रायपुर। जहां-जहां भूपेश बघेल के पैर पड़े हैं, वहां-वहां क्या हुआ है, यह देश की जनता जानती है. अब तो लगता है कि उनकी किसी प्रदेश में ड्यूटी लगते ही वहां बगावत न हो जाए. यह बात वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को कहा.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पूरे देश की कोने-कोने की जनता मोदी जी के विजन को, उनके कमिटमेंट को, बिना एक दिन का छुट्टी लिए, बिना एक दिन थके, उनका अनथक प्रयास हो, अलग-अलग रूप में आशीर्वाद लगातार प्रदान कर रही है. चाहे दिल्ली का चुनाव हो, चाहे हरियाणा का चुनाव हो, चाहे महाराष्ट्र का चुनाव हो, चाहे बिहार का चुनाव हो. इतना बड़ा-बड़ा जनादेश मोदी जी के नेतृत्व को मिलता आ रहा है.
उन्होंने कहा कि नीतीश जी की बिहार में जंगलराज को समाप्त कर सुशासन स्थापित करने में बड़ी भूमिका है. इसलिए मोदी जी और नीतीश जी के प्रयासों को बिहार की जनता ने बड़ा आशीर्वाद दिया है.
कांग्रेस एक डुबती नाव बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस बात को पूरा देश जान चुका है. परिवारवाद की आकांक्षाओं को और हितों को पोषित करने के लिए पूरे कांग्रेस को झोंक दिया गया है. कांग्रेस के लोग भी अंदर ही अंदर इस बात से अब पूरी तरह से नाखुश हो चुके हैं कि किस तरह से एक परिवार के लिए, एक व्यक्ति के लिए पार्टी को झोंक दिया गया है. कांग्रेस के लोग अंदर से दुखी हैं. भूपेश जी भी अपने विपक्ष धर्म का निर्वहन कर रहे हैं. वाजिब ब्लेमगेम करते रहेंगे.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की गई है. प्रदेश में 15 नवंबर से सुचारु रूप से धान खरीदी प्रारंभ हुई है. और पहले ही दिन अलग-अलग सहकारी सोसायटी में 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई है. यह बात उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही.
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश के किसान पूरी तरह से निश्चिंत रहे, सरकार ने धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि धान खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से दिक्कत ना हो. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारी पूरी तत्परता से व्यवस्था संचालन में जुटे है.
साव ने कांग्रेस के खरीदी केंद्रों के निगरानी पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने किसानों के साथ धोखा किया है, वो क्या निगरानी करेंगे. दो साल का पुराना बोनस देने का वादा किया था, लेकिन पांच साल के सरकार में नहीं दिया. चार किस्त में देते थे, और चौथी किस्त में कटौती करते थे. छत्तीसगढ़ के किसान कांग्रेसियों की नियत अच्छी तरह से जानते है.
बिहार में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं के प्रचार वाले विधानसभा सीटों में हार पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस की विश्वनीयता समाप्त हो गई है. छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी विशेष रूप से जनता से बार-बार नकारे गए हैं. ऐसे में दूसरे राज्य की जनता इन पर कैसे भरोसा करेगी. जबकि छत्तीसगढ़ के हम भाजपा कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता वहां के संगठन के लोगों के साथ मिलकर उनके सहयोग से प्रचार में गए और ऐतिहासिक परिणाम बिहार में आया है. बिहार की जनता ने विकास और सुशासन को चुना है.
उप मुख्यमंत्री साव ने सुकमा में तीन नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने पर सुरक्षाबलों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चल रही है. हमारे सुरक्षा बल के जवान लगातार जंगलों में ऑपरेशन चला रहे है. और निश्चित रूप से मार्च 2026 में सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा. सुरक्षा बल के जवानों को बधाई देता हूं. वे दुर्गम इलाकों में जाकर नक्सल उन्मूलन का काम कर रहे हैं.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी है. राजधानी रायपुर अब जल्द ही टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में अपनी दस्तक दे सकता है. राज्य सरकार ने नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम को 30 साल की लंबी लीज पर छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को सौंप दिया है. साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले ने रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का भविष्य तय कर दिया है।
बता दें कि वनडे और टी-20 मैचों की सफल मेजबानी के बाद अब रायपुर का ये खूबसूरत स्टेडियम टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार हो रहा है. इस मैदान पर भारत बनाम दक्षिण अफ्रिका का वनडे मुकाबला खेला जाएगा. राज्य शासन से 30 साल की लीज मिलने के बाद छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने स्टेडियम के कायाकल्प का पूरा खाका तैयार कर लिया है. अब तक संघ सिर्फ मैदान की देखरेख करता था, लेकिन अब पूरा स्टेडियम संघ के पास होने से यहां बड़े बदलावों की तैयारी है.
मॉर्डन सुविधाएं जोड़ने की तैयारी
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के डायरेक्टर विजय शाह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर को लेकर कई सारी योजनाएं हमारे दिमाग में थी. हम जल्द ही बीसीसीआई के रोटेशन प्रणाली में शामिल हो जाएंगे, जिससे लगातार मैचों की अगुवाई का असवर मिलते रहेगा. उन्होंने बताया कि वह स्टेडियम को नए रूप में तैयार करना चाहते हैं. स्टेडियम के एक्टीरियर और इंटिरयर को आज के जमाने के अनुसार मॉडर्न टच देना चाहते हैं. आगे कहा कि स्टेडियम को बने लगभग 25 साल हो गए हैं. स्टेडियम में प्रैक्टिस विकेट्स, स्विमिंग पूल और जिम की कमी है, जिसे दूर करते हुए अंतराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी जाएंगी.
छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेगा बेहतर अवसर : मंत्री अरुण साव
डिप्टी सीएम और खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि स्टेडियम को राज्य सरकार ने लीज में देने का निर्णय लिया है. लगातार बड़े मैच छत्तीसगढ़ में होंगे है. छत्तीसगढ़ के बड़े प्रतिभाओं को बड़ा अवसर मिलेगा. छत्तीसगढ़ के युवाओं में क्षमता है. आने वाले समय में खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे.
