प्रदेश
DMF घोटाले को लेकर विष्णुदेव सरकार का बयान
रायपुर। DMF घोटाले पर भी विष्णुदेव सरकार ने बयान जारी किया है। और बताया कि प्रवर्तन निदेशालय क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के प्रतिवेदन रिपोर्ट पत्र के आधार पर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में अपराध क्रमांक-02 / 2024 धारा 120बी, 420 भा. द. वि. एवं धारा – 7 तथा धारा-12 भ्र. निवा. अधि. के तहत् पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है ।
प्रवर्तन निदेशालय के रिपोर्ट पर यह पाया गया कि डी. एम. एफ. कोरबा के फंड से विभिन्न निविदाओं के आंबटन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गयी है तथा गलत ढंग से निविदाओं को निर्धारण कर निविदाकर्ताओं को अवैध लाभ पहुंचाया गया है, जिसके कारण शासन को आर्थिक हानि कारित हुई है। प्रतिवेदन में यह भी पाया गया कि कुल निविदा राशि में लगभग 40 प्रतिशत की राशि लोकसेवक अधिकारीगणों को इस एवज में प्रदान किया गया तथा निजी कम्पनी के द्वारा निविदाओं पर 15 से 20 प्रतिशत अलग-अलग दरों से कमीशन प्राप्त किया गया है।
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में डी. एम. एफ. में काफी अधिक मात्रा में वित्तीय अनियमितता की गई है तथा शासन को हानि कारित की गई है। प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि रानू साहू एवं अन्य लोकसेवकों के द्वारा लोकसेवक के रूप में पदस्थ होते हुए अपने – अपने पद का दुरूपयोग कर विभिन्न निविदाकर्ता संजय शेण्डे, अशोक कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, रिषभ सोनी एवं बिचौलिएं मनोज कुमार द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पियूष साहू, अब्दुल एवं शेखर के साथ मिलकर डी.एम. एफ. में विभिन्न प्रकार की निविदाओं के आबंटन में, बिल को पास कराने के लिए, किसी वस्तु के वास्तविक मूल्य से अधिक मूल्य के बिल प्राप्त किये गये थें तथा उनका भुगतान कराने में एवं इत्यादि में आपस में मिलकर आपराधिक षड़यंत्र कर निविदाकर्ताओं संजय शेण्डे, अशोक कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, रिषभ सोनी एवं बिचौलिए मनोज कुमार द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पियूष साहू, अब्दुल एवं शेखर को अवैध लाभ कारित करते हुए शासन को अवैध हानि कारित की गई जो प्रथम दृष्टया अपराध धारा 120 बी, 420 भा.द.वि. एवं धारा 7 एवं 12 भ्र.नि. अधि के तहत अपराध कारित किया जाना पाया जाता है।
कस्टम मिलिंग में हुआ भारी भ्रष्टाचार, साय सरकार ने जारी किया बयान
रायपुर। कस्टम मिलिंग में भारी भ्रष्टाचार हुआ है. विष्णुदेव सरकार ने बयान जारी कर यह जानकारी दी है. सरकार ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के प्रतिवेदन रिपोर्ट पत्र के आधार पर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में अपराध क्रमांक 01 / 2024 धारा 120बी, 409 मा. द.वि. एवं धारा 13(1) (क) सहपठित धारा 13 (2) एवं धारा-11 . निवा. अधि के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रवर्तन निदेशालय रिपोर्ट पर यह पाया गया कि विभिन्न राईस मिलर्स के द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम एवं एफसीआई में जो कस्टम मिलिंग का चावल जमा किया जाता है। इस प्रक्रिया में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार कर प्रति क्विंटल के हिसाब से अवैध राशि की वसूली की गई एवं अपने पद का दुरूपयोग करते हुये विभिन्न शासकीय अधिकारियों द्वारा राईस मिलर्स के साथ मिलीभगत कर असम्यक लाभ प्राप्त कर शासन को आर्थिक क्षति कारित की गई।
प्रीतिका पूजा को मनोज सोनी, प्रबंध संचालक मार्कफेड के मारफत रोशन चन्द्राकर के द्वारा निर्देश था कि उन्हीं राईस मिलर्स के बिल का भुगतान किया जाना है। जिनकी वसूली की राशि रोशन चन्द्राकर को प्राप्त हुई है । किन राईस मिलर्स को भुगतान किया जाना है इसकी जानकारी संबंधित जिले के राईस मिलर्स एसोसिएशन के द्वारा मनोज सोनी के माध्यम से प्राप्त होती थी। आयकर विभाग के द्वारा की गई तलाशी की कार्यवाही से लगभग 1.06 करोड़ रूपये की कैश राशि प्राप्त हुई है जिसका कोई लेखा-जोखा नहीं है तथा बहुत सारे आपत्तिजनक दस्तावेज एवं डिजिटल डिवाईस प्राप्त हुए है। लगभन 140 करोड़ रूपये की अवैध वसूली राईस मिलर्स से किया जाना पाया गया है।
राईस मिलर्स के द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम एवं एफ.सी.आई. में जो कस्टम मिलिंग का चावल जमा किया जाता है में व्यापक पैमाने में भ्रष्टाचार कर प्रति क्विंटल के हिसाब से अवैध राशि की वसूली मार्कफेड के तत्कालीन प्रबंध संचालक मनोज सोनी एवं तत्कालीन डिस्ट्रीक्ट मार्केटिंग ऑफिसर कु. प्रीतिका पूजा केरकेट्टा कोरबा के द्वारा लोकसेवक के रूप में पदस्थ होते हुए अपने-अपने पद का दुरूपयोग कर, छत्तीसगढ़ स्टेट राईस मिलर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट कैलाश रुंगटा, वाईस प्रेसीडेंट पारसमल चोपडा एवं कोषाध्यक्ष रोशन चन्द्राकर के साथ आपराधिक षडयंत्र कर की गई है, जो प्रथम दृष्टया अपराध धारा 120 बी, 409 भा.द.वि. एवं धारा 13 (1) (क) सहपठित धारा 13 ( 2 ) एवं 11. अ.नि. अधि. के तहत अपराध कारित किया जाना पाया जाता है।
