प्रदेश
पदोन्नत प्राचार्यों की प्रतीक्षा खत्म, 17 से पोस्टिंग के लिए काउंसिलिंग शुरू
रायपुर। 6 माह पहले पदोन्नत ई संवर्ग के प्राचार्यों का पोस्टिंग का इंतजार खत्म हो रहा है. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पदोन्नत प्राचार्यों की पोस्टिंग के लिए 17 नवंबर से काउंसिलिंग आयोजित की जा रही है. काउंसिलिंग में 1 हजार पदोन्नत प्राचार्यों को बुलाया गया है. स्कूल शिक्षा विभाग ने व्याख्याता, व्याख्याता एलबी एवं प्रधान पाठक माध्यमिक ई संवर्ग को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्राचार्य के पद पर पदोन्नति का आदेश 30 अप्रैल को जारी किया था किन्तु पोस्टिंग के पहले ही हाईकोर्ट में याचिका लग गई. हाल ही में हाईकोर्ट ने बाधा खत्म करते हुए प्रकरण का निराकरण कर दिया और शासन के पक्ष में फैसला सुनाया.
कोर्ट के फैसले के बाद 6 माह से पोस्टिंग का इंतजार कर रहे पदोन्नत प्राचार्यों को राहत मिली. अब लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा पदोन्नत प्राचार्यों पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पोस्टिंग के लिए 17 नवंबर से काउंसिलिंग आयोजित की जा रही है. राजधानी के शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय शंकरनगर में 17 से 21 नवंबर तक काउंसिलिंग रखी गई है. इसमें 1 हजार पदोन्नत प्राचार्यों को शामिल किया गया है. रोजाना 250 प्राचार्यों की काउंसिलिंग होगी. उप संचालक द्वारा जारी सूचना के अनुसार 17 नवंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक पदोन्नत प्राचायों के क्रम 1 से 125 तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक 126 से 250 तक की काउंसिलिंग होगी.
इसी तरह 18 नवंबर को सुबह की पाली में सूची क्रम 251 से 375 और दूसरी पाली में 376 से 500 तक, 19 नवंबर को सुबह 501 से 625 तक तथा दूसरी पाली में 626 से 750 तक, 20 नवंबर को सुबह क्रमांक 751 से 875 तक तथा दोपहर को 876 से 1 हजार तक पदोन्नत प्राचार्यों की पोस्टिंग के लिए काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी. 21 नवंबर सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक अनुपस्थिति प्राचार्यों की काउंसिलिंग होगी.
पानी भरे गड्ढों में गिरकर हाथियों की मौत मामले में हुई सुनवाई, हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, सरकार से शपथ पत्र में मांगा जवाब
बिलासपुर। पानी भरे गड्ढे में गिरने के बाद कीचड़ में फंसकर हाथियों की मौत के मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट सुनवाई हुई। शासन ने अपने प्रस्तुत जवाब में बताया कि प्रदेश के वन क्षेत्र में 20 हजार खुले गड्ढे और कुएं हैं। कोर्ट ने इनसे वन्य प्राणियों को बचाने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी शपथपत्र में देने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर ने डिवीजन बेंच को बताया कि हाल ही में बलौदाबाजार जिले के बार नवापारा अभयारण्य के ग्राम हरदी में भी तीन हाथी और उनका शावक सूखे कुएं में गिर गए थे, जिन्हें जेसीबी के मदद से निकाला गया था। हाईकोर्ट ने पूछा कि ऐसे सूखे कुओं और गड्ढों की कवरिंग के लिए क्या कर रहे हैं? 15 दिसम्बर की सुनवाई में शासन को नए शपथपत्र में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
रायगढ़ वन क्षेत्र के पानी भरे गड्ढे में हाथी शावक की डूबकर मौत हो गई थी। हाईकोर्ट ने पिछले माह संज्ञान लेकर कहा कि सरकार को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने चाहिए। इसके लिए निरीक्षण, निगरानी और त्वरित उपचारात्मक कदम उठाने होंगे। कोर्ट के नोटिस के बाद राज्य सरकार की ओर से पिछली सुनवाई में कहा गया था कि भविष्य में ऐसी किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि वन विभाग के पास ऐसे जल निकायों की व्यवस्थित निगरानी और जोखिम-मानचित्रण तंत्र का अभाव है। क्षेत्रीय कर्मचारी, विशेष रूप से बीट और रेंज स्तर पर, अक्सर अपर्याप्त संसाधनों के साथ ऐसी आपात स्थितियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में असमर्थ होते हैं। हाथियों के बच्चों की बार-बार होने वाली मौतें वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में एक दुखद कमी को उजागर करती है।
नसबंदी के दौरान महिलाओं की मौत का मामला : पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना, कहा-
