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चार बच्चों की डूबने से मौत पर उच्च न्यायालय सख्त, घटना पर स्वत: संज्ञान लिया, मुख्य सचिव से मांगा जवाब

रायपुर/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में भाई-बहन समेत चार मासूम बच्चों की तालाब में डूबने से हुई मौत के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर अदालत ने राज्य सरकार की जिम्मेदारी तय करते हुए मुख्य सचिव से व्यक्तिगत शपथ पत्र में जवाब तलब किया है।

गौरतलब है कि बीते शनिवार, जब बच्चे स्कूल से लौट रहे थे, वे पास के एक तालाब में नहाने चले गए और चारों की डूबने से मौत हो गई। यह मामला मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान सामने आया। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा,

“यह कितनी शर्मनाक बात है कि स्कूल से लौटते समय चार बच्चे पानी में डूब जाते हैं… क्या यह सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं?”

अदालत ने इस घटना के साथ-साथ मीडिया में छपी एक अन्य रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया, जिसमें स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर नाले को पार कर स्कूल जाते हुए दिखाया गया था। दोनों घटनाओं पर चिंता जताते हुए कोर्ट ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीर लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।

मुख्य सचिव को आदेश दिया गया है कि वे व्यक्तिगत रूप से हलफनामा दाखिल कर बताएं कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।