प्रदेश
मृत लोको पायलट की बेटियों की पढ़ाई और शादी का खर्च उठाएगी क्लीन कोल एंटरप्राइजेज कंपनी
बिलासपुर। रेल हादसे के बाद अब पीड़ित परिवारों को राहत की किरण दिखाई दे रही है. क्लीन कोल एंटरप्राइजेज प्रा. लि. ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोको पायलट विद्या सागर कुशवाहा की तीनों बेटियों की शिक्षा और विवाह का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है. कंपनी के निदेशक संजय अग्रवाल ने जिला कलेक्टर बिलासपुर को पत्र लिखकर इस संबंध में औपचारिक ऐलान किया है.
बता दें, 4 नवम्बर 2025 को बिलासपुर में भीषण रेल दुर्घटना हुई थी. कम्पनी प्रबंधन प्रभावित लोगों को उचित सहायता प्रदान करने का ऐलान किया है. इसी कड़ी में लोको पायलट के प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता करने का निर्णय लिया है. इसके तहत, स्वर्गीय विद्या सागर कुशवाहा की तीनों बेटियों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी कंपनी उठाएगी. साथ ही, जब इन बालिकाओं का विवाह होगा, तब कंपनी आर्थिक सहायता भी प्रदान करेगी ताकि परिवार पर किसी तरह का बोझ न पड़े. कंपनी ने यह भी घोषणा की है कि उसी रेल हादसे में जिन परिवार के सभी सदस्य असमय काल के गाल में समा गए, उस परिवार के एकमात्र बचे हुए बच्चे की पूरी शिक्षा की जिम्मेदारी भी कंपनी वहन करेगी.
कंपनी ने कहा कि वर्तमान में दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं, इसलिए जब स्थिति सामान्य होगी तब उनके परिजनों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी एकत्र की जाएगी, ताकि सहायता प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके. संजय अग्रवाल, निदेशक, क्लीन कोल एंटरप्राइजेज प्रा. लि. ने कहा कि कंपनी इस मुश्किल समय में शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है और सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत हर संभव सहयोग किया जाएगा. पत्र की प्रति दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल रेल प्रबंधक को भी जानकारी के लिए भेजी गई है. यह पहल न केवल संवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि किसी की जान भले चली जाए, पर इंसानियत को जिंदा है.
अवैध धान परिवहन पर जिला प्रशासन की कार्रवाई, दो ट्रैक्टर धान जब्त
सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने से पहले धान का अवैध परिवहन शुरू हो गया है। इस पर लगाम लगाने प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आज तहसीलदार एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने सरिया क्षेत्र में अवैध रूप से धान परिवहन करते दो ट्रैक्टर धान जब्त किया।
कार्रवाई के दौरान दोनों ट्रैक्टर चालक धान परिवहन के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। इस पर टीम ने धान को जब्त कर सरिया थाना के सुपुर्द किया। तहसीलदार कोमल साहू की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
मंडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति या खरीदी पंजीयन के धान की खरीदी व परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की अनियमितता या अवैध परिवहन में लिप्त पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री अरुण साव के पारिवारिक शोक में नहीं हुआ किसी तरह का सरकारी भुगतान, सोशल मीडिया में प्रसारित जानकारी को पीडब्ल्यूडी विभाग ने बताया तथ्यहीन एवं भ्रामक
रायपुर। कतिपय सोशल मीडिया में प्रसारित उप मुख्यमंत्री-सह-लोक निर्माण मंत्री के परिवार के निजी कार्यक्रम का भुगतान लोक निर्माण विभाग द्वारा किये जाने संबंधी समाचार तथ्यहीन एवं भ्रामक है। लोक निर्माण विभाग द्वारा उप मुख्यमंत्री अरुण साव या किसी भी निजी कार्यक्रम का कोई भुगतान नहीं किया गया है। आरटीआई के तहत विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी में सोशल मीडिया में प्रसारित किसी भी बिल का कोई उल्लेख नहीं है। इन बिलों से विभाग का कोई संबंध नहीं है। लोक निर्माण विभाग के बेमेतरा संभाग के कार्यपालन अभियंता डी.के. चंदेल ने इस संबंध में वस्तुस्थिति की विस्तार से जानकारी दी है।
