रायपुर। रात में ठंड का प्रभाव कम होने की हो वजह से दिन में धूप तेज महसूस रही है. नवंबर के तीसरे सप्ताह में राज्य का मौसम अपनी सामान्य स्थिति में है. मध्य इलाकों में कम ठंड पड़ रही और उत्तरी हिस्से में इसका प्रभाव अधिक है. पिछले चौबीस घंटे में अंबिकापुर का तापमान दस डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकार्ड किया गया. एक दौर की जोरदार ठंड के बाद प्रदेश का मौसम अपनी सामान्य स्थिति में आ गया है. अभी दिन में धूप भले ही तेज है, मगर अधिकतम पारा अपनी सामान्य जैसी स्थिति में है. इसी तरह रात में शहर में सामान्य ठंड है और अंबिकापुर जैसे इलाके में इसका प्रभाव अधिक है.
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राज्य में जब तक पूर्वी हवा का आगमन होगा, तब तक मौसम में बदलाव की गुंजाइश नहीं है. माना जा रहा है कि तीन दिन बाद ही आने वाली हवा उत्तरी होगी जो मौसम के मूड को बदलेगी. अभी दिन की तेज धूप के बाद रात की ठंड बिना गर्म कपड़े के निकल जा रही है. सर्द मौसम का अहसास सुबह-सुबह ही हो रहा है. पिछले चौबीस घंटे में राज्य के मौसम में उल्लेखनीय बदलाव नहीं हुआ. रात में सबसे ठंडा इलाका अंबिकापुर रहा और दिन में सबसे गर्म क्षेत्र माना को माना गया. अगले चौबीस घंटे में प्रदेश का मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में कड़ाके की ठंड दिसंबर और जनवरी के महीने में होती है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में रविवार सुबह एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम सक्रीय हो गई है. आबकारी और डीएमएफ मामले से जुड़े लगभग 18 ठिकानों पर दबिश दी गई है. रायपुर के रामा ग्रीन कॉलोनी में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के ठिकाने पर दबिश दी गई है. मौके पर अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं. साथ ही अमलीडीह स्थित ला विस्टा कॉलोनी में कारोबारी हरपाल अरोरा के घर छापेमारी की गई है. वहीं बिलासपुर में अशोक टूटेजा के ठिकानों पर छापे की खबर है.
रामा ग्रीन कॉलोनी में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के ठिकाने पर दबिश
इसके अलावा अंबिकापुर, कोंडागांव समेत विभिन्न जिलों में छापा पड़ा है. एसीबी-ईओडब्ल्यू टीम के अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं.
रायपुर। प्रदेश में धान खरीदी अब लय में आ गई है। लगभग सभी उपार्जन केन्द्र खुल गए हैं। किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने आने लगे हैं। इस बीच कोचिया और दलालनुमा व्यापारी भी अनुचित लाभ के लिए धान खपाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इनके मंसूबों पर पानी फेरने के लिए के लिए कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के चकरभाठा में व्यापारी सुरेश पंजवानी धान वाला के कब्जे से अवैध रूप से रखे हुए 75 कट्टी धान जब्त किया गया।
जब्त किए धान की मात्रा लगभग 30 क्विंटल है। सरकारी कीमत 1 लाख से ऊपर का है। धान का कोई हिसाब और दस्तावेज व्यापारी जांच टीम को नहीं दे पाया। इसे सांठगांठ करके किसी सोसाइटी में खपाने की आशंका थी, इसके पहले ही बरामद कर लिया गया। मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई में तहसीलदार बोदरी, खाद्य निरीक्षक और मंडी के कर्मचारी शामिल थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर सभी अंतरराज्यीय सीमाओं पर पर बसे ज़िलों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। साथ ही इस कार्य में संलिप्त पाए जाने वालों पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में समर्थन मूल्य पर पारदर्शी एवं निष्पक्ष धान खरीदी नीति के तहत प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान में रायगढ़ में विगत 15 दिनों में 30 प्रकरणों के द्वारा कुल 3,266 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 3100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 1 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले की सीमाओं पर स्थित सभी अंतरराज्यीय एवं आंतरिक चेक पोस्टों पर 24×7 कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है, वहीं अनुविभागीय स्तर पर विशेष निगरानी दल सक्रिय हैं। अवैध धान भंडारण एवं परिवहन में शामिल हर व्यक्ति पर कार्रवाई करते हुए मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने आम नागरिकों एवं किसानों से अपील की है कि अवैध धान परिवहन या भंडारण की कोई भी जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाना, तहसील कार्यालय या चेक पोस्ट पर दें। कार्रवाई में सहयोग करना खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता को मजबूत करेगा।
उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से सुचारु रुप से संचालित हो रहा धान खरीदी कार्य
जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 105 उपार्जन केन्द्र बनाए गए है। शासन के निर्देशानुसार सभी उपार्जन केन्द्रों में चेक लिस्ट के अनुरुप मूलभुत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। 105 उपार्जन केन्द्रों में से 15 केंद्रों को संवेदनशील और 4 केंद्रों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अवैध धान की आवाजाही रोकने के लिए 24 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, इनमें भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, एकताल, जमुना, तोलमा, हाड़ीपानी, लमडांड, हमीरपुर, मेनरोड हाटी, गोलाबुड़ा, फतेपुर, केशरचुंवा, टांगरघाट, बिजना, बरकछार, उर्दना बेरियर, बोईरदादर, बेरियर, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारुमा बेरियर, ऐडू बेरियर एवं रीलो बेरियर सहित 24 अंतराज्यीय एवं आंतरिक चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन चेकपोस्टों पर 24 घंटे निगरानी के लिए तीन-तीन पालियों में चार टीमें तैनात की गई हैं।
तुहर टोकन मोबाइल एप के जरिए ऑनलाईन टोकन एवं माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध
धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने और किसानों को पारदर्शी सुविधा प्रदान करने के लिए “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है और सोसायटी संचालक सुबह 9.30 बजे से टोकन जारी कर कर रहे है। टोकन सात दिनों तक वैध रहेंगे और आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे बिना किसान की सहमति कोई टोकन जारी नहीं हो सकेगा। सेवा सहकारी समितियों में कृषकों को लिए नगद लेनदेन हेतु माइक्रो एटीएम की भी सुविधा उपलब्ध है। जिसके माध्यम से कृषक एटीएम कार्ड के माध्यम से प्रतिदिन 10 हजार रुपए तक की राशि आहरण कर सकते है।
सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी के लिए जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित
शासन के नीति के अनुरूप जिले में सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी के लिए कलेक्टर द्वारा जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई हैं। जांच कमेटी में अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर राकेश कुमार गोलछा, खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह, जिला विपणन अधिकारी कु.जान्हवी जिलहरे, उप आयुक्त सहकारिता व्यास नारायण साहू, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम सी आदि नारायण एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी एस.पी.सिंह शामिल है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला बिना किसी व्यवधान के जारी है। धान खरीदी केंद्रों में धान की आवक तेज से होने लगी है। सभी समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आने वाले किसानों से बिना किसी रूकावट के धान खरीदी की जा रही है। टोकन तुहर हाथ ऐप द्वारा ऑनलाइन टोकन कटने से लेकर धान तौलाई तक की संपूर्ण प्रक्रिया बेहद ही आसान और सुविधाजनक है।
बिलासपुर जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में किसान अब बड़ी संख्या में अपने धान बेचने आ रहे हैं। केंद्रों में शेड, पेयजल, लाइट सहित बारदाने की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। क्षेत्र के किसानों की सकारात्मक प्रक्रिया ने केंद्रों की व्यवस्थाओं को पारदर्शी साबित किया है। मस्तूरी विकासखंड के जयरामनगर धान उपार्जन केंद्र में धान बेचने आए किसान संजय पाण्डे ने बताया कि वे लगभग 4 से 5 एकड़ में धान की खेती करते हैं एवं प्रतिवर्ष यहां धान बेचने आते हैं। आज उनके टोकन का नंबर लगा है, उन्हें टोकन कटवाने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आयी है। वे केंद्र की व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट है।
