प्रदेश
होली से पहले नगरीय निकायों को मिली बड़ी वित्तीय राहत: कर्मचारियों के वेतन के लिए चुंगी क्षतिपूर्ति मद से 51.71 करोड़ रुपये किए गए आबंटित
रायपुर। प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारियों को होली के पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आज चुंगी क्षतिपूर्ति मद से कुल 62.85 करोड़ रुपये का आबंटन जारी किया। इसमें वेतन भुगतान के लिए 51.71 करोड़ रुपये और नियमित मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़ रुपये शामिल हैं।
फरवरी 2026 की स्थिति के अनुसार लंबित वेतन और देयकों को ध्यान में रखते हुए यह आबंटन किया गया है ताकि नगरीय निकायों में वित्तीय संतुलन कायम रहे और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके।
नगर निगमों के लिए आबंटन
प्रदेश के 11 नगर निगमों को वेतन भुगतान के लिए कुल 25.05 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। इसमें प्रमुख नगर निगमों का विवरण इस प्रकार है:
- नगर निगम भिलाई – 4 करोड़
- नगर निगम बिलासपुर – 5 करोड़
- नगर निगम दुर्ग – 1.65 करोड़
- नगर निगम राजनांदगांव – 3 करोड़
- नगर निगम जगदलपुर – 1.50 करोड़
- नगर निगम अंबिकापुर – 3 करोड़
- नगर निगम चिरमिरी – 2 करोड़
- नगर निगम रिसाली – 2 करोड़
- नगर निगम बीरगांव – 0.54 करोड़
- नगर निगम धमतरी – 1.07 करोड़
- नगर निगम भिलाई-चरोदा – 1.27 करोड़
इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से नियमित कर्मचारियों, स्वच्छता कर्मियों और संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान तथा चुंगी समाप्त होने से उत्पन्न राजस्व अंतर की भरपाई के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी 14 नगर निगमों को चुंगी क्षतिपूर्ति के अंतर्गत 7.51 करोड़ रुपये और आबंटित किए गए हैं।
वेतन के लिए नगर पालिकाओं को 16.48 करोड़ व नगर पंचायतों को 10.17 करोड़
नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के 38 नगर पालिका परिषदों में 16 करोड़ 48 लाख की राशि और 85 नगर पंचायतों को कुल 10 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होली के पूर्व निकाय कर्मियों को वेतन भुगतान के लिए आबंटित की है। छोटे एवं मध्यम नगरीय निकायों के लिए यह वित्तीय सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रदेश के सभी 54 नगर पालिकाओं को भी चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि दी गई है। इसके लिए 2 करोड़ 8 लाख 52 हजार 17 रुपए का आबंटन जारी किया गया है। इसके अलावा सभी 124 नगर पंचायतों को एक करोड़ 54 लाख 31 हजार 55 रुपए की मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति राशि दी गई है।
गौरतलब है कि है कि राज्य में चुंगी समाप्त होने के बाद नगरीय निकायों को राजस्व में कमी का सामना करना पड़ा था। इस स्थिति में राज्य सरकार द्वारा चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को नियमित अंतराल पर राशि प्रदान की जाती है, ताकि वे अपने प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी दायित्वों का निर्वहन सुचारू रूप से कर सकें। यह मद विशेष रूप से वेतन भुगतान, स्वच्छता व्यवस्था, जल प्रदाय सेवाओं एवं दैनिक संचालन व्यय को संतुलित करने में सहायक होती है।
विभाग द्वारा आज आबंटित राशि से नगरीय निकायों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को होली के पूर्व वेतन प्राप्त होगा। इससे निकायों में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य शहरी सेवाओं में निरंतरता बनी रहेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आबंटित राशि का उपयोग निर्धारित मदों में ही किया जाएगा। सभी निकायों को वित्तीय नियमों का पालन करते हुए व्यय विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
चुंगी क्षतिपूर्ति मद से वेतन के लिए 51.71 करोड़ एवं नियमित चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़, इस प्रकार कुल 62.85 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का होली के पहले आबंटन नगरीय निकायों के लिए बड़ी राहत है।
चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को समस्त कर्मचारियों के वेतन भुगतान करने में स्थिरता आएगी और शहरी प्रशासन को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की यह पहल शहरी सेवाओं को निरंतर और प्रभावी बनाए रखने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का चौथा दिन, भूपेश बघेल ने उठाया प्रदेश में कस्टोडियल डेथ का मुद्दा…
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृह मंत्री विजय बघेल को घेरते हुए प्रदेश में कस्टोडियल डेथ का मुद्दा उठाया.
भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा से पूछा- जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक केंद्रीय और जिला जेलों में कितनी मौतें हुई? क्या मानव अधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप न्यायिक जाँच हुई? जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होने के क्या कारण हैं? राज्य में बीते एक साल में पकड़े गए अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करों की सूची दें? पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के नाम की जानकारी नहीं मिली है.
देखिए सीधा प्रसारण –
कांग्रेस सिंडिकेट ने जनता को लूटा, नक्सलवाद अंतिम सांस पर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सिंडिकेट ने छत्तीसगढ़ की जनता को लूटने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला, शराब, डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) सहित विभिन्न मामलों में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ और भ्रष्टाचार के लिए कुछ भी नहीं छोड़ा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शराब से प्राप्त राजस्व को अब जनहित के कार्यों में उपयोग करना सुनिश्चित किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजीव मितान योजना की राशि का उपयोग केवल राहुल गांधी के कार्यक्रमों के दौरान ही दिखाई देता था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस शासन के दौरान ढाई-ढाई साल के नेतृत्व की अवधारणा को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि इससे प्रशासनिक अस्थिरता पैदा हुई। उन्होंने पीएससी में हुई कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद और भ्रष्टाचार दो बड़ी बाधाएं रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है।
हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक का जिक्र करते हुए साय ने कहा कि एक समय देश में 70 प्रतिशत से अधिक नक्सल गतिविधियां छत्तीसगढ़ में केंद्रित थीं और इसका कारण पूर्व सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति थी।
बस्तर को धरती का स्वर्ग बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और सुरक्षा बलों के कैंप खोले जा रहे हैं। जहां कभी गोलियों की आवाज गूंजती थी, वहां आज स्कूल की घंटी बज रही है।
उन्होंने बताया कि कुख्यात नक्सली नेता हिड़मा की मां भी अब सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले रही हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। बस्तर पंडुम का उद्घाटन द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया गया, जबकि समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति रही।
कॉरपोरेट घरानों को बस्तर सौंपने के आरोप खारिज
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बार-बार यह आरोप लगाया जाता है कि बस्तर को कॉरपोरेट घरानों को सौंपा जा रहा है, लेकिन यह पूरी तरह निराधार है। हम बस्तर में सिंचाई सुविधाएं बढ़ाना चाहते हैं, पर्यटन को बढ़ावा देना चाहते हैं और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में होम-स्टे को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित जनजातीय संग्रहालय में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रामलला दर्शन योजना चला रही है, जिसके तहत लोगों को अयोध्या के रामलला के दर्शन के लिए भेजा जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राम वन गमन पथ के विकास के नाम पर भ्रष्टाचार किया।
साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए चित्रोत्पला फिल्म सिटी का उद्घाटन किया गया है, जिससे स्थानीय कलाकारों और फिल्म उद्योग को नया मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विकास, सुशासन और पारदर्शिता के मार्ग पर आगे बढ़ रही है तथा भ्रष्टाचार और नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पिट एनडीपीएस के तहत पहली बार प्रदेश में 145 प्रकरणों पर हुई कार्रवाई- उप मुख्यमंत्री शर्मा ने विधानसभा में दी जानकारी
रायपुर। प्रदेश में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी के मुद्दे पर विधानसभा में विधानसभा सदस्यों अजय चंद्राकर एवं धरमलाल कौशिक ध्यान आकर्षण का जवाब उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिया. जिसमें उन्होंने बताया कि प्रदेश में चरस, गांजा, ब्राउन शुगर, हेरोईन, अफीम, डोडा, नशीली गोलियों जैसे मादक पदार्थों, अवैध नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री रोकने के लिए शासन दृढ़ संकल्पित है तथा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है.
उपमुख्यमंत्री ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा राज्य में पहली बार एनडीपीएस एक्ट के तहत् दर्ज प्रकरणों में सिरे से विवेचना कर आरोपियों, उनके सहयोगी एवं सप्लायर के विरूद्ध वित्तीय जांच भी की जा रही है. पिट्स एनडीपीएस एक्ट को क्रियाशील कर आरोपियों के वित्तीय आधार को खत्म करने का काम किया जा रहा है. पहले अपराधी जेल से निकलकर नशे के कारोबार से कमाए काले धन को एन्जॉय करते थे, पर अब उस पर भी नकेल कसी जा रही है. वर्ष 2025 में 16 आरोपियों की 13 करोड़ 29 लाख 54 हजार 735 रूपए की सम्पत्ति जप्त फ्रीज कराई गई है. वर्ष 2024 से 31 जनवरी 2026 तक 145 आदतन आरोपियों के विरूद्ध की गई है.
उन्होंने बताया कि विगत चार माह में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के 399 प्रकरण दर्ज कर 679 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इन मामलों में 6791 किलोग्राम गांजा, 37 ग्राम ब्राउन शुगर, 484 ग्राम अफीम, 264.35 ग्राम हेरोईन, 16.56 ग्राम कोकीन, 23.84 ग्राम एमडीएमए, 512.880 किलोग्राम डोडा तथा 98,231 नग नशीली दवाइयां जब्त की गई हैं.
गृह मंत्री ने बताया कि शासन द्वारा नशे के साधनों पर भी कार्रवाई की जा रही है. जिला रायपुर और दुर्ग में नशा सेवन के साधन जैसे गोगो, स्मोकिंग कोन, रोलिंग पेपर आदि की बिक्री के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इस दौरान 18 व्यक्तियों के विरुद्ध बीएनएसएस की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस आयुक्त, रायपुर द्वारा इन सामग्रियों को प्रतिबंधित करने हेतु आदेश भी जारी किया गया है.
उन्होंने नशे के विरुद्ध अभियान की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रायपुर जिले के थाना खरोरा अंतर्गत 20 मई 2025 को 27.894 किलोग्राम गांजा जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी 98.46 लाख रुपए की संपत्ति फ्रीज कराई गई है. इसी प्रकार दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में रायपुर पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 9 प्रकरणों में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया और विभिन्न मादक पदार्थ जब्त किए.
रायगढ़ में उड़ीसा से नशीली दवाइयों की तस्करी करते पाए जाने पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 250 पेंटाजोसीन इंजेक्शन और 160 नाइट्राजेपम टैबलेट जब्त किए गए. बिलासपुर पुलिस ने पिछले दो वर्षों में 181 प्रकरणों में 306 आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में गांजा, अफीम, हेरोईन और अन्य नशीली दवाइयां जब्त की हैं.
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 11 फरवरी 2026 को थाना टिकरापारा में एक आरक्षक से हेरोईन (चिट्टा) बरामद होने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है तथा मामले की विवेचना जारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थ तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में कुल 1288 प्रकरणों में 2342 आरोपियों को गिरफ्तार कर 16,999.7 किलोग्राम गांजा सहित विभिन्न मादक पदार्थ जब्त किए गए. वहीं वर्ष 2026 में 31 जनवरी तक 146 प्रकरणों में 257 आरोपियों की गिरफ्तारी कर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं.
शर्मा ने बताया कि शासन द्वारा सभी जिलों में टास्क फोर्स गठित की गई है तथा 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के लिए 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं. एनडीपीएस एक्ट के मामलों में एंड-टू-एंड विवेचना के साथ वित्तीय जांच भी की जा रही है.
‘मानस’ पोर्टल का उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा में कराया परीक्षण
उन्होंने बताया कि अवैध मादक पदार्थों की शिकायत हेतु ‘मानस’ टोल फ्री नंबर 1933 चालू किया गया है. जिसपर वरिष्ठ सदस्य अजय चंद्राकर ने उसके सतत कार्य करने को सुनिश्चित करने की ओर ध्यान आकृष्ट किया जिसपर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने विधायक सुशांत शुक्ला को कॉल लगा कर जांच करने को कहा और शुक्ला ने तुरन्त बाहर जाकर उसकी जांच कर टोल फ्री नम्बर के कार्यरत होने की जानकारी दी. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि शासन की ठोस और प्रभावी कार्रवाई से मादक पदार्थों के सप्लाई और डिमांड नेटवर्क को तोड़ा जा रहा है.
ध्यानाकर्षण पर उपमुख्यमंत्री ने अजय चंद्राकर एवं पूर्व मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने विधानसभा में सदस्य अजय चंद्राकर एवं धरमलाल कौशिक द्वारा लाये गए ध्यानाकर्षण पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस ध्यानाकर्षण से ना सिर्फ सदन को शासन की कार्रवाई की जानकारी मिलेगी अपितु अपराधियों को भी यह समझ में आ जायेगा कि सरकार नशे के व्यापार को समाप्त करने के लिए तत्परता से कार्य कर रही है. उन्होंने पूरे जवाब को सुनने और समझने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी धन्यवाद ज्ञापित किया.