श्री चंदेल ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के बेमेतरा संभाग के अंतर्गत व्ही.आई.पी. कार्यक्रमों में लगाए गए टेंट-पंडाल से संबंधित किये गये भुगतान की जानकारी अब्दुल वाहिद रवानी आत्मज अब्दुल मजीद रवानी, निवासी वार्ड नंबर 21, बाजार पारा बेमेतरा, जिला-बेमेतरा को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग भवन/सड़क, संभाग बेमेतरा के पत्र क्रमांक 4630/सू.अ.लि./25, दिनांक 28.08.2025 को जानकारी प्रदान किया गया है। श्री रवानी द्वारा सूचना का अधिकार के माध्यम से बेमेतरा संभाग में दिनांक 18.06.2025 को गुरूनानक टेंट हाऊस एवं केटरर्स, गुरूदेव टेंट हाउस एवं केटरर्स, खालसा टेंट केटरिंग एवं लाइट को किये गये भुगतान राशि रू. 3.97 करोड़ के बिल व्हाउचर सहित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के प्रोटोकॉल एवं कलेक्टर महोदय के आदेश की प्रति कार्यपालन अभियंता ने दिनांक 28.08.2025 को जानकारी प्रदान की है। विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी में ऐसे किसी भी बिल का कोई उल्लेख नहीं है और विभाग का ऐसे किसी भी बिल से कोई संबंध नहीं है, जो सोशल मीडिया में भ्रामक रूप से प्रसारित हो रही है। जिन कार्यक्रमों का भुगतान किया गया है, उसका विवरण निम्नानुसार है -


1. दिनांक 19, 20 एवं 21 दिसंबर 2024 को बेमेतरा जिला के नवागढ़ में 3 दिवसीय मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगाये गये टेंट पंडाल आदि की व्यवस्था का 1,76,30,694/- रूपये भुगतान हुआ है।
2. दिनांक 25.01.2024 को जिला बेमेतरा के जूनी सरोवर ग्राम में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 71,16,646/- रूपये भुगतान हुआ है।
3. दिनांक 04.07.2024 को जिला बेमेतरा के अंधियारखोर ग्राम में मंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 17,99,088/- रूपये भुगतान हुआ है।
4. दिनांक 24.02.2024 को ग्राम बेमेतरा के मंडी परिसर में विकसित भारत कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 11,88,084/- रूपये भुगतान हुआ है।
5. दिनांक 14.01.2025 को ग्राम संबलपुर में मंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 10,11,450/- रूपये भुगतान हुआ है।
6. बेमेतरा संभाग अंतर्गत दिनांक 28.06.2024 को सिंधौरी में वर्चुअल कार्यक्रम, दिनांक 04.07.2024 को अंधियारखोर में शासकीय कार्यक्रम, दिनांक 12.08.2024 से 14.08. 2024 तक तिरंगा यात्रा कार्यक्रम, दिनांक 20.10.2024 को बेमेतरा में वाचनालय का लोकार्पण कार्यक्रम, दिनांक 14.01.2025 को ग्राम दाढ़ी में भूमिपूजन का कार्यक्रम, दिनांक 14.01.2025 को संबलपुर में भूमिपूजन का कार्यक्रम, दिनांक 07.10.2025 को प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक, दिनांक 12.10.2024 को बेमेतरा के मंडी प्रांगण में कार्यक्रम, दिनांक 15.11.2024 को टाउन हॉल में जनजाति गौरव दिवस का कार्यक्रम, दिनांक 19.12.24 से 21.12.24 तक नवागढ़ में पंथी प्रतियोगिता के कार्यक्रम हुए हैं। इन सभी कार्यक्रमों में लाइटिंग, साउंड एवं एल.ई.डी. व्यवस्था आदि कार्य हेतु 33,29,310/- रूपये भुगतान हुआ है।
7. दिनांक 24.02.2024 को ग्राम नवागढ़ के बस स्टैंड में विकसित भारत कार्यक्रम का 14,13,957/- रूपये भुगतान हुआ है।
8. दिनांक 28.06.2024 को बेमेतरा के न्यायालयीन परिसर के उद्घाटन समारोह के वर्चुअल कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 14,24,071/- रूपये भुगतान हुआ है।
9. दिनांक 14.01.2025 को ग्राम दाढ़ी में मंत्री के कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 3,67,552/- रूपये भुगतान हुआ है।
10. दिनांक 26.01.2025 को बेमेतरा के बेसिक ग्राउंड में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 14,21,302/- रूपये भुगतान हुआ है।
11. दिनांक 05.11.2024 को ग्राम बेमेतरा के बेसिक स्कूल ग्राउंड में राज्योत्सव कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 13,39,689/- रूपये भुगतान हुआ है।
12. दिनांक 15.08.2024 को ग्राम बेमेतरा के बेसिक स्कूल ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में लगे टेंट व्यवस्था का 16,77,024/- रूपये भुगतान हुआ है।
इस प्रकार उपरोक्त भुगतान से स्पष्ट है कि किसी भी निजी कार्यक्रम का और विशेषकर दिनांक 09.08.2024 के किसी कार्यक्रम जिसे लेकर विभाग और उप मुख्यमंत्री के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाई गई है, का भुगतान लोक निर्माण विभाग द्वारा नहीं हुआ है।
समस्त कार्यक्रमों का विस्तृत माप पुस्तिका, देयक की कॉपी तथा कार्यक्रमों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कार्यालयीन अभिलेख में उपलब्ध है। भुगतान करने के पूर्व सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता निर्मल सिंह ठाकुर के द्वारा सिर्फ ऊपर उल्लेखित 12 कार्यक्रमों का भुगतान आदेश पारित किया गया है तथा समस्त भुगतान वर्तमान कार्यपालन अभियंता (डी.के. चंदेल) के द्वारा किया गया है तथा नियमानुसार समस्त शासकीय प्रयोजनार्थ किये गये टेंट आदि के भुगतान पूर्व माप का रिकार्ड उप अभियंताओं एवं अनुविभागीय अधिकारियों के द्वारा किया गया है। किसी भी निजी कार्यक्रम के लिए कोई भुगतान नहीं हुआ है।
