रायपुर। वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य आद्रभूमि प्राधिकरण द्वारा राज्य में वेटलैंड संरक्षण के लिए “वेटलैंड मित्र” बनाने का अभियान शुरू किया गया है। वेटलैंड मित्र स्थानीय आद्रभूमियों के संरक्षण में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पंजीकृत वेटलैंड मित्रों को वेटलैंड संरक्षण की मिलेगी जानकारी
वेटलैंड मित्र बनने के लिए इच्छुक व्यक्ति QR कोड स्कैन करके निर्धारित फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरकर अपने निकटतम आद्रभूमि क्षेत्र से जुड़ सकते हैं। पंजीकृत वेटलैंड मित्रों को वेटलैंड संरक्षण से संबंधित जानकारी, प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही वे वेटलैंड क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों की पहचान, अवैध गतिविधियों की सूचना देने तथा स्थानीय समुदाय तक आवश्यक जानकारी पहुँचाने में सहयोग करेंगे।
500 से अधिक वेटलैंड मित्र पंजीकृत
उल्लेखनीय है कि इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि पूरे राज्य में अब तक 500 से अधिक वेटलैंड मित्र पंजीकृत किए जा चुके हैं। यह संख्या न केवल जन-जागरूकता के बढ़ते स्तर को दर्शाती है, बल्कि आद्रभूमि संरक्षण के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करती है। वेटलैंड मित्र स्थानीय स्तर पर आद्रभूमि के स्वास्थ्य, संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी तथा वैज्ञानिक जानकारी के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कोरबा जिले में लगभग 200 वेटलैंड मित्र अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से संरक्षण कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
वेटलैंड मित्र आम जनता के बीच एक प्रभावी सेतु का कर रहे हैं कार्य
राज्य में जागरूक और समर्पित वेटलैंड मित्रों का मजबूत नेटवर्क विकसित किया गया है, जो विभाग और आम जनता के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य कर रहा है। इनके सहयोग से आद्रभूमि के जैव-विविधता मूल्य, पारिस्थितिक महत्व और सतत उपयोग की अवधारणाओं का व्यापक प्रसार हो रहा है।
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा की हो रही है रक्षा
वेटलैंड मित्र अभियान ने समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देते हुए राज्य की दीर्घकालिक संरक्षण योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान किया है। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा की रक्षा कर रही है, बल्कि जनता और प्रशासन को वेटलैंड संरक्षण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी सोच एवं मंशानुरूप परिवहन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ग्रामीण बस सेवा के तहत नई बसों का शुभारंभ किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है कराना
उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुगम और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य लगातार साकार हो रहा है। उनकी प्राथमिकता हमेशा से अंतिम व्यक्ति तक शासकीय सुविधाएं पहुँचाना रही है। ग्रामीण बस सेवा इसी संकल्प का प्रभावी उदाहरण है, जिसने गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की है।
विद्यार्थियों, महिलाओं और आमजनों को बड़ी सुविधा
नई बस सेवा शुरू होने से भरतपुर एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों तथा आम लोगों को अब नियमित और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सकेगी। अब विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुँचने में आसानी होगी, महिलाएं बिना परेशानी अस्पताल, बाज़ार और आवश्यक कामों के लिए अपने गंतव्य तक सुगमता से यात्रा कर सकेंगी, वहीं मजदूर वर्ग को रोजगार स्थलों तक पहुंचने में समय और सुविधा दोनों मिलेंगी।
इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बसों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित मार्गों पर रवाना किया गया। बसों के प्रस्थान के साथ ही ग्रामीणों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करती है।
ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
यह बस सेवा केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गांव और शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा तथा विकास की गति और तेज होगी। मुख्यमंत्री श्री साय की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्र अब सुविधाओं और विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य, जनपद सदस्य सुखलाल मरावी, नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, जनपद सीईओ, परिवहन अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
रायपुर। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में एक प्रेरक एवं गरिमामय क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बस्तर आर्ट में निर्मित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की। यह प्रतिमा जनजातीय विरासत, शौर्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक मानी जाती है।
मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा भेंट की गई यह मूर्ति भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण परंपराओं को सम्मानपूर्वक स्मरण कराने वाला एक सशक्त प्रतीक है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शकों ने इस भावनात्मक क्षण का गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं, कला, इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अप्रतिम योगदान को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की विरासत, संस्कृति और अमूल्य योगदान को संजोने, संरक्षित करने और सशक्त रूप से आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा संकल्प है कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जाए, ताकि उनकी गौरवशाली पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बने।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एक बार पुनः धर्मनगरी चंद्रखुरी से जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर माँ कौशल्या की पावन जन्मभूमि में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की गरिमा एवं पारंपरिक स्वरूपानुकूल भव्य मूर्ति की स्थापना की मांग की है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में लगाई गई मूर्ति का स्वरूप प्रभु श्री राम की पारंपरिक छवि से मेल नहीं खाता था, जिसके कारण व्यापक जन-विरोध उत्पन्न हुआ। श्री अग्रवाल ने न केवल इस विषय को सार्वजनिक मंचों पर बार-बार उठाया, बल्कि विधानसभा में भी दृढ़ता के साथ आवाज बुलंद करते हुए प्रभु श्री राम की गरिमा संगत नई मूर्ति स्थापना की मांग को मजबूती से रखा था।
सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद भी यह मांग लगातार उठती रही, किंतु लगभग दो वर्षों के बाद भी मूर्ति परिवर्तन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने से जनता में निराशा व्याप्त है। उनके संज्ञान में आया कि छत्तीसगढ़ के लिए निर्मित नई मूर्ति ग्वालियर में तैयार होने के बावजूद विभागीय उदासीनता के कारण उसे किसी अन्य राज्य में स्थापित किए जाने की स्थिति बन रही है—जो अत्यंत चिंतनीय है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अगले तीन महीनों के भीतर चंद्रखुरी में प्रभु श्री राम की पारंपरिक स्वरूपानुकूल भव्य मूर्ति की स्थापना सुनिश्चित की जाए तथा माँ कौशल्या की जन्मभूमि के समग्र विकास हेतु एक विस्तृत मास्टर प्लान बनाकर प्राथमिकता से कार्य आरंभ किया जाए।
श्री अग्रवाल ने सदैव जन-आस्था, सांस्कृतिक धरोहरों और छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक पहचान को सर्वोच्च महत्व दिया है। चंद्रखुरी के विकास को लेकर उनका सतत संघर्ष और प्रतिबद्धता इस बात का प्रमाण है कि वे न केवल क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा को संजोने वाले सच्चे प्रहरी भी हैं।
प्रदेशवासियों को पूर्ण विश्वास है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल की इस सार्थक पहल पर राज्य सरकार शीघ्र निर्णय लेकर माँ कौशल्या की पावन नगरी में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की गरिमा अनुरूप भव्य मूर्ति की स्थापना कर करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करेगी।
रायपुर। एक समय था जब कहा जाता था— “खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब”, लेकिन आज का भारत बदल चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी ‘खेलो इंडिया’ पहल ने इस सोच को बदलकर नया संदेश दिया है, “खेलोगे कूदोगे तो होगे कामयाब।” यह बात सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने अभनपुर में सांसद खेल महोत्सव में कही।
रायपुर लोकसभा क्षेत्र में गुरुवार को सांसद खेल महोत्सव के दूसरे चरण का भव्य आयोजन अभनपुर विकासखंड के गातापारा स्थित जीवोदय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया। खेल और संस्कृति से भरे इस शानदार महोत्सव में स्थानीय खिलाड़ियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके आगमन पर पूरे आयोजन स्थल का माहौल जोश, अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव से भर गया।
कार्यक्रम की शुरुआत एनसीसी, स्काउट्स एंड गाइड्स के कैडेट्स द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट से हुई, जिसने मैदान में अनुशासन और ऊर्जा का संदेश दिया। स्वागत-सम्मान के क्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत, पारंपरिक कर्मा नृत्य, तथा सेजस अभनपुर के छात्रों द्वारा ‘खेलो इंडिया’ थीम पर प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शक दीर्घा तालियों से गूंज उठी और पूरा परिसर उत्साह से भर गया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “सांसद खेल महोत्सव सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचान देने का एक राष्ट्रीय अभियान है। गांवों में छिपी अनगिनत प्रतिभाओं को बड़े मंच तक पहुंचाने के लिए यह महोत्सव ऐतिहासिक अवसर प्रदान कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलो इंडिया मिशन ने खेलों के प्रति नई सोच और ऊर्जा दी है। आज खिलाड़ी सिर्फ मैदान के सितारे नहीं, बल्कि देश के रोल मॉडल और ब्रांड एम्बेसडर बन रहे हैं।
अभनपुर में आयोजित यह विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता महोत्सव का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई, जहां विभिन्न आयु वर्गों के करीब एक हजार प्रतिभावान खिलाड़ियों ने 13 पारंपरिक व आधुनिक खेलों में भाग लेते हुए अपना कौशल प्रदर्शित किया। यहां के विजेता रायपुर में दिसंबर में होने वाले तीसरे और फाइनल आयोजन में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। अभनपुर से 14862 खिलाड़ियों ने सांसद खेल महोत्सव में पंजीयन कराया है।
सांसद अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों, विद्यालय परिवार, प्रशिक्षकों, आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा—“युवाओं की ऊर्जा, अनुशासन और प्रतिभा ही नए भारत की असली ताकत है। सांसद खेल महोत्सव इन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प है।”
सांसद अग्रवाल ने गातापारा खेल मैदान में बाउंड्री वॉल और कमरा निर्माण के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की साथ ही अभनपुर में स्विमिंग पूल निर्माण का भी बात कही है।
कार्यकम में विधायक इंद्र कुमार साहू, अध्यक्ष जनपद पंचायत अभनपुर चन्द्रिका बंजारे, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत खेलूराम साहू, जिला पंचायत सदस्य अन्नू तारक, चन्द्रकला ध्रुव, पूजा लोकमणी कोशले, यशवंत साहू, जनपद पंचायत सदस्य राजेश्वरी ध्रुव, सरपंच, ग्रा. पं. गातापार सावित्री वसंत कोसरे, अतुल शुक्ला, संजय शर्मा, एस डी एम रवि सिंह, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, खेल अधिकारी, समेत बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
रायपुर। दुकानदारों द्वारा फैलाई जा रही गंदगी पर आखिरकार रायपुर नगर निगम की सख्ती नजर आनी शुरू हो गई है. ताजा कड़ी में नगर निगम स्वास्थ्य विभाग जोन की टीमों ने गंदगी के साथ डस्टबीन नहीं रखने पर दुकानदारों पर जुर्माना लगाया है.
रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त विश्वदीप के निर्देशानुसार आज नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही के नेतृत्व एवं सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति में नगर निगम स्वास्थ्य विभाग जोनों की टीमों ने जनस्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से सघन अभियान चलाते हुए विभिन्न जोनों में 63 स्थानों पर गंदगी पाए जाने पर व्यक्तियों, संस्थाओं से 36200 रुपए का जुर्माना वसूला वहीं समझाईश देने के बाद भी दुकान में डस्टबीन नहीं रखने पर दुकानदारों पर 1300 रुपए का जुर्माना किया.
