प्रदेश / छत्तीसगढ़

घर में चल रहा था धर्मांतरण का खेल, शिक्षिका और उसके बेटे पर FIR, गिरफ्तारी की लटकी तलवार

बिलासपुर। बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत गीतांजलि सिटी फेस-2 में एक घर में चल रही प्रार्थना सभा ने उस वक्त राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया, जब स्थानीय नागरिक सूरज ताम्रकार ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि वहाँ अवैध रूप से धर्मांतरण कराया जा रहा है। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आत्मानंद स्कूल की शिक्षिका अरुंधति साहू और उनके बेटे साकेत साहू के खिलाफ धारा 299 BNS के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अरुंधति साहू के घर पर हर रविवार प्रार्थना सभा आयोजित की जाती थी, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल होते थे। लेकिन हाल ही में इसमें धर्मांतरण के उद्देश्य से प्रभाव डालने और धार्मिक पहचान बदलने के लिए प्रेरित करने की बात सामने आई है। जब हिंदू संगठनों को इसकी जानकारी मिली, तो वे भारी संख्या में वहाँ पहुँचे और विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद स्थानीय माहौल तनावपूर्ण हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं बड़ी साजिश या नेटवर्क तो इसके पीछे नहीं है।

इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कड़ा रुख अपनाते हुए बयान दिया है। उन्होंने कहा,

कांग्रेस सरकार के समय एक भी धर्मांतरण मामले में कार्रवाई नहीं होती थी। अब हमारी सरकार में ऐसे लोग पकड़े जा रहे हैं, क्योंकि हम सख्ती से कार्यवाही कर रहे हैं। धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ कानून है और अब उस पर अमल हो रहा है। यही वजह है कि अब इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकार के समय धर्मांतरण करने वालों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था, जिससे ये गतिविधियाँ बेखौफ होकर चलती थीं।