रायपुर। बिहार विधानसभा चुनाव में NDA को मिले जनादेश के बाद अब मुख्यमंत्री के शपथ और मंत्रिमंडल गठन की चर्चा तेज है. इस बीच छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्य योजना बनाकर काम किया है. बिहार में जंगल राज को खत्म कर लोगों के जीवन में परिवर्तन लाया है. बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है.
बिहार चुनाव में भूपेश बघेल की भूमिका पर टिप्पणी
बिहार चुनाव में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सीनियर ऑब्ज़र्वर बनाया गया था. उनके चुनावी प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल पर विधानसभा स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भूपेश बघेल को जब-जब जिम्मेदारी मिली है, तब सभी जानते हैं कि क्या होता है. नीतीश कुमार की ईमानदारी और उनके नीतियों की यह जीत है.
28 से 30 नवंबर तक डीजी कॉन्फ्रेंस
डीजी कॉन्फ्रेंस को लेकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि डीजी कॉन्फ्रेंस में पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ अन्य राज्य के डीजी शामिल होंगे. नक्सल समस्या को लेकर एक निर्णायक दौर आया है. नक्सलवाद से देश आगे बढ़ चुका है. 2026 मार्च तक नक्सलवाद खात्मे की डेडलाइन तय हो चुकी है. शत प्रतिशत नक्सल समाप्ति करने में सफलता मिलेगी.
18 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के 18 नवंबर को बुलाए गए विशेष सत्र को लेकर जानकारी दी कि पुराने विधानसभा में एक दिन का सत्र होगा. जहां 25 साल बिताए उसका यह सत्र है. पुराने विधानसभा में सभी की यादें है. पुराने विधानसभा में यह अंतिम सत्र रहेगा. उन्होंने यह भी बताया कि शीतकालीन सत्र नए विधानसभा में आयोजित होगा.
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में बनाए गए वंदे मातरम् उद्यान का लोकार्पण एवं नाम पट्टिका का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने जिस अदम्य साहस और देशभक्ति के साथ अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया, उनका त्याग और बलिदान हमारे लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा। वे हमारे राष्ट्रगौरव हैं। उनकी स्मृति को अक्षुण्ण रखना और उनके परिजनों का सम्मान करना हमारे लिए सौभाग्य का विषय है।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजनों से मुलाकात की और उन्हें शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, महापौर पूजा विधानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
बिलासपुर शहर के शिव टाकीज चौक से पुराने बस स्टैंड चौक तक विस्तारित वंदे मातरम् उद्यान में नगर के सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नामों की पट्टिकाएँ स्थापित की गई हैं। नागरिकों के लिए उद्यान में टहलने एवं घूमने की सुविधा के साथ फाउंटेन, हरियाली और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “वंदे मातरम् उद्यान और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की नाम पट्टिका के माध्यम से उनकी स्मृतियों को संजोने का प्रयास किया गया है। यह केवल एक पट्टिका नहीं, बल्कि हमारे इतिहास का वह सजीव दस्तावेज है जिसे देखकर हर नागरिक गर्व महसूस करेगा। यह पहल युवाओं और आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करेगी।”
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर यह विशेष आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अमूल्य योगदान को स्मरण कर रहे हैं, जिनके बलिदानों से हमें आजादी मिली है।
बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित यह देश का पहला उद्यान है, जो स्थानीय वीरों को सम्मान देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा निर्मित वंदे मातरम् उद्यान का नाम वंदे मातरम् गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रखा गया है। उद्यान में कुल 25 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की नाम पट्टिकाएँ लगाई गई हैं, जिनमें स्व. ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर, रामगोपाल तिवारी, चित्रकांत जायसवाल, डॉ. वासुदेव देवरस, कालीचरण तिवारी, मथुरा प्रसाद दुबे, विश्वनाथधर दिवान, राजकिशोर शर्मा, प्रह्लाद पीपलवा, डॉ. शिवदुलारे मिश्रा, श्यामानंद वर्मा, मुरलीधर मिश्रा, रामकृष्ण पाण्डेय, ई. राघवेंद्र राव बैरिस्टर, हरनारायण वाजपेयी, राम चरण श्रीवास, चिंतामणि ओत्तलवार, भ्रमर गुप्ता, यदुनंदन/मनोहर सिंह, डॉ. भगवान दास ताहिलयानी, डॉ. दयाराम कलवानी, डॉ. मुरलीधर जैसवानी, क्रांति कुमार भारती, राम चरण साहू, बाल सेनानी गंगा प्रसाद वाजपेयी के नाम शामिल हैं।
कार्यक्रम में बिल्हा विधायक धर्मलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, नगर निगम सभापति विनोद सोनी, मोहित जायसवाल, राजा पांडे, पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश बाजपेयी, ई. रमेंद्र राव, मुरली खंडेलवाल, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन, सामाजिक संगठन तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर शनिवार को राजमोहिनी देवी भवन ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से जुड़कर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने आदिवासियों के उत्थान में भगवान बिरसा मुंडा की भूमिका को स्मरण कर उन्हें नमन किया तथा देश की आजादी में आदिवासी समुदाय के महापुरुषों के त्याग एवं बलिदान को याद किया। जनजातीय गौरव दिवस की सभी को शुभकामनाएं दीं।
जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि देश की स्वतंत्रता में स्वयं को समर्पित करने वाले आदिवासी समाज के सेनानियों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि आज भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हम उन्हें नमन करते हैं, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए उन्होंने अपना जीवन न्योछावर कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में स्थापित किया है। हम ऐसे महान स्वतंत्रता संग्राम राष्ट्र सेनानियों को याद करें, इसके लिए जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव वर्ष जनजातीय समुदायों के योगदान, गौरवशाली इतिहास और उनकी विरासत को समर्पित है।
लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने जनजातीय गौरव दिवस शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजातीय समाज को लाभ दिलाने के उद्देश्य से शासन द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई। जिसका प्रत्यक्ष लाभ आदिवासियों की जीवन शैली में नजर आ रहा। आज देश के गांव-गांव तक सड़क पहुंच रही है, स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों तक पहुंची है, आदिवासी क्षेत्रों तक शिक्षा, पेयजल, विद्युत पहुंच गए हैं। शासन आदिवासी समुदाय को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है, इसलिए आज हम जनजातीय गौरव दिवस मना रहे हैं।
सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि आज का दिन अपने आप में गौरव का दिवस है। आजादी के पहले अंग्रेजों के द्वारा आदिवासियों की जमीन लूटी गई, उनकी संस्कृति को तहस-नहस किया गया। तब भगवान बिरसा मुण्डा ने आंदोलन किया और इस आंदोलन के कारण यह नियम बना कि कोई भी आदिवासी का जमीन नहीं खरीद सकता। आज यह नियम आदिवासियों के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के द्वारा देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है। कई ऐसे महापुरुष हुए जिन्होंने आंदोलनों के माध्यम से अंग्रेजों के खिलाफ खड़े रहे। वहीं संस्कृति को बचाने में भी आदिवासी समुदायों ने अपनी भूमिका निभाई है।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, महापौर मंजूषा भगत, नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा,कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिले के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न आदिवासी समाजों के प्रतिनिधि, आमजन उपस्थित थे।
बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी हुए सम्मानित
इस दौरान हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले सरगुजा जिले के अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी सम्मानित हुए। इस दौरान 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर से समली, शारदा सिंह एवं विद्या सिंह, संत यूजिन अंग्रेजी माध्यम बोदा बतौली से निलिश्मा तिर्की तथा शा.बहु.उ.मा. विद्यालय अम्बिकापुर से आलोक कुमार सम्मानित हुए। वहीं 12 वीं हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में क्रिश्चियन उ.मा.वि. सूर्यापारा से अनुप खेस्स, विवेकानंद विद्या निकेतन उ.मा.वि अम्बिकापुर से जेनीरीमा मिंज एवं कविता टोप्पो, शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर से समीर खाखा एवं शासकीय बालक उ.मा.वि. लुण्ड्रा से अनुराग सिंह सम्मानित हुए।
उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव एवं वीर नारायण सिंह कला महोत्सव 2025 के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का हुआ आयोजन-
इस दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विकासखण्ड स्तर पर चयनित कुल 14 दलों के बीच प्रतियोगिता हुई। इसके साथ ही कार्यक्रम में वीर नारायण सिंह कला महोत्सव 2025 के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन हुए, जिसमें विकासखण्ड स्तर पर चयनित कुल 7 दल प्रतियोगिता में शामिल हुए।
रायपुर। पुलिस परेड ग्राउंड, बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास शौर्य, बलिदान और गौरव से ओत-प्रोत है। देश की स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय वीरों का योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय रहा है, किंतु इतिहास के पन्नों में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक रूप से अधिकारी थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा की स्थापना तथा शहर के एक प्रमुख चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने लाल खदान ओवरब्रिज का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर करने, जनजातीय बालक-बालिकाओं के लिए 300 और 200 सीटर के अत्याधुनिक पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास की स्थापना तथा कोटा ब्लॉक में जनजातीय समाज के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक उपेक्षा को सुधारा है और जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान एवं विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। वे स्वयं भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि में गए और समाज की प्रगति के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने के निर्णय ने पूरे देश में स्वाभिमान और गर्व की नई चेतना जगाई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती संग्रहालय और रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन कर देशभर के जनजातीय वीरों और नायकों के योगदान को सम्मानित किया है। यह संग्रहालय डिजिटल स्वरूप में भी उपलब्ध है, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास से बेहतर ढंग से परिचित हो सके।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने ही झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर जनजातीय समाज को नई पहचान दी। उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय की स्थापना कर जनजातीय विकास हेतु विशेष बजट प्रावधान सुनिश्चित किए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से लगभग 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि से देश के 6,600 से अधिक गांवों में तीव्र विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत सड़क, आवास और मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है तथा इस उपलब्धि के लिए राज्य को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर जिले में 329 करोड़ 77 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास पर जनता को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में जनजातीय समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों, समाजसेवियों तथा स्कैच तैयार करने वाली दीपिका ध्रुव को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधियों से चर्चा की और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने की। उन्होंने कहा कि आज का दिन बिलासपुर के लिए सौभाग्य और सम्मान का दिन है, जब 329 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को स्वतंत्रता आंदोलन के महा-नायक बताते हुए नवा रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम की विशेषताओं का उल्लेख किया और सभी से उसे अवश्य देखने की अपील की।
इस अवसर पर विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, जनजातीय समाज के हेमंत राज, वीरेंद्र सिंह राज, उमेश कश्यप, वंदना उइके, वेद सिंह मरकाम, संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के तुमालपाड़ जंगल में नक्सलियों और जवानों के बीच रविवार सुबह मुठभेड़ हुई. जवानों ने मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को ढेर कर बड़ी सफलता हासिल की है. इनमें 5 लाख का इनामी नक्सली कमांडर माड़वी देवा शामिल है. साथ ही मुठभेड़ में पोड़ियम गंगी (सीएनएम कमांडर) और सोड़ी गंगी (एरिया कमेटी सदस्य) मारे गए हैं. मौके से कई हथियार और विस्फोटक बरामद किया गया है.
जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी के जवानों ने सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया था. रविवार सुबह जवानों के इलाके में पहुंचते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए गोलियों का जवाब दिया. दोनों तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही. मुठभेड़ में जनमिलिशिया कमांडर माड़वी देवा, सीएनएम कमांडर पोड़ियम गंगी और एरिया कमेटी सदस्य सोड़ी गंगी ढेर हुए हैं.
मौके से कई हथियार और विस्फोटक बरामद
इस दौरान मौके से 303 राइफल, BGL लॉन्चर्स, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है. जवानों का क्षेत्र में संघन सर्च अभियान जारी है.
