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धान खरीदी की तैयारियों की कलेक्टर ने की समीक्षा, उपार्जन केंद्रों में सभी व्यवस्थाएँ समय पर पूर्ण करने के निर्देश
रायपुर। आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में की। बैठक में उन्होंने सभी धान खरीदी प्रभारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ समय पर पूर्ण कर ली जाएँ, ताकि किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि प्रत्येक उपार्जन केंद्र में मानक आकार के अनुसार धान का स्टैक निर्माण, किस्मवार स्टैकिंग, पुराने बारदाने का मिलान, डेटा एंट्री ऑपरेटर की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय तथा कम्प्यूटर जैसी सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


उन्होंने बताया कि धान खरीदी का कार्य सुबह 10 बजे से प्रारंभ किया जाएगा। बड़े किसानों को 20 प्रतिशत तथा लघु सीमांत किसानों को 80 प्रतिशत टोकन वितरित किए जाएँगे, ताकि छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता के साथ धान विक्रय का अवसर मिल सके। उन्होंने पटवारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को समिति प्रबंधन बनाया गया है। साथ ही नए डेटा एंट्री ऑपरेटर की भी नियुक्ति की गई है।
कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संचालित हो, किसानों को भुगतान समय पर प्राप्त हो, और धान की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अवैध धान विक्रय एवं परिवहन पर सतत निगरानी रखी जाए तथा उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों में हेल्पडेस्क स्थापित कर संपर्क नंबर प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने और कॉल सेंटर से निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि धान का उठाव समय पर और किस्मवार स्टैकिंग के अनुसार सुनिश्चित किया जाए।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए जिले में लगभग 1 लाख 33 हजार किसान पंजीकृत हैं और लगभग 1 लाख 24 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की गई है। जिले में कुल 139 उपार्जन केंद्र संचालित होंगे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौड़, खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा सहित सम्बंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
पेंटर शिवकुमार निराला ने सीएम साय को भेंट किया विशिष्ट ‘राजनीतिक मानचित्र’, मुख्यमंत्री ने की सराहना, रचनात्मक प्रतिभा का किया सम्मान
रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के ग्राम चकरदा निवासी पेंटर शिवकुमार निराला ने अनूठा ‘राजनीतिक मानचित्र’ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट किया। उनकी इस अद्वितीय कला प्रस्तुति ने कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बढ़ा दिया।
श्री निराला द्वारा तैयार यह सचित्र मानचित्र छत्तीसगढ़ की सम्पूर्ण राजनीतिक यात्रा का विस्तृत और कलात्मक दस्तावेज है। इसमें राज्य के लोकसभा एवं विधानसभा सदस्यों, मंत्रिमंडल की रूपरेखा, संसदीय क्षेत्रवार विवरण तथा वर्ष 1998 से अब तक हुए सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों का तुलनात्मक विश्लेषण सुव्यवस्थित रूप से दर्शाया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जीत के अंतर, राजनीतिक दलवार जनप्रतिनिधियों का क्रम तथा सीटों के ऐतिहासिक बदलाव को भी कलात्मक शैली में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस रचनात्मक मानचित्र की सराहना करते हुए कहा कि “ शिवकुमार निराला ने आंकड़ों और तथ्यों को इतनी सहज, सुंदर और विश्लेषणात्मक शैली में प्रस्तुत किया है कि यह कला-कृति राजनीति के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों—सभी के लिए उपयोगी दस्तावेज बन जाती है।” मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कृत भी किया।
इस्पात मंत्रालय की प्राक्कलन समिति की बैठक में शामिल हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल
नई दिल्ली/रायपुर। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित प्राक्कलन समिति की बैठक में शामिल हुए। बैठक में इस्पात मंत्रालय के प्रतिनिधियों द्वारा “भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (SAIL) और इसकी सहायक कंपनियों के कार्य निष्पादन की समीक्षा” विषय पर साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
