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विधानसभा के मानसून सत्र में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण का मुद्दा गरमाया

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज़ सोमवार को हुआ, जहां पहले ही दिन शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दे—विशेष रूप से ‘युक्तियुक्तकरण’—का मुद्दा छाया रहा। जांजगीर चांपा, बालोद, महासमुंद, बिलासपुर, मोहला मानपुर, सारंगढ़ बिलाईगढ़ सहित कई जिलों के मुद्दे पर विधायकों ने सवाल लगाये थे। कई विधायकों ने जिलेवार युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में अनियमितताओं और शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन सभी सवालों के जवाब विस्तृत रूप में सदन में प्रस्तुत किए।

183 शिक्षक युक्तियुक्त: मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी मामला छाया रहा

कांग्रेस विधायक इन्द्रशाह मंडावी ने सवाल उठाया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में कुल 183 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रक्रिया युक्तियुक्तकरण दिशा-निर्देश 2025 के अनुसार की गई है और शिक्षकों की पदस्थापना उनके कार्यभार ग्रहण की तिथि और विद्यालय की दर्ज संख्या के आधार पर की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्कूल को बंद नहीं किया गया है और शिक्षकों की पदस्थापना एक सतत प्रक्रिया है, अतः इसमें समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

सेटअप 2008 या नई नीति? उठे कई सवाल

ब्यास कश्यप और कुंवर सिंह निषाद जैसे विधायकों ने सवाल उठाया कि क्या सेटअप 2008 के अनुसार युक्तियुक्तकरण हुआ है या फिर नई नीति के अनुसार? मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत कार्यवाही की जा रही है।उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण के लिए 02 अगस्त 2024 के आदेशों का पालन किया गया है, लेकिन ग्राम पंचायत या शाला प्रबंधन समिति से अनुमति लेना आवश्यक नहीं था।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अनियमितता: अधिकारी निलंबित

विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े ने सवाल उठाया कि कुछ विद्यालयों में पहले शिक्षकों को अतिशेष बताकर स्थानांतरित किया गया और फिर उसी विद्यालय में अन्य शिक्षकों की नई पदस्थापना कर दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है, और संबंधित शिकायतों पर जांच प्रक्रिया जारी है।

447 शिक्षकविहीन विद्यालयों को शिक्षक मिले, लेकिन 22 हजार पद अभी भी रिक्त

सुशांत शुक्ला के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 447 शिक्षकविहीन और 4728 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। अब तक 10538 विद्यालयों में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिससे 15165 पदों की पूर्ति हुई है। हालांकि, अब भी 22464 पद रिक्त हैं। इन रिक्तियों की पूर्ति के लिए कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई गई है।

शिकायतें कहां-कहां से?

युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर जांजगीर, दुर्ग, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दंतेवाड़ा, सूरजपुर, गरियाबंद और मनेन्द्रगढ़ से शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर विभागीय जांच जारी है।

युक्तियुक्तकरण पर सियासी संग्राम जारी

सत्र के पहले दिन ही स्पष्ट हो गया कि शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण मुद्दा आगामी दिनों में भी सदन में चर्चा के केंद्र में रहेगा। जहां एक ओर सरकार इसे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में जरूरी कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे शिक्षकों के साथ अन्याय और प्रशासनिक लापरवाही करार दे रहा है।