लोक निर्माण विभाग ने बताया है कि उप मुख्यमंत्री के किसी भी निजी कार्यक्रम का कोई भी भुगतान विभाग द्वारा नहीं किया गया है। विभाग द्वारा ऐसी कोई भी भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के ऊपर यथासमय विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।
विधायक के फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बोले सिंहदेव- फर्जी सर्टिफिकेट पर चुनाव लड़ने वाले का निर्वाचन रद्द हो
सूरजपुर/अंबिकापुर। प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर विवाद गंभीर होता जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीट से जीत हासिल की। मामले में आदिवासी समाज लगातार कार्रवाई की मांग कर रहा है।
इस मुद्दे को लेकर पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि “अगर कोई भी व्यक्ति फर्जी जाति के आधार पर चुनाव लड़ता है, फिर चाहे वह किसी भी पार्टी का हो, उसका निर्वाचन रद्द होना चाहिए।”
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई लंबित
आदिवासी समाज ने इस मामले को बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद 17 जून 2025 को अदालत ने जिला स्तरीय और उच्च स्तरीय जाति छानबीन समितियों को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। लेकिन आरोप है कि चार माह गुजरने के बाद भी जाति प्रमाण पत्र निरस्त नहीं किया गया। इसके चलते समुदाय में नाराज़गी बढ़ गई है और प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।
जिला स्तरीय समिति ने भेजे नोटिस, विधायक अनुपस्थित
जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की ओर से 28 अगस्त, 15 सितंबर और 29 सितंबर 2025 को नोटिस जारी किए गए थे। समिति ने विधायक शकुंतला पोर्ते को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बुलाया, लेकिन बताया जा रहा है कि वे सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं। समाज ने इसे जांच प्रक्रिया से बचने की कोशिश करार दिया है।
गोड़ समाज और आदिवासी समाज का आरोप
गोड़ समाज और आदिवासी संगठनों ने विधायक पर कूटरचित और गलत जानकारी के आधार पर जाति प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि न तो विधायक और न ही उनके पति कोई मूल आदिवासी दस्तावेज प्रस्तुत कर पाए हैं। आरोप पत्र में दावा किया गया है कि उनके पिता के दस्तावेजों के आधार पर भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ, लेकिन फिर भी उन्हें ST वर्ग का प्रमाण पत्र दे दिया गया।
“आदिवासी अधिकारों का हनन”
आदिवासी समाज का कहना है कि यदि गैर-आदिवासी व्यक्ति गलत प्रमाण पत्र के आधार पर अनुसूचित जनजाति वर्ग की सीट से चुनाव जीतता है, तो यह असली आदिवासी उम्मीदवारों के अधिकारों का हनन है। समाज ने इसे राजनीतिक धोखाधड़ी करार दिया है और कहा है कि इससे पूरे आदिवासी समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।
सड़क किनारे ठेले, गुमटी और फूड वैन के लिए अब लेना होगा लाइसेंस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय क्षेत्रों में अब बिना अनुमति कोई भी व्यापार नहीं किया जा सकेगा. राज्य सरकार ने इसके लिए छत्तीसगढ़ नगरपालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम 2025 की अधिसूचना जारी कर दी है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. नए नियमों के तहत नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में गुमटी, ठेले और वाहनों के माध्यम से व्यापार करने वालों को भी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा.
नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना
नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है. आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर अनुज्ञप्ति प्रदान की जाएगी, 15 दिनों के भीतर निर्णय नहीं लिए जाने पर अनुज्ञप्ति प्रदान की गई समझी जाएगी. जिन व्यापारियों के पास पहले से अनुज्ञप्ति नहीं है, वे 60 दिनों के भीतर आवेदन कर सकेंगे. भवन और खुले स्थानों को नगरीय निकाय द्वारा उस सड़क की चौड़ाई या स्थान के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा, जहां व्यापारिक परिसर स्थित है. नगर निगम क्षेत्रों में 7.5 मीटर से कम सड़क चौड़ाई पर न्यूनतम वार्षिक शुल्क 4 रुपए प्रति वर्गफुट, नगरपालिका में 3 रुपए और नगर पंचायत में 2 रुपए प्रति वर्गफुट तय किया गया है. प्रत्येक अनुज्ञप्ति अधिकतम 10 वर्ष के लिए मान्य होगी, जिसकी अवधि आवेदक स्वयं चुन सकता है.
नवीनीकरण का भी प्रावधान
अनुज्ञप्ति की समाप्ति से कम से कम एक वर्ष पहले नवीनीकरण कराना होगा. निर्धारित अवधि में नवीनीकरण न होने पर अनुज्ञप्ति रद्द कर व्यापार परिसर को सील किया जा सकेगा.