रात्रिकालीन गीले एवं सूखे कचरे का उचित निस्तारण के लिए टीम गठित
रायपुर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग ने व्यवसायिक क्षेत्रो प्रतिष्ठानों से निकलने वाले रात्रिकालीन गीले व सूखे कचरों का उचित निस्तारण किए जाने के साथ नाईट स्वीपिंग मशीन के सतत निरीक्षण और आ रही शिकायतों का निराकरण करने विशेष निरीक्षण दल गठित कर दिया गया है. इसमें प्रभारी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को नोडल अधिकारी और प्रभारी स्वच्छता निरीक्षकों को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है.
सभी नोडल और सहायक नोडल अधिकारी अपने अपने जोन क्षेत्र में रात्रि 10 बजे के बाद लगाई गई ड्यूटी अनुसार रात्रिकालीन दुकानो, ठेलो के कबरे का उचित निष्पादन करने हेतु निर्देश और गहन निरीक्षण कार्य करेगे. जोन अंतर्गत किया भी प्रकार से निरीक्षण में दोषी पाये गये दुकानदारों की सूची बनाकर आवश्यक कार्यवाही करेंगे. जिन जोनो में नाईट स्वीपिंग मशीन संलग्न है उन जोनो में निरीक्षण निर्धारित रूटचार्ट अनुसार किया जाएगा.
सड़क में बाधा पैदा करने वालों पर लगा जुर्माना
रायपुर नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उडनदस्ता टीम एव सभी जोनों की नगर निवेश विभाग टीमों ने नगर निवेशक आभास मिश्रा के नेतृत्व में जोनों के नगर निवेश उपअभियंताओ की उपस्थिति में निगम क्षेत्र के मुख्य मार्गों में आमजनों को सुगम आवागमन उपलब्ध करवाने सभी जोनो में अभियान चलाया. टीमों ने 238 स्थानों पर सड़क बाधा शुल्क और सीएण्डडी वेस्ट शुल्क के तौर पर कुल 172900 रुपए का जुर्माना संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों से उन्हें भविष्य के लिए नगर हित में समझाईश देकर वसूला.
राजनांदगांव। धान की अवैध बिक्री रोकने प्रशासन लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रहे। कलेक्टर के निर्देश पर राजनांदगांव जिले में राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल ने आज एक ही दिन में 25,42,000 रुपए के 820 क्विंटल (2050 कट्टा) धान जब्त किया है।
धान उपार्जन केन्द्र खुर्सीपार में ग्राम सेम्हरा के कोचिया/बिचौलिया स्वयं की फसल कटाई किए बिना ग्रीष्मकालीन धान को खरीफ फसल के साथ मिलाकर खपाने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डोंगरगढ़ ने जब्त कर प्रकरण बनाया। बता दें कि अब तक जिले में कोचिये और बिचौलियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए 55,92,400 रुपए के 1804 क्विंटल (4510 बोरी) धान एवं 2 वाहन की जब्ती की जा चुकी है। जब्त धान एवं वाहन को धान खरीदी अवधि के बाद ही मुक्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
राजनांदगांव जिले के 1500 छोटे एवं बड़े मंडी अनुज्ञप्तिधारियों को सूचीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी / तहसीलदार एवं खाद्य / मंडी के अधिकारियों को जांच कर अवैध रूप से भंडारित धान जब्त करने और सख्त कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं। जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक की रोकथाम के लिए कुल 3 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट क्रमशः बोरतलाब, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी स्थापित किए गए हैं, जहां मंडी/नगर सेना / वन विभाग एवं राजस्व के अधिकारियों की तीन पालियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है।
रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) द्वारा आयोजित दो दिवसीय MSME Conclave 2025 के दूसरे दिन उद्योग जगत, MSME प्रतिनिधियों और सरकार के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक भविष्य पर विस्तृत चर्चा की. रायपुर के विमतारा हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन मौजूद रहे.
विशेष अतिथि के रूप में भारत सरकार की ओर से MSME डायरेक्टर अंकिता पाण्डेय इस आयोजन में शामिल रही, CII के चेयरमैन संजय जैन, सीएसआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल समेत कई प्रमुख ट्रेनर्स, विशेषज्ञों और MSME प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक में बेहतर व्यवसाय, नई तकनीक और संसाधन प्रबंधन पर गहन चर्चा हुई.
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों की प्राथमिकता है कि अधिक से अधिक लोग उद्योग स्थापित करें, स्वरोजगार बढ़े और MSME मजबूत हों. प्रदेश को पौने 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. राज्य में 1,800 लघु और मध्य उद्योग स्थापित हो चुके हैं. इनसे 35,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल चुका है. दिल्ली, अहमदाबाद सहित अन्य राज्यों के निवेशक भी लगातार छत्तीसगढ़ में रुचि दिखा रहे हैं.
सरकार का फोकस लोगों को जागरूक कर कम खर्च में अधिक उत्पादन सिखाना है, ताकि स्थानीय उत्पाद देश ही नहीं, विदेशों में भी पहुंच सके…हम चाहते हैं कि हर घर से एक उद्यमी निकले, छोटे उद्योग स्थापित हों और बड़े स्तर पर रोजगार सृजित हो.