जगदलपुर। हाल ही में दुर्ग जिले में नसबंदी ऑपरेशन के बाद दो महिलाओं की मौत के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में व्यापक पैमाने पर दवाइयों में गड़बड़ी हो रही है। जब भी भाजपा की सरकार आती है, तब नकली दवाइयों की सप्लाई बढ़ जाती है।
पूर्व सीएम बघेल ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो यह समस्या और भयावह रूप ले सकती है।
यह है पूरा मामला
बता दें कि शनिवार, 8 नवंबर को दुर्ग जिला अस्पताल में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह मौत सर्जरी के दौरान दी गई दवा के रिएक्शन से हुई है।
नौ सर्जरी हुई, दो महिलाओं की मौत
जानकारी के अनुसार, शनिवार को मदर-चाइल्ड यूनिट में कुल नौ सर्जरी की गईं। इनमें पूजा की केवल नसबंदी थी, जबकि किरण की सिजेरियन के साथ नसबंदी की गई।
पहला मामला बजरंग नगर (दुर्ग) निवासी पूजा यादव (27 वर्ष) का है, जो नसबंदी ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी। ऑपरेशन के दौरान उसे अचानक झटके आने लगे और शरीर में अकड़न महसूस हुई। हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
दूसरा मामला सिकोला भाटा निवासी किरण यादव (30 वर्ष) का है। महिला ने उसी दिन सुबह सिज़ेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद जब उसकी नसबंदी की जा रही थी, तभी उसे भी झटके आने लगे और शाम तक उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि किरण पूरी तरह स्वस्थ थी और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ना सभी के लिए सदमे जैसा था। पूजा यादव के दो छोटे बच्चे हैं, जबकि किरण यादव का नवजात शिशु है।
राज्य में मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि: CGMSC ने तीन दवाओं को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किया
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता में कमी पर सख्त रुख अपनाते हुए तीन दवाओं को अमानक पाए जाने के बाद आगामी तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई कॉरपोरेशन की “शून्य सहनशीलता नीति (Zero Tolerance Policy)” के तहत की गई है।
कॉरपोरेशन के अनुसार, संबंधित आपूर्तिकर्ता अब ब्लैकलिस्टिंग अवधि समाप्त होने तक किसी भी नई निविदा में भाग लेने के लिए अयोग्य रहेंगे।
ये दवाएं पाई गईं अमानक
मेसर्स एजी पैरेंटेरल्स, विलेज गुग्गरवाला, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) द्वारा आपूर्ति की गई —
कैल्शियम (एलिमेंटल) विद विटामिन D3 टैबलेट्स, ऑर्निडाजोल टैबलेट्स
ये सभी NABL मान्यता प्राप्त एवं सरकारी परीक्षण प्रयोगशालाओं में “अमानक (Not of Standard Quality - NSQ)” पाए गए।
इसी तरह, मेसर्स डिवाइन लेबोरेट्रीज प्रा. लि., वडोदरा (गुजरात) द्वारा आपूर्ति की गई हेपारिन सोडियम 1000 IU/ml इंजेक्शन IP भी NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं एवं सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेट्री (CDL), कोलकाता में परीक्षण के दौरान अमानक पाए गए।
इन तीनों उत्पादों को निविदा शर्तों के अनुरूप तत्काल प्रभाव से तीन वर्षों की अवधि तक ब्लैकलिस्ट किया गया है।
गुणवत्ता पर समझौता नहीं
CGMSC ने कहा है कि उसकी गुणवत्ता आश्वासन एवं नियंत्रण नीति के अंतर्गत निरंतर मॉनिटरिंग, बैच-वार परीक्षण, पुनः परीक्षण और गुणवत्ता विचलन पर तत्काल कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाती है।
कॉरपोरेशन द्वारा सभी कार्रवाई CDSCO, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 के प्रावधानों के अनुसार की जाती है ताकि केवल गुणवत्तायुक्त दवाएं ही मरीजों तक पहुँचें।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस पर किसी भी स्तर पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी दवा गुणवत्ता से जुड़ी किसी भी चूक पर कार्रवाई जारी रहेगी।
अरपा के प्रदूषण पर सख्त हुआ बिलासपुर निगम, एसटीपी के निर्माण में देरी पर ठेकेदार पर लगाई सवा दो करोड़ की पेनाल्टी
बिलासपुर। अरपा नदी के प्रदूषण को कम करने के लिए समय पर एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) नहीं बन पाया है. बिलासपुर नगर निगम ने निर्माण कार्य में देरी पर ठेका कंपनी श्रद्धा कंस्ट्रक्शन पर 2.22 करोड़ की पेनल्टी लगाने के साथ जल्द काम पूरा करने की चेतावनी भी दी है.