प्रतिबंध और छूट
केंद्र व राज्य शासन, जिला प्रशासन और नगरपालिका द्वारा समय-समय पर जारी आदेश-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा. परिसर के सामने फुटपाथ या सार्वजनिक सड़क पर कोई अवरोध और अतिक्रमण नहीं किया जाएगा. परिसर के सामने किसी तरह की होर्डिंग, विज्ञापन और अवैध पार्किंग की अनुमति नहीं होगी.
व्यापार परिसर में अनुज्ञप्ति शुल्क
मोहल्ला-कॉलोनी के लिए व्यापार अनुज्ञप्ति शुल्क नगर निगम में 4, नगरपालिका में 3 और नगर पंचायत में 2 रुपए प्रति वर्गफुट प्रतिवर्ष निर्धारित है. इसी तरह छोटे और मध्यम बाजारों में क्रमशः 5, 4 और 3 रुपए तथा बड़े बाजारों में क्रमशः 6, 5 व 4 रुपए प्रति वर्गफुट प्रतिवर्ष निर्धारित है.
अन्य व्यावसायिक परिसरों के लिए अलग दरें
नगरीय निकाय में स्थित ऐसे सभी व्यावसायिक परिसर जो बाजारों में अवस्थित न हो, उसके लिए अनुज्ञप्ति शुल्क की अलग दरें होंगी. नगर निगम में 30 हजार, नगरपालिका परिषद में 20 हजार और नगर पंचायत में 10 हजार रुपए से अधिक नहीं होगी.
वाहनों के माध्यम से व्यापार के लिए भी लाइसेंस
वाहनों के माध्यम से व्यापार के लिए भी लाइसेंस जरूरी होगा. मिनी ट्रक, पिकअप वेन और जीप इत्यादि के लिए नगर निगम में 400, परिषद में 300 और नगर पंचायत में 200 रुपए प्रति वाहन-प्रतिवर्ष अनुज्ञप्ति शुल्क निर्धारित है. वहीं ऑटो रिक्शा और तिपहिया वाहन के लिए क्रमशः 250, 200 और 150 रुपए शुल्क देना होगा. वाहन यह सुनिश्चित करेगा कि यातायात को कोई अवरोध न हो. यातायात में अवरोध किए जाने पर अनुज्ञप्ति निरस्त कर दी जाएगी.
बांग्लादेशी नागरिक को दुर्ग जीआरपी ने पकड़ा, मुंबई से हुआ था फरार
रायपुर/दुर्ग। मुंबई पुलिस की गोपनीय सूचना (Confidential Tip-Off) पर कार्रवाई करते हुए दुर्ग जीआरपी (GRP) ने शुक्रवार को शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस (Shalimar-Kurla Express) के एस-1 कोच से एक बांग्लादेशी नागरिक को बिना वैध दस्तावेज (Invalid Documents) के गिरफ्तार किया. आरोपी की पहचान अजमीर शेख (Ajmeer Sheikh) के रूप में हुई, जो मुंबई में दर्ज मामले का फरार आरोपी (Absconding Accused) था और कोलकाता होते हुए बांग्लादेश भागने की फिराक में था.
7 नवंबर को मिली सूचना के बाद जीआरपी ने दुर्ग स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर टीम तैनात कर दी. ट्रेन के पहुंचते ही एस-1 कोच में दबिश (Raid) दी गई. थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया, “आरोपी ने जनरल टिकट (General Ticket) खरीदा था, लेकिन टीटी से सेटिंग कर स्लीपर कोच में चढ़ गया. उसके पास पासपोर्ट, वीजा या कोई वैध पहचान पत्र (ID Proof) नहीं मिला.”
मुंबई पुलिस की टीम फ्लाइट से रायपुर पहुंच चुकी है और सड़क मार्ग से दुर्ग आ रही है. औपचारिकताएं पूरी कर अजमीर शेख को मुंबई ले जाया जाएगा (Handover to Mumbai Police). पुलिस को शक है कि उसका नेटवर्क (Network) भारत में सक्रिय हो सकता है, इसलिए खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) से समन्वय कर गहन जांच शुरू की गई है.
कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए पैसों की उगाही का आरोप लगाकर पूर्व विधायक ने फैलाई सनसनी, देखिए वायरल वीडियो
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए 5 से 7 लाख रुपए की डिमांड करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में बृहस्पति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने इस मामले में कांग्रेस की सहप्रभारी जरिता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पूर्व कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने कहा है कि सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों से सूचना मिल रही है कि एक नंबर से कांग्रेस जिला अध्यक्ष के उम्मीदवारों के पास फोन आ रहा है और जिलाध्यक्ष बनने के लिए पैसों की डिमांड की जा रही है। संबंधित व्यक्ति स्वयं को कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सह प्रभारी जरिता मैडम का सेक्रेटरी बता रहा है। वह एक महिला से बात करता है। महिला की आवाज को कुछ लोग पहचानते हैं और कुछ लोग नहीं पहचानते। उनसे 5 से 7 लाख रुपए की मांग की जा रही है और कहा जा रहा है कि पैसा देने के बाद उन्हें जिला अध्यक्ष बना दिया जाएगा।
कांग्रेस की सह प्रभारी जरिता के खिलाफ कार्रवाई की मांग
बृहस्पति सिंह ने कहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बहुत अच्छी सोच के साथ अन्य प्रदेशों से पर्यवेक्षक भेजकर ब्लॉक और जिला स्तर पर कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति की व्यवस्था दी है। इस पर अमल किए जाने पर निश्चित रूप से पार्टी को लाभ प्राप्त होगा और कांग्रेस की सत्ता में दोबारा वापसी हो सकती है। उन्होंने कांग्रेस की सह प्रभारी जरिता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
तत्कालीन कांग्रेस प्रभारी शैलजा पर भी पैसे लेकर टिकट बांटने का आरोप
वायरल वीडियो में पूर्व कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन कांग्रेस प्रभारी शैलजा कुमारी ने भी पैसे लेकर टिकट वितरण किया था। इसके कारण कांग्रेस को सत्ता से हाथ धोना पड़ा। उन्होंने कहा है किसी वजह से शैलजा कुमारी को दरकिनार कर दिया गया है।
देखें वीडियो –
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने एनआईए छापों का किया स्वागत, कहा- प्रतीक्षित कार्रवाई, सब स्पष्ट है, होना ही चाहिए
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की सुकमा-दंतेवाड़ा में 12 ठिकानों पर की गई छापेमारी का स्वागत किया है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि अरनपुर आईईडी ब्लास्ट (Aranpur IED Blast) मामले में शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई को लेकर सब कुछ स्पष्ट है, कार्रवाई होनी ही चाहिए.
डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि एनआईए की यह कार्रवाई माओवादी संगठन सीपीआई के सशस्त्र कैडरों (Armed Cadres) के खिलाफ निर्णायक कदम है, जहां नकदी, लेवी रसीदें और डिजिटल उपकरण जब्त हुए. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित होगी.
SIR पर बोले- कांग्रेस पहले अपने विवाद सुलझाए
वोटर लिस्ट में संशोधन (SIR – Special Intensive Revision) और BLO (Booth Level Officer) न बनाए जाने को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस इस विषय पर तब चर्चा करेगी जब उनका आपसी विवाद खत्म होगा. पर तब तक समय निकल चुका होगा. डिप्टी सीएम शर्मा ने घुसपैठियों पर चेतावनी देते हुए कहा कि जो घुसपैठ है, उनका पूरा नाम कटवाएंगे.
हमने दिल चुराया है, वोट नहीं… – विजय शर्मा
BJP के वोट बैंक पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि BJP ने दिल चुराया है, जनता BJP को दिल से पसंद करती है. दिल चुराने के लिए परिश्रम लगता है, 24 घंटे काम करना पड़ता है. हम रोज कमाते-खाते हैं, हर दिन जनता के लिए परिश्रम करते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा का कोई फिक्स वोट बैंक नहीं है. BJP गंभीरता से काम कर रही है, जबकि कांग्रेस पहले विवाद से उबर जाए फिर SIR पर ध्यान देगी.
धान खरीदी पर बयान
धान खरीदी को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तैयारी में जुटी हैं. पिछली बार प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी की गई थी. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाहर से धान न आए. ऐसा कोई पकड़ में आता है तो उसे राजसात किया जाएगा. पिछली बार की मात्रा के आसपास ही खरीदी होगी. डिप्टी सीएम शर्मा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि BJP सरकार धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखेगी.
साय कैबिनेट की बैठक 14 नवंबर को
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार, 14 नवंबर 2025 को सुबह 11 बजे मंत्रालय (महानदी भवन) अटल नगर, नवा रायपुर में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक आयोजित होगी. साय कैबिनेट की इस बैठक में धान खरीदी को लेकर अंतिम समीक्षा हो सकती है.
बता दें कि शनिवार को बुलाई गई कैबिनेट बैठक में विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तिथि पर चर्चा संभव है. इसके अलावा जनजाति गौरव दिवस पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के आगमन को लेकर चर्चा होने के आसार हैं.
अमित बघेल की गिरफ्तारी के लिए अग्रवाल और सिंधी समाज ने 72 घंटे का दिया अल्टीमेटम
रायपुर। महापुरुषों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी मामले में छत्तीसढ़िया क्रांति सेना और जोहार पार्टी के नेता अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर के बाद गिरफ़्तारी की मांग तेज हो गई है. अग्रवाल समाज और सिंधी समाज के वक्ताओं ने महाधरना आंदोलन के दौरान अमित बघेल के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग को लेकर 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. वहीं पुलिस ने भी अमित बघेल की गिरफ्तारी की कवायद तेज कर दी है. खबर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की भी है.
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को चक्काजाम आंदोलन के बाद पुलिस ने सुंदरनगर में सर्व छत्तीसढ़िया समाज की बैठक पर नजर रखी लेकिन वहां अमित बघेल नजर नहीं आए. शुक्रवार को भी एक बैठक के आयोजन की खबर पुलिस को लगी लेकिन वहां भी कोई जानकारी नहीं मिली. अमित बघेल की गिरफ्तारी को लेकर एसीएसीयू क्राइम ब्रांच की टीम भी छापेमारी की खबर है.