रायपुर। अस्पतालों की गुणवत्ता, सुरक्षा और नियमानुसार उपचार सुनिश्चित करने में अनियमितता पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में खामियां मिलने के बाद बलौदाबाजार जिले में संचालित दो निजी अस्पतालों के आयुष्मान पंजीयन 3 माह के लिए सस्पेंड कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आरोग्यम हॉस्पिटल सिमगा एवं ओमकार हॉस्पिटल बलौदाबाजार की जांच कराई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उक्त दोनों अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर राज्य कार्यालय को अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई। अनुशंसा के आधार पर राज्य नोडल एजेंसी ने आरोग्यम हॉस्पिटल सिमगा एवं ओमकार हॉस्पिटल बलौदाबाजार का आयुष्मान पंजीयन 3 माह के लिए सस्पेंड कर दिया है।
जांच में मिली ये प्रमुख खामियां
अस्पताल स्टाॅफ की योग्यता का सत्यापन न होना, आवश्यक मेडिकल उपकरणों का अभाव, केस शीट और उपचार रजिस्टर में गड़बड़ियां, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली कमजोर, दवाइयों और प्रक्रियाओं की गलत प्रविष्टियां, आवश्यक सुविधाओं की कमी, मरीजों की देखरेख में खामियां मिली।
रायपुर। नए साल में रायपुर-मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों को नई फ्लाइट का विकल्प मिलेगा. दोनों शहरों के बीच यात्रियों की काफी संख्या को देखते हुए इंडिगो एयरलाइंस एक फरवरी से चौथी उड़ान शुरू करने की तैयारी में है. यह फ्लाइट दोपहर के शेड्यूल में आवाजाही करेगी. चौथी फ्लाइट आने के बाद यात्रियों का सफर और आसान होने की उम्मीद है. रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों से संचालित होने वाली फ्लाइटों में दिल्ली, मुंबई की डिमांड काफी रहती है. दिल्ली के लिए अब नियमित रूप से आठ उड़ान का संचालन किया जाता है.
अभी मुंबई रायपुर के बीच निजी एयरलाइंस अपनी तीन उड़ानों का संचालन करता है. सामान्य दिनों में भी दोनों शहरों के बीच का किराया दस हजार से अधिक होता है और पीक सीजन में तो इसका किराया दो से ढाई गुना तक पहुंच जाता है. यात्रियों की संख्या और डिमांड को ध्यान में रखते हुए इंडिगो ने रायपुर से नवी मुंबई के बीच एक फरवरी से चौथी उड़ान शुरू करने की घोषणा की है. यह फ्लाइट दोपहर के शेड्यूल में आवाजाही करेगी. रायपुर-मुंबई के बीच विमानों की संख्या बढ़ाने की मांग काफी समय से की जा रही थी.
दो साल पहले एयर इंडिया की मुंबई-रायपुर- विशाखापट्नम की उड़ान बंद होने के बाद दोनों शहरों के बीच का चौथा संपर्क टूटा था. एक फरवरी से शुरू होने वाली यह फ्लाइट 6ई 2283 बनकर नवी मुंबई से दोपहर 12.50 बजे रवाना होकर 14.35 बजे रायपुर में लैंड होगी. वहीं वापसी के दौरान 6ई22844 बनकर यह दोपहर 3.05 बजे टेकऑफ होकर शाम 5.05 बजे मुंबई में लैंड होगी. विमानन अधिकारियों के अनुसार यह समय व्यापारी, छात्रों और मेडिकल ट्रैवलर्स के लिए बेहद फायदेमंद रहेगा. वर्तमान में रायपुर से मुंबई की तीन फ्लाइट सुबह 8.40 बजे, 9.40 और शाम 5.355 बजे संचालित होती है.
20 नवंबर को प्रभावित रहेगी उड़ान
मुंबई एयरपोर्ट में मानसून के बाद होने वाले रखरखाव की वजह से 20 नवंबर को विमानों का ऑपरेशन छह घंटे प्रभावित रहेगा. सुबह 11 से शाम 5 बजे तक रनवे बंद रहने की वजह से इस अवधि में आवाजाही करने वाले विमानों को री-शेड्यूल के साथ स्थगित भी किया जाएगा. इस अवधि में रायपुर के लिए आवाजाही करने वाली एक उड़ान प्रभावित रहेगी.
बलरामपुर। भगवान बिरसा मुंडा के 150 जयंती पर जिले के ऑडिटोरियम प्रांगण, बाजारपारा में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात से वर्चुअली रूप से जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई भूमिका और उनकी प्रेरणादायक जीवनी का उल्लेख किया।
जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रामविचार नेताम के आगमन पर जनजातीय समाज प्रमुखों ने पारम्परिक पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मंत्री श्री नेताम ने स्वयं पारम्परिक वाद्य यंत्र मांदर बजाते हुए पर मुख्य मंच पर पहुंचे। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र सहित जनजातीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मंत्री श्री नेताम ने 126 करोड़ 82 लाख 65 हजार रूपये की लागत से तीन एकलव्य आदर्ष आवासीय विद्यालय, तीन बालक आश्रम का भूमिपूजन तथा पीएम जनमन योजना के तहत बहुउद्देषीय आमाकोना का लोकार्पण किया।
जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, नगरपालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य कृष्णा गुप्ता,कलेक्टर राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान मंत्री श्री नेताम ने विभिन्न अदिवासी समुदाय के समाज प्रमुखों को साल और शील्ड से सम्मानित किया।
कृषि मंत्री श्री नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आप सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मदिवस को पूरे भारत मे जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय आदिवासी समाज का गौरव बढ़ाया है। प्रधानमंत्री आज गुजरात से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र से कार्यक्रम में शामिल होकर बिरसा मुंडा की जयंती पर बधाई दे रहे है यह हमारे आदिवासी समाज के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि आदिवासी जनजाति के लिए ऐसा कोई पर्व नही था, परन्तु प्रधानमंत्री ने बिरसा मुंडा के जयंती को पूरे भारत का पर्व बना दिया है जिसे आज पूरा देश मना रहा है।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि समाज मे कई ऐसे महापुरुष है जो देश के लिए अपनी जान गंवाई है, उन्ही महापुरुषों में भगवान बिरसा मुंडा विशेष स्थान रखते है। उन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आज जनजातीय गौरव दिवस है। बिरसा मुंडा ने आदिवासी संस्कृति को बचाने, समाज को सही दिशा देने तथा आजादी में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की जनजातीय के गौरव के लिए यह दिवस मनाया जा रहा है। जिसके माध्यम से जनजातीय शहादतों को याद किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए जनजातीय म्यूजियम का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के द्वारा जनजातीय वर्ग के विकास के साथ,संस्कृति का संरक्षण करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि हमारी लोक संस्कृति, परंपरा, पहनावा को संजोना है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व होता है कि हमारी राष्ट्रपति विशेष पिछड़ी जनजाती की है। जिससे हमारा मान सम्मान स्वाभिमान बढ़ा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय वर्ग का उत्थान करने का प्रयास किया जा रहा है। हमे लगातार आदिवासी समुदाय को आगे बढ़ाने के लिए मिल कर कार्य करना है। और उन्हें शासन की समस्त योजनाओं से लाभान्वित करना है।