इसी प्रकार खैरा से धान बेचने आए किसान तीजराम साहू ने बताया कि वे 134 कट्टी धान लेकर समिति में धान बेचने पहुंचे हैं। आसानी से टोकन कटा और उनका धान भी समर्थन मूल्य पर विक्रय हो गया है। अब वे बिना किसी चिंता के घर जा सकते हैं। धान उपार्जन केंद्र में अच्छी गुणवत्ता के बारदाने उपलब्ध हैं और यहां के कर्मचारियों का व्यवहार भी सहयोगपूर्ण रहा।
उल्लेखनीय है कि 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के साथ ही अब जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की रफ्तार बढ़ी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की किसान-केंद्रित नीतियों और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता ने तस्वीर बदल दी है। आज खरीदी केंद्रों में तकनीक आधारित टोकन व्यवस्था, तेज़ तौल प्रक्रिया और समय पर भुगतान से किसानों में भरोसा बढ़ा है।
रायपुर। ऐसा लग रहा है एसआईआर नागरिकों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जब से प्रदेश में एसआईआर शुरू हुआ है प्रदेश का हर मतदाता मानसिक रूप से परेशान है। लोग पहले की मतदाता सूचियों में अपने परिजनों का नाम ढूंढ रहे है, बीएलओ से अपना प्रपत्र देने की गुहार कर रहे, गणना प्रपत्र मिल भी गया तो उसको भरने और जमा करने के लिए परेशान हो रहे है। ऐसा लग रहा कि एसआईआर आम आदमी को परेशान करने का जरिया सरकार ने बना दिया है। हर आदमी अपनी नागरिकता बचाने की कवायद में लगा हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आयोग कहता है कि 97 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंच गया है, धरातल पर गणना पत्रक 25 प्रतिशत घरों तक नहीं पहुंची है। जिनके घरों तक गणना पत्रक पहुंची है उसमें ये भी एक दो सदस्यों का गणना पत्रक मिल नहीं रहा है। एक ही घर में कई सदस्यों के गणना पत्रक अब तक नहीं पहुंचे है, चुनाव आयोग कागजी दावा कर रहे है। आरक्षित सीटों की संख्या कम करने आरक्षित वर्गो के नाम मतदाता सूची में काटने की साजिश से मतदाता चिंतित है। बीएलओ को भाजपा नेता कार्यकर्ता ठीक से काम करने नहीं दे रहे है। ऐसी शिकायत जगह-जगह से आ रही है। भाजपा के नेता बीएलओ पर अनुचित दबाव डाल रहे है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष होकर काम नहीं कर रहा है। भाजपा की एजेंसी की तरह काम कर रही है। चुनाव आयोग की कार्य प्रणाली से ऐसा लगता है इनका फोकस कांग्रेस के कोर वोटर को मतदाता सूची से बाहर करना है। अनुसूचित क्षेत्रों में जनजाति के वोटर के नाम को काटने की बड़ी साजिश की जा रही है, ताकि विधानसभा परिसीमन के समय एसी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की संख्या की जा सके। वही स्थिति अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों पर देखी जा रही है। ये आरक्षित वर्गो की नेतृत्व खत्म करने की का षड़यंत्र नजर आ रहा है। भाजपा की नीति भी हर स्तर पर आरक्षण खत्म करने की है। सरकारी नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र एवं अब जनप्रतिनिधि बनने की अधिकार भी आरक्षित सीटें कम कर छीनने की साजिश रची जा रही है
रायपुर। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत आज संभागायुक्त रायपुर एवं रोल आब्जर्वर महादेव कावरे, भा.प्र.से. ने रायपुर जिले के ग्रामीण एवं रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्रों में पुनरीक्षण कार्यों का निरीक्षण किया।
संभागायुक्त श्री कावरे ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत जोन कार्यालय—जोन क्रमांक 09 और जोन क्रमांक 03—में चल रहे फॉर्म डिजिटाइजेशन कार्य का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर नवीन ठाकुर, तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने के लिए वर्तमान कर्मचारियों के साथ अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की जाए। साथ ही शिफ्टवार व्यवस्था बनाकर रात्रिकालीन कार्य भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर अधिकतम प्रगति हासिल की जा सके।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त महोदय ने फील्ड में कार्यरत बीएलओ से बैठक कर फॉर्म-06, फॉर्म-08 आदि के वितरण, प्राप्ति एवं पूर्ण किए गए फॉर्मों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बीएलओ को समय पर फॉर्म वितरण और प्राप्ति सुनिश्चित करने, तथा आवश्यकता पड़ने पर राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) का सहयोग लेने के निर्देश दिए।
ज्ञात हो कि रायपुर जिले में अब तक केवल 14 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण हुआ है। संभागायुक्त श्री कावरे ने अधिकारियों को प्रतिदिन 10 प्रतिशत प्रगति दर्ज करने तथा निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
जगदलपुर। तेलंगाना में माओवादी संगठन को तगड़ा झटका लगा है, जहां पहली बार बड़ी संख्या में शीर्ष नेतृत्व से जुड़े माओवादियों ने एक साथ हथियार डाले हैं। तेलंगाना डीजीपी शिवधर रेड्डी के सामने कुल 37 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 3 स्टेट कमेटी सदस्य शामिल हैं।
सरेंडर करने वालों में कोय्यादा सम्बैया उर्फ आजाद, अप्पासी नारायण उर्फ रमेश और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य मूचाकी सोमडा उर्फ एर्रा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। एर्रा को लंबे समय से हिड़मा के सबसे भरोसेमंद साथियों में गिना जाता था। सरेंडर लिस्ट में 3 स्टेट कमेटी सदस्य, 3 डिवीजनल कमेटी सदस्य, 9 एरिया कमेटी मेंबर और 22 पार्टी कमेटी सदस्य शामिल हैं। इन सभी पर कुल 1,40,05,000 रुपए का इनाम घोषित था, जो तेलंगाना–दक्षिण बस्तर बेल्ट में संगठन की सक्रियता को दर्शाता है।
सरेंडर करने वाले अपने साथ एक AK-47, दो SLR, चार 303 रायफल सहित अन्य हथियार लेकर पहुंचे हैं। 37 माओवादियों में 12 तेलंगाना स्टेट कमेटी से जुड़े थे, जबकि 23 दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी और 2 PLGA के सक्रिय सदस्य थे। आजाद ने सरेंडर के दौरान खुलकर कहा कि वे लंबे समय से मुख्यधारा में लौटना चाहते थे और संगठन को इसकी जानकारी देकर ही आए हैं।
सरेंडर किए नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं का मिलेगा लाभ
अधिकारियों का कहना है कि यह सरेंडर माओवादियों की दक्षिण बस्तर–तेलंगाना सीमा पर कमजोर होती पकड़ का बड़ा संकेत है। विशेष रूप से हिड़मा के नेटवर्क में सक्रिय एर्रा का आत्मसमर्पण संगठन के लिए बड़ा मनोबल गिराने वाला माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इसे माओवादी संगठन के भीतर बढ़ते अविश्वास और लगातार दबाव की परिणति बता रही है। तेलंगाना पुलिस का दावा है कि भविष्य में और बड़े स्तर पर सरेंडर की संभावनाएं है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने सरेंडर करने वालों को पुनर्वास योजनाओं का लाभ देने की घोषणा की है। इस सामूहिक आत्मसमर्पण से दंडकारण्य क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
रायपुर। पूर्वी हवा के प्रभाव से राज्य में शीतलहर का प्रभाव टल गया है. अभी की स्थिति में रात में हल्की ठंड है और दिन में गर्मी महसूस हो रही है. 6 डिग्री तक लुढ़क चुका राज्य का न्यूनतम तापमान 11 के करीब पहुंच गया है. शहर में भी ठंड सुबह-सुबह ही महसूस हो रही है और आउटर में इसका प्रभाव ज्यादा है. राज्य में अब पूर्वी हवा का प्रभाव असर दिखा चुका है और कड़ाके की ठंड अब हल्की हो चुकी है. इस तरह का प्रभाव अगले दो से तीन दिन रहने की संभावना है. इसके बाद हवा का आगमन फिर से उत्तर से होता है तो तापमान में गिरवाट की शुरुआत होगी. इधर विभिन्न इलाकों में सर्दी अपनी सामान्य स्थिति में आ चुकी है.
पिछले चौबीस घंटे में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था, जो चार दिन पहले 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका था. इसी तरह 13 डिग्री के पारा के साथ रायपुर में अच्छी ठंड पड़ रही थी जो अब सुबह सुबह ही ज्यादा प्रभाव दिखा रही है.
रायपुर। राजधानी के जीई रोड स्थित साइंस कॉलेज चौपाटी को निगम अमले ने कार्रवाई करते हुए शनिवार सुबह अमानाका ब्रिज के नीचे शिफ्ट कर दिया. इस दौरान विरोध करते हुए कांग्रेसी नेताओं ने भारी हंगामा किया. नगर निगम रायपुर की इस कार्रवाई पर भाजपा विधायक राजेश मूणत ने मीडिया से चर्चा की, जिसमें उन्होंने दुकानों की शिफ्टिंग की पूरी जानकारी दी. वहीं महापौर मीनल चौबे ने जिस जगह चौपाटी थी, वहां बनने वाले नए प्रोजेक्ट को लेकर अपडेट दिया.
कांग्रेस केवल राजनीति के लिए कर रही विरोध : MLA मूणत
रायपुर पश्चिम से भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा कि चौपाटी का मामला अभी का नहीं है, यह साढ़े 3 साल पहले का है. भाजपा ने कांग्रेस सरकार में भी लगातार चौपाटी बनाए जाने का विरोध किया था. स्मार्ट सिटी ने चौपाटी को यूथ हब बताकर निर्माण किया था. चौपाटी की जमीन नगर निगम की नहीं, बल्कि खेल विभाग की है. बीजेपी के तमाम नेताओं ने अवैध चौपाटी के निर्माण के विरोध में 12 दिन तक प्रदर्शन किया था.
उन्होंने कहा कि 29 लाख रुपए में दुकानों के संचालन के लिए एजेंसी को दे दिया गया. 60 दुकानों से हर महीने 25 हजार रुपए लिए जा रहें हैं. जो दुकान एग्रीमेंट के तहत खोली जानी चाहिए थी, नहीं खोली गई. इसलिए उन दुकानों की शनिवार को शिफ्टिंग की गई है. वहीं उन्होंने चौपाटी हटाने का कांग्रेसियों द्वारा विरोध किए जाने पर कहा कि कांग्रेस केवल राजनीति के लिए इसका विरोध कर रही है.
जल्द होगा नालंदा परिसर का निर्माण
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि हम (भाजपा) अवैध चौपाटी के शुरू से विरोध कर रही थी. इस चौपाटी में 60 दुकानों में बांटकर किराए में दिया गया था. अब नई शिफ्टिंग जगह में भी किरायेदारों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी. चौपाटी स्थल पर जल्द ही नालंदा परिसर का निर्माण होगा. इस दौरान सभापति सूर्यकांत राठौड़, रायपुर नगर निगम के कई सदस्य और भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर भी उपस्थित रहें.
बिलासपुर। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल के खिलाफ कथित हेट स्पीच के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि चल रही आपराधिक जांच में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दिया जा सकता है.
गिरफ्तारी और जांच निगरानी की मांग पर कोर्ट सख्त
याचिका में बघेल की तत्काल गिरफ्तारी, पुलिस जांच की निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की गई थी. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट कहा कि किसी जांच की निगरानी, तरीका तय करना या वरिष्ठ अधिकारी की देखरेख के आदेश देना न्यायालय द्वारा “क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन का माइक्रो मैनेजमेंट” होगा, जो अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर है.
रायपुर निवासी ने लगाई थी याचिका
रायपुर के अवंती विहार निवासी अमित अग्रवाल ने यह याचिका दायर की थी. उन्होंने अदालत में स्वयं पैरवी करते हुए आरोप लगाया कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल लगातार भड़काऊ भाषण दे रहे हैं और सिंधी, जैन तथा अग्रवाल समुदायों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं.
कई FIR के बावजूद कार्रवाई में ढिलाई का आरोप
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि बघेल के खिलाफ जगदलपुर सहित कई जगहों पर एफआईआर दर्ज हैं, लेकिन राज्य सरकार जानबूझकर कार्रवाई में देरी कर रही है. उन्होंने इसे “राजनीतिक संरक्षण” बताते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी.
जांच जारी
राज्य सरकार की ओर से जवाब देते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रही है. सरकार पर निष्क्रियता का आरोप निराधार है.
इसलिए हस्तक्षेप नहीं:
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि जब मामले में कई एफआईआर दर्ज हैं और उनकी जांच प्रगति पर है, ऐसे में अदालत इस चरण में हस्तक्षेप नहीं कर सकती. इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी गई.
धमतरी। धमतरी जिले में एसपी के आदेश की अवहेलना करना एक थाना प्रभारी को भारी पड़ गया। बताया जा रहा है कि टीआई के थाना क्षेत्र में ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी थानेदार मौके पर नही पहुंचे। एसपी ने भी थानेदार को तत्काल मौके पर पहुंचने के लिए कहा….लेकिन थानेदार काफी देर से मौके पर पहुंचे। जिस पर एसपी ने एक्शन लेते हुए टीआई को तत्काल निलंबित कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला धमतरी के केरगांव थाना क्षेत्र का मामला है। बताया जा रहा है कि 19 नवंबर को इस क्षेत्र के सलोनी गांव में ग्रामीणों ने अवैध शराब पकड़ी थी। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने तत्काल थाना प्रभारी दुमनलाल डडसेना को दी गयी। लेकिन थानेदार ने काम से बाहर होने की बात कहकर तुरंत मौके पर आने में असमर्थता जता दी। जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसपी सूरज सिंह से कर दी।
एसपी ने थानेदार को काॅल कर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। लेकिन एसपी के आदेश के बाद भी थानेदार मौके पर नही पहुंचे। इस दौरान टीआई से पहले एसडीओंपी मौके पर कार्रवाई करने पहुंचे। एसपी के निर्देश के करीब ढाई घंटे विलंब से मौके पर पहुंचे थानेदार से जब इस देरी की वजह पूछी गयी, तो उसने निजी कार्य से बाहर जाने की जानकारी दी।
बगैर किसी अनुमति के थानेदार के बाहर जाने और घटनास्थल में समय पर नही पहुंचने को एसपी सूरज सिंह परिहार ने गंभीरता से लिया। उन्होने इस गंभीर लापरवाही के लिए थाना प्रभारी दुमनलाल डडसेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसपी ने साफ किया है कि कार्य में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नही की जायेगी।
रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार सुबह साइंस कॉलेज चौपाटी हटाने की कार्रवाई को लेकर व्यवसायियों और कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया. आज सुबह 5 बजे तक अल्टीमेटम मिलने के बाद व्यवसायियों में हड़कंप मच गया था. बीती रात पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी समेत कई कांग्रेसी व्यवसायियों के समर्थन में धरने पर बैठ गए. इसके बाद आज सुबह पुलिस बल जेसीबी क्रेन के साथ चौपाटी पहुंची.
पूर्व विधायक समेत कई कांग्रेसी गिरफ्तार
निगम की कार्रवाई के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला. मौके पर सभी जोन के अधिकारी भी पहुंचे. वहीं कार्रवाई किए जाने पर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेता जेसीबी के नीचे लेट गए. इस बीच कांग्रेसियों और पुलिसकर्मियों में झूमाझटकी भी हुई. पुलिस ने पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है.
फिलाहाल निगम की टीम चौपाटी को हटाने की कार्रवाई में जुटी हुई है. निगम की दर्जनभर से अधिक गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं.
ओवरब्रिज के नीचे पार्किंग की योजना
चौपाटी के लिए व्यापारियों के लिए ओवरब्रिज के नीचे जिस जमीन का चयन किया गया था, वह रेलवे की है. रेलवे द्वारा उस जमीन पर पार्किंग बनाने की योजना बना रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए उनके द्वारा वहां काम करने वाले मोटर मैकेनिकों को जगह खाली करने का नोटिस दिया गया है. रेलवे द्वारा मालिकाना हक जताने के बाद चौपाटी शिफ्टिंग का मामला ठंडा पड़ गया था.