इधर गुरुवार को बैठक में अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर के विरोध, केस वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात और सामाजिक सौहार्द्र के लिए कृतसंकल्प होने से संबंधित तीन सूत्रीय प्रस्ताव पारित करने वाले सर्व छत्तीसढ़िया समाज के बैनर तले शुक्रवार को भी बैठक हुई. प्रदेश स्तरीय महारैली का आयोजन करने पर विचार की चर्चा है. फिलहाल इसे लेकर तारीख तय नहीं हो सकी है.
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में सर्वर का संकट: परीक्षा फॉर्म भरने में स्टूडेंट्स को हो रही परेशानी, NSUI ने अंतिम तिथि आगे बढ़ाने की मांग को लेकर कुलपति को सौंपा ज्ञापन
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया के दौरान लगातार तकनीकी समस्याएँ उत्पन्न होने के कारण छात्र-छात्राओं में भारी असंतोष देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट बार-बार डाउन होने के चलते विद्यार्थियों को अपने फॉर्म समय पर भरने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही शुल्क भुगतान की प्रक्रिया भी बाधित हो रही है।
बता दें कि इस समस्या को ध्यान में रखते हुए NSUI के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से दो प्रमुख माँगें रखी गई हैं—
परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तीथी सारणी को बढ़ाया जाए, ताकि सभी विद्यार्थी आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकें।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उत्पन्न सर्वर समस्या का तात्कालिक निराकरण किया जाए, जिससे भविष्य में ऐसी कठिनाइयाँ दोबारा न उत्पन्न हों।
इस अवसर पर NSUI विश्वविद्यालय इकाई के नेता रजत ठाकुर ने कहा, “लगातार सर्वर समस्या के कारण सैकड़ों विद्यार्थी परेशान हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि वह विद्यार्थियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तकनीकी खामियों को दूर करे और फॉर्म भरने की समय सीमा बढ़ाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो NSUI छात्र हित में आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।”

NSUI पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय इकाई ने स्पष्ट किया कि संगठन सदैव विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हर परिस्थिति में छात्र हितों की आवाज़ बुलंद करता रहेगा।
ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला महासचिव रजत ठाकुर, हर्ष शर्मा, अंश तिवारी, मोहित बंजारे, वेणु सहित कई अन्य छात्र नेता उपस्थित थे। विद्यार्थी वर्ग ने उम्मीद जताई है कि विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र ही सर्वर समस्या का समाधान करेगा और फॉर्म भरने की समय सीमा बढ़ाकर सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करेगा।
सरकारी विभागों की सुस्त कार्यप्रणाली पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने एक बार फिर सरकारी विभागों की सुस्त कार्यप्रणाली और लालफीताशाही पर सख्त टिप्पणी की है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी के खिलाफ की गई अपील को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि सरकारी विभागों में ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करने की जरूरत है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने कहा कि विभागों में फाइलें महीनों और वर्षों तक लंबित रहती है, जो प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।
दरअसल विभाग ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के आदेश के 107 दिन बाद अपील दायर की थी। इस देरी को लेकर विभाग ने फाइल प्रक्रिया, आदेश जारी होने में विलंब और अन्य औपचारिकताओं का हवाला दिया। राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता ने तर्क दिया कि सरकार एक विशाल संगठन है, जहां विभिन्न विभागीय औपचारिकताओं के चलते देरी होना स्वाभाविक है। इस पर नाराज बेंच ने स्पष्ट किया कि देरी के लिए साधारण स्पष्टीकरण अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कोर्ट ने कहा कि सभी सरकारी निकायों और संस्थाओं को यह समझना होगा कि उनके कर्तव्यों का पालन पूरी लगन और प्रतिबद्धता से किया जाना चाहिए। देरी की माफी कोई अधिकार नहीं, बल्कि अपवाद है और इसका उपयोग सरकारी विभागों को ढाल के रूप में नहीं किया जा सकता। कानून सभी के लिए समान है और इसे कुछ लोगों के लाभ के लिए नहीं तोड़ा-मरोड़ा जा सकता। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद एक बार फिर सरकारी विभागों की कार्यसंस्कृति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजो के लिए 1009 नए पद स्वीकृत, स्वास्थ्य मंत्री बोले – चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे का होगा विस्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश में मेडिकल, नर्सिंग और फिजियोथैरेपी शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कुल 1009 नए पदों के सृजन और स्वीकृति को मंजूरी दी है। यह निर्णय उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने, स्नातक और स्नातकोत्तर प्रशिक्षण को सशक्त करने और स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा, छत्तीसगढ़ ने अपनी 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक चिकित्सा महाविद्यालय और कुछ चुनिंदा नर्सिंग कॉलेज थे, वहीं मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के दृढ़ संकल्प, योजनाबद्ध नीतियों और राज्य शासन के निरंतर प्रयासों से आज चिकित्सा, नर्सिंग और फिजियोथैरेपी शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। कॉलेजों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था भी मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश एवं मार्गदर्शन में सुनिश्चित की जा रही है, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता और सेवा विस्तार दोनों को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा को नई ऊंचाई पर पहुंचाने का संकल्प लिया है। हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 1009 नए पदों की स्वीकृति दी है। राज्य गठन के समय केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज पूरे प्रदेश में मेडिकल, नर्सिंग और फिजियोथैरेपी संस्थानों का जाल बिछ चुका है। यह निर्णय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा और प्रत्येक जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।