बैठक के दौरान सांसद श्री अग्रवाल ने इस्पात क्षेत्र और विशेषकर भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भिलाई टाउनशिप कभी पूरे देश की सर्वश्रेष्ठ टाउनशिप मानी जाती थी। भिलाई का अस्पताल पूरे क्षेत्र का गौरव था, लेकिन आज उसकी स्थिति अत्यंत दयनीय है। SAIL को इसे फिर से आधुनिक, सुसज्जित और जनता के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए।
श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि भिलाई टाउनशिप का स्वरूप आज “खंडहर” जैसा हो गया है, जबकि यह कभी देशभर में मॉडल टाउनशिप के रूप में जानी जाती थी। उन्होंने टाउनशिप के पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) की सशक्त मांग की ताकि यह फिर से अपने पुराने गौरव को प्राप्त कर सके।
उन्होंने SAIL की खदानों (माइंस) के संदर्भ में कहा कि सेल की जितनी भी माइंस हैं, वहां की टाउनशिप को भी पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। साथ ही माइंस में पड़े वेस्ट और डंप मटेरियल को वैज्ञानिक तरीके से बेनिफिशियल प्रोसेसिंग के माध्यम से बाजार में लाने का प्रयास होना चाहिए। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि SAIL के राजस्व और उत्पादन में भी वृद्धि होगी।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी कहा कि भिलाई स्टील प्लांट कभी SAIL का सबसे अधिक लाभ देने वाला प्लांट हुआ करता था। आज भी इसमें अपार संभावनाएं हैं, बशर्ते इसके आसपास और मध्य क्षेत्र में योजनाबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास पर ध्यान दिया जाए।
उन्होंने इस अवसर पर यह भी सुझाव दिया कि देशभर के प्रमुख स्टील प्लांट्स में अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के मॉडल प्रोजेक्ट्स को पायलट के रूप में लागू किया जाना चाहिए, जिससे स्टील उद्योग का सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
श्री अग्रवाल ने कहा कि SAIL को पुनः उस गौरवशाली स्थिति में लाने का समय आ गया है, जब उसका नाम भारत के औद्योगिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता था।
बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता: 8 लाख के इनामी समेत 6 नक्सली किए गए न्यूट्रलाइज, CM साय बोले–
रायपुर। बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में सुरक्षाबलों को महत्वपूर्ण सफलता मिली। मुठभेड़ के दौरान छह माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए। इसमें ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में हिंसा, भय और माओवादी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। इस कार्रवाई को लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक उपलब्धि माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पुलिस बलों के उत्कृष्ट समन्वय, साहस और सटीक रणनीति का परिणाम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ मिशन मोड में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंत तक ले जाएंगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समझी पीड़ा, तुरंत बढ़ाया कदम - रमन निर्मलकर को सौंपा श्रवण यंत्र
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान रायपुर के ब्राह्मणपारा वार्ड निवासी रमन निर्मलकर को श्रवण यंत्र सौंपा।
जनदर्शन में पहुँचे श्री निर्मलकर ने बताया कि बीते कुछ समय से उनकी श्रवण क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे श्रवण यंत्र खरीद नहीं पा रहे थे। उनकी समस्या सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने फौरन ही उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए श्री निर्मलकर ने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “मुझे फिर से सुनने की क्षमता वापस मिल गई है। मुख्यमंत्री ने मेरी समस्या को तुरंत समझा और मदद की, इसके लिए मैं उनका आभारी हूं।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जनदर्शन में आमजन की समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लेकर सहायता प्रदान करने की यह पहल जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला: 14 नवंबर से दिल्ली में बिखरेगी छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की छटा
रायपुुर। नई दिल्ली के भारत मण्डपम में 14 नवंबर से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की छटा बिखरेगी। यहां 27 नवंबर तक भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की थीम पर छत्तीसगढ़ का आकर्षक पवेलियन बनाया जा रहा है। इस मेले में देश के सभी राज्यों सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उद्योगपति और निवेशक भी आयेंगे। मेले में बने छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य के औद्योगिक विकास की झलक दिखाई जायेगी। यहां छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, उद्योगों के लिए व्यापक अनुकूल माहौल और व्यवस्थाऐं तथा नई औद्योगिक नीति के बारे में आगंतुकों को पूरी जानकरी दी जायेगी। इस मेले में राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में उपलब्ध निवेश प्रोत्साहन, सुक्ष्म लघु एवं मध्यम ईकाईयों की स्थापना, उनके उत्पादों से संबंधित जानकारियों का भी प्रदर्शन किया जायेगा। मेला अवधि में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए निवेशेकों के साथ बैठकें, इन्वेस्टर कनेक्ट आदि भी किये जायेंगे।
इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन की संभावना का भी प्रदर्शन किया जायेगा, ताकि संस्कृति और पर्यटन पर आधारित रोजगार मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। मेले में बने पवेलियन में छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प, वनोपज उत्पादों, खादी ग्रामोद्योग क्षेत्र में उद्योग शुरू करने की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी जायेगी। पवेलियन में बस्तर क्षेत्र को फोकस करते हुए डिजिटल तकनीकों से सुसज्जित प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के दौरान 24 नवंबर को भारत मण्डपम दिल्ली में छत्तीसगढ़ दिवस भी मनाया जायेगा। शाम 6 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित मंत्रीमण्डल के सदस्य भी शामिल होंगे। यह आयोजन संस्कृति विभाग द्वारा किया जायेगा। छत्तीसगढ़ पवेलियन में हर दिन राज्य की सांस्कृतिक छटा का प्रदर्शन नृतक दलों के माध्यम से किया जायेगा। यहां छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग हस्तकला, हथकरघा, चरखा आदि का जीवंत प्रदर्शन, उत्कृष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की भी व्यवस्था रहेगी।
छत्तीसगढ़ पवेलियन में मिलेट से संबंधी उत्पादों के प्रदर्शन के साथ-साथ मिलेट कैफे भी लगाया जायेगा। इससे लोगों को छत्तीसगढ़ में उगाये जाने वाले लघु धान्यों कोदो, कुटकी, रागी, संवा आदि के उत्पादन, उनके व्यवसाय के लिये आकर्षित किया जा सकेगा। इस मेले में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध जैविक और एक्जॉटिक खाद्यन्नों का भी प्रदर्शन होगा, ताकि इन उत्पादकों राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिल सके। लघु वनोपज संघ के द्वारा अपने वनोपजों से बने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री भी कि जायेगी। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एफएमसीजी कंपनियों के माध्यम से इन उत्पादों की मार्केटिंग करने की व्यवस्था का प्रयास किया जायेगा। पवेलियन में छत्तीसगढ़ के आकर्षक पर्यटन स्थलों, उपलब्ध अधोसंरचना और ईको-टूरिज्म के बारे में भी जानकारी दी जायेगी। ताकि अधिक से अधिक लोग छत्तीसगढ़ के बारे में जान सके।
माइक्रो आर्ट का मास्टरपीस: भिलाई के कलाकार ने बनाई प्रधानमंत्री मोदी की सूक्ष्म प्रतिमा, मुख्यमंत्री ने की सराहना
रायपुर। छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी 55 वर्षीय अंकुश देवांगन ने अपनी अनूठी कला से एक बार फिर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। आज जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक विशेष फ्रेम भेंट किया, जिसमें संगमरमर को बारीकी से तराशकर बनाई गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छोटी प्रतिमा लगी हुई है। फ्रेम के पीछे अयोध्या स्थित नवनिर्मित श्री रामलला मंदिर की भव्य प्रतिकृति भी उकेरी गई है। इस अद्भुत कृति को देखकर मुख्यमंत्री ने श्री देवांगन की भरपूर प्रशंसा की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

प्रतिमा को देखने के लिए फ्रेम में एक माइक्रोस्कोपिक लेंस लगाया गया है, जिसकी सहायता से ही प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे के भाव, मुस्कान और बालों की सूक्ष्म रेखाएं स्पष्ट दिखाई देती हैं। संगमरमर के छोटे-से टुकड़े को तराशकर श्री देवांगन ने यह अनोखा कला-चमत्कार सृजित किया है।
अंकुश देवांगन भिलाई स्टील प्लांट में एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन बचपन से ही उनका झुकाव छोटी-छोटी वस्तुओं को आकार देने और उनसे अनूठी कलाकृतियाँ बनाने की ओर रहा है। मात्र 10 वर्ष की आयु में उन्होंने पहली बार लकड़ी का छोटा-सा खिलौना बनाया था। इसके बाद उन्होंने धातु ढालने के सांचे बनाए, मिट्टी की मूर्तियाँ गढ़ीं और अंततः पत्थर तराशने की कला अपनाई। पिछले 45 वर्षों से वे निरंतर माइक्रो आर्ट की दुनिया में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फ्रेम को हाथ में लेकर बड़े ध्यान से देखा और कहा,“यह केवल कला नहीं, समर्पण और धैर्य का प्रतीक है। अंकुश जी ने प्रधानमंत्री के प्रति अपनी भावना को जिस खूबसूरती से व्यक्त किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है।”
मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य स्तर पर प्रदर्शनी लगाने का प्रस्ताव देते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रोत्साहित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
श्री देवांगन ने बताया कि आधे सेंटीमीटर आकार की इस प्रतिमा को बनाने में उन्हें लगभग दो महीने लगे। दिन में नौकरी और रात में कला—यही उनकी दिनचर्या रही। उन्होंने कहा,“मोदी जी ने राम मंदिर का सपना पूरा किया, इसलिए मैंने दोनों को एक ही फ्रेम में स्थान दिया। यह मेरा छोटा-सा योगदान है।”
मुख्यमंत्री कार्यालय के जनदर्शन में लोग प्रायः अपनी समस्याएँ लेकर आते हैं, लेकिन आज एक व्यक्ति अपनी कला लेकर आया और सबका दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस फ्रेम को अपने कार्यालय में विशेष स्थान पर रखने का निर्णय लिया है।
अंकुश देवांगन का अगला लक्ष्य दुनिया की सबसे छोटी राम सेतु प्रतिकृति बनाना है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,“जब तक हाथ चलते रहेंगे, कुछ नया बनता रहेगा।”
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की चल रही जाँच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की कुल 61.20 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है. इस तरह मामले में वर्तमान कुर्की को मिलाकर अब तक कुल 276.20 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 10 नवंबर को चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है. उसमें 59.96 करोड़ रुपये मूल्य की 364 आवासीय भूखंड और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियों के अलावा 1.24 करोड़ रुपए बैंक बैलेंस और सावधि जमा के रूप में चल संपत्तियां शामिल है.
ईडी ने छत्तीसगढ़ राज्य में शराब घोटाले में आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू, रायपुर, छत्तीसगढ़ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की. जांच में पता चला है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अनुसूचित अपराधों के कमीशन से उत्पन्न 2500 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध की आय (पीओसी) से लाभार्थियों की जेबें भर गईं.
जांच से यह भी पता चला है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे के रूप में चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर तैनात थे. वह सिंडिकेट द्वारा एकत्र किए गए सभी अवैध धन के “हिसाब” (खातों) को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार था. ईडी की जाँच में यह भी पता चला कि वह पीओसी का प्राप्तकर्ता था, जिसे उसने अपने रियल एस्टेट व्यवसाय में शामिल किया और बेदाग संपत्ति के रूप में पेश किया.
चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से प्राप्त पीओसी का उपयोग अपनी स्वामित्व वाली कंपनी मेसर्स बघेल डेवलपर्स के तहत अपनी रियल एस्टेट परियोजना “विट्ठल ग्रीन” के विकास के लिए किया. चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया और वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है. इससे पहले शराब घोटाले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, आईटीएस अरुण पति त्रिपाठी और विधायक और छत्तीसगढ़ के तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को ईडी ने गिरफ्तार किया था.
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की मुलाकात: SIR प्रक्रिया की अवधि 3 महीने बढ़ाने की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR-2026) का कार्य इन दिनों पूरे राज्य में तेज़ी से चल रहा है। 4 नवंबर से शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं तक गणना और घोषणा प्रपत्र पहुंचा रहे हैं। इसी बीच राजधानी रायपुर स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल पहुंचा और SIR प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ाने की मांग रखी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात करने पहुंचे इस प्रतिनिधि मंडल में पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू, विधायक राघवेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।
