मोदी की पसंद बृजमोहन : रायपुर लोकसभा
मोदी ने देश तो बृजमोहन ने छत्तीसगढ़ की जनता के दिलों को हैक कर रखा है। ऐसे में यहा चुनावी लडाई जीत के लिए नहीं अपितु कीर्तिमान रचने के लिए होगी।
(देवेंद्र गुप्ता)
रायपुर/ लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कल छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीटों सहित देश भर में 195 प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। इस घोषणा के बीच छत्तीसगढ़ में सबसे चौंकाने वाला नाम रायपुर लोकसभा सीट से बृजमोहन अग्रवाल का है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि आज की तारीख में बृजमोहन अग्रवाल छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेता है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भी रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से उन्होंने 78000 के रिकार्ड मतों से आठवीं बार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि जिस तरह मोदी ने सम्पूर्ण देश कि जनता के दिलों को हैक किया हुआ है उसी तरह बृजमोहन ने भी छत्तीसगढ़ की जनता के दिलों को हैक कर रखा है। ऐसे में यहा चुनावी लडाई जीत के लिए नहीं अपितु कीर्तिमान रचने के लिए होगी।
बृजमोहन आज छत्तीसगढ़ सरकार में सबसे ज्यादा अनुभवी मंत्री हैं। उनके पास शिक्षा,संस्कृति पर्यटन,धर्मस्व जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं। संपूर्ण भाजपा सरकार के सुचारू रूप से संचालन में भी उनकी भूमिका साफ नजर आती है। नए मंत्री भी निःसंकोच उनसे मार्गदर्शन करते दिख जाते है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद बृजमोहन अग्रवाल के ही विभागों में हलचल दिखाई पड़ रही थी। नई-नई योजनाओं के साथ जनता को भाजपा सरकार के प्रति सकारात्मक रखने के लिए उनका निरंतर प्रयास जारी था।सब कुछ ठीक ठाक ही चल रहा था कि 2 महीने बाद आज अचानक उनका दिल्ली बुलावा आ जाना कोई सामान्य बात नही है।
प्रतिष्ठित अखबारों में छपी खबर के अनुसार 29 फरवरी को नई दिल्ली में हुई भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में जब लोकसभा सीटों के बारे में राय मशवरा किया जा रहा था उस समय रायपुर लोकसभा से बृजमोहन अग्रवाल का नाम सामने आया। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी थी हम चाहते हैं बृजमोहन दिल्ली आए परंतु उनकी सहमति भी जान ली जाए। यह बात अखबारों की सुर्खियों में थी। जिसके बाद से ही चर्चाओं का दौर शुरू हो गया और बृजमोहन अग्रवाल का लोकसभा में पहुंचना तय माना जा रहा था। ऐसे में कल उनके नाम की घोषणा के साथ ही यह साफ हो गया कि मोदी के लिए बृजमोहन मिस्टर भरोसेमंद है।
बृजमोहन का दिल्ली कूच तो साथियों की राज्यों में वापसी।
बृजमोहन अग्रवाल अभिभाजित मध्य प्रदेश के दौर में आरएसएस की शाखा और विद्यार्थी परिषद के रास्ते से भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में आए और विधायक बने। उनके बैच में शिवराज सिंह चौहान,नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गी,प्रहलाद पटेल रहे है। इनमें शिवराज सिंह चौहान लगातार चार बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे पर बाकी लोग केंद्र सरकार में जिम्मेदारी निभाते रहे। आज जब बृजमोहन अग्रवाल दिल्ली कूच करेंगे तो उनके साथी शिवराज सिंह चौहान ही होंगे।
कुशल रणनीतिकार और जनता की नब्ज को पकड़ने में माहिर
बृजमोहन अग्रवाल कुशल चुनावी रणनीतिकार है। उनकी रणनीति के आगे सारे विरोधी ढेर हो जाते हैं। आज के दौर में जहां एक चुनाव जीतना बेहद कठिन हो जाता है ऐसे में बृजमोहन अग्रवाल ने लगातार आठ चुनाव जीतकर खुद को साबित किया है। लोग जहां एंटी इंकमबेंसी के शिकार हो जाते हैं वहीं इसका उलट बृजमोहन जीत के बढ़ते आंकड़ों के साथ हर बार सफलता के एक नए शिखर पर नजर आते है। जनता के साथ उनका सतत संपर्क और सीधा जुड़ाव उन्हें ताकतवर बनाता है।
30 साल से जिस लोकसभा सीट के संचालक रहे आज स्वयं प्रत्याशी
बृजमोहन अग्रवाल सन 1990 से विधायक है। महाराष्ट्र के राज्यपाल आदरणीय रमेश बैस जी रायपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने जाते थे उसे वक्त उनके चुनाव संचालक बृजमोहन ही होते थे। पिछली दफा जब पूर्व महापौर सुनील सोनी को लोकसभा की टिकट दी गई तब भी संचालक बृजमोहन अग्रवाल को बनाया गया।अब स्वयं बृजमोहन अग्रवाल इस लोक सभा सीट से चुनाव लड़ेंगे ऐसे में उनके लिए राह आसान ही होगी।