CII के चेयरमैन संजय जैन ने कहा कि CII लगातार MSME सेक्टर में कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, ताकि छोटे व्यापारियों को नई नीतियों, नई तकनीक और मार्केट तक पहुंच की जानकारी मिल सके. इस कॉन्क्लेव में 150 डेलीगेट्स को 5S जापानी ट्रेनिंग दी गई. व्यवसायियों को सिखाया गया कि नए मार्केट कैसे खोजें, निवेश कहां करें, कम लागत में अधिक उत्पादन कैसे करें.
उन्होंने कहा कि हम सरकार और व्यापारियों के बीच पुल की तरह काम करते हैं, ताकि MSME को पता चले कि उनके लिए क्या योजनाएं उपलब्ध हैं, और सरकार किन नीतियों पर ध्यान दे. भारत के GDP का 30% योगदान MSME सेक्टर का है, इसलिए यह क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है.
संजय जैन ने कहा कि समुद्री राज्यों को एक्सपोर्ट में आसानी होती है, लेकिन छत्तीसगढ़ को 600 किलोमीटर दूर होने के कारण बाधाएं आती हैं. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ट्रांसपोर्ट सब्सिडी दे रही है. CII ने सरकार को ट्रांसपोर्ट सब्सिडी और अन्य रियायतों पर सुझाव दिए हैं. इस कार्यशाला का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का MSME भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंच सके.
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जन गौरव दिवस 2025 के अवसर पर सरगुजा जिले में 20 नवंबर को पीया कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। गवर्नर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कोलोराडो जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार दुर्गा दास उइके, आदिम जाति विकास विभाग कृषि विकास विभाग मंत्री रामविचार परिवार नेताम, किसान मंत्री जिला सरगुजा एवं वित्त वाणिज्यिक कर विभाग मंत्रालय पत्रिका, पर्यटन संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग राजेश चौधरी, वन एवं प्लास्टिक एवं सुपरमार्केट मंत्रालय महिला एवं बाल विकास समाज विभाग की कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा के मिनियन चिंतामणी महाराज, उत्तर रायपुर के नेता पुरंदर मिश्रा, जगदलपुर के अध्यक्ष किरण सिंह देव, अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत भी शामिल रहीं।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने जनजातीय समाज प्रमुखों, पीवीटीजी समुदाय के समाज प्रमुखों, जनजातीय समाज के उत्थान में विशेष योगदान देने वालों, जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम में सेनानियों के परिजनों से भेंट की। श्रीमती मुर्मू ने इन सभी के साथ समूह फोटो खिंचवाई।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने देश की स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले जनजातीय जननायकों और सेनानियों के अंतिम संस्कार का सम्मान किया। राष्ट्रपति ने सोनाखान क्रांति के जननायक शहीद वीर नारायण सिंह एवं शहीद वीर नारायण सिंह के सेनापति, परलकोट क्रांति के जननायक शहीद गेंदसिंह, झंडा आंदोलन के जननायक सुकदेव पात्र, भूमकाल क्रांति के जननायक बंटू धुरवा, जंगल क्रांति के जननायक शहीद रामाधीन गोड़ स्वतंत्रता संग्राम, बोट सेनानी राजनाथ भगत एवं माझी राम गोंडा के संस्थापक से क्रांति के जननायक की।
राष्ट्रपति ने बिरहोर जनजाति के राजेश बिरहोर, अबुझमाड़िया जनजाति के रामजी ध्रुव, बागा जनजाति के एतवारी राम माछिया एवं पहाड़ी कोरवा जनजाति के जोगीराम से सौजन्य मित्र और हाल चाल पूछे। राष्ट्रपति ने इसी तरह की जनजाति जनजाति के मंगल मंदिर, नगेशिया जनजाति के धन्नाराम नागेश, खैरवार जनजाति के वीर सिंह खैरवार, कंवर जनजाति के संजय सिंह, नाग वंश जनजाति के लक्कू राम नाग वंश, मुरिया जनजाति के धनीराम शोरी, गोंड जनजाति के मोहन सिंह, पांडो जनजाति के विनोद कुमार पांडो और चेरवा जनजाति के डी.एन. चेरवा से भी उद्योगपति की।
पण्डो जनजाति के बसंत पण्डो से मिलकर जाना कुशलक्षेम, शॉल उद्योग कर दिया सम्मान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कार्यक्रम के दौरान पंडो जनजाति के बसंत पंडो से मिलें। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने अपने कुशल क्षेम जाना और उन्हें स्थापित करना शुरू कर दिया। बसंत पांडो ने बताया कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद जब वर्ष 1952 में अंबिकापुर आए थे, तब वे 08 वर्ष के थे। राष्ट्रपति ने बसंत पांडो को गोद लिया और उनका नामकरण किया। बसंत पांडो को गोद लेने के बाद, पांडो जनजाति को 'राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र' का दर्जा प्राप्त हुआ। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने बसंत पांडो से कहा कि आप मेरे भी बेटे की तरह हैं।