नए स्वीकृत पदों का वितरण
मेडिकल कॉलेज रायगढ़ — 39 पद
डीकेएस रायपुर — 1 पद
मेडिकल कॉलेज बिलासपुर — 20 पद
गवर्नमेंट फिजियोथेरेपी कॉलेज, जगदलपुर, जशपुर, मनेंद्रगढ़ — प्रत्येक में 36 पद (कुल 108 पद)
गवर्नमेंट फिजियोथेरेपी कॉलेज, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़ — प्रत्येक में 36 पद (कुल 108 पद)
(कुल 6 नवीन फिजियोथेरेपी कॉलेजों हेतु कुल 216 पद)
नवीन मेडिकल कॉलेज — दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी-जशपुर — प्रत्येक में 60 पद (कुल 180 पद)
नवीन मेडिकल कॉलेज — जांजगीर-चांपा और कबीरधाम — प्रत्येक में 60 पद (कुल 120 पद)
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, बिलासपुर — 55 पद
मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर (रेडियोथेरपी विभाग हेतु) — 7 पद
नवीन नर्सिंग महाविद्यालय — दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर और जशपुर — कुल 210 पद
नवीन नर्सिंग महाविद्यालय — नवा रायपुर, पुसौर-रायगढ़, जांजगीर-चांपा और कुरूद-धमतरी — कुल 168 पद
(नर्सिंग महाविद्यालयों के लिए कुल 378 पद)
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती : मंत्री श्यामबिहारी
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा है कि इन पदों की स्वीकृति से चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे का उल्लेखनीय विस्तार होगा और विभिन्न विशेषज्ञताओं में राज्य की क्षमता बढ़ेगी। शासकीय नर्सिंग और फिजियोथैरेपी प्रशिक्षण संस्थानों के विस्तार से क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बेहतर होगी, जिससे प्राथमिक और द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की आयुक्त शिखा राजपूत तिवारी ने कहा कि जब पूरा राज्य अपने गठन के 25 वर्षों की रजत जयंती महोत्सव के कई श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रम देश के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में मना रहा है, उसी समय स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में यह अभूतपूर्व प्रगति छत्तीसगढ़ के दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नीति-निर्देशन का परिणाम है।
मातृभूमि के प्रति समर्पण और अपने कर्तव्यों का सम्यक निर्वहन ही सर्वोच्च दक्षिणा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रगीत वन्देमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वाल्मीकि रामायण में मातृभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया गया है — “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”। उन्होंने कहा कि जिस भूमि ने हमें जन्म दिया, पालन-पोषण किया और पहचान दी, उसकी सेवा ही हमारे जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। भारत माता की आराधना केवल शब्दों में नहीं, अपने कर्तव्यों के सम्यक निर्वहन के माध्यम से होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब हम भारत माता की पूजा करते हैं, तो पूजा में दक्षिणा देना भी आवश्यक होता है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि को अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से करना चाहिए। यही हमारी मातृभूमि के प्रति सच्ची देशभक्ति और सबसे महत्वपूर्ण दक्षिणा होगी।
मुख्यमंत्री ने ली जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हों तथा निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाई जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए कहा कि जल संसाधन परियोजनाएँ प्रदेश के सर्वांगीण विकास की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सिंचाई परियोजनाओं का निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री को पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से प्रदेश की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
SIR अभियान 2025: मुख्य सचिव ने खुद भरा गणना प्रपत्र, BLO कर रहे घर-घर सर्वे…
आरंग। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील के शासकीय आवास में शनिवार को अधिकारियों की टीम पहुंची और उनसे आवश्यक दस्तावेज संकलित किए. विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 52 आरंग की निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अभिलाषा पैकरा, सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी विनोद साहू तथा बूथ लेवल अधिकारी (BLO) ने मुख्य सचिव को प्रारूप-08 और घोषणा प्रपत्र (Annexure-4) प्रदान किया.
अधिकारियों ने मुख्य सचिव को मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने गणना प्रपत्र में आवश्यक विवरण भरकर टीम को सौंपा.
4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर जाकर प्रपत्र वितरित कर रहे BLO
SIR अभियान 4 नवंबर से शुरू हो चुका है, जिसके अंतर्गत BLO प्रत्येक घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करने और जानकारी संकलित करने का काम 4 दिसंबर 2025 तक करेंगे.
मुख्य सचिव विकासशील ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करें, ताकि मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाया जा सके.
