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बड़े पैमाने पर राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का तबादला, इन जिलों में बदले एडिशनल एसपी, देखें पूरी लिस्ट…
रायपुर। राज्य शासन ने बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए एक साथ 76 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के तबादले का आदेश जारी किया है. पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश और अधिकारियों के नाम की लिस्ट जारी की गई है. आदेश के मुताबिक प्रदेश के कई जिलों में एएसपी प्रभावित हुए हैं.
बता दें कि कीर्तन राठौर अब रायपुर ग्रामीण के एडिशनल एसपी होंगे. वहीं एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी को जगरगुंडा सुकमा कैंप में पोस्टिंग दी गई है. इसी तरह एडिशल एसपी नीरज चंद्राकर को बिलासपुर का एएसपी, जेपी बढ़ई को एएसपी अंतागढ़ कांकेर, एएसपी पीतांबर पटेल को मोहला मानपुर, एएसपी सुखनंदन राठौर को एएसपी दुर्ग शहर और आकाश राव गिरिपुंजे को सुकमा एएसपी का प्रभार दिया गया है.
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पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में अधिकारियों का हुआ तबादला, जानें किसे मिली कहां की जिम्मेदारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में पदस्थ कई अधिकारियों का तबादला हुआ है. राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आज देर शाम इसका आदेश जारी किया गया है. आदेश के साथ जारी अधिकारियों के नामों की लिस्ट में 13 अधिकारीयों का नाम शामिल है जिन्हें नवीन पदस्थापना दी गई है.
साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई और अहम निर्णय…
रायपुर। साय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए राज्य के किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया गया है. खरीफ 2023-24 से ‘‘कृषक उन्नति योजना‘‘ लागू करने का निर्णय लिया गया.
राज्य के किसानों की आय, फसल उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने तथा फसल की कास्त लागत में कमी करने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है. विकेन्द्रीकृत चांवल उपार्जन के लिए भारत सरकार से हुए एमओयू को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना शुरू की जा रही है.
मंत्रिपरिषद द्वारा यह निर्णय लिया गया कि कृषक उन्नति योजना के क्रियान्वयन संबंधी प्रस्ताव अनुसार खरीफ वर्ष 2023 में धान खरीदी के आधार पर किसानों को प्रति एकड़ 19,257 रुपए के मान से आदान सहायता राशि प्रदाय की जाएगी और तदानुसार अनुषांगिक कार्यवाही करने के लिए विभाग को अधिकृत किया जाएगा.
मंत्रिपरिषद की बैठक में लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) की सम्मान निधि को फिर से प्रारंभ करने और बकाया राशि प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. प्रदेश में 2018 की स्थिति में 430 लोकतंत्र सेनानियों-आश्रितों को प्रतिवर्ष करीब 9 करोड़ रूपए की सम्मान राशि प्रदान की जाती थी.
एक मार्च से कम अवधि के निरूद्ध व्यक्तियों को 8 हजार रूपए प्रतिमाह, एक से 5 माह तक के निरूद्ध व्यक्तियों को 15 हजार रूपए प्रतिमाह और पांच माह तथा अधिक निरूद्ध व्यक्तियों को 25 हजार रूपए प्रतिमाह दिया जाएगा. भारत में घोषित आपातकाल के दौरान छत्तीसगढ़ के राजनैतिक या सामाजिक कारणों से मीसा-डीआईआर के अधीन निरूद्ध व्यक्तियों को सम्मान राशि प्रदान करने के लिए लोकनायक जयप्रकाश नारायण सम्मान निधि नियम-2008 बनाया गया था, जिसे सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 23 जनवरी 2020 तथा 29 जुलाई 2020 को अधिसूचना जारी कर निरस्त कर दिया गया था. मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च न्यायालय ने 26 मई 2020 को पारित आदेश के परिपालन में उपरोक्त दोनों अधिसूचनाओं को निरस्त करते हुए लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) की सम्मान निधि को फिर से प्रारंभ करने और बकाया राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया. पूर्व अनुसार प्रतिमाह सम्मान राशि पुनः प्रारंभ की जाती है और सम्मान राशि बंद होने से लेकर पुनः प्रारंभ होने तक की अवधि की एरियर्स राशि 01 नवम्बर 2024 को प्रदान करने का निर्णय लिया गया.
सुशासन और अभिसरण विभाग के गठन का महत्वपूर्ण निर्णय
प्रदेश में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के सर्वाेत्तम संभव उपयोग के लिए और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पृथक विभाग का गठन किया गया है. इस विभाग के गठन से बेहतर प्रशासन के साथ जनता तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित की जाएगी. डिजिटल गवर्नेंस के तहत प्रशासन के सभी स्तरों पर डिजिटलाईजेशन को बढ़ावा देते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी. नये विचारों और क्रिया विधि के संबंध में शोध और प्रशासनिक सुधार के कार्य किए जाएंगे. विभाग द्वारा राज्य में सुशासन के क्षेत्र में अभिनव पहल करते हुए सुशासन फेलोशिप और मुख्यमंत्री लोक प्रशासन में उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदाय किया जाएगा. इस विभाग के अंतर्गत अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण शिक्षण संस्थान और छत्तीसगढ़ राज्य नवाचार आयोग आएंगे.
राजीव नगर आवास योजना का नाम ‘‘अटल विहार योजना‘‘ करने का निर्णय
गौरतलब है कि आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा 2011 में विकास नगर योजना के तहत ई.डब्ल्यू.एस. एवं एल.आई.जी. भवनों के लिए अनुदान एवं शासकीय भूमि आबंटन के लिए योजना का नामकरण अटल विहार योजना किया गया था. जिसे वर्ष 2021 में बदलकर राजीव नगर आवास योजना कर दिया गया था. मंत्रिपरिषद की बैठक में इस योजना का नामकरण पुनः ‘‘अटल विहार योजना‘‘ करने का निर्णय लिया गया.
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अंत्योदय और प्राथमिकता राशनकार्डधारियों को अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक आवश्यक शक्कर वितरण के लिए राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों से शक्कर क्रय करने का निर्णय लिया गया.शक्कर का क्रय मूल्य 35,000 रूपए प्रति टन (एक्स फैक्टरी और जीएसटी अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है.
छत्तीसगढ़ राज्य में आतंकवाद, नक्सलवाद, वामपंथी उग्रवादी जैसे विशेष मामलों, प्रकरणों में त्वरित एवं प्रभावी अनुसंधान एवं अभियोजन के लिए राज्य इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एस.आई.ए.) के गठन का निर्णय लिया गया. यह एजेंसी राष्ट्रीय इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एन.आई.ए.) के साथ समन्वय के लिए राज्य के नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी. इसके लिए एक पुलिस अधीक्षक सहित कुल 74 नवीन पदों का निर्माण किया गया है.
छत्तीसगढ़ सर्वविभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ एवं छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ द्वारा की गई मांग को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के नियम 13 (1) में आंशिक संशोधन किया गया, जिसके तहत संविदा पर नियुक्त कर्मचारी को 18 दिनों के आकस्मिक अवकाश के स्थान पर 30 दिनों के आकस्मिक अवकाश की पात्रता होगी.
अनुकम्पा नियुक्तियों के आवेदकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि कलेक्टर कार्यालय में अग्रेषित होकर आवेदन प्राप्त होने पर जिला कलेक्टर द्वारा जिले में अधीनस्थ कार्यालयों में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए रिक्त पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी. जिले में किसी भी कार्यालय में अनुकम्पा नियुक्ति के रिक्त पद उपलब्ध न होने पर आवेदन संभागीय आयुक्त कार्यालय में प्रेषित किया जाएगा. संभागीय आयुक्त अपने अधीनस्थ जिले जहां पर पद रिक्त होंगे उस जिले के कलेक्टर को प्रकरण अग्रेषित करेंगे. निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण कलेक्टर और संभाग आयुक्त द्वारा किया जाएगा.
कागज खरीदी में पाठ्य पुस्तक निगम को 2 करोड़ रुपए की बचत, शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के निर्देश पर मार्केट सर्वे के बाद दर निर्धारण से हुआ लाभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बच्चों को मुफ्त में किताबें उपलब्ध कराने के लिए पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा किताबों की छपाई का काम किया जाता है। पहले इस काम में कागज की खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। इस भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रदेश के नए शिक्षा मंत्री और भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिशा-निर्देश जारी किए। इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए की गई खरीदी में 2 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
पाठ्य पुस्तक निगम में अब तक हर वर्ष कागज की खरीदी के लिए टेंडर निकाला जाता था और फिर न्यूनतम दरों के आधार पर खरीदी की जाती थी। इस प्रक्रिया में, बाजार से इस बात का पता नहीं लगाया जाता था कि वास्तव में खुले बाजार में संबंधित कागज की कीमत कितनी है। कम दरों पर कागज की आपूर्ति करने वाले विक्रेता अक्सर निम्न गुणवत्ता वाले कागज की आपूर्ति करते थे, जिसके परिणामस्वरूप छात्रों को खराब गुणवत्ता की पाठ्य पुस्तकें मिलती थीं। बड़ी कंपनियों के पास छोटी कंपनियों की तुलना में कम दरों पर कागज की आपूर्ति करने की अधिक क्षमता होती थी, जिससे छोटी कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाता था।
शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के निर्देश के बाद पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध निदेशक कुलदीप शर्मा ने किताबों के कवर पेज के लिए 250 GSM की मोटाई वाले कागज का मार्केट सर्वे कराया। और इसके साथ ही इसकी खुली निविदा भी निकाली गई। वर्ष 2024- 25 के लिए खरीदी की न्यूनतम दर 97 हजार 500 रूपये प्रति मीट्रिक टन लगाई गई।
जबकि वर्ष 2023 -24 में निविदा करके 250 GSM वाले कागज की खरीदी 1 लाख 17 हजार रूपये प्रति मीट्रिक टन के दर पर की थी।
इस बार 5 नए फर्मों ने निविदा में हिस्सा लिया। किसी भी पुराने फर्म ने टेंडर में हिस्सा नहीं लिया, जो अधिक दर पर पाठ्य पुस्तक निगम को कागज सप्लाई किया करते थे। यानी की इस साल कीमत बढ़ने की बजाय उसी मोटाई और उसी गुणवत्ता के कागज की कीमत घट गई।
अधिकारियों के मुताबिक पुराने सप्लायर्स इस बात का दबाव बना रहे थे कि वे बाजार के दर के आधार पर रेट कोड करें। लेकिन शिक्षा मंत्री के निर्देश और सख्ती के बाद उनकी एक न चली और पूरी प्रक्रिया में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीका अपनाया गया।
जिससे पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा की गई खरीदी में कुल 2 करोड़ रूपये बच गए।
दरअसल कांग्रेस कार्यकाल में पाठ्य पुस्तक निगम में बाजार से अधिक दर पर कागज की खरीदी की जाती थी जिसमे जमकर कमीशनखोरी की जाती थी। लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के शिक्षा मंत्री बनने के बाद उन्होंने भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को बंद करने के लिए नए प्रक्रिया अपनाने और मार्केट सर्वे के निर्देश दिए थे।
शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि, किताबों के कवर पेज के बाद अब पन्नों की खरीदी में इसी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा जिससे मार्केट सर्वे के बाद बाजार भाव के आधार पर न्यूनतम दर का निर्धारण किया जाएगा। जिससे निगम को लगभग 15 करोड़ रुपए की बचत होगी।
श्री अग्रवाल का कहना है कि यह पहल भ्रष्टाचार को खत्म करने और शिक्षा विभाग में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बचत शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस पैसे का इस्तेमाल शिक्षा के अन्य क्षेत्रों में जैसे स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार, और छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए किया जाएगा।
डोंगरगढ़ में भी रुकने लगी वंदेभारत एक्सप्रेस, सांसद ने दिखाई हरी झंडी
खैरागढ़। धर्म नगरी डोंगरगढ़ वासियों को आज रेलवे के क्षेत्र में एक और सौगात मिली है. बिलासपुर से नागपुर तक चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस आज से डोंगरगढ़ स्टेशन पर रुकने लगी है. राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय ने आज हरी झंडी दिखाकर ट्रेन नंबर 20826/20825 वंदेभारत एक्सप्रेस का डोंगरगढ़ स्टेशन में प्रायोगिक ठहराव शुरू किया.
रेलवे की ओर से आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के सांसद संतोष पांडे और विधायक हर्षिता स्वामी बघेल के साथ रेलवे की डीआरएम भी उपस्थित रहे. एक तरफ जहां वंदे भारत ट्रेन के डोंगरगढ़ पहुंचने पर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई और ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. वहीं दूसरी ओर डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने मण्डल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंप बदहाल रेल व्यवस्था की शिकायक की.
एक साल से बंद गोंदिया दुर्ग मेमो ट्रेन फिर चालू करने की मांग
डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने ज्ञापन में कहा कि डोंगरगढ़ लगभग सभी धर्मों का तीर्थ स्थल है और यहां एक महंगी ट्रेन चलाने की अपेक्षा भगत की कोठी, साईं नगर सुपर फ़ास्ट, संतरागाछी नादेड और राजधानी जैसी और ट्रेनों का स्टॉपेज देने से आम जानता को लाभ मिलेगा. वहीं डोंगरगढ़ शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले बुधवारी कालकापारा अंडरब्रिज को फिर से शुरू किया जाए, जिससे डोंगरगढ़ की आम जानता को लाभ मिले. विधायक हर्षिता बघेल ने पिछले एक साल से बंद गोंदिया दुर्ग मेमो ट्रेन नंबर 08724 को भी फिर से चालू करने की मांग की, जिससे क्षेत्र की आम जनता को लाभ मिल सके.
नई शिक्षा नीति से गुणवत्तापूर्ण शिक्षायुक्त मानव क्षमता होगी विकसित: शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर एक दिवसीय कार्याशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी के विशेष सहयोग से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला सफलतापूर्वक सम्पन्न होने जा रहा है, तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा कार्य करने की सुदृढ़ नींव स्थापित हो रही है। केन्द्रीय शासन एवं मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा घोषित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 छत्तीसगढ़ प्रदेश के उच्च शिक्षा में लागू करने की दृढ़ संकल्पित योजना के क्रियान्वयन की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू कर प्रदेश के युवाओं के स्वर्णिम भविष्य निर्माण होगा, जो प्रदेश शासन का लक्ष्य है। जहाँ नई शिक्षा नीति द्वारा युवाओं में कौशल विकास, शोध एवं नवाचार में विकास कर उन्हे स्वावलंबन बनाना हमारा संकल्प है। प्रदेश के ऑटोनामस महाविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विगत सत्रों से लागू किया जा चुका है। जिसके सफलतापूर्वक संचालन से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे है। आगामी सत्रों से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में चरणबद्ध योजनांतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। जिससे प्रदेश के उच्च शिक्षा में विकास करते हुए, उत्कृष्ट शिक्षा स्थापित किया जा सकेगा तथा प्रदेश के युवाओं का बेहतर भविष्य निर्मित किया जा सकेगा। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को राज्य में लागू करने के लिए 15 सदस्यीय स्पेशल टॉस्क फोर्स बनाने की सलाह दी।
शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू किये जाने से युवाओं में तार्किक क्षमता संवर्धन के साथ उनका सर्वांगीण विकास होगा। एनईपी में प्रावधानित एकाधिक प्रवेश एवं एकाधिक निकास की सुविधा से युवाओं को परिस्थिति एवं आवश्यकतानुसार उच्च शिक्षा प्राप्त करने का विकल्प मिलेगा। ग्रेड आधारित निरंतर मूल्यांकन जिसमें एक अहम हिस्सा आंतरिक मूल्यांकन के होने से विद्यार्थियों को अंतिम परीक्षा के तनाव से मुक्ति मिलेगी, जो सकल दर्ज अनुपात संवर्धन हेतु प्रभावशाली भी होगा। उच्च शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी के व्यापक विस्तार से प्रदेश के युवाओं की पहुंच वैश्विक स्तर तक की हो जाएगी। यह उच्च शिक्षित युवा पीढ़ी प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि उच्च शिक्षा, मानव और समाज कल्याण हेतु सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वर्तमान में भारत विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश है एवं सबसे अधिक युवा जनसंख्या भी भारत देश में ही है। भारत देश को युवाओं के आधार पर 21वीं सदी का विकसित देश बनाने के लिये उच्च शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सकल दर्ज अनुपात (जीईआर), गुणवत्तायुक्त शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, उच्च शिक्षा में अनुसंधान इत्यादि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जारी किया गया है, जिसको छत्तीसगढ़ राज्य में पूरी तरह लागू किया जाना हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 6 मार्च 2024 को रायपुर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें अन्य राज्यों के राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विशेषज्ञ तथा सीमांत राज्यों के अधिकारीगण, जिनके द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू किया गया है, उनके द्वारा अनुभव को साझा किया गया। इस कार्यशाला में स्वागत उद्बोधन उच्च शिक्षा विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना द्वारा दिया गया। गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल, महात्मा गांधी हार्टिकल्चर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आर.एस. कुरील, उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव मोनिका एस. गर्ग, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी एवं छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की संभावनाओं पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
इस महत्वकांक्षी एक दिवसीय कार्यशाला के आयोजन में राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के 21 कुलपति, 25 कुल सचिव एवं 8 स्वशासी एवं 33 अग्रणी एवं 08 स्वशासी महाविद्यालयों के प्राचार्यों सहित 50 से अधिक शिक्षविद् के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में उच्च शिक्षा आयुक्त शारदा वर्मा द्वारा समस्त अतिथियों एवं प्रतिभागियों को आभार ज्ञापित किया गया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के लिए इनफोर्समेंट एजेंसीज की ली बैठक
रायपुर। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने आगामी लोकसभा निर्वाचन के दौरान निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के लिए राज्य में कार्यरत सभी इनफोर्समेंट एजेंसीज की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में दिसम्बर-2023 में राज्य में संपन्न हुए विधानसभा आम निर्वाचन के दौरान निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण में इन एजेंसीज द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के लिए ईएसएमएस (Election Seizure Management System) एप और पोर्टल पर काम करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पी.एस. ध्रुव भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने बैठक में सभी इनफोर्समेंट एजेंसीज के अधिकारियों को राज्य में प्रलोभनरहित, निष्पक्ष, निर्बाध एवं भयरहित निर्वाचन के लिए आपसी समन्वय से सक्रियतापूर्वक काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एजेंसीज को आपस में बेहतर तालमेल, संवाद और सूचनाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित करते हुए निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण का कार्य प्रभावी तरीके से करने निर्देशित किया। उन्होंने लोकसभा निर्वाचन के लिए आदर्श आचार संहिता के दौरान नगदी, शराब, मादक पदार्थों, कीमती वस्तुओं और फ्रीबीज (Freebies) के परिवहन पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में की गई जब्ती और कार्रवाई की रिपोर्ट प्रतिदिन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय प्रेषित करने के निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती कंगाले ने राज्य में लोकसभा आम निर्वाचन के लिए आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के बाद सभी इनफोर्समेंट एजेंसीज को सतर्क और सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एजेंसीज को अपने टोल-फ्री नम्बर एक्टिव करने के साथ ही निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के लिए पर्याप्त मानव संसाधन तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने अंतर-राज्यीय सीमा पर स्थित परिवहन विभाग के सभी चेक-पोस्ट्स पर कैमरा लगाने निर्देशित किया। श्रीमती कंगाले ने निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के लिए इनफोर्समेंट एजेंसीज द्वारा गठित टीमों की कार्रवाई के दौरान नागरिकों की सुविधाओं का ध्यान रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसका भी ख्याल रखें। उन्होंने बैठक में विगत विधानसभा आम निर्वाचन के दौरान इनफोर्समेंट एजेंसीज द्वारा की गई जब्तियों की जिलेवार और एजेंसीवार समीक्षा की। उन्होंने सभी एजेंसीज को पिछले निर्वाचनों तथा विगत छह महीनों में हुई जब्तियों की समीक्षा और अध्ययन कर जिलों की सेंसिटीविटी निर्धारित करते हुए कार्ययोजना तैयार कर लोकसभा निर्वाचन के दौरान निर्वाचन व्यय का अनुवीक्षण करने के निर्देश दिए।
उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के प्रभारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बैठक में इनफोर्समेंट एजेंसीज के अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के लिए तैयार किए गए ईएसएमएस (Election Seizure Management System) एप और वेब पोर्टल पर काम करने का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने इनफोर्समेंट एजेंसीज द्वारा की गई जब्तियों और कार्रवाई की जानकारी एप और पोर्टल पर दर्ज करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। समीक्षा बैठक में पुलिस, आयकर, प्रवर्तन निदेशालय, आबकारी विभाग, परिवहन विभाग, वन विभाग, सीजीएसटी, डीआरआई, एनसीबी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आरपीएफ, भारतीय विमानन प्राधिकरण, राज्य विमानन विभाग, राज्य कर (एसजीएसटी), भारतीय डाक विभाग, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया और स्टेट लेवल बैंकिंग कमेटी के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल शक्ति वंदन कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। जिला मुख्यालय गांधी भवन बेसिक स्कूल बेमेतरा मैदान सहित सभी नगरीय निकायों में शक्ति वंदन अभियान कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा महिला समूहों से महिला सशक्तिकरण के सम्बन्ध में वर्चुअल संवाद किया गया। जिसका प्रसारण ज़िले के सभी नगर पंचायतों में प्रोजेक्टर के माध्यम से किया गया।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ग्राम पंचायत खंडसरा ब्लॉक नवागढ़ में महिला स्व सहायता समूह सशक्तिकरण संकल्प से शक्ति संगठन समृद्धि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को अपने हुनर को प्रदर्शित करने के लिए शक्ति वंदन कार्यक्रम के तहत एक मंच उपलब्ध कराया गया, जिसमें आप सब महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लिया। यह ख़ुशी की बात है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस योजना से महिलाओं के खाते में 1000 रुपये महीना और साल में 12000 रुपये की राशि आयेगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलायें, जनप्रतिनिधि सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
ग्रामीण स्वच्छता पर कॉर्पाेरेट का सामाजिक उत्तरदायित्व और उद्योग प्रतिनिधि एवं रिसाईक्लर्स विषय पर कार्यशाला संपन्न
रायपुर। राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) छत्तीसगढ़ एवं वाटरएड इंडिया, छत्तीसगढ़ द्वारा ’ग्रामीण स्वच्छता पर कॉर्पाेरेट का सामाजिक उत्तरदायित्व और उद्योग प्रतिनिधि एवं रिसाईक्लर्स’ विषय पर राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित की गई थी।
उद्योग प्रतिनिधियों को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं वर्तमान में चल रहे गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी गयी। कार्यशाला में प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारीक सिंह, मिशन संचालक पदमिनी भोई सहित वाटरएड इंडिया एवं उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कार्यशाला में बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निर्देशों के अनुसार 33 प्रतिशत सीएसआर निधियों का खर्च खुले में शौच मुक्त देश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। उद्योग प्रतिनिधियों को जागरूकता गतिविधियों में सहयोग करने, स्वच्छता प्रदर्शनी, स्वच्छता मेला, स्वच्छता पार्क निर्माण में सहयोग करने का सुझाव दिया गया।
कार्यशाला में स्वच्छता सामग्री के रूप में ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देना या स्थानीय संगठन के माध्यम से ग्रामीण आबादी के लिए स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने, आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण करने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रौद्योगिकी और संसाधनों के लिए सहायता प्रदान करना तथा स्वच्छता सुविधाओं और ठोस एवं तरल अपशिष्ट परिसंपत्तियों के रख-रखाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला में ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल गांव बनाने हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करने, सामुदायिक स्वच्छता संरचनाओं के लिए व्यवसाय मॉडल में सहयोग करना जैसे सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का रख-रखाव, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्र, तरल अपशिष्ट संरचनाएँ, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयाँ, गोबरधन परियोजनाएँ आदि के निर्माण में आवश्यक बजट एवं सहयोग प्रदान करने, फिकल स्लज मैनेजमेंट हेतु मल कीचड़ उपचार संयंत्रों एवं उसका रख-रखाव, तरल अपशिष्ट इकाइयों का रख-रखाव, प्लास्टिक अपशिष्ट इकाइयों का संचालन एवं परिवहन में सहयोग के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं से सीधे संवाद ’नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं से सीधे संवाद ’नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ कृषि मंत्री रामविचार नेताम वर्चुअली शामिल हुए। मंत्री श्री नेताम ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के गरीब, मजदूर, किसान सहित महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीब, मजदूर, किसान, युवा, महिला सहित सभी वर्गों के विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि देश की महिलाओं की आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण के लिए केंद्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार अनेेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। महिलाओं की समृद्धि के साथ ही उनके लिए रोजगार व स्वरोजगार पैदा करने के लिए हम संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज लाखों समूहों की महिलाओं से सीधे संवाद किया। यह ऐतिहासिक पल गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी गरीब महिलाओं को अलग-अलग समूहों के माध्यम से उनके तरक्की के लिए काम कर रही है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि देश के हर गरीब किसान, जवान, बहन, बेटी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना परिवार मान रहे हैं। यह गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी सबके साथ, सबका विकास, सबका प्रयास के थीम पर काम करते हुए देश का निरंतर विकास कर रहे हैं। इस अवसर पर विभिन्न समूहों की महिलाओं सहित लोकेश कावड़ियां, सुनील कुकरेजा, सीमा साहू और संतोष साहू उपस्थित थे।
सशक्त नारी समागम कार्यक्रम में 184 महिलाओं का हुआ सम्मान, विभिन्न योजना के हितग्राहियों को सामग्री वितरण
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बुधवार को यहां दशहरा मैदान बलौदाबाजार में आयोजित सशक्त नारी समागम कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 184 महिलाओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जिसमे स्वास्थ्य विभाग से 10, शिक्षा विभाग से 17, महिला एवं बाल विकास विभाग से 21, समाज सेवा क्षेत्र से 7, सशक्त नारी 7, स्वच्छ भारत मिशन से 22 तथा करीब 100 खिलाड़ी शामिल हैं। इसके साथ ही विभिन्न योजना के हितग्राहियों को सामग्री वितरण एवं राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत 6 लोगों को 4-4 लाख रुपये के मान से 24 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि की आसंदी से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार जो कहती है, वह करती है। जिसके फलस्वरूप सबका भरोसा हम पर कायम है। महिला सशक्तिकरण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में है जिसे ध्यान में रख कर लगातार महिलाओं को मजबूत करने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी का मतलब गारंटी पूरा होने की गारंटी है। प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक भारत को विकसित बनने के विजन को साकार करने के लिए हम सबको मोदी जी का साथ देना होगा। उन्होंने कहा कि अब गांव-गांव में महतारी सदन बनेगा जिसमें समूह की महिलाएं बैठक या अन्य कार्यक्रम आसानी से कर सकेंगी। पहले चरण में बलौदाबाजार के 40 गांव में महतारी सदन का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जल्द ही जिला खेल के क्षेत्र में बहुत आगे बढ़ेगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन मे कहा कि नारी कैसे आगे बढ़े इसके लिए महिला समूहों का गठन किया गया है। अब महिलाएं केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन खाता के माध्यम से महिलाओं को बैंक से लेनदेन शुरू करने की पहल की है। अब महिलाएं बेहिचक बैंक जा रही हैं। घर-घर शौचालय निर्माण कराकर महिला सम्मान बढ़ाने का काम किये हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कम दाम में गैस सिलेंडर देने की बात को भी हमारी सरकार बहुत जल्द अमलीजामा पहनाएगी। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना की राशि की पहली किश्त अगले कुछ दिनों में महिलाओं के खाते में अंतरित कर दी जाएगी। हर माह एक हजार रुपया मिलेगा। जिससे दैनिक खर्च के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण कार्य में लगा पाएंगी। हमारी सरकार बहुत तेजी से घोषणाओं को पूरा कर रही है। अब छत्तीसगढ़ में विकास की गंगा बहने वाली है। कार्यक्रम को पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े, नगर पालिका अध्यक्ष चित्तावर जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुमन योगेश वर्मा ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर कलेक्टर के.एल. चौहान, सीईओ जिला पंचायत नम्रता जैन, जनपद उपाध्यक्ष ईशान वैष्णव, विजय केशरवानी, अशोक जैन, टेसू लाल धुरंधर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समूह की महिलाएं उपस्थित थी।

राजधानी रायपुर में 09 मार्च को किसानों का महाकुंभ, केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह होंगे शामिल, कृषि मंत्री श्री नेताम ने साइंस कॉलेज मैदान में तैयारियों का लिया जायजा
रायपुर। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने 09 मार्च को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किसानों का महाकुंभ (किसान प्रशिक्षण सह-सम्मेलन) कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कृषि मंत्री श्री नेताम ने इस मौके पर चर्चा में कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। किसानों के विकास के लिए संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गारंटियों को पूरा कर गरीबों, महिलाओं और किसानों को सशक्त और समृद्ध बनाने के दिशा में निरंतर कार्य रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 09 मार्च को प्रदेश स्तरीय किसान प्रशिक्षण सह-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसे किसान महाकुंभ का नाम दिया गया है। इस कार्यक्रम में देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि कार्यक्रम के लिए जोरशोर से तैयारियां चल रही है। कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए है। मंत्री श्री नेताम ने निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण सह-सम्मेलन में आने वाले किसानों के लिए बैठक व्यवस्था, गाड़ियों के लिए पार्किंग व्यवस्था के साथ-साथ बिजली, पानी, भोजन आदि की व्यवस्था को दुरूस्त करने के निर्देश दिए है। इस मौके पर वन मंत्री केदार कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
‘कांग्रेस डरी हुई है’: शहर सरकार गिराने BJP लाई अविश्वास प्रस्ताव, अब डेट बदलने को लेकर मचा बवाल…
जगदलपुर। नगर निगम में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीति लगातार गरमाती जा रही है. भारतीय जनता पार्टी के पार्षद दल ने नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है. प्रशासन की ओर से अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 11 मार्च की तारीख तय की गई थी. इसके साथ ही नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक भी इसी दिन रख दी गई. अब सामान्य सभा की तारीख निगम के द्वारा बदली जा रही है. जिसका विरोध के भाजपा पार्षदों द्वारा किया जा रहा है. भाजपा के पार्षदों ने नगर निगम के सामने प्रदर्शन कर तारीख बदलने का विरोध किया.
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे ने आरोप लगाया है कि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस पार्टी डरी हुई है. भारतीय जनता पार्टी महापौर के खिलाफ भी पूर्व में कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई थी. अविश्वास प्रस्ताव के दिन कांग्रेस के पार्षद बहुमत साबित करने पहुंचे ही नहीं.
आगे उन्होंने कहा, इसी तरह का पत्र एक बार फिर कांग्रेस पार्टी आजमाना चाह रही है. महापौर और अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने से पहले ही शहर में विकास के कार्य थम गए हैं. महापौर और अध्यक्ष के द्वारा सामान्य सभा की बैठकें भी नहीं बुलाई जा रही है.
छत्तीसगढ़ सरकार ने CGPSC भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच CBI को सौंपी, अधिसूचना जारी
रायपुर। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सिविल सेवा भर्ती परीक्षा में हुए घोटाले की जांच सीबीआइ (CBI) को सौंप दी है। इस संबंध में सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। सीजीपीएससी भर्ती में उपजे विवादों के बाद भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र में इसकी विस्तृत जांच का उल्लेख किया था।
बतादें कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2021-22 की भर्ती परीक्षा विवादों में रही। सीजीपीएससी की भर्ती में भाई-भतीजेवाद के साथ ही कांग्रेस के नजदीकी लोगों के चयन पर कई सवाल उठाएं गए थे। इसे लेकर एसीबी और बालोद के अर्जुंदा थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई थी।
सीजीपीएसी भर्ती घोटाले में छत्तीसगढ़ में दो एफआइआर दर्ज
बतादें कि सीजीपीएसी भर्ती परीक्षा में हुए घोटाले को लेकर छत्तीसगढ़ में दो एफआइआर दर्ज है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप में पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ एक और एफआइआर हुई है।
बालोद जिले के अर्जुंदा थाने में अपराध दर्ज किया गया है। इसके बाद से आरोपित फरार बताए जा रहे हैं। पीएससी की परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर शासन के निर्देश पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने भी केस दर्ज किया है।
टाप-15 नामों में भाई-भतीजावाद का आरोप
आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2021 के अंतर्गत 170 पदों की चयन सूची 11 मई 2023 को जारी की थी। इसमें टाप-15 नामों में भाई-भतीजावाद का आरोप लगा। 17 मई को भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर पीएससी मामले की जांच कराने की मांग की थी।
पूर्व मंत्री कंवर पहुंचे हाई कोर्ट तो 18 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर लगी थी रोक
भाजपा नेता व पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने इस मामले में हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें राजभवन के सचिव अमृत खलको के पुत्र-पुत्री के डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन को लेकर प्रश्न खड़े किए गए थे। उन्होंने पीएससी अध्यक्ष सोनवानी व कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के रिश्तेदारों के भी चयन पर प्रश्न खड़ा करते आरोप लगाया है कि पीएससी में जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों ने न सिर्फ रेवड़ियों की तरह नौकरियां नहीं बांटी, बल्कि इसकी आड़ में करोड़ों का भ्रष्टाचार किया गया। कोर्ट ने भी 18 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक लगाते हुए शासन को जांच करने कहा था।
सी. आई. आई. के वार्षिक सम्मेलन में शामिल हुए उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन
रायपुर। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा है कि प्रदेश में नई औद्योगिक नीति बनाई जाएगी। जिससे प्रेदश में नवीन उद्योग धंधा स्थापित हो और यहां के निवासियों को आजीविका के लिए काम मिल सके। उद्योग मंत्री श्री देवांगन आज जोरा स्थित एक निजी होटल में आयोजित कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इण्डस्ट्री (सी.आई.आई.) छत्तीसगढ़ की वार्षिक बैठक में शामिल हुए। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योग स्थापित होने से यहां के लोगों का नियोजन होगा। राज्य सरकार आगामी 5 वर्ष के लिए ऐसी औद्योगिक नीति (वर्ष 2024-2029) बनाएगी जिससे प्रदेश में उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों का भी ध्यान रखा जाएगा। देश के प्रधानमंत्री भी चाहते है कि युवाओं को अधिक से अधिक काम मिले जिससे उनके जीवन स्तर में बदलाव आ सके। सी.आई.आई के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल एवं उपाध्यक्ष आशिष श्राफ ने उद्योग मंत्री का इस सम्मेलन में पधारने पर उनके प्रति आभार प्रकट किया।

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने विभागीय काम-काज की समीक्षा की
रायपुर। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा है कि प्रदेश के शत्-प्रतिशत श्रमिकों को शासन की योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। श्रमिकों के हित को प्राथमिकता में लेते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। जिससे श्रमिकों के जीवन स्तर में बेहतर सुधार हो सके। उक्त बातें श्रम मंत्री श्री देवांगन ने विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक में कही। बैठक नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सभाकक्ष में आयोजित थी। बैठक में श्रमायुक्त एवं सहसचिव अलरमेल मंगई डी, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की सचिव सविता मिश्रा, अपर श्रम आयुक्त एस. एल जांगड़े सहित जिलों से आए श्रम विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
श्रम मंत्री श्री देवांगन ने बैठक में लंबित मामलों का 15 दिवस के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश के कुछ जिलों में श्रमिकों के पंजीयन फार्म को निरस्त कर दिया गया है। श्रमिको से अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर पंजीयन की प्रक्रिया शीघ्र ही पूरी कर ली जावे। अधिकारीगण यह सुनिश्चित करें कि हितग्राही को शासन की योजना का लाभ मिले। दस्तावेज की कमी को आधार बनाते हुए हितग्राही को वापस न लौटाया जाए। श्रमिक बहुल क्षेत्रों में मोबाईल कैम्प लगाकर मजदूरों का पंजीयन करने की प्रक्रिया पूर्ण करें। मजदूर बिना पंजीयन के किसी भी साईट में काम ना करें। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि 15 दिवस के भीतर जिलेवार योजना की समीक्षा की जाए और यदि इसके बाद ही योजना के क्रियान्वयन में प्रगति नहीं आई तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि श्रमिकों के लिए किफायती दर पर शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है। अधिकारी अन्नपूर्णा दाल-भात केन्द्रों का निरीक्षण करें और वहां जाकर स्वयं भोजन कर इसकी गुणवत्ता को भी परखें।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 22 स्थानों पर दाल-भात केन्द्र संचालित किये जा रहे हैं। इसके अलावा और अन्य 22 स्थानों पर दाल-भात केन्द्र शुरू करने के लिए एमओयू किया गया है। मंत्री ने बैठक के दौरान महतारी जतन योजना, नोनी बाबू छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी पात्र श्रमिक परिवारों को इसका लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव ने राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाइन निवास में शिफ्ट होने के पूर्व की पूजा अर्चना
रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित अपने निवास में शिफ्ट होने के पूर्व सपरिवार विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूजा उपरांत वरिष्ठ स्वजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय सहित परिवारजन मौजूद रहे।