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जनजातीय गौरव दिवस 2025 के उपलक्ष्य में सरगुजा जिले में 20 नवम्बर को पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राज्यमंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार दुर्गा दास उईके, राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मंत्रालय भारत सरकार तोखन साहू, आदिम जाति विकास विभाग कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री रामविचार नेताम, प्रभारी मंत्री जिला सरगुजा एवं वित्त वाणिज्यिक कर विभाग मंत्री ओमप्रकाश चौधरी, पर्यटन संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग मंत्री राजेश अग्रवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन परिवहन सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास समाज कल्याण विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज, उत्तर रायपुर विधायक पुरंदर मिश्रा, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, महापौर अम्बिकापुर मंजुषा भगत भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम स्थल में जनजातीय संस्कृति, लोक कला एवं शिल्प, आभूषण एवं वस्त्र, पूजा-पाठ, संस्कार, व्यंजन, वाद्ययंत्रों, जड़ी-बूटियों आदि को प्रदर्शित करने हेतु प्रदर्शनियां लगाई गई। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
पारम्परिक अखरा स्थल एवं जनजातियों के धार्मिक आस्था के केंद्र देवगुड़ी में देवताओं की आराधना की
कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से बनाए गए जनजातियों के पारंपरिक अखरा स्थल एवं जनजाति निवासरत ग्रामों के प्रमुख धार्मिक आस्था के केन्द्र देवगुड़ी के मॉडल का अवलोकन कर यहां देवताओं की आराधना की।
अखरा छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा अंचल में निवासरत जनजातियों का सांस्कृतिक स्थल है, जो गाँवों के मध्य या चौराहे में स्थित होते हैं, जहाँ छायादार पेड़ों के झुण्ड भी होते हैं। ग्रामीणजन विभिन्न लोक पर्वों जैसे करमा, महादेव बायर, तीजा आठे, जीवतिया, सोहराई, दसई, फगवा के अवसरों में महिला एवं पुरूष सामुहिक रूप से इकट्ठा होकर लोकगीत गाकर पारम्परिक वाद्ययंत्रों की थाप में लोकनृत्य करके उत्साह मनाते हैं। प्रदर्शनी में जनजातीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य का प्रदर्शन किया। जनजाति निवासरत ग्रामों के प्रमुख धार्मिक आस्था के केन्द्र देवगुड़ी को राज्य में क्षेत्रवार विभिन्न नामों जैसे देवाला देववल्ला, मन्दर, शीतला, सरना आदि नामों से भी जानते हैं। देवगुड़ी में ग्रामीण देवी-देवता जैसे बुढ़ादेव, बुढ़ीदाई, शीतला, सरनादेव, डीहवारीन, महादेव आदि विराजमान होते हैं। जनजातीय विभिन्न लोकपर्वों के अवसरों में सामूहिक रूप से इकट्ठा होकर ग्रामीण बैगा की अगुवाई में पूजा-पाठ कर ग्राम की सुख, शांति, समृद्धि हेतु कामना करते हैं।
मिट्टी, लकड़ी से बने आवास मॉडल का किया अवलोकन
कार्यक्रम स्थल में छत्तीसगढ़ में निवासरत जनजातियों के पारंपरिक आवास का मॉडल बनाया गया था। राष्ट्रपति ने आवास मॉडल का भी अवलोकन किया। जनजातियों का आवास मिट्टी, लकड़ी से निर्मित होते हैं, जिसमें एक या दो कमरे व मुख्य कमरे के सामने की ओर परछी (बराम्दा) बने होते हैं। घर के छप्पर में ढालनुमा खपरैल लगे होते हैं। एक कमरे को रसोई कक्ष के रूप में उपयोग करते हैं, जिसमें रसोई उपकरण व घरेलू सामान रखते हैं, दूसरे कक्ष को शयन कक्ष के रूप में उपयोग करते हैं। परछी (बराम्दा) में अन्य घरेलू सामान जैसे ढ़ेकी, मूसल, सील-बट्टा, जांता आदि उपकरण होते हैं।
जनजातियों द्वारा विभिन्न लोकपर्वों एवं आयोजनों में पहने जाने वाले आभूषणों की लगी प्रदर्शनी, कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को पैरी और गमछा किया भेंट
इस दौरान राज्य के पारंपरिक आभूषणों की प्रदर्शनी लगाई गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर आभूषणों के संबंध में जानकारी ली। कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को पैरी और गमछा भेंट किया, जिसे राष्ट्रपति ने आत्मीयता के साथ स्वीकार किया। कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को बताया कि पारम्परिक आभूषण गिलट, तांबे, चांदी, सोना आदि धातु से निर्मित हैं, जिसे विभिन्न लोकपर्वों के अवसर में धारण करते हैं। इस दौरान गले में पहने जाने वाले हसुली, बांह में बहुटा, कलाई में ऐंठी, गले में रूपया वाला चंदवा, कमर में कमरबंध, पैर में पैरी एवं पैर की अंगुलियों में बिछिया, कान में ठोठा तथा नाक में पहने जाने वाले छुछिया (फूली) का प्रदर्शन किया गया।
वाद्ययंत्रों की लगी प्रदर्शनी
प्रदर्शनी में जनजातियों द्वारा लोकपर्वों में मनोरंजन के लिए बजाए जाने वाले वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति ने इन वाद्ययंत्रों को देखा। राज्य में निवासरत जनजातियां उत्साह के लिए तत, अवनद्ध, घन और सुषिर वाद्ययंत्रों का वादन करते हैं, जिनकी मधुर ध्वनियाँ उत्सव के अवसर में देखते ही बनते हैं। कई ऐसे वाद्ययंत्र है, जिनकी आवाजें मीलों दूर तक गुंजती है और लोगों को स्वतः नृत्य करने हेतु प्रेरित करती है। सरगुजा व बस्तर अंचल में तो कई महिनों तक निरंतर वाद्ययंत्र की आवाजें सुनाई पड़ती है। इन वाद्ययंत्रों के कारण ही जनजातियों के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आज भी जीवंत है। सरगुजा अंचल के जनजातियों द्वारा विभिन्न लोकपर्वां में वादन किया जाने वाले वाद्ययंत्र मांदर, ढोल, झांझ, मजीरा, तम्बूरा, सरंगी, खंजरी, बांसुरी, चौरासी, एवं पैजन आदि का प्रदर्शन किया गया है।
जनजातीय समुदायों द्वारा इलाज में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां की गई प्रदर्शित