बता दें कि शहर में जवाली नाले सहित 70 नाले, नालियों का पानी बिना ट्रीटमेंट के लगभग 135 एमएलडी गंदा पानी सीधे अरपा नदी में छोड़ा जा रहा है. निगम की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक अरपा में 110 एमएलडी गंदा पानी ग्यारह बड़े नालों के जरिए पहुंचता है. अरपा के किनारे जहां जहां आबादी है, वहीं अधिक समस्या है. मंगला से दोमुहानी तक 10.50 किलोमीटर की लंबाई में नदी के दोनों ओर से रिहायशी क्षेत्रों का गंदा पानी लगातार पहुंचता है.
नगर निगम का नल जल विभाग प्रतिदिन एमएलडी पानी शहरवासियों को सप्लाई करता है, इसका 90 फीसदी हिस्सा टायलेट से होकर अरपा में लौट जाता है. जिसे लेकर 6 स्थानों पर एसटीपी की योजना बनाई थी, लेकिन अधूरे काम के कारण फिलहाल इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है.
निगम के मुताबिक मंगला में निर्माणाधीन दोनों एसटीपी का काम पूरा करने के लिए ठेका कंपनी को दिसंबर तक की मोहलत दी गई है. निगम के मुताबिक, मंगला में 10 एमएलडी का काम 75 प्रतिशत, मंगला में 6 एमएलडी का काम 90 प्रतिशत और कोनी में 2 एमएलडी एसटीपी का काम अंतिम चरणों में है. इसके साथ ही पचरीघाट में 1 एमएलडी का काम अभी शुरू ही हुआ है. निगम द्वारा दावा किया जा रहा है कि यह सभी एसटीपी मार्च 2026 तक बनकर तैयार हो जाएंगे.
क्या है एसटीपी
एसटीपी प्लांट (STP Plant) का मतलब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट है, जो घरों, दफ्तरों और उद्योगों से निकलने वाले गंदे या अपशिष्ट जल को साफ करने वाली एक सुविधा है. यह गंदे पानी को सुरक्षित और पुन: उपयोग के लायक बनाने के लिए भौतिक, रसायनिक और जैविक प्रक्रियाओं का उपयोग करता है, ताकि इसे नदियों या अन्य जल स्रोतों में छोड़ने से पहले पर्यावरण को नुकसान न हो.
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह तथा विषय विशेषज्ञों की 2 पैनल की टीम ले रही सीजीपीएससी परीक्षा के लिए मॉक इंटरव्यू
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट अनुभव’ के अंतर्गत सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को साक्षात्कार पूर्व प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और प्रस्तुति कौशल को निखारना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम नेतृत्व साधना केंद्र, पुराना योग भवन, फुंडहर, रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। आज यहां पैनल एक में कलेक्टर डॉक्टर गौरव सिंह, सीईओ जिला पंचायत कुमार बिश्वरंजन, जॉइंट कलेक्टर के.एम. अग्रवाल, राहुल सिंह सेवानिवृत्ति उपसंचालक संस्कृति विभाग, अरविंद मिश्रा सेवानिवृत्ति संयुक्त संचालक वित्त विभाग, देवेंद्र देवांगन श्रम पदाधिकारी, भूपाल सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर साइंस कॉलेज
पैनल दो में शशांक शर्मा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी, जवाहर सुरशेट्टी सदस्य नीति आयोग, बी के नायक संयुक्त संचालक वित्त, आभाष ठाकुर उपयुक्त राज्य कर विभाग, केदार पटेल जिला रोजगार अधिकारी ने अभ्यर्थियों के मॉक इंटरव्यू के माध्यम से उनका मूल्यांकन किया एवं साक्षात्कार की तैयारी हेतु व्यावहारिक सुझाव दिया।
मॉक इंटरव्यू 15 नवंबर तक शाम 4.30 बजे से आयोजित होंगे इच्छुक उम्मीदवार https://forms.gle/9oTvtdJp8WGXw9jcA लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आज 12 अभ्यर्थियों का मॉक इंटरव्यू लिया गया एवं हर अभ्यर्थी का 25 से 30 मिनट तक सवाल पूछ कर मूल्यांकन किया गया |
सड़क हादसे में बाल-बाल बचे मंत्री : कोरबा में श्रम मंत्री लखनलाल के काफिले की स्कॉर्पियो पलटी, तीन जवान घायल
कोरबा। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का काफिला नेशनल हाईवे-130 पर धुईचुआ गांव के पास सड़क हादसे का शिकार हो गया। काफिले के सामने अचानक बाइक सवार आने से आगे चल रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे एक एएसआई, एक प्रधान आरक्षक और ड्राइवर घायल हुए हैं। इस हादसे में मंत्री बाल-बाल बचे। पूरा मामला पाली थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, मंत्री का काफिला कोरबा से रायपुर के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में अचानक तीन बाइक सवार युवक काफिले के सामने आ गए। उन्हें बचाने के प्रयास में आगे चल रही स्कॉर्पियो के चालक ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे गाड़ी पलट गई। मंत्री देवांगन जिस वाहन में सवार थे, उसका चालक समय रहते गाड़ी नियंत्रित करने में सफल रहा। इस वजह से मंत्री और उनके वाहन में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। काफिले के बाकी वाहन भी समय पर रुक गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना तत्काल पाली थाना पुलिस को दी गई। पाली थाना प्रभारी जितेन्द्र यादव टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए तत्काल घायलों को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना किया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। घायलों की पहचान एएसआई दिलीप कुमार शुक्ला, प्रधान आरक्षक आर. विनीत तिर्की और स्कॉर्पियो चालक के रूप में हुई है। तीनों को मामूली चोटें आई है। वहीं हादसे के बाद बाइक सवार तीनों युवक मौके से फरार हो गए। कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि मंत्री लखनलाल देवांगन के काफिले सामने बाइक सवार आने से उन्हें बचाने के फेर में सामने चल रहा वाहन पलट गया। तीन लोगाें को मामूली चोटें आई है। मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री टंक राम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अगुवाई में बलौदा बाजार में ‘सरदार 150 @ यूनिटी मार्च पदयात्रा’ का हुआ भव्य आयोजन
बलौदा बाजार। भारत के लौहपुरुष, देश की एकता और अखंडता के शिल्पी सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के बलौदा बाजार में ‘सरदार 150 @ यूनिटी मार्च पदयात्रा’ का भव्य आयोजन किया गया।






करीब 13 किलोमीटर की इस पदयात्रा का शुभारंभ डीएवी स्कूल संकरी से हुआ, जहां एक ‘पेड़ मां के नाम’ लगाकर प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश दिया गया और सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यहां से यात्रा लिमाही होते हुए गोंड खपरी पहुंची जहां। इसका भव्य स्वागत किया गया यहां से दशरमा होते हुए अटल चौक बलौदा बाजार पहुंची, जहां विशाल जनसमूह की उपस्थिति में इसका समापन हुआ।






इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस, दूरदृष्टि और राष्ट्रनिष्ठा से देश की 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर ‘एक भारत, अखंड भारत’ का सपना साकार किया। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हीं के विचारों और आदर्शों से प्रेरित होकर देश को एकता के सूत्र में जोड़ रहे हैं। कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति सरदार पटेल के अधूरे स्वप्न को पूरा करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम रहा है।
श्री अग्रवाल ने कहा मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व शक्ति के रूप में उभर रहा है और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प साकार हो रहा है। यह यात्रा देश के हर नागरिक में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की भावना को सशक्त करने का माध्यम बनेगी।
पदयात्रा में कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, पूर्व विधायक शिव रतन शर्मा, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सनम जांगड़े, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पवन साहू, लक्ष्मी बघेल, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित हजारों विद्यार्थी, युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह कार्यक्रम न केवल सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि थी, बल्कि देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए सामूहिक संकल्प का उत्सव भी बना।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : हाईकोर्ट से नेक्सजेन पॉवर कंपनी के डायरेक्टरों को मिली जमानत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में हाईकोर्ट से FL 10 लाइसेंसधारी नेक्सजेन कंपनी के डायरेक्टरों को जमानत मिली है। अभिषेक सिंह और मनीष मिश्रा को जस्टिस अरविंद वर्मा की कोर्ट ने जमानत दी है। अभिषेक सिंह आबकारी विभाग के ओएसडी रहे अरविंद सिंह का भतीजा है। मनीष मिश्रा CA संजय मिश्रा का भाई है। सीनियर अधिवक्ता शशांक मिश्रा और गगन तिवारी ने बचाव पक्ष की तरफ से पैरवी की।
संजय मिश्रा और मनीष मिश्रा नेक्सजेन पॉवर कंपनी बनाकर FL 10 लाइसेंस लेकर प्रदेश में महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की सप्लाई करते थे। दोनों सगे भाई हैं। संजय मिश्रा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है। दोनों भाई नेक्सजेन पॉवर कंपनी के डायरेक्टर है। इनके अलावा आबकारी विभाग के ओएसडी रहे अरविंद सिंह के भतीजे अभिषेक सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था। तीनों को इसी साल 20 जुलाई को ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया था। संजय मिश्रा को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
क्या है शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 से 2023 तक शराब नीति को बदलकर चहेते सप्लायरों के माध्यम से शराब घोटाला हुआ। इसमें लाइसेंस की शर्तें ऐसी रखी गई कि चहेती कम्पनियों को काम मिल सके। उन कंपनियों ने नकली होलोग्राम और सील बनवाई। यह काम नोएडा की एक कंपनी ने किया। इसके बाद नकली होलोग्राम लगी शराब की महंगी बोतलें सरकारी दुकानों के माध्यम से बिक्री करवाई गई। चूंकि नकली होलोग्राम था तो बिक्री की जानकारी शासन को नहीं हो पाती थी और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इस तरह से शासन को 2165 करोड़ रुपए के टैक्स का चूना लगाया गया। यह रकम कांग्रेस भवन बनवाने से लेकर नेताओं,अधिकारियों और मंत्रियों तक बटे।
शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 आबकारी अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शैलेन्द्र पटेल की PRSU में ‘प्रभारी कुलसचिव’ के पद पर हुई वापसी, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश
रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में शैलेंद्र कुमार पटेल की फिर से प्रभारी कुलसचिव पद पर वापसी हो गई है। यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया गया है।
देखें आदेश


नवा रायपुर से चीन को तांबा सांद्रण निर्यात, कॉनकॉर ने शुरू की अंतरराष्ट्रीय सेवा
रायपुर। रेल मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक उपक्रम कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (कॉनकॉर) ने छत्तीसगढ़ के नया रायपुर स्थित अपने मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) से चीन के लिए तांबा सांद्रण के निर्यात का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया है. यह परियोजना खनिज-संपन्न छत्तीसगढ़ राज्य से भारत की निर्यात क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
इस अभियान के तहत कुल 12,000 मीट्रिक टन तांबा सांद्रण का निर्यात किया जाना है. इसकी शुरुआत पहली रेक के प्रेषण से हुई, जिसमें 90 कंटेनरों को नया रायपुर से विशाखापत्तनम बंदरगाह के लिए रवाना किया गया. वहां से इसे शिपिंग वन लाइन के जरिए चीन भेजा जाएगा.
यह संपूर्ण निर्यात परिचालन हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) द्वारा किया जा रहा है, जबकि लॉजिस्टिक्स सहयोग बॉक्सको और सीजे डार्कल जैसी कंपनियों द्वारा प्रदान किया जा रहा है. यह सफलता कॉनकॉर के एमएमएलपी की थोक कार्गो को संभालने की उच्च क्षमता और सभी भागीदारों के बीच प्रभावी सहयोग को रेखांकित करती है.
दिल्ली ब्लास्ट: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पोस्ट पर गृह मंत्री विजय शर्मा का पलटवार, कहा-
रायपुर। दिल्ली ब्लास्ट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ‘एक्स’ पर किए पोस्ट पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पुरी में हमला हुआ, पुलवामा में हमला हुआ. हमले के बाद जवाब भी दिया गया था. 10 वर्ष बाद विस्फोट की घटना हुई है, ऐसे में राजनीति नहीं करनी चाहिए. पहले स्थिति सामान्य होने दें, फिर सदन में चर्चा करें. अंतिम संस्कार तक नहीं हुआ और आपने राजनीति शुरू कर दी. यह राजनीति में निम्नता है.