निर्वाचन आयोग की प्रमुख समय-सारणी
गणना प्रपत्र भरने की अवधि: 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025
ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन: 9 दिसंबर 2025
दावा-आपत्ति अवधि: 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026
सत्यापन एवं सुनवाई: 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026
अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 7 फरवरी 2026
अधिकारियों ने बताया कि मृत, पलायन कर चुके या डुप्लीकेट नामों को हटाने और नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शिता के साथ की जाएगी. यह पहल राज्य में मतदाता सूची को अधिक सटीक, विश्वसनीय और अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल : बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान के लिए चिन्हित व्यक्तियों को मिलेगी प्रति वर्ष 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप अनुसूचित जनजाति वर्ग के बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ के चिन्हित व्यक्तियों को प्रति वर्ष 5,000 रुपए की सम्मान सह-प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना को ‘मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना (अनुसूचित जनजाति) वर्ष 2025’ के नाम से जाना जाएगा। योजना के संबंध में 6 नवम्बर को आदिम जाति विकास विभाग द्वारा विस्तृत अधिसूचना जारी की गई है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत रूप से वनौषधीय चिकित्सा संबंधी कार्यों में संलग्न बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ लोगों की परंपरागत वनौषधीय चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित करने और उनके सेवा एवं योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से, जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर 2024 के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रति चिन्हित व्यक्ति को प्रतिवर्ष 5,000 रुपए की सम्मान सह-प्रोत्साहन निधि प्रदान करने की घोषणा की गई थी।
आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में उल्लेखित है कि ‘मुख्यमंत्री बैगा, गुनिया-हड़जोड़ सम्मान योजना’ का उद्देश्य जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के अंतर्गत परंपरागत रूप से वनौषधियों के ज्ञान में दक्ष बैगा, गुनिया और हड़जोड़ व्यक्तियों के पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करना, उसे आगामी पीढ़ियों तक हस्तांतरित करना और उनके वनौषधीय चिकित्सकीय अनुभवों का अभिलेखीकरण कर उनकी आजीविका एवं सेवा को सुदृढ़ बनाना है।
अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनजाति समाजों में वनौषधीय चिकित्सा संबंधी अनुभव परिवारों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होते हैं। अनुसूचित क्षेत्रों के ग्रामों में ऐसे बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ व्यक्ति जो विगत तीन वर्षों से वनौषधीय चिकित्सा सेवा कार्य में संलग्न हैं, उन्हें संरक्षित करने और सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष 5,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्त्री, पुरुष एवं तृतीय लिंग (ट्रांसजेंडर) व्यक्ति, जो बैगा, गुनिया या हड़जोड़ के रूप में कम से कम 30 वर्षों से अपने स्थानीय क्षेत्र में सेवाएँ दे रहे हैं तथा जिनके परिवार में कम से कम दो पीढ़ियों से वनौषधीय चिकित्सा का ज्ञान स्थानांतरित हुआ है, पात्र माने जाएंगे। साथ ही, जो व्यक्ति पादप औषधि बोर्ड, आयुष विभाग, वन विभाग या लघु वनोपज संघ जैसी पंजीकृत संस्थाओं से जुड़े हुए हैं, उनका चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ग्राम स्तर पर किया जाएगा।
ग्राम सभा एवं ग्राम पंचायत द्वारा प्रेषित नामों की अनुशंसा ग्राम स्तर पर ग्राम सचिव, सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन तथा प्राथमिक अथवा माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक द्वारा अनुमोदित की जाएगी। इस अनुशंसा के आधार पर संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास स्तर पर गठित समिति — जिसमें संबंधित जनपद अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति वर्ग के एक जनपद सदस्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) एवं मंडल संयोजक शामिल होंगे — द्वारा अनुशंसित नामों का परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापित सूची आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास कार्यालय को प्रेषित की जाएगी। समिति द्वारा किसी मान्यता प्राप्त संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त सदस्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया जाएगा।
ग्राम सभा/ग्राम पंचायत से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर तथा जनपद स्तर पर गठित समिति की अनुशंसा के उपरांत सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास द्वारा कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त कर प्रस्ताव आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास को भेजा जाएगा। प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार जिलों को आवश्यक धनराशि का आबंटन किया जाएगा। तत्पश्चात सहायता राशि का वितरण जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा तथा सम्मान निधि प्राप्त व्यक्तियों की सूची संबंधित ग्राम सभा में सार्वजनिक रूप से पढ़ी जाएगी।
"छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराएं हमारे सांस्कृतिक वैभव और प्राचीन ज्ञान का जीवंत प्रतीक हैं। बैगा, गुनिया और हड़जोड़ हमारे समाज के वे सम्मानित जन हैं, जिन्होंने सदियों से वनौषधीय चिकित्सा की लोकपरंपरा को जीवित रखा है। उनकी इस अनमोल सेवा और ज्ञान को सम्मान देने के लिए राज्य सरकार ने “मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना” प्रारंभ की है। इस योजना के माध्यम से हम न केवल उनके योगदान को मान्यता दे रहे हैं, बल्कि उनकी परंपरागत चिकित्सा प्रणाली को संरक्षित करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प भी निभा रहे हैं।"
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय