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पुरानी पेंशन योजना: CGPF राशि के अंतिम भुगतान की ऑनलाइन प्रक्रिया तय, जानिये क्या है प्रक्रिया

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल किए जाने के बाद, अब राज्य सरकार ने सी.जी.पी.एफ. (छत्तीसगढ़ सामान्य भविष्य निधि) खातों की अंतिम निकासी के लिए पूर्णतः ऑनलाइन प्रक्रिया निर्धारित कर दी है। यह व्यवस्था उन शासकीय सेवकों पर लागू होगी, जो सेवा समाप्ति, त्यागपत्र, सेवानिवृत्ति या मृत्यु के पश्चात CGPF राशि के आहरण के पात्र होंगे।इस नई प्रक्रिया से संबंधित तीनों स्तरों — कार्यालय प्रमुख, संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि, तथा कोषालय — की जिम्मेदारियाँ और कार्यप्रणाली स्पष्ट की गई है।

ऑफिस स्तर पर क्या करना होगा?

  1. cps.cg.nic.in पोर्टल पर DDO/Employee ID लॉगिन से शासकीय सेवक का CGPF खाता विवरण देखा जा सकेगा।

  2. सेवा समाप्ति/सेवानिवृत्ति/मृत्यु के मामलों में संबंधित व्यक्ति या नॉमिनी के लिए “Online CGPF Final Payment System” पर प्रकरण तैयार किया जाएगा।

  3. जरूरी विवरण — जैसे व्यक्तिगत, विभागीय, गणना व दस्तावेज़ प्रविष्टियाँ — दर्ज की जाएंगी।

  4. अनुसूची-5 (सेवानिवृत्ति/त्यागपत्र) या अनुसूची-7 (मृत्यु) और डिजिटल हस्ताक्षरित CGPF पासबुक सहित सभी आवश्यक दस्तावेज स्कैन कर अपलोड किए जाएंगे।

  5. दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट अनुसार पुष्टि कर संचालनालय को ऑनलाइन प्रेषित किया जाएगा।

  6. ई-प्राधिकार पत्र (e-CGPF Authority Letter) प्राप्त होने के बाद DDO द्वारा ई-बिल तैयार कर कोषालय भेजा जाएगा।

 संचालनालय स्तर की प्रक्रिया:

  1. संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि अपने User ID/Password से लॉगिन कर प्रकरण की पुष्टि और परीक्षण करेगा।

  2. CGPF पासबुक व अन्य दस्तावेजों का मूल्यांकन किया जाएगा।

  3. कोई भिन्नता होने पर ऑनलाईन अभिलेखों के आधार पर राशि व ब्याज का पुनः निर्धारण किया जाएगा।

  4. जांच पूर्ण होने के बाद डिजिटल हस्ताक्षरित e-CGPF Authority Letter जारी कर DDO, कोषालय व अभिदाता को भेजा जाएगा।

  5. NIC के सहयोग से वेबसाइट का सुचारू संचालन व सुधार का कार्य संचालनालय द्वारा किया जाएगा।

कोषालय / उप-कोषालय स्तर पर:

  1. कोषालय स्तर पर प्राप्त e-CGPF Authority Letter के आधार पर ई-बिल सॉफ्टवेयर में देयक तैयार किया जाएगा।

  2. डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्राधिकार पत्र की पुष्टि के बाद संबंधित शासकीय सेवक/नॉमिनी के खाते में भुगतान किया जाएगा।

  3. भुगतान का लेखांकन लेखा शीर्ष 8009-राज्य भविष्य निधियों के अंतर्गत किया जाएगा।

इस प्रणाली के लाभ:

  • प्रक्रिया पारदर्शी, ऑनलाइन व समयबद्ध है।

  • शासकीय सेवकों एवं उनके परिजनों को अंतिम भुगतान के लिए क्लियर और ट्रैक करने योग्य व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

  • राज्य शासन की यह पहल पुरानी पेंशन योजना की बहाली को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में एक सशक्त कदम है।