रंगाई-पुताई घोटाले में बड़ा एक्शन, एसडीओ और प्रभारी एसडीओ सस्पेंड
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली से एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) में हुए रंगाई-पुताई और भवन मरम्मत घोटाले में लिप्त पाए जाने पर एसडीओ शिखा पटेल और सब इंजीनियर अरविंद कुमार देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई उस वक्त शुरू हुई जब सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने इस मामले को विधानसभा में गंभीरता से उठाया। विधायक की मांग पर सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग परिक्षेत्र रायपुर द्वारा गठित जांच समिति ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि शासकीय हाई स्कूल भवन सरायपाली और शासकीय हाई स्कूल भवन मंदिर में जो मरम्मत, प्लास्टर और पुट्टी कार्य दिखाया गया था, वह वास्तविक रूप से हुआ ही नहीं। इसके अलावा ब्लॉक कॉलोनी के एच टाइप क्वार्टरों में पुताई कार्य नहीं पाया गया और एसडीओ एग्रीकल्चर क्वार्टर भवन में भी कार्य नहीं हुआ था, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में इन सभी कार्यों को पूर्ण दिखाया गया था और राशि का भुगतान कर दिया गया था।
जांच समिति की रिपोर्ट को प्रमाण मानते हुए विभाग ने दोनों अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। शासन का कहना है कि शासकीय राशि के दुरुपयोग और कागजों पर कार्य दिखाकर भुगतान किए जाने जैसे गंभीर कृत्य को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक चातुरी नंद ने क्या कहा?
विधायक चातुरी नंद ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की एक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सरायपाली में विभागीय मिलीभगत से बड़े पैमाने पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा था। “मैंने विधानसभा में ये मुद्दा उठाया और आज जनता को न्याय मिला है,” उन्होंने कहा। शासन के सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आगे और भी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी। यदि और लोगों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