मंत्री नेताम ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन
मंत्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर आदिवासी विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। स्टॉलों के माध्यम से विभागीय अधिकारियों ने अपनी-अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी जिससे आमजन को योजनाओं का लाभ समझने और प्राप्त करने में सहूलियत हो।
जनजातीय हितग्राहियों को दी गई स्वेच्छानुदान राशि
पीएम आवास की चाबी, मिनीकिट सहित विभिन्न सामग्रियों का वितरण
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा जनजातीय हितग्राहियों को स्वेच्छानुदान की राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत लाभार्थियों को पीएम आवास जनमन की चाबी, बैंक लिंकेज हेतु चेक, कृषि विभाग के तहत मसूर मिनी-किट तथा स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत आयुष्मान कार्ड का वितरण किया गया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विषयों, सामान्य ज्ञान, खेल, बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र का भी वितरण किया।
शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव अंतर्गत पारंपरिक नृत्यों की मनमोहक झलक
कर्मा, शैला और सोन्दों नृत्य ने दर्शकों का मन मोहा
शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव अंतर्गत आज सभी विकासखंडों से आए नर्तक दलों ने पारंपरिक वेश-भूषा और वाद्य यंत्रों के साथ आकर्षक प्रस्तुति दी। इसमें कुसमी विकासखंड के ग्राम खजुरी के नर्तक दल ने कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार शंकरगढ़ के ग्राम सिलफिली के दल ने शैला नृत्य की प्रस्तुति देकर द्वितीय स्थान तथा राजपुर विकासखंड के ग्राम कोदौरा से आए दल ने सोन्दों नृत्य प्रस्तुत कर तृतीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि श्री नेताम द्वारा विजेता दलों को सम्मानित किया गया
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सात दिवसीय स्वदेशी मेला का अवलोकन करने पहुंचे। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच परिवार, बिलासपुर द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत माता, भगवान बिरसा मुंडा और राष्ट्रऋषि दत्तोपंत ठेंगड़ी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने स्वदेशी स्टालों का अवलोकन किया और कारीगरों, स्व-सहायता समूहों एवं युवा उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक धुरी को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वदेशी मेला में स्थानीय परंपराओं के संवर्धन, ग्रामीण-शहरी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। हस्तशिल्प, कोसा वस्त्र, ढोकरा एवं बेलमेटल कला, गृह सज्जा सामग्री, जैविक उत्पाद और पारंपरिक व्यंजनों से सजे स्टॉलों ने आगंतुकों का विशेष आकर्षण खींचा। मेले में प्रदर्शित हस्तनिर्मित उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “न्यायधानी बिलासपुर में स्वदेशी मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और आत्मसम्मान का उत्सव है।” उन्होंने स्वदेशी जागरण मंच के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी को नमन करते हुए कहा कि मंच द्वारा स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि मंच के पदाधिकारी वर्षों से प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्वदेशी मेलों का आयोजन करते आ रहे हैं। इस वर्ष पहली बार बस्तर में भी स्वदेशी मेला आयोजित हुआ, जिसमें गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी की शक्ति को सबसे पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पहचाना था। महात्मा गांधी ने चरखा चलाकर स्वराज और स्वदेशी को जनांदोलन बनाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वदेशी एक विचार है, जो हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और राष्ट्र की आत्मा को मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा दी। ‘लोकल फॉर वोकल’ के आह्वान ने देशभर में स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन को गति प्रदान की। आत्मनिर्भर भारत अभियान ने स्वदेशी निर्माण और उद्यमिता को मजबूती दी। ‘मेक इन इंडिया’ और कौशल विकास अभियान ने लाखों युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “यदि हम विदेशी वस्तुएं खरीदेंगे तो हमारा पैसा विदेश जाएगा, इसलिए स्वदेशी अपनाना राष्ट्रहित में अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने व्यापारियों से भी आग्रह किया कि वे अपनी दुकानों में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता से प्रदर्शित एवं विक्रय करें, ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का कोसा, ढोकरा आर्ट और बस्तर का बेलमेटल आज वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। हमारे स्व-सहायता समूहों की बहनें उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिनकी मांग स्थानीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का बड़ा मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक सोच नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा, एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और आत्मनिर्भरता की आधारशिला है। वैश्वीकरण की प्रतिस्पर्धा के दौर में भी स्वदेशी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और विदेशी बाजारों में भी छत्तीसगढ़ के उत्पाद अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा—“आइए, हम सब मिलकर हर घर स्वदेशी–हर हाथ स्वदेशी का संकल्प लें। यही आत्मनिर्भर भारत, मजबूत छत्तीसगढ़ और समृद्ध समाज का पथ है।” मुख्यमंत्री ने स्वदेशी जागरण मंच, उद्यमियों, स्व-सहायता समूहों, कुटीर उद्योगों और उपभोक्ताओं को स्वदेशी आंदोलन को मजबूत करने तथा मेले को सफल बनाने के लिए बधाई और धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मेला में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत 04 हितग्राहियों को प्रथम ऋण राशि वितरित की।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने स्वदेशी जागरण मंच को कार्यक्रम की दिव्यता और निरंतरता के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में इस आयोजन ने वास्तविक रूप से एक विशाल मेले का स्वरूप ग्रहण कर लिया है, जो स्वदेशी विचारधारा की जनस्वीकृति को दर्शाता है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को देश की नई दिशा बताया। उन्होंने कहा कि “अब हमें केवल आर्थिक आज़ादी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आज़ादी की ओर भी आगे बढ़ना है। आत्मनिर्भर भारत का मूल मंत्र यही है कि हम स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग बढ़ाएं, स्थानीय उत्पादों को सम्मान दें और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।”
विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में स्वदेशी आंदोलन ने निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने महात्मा गांधी के पहले स्वदेशी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि “गांधी जी जब दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे, तब विदेशी कपड़ों की पहली बार सार्वजनिक होली जलाकर यह संदेश दिया कि देश को आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वदेशी अपनाना आवश्यक है।”
विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा वर्ष 1991 में प्रारंभ की गई पहल आज देश के आत्मनिर्भर भारत अभियान की आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि उस समय स्वदेशी का संदेश एक आंदोलन था, आज यह राष्ट्र के आर्थिक स्वाभिमान का मूल मंत्र बन गया है। विधायक अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य तभी संभव है जब देश के नागरिक भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
कार्यक्रम के समापन में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। स्वागत समिति के अध्यक्ष प्रवीण झा ने स्वागत भाषण दिया। वहीं सुब्रत चाकी ने स्वदेशी मेला का प्रस्तावना प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव, विधायक धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडेय, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओडिशा के सुंदरगढ़ में 11 नवंबर से 15 नवंबर 2025 तक आयोजित चौथी राष्ट्रीय कीड़ा प्रतियोगिता में पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के लगभग 7000 खिलाड़ियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ राज्य के 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में विद्यालय, जिला, संभाग एवं राज्य स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 466 प्रतिभागियों सहित कुल 516 सदस्यीय दल इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य में जनजातीय शिक्षा, खेल संसाधनों के सुदृढ़ीकरण तथा युवा खिलाड़ियों के निरंतर प्रोत्साहन की दिशा में सरकार के प्रयासों का परिणाम है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ओडिशा में आयोजित चौथे EMRS राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 2025 में छत्तीसगढ़ राज्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समग्र रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य के युवा खिलाड़ियों की अथक मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट कौशल का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की पूरी टीम को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार, उन्नत प्रशिक्षण, कोचिंग और आवासीय विद्यालयों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन तथा अभिभावकों के प्रति भी आभार जताया, जिन्होंने बच्चों को राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता में प्रदेश के विद्यार्थियों ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए 55 स्वर्ण, 43 रजत एवं 64 कांस्य पदक, कुल 162 पदक हासिल किए और राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का परचम ऊँचा किया। विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया—स्वीमिंग में 10 स्वर्ण, 09 रजत व 07 कांस्य, कुश्ती एवं एथलेटिक्स में 07-07 स्वर्ण, ताईक्वांडो एवं तीरंदाजी में 05-05 स्वर्ण, तथा जूडो एवं बैडमिंटन में 04-04 स्वर्ण पदक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर ओड़िशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी एवं केन्द्रीय मंत्री जुएल ओराम द्वारा छत्तीसगढ़ की प्रतिभागी टीम को ट्रॉफी प्रदान की गई। यह उपलब्धि प्रदेश के विद्यार्थियों की प्रतिबद्धता, लगन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में 27,300 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में बेहतर शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी सतत प्रयास का परिणाम है कि आज एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पटल पर शानदार सफलता प्राप्त करते हुए आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग सहित पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ.सारांश मित्तर ने भी सभी विजेता छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
रायपुर/बलौदा बाजार। किसान, छत्तीसगढ़ की समृद्धि, आत्मनिर्भरता और गौरव के सबसे बड़े शिल्पकार है यह कहना है सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने बलौदा बाजार जिले के ग्राम अर्जुनी में धान खरीदी केंद्र का विधिवत पूजन कर शुभारंभ किया। पूजन के बाद उन्होंने उपस्थित किसानों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और कृषि से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की।
सांसद बृजमोहन ने कहा कि छत्तीसगढ़ का किसान प्रदेश की जीवनधारा है, अन्नदाता ही हमारी अन्न–शक्ति है। खेतों में दिन–रात मेहनत करने वाले किसान भाइयों की तपस्या से ही राष्ट्र का अन्न–भंडार सुरक्षित रहता है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकता हमेशा से किसान, गांव और खेत रहे हैं। भाजपा सरकार किसानों को सम्मान, सुरक्षा और उचित मूल्य देने के लिए प्रतिबद्ध है। MSP पर पारदर्शी खरीदी, समय पर भुगतान और बोनस–प्रोत्साहन जैसे फैसले इसी संकल्प का प्रमाण हैं।
