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औचक निरीक्षण पर बालक आश्रम पहुंचे सांसद भोजराज नाग, नशे में धुत मिला प्रधान अध्यापक, किया गया निलंबित

कांकेर।  जिले के दुर्गुकोंडल ब्लॉक अंतर्गत सुरंगदोह बालक आश्रम में बुधवार को सांसद भोजराज नाग के औचक निरीक्षण के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। आश्रम के अधीक्षक ओकेश्वर चुरेंद्र को नशे की हालत में पाया गया। अधीक्षक ने शर्ट भी उलटी पहन रखी थी और जब टोका गया, तब भी बटन तक ठीक से नहीं लगा सका। यह दृश्य देखकर सांसद नाराज़ हो गए और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

नशे में धुत अधीक्षक — शर्मनाक लापरवाही का मामला

सांसद भोजराज नाग जब आश्रम पहुंचे, तो अधीक्षक ओकेश्वर चुरेंद्र नशे में झूमते हुए बच्चों के बीच घूमते मिले। उनकी शर्ट उलटी थी और व्यवहार पूरी तरह से असामान्य और असंवेदनशील था। सांसद ने जब पूछताछ की, तो अधीक्षक कुछ भी स्पष्ट नहीं बोल पाए।

तत्काल निलंबन, मुख्यालय किया गया कोयलीबेड़ा स्थानांतरित

घटना की गंभीरता को देखते हुए सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग कांकेर ने प्राथमिक जांच के बाद अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में उल्लेख है कि अधीक्षक का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 (1, 2, 3) के प्रतिकूल है। इसलिए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया है।निलंबन अवधि में चुरेंद्र का मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोयलीबेड़ा नियत किया गया है।

जिला प्रशासन सख्त — सभी आश्रमों की होगी औचक जांच

कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि,

“सांसद के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक को नशे में पाया गया, यह अत्यंत गंभीर मामला है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। साथ ही अब जिले के सभी आश्रम-छात्रावासों की औचक जांच के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है।”

उद्देश्य: बच्चों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और सुविधा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। इस घटना ने व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है, और अब जिला प्रशासन इन्हें दुरुस्त करने के लिए सख्त और ठोस कदम उठा रहा है।