उप मुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिल्ली ब्लास्ट को लेकर मीडिया से चर्चा में कहा कि सभी से निवेदन है कि जांच और पूछताछ में सहयोग करें, पुलिस का साथ दें. परीक्षण और चौकन्नेपन की जरूरत है. अब समय है ताकत के साथ अलर्ट रहने का.
गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली में अनहोनी हुई है, अभी स्पष्ट होना बाकी है कि यह आतंकी घटना है या नहीं. यदि आतंकवादी घटना साबित होती है तो ना कोई लिंक छूटेगा, ना कोई व्यक्ति. दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा. किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
वहीं विपक्ष के चुनाव से पहले ही ऐसी घटनाएं बढ़ने के आरोप पर विजय शर्मा ने कहा कि बिहार का आधा चुनाव हो चुका है. घटनाओं के होने का कोई तय समय नहीं होता. 3 या 6 महीने में कहीं न कहीं चुनाव होते रहते हैं, इसे चुनाव से जोड़ना गलत है. वहीं अमित बघेल की तलाश को लेकर गृह मंत्री ने कहा कि उन पर विभिन्न समाज के पूज्य पुरुषों के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. कार्रवाई जारी है.
इन्वेस्टर कनेक्ट : अहमदाबाद में छत्तीसगढ़ को मिला बड़ा निवेश प्रस्ताव, 33,000 करोड़ से अधिक के निवेश, 14,000 से अधिक रोजगार का खुला मार्ग
रायपुर। अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान प्रतिष्ठित वाडीलाल ग्रुप ने छत्तीसगढ़ में निवेश की गहरी रुचि दिखाई। समूह के प्रबंध निदेशक देवांशु गांधी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर राज्य में आइसक्रीम, फ्रोजन फूड और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्माण की इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
देवांशु गांधी ने कहा कि कंपनी अब तक पश्चिमी और उत्तरी भारत में अपने उत्पादों का सफल संचालन कर रही है और अब वह पूर्वी भारत, विशेषकर छत्तीसगढ़ में अपने उत्पादन और वितरण नेटवर्क को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री साय ने वाडीलाल ग्रुप के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग और सुगम प्रक्रियाएं उपलब्ध कराएगी.

गुजरात के उद्योगपतियों ने भी छत्तीसगढ़ में निवेश की जताई इच्छा
अहमदाबाद में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से गुजरात के उद्योग समूह के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री के गुजरात आगमन पर हार्दिक स्वागत किया। उद्योगपतियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ बहुत समृद्ध और सुविधाजनक राज्य है, जहां निवेश के लिए बहुत अच्छे अवसर हैं। उन्होंने बताया कि वे छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने में रुचि रखते हैं। मुख्यमंत्री साय ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है और राज्य सरकार हर उद्योगपति को पूरा सहयोग देगी।
वेल्सपन समूह सहित उद्योगपतियों ने भी सीएम साय से की मुलाकात
अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान वेल्सपन समूह के निदेशक व एसोचैम गुजरात के अध्यक्ष चिन्तन ठाकर ने एसोचैम गुजरात के सह अध्यक्ष जेमिन शाह सहित अन्य कंपनी के प्रमुखों के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भेंट की। उद्योगपतियों ने छत्तीसगढ़ के खनिज, धातु, उर्वरक, पेट्रो केमिकल, एनर्जी और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की और राज्य में औद्योगिक सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
टोरेंट ग्रुप ने छत्तीसगढ़ में 23,100 करोड़ निवेश का दिया प्रस्ताव
अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में टोरेंट ग्रुप के उपाध्यक्ष जिनल मेहता ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में बिजली क्षेत्र में 22,900 करोड़ रुपये तथा फार्मा सेक्टर में 200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए। इन परियोजनाओं से लगभग 5,200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मेहता ने राज्य में औद्योगिक वातावरण और निवेश के अनुकूल नीतियों की सराहना की।

अहमदाबाद के टेक्सटाइल एसोसिएशन समूह ने भी निवेश की रुचि दिखाई
अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान नारोल टेक्सटाइल्स इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड एनवायरो मैनेजमेंट (NTIEM) के अध्यक्ष चंपालाल जी. अग्रवाल के नेतृत्व में अहमदाबाद टेक्सटाइल एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से निर्धारित मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ में पर्यावरण अनुकूल टेक्सटाइल प्रसंस्करण उद्योग के विकास में सहयोग की इच्छा व्यक्त की। कंपनी ने अपने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) की क्षमता को 100 MLD से बढ़ाकर 130 MLD करने और छत्तीसगढ़ में कपड़ा उद्योगों के लिए आधुनिक एवं टिकाऊ सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