मुलाकात के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए SIR निगरानी समिति के संयोजक मोहन मरकाम ने कहा कि पार्टी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से तीन महीने तक SIR की अवधि बढ़ाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में खेती-किसानी का मौसम चल रहा है, ऐसे में अधिकांश किसान अपने खेतों में व्यस्त हैं और गांवों से बाहर रह रहे हैं। इस कारण BLO को ग्रामीणों तक पहुंचने और प्रपत्र भरवाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मोहन मरकाम ने कहा, “हमने निवेदन किया है कि किसी भी मतदाता का नाम सूची से न कटे, क्योंकि अगर नाम छूट गया तो उसे शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। बस्तर और सरगुजा संभाग में तो स्थिति और भी जटिल है, वहां दस्तावेज़ों की उपलब्धता और लोगों की उपस्थिति को लेकर BLO को भारी परेशानी हो रही है।”
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए फिलहाल एक महीने का समय बढ़ाने पर और इस मुद्दे पर जल्द ही केंद्रीय चुनाव आयोग से चर्चा करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, “हमें संवैधानिक संस्थाओं पर पूरा भरोसा है। हम चाहते हैं कि मतदाता सूची पूरी तरह निष्पक्ष, त्रुटिरहित और सभी के लिए सुलभ हो। इसीलिए हमने यह निवेदन किया है।”
निगरानी समिति की बैठक को लेकर मरकाम ने कहा कि आगामी बैठक में भी इसी विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और सभी जिलों से प्राप्त फीडबैक को प्रस्तुत किया जाएगा।
इस बीच, SIR प्रक्रिया को लेकर शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों से कठिनाइयों की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई जगह BLO को ग्रामीणों की अनुपस्थिति और दस्तावेज़ों की कमी के कारण काम में बाधा का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि समय सीमा नहीं बढ़ाई गई, तो बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से छूट सकते हैं, जिससे न केवल चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होगी बल्कि कई सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा। राज्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से इस संबंध में आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि कांग्रेस के निवेदन के बाद आयोग इस पर गंभीरता से विचार कर सकता है।
धान खरीदी पर सियासत: पूर्व सीएम के बयान पर डिप्टी सीएम साव ने किया पलटवार, कहा- ठगने और लूटने वाली पार्टी कांग्रेस है…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होने वाली है. लेकिन इसकी शुरुआत से पहले ही विपक्ष और सरकार के बीच सियासत तेज हो गई है. डिप्टी सीएम अरुण साव ने आज मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल के दावों को खारिज करते हुए जमकर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि “ठगने और लूटने वाली पार्टी कांग्रेस है. हमारी सरकार किसान हितैषी है और सभी वादों को पूरा कर रही है.
बता दें, पूर्व सीएम बघेल ने धान खरीदी को लेकर दावा किया है कि धरातल पर धान खरीदी की कोई तैयारी नहीं है. इधर एग्री स्टैक पोर्टल में पंजीयन की दिक्कतों से पंजीयन के लिए 7 लाख किसान परेशान हैं. पंजीयन के लक्ष्य से ही समझ आ रहा है कि सरकार ही नहीं चाहती कि पूरे किसान धान बेचें, इसलिए पेचीदगियां पैदा की गई हैं.
डिप्टी सीएम अरुण साव ने पूर्व सीएम बघेल के इस बयान का पलटवार करते हुए कहा कि “कांग्रेस ने बोनस देने का वादा किया था, लेकिन उसे 5 साल तक निभाया नहीं. किस्तों में पैसा दिया और चौथी किस्त में कटौती कर पैसा खा गई.” उन्होंने आगे कहा कि धान खरीदी निर्धारित तिथि पर सुचारू रूप से शुरू होगी, किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.
देर रात हुई मंत्रियों की बैठक
भाजपा प्रदेश कार्यालय में बीती रात मंत्रियों की एक अहम बैठक बुलाई गई. बैठक को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी के कई कार्यक्रम लगातार जारी हैं और कार्यकर्ताओं व नेताओं का कार्यालय आना-जाना नियमित रूप से चलता रहता है.
SIR पर कांग्रेस की निगरानी को लेकर कसा तंज
इस बीच, SIR प्रक्रिया को लेकर आज कांग्रेस की निगरानी समिति की बैठक प्रस्तावित है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी को न संविधान पर भरोसा है, न संवैधानिक संस्थाओं पर. उनका भरोसा सिर्फ एक परिवार और उसके आदेशों पर है. SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, पहले भी होती रही है. कांग्रेस अपने ही जनाधार पर सवाल उठा रही है.”
उन्होंने आगे कहा- “कांग्रेस अब वोट चोरी, मतदाता सूची और EVM में गड़बड़ी जैसे मुद्दे उठाकर जनता को गुमराह कर रही है. कांग्रेस अब जनता से कट चुकी है, उसके अपने कार्यकर्ता भी उससे दूर जा रहे हैं,”
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर 14 नवम्बर को रायपुर में होगा भव्य “यूनिटी मार्च”, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप तैयारियों को लेकर ली अधिकारियों की बैठक
रायपुर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर रायपुर में 14 नवम्बर 2025 को भव्य “यूनिटी मार्च” का आयोजन किया जाएगा। यह मार्च देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश देगा।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार आयोजन की तैयारियों को लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्टोरेट में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
यह पदयात्रा दोपहर 3 बजे शासकीय जे.आर. दानी शाला से प्रारंभ होकर कालीबाड़ी चौक, कोतवाली चौक, आजाद चौक, तात्यापारा, राठौर चौक, गुरुनानक चौक, स्टेशन रोड, फाफाडीह चौक, पीली बिल्डिंग, पाटीदार भवन होते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल चौक, टिंबर मार्केट में संपन्न होगी। प्रमुख चौकों पर महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण भी किया जाएगा।
बैठक में यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, स्वल्पाहार और चिकित्सकीय सुविधा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
यूनिटी मार्च में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी, खिलाड़ी तथा शहर के गणमान्य नागरिक सहित अन्य बड़ी संख्या में शामिल होंगे। कार्यक्रम में "आत्मनिर्भर भारत संकल्प” के साथ ही नशामुक्ति प्रतिज्ञा की शपथ दिलाई जाएगी।
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित “यूनिटी मार्च” में शामिल होकर देश की एकता, अखंडता और सद्भाव का संदेश दें। जिला प्रशासन आप सभी नागरिकों से इस भव्य आयोजन में सहभागी बनने की अपील करता है।
बैठक में डीईओ हिमांशु भारती, डिप्टी कलेक्टर उपेन्द्र किंडो, जिला खेल अधिकारी प्रवेश जोशी सहित, माय भारत, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग तथा संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी की मदद के लिए मुख्यमंत्री आगे आए — जनदर्शन में स्वीकृत किया 90 हजार रुपए का आर्थिक अनुदान, चेक के माध्यम से प्रदान की सहायता राशि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आज रायपुर जिले के अभनपुर से आए दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी पिंटू राम साहू की मांग पर मुख्यमंत्री ने त्वरित निर्णय लेते हुए 90 हजार रुपए का आर्थिक अनुदान स्वीकृत किया। श्री साहू ने व्हीलचेयर और आवश्यक खेल सामग्री खरीदने हेतु सहायता मांगी थी। उनकी परिस्थितियों और आवश्यकता को समझते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें तत्काल चेक प्रदान कर उनकी सहायता की।
आवेदक पिंटू राम साहू ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से खेल जगत से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 2 अक्टूबर 2025 को पहली बार रग्बी खेलने के लिए ग्वालियर का दौरा किया था। श्री साहू वर्तमान में बी.ए. फाइनल ईयर के छात्र हैं और दिव्यांगता के बावजूद लगातार खेल में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर श्री साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब वे खेल में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए लगातार मेहनत करेंगे और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।
सूदखोर वीरेंद्र तोमर के समर्थन में उतरी क्षत्रिय करणी सेना, पूछा, "समीर विश्नोई व रानू साहू का जुलूस क्यों नहीं निकाला"
रायपुर। सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर को रायपुर पुलिस ने 10 नवंबर को कोर्ट में पेश करने से पहले 9 नवंबर को उसका जुलूस निकाला था. करणी सेना को वीरेंद्र सिंह तोमर के साथ किया गया पुलिस का यह व्यवहार नगवार गुजरा है., करणी सेना अध्यक्ष डॉ राज शेखावत ने इसे अमानवीय बताते हुए इसके खिलाफ रायपुर में होने वाले प्रदर्शन के लिए समाज के युवाओं से जुटने का आह्वान किया है.
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में लाइव आकर करणी सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर का पक्ष लेते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कुछ पुलिस अधिकारियों ने गलत किया है. तोमर कोई आतंकवादी था क्या? जिसका जुलूस निकाला गया. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षत्रिय समाज के लाखों लोग बहुत जल्द रायपुर कूच करेंगे. हम उन पुलिस वालों के घर में भी घुसेंगे, जो तोमर के घर के अंदर घुसे थे.
पुलिस वालों डूब मरो
शेखावत ने कहा कि वीरेंद्र तोमर एक व्यापारी था. उसने लोगों को जरूरत पड़ने पर पैसे दिए. उन पैसों को वापस मांगा. वह व्यापारी था. इसी तरह लाखों लोग फाइनेंस का काम करते हैं. लेकिन प्रशासन ने नेताओं के दबाव में आकर उस पर निर्दयता से कार्रवाई की. वीरेंद्र तोमर को तपती धूप में नंगे पैर हथकड़ियों में जकड़कर ले जाया गया. उसकी तबीयत बिगड़ी है. वह रोड पर गिर जाता है, तो कुछ पुलिसकर्मी उस पर पैर रखकर खड़े करने की कोशिश करते हैं. ऐसे पुलिसवाले डूब मरो.
घर में घुसकर देंगे जवाब
शेखावत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मैं छत्तीसगढ़ आ रहा हूं. जितने भी क्षत्रिय हैं, चाहे वह वहां का लोकल हो या बाहर से आया हो या ओबीसी श्रेणी से आता हो. आप सभी तैयार रहिए. जो भी अधिकारी, नेता मंत्री इसमें लिप्त होंगे, उसके घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा. जिससे यह किसी पर अत्याचार करने से पहले सौ बार सोचे. वीरेंद्र के छोटे भाई के अपराध के लिए केवल उस पर कार्रवाई करनी थी. लेकिन बड़े भाई उसकी पत्नी और मां को जोड़ दिया. घर में घुसकर झूठे केस बनाए गए. उनसे छेड़छाड़ की गई.
पैरों से चित्र उकेरने वाली पूनम बिटिया के जीवन में मुख्यमंत्री ने भरी नई उम्मीद — अब विशेष विद्यालय में मिलेगा शिक्षण और छात्रवृत्ति
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जनदर्शन में दूर-दूर से मुख्यमंत्री निवास पहुँच रहे लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी कर रहे हैं।
आज जनदर्शन की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने रायपुर के तेलीबांधा की रहने वाली 11 वर्षीय बिटिया पूनम से भेंट की।बिटिया पूनम की माता ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वह सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही है और बातचीत करने में भी असमर्थ है। उन्होंने बताया कि इस चुनौती के बावजूद पूनम अपने पैरों से बहुत सुंदर चित्र बनाती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अत्यंत आत्मीयता से बिटिया पूनम से बात की और उसे स्नेहपूर्वक दुलार किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पूनम की माता को आश्वस्त करते हुए कहा कि “हम आपके साथ हैं, आपको बिटिया के लिए किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने पूनम बिटिया की पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए उसे विशेष विद्यालय में भर्ती कराने और छात्रवृत्ति प्रदान करने के निर्देश दिए।
ACB की बड़ी कार्रवाई : RES विभाग के उप अभियंता 15,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, तालाब निर्माण की रिपोर्ट के बदले की थी पैसों की डिमांड
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को ACB की टीम ने सूरजपुर जिले के RES विभाग के उप अभियंता ऋषिकांत तिवारी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला प्रेमनगर जनपद पंचायत नवापारा खुर्द का है।
जानकारी के अनुसार, नवापारा खुर्द निवासी विशंभर सिंह ने मत्स्य विभाग के तहत तालाब निर्माण कराया था। निर्माण कार्य का मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करने के लिए उप अभियंता ऋषिकांत तिवारी द्वारा 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। जिसके बाद विशंभर सिंह ने पैसे की डिमांड करने की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत मिलने पर एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और बुधवार को आरोपी अधिकारी को रिश्वत की राशि लेते हुए प्रार्थी के निवास पर गिरफ्तार कर लिया.
एसीबी की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। फिलहाल आरोपी अधिकारी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : मुख्य सूचना आयुक्त और आयुक्त की नियुक्ति के मापदंड को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं खारिज, नियुक्ति पर लगी रोक भी हटी
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त और आयुक्त की नियुक्ति के मापदंड को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। जस्टिस एन के व्यास की सिंगल बेंच ने याचिका खारिज करने के साथ ही नियुक्ति पर लगी रोक भी हटा दी।
दरअसल, अनिल तिवारी और डीके सोनी ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका दायर की थी। इसमें राज्य शासन द्वारा सूचना आयुक्त के लिए अनुभव की अनिवार्यता सहित अन्य मापदंडों को चुनौती दी गई थी। एक याचिकाकर्ता ने कहा कि वह पेशे से एक वकील हैं और उन्हें कानून के क्षेत्र में 23 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने समिति द्वारा 9 मई 2025 के निर्णय को रद्द करने का निवेदन किया था, जिसके द्वारा मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता की उम्मीदवारी को खारिज कर दिया गया था। एक अन्य याचिकाकर्ता ने कहा कि वकील और पीएचडी होने के साथ उन्हें 21 वर्ष का कार्य अनुभव है। इस आधार पर राज्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता की उम्मीदवारी पर विचार करने के लिए प्रतिवादियों को निर्देश जारी करने के लिए प्रार्थना की।उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि जब मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पदों के लिए राज्य शासन की वैकेंसी निकली तब आवेदन के लिए अनुभव की कोई विशेष शर्त नहीं रखी गई थी लेकिन 9 मई 2025 को जारी इंटरव्यू कॉल लेटर में सर्च कमेटी ने विधि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, समाज सेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंपर्क या प्रशासन के क्षेत्र में कम से कम 25 वर्षों के अनुभव की अनिवार्यता जोड़ दी। नये मापदंड के आधार पर 172 आवेदनों में से सिर्फ 51 को ही इंटरव्यू के लिए चुना गया। वहीं मुख्य सूचना आयुक्त के लिए 30 वर्ष के अनुभव की अनिवार्यता जोड़ दी गई।
मामले की सुनवाई 29 मई 2025 को समर वेकेशन के दौरान हुई। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक अंतिम चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर रोक लगा दी थी। अंतरिम आदेश के मद्देनजर, राज्य शासन ने कार्यवाही स्थगित रखी। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने पाया कि राज्य शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों में कोई अवैधता या मनमानी नहीं है। पद के अनुरूप शासन को योग्यता और मापदंड तय करने का अधिकार है। इसके साथ ही याचिकाएं खारिज कर दी गई।
नवा रायपुर से चीन तक – छत्तीसगढ़ में खुला लॉजिस्टिक्स का वैश्विक द्वार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के तीव्र गति से विकसित होते लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आज एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है। छत्तीसगढ़ से अब तक का सबसे बड़ा, कुल 12,000 मीट्रिक टन कॉपर कॉन्सन्ट्रेट (Copper Concentrate) निर्यात कंसाइनमेंट, नवा रायपुर स्थित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) से चीन के लिए रवाना किया गया। इस श्रृंखला की पहली खेप 2,200 मीट्रिक टन की रही, जो 11 नवम्बर को विशाखापट्टनम पोर्ट के लिए भेजी गई, जहां से इसे आगे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजा जाएगा।
उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विकसित यह अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, मध्य भारत के औद्योगिक और व्यापारिक विकास का नया द्वार बन रहा है। अत्याधुनिक कार्गो हैंडलिंग सिस्टम, रेल कनेक्टिविटी, और मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन से सुसज्जित यह सुविधा राज्य एवं देश के अन्य हिस्सों की औद्योगिक इकाइयों को वैश्विक बाजारों तक कुशल, सुरक्षित और तीव्र पहुँच प्रदान कर रही है।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ अब खनिज और उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था से लॉजिस्टिक्स और निर्यात केंद्रित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, कुशल कनेक्टिविटी और सक्रिय शासन के समन्वय ने छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का लॉजिस्टिक्स पावरहाउस बना दिया है। इस निर्यात अभियान के साथ छत्तीसगढ़ ने अपने खनिज और औद्योगिक उत्पादन को अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारों से जोड़ने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाया है। यह कदम भारत के लॉजिस्टिक्स मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रासंगिकता को और सुदृढ़ करता है।
राज्य सरकार ने इस प्रगति को और तीव्र करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025’ लागू की है। यह नीति वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लक्ष्य के साथ तैयार की गई है। नीति के अंतर्गत आधुनिक मल्टीमॉडल अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, निर्यात संवर्द्धन, और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज जैसी परियोजनाओं के लिए आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास और स्थायित्व सुनिश्चित हो सके।
कॉपर कॉन्सन्ट्रेट निर्यात का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि : सीएम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “नवा रायपुर मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क से राज्य के सबसे बड़े कॉपर कॉन्सन्ट्रेट निर्यात का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह कदम इस दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ को हम लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक शक्ति के रूप में विकसित करेंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि नई राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के माध्यम से सरकार कनेक्टिविटी बढ़ाने, निजी निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि “नीतिगत सुधार, रणनीतिक अवसंरचना और उद्योगों के आत्मविश्वास के इस समन्वय से छत्तीसगढ़ न केवल मध्य भारत को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ रहा है, बल्कि लॉजिस्टिक्स आधारित विकास के नए युग को भी परिभाषित कर रहा है।”