सांसद बृजमोहन ने ग्राम अर्जुनी के किसानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि, आपकी मेहनत धान के हर एक दाने में चमकती है। आप ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि, आत्मनिर्भरता और गौरव के सबसे बड़े शिल्पकार हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी केंद्रों में किसी भी किसान को किसी प्रकार की परेशानी न हो। तौल, परिवहन, भुगतान और सुरक्षा की सभी व्यवस्थाएं पूरी तेजी व पारदर्शिता से संचालित हों। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सहकारी समिति भवन के लिए 10 लाख रुपए और सीसी रोड के लिए 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगामी 20 नवंबर को सरगुजा जिला आगमन कार्यक्रम प्रस्तावित है।राष्ट्रपति के प्रवास की तैयारियों के सम्बंध में आज प्रदेश के वित्त मंत्री एवं सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री ओ. पी. चौधरी ने संभागस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में सरगुजा संभाग के समस्त जिलों के कलेक्टर, एसपी सहित सम्बंधित अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े।
बैठक में वित्तमंत्री श्री चौधरी ने जिलेवार चर्चा करते हुए स्टॉल निर्माण, आवागमन, पार्किंग सहित अन्य तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल सहित हेलीपैड एवं आवागमन मार्ग में भी सुरक्षा के कड़े इंतेजाम हों। स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। फायरब्रिगेड, एसडीआरएफ की टीम की कार्यक्रम स्थल पर तैनाती करें। उन्होंने कार्यक्रम हेतु मजिस्ट्रियल ड्यूटी के सम्बन्ध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन आपसी समन्वय से कार्यक्रम को सफल बनाएं। सभी विभाग अपने दायित्वों का गम्भीरता से निर्वहन करें। बैठक के पश्चात उन्होंने कार्यक्रम स्थल पीजी कॉलेज ग्राउंड का निरीक्षण किया। उन्होंने टेंट पंडाल की व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, स्टॉल आवागमन, यातायात, पार्किंग, रूट चार्ट , हेलिपैड, सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस अवसर पर लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, महापौर मंजूषा भगत, सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा, कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का शुभारंभ किया गया। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने आए किसानों का स्वागत तिलक एवं पुष्प भेंट कर आत्मीयता से किया गया। खरीदी केन्द्रों का माहौल आज उत्सव और गहमा–गहमी से भरा दिखाई दिया। मौके पर उपस्थित किसानों के चेहरे पर उत्साह, संतोष और शासन के प्रति आभार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। विभिन्न जिलों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कांटा- बांट एवं धान की पूजा-अर्चना कर तौल प्रक्रिया का विधिवत आरंभ किया गया।
प्रदेश में आज कुल 195 उपार्जन केन्द्रों में 19464 क्विंटल धान का उपार्जन किसानों से किया गया। शासन द्वारा राज्य के 2,739 उपार्जन केन्द्रों में खरीदी संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्ण कर ली गई हैं। उल्लेखनीय है कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों द्वारा आंशिक रूप से अवैध हड़ताल पर जाने से उपार्जन प्रभावित होने की संभावना उत्पन्न हुई थी, जिसे शासन के निर्देश पर विपणन संघ द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से 2,739 डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था कर सुचारू रूप से धान उपार्जन सुनिश्चित किया गया। कई जिलों में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने भी धान उपार्जन की जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए खरीदी कार्य को निरंतर बनाए रखा।
शासन द्वारा धान खरीदी में संलग्न कर्मचारियों को अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) के तहत अधिसूचित कर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे उपार्जन प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित रहे।
इस वर्ष धान उपार्जन को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान–उन्मुख बनाने के लिए उपार्जन केन्द्रों में ऑनलाइन टोकन एवं तुंहर टोकन प्रणाली को व्यापक रूप से लागू किया गया है। आज प्रदेश में जारी हुए कुल 2,029 टोकन में से 1,912 किसानों द्वारा तुंहर टोकन के माध्यम से आवेदन किया गया। इसके अतिरिक्त, किसान समिति स्तर पर भी टोकन हेतु आवेदन कर सकते हैं। लघु एवं सीमांत किसानों को अधिकतम 02 टोकन, तथा दीर्घ किसानों को अधिकतम 03 टोकन की सुविधा प्रदान की गई है।
किसानों के विश्राम हेतु छाया, पीने के पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सभी उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध कराई गई है। जिला अधिकारियों को किसानों की सुविधा और खरीदी संचालन से संबंधित आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र में केंद्र प्रभारी के अतिरिक्त नोडल अधिकारी की भी ड्यूटी लगाई गई है, जिनके नाम और फोन नंबर केन्द्रों में प्रदर्शित कर दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की असुविधा की स्थिति में किसान नोडल अधिकारी से तुरंत संपर्क कर सकते हैं, और समस्याओं का समाधान तत्काल किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश स्तर पर हेल्पलाइन 1800 233 3663 के माध्यम से भी शिकायतें एवं जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
इस वर्ष धान खरीदी पूर्णतः आधार-आधारित है, जिसके अंतर्गत किसानों को बायोमेट्रिक पहचान के माध्यम से धान विक्रय करने की सुविधा दी गई है। प्रक्रिया को अधिक दक्ष एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से खाद्य विभाग द्वारा राज्य स्तरीय उड़नदस्ते गठित किए गए हैं, जो सतत् औचक निरीक्षण करते हुए उपार्जन में संभावित अनियमितताओं पर नियंत्रण रखेंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