दिल्ली ब्लास्ट: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृह मंत्री अमित शाह से मांगा इस्तीफा
जगदलपुर। राजधानी दिल्ली में सोमवार की शाम लाल किले के पास हुए बम ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। बघेल ने कहा कि इतनी गंभीर सुरक्षा घटना के समय गृह मंत्री चुनाव प्रचार में व्यस्त थे, जबकि उनकी जिम्मेदारी देश की राजधानी और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जगदलपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस हमले पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और निर्दोष लोगों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ है। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों और उनके परिवारजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह घटना अत्यंत गंभीर है। शुरुआत में यह कहा जा रहा था कि गैस सिलेंडर फट गया था, लेकिन अब कुछ लोग इसे विस्फोटक सामग्री से संबंधित बता रहे हैं। आंकड़े अभी तक स्पष्ट नहीं हैं; कुछ लोग 10, कुछ 11 और कुछ 13 घायल होने की बात कह रहे हैं।
उन्होंने देश में इससे पहले हुए आतंकी हमलों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए, उन्होंने कहा- पुलवामा में 300-400 किलो आरडीएक्स आखिर कहां से आया। उन्होंने यह भी पूछा कि पहलगाम में आतंकवादी कैसे घुस आए और वहां एनएसजी को उतारने की बजाय अमित शाह कैसे मौजूद थे। ऑपरेशन सिंदूर हुआ और ट्रंप ने कई बार दावा किया कि उनके दबाव में भारत ने युद्ध रोका।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सुरक्षा एजेंसियां असली काम छोड़कर विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और विरोधियों की जासूसी में लगी हुई हैं, जबकि उनका प्राथमिक काम आतंकवादियों को पकड़ना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े सुरक्षा हादसे के समय गृह मंत्री लगातार बिहार में चुनाव प्रचार में व्यस्त थे, सीसीटीवी कैमरे बंद कर लोगों से मिल रहे थे, और इसी दौरान राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाके, लाल किले के पास यह घटना हुई। इसके लिए जिम्मेदारी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेनी चाहिए।
भूपेश बघेल ने साफ कहा कि लगातार हो रही आतंकी घटनाओं, नॉर्थ ईस्ट में उत्पीड़न और सुरक्षा व्यवस्था में असफलता के कारण गृह मंत्री को या तो चुनाव प्रचार छोड़कर गृह मंत्रालय संभालना चाहिए या इस पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
दिल्ली ब्लास्ट पर सियासत : भूपेश बघेल के बयान पर अजय चंद्राकर का पलटवार, कहा- कांग्रेस कार्यकाल में आतंकी घटनाओं पर उनका दृष्टिकोण समझौतावादी होता था
रायपुर। दिल्ली ब्लास्ट को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ट्वीट पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह का बयान था कि मुझ पर दबाव के चलते पाकिस्तान पर 26/11 को लेकर कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस कार्यकाल में आतंकी घटनाओं पर उनका दृष्टिकोण समझौतावादी होता था, जो वोट बैंक के आधार पर चलता था। पुलवामा की घटना के बाद कुछ ही दिनों में उसका रिएक्शन हमने दिखाया। देश के गृह मंत्री की नीति जीरो टॉलरेंस वाली है।
दिल्ली ब्लास्ट को लेकर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि देश विरोधी संगठन जो सक्रिय हैं, उनकी करतूत है। इसलिए इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। देश की सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही है, कुछ तथ्य मिले हैं। इस घटना की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है।
कांग्रेस संगठन पर कसा तंज
अजय चंद्राकर ने कांग्रेस संगठन पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस संगठन के बल पर नहीं, मुंह के बल पर चुनाव लड़ेगी। मुंह सभी का खुला है। कहीं कोई हाथ चला रहे हैं, कहीं कोई डकैती कर रहा है। संगठन की बात कांग्रेस में नहीं करनी चाहिए।
कांग्रेस में क्वालिटी का कोई स्थान नहीं है – अजय चंद्राकर
अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के टैलेंट हंट को लेकर कहा कि कांग्रेस के टैलेंट हंट में किसी योग्यता की जरूरत नहीं है। योग्यता यही है कि राज परिवार के प्रति निष्ठा कितनी है। कांग्रेस में क्वालिटी का कोई स्थान नहीं है। शशि थरूर, मनीष तिवारी इनका क्या उपयोग हो रहा है?
कांग्रेस में अनुशासन ही नहीं है तो समिति क्या करेगी – अजय चंद्राकर
कांग्रेस की अनुशासनहीनता समिति पर चुटकी लेते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस में अनुशासन ही नहीं है तो समिति क्या करेगी? कांग्रेस नेता एक-दूसरे पर गोलीबारी कर रहे हैं, डकैती की योजना बना रहे हैं। जहां अनुशासन होगा, वहीं अनुशासनहीनता पर कार्रवाई होगी। कांग्रेस सिर्फ नाम मात्र की समितियां बनाती है।
बलरामपुर कस्टोडियल डेथ पर बयान
बलरामपुर कस्टोडियल डेथ मामले पर अजय चंद्राकर ने कहा कि पुलिस कह रही है कि मृतक सिकलसेल पीड़ित था। उन्होंने कहा कि मामले की जांच होगी और तथ्य सामने आएंगे। अगर यह कस्टोडियल डेथ है तो जरूर कार्रवाई होगी।
दिल्ली ब्लास्ट पर भूपेश बघेल ने उठाया था सवाल
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पर लिखा कि देश की राजधानी दिल्ली में इतना बड़ा धमाका हो जाए और हम चुप बैठे रहें? आख़िर ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए। हम सब को अपने सुरक्षाबलों पर पूरा भरोसा है. लेकिन देश के नेतृत्वकर्ताओं के लिए देश की सुरक्षा प्राथमिकता ना होना देश के लिए चिंताजनक है।पुलवामा में 300 किलो RDX कहाँ से आया था? उसका जवाब अब तक नहीं मिला है। दिल्ली में हुए बम धमाके की खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। मृतकों की आत्मा को ईश्वर शांति प्रदान करें। उनके परिवारों के प्रति हम सब की संवेदना हैं। हम सब घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। इस कठिन समय में सरकार से सवाल पूछे जाएँगे और जवाब देना होगा।
छत्तीसगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता, बीजापुर में 6 नक्सली ढेर, मुख्यमंत्री ने कहा- लाल आतंक के विरुद्ध जारी है अभियान, खत्म हो रहा नक्सलवाद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर में सुरक्षाबलों की नक्सल विरोधी कार्रवाई में मिली बड़ी सफलता पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस की डीआरजी (District Reserve Guard) और एसटीएफ (Special Task Force) की संयुक्त टीम द्वारा नक्सलियों के साथ चल रही मुठभेड़ में अब तक छह नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। यह लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में सुरक्षाबलों के जवानों की बड़ी सफलता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश और प्रदेश से नक्सलवाद को समाप्त करने का जो संकल्प लिया गया है, उसकी दिशा में यह एक और निर्णायक कदम है। छत्तीसगढ़ सरकार इस मिशन को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के स्टॉल का किया अवलोकन
रायपुर। गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की झलक हर आगंतुक के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत पर्व का अवलोकन किया तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यटन मंडल के अधिकारियों से राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों और योजनाओं की जानकारी ली।



मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराएं और लोककला पूरे भारत में अपनी अनोखी पहचान रखती हैं। छत्तीसगढ़ अब तेजी से भारत के उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।”
छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन खींच रहे हैं आगंतुकों का ध्यान: मुख्यमंत्री ने भी लिया छत्तीसगढ़िया व्यंजनों का स्वाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टूडियो किचन में पर्यटन मंडल छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर की छात्राओं द्वारा तैयार पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। अमारी का शरबत, करील के कबाब, चौसेला रोटी, बफौरी और फरा जैसे व्यंजनों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक-कला और संस्कृति की झलक पेश की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आईएचएम रायपुर की छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि “ये छात्राएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक हैं, जो अपनी प्रतिभा से राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य एवं जीएम वेदव्रत सिरमौर भी उपस्थित थे।
हस्तकला और लोकसंस्कृति पर गर्व
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के बुनकरों द्वारा तैयार कोसा वस्त्रों की खरीदारी की और शिल्पियों से बातचीत की। उन्होंने भारत पर्व में प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भी मुलाकात कर उन्हें प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, वेशभूषा और लोकनृत्य हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य है कि इन परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए।”
भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और समृद्ध पर्यटन स्थलों की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंच रहे हैं और राज्य की सजीव संस्कृति से अभिभूत हो रहे हैं।