कार्यक्रम स्थल में आयोजित प्रदर्शनी में राज्य में निवासरत जनजातियों द्वारा शारीरिक विकार के उपचार हेतु प्रयोग की जाने वाली जड़ी-बूटियां प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी में अष्वगंधा, कुलंजन, मुलेठी, सफेद मूसली, गिलोय, लाल झीमटी, अर्जून छाल, पिसीया, भुईचम्पा, गोखरू, कुटज की छाल, गुडमान की पत्ति, विरैता, रोहिने की छाल, बालमखिरा, हर्रा एवं बेहड़ा बड़ी ईमली की बीज, हड़सिंगार, अकरकरा, चिरईगोड़ी, शिलाजीत एवं बलराज आदि रखे गए हैं। वनांचल, पहाड़ी, घाटी, तराई में निवास करती हैं। इनके निवास क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के औषधियाँ पेड़-पौधे कन्दमूल बेल, आदि पाए जाते हैं। जनजाति समाज के लोग शारीरिक विकार होने पर इन्हीं जंगली-जडी बूटियों से अपना उपचार कराते हैं। जनजाति समाज के वैद्य, बैगा, गुनिया, हथजोड़ वंशानुगत रूप से लोगों का उपचार करते हैं।
पारम्परिक व्यंजन एवं कंदमूल
तीज-त्यौहारों, अन्य अवसरों में जनजातीय समुदायों द्वारा बनाए जाने वाले व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। यहां विभिन्न प्रकार के रोटी, चटनी, कोहरी (बरी), लड्डू आदि रखे गए हैं। जनजातीय महिलाएं प्रकृति प्रदत्त वस्तुओं से व्यंजन तैयार करते हैं तथा जंगलों से विभिन्न प्रकार के कंदमूल, फल-फूल आदि एकत्र कर खाद्य के रूप में उपयोग करते हैं। इस दौरान कांदा-पीठारू कांदा, डांग कांदा, नकवा (चूरका) कांदा, सखईन कांदा आदि प्रदर्शित किए गए हैं।
रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर एआरओ, जोन कमिश्नर और सीएमओ की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को इलेक्शन मोड में कार्य करते हुए शेष गणना पत्रकों के शीघ्र वितरण, कलेक्शन और एंट्री की गति तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर डॉ. सिंह ने अधिकारियों से क्षेत्रवार गणना प्रपत्रों के वितरण, कलेक्शन और एंट्री की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रक्रियाएँ सुचारू और समयबद्ध रहें, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित कर फॉर्मों का त्वरित कलेक्शन और डिजिटाइजेशन पूरा करने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने एसआईआर कार्य निर्धारित समयसीमा में, पारदर्शिता एवं व्यवस्थित ढंग से, संपन्न करने के निर्देश दिए।
बैठक में निगम आयुक्त विश्वदीप, उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवीन ठाकुर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
कोरबा। सीएसईबी के दर्री प्लांट में आज सुबह बड़ा हादसा हो गया. स्टॉप डैम का तटबंध टूटने से पॉवर प्लांट के अंदर पानी घुस गया, जिससे प्रोडक्शन ठप पड़ गया. प्लांट में पानी भरता देख कार्यरत कर्मचारी जान बचाकर भागे.
घटना सुबह करीबन 11 बजे की है. जब स्टाप डैम का तटबंध टूटने से बड़ी मात्रा पर पानी पॉवर प्लांट के अंदर जा घुसा. इस दौरान प्लांट के अंदर मैजूद कर्मचारियों में भगदड़ मच गया. कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई. वहीं प्लॉट के मशीनों में पानी घुस जाने से प्रोडक्शन ठप पड़ गया है.
पूरे घटनाक्रम को प्लांट प्रबंधन की लापरवाही बताया जा रहा है. डैम में पहले से दरार थी, जिसके संबंध में कर्मचारियों ने अधिकारियों को अवगत था, लेकिन अधिकारियों ने समय रहते खामी को दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया, जिसकी वजह से आज का हादसा हुआ है.
घटना के बाद प्लांट में घुसे पानी को निकालने का काम किया जा रहा है. वहीं तटबंध को बनाने के लिए अधिकारी-कर्मचारी जुटे हुए हैं. इस हादसे से हुए प्लांट को नुकसान का आंकलन समय आने पर किया जाएगा, लेकिन प्लांट का ठप हुआ विद्युत उत्पादन कब से शुरू हो पाएगा, इसका भी जवाब दे पाने में अधिकारी नाकाम नजर आ रहे हैं.
रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर संचालित धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान भंडारण और परिवहन के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कृषि उपज मंडी बालोद की उड़न दस्ता टीम ने आज विभिन्न गांवों में सघन जांच कर बड़ी मात्रा में अवैध धान जब्त किया।
तहसीलदार आशुतोष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उड़न दस्ता दल द्वारा मंडी अधिनियम के तहत अब तक कुल 06 प्रकरण दर्ज कर 218 क्विंटल धान जप्त किया गया है। आज की कार्रवाई में बालोद तहसील अंतर्गत ग्राम लिमोरा से 22 क्विंटल, लोण्डी से 40 क्विंटल, पोण्डी से 99 क्विंटल, भेड़िया नवागांव से 32 क्विंटल तथा बेलमांड़ से 24 क्विंटल धान अवैध भंडारण की स्थिति में पकड़ा गया।
जिला प्रशासन की यह सख्त और निरंतर निगरानी दर्शाती है कि अवैध धान के परिवहन एवं संग्रहण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
रायपुर। जमीन की नई गाइडलाइन दर जारी होते ही सियासी बयान सामने आने लगे हैं. पूर्व छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने इसे आम उपभोक्ताओं और किसानों को लूटने जैसा कृत्य करार दिया है. वहीं पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने इसे भू-माफिया के अनुसार बनाया कानून बताया है.