देश के प्रधानमंत्री को आपकी चिंता, क्योंकि आप देश का भविष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्कूली बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ परीक्षा को उत्सव की तरह मनाने एवं विद्यार्थियों में तत्संबधी तनाव दूर करने के लिए सीधा संवाद किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बच्चों से सीधा संवाद कर उन्हें परीक्षा को एक उत्सव की तरह मनाने तनावमुक्त एवं उत्साह के साथ दिलाने के टिप्स दिए। परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के सुकमा की छात्रा उमेश्वरी को अपने पास बिठाया। कांकेर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र शेख कैफुर रहमान ने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए पूछा - परीक्षा के दौरान अधिकांश छात्र घबराहट महसूस करते हैं, जैसा कि प्रश्नों को सही ढंग से न पढ़ना आदि। मेरा आपसे प्रश्न है कि इन गलतियों से कैसे बचा जाए कृपया अपना मार्गदर्शन दें ? जिस पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उत्तर दिया कि धैर्य रखकर अतिउत्साह में न आना और परीक्षा को एक उत्सव की तरह देखना बहुत जरूरी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल , विधायक पुरन्दर मिश्रा, अनुज शर्मा, गुरु खुशवंत साहेब राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित परीक्षा पे चर्चा के सीधे प्रसारण कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में उपस्थित स्कूली बच्चों एवं अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अभी हम सभी ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रेरक उद्बोधन सुना। इस उद्बोधन से निश्चित रूप से आपके भीतर नयी ऊर्जा का संचार हुआ होगा। आपका आत्मविश्वास और अधिक मजबूत हुआ होगा। आप सभी कितने सौभाग्यशाली हैं कि जब आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तब आपको न सिर्फ आपके शिक्षकों, माता-पिता और मित्रों का साथ मिल रहा है, बल्कि देश के प्रधानमंत्री भी आपके साथ खड़े हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हर साल परीक्षा से पहले विद्यार्थियों से चर्चा कर उन्हें सफल परीक्षार्थी बनने का गुर बताते हैं। यह भी बताते हैं कि परीक्षा की तैयारी के दौरान आप स्वयं को तनाव से किस तरह दूर रख सकते हैं। हर साल आयोजित होने वाला उनका यह कार्यक्रम, परीक्षा पे चर्चा, बहुत लोकप्रिय कार्यक्रम है। आज का यह कार्यक्रम इस तरह का सातवां कार्यक्रम था। देश के प्रधानमंत्री को आप लोगों की चिंता है, क्योंकि आप देश का भविष्य हैं। प्रधानमंत्री जी का आप लोगों के लिए यही संदेश है कि परीक्षा एक उत्सव है। इसकी तैयारी उत्सव की तरह करें, उत्साह के साथ और पूरी ऊर्जा के साथ करें। सकारात्मकता और मेहनत विद्यार्थियों के लिए सफलता की कुंजी है। आपको हर चुनौतियों पर विजय पाते हुए अपनी सकारात्मकता को बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि पाठ्यक्रम की तैयारी तभी ठीक तरह से हो पाती है, जब आप अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए ठीक तरह से तैयारी करते हैं। अध्ययन और सेहत के बीच जितना अच्छा संतुलन आप बनाए रखेंगे, आपकी सफलता की गारंटी उतनी ही अधिक होगी। प्रधानमंत्री जी ने आपको सफलता के बहुत सारे टिप्स बता दिए हैं। मैं केवल इतना कहूंगा कि परीक्षा के दौरान अपना खानपान ठीक रखें, नियमित व्यायाम करें, नियमित योग और ध्यान करें। जीवन में कदम-कदम पर परीक्षाएं होती हैं। स्कूली परीक्षाओं में सफलता के बाद जीवन की पाठशाला की परीक्षाएं शुरू हो जाती हैं। उन परीक्षाओं में भी सफलता के लिए यही टिप्स काम आते हैं। हमारे प्रधानमंत्री देश में शिक्षा व्यवस्था और नीति में बदलाव के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। उन्हीं की नीतियों का अनुसरण करते हुए हम भी छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था और नीति में बदलाव की तैयारी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बच्चों को आगामी परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम अपने प्रदेश में शिक्षा का नया वातावरण तैयार करेंगे। इस नये वातावरण में प्रतिस्पर्धा के बजाए सहयोग और प्रोत्साहन का महत्व होगा। परीक्षा अध्ययन-अध्यापन की एक प्रक्रिया है। सफलता-असफलता से परे, हम इसके सहभागी बनें, आनंद के साथ इसमें शामिल हों, अपना सर्वोत्तम देने का प्रयास करें। मैं सभी शिक्षकों और पालकों से भी कहना चाहता हूं कि हमें अपनी इच्छाओं और आकांक्षाओं का बोझ बच्चों पर नहीं डालना चाहिए। उन्हें अपना सर्वोत्तम देने में सहयोग करना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया ।
स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। श्री अग्रवाल ने कहा कि हम सभी को लक्ष्य पर केंद्रित रहकर तैयारियां करनी है। हमारा लक्ष्य केंद्रित रहना चाहिए । प्रधानमंत्री ने आप सभी को बताया कि कैसे तनाव रहित होकर परीक्षा की तैयारी करना है ।