सभी उपार्जन केन्द्रों में स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है तथा पीने के पानी, प्रसाधन, प्राथमिक उपचार पेटी आदि की व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। धान की तौल इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों से की जा रही है, ताकि किसानों को उनके हर एक दाने का उचित मूल्य मिल सके।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टरों एवं धान उपार्जन से संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपार्जन कार्य को व्यवस्थित, समयबद्ध और पारदर्शी रूप से संचालित किया जाए।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान पुलिस ग्राउंड में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में जिले को विकास की नई सौगात देते हुए 329 करोड़ 77 लाख रूपए से अधिक की लागत वाले 47 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 309 करोड़ 95 लाख रूपए से अधिक की लागत से 42 कार्यों का शिलान्यास तथा 19 करोड़ 18 लाख रूपए की लागत से 5 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कोनी में 11 करोड़ 91 लाख 17 हजार रूपए की लागत से निर्मित संभागीय आयुक्त कार्यालय का लोकार्पण किया। इसी क्रम में 11 लाख रूपए की लागत से निर्मित राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। स्मार्ट सिटी के तहत 6 करोड़ 99 लाख रूपए की लागत से तैयार वंदे मातरम उद्यान एवं ड्यूल पाइपिंग अंतर्गत एसटीपी निर्माण कार्य, नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 18 में 30 लाख 33 हजार रूपए की लागत से रिटर्निंग वॉल, इंटरलॉकिंग पोर्च, टाइल्स एवं चैनल लिंक फेंसिंग का कार्य तथा महमंद में 50 लाख रूपए की लागत से प्राथमिक शाला लालखदान के नवीन भवन में अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण भी किया गया। उन्होंने कोटा भैंसाझार में 4 करोड़ 43 लाख रूपए की लागत से प्रस्तावित भैंसाझार उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास किया। साथ ही टिकरी एवं चिल्हाटी में 30-30 लाख रूपए की लागत से महतारी सदन निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया।
इसके अतिरिक्त श्री साय ने जिले में व्यापक सड़क, पुल-पुलिया एवं सिंचाई संरचनाओं के उन्नयन एवं निर्माण से जुड़े अनेक कार्यों की आधारशिला रखी, जिनमें प्रमुख रूप से 69 करोड़ 79 लाख 94 हजार रूपए से सिरगिट्टी–सरवानी–पासीद–अमलडीहा–बरतोरी–दगोरी मार्ग का उन्नयन, 32 करोड़ 9 लाख 15 हजार रूपए से नेहरू चौक–दर्रीघाट मार्ग (10.70 किमी), 59 करोड़ 55 लाख 27 हजार रूपए से कोनी–मोपका बायपास मार्ग (13.40 किमी),4 करोड़ 78 लाख 86 हजार रूपए से करमा–बरभांठा–सरगाढोड़ी मार्ग (4.20 किमी), 2 करोड़ 99 लाख 87 हजार रूपए से बिलासपुर–रतनपुर–कटघोरा मार्ग (1.40 किमी) का मजबूतीकरण, 2 करोड़ 89 लाख रूपए से भरदैयाडीह–कलमीटार मार्ग (2.30 किमी), 6 करोड़ 70 लाख 58 हजार रूपए से सीपत नवाडीह चौक–दर्राभाठा–लीलागर पुल मार्ग (4.525 किमी),2 करोड़ 20 लाख 91 हजार रूपए से दबकी नाला पर पुल एवं पहुंच मार्ग, 6 करोड़ 96 लाख 84 हजार रूपए से जांजी गांव–सीआईएसएफ कॉलोनी तक सीसी रोड (1.675 किमी), तथा 99 लाख 99 हजार रूपए से नवीन सामुदायिक भवन निर्माण शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर जिले के विविध ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में वृहद पुल निर्माण के अनेक कार्यों का शिलान्यास किया गया, जिनमें शिवघाट बैराज से मंगला एसटीपी तक सड़क निर्माण (8 करोड़ 12 लाख 68 हजार रूपए), बगधर्रा–गौरखुरी, सरगोड़–कुरदर, झरना–बैगा मोहल्ला, बागथपरा आदि मार्गों पर करोड़ों रूपए की लागत से वृहद पुल निर्माण, पीएम जनमन योजना अंतर्गत आमागोहन–छपरापारा एवं कुम्हड़ाखोल में महत्वपूर्ण पुल निर्माण, तथा खारंग, कोपरा, बहतराई, पेंडारी, लखराम, अकलतरी जलाशयों एवं नहरों के उन्नयन, लाइनिंग एवं मरम्मत कार्य प्रमुख हैं।
इन सभी विकास कार्यों के माध्यम से बिलासपुर जिले में आधारभूत संरचना, सिंचाई सुविधा, शैक्षणिक ढांचे, शहरी विकास और सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया गया है। यह व्यापक विकास-संकल्प न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में बिलासपुर को आधुनिक, सक्षम और समृद्ध जिले के रूप में स्थापित करने की मजबूत नींव भी रखेगा।
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले की लाइफलाइन हसदेव नदी और महानदी के रेत घाटों की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया शुरू हो गई है। रेत घाटों के नीलामी होने से अब रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगेगा। वहीं शासन को होने वाले राजस्व हानि भी रुकेगी। जांजगीर चाम्पा जिले के तीन रेत घाटों के लिए 1551 ऑनलाइन आवेदन आए, जिससे शासन को 1 करोड़ 51 लाख रुपए राजस्व प्राप्त हुआ है।
जांजगीर चाम्पा जिले में गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन पट्टा खदान आबंटन के लिए इलेक्ट्रानिक नीलामी (रिवर्स आक्शन) की प्रथम चरण की प्रक्रिया पूरी की गई। प्रथम चरण में कुल तीन साधारण रेत उत्खनन पट्टा खदान के लिए 1551 बोलीदारों ने ऑनलाइन आवेदन किया, जिसमें शासन ने प्रति आवेदन दस हजार शुल्क निर्धारित किया है। इस लिहाज से शासन को 1551 आवेदनों से लगभग डेढ़ करोड़ का राजस्व लाभ मिला है।
संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर ने बताया कि पूरे प्रदेश में जांजगीर-चांपा जिला में सर्वाधित बोलीदारों ने आवेदन किया है। प्रथम चरण की ऑनलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया में सर्वाधिक आवेदन शिवरीनारायण तहसील के भोगहापारा 2 घाट के लिए 841 आवेदन, बम्हनीडीह तहसील के पूछेली के लिए 428 आवेदन और बलौदा तहसील के केराकछार रेत घाट के लिए 282 आवेदन मिले हैं। फार्म की स्कूटनी के बाद दो रेत घाट केराकछार और पूछेली रेत घाटों का ऑनलाइन लाटरी प्रक्रिया से चयन किया गया, जिसमें बलौदा तहसील क्षेत्र के केराकछार और बम्हनीडीह तहसील के पूछेली रेत घाट की प्रक्रिया पूरी की गई।
पीयुष प्रताप और आदर्श प्रताप को मिला रेट घाट का ठेका
संयुक्त कलेक्टर ने बताया, केराकछार में 9 आवेदन अपात्र पाए गए। इसी तरह पूछेली में भी 9 आवेदन अपात्र हुए हैं। दोनों रेत घाट के सभी आवेदनों में वित्तीय बोली (रिवर्स आक्शन) 50 रुपए होने से लाटरी निकाली गई, जिसमें पीयुष प्रताप सिंह पिता राम कुमार सिंह ग्राम अकलतरी काे केराकछार घाट और पूछेली रेट घाट आदर्श प्रताप सिंह पिता नवाब सिंह भिलाई जिला दुर्ग को मिला है। शिवरीनारायण तहसील के भोगहापारा घाटा के लिए प्राप्त 841 आवेदनों की स्कूटनी उपरांत नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शासन के निर्देश पर आगामी तिथि पर ऑनलाइन लाटरी से नाम की घोषणा की जाएगी।
पहली बार ऑनलाइन लाटरी से रेत घाटों की नीलामी
छत्तीसगढ़ शासन ने इस बार रेत घाटों की नीलामी के लिए ख़ास तैयारी की है, जिसमें सभी ऑनलाइन आवेदनों की स्कूटनी के बाद कंप्यूटर में ही एक-एक आवेदकों के नाम एक लाटरी बॉक्स में आने लगा। जैसे ही सभी आवेदन फार्म का टोकन बॉक्स में पहुंचा फिर रिजल्ट का बटन दबते ही एक नाम का टोकन सामने आया और उसी को रेत घाट का ठेका दिया गया।