रत्येक बच्चे की पढ़ने की सटीकता और गति का आकलन कर सकते हैं।
इस मॉडल को राज्य की भाषा और बच्चों की स्थानीय बोली के अनुसार प्रशिक्षित करने के लिए प्रदेश के 15 जिलों के 300 से अधिक स्कूलों से 200 घंटों का वॉयस डेटा एकत्रित किया गया है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
पठन दक्षता : यह सुनिश्चित करना कि कक्षा 3-5 और 6-8 के सभी बच्चे धाराप्रवाह और समझ के साथ पढ़ सकें।
बुनियादी साक्षरता : निपुण भारत मिशन के तहत तय किए गए पठन लक्ष्यों को प्राप्त करना।
शिक्षकों का सहयोग : आकलन के समय को कम करना और सटीक परिणामों के आधार पर बच्चों के पठन स्तर की पहचान कर उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करना।
कार्यान्वयन की चरणबद्ध योजना
छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्तावित इस योजना को अलग-अलग चरणों में लागू किया जाएगा।
प्रशिक्षण – शिक्षकों को एआई टूल और सुधारात्मक विधियों का प्रशिक्षण देना।
एकीकरण – इसे राज्य के मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि अलग से कोई ऐप डाउनलोड न करना पड़े।
बेसलाइन आकलन – सत्र की शुरुआत में बच्चों के वर्तमान स्तर का मूल्यांकन।
आकलन परिणाम – बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार चार समूहों में बांटना।
सुधार के लिए सहयोग रिमेडिएशन – परिणामों के आधार पर शिक्षा विभाग विशेष शिक्षण कार्यक्रम चला सकता है।
एंडलाइन आकलन – कार्यक्रम के अंत में प्रगति का मूल्यांकन करना।
इस मॉडल को अन्य दो राज्यों राजस्थान और गुजरात में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। इसे सभी जिलों और सभी स्कूलों में संचालित किया गया था, और इस टूल के माध्यम से 6.7 मिलियन बच्चों तक पहुंच बनाई गई थी। इसी सफलता के आधार पर अब छत्तीसगढ़ के स्कूलों में इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी है।