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने प्रदेश भर की सड़कों और हाइवे पर स्टंटबाजी के साथ ही केक कटिंग मामले को मॉनिटरिंग के लिए रखा है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई केवल दिखावे के लिए नहीं होनी चाहिए, बल्कि ऐसी होनी चाहिए जो अपराधियों के लिए सबक साबित हो। राज्य शासन से कहा गया कि वह नियमों और प्रावधानों को कड़ाई से लागू करे।
शुक्रवार को शपथ पत्र प्रस्तुत करते हुए मुख्य सचिव की ओर से कहा गया कि 25 अक्टूबर को मंत्रालय में आईजी प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई थी। इसमें प्रदेश भर के कलेक्टर और एसपी रैंक के अधिकारी शामिल हुए थे। इसमें सभी जिलों को कड़ाई बरतने कहा गया है। पीएचक्यू से भी इसके लिए आदेश जारी किए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि जिन गाड़ियों को जब्त किया गया था उन्हें बांड भरवाते हुए और शर्तों के साथ छोड़ा जा सकता है। एक साल में इस तरह की कोई और घटना होने पर जब्ती के साथ ही पेनल्टी लगानी होगी।
बता दें कि प्रदेश भर में इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेकर शासन से जवाब मांगा था। हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत करते हुए कहा गया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अभियान चलाया और स्टंट में शामिल गाड़ियों को जब्त किया है। इसके साथ ही कार मालिकों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की सिफ़ारिश भी की गई। यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा के नजरिए से की गई ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। गाड़ियों के मालिकों की पहचान करने के साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चेतावनी दी कि सार्वजनिक सड़कों पर स्टंटबाजी करने वाले युवाओं को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि यह दूसरों के लिए सबक बने। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि पुलिस का प्रकोप अक्सर केवल गरीब, मध्यम वर्ग और दलितों पर पड़ता है। जबकि संपन्न और बाहुबलियों के खिलाफ पुलिस नख-दंतहीन बाघ बन जाती हैं। ऐसे लोग मामूली जुर्माना भरकर आसानी से छोड़ दिए जाते हैं और उनके वाहन भी वापस कर दिए जाते हैं। कोर्ट ने इसके बाद बिलासपुर क्षेत्र के लावर में पुलिस द्वारा जब्त की गई 18 कारों को हाईकोर्ट की अनुमति के बिना नहीं छोड़ने कहा था। अब शासन की ओर से जवाब पेश करने के बाद इन गाडि़यों को बांड भरने के बाद छोड़ने के आदेश दिए गए हैं।
शासन की ओर से चीफ सेक्रेटरी ने जवाब में कहा कि इस बारे में लोगों को भी जागरूक होना होगा। सिविक सेंस जरूरी है। शासन अपने स्तर पर कड़ाई के साथ ही नियमों का पालन करा रहा है।लोगों में जागरुकता अभियान हर थाने स्तर पर चलाए जा रहे हैं। कलेक्टर और एसपी की ओर से इसके लिए अलग से पत्र जारी किए जा रहे हैं। कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि गैर जिम्मेदार और खतरे में डालने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्ती जरूरी है ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस करें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता और समयपालन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रालय में आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी बीच सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 21 नवंबर को एक नया आदेश जारी किया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में AEBAS अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। इसके लिए जीएडी ने सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि, राज्य के समस्त कार्यालयों में कार्यरत शासकीय सेवकों की उपस्थिति के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली (आधार एनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम-एब्स) प्रारंभ किया जाना है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में सभी अधीनस्थ कार्यालयों में ई-ऑफिस में ऑनबोर्डिंग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा चुके हैं। ऐसे में निर्देश दिया गया है कि आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को यथाशीघ्र प्रारंभ किये जाने के लिए संलग्न प्रारूप में 28 नवंबर 2025 तक अनिवार्य रूप से जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि ई-ऑफिस के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी ही आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थित प्रणाली (AEBAS) के नोडल अधिकारी भी होंगे।
मंत्रालय में जारी है AEBAS ट्रायल रन, 1 दिसंबर से होगा अनिवार्य
बता दें कि मंत्रालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति का अनिवार्य ट्रायल रन 20 नवंबर से शुरू हो गया है। पारदर्शिता, समयपालन और प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने महानदी भवन और इंद्रावती भवन में AEBAS लागू करने की घोषणा की है। इससे पहले 19 नवंबर को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मुख्य सचिव विकास शील की मौजूदगी में नए सिस्टम का लाइव प्रदर्शन किया गया। बैठक में फेसियल ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली और दीवार पर लगाए गए आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरणों का डेमो प्रस्तुत किया गया।
