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स्कूल बैग हल्का करने शिक्षा विभाग का सख्त आदेश जारी

रायपुर।  स्कूली बच्चों की सेहत को लेकर अब शिक्षा विभाग गंभीर हो गया है। इस सबंध में आदेश जारी किया गया है। आदेश में साफ कहा गया है कि बैग का वजन बच्चों की उम्र और क्षमता से अधिक नहीं होना चाहिए। धरसींवा विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों के भारी बस्ते को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक स्कूलों को तत्काल प्रभाव से टाइम टेबल में बदलाव कर केवल चार प्रमुख विषयों की किताबें ही मंगाने को कहा गया है।

बस्ते के बोझ से स्वास्थ्य पर असर

जारी आदेश में कहा गया है कि अत्यधिक बस्ते का बोझ विद्यार्थियों के शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल रहा है। बच्चों की रीढ़ और कंधों में दर्द, थकावट और तनाव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

अब स्कूलों में लागू होंगे ये बदलाव:

  1. प्रति दिन सिर्फ 4 विषयों की किताबें लानी होंगी, अभ्यास पुस्तिकाएं वर्जित रहेंगी। यदि किसी कक्षा में चार से अधिक विषय पढ़ाए जाते हैं, तो अतिरिक्त किताबें स्कूल में ही रखने की व्यवस्था करनी होगी।

  2. पानी की बोतल 500 एमएल से अधिक नहीं होनी चाहिए।
    स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि साफ पीने का पानी हर समय उपलब्ध रहे ताकि बच्चे बोतल रिफिल कर सकें और भारी बोतल ना लाएं।

  3. निरीक्षण दलों का गठन किया गया है जो समय-समय पर स्कूलों में पहुंचकर बैग की मॉनिटरिंग करेंगे और रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेजेंगे।

 

शिक्षा विभाग का स्पष्ट संदेश – अब बच्चों की पीठ पर नहीं लादे जाएंगे अनावश्यक भार

शिक्षा विभाग ने सभी प्राचार्यों से अपील की है कि वे इस दिशा-निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य की भी सुरक्षा मिल सके। इस निर्णय से अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि बच्चों की रोजाना की जद्दोजहद और बढ़ते कंधे के बोझ को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती रही हैं।