वन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, जानिए किसे मिली कहां की जिम्मेदारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रशासनिक कसावट के तहत वन अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं. यह आदेश 21 नवंबर 2025 के विभागीय संदर्भ के आधार पर जारी किया गया है. सभी अधिकारियों को आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से नई पदस्थापना दी गई है. जारी सूची के अनुसार विभिन्न वनमंडलों, अनुसंधान एवं विस्तार इकाइयों और परिक्षेत्रों में पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
देखें आदेश की कॉपी








मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य बजट में कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा शामिल किए जाने पर अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारी वर्ग एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्ति मिलना एक ऐतिहासिक एवं कर्मचारी हितैषी कदम है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत करता है तथा आशा करता है कि भविष्य में भी कर्मचारी हितों को इसी प्रकार प्राथमिकता दी जाती रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। कैशलैस चिकित्सा सुविधा का लाभ शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा। मेडिकल लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के सरलीकरण से कर्मचारीगण अपने और अपने परिवार की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निश्चिंत रहेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी कार्य गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।
प्रतिनिधिमंडल में कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक), सुनील उपाध्याय, जय कुमार साहू, राजेश सिंघी, संतोष कुमार वर्मा, संजीत शर्मा, देवाशीष दास, लोकेश वर्मा, अमित शर्मा, सोनाली तिडके, आकाश त्रिपाठी, जगेश्वर भट्ट, दीपक सोनकर, प्रवीण सिंह एवं निशा यादव उपस्थित रहे।
एसपी अब थानों की करेंगी सीधी निगरानी, थानों-चौकियों में लगेगा QR कोड, आम जनता सीधे दे सकेंगे जानकारी…
बलौदाबाजार। बलौदाबाजार – भाटापारा जिले की पुलिस कप्तान भावना गुप्ता अब थानों और पुलिस चौकियों की सीधी निगरानी करेंगी. प्रयास अभियान के तहत जिले में सभी थानों और पुलिस चौकियों में क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिसके जरिए थाना आने वाले फरियादियों, आगंतुकों और आम जनता का फीडबैक फॉर्म भरा जाएगा. इसके जरिए पब्लिक थाने के अनुभव, पुलिस स्टाफ के व्यवहार और कार्यवाही आदि के संबंध में अपने अनुभव सीधे पुलिस अधीक्षक को साझा कर सकेंगे.
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने आज प्रयास अभियान के तहत एसपी कार्यालय में क्यूआर कोड का विधिवत उद्घाटन किया. उन्होंने बताया कि रेंज आईजी अमरेश मिश्रा सर के मार्गदर्शन में शुरू किए गए क्यूआर कोड के जरिए फॉर्म भरने का मुख्य उद्देश्य पुलिस स्टाफ की कार्य क्षमता बढ़ाना, कार्यों में सुधार लाना एवं थाना–चौकी स्तर पर कमियों को दूर करते हुए आमजनों का पुलिस पर भरोसा मजबूत करना है.
थाना–चौकी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग, चौकी की कार्यप्रणाली में और अधिक सुधार लाने, आवेदकों द्वारा किए जा रहे शिकायतों पर अमल कर उन पर गंभीरता पूर्वक कार्यवाही आदि में आम जनों की सहभागिता भी इस क्यूआर कोड के माध्यम से की जाएगी. आम नागरिकों के सुझाव और उनके अनुभव भी पुलिस के कामों में मिलते रहेंगे. इस हिसाब से यह आम जनों के सहयोग और सुझाव से पुलिस का कार्यबल बढ़ाने हेतु प्रयास अभियान के तहत जारी किया गया क्यूआर कोड अत्यंत उपयोगी होगा.
सभी थाना और चौकियों में लगेगा क्यूआर कोड
क्यूआर कोड को जिले के सभी थाना,चौकी एवं पुलिस कार्यालयों में लगाया जाएगा. जिसके तहत यहां पहुंचने वाले आगंतुकों के द्वारा थाने का अनुभव उनके शिकायत पर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही एवं गंभीरता आदि को फीडबैक के माध्यम से भरा जाएगा.
एसपी करेंगी सुपरविजन
इस फीडबैक फॉर्म का सुपरविजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी भावना गुप्ता के द्वारा स्वयं अपनी टीम के माध्यम से किया जाएगा. फीडबैक फॉर्म से आमजनों,आवेदकों,शिकायत कर्ताओं को पुलिस की कार्य प्रणाली से संतुष्टि एवं कार्य के दौरान आ रही कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी.
फ़ीडबैक फॉर्म में भरे गए तथ्यों के आधार पर पुलिस कार्यालय द्वारा उक्त बिंदुओं पर और अधिक सुधार लाने हेतु संबंधित थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया जाएगा. जिससे उक्त कार्य में और अधिक निपुणता आएगी और फ़ीडबैक फॉर्म के माध्यम से पुलिस के व्यवहार, जवाब एवं सर्विस क्वालिटी में कमियों की पहचान करने में भी आसानी होगी.
राजधानी के इन मार्गों में धरना-प्रदर्शन, जुलूस पर लगा बैन, पुलिस आयुक्त ने जारी किया आदेश
रायपुर। राजधानी रायपुर की हेवी ट्रैफिक वाली सड़कों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने को लेकर रायपुर कमिश्नरेट ने नया आदेश जारी किया है. 4 प्रमुख मार्गों पर अब रैली, जुलूस और प्रदर्शन जैसे सार्वजनिक आयोजनों पर पाबंदी लगा दी गई है. अगले दो महीने तक के लिए आदेश लागू किया गया है.
जारी आदेश के मुताबिक, सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक बीएनएसएस 2023 की धारा 163 तक सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा. आदेश का आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस कमिश्नर ने आम नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि वे शहर में शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन का सहयोग करें.
इन सड़कों पर नहीं निकाल सकेंगे रैली
1. जी.ई. रोड: शारदा चौक से जयस्तंभ चौक होते हुए फूल चौक तक.
2. एम.जी. रोड: जयस्तंभ चौक से कोतवाली चौक तक.
3. सदर बाजार रोड: कोतवाली से सत्ती बाजार चौक तक.
4. एम.जी. रोड: मौलाना चौक से शारदा चौक तक.
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सख्त: अविवादित बटवारा प्रकरणों का त्वरित निराकरण, ई-ऑफिस और बायोमैट्रिक अनिवार्य के दिये निर्देश
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज समय-सीमा की बैठक में राजस्व एवं विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि अविवादित बटवारा प्रकरणों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न की जाए। उन्होंने सभी तहसीलों को खाता विभाजन के प्रकरणों में त्वरित एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि बी-1 का नियमित पाठन किया जाए तथा तहसीलवार लंबित सभी प्रकरणों की समीक्षा कर समय-सीमा में निराकरण किया जाए। उन्होंने सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने एवं बायोमैट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी कार्यदिवसों की उपस्थिति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के लिए कहा।
बैठक में कलेक्टर ने आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए नगर निगम रायपुर, वीरगांव नगर निगम सहित सभी नगरीय निकायों में सोकपीठ गड्ढ़ों एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत शासकीय कर्मचारियों से योजना का लाभ लेने की अपील भी की।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र एवं स्वास्थ्य केंद्र निर्धारित समयावधि में अनिवार्य रूप से खुले रहें। इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने नगर निगम एवं तहसील प्रशासन को निर्देश दिए कि स्कूल परिसरों के आसपास गुटखा, पान, तंबाकू आदि की दुकानों का संचालन न हो। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर ने यह भी कहा कि किसी भी अधिकारी द्वारा ग्राम भ्रमण के दौरान मृत्यु पंजी का अनिवार्य रूप से निरीक्षण किया जाए, ताकि मृत व्यक्तियों के नाम पीडीएस दुकानों की सूची से हटाए जा सकें, उनकी फौती प्रविष्टि सुनिश्चित हो तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्व वसूली में CMO फेल, राज्य सरकार ने किया निलंबित
कवर्धा। छत्तीसगढ़ शासन ने नगर पालिका परिषद पंडरिया के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अभिताभ शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार, 14 जनवरी 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक संपत्तियों के नए कर (मांग) निर्धारण का कार्य नहीं किया गया। इसके चलते नगर पालिका की राजस्व वसूली अपेक्षित स्तर तक नहीं हो सकी। शासन ने इसे कर्तव्यों के प्रति उदासीनता मानते हुए गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा है।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत है। इसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका (कार्यपालन/यांत्रिकी/स्वास्थ्य) सेवा भर्ती एवं सेवा शर्तें नियम, 2017 के नियम-33 के अंतर्गत अभिताभ शर्मा को निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान शर्मा का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

हाई कोर्ट का अहम फैसला: लीज अवधि खत्म होने के बाद रेलवे को जमीन अधिग्रहण का है अधिकार, रिट अपील की खारिज…
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रेलवे भूमि से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट करते हुए कहा है कि बिना वैध और नवीनीकृत लीज के रेलवे जमीन पर कब्जा रखने का कोई अधिकार नहीं है. अदालत ने इस आधार पर दीपचंद कछवाहा द्वारा दायर रिट अपील को खारिज कर दिया. यह फैसला मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा एवं न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ द्वारा सुनाया गया.
क्या था मामला
अपीलकर्ता दीपचंद कछवाहा, जो बिलासपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित अनंता होटल परिसर में व्यवसाय कर रहे थे. उन्होंने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों द्वारा की जा रही बेदखली कार्रवाई को चुनौती दी थी. इससे पूर्व उनकी याचिका को 15 जनवरी 2026 को एकल पीठ द्वारा निस्तारित कर दिया गया था, जिसके विरुद्ध यह रिट अपील दायर की गई थी. अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने पक्ष रखा, वहीं रेलवे की ओर से उप सॉलिसिटर जनरल उपस्थित हुए. दोनों पक्षों ने अदालत को बताया कि इसी प्रकार का मामला पहले ही असलम हुसैन बनाम दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में निस्तारित किया जा चुका है.
अदालत की प्रमुख टिप्पणियां
अपीलकर्ता के पक्ष में कोई वैध, पंजीकृत और प्रभावी लीज मौजूद नहीं है. केवल लीज किराया या टैक्स जमा करने से कानूनी अधिकार उत्पन्न नहीं होता. लीज समाप्त होने और नवीनीकरण न होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति अनधिकृत कब्जेदार माना जाएगा. रेलवे भूमि का स्वामित्व केंद्र सरकार के पास है, और रेलवे पर अवैध कब्जे हटाने का वैधानिक दायित्व है. रेलवे के वाणिज्यिक विभाग में पुनर्वास या वैकल्पिक दुकान देने की कोई नीति अस्तित्व में नहीं है. रेलवे स्टेशन के विस्तार एवं परिचालन आवश्यकताओं के लिए भूमि की आवश्यकता होने पर रेलवे को लीज न बढ़ाने का अधिकार है. लंबे समय से कब्जे में रहना स्वामित्व या स्थायी अधिकार प्रदान नहीं करता.
पूर्व निर्णय पर भरोसा
अदालत ने माना कि वर्तमान मामला पूरी तरह से डब्ल्यू ए 131 ऑफ 2026 के समान है, जिसमें पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि बिना वैध लीज के कब्जा रखने वालों को पुनर्वास का अधिकार नहीं है. इसलिए इस मामले में अलग दृष्टिकोण अपनाने का कोई कारण नहीं है. हाईकोर्ट ने कहा कि एकल पीठ के आदेश में कोई कानूनी त्रुटि या गंभीर खामी नहीं है, अतः उसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है. रिट अपील खारिज करते हुए अदालत ने आदेश दिया कि यह मामला भी 11 फरवरी 2026 के पूर्व निर्णय की शर्तों के अनुसार निस्तारित माना जाएगा.
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: भाजपा विधायकों ने उठाया नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मुद्दा, प्रशासन को बताया फेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन ध्यानाकर्षण में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और धरम लाल कौशिक ने नशीले पदार्थो की अवैध बिक्री का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन को असफल बताया. गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रशासन के फेल होने के आरोपों को नकारा.
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा- छत्तीसगढ़ के युवा नशा की चपेट में हैं. रायपुर में हर जगह आसानी से नशीले पदार्थ उपलब्ध है. पुलिस आरक्षक भी इस मामले में पकड़ा गया है. इसे रोकने में प्रशासन विफल रहा है.
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा- अवैध मामलों पर लगातार की जा रही है. प्रदेश में भर छापे की कार्रवाई भी हो रही है. पुलिस की ओर विशेष अभियान चलाया जा रहा है. जब्ती की कार्रवाई हुई है. आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है. यह आरोप सही नही है कि प्रशासन फेल है.
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: नेता प्रतिपक्ष महंत ने उठाया एसटीपी निर्माण का मुद्दा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण का मुद्दा उठाया. उन्होंने गलत जानकारी देकर गुमराह करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इस पर मंत्री अरूण साव ने परीक्षण कराकर आगे की कार्रवाई की बात कही.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने प्रश्नकाल के दौरान सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को लेकर कहा कि 2 बार संशोधन कर जवाब भेजे गए. पहले 26 बताया गया था फिर संख्या 21 भेजी गई. इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि ये सही है कि बाद में संशोधित उत्तर उपलब्ध कराया है.
उन्होंने कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार मिलकर पूरी गंभीरता से काम कर रहे हैं. 12 नगरीय निकायों में 21 एसटीपी स्वीकृत है. 68 नगरीय निकायों में 96 एसटीपी की स्वीकृति है.
इस पर नेता प्रतिपक्ष महंत ने कहा कि मेरे क्षेत्र में एसटीपी प्लांट को लेकर जानकारी मांगी और हर बार प्रक्रियाधीन होने का जवाब आया. हर बार उत्तर गलत आता है. ये जो गुमराह करने वाले अधिकारी बैठे हैं, उनके लिए किस तरह के ईनाम या सजा का प्रावधान है. मंत्री अरूण साव ने परीक्षण कराकर कार्रवाई की बात कही.
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: कांग्रेस विधायकों ने सीएसआर फंड में पक्षपात का लगाया आरोप, मंत्री के जवाब पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कसा तंज, कहा-
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने सीएसआर फंड में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इस पर मंत्री के नकारात्मक जवाब पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब कलेक्टर को निर्देशित नहीं कर सकते तो मंत्री होने का क्या औचित्य है?
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने सीएसआर फंड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जांजगीर जिले में सीएसआर फंड में पारदर्शिता नहीं है. जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा का पालन नहीं हो रहा है. कलेक्टर अपनी मनमर्जी से राशि बाँट रहे हैं. जनप्रतिनिधियों की समिति का कोई औचित्य नहीं है.
इस पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सीएसआर को लेकर कोई समिति नहीं है. सीएसआर फंड का उपयोग गाँवों में हो सकता है. आपकी ओर से भी दो प्रस्ताव है.
इस पर कांग्रेस विधायक ने कहा कि मंत्री जी प्रस्तावों पर घोषणा कर दें. कलेक्टर को कार्यों के लिए निर्देशित कर दें. इस पर मंत्री ने कहा कि मुझे घोषणा का अधिकार नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब कलेक्टर को निर्देशित नहीं कर सकते तो मंत्री होने का क्या औचित्य है?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा आयोजित नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है, जिसका परिणाम है कि व्यापारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि राज्य में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह तीसरा वर्ष चल रहा है और दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। पहले वर्ष प्रस्तुत बजट का थीम “ज्ञान” था, जिसमें जी का अर्थ गरीब, वाय का अर्थ युवा, ए का अर्थ अन्नदाता किसान और एन का अर्थ नारी था तथा इन सभी वर्गों के विकास पर विशेष फोकस किया गया था। दूसरे वर्ष उसी विकास को गति देने के उद्देश्य से बजट का थीम “गति” रखा गया, जबकि इस वर्ष का बजट थीम “संकल्प” है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को आत्मसात करते हुए तैयार किया गया है और पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने बताया कि इस बजट में विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा क्षेत्र पर किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र केरल राज्य से भी बड़ा क्षेत्र है और प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है, लेकिन चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र विकास से अछूता रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व तथा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस के कारण नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन विगत दो वर्षों में हमारे जवानों ने जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है, उसमें कई बड़े माओवादी मारे गए हैं तथा बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे राज्य अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि माओवाद के कारण इन क्षेत्रों में समुचित विकास नहीं हो पाया था, जिसकी भरपाई के लिए अब सरकार इन क्षेत्रों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सरकार ने अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी के लिए बजट में प्रावधान किया है। साथ ही क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने और फॉरेस्ट प्रोड्यूस के वैल्यू एडिशन पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा दोनों संभागों में सैकड़ों प्रकार के वन उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनका मूल्य संवर्धन कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए है और प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है।
उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत 7 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं तथा उद्योग नीति के तहत काटे जाने वाले पेड़ों की भरपाई भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है और उसी के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीएसडीपी दर को आने वाले पांच वर्षों में दोगुना करने तथा वर्ष 2047 तक राज्य का जीएसडीपी 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। नई उद्योग नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और विभिन्न बड़े शहरों में आयोजित इन्वेस्ट मीट के माध्यम से अब तक प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। इनमें सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में व्यापारी बंधुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने नेशनल ट्रेड एक्सपो के सफल आयोजन के लिए कैट की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रेड एक्सपो में विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा कैट द्वारा प्रकाशित स्वदेशी पोस्टर का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन सुनील सिंघी, रायपुर महापौर मीनल चौबे, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी सहित कैट छत्तीसगढ़ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा: गिग वर्करों की सुरक्षा और अधिकारों पर अजय चंद्राकर ने उठाये सवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रदेश में कार्यरत गिग वर्करों की स्थिति, उनके अधिकारों और राज्य स्तर पर नियमन की आवश्यकता को लेकर जोरदार चर्चा हुई. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रश्नकाल के दौरान सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसी कंपनियों में काम कर रहे गिग वर्करों को संगठित मजदूरों की श्रेणी में रखा जाएगा या असंगठित में.
अजय चंद्राकर ने कहा कि इससे पहले उन्होंने आउटसोर्सिंग कंपनियों को लेकर भी सवाल उठाया था, तब भी सरकार ने कहा था कि इस संबंध में कोई स्पष्ट कानून नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी वही स्थिति बनी हुई है.
उन्होंने कहा गिग वर्कर मर रहे हैं और कंपनियां ऐश कर रही हैं. अजय चंद्राकर ने दस मिनट की डिलीवरी जैसे मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि तेज डिलीवरी के दबाव में कई बार गिग वर्करों की जान जा रही है. मानवाधिकार संगठनों द्वारा भी इस मुद्दे पर लगातार चिंता जताई जा रही है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में सामाजिक सुरक्षा संहिता लागू होने के बावजूद अब तक स्पष्ट नियम नहीं बनाए गए हैं. जब तक नियम नहीं बनेंगे, छत्तीसगढ़ के युवा शोषण का शिकार होते रहेंगे.
चंद्राकर ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2025 में भारत सरकार को नोटिफिकेशन जारी करना पड़ा क्योंकि नियम नहीं बन सके थे, जबकि देश के कई राज्यों ने अपने स्तर पर नियम बना लिए हैं. उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या छत्तीसगढ़ समवर्ती सूची के अधिकार का उपयोग करते हुए अपना अलग अधिनियम या नियम बनाने पर विचार करेगा?
फ़िलहाल न संगठित, न असंगठित — लखन देवांगन
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने सदन में जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल गिग वर्करों को न तो संगठित क्षेत्र में रखा गया है और न ही असंगठित क्षेत्र में.
उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अंतर्गत गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्करों को शामिल किया गया है और जैसे ही भारत सरकार इस संबंध में नियम अधिसूचित करेगी, राज्य सरकार उसका अनुसरण करेगी.
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने इस विषय पर एक समिति गठित की थी और उसकी प्रक्रिया जारी थी. इसी दौरान भारत सरकार द्वारा चार श्रम संहिताएं लागू की गईं, जिसके बाद राज्य की कार्यवाही केंद्र के अधिनियम के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है. उन्होंने दोहराया कि राज्य में नियम भारत सरकार के अधिनियम के अधीन ही बनाए जाएंगे.
MLA देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चुनावी याचिका खारिज कराने की एसएलपी रद्द
दुर्ग। दुर्ग जिले के भिलाई नगर विधानसभा से विधायक और कांग्रेस के कद्दावर नेता देवेंद्र यादव को सर्वोच्च न्यायालय से करारा झटका लगा है. भाजपा नेता और देवेंद्र यादव के खिलाफ विधानसभा में प्रत्याशी रहे प्रेम प्रकाश पांडे के द्वारा हाईकोर्ट में लगाए गए चुनाव याचिका के खिलाफ देवेंद्र यादव सुप्रीम कोर्ट गये थे. सुप्रीम कोर्ट में देवेंद्र यादव ने एसएलपी दाखिल की थी. जिसे सुप्रीम कोर्ट ने निराधार मानकर खारिज कर दी. इसे विधायक देवेंद्र यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
भिलाई नगर से कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र यादव ने 2018 और 2023 विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी. उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी प्रेम प्रकाश पांडे को करारी शिकस्त दी थी. भाजपा के प्रत्याशी रहे प्रेम प्रकाश पांडे ने चुनाव में गलत हलफनामा देने का आधार बता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती दी थी और उनका निर्वाचन निरस्त करने की मांग की थी.
प्रेम प्रकाश पांडे की याचिका के अनुसार 2018 और 2023 के चुनावों में दिए गए शपथ पत्र में संपत्ति का मूल्य देवेंद्र यादव ने गलत दर्शाया था. इसके अलावा चुनाव शपथ पत्र में आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छुपाते हुए घोषित फरार आरोपी होने की जानकारी नहीं दी थी. यह एक अपराध की श्रेणी में आता है. इतना ही नहीं चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी जो भ्रष्ट आचरण माना जाता है, जिसके तहत भाजपा के प्रत्याशी प्रेम प्रकाश पांडे ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर देवेंद्र यादव का निर्वाचन निरस्त करने की मांग की थी.
देवेंद्र यादव ने हाईकोर्ट में लगी याचिका के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका ( एसएलपी) लगा हस्तक्षेप करने की मांग की थी. पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद विशेष अनुमति याचिका को निराधार मानते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया और देवेंद्र यादव की याचिका खारिज कर दी.