ट्रायल के बाद 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय में AEBAS के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराना सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद चुनाव के अंतिम परिणाम आज घोषित कर दिए गए। चुनाव में पूरे राज्य से 25 अधिवक्ता निर्वाचित हुए हैं, जिनमें बिलासपुर से 7 सदस्य निर्वाचित हुए हैं।
अधिवक्ता परिषद के चुनाव 10 वर्षों के पश्चात हुए हैं, चीफ जस्टिस हाईकोर्ट छत्तीसगढ़ के सुमोटो पिटीशन के आदेश पर यह चुनाव कराया गया। चुनाव में सदस्यों के निर्वाचन से छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद का गठन हुआ है। अब यह 25 सदस्य आपस में मिलकर अध्यक्ष एवं अन्य कमेटियों का निर्धारण करेंगे, जिससे छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त अधिवक्ताओं के हित से संबंधित कार्य सुचारू रूप से चल सकेंगे।
अधिवक्ता परिषद के चुनाव में 25 सदस्यों ने जीत हासिल की, जिसमें 7 सदस्य बिलासपुर से चुने गए। इनमें मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेन्द्र दुबे, रूपेश त्रिवेदी, प्रभाकर सिंह चंदेल, चंद्रप्रकाश जांगड़े, आलोक कुमार गुप्ता, अनिल सिंह चौहान और रवि सिंह राजपूत शामिल हैं। वर्तमान चुनाव कुल 105 अधिवक्ताओं ने भाग लिया था। 25 सदस्यों को चुनने पूरे प्रदेश के लगभग 13350 अधिवक्ताओं ने मतदान किया था, जिसमें आलोक कुमार गुप्ता दूसरी बार इस चुनाव में निर्वाचित हुए हैं।
निर्वाचित सदस्यों के नाम
जो 25 सदस्य निर्वाचित हुए हैं, उनमें कमल किशोर पटेल, शत्रुघ्न सिंह साहू, ब्रिजेश नाथ पाण्डेय, शैलेन्द्र दुबे, रविन्द्र कुमार पाराशर, फैजल रिजवी, विवेकानन्द भोई, नरेंद्र कुमार सोनी, संतोष कुमार वर्मा, गणेश राम गुजराल, चन्द्र प्रकाश जांगड़े, अशोक कुमार तिवारी, प्रशांत तिवारी, प्रभाकर सिंह चंदेल, प्रवीन गुप्ता, उत्तम कुमार चंदेल, विराट वर्मा, अनिल कुमार गोयल, भास्कर प्रसाद साहू, जनार्दन कुमार त्रिपाठी, अनिल सिंह चौहान, रूपेश त्रिवेदी, आलोक कुमार गुप्ता, रवि सिंह राजपूत और बादशाह सिंह शामिल हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा-2024 में सफलता प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि युवा शक्ति की कड़ी मेहनत, अनुशासन, निरंतर तैयारी और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश की सेवा में एक नई शुरुआत के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी ने हमेशा उत्कृष्टता, साहस और लगन का परिचय दिया है। इस परीक्षा में सफल हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने धैर्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता से यह सिद्ध किया है कि प्रदेश की नई पीढ़ी प्रशासनिक सेवाओं में एक सशक्त स्थान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और दृढ़ निश्चय से प्राप्त यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये नवचयनित अधिकारी सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन की नई ऊँचाइयों को स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुखी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन नई नियुक्तियों से शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी युवा अधिकारी छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, सामाजिक न्याय, गरीबी उन्मूलन, महिला-शिक्षा सशक्तिकरण और ग्रामीण उन्नति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि इन सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह सफलता संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और अनुशासन के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे निरंतर सीखते रहें, स्वयं को बेहतर बनाते रहें और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।
मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल, सुखद एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और हर स्तर पर एक संवेदनशील, पारदर्शी और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में उनका सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को साहित्य जगत के प्रतिष्ठित ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य की उस विराट परंपरा के प्रतिनिधि हैं, जिसने अपनी सादगी, संवेदना और अद्भुत लेखन-शक्ति से साहित्य की दुनिया में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी लेखनी ने न केवल हिंदी भाषा को समृद्ध किया है, बल्कि पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का क्षण है कि विनोद कुमार शुक्ल को यह सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान साहित्य जगत में उनके अद्वितीय योगदान को प्रदर्शित करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विनोद कुमार शुक्ल के सुदीर्घ, स्वस्थ और सक्रिय जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका रचनात्मक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।