पूर्व छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने कहा कि यह आम उपभोक्ताओं और किसानों को लूटने जैसा कृत्य है. हमारी सरकार ने सरकारी कीमतों में 30% की कमी की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने वह छूट समाप्त कर दी है. इससे जमीन और मकान दोनों महंगे हो गए हैं.
उन्होंने अव्यावहारिक तरीके से गाइडलाइन दर बढ़ाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे जमीन के दाम कई गुना बढ़ जाएंगे. इससे किसान के साथ आम लोग नुकसान में रहेंगे. यह फैसला सिर्फ सरकार के राजस्व बढ़ाने के लिए है, इसमें आम उपभोक्ता और किसान लाभान्वित नहीं होंगे, इससे भूमाफिया को फायदा मिलेगा.
वहीं जमीन की नई दरों को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि बीजेपी लोगों को बेरोजगार करना चाहती है. कभी छोटे-छोटे जमीन लेने वाले लोगों की रजिस्ट्री को रोकने का प्रयास करती है, तो कभी खरीदी-बिक्री में अलग-अलग प्रयोग से शुल्क बढ़ाकर नुकसान पहुंचाने का काम करती है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार में भूपेश बघेल ने रियायत देने का काम किया था. इस सरकार में तो जमीन का व्यापार करने वाले लोग जुड़े हुए है. अब भू-माफियाओं के अनुसार नियम-कानून को बनाया जा रहा है, आम लोगों को आने वाले समय में बहुत परेशानी होने वाली है, यह गाइडलाइन लोगों का काम छीनने वाला है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बुधवार का दिन ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को नई ऊर्जा देने वाला दिन रहा। जहां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त के राज्य स्तरीय वितरण कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति में बहुप्रतीक्षित एकीकृत राज्य ब्राण्ड छत्तीसकला तथा डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का विमोचन किया।
ग्रामीण महिला उत्पादों को मिला राज्य का पहला एकीकृत ब्राण्ड ‘छत्तीसकला’
राज्य की ग्रामीण गरीब महिलाओं द्वारा निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को एक ही पहचान और एकीकृत बाजार मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ने 'छत्तीसकला' ब्राण्ड की शुरुआत की है। इस ब्रांड के अंतर्गत वर्तमान में मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पाद, चाय, अचार, स्नैक्स, हैंडलूम एवं हस्तशिल्प निर्मित ढोकरा आर्ट, बांस शिल्प, मिट्टी एवं लकड़ी उत्पाद, अगरबत्ती एवं पूजा सामग्री जैसे विविध उत्पादों पर मानकीकरण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की योजना है। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसकला ब्रांड ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। यह ब्राण्ड उनके उत्पादों को राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाएगा।
48 बीसी सखियों की सफलता की गाथा का डिजिटल फाइनान्स बुकलेट का हुआ विमोचन
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने डिजिटल फायनान्स बुकलेट का भी विमोचन किया गया, जिसमें राज्यभर की 48 बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट सखियों (बीसी सखियों) की प्रेरणादायक सफलताओं को दर्ज किया गया है।
3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप बैंकिंग सेवाएँ दे रही
वर्तमान छत्तीसगढ़ में कुल 3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप से घर-घर बैंकिंग सेवाएँ दे रही हैं और पिछले चार वर्षों में 3033.48 करोड़ से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो महिलाएँ कभी घरों से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, आज वही महिलाएँ गाँव-गाँव वित्तीय सेवाएँ पहुँचाकर सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन की राह बना रही हैं।
हजारों स्व-सहायता समूह को मिला वित्तीय सशक्तिकरण
इस भव्य कार्यक्रम से ग्रामीण महिला समूहों को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत 1080 स्व-सहायता समूहों को 1.62 करोड़ रुपए की रिवॉल्विंग निधि एवं 8340 स्व-सहायता समूहों को 50.04 करोड़ रूपए की सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज के रूप में 229.74 करोड़ रूपये प्रदान किये गए। इसके साथ ही 1533 महिला उद्यमियों को 6.23 करोड़ रुपए का उद्यमिता ऋण भी प्रदान किया गया है। इन वित्तीय प्रावधानों से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि एवं नए उद्यमों की स्थापना और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण समृद्धि, महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की नई दिशा
धमतरी में हुआ यह आयोजन न केवल आर्थिक सहायता का वितरण था, बल्कि ‘आत्मनिर्भर ग्रामीण छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। 'छत्तीसकला' ब्राण्ड, बीसी सखी मॉडल और व्यापक वित्तीय समर्थन तीनों मिलकर ग्रामीण आजीविका की दशा और दिशा बदलने वाले साबित होंगे।
जांजगीर-चांपा। जिले के बिरगहनी ग्राम पंचायत में चूना पत्थर खदान संचालकों द्वारा किए जा रहे अवैध खनन से भूजल प्रदूषण और भूजल स्तर में भारी गिरावट के साथ उत्पन्न गंभीर पर्यावरणीय और जन स्वास्थ्य संकट पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है. खनिज अधिकारी ने कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग और क्षेत्रीय अधिकारी, पर्यावरण संरक्षण मंडल को शीघ्र जांच कर की गई कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया है.
जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई आरटीआई कार्यकर्ता विकास शर्मा द्वारा राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के सलाहकार को भेजे गए ई-मेल के संदर्भ में की है. इस ई-मेल में चूना पत्थर खदान संचालकों द्वारा अवैध खनन के साथ ही फ्लाई ऐश की अवैध डंपिंग से हो रहे गंभीर पर्यावरणीय खतरों का उल्लेख किया गया था.
प्रमुख कार्रवाई और निर्देश
कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग, जांजगीर-चांपा को चूना पत्थर खदान संचालकों द्वारा अवैध खनन, भूजल प्रदूषण और भूजल स्तर में गिरावट से संबंधित बिंदुओं की शीघ्र जांच कर की गई कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया है.
वहीं क्षेत्रीय अधिकारी, पर्यावरण संरक्षण मंडल, बिलासपुर को अवैध खनन और फ्लाई ऐश की अवैध डंपिंग से उत्पन्न पर्यावरणीय संकट के बिंदुओं पर शीघ्र जांच करने और विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी खनिज शाखा को प्रेषित करने का निर्देश दिया है.
खनिज अधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे जल्द से जल्द अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि मामले में वैधानिक और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और जन स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोका जा सके.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे राज्य के लिए गाइडलाइन दरों का व्यापक, वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण करते हुए ऐतिहासिक कदम उठाया है. यह निर्णय जनता के हित, पारदर्शिता, उचित बाजार मूल्यांकन और नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. गाइडलाइन नियम 2000 के अनुसार दरों का प्रतिवर्ष पुनरीक्षण आवश्यक है, परंतु वर्ष 2017-18 के बाद से दरों में किसी प्रकार का संशोधन नहीं हुआ था. इस कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में भारी अंतर पैदा हो गया था—जिसका प्रतिकूल प्रभाव किसानों, भूमिस्वामियों, संपत्ति धारकों और आम नागरिकों पर पड़ रहा था.
राज्य में गाइडलाइन दरों के पिछले ढांचे नगरीय क्षेत्रों में दरों में भारी विसंगतियाँ थीं. एक ही सड़क, वार्ड या आसपास के क्षेत्रों में अनुपातहीन अंतर दिखाई देता था. एक ही सड़क पर स्थित संपत्तियों की दरें अलग-अलग थीं, जिससे नागरिकों को वास्तविक मूल्यांकन में कठिनाई होती थी. ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक ही मार्ग पर स्थित गाँवों की दरों में अतार्किक भिन्नता थी, जिससे किसानों को मुआवज़ा और बैंक लोन में नुकसान होता था. पिछले सात वर्षों में बने नए हाईवे, कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र आदि की दरें निर्धारित नहीं थीं, जिससे नागरिकों को संपत्ति मूल्य जानने में कठिनाई हो रही थी।
वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर गाइडलाइन दरों को पुर्ननिर्धारित करते हुए पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक, पारदर्शी और जनसुलभ बनाया गया है. नगरीय क्षेत्रों में गाइडलाइन को रोड-वाइज तैयार किया गया है, ताकि एक सड़क और समान परिस्थितियों वाले क्षेत्रों की दरें समान हों. अत्यधिक कंडिकाओं को समायोजित कर संख्या कम की गई, ताकि नागरिकों को मूल्य समझने में सरलता हो. ग्रामीण क्षेत्रों में सभी गाँवों की दरों को नक्शे में प्रविष्ट कर, समान मार्ग और समान परिस्थितियों वाले गाँवों की दरें यथासंभव समान और तर्कसंगत की गईं.वर्तमान दरों की वैज्ञानिक मैपिंग कर रैशनलाइज़्ड बेस रेट तैयार किए गए और इन्हीं के आधार पर नई दरें प्रस्तावित की गईं है.
जमीनों की नई सरकारी गाइड लाइन आज से लागू हो गई है। नीचे देखें राजधानी रायपुर के 70 वार्डों की नई सरकारी गाइडलाइन
रायपुर। रायपुर एयरपोर्ट में दिल्ली से रायपुर लैंड होने वाली फ्लाइट में तकनीकी समस्या आने के कारण भुवनेश्वर डायवर्ट कर दिया गया है। बताया जा रहा है आज सुबह विमान के लैंडिंग से ठीक पहले तकनीकी समस्या हुई। जिसके चलते फ्लाइट को डायवर्ट किया गया। वहीं दूसरी तरफ विमान के डायवर्ट करने से रायपुर से दिल्ली जाने वाली यात्रियों का काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक आज सुबह 9:15 बजे रवाना होने वाली इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E6476 को तकनीकी दिक्कतों के चलते रायपुर में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। जिसके बाद फ्लाइट को भुवनेश्वर के लिए डायवर्ट कर दिया गया। विमान के समय पर न पहुंचने से रायपुर से दिल्ली जाने वाले यात्री काफी परेशान हो रहे हैं। कई यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स और काम के शेड्यूल पर इसका असर पड़ा है।
बताया जा रहा है कि जिस फ्लाइट को रायपुर की जगह भुवनेश्वर डायवर्ट किया गया, वहीं विमान रायपुर से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाला था, जिससे आगे की शेड्यूल पूरी तरह प्रभावित हो गया। उधर एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद फ्लाइट को रायपुर लाने और आगे दिल्ली के लिए रवाना करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि अभी उड़ान के नए समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बार-बार हो रही ऐसी तकनीकी दिक्कतों से फ्लाइट में सफर करने वाले यात्रियों में काफी नाराजगी देखी जा रही है।