‘परीक्षा पे चर्चा‘ कार्यक्रम का लाईव प्रसारण सभी न्यूज चैनलों के साथ डीडी न्यूज, डीडी नेशनल, डीडी इंडिया, एफएम रेडियो, फेसबुक लाईव, यूट्यूब चैनल और MyGov.in पोर्टल की वेबसाईट के माध्यम से लाईव देखा गया। छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावकों ने इसमें बढ़-चढ़कर सहभागिता की। राज्य से गत वर्ष 2023 में 62 हजार 077 विद्यार्थियों ने विभिन्न मुद्दों पर अपने आलेख भेजे और 12 हजार 355 शिक्षकों ने अपने आलेख भेजकर उपस्थिति दर्ज की एवं 2 हजार 876 पालक सहित 77 हजार 308 लोगों ने सहभागिता की थी। इस वर्ष कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों को भाग लेने का अवसर दिया गया है। भारत सरकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 जनवरी 2024 तक 1 लाख 56 हजार 459 विद्यार्थियों, 21 हजार 607 शिक्षकों और 5 हजार 963 अभिभावकों ने पंजीयन कराया था। राज्य से एक शिक्षक और 2 विद्यार्थियों ने चर्चा में भाग लिया। परीक्षा पे चर्चा का प्रारंभ वर्ष 2018 में सिर्फ 22 हजार लोगों ने सहभागिता की थी, जो छह वर्षों में 102 गुनी बढ़कर इस वर्ष 2 करोड़ 26 लाख से ज्यादा रही।

उल्लेखनीय है कि आज दिल्ली में हुई परीक्षा में चर्चा कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ से तोंगपाल के स्वामी आत्मानंद स्कूल की शिक्षिका अनिता पहारे और कोटा आत्मानंद स्कूल के छात्र शिवम बंसल भी शामिल हुए।

राज्यपाल हरिचंदन ने की राष्ट्रपति से सौजन्य मुलाकात
रायपुर/दिल्ली। राज्यपाल हरिचंदन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। बता दें कि राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन नई दिल्ली प्रवास पर है। राजभवन में विज्ञप्ति जारी कर बताया कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य मुलाकात की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की सुकमा की छात्रा उमेश्वरी से चर्चा
रायपुर। ‘परीक्षा पे चर्चा’ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पास में छत्तीसगढ़ के सुकमा की छात्रा उमेश्वरी को बैठाया। स्टूडेंट्स से पीएम मोदी ने कहा, हमें किसी भी प्रेशर को झेलने के लिए खुद को सामर्थ्यवान बनाना चाहिए। दबाव को हमें अपने मन की स्थिति से जीतना जरूरी है। किसी भी प्रकार की बात हो, हमें परिवार में भी चर्चा करनी चाहिए। बच्चों के तनाव को कम करने में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। इसलिए शिक्षक और छात्रों के बीच हमेशा सकारात्मक रिश्ता रहना चाहिए। शिक्षक का काम सिर्फ जॉब करना नहीं, बल्कि जिंदगी को संवारना है, जिंदगी को सामर्थ्य देना है, यही परिवर्तन लाता है।
परीक्षा के तनाव को विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे परिवार और टीचर को मिलकर एड्रेस करना चाहिए। अगर जीवन में चुनौती और स्पर्धा ना हो, तो जीवन प्रेरणाहीन और चेतनाहीन बन जाएगा। इसलिए कॉम्पिटिशन तो होना ही चाहिए, लेकिन हेल्दी कॉम्पिटिशन होना चाहिए। जैसे मोबाइल को कार्य करने के लिए चार्जिंग की आवश्यकता होती है, उसी तरह बॉडी को भी रिचार्ज रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि स्वस्थ मन के लिए शरीर को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए प्रॉपर नींद लेना भी बहुत आवश्यक है।
वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री ने किया पांच दिवसीय राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता का किया उद्घाटन
रायपुर। 67वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2023-24 का कल कोरबा स्थित सीएसईबी फुटबॉल खेल मैदान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और आकर्षक मार्चपास्ट के साथ शुभारंभ हो गया। मुख्य अतिथि वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने पाँच दिवसीय आयोजन का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल जीवन का वह हिस्सा है जिससे शारीरिक और मानसिक विकास के साथ सफलता की राह में आगे बढ़ते हुए एक मुकाम हासिल की जा सकती है।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि स्कूल में पढ़ाई के साथ खेलकूद में शामिल होकर और अच्छे खेल का प्रदर्शन कर अपना नाम रोशन किया जा सकता है। उन्होंने सभी को संकल्प दिलाते हुए खेल को खेल भावना से खेलने और हारने पर निराश न होते हुए आगे बढ़ने और परिश्रम कर पुनः अच्छे प्रदर्शन से सफलता अर्जित करने की बात कही। प्रतियोगिता में 12 राज्यों और दो इकाईयों के बेसबॉल खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
मंत्री श्री देवांगन ने राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि कोरबा जिले में राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होना बहुत ही गौरव की बात है। यह एक ऐसा माध्यम है जहाँ खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को दिखाने के साथ-साथ आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलता है। इस तरह के आयोजन से खिलाड़ियों को अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और भाषा-बोलियां सीखने समझने का भी मौका मिलता है।
कार्यक्रम में कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि छात्र जीवन में खेल और पढ़ाई का विशेष महत्व होता है। इस आयोजन में अन्य राज्यों के खिलाड़ी भी शामिल है, यहाँ खिलाड़ियों को अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और भाषा से परिचय होगा। स्वागत भाषण जिला शिक्षा अधिकारी जी.पी. भारद्वाज ने दिया। कार्यक्रम में कोरबा जिले की अंतरराष्ट्रीय बेसबॉल खिलाड़ी नेहा जायसवाल को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु के खिलाड़ी
प्रतियोगिता में बेसबॉल बालक-बालिका 14 एवं 19 वर्ष के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, चंडीगढ़, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, सहित विद्याभारती और सीबीएसई और मेजबान छत्तीसगढ़ की टीम शामिल हो रही हैं। आज उदघाटन अवसर पर सभी टीमों ने आकर्षक मार्चपास्ट निकाली। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति भी दी गई।

राजस्व मंत्री ने सुहेला में तहसील कार्यालय का भूमिपूजन एवं विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया
रायपुर। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने रविवार को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सुहेला में करीब 63 लाख की लागत से बनने वाले तहसील कार्यालय भवन का भूमिपूजन तथा विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही सुहेला के तिगड्डा चौक में भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण भी किया।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि तहसील कार्यालय भवन का आज भूमिपूजन किया गया है, जिसका निर्माण तय समय मे पूरा होगा। हमारी सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम सब मिलकर क्षेत्र के विकास में नया अध्याय लिखेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे सुहेला विकास का केंद्र बनेगा। कई नए शासकीय कार्यालय खुलेंगे। इसके लिए शासकीय जमीनों को बचाकर रखना होगा। अतिक्रमण बिल्कुल भी नही होने देना है। अवैध शराब के बिक्री और परिवहन में सख्ती से कार्यवाही होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश वर्मा ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। क्षेत्र के विकास के लिए सबको आगे आना होगा। सुहेला का विकास होगा तो इसके आस-पास के गांवों का भी विकास होगा। इसलिए हम सबको इसके लिए मिलकर प्रयास करना है।
इन कार्यों हुआ लोकर्पण
राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें स्वास्थ्य केंद्र में 10 बिस्तरीय वार्ड का निर्माण, साहू सामुदायिक रंगमंच का निर्माण, तिगड्डा चौक में व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स, खल्लारी मंदिर परिसर में शेड निर्माण, शासकीय प्राथमिक शाला सुहेला का जीर्णाेद्धार कार्य, तिगड्डा चौक में सामुदायिक शौचालय निर्माण, डिजिटल एक्सरे कक्ष निर्माण, स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय में रंगमंच निर्माण, दुर्गाेत्सव मैदान में रंगमंच निर्माण, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सुहेला में खाद गोदाम एवं अहाता निर्माण शामिल है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य आदिति बघमार,जनपद सदस्य सरोजिनी बघमार, सरपंच सविता संतोष वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी तथा बडी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

शिक्षा से ही समाज और देश की उन्नति संभव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल शाम राजधानी रायपुर के समता कॉलोनी स्थित महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज में आयोजित मैक कार्निवल वार्षिकोत्सव 2023-24 थीम "संस्कार" में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की प्राचीनकाल से ही शिक्षा के क्षेत्र में विश्वगुरु के रूप में विशिष्ट पहचान रही है। यहां पर तक्षशिला, नालंदा जैसे विश्वविद्यालय मौजूद थे, जहां दुनिया भर से लोग ज्ञान प्राप्त करने आते थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। किसी भी देश और व्यक्ति का विकास शिक्षा के बिना नहीं हो सकता है। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज हम मोदी की गारंटी को तेजी से लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश आज योग, आध्यात्म और आयुर्वेद के क्षेत्र में अग्रणी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज के ट्रस्टियों से इस तरह के संस्थान बस्तर, जशपुर जैसे आदिवासी क्षेत्रों में भी खोलने का आग्रह किया, ताकि इसका लाभ दूर-दराज अंचल के युवाओं को भी मिल सके।
इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उच्च शिक्षा में बच्चे अपना भविष्य बनाने आते है। शिक्षा के साथ संस्कार भी हो तो वह देश का एक अच्छा नागरिक बन सकता है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों का मन, बुद्धि, शरीर और आत्मा का विकास होना चहिए । वह जिस भी क्षेत्र में जाना चाहता है अगर वहां पूरी तन्मयता के साथ लग जाय तो उसे उसकी मंजिल मिल ही जाती है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉलेज की तरफ से प्रतिभावान छात्र-छात्राओं सहित कर्मचारियों एवं शिक्षकों को भी सम्मानित किया । इसके साथ ही उन्होंने कॉलेज के ट्रस्टी महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज के चेयरमैन राजेश अग्रवाल, चत्रुभूज अग्रवाल, जगदीश प्रसाद अग्रवाल, सुरेश गोयल, विरेंद्र अग्रवाल, नवल किशोर अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, आत्मबोध अग्रवाल, अनिल अग्रवाल सहित अन्य ट्रस्टी को सम्मानित किया। कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक, छात्र-छात्राओं सहित अन्य स्टाफ मौजूद थे।

राज्य स्तरीय कराटे के चैम्पियन खिलाड़ियों ने की शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात
रायपुर। राजनांदगांव में आयोजित राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में रायपुर शहर के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ढेरों मेडल अपने नाम किए। मेडल जीतने वाले इन कराटे खिलाड़ियों ने आज अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नीता डुमरे एवं अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी हर्षा साहू के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से मुलाक़ात की। इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने सभी विजेता खिलाड़ियों क्रमशः अंशिका देवांगन, प्रतिमा कुमार, ऋतु भोई, अनुज छेदिया, आर्यन पांडेय, कुशल मिश्रा, विवेक साहू,आर्यन पांडेय,गौरक्षनाथ योगी, समर प्रताप यदु,महत्त्वनाथ योगी,वीरेंद्र गुप्ता,रिहान भन्नेत,हर्षवर्धन साहू ,मोहीतराम देवांगन,सौरभ दूबे,लक्ष्मीनारायण साहू,महावीर सोना,धीरज को जीत की बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।इस दौरान खिलाड़ियो के साथ कोच अनिस मनिहार, अब्दुल रहीम ख़ान, अशोक हियाल पप्पू साहू भी मौजूद थे।
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा आरक्षक एवं परिजनों से मिलने पहुंचे उनके निवास पुलिस हाउसिंग कॉलोनी, अमलीडीह
रायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा आज यहां आरक्षक नरेश मरकाम एवं उनके परिजनों से मिलने उनके निवास पुलिस हाउसिंग कॉलोनी अमलीडीह रायपुर पहुंचे। वहां उन्होंने उनके परिवारजनों के साथ मुलाकात कर उनका हाल-चाल पूछा एवं उनके साथ चाय भी पी। आरक्षक परिवार अपने घर में गृहमंत्री को देखकर गदगद हो गये। आरक्षक श्री नरेश ने बताया कि आज वीआईपी सुरक्षा के लिए उनकी ड्यूटी लगायी गई थी। अचानक उन्हें कन्ट्रोल रूम से जानकारी मिली कि गृह मंत्री उनके निवास आने वाले है। पूरी कॉलोनी में खुशी का माहौल बन गया। गृह मंत्री शॉल, श्रीफल, मिठाई और फल लेकर पहुंचे और उनके परिजनों को भेंट की। आरक्षक नरेश मोहला-मानपुर जिले के ढुढिटोला गांव के निवासी है तथा वर्तमान में पुरानी बस्ती थाना में दो साल से पदस्थ है।
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मैं इस कॉलोनी में एक आरक्षक परिवार से मिलने आया था पर, यहां मेरी बहुत से पुलिस परिवारों से भेंट-मुलाकात हुई। मुझे यहां पुलिस परिवारों से मिलकर अपनेपन का एहसास हो रहा है। आज मैं यहां पुलिस कर्मचारियों एवं उनके परिजनों से मिलने आया हूं, उसकी समस्याओं को जानने आया हूं, जो हमें सुरक्षा प्रदान करते हैं, उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं है, ये जानने आया हूं। समाज में व्याप्त नशा एवं शराब जैसे बुराईयों को समाप्त करना है। पुलिस कर्मियोें एवं उनके परिजनों ने गृह मंत्री का स्वागत कर उन्हें समस्याएं भी बतायी। रहवासियों ने स्ट्रीट लाईट एवं खेलकूद के मैदान की उचित व्यवस्था कराने, कैन्टीन का नियमित संचालन एवं अन्य भत्ते की आवश्यकता के संबंध में विस्तार से चर्चा किया। पुलिस कर्मियों ने बताया कि अमलीडीह कॉलोनी से 100 से अधिक बच्चे केन्द्रीय विद्यालय में पढ़ने जाते है। बच्चों के लिए शासकीय बस की व्यवस्था की जाए। लगभग 1000 परिवार वहां निवासरत् है। सभी परिवार को मेंटेनेंस के नाम से एक हजार रूपए प्रतिमाह देना पड़ता है। इस संबंध में भी शासन की तरफ से समुचित व्यवस्था की मांग की गई।

गृहमंत्री ने कहा कि आप सबके बीच मुझे यहां ऐसे लग रहा है कि जैसे कि मैं अपने घर आया हूं। मेरा एक ही बेटा है कभी मैं उसे लेकर आउंगा यहां इतने सारे बच्चें है सबके साथ वह भी खेलेगा।
कंवर समाज को सीएम साय का तोहफा, भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने का किया ऐलान
रायपुर। रविवार को इंडोर स्टेडियम में कंवर गौरव सम्मान समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया. कंवर गौरव सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी पत्नी कोशल्या देवी साय सहित वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय, पूर्व मंत्री रामसेवक पैकरा, पूर्व विधायक ननकीराम कंवर, पूर्व विधायक चिंतामणि महाराज कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान सीएम ने समाज के भवन के लिए राशि की घोषणा की.
अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मेरे लिये बड़ी खुशी का दिन है. मुझे कंवर रत्न से सम्मानित किया गया. कंवर समाज के छोटे से कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद. यह पूरे कंवर समाज का सम्मान है. सीएम ने कहा कि समाज के गौरव के साथ-साथ जिम्मेदारी भी बढ़ गई है. मैं जीवनभर समाज का आभारी रहूंगा. आप लोगों से आशीर्वाद मांगने आया हूं. मुझे विश्वास है कि पद के दायित्व को निभाने के लिए पूरे समाज का साथ मिलेगा.
सीएम ने कहा कि हमारे समाज में गहिरागुरु जैसे संत हुए. राजनीति के क्षेत्र में भी हमारे समाज का इतिहास है. इसके साथ ही सीएम साय ने टाटीबंध स्थित समाज के भवन में निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की.
छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज के सामाजिक और युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा आज झेरिया यादव समाज द्वारा राजधानी रायपुर के महादेवघाट में आयोजित सामाजिक और युवक-युवती परिचय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य स्तर के विभिन्न जिलों से आए हुए यादव समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने परिचय सम्मेलन में शामिल होने आये युवक-युवतियों एवं उनके परिजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह समाज की अच्छी पहल है, जिससे एक ही मंच पर विवाह योग्य युवक-युवतियां आपस में मिल जाते है, इससे वर-वधु ढूढंने में समय और धन की बचत होती है। उन्होंने आठ नवविवाहित जोड़ों को बधाई देकर उनके खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यादव समाज भारत के विकास में अपनी बराबर की भागीदारी दे रहा है व भारत के स्वाभिमान, मान-सम्मान के लिए हमेशा खड़ा रहता है।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार जनकल्याणकारी कार्याे को पूरा करने तथा मोदी की गारंटी एवं विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने प्रतिबद्ध है। उन्होंने समाज द्वारा निर्मित सामाजिक भवन का अवलोकन भी किया, जिसमें 14 कक्ष बनाया गया है। समाज के अध्यक्ष जगनिक यादव ने बताया कि सामाजिक भवन में रायपुर के अलावा अन्य जगह से आने वाले बच्चों के रहने की उचित व्यवस्था की गई है। श्री यादव ने समाज के रीति-रिवाजों एवं गतिविधियों पर प्रकाश डाला। समाज के अध्यक्ष ने नवनिर्मित भवन के लिए फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए राशि की मांग की। जिस पर उप मुख्यमंत्री ने समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर भगत सिंह यादव, सुन्दरलाल, जी.आर. यादव एवं सभी जिलों से आए जिलाध्यक्ष तथा समाज के अन्य पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

समाज को विकास की नई दिशा देने संगठित प्रयास जरूरी: मंत्री टंकराम वर्मा
रायपुर। समाज को एक नई दिशा की ओर ले जाने के लिए सभी को मिलजुलकर कार्य करना होगा। समाज की एकता, तरक्की और भलाई के लिए आपसी समन्वय से काम करना है। समाज की शक्ति संगठन से होती है। समाज के विकास के लिए सभी को संगठित होना आवश्यक है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने आज अभनपुर विकासखंड के ग्राम क़ुर्रु में मनवा कुर्मी चंदखुरी राज के 78 वें वार्षिक राज अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होनें स्वामी आत्मानंद विद्यापीठ स्कूल को शैक्षणिक एवं अन्य विकास कार्याे के लिए 25 हज़ार रुपए प्रोत्साहन राशि की घोषणा की।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य के विकास के कुर्मी समाज का महत्वपुर्ण योगदान है। कुर्मी समाज मुख्यतः कृषि कार्य से जुड़ा हैं। कृषि की उन्नति से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था गतिमान होती है। उन्होंने समाज के लोगों से उन्नत कृषि के साथ-साथ शिक्षा पर भी ध्यान देने की अपील की है। श्री वर्मा ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। हमें प्रभु श्री राम के आदर्श और चरित्र केवल सुनना ही नही अपितु अपने जीवन में उतारना भी हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के लोगों के लिए श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ किया है। कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद विद्यापीठ के बालिकाओं ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ कुर्मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष चोवाराम वर्मा, जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष डोमेश्वरी वर्मा, जिला पंचायत सदस्य ललिता वर्मा, तिल्दा जनपद सभापति शिव शंकर वर्मा, भूतपूर्व विधायक लक्ष्मी बघेल, चंदखुरी राज प्रधान चिंता राम वर्मा, समस्त राज के राजप्रधान, सामाजिक पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

कत्थक नर्तक रामलाल बरेठ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की मुलाकात
रायपुर। प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चयनित रायगढ़ घराने के कत्थक नर्तक रामलाल बरेठ जब केवल 4 साल के थे तभी महाराजा चक्रधर सिंह ने उनमें छिपी नृत्य की प्रतिभा पहचान ली थी। उन्होंने उनके पिता और इतने ही प्रतिभाशाली कत्थक कलाकार कीर्तनराम से कहा कि इसके कत्थक की प्रशिक्षण की व्यवस्था मैं अपनी देखरेख में करूंगा। उन्होंने देश भर के जाने-माने कलाकारों से श्री बरेठ का प्रशिक्षण कराया।
महाराजा चक्रधर सिंह ने उन पर जो भरोसा दिखाया, उसे श्री बरेठ ने पूरा किया। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से लेकर पद्मश्री तक का सफर तय कर उन्होंने रायगढ़ घराने को नई ऊंचाई दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें आज राज्य अतिथि गृह पहुना में आमंत्रित किया। श्री साय ने कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है। मेरा सौभाग्य रहा है कि मैंने रायगढ़ की कला परंपराओं के बारे में काफी कहानियां सुनी हैं और महाराजा चक्रधर सिंह के बारे में भी काफी कुछ सुना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराजा चक्रधर सिंह के बारे में यह कहा जाता है कि जब वो तबला बजाते थे तो इसमें लीन हो जाते थे और बारिश होने लगती थी। ऐसे महान कलाकार के संरक्षण में आपने कत्थक सीखा है इस पर हम सब गौरव करते हैं।
श्री बरेठ अभी 88 साल के हो चुके हैं। उनका आरंभिक जीवन आर्थिक कठिनाइयों से घिरा रहा। रायगढ़ रियासत में महाराजा चक्रधर सिंह के जाने के बाद उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। श्री बरेठ बताते हैं कि कत्थक नृत्य अकेले का कर्म नहीं है। आपको इसके लिए कुशल संगतकार चाहिए। इसकी व्यवस्था करने और रायगढ़ घराने की प्रतिष्ठा को बनाये रखने मैंने कठिन परिश्रम किया।
श्री बरेठ के देश के महान कत्थक कलाकारों के साथ बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंडित बिरजु महाराज के साथ उनके बहुत स्नेहिल संबंध रहे हैं। पंडित बिरजु महाराज उन्हें बहुत स्नेह पात्र मानते थे। बिरजु महाराज का जन्म भी रायगढ़ में हुआ। अच्छन महाराज जैसे प्रतिभाशाली लोगों से सीखने का अवसर मिला और कत्थक की शानदार यात्रा रायगढ़ घराने के प्रोत्साहन से शुरू हुई।
श्री बरेठ बताते हैं कि पहले फिल्मों में शास्त्रीय संगीत और नृत्य का बड़ा मान होता था। फिल्मों के लिए भी काम करने वाले अमीर खां साहब का बहुत निकट संबंध रायगढ़ घराने से रहा। अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित के पिता भी रायगढ़ घराने से संबद्ध रहे।
अच्छी बात यह है कि श्री बरेठ अगली पीढ़ी को भी कत्थक के लिए दीक्षित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा जी, पिता जी कत्थक से जुड़े रहे और अब बेटे भी कत्थक से जुड़े हैं।
श्री बरेठ ने कहा कि मोदी जी ने पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना है। इसकी मुझे बहुत गहरी खुशी है। आज मुख्यमंत्री ने मुझे पहुना में आमंत्रित कर सम्मान किया। रायगढ़ घराने के माध्यम से कत्थक पूरे देश में मजबूत हो। यही हम चाहते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्मश्री जागेश्वर यादव को छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने पर किया सम्मानित
रायपुर। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बिरहोर कुछ सालों पहले तक इतने संकोची थे कि जूते-चप्पल पहने हुए किसी को आता देखकर भाग जाते थे। उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने जागेश्वर यादव ने जीवन भर जूते-चप्पल नहीं पहनने का संकल्प किया ताकि वे मिलने से सकुचाये नहीं। धीरे-धीरे वे बड़ा बदलाव लाने में कामयाब हुए और अभी बिरहोरों की पहली पीढ़ी शिक्षित हो गई है। वे शासकीय योजनाओं का लाभ लेने आगे बढ़ रहे हैं। जब जागेश्वर यादव 21 वर्ष के थे तब उन्होंने बिरहोर जनजाति के लोगों की दुर्दशा देखी और उनकी सेवा का संकल्प लिया। आज चार दशक हो गये हैं और उनका सेवा कार्य अनवरत जारी है।
संकल्पित भाव से बिरहोर जनजाति की सेवा करने वाले और पिछड़े वर्ग से आने वाले इस जननायक और सेवाभावी कार्यकर्ता का सम्मान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य अतिथि गृह पहुना में किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किये जाने के केंद्र सरकार के निर्णय पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। यादव ने भी मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए और उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पूरे रास्ते में आपका भरपूर सहयोग मिला जिसे मैं कभी नहीं भूलूँगा। आपने बिरहोर भाइयों के साथ बैठकर पतरी में चावल खाया। उनकी शिक्षा के लिए जो भी योजनाएं हम आपके पास लेकर गये। आपने कहा कि ये अच्छा काम है इसे आगे बढ़ाइये, मैं इसमें आपकी मदद करूंगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहली ही कैबिनेट में आवासीहीनों को आवास उपलब्ध कराने का जो निर्णय लिया है। उससे सभी बिरहोरों को पक्का मकान मिल पाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर यादव को पद्मश्री के लिए सम्मानित किये जाने का केंद्र सरकार का निर्णय सेवा भाव से संकल्पित एक कार्यकर्ता का सम्मान है। जब प्रदेश में कोरोना फैला और मोदी जी ने वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध कराई तब बिरहोर लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर आशंकाएं थीं और प्रशासन के अनेक बार आग्रह करने पर भी उन्होंने इसके लिए मना कर दिया। फिर जागेश्वर यादव को इसके लिए बिरहोरों को तैयार करने भेजा गया। बिरहोर इनको अपना मसीहा मानते हैं। जब जागेश्वर यादव ने आग्रह किया तो सब तैयार हो गये, ये उनकी बिरहोरों की बीच गहरी पैठ का प्रमाण है। पाली विकासखंड में उन्होंने 3 कार्यक्रम बिरहोरों के लिए कराए और हर बार मैं इन कार्यक्रमों में शामिल हुआ। इनके सम्मान की जब जानकारी मुझे मिली तो मुझे बहुत खुशी हुई।
उल्लेखनीय है कि जागेश्वर यादव के प्रयासों से न केवल बिरहोर लोग शिक्षा से जुड़े हैं। उन्होंने खेती भी करना आरंभ कर दिया है। जो बिरहोर भिक्षावृत्ति से जुड़े थे वे आज धान बेच रहे हैं। धरमजयगढ़ के ग्राम खलबोरा के केंदा राम अब धान बेच रहे हैं। बिरहोरों के लिए जागेश्वर यादव ने धरमजयगढ़ में आश्रम भी आरंभ किया है। उनको पद्मश्री मिलने पर बिरहोरों में भी काफी खुशी का माहौल है।
हेमराज मांझी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की मुलाकात
रायपुर। आयुर्वेद में एक कहानी बताई जाती है। तक्षशिला विश्वविद्यालय में जब चरक और साथियों की गुरुकुल में शिक्षा पूरी हुई तो उनके गुरु ने अंतिम परीक्षा के लिए उन सभी को बुलाया। उनसे कहा कि ऐसे पौधे लाकर दें जिसमें औषधीय गुण हों और जिसके बारे में अब तक बताया न गया हो। सभी विद्यार्थी कुछ पौधे लेकर आये, केवल चरक कुछ नहीं लाये। जब चरक से गुरू ने पूछा कि पौधे क्यों नहीं लाए। चरक ने कहा कि मुझे सभी पौधों में कुछ न कुछ औषधीय गुण मिले, चूंकि सभी को लाना संभव नहीं था, इसलिए मैं खाली हाथ आया। गुरु जी ने कहा कि परीक्षा में केवल चरक उत्तीर्ण हुए। संसार में हर पौधे में कुछ न कुछ औषधीय गुण मौजूद हैं। यह कहानी बताती है कि जड़ी-बूटी के क्षेत्र में अनुसंधान की बड़ी गुंजाइश होती है।
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में रहने वाले वैद्य हेमराज मांझी ने अपना पूरा जीवन इन्हीं जड़ी-बूटियों की खोज की और लगभग पांच दशकों से हजारों लोगों को ठीक किया है। आम जनता की इस अहर्निश सेवा के चलते केंद्र सरकार ने इन्हें पद्मश्री से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य अतिथि गृह पहुना में श्री मांझी का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है। आपने परंपरागत जड़ी-बूटियों के माध्यम से अनेक बीमारियों में लोगों का उपचार किया है। अमेरिका जैसे देशों से भी पेशेंट आपके पास आये हैं। यह ऐसी विद्या है जिसे अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है।
उल्लेखनीय है कि श्री मांझी ने छोटे डोंगर में ऐसे समय में लोगों का जड़ी बूटियों से इलाज करने का निर्णय लिया जब यहां स्वास्थ्य सुविधाएं बिल्कुल नहीं थी। परिवार में किसी के वैद्य के पेशे में नहीं होने के बावजूद उन्होंने सेवाभाव के चलते यह निर्णय लिया। उनके अनुभव के चलते उनका ज्ञान बढ़ता गया और नारायणपुर के अलावा दूसरे जिलों के मरीज भी उनके पास आने लगे।
वैद्य श्री मांझी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हम तो सेवा का कार्य कर रहे थे। लोगों का उपचार कर रहे थे और खुश थे। जब पता चला कि मोदी जी ने पद्मश्री के लिए चुनने का निर्णय लिया है तो पहले तो आश्चर्य हुआ। हमें लगा कि दिल्ली में भी बैठकर मोदी जी की सरकार पूरे देश में हो रहे अच्छे कामों पर नजर बनाये हुए हैं और सेवा का काम करने वालों को सम्मानित करते जा रही है।
श्री मांझी ने बताया कि बस्तर की वनौषधियों में जादू है। हम जंगल से अलग-अलग तरह की जड़ी-बूटी इकट्ठी करते हैं। इन्हें उचित अनुपात में मिलाते हैं और अलग-अलग तरह की बीमारियों का इस तरह से उपचार करते हैं। नाड़ी देखकर मर्ज का पता लगाते हैं और इसके मुताबिक इलाज करते हैं। कई बार जब एलोपैथी से लोग कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के संबंध में हतोत्साहित हो जाते हैं तब वे यहां आते हैं और ईश्वर की अनुकंपा से हमारी औषधियों के कमाल से वो ठीक हो जाते हैं।
श्री मांझी के पास हर दिन अमूमन सौ से अधिक मरीज पहुँचते हैं। कल भी असम और आंध्रप्रदेश से कुछ मरीज पहुंचे थे। श्री मांझी यह सब मामूली शुल्क में करते हैं। जो खर्च वे लेते हैं वो दवाइयों के बनाने में लगता है। उन्होंने बताया कि वनौषधियों में उपयुक्त मात्रा में शहद, लौंग एवं अन्य मसाले डालने होते हैं। उनका खर्च हम मरीजों से लेते हैं। उन्होंने बताया कि जब तक साँसों में साँस हैं तब तक यह सेवा का काम करता रहूँगा।
मुख्यमंत्री ने श्री मांझी से कहा कि आप सेवा का काम कर रहे हैं। ये बहुत पुण्य का काम है। आपकी विद्या से बहुत सारे लोग ठीक हो रहे हैं। आपको पद्मश्री मिलने से आपकी ख्याति और भी फैलेगी। आप आने वाली पीढ़ी को इसकी शिक्षा दें। यह बहुत मूल्यवान विद्या है इसे आपकी पीढ़ी में ही समाप्त नहीं होना चाहिए। श्री मांझी ने कहा कि आपसे मिले सम्मान से मेरा उत्साह और बढ़ गया है। अभी नई पीढ़ी को नाड़ी से मर्ज जानना सिखा रहा हूँ अब जड़ी-बूटी के गुणों के बारे में भी बताऊंगा।
स्कूली शिक्षा मंत्री बृजमोहन स्कूलों के वार्षिकोत्सव में हुए शामिल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने स्कूली बच्चों और उनके पालकों और उपस्थित शिक्षकगणों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों में छुपी प्रतिभा को सामने लाने की जिम्मेदारी परिजनों से ज्यादा शिक्षकों पर होती है क्योंकि एक उम्र के बाद उनका ज्यादा वक्त स्कूल में गुजरता है। यह समझना चाहिए कि बच्चे गीली मिट्टी की तरह होते हैं और शिक्षक कुम्हार की तरह। जो बच्चों को एक रूप देते हैं जिससे उनके बेहतर चरित्र का निर्माण हो सके।
इसीलिए तो सनातन धर्म में गुरु को भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है। उन्होंने यह बात भास्कर पब्लिक स्कूल, चंगोरा भाठा और जागृति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भठागांव के वार्षिक उत्सव के दौरान मुख्य अतिथि की आसंदी से अपनी बात रखते हुए कही।
श्री अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा देने के लिए संकल्पित है। इसके लिए नित नई योजनाओं के साथ कार्य कर रही है। शिक्षा में राष्ट्र प्रेम की भावना प्रबल हो तथा अपनी संस्कृति और श्रेष्ठ परंपराओं के प्रति आकर्षण बढ़े ऐसा हमारा प्रयास है।
स्कूलों में होगा योग, प्राणायाम अनिवार्य
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चों के बहुमुखी विकास के लिए आगामी शिक्षण सत्र से स्कूलों में योग, प्राणायाम, खेल के साथ ही मौलिक शिक्षा को अनिवार्य